Saturday, November 30, 2024
नाबालिग सौतेली बेटी से किया रेप, कोर्ट ने कलयुगी पिता को सुनाई 141 साल की सजा
<p style="text-align: justify;">केरल की एक अदालत ने नाबालिग सौतेली बेटी से कई वर्षों तक बार-बार दुष्कर्म करने वाले पिता को दोषी ठहराते हुए उसे 141 साल की कुल अवधि की सजा सुनाई है.</p>
<p style="text-align: justify;">जिले के मंजेरी शहर की त्वरित विशेष अदालत के जज अशरफ ए एम ने यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम, भारतीय दंड संहिता और किशोर न्याय अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के तहत दोषी को 141 साल की कुल अवधि की सजा सुनाई.</p>
<p style="text-align: justify;">अदालत के 29 नवंबर के आदेश के अनुसार, दोषी को कुल 40 वर्ष जेल की सजा काटनी होगी क्योंकि यह उसे सुनाई सबसे अधिक अवधि की सजा है. इसमें कहा गया कि विभिन्न प्रावधानों के तहत दी गई अलग-अलग सजाएं एक साथ चलेंगी. अदालत ने दोषी पर 7.85 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया और पीड़िता को मुआवजा दिए जाने का भी आदेश दिया.</p>
<p style="text-align: justify;">मामले से जुड़े एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि दोषी और पीड़िता तमिलनाडु के मूल निवासी हैं. उन्होंने बताया कि सौतेला पिता 2017 से पीड़िता का यौन शोषण कर रहा था. अधिकारी ने बताया कि पीड़िता ने एक दोस्त के सुझाव पर आखिरकार अपनी मां को सारी बात बताई जिसने पुलिस में शिकायत की.</p>
Friday, November 29, 2024
क्या बदल जाएंगे महाराष्ट्र चुनाव के आंकड़े? कांग्रेस ने कर दिया ये काम, EC करेगा फैसला
<p style="text-align: justify;"><strong>Maharashtra Election: </strong>कांग्रेस ने शुक्रवार (29 नवंबर 2024) को चुनाव आयोग को पत्र लिखकर हाल ही में हुए <a title="महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव" href="https://www.abplive.com/topic/maharashtra-assembly-election-2024" data-type="interlinkingkeywords">महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव</a> के मतदान और गिनती प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया है. कांग्रेस ने इस मुद्दे पर व्यक्तिगत सुनवाई की मांग भी की है. कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि मतदाता सूचियों से "मनमाने ढंग से मतदाताओं को हटाया गया और हरेक विधानसभा क्षेत्र में 10,000 से अधिक मतदाताओं को जोड़ा गया." पार्टी ने यह भी कहा कि "महाराष्ट्र के मतदाता डेटा पर एक पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त ने भी सवाल उठाए हैं."</p>
<p style="text-align: justify;">कांग्रेस ने अपने लेटर में जिक्र किया कि "मनमाने ढंग से हटाने और जोड़ने की इस प्रक्रिया की वजह से जुलाई 2024 से नवंबर 2024 के बीच महाराष्ट्र में मतदाता सूची में लगभग 47 लाख नए मतदाता शामिल किए गए." पार्टी ने दावा किया कि "जिन 50 विधानसभा क्षेत्रों में औसतन 50,000 नए मतदाता जोड़े गए, उनमें से 47 सीटों पर सत्ताधारी गठबंधन और उसके सहयोगियों ने जीत दर्ज की."</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="en">Here is a memorandum just submitted to <a href="https://twitter.com/ECISVEEP?ref_src=twsrc%5Etfw">@ECISVEEP</a> on the Maharashtra assembly elections by Shri <a href="https://twitter.com/NANA_PATOLE?ref_src=twsrc%5Etfw">@NANA_PATOLE</a>, Shri <a href="https://twitter.com/MukulWasnik?ref_src=twsrc%5Etfw">@MukulWasnik</a>, and Shri Ramesh <a href="https://twitter.com/chennithala?ref_src=twsrc%5Etfw">@chennithala</a> <br /><br />They have raised serious issues which are being discussed in the public domain. They have asked the EC for an in-person… <a href="https://t.co/K4zfx5tjhF">pic.twitter.com/K4zfx5tjhF</a></p>
— Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) <a href="https://twitter.com/Jairam_Ramesh/status/1862408175322091855?ref_src=twsrc%5Etfw">November 29, 2024</a></blockquote>
<p>
<script src="https://platform.twitter.com/widgets.js" async="" charset="utf-8"></script>
</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>मतदान प्रतिशत में अचानक वृद्धि पर सवाल</strong></p>
<p style="text-align: justify;">कांग्रेस ने चुनाव आयोग की ओर से जारी आंकड़ों पर भी सवाल उठाए. पार्टी ने कहा कि 21 नवंबर 2024 को शाम 5 बजे तक महाराष्ट्र में मतदान प्रतिशत 58.22% था, जो रात 11:30 बजे तक बढ़कर 65.02% हो गया. इसके अलावा, अंतिम रिपोर्ट में 66.05% मतदान दर्ज किया गया, जो मतगणना शुरू होने से कई घंटे पहले घोषित हुआ. लेटर के अनुसार, केवल एक घंटे में यानी शाम 5 बजे से 6 बजे के बीच लगभग 76 लाख वोट डाले गए.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ईवीएम पर कांग्रेस ने जताई आपत्ति</strong></p>
<p style="text-align: justify;">कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए मतपत्रों के उपयोग की मांग की. उन्होंने कहा, "हमें ईवीएम नहीं, बैलट पेपर चाहिए." गौरतलब है कि हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों में बीजेपी के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन ने 288 में से 230 सीटों पर जीत हासिल की. बीजेपी ने 132, शिवसेना ने 57 और एनसीपी ने 41 सीटें जीतीं. वहीं, महा विकास अघाड़ी (एमवीए) को कुल 46 सीटें मिलीं, जिनमें कांग्रेस की हिस्सेदारी केवल 16 सीटों की रही.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें:</strong></p>
<p style="text-align: justify;"><strong><a href="https://www.abplive.com/news/india/sambhal-jama-masjid-survey-case-hearing-in-supreme-court-cji-sanjeev-khanna-uttar-pradesh-2832817">संभल का जामा मस्जिद-हरिहर मंदिर विवाद : सुप्रीम कोर्ट ने सिविल जज की सुनवाई पर लगाई अंतरिम रोक, सीलबंद रहेगी सर्वे रिपोर्ट</a><br /></strong></p>
Maharashtra Breaking News : महाराष्ट्र के गोंदिया में भीषण सड़क हादसा, बस पलटने से 9 लोगों की मौत
<p>महाराष्ट्र के गोंदिया में शुक्रवार को भीषण सड़क हादसा हुआ है. यहां एक बस पलट जाने के कारण 9 लोगों की मौत हो गई है. मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है. घटना की जानकारी मिलने के बाद कार्यवाहक सीएम एकनाथ शिंदे ने पीड़ितों को 10 लाख रुपये की तत्काल सहायता प्रदान करने के लिए परिवहन प्रशासन को आदेश है. </p>
Bangladesh Hindu News : हिंदू आध्यात्मिक नेता चिन्मयकृष्ण दास की गिरफ्तारी का विरोध | ABP News
<p>बांग्लादेश में मंदिरों पर हमले पर सरकार का संसद में जवाब...पिछले कई महीनों में सामने आई ऐसी घटनाओं की रिपोर्ट...हिंदुओं, अल्पसंख्यकों की सुरक्षा बांग्लादेश सरकार की जिम्मेदारी . हिंदू आध्यात्मिक नेता चिन्मयकृष्ण दास की गिरफ्तारी...बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने की निंदा.. चिन्मयकृष्ण दास को तुरंत रिहा करने की मांग . इस्कॉन GBC के ग्लोबल ड्यूटी ऑफिसर गौरंग दास ने चिन्मयदास की गिरफ्तारी की निंदा की..कहा- चिन्मय दास ने हमेशा अल्पसंख्यकों की सुरक्षा की वकालत की </p>
Thursday, November 28, 2024
वक्फ विधेयक पर ममता बनर्जी का हमला, मुस्लिमों के अधिकारों पर संकट! केंद्र पर साधा निशाना
<p style="text-align: justify;"><strong>Waqf Amendment Bill:</strong> पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य विधानसभा में वक्फ विधेयक को लेकर गंभीर आरोप लगाए. ममता ने कहा कि यह विधेयक संघीय ढांचे के विपरीत है और धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांतों के खिलाफ है. उन्होंने यह भी दावा किया कि इस विधेयक के माध्यम से एक खास वर्ग को निशाना बनाया गया है. मुख्यमंत्री ने इस विधेयक को मुस्लिमों के अधिकारों को छीनने के रूप में भी पेश किया.</p>
<p style="text-align: justify;">ममता बनर्जी ने विधानसभा में कहा कि केंद्र सरकार ने इस वक्फ विधेयक पर पश्चिम बंगाल सरकार से कोई परामर्श नहीं किया जो उनके अनुसार एक खतरनाक कदम है. ममता ने तर्क दिया कि केंद्र का यह कदम न केवल संविधान के खिलाफ है बल्कि इससे धार्मिक सद्भाव और भाईचारे को भी खतरा हो सकता है. मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि इस विधेयक के जरिए मुस्लिम समुदाय के अधिकारों में कमी लाई जा सकती है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>वक्फ विधेयक पर ममता ने जताई गंभीर चिंता</strong></p>
<p style="text-align: justify;">ममता बनर्जी के अनुसार वक्फ विधेयक मुस्लिम समाज की धार्मिक स्वतंत्रता और उनकी संपत्ति के अधिकारों को कमजोर करेगा. उन्होंने कहा कि अगर इस विधेयक को लागू किया गया तो राज्य सरकार के पास वक्फ बोर्ड के मामलों में कोई अधिकार नहीं रहेगा जिससे राज्य का अधिकार भी खत्म हो सकता है. ममता ने कहा कि सरकार को इस तरह के कानून बनाने से पहले सभी हितधारकों से सलाह-मशविरा करना चाहिए था खासकर उस राज्य से जहां मुस्लिमों की संख्या काफी ज्यादा है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>केंद्र सरकार से ममता की अपील</strong></p>
<p style="text-align: justify;">मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार से इस विधेयक को पुनः विचार करने की अपील की है. उन्होंने कहा कि यह विधेयक मुस्लिम समुदाय के खिलाफ एक राजनीतिक कदम साबित हो सकता है जो देश की धर्मनिरपेक्ष छवि को नुकसान पहुंचाएगा. ममता ने यह भी कहा कि वह इस विधेयक को राज्य विधानसभा में उठाएंगी और इसके खिलाफ आवाज उठाएंगी.</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://www.abplive.com/news/india/waqf-has-right-to-take-legal-action-against-property-encroachment-says-kiren-rijiju-on-board-power-2832166">'58,929 पर कब्जा... पर संपत्तियों की सुरक्षा के लिए वक्फ के पास कई हक हैं', लोकसभा में सरकार ने बताई बोर्ड की शक्तियां</a></strong></p>
Wednesday, November 27, 2024
संसद सत्र: राहुल गांधी बोले- अडानी को तो जेल में होना चाहिए, लेकिन मोदी सरकार उन्हें बचा रही
<p style="text-align: justify;"><strong>Adani Bribery Case: </strong>अडानी ग्रुप के खिलाफ आरोपों पर लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी कहा कहना है कि अडानी अपने आरोपों को स्वीकार नहीं करेंगे. अडानी को गिरफ्तार न करने को लेकर राहुल गांधी ने सरकार की आलोचना भी की और कहा कि सरकार उनको बचा रही है. </p>
<p style="text-align: justify;">अडानी को लेकर राहुल गांधी से जब सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, “आपको लगता है कि अडानी आरोपों को स्वीकार करेंगे? जाहिर है कि वह आरोपों से इनकार करेंगे. मुद्दा यह है कि जैसा कि हमने कहा है, उन्हें गिरफ्तार किया जाना चाहिए. कई लोगों को छोटे आरोपों में गिरफ्तार किया जा रहा है और अडानी पर अमेरिका में हजारों करोड़ रुपये का आरोप है, उन्हें जेल में होना चाहिए और सरकार उन्हें बचा रही है</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>अमेरिकी भ्रष्टाचार प्रैक्टिस एक्ट के किसी भी उल्लंघन का आरोप नहीं</strong></p>
<p style="text-align: justify;">गौतम अडानी ग्रुप की ओर से आज (27 नवंबर, 2014) बयान जारी करते हुए कहा गया है कि अमेरिका भ्रष्टाचार प्रैक्टिस एक्ट के अंतर्गत आरोप लगाए जाने की खबरों में कोई सच्चाई नहीं है और गौतम अडानी, उनके भतीजे सागर अडानी और विनीत जैन पर यूएस डीओजी (US DOG) के अभियोग या यूएस एसईसी (US SEC) की सिविल शिकायत में निर्धारित मुकदमों में अमेरिकी भ्रष्टाचार प्रैक्टिस एक्ट के किसी भी उल्लंघन का आरोप नहीं है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>‘मीडिया में चलाई गई खबरें गलत’ </strong></p>
<p style="text-align: justify;">इसके पहले भी सोमवार को भी अडानी ग्रुप ने ब्राइबरी के आरोपी को आधारहीन बताया था. इसके बाद अब एजीईएल (AGEL) की ओर से स्टॉक एक्सचेंज फीलिंग में आज यह जानकारी दी गई कि इसमें गौतम अडानी, उनके भतीजे सागर अडानी और विनीत जैन पर किसी प्रकार का कोई आरोप नहीं है, जबकि अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट में केवल सीडीपीक्यू और एज्यूर अधिकारियों पर ब्राइबरी के आरोप लगाए गए हैं. अडानी समूह के अधिकारियों के खिलाफ घूस और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर मीडिया में चलाई गई खबरें गलत है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें- <a href="https://www.abplive.com/news/india/maharashtra-assembly-elections-2024-who-will-be-the-next-chief-minister-of-maharashtra-eknath-shinde-devendra-fadnavis-ajit-pawar-2831590">सस्पेंस हुआ खत्म! ये पांच बयान दे रहे संकेत कौन होगा महाराष्ट्र का अगला CM</a></strong></p>
'बांग्लादेश में स्थिति चिंताजनक, तुरंत कदम उठाए भारत सरकार', ISKCON ने उठाई मांग
<p style="text-align: justify;"><strong>Bangladesh Issues:</strong> अंतर्राष्ट्रीय श्री कृष्णा चेतना सोसाइटी (ISKCON) के कोलकाता शाखा ने बुधवार यानी को बांग्लादेश में उनके संन्यासियों और हिंदू वैष्णव धार्मिक समुदाय के अन्य सदस्यों पर हो रहे हमलों के खिलाफ भारत सरकार को सचेत किया. ISKCON के प्रवक्ता राधारमण दास ने कहा कि बांग्लादेश में हो रहे हमले और उत्पीड़न की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं और हाल ही में बांग्लादेश में ISKCON के संन्यासी चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी इसका ताजा उदाहरण है.</p>
<p style="text-align: justify;">राधारमण दास ने पीटीआई से कहा "चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी से पहले भी तीन महीनों से ISKCON और अन्य हिंदू धार्मिक संगठनों जैसे रामकृष्ण मिशन पर हमले हो रहे थे. इस तरह के हमले और धमकियों से स्थिति बेहद चिंताजनक हो गई है. हम भारत सरकार से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की अपील कर रहे हैं ताकि हमलों का शिकार हो रहे समुदायों की जान और संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके."</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>भारत सरकार और बांग्लादेश सरकार से कार्रवाई की अपील</strong></p>
<p style="text-align: justify;">ISKCON कोलकाता ने भारतीय विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय से आग्रह किया है कि वे बांग्लादेश सरकार पर दबाव डालें ताकि ऐसे हमले तुरंत रोके जा सकें. संगठन ने ये भी अपील की कि संयुक्त राष्ट्र (UN) इस स्थिति को गंभीरता से ले और चिन्मय कृष्ण दास की शीघ्र रिहाई सुनिश्चित करे जिन्हें अल्पसंख्यकों की सुरक्षा की मांग करने के कारण गिरफ्तार किया गया था.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>बांग्लादेश में हिंदू संन्यासी को लगातार मिल रही है धमकी</strong></p>
<p style="text-align: justify;">ISKCON के प्रवक्ता ने आगे कहा "हमारे संन्यासी बांग्लादेश के विभिन्न इलाकों में धमकियां प्राप्त कर रहे हैं और कुछ इस्लामिक तत्व उन्हें बंधक बनाने और शारीरिक रूप से नुकसान पहुंचाने की धमकी दे रहे हैं. इसके बावजूद स्थानीय प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं."</p>
<p style="text-align: justify;">बांग्लादेश पुलिस ने सोमवार (25 नवंबर) को चिन्मय कृष्ण दास को गिरफ्तार किया था और मंगलवार (26 नवंबर) को अदालत ने उन्हें जमानत देने से इनकार कर दिया जिससे स्थिति और भी तनावपूर्ण हो गई है. ISKCON की अपील है कि बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के खिलाफ हो रहे उत्पीड़न को रोका जाए और सभी संवेदनशील मुद्दों पर जल्द कार्रवाई की जाए.</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें:<a href="https://www.abplive.com/news/india/karnataka-saint-mahant-kumar-chandrashekharnath-swamiji-demands-to-revoke-muslims-voting-rights-2831492"> 'मुसलमानों का वोटिंग राइट खत्म हो, तो शांति होगी', वक्फ मुद्दे पर बड़े धर्मगुरु ने की अपील</a></strong></p>
<p> </p>
सस्पेंस हुआ खत्म! ये पांच बयान दे रहे संकेत कौन होगा महाराष्ट्र का अगला CM
<p style="text-align: justify;"><strong>Maharashtra New CM:</strong> महाराष्ट्र का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा? इस सवाल के जवाब को लेकर सियासी हलचल मची हुई है. अब ऐसा लग रहा है कि महायुति में सस्पेंस खत्म होने को है. इसी बीच बीजेपी ने संकेत दिया कि राज्य में मुख्यमंत्री पद के लिए बिहार के फार्मूले को दोहराने का कोई सवाल ही नहीं है.</p>
<p style="text-align: justify;">मंगलवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था, लेकिन मुख्यमंत्री पद को लेकर सस्पेंस बरकरार रहा. इसी बीच इन बयानों से साफ हो रहा है कि महाराष्ट्र का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा. </p>
<h4 style="text-align: justify;">'बिहार के फार्मूले को दोहराने का सवाल नहीं'</h4>
<p style="text-align: justify;">भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रेम शुक्ला ने हिंदुस्तान टाइम्स से कहा, "सबसे पहले, नीतीश कुमार को सीएम बनाने की घोषणा चुनाव से पहले की गई थी. महाराष्ट्र में, शिवसेना के साथ ऐसी कोई प्रतिबद्धता नहीं जताई गई थी. दूसरे, हमने बिहार में जनता दल (यूनाइटेड) के साथ गठबंधन किया ताकि भाजपा राज्य में पैठ बना सके इसलिए महाराष्ट्र में इसे दोहराने का कोई सवाल ही नहीं है."</p>
<p style="text-align: justify;">उन्होंने आगे कहा, " बिहार में लागू मॉडल महाराष्ट्र के लिए सही नहीं है. महाराष्ट्र में, इस तरह की प्रतिबद्धता की कोई वजह नहीं है क्योंकि हमारे पास एक मजबूत संगठनात्मक आधार और नेतृत्व है. </p>
<h4 style="text-align: justify;">रावसाहेब दानवे ने दावों को खारिज किया</h4>
<p style="text-align: justify;">पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा के चुनाव समन्वयक रावसाहेब दानवे ने कुछ शिवसेना नेताओं के दावों को खारिज कर दिया कि चुनाव से पहले <a title="एकनाथ शिंदे" href="https://www.abplive.com/topic/eknath-shinde" data-type="interlinkingkeywords">एकनाथ शिंदे</a> को शीर्ष पद का वादा किया गया था. उन्होंने कहा, "मुख्यमंत्री चुनने की प्रक्रिया शुरू हो गई है. दो पार्टियों ने पहले ही अपने विधायक दल के नेता नियुक्त कर दिए हैं और भाजपा जल्द ही एक नेता का चयन करेगी."</p>
<h4 style="text-align: justify;">रामदास अठावले ने देवेंद्र फडणवीस का समर्थन किया</h4>
<p style="text-align: justify;">केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने नई दिल्ली में कहा कि भाजपा ने फडणवीस को तीसरी बार मुख्यमंत्री बनाने का फैसला किया है, हालांकि पार्टी ने इसकी औपचारिक पुष्टि नहीं की है. नाम न बताने की शर्त पर एक भाजपा नेता ने इस बात पर जोर दिया कि जब तक मंत्रियों के विभागों का बंटवारा अंतिम रूप नहीं ले लेता, पार्टी अपने उम्मीदवार की घोषणा करने में जल्दबाजी नहीं करेगी.</p>
<h4 style="text-align: justify;">अध्यक्ष सुनील तटकरे ने कही ये बात</h4>
<p style="text-align: justify;">इंडिया टुडे टीवी से बातचीत में एनसीपी अध्यक्ष सुनील तटकरे ने कहा कि अजित पवार को सीएम बनना चाहिए लेकिन उन्होंने पार्टी की "व्यावहारिक सीमाओं" को भी स्वीकार किया. उन्होंने कहा कि पार्टी को "दिवास्वप्न नहीं देखना चाहिए. तटकरे ने कहा कि महायुति एक या दो दिन में सीएम पद पर फैसला लेगी. </p>
<h4 style="text-align: justify;">'महाराष्ट्र की जनता सच्चाई के साथ है'</h4>
<p style="text-align: justify;">भाजपा महाराष्ट्र प्रमुख चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा, "वो(विपक्ष) अभी तक सदमें में हैं कि क्या हुआ है. जब हारते हैं तो बोलते हैं कि EVM खराब है. खुद की स्थिति का आकलन करना चाहिए.हमने हर बूथ पर काम किया है. अब महाराष्ट्र की जनता सच्चाई के साथ है, महायुति के साथ है. उन्होंने महा विकास अघाड़ी को नकार दिया है."</p>
Tuesday, November 26, 2024
Bangladesh: ISCKON के चिन्मय प्रभु की गिरफ्तारी पर भारत की बांग्लादेश को दो टूक! कहा-'हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करो'
<p>भारत ने मंगलवार (26 नवंबर, 2024) को बांग्लादेश में ISKCON पुजारी चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी की निंदा की. विदेश मंत्रालय ने चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी को लेकर चिंता व्यक्ति की और कहा कि यह घटना बांग्लादेश में चरमपंथी तत्वों की ओर से हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों पर कई हमलों के बाद हुई है. दुर्भाग्य से इन घटनाओं के अपराधी अभी भी फरार हैं. </p>
<p><strong>(ये खबर ब्रेक की गई है, लगातार अपडेक की जा रही है...)</strong></p>
Monday, November 25, 2024
भारत में ड्रग तस्करी पर बड़ी कार्रवाई, अंडमान में मछली पकड़ने वाली नाव से 5 टन ड्रग्स की खेप जब्त
<p style="text-align: justify;"><strong>Biggest Drug Bust:</strong> भारतीय तट रक्षक (ICG) ने अंडमान सागर में एक मछली पकड़ने वाली नाव से लगभग 5 टन ड्रग्स की खेप जब्त की है. रक्षा अधिकारियों ने ये जानकारी दी है. दावा है कि ये अब तक की जब्त होने वाली नशीली दवाओं की सबसे बड़ी खेप होने की संभावना है.</p>
<p style="text-align: justify;">यह बरामदगी ड्रग तस्करी और माफियाओं के खिलाफ चलाए जा रहे बड़े अभियान का हिस्सा है. इससे पहले महीने के शुरुआत में नारकोटिक्स नियंत्रण ब्यूरो (NCB) और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने गुजरात तट से 700 किलो मेथामफेटामाइन (मिथ) बरामद किया था. बता दें कि इस कार्रवाई में आठ ईरानी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया था. भारतीय जलक्षेत्र में हो रही इन घटनाओं से ये स्पष्ट है कि समुद्री मार्ग के जरिए नशीली दवाओं का व्यापार बढ़ता ही जा रहा है जिसे रोकने के लिए सरकार लगातार गंभीर कदम उठा रही है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>भारतीय तट रक्षक ने चलाया ऑपरेशन 'सागर मंथन-4'</strong></p>
<p style="text-align: justify;">इस ड्रग तस्करी को रोकने के लिए भारतीय तट रक्षक, भारतीय नौसेना और गुजरात पुलिस के आतंकवाद-रोधी दस्ते ने मिलकर ऑपरेशन 'सागर मंथन-4' चलाया था. इस ऑपरेशन में खुफिया जानकारी के आधार पर एक विशेष जहाज की पहचान की गई जिसे नौसेना ने अपने समुद्री गश्ती जहाजों के माध्यम से पकड़ा. केंद्रीय गृहमंत्री <a title="अमित शाह" href="https://www.abplive.com/topic/amit-shah" data-type="interlinkingkeywords">अमित शाह</a> ने इस सफलता को सराहते हुए इसे सरकार की नशीली दवाओं के खिलाफ मजबूत प्रतिबद्धता और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतरीन समन्वय का उदाहरण बताया.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>नशीली दवाइयों की तस्करी में बड़ी सफलता</strong></p>
<p style="text-align: justify;">2024 में अब तक समुद्री रास्ते से तस्करी कर लाए गए 3500 किलोग्राम नशीले पदार्थों को जब्त किया जा चुका है. इन कार्यवाहियों में 11 ईरानी और 14 पाकिस्तानी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है. ये सभी विदेशी नागरिक वर्तमान में न्यायिक हिरासत में हैं और उनके खिलाफ कोर्ट में सुनवाई चल रही है. इस तरह के कई बड़े ऑपरेशनों से ये सिद्ध होता है कि सरकार नशीली दवाओं की तस्करी को रोकने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://www.abplive.com/trending/ajaz-khan-has-responded-to-his-trollers-after-getting-155-votes-in-maharashtra-election-video-viral-2830031">चुनाव में 155 वोट मिलने के बाद जमकर ट्रोल हो रहे एजाज खान, अब जवाब वाला वीडियो हो रहा वायरल</a></strong></p>
लॉरेंस बिश्नोई गैंग करता है ये बिजनेस, क्लब से लेकर ऑनलाइन गेमिंग से कमाते हैं मोटा पैसा
<p>लॉरेंस बिश्नोई (Lawrence Bishnoi) इस वक्त भारत में अपराध की दुनिया का सबसे बड़ा नाम है. देश-विदेश में हुई कई बड़ी हत्याओं में इसका नाम शामिल है. कहा जाता है कि जेल में बैठे-बैठे ये पूरी क्राइम की दुनिया पर राज करता है. चलिए, इस खबर में जानते हैं कि आखिर अपराध की दुनिया में अपनी जड़ें जमाने के लिए लॉरेंस बिश्नोई गैंग पैसे का इंतजाम कहां से करता है. क्या यह गैंग सिर्फ एक्सटॉर्शन मनी से पैस कमाता है या कई और तरह के भी बिजनेस करता है.</p>
<p><strong>क्लब और सट्टे का बिजनेस</strong></p>
<p>एक्सटॉर्शन मनी के साथ-साथ लॉरेंस बिश्नोई गैंग क्लब और सट्टे से भी मोटा पैसा कमाता है. एनबीटी की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस की पूछताछ में लॉरेंस बिश्नोई ने बताया था कि उसके गैंग के मेंबर्स और सटोरियों के बीच सांठगांठ और वह लोग सट्टे के बिजनेस से मोटा पैसा कमाते हैं. वहीं, क्लब के बिजनेस के बारे में जब लॉरेंस बिश्नोई से पूछा गया तो उसने बताया था कि बैंकॉक का मनीष भंडारी, बैंकॉक और पटाया में मोजूद कई क्लबों का मालिक है और वहां से कमाए पैसे को वह लॉरेंस बिश्नोई गैंग में लगाता है. यहीं से आए पैसों से लॉरेंस बिश्नोई गैंग हथियार खरीदता है और अपने शूटरों की जेब भरता है.</p>
<p><strong>ऑनलाइन गेमिंग का बिजनेस</strong></p>
<p>लॉरेंस बिश्नोई गैंग ऑनलाइन गेमिंग का भी बिजनेस करता है. एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, लॉरेंस बिश्नोई गैंग क्राइम से मिले पैसों का इस्तेमाल ऑनलाइन गेमिंग के बिजनेस में कर रहा है. ऑनलाइन गेमिंग का पूरा सेटअप दुबई से ऑपरेट होता है. जबकि, भारत में इसके कर्ताधर्ता राजस्थान, गुजरात और दिल्ली के बड़े बुकी हैं. ये लोग देश में युवाओं के बीच ऐप का प्रमोशन करते हैं और उसे संचालित करते हैं.</p>
<p>दिल्ली पुलिस को इस मामले में पुख़्ता सुबूत मिले थे कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग के गोल्डी बराड और रोहित गोदारा जैसे अपराधी गेमिंग ऐप के बिजनेस को भारत में तेजी से फैलाने पर सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं. आपको बता दें, दुनियाभर में ऑनलाइन गेमिंग का बिजनेस साल 2022 तक, 249.55 बिलियन अमेरिकी डॉलर का था. वहीं, साल 2023 में यह बढ़कर 281.77 बिलियन अमेरिकी डॉलर का हो गया. अनुमान है कि साल 2030 तक, ऑनलाइन गेमिंग का मार्केट 665.77 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच सकता है.</p>
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जम्मू-कश्मीर: शासन की गति धीमी, नियमों की परिभाषा पर टिकी उम्मीदें
<p style="text-align: justify;" data-pm-slice="1 1 []"><strong>Governance Rules Jammu Kashmir Pending: </strong>केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में नई सरकार के एक महीने बाद भी सरकार की शक्तियों को लेकर अस्पष्टता बनी हुई है. केंद्रीय गृह मंत्रालय (एमएचए) ने अब तक ‘व्यावसायिक नियम’ (Business Rules) को परिभाषित नहीं किया है जो कैबिनेट, मुख्यमंत्री, मंत्रियों और प्रशासनिक सचिवों की शक्तियों को स्पष्ट करेंगे. ये नियम जम्मू-कश्मीर के राज्य से केंद्र शासित प्रदेश में बदलने के बाद अनिवार्य हो गए थे. सूत्रों के अनुसार जम्मू-कश्मीर सरकार ने इन नियमों का मसौदा तैयार कर केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेज दिया है, लेकिन केंद्रीय गृह मंत्री की व्यस्तताओं के कारण मंजूरी में देरी हो रही है.</p>
<p style="text-align: justify;">हालांकि जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम 2019 ने अधिकांश शक्तियों को परिभाषित किया है, लेकिन गृह मंत्रालय की मंजूरी के बिना पूरी तरह से स्पष्टता नहीं आई है. सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) ने हितधारकों से परामर्श करके ‘व्यावसायिक नियम’ तैयार किए, जिन्हें गृह मंत्रालय को भेजा गया है. इन नियमों में मुख्यमंत्री, मंत्रियों और प्रशासनिक सचिवों के अधिकारों की स्पष्टता आनी बाकी है जिसके कारण सरकार के कामों में थोड़ी कठिनाई हो रही है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>विधानसभा और मंत्रिपरिषद में बदलाव की उम्मीदें</strong></p>
<p style="text-align: justify;">अब्दुल रहीम राथर, विधानसभा अध्यक्ष, नियम बनाने वाली समिति के अध्यक्ष होंगे और जल्द ही विधानसभा के कामकाजी नियम तैयार किए जाएंगे. वर्तमान में विधानसभा का बजट सत्र पुराने नियमों के अनुसार चलेगा क्योंकि नए नियम बनने में अभी समय लग सकता है. इसके साथ ही मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व में वित्त मंत्रालय की जिम्मेदारी संभालने की संभावना है और अगले साल बजट सत्र के दौरान जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश का पहला बजट पेश किया जाएगा.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>केंद्र शासित प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली में जल्द आ सकती है स्पष्टता</strong></p>
<p style="text-align: justify;">केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से ‘कामकाजी नियम’ जारी होने के बाद सरकार की कार्यप्रणाली में स्पष्टता आएगी. हालांकि इस समय सरकार और प्रशासन विभिन्न विभागों के साथ बैठकें कर रही है और बजट प्रक्रिया को तेज करने की योजना बना रही है. मंत्रिपरिषद का विस्तार अभी बाकी है जिसमें मुख्यमंत्री सहित नौ मंत्री हो सकते हैं.</p>
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Sunday, November 24, 2024
संभल में पथराव पर भड़कीं कंगना रनौत, बोलीं- शरिया कानून लागू करने की कोशिश...
<p style="text-align: justify;"><strong>Sambhal Violence:</strong> उत्तर प्रदेश के संभल जिले में हाल ही में हुई पथराव की घटना पर भाजपा सांसद कंगना रनौत ने गहरी चिंता जताई है. कंगना ने इस घटना को लेकर एक ट्वीट किया जिसमें उन्होंने देश के कई हिस्सों में हिंदू समुदाय के लिए बढ़ते सुरक्षा खतरे की ओर इशारा किया. कंगना ने कहा कि ये कोई नई बात नहीं है कि हिंदू समुदाय को कुछ क्षेत्रों में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाती और कुछ जगहों पर शरिया कानून के प्रभाव को बढ़ाने की कोशिश की जा रही है.</p>
<p style="text-align: justify;">कंगना ने अपने बयान में ये भी कहा कि "कुछ इलाकों में शरणार्थियों को फर्जी पहचान पत्र दिए जा रहे हैं जिससे समाज में विभाजन बढ़ रहा है. उनका कहना था कि हमारे देश में कुछ स्थानों पर धार्मिक और सांस्कृतिक एकता को खतरे में डाला जा रहा है. कंगना के अनुसार इस तरह की घटनाएं एकजुटता के लिए गंभीर खतरा साबित हो सकती हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>कंगना का 'एक हैं तो सेफ हैं' नारे पर कही बड़ी बात </strong></p>
<p style="text-align: justify;">कंगना ने अपने बयान में भाजपा की नीति 'एक हैं तो सेफ हैं' और 'बटेंगे तो कटेंगे' का जिक्र करते हुए कहा कि यह मंत्र हमें अपने देश में एकजुट रहने की जरूरत को समझाता है. उन्होंने अपने समर्थकों से अपील की कि सभी को अपने धर्म और संस्कृति की रक्षा करने के लिए एक साथ खड़ा होना होगा. कंगना का ये बयान राजनीति में एक नई बहस को जन्म दे सकता है जिसमें धार्मिक और सांस्कृतिक एकता पर सवाल उठाए जा रहे हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>लोगों से की एकजुटता की अपील</strong><br />कंगना ने अपने बयान में यह भी कहा कि हिंदू समुदाय को किसी भी प्रकार के दबाव से मुक्त होकर एकजुट रहना चाहिए ताकि देश में शांति और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके. उनके अनुसार यह समय की मांग है कि हम देश के भीतर एकता बनाए रखें और किसी भी तरह की असहमति या टकराव से बचें.</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://www.abplive.com/photo-gallery/states/up-uk-sambhal-jama-masjid-stone-pelting-in-sambhal-10-detained-2-dead-see-pics-of-stone-pelting-2829586">Sambhal Jama Masjid: संभल में पत्थरबाजी, 10 हिरासत में, 2 की मौत, सपा, बसपा ने सरकार पर लगाए आरोप, बीजेपी ने विपक्ष को घेरा</a></strong></p>
Maharashtra Election Results 2024: महायुति या अघाड़ी... 1 लाख से ज्यादा मुस्लिम आबादी वाली सीटों पर किसे मिली जीत?
Maharashtra Election Results 2024: महायुति या अघाड़ी... 1 लाख से ज्यादा मुस्लिम आबादी वाली सीटों पर किसे मिली जीत?
Saturday, November 23, 2024
जानिए उन नेताओं को जो पहले थे मुख्यमंत्री और फिर बने डिप्टी सीएम, क्या एकनाथ शिंदे का जुड़ेगा नाम?
<p style="text-align: justify;">कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष डीके शिवकुमार के शपथ ग्रहण लेने और पद संभालते ही देश के ग्यारह राज्यों में डिप्टी सीएम हो गये थे. अभी महाराष्ट्र में महायुति की शानदार जीत के साथ ही यह अटकलें भी लगने लगीं कि अब अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, कुछ कयास इस तरह के भी थे कि फडणवीस सीएम बनेंगे और एकनाथ शिंदे को फिर से डिप्टी सीएम बनना पड़ेगा. वैसे भारतीय राजनीति में पद की परंपरा लंबी है, भले ही यह संविधान में उल्लिखित पद हो या न हो. कांग्रेस के अनुग्रह नारायण सिन्हा पहले ऐसे नेता थे, जो डिप्टी सीएम बने. उन्होंने 1946 में ही बिहार में डिप्टी सीएम का पद संभाला था. उनका निधन (1957) होने तक वह इस पद पर रहे. वह बिहार के कद्दावर नेताओं में से एक थे. उन्हें आधुनिक बिहार का निर्माता भी कहा जाता है. उनके बाद भी बिहार में कर्पूरी ठाकुर, राम जयपाल सिंह यादव, सुशील कुमार मोदी और तेजस्वी प्रसाद यादव इस पद पर बैठे.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>डिप्टी सीएम का पद पारंपरिक</strong></p>
<p style="text-align: justify;">डिप्टी सीएम का पद दरअसल समझौतों और गठबंधन का है. राजनीतिक पार्टी इस पद पर अपने वरिष्ठ नेता को या फिर गठबंधन साझीदार के किसी नेता को बिठाती रही है. ऐसा समझा जाता है जब मुख्यमंत्री के समकक्ष ही पार्टी या गठबंधन के भीतर कोई दूसरा नेता भी होता है तो उन्हें डिप्टी पद दे दिया जाता है, साझा प्रोग्राम और समन्वय में सुविधा हो, इसके तहत डिप्टी सीएम बनाये जाते हैं. डिप्टी सीएम को किसी अन्य कैबिनेट मंत्री के रूप में एक या दो पोर्टफोलियो मिलते हैं और मुख्यमंत्री की गैरहाजिरी में डिप्टी सीएम ही राज्य के प्रशासन के प्रमुख होते हैं. वैसे, कुल मिलाकर ये संतुलन के लिए ही किया जानेवाला काम है. यह संविधान में उल्लिखित पद नहीं है, लेकिन गठबंधनों के दौर में बहुत महत्वपूर्ण माने जाते हैं. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>सीएम बन गए डिप्टी सीएम</strong></p>
<p style="text-align: justify;">महाराष्ट्र में देवेंद्र फडणवीस फिलहाल डिप्टी सीएम हैं, लेकिन वे इसके पहले सीएम थे. इसी तरह कुछ और उदाहरण भी हैं. भारत में ऐसे कई मुख्यमंत्री रहे हैं, जो बाद में राजनीतिक परिस्थितियों, गठबंधन की राजनीति या पार्टी के आंतरिक समीकरणों के कारण उपमुख्यमंत्री बने. वैसे, यह विरले ही होता है, क्योंकि मुख्यमंत्री का पद सर्वोच्च होता है, और आमतौर पर उससे नीचे के पद को स्वीकार करना असामान्य माना जाता है. इसके बावजूद पार्टी हाईकमान के आदेश या गठबंधन की मजबूरी के तहत ऐसा हो सकता है. </p>
<div style="text-align: justify;"><strong>मुख्यमंत्री से डिप्टी मुख्यमंत्री बने प्रमुख नेता</strong></div>
<div style="text-align: justify;"> </div>
<div style="text-align: justify;">देवेंद्र फडणवीस महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री: 2014-2019 तक रहे, फिर अभी 2022 से अब तक डिप्टी सीएम हैं. तमिलनाडु में पनीरसेल्वम का कार्यकाल भी ऐसे ही उलटफेर वाला रहा। मुख्यमंत्री के तौर पर उनका पहला कार्यकाल: 2001-2002, दूसरा कार्यकाल: 2014-2015 तक और फिर वह डिप्टी सीएम के तौर पर 2017-2021 तक कार्यरत रहे. वह AIADMK पार्टी में सत्ता-संघर्ष के बाद उपमुख्यमंत्री बने.</div>
<div style="text-align: justify;">बाबूलाल मरांडी (झारखंड) भी ऐसा ही नाम हैं. वह झारखंड के पहले मुख्यमंत्री थे और 2000-2003 तक इस पद पर रहे और बाद में गठबंधन की राजनीति के तहत डिप्टी सीएम भी रहे. </div>
<div style="text-align: justify;"> </div>
<div style="text-align: justify;"><strong>मुख्यमंत्री से डिप्टी मुख्यमंत्री बनने के कारण</strong></div>
<div style="text-align: justify;"> </div>
<div style="text-align: justify;">इसके लिए .गठबंधन की राजनीति जिम्मेदार होती है. सरकार बनाने के लिए नेताओं को पद स्वीकार करना पड़ता है. पार्टी का आंतरिक दबाव यानी पार्टी के वरिष्ठ नेता या केंद्रीय नेतृत्व के फैसले से ऐसा होता है. सत्ता का संतुलन बनाने के लिए, क्षेत्रीय और राष्ट्रीय दलों के बीच सत्ता-साझा करने के लिए भी यह किया जाता है. हालांकि, यह संख्या सीमित है क्योंकि ज्यादातर मुख्यमंत्री पद के बाद या तो सक्रिय राजनीति छोड़ देते हैं या फिर केंद्र की राजनीति में चले जाते हैं. </div>
<div style="text-align: justify;"> </div>
<div style="text-align: justify;">अब सवाल ये है कि क्या <a title="एकनाथ शिंदे" href="https://www.abplive.com/topic/eknath-shinde" data-type="interlinkingkeywords">एकनाथ शिंदे</a> का भविष्य भी ऐसा ही होनेवाला है. उनके धड़े को सीटें तो ठीकठाक मिल गयी हैं, लेकिन उन्होंने पद की दौड़ में नहीं होने की घोषणा भी कर दी है, तो ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि वे सीएम बनते हैं या डिप्टी सीएम? </div>
Maharashtra Election Reslts 2024: RSS के गढ़ नागपुर सेंट्रल में बीजेपी पीछे, दिलचस्प हो रहा महाराष्ट्र का रिजल्ट
<p style="text-align: justify;"><strong>Maharashtra Assembly Election Result 2024 Latest News: </strong><a title="महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव" href="https://www.abplive.com/topic/maharashtra-assembly-election-2024" data-type="interlinkingkeywords">महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव</a> में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की अगुवाई वाला गठबंधन महायुति बड़ी जीत की ओर बढ़ रहा है. पार्टी के नेता और कार्यकर्ता जीता का जश्न मना रहे हैं, लेकिन इन सबके बीच एक सीट ऐसी भी है जिसके नतीजों ने बीजेपी के सीनियर नेताओं की चिंता बढ़ा दी है.</p>
<p style="text-align: justify;">हम बात कर रहे हैं नागपुर सेंट्रल विधानसभा सीट की. आरएसएस के गढ़ नागपुर में आने वाली इस सीट पर इस बार कांग्रेस प्रत्याशी जीत की तरफ बढ़ते दिख रहे हैं, जबकि बीजेपी के उम्मीदवार पीछे होते जा रहे हैं. आइए जानते हैं क्या है इस सीट की स्थिति और क्यों बीजेपी के लिए यहां हार चिंता का विषय हो सकती है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>बढ़ता जा रहा वोट का अंतर</strong></p>
<p style="text-align: justify;">इस सीट पर दोपहर 2 बजे तक 9 राउंड की गिनती के बाद कांग्रेस के उम्मीदवार बंटी बाबा शेल्के 37515 वोटों के साथ पहले नंबर पर थे, जबकि बीजेपी उम्मीदवार डटके प्रवीण प्रभाकरराव 26638 वोटों के साथ दूसरे नंबर पर थे. वह बंटी बाबा से करीब 10 हजार वोटों से पीछे चल रहे थे. तीसरे नंबर पर निर्दलीय उम्मीदवार रमेश गणपति पुनेकर थे, जिन्हें कुल 16140 वोट मिले थे. यहां बसपा उम्मीदवार चौथे नंबर पर थे.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यहां तीन बार से जीतती आ रही है बीजेपी</strong></p>
<p style="text-align: justify;">इस सीट के पिछले नतीजों की बात करें तो इसे हमेशा से बीजेपी का गढ़ माना जाता है. यहां से बीजेपी तीन बार से जीत दर्ज कर रही है. 2019 में हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी के विकास शंकरराव कुंभारे ने कांग्रेस के बंटी बाबा शेक्ले को हराया था. इस बार बीजेपी ने विकास शंकरराव का टिकट काटकर डटके प्रवीण को मौका दिया था. 2014 में भी इस सीट पर विकास शंकरराव कुंभारे ने जीत दर्ज की थी. तब उन्होंने कांग्रेस के अनीस अहमद को हराया था.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें</strong></p>
<p style="text-align: justify;"><strong><a title="Bihar By-Election Results 2024: दूसरों को सत्ता तक पहुंचाने वाले प्रशांत किशोर सेमीफाइनल में ही फेल, जानें उपचुनाव में क्या रहा हाल?" href="https://www.abplive.com/elections/bihar-by-election-results-2024-prashant-kishor-party-jansuraaj-performance-on-4-seats-rjd-jdu-bjp-nda-2828962" target="_self">Bihar By-Election Results 2024: दूसरों को सत्ता तक पहुंचाने वाले प्रशांत किशोर सेमीफाइनल में ही फेल, जानें उपचुनाव में क्या रहा हाल?</a></strong></p>
चुनाव महाराष्ट्र का नतीजे हरियाणा वाले! BJP को उम्मीद से ज्यादा, कांग्रेस को फिर निराशा
<p style="text-align: justify;">हरियाणा में हार से कांग्रेस अभी पूरी तरह उबरी भी नहीं थी कि ठीक वैसा ही बड़ा झटका पार्टी को महाराष्ट्र में लगा है. यहां पर कांग्रेस ये उम्मीद कर रही थी कि महाविकास अघाड़ी कुछ कमाल दिखाएगा और उस भरोसे पार्टी अपने आपको मजबूत करेगी. लेकिन उसके इस भरोसे और उम्मीदों पर ऐसा पानी फिरा कि पार्टी को समझ नहीं आ रहा, ऐसा कैसे हो गया. </p>
<p style="text-align: justify;">दरअसल, हरियाणा में जब इससे पहले विधानसभा का चुनाव हुआ, उस वक्त बीजेपी ये मानकर चल रही थी कि उसके हाथ से वहां की सत्ता निकल रही है. पीएम मोदी समेत पार्टी के बड़े नेताओं ने उस तरह से प्रचार कर ताकत नहीं झोंकी, जैसा अमूमन अन्य राज्यों में दिखता है. लेकिन, पूरे चुनाव के दौरान हरियाणा में बीजेपी नेताओं ने कोई बड़ा बयान नहीं दिया, सिर्फ अपनी रणनीति बनाकर चुपचाप उस पर अमल करते रहे.</p>
<p style="text-align: justify;">दूसरी तरफ आत्मविश्वास से लबाबल कांग्रेस यही सोचती रह गई कि सत्ता में आए तो कमान किसके हाथ जाएगी. लेकिन, उसके बाद जो हुआ वो सब लोगों के सामने था. आज बिल्कुल यही महाराष्ट्र के रुझानों में देखने को मिला है. खुद बीजेपी के सीनियर नेता और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने ये माना कि उन्हें उम्मीद से ज्यादा सीटें मिली है. </p>
<p style="text-align: justify;">एक फैक्टर देखने को ये मिला कि जिस तरह से <a title="लोकसभा चुनाव" href="https://www.abplive.com/topic/lok-sabha-election-2024" data-type="interlinkingkeywords">लोकसभा चुनाव</a> में कांग्रेस का निराशाजनक प्रदर्शन रहा, उसकी वजह से उसकी बारगेनिंग पावर सहयोगी दलों में कम हुई थी. लेकिन, उससे भी ज्यादा मार उसे अपने ही बागियों से पड़ी. हरियाणा में भी उसके खिलाफ अपने ही पार्टी के उतरे बागी नेताओं ने कई पार्टी उम्मीदवारों को हराने का काम किया था.</p>
<p style="text-align: justify;">महाराष्ट्र में भी कुछ यही हाल देखने को मिला, जहां पर कई ऐसी सीटें थी, जो कांग्रेस के हाथ आ सकती थी, वहां पर कांग्रेस पार्टी के बागी नेताओं ने खेल बिगाड़ने का काम किया. यानी, एक तो हरियाणा में हार के चलते सहयोगी दलों के बीच कांग्रेस की बारगेनिंग पावर और कम हुई, उसके बावजूद जिस तरह के नतीजे आए उसने फिर हरियाणा जैसा झटका दिया है.</p>
Friday, November 22, 2024
Assembly Election Results 2024 Live: झारखंड-महाराष्ट्र में किसे मिलेगी सत्ता, कौन होगा बेदखल? आज हो जाएगा तय
<p style="text-align: justify;">महाराष्ट्र और झारखंड विधानसभा चुनाव में वोटों की गिनती शनिवार (23 नवंबर) सुबह 8 बजे से होगी. महाराष्ट्र में एक चरण में सभी 288 सीटों पर मतदान हुआ था. जबकि 81 सीटों वाले झारखंड में दो चरणों में मतदान हुआ. दोनों राज्यों के नतीजे एक साथ आ रहे हैं. </p>
<p style="text-align: justify;">झारखंड और महाराष्ट्र में चुनाव नतीजों से पहले एग्जिट पोल के आंकड़े सामने आए. ज्यादातर एग्जिट पोल महाराष्ट्र और झारखंड में एनडीए की सरकार बनाने के पक्ष में हैं. जबकि कुछ एग्जिट पोल झारखंड में त्रिशंकु और महाराष्ट्र में महाविकास अघाड़ी की सरकार की संभावना भी जता रहे हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>2019 में कैसे थे नतीजे?<br /></strong><br />महाराष्ट्र में 288 सीटें हैं. बहुमत के लिए 145 सीटों की जरूरत है. 2019 विधानसभा चुनाव में महाराष्ट्र में बीजेपी ने 105 सीटें जीती थीं. जबकि शिवसेना को 56, एनसीपी को 54 और कांग्रेस को 44 सीटें मिली थीं. तब शिवसेना और एनसीपी दो गुटों में नहीं बंटी थी. 2019 में राज्य में शिवसेना और बीजेपी साथ चुनाव लड़ी थी. जबकि एनसीपी और कांग्रेस एक साथ चुनाव मैदान में थे. शिवसेना-बीजेपी गठबंधन को बहुमत मिला था. लेकिन सीएम चेहरे को लेकर दोनों अलग हो गए थे. इसके बाद उद्धव ठाकरे ने कांग्रेस और एनसीपी के समर्थन से सरकार बनाई थी. हालांकि, ये सरकार 2.5 साल चली. शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे ने 40 विधायकों के साथ बगावत कर दी थी और बीजेपी के समर्थन से सरकार में आ गए. बाद में एनसीपी भी दो गुटों में बंट गई. अजित पवार खेमा शिंदे-बीजेपी सरकार में शामिल हो गए. </p>
<p style="text-align: justify;">2019 में झारखंड चुनाव के लिए वोटिंग 30 नवंबर को हुई थी और नतीजे 20 दिसंबर को आए थे. 81 सीटों वाले झारखंड में बहुमत के लिए 42 सीटें चाहिए. पिछले चुनाव में कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा गठबंधन को इस चुनाव में जीत मिली थी. तब जेएमएम ने 30 सीटें जीती थीं, जबकि बीजेपी को 25 और कांग्रेस को 16 सीटें मिली थीं. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>झारखंड में कौन सी पार्टी किस गठबंधन में?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">झारखंड में एनडीएम में बीजेपी 68, AJSU 10, JDU 2 और लोजपा-1 पर चुनाव लड़ रही है. वहीं, INDIA गठबंधन में जेएमएम 43, कांग्रेस 30, RJD 6 और लेफ्ट पार्टियां 3 सीटों पर चुनाव लड़ रही हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>महाराष्ट्र में कौन सी पार्टी किस गठबंधन में?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">महायुति गठबंधन में शामिल भाजपा 149 सीट पर, शिवसेना 81 सीट पर और अजित पवार के नेतृत्व वाली NCP ने 59 सीट पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं. विपक्षी गठबंधन एमवीए में शामिल कांग्रेस ने 101 उम्मीदवार, शिवसेना (उबाठा) ने 95 और राकांपा (शरदचंद्र पवार) ने 86 उम्मीदवार उतारे हैं. राज ठाकरे की मनसे, बहुजन समाज पार्टी (बसपा), सपा और AIMIM समेत छोटे दल भी चुनाव मैदान में हैं. राज्य की 288 सीटों पर चुनाव में बसपा ने 237 उम्मीदवार और एआईएमआईएम ने 17 उम्मीदवार उतारे हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>झारखंड विधानसभा चुनाव: एग्जिट पोल 2024<br />कुल सीटें- 81, बहुमत- 42<br /></strong></p>
<table style="border-collapse: collapse; width: 100%; height: 176px;" border="1">
<tbody>
<tr style="height: 22px;">
<td style="width: 25%; height: 22px;"><strong>एजेंसी</strong></td>
<td style="width: 25%; height: 22px;"><strong>बीजेपी गठबंधन</strong></td>
<td style="width: 25%; height: 22px;"><strong>कांग्रेस गठबंधन</strong></td>
<td style="width: 25%; height: 22px;"><strong>अन्य</strong></td>
</tr>
<tr style="height: 22px;">
<td style="width: 25%; height: 22px;">Axis My India</td>
<td style="width: 25%; height: 22px;">25</td>
<td style="width: 25%; height: 22px;">53</td>
<td style="width: 25%; height: 22px;">3</td>
</tr>
<tr style="height: 22px;">
<td style="width: 25%; height: 22px;">Matrize</td>
<td style="width: 25%; height: 22px;">42-47</td>
<td style="width: 25%; height: 22px;">25-30</td>
<td style="width: 25%; height: 22px;">1-4</td>
</tr>
<tr style="height: 22px;">
<td style="width: 25%; height: 22px;">People Pulse</td>
<td style="width: 25%; height: 22px;">44-53</td>
<td style="width: 25%; height: 22px;">25-37</td>
<td style="width: 25%; height: 22px;">5-9</td>
</tr>
<tr style="height: 22px;">
<td style="width: 25%; height: 22px;">Times Now JVC </td>
<td style="width: 25%; height: 22px;">40-44</td>
<td style="width: 25%; height: 22px;"> 30-40</td>
<td style="width: 25%; height: 22px;">1-1</td>
</tr>
<tr style="height: 22px;">
<td style="width: 25%; height: 22px;">सी वोटर्स </td>
<td style="width: 25%; height: 22px;">36</td>
<td style="width: 25%; height: 22px;">26</td>
<td style="width: 25%; height: 22px;">19</td>
</tr>
<tr style="height: 22px;">
<td style="width: 25%; height: 22px;">चाणक्य</td>
<td style="width: 25%; height: 22px;">45-50</td>
<td style="width: 25%; height: 22px;">35-38</td>
<td style="width: 25%; height: 22px;">03-05</td>
</tr>
<tr style="height: 22px;">
<td style="width: 25%; height: 22px;">भास्कर रिपोटर्स पोल</td>
<td style="width: 25%; height: 22px;">37-40</td>
<td style="width: 25%; height: 22px;">36-39</td>
<td style="width: 25%; height: 22px;">0-2</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p style="text-align: justify;"><strong><a title="महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव" href="https://www.abplive.com/topic/maharashtra-assembly-election-2024" data-type="interlinkingkeywords">महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव</a> एग्जिट पोल<br />कुल सीटें- 288, बहुमत के लिए- 145</strong></p>
<table style="border-collapse: collapse; width: 98.4069%; height: 242px;" border="1">
<tbody>
<tr style="height: 22px;">
<td style="width: 25%; height: 22px;"><strong>एजेंसी</strong></td>
<td style="width: 25%; height: 22px;"><strong>बीजेपी गठबंधन</strong></td>
<td style="width: 25%; height: 22px;"><strong>कांग्रेस गठबंधन</strong></td>
<td style="width: 25%; height: 22px;"><strong>अन्य</strong></td>
</tr>
<tr style="height: 22px;">
<td style="width: 25%; height: 22px;">Peoples Pulse</td>
<td style="width: 25%; height: 22px;">175-195</td>
<td style="width: 25%; height: 22px;">85-112</td>
<td style="width: 25%; height: 22px;">7-12</td>
</tr>
<tr style="height: 22px;">
<td style="width: 25%; height: 22px;">चाणक्य स्‍ट्रैटिटीज</td>
<td style="width: 25%; height: 22px;">152-160</td>
<td style="width: 25%; height: 22px;">130-138</td>
<td style="width: 25%; height: 22px;">8-10</td>
</tr>
<tr style="height: 22px;">
<td style="width: 25%; height: 22px;">P marq</td>
<td style="width: 25%; height: 22px;">137-157</td>
<td style="width: 25%; height: 22px;">126-146</td>
<td style="width: 25%; height: 22px;">2-8</td>
</tr>
<tr style="height: 22px;">
<td style="width: 25%; height: 22px;">News 18- मैट्रिज </td>
<td style="width: 25%; height: 22px;">150-170</td>
<td style="width: 25%; height: 22px;">110-130</td>
<td style="width: 25%; height: 22px;">8-10</td>
</tr>
<tr style="height: 22px;">
<td style="width: 25%; height: 22px;">Poll Diary </td>
<td style="width: 25%; height: 22px;">122-186</td>
<td style="width: 25%; height: 22px;">69-121</td>
<td style="width: 25%; height: 22px;">12-29</td>
</tr>
<tr style="height: 22px;">
<td style="width: 25%; height: 22px;">भास्कर रिपोर्टस पोल</td>
<td style="width: 25%; height: 22px;">125-140</td>
<td style="width: 25%; height: 22px;">135-150</td>
<td style="width: 25%; height: 22px;">20-25</td>
</tr>
<tr style="height: 22px;">
<td style="width: 25%; height: 22px;">इलेक्टोरल एज</td>
<td style="width: 25%; height: 22px;">118</td>
<td style="width: 25%; height: 22px;">150</td>
<td style="width: 25%; height: 22px;">20</td>
</tr>
<tr style="height: 22px;">
<td style="width: 25%; height: 22px;">रिपब्लिक</td>
<td style="width: 25%; height: 22px;">137-157</td>
<td style="width: 25%; height: 22px;">126-146</td>
<td style="width: 25%; height: 22px;">2-8</td>
</tr>
<tr style="height: 22px;">
<td style="width: 25%; height: 22px;">लोकशाही मराठी रुद्र</td>
<td style="width: 25%; height: 22px;">128-142</td>
<td style="width: 25%; height: 22px;">125-140</td>
<td style="width: 25%; height: 22px;">18-23</td>
</tr>
<tr style="height: 22px;">
<td style="width: 25%; height: 22px;">एसएस ग्रुप</td>
<td style="width: 25%; height: 22px;">127-135</td>
<td style="width: 25%; height: 22px;">147-155</td>
<td style="width: 25%; height: 22px;">10-13</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p style="text-align: justify;"> </p>
नारी शक्ति राष्ट्र वंदन यज्ञ से हुआ प्रेरणा विमर्श 2024 का शुभारंभ, 108 वेदियों में हुआ राष्ट्र कल्याण के लिए यज्ञ
<p style="text-align: justify;">नारी शक्ति राष्ट्र वंदन यज्ञ की आहुति के साथ प्रेरणा विमर्श 2024 का श्रीगणेश हो चुका है. सेक्टर 12 स्थित सरस्वती शिशु मंदिर के प्रांगण में 1000 से अधिक नारी शक्ति ने 108 कुंडीय यज्ञ में आहुतियां दी. यज्ञ का उद्देश्य राष्ट्र वंदन, नारी शक्ति, नारी कर्तव्य और नारी सशक्तीकरण को बढ़ावा देना था.</p>
<p style="text-align: justify;">इस अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता रेशू भाटिया, महिला आयोग उत्तर प्रदेश की उपाध्यक्ष अर्पणा यादव, मुख्य अतिथि डॉ. प्रवीण विद्यालंकार और प्रेरणा विमर्श 2024 की सचिव मोनिका चौहान ने नारी शक्ति को राष्ट्र वीरांगना के रूप में संबोधित किया. इस अवसर पर सभी अतिथियों द्वारा पंच परिवर्तन प्रदर्शनी का शुभारंभ भी किया.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>'सामाजिक समस्याओं की जड़ है बॉलीवुड'</strong></p>
<p style="text-align: justify;">कार्यक्रम की मुख्य अतिथि डॉ. प्रवीण विद्यालंकार ने सामाजिक समस्याओं की जड़ पर बात करते हुए कहा कि आज की पीढ़ी में जो गलत आचरण आ रहे हैं, उनका जिम्मेदार कहीं न कहीं बॉलीवुड है. उन्होंने वैदिक संस्कृति का संदेश देते हुए कहा कि स्त्री ही ब्रह्म है. उन्होंने स्वामी विवेकानंद और महर्षि दयानंद सरस्वती का उदाहरण देते हुए कहा कि वे सदैव स्त्री को धारिणी और अदिति मानते थे. आज भी हमारे महापुरुषों के विचारों से बालक-बालिकाओं को सही मार्ग दिखाया जा सकता है. </p>
<p style="text-align: justify;">मुख्य वक्ता अपर्णा यादव ने महान विभूति लोकमाता अहिल्याबाई होलकर जी का भावपूर्ण स्मरण किया. उन्होंने नारी शक्ति राष्ट्र वंदन यज्ञ के संदर्भ में स्व का अर्थ समझाते हुए कहा कि आज इस यज्ञ कुण्ड में हमें अपने अभिमान और गलत रीतियों की आहूति देनी चाहिए. भारत का इतिहास नारी स्वाभिमान से भरा हुआ है, इसके लिए उन्होंने लोकमाता अहिल्याबाई होलकर के जीवन का उदाहरण दिया. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>नारी राष्ट्र वंदन यज्ञ में बनाई गईं 108 वेदियां</strong></p>
<p style="text-align: justify;">कार्यक्रम की अध्यक्ष रेशु भाटिया ने माता अहिल्याबाई की चर्चा करते हुए नारी सशक्तिकरण और भारतीय नारी के गौरवशाली इतिहास का स्मरण कराया. उन्होंने देश के प्रधानमंत्री <a title="नरेंद्र मोदी" href="https://www.abplive.com/topic/narendra-modi" data-type="interlinkingkeywords">नरेंद्र मोदी</a> जी के राष्ट्रीय स्वाभिमान हित किए जा रहे अथक प्रयासों की सराहना की.</p>
<p style="text-align: justify;">नारी राष्ट्र वंदन यज्ञ में कुल 108 वेदियां बनाई गई थीं. प्रत्येक वेदी पर आठ से अधिक महिलाओं ने यज्ञ किया. यज्ञ का प्रारंभ मुख्य अतिथि डॉ. प्रवीन विद्यालंकार जी ने किया. प्रेरणा विमर्श 2024 का परिचय देते हुए मोनिका चौहान जी ने प्रेरणा विमर्श के उद्देश्यों और इस तीन दिवसीय कार्यक्रम पर विस्तार से प्रकाश डाला.</p>
मनीष सिसोदिया ने मांगी जमानत की शर्त में ढील, सुप्रीम कोर्ट ने CBI और ED से मांगा जवाब
<p style="text-align: justify;">दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने जमानत की शर्त में ढील की मांग की है. सुप्रीम कोर्ट ने सिसोदिया की याचिका पर सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय को नोटिस जारी किया है. कोर्ट ने कहा है कि वह दो सप्ताह बाद मामले को सुनेगा. वह कोशिश करेगा कि अगली सुनवाई में इस आवेदन का निपटारा कर दिया जाए.</p>
<p style="text-align: justify;">शराब घोटाले से जुड़े सीबीआई और ईडी के मुकदमों में सुप्रीम कोर्ट ने इस साल 9 अगस्त को मनीष सिसोदिया को जमानत दी थी. जस्टिस बी आर गवई और के वी विश्वनाथन ने सिसोदिया को 10 लाख रुपए के दो निजी मुचलकों पर जमानत दी थी. साथ ही कोर्ट ने यह शर्त रखी थी कि वह हर सोमवार और गुरुवार को जांच अधिकारी के सामने पेश होंगे.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>60 से अधिक बार जांच अधिकारी के सामने पेश हो चुके सिसोदिया</strong></p>
<p style="text-align: justify;">जस्टिस बी आर गवई की अध्यक्षता वाली बेंच के सामने सिसोदिया की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि वह एक वरिष्ठ नेता हैं. जमानत मिलने के बाद अब तक 60 से अधिक बार जांच अधिकारी के सामने पेश हो चुके हैं. अब इस आदेश में ढील दी जानी चाहिए.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>कोर्ट ने ईडी और सीबीआई से भी मांगा जवाब</strong></p>
<p style="text-align: justify;">सिसोदिया की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी की ओर से जमानत की मांग पर जजों ने कहा कि वह दूसरे पक्ष को सुन कर आदेश देंगे. उन्होंने सीबीआई और ईडी को नोटिस जारी कर जवाब देने को कहा है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>क्या था मामला?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री को कथित दिल्ली आबकारी नीति घोटाले से जुड़े भ्रष्टाचार और धन शोधन के मामलों में सीबीआई और ईडी दोनों ने गिरफ्तार किया था. उन्हें अब रद्द हो चुकी दिल्ली आबकारी नीति 2021-22 के निर्माण और कार्यान्वयन में कथित अनियमितताओं के लिए 26 फरवरी, 2023 को सीबीआई ने गिरफ्तार किया था. इसके अगले महीने ईडी ने उन्हें नौ मार्च, 2023 को सीबीआई की प्राथमिकी के आधार पर दर्ज धन शोधन के मामले में गिरफ्तार किया. उन्होंने 28 फरवरी, 2023 को दिल्ली मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया था. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें- <a href="https://www.abplive.com/news/india/gyanvapi-case-supreme-court-notice-for-asi-survey-to-mosque-side-next-hearing-on-17-december-ann-2828308">काशी विश्वनाथ-ज्ञानवापी विवाद: वज़ूखाने के भी ASI सर्वे की मांग पर सुप्रीम कोर्ट का नोटिस</a></strong></p>
सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल सरकार की याचिका पर जारी किया नोटिस, फिलहाल पद से हटे रहेंगे सभी 6 सीपीएस
<p style="text-align: justify;"><strong>Himachal CPS Case:</strong> मुख्य संसदीय सचिव नियुक्त मामले में हिमाचल प्रदेश सरकार की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया है. हालांकि, कोर्ट ने फिलहाल यथास्थिति बनाए रखने के लिए कहा है. यानी हिमाचल हाई कोर्ट की तरफ से पद से हटाए गए मुख्य संसदीय सचिव अभी काम नहीं कर सकेंगे, न ही इन पदों पर राज्य सरकार नई नियुक्ति कर सकेगी.</p>
<p style="text-align: justify;">हाई कोर्ट ने सीपीएस एक्ट, 2006 को अवैध करार दिया था. हाई कोर्ट ने सभी 6 सीपीएस को पद से हटा दिया था. साथ ही, इस पद पर नियुक्त विधायकों पर अयोग्यता का मामला चलाने का निर्देश दिया था. इसके खिलाफ हिमाचल की सुखविंदर सुक्खू सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंची थी.</p>
<h3 style="text-align: justify;"><strong>सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया नोटिस</strong></h3>
<p style="text-align: justify;">चीफ जस्टिस संजीव खन्ना की अध्यक्षता वाली 2 जजों की बेंच ने हिमाचल सरकार की याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया. कोर्ट ने प्रतिवादी पक्ष को नोटिस जारी कर 2 सप्ताह में जवाब देने को कहा. कोर्ट ने कहा है कि वह जनवरी में मामले पर सुनवाई करेगा. साथ ही, कोर्ट ने हिमाचल के मामले को छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल और पंजाब के पहले से लंबित मिलते-जुलते मामलों के साथ जोड़ दिया है.</p>
<p style="text-align: justify;">सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल हिमाचल मुख्य संसदीय सचिव मामले में यथास्थिति बनाए रखने कहा है. इसका असर यह होगा कि संसदीय सचिव बनाए गए 6 कांग्रेस विधायक फिलहाल इस पद पर काम नहीं कर सकेंगे. लेकिन फिलहाल उन पर बतौर विधायक अयोग्यता का केस नहीं चलेगा.</p>
<p style="text-align: justify;">हिमाचल हाईकोर्ट के फैसले के बाद 6 सीपीएस दून से राम कुमार चौधरी, रोहड़ू से मोहन लाल ब्राक्टा, अर्की से संजय अवस्थी, पालमपुर से आशीष बुटेल, कुल्लू से सुंदर सिंह ठाकुर और बैजनाथ से किशोरी लाल संसदीय सचिव का पद छोड़ना पड़ा. हिमाचल सरकार ने अपनी याचिकाओं में दलील दी थी कि जनहित के कार्यों के लिए सीपीएस नियुक्त किए गए थे. साथ ही बताया कि मुख्य संसदीय सचिव और संसदीय सचिव के पद 70 वर्षों से भारत में और 18 सालों से हिमाचल में हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें</strong></p>
<p style="text-align: justify;"><strong><a href="https://www.abplive.com/news/india/bhupendra-yadav-says-india-shaping-global-climate-action-while-upholding-own-development-plan-2828312">भारत अपनी विकास प्राथमिकताओं के साथ वैश्विक जलवायु कार्रवाई को आकार दे रहा, बोले पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव</a></strong></p>
'हम दिल्ली सरकार के जवाब से संतुष्ट नहीं', राजधानी में प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट का फूटा गुस्सा
<p>देश की राजधानी को इन दिनों प्रदूषण ने अपनी चपेट में ले रखा है. राजधानी में प्रदूषण के मुद्दे पर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. इस दौरान कोर्ट ने कहा कि वह दिल्ली सरकार के जवाबों से संतुष्ट नहीं है. </p>
Thursday, November 21, 2024
वह हाफिज सईद का करीबी, पर कसाब को भी तो मिला फेयर ट्रायल- यासीन मलिक के लिए SC के जज और SG तुषार मेहता में छिड़ गई जबरदस्त बहस
<p style="text-align: justify;">सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (21 नवंबर, 2024) को कश्मीरी अलगाववादी नेता यासीन मलिक को जम्मू की कोर्ट में पेश किए जाने के आदेश के खिलाफ दाखिल सीबीआई की याचिका पर सुनवाई की. कोर्ट ने कहा कि ऑनलाइन क्रॉस एग्जामिनेशन कैसे हो पाएगा और जब आतंकी अजमल कसाब को निष्पक्ष सुनवाई का मौका दिया गया था, तो यासीन मलिक को क्यों नहीं. सीबीआई का कहना है कि यासीन मलिक कोई आम कैदी नहीं है, उसके हाफिज सईद जैसे आतंकियों से रिश्ते हैं इसलिए उसको दिल्ली से जम्मू ले जाना बहुत रिस्की है. यासीन मलिक अभी तिहाड़ जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है. यह याचिका साल 1989 में 4 आईएएफ कर्मियों की हत्या के मामले में जम्मू की कोर्ट में यासीन मलिक के ट्रायल से जुड़ी है. </p>
<p style="text-align: justify;">जस्टिस अभय एस. ओका और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की बेंच मामले में सुनवाई कर रही थी. सीबीआई की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि यह यासीन मलिक की चालबाजी है इसलिए वह कह रहे हैं कि किसी वकील के बजाय वह खुद कोर्ट में पेश होंगे. एसजी मेहता ने लश्कर-ए-तैयबा के फाउंडर हाफिज सईद के साथ यासीन मलिक की फोटो कोर्ट को दिखाते हुए कहा कि यह सुरक्षा के लिहाज से यह बहुत बड़ा मुद्दा है. साथ ही यह गवाहों के लिए भी खतरे की बात है.</p>
<p style="text-align: justify;">तुषार मेहता के तर्क पर जस्टिस अभय एस. ओका ने कहा, लेकिन ऑनलाइन सुनवाई में क्रॉस एग्जामिनशेन कैसे हो पाएगा? जम्मू में तो अच्छी कनेक्टिविटी भी नहीं है.' जज की चिंता पर एसजी तुषार मेहता ने फिर से दोहराया कि यासीन मलिक कोई साधारण अपराधी नहीं है वह कई बार हाफिज सईद से मिलने पाकिस्तान भी जा चुका है. उन्होंने कहा कि गवाहों को भी सिक्योरिटी की जरूरत होगी क्योंकि पहले एक गवाह की हत्या कर दी गई थी. तब जस्टिस ओका ने कहा कि हमारे देश में अजमल कसाब को भी निष्पक्ष ट्रायल दिया गया था.</p>
<p style="text-align: justify;">जस्टिस अभय एस. ओका ने कहा कि जेल में ही ट्रायल के विकल्प भी देखे जा सकते हैं. उन्होंने कहा कि फैसला देने से पहले सभी आरोपियों को सुना जाना जरूरी है. तूषार महेता ने कहा कि यासीन मलिक ने वकील लेने से मना कर दिया है. उन्होंने याचिका में एक पुराने वाकिए का जिक्र किया है, जब एक बार यासीन मलिक को सुप्रीम कोर्ट में पेश किया गया था तो जज उसको देखकर चौंक गए थे. तब सीबीआई के वकील ने कोर्ट को बताया कि जेल प्रशासन को सुप्रीम कोर्ट के आदेश को लेकर गलतफहमी हो गई थी. जस्टिस अभय एस. ओका ने कहा कि यासीन मलिक को सुप्रीम कोर्ट में वर्चुअली पेश करने की इजाजत है.</p>
<p style="text-align: justify;">साल 2023 में सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में क्रॉस एग्जामिनेशन के लिए यासीन मलिक को पेश करने के जम्मू (TADA/POTA) के एडिशनल सेशन जज के आदेश के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी थी. यासीन मलिक अभी दिल्ली की तिहाड़ जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है. उसको साल 2022 में एनआईए कोर्ट ने टेरर फंडिंग और अन्य मामलों में आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी. एनआईए ने उसको मौत की सजा के लिए दिल्ली हाईकोर्ट में अपील भी की है. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें:-</strong><br /><strong><a href="https://www.abplive.com/news/india/bjp-sambit-parta-reply-congress-rahul-gandhi-question-on-gautam-adani-bribery-case-narendra-modi-2827715">राहुल गांधी के आरोपों पर बीजेपी का पलटवार, संबित पात्रा ने कांग्रेस सरकार पर उठाए सवाल</a></strong></p>
राहुल गांधी के आरोपों पर बीजेपी का पलटवार, संबित पात्रा ने कांग्रेस सरकार पर उठाए सवाल
<p style="text-align: justify;"><strong>BJP Reply Rahul Gandhi on Gautam Adani Bribery Case:</strong> भारतीय जनता पार्टी ने गौतम अडानी को लेकर राहुल गांधी की ओर से लगाए गए आरोपों पर अपना जवाब दिया है. बीजेपी की तरफ से सांसद संबित पात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस पर ही कई सवाल उठाए. संबित पात्रा ने पूछा कि आंध्र प्रदेश में कांग्रेस की सरकार है और वहां सबसे ज्यादा लेनदेन अडानी ग्रुप से इन्होंने ही किया है. उन्होंने छत्तीसगढ़ का जिक्र कर भी कांग्रेस पर सवाल उठाए.</p>
<p style="text-align: justify;">संबित पात्रा ने कहा कि अमेरिकी जांच के दौरान जिन चार राज्यों का नाम आया है, उन चार राज्यों में उस समय में कांग्रेस या उनके सहयोगियों की सरकार थी. बात तमिलनाडु की हो या आंध्र प्रदेश, ओडिशा और छत्तीसगढ़ की हो. हर जगह कांग्रेस की सरकार थी.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>अडानी अगर भ्रष्ट तो कांग्रेस ने क्यों करने दिया निवेश</strong></p>
<p style="text-align: justify;">संबित पात्रा ने कहा, "भूपेश बघेल जब छत्तीसगढ़ के सीएम थे, तब अडानी ने करोड़ों रुपये का निवेश किया था. अशोक गहलोत सरकार के दौरान भी अडानी ने निवेश किया था. अगर वह भ्रष्ट हैं तो इतना निवेश क्यों किया. कर्नाटक सरकार ने अडानी को अपने राज्य में निवेश क्यों करने दिया." उन्होंने सवाल किया कि क्या राहुल गांधी और बघेल अलग हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>भारत के शेयर मार्केट को गिराना चाहते हैं राहुल गांधी</strong></p>
<p style="text-align: justify;">संबित पात्रा यहीं नहीं रुके. उन्होंने राहुल गांधी को लेकर कहा कि अगर उन्हें लगता है कि कहीं कुछ गलत हुआ है तो वह कोर्ट क्यों नहीं जाते. उन्होंने राहुल के उस बयान पर भी आपत्ति जताई जिसमें उन्होंने कहा था कि कांग्रेस पार्टी अकेले मीडिया का काम जूडिशरी का काम कर रही है. संबित पात्रा ने कहा, "मां और बेटे जमानत पर बाहर हैं और ये कहते हैं कि जूडिशरी का काम भी यही कर रहे हैं. राहुल गांधी भारत के शेयर मार्केट को गिराना चाहते हैं. निवेशकों को जो करोड़ों का नुकसान हुआ है वह राहुल गांधी की वजह से हुआ है."</p>
Wednesday, November 20, 2024
'पत्नी का लाइफस्टाइल मेंटेन रहे, हर महीने भेजें 1.75 लाख रुपये', तलाक मामले में पति को सुप्रीम कोर्ट का आदेश
<p style="text-align: justify;">सुप्रीम कोर्ट ने तलाक के मामले में फैसला सुनाते हुए अहम टिप्पणी की है. कोर्ट ने कहा कि तलाक की याचिका की पेंडेंसी के दौरान पत्नी उसी लाइफस्टाइल को मेंटेन करने की हकदार है, जिसकी हकदार वह मैरिड लाइफ में थीं. उन्होंने फैसला सुनाते हुए पति को निर्देश दिया है कि तलाक की कार्यवाही के दौरान वह पत्नी को हर महीने 1 लाख 75 हजार रुपये मेंटनेंस देंगे. जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस प्रसन्ना बी. वराले की बेंच मामले पर सुनवाई कर रही थी.</p>
<p style="text-align: justify;">बेंच ने कहा कि याचिकाकर्ता पत्नी का शादी के दौरान जिस तरह का लाइफस्टाइल था, वह डिवोर्स प्रोसिडिंग के दौरान भी होना चाहिए. बेंच ने यह भी कहा कि याचिकाकर्ता बेरोजगार हैं क्योंकि उन्हें शादी की वजह से नौकरी छोड़नी पड़ी. बेंच ने फैमिली कोर्ट का फैसला बरकरार रखा और पति को निर्देश दिया कि वह पत्नी के मेंटेनेंस के लिए 1,75,000 रुपये हर महीने देंगे.</p>
<p style="text-align: justify;">याचिकाकर्ता की शादी 15 सितंबर, 2008 को हुई थी और उनको पति का पहली शादी से एक बेटा है, जबकि दूसरी शादी से कोई बच्चा नहीं है. पति ने साल 2019 में तलाक के लिए अर्जी दी थी. पति ने तलाक के लिए इनकंपैटिबिलिटी और लड़ाई-झगड़ों का हवाला दिया था. दोनों अभी साथ नहीं रह रहे हैं इसलिए पत्नी ने पति से हर महीने 2,50,000 लाख के इंटरिम मेंनटेनेंस की मांग की थी. पत्नी का कहना है कि उनका पति डॉक्टर है, कुछ प्रॉपर्टी किराए पर हैं और अलग से बिजनेस भी हैं, जहां से उन्हें इनकम होती है. </p>
<p style="text-align: justify;">पत्नी की दलील पर फैमिली कोर्ट ने पति को डिवोर्स प्रोसिडिंग्स के दौरान हर महीने 1,75,000 रुपये के मेंटेनेंस का निर्देश दिया था. हालांकि, मद्रास हाईकोर्ट ने इस राशि को कम करके 80,000 रुपये महीना कर दिया, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने फैमिली कोर्ट के फैसले को ही बरकरार रखा है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पति की इनकम के कई जरिए हैं, लेकिन हाईकोर्ट ने सिर्फ दो सोर्स पर ही ध्यान दिया. </p>
<p style="text-align: justify;">सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पति 1,25,000 रुपये डॉक्टर के तौर पर कमाते हैं. रेंटल प्रॉपर्टी से वह और उनकी मां को किराया आता है. इसके अलावा उनकी अपनी भी प्रॉपर्टी हैं और पिता की संपत्ति भी उनके पास है. साथ ही मां की प्रॉपर्टी से भी उन्हें पैसा आता है. सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता की अपील स्वीकार करते हुए 14 जून, 2022 का फैमिली कोर्ट का फैसला बरकरार रखा और मद्रास हाईकोर्ट के फैसले को रद्द कर दिया है. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें:-</strong><br /><strong><a href="https://www.abplive.com/news/india/ugc-net-jrf-december-2024-exam-start-from-1-to-19-january-last-date-to-fill-application-form-10-december-ann-2826924">UGC NET परीक्षा की तारीखों का ऐलान, जानें कब और कैसे भरे जा सकते हैं एप्लीकेशन फॉर्म?</a></strong></p>
अमेरिका में किस जुर्म में गिरफ्तार हुआ लॉरेंस बिश्नोई का भाई अनमोल? एबीपी न्यूज़ के पास आधिकारिक जानकारी
<p style="text-align: justify;"><strong>Anmol Bishnoi Detained In US: </strong>अनमोल बिश्नोई को लेकर एबीपी न्यूज़ के पास अमेरिकी दस्तावेजों के साथ आधिकारिक जानकारी सामने आई है. अनमोल बिश्नोई को अमेरिका के इमिग्रेशन एंड कस्टम इन्फोर्समेंट विभाग ने पकड़ा है. अमेरिकी दस्तावेजों के मुताबिक लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल बिश्नोई को कैलिफोर्निया में पकड़ा गया. अमेरिका के इमिग्रेशन एंड कस्टम इन्फोर्समेंट विभाग में दस्तावेजों के मुताबिक अनमोल बिश्नोई अभी भी डिटेन है. अनमोल बिश्नोई को विभाग ने पिछले हफ्ते गिरफ्तार किया था, जिसके बाद उसे पोट्टावाटामी काउंटी (Pottawattamie County) जेल में रखा गया है.</p>
<p style="text-align: justify;">खुफिया सूत्रों के मुताबिक, अनमोल की गिरफ्तारी अमेरिका में अवैध दस्तावेजों के साथ एंट्री की वजह से हुई है, जिसकी जानकारी भारत सरकार ने पहले ही अमेरिकी प्रशासन को दी थी. इसी जानकारी के बाद अमेरिका के इमिग्रेशन एंड कस्टम इनफोर्समेंट (ICE ) विभाग ने अनमोल को हिरासत में लिया है.</p>
<h3 style="text-align: justify;"><strong>अनमोल बिश्नोई पर 10 लाख रुपये का इनाम</strong></h3>
<p style="text-align: justify;">सलमान खान के घर फायरिंग और कई हाई प्रोफाइल किलिंग के पीछे अनमोल बिश्नोई का हाथ है. लॉरेंस बिश्नोई का छोटा भाई जिसे गैंग में छोटे गुरु जी और जरायम की दुनिया में छोटे डॉन के नाम से जाना जाता है. भले ही अनमोल बिश्नोई उम्र में अपने भाई लॉरेंस से छह साल छोटा है लेकिन जुर्म की दुनिया में इसका कद बहुत बड़ा हो चुका है. महज 25 साल की उम्र में अनमोल अमेरिका, कनाडा, अजरबैजान, यूएई, पुर्तगाल, केनिया और मेक्सिको के अलावा हिंदुस्तान के कई शहरों में एक हजार से ज्यादा शूटर्स को ऑपरेट कर रहा है.</p>
<h3 style="text-align: justify;"><strong>भारत से भागा अनमोल बिश्नोई</strong></h3>
<p style="text-align: justify;">पिछले साल 2023 में लॉरेंस बिश्नोई का भाई भारत से भाग गया था. इसका नाम कई बड़े आपराधिक मामलों में दर्ज है, जिसमें साल 2022 में हुई पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या का मामला भी शामिल है. लॉरेंस बिश्नोई की गिरफ्तारी के बाद अनमोल ने बिश्नोई गिरोह के संचालित आपराधिक नेटवर्क में अपना एक बड़ा नाम बना लिया है. महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री और एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या में भी अनमोल बिश्नोई का नाम सामने आया.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें</strong></p>
<p style="text-align: justify;"><strong><a href="https://www.abplive.com/news/india/maharashtra-assembly-election-2024-nitin-gadkari-claim-that-mahayuti-government-will-win-2826937">महाराष्ट्र चुनाव के बीच गडकरी ने नतीजों को लेकर कर दिया बड़ा बयान, जानिए क्या कहा</a></strong></p>
Tuesday, November 19, 2024
अगली लोकसभा इलेक्शन तक लागू हो सकता है एक देश, एक चुनाव कानून, संसद के शीतकालीन सत्र में बिल पेश होगा बिल!
<p style="text-align: justify;"><strong>Parliament winter session 2024:</strong> सरकार 2029 तक 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' (ONOE) के लक्ष्य को साकार करने के लिए तेजी से कदम बढ़ा रही है. खबरों के मुताबिक, 25 नवंबर से शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र में इस संबंध में एक विधेयक पेश किया जा सकता है. विधेयक पेश करने से पहले, सरकार ने विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस के साथ आम सहमति बनाने के प्रयास तेज कर दिए हैं.</p>
<p style="text-align: justify;">'एक राष्ट्र, एक चुनाव' लागू करने के लिए संवैधानिक संशोधन की आवश्यकता है, जिसके लिए विपक्ष और गैर-एनडीए दलों का सहयोग जरूरी होगा. सूत्रों के अनुसार, विधेयक रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता वाली समिति की सिफारिशों के आधार पर तैयार किया गया है. विधेयकों पर संसद में बहस शुरू होगी, लेकिन व्यापक सहमति बनने तक मतदान को टालने की संभावना है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>'एक राष्ट्र, एक चुनाव' का उद्देश्य</strong><br />इस विचार का मूल उद्देश्य संसाधनों की बचत, बेहतर प्रशासन और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सुधार करना है. बार-बार चुनाव कराने से न केवल आर्थिक बोझ बढ़ता है, बल्कि शासन में बाधाएं भी उत्पन्न होती हैं. ONOE मॉडल से:</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>चुनाव खर्च में कमी:</strong> एक ही समय में चुनाव कराने से प्रशासनिक और वित्तीय लागतों में बड़ी बचत होगी.<br /><strong>शासन में निरंतरता:</strong> बार-बार आचार संहिता लागू होने से नीति निर्माण प्रभावित होता है. ONOE से यह बाधा दूर हो सकती है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>सरकार की मंशा स्पष्ट</strong><br />इम मामले पर संसदीय मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने टिप्पणी करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री <a title="नरेंद्र मोदी" href="https://www.abplive.com/topic/narendra-modi" data-type="interlinkingkeywords">नरेंद्र मोदी</a> ने देश के विकास के लिए हर पांच साल में एक साथ चुनाव की जरूरत पर जोर दिया है. इसी विचार को आगे बढ़ाने के लिए कोविंद पैनल का गठन किया गया था. पैनल की रिपोर्ट को केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी मिल चुकी है, और अब संबंधित विधेयक संसद में पेश करने की तैयारी हो रही है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>चुनाव एक साथ कराने की आवश्यकता पर जोर</strong><br />केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने कहा कि यह समझाना जरूरी है कि एक साथ चुनाव क्यों आवश्यक हैं. पहले प्रस्तावित संविधान संशोधन विधेयक में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं की अवधि से संबंधित अनुच्छेद 83 और 172 में संशोधन कर नया अनुच्छेद 82ए जोड़ा जाएगा. कोविंद पैनल का कहना है कि इस संशोधन के लिए राज्यों की स्वीकृति आवश्यक नहीं है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>स्थानीय निकाय चुनावों का तालमेल</strong><br />स्थानीय निकाय चुनावों को आम चुनावों के साथ जोड़ने के लिए अनुच्छेद 325 में संशोधन कर नया अनुच्छेद 324ए जोड़ा जाएगा. इस संशोधन के लिए राज्यों द्वारा अनुसमर्थन अनिवार्य होगा.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://www.abplive.com/news/india/indian-government-health-advisory-to-all-states-to-compete-with-air-pollution-follow-these-rules-and-guidelines-ann-2826131" target="_blank" rel="noopener">स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी की हेल्थ एडवाइजरी, कहा- प्रदूषण का कहर रोकने के लिए सभी राज्यों को आना होगा साथ</a><br /></strong></p>
Monday, November 18, 2024
'कोर्ट रूम के अंदर AQI है 990', दिल्ली में प्रदूषण को लेकर सुप्रीम कोर्ट सख्त, जानें किसे लगाई फटकार
<p style="text-align: justify;"><strong>Delhi Air Pullution Case:</strong> दिल्ली में प्रदूषण को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है. मामले पर अदालत ने नाराजगी जताते हुए कहा कि कोर्ट रूम के अंदर AQI का स्तर 990 से ऊपर है. कोर्ट ने निर्देश दिया कि अगर वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 400 से नीचे चला जाता है, तब भी जीआरएपी का चौथा चरण उसके अगले आदेश तक लागू रहेगा और उसने सभी एनसीआर राज्यों को जीआरएपी का चौथा चरण लागू करने का निर्देश दिया. </p>
<p style="text-align: justify;">सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह राज्य और केंद्र का संवैधानिक दायित्व है कि नागरिक प्रदूषण मुक्त वातावरण में रहें. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि GRAP चरण 3 और 4 के सभी खंडों के अलावा, सरकार को यह सुनिश्चित करने के लिए सभी कदम उठाने चाहिए कि स्थिति सामान्य हो जाए. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>सुप्रीम कोर्ट ने जारी किए निर्देश</strong></p>
<p style="text-align: justify;">सुप्रीम कोर्ट ने सभी एनसीआर सरकारों को GRAP चरण 4 को सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया. साथ ही अदालत ने सभी एनसीआर राज्यों को GRAP चरण 4 के तहत जरूरी कामों की निगरानी के लिए तत्काल टीमों का गठन करने का भी निर्देश दिया. अदालत ने निर्देश दिया कि वे GRAP चरण 4 में दिए गए कदमों पर तुरंत निर्णय लें और अगली सुनवाई की तारीख से पहले उन्हें उसके समक्ष रखें. कोर्ट ने दिल्ली और एनसीआर सरकारों को इस कदम के उल्लंघन की रिपोर्ट करने के लिए एक शिकायत निवारण तंत्र स्थापित करने का भी निर्देश दिया.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>(ये एक ब्रेकिंग स्टोरी है... लगातार अपडेट किया जा रहा है.)</strong></p>
तमिल समुदाय को लेकर तमिल अभिनेत्री कस्तूरी शंकर ने ऐसा क्या कहा, जाना पड़ गया जेल
<p style="text-align: justify;"><strong>Tamil actress Kasthuri Shankar: </strong>तमिल अभिनेत्री कस्तूरी शंकर को हाल में ही ग्रेटर चेन्नई पुलिस की एक स्पेशल टीम ने गिरफ्तार किया था. उन्हें उस समय गिरफ्तार किया गया था, जब वो हैदराबाद में अपने नरसिंगी स्थित फ्लैट में थीं. साइबराबाद पुलिस आयुक्तालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस मामले को लेकर बताया था कि 16 नवंबर को एग्मोर पुलिस स्टेशन की एक टीम हैदराबाद आई थी. इस दौरान उन्होंने कस्तूरी को गिरफ्तार कर लिया. यह मामला उनके एक बयान से जुड़ा हुआ है. </p>
<p style="text-align: justify;">इस मामले को लेकर पुलिस के अधिकारी ने बताया कि उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता अधिनियम 2023 की धारा 191 और 192 के तहत मामला दर्ज किया गया था. उन्होंने 3 नवंबर को चेन्नई में एक सभा के दौरान तेलगू समुदाय को लेकर एक विवादित टिप्पणी की थी. जिसके बाद अब इसकी जांच चल रही है. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>मद्रास HC ने खारिज की याचिका </strong></p>
<p style="text-align: justify;">उनके खिलाफ अभद्र भाषा और तेलुगू समुदाय को निशाना बनाने के आरोप हैं. उन्होंने इन आरोपों का खंडन किया है. उन्होंने कहा है कि उनके बयान को गलत तरह से पेश किया गया है. मद्रास HC ने 14 नवंबर को उनकी जमानत याचिका भी खारिज कर दी थी. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>जानें क्या कहा था कस्तूरी ने </strong></p>
<p style="text-align: justify;">जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए जज आनंद वेंकटेश ने कहा था कि उनकी टिप्पणियां अनुचित थीं. कस्तूरी ने कहा था कि ये 300 साल पहले राजाओं की सेवा करने आए थे और अब खुद को तमिल मूल का बताते हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>कस्तूरी शंकर ने मांगी माफी </strong></p>
<p style="text-align: justify;">उनके इस बयान की काफी ज्यादा आलोचना हुई थी. नायडू महाजन संगम राज्य कार्यकारी समिति के एक सदस्य ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी. इसके बाद कस्तूरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर माफी मांगी थी. इस दौरान उन्होंने दावा किया था कि तमिलनाडु के गोएबल्स और हिंदू विरोधी डीएमके नेटवर्क ने यह झूठी खबर फैलाई है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>डीएमके पर लगाया ब्राह्मण विरोधी होने का आरोप</strong></p>
<p style="text-align: justify;">डीएमके पर कस्तूरी ने ब्राह्मणों के उत्पीड़न, सनातन विरोध और हिंदू भगवान के अपमान में लिप्त होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि DMK पार्टी का रुख हिंदू विरोधी, ब्राह्मण विरोधी और सनातन विरोधी है। </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>बीजेपी ने किया बयान से किनारा </strong></p>
<p style="text-align: justify;">कोर्ट में कस्तूरी ने कहा था कि उनके खिलाफ FIR राजनीती से प्रेरित है. उन्होंने कोई भी बयान तेलुगु लोगों को भड़काने के लिए नहीं दिया था. कस्तूरी ने <a title="लोकसभा चुनाव" href="https://www.abplive.com/topic/lok-sabha-election-2024" data-type="interlinkingkeywords">लोकसभा चुनाव</a> में बीजेपी का प्रचार भी किया था. लेकिन उनके इस बयान से बीजेपी ने भी किनारा कर लिया है. हालांकि उन्होंने कहा है कि कस्तूरी की टिप्पणियों को गलत तरह से बताया गया है. </p>
कांग्रेस नेता के बेटे ने कार से बाइक सवार को रौंदा, CCTV में घटना कैद, हुआ गिरफ्तार
<p style="text-align: justify;"><strong>Karnataka Hit and Run Case : </strong>कर्नाटक में बुधवार (13 नवंबर) को एक हिट एंड रन का मामला सामने आया है. घटना में कांग्रेस नेता देवीप्रसाद शेट्टी के 26 साल के बेटे प्रज्वल शेट्टी ने अपनी थार एसयूवी कार से एक बाइक सवार को रौंद दिया. मामले के सामने आने के बाद शिरवा पुलिस ने प्रज्वल शेट्टी को गिरफ्तार कर लिया है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>सुबह के पांच बजे हुई दुर्घटना</strong></p>
<p style="text-align: justify;">अधिकारियों ने बताया कि बुधवार (13 नवंबर) को सुबह करीब पांच बजे प्रज्वल ने अपनी थार एसयूवी कार से कापू तालुक के बेलापू सैन्य कॉलोनी में एक 39 वर्षी मोहम्मद हुसैन को जोरदार टक्कर मार दी और मौके से फरार हो गया. वहीं, घटनास्थल के पास के एक घर के सीसीटीवी कैमरे में दुर्घटना कैद हो गई. जिसमें एसयूवीस सड़क पर तेज गति से दौड़ते हुए और बाइक को टक्कर मारते हुए नजर आ रही है.</p>
<p style="text-align: justify;">इस मामले में शिरवा पुलिस ने घटना के आरोपी प्रज्वल शेट्टी को गिरफ्तार किया. लेकिन जल्द ही उसे जमानत मिल गई.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>घटना के बाद बाइक चालक की मौत</strong></p>
<p style="text-align: justify;">बुधवार (13 नवंबर) की सुबह हुए हादसे में 39 वर्षीय मोहम्मद हुसैन को गंभीर चोटें आईं. जिसके बाद उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया. लेकिन इलाज के दौरान अगले दिन 14 नवंबर (गुरुवार) को उसकी मौत हो गई. यह घटना कर्नाटक में बढ़ रहे हिट एंड रन मामले का ताजा उदाहरण है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>घटना के बाद लोगों में नजर आया आक्रोश</strong></p>
<p style="text-align: justify;">उल्लेखनीय है कि हिट एंड रन मामले का आरोपी प्रज्वल शेट्टी कांग्रेस नेता देवीप्रसाद शेट्टी का बेटा है. देवीप्रसाद शेट्टी कर्नाटक के उडुपी जिले के बेलापू गांव में एक प्रमुख कांग्रेस नेता हैं. बेटे के इस घटना के बाद से इलाके के लोग आक्रोशित नजर आए हैं. वहीं, इस मामले में सोशल मीडिया पर भी लोगों की काफी प्रतिक्रियाएं देखने को मिली है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>पिछले महीने भी हुई थी सड़क दुर्घटना</strong></p>
<p style="text-align: justify;">बता दें कि, पिछले महीने भी कर्नाटक के मंगलुरू में एक हिट एंड रन का मामला सामने आया था. जहां एक तेज रफ्तार कार फुटपाथ पर चढ़ गया था. इस हादसे में एक महिला की मौत हो गई थी और चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे.</p>
Sunday, November 17, 2024
Maharashtra Election 2024: क्या फिर से बनेंगे बीजेपी अध्यक्ष? सवाल पर नितिन गडकरी ने कह दी बड़ी बात
<p style="text-align: justify;"><strong>Maharashtra Election 2024: </strong>महाराष्ट्र चुनाव के बीच केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने रविवार (17 नवंबर, 2028) को राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा है. साथ ही कांग्रेस पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले लोकसभा चुनावों में कांग्रेस ने गलत प्रचार करके जनता को गुमराह किया कि अगर हमें 400 सीटें मिल गईं तो हम संविधान बदल देंगे. किसी को भी कांग्रेस नेता राहुल गांधी को गंभीरता से नहीं लेना चाहिए.</p>
<p style="text-align: justify;">वहीं, भाजपा अध्यक्ष बनने को लेकर नितिन गडकरी ने कहा, ''मैं पहले भी भाजपा अध्यक्ष रह चुका हूं और अब इस पद की कोई इच्छा नहीं है.'' नितिन गडकरी ने कहा "राहुल गांधी जिस तरह से बोलते हैं, कोई भी उन्हें गंभीरता से नहीं लेता. मुझे लगता है कि लोगों को उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लेना चाहिए." महाराष्ट्र के लोग 20 नवंबर को होने वाले राज्य विधानसभा चुनावों में भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन पर भरोसा जताएंगे. वहीं, 'जो बाइडेन की तरह मोदी जी को भूलने की बीमारी हो गई है' वाले राहुल गांधी के बयान पर गडकरी ने कहा कि वो गैर जिम्मेदाराना तरीके से बोलते हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>'संविधान बदलने का सवाल ही नहीं उठता'</strong></p>
<p style="text-align: justify;">2024 लोकसभा चुनाव में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद महायुति गठबंधन की चुनौतियों के बारे में पूछे जाने पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि विपक्ष ने लोकसभा चुनाव के दौरान बड़े पैमाने पर वोटरों को गुमराह किया था. उन्होंने कहा, ‘‘यह एजेंडा गढ़ा गया था कि अगर हम 400 से अधिक सीट जीत जाएंगे तो हम बाबासाहेब आंबेडकर द्वारा लिखा संविधान बदल देंगे.’’ उन्होंने कहा, ‘‘संविधान बदलने का सवाल ही नहीं उठता.न तो हम इसे करेंगे और न ही दूसरों को करने देंगे.’’</p>
<p style="text-align: justify;"><strong> 'झूठ पर आधारित था विपक्ष का प्रचार अभियान'</strong></p>
<p style="text-align: justify;">गडकरी ने कहा, ‘‘अब लोगों को एहसास हो गया है कि <a title="लोकसभा चुनाव" href="https://www.abplive.com/topic/lok-sabha-election-2024" data-type="interlinkingkeywords">लोकसभा चुनाव</a> के दौरान विपक्ष का प्रचार अभियान झूठ पर आधारित था और उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में महाराष्ट्र में सकारात्मकता के साथ महायुति का समर्थन करने का फैसला लिया है.’’ भाजपा नेताओं के ‘बंटेंगे तो कटेंगे’ जैसे नारे लगाने के बारे में गडकरी ने कहा, ‘‘हम विकास के मुद्दे पर चुनाव लड़ रहे हैं. हम सब एक हैं. कोई मंदिर जाता है, कोई मस्जिद, गुरुद्वारा और चर्च जाता है, लेकिन हम सब भारतीय हैं और हमारे लिए सबसे ऊपर देश है.’’</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>'आतंकवाद और नक्सलवाद के खिलाफ एकजुट के लिए है आह्वान'</strong></p>
<p style="text-align: justify;">महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार द्वारा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री <a title="योगी आदित्यनाथ" href="https://www.abplive.com/topic/yogi-adityanath" data-type="interlinkingkeywords">योगी आदित्यनाथ</a> की ‘बंटेंगे तो कटेंगे’ टिप्पणी का विरोध किये जाने के बारे में पूछे जाने पर गडकरी ने कहा, ‘‘सबसे पहले तो हमारी अलग-अलग पार्टी है और यह जरूरी नहीं कि हमारी एक ही राय हो. मीडिया भी तोड़-मरोड़कर पेश करता है. इससे भ्रम पैदा होता है. एकता का आह्वान आतंकवाद और नक्सलवाद के खिलाफ एकजुट करने के लिए है.’’</p>
<p style="text-align: justify;">वहीं, राहुल गांधी के जाति जनगणना का मुद्दा उठाए जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘असली मुद्दा गांवों, गरीबों और किसानों के कल्याण का है. गरीब की कोई जाति और धर्म नहीं होता.एक मुसलमान को उसी कीमत पर पेट्रोल मिलता है जिस पर दूसरों को मिलता है.’’ </p>
<div id="article-hstick-inner" class="abp-story-detail ">
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें- <a href="https://www.abplive.com/photo-gallery/news/world-iraqi-men-will-able-to-marry-9-year-old-girls-shia-coalition-government-is-going-to-amend-marriage-law-2820483">9 साल की लड़कियों से शादी कर सकेंगे इस मुस्लिम देश के पुरुष, विवाह कानून में संशोधन की तैयारी में सरकार</a></strong></p>
</div>
'कहीं लाहौर तक न पहुंच जाए भारत...', मुसलमानों के एहसान वाले बयान पर इंद्रेश कुमार का पलटवार
<p><strong>Indresh Kumar Attack on Mohammad Adeeb: </strong>दिल्ली में हाल में ही क्फ संशोधन बिल के (Waqf Board Amendment Bill 2024) खिलाफ बैठक बुलाई गई थी. इस बैठक के दौरान पूर्व राज्यसभा सांसद मोहम्मद अदीब ने एक विवादित बयान दिया था. उन्होंने कहा था, "ये मुसलमानों का एहसान है कि पाकिस्तान का बॉर्डर लाहौर तक ही रह गया, नहीं तो ये लखनऊ तक होता. </p>
<p>उनके इस बयान के बाद सियासी पारा बढ़ा हुआ है. इसी बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) नेता इंद्रेश कुमार ने मोहम्मद अदीब पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा है कि अपने भाषण से खिलवाड़ वाली बातें न करें. </p>
<p><strong>इंद्रेश कुमार ने साधा निशाना </strong></p>
<p>राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) नेता इंद्रेश कुमार ने कहा, "मुस्लिम नेता जो ऐसा बोलते हैं तो उनके मुसलमान होने पर भी शक होता है. उन्होंने कहा कि वो जिन्ना के साथ चल देते तो पाकिस्तान की सीमा लखनऊ तक होती. ऐसे नेता पाकिस्तान को लेकर ये सोच रखते हैं. अपने भाषण में खिलवाड़ वाली बातों का ना कहें. </p>
<p><strong>अपने भाषण में कही थी ये बात </strong></p>
<p>उन्होंने वक्फ संशोधन बिल को मुसलमानों पर सबसे बड़ा हमला कहा था. इस दौरान उन्होंने कहा था, "अगर सब मुसलमान जिन्ना के साथ गए होते तो पाकिस्तान लाहौर तक नहीं लखनऊ तक होता. उन्होंने कहा कि हुकूमत को ये हमारा एहसान मानना चाहिए कि हमने पाकिस्तान को मुख्तसर (छोटा) कर दिया.</p>
<p>उन्होंने आगे कहा, "लोग पाकिस्तान चले गए, उसका इल्ज़ाम हमें दिया गया. हम मानते है जो पाकिस्तान गए उन्होंने अपनी जिंदगियां बना लीं लेकिन हमने तो अपना खून बांटा था. हमने जिन्ना को मना किया था, उन्हें ठुकराया था, लियाकत अली खान को नहीं माना था, हमने गांधी और नेहरू को माना था." वहीं, मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सचिव मौलाना उमरैन महफूज रहमानी ने नीतीश कुमार और चंद्रबाबू नायडू को भी चेतावनी दी थी.</p>
Saturday, November 16, 2024
Maharashtra Elections: 'बीजेपी जब हारने लगती है तब धर्म पर बोलने लगती है'- Aditya Thackeray | ABP News
<p>4 दिन बाद महाराष्ट्र में वोटिंग होगी.. इसलिए राज्य में इस वक्त सियासी आर-पार जारी है.... इस सियासी संग्राम में शिवसेना उद्धव गुट किस तरह से जोर आजमाइश कर रहा है.. इसका जवाब दे रहे आदित्य ठाकरे.. एबीपी न्यूज से बात करते हुए आदित्य ठाकरे ने कहा कि BJP जब हारती है तब धर्म पर बोलती है... </p>
Top Headlines: दोपहर की बड़ी खबरें फटाफट | Maharashtra | Jhansi Medical College Fire tragedy | UP
<p>झांसी के रानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के शिशु वार्ड में भीषण आग लगने से हुए हादसे में दस बच्चों की जान चली गई जबकि 16 बच्चे घायल बताए जाए हैं. इस वार्ड में 50 से ज्यादा बच्चे भर्ती थे. इस दर्दनाक हादसे के बाद पर सीएम <a title="योगी आदित्यनाथ" href="https://www.abplive.com/topic/yogi-adityanath" data-type="interlinkingkeywords">योगी आदित्यनाथ</a> ने दुख जताया है और पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता का ऐलान किया गया है. </p>
Friday, November 15, 2024
झारखंड में रोका गया राहुल गांधी का हेलिकॉप्टर, ATC से नहीं मिली उड़ान भरने की मंजूरी
<p style="text-align: justify;">झारखंड विधानसभा चुनाव में प्रचार करने पहुंचे कांग्रेस नेता राहुल गांधी का हेलिकॉप्टर शुक्रवार (15 नवंबर 2024) को रोक दिया गया है. बताया जा रहा है कि क्लीयरेंस नहीं मिलने की वजह से राहुल के हेलिकॉप्टर को उड़ान भरने की इजाजत नहीं दी गई. राहुल गांधी के हेलिकॉप्टर को महागामा में रोका गया है. <br /><br />कांग्रेस ने आरोप लगाया कि राहुल के हेलिकॉप्टर को करीब पौने घंटे तक रोका गया. बताया जा रहा है कि पीएम मोदी भी आज झारखंड में चुनाव प्रचार करने पहुंचे हैं. उनकी चकाई में जनसभा है. इसी वजह से राहुल गांधी के हेलिकॉप्टर को उड़ान भरने की इजाजत नहीं मिली. </p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="hi"><a href="https://twitter.com/hashtag/WATCH?src=hash&ref_src=twsrc%5Etfw">#WATCH</a> झारखंड: कांग्रेस सांसद और लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के हेलिकॉप्टर को ATC से मंजूरी न मिलने के कारण महागामा से उड़ान भरने से रोक दिया गया। <a href="https://t.co/kUSIxrj0xe">pic.twitter.com/kUSIxrj0xe</a></p>
— ANI_HindiNews (@AHindinews) <a href="https://twitter.com/AHindinews/status/1857351221126058451?ref_src=twsrc%5Etfw">November 15, 2024</a></blockquote>
<p>
<script src="https://platform.twitter.com/widgets.js" async="" charset="utf-8"></script>
</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>राहुल गांधी ने झारखंड में क्या कहा?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">गोड्डा के मेहरमा में चुनावी रैली के दौरान राहुल गांधी ने नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा, "नरेंद्र मोदी अरबपतियों की कठपुतली हैं. जो अरबपति कहते हैं- नरेंद्र मोदी वही करते हैं. मोदी जी ने गरीबों का पैसा छीनकर, अरबपतियों का 16 लाख करोड़ रुपया माफ किया है. महाराष्ट्र में धारावी की 1 लाख करोड़ रुपए की जमीन भी अडानी को सौंपी जा रही है. सच्चाई ये है कि- महाराष्ट्र में हमारी सरकार को जमीन हथियाने के लिए ही गिराया गया है."</p>
<p style="text-align: justify;">राहुल गांधी ने कहा, "हमारे सामने विचारधारा की लड़ाई है. कांग्रेस पार्टी के लोग और INDIA गठबंधन संविधान को बचाने का काम कर रहे हैं. वहीं BJP-RSS, अंबेडकर जी के संविधान को खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं. <a title="नरेंद्र मोदी" href="https://www.abplive.com/topic/narendra-modi" data-type="interlinkingkeywords">नरेंद्र मोदी</a> कहते हैं- राहुल गांधी 'लाल किताब' दिखा रहा है. मोदी जी, इस किताब का रंग जरूरी नहीं है, इसमें जो लिखा है, वो जरूरी है. अगर आपने इसे पढ़ा होता, तो आप लोगों में नफरत नहीं फैलाते, सबको एक दूसरे से नहीं लड़ाते. हमारे संविधान में भारत की आत्मा है, देश का इतिहास है, दलितों का सम्मान है, पिछड़ों की भागीदारी है, किसानों-मजदूरों के सपने हैं फिर भी BJP-RSS के लोग इसे मिटाना चाहते हैं, लेकिन दुनिया की कोई ताकत इसे मिटा नहीं सकती. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong><span class="r-b88u0q">झारखंड के लिए INDIA गठबंधन की 7 'गारंटी'</span></strong></p>
<p style="text-align: justify;">INDIA गठबंधन ने झारखंड के लिए आगामी चुनावों में सात गारंटी की घोषणा की है, जिनमें 1932 खतियान आधारित स्थानीयता नीति लागू करना, सरना धर्म कोड को मान्यता देना, और महिलाओं को ₹2,500 की सम्मान राशि शामिल हैं. इसके अलावा, सामाजिक न्याय को बढ़ावा देते हुए ST, SC, और OBC समुदायों के लिए क्रमशः 28%, 12% और 27% आरक्षण की गारंटी दी गई है. गठबंधन ने ₹450 में गैस सिलेंडर, हर व्यक्ति को 7 किलो राशन, 10 लाख नौकरियां, ₹15 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा और सभी प्रखंडों में डिग्री कॉलेज खोलने का वादा किया है. किसानों के लिए धान की MSP ₹3,200 करने और अन्य कृषि उत्पादों की MSP में 50% तक वृद्धि का भी आश्वासन दिया गया है. गठबंधन का मानना है कि ये गारंटियां झारखंड के लोगों को सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक प्रगति के नए अवसर प्रदान करेंगी.</p>
झारखंड में रोका गया राहुल गांधी का हेलिकॉप्टर, नहीं मिला क्लीयरेंस
<p style="text-align: justify;">झारखंड विधानसभा चुनाव में प्रचार करने पहुंचे कांग्रेस नेता राहुल गांधी का हेलिकॉप्टर शुक्रवार को रोक दिया गया है. बताया जा रहा है कि क्लीयरेंस नहीं मिलने की वजह से राहुल के हेलिकॉप्टर को उड़ान भरने की अनुमति नहीं दी गई. <br /><br />राहुल गांधी गोड्डा के मेहरमा में चुनाव करने पहुंचे थे. कांग्रेस ने आरोप लगाया कि राहुल के हेलिकॉप्टर को करीब पौने घंटे तक रोका गया. बताया जा रहा है कि पीएम मोदी भी आज झारखंड में चुनाव प्रचार करने पहुंचे हैं. उनकी चकाई में जनसभा है. इसी वजह से राहुल गांधी के हेलिकॉप्टर को उड़ान भरने की इजाजत नहीं मिली. <br /><br /><br /></p>
<p><em><strong>ये खबर ब्रेक की गई है, इसे लगातार अपडेट किया जा रहा है...</strong></em></p>
Thursday, November 14, 2024
'नियमों का पालन नहीं कर रहा Whatsapp, भारत में हो बैन', सुप्रीम कोर्ट ने ठुकराई मांग
<p style="text-align: justify;">लोकप्रिय मैसेजिंग ऐप 'व्हाट्सएप' को बंद करने की मांग वाली याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी है. याचिकाकर्ता का कहना था कि व्हाट्सएप केंद्र सरकार के आईटी गाइडलाइंस का पालन नहीं करता है. इससे पहले 2021 में केरल हाई कोर्ट ने भी इसी याचिकाकर्ता की यह मांग ठुकराई थी.</p>
<p style="text-align: justify;">केरल के रहने वाले ओमनाकुट्टन के.जी. का कहना था कि 2021 में केरल हाई कोर्ट ने उनकी याचिका को 'अपरिपक्व' बता कर खारिज कर दिया था. तब कहा गया था कि आईटी गाइडलाइंस सरकार ने जारी नहीं किए हैं. <br /><br /><strong>प्राइवेसी पॉलिसी के मुताबिक काम कर रहे- Whatsapp</strong><br /><br />अब व्हाट्सएप ने खुद दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर आईटी गाइडलाइंस एंड डिजिटल मीडिया एथिक्स कोड, 2021 को चुनौती दी है. व्हाट्सएप ने कहा है कि वह अपनी प्राइवेसी पॉलिसी के मुताबिक काम करता है.<br /><br /><strong>भारत के नियमों का पालन नहीं कर रहा व्हाट्सएप </strong></p>
<p style="text-align: justify;">याचिकाकर्ता का कहना था कि जब व्हाट्सएप यूजर्स की निजता और भ्रामक बातों के प्रसार को लेकर भारत के नियमों का पालन नहीं करना चाहता तो उसे यहां काम नहीं करने देना चाहिए. लेकिन जस्टिस एम एम सुंदरेश और अरविंद कुमार की बेंच ने ओमनाकुट्टन की याचिका खारिज कर दी. जजों का मानना था कि दिल्ली हाई कोर्ट में लंबित है.</p>
Wednesday, November 13, 2024
महाराष्ट्र चुनाव में भतीजे अजित को बड़ा झटका, सुप्रीम कोर्ट ने शरद पवार की तस्वीरों के इस्तेमाल पर लगाई रोक
<p style="text-align: justify;">महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव को लेकर जारी प्रचार के बीच सुप्रीम कोर्ट ने एनसीपी (अजित पवार) से कहा है कि वह शरद पवार के वीडियो या तस्वीरों का इस्तेमाल न करे. शरद पवार अपने भतीजे अजित को 'घड़ी' चुनाव चिन्ह का इस्तेमाल करने से रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे. उन्हें इसमें तो सफलता नहीं मिल पाई है, लेकिन कोर्ट ने यह ज़रूर कहा कि अजित अपनी पार्टी के नेताओं को शरद की तस्वीरों का इस्तेमाल करने से रोकें.</p>
<p style="text-align: justify;">जस्टिस सूर्य कांत और उज्ज्वल भुइयां की बेंच ने कहा, "हम नहीं समझते कि शरद पवार की तस्वीरों को देख कर मतदाताओं को कोई भ्रम होगा. गांव में रह रहा मतदाता भी जानता है कि चाचा और भतीजा अब अलग हो चुके हैं." जजों ने शरद पवार के लिए पेश वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी से कहा कि उन्हें मतदाताओं की समझ पर भरोसा रखना चाहिए.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>शरद पवार के वीडियो और तस्वीरों पर रोक</strong></p>
<p style="text-align: justify;">अजित पवार के लिए पेश वरिष्ठ वकील बलबीर सिंह ने कहा कि आजकल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के ज़रिए भी वीडियो बना दिए जा रहे हैं. वह हर वीडियो पर जवाब नहीं दे सकते. इस पर सिंघवी ने कहा कि जो वीडियो उन्होंने कोर्ट में रखा है उसे अजित पवार की पार्टी के एक प्रत्याशी ने जारी किया है. अजित की पार्टी शरद पवार की पहचान का फायदा उठाना चाह रही है.</p>
<p style="text-align: justify;">अजित पवार के वकील ने कहा कि वह इस वीडियो के बारे में जानकारी जुटा कर जवाब दाखिल करेंगे. जजों ने कहा, "आप अपने नेताओं से कहिए कि वह शरद पवार के वीडियो या तस्वीरों का इस्तेमाल न करें. जब आप दोनों अलग हो चुके हैं, तो बेहतर होगा कि आप अपने दम पर राजनीति करें."</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>अजित पवार की पार्टी पर शरद पवार की पहचान का लाभ उठाने का आरोप</strong></p>
<p style="text-align: justify;">राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी यानी एनसीपी पिछले साल 2 हिस्सों में बंट गई थी. इस साल 7 फरवरी को चुनाव आयोग ने अजित पवार की पार्टी को असली एनसीपी माना था. इसके चलते घड़ी चिन्ह अजित पवार के पास है. शरद पवार गुट ने चुनाव आयोग के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे रखी है. शरद पवार चाहते थे कि अगर वह घड़ी चुनाव चिन्ह का इस्तेमाल नहीं कर सकते, तो अजित पवार भी ऐसा न कर सकें.</p>
<p style="text-align: justify;">सुप्रीम कोर्ट ने अजित को घड़ी चिन्ह के इस्तेमाल से नहीं रोका. लेकिन उनसे अखबारों में विज्ञापन छपवा कर लोगों को यह बताने को कहा कि मामला अभी कोर्ट में है. बुधवार को हुई सुनवाई में अजित पवार के वकील ने कोर्ट को बताया कि उन्होंने मामला न्यायालय में विचाराधीन होने की जानकारी देते हुए विज्ञापन प्रकाशित करवा दिए हैं. सुप्रीम कोर्ट में मामले की अगली सुनवाई 19 नवंबर को होगी.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: </strong></p>
<p style="text-align: justify;"><strong><a href="https://www.abplive.com/news/world/elon-musk-will-lead-india-american-ramaswamy-department-of-government-efficiency-says-donald-trump-2822468">भारतीय-अमेरिकी रामास्वामी ‘डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी’ का नेतृत्व करेंगे एलन मस्क, बोले डोनाल्ड ट्रंप</a><br /></strong></p>
'नरेंद्र मोदी ने भी बुलडोजर राज का जश्न मनाया है', सुप्रीम कोर्ट फैसले पर बोले असदुद्दीन ओवैसी
<p>सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को "बुलडोजर जस्टिस" की प्रवृत्ति पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि अधिकारी किसी व्यक्ति के घर को केवल इस आधार पर नहीं गिरा सकते कि उस पर कोई अपराध का आरोप है. </p>
<p>एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का बुलडोजर फैसला एक स्वागत योग्य राहत है. इसका सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा इसकी वाक्पटुता नहीं, बल्कि लागू करने योग्य दिशा-निर्देश हैं. उम्मीद है कि वे राज्य सरकारों को मुसलमानों और अन्य हाशिए के समूहों को सामूहिक रूप से दंडित करने से रोकेंगे. हमें याद रखना चाहिए कि <a title="नरेंद्र मोदी" href="https://www.abplive.com/topic/narendra-modi" data-type="interlinkingkeywords">नरेंद्र मोदी</a> ने भी बुलडोजर राज का जश्न मनाया है, जिसे आज सुप्रीम कोर्ट ने “अराजक स्थिति” कहा है.</p>
बुलडोजर एक्शन पर सुप्रीम कोर्ट ने बनाए नियम, पालन न करने वाले अधिकारियों से वसूला जाएगा हर्जाना
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<div dir="auto" style="text-align: justify;">"अपना घर हो, अपना आंगन हो,</div>
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<div dir="auto" style="text-align: justify;">इस ख्वाब में हर कोई जीता है।</div>
<div dir="auto" style="text-align: justify;"> </div>
<div dir="auto" style="text-align: justify;">इंसान के दिल की ये चाहत है,</div>
<div dir="auto" style="text-align: justify;"> </div>
<div dir="auto" style="text-align: justify;">कि एक घर का सपना कभी न छूटे"</div>
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<div dir="auto" style="text-align: justify;">बुलडोजर एक्शन पर अपने ऐतिहासिक फैसले की शुरुआत सुप्रीम कोर्ट ने कवि प्रदीप की इस कविता से की. जस्टिस बी आर गवई और के वी विश्वनाथन की बेंच ने कहा कि सर पर छत होना संविधान के तहत हर नागरिक को मिले जीवन के मौलिक अधिकार का एक हिस्सा है. सरकार या प्रशासन को यह अधिकार नहीं कि वह बिना उचित कानूनी प्रक्रिया का पालन किए किसी का मकान गिरा दे. इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने बुलडोजर कार्रवाई को लेकर विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए हैं. कोर्ट ने यह भी कहा कि इन निर्देशों का पालन न करने वाले अधिकारियों को संपत्ति के नुकसान का हर्जाना व्यक्तिगत रूप से देना होगा.</div>
<div dir="auto" style="text-align: justify;"> </div>
<div dir="auto" style="text-align: justify;">2022 में दिल्ली के जहांगीरपुरी में रामनवमी के जुलूस पर पथराव के बाद नगर निगम ने बुलडोजर कार्रवाई शुरू की थी. इसके खिलाफ जमीयत उलेमा ए हिन्द कोर्ट पहुंचा था. बाद में जमीयत ने यूपी समेत कई राज्यों में चल रहे बुलडोजर एक्शन को चुनौती दी. जमीयत ने कहा कि बिना उचित कानूनी प्रक्रिया के यह बुलडोजर चलाए जा रहे हैं. इसमें मंशा अवैध निर्माण हटाने से अधिक लोगों को सबक सिखाने की होती है. बाद में सुप्रीम कोर्ट में कई और याचिकाएं दाखिल हुईं जिन पर अब फैसला आया है.</div>
<div dir="auto" style="text-align: justify;"> </div>
<div dir="auto" style="text-align: justify;">सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि किसी व्यक्ति पर अपराध का आरोप लगना उसका मकान गिराने का आधार नहीं हो सकता. अपराध की सजा देना कोर्ट का काम है. प्रशासन जज बन कर किसी की सजा नहीं तय कर सकता. एक मकान में कई लोग रहते हैं. उनमें से किसी एक की गलती की सजा सबको देना वैसे भी सही नहीं कहा जा सकता.</div>
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<div dir="auto" style="text-align: justify;">कोर्ट ने बुलडोजर कार्रवाई से पहले उचित कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए मकान मालिक को नोटिस भेज कर जवाब का मौका देने की बात कही है. कोर्ट ने कहा है :-</div>
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<div dir="auto" style="text-align: justify;">* बुलडोजर एक्शन में म्युनिसिपल नियमों का पालन हो</div>
<div dir="auto" style="text-align: justify;">* नियमों के मुताबिक मकान मालिक को नोटिस जाए</div>
<div dir="auto" style="text-align: justify;">* यह नोटिस रजिस्टर्ड डाक से भेजा जाए, मकान पर भी चिपकाया जाए</div>
<div dir="auto" style="text-align: justify;">* नोटिस में बताया जाए कि निर्माण कैसे अवैध है? उसे वैध साबित करने के लिए भवन मालिक को कौन से कागजात पेश करने होंगे</div>
<div dir="auto" style="text-align: justify;">* जिसे नोटिस भेजा गया है, उसे कम से कम 15 दिन का समय दें. उससे पहले कार्रवाई न हो. अगर कोई खुद अवैध निर्माण हटाना चाहता है, तो उसे ऐसा करने दिया जाए</div>
<div dir="auto" style="text-align: justify;">* भवन मालिक का जवाब सुन कर आदेश पारित करें</div>
<div dir="auto" style="text-align: justify;">* यह देखा जाए कि क्या जुर्माना वसूल कर निर्माण को नियमित किया जा सकता है या क्या सिर्फ कुछ हिस्से को तोड़ना जरूरी हो</div>
<div dir="auto" style="text-align: justify;">* मकान तभी गिराएं जब इसके अलावा कोई विकल्प न हों</div>
<div dir="auto" style="text-align: justify;">* भवन के मालिक को जो नोटिस भेजा गया है, उसकी जानकारी जिले के डीएम को भी भेजें</div>
<div dir="auto" style="text-align: justify;">* सभी डीएम 1 महीने में विध्वंस से जुड़े मामलों को देखने के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त करें</div>
<div dir="auto" style="text-align: justify;">* एक पोर्टल बना कर 3 महीने में सभी नोटिसों की जानकारी उसमें डालें</div>
<div dir="auto" style="text-align: justify;">* निर्माण को ढहाते समय पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी हो</div>
<div dir="auto" style="text-align: justify;">* कार्यवाही के दौरान वहां मौजूद नगरपालिका और पुलिस के अधिकारियों के नाम दर्ज किए जाएं</div>
<div dir="auto" style="text-align: justify;">* जो अधिकारी इन निर्देशों का पालन न कर मनमाने तरीके से मकान गिराएंगे, उन्हें व्यक्तिगत रूप से इसकी भरपाई करनी होगी. मकान दोबारा बनाने का खर्च उनसे वसूला जाएगा.</div>
<div dir="auto" style="text-align: justify;"> </div>
<div dir="auto" style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://www.abplive.com/news/india/tamil-nadu-chennai-police-arrested-a-man-who-attack-on-doctor-in-cancer-hospital-2822433">चेन्नई में मरीज बनकर कैंसर अस्पताल में डॉक्टर के पास पहुंचा शख्स और चाकू से कर दिए 7 वार, क्या है वजह?</a></strong></div>
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