Monday, March 31, 2025
दिल्ली, हैदराबाद, भोपाल... वक्फ बिल के विरोध में ईद की नमाज में काली पट्टी पहनकर पहुंचे नमाजी
<p style="text-align: justify;"><strong>Waqf Amendment Bill:</strong> देश में ईद काफी धूमधाम के साथ मनाई गई. हालांकि दिल्ली समेत कई शहरों में मुस्लिम नमाज के दौरान बांह में काली पट्टी बांधकर पहुंचे. ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने वक्फ संशोधन बिल में हुए बदलावों के विरोध में इसके लिए अपील की थी. एआईएमपीएलबी ने कहा था कि वक्फ हमारे लिए सबकुछ है. हमें ये बदलाव मंजूर नहीं हैं. </p>
<p style="text-align: justify;">दिल्ली की जामा मस्जिद में भी लोग काली पट्टी बांधकर ईद की नमाज पढ़ने पहुंचे. उनका मानना है कि वक्फ बिल मौजूदा वक्फ संपत्ति को प्रभावित कर सकता है और इससे उनके धार्मिक स्थलों पर असर पड़ सकता है. यहां एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि हम इस बिल का शांतिपूर्ण तरीके से विरोध कर रहे हैं, जैसा कि जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने उन्हें बताया था. नमाजी ने कहा कि उनके दादा ने अब्दुल्ला मस्जिद के लिए वक्फ किया था, जहां अबतक सभी आराम से नमाज अदा कर रहे हैं. इस विधेयक से वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में बाधा पैदा हो सकती है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>भोपाल में नमाजियों का सांकेतिक विरोध </strong></p>
<p style="text-align: justify;">मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में वक्फ संशोधन बिल के विरोध में नमाजियों ने काली पट्टी बांधीं. दरअसल नए बिल में है कि जमीन पर दावा करने वाला वक्फ ट्रिब्यूनल के अलावा रेवेन्यू कोर्ट, सिविल कोर्ट या हाईकोर्ट में अपील कर सकेगा. वक्फ ट्रिब्यूनल के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की जा सकेगी. जब तक किसी ने वक्फ को दान में जमीन नहीं दी हो, उस पर भले ही मस्जिद बनी हो पर वह वक्फ की संपत्ति नहीं होगी. वक्फ बोर्ड में 2 महिलाओं और अन्य धर्म के 2 सदस्यों को एंट्री मिलेगी. इन्हीं सब बदलावों का विरोध किया जा रहा है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>हैदराबाद में नमाजियों ने हाथ में बांधी काली पट्टी </strong></p>
<p style="text-align: justify;">तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में भी वक्फ संशोधन बिल का विरोध किया गया है. ईद की नमाज के बाद सैदाबाद की ईदगाह में पोस्टर दिखाकर वक्फ संशोधन बिल का विरोध किया गया. यहां से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है कि वो इस बिल के खिलाफ संसद से लेकर कोर्ट तक लड़ाई लड़ेंगे.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>पटना में नमाजियों ने नीतीश कुमार से की मांग </strong></p>
<p style="text-align: justify;">पटना में मुस्लिम समाज के लोगों ने कहा कि इस बिल को केंद्र सरकार न लाए. ये संपत्ति हड़पने वाला विधेयक है. ये हम लोगों को परेशान करने के लिए लाया जा रहा है. विधेयक की कोई जरूरत नहीं है. अभी नीतीश कुमार हम लोगों को यहां बधाई देने आए थे. हम लोगों ने कहा कि आप सेकुलर लीडर हैं. इस विधेयक का केंद्र में समर्थन मत कीजिए. इसको रुकवा दीजिए. इस बार फिर बिहार में नीतीश की सरकार आएगी. नीतीश में मुस्लिमों के लिए काफी काम किया. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>RJD दफ्तर के बाहर लगाए गए पोस्टर </strong></p>
<p style="text-align: justify;">पटना में वक्फ संशोधन बिल के विरोध में आरजेडी दफ्तर के बाहर पोस्टर लगाए गए हैं. महताब आलम की ओर से लगाए गए पोस्टर में लिखा है कि मुसलमानों को ईदी की खैरात नहीं संवैधानिक अधिकार चाहिए. इसके साथ ही बिल को रद्द करने की मांग की गई है. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>मुसलमानों की बेहतरी के लिए बिल- सरकार </strong></p>
<p style="text-align: justify;">मुस्लिम संगठन जहां वक्फ संशोधन बिल का विरोध कर रहे हैं. वहीं सरकार का कहना है कि ये बिल मुस्लिमों की बेहतरी के लिए है. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मुसलमानों के एक वर्ग ने वक्फ की संपत्ति पर कब्जा कर रखा है, जिन्होंने कब्जा जमाया है, वही विरोध कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि इस बिल में कोई गैरसंवैधानिक प्रावधान नहीं है.</p>
Sunday, March 30, 2025
'मानता हूं उन्होंने गलत शब्दों का प्रयोग किया, लेकिन...', कॉमेडियन कुणाल कामरा के समर्थन में आए प्रशांत किशोर
<p style="text-align: justify;"><strong>Prashant Kishor on Kunal Kamra:</strong> जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने स्टैंड-अप कॉमेडियन कुणाल कामरा का समर्थन किया है. उन्होंने कहा कि कुणाल कामरा मेरे मित्र हैं. जहां तक मैं उन्हें जानता हूं, उनका कोई गलत मकसद नहीं था. प्रशांत किशोर ने कहा कि जो लोग सोचते हैं कि वे राजनीति कर रहे हैं - वे ऐसा कुछ नहीं करेंगे.</p>
<p style="text-align: justify;">जन सुराज पार्टी के संस्थापक ने आगे कहा कि कुणाल कामरा पांडिचेरी में रहते हैं. वे जैविक खेती करते हैं. वे साथ-साथ स्टैंड-अप-कॉमेडी भी करते हैं, उनकी कोई राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता नहीं है. उन्होंने कहा कि कुणाल उन लोगों में से हैं, जो अपने देश से प्यार करते हैं. अगर उन्होंने गलत शब्दों का प्रयोग किया है तो उनपर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए. लेकिन मैं यह कह सकता हूं कि वे देश और इसके संविधान का सम्मान करते हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>जानें क्या है पूरा मामला</strong></p>
<p style="text-align: justify;">बता दें कि कुणाल कामरा ने एक शो के दौरान के महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बारे में आपत्तिनजक टिप्पणी की थी. इसके बाद पुलिस ने उनपर केज दर्ज किया है. वहीं कुणाल कामरा साफ कर चुके हैं कि वो अपनी विवादास्पद टिप्पणी के लिए माफी नहीं मांगेंगे. उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि वे माफी नहीं मांगेंगे.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>कॉमेडियन बोले- माफी नहीं मांगेंगे</strong></p>
<p style="text-align: justify;">कॉमेडियन ने अपने एक शो में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर तंज कसा था. उन्होंने गाने के अंदाज में कहा था, ''ठाणे की रिक्शा, चेहरे पर दाढ़ी, आंखों में चश्मा, हाय....एक झलक दिखलाए कभी, गुवाहाटी में छुप जाए. मेरी नजर से तुम देखो, गद्दार नजर वो आए...'' इसके बाद शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने एक्स पर पोस्ट किया. इसके बाद हंगामा खड़ा हो गया. कुणाल के इस बयान के बाद <a title="एकनाथ शिंदे" href="https://www.abplive.com/topic/eknath-shinde" data-type="interlinkingkeywords">एकनाथ शिंदे</a> गुट नाराज हो गया और उनके ऑफिस के बाहर प्रदर्शन भी किया. कुणाल ने जिस होटल में शिंदे पर तंज किया था,वहां जमकर तोड़फोड़ की गई और उनपर केज दर्ज किया गया था.</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="en">My Statement - <a href="https://t.co/QZ6NchIcsM">pic.twitter.com/QZ6NchIcsM</a></p>
— Kunal Kamra (@kunalkamra88) <a href="https://twitter.com/kunalkamra88/status/1904222690803876139?ref_src=twsrc%5Etfw">March 24, 2025</a></blockquote>
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<script src="https://platform.twitter.com/widgets.js" async="" charset="utf-8"></script>
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<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें-</strong></p>
<p style="text-align: justify;"><strong><a title="बैंक फ्रॉड के मामले में CBI कोर्ट ने यूको बैंक के तत्कालीन विशेष सहायक को सुनाई 3 साल की सजा, जानें पूरा मामला" href="https://www.abplive.com/news/india/cbi-court-sentenced-former-special-assistant-of-uco-bank-to-3-years-imprisonment-in-bank-fraud-case-ann-2915516" target="_self">बैंक फ्रॉड के मामले में CBI कोर्ट ने यूको बैंक के तत्कालीन विशेष सहायक को सुनाई 3 साल की सजा, जानें पूरा मामला</a></strong></p>
Non Veg Ban: नवरात्रि से पहले कहां- कहां लग गया मीट पर बैन! यूपी के अलावा कहां जारी हुआ आदेश
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Amit Shah In Bihar: 'मेरे जिगर के टुकड़ों', कहकर अमित शाह ने बिछाई चुनावी बिसात, मां सीता के मंदिर का ऐलान
<p style="text-align: justify;"><strong>Amit Shah In Bihar:</strong> गृह मंत्री अमित शाह ने आज (30 मार्च) से बिहार चुनाव का शंखनाद कर दिया है. दो दिनों के लिए बिहार दौरे पर आए अमित शाह ने दूसरे दिन <br />गोपालगं में रैली की. उनकी इस रैली में एनडीए में बिहार के अन्य सहयोगी दलों के बड़े नेतीओं ने भी शिरकत की. यहां उन्होंने चुनावी बिसात बिछाते हुए बिहार में मां सीता का मंदिर बनाने का ऐलान किया.</p>
<p style="text-align: justify;">गोपालगंज में लोगों को संबोधित करते हुए अमित शाह ने बिहार की विपक्षी पार्टियों पर निशाना साधा. उन्होंने राजद और कांग्रेस पर बिहार के लिए कुछ भी न करने का आरोप <br />लगाया. उन्होंने कहा, 'लालू यादव केन्द्र सरकार में मंत्री थे, तब उन्होंने बिहार को क्या दिया? उन्हें इसका हिसाब-किताब देना चाहिए. न लालू यादव ने बिहार के लिये कुछ किया <br />और न ही सोनिया गांधी और मनमोहन सिंह ने यहां के विकास में कोई योगदान दिया.'</p>
Saturday, March 29, 2025
नेहरू का कौन सा रिकॉर्ड तोड़ेंगे पीएम मोदी? केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने बिहार पहुंचते ही कर दिया बड़ा दावा
<p style="text-align: justify;"><strong>Ramdas Athawale on Nehru-Modi:</strong> केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने शनिवार (29 मार्च) को पंडित जवाहरलाल नेहरू को लेकर ऐसा बयान दिया कि कांग्रेस को पसंद नहीं आएगा. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ेंगे और लगातार चौथी बार सत्ता बरकरार रखेंगे. </p>
<p style="text-align: justify;">रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले) के प्रमुख रामदास आठवले बिहार के तीन दिवसीय दौरे पर हैं. उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात के बाद एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया और कहा कि जद (यू) अध्यक्ष का स्वास्थ्य 'अच्छा' है और वह 'कम से कम पांच से 10 साल तक' सत्ता में रहेंगे.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>आठवले ने हिंसा के लिए 'छावा' को ठहाराया जिम्मेदार</strong></p>
<p style="text-align: justify;">अपनी बात बेबाकी से कहने के लिए मशहूर आठवले ने अपने गृह राज्य महाराष्ट्र में हाल में हुए सांप्रदायिक तनाव के लिए ब्लॉकबस्टर फिल्म 'छावा' को जिम्मेदार ठहराया और 'औरंगाबाद में स्थित औरंगजेब के मकबरे को हटाने की मांग को बंद करने' का आह्वान किया. उन्होंने कहा, 'मुझे <a title="नरेंद्र मोदी" href="https://www.abplive.com/topic/narendra-modi" data-type="interlinkingkeywords">नरेंद्र मोदी</a> के नेतृत्व वाली टीम का हिस्सा होने पर गर्व है, जिनके कार्यकाल में हम दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर हैं.'</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>मोदी ने नेहरू की बराबरी की: आठवले</strong></p>
<p style="text-align: justify;">राज्यसभा सांसद ने कहा, 'मोदी ने लगातार तीसरी बार सत्ता में लौटकर नेहरू के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है. मुझे विश्वास है कि वह रिकॉर्ड तोड़ देंगे और लगातार चौथी बार सत्ता में आएंगे.' उन्होंने कहा, 'एक बौद्ध के रूप में, मैं बिहार का बहुत सम्मान करता हूं, वह भूमि जहां बुद्ध ने 2,500 साल से भी पहले ज्ञान प्राप्त किया था.'</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>बौद्धों के प्रदर्शन का किया समर्थन</strong></p>
<p style="text-align: justify;">यूनेस्को के विश्व धरोहर स्थल में शामिल महाबोधि पर नियंत्रण की मांग कर रहे बौद्धों के साथ एकजुटता दिखाने के बाद आठवले ने कहा कि उन्होंने ये मुद्दा सीएम नीतीश कुमार के सामने उठाया है. केंद्रीय मंत्री ने कहा, 'बिहार सम्राट अशोक की भूमि है, जिन्होंने बुद्ध की शिक्षाओं को विदेशों में फैलाया. आज बौद्ध धर्म के अनुयायी 80 देशों में फैले हुए हैं. उनके लिए यह दुख स्वाभाविक है कि मंदिर का संचालन करने वाले ट्रस्ट में अन्य धर्मों के कई सदस्य हैं. ऐसा 1950 के दशक में राज्य सरकार द्वारा पारित एक अधिनियम के कारण हुआ है.'</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>सीएम नीतीश के स्वास्थ्य को लेकर क्या बोले आठवले?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">उन्होंने कहा, 'मैंने नीतीश जी से बौद्धों की चिंताओं का समाधान करने का आग्रह किया है, जो एक महीने से बोधगया में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. मैंने कल खुद प्रदर्शनकारियों से मुलाकात की थी. मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को मामले की जांच करने का निर्देश दिया है.' आठवले ने नीतीश को लेकर कहा कि मैं उन्हें तब से जानता हूं जब वे अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में रेल मंत्री थे. साथ ही उन्होंने दावा किया कि उन्हें 70 वर्षीय नेता कुमार का स्वास्थ्य अच्छा लगा. उन्होंने कहा कि सीएम नीतीश के शारीरिक और मानसिक रूप से अस्वस्थ होने की अफवाहें 'राजद और कांग्रेस की करतूत लगती हैं' जो आगामी राज्य विधानसभा चुनावों को लेकर 'चिंतित' हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>लालू से स्वस्थ्य हैं नीतीश कुमार: केंद्रीय मंत्री</strong></p>
<p style="text-align: justify;">आरपीआई (ए) प्रमुख ने कहा, 'नीतीश जी निश्चित रूप से (राजद अध्यक्ष) लालू जी से अधिक स्वस्थ हैं. मैं दोनों का मित्र रहा हूं. मुझे लगता है कि नीतीश जी अगले 5 या 10 साल तक सत्ता में रहेंगे. हो सकता है कि मेरी पार्टी बिहार में मजबूत न हो, लेकिन मैंने उनसे कहा है कि मैं राजग के लिए प्रचार करूंगा.</p>
Weather Forecast 30 March 2025: बारिश, बर्फबारी और हीटवेव, सब एक साथ, दिल्ली- यूपी बिहार से कश्मीर तक का मौसम जानें
<p style="text-align: justify;"><strong>Weather Update 30 March 2025:</strong> उत्तर से दक्षिण और पूरब से पश्चिम तक देशभर में मौसम का मिजाज अलग-अलग रंग दिखा रहा है. कहीं पमान में गिरावट देखने को मिल रही है तो कहीं पर रात के समय तेज हवाएं चल रही हैं. इये एक नजर डालते हैं आज के मौसम पर.</p>
<p style="text-align: justify;">भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर भारत में ठंड का असर अब धीरे-धीरे कम होने लगा है. राजधानी दिल्ली में सुबह और शाम के समय हवाएं चलने से तापमान में गिरावट आ जाती है, लेकिन दिन के समय तेज धूप से गर्मी बढ़ जाती है. दिल्ली में न्यूनतम तापमान 20 और अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस तक जाने की उम्मीद जताई है. ठीक ऐसा ही मौसमी मिजाज पंजाब और हरियाणा में भी देखने को मिलेगा. यहां मौसम साफ रहेगा. सुबह और शाम को हल्की ठंडक बनी रहेगी. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>उत्तर प्रदेश में बारिश</strong></p>
<p style="text-align: justify;">उत्तर प्रदेश में मौसम का अलग ही रंग देखने को मिला. कई इलाकों में तेज धूप से लोगों का हाल बेहाल है तो कहीं पर हवा और बारिश ने मौसम सुहाना किया हुआ है. बीती दो रातों से तेज हवा के झोंके देखने को मिले. हालांकि, आने वाले दिनों में गर्मी और ज्यादा बढ़ जाएगी.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी के आसार</strong></p>
<p style="text-align: justify;">पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी हो सकती है, जबकि मैदानी हिस्सों में मौसम शुष्क रहेगा. पश्चिमी भारत की बात करें तो राजस्थान में गर्मी ने दस्तक दे दी है. जयपुर और जोधपुर में फिलहाल अधिकतम तापमान 35 डिग्री तक पहुंच सकता है और दिन भर तेज धूप रहेगी. गुजरात में भी मौसम गर्म रहेगा, लेकिन अहमदाबाद और सूरत में हवा में हल्की नमी राहत दे सकती है. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>महाराष्ट्र में हीटवेव का अलर्ट</strong></p>
<p style="text-align: justify;">मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में मौसम खुशगवार रहेगा. राजधानी भोपाल में न्यूनतम तापमान 22 और अधिकतम तापमान 34 डिग्री के बीच रहेगा. मौसम विभाग के मुताबिक, यहां हल्के बादल छाए रह सकते हैं. महाराष्ट्र के मुंबई और पुणे में गर्मी बढ़ रही है. यहां पारा 36 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है. इसी के साथ साथ समुद्री हवाओं की वजह से उमस भी महसूस होगी. यहां हीटवेव के भी आसार जताए गए हैं. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यहां हो सकती है बारिश</strong></p>
<p style="text-align: justify;">IMD के अनुसार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में मौसम थोड़ा नम रहेगा. कोलकाता में हल्की बारिश की संभावना है. वहीं न्यूनतम तापमान 28 डिग्री और अधिकतम तापमान 33 डिग्री के बीच रहेगा. बिहार और झारखंड में मौसम साफ रहेगा, लेकिन पटना में सुबह हल्का कोहरा रह सकता है. दक्षिणी राज्य तमिलनाडु और केरल में गर्मी का जोर रहेगा. चेन्नई में अधिकतम तापमान 37 डिग्री तक पहुंच सकता है, जबकि तटीय इलाकों में नमी से उमस बढ़ेगी. कर्नाटक के बेंगलुरु में मौसम सुहाना रहेगा. यहां न्यूनतम तापमान 20 और अधिकतम तापमान 32 डिग्री के बीच रहेगा. </p>
<p style="text-align: justify;">उत्तर-पूर्वी राज्यों में असम और मेघालय में हल्की बारिश के आसार हैं, जिससे मौसम ठंडा और ताजगी भरा रहेगा. कुल मिलाकर, देश भर में मौसम का मिजाज मिला-जुला है. कहीं गर्मी, कहीं ठंडक तो कहीं बारिश की उम्मीदें हैं. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें- <a href="https://www.abplive.com/news/india/west-bengal-police-says-received-intelligence-about-attempts-to-create-unrest-on-eid-ramnavami-2914919">ईद और रामनवमी पर इस राज्य में हो सकती है उपद्रव फैलाने की कोशिश! मिली खुफिया जानकारी, जानें पुलिस ने क्या कहा?</a></strong></p>
Earthquake In Myanmar: म्यांमार में क्यों आया इतना विनाशकारी भूकंप? समझिए पूरा विज्ञान
<p style="text-align: justify;"><strong>Earthquake In Myanmar:</strong> म्यांमार में शुक्रवार (28 मार्च) को धरती ऐसी डोली कि सैकड़ों जिंदगियां ले डूबी. देश के कई इलाके भूकंप की जद में आए. मरने वालों का आंकड़ा एक हजार पार कर गया है, वहीं गंभीर रूप से घायल लोगों की संख्या भी ढाई हजार पर है. सैकड़ों जिंदगियां अभी भी लापता हैं. ऐसे में आशंका है कि मरने वालों की संख्या 10,000 का आंकड़ा पार कर सकती है.</p>
<p style="text-align: justify;">म्यांमार के साथ ही थाईलैंड की धरती भी कांपी थीं. हालांकि वहां ज्यादा जनहानि नहीं हुई. थाईलैंड में 10 लोगों की मौत की जानकारी है. राजधानी बैंकॉक में इस भूकंप से भयानक नुकसान देखा गया. गगनचुंभी इमारतों के डोलते देखा गया, जिससे इनके कमजोर हो जाने की आशंका बन गई है. एक निर्माणाधीन बड़ी इमारत भरभराकर गिरते हुए भी देखी गई.</p>
<p style="text-align: justify;">बहरहाल, म्यांमार में राहत और बचाव कार्य जारी है. चारों ओर फैले मलबे से लाशें निकल रही हैं. दुनियाभर के देश राहत सामग्री भेज रहे हैं. भारत सरकार ने भी 15 टन राहत सामग्री रवाना की है. एक बड़ी बात यह भी है कि इस भूकंप के ठीक बाद भी म्यांमार में बैक टू बैक कई झटके लग रहे हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>10 घंटे के अंदर 15 भूकंप</strong><br />यूएस जियोलॉजिकल सर्वे के मुताबिक, म्यांमार में शुक्रवार को 10 घंटे के अंदर कुल 15 भूकंप आए. पहला भूकंप 7.7 तीव्रता का था, जिससे मची तबाही का विवरण ऊपर दिया गया है. इसके बाद भी लगातार कम और ज्यादा तीव्रता के भूकंप आते रहे. एक भूकंप तो 6.4 तीव्रता का भी आया. ऐसे में म्यांमार के लोग फिलहाल डर के साए में जी रहे हैं. हालांकि यह पहली बार नहीं है, जब म्यांमार में इतने भूकंप आए. यहां भूकंप आने का लंबा-चौड़ा इतिहास रहा है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>क्यों आते हैं म्यांमार में इतने भूकंप?</strong><br />म्यांमार दो टेक्टोनिक प्लेटों के बीच की सीमा पर स्थित है. इसे सागाइंग क्षेत्र कहा जाता है. म्यांमार दुनिया के सबसे ज्यादा भूकंपीय रूप से सक्रिय देशों में से एक है. हालांकि सागाइंग क्षेत्र में बड़े और विनाशकारी भूकंप अपेक्षाकृत कम ही देखने को मिलते हैं.</p>
<p style="text-align: justify;">यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन में प्रोफेसर और भूकंप विशेषज्ञ जोआना फॉरे वॉकर ने रॉयटर्स के साथ बातचीत में बताया, 'इंडिया प्लेट और यूरेशिया प्लेट अलग-अलग दिशा में चलती है. एक उत्तर तो दूसरी दक्षिण. यह म्यांमार के बीचोबीच से होकर गुजरती है. प्लेटें अलग-अलग गति से क्षैतिज रूप से एक-दूसरे के पास से गुजरती हैं. इससे "स्ट्राइक स्लिप" भूकंप आते हैं जो आमतौर पर सुमात्रा जैसे इलाकों में आने वाले भूकंपों से कम शक्तिशाली होते हैं, जहां एक प्लेट दूसरी के नीचे खिसकती है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>शुक्रवार का भूकंप इतना विनाशकारी क्यों था? </strong><br />ब्रिटिश भूवैज्ञानिक रोजर मुसन ने रॉयटर्स को बताया कि भूकंप की कम गहराई का मतलब है कि नुकसान अधिक गंभीर होगा. म्यांमार में भूकंप का केंद्र महज 10 किमी की गहराई पर था. इसीलिए नुकसान ज्यादा हुआ. उन्होंने बताया, 'कम गहराई पर केंद्र होने के कारण भूकंप के केंद्र से सतह तक जाने पर शॉकवेव नष्ट नहीं हो पाती हैं. ऐसे में इमारतों को झटकों की पूरी ताकत झेलनी पड़ती है. म्यांमार में यही हुआ.'</p>
Money Laundering: पटना में ईडी का बड़ा एक्शन! काले धन का खुलासा, 11.64 करोड़ कैश और अहम दस्तावेज बरामद
<p style="text-align: justify;" data-pm-slice="1 1 []"><strong>Corruption Case: </strong>प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के पटना जोनल ऑफिस ने शुक्रवार (27 मार्च) को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) 2002 के तहत पटना में सात जगहों पर छापेमारी की. इस दौरान अधिकारियों ने 11.64 करोड़ रुपये नकद बरामद किए. इसके अलावा कई अहम डॉक्यूमेंट्स भी जब्त किए गए जो कथित वित्तीय गड़बड़ियों की ओर इशारा कर रहे हैं. ईडी ने बताया कि इन डॉक्यूमेंट्स के आधार पर आगे की जांच की जाएगी और अवैध धन के स्रोत का पता लगाया जाएगा.</p>
<p style="text-align: justify;">ईडी को लंबे समय से संदेह था कि पटना में कुछ जगहों पर बड़े पैमाने पर इलीगल लेन-देन किए जा रहे हैं. जांच एजेंसी को इस बात की जानकारी मिली थी कि कुछ लोग काले धन को सफेद करने (मनी लॉन्ड्रिंग) के लिए फर्जी कंपनियों और बैंक खातों का इस्तेमाल कर रहे हैं. इसी आधार पर ईडी की टीम ने छापेमारी की और करोड़ों रुपये की नकदी बरामद की. अधिकारियों के मुताबिक छानबीन के दौरान मिले डॉक्यूमेंट्स से इस घोटाले से जुड़े बाकी लोगों के बारे में भी जानकारी मिल सकती है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>कैसे होती है मनी लॉन्ड्रिंग?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">मनी लॉन्ड्रिंग इलीगल तरीके से कमाए गए पैसे को कानूनी रूप देने की प्रक्रिया होती है. ये धन आमतौर पर भ्रष्टाचार, टैक्स चोरी, ड्रग्स तस्करी, हवाला कारोबार और अन्य गैरकानूनी एक्टिविटी से इकट्ठा किया जाता है. ऐसे धन को सफेद दिखाने के लिए फर्जी कंपनियों, बेनामी संपत्तियों, नकली बैंक खातों और हवाला नेटवर्क का इस्तेमाल किया जाता है. ईडी का काम ऐसे मामलों की जांच करना और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करना है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>पहले भी हो चुकी हैं ऐसी छापेमारी</strong></p>
<p style="text-align: justify;">बिहार और झारखंड में ईडी पहले भी कई बार इस तरह की छापेमारी कर चुका है. हाल ही में झारखंड में कई ठेकेदारों और अधिकारियों के घरों पर छापेमारी की गई थी जहां से करोड़ों रुपये की नकदी जब्त की गई थी. बिहार में भी अवैध खनन, भ्रष्टाचार और हवाला कारोबार से जुड़े कई मामलों की जांच चल रही है. ईडी की ये कार्रवाई भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग पर लगाम लगाने के लिए की जा रही है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>आगे की कार्रवाई क्या होगी?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">ईडी अब जब्त की गई नकदी और डॉक्यूमेंट्स की गहराई से जांच करेगा. ये पता लगाने की कोशिश होगी कि यह पैसा कहां से आया किसके नाम पर था और इसे कहां इस्तेमाल किया जाना था. यदि इसमें किसी बड़े रैकेट के शामिल होने की पुष्टि होती है तो आगे और भी छापेमारी हो सकती है. जिन लोगों का नाम इसमें सामने आएगा उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी. ईडी का कहना है कि इस मामले में शामिल हर व्यक्ति को कानून के दायरे में लाया जाएगा और यदि जरूरत पड़ी तो उनकी संपत्तियों को भी जब्त किया जा सकता है.</p>
Thursday, March 27, 2025
Money Laundering: इंदौर में ED की ताबड़तोड़ कार्रवाई, नगर निगम के पूर्व अधिकारी राजेश कोठारी की 1.31 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क
<p style="text-align: justify;" data-pm-slice="1 1 []"><strong>ED Investigation: </strong>प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इंदौर नगर निगम के पूर्व स्वास्थ्य अधिकारी राजेश कोठारी के खिलाफ आय से ज्यादा संपत्ति के मामले में बड़ी कार्रवाई की है. ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत राजेश कोठारी की 1.31 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति को अनंतिम रूप से कुर्क कर लिया है. आरोप है कि उन्होंने अपनी वैध आय से कहीं ज्यादा संपत्ति अर्जित की जो उनके सरकारी वेतन और अन्य ज्ञात स्रोतों से मेल नहीं खाती.</p>
<p style="text-align: justify;">राजेश कोठारी इंदौर नगर निगम में स्वास्थ्य अधिकारी के पद पर तैनात थे और उनके कार्यकाल के दौरान कई अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई. जब इनकी संपत्ति की जांच की गई तो ये पाया गया कि उनकी घोषित आय और संपत्ति में भारी अंतर है. सूत्रों के अनुसार कोठारी ने ये संपत्ति भ्रष्टाचार और इलीगल लेन-देन के जरिए जुटाई. पहले ही इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा चुकी थी जिसके बाद ईडी ने अपनी जांच शुरू की.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ईडी ने इंदौर में अचल संपत्तियों को कुर्क किया</strong></p>
<p style="text-align: justify;">ईडी ने मामले की गहन जांच के बाद इंदौर में स्थित प्लॉट, मकान और अन्य अचल संपत्तियों को कुर्क किया. ये कुर्की प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के तहत की गई है. ईडी के अधिकारियों के मुताबिक जांच अभी जारी है और अगर जरूरी हुआ तो अन्य संपत्तियों को भी कुर्क किया जा सकता है. इसके अलावा ईडी ये भी जांच कर रही है कि क्या इस भ्रष्टाचार में अन्य अधिकारी या कर्मचारी भी शामिल थे.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति</strong></p>
<p style="text-align: justify;">राज्य और केंद्र सरकारें भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रवैया अपना रही हैं और इस मामले में भी सख्त कार्रवाई की जा रही है. पिछले कुछ वर्षों में कई सरकारी अधिकारियों के खिलाफ आय से ज्यादा संपत्ति और मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों में कार्रवाई की जा चुकी है. इंदौर नगर निगम में ये पहला मामला नहीं है जहां अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं और संपत्तियां जब्त की गई हैं. सरकार अब ऐसे मामलों में ईडी, सीबीआई और लोकायुक्त जैसी एजेंसियों के माध्यम से कड़ी कार्रवाई कर रही है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ईडी की जांच में इलीगल संपत्ति के स्रोतों की तलाश</strong></p>
<p style="text-align: justify;">ईडी की जांच में अब ये पता लगाया जाएगा कि यह इलीगल संपत्ति किन स्रोतों से आई और इसे कैसे अर्जित किया गया. अगर आरोप सही पाए गए तो राजेश कोठारी की पूरी संपत्ति जब्त की जा सकती है और उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी. भ्रष्टाचार के अन्य मामलों में भी जांच की जा रही है जिससे और बड़े खुलासे हो सकते हैं. ईडी की ये कार्रवाई सरकारी तंत्र में भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा संदेश है और आने वाले दिनों में इंदौर नगर निगम और अन्य सरकारी विभागों में भी जांच तेज हो सकती है.</p>
Wednesday, March 26, 2025
'मैं चेन्नई पुलिस से भागकर छिपा हूं...', पति बोला- बीबी ने अमेरिका और सिंगापुर में कराए केस, अब...
<p style="text-align: justify;"><strong>Prasanna Shankar and Divya Case: </strong> टेक बिजनेसमैन प्रसन्न शंकर ने दावा किया है कि उनकी पत्नी दिव्या और चेन्नई पुलिस मिलकर उन्हें परेशान कर रही है. रविवार (23 मार्च, 2025) को प्रसन्ना शंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि, मैं तलाक से गुजर रहा हूं. मैं चेन्नई पुलिस से भागकर तमिलनाडु के बाहर छिपा हुआ हूं और यह मेरी कहानी है. </p>
<p style="text-align: justify;">प्रसन्न शंकर सिंगापुर की क्रिप्टो सोशल नेटवर्क OxPPL.com के फाउंडर हैं. प्रसन्ना ने एक्स पर अपनी पूरी कहानी बताई है. उन्होंने बताया कि उनकी शादी 10 साल पहले हुई थी और उन्होंने त्रिची के NIT से पढ़ाई की है. पढ़ाई के दौरान ही उनकी मुलाकात उनकी पत्नी दिव्या से हुई थी, जिससे उनका 9 साल का बेटा भी है, लेकिन अपनी पत्नी के किसी अनूप नाम के शख्स के साथ अफेयर के बारे में पता चलने के बाद उनकी शादी टूट गई. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>सिंगापुर और अमेरिका में डाली तलाक की अर्जी</strong></p>
<p style="text-align: justify;">शादी टूटने के बाद दिव्या ने पति पर डोमेस्टिक वायलेंस और रेप जैसी झूठी शिकायतें भी कार्रवाई. प्रसन्ना की पत्नी ने यह तक आरोप लगाया कि वह उनके न्यूड वीडियो पब्लिश कर चुके हैं. हालांकि, सिंगापुर पुलिस ने इन आरोपों की जांच भी की है, लेकिन इसमें कोई सच्चाई नहीं थी. प्रसन्ना ने तलाक की अर्जी भारत में दी है तो वहीं दिव्या ने अमेरिका में दी है. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>पत्नी ने लगाए 9 साल के बच्चे के अपहरण के आरोप</strong></p>
<p style="text-align: justify;">प्रसन्ना ने आरोप लगाते हुए बताया कि उनकी पत्नी ने उनके 9 साल बेटे का किडनैप करके उसे अपने साथ अमेरिका ले गई, जिसकी वजह से उन्हें इंटरनेशनल चाइल्ड किडनैपिंग का मामला भी दर्ज करना पड़ गया. आरोपों के बाद अमेरिका की अदालत ने प्रसन्ना के फेवर में फैसला सुनाया और बेटे को सौंपने के लिए भी कहा. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>पत्नी हर महीने कितनी राशि देंगे प्रसन्ना शंकर </strong></p>
<p style="text-align: justify;">प्रसन्ना की बीवी ने क्योंकि सिंगापुर में कानून तोड़ा था इसलिए उन्हें अपने पति के साथ एक समझौते पर साइन करने पड़े, जिसमें यह तय हुआ था कि प्रसन्ना अपनी पत्नी को लगभग 9 करोड़ और 4.3 लाख रुपए का भुगतान हर महीने करेंगे और उन्हें इसके लिए चेन्नई जाकर रहना होगा. </p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="en">My wife has given a press conf outside the police station as I was informed. Let's address her allegations and see what actually happened.</p>
— Prasanna S (@myprasanna) <a href="https://twitter.com/myprasanna/status/1904514172718633054?ref_src=twsrc%5Etfw">March 25, 2025</a></blockquote>
<p>
<script src="https://platform.twitter.com/widgets.js" async="" charset="utf-8"></script>
</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>अदालत तक पहुंचा मामला</strong></p>
<p style="text-align: justify;">समझौते के तहत दिव्या को कई सारी चीजों का पालन करना था, लेकिन कुछ दिन पालन करने के बाद उनसे ऐसा करने से मना कर दिया. दिव्या ने दावा कर दिया कि यह समझौता वैध नहीं है और वह तलाक के लिए अमेरिका जाएंगी. प्रसन्ना ने ही इसके बाद कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और कहा कि जब तक दिव्या बच्चे का पासपोर्ट नहीं दे देती ,वह उन्हें बच्चा वापस नहीं करेंगे. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>बच्चे को लेकर भागे थे प्रसन्ना</strong></p>
<p style="text-align: justify;">दिव्या ने प्रसन्न के खिलाफ अपहरण का भी केस दर्ज करवाया. इसके बाद पुलिस आधी रात को प्रसन्ना के घर पहुंची थी, लेकिन वह अपने बेटे के साथ भागने में सफल रहे और अपने वकीलों के जरिए प्रसन्ना ने यह भी बताया कि बच्चा उनके साथ बेहद खुश है और यह मामला क्योंकि अदालत में है इसलिए इसमें पुलिस को हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>परेशान कर रही चेन्नई पुलिस</strong></p>
<p style="text-align: justify;">इतना ही नहीं चेन्नई पुलिस ने प्रसन्ना के दोस्त गोकुल को भी खूब परेशान किया, जब वह तमिलनाडु छोड़कर बेंगलुरु चला गया तो चेन्नई पुलिस ने बेंगलुरु से उन्हें पकड़ा और बिना बेंगलुरु पुलिस को बताएं चेन्नई ले गई. वह गोकुल को हर रोज पुलिस थाने बुलाते हैं. सुबह से लेकर शाम तक बैठाए रखते हैं और घर वापस भेज देते हैं.</p>
Waqf Amendment Bill: 'वक्फ पर मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड को किया जा रहा गुमराह', ओवैसी का नाम लेकर बोले जगदंबिका पाल
<p style="text-align: justify;" data-pm-slice="1 1 []"><strong>Muslim Personal Law Board: </strong>भाजपा सांसद और वक्फ संशोधन विधेयक पर बनाई गई ज्वाइंट पार्लियामेंट कमेटी के चेयरमैन जगदंबिका पाल ने ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनके अनुसार मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड देश के मुसलमानों और अल्पसंख्यकों को गुमराह कर रहा है. उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से लाया गया वक्फ संशोधन विधेयक मुसलमानों के हित में है खासकर गरीबों, पसमांदा, महिलाओं, विधवाओं और बच्चों के लिए.</p>
<p style="text-align: justify;">जगदंबिका पाल ने ये स्पष्ट किया कि वक्फ संशोधन विधेयक से कोई भी धार्मिक स्थल, मस्जिद या कब्रिस्तान प्रभावित नहीं होगा जैसा कि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड आरोप लगा रहा है. बोर्ड का ये आरोप कि इस कानून के लागू होने से मस्जिदों और कब्रिस्तानों की संपत्तियां खत्म हो जाएंगी पूरी तरह से निराधार है. उन्होंने कहा कि बोर्ड जानबूझकर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहा है जबकि ये विधेयक पारदर्शी और मुसलमानों के लिए फायदेमंद है.</p>
<p style="text-align: justify;" data-pm-slice="1 1 []"><strong>पाल ने ओवैसी पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया</strong></p>
<p style="text-align: justify;">विपक्षी दलों पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए पाल ने खासकर असदुद्दीन ओवैसी का नाम लिया. उनका कहना था कि ओवैसी को ये अच्छी तरह से पता है कि इस संशोधन में धार्मिक स्थलों या संपत्तियों को छीनने का कोई प्रावधान नहीं है फिर भी वह गुमराह कर रहे हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>प्रदर्शन और कानून की प्रक्रिया</strong></p>
<p style="text-align: justify;">जगदंबिका पाल ने ये भी कहा कि जंतर-मंतर और पटना में हुए प्रदर्शनों से इस कानून की प्रक्रिया पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा. अगर विधेयक में किसी भी तरह की असंवैधानिकता पाई जाती है तो लोग अदालत का रुख कर सकते हैं. उन्होंने ये बताया कि ज्वाइंट पार्लियामेंट कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है जो अब कैबिनेट में मंजूरी के लिए है. इसके बाद विधेयक को संसद में प्रस्तुत किया जाएगा.</p>
<p style="text-align: justify;" data-pm-slice="0 0 []"><strong>वक्फ संशोधन पर आंदोलन की घोषणा</strong></p>
<p style="text-align: justify;">जगदंबिका पाल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का नारा ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ इस प्रक्रिया में पूरी तरह से लागू होगा और ये विधेयक मुसलमानों के लिए फायदेमंद साबित होगा. ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने वक्फ संशोधन विधेयक के विरोध में देशभर में आंदोलन का आह्वान किया है जिसके चलते संसद में हंगामे की संभावना है.</p>
Tuesday, March 25, 2025
Indian Politics: संसद में TMC सांसद बोले- वापस लिया जाए वक्फ विधेयक, जगदंबिका पाल ने जवाब में क्यों कहा- अखबार कम पढ़ें
<p style="text-align: justify;" data-pm-slice="1 1 []"><strong>Waqf Amendment: </strong>तृणमूल कांग्रेस के सीनियर नेता सौगत रॉय ने मंगलवार (25 मार्च) को लोकसभा में वक्फ (संशोधन) विधेयक को वापस लेने की मांग की. उनका कहना था कि इस विधेयक की वजह से मुस्लिम समुदाय में गहरा आक्रोश फैल गया है और विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. उन्होंने ये विषय शून्यकाल के दौरान उठाया और कहा कि इस विधेयक के खिलाफ ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने राष्ट्रव्यापी आंदोलन का ऐलान किया है.</p>
<p style="text-align: justify;">रॉय ने ये भी बताया कि एक मुस्लिम संगठन ने बिहार के मुख्यमंत्री के इफ्तार का बहिष्कार करने का फैसला किया है. उनके मुताबिक ये विधेयक मुस्लिमों के अधिकारों पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है और इस पर सरकार को पुनर्विचार करना चाहिए. तृणमूल सांसद ने सदन में ये बात भी उठाई कि वक्फ विधेयक के खिलाफ लगातार विरोध हो रहा है और इस विधेयक को तुरंत वापस लिया जाना चाहिए.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>संसद में वक्फ विधेयक पर विवाद</strong></p>
<p style="text-align: justify;">वहीं आसन पर मौजूद जगदंबिका पाल ने सौगत रॉय के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि वक्फ विधेयक अभी सदन में पेश ही नहीं किया गया है तो इस पर चर्चा कैसे हो सकती है. उन्होंने ये भी कहा कि समाचार पत्रों की खबरों के आधार पर रॉय को अपनी बात नहीं रखनी चाहिए. पाल ने इसे एक गलत जानकारी बताया और विधेयक पर किसी तरह की चर्चा को नकारा.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>नई श्रम संहिता पर तृणमूल कांग्रेस का दबाव</strong></p>
<p style="text-align: justify;">इसके बाद तृणमूल कांग्रेस की दूसरी सांसद सयानी घोष ने शून्यकाल में नई श्रम संहिता पर चर्चा की. उन्होंने सरकार से ये मांग की कि श्रम संहिता को पूरी तरह से लागू किया जाए और सप्ताह में पहले से तय कामकाजी घंटों पर कड़ी नजर रखी जाए. उनका कहना था कि ये सुनिश्चित किया जाए कि कामकाजी घंटों में बढ़ोतरी न हो और श्रमिकों के अधिकारों का उल्लंघन न हो.</p>
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जस्टिस यशवंत वर्मा के घर पहुंची सुप्रीम कोर्ट की कमेटी, कैशकांड के खोलेगी राज!
<p style="text-align: justify;"><strong>Jusitce Yashwant Varma: </strong>दिल्ली हाई कोर्ट के जज यशवंत वर्मा के खिलाफ लगे आरोपों की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट ने तीन सदस्यीय कमेटी बनाई थी. इस कमेटी में शामिल अधिकारी जांच के लिए जस्टिस वर्मा के घर मंगलवार (25 मार्च) को पहुंचे. ये कमेटी जज यशवंत वर्मा के घर पर मिले बड़ी मात्रा में कैश के मामले की जांच करेगी. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर होगा एक्शन</strong></p>
<p style="text-align: justify;">दिल्ली हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय ने पहले ही इस मामले की इन-हाउस जांच की थी, जिसमें पाया गया कि जज वर्मा के घर 4-5 बोरों में कैश मिला था. उन्होंने कहा था कि इस मामले की गहरी जांच होनी चाहिए. इसके बाद भारत के चीफ जस्टिस संजीव खन्ना ने इस मामले की जांच के लिए तीन जजों की कमेटी बनाई थी. ये कमेटी आरोपों की जांच के बाद सीजेआई को रिपोर्ट देगी. इस रिपोर्ट के आधार पर चीफ जस्टिस आरोपी जज यशवंत वर्मा को लेकर फैसला लेंगे. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>जस्टिस वर्मा के घर आग लगने के बाद हुआ था खुलासा</strong></p>
<p>दिल्ली हाई कोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा के आवासीय बंगले में आग लगने के बाद बड़ा खुलासा हुआ था. उनके घर से कथित तौर पर भारी मात्रा में कैश बरामद हुआ था. इस घटना के सामने आने के बाद हड़कंप मच गया था. इसको लेकर संसद के दोनों सदनों में विपक्ष ने हंगामा किया. चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया ने इस मामले में एक्शन लेते हुए सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की बैठक बुलाई, जिसमें जस्टिस वर्मा का ट्रांसफर इलाहाबाद हाई कोर्ट में करने का फैसला लिया.</p>
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<p style="text-align: justify;"> </p>
<p style="text-align: justify;"> </p>
<p><iframe title="Judge Yashwant Verma Case: जज यशवंत वर्मा के घर के बाहर फिर मिले जले हुए नोट | Breaking | ABP News" src="https://www.youtube.com/embed/C2FGgZZ8_lo" width="1280" height="720" frameborder="0" allowfullscreen="allowfullscreen"></iframe></p>
Monday, March 24, 2025
Hyderabad MLC Elections: हैदराबाद में MLC चुनाव की तारीखों का ऐलान, कब होगी वोटिंग और काउंटिंग?
<p style="text-align: justify;" data-pm-slice="1 1 []"><strong>MLC Election Schedule: </strong>हैदराबाद में एमएलसी चुनाव के लिए चुनाव आयोग ने कार्यक्रम की घोषणा कर दी है. इस चुनाव में हिस्सा लेने वाले उम्मीदवारों के लिए तारीखों की जानकारी जारी की गई है. आयोग की ओर से जारी इस कार्यक्रम के अनुसार उम्मीदवारों को अपनी नामांकन प्रक्रिया, चुनाव प्रचार और मतदान से जुड़े सभी कामों के लिए जरूरी समयसीमा का पालन करना होगा.</p>
<p style="text-align: justify;">चुनाव आयोग के मुताबिक, हैदराबाद स्थानीय निकाय एमएलसी चुनाव के लिए पहला कदम 28 मार्च को होगा जब चुनाव की ऑफिशियल नोटिफिकेशन जारी की जाएगी. इसके बाद उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने की अनुमति दी जाएगी. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>4 अप्रैल नामांकन की आखिरी तारीख </strong></p>
<p style="text-align: justify;">आयोग ने उम्मीदवारों के लिए नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 4 अप्रैल निर्धारित की है. इस दिन तक उम्मीदवारों को अपने नामांकन पत्र चुनाव आयोग में जमा करना होगा. नामांकन पत्र में किसी भी तरह की कमी या गलती होने पर उम्मीदवार का नामांकन खारिज भी किया जा सकता है इसलिए उम्मीदवारों को इस दिन तक पूरी सावधानी से सभी डॉक्यूमेंट्स प्रस्तुत करने होंगे.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>नामांकन पत्रों की छानबीन 7 अप्रैल को </strong></p>
<p style="text-align: justify;">नामांकन पत्रों की छानबीन 7 अप्रैल को होगी. इस दिन चुनाव आयोग ये सुनिश्चित करेगा कि सभी नामांकित उम्मीदवारों ने नामांकन प्रक्रिया को सही तरीके से पूरा किया है और सभी डॉक्यूमेंट्स सही हैं. यदि किसी उम्मीदवार का नामांकन नियमों के अनुसार सही नहीं पाया जाता है तो उसे खारिज कर दिया जाएगा. इसके साथ ही यदि कोई उम्मीदवार अपना नामांकन वापस लेना चाहता है तो उसके पास 9 अप्रैल तक का समय होगा. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>मतदान 23 अप्रैल को, काउंटिंग 25 अप्रैल को</strong></p>
<p style="text-align: justify;">हैदराबाद स्थानीय निकाय एमएलसी चुनाव में मतदान की तारीख 23 अप्रैल निर्धारित की गई है. इस दिन मतदाता अपने पसंदीदा उम्मीदवार को वोट देंगे. चुनाव के बाद 25 अप्रैल को काउंटिंग की प्रक्रिया शुरू होगी और चुनाव परिणाम घोषित किए जाएंगे. इस चुनावी कार्यक्रम में उल्लिखित सभी तिथियों का पालन करना जरूरी होगा ताकि चुनाव की प्रक्रिया सुचारु रूप से संपन्न हो सके. </p>
Lok Sabha Budget Session: 'सदन में पोस्टरबाजी न करें, कार्रवाई करूंगा', विपक्ष की इस हकरत पर आगबबूला हो गए ओम बिरला
<p style="text-align: justify;"><strong>Lok Sabha Budget Session:</strong> संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण चल रहा है. दो दिन के अवकाश के बाद राज्यसभा और लोकसभा में सरकार और विपक्षी दल कई मुद्दों को लेकर आमने-सामने रहे, लेकिन संसद में कुछ ऐसा हुआ, जिसके बाद लोकसभा स्पीकर ओम बिरला नाराज हो गए और हंगामा मचाने वाले नेताओं पर जमकर बरस पड़े. विपक्षी नेताओं ने उनकी बात नहीं मानी तो स्पीकर ने कार्रवाई को ही स्थगित कर दिया. </p>
<p style="text-align: justify;">संसद में सोमवार को कार्यवाही शुरू होते ही हंगामा शुरू हो गया, जैसे ही स्पीकर सदन में पहुंचे और उन्होंने अपनी बात रखने के लिए समस्तीपुर से सांसद शांभवी का नाम लिया तो पीछे से जोर-जोर से हंगामा होने लगा. विपक्षी नेता पोस्टर लेकर हंगामा मचाने लगे. इसके बाद स्पीकर ओम बिरला नाराज हो गए. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>‘यह तरीका ठीक नहीं है’</strong></p>
<p style="text-align: justify;">ओम बिरला ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा, "सदन चलाने में सहयोग करें. पोस्टरबाजी ना करें. जो सदन में पोस्टर बाजी करेगा मैं उसके खिलाफ कार्रवाई करूंगा. मैं फिर निवेदन कर रहा हूं. आप पोस्ट लेकर सदन में नहीं आएंगे. अगर सदन में पोस्टर लेकर आएंगे तो इसके खिलाफ कार्रवाई करूंगा. यह तरीका ठीक नहीं है.” </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>किरेन रिजिजू से क्या बोले स्पीकर?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">ओम बिरला विपक्षी नेताओं से कह रहे थे कि पोस्टरबाजी ना की जाए, सदन चलाने में सहयोग किया जाए. अगर पोस्ट लेकर आएंगे तो वह उन पर कार्रवाई करेंगे. उन्होंने संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू से कहा कि इस पर प्रस्ताव लाइए, नहीं तो मुझे कार्रवाई करनी पड़ेगी. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>फिर स्थगित हो गई कार्रवाई</strong></p>
<p style="text-align: justify;">ओम बिरला ने कहा कि नए सदन में जो भी पोस्ट लेकर आएगा और अमर्यादित व्यवहार करेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि मैं आप सभी से आग्रह कर रहा हूं. इस दौरान उन्होंने हाथ से इशारा करते हुए सबको बैठने को भी कहा. सत्र के दौरान लगातार ओम बिरला सभी से शांत रहकर सदन चलाने का आग्रह करते रहे. किसी विपक्षी दल के नेता ने उनकी बात नहीं मानी और ओम बिरला ने 12:00 बजे तक के लिए सदन की कार्यवाही को स्थगित कर दिया.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें- <a href="https://www.abplive.com/news/india/politics-heat-up-after-dk-shivakumar-said-constitution-will-change-bjp-slams-congress-4-percent-reservation-to-muslims-2910832">‘संविधान बदला जा सकता है’, डीके शिवकुमार के कहते ही कर्नाटक से दिल्ली तक मचा सियासी बवाल</a></strong></p>
Sunday, March 23, 2025
Nitin Gadkari On Social Change: किस बात से खफा हो गए नितिन गडकरी, बोले- 'अच्छा काम करने के बाद भी...'
<p style="text-align: justify;"><strong>Nitin Gadkari On Media:</strong> केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने रविवार (23 मार्च) को मीडिया की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि समाज में बदलाव लाने की जिम्मेदारी केवल सरकार की नहीं बल्कि मीडिया और समाचार पत्रों की भी है. उन्होंने कहा कि मीडिया को जहां गलत चीजों की आलोचना करनी चाहिए, वहीं पॉजिटिव खबरों को भी प्रमुखता देनी चाहिए. गडकरी ने इस बात पर चिंता जताई कि आजकल अच्छा काम करने के बाद भी उसे उतनी पहचान नहीं मिलती जितनी नेगेटिव खबरों को मिलती है.</p>
<p style="text-align: justify;">नागपुर में एक मीडिया समूह की ओर से आयोजित ‘नागपुर हीरोज’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भाजपा के सीनियर नेता ने मीडिया को सलाह दी कि अगर उन्हें उनके मंत्रालय में कोई गड़बड़ी नजर आती है तो वे उसकी कड़ी निंदा करें. उन्होंने कहा कि मान्यता और सम्मान व्यक्ति के व्यक्तित्व से नहीं बल्कि उसके चरित्र और गुणों से मिलता है. उन्होंने ये भी कहा कि कई बार अच्छी खबरें प्रकाशित नहीं की जातीं जबकि नकारात्मक खबरें आसानी से सुर्खियां बन जाती हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>गडकरी ने मीडिया की भूमिका को अहम बताया</strong></p>
<p style="text-align: justify;">गडकरी ने कहा कि समाज में अच्छे कामों को भी उचित मंच मिलना चाहिए. उन्होंने कहा कि मीडिया को चाहिए कि वह पॉजिटिव बदलाव लाने वाले व्यक्तियों और संगठनों को भी बढ़ावा दे ताकि समाज में प्रेरणा का माहौल बने. साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि गलत कामों के खिलाफ जनजागरूकता फैलाने में मीडिया की भूमिका अहम है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>गडकरी ने लोगों से पॉजिटिव बदलाव लाने की अपील की</strong></p>
<p style="text-align: justify;">अपने भाषण में गडकरी ने स्पष्ट किया कि अगर कोई ठेकेदार भ्रष्टाचार या अनियमितता में लिप्त पाया जाता है तो उसे ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा. इसके अलावा यदि कोई टोल ऑपरेटर गड़बड़ी करता पाया गया तो उसे जेल भेजने की कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि पारदर्शिता और ईमानदारी बनाए रखने के लिए प्रशासन सख्त कदम उठा रहा है और इसमें मीडिया को भी अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए. गडकरी ने सभी से अपील की कि वे समाज को बेहतर बनाने के लिए अपने स्तर पर प्रयास करें और पॉजिटिव बदलाव लाने में योगदान दें.</p>
Earthquake: आपके जागने से पहले डोली धरती! भारत में फिर भूकंप, घरों से उठकर भागे लोग
<p style="text-align: justify;"><strong>Earthquake:</strong> लेह लद्दाख में सोमवार (24 मार्च) को सुबह-सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए. इस भूकंप की रिक्टर स्केल पर तीव्रता 3.6 मापी गई. नेशनल सीस्मोलॉजी सेंटर (NCS) के मुताबिक, यह भूकंप सुबह 4 बजकर 32 मिनट 58 सेकंड पर आया. जैसे ही भूकंप के झटके महसूस हुए, लोग अपने-अपने घरों से बाहर निकल आए.</p>
Tamil Nadu Politics: 'उन्हें राज्य के बारे में कुछ नहीं पता', अन्नामलाई पर डीके शिवकुमार का पलटवार
<p style="text-align: justify;" data-pm-slice="1 1 []"><strong>Shivakumar Vs Annamalai: </strong>कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने रविवार (23 मार्च) को चेन्नई इंटरनेशनल एयर पोर्ट पर भाजपा नेता अन्नामलाई के बयान पर कड़ा पलटवार किया. अन्नामलाई ने दावा किया था कि शनिवार (22 मार्च) को चेन्नई में आयोजित दक्षिण भारतीय राज्यों की बैठक बिना योजना के आयोजित की गई थी. शिवकुमार ने इस बयान को महत्वहीन बताते हुए कहा कि ये केवल पार्टी के स्वार्थ का मुद्दा है और इससे ज्यादा कुछ नहीं.</p>
<p style="text-align: justify;">शिवकुमार ने कहा कि असल सवाल ये है कि प्रधानमंत्री और गृहमंत्री देश को क्या संदेश दे रहे हैं न कि अन्नामलाई का बयान. उन्होंने अन्नामलाई पर हमला करते हुए कहा कि उन्हें राज्य की स्थिति के बारे में कुछ भी नहीं पता और वह केवल अपनी पार्टी के हितों को साधने में लगे हैं. शिवकुमार ने तंज कसते हुए ये भी कहा कि अन्नामलाई का ध्यान राज्य की समस्याओं पर नहीं बल्कि अपनी पार्टी की प्राथमिकताओं पर है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>तेलंगाना के CM रेवंत रेड्डी के बयान पर शिवकुमार की प्रतिक्रिया</strong></p>
<p style="text-align: justify;">शिवकुमार ने कहा कि राज्य विधानसभा क्षेत्रों की एकजुटता के मामले में तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी का पहले ही बयान आ चुका है, लेकिन इस समय प्राथमिकता दक्षिण भारत की एकजुट आवाज को मजबूत करने की है. उन्होंने कहा 'हम अपनी स्थानीय आवाज को ताकत देंगे फिर संसद में परिसीमन जैसे मुद्दों पर बात करेंगे.' शिवकुमार ने डीएमके की इस पहल को सराहते हुए इसे एक मजबूत शुरुआत बताया.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>दक्षिण भारत की एकजुटता पर शिवकुमार का जोर</strong></p>
<p style="text-align: justify;">शिवकुमार ने बताया कि इस बैठक में दक्षिण भारत के राज्यों ने लोकसभा सीटों के परिसीमन के खिलाफ एकजुटता दिखाई. उन्होंने इसे देश के हित में बताया और कहा कि दक्षिण भारत ने जनसंख्या नियंत्रण में अपना योगदान दिया है जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. शिवकुमार ने डीएमके की ओर से आयोजित इस बैठक को पॉजिटिव कदम मानते हुए इसकी सराहना की.</p>
<p style="text-align: justify;">तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन की ओर से आयोजित इस बैठक में 40 से 50 राजनीतिक दलों को आमंत्रित किया गया था. इसमें दक्षिण भारत के सभी राज्यों के प्रतिनिधि शामिल थे साथ ही ओडिशा और पंजाब जैसे राज्यों के नेताओं ने भी इस बैठक में भाग लिया. इस तरह की बैठकें दक्षिण भारत के राज्यों की एकजुटता को बढ़ावा देने और उनके हितों की रक्षा करने के लिए अहम कदम साबित हो रही हैं.</p>
Cash Scandal: प्रियंका चतुर्वेदी ने उठाए जज यशवंत वर्मा के मामले पर सवाल, कहा- 'अगर जनता न उठाती आवाज तो...'
<p style="text-align: justify;" data-pm-slice="1 1 []"><strong>Yashwant Verma Cash Scandal: </strong>दिल्ली हाई कोर्ट के जज न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा के बंगले से भारी मात्रा में नकदी मिलने पर शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने इसे गंभीर मामला बताते हुए कहा कि ये मामला जनता के दबाव की वजह से सामने आया वरना इसे दबा दिया जाता. प्रियंका चतुर्वेदी ने इस मुद्दे पर अपनी चिंता जाहिर की और जजों की भूमिका पर सवाल उठाए.</p>
<p style="text-align: justify;">प्रियंका चतुर्वेदी ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि जिस तरीके से इस मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की गई वह बेहद गंभीर है. अगर जनता का दबाव न होता तो इस मामले को बिल्कुल दबा दिया जाता. चतुर्वेदी ने आगे कहा सुप्रीम कोर्ट को मजबूरन इस मामले की जांच शुरू करनी पड़ी और अगर ये दबा दिया जाता तो यह एक बड़ा सवाल होता.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>प्रियंका चतुर्वेदी ने ज्यूडिशल रिफॉर्म की जरूरत पर उठाए सवाल</strong></p>
<p style="text-align: justify;">प्रियंका चतुर्वेदी ने ज्यूडिशल रिफॉर्म की जरूरत को लेकर भी चिंता जाहिर की. उन्होंने कहा कि जिस तरह से राज्य सरकारों को बनाने और गिराने में संविधान के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है उसे लेकर आंखों पर पट्टी डाली जा रही है. इस मुद्दे पर उन्होंने कहा कि कई विवादित जजमेंट की अनदेखी की जा रही है जो न्यायिक प्रणाली पर सवाल उठाता है.</p>
<p style="text-align: justify;">चतुर्वेदी ने कहा कि यदि किसी आम नागरिक या राजनेता के घर से इतनी बड़ी राशि मिलती तो उनके खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाती. उन्हें जेल भेजा जाता और सीबीआई या आयकर विभाग की ओर से रेड डाली जाती. उन्होंने जजों से अपील की कि जब वे फैसले सुनाते हैं तो उन्हें देश के संविधान का ख्याल रखना चाहिए और सच्चाई को सामने लाना चाहिए.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>सुशांत सिंह राजपूत की रिपोर्ट पर भी उठाए सवाल</strong></p>
<p style="text-align: justify;">प्रियंका चतुर्वेदी ने सुशांत सिंह राजपूत की संदिग्ध मौत मामले में पांच साल बाद आई क्लोजर रिपोर्ट पर भी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में कोई बड़ा खुलासा नहीं किया गया है और मुंबई पुलिस की जांच पर सवाल उठाए गए हैं. इसके साथ ही चतुर्वेदी ने ईडी पर झूठ फैलाने का आरोप भी लगाया और कहा कि इस मामले में एक लड़की को जेल में डाल दिया गया था. प्रियंका चतुर्वेदी ने इस रिपोर्ट को लेकर मुंबई पुलिस की कार्रवाई को सही ठहराने का समर्थन किया, लेकिन उनका कहना था कि इसमें कुछ गंभीर मुद्दों पर ध्यान देने की जरूरत है.</p>
Indian Politics: INDIA गठबंधन को लेकर कपिल सिब्बल ने दिया विपक्ष को फॉर्मूला, बोले- 'बिखरा हुआ...'
<p style="text-align: justify;"><strong>Kapil Sibbal On India Alliance:</strong> राज्यसभा सदस्य कपिल सिब्बल ने विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ को लेकर अपनी राय दी है. उनका मानना है कि इस गठबंधन को सार्वजनिक तौर पर ‘एकजुट’ दिखना चाहिए न कि बिखरा हुआ जैसा कि वह अब तक दिखाई देता है. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि गठबंधन में शामिल दलों को एकजुट नीति, वैचारिक ढांचे और भविष्य के कार्यक्रम की जरूरत है.</p>
<p style="text-align: justify;">कपिल सिब्बल ने विपक्षी गठबंधन के लिए एक औपचारिक ढांचे की वकालत की है. उनका कहना था कि इस गठबंधन को एक सुसंगत नीति, वैचारिक ढांचा और एक स्पष्ट कार्यक्रम होना चाहिए. इसके बिना वह प्रभावी ढंग से अपनी राजनीतिक दिशा तय नहीं कर सकते. सिब्बल ने ये भी कहा कि गठबंधन के विचारों को सही तरीके से प्रस्तुत करने के लिए प्रवक्ताओं की नियुक्ति की जरूरत है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>राजनीतिक मतभेदों से निपटने की जरूरत</strong></p>
<p style="text-align: justify;">राज्यसभा सदस्य ने ये भी कहा कि हाल ही में हुए राज्य विधानसभा चुनावों में ‘इंडिया’ के सहयोगी दलों के बीच मतभेद सामने आए थे. सिब्बल के अनुसार इन मतभेदों को दूर करना और गठबंधन को एकजुट रखना बेहद जरूरी है ताकि आगामी चुनावों में इसका प्रभावी असर दिखे. उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर विचारों की एकरूपता की जरूरत पर बल दिया और कहा कि बिना एक स्पष्ट ढांचे के ये गठबंधन अपनी ताकत को पूरी तरह से लागू नहीं कर पाएगा.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>वक्फ विधेयक पर सिब्बल का बयान</strong></p>
<p style="text-align: justify;">मौजूदा बजट सत्र में पेश किए जा सकने वाले वक्फ (संशोधन) विधेयक पर सिब्बल ने टिप्पणी की. उनका कहना था कि ये देखना होगा कि राजग गठबंधन के सहयोगी इस मामले में क्या कदम उठाते हैं क्योंकि भाजपा के पास बहुमत नहीं है. सिब्बल ने संकेत दिया कि बिहार में होने वाले चुनावों के मद्देनजर भाजपा इस विधेयक को लेकर एक्टिव हो सकती है.</p>
<p style="text-align: justify;">कपिल सिब्बल ने परिसीमन मुद्दे पर भी चिंता जताई जो देश की राजनीति के लिए गंभीर निहितार्थ रखता है. उन्होंने कहा कि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने इस पर बैठक बुलाकर कई दलों के नेताओं को एकजुट किया. सिब्बल के अनुसार ये मुद्दा विपक्षी दलों के लिए एक चुनौती बन सकता है और इसके समाधान के लिए एक साझा रुख जरूरी है.</p>
Saturday, March 22, 2025
Muslim Population: अगले 5 साल में किन-किन देशों में सबसे ज्यादा बढ़ेगी मुस्लिम आबादी?
<p style="text-align: justify;"><strong>Muslim Population:</strong> अगले दो दशकों में दुनिया भर में मुस्लिम आबादी लगभग 25 प्रतिशत बढ़ जाएगी. इस बात की जानकारी 'अमेरिकी प्यू फोरम ऑन रिलीजन एंड पब्लिक लाइफ' की नई रिसर्च में सामने आई है. ये दूसरी बार है जब प्यू ने वैश्विक मुस्लिम आबादी की स्टडी की है. डेटा बहुत ही विस्तृत है और देशों के मुताबिक जनसंख्या दिखाता है, साथ ही हर देश की जनसंख्या में मुस्लिम आबादी का प्रतिशत बताता है.</p>
<p style="text-align: justify;">रिसर्च के मुताबिक, अगर मौजूदा रुझान जारी रहे तो 2030 में विश्व की अनुमानित 8.3 बिलियन जनसंख्या में मुसलमानों की संख्या 26.4 फीसदी होगी, जो 2010 की अनुमानित 6.9 बिलियन विश्व जनसंख्या के 23.4 प्रतिशत से ज्यादा है. 1990 से 2010 तक वैश्विक मुस्लिम जनसंख्या में 2.2 प्रतिशत की औसत सालाना दर से इजाफा हुआ, जबकि 2010 से 2030 के दौरान अनुमानित दर 1.5 फीसदी है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>2030 तक कितनी बढ़ जाएगी मुस्लिम आबादी?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">2030 तक 79 देशों में दस लाख या उससे अधिक मुस्लिम निवासी होंगे, जो आज 72 देशों में है. अमेरिका में अगले दो दशकों में मुसलमानों की संख्या दोगुनी से अधिक हो जाएगी. 2010 में 2.6 मिलियन जनसंख्या थी जो 2030 में बढ़कर 6.2 मिलियन हो जाएगी.</p>
<p style="text-align: justify;">वहीं, यूरोप में अगले 20 सालों में जनसंख्या में मुस्लिम हिस्सेदारी लगभग एक तिहाई बढ़ने की उम्मीद है, जो 2010 में क्षेत्र के निवासियों के 6 प्रतिशत से बढ़कर 2030 में 8 फीसदी हो जाएगी.</p>
<p style="text-align: justify;">ब्रिटेन की मुस्लिम आबादी मौजूदा समय में 2.9 मिलियन है जो 2030 में बढ़कर 5.6 मिलियन हो जाएगी. ये ब्रिटेन की आबादी के 2 प्रतिशत से बढ़कर 4.6 फीसदी हो जाएगी.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>कनाडा में तीगुनी, न्यूजीलैंड में 146 फीसदी इजाफा</strong><br />प्यू रिसर्च सेंटर की स्टडी को मानें तो कनाडा में मुसलमानों की जनसंख्या 2030 तक तीन गुनी हो जाएगी, जो 2010 में 940,000 से बढ़कर 2.7 मिलियन हो जाएगी, जिससे मुसलमान देश की कुल जनसंख्या का लगभग 6.6 प्रतिशत हो जाएंगे.</p>
<p style="text-align: justify;">न्यूजीलैंड में 146 प्रतिशत की बढ़ोतरी बताई गई है. देश में जो आबादी 41 हजार बताई गई वो बढ़कर एक मिलियन हो जाएगी. 0.9 प्रतिशत से बढ़कर ये 2 फीसदी पर पहुंचेगी.</p>
Delimitation: 'न फंड मिलेगा, न कोई हमारी बात सुनेगा', 5 राज्यों के सीएम-डिप्टी सीएम ने बताए परिसीमन के साइड इफेक्ट
<p style="text-align: justify;"><strong>Delimitation:</strong> परिसीमन के मुद्दे पर अब तक दक्षिण भारतीय राज्यों के नेताओं की ओर से केवल बयान आ रहे थे, लेकिन अब इस मुद्दे पर आर-पार की लड़ाई का आगाज हो गया है. चेन्नई में आज (22 मार्च) इस मुद्दे पर बड़ी बैठक हुई. इसमें पांच राज्यों के सीएम और डिप्टी सीएम ने हिस्सा लिया. तीन अन्य राज्यों से भी नेताओं ने इस बैठक में शिरकत की. बैठक में शामिल सभी जनप्रतिनिधियों ने परिसीमन से अपने राज्यों को होने वाले साइड इफेक्ट गिनाए.</p>
<p style="text-align: justify;">तमिलनाडु सीएम एमके स्टालिन के नेतृत्व में यह बैठक आयोजित हुई. इसमें केरल के मुख्यमंत्री पी विजयन, तेलंगाना सीएम रेवंत रेड्डी, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने हिस्सा लिया. ओडिशा की विपक्षी पार्टी बीजू जनता दल और आंध्र प्रदेश के विपक्षी दल वाईएसआर-कांग्रेस की ओर से भी प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया. सभी ने अपने-अपने तथ्यों के साथ परिसीमन का विरोध किया. <em><strong>किसने क्या कहा? यहां पढ़ें...</strong></em></p>
<p style="text-align: justify;"><strong>तमिलनाडु सीएम एमके स्टालिन:</strong> परिसीमन उन राज्यों के लिए बेहद बुरा साबित होगा, जिन्होंने जनसंख्या नियंत्रण के लिए परिवार योजनाओं को सख्ती से लागू किया और सफलता पाई. हम परिसीमन के खिलाफ नहीं हैं. हम निष्पक्ष परिसीमन के पक्ष में हैं. जनसंख्या के हिसाब से परिसीमन होगा तो हमारा प्रतिनिधित्व संसद में कम होगा. ऐसा होने पर केंद्र सराकर से फंड लेने के लिए संघर्ष करना पड़ेगा, किसान प्रभावित होंगे, हमारी संस्कृति और विकास खतरे में पड़ जाएंगे. हमारे नागरिक अपने ही देश में ताकत खो देंगे. उनकी बातें नहीं सुनी जाएंगी.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>केरल सीएम पी विजयन:</strong> बीजेपी सरकार बिना किसी परामर्श के इस मुद्दे पर आगे बढ़ रही है. यह संकीर्ण राजनीतिक हितों से प्रेरित कदम है. अगर जनसंख्या के मुताबिक परिसीमन होता है तो उत्तरी राज्यों के लिए सीटों में अप्रत्याशित वृद्धि होगी, जबकि दक्षिणी राज्यों की सीटें संसद में कम हो जाएंगी. यह बीजेपी के लिए फायदे का सौदा होगा क्योंकि उत्तरी राज्यों में उनका अच्छा प्रभाव है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>तेलंगाना सीएम रेवंत रेड्डी:</strong> आज देश के सामने एक बड़ी चुनौती है. बीजेपी परिसीमन के माध्यम से दक्षिण राज्यों पर पेनल्टी लगाना चाहती है. हम एक देश हैं. हम इसका सम्मान करते हैं, लेकिन दक्षिण भारत जनसंख्या के आधार पर होने वाले इस परिसीमन को स्वीकार नहीं कर सकता. इससे हमें राजनीतिक रूप से सीमित कर दिया जाएगा. यह हमें अच्छा काम (जनसंख्या नियंत्रण और आर्थिक तरक्की) करने की सजा देने जैसा होगा. हमें बीजेपी को परिसीमन को लागू करने से रोकना होगा.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>कर्नाटक डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार:</strong> दक्षिण भारत ने हमेशा से परिवार नियोजन नीतियों को बरकरार रखा और जनसंख्या को नियंत्रित किया. यही कारण है कि यह एक प्रगतिशील क्षेत्र बना. हमने हमेशा राष्ट्रीय हित में काम किया. परिसीमन के जरिए हमारे राज्यों की सीटें कम करके सजा देने की कोशिश है. हम ऐसा नहीं होने देंगे.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>पंजाब के मुख्यमंत्री <a title="भगवंत मान" href="https://www.abplive.com/topic/bhagwant-mann" data-type="interlinkingkeywords">भगवंत मान</a>:</strong> बीजेपी जहां-जहां जीतती रही है, वहां सीटें बढ़ाना चाहती है और जहां उसे हार का सामना करना पड़ता है, वहां वह सीटें कम करना चाहती है. ऐसे परिसीमन का हम विरोध करेंगे.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ओडिशा से बीजद प्रमुख नवीन पटनायक:</strong> जनसंख्या के आधार पर परिसीमन उन दक्षिणी राज्यों के साथ नाइंसाफी होगी, जिन्होंने देशहित में परिवार नियोजन योजनाओं के जरिए जनसंख्या को नियंत्रित रखा. परिसीमन को जनसंख्या के आधार पर लागू नहीं किया जाना चाहिए. मैं सलाह दूंगा कि केंद्र सरकार को इस मामले में सभी दलों से चर्चा के बाद इस पर कोई कदम आगे बढ़ाना चाहिए.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>क्या है परिसीमन का मुद्दा?</strong><br />पिछले 5 दशक से देश में परिसीमन नहीं हुआ है. साल 2026 के बाद यह होना तय माना जा रहा है. परिसीमन में जनसंख्या के हिसाब से लोकसभा की सीटों का वितरण होगा. यानी जिस राज्य में ज्यादा जनसंख्या है, वहां ज्यादा सीटें होंगी और जहां कम जनसंख्या है, उस राज्य को कम सीटें मिलेंगी.</p>
<p style="text-align: justify;">साल 2011 की ही जनसंख्या के आंकड़ों को देखें तो उत्तर भारतीय राज्यों में जनसंख्या में भारी इजाफा हुआ है, वहां दक्षिण भारतीय राज्यों में जनसंख्या नियंत्रण में रही. ऐसे में साफ है कि उत्तर भारत के राज्य जैसे यूपी, बिहार, राजस्थान, एमपी में लोकसभा की सीटों में बड़ा इजाफा होगा, वहीं दक्षिण भारतीय राज्यों जैसे तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, तेलंगाना का प्रतिनिधित्व संसद में कम हो जाएगा. यही कारण है कि दक्षिण भारतीय राज्य इस मुद्दे पर केंद्र के आमने-सामने हो गए हैं.</p>
DMK की अहम बैठक, मुख्यमंत्री स्टालिन का निष्पक्ष परिसीमन पर जोर, जानिए किसने क्या कहा
<p style="text-align: justify;"><strong>Delimitation Dispute:</strong> केंद्र की ओर से संसदीय सीटों के प्रस्तावित परिसीमन को लेकर तमिलनाडु में शनिवार (22 मार्च) को सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) की ओर से एक संयुक्त कार्रवाई समिति की बैठक आयोजित की गई. इस बैठक में मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने स्पष्ट किया कि इस मामले में कानून का सहारा भी लिया जा सकता है. ये बैठक इस विवाद पर गंभीर चर्चा का हिस्सा रही और आगे की रणनीति तय की गई.</p>
<p style="text-align: justify;">बैठक में केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर बिना किसी परामर्श के इस मुद्दे पर आगे बढ़ने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि लोकसभा सीटों के परिसीमन की तलवार लटक रही है और ये कदम संवैधानिक सिद्धांतों या लोकतांत्रिक अनिवार्यताओं से प्रेरित नहीं है बल्कि ये संकीर्ण राजनीतिक हितों से प्रेरित है. विजयन का मानना था कि यदि जनगणना के बाद परिसीमन किया जाता है तो उत्तरी राज्यों को ज्यादा सीटें मिलेंगी जबकि दक्षिणी राज्यों की सीटों में कमी आएगी जो भाजपा के लिए फायदेमंद होगा.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>मुख्यमंत्री स्टालिन का निष्पक्ष परिसीमन पर जोर</strong></p>
<p style="text-align: justify;">बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने राजनीतिक और कानूनी कार्ययोजना तैयार करने के लिए एक विशेषज्ञ समिति गठित करने का समर्थन किया. उन्होंने समिति का नाम 'निष्पक्ष परिसीमन के लिए संयुक्त कार्रवाई समिति' रखने का प्रस्ताव दिया. स्टालिन ने कहा कि उनकी पार्टी परिसीमन के खिलाफ नहीं है बल्कि वे निष्पक्ष परिसीमन के पक्ष में हैं ताकि अधिकार बनाए रखे जा सकें. इसके साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि इस मुद्दे पर निरंतर कार्रवाई जरूरी है और लोगों में जागरूकता पैदा करना अहम होगा.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने बैठक में जताई चिंता</strong></p>
<p style="text-align: justify;">बैठक में तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने भी अपनी चिंता जाहिर की. उन्होंने कहा कि दक्षिण भारत ने परिवार नियोजन में अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन उत्तर के बड़े राज्य इसमें विफल रहे हैं. रेड्डी ने ये भी आरोप लगाया कि दक्षिण भारत राष्ट्रीय राजस्व में ज्यादा योगदान देता है, लेकिन इसके बावजूद उसे कम आवंटन मिलता है. उनके अनुसार ये असंतुलन उत्तर और दक्षिण के बीच भेदभाव को और बढ़ा सकता है.</p>
Friday, March 21, 2025
'सनी लियोनी, तमन्ना भाटिया करती हैं प्रचार और ठगे जा रहे इंडियंस', ऑनलाइन गेमिंग को लेकर याचिकाकर्ता की दलील पर क्या बोला SC?
<p style="text-align: justify;">ऑनलाइन गेमिंग के खिलाफ एक याचिका को सुनने से सुप्रीम कोर्ट ने मना कर दिया है. याचिकाकर्ता ने बहुत सारी ऐसी वेबसाइट्स का हवाला दिया था, जिनमें लोगों से अपने पैसे लगाकर भाग्य आजमाने के लिए कहा जाता है. याचिका में सनी लियोनी, काजल अग्रवाल, तमन्ना भाटिया, मिमी चक्रवर्ती जैसी मनोरंजन जगत की कई हस्तियों को भी पक्ष बनाया गया था. याचिकाकर्ता ने कहा था कि ये सभी लोग ऐसी वेबसाइट्स का प्रचार कर रहे हैं. इससे हर दिन हजारों मासूम लोग इनमें पैसे गंवा रहे हैं.</p>
<p style="text-align: justify;">हैदराबाद के रहने वाले शेख रहीम ने बताया था कि 2016 में उन्होंने भी ऑनलाइन गेम में किस्मत आजमाने के चक्कर में 16 लाख रुपए गंवा दिए थे. उसके बाद जब उन्होंने पड़ताल की तो यह पता चला कि इस तरह की वेबसाइट्स हर दिन लोगों से लाखों करोड़ रुपए जुटा रही हैं. इसमें से कई कंपनियां विदेशी हैं. इस तरह भारत का पैसा देश से बाहर भी जा रहा है.</p>
<p style="text-align: justify;">याचिका में बताया गया था कि जब भी किसी बैंक अकाउंट में संदिग्ध लेनदेन होता है, तब बैंकों का कर्तव्य होता है कि वह उसकी जांच करें. इसके बाद बैंक को ऐसे अकाउंट पर रोक लगानी होती है, लेकिन भारत में तमाम बैंक ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों को अकाउंट चलाने दे रहे हैं. हर घंटे उन अकाउंट में भारी मात्रा में पैसे जमा होते हैं, लेकिन बैंक कभी उनकी जांच नहीं करते. सरकार भी ऐसी वेबसाइट्स पर रोक नहीं लगा रही है.</p>
<p style="text-align: justify;">याचिका में यह मांग की गई थी कि सुप्रीम कोर्ट केंद्र सरकार से कहे कि वह इस तरह की तमाम कंपनियों को ब्लैक लिस्ट कर दे. अपनी याचिका की पैरवी के लिए याचिकाकर्ता खुद ही चीफ जस्टिस संजीव खन्ना की अध्यक्षता वाली बेंच के सामने पेश हुआ. चीफ जस्टिस संजीव खन्ना ने उससे सवाल किया कि जब वह पहले खुद गेम खेला करता था तो अब उसके विरुद्ध क्यों हो गया है? याचिकाकर्ता ने जवाब दिया कि वह देश के सभी लोगों को ऐसी बुरी लत से बचाना चाहता है.</p>
<p style="text-align: justify;">याचिका की फाइल को पढ़ाते हुए जजों ने पाया कि शेख रहीम ने पहले दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की थी. याचिकाकर्ता ने कहा कि हाई कोर्ट ने इन वेबसाइट को बंद करने का आदेश देने में दिलचस्पी दिखाई थी, लेकिन बाद में याचिका को केंद्र सरकार के आईटी मंत्रालय के पास एक ज्ञापन के रूप में भेज दिया था. चूंकि सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की, इसलिए अब वह सुप्रीम कोर्ट आया है. इस पर चीफ जस्टिस संजीव खन्ना ने कहा, 'अगर ऐसा है तो आप दोबारा हाई कोर्ट जा सकते हैं. सुप्रीम कोर्ट इस मामले को नहीं सुनेगा.'</p>
<p style="text-align: justify;"> </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें:-</strong><br /><strong><a href="https://www.abplive.com/news/india/cji-sanjiv-khanna-transfers-case-to-justice-bela-trivedi-on-33-percent-reservation-in-rajya-sabha-ann-2908745">'दूसरी बेंच के पास जाएं', राज्यसभा में महिलाओं के लिए 33 पर्सेंट रिजर्वेशन की मांग वाली याचिका CJI ने क्यों नहीं सुनी?</a></strong></p>
Thursday, March 20, 2025
दिल्ली के 3 मंदिरों पर बुलडोजर एक्शन रोकने से सुप्रीम कोर्ट ने कर दिया मना, वकील बोले- मस्जिद के लिए तो आपने तुरंत...
<p style="text-align: justify;">दिल्ली में तीन मंदिरों पर बुलडोजर एक्शन के खिलाफ याचिका सुनने से सुप्रीम कोर्ट ने मना कर दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता से दिल्ली हाई कोर्ट जाने को कहा है. देर रात दाखिल हुई याचिका को विशेष अनुरोध पर सुबह 3 जजों की बेंच के सामने सूचीबद्ध किया गया था.</p>
<p style="text-align: justify;">बेंच के अध्यक्ष जस्टिस विक्रम नाथ ने शुरू में याचिकाकर्ता के वकील विष्णु शंकर जैन से दोपहर 2 बजे सुनवाई की बात कही. उन्होनें यह भी कहा कि वह अपनी याचिका की कॉपी दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) के वकील को दें ताकि वह इस पर पक्ष रख सकें, लेकिन इसके तुरंत बाद जस्टिस विक्रम नाथ ने अपने साथी जजों जस्टिस संजय करोल और संदीप मेहता से बात की और उनका रुख बदल गया. उन्होंने याचिकाकर्ता के वकील से कहा कि उन्हें हाई कोर्ट जाना चाहिए.</p>
<p style="text-align: justify;">पूर्वी दिल्ली के मयूर विहार फेज 2 के 3 मंदिरों पूरबो दिल्ली काली बारी, अमरनाथ मंदिर और बद्रीनाथ मंदिर के लिए पेश एडवोकेट विष्णु जैन ने आपात स्थिति का हवाला दिया. उन्होंने कहा कि रात 9 बजे मंदिरों पर नोटिस चिपकाया गया और सुबह 500 से ज्यादा पुलिसकर्मियों के साथ बुलडोजर दस्ता वहां पहुंच गया.</p>
<p style="text-align: justify;">वकील ने इस बात का भी हवाला दिया कि दिल्ली के ही जहांगीर पुरी में एक मस्जिद पर बुलडोजर एक्शन पर सुप्रीम कोर्ट ने तुरंत सुनवाई की थी और कार्रवाई को रोक दिया था. इस पर जस्टिस विक्रम नाथ ने दोनों मामलों को अलग बताया. इस मामले को हाई कोर्ट में उठाए जाने की गुंजाइश है. </p>
<p style="text-align: justify;">विध्वंस की कार्रवाई से पहले DDA की तरफ से जारी नोटिस में कहा गया है कि पिछले साल 25 अक्टूबर को प्रमुख सचिव गृह की अध्यक्षता में धार्मिक समिति की बैठक हुई थी. इस बैठक में यह तय हुआ था कि DDA को कानून की उचित प्रक्रिया का पालन करते हुए अतिक्रमण कर हुए अनाधिकृत धार्मिक निर्माण को हटाना चाहिए. इसी आधार पर 20 मार्च को यह कार्रवाई की जा रही है.</p>
<p style="text-align: justify;"> </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें:-</strong><br /><strong><a href="https://www.abplive.com/news/india/akhilesh-prasad-singh-seen-furious-after-being-removed-from-post-of-bihar-congress-president-ann-2907914">‘आप पागल हैं…’, राहुल गांधी से मुलाकात के बाद अचानक क्यों भड़के अखिलेश प्रसाद सिंह; आखिर क्या है वजह</a></strong></p>
Wednesday, March 19, 2025
सीमा हैदर के मां बनते ही भड़का पाकिस्तान में बैठा Ex हसबैंड गुलाम हैदर, कहा- 'तुझ पर थू है'
<p style="text-align: justify;"><strong>Seema Haider:</strong> पाकिस्तान से आई सीमा हैदर अब सचिन मीणा की बच्ची की मां बन गई हैं. सीमा-सचिन की खुशी पाकिस्तान में बैठे गुलाम हैदर को बिलकुल रास नहीं आ रही है. सीमा के एक्स हसबैंड ने नवजात को नाजायज बता दिया. उसने सीमा हैदर के वकील और मुंहबोले भाई एपी सिंह को भी खरी-खोटी सुनाई. गुलाम ने कहा कि ऐसे भाई पर लानत है, जो अपनी बहन का साथ दे रहा है. उसने एक बार फिर भारत सरकार से सीमा हैदर के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है. </p>
<p style="text-align: justify;">गुलाम हैदर ने यूट्यूब पर एक वीडियो जारी कर कहा कि मैं दो साल से इंसाफ मांग रहा हूं. मेरी कोई नहीं सुन रहा है. सीमा दूसरे देश में बैठकर अपनी मनमर्जी किए जा रही है. उससे भी गलत एपी सिंह है जो उसका साथ दे रहा है. एपी सिंह तुझ पर थू है. अब कानून कहां है. किसी को क्यों नहीं दिख रहा कि सीमा बिना तलाक दिए एक गैर मर्द के बच्चे की मां बन गई है. यह गलत है, ये नाजायज औलाद है. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>एपी सिंह ने क्या कहा था?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">वकील एपी सिंह ने बताया कि ग्रेटर नोएडा के एक अस्पताल में मंगलवार (18 मार्च) को सुबह करीब चार बजे सीमा हैदर ने एक बेटी को जन्म दिया. जच्चा-बच्चा दोनों सुरक्षित हैं. एपी सिंह ने कहा कि मैं लोगों से सोशल मीडिया के जरिए बच्ची का नाम सुझाने का आग्रह करता हूं. बता दें कि सीमा हैदर की अस्पताल से छुट्टी हो चुकी है. घर पहुंचने पर सीमा और उनकी बच्ची का फूलों और ढोल-नंगाड़ों से स्वागत किया. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>प्रेग्नेंसी की खबर पर भी भड़क गया था गुलाम हैदर</strong></p>
<p style="text-align: justify;">सीमा हैदर ने जब सोशल मीडिया पर अपनी प्रेग्नेंसी की खबर दी थी, तब भी गुलाम हैदर ने वीडियो बनाकर उल्टा-सीधा बोला था. उसने कहा, 'सीमा ने शर्म लिहाज को साइड में रख दिया है. जो वो कर रही है वो कोई शर्म वाली औरत नहीं करती है. उसे मजबूर बाप की बद्दुआ लगेगी. एक बाप को उसके बच्चों से दूर किया है. इस दौरान गुलाम हैदर ने भर-भर के गालियां भी दी. उसने कहा कि एक तवायफ भी इससे 100 गुना अच्छी है, ये तो उनसे भी गई गुजरी निकली.'</p>
<p><iframe title="Seema Haider: सचिन को मिली गुड न्यूज, 5वीं बार मां बनी सीमा.....भड़का पुराना पति" src="https://www.youtube.com/embed/ZRG2NU-JriQ" width="1280" height="720" frameborder="0" allowfullscreen="allowfullscreen"></iframe></p>
<p style="text-align: justify;"> </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>करीब 2 साल पहले भारत आई थी सीमा हैदर </strong></p>
<p style="text-align: justify;">सीमा हैदर पाकिस्तान के कराची की रहने वाली थी और करीब दो साल पहले नेपाल के रास्ते अवैध रूप से भारत आ गई. सचिन और सीमा की मुलाकात पबजी खेलते हुए थी, जिसके बाद वो अपना घर बेचकर यहां चली आई थी. फिलहाल वो सचिन मीणा के साथ ग्रेटर नोएडा के रबुपुरा गांव में रहती है. जब इसकी जानकारी पुलिस को हुई तो दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया, लेकिन बाद में दोनों को जमानत दे दी गई. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें- <a href="https://www.abplive.com/news/india/seema-haider-sachin-meena-ayodhya-vrindavan-yatra-yogi-adityanath-spiritual-journey-hindu-culture-2906259">घर में बेटी पैदा हो गई, अब कहां जाएंगी सीमा हैदर? योगी सरकार से पहले ही कर दी थी अपील</a></strong></p>
Israel Palestine Conflict: गाजा पर इजरायल के हमले पर भड़कीं प्रियंका गांधी, कहा- 'ये मानवता के खिलाफ...'
<p style="text-align: justify;" data-pm-slice="1 1 []"><strong>Priyanka Gandhi Vadra: </strong>कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने इजराइल-फिलिस्तीन संघर्ष को लेकर अपनी चुप्पी तोड़ी है और इजराइल सरकार की निंदा की है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए इजराइल सरकार के हाथों 400 से ज्यादा निर्दोष नागरिकों की हत्या, जिनमें 130 बच्चे भी शामिल थे को मानवता के खिलाफ अपराध बताया. प्रियंका गांधी ने कहा कि इजराइल सरकार के क्रूर कृत्यों से ये जाहिर होता है कि उनके लिए मानवता का कोई मूल्य नहीं है.</p>
<p style="text-align: justify;">प्रियंका गांधी ने ये भी कहा कि चाहे पश्चिमी शक्तियां इजराइल के इन कृत्यों को स्वीकार करें या नहीं, लेकिन दुनिया के सभी नागरिक, जिनमें बहुत से इजराइली भी शामिल हैं, इन अपराधों को देख रहे हैं. उनका मानना है कि इजराइल सरकार के इन क्रूर कृत्यों से उनकी कमजोरियों और सच को छिपाने की कोशिश साफ दिखती है. प्रियंका ने इजराइल की सरकार को 'कायर' करार देते हुए कहा कि उनका ये व्यवहार और ज्यादा क्रूरता को उजागर करता है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>फिलिस्तीनी जनता की बहादुरी की सराहना</strong></p>
<p style="text-align: justify;">प्रियंका गांधी ने आगे कहा कि इस संघर्ष में फिलिस्तीनी जनता की बहादुरी की भी सराहना की जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि फिलिस्तीनियों ने काफी दुख और तकलीफें सही हैं, लेकिन उनके जज्बे और संघर्ष की भावना अनवरत बनी हुई है. प्रियंका ने अंत में 'सत्यमेव जयते' का जिक्र करते हुए इस संघर्ष की सच्चाई को सामने लाने की बात कही.</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="en" style="text-align: justify;">The cold blooded murder of over 400 innocent civilians including 130 children by the Israeli government, shows that humanity means nothing to them. <br /><br />Their actions reflect an inherent weakness and inability to face their own truth. <br /><br />Whether western powers choose to recognise…</p>
— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) <a href="https://twitter.com/priyankagandhi/status/1902253815027659071?ref_src=twsrc%5Etfw">March 19, 2025</a></blockquote>
<p style="text-align: justify;">
<script src="https://platform.twitter.com/widgets.js" async="" charset="utf-8"></script>
</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://www.abplive.com/news/india/up-aaj-ka-mausam-22-february-weather-update-delhi-bihar-rajasthan-haryana-weather-forecast-rain-alert-imd-2889735">Weather Forecast: उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड के बाद अब गर्मी के संकेत, दिल्ली-NCR में बदला मौसम, बूंदाबांदी से बढ़ी ठंडक, जानिए कहां कैसा रहेगा मौसम</a></strong></p>
Bengal Assembly Elections: चुनाव से पहले बंगाल में पोस्टर वॉर, टीएमसी ने बीजेपी को उसी की भाषा में दिया करारा जवाब
<p style="text-align: justify;" data-pm-slice="1 1 []"><strong>BJP vs TMC: </strong>पश्चिम बंगाल में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं. बीजेपी और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के बीच अब पोस्टर वार शुरू हो गया है, जिससे सियासी माहौल और गर्मा गया है. बीते कुछ दिनों में बीजेपी ने राज्य के अलग - अलग हिस्सों में कई पोस्टर लगाए हैं, जिनमें 'हिंदू हिंदू भाई-भाई, 2026 में बीजेपी चाहिए' जैसे नारे लिखे गए हैं.</p>
<p style="text-align: justify;" data-pm-slice="1 1 []">ये पोस्टर खासतौर पर हुगली के चिनसुराह और कोलकाता के कुछ इलाकों में देखे गए हैं. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बीजेपी इस अभियान के जरिए हिंदू एकता को उजागर करने और अपने समर्थन को मजबूत करने की कोशिश कर रही है. वहीं टीएमसी ने इसे राज्य में ध्रुवीकरण की राजनीति करार दिया है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>टीएमसी ने बीजेपी को उसी की भाषा में दिया जवाब</strong></p>
<p style="text-align: justify;">बीजेपी के पोस्टरों के जवाब में मंगलवार (18 मार्च) को टीएमसी की सोशल मीडिया और आईटी सेल ने अपने पोस्टर जारी किए. कोलकाता के श्यामबाजार में लगे इन पोस्टरों में बीजेपी पर सीधा हमला किया गया. 'हिंदू हिंदू भाई-भाई, गैस के दामों में राहत क्यों नहीं?' जैसे नारे लिखकर टीएमसी ने महंगाई को मुद्दा बनाया. एक अन्य पोस्टर में लिखा गया 'हिंदू हिंदू भाई-भाई, लेकिन बंगाल से कोई कैबिनेट मंत्री क्यों नहीं?'. टीएमसी ने ये संदेश देने की कोशिश की कि बीजेपी बंगाल के लोगों के लिए कोई ठोस काम नहीं कर रही बल्कि सिर्फ हिंदू एकता के नाम पर राजनीति कर रही है.</p>
<p style="text-align: justify;">राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ये पोस्टर वार आने वाले महीनों में और तेज हो सकता है. बीजेपी हिंदू वोट बैंक को साधने में जुटी है तो वहीं टीएमसी बंगाल की उपेक्षा और महंगाई जैसे मुद्दों को उछालकर बीजेपी को घेरने की रणनीति पर काम कर रही है. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://www.abplive.com/news/india/up-aaj-ka-mausam-22-february-weather-update-delhi-bihar-rajasthan-haryana-weather-forecast-rain-alert-imd-2889735">Weather Forecast: उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड के बाद अब गर्मी के संकेत, दिल्ली-NCR में बदला मौसम, बूंदाबांदी से बढ़ी ठंडक, जानिए कहां कैसा रहेगा मौसम</a></strong></p>
Tuesday, March 18, 2025
Nagpur Violence: नागपुर हिंसा पर भड़के असदुद्दीन ओवैसी, कहा- 'जानबूझकर माहौल खराब...'
<p style="text-align: justify;"><strong>Nagpur Violence Update:</strong> महाराष्ट्र के नागपुर में हुई हिंसा ने राज्य में सुरक्षा और प्रशासन पर सवाल उठाए हैं. सोमवार (17 मार्च) शाम को महाल इलाके में दो गुटों के बीच हिंसक झड़प हो गई. इस दौरान उपद्रवियों ने कई गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया, पुलिस पर पथराव किया और सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया. पत्थरबाजी में डीसीपी सहित कई पुलिसकर्मी घायल हो गए. घटनास्थल पर कर्फ्यू लगा दिया गया और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया. जानकारी के अनुसार पुलिस ने इस मामले में 40 उपद्रवियों को हिरासत में लिया है.</p>
<p style="text-align: justify;">नागपुर की हिंसा पर असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने महाराष्ट्र सरकार की कड़ी आलोचना की है. ओवैसी ने कहा कि ये घटना राज्य सरकार की विफलता का परिणाम है. उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कुछ दिनों से जानबूझकर माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही थी. उन्होंने बताया कि धर्म ग्रंथ जलाए जाने की घटना की पुलिस में शिकायत की गई थी, लेकिन सरकार ने उस पर कोई कार्रवाई नहीं की. ओवैसी का मानना है कि यह हिंसा जानबूझकर कराई गई है और इसके पीछे कुछ खास लोगों का मकसद था.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>नागपुर हिंसा को लेकर ओवैसी की प्रतिक्रिया</strong></p>
<p style="text-align: justify;">ओवैसी ने कहा कि मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री दोनों ही नागपुर से आते हैं और इस हिंसा के बाद ये साफ लगता है कि मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया. उन्होंने इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि ये बेहद दुखद है, लेकिन इसके पीछे जो साजिश थी, उसे नकारा नहीं जा सकता. ओवैसी ने महाराष्ट्र सरकार से कार्रवाई की उम्मीद जताई है और इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़े: <a href="https://www.abplive.com/news/india/up-aaj-ka-mausam-22-february-weather-update-delhi-bihar-rajasthan-haryana-weather-forecast-rain-alert-imd-2889735">Weather Forecast: उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड के बाद अब गर्मी के संकेत, दिल्ली-NCR में बदला मौसम, बूंदाबांदी से बढ़ी ठंडक, जानिए कहां कैसा रहेगा मौसम</a></strong></p>
ट्रेन से 1 KM चलने पर कितना आता है खर्च? रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद में बताया
<p style="text-align: justify;">रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में बताया कि भारतीय रेलवे ने कोविड के बाद से यात्री किराया नहीं बढ़ाया है. उन्होंने कहा कि आज भी पड़ोसी देशों की तुलना में भारतीय रेलवे का किराया बहुत कम है. अश्विनी वैष्णव ने कहा कि रेलवे से एक किलोमीटर का चलने का खर्च 1.38 रुपये आता है, लेकिन यात्रियों से केवल 73 पैसे ही लिए जाते हैं. उन्होंने बताया कि रेलवे यात्रियों से सिर्फ 53 फीसदी ही किराया वसूलता है, जबकि 47 फीसदी डिस्काउंट देता है. </p>
<p style="text-align: justify;">भारतीय रेलवे को लेकर सोमवार (17 मार्च) को लोकसभा में देर रात तक चर्चा हुई, जिसमें सांसदों ने अपने क्षेत्रों और राष्ट्रीय स्तर पर रेलवे को सुझाव दिए थे. इसी चर्चा का जवाब देते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ये जानकारी दी. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यात्रियों को 60 हजार करोड़ की सब्सिडी देता है रेलवे </strong></p>
<p style="text-align: justify;">रेल मंत्री ने बताया कि भारतीय रेलवे यात्रियों को करीब 60 हजार करोड़ रुपये को सब्सिडी देता है. इस दौरान उन्होंने भारतीय रेलवे का किराया पड़ोसी देशों की तुलना में बहुत कम है. रेल मंत्री ने उदाहरण देते हुए बताया कि अगर यात्री 350 किलोमीटर की यात्रा करता है तो इसके लिए भारत में 121 रुपये किराया लगता है, वहीं पाकिस्तान में 436 रुपये, बांग्लादेश में 323 रुपये और श्रीलंका में 416 रुपये है. अगर यूरोपीय देशों की बात करें तो वहां तो 15-20 गुना ज्यादा किराया होगा. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>भारतीय रेलवे को तीन हजार करोड़ का प्रॉफिट </strong></p>
<p style="text-align: justify;">अश्विनी वैष्णव ने कहा कि रेलवे को कोविड के दौरान काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था, लेकिन अब वो अपने खर्च खुद ही वहन कर रहा है. उन्होंने बताया, सबसे ज्यादा खर्च आइटम पर एक लाख 16 हजार करोड़ का होता है. उसके बाद सैलरी-पेंशनर्स का खर्च 66 हजार करोड़, एनर्जी पर 32 हजार करोड़, फाइनेंशिंग की कोस्ट 25 हजार करोड़ रुपये है. रेलवे का कुल खर्च 2.75 लाख करोड़ का है, जबकि आय 2.78 लाख करोड़ है. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>सामान ढुलाई में टॉप-3 देशों में पहुंचा भारतीय रेलवे</strong></p>
<p style="text-align: justify;">रेलवे की उपलब्धियां गिनाते हुए अश्विनी वैष्णव ने कहा कि सामान की ढुलाई में भारत टॉप-3 देशों में शामिल हो गया है. इस मामले में भारत से आगे सिर्फ चीन और अमेरिका हैं. भारत एक साल में 1.6 ट्रिलियन सामान की ढुलाई करेगा, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है. बीते 10 सालों में देश में 34 हजार किलोमीटर रेलवे ट्रैक बने हैं, जोकि जर्मनी के पूरे रेलवे नेटवर्क से भी ज्यादा है. 50 हजार किलोमीटर की पुरानी पटरियों को बदलकर वहां नई पटरी बिछाई गई है. अब एक साल में भारतीय रेलवे 720 करोड़ पैसेंजर को उनके गंतव्य तक पहुंचाएगी.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस में ट्रांसपोर्ट हो रहा रेलवे का सामान</strong></p>
<p style="text-align: justify;">रेल मंत्री ने बताया कि बीते कुछ सालों में भारतीय रेलवे बहुत बड़ा एक्सपोर्टर बनकर भी उभरा है. ऑस्ट्रेलिया और ब्रिटेन में भारत के बने मेट्रो कोच जा रहे हैं. सऊदी अरब और फ्रांस में रेलवे की बोगी जा रही हैं. मेक्सिको, स्पेन, जर्मनी इटली में भी रेलवे सामान जा रहा है. जल्दी ही बिहार के नरौरा में बनने वाले लोकोमोटिव दुनिया भर में जाएंगे. तमिलनाडु में बने हुए पहिए दुनिया में एक्सपोर्ट होंगे. इस दौरान उन्होंने कहा कि रेलवे का यात्रियों की सुरक्षा पर भी फोकस है और वो इस पर काम भी कर रह है. </p>
Monday, March 17, 2025
Indian Politics: भगत सिंह के ऐतिहासिक दस्तावेजों पर संसद में सवाल! ब्रिटिश म्यूजियम में कैद भारत का इतिहास, कांग्रेस सांसद ने की जांच की मांग
<p style="text-align: justify;"><strong>Lok Sabha: </strong>लोकसभा में कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने शहीद भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त की ओर से फेंके गए रेड पैम्फलेट को लेकर सरकार से जवाब मांगा. उन्होंने कहा कि 96 साल पहले इन क्रांतिकारियों ने ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ केंद्रीय विधानसभा में विरोध दर्ज कराया था और कुछ पर्चे फेंके थे जो आजादी की लड़ाई में एक ऐतिहासिक दस्तावेज है.</p>
<p style="text-align: justify;">मनीष तिवारी ने लोकसभा में कहा 'रिपोर्ट्स के मुताबिक रेड पैम्फलेट की कुछ प्रतियां और भगत सिंह का निजी सामान संसद पुलिस स्टेशन के मालखाने में मौजूद हो सकता है, लेकिन सरकार का कहना है कि वहां ऐसा कुछ नहीं है.' उन्होंने सरकार से अनुरोध किया कि इस मामले की दोबारा जांच कराई जाए क्योंकि ये भारत की विरासत और स्वतंत्रता संग्राम का एक अहम हिस्सा है.</p>
<blockquote class="twitter-tweet" data-media-max-width="560">
<p dir="ltr" lang="hi">आज से 96 वर्ष पहले जब शहीद-ए-आज़म भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त ने केंद्रीय विधानसभा में अपना विरोध दर्ज किया था। तब दोनों ने कुछ पर्चे फेंके थे, जिन्हें 'रेड पैम्फलेट' कहते हैं। <br /><br />ख़बरों के मुताबिक उस पर्चे की कुछ प्रतिलिपियां और उनका कुछ निजी सामान अभी भी पार्लियामेंट पुलिस स्टेशन… <a href="https://t.co/BXw8w9nBij">pic.twitter.com/BXw8w9nBij</a></p>
— Congress (@INCIndia) <a href="https://twitter.com/INCIndia/status/1901515992452530420?ref_src=twsrc%5Etfw">March 17, 2025</a></blockquote>
<p style="text-align: justify;">
<script src="https://platform.twitter.com/widgets.js" async="" charset="utf-8"></script>
</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>लंदन में भारत से जुड़े 1,607 प्रतिबंधित डॉक्यूमेंट्स मौजूद</strong></p>
<p style="text-align: justify;">इसके अलावा मनीष तिवारी ने ये भी बताया कि लंदन स्थित इंडिया ऑफिस लाइब्रेरी और ब्रिटिश म्यूजियम में 1,607 प्रतिबंधित डॉक्यूमेंट्स हैं जिनमें से अधिकांश अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी से जुड़े हुए हैं. ये डॉक्यूमेंट्स 2017-18 में डि-क्लासीफाइड किए गए थे, लेकिन अभी तक भारत नहीं लाए गए हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>सरकार से तीन अहम सवाल</strong></p>
<p style="text-align: justify;">लोकसभा में मनीष तिवारी ने सरकार से तीन अहम सवाल पूछे</p>
<ul style="text-align: justify;">
<li style="text-align: justify;">क्या सरकार को इन ऐतिहासिक दस्तावेजों की जानकारी है?</li>
<li style="text-align: justify;">क्या सरकार ‘रेड पैम्फलेट’ की प्रतियों को वापस लाने के लिए कोई कदम उठाएगी?</li>
<li style="text-align: justify;">क्या सरकार ऐसा कोई प्रोजेक्ट लाएगी जिससे ज्यूडिशियल रिकॉर्ड और स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े आरोप पत्रों को इकट्ठा किया जाए ताकि आम लोगों की भूमिका को भी इतिहास में दर्ज किया जा सके?</li>
</ul>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://www.abplive.com/news/india/up-aaj-ka-mausam-22-february-weather-update-delhi-bihar-rajasthan-haryana-weather-forecast-rain-alert-imd-2889735">Weather Forecast: उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड के बाद अब गर्मी के संकेत, दिल्ली-NCR में बदला मौसम, बूंदाबांदी से बढ़ी ठंडक, जानिए कहां कैसा रहेगा मौसम</a></strong></p>
Aurangzeb Tomb: ASI संरक्षित स्मारक के साथ-साथ वक्फ की संपत्ति भी है औरंगजेब की कब्र, हटाना आसान नहीं; जानें क्या-क्या करना पड़ेगा
<p style="text-align: justify;"><strong>Aurangzeb Tomb:</strong> छत्रपति संभाजी पर बॉलीवुड फिल्म "छावा" के रिलीज होने के बाद से महाराष्ट्र में लगातार मुगल बादशाह औरंगजेब की कब्र को हटाने की मांग चल रही है. जहां एक तरफ महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले के खुल्दाबाद इलाके में मौजूद औरंगजेब की कब्र को हटाने की इच्छा व्यक्त कर चुके हैं तो महाराष्ट्र के हिंदूवादी संगठनो ने कब्र को हटाने के लिए बाबरी स्टाइल कारसेवा की चेतावनी दी है. ऐसे में अब औरंगजेब की कब्र के बाहर भारी संख्या में सुरक्षा बलों को तैनात कर दिया गया है.</p>
<p style="text-align: justify;">इन सब के बीच बड़ा सवाल यह है कि क्या औरंगजेब की कब्र को हटाना इतना आसान है? तो इसका जवाब 'न' में है क्योंकि यह संरचना ऑर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (ASI) संरक्षित है और वक्फ की संपत्ति भी. ऐसे में राज्य सरकार को इसे हटाने में कई कानूनी अड़चनों का सामना करना पड़ेगा.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>1958 में राष्ट्रीय महत्व का स्मारक घोषितत किया गया</strong><br />एबीपी न्यूज के पास मौजूद Exclusive दस्तावेजों के मुताबिक 11 दिसंबर 1951 को गैजेट नोटिफिकेशन जारी करके भारत सरकार ने औरंगाबाद के खुल्दाबाद में स्थित औरंगजेब की कब्र को Ancient Monument and Archeological Sites Remains Act 1951 के तहत संरक्षित स्मारक घोषित किया था और फिर इसी एक्ट में 1958 में संशोधन होने के बाद 1958 में इसे राष्ट्रीय महत्व के स्मारक की सूची में शामिल किया गया था.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>क्या कहता है कानून?</strong><br />Ancient Monuments and Archaeological Sites and Remains Act (AMASR) के सेक्शन-19 के मुताबिक, किसी भी संरक्षित स्मारक को तोड़ना, हटाना और नुकसान पहुंचना और गैरकानूनी है और अगर कोई व्यक्ति ऐसा करता है तो सेक्शन 30 के तहत उसके ऊपर कानूनी कार्रवाई की जाएगी जिसमें अधिकतम 2 साल की जेल से लेकर 1 लाख के जुर्माने का भी प्रावधान है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>भारत सरकार को संरक्षित इमारत हटाने का अधिकार लेकिन..</strong><br />ऐसे में औरंगजेब की कब्र को कानूनी तौर से महाराष्ट्र सरकार तब तक नहीं हटा सकती है जब तक कब्र ASI द्वारा संरक्षित है लेकिन Ancient Monuments and Archaeological Sites and Remains Act (AMASR) जिसके तहत औरंगजेब की कब्र ASI द्वारा संरक्षित है. उसी कानून के सेक्शन-35 में प्रावधान है कि भारत सरकार किसी भी संरक्षित स्मारक को हटा सकती है अगर सरकार को लगता है कि उसने अपना राष्ट्रीय धरोहर का महत्व खो दिया है लेकिन इसमें भी कई पेंच है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>पहले संरक्षित सूची से हटाना होगा</strong><br />ASI के नियमों के मुताबिक, उसके द्वारा संरक्षित किसी भी स्मारक को संरक्षण सूची से हटाने के लिए राज्य सरकार, ASI का सर्किल जिस पर स्मारक के संरक्षण का जिम्मा है या फिर किसी अन्य सरकारी संस्था में से किसी एक को कारणों के साथ ASI या फिर सरकार को AMASR Act के सेक्शन-35 के तहत एक प्रपोजल देना होगा कि उनके द्वारा नामित स्मारक जो ASI की संरक्षण सूची में है उसे संरक्षण की सूची से हटाए जाए.</p>
<p style="text-align: justify;">औरंगजेब के कब्र के मामले में चूंकि महाराष्ट्र सरकार इच्छा व्यक्त कर चुकी है तो महाराष्ट्र सरकार को ASI या फिर संस्कृति मंत्रालय के नाम औरंगजेब की कब्र को संरक्षित सूची से हटाने का प्रपोजल देना होगा. राज्य सरकार से प्रोपोजल मिलने के बाद या तो केंद्र सरकार का संस्कृति मंत्रालय सेक्शन-35 के तहत गैजेट नोटिफिकेशन जारी करके औरंगजेब की कब्र को संरक्षित स्मारक की सूची से हटा सकता है या फिर मामले पर पुरातत्व, इतिहास समेत अन्य मामलों के विशेषज्ञों की कमेटी बना कर उनकी रिपोर्ट के आधार पर फैसला ले सकता है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>आजादी के बाद से 170 स्मारक को संरक्षित सूची से हटाया गया</strong><br />आजाद भारत में ASAMR एक्ट लागू होने के बाद से 1958 से 1978 तक 170 स्मारकों को संरक्षण सूची से हटाया जा चुका है लेकिन आखिरी बार किसी स्मारक को हटाने का मामला आज से 47 साल पहले साल 1978 में हुआ था. </p>
<p><iframe title="Aurangzeb Controversy: औरंगजेब की कब्र पर हल्लाबोल, संभाजीनगर में सुरक्षा कड़ी | ABP NEWS" src="https://www.youtube.com/embed/tIjHVYPMLco" width="683" height="384" frameborder="0" allowfullscreen="allowfullscreen"></iframe></p>
<p style="text-align: justify;">इतना ही नहीं साल 2023 में प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार परिषद ने अपनी रिपोर्ट में ASI को राष्ट्रीय महत्व के स्मारकों की सूची फिर से तैयार करने और गायब हो चुके 18 स्मारकों को संरक्षण और राष्ट्रीय महत्व की सूची से हटाने की सलाह दी थी जिसे आज 2 साल होने के बाद भी ASI या फिर संस्कृति मंत्रालय ने नहीं हटाया है.</p>
<p style="text-align: justify;">लेकिन क्योंकि औरंगजेब की कब्र राजनैतिक मामला भी है और अगर राज्य राज्य सरकार कब्र को ASI की सूची से हटाने के लिए केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय या फिर ASI को प्रोपोजल देती है और उस पर अमल करके संस्कृति मंत्रालय या फिर ASI गैजेट नोटिफिकेशन जारी करके औरंगजेब की कब्र को संरक्षित स्मारक की सूची से AMASR आ के सेक्शन 35 के तहत हटा देती है फिर भी महाराष्ट्र सरकार के लिए औरंगाबाद के खुल्दाबाद में स्थित औरंगजेब की कब्र को कानूनी रूप से हटाना और मुश्किल होगा.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>वक्फ की संपत्ति वाला पेंच भी है</strong><br />एबीपी न्यूज को इसी साल जनवरी में ASI के औरंगाबाद सर्किल द्वारा मुहैया करवाए गए Exclusive जवाब के मुताबिक औरंगाबाद के खुल्दाबाद में स्थित औरंगजेब की कब्र साल 1951 से Ancient Monuments and Archaeological Sites and Remains Act (AMASR) के तहत संरक्षित स्मारक होने के साथ साथ साल 1973 से महाराष्ट्र वक्फ बोर्ड द्वारा वक्फ संपत्ति भी घोषित है.</p>
<p style="text-align: justify;">ऐसे में जहां अभी औरंगजेब की कब्र पर Dual Ownership है तो अगर ASI द्वारा औरंगजेब की कब्र को संरक्षित सूची से हटाया जाता है तो इसका पूरा कंट्रोल वक्फ बोर्ड के पास आ जाएगा और वक्फ कानून की धारा 51A और 104 A के तहत महाराष्ट्र सरकार औरंगजेब की कब्र को नहीं नष्ट कर सकती है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>साबित करना होगा कि यह वक्फ संपत्ति नहीं</strong><br />ऐसे में औरंगजेब की कब्र नष्ट करने के लिए कब्र की जमीन का स्वामित्व महाराष्ट्र सरकार के पास होना चाहिए और इसके दो तरीके हैं या तो वक्फ कानून की धारा 51 के तहत वक्फ बोर्ड के दो तिहाई सदस्यों की मंजूरी लेकर महाराष्ट्र सरकार को औरंगजेब की कब्र को अधिग्रहण करना होगा या फिर वक्फ ट्रिब्यूनल या कोर्ट में याचिका डाल कर साबित करना होगा कि औरंगजेब की कब्र वक्फ संपत्ति नहीं है और सरकारी संपत्ति है या फिर ये साबित करना होगा कि कब्र सरकार जमीन पर कब्जा करके बनी है. ऐसे में ये साफ है कि कानूनन औरंगजेब की कब्र को हटाने या फिर नष्ट करने में महाराष्ट्र सरकार के पास कई कानूनी अड़चनें और बाधाएं हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें...</strong></p>
<p style="text-align: justify;"><strong><a title="Aurangzeb's Tomb: औरंगजेब के मकबरे पर जब श्रद्धांजलि देने गए थे शिवाजी के पोते, जानें मराठा राज में क्यों नहीं टूटा ढांचा" href="https://www.abplive.com/news/india/aurangzeb-tomb-controversy-shivaji-grandson-chhatrapati-shahu-visited-mughal-monuments-undisturbed-during-maratha-rule-2905577" target="_self">Aurangzeb's Tomb: औरंगजेब के मकबरे पर जब श्रद्धांजलि देने गए थे शिवाजी के पोते, जानें मराठा राज में क्यों नहीं टूटा ढांचा</a></strong></p>
CAG के चयन के लिए कॉलेजियम बनाने की मांग पर SC का नोटिस, याचिकाकर्ता ने कहा- पद की निष्पक्षता के लिए जरूरी
<p style="text-align: justify;">भारत के नियंत्रक-महालेखा परीक्षक यानी CAG के चयन के लिए कमेटी बनाने की मांग पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है. एनजीओ सेंटर फॉर पब्लिक इंट्रेस्ट लिटिगेशन (CPIL) की याचिका पर कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है. कोर्ट ने इस याचिका को इसी विषय पर पहले से लंबित अनुपम कुलश्रेष्ठ की याचिका के साथ जोड़ दिया है. अब दोनों पर एक साथ सुनवाई होगी.</p>
<p style="text-align: justify;">CPIL की याचिका में कहा गया है कि अभी CAG की नियुक्ति प्रधानमंत्री की सिफारिश पर राष्ट्रपति करते हैं. इस पद की अहमियत को देखते हुए इसके लिए योग्य और निष्पक्ष व्यक्ति का चयन जरूरी है इसलिए, सुप्रीम कोर्ट प्रधानमंत्री, लोकसभा में नेता विपक्ष और सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस की कमेटी के जरिए CAG के चयन का आदेश दे.</p>
<p style="text-align: justify;">जस्टिस सूर्य कांत और एन कोटिश्वर सिंह की बेंच शुरू में इस याचिका से सहमत नजर नहीं आई. उन्होंने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 148 में CAG की नियुक्ति को लेकर जो लिखा है, कोर्ट उसमें बदलाव नहीं कर सकता. संविधान सभा ने CAG की निष्पक्षता और स्वतंत्रता को लेकर काफी बहस हुई थी. CAG के पद को किसी प्रभाव से मुक्त रखने के लिए संविधान में यह व्यवस्था बनाई गई कि इस पद पर बैठे व्यक्ति को सुप्रीम कोर्ट जज जैसी प्रक्रिया के जरिए ही हटाया जा सकता है. अब उनकी चयन प्रक्रिया में बदलाव की मांग संविधान को दोबारा लिखने जैसी बात होगी.</p>
<p style="text-align: justify;">इसका जवाब देते हुए याचिकाकर्ता के लिए पेश वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि पिछले कुछ समय में CAG की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठने लगे हैं. CAG के चयन के लिए निष्पक्ष कमेटी बनाने की मांग को संविधान को नए सिरे से लिखना नहीं कहा जा सकता. कमेटी बना कर चयन संविधान निर्माताओं की उस भावना के अनुरूप होगा जिसमें उन्होंने निष्पक्ष CAG की कल्पना की थी. प्रशांत भूषण ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट CBI निदेशक और चुनाव आयुक्तों के चयन के लिए भी कमेटी बनाने का आदेश दे चुका है. इस मामले में भी ऐसा किया जाना चाहिए.</p>
<p style="text-align: justify;">आखिरकार जज इस याचिका पर नोटिस जारी करने पर सहमत हो गए. प्रशांत भूषण ने उन्हें यह भी बताया कि पूर्व डिप्टी CAG अनुपम कुलश्रेष्ठ की मिलती-जुलती याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने जनवरी, 2024 में ही नोटिस जारी कर दिया था. उसके बाद से वह याचिका अब तक सुनी नहीं गई है. केंद्र ने उस पर जवाब भी दाखिल नहीं किया है. इस पर जजों ने दोनों याचिकाओं पर साथ सुनवाई की बात कही. ध्यान रहे कि अनुपम कुलश्रेष्ठ की याचिका में प्रधानमंत्री, लोकसभा स्पीकर, नेता विपक्ष, संसद की लोक लेखा समिति के अध्यक्ष और चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया के कॉलेजियम के जरिए CAG के चयन की मांग की गई है.</p>
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<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें:-</strong><br /><strong><a href="https://www.abplive.com/news/india/waqf-bill-protest-asaduddin-owaisi-warns-chandra-babu-naidu-nitish-kumar-chirag-paswan-for-not-supporting-bill-2905659">Waqf Bill: 'चंद्रबाबू, नीतीश और पासवान को बता दें, जब तक दुनिया है मुसलमान याद रखेंगे आपकी...', वक्फ बिल पर ओवैसी की चेतावनी</a></strong></p>
Sunday, March 16, 2025
North Macedonia: नॉर्थ मैसेडोनिया के नाइट क्लब में आग, 51 की मौत, 100 से ज्यादा घायल
<p style="text-align: justify;">नॉर्थ मैसेडोनिया में रविवार तड़के बड़ा हादसा हो गया. यहां कोकानी में स्थित पल्स नाइट क्लब में भीषण आग लग गई. इसमें 51 लोगों की मौत हुई है. नॉर्थ मैसेडोनिया की सरकारी न्यूज एजेंसी ने गृह मंत्रालय के हवाले से यह जानकारी दी. <br /><br />नॉर्थ मैसेडोनिया की राजधानी स्कोप्जे से लगभग 100 किलोमीटर दूर स्थित इस शहर में रविवार तड़के आग लग गई. सोशल मीडिया पर इस घटना से जुड़े कई वीडियो भी वायरल हो रहे हैं. इनमें देखा जा सकता है कि नाइट क्लब में भीषण आग लगी दिख रही है और आसमान में घना धुआं दिख रहा है. स्थानीय मीडिया के मुताबिक, घटना में 50 से अधिक लोगों की मौत हुई है. हालांकि, अधिकारियों ने अभी तक मृतकों की संख्या की पुष्टि नहीं की है. </p>
<p style="text-align: justify;">रिपोर्ट के मुताबिक, आग तड़के 2 बजे लगी. उस वक्त नाइट क्लब में नॉर्थ मैसेडोनिया की चर्चित हिप-हॉप जोड़ी ADN का कार्यक्रम चल रहा था. इस कंसर्ट में करीब 1500 लोग हिस्सा लेने पहुंचे थे. बताया जा रहा है कि घटाना के कई घंटों बाद तक भी नाइट क्लब में लगी आग पर काबू नहीं पाया जा सका था. </p>
<p style="text-align: justify;"><em><strong>यह खबर ब्रेक की गई है, इसे लगातार अपडेट किया जा रहा है...</strong></em></p>
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केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय ने लालू यादव के लिए ये क्या कहा- ‘बीमार हो गया था बिहार, लेकिन अब…’
<p style="text-align: justify;"><strong>Nityanand Rai Slams RJD:</strong> केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय ने बिहार में विपक्षी पार्टी राजद और लालू प्रसाद यादव पर निशाना साधा. राजद पर फायर होते हुए नित्यानंद राय ने कहा कि कुछ लोग बिहार को बदनाम करने में लगे हुए हैं. उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी के शासनकाल में बिहार बीमार हो गया था. इसी के साथ उन्होंने ये भी कहा कि वर्तमान में बिहार विकास के रास्ते पर है. </p>
<p style="text-align: justify;">लालू प्रसाद यादव और राजद नेताओं पर निशाना साधते हुए केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय ने कहा, "आज बिहार में कुछ लोग ऐसे हैं, जो बिहार को बदनाम करने में लगे हुए हैं. यानी जो लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी जी का शासनकाल था, जिन्होंने बिहार को बीमार कर दिया था और विकास से काफी दूर रखा था. वैसे लोग यानी RJD, कांग्रेस वाले लोग बिहार को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं.” </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>जातिवाद, परिवारवाद और जंगलराज से ऊपर उठ चुका बिहार</strong></p>
<p style="text-align: justify;">नित्यानंद राय ने आगे कहा, “बिहार विकास के रास्ते पर है. केंद्र सरकार की सारी योजनाओं को नीतीश कुमार लागू कर रहे हैं. बिहार के लोग जात-पात से ऊपर उठकर विकास की राजनीति पर बात करते हैं. सभी अपने बच्चों का भविष्य चाहते हैं. उन्हें पता है कि बच्चों का भविष्य बनाना है तो उसके लिए विकास चाहिए, अवसर चाहिए और शांति चाहिए, यह सब एनडीए की सरकार में बिहार में मिल रहा है. बिहार की जनता जातिवाद, परिवारवाद और जंगलराज से ऊपर उठ चुकी है इसलिए आने वाले दिनों में राजद कांग्रेस और कम्युनिस्ट का सूपड़ा साफ होगा और एनडीए प्रचंड बहुमत से सरकार बनाएगी."</p>
<blockquote class="twitter-tweet" data-media-max-width="560">
<p dir="ltr" lang="en"><a href="https://twitter.com/hashtag/WATCH?src=hash&ref_src=twsrc%5Etfw">#WATCH</a> | Union Minister Nityanand Rai says, "...Today there are some people in Bihar who are engaged in defaming Bihar, that is, the rule of Lalu Prasad Yadav, Rabri Devi, who had made Bihar sick and kept it far away from development. RJD and Congress people are trying to defame… <a href="https://t.co/bb0cnlSfpZ">pic.twitter.com/bb0cnlSfpZ</a></p>
— ANI (@ANI) <a href="https://twitter.com/ANI/status/1901149415110488216?ref_src=twsrc%5Etfw">March 16, 2025</a></blockquote>
<p style="text-align: justify;">
<script src="https://platform.twitter.com/widgets.js" async="" charset="utf-8"></script>
</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>जमकर हुई थी राबड़ी देवी और नीतीश कुमार में बहस</strong></p>
<p style="text-align: justify;">हाल ही में महिला सम्मान और बिहार में विकास के मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री और राजद नेता राबड़ी देवी और नीतीश कुमार के बीच जोरदार बहस हुई थी तो विधान परिषद में नीतीश कुमार ने भी राबड़ी देवी से लेकर पूर्ववर्ती लालू यादव की सरकार पर संगीत आरोपों की झड़ी लगा दी थी. उन्होंने यह भी बताया था कि उन्होंने महागठबंधन से किनारा क्यों किया उन्होंने कहा था, क्योंकि राजद के लोग काम नहीं करते इसलिए उन्होंने गठबंधन से किनारा किया था.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें- <a href="https://www.abplive.com/news/india/bihar-assembly-sabha-election-rabri-devi-slams-cm-nitish-kumar-over-insulting-women-2902990">बिहार विधानसभा चुनाव से पहले फुल फॉर्म में राबड़ी देवी, सीएम के खिलाफ फायर तो नीतीश कुमार ने दिया तगड़ा जवाब</a></strong></p>
<p style="text-align: justify;"><iframe title="Abu Qatal Killed LIVE: पाकिस्तान में ढेर हुआ लश्कर आतंकी | Hafiz Saeed | Breaking | <a title=" data-type="interlinkingkeywords"><a title="Hindi News" href="https://www.abplive.com/" data-type="interlinkingkeywords">Hindi News</a> LIVE" src="https://www.youtube.com/embed/RufDy7fMLU0" width="866" height="487" frameborder="0" allowfullscreen="allowfullscreen"></iframe></p>
Bihar Politics: 'दो हिस्सो में बंट जाएगा देश', सामना के लेख पर आया BJP का रिएक्शन, जानें शहनवाज हुसैन ने क्या कहा?
<p style="text-align: justify;"><strong>Bihar News:</strong> बिहार में कानून व्यवस्था को लेकर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं. भाजपा के सीनियर नेता शाहनवाज हुसैन का कहना है कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार सुशासन के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि आरा में एक ज्वेलरी दुकान लुटी थी, लेकिन अपराधियों को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया और लूटी गई संपत्ति बरामद हुई. वहीं मुंगेर में एएसआई की हत्या के आरोपियों को पकड़कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई.</p>
<p style="text-align: justify;">राजद नेता तेज प्रताप यादव के एक बयान ने नया विवाद खड़ा कर दिया है. उन्होंने एक पुलिसकर्मी से कथित तौर पर ठुमका लगाने के लिए कहा और न करने पर सस्पेंड करने की धमकी दी. भाजपा ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है और इसे कानून व्यवस्था पर हमला बताया है. शाहनवाज हुसैन ने लालू यादव के दौर की याद दिलाते हुए कहा कि तब डीआईजी तक को खैनी लगाने के लिए कहा जाता था. भाजपा ने इस बयान को पुलिस प्रशासन के सम्मान से जोड़ते हुए राजद को घेरा है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>'देश के बंटवारे' वाले बयान पर घमासान</strong></p>
<p style="text-align: justify;">महाराष्ट्र में शिवसेना के मुखपत्र 'सामना' में छपे एक लेख को लेकर भी सियासत तेज हो गई है. इस लेख में कहा गया कि जब भाजपा सत्ता से जाएगी तब तक देश दो हिस्सों में बंट चुका होगा. इस पर भाजपा ने पलटवार करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री <a title="नरेंद्र मोदी" href="https://www.abplive.com/topic/narendra-modi" data-type="interlinkingkeywords">नरेंद्र मोदी</a> के नेतृत्व में देश एकजुट है और एकता के मार्ग पर आगे बढ़ रहा है. पार्टी का कहना है कि उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक सभी भारतीयों का मन एक है और कोई भी ताकत देश को विभाजित नहीं कर सकती.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>लाउडस्पीकर और नमाज पर बहस</strong></p>
<p style="text-align: justify;">धर्मगुरु मुकुंदा आचार्य ने लाउडस्पीकर पर दी जाने वाली नमाज को लेकर आपत्ति जताई है. उन्होंने कहा कि इससे सिरदर्द की समस्या होती है इसलिए वह इस मामले को अदालत तक ले जाने की सोच रहे हैं. इस पर भाजपा नेता ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारत में संविधान सबको धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार देता है और इसमें किसी तरह की कोई बाधा नहीं डाली जाएगी. हालांकि सरकार अलग-अलग राज्यों की नीतियों के आधार पर इस विषय पर विचार कर सकती है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>मुसलमानों की शिक्षा पर गडकरी का बयान</strong></p>
<p style="text-align: justify;">केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने हाल ही में एक बयान दिया कि मुसलमानों को सबसे ज्यादा शिक्षा की जरूरत है. उन्होंने कहा कि समुदाय की तरक्की के लिए शिक्षा बहुत जरूरी है क्योंकि वे इस क्षेत्र में काफी पीछे रह गए हैं. इस बयान पर भी राजनीतिक बहस छिड़ गई है. भाजपा इसे मुसलमानों के उत्थान की पहल बता रही है जबकि विपक्षी दल इसे राजनीतिक एजेंडा करार दे रहे हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><iframe title="YouTube video player" src="https://www.youtube.com/embed/QAkFQXJEmrs?si=Of3ee-FVvsoVyJ4M" width="560" height="315" frameborder="0" allowfullscreen="allowfullscreen"></iframe></p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://www.abplive.com/news/india/up-aaj-ka-mausam-22-february-weather-update-delhi-bihar-rajasthan-haryana-weather-forecast-rain-alert-imd-2889735">Weather Forecast: उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड के बाद अब गर्मी के संकेत, दिल्ली-NCR में बदला मौसम, बूंदाबांदी से बढ़ी ठंडक, जानिए कहां कैसा रहेगा मौसम</a></strong></p>
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