Sunday, November 30, 2025
किस भारतीय से प्रभावित होकर एलन मस्क ने अपने बेटे का नाम रखा ‘शेखर’, जानें
<p style="text-align: justify;">दुनिया के टॉप अरबपतियों में शामिल एलन मस्क ने खुलासा किया है कि उनके एक बेटे का नाम ‘शेखर’ है और इसके पीछे उनकी भारतीय मूल की पार्टनर शिवोन जिलिस का महत्वपूर्ण योगदान है. मस्क के मुताबिक, बेटे का यह नाम भारतीय-अमेरिकी नोबेल पुरस्कार विजेता एस्ट्रोफिजिसिस्ट सुब्रह्मण्यम चंद्रशेखर को सम्मान देने के लिए रखा गया है. मस्क की पार्टनर शिवोन जिलिस न्यूरालिंक में एक सीनियर एग्जीक्यूटिव हैं.</p>
<p style="text-align: justify;">एक इंटरव्यू के दौरान मस्क ने कहा, “शायद बहुत लोगों को पता नहीं होगा, लेकिन मेरी पार्टनर शिवोन आधी भारतीय हैं. हमारे बेटे का मिडिल नेम ‘शेखर’ हमने चंद्रशेखर के नाम पर रखा है.” उन्होंने आगे अमेरिका में भारतीय पेशेवरों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि भारतीय प्रतिभा ने अमेरिका को अपार लाभ पहुंचाया है. जब उनसे पूछा गया कि क्या शिवोन जिलिस भारत में कभी रहीं तो मस्क ने बताया कि वे इस बारे में श्योर नहीं हैं. “वह कनाडा में पली-बढ़ीं, लेकिन उनकी भारतीय जड़ें पैतृक रूप से जुड़ी हैं.”</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>कौन हैं शिवोन जिलिस?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">शिवोन जिलिस टेक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्षेत्र की जानी-मानी प्रोफेशनल हैं. उन्होंने 2017 में न्यूरालिंक जॉइन किया और वर्तमान में ऑपरेशंस और स्पेशल प्रोजेक्ट्स की डायरेक्टर हैं. मस्क और जिलिस कई सालों से साथ हैं और 2021 में उन्होंने जुड़वां बच्चों स्ट्राइडर और एज्योर का स्वागत किया था. 2024 में उनकी बेटी आर्केडिया का जन्म हुआ, इसके बाद जिलिस ने अपने चौथे बच्चे सेल्डन लिकर्गस के जन्म की जानकारी साझा की. मस्क की दूसरी पार्टनर से भी कई बच्चे हैं और वे अपने अनोखे बच्चों के नामों को लेकर अक्सर सुर्खियों में रहते हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>मस्क ने की भारतीयों की तारीफ</strong></p>
<p style="text-align: justify;">इंटरव्यू के दौरान मस्क ने एक बार फिर भारतीयों की प्रतिभा की जोरदार सराहना की. उन्होंने कहा, “अमेरिका को भारतीय प्रोफेशनल्स से बेहद फायदा हुआ है. उनकी प्रतिभा और योगदान को कम करके नहीं आंका जा सकता.” यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका में भारतीय प्रवासियों के लिए माहौल पहले से अधिक चुनौतीपूर्ण हो रहा है, खासकर मौजूदा ट्रंप प्रशासन की कड़ी इमिग्रेशन नीतियों के कारण. दिलचस्प बात यह है कि चुनाव के दौरान मस्क ट्रंप के करीबी समर्थकों में शामिल थे, हालांकि बाद में उनके रिश्तों में दूरी आ गई.</p>
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कौन से हैं वो 14 बिल जो शीतकालीन सत्र में ला रही सरकार, जानें क्या है विपक्ष का प्लान
<p style="text-align: justify;">संसद के शीतकालीन सत्र की शुरुआत सोमवार (1 दिसंबर, 2025) से हो रही है. इस सत्र के दौरान केंद्र सरकार 14 नए बिल संसद के पटल पर रखने वाली है. दूसरी ओर देश के 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में जारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया और दिल्ली आतंकी हमला समेत कई अहम मुद्दों पर विपक्ष केंद्र सरकार को घेरने की तैयारी में है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>संसद में केंद्र किन 14 विधेयकों को करेगी पेश</strong></p>
<p style="text-align: justify;">संसद का शीतकालीन सत्र आज से 19 दिसंबर, 2025 तक चलेगा, जिसमें कुल 15 बैठकें होंगी. इस दौरान केंद्र सरकार असैन्य परमाणु क्षेत्र को निजी कंपनियों के लिए खोलने समेत 14 विधेयकों को पेश करेगी, जिसमें बीमा कानून, दिवाली कानून, कॉरपोरेट कानू, सिक्योरिटीज मार्केट, राष्ट्रीय राजमार्ग, उच्च शिक्षा आयोग, एटॉमिक एनर्जी, जीएसटी और राष्ट्रीय सुरक्ष से जुड़े सेस बिल शामिल होंगे.</p>
<p style="text-align: justify;">केंद्र सरकार ने कहा है कि संसद की कार्यवाही अच्छी तरह से चलनी चाहिए और वह गतिरोध की स्थिति को टालने के लिए विपक्षी दलों के साथ बातचीत जारी रखेगी. वहीं, संसद के शीतकालीन सत्र को लेकर रविवार (30 नवंबर, 2025) को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक का आयोजित हुई, जिसके बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि मैं सकारात्मक रूप से कह रहा हूं कि हम विपक्ष की बात सुनने के लिए तैयार हैं, संसद सबकी है, देश की है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>संसद में सरकार को घेरने का है विपक्ष का प्लान</strong></p>
<p style="text-align: justify;">मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस (TMC), समाजवादी पार्टी, डीएमके समेत कई पार्टियां संसद के शीतकालीन सत्र में केंद्र सरकार को घेरने की तैयारी है. ऐसे में इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि शीतकालीन सत्र की शुरुआत जोरदार हंगामे और टकराव के साथ हो सकती है.</p>
<p style="text-align: justify;">विपक्ष सबसे पहले देश के 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर प्रक्रिया के विरोध में एकजुट होकर सरकार पर चर्चा करने के लिए जोर डालेगी. हालांकि, सरकार ने पहले ही साफ कर दिया है कि एसआईआर का मुद्दा संसद में नहीं उठाया जा सकता है. विपक्षी पार्टियां केंद्र पर मतदाता सूची से लाखों मतदाताओं के नाम काटने और वोट चोरी के आरोप लगा रही है. उनका कहना है कि सरकार एसआईआर के नाम पर पिछड़े, दलित, वंचित और गरीब वोटरों को लिस्ट में हटाकर अपनी मन के मुताबिक वोटर लिस्ट तैयार कर रही है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://www.abplive.com/news/india/akash-prime-air-defence-system-cost-drdo-indian-army-pakistan-china-all-you-need-to-know-3051505">भारत के आकाश प्राइम डिफेंस सिस्टम की कीमत कितनी, क्यों दुनिया हुई इसके पीछे दीवानी?</a></strong></p>
भारत के आकाश प्राइम डिफेंस सिस्टम की कीमत कितनी, क्यों दुनिया हुई इसके पीछे दीवानी?
<p style="text-align: justify;">भारतीय सेना ने रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) की ओर से विकसित किए गए आकाश प्राइम डिफेंस सिस्टम का हाल ही में सफल परीक्षण किया था. आकाश प्राइम अपने पिछले डिफेंस सिस्टम का लेटेस्ट अपडेटेड वर्जन है. <a title="ऑपरेशन सिंदूर" href="https://www.abplive.com/topic/operation-sindoor" data-type="interlinkingkeywords">ऑपरेशन सिंदूर</a> के दौरान आकाश डिफेंस सिस्टम ने अपने प्रदर्शन से पूरी दुनिया को हैरत में हाल दिया था, जिसकी वजह से इसमें पूरी दुनिया के इंट्रेस्ट बढ़ गया है. अर्मेनिया संग इस मिसाइल डिफेंस सिस्टम की भारत पहले ही डील कर चुका था, तुर्किए के डिफेंस एक्सपर्ट्स ने भी इसका लोहा मान लिया. आज हम भारत के स्वदेशी रक्षा क्षमता को विस्तार देने वाले इस एडवांस मिसाइल डिफेंस सिस्टम की कीमत के बारे में बताने जा रहे हैं. आकाश प्राइम दुनिया में मौजूद कई समान मिसाइल सिस्टम के मुकाबले बेहद कम लागत में विकसित किया गया है. </p>
<p style="text-align: justify;">DRDO की ओर से विकसित किए इस एडवांस मिसाइल सिस्टम का भारतीय सेना ने लद्दाख में सफल परीक्षण किया था. परीक्षण में मिसाइल सिस्टम ने 15,000 फीट से ज्यादा की ऊंचाई पर तेज गति वाले अपनी हवाई निशानों को सफलतापूर्वक मार गिराया था. आकाश प्राइम एडवांस डिफेंस सिस्टम का सफल परीक्षण न सिर्फ भारत की सैन्य तैयारियों को दर्शाता है, बल्कि यह देश की अर्थव्यवस्था और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के साथ भारत के व्यावसायिक नजरिए से ही महत्वपूर्ण है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>किसी भी मौसम और टेरेन में एक्यूरेसी के साथ हमला में सक्षम</strong></p>
<p style="text-align: justify;">DRDO की ओर से विकसित आकाश प्राइम डिफेंस सिस्टम अपने पिछले आकाश प्रणाली का लेटेस्ट अपडेटेड वर्जन है, जिसे स्वदेशी एक्टिव रेडियो फ्रीक्वेंसी (RF) सीकर से लैस किया गया है. इस रेडियो फ्रीक्वेंसी के जरिए आकाश प्राइम एडवांस मिसाइल सिस्टम की किसी भी मौसम और भूभाग में बेहतर एक्यूरेसी के साथ हमला करने की क्षमता बढ़ जाती है.</p>
<p style="text-align: justify;">आकाश प्राइम को भारतीय सेना में आकाश एयर डिफेंस सिस्टम्स के तीसरे और चौथे रेजिमेंट में शामिल किया जाएगा. इससे देश का वायु रक्षा कवच और भी मजबूत होगा. वहीं, यह मिसाइल सिस्टम पाकिस्तान और चीन की ओर से की गई किसी भी संभावित गतिविधि को नाकाम करने में भारत की ताकत को प्रदर्शित करेगा.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>बेहद कम लागत पर किया गया आकाश प्राइम का विकास</strong></p>
<p style="text-align: justify;">अगर आकाश प्राइम एडवांस डिफेंस सिस्टम की बात करें तो अभी तक इसकी प्रति यूनिट कीमत की सार्वजनिक तौर पर घोषणा नहीं की गई है. हालांकि, स्वदेशी तौर पर किए गए विकास ने इस मिसाइल सिस्टम को वैश्विक बाजार में उपलब्ध अन्य एकसमान प्रणालियों के मुकाबले ज्यादा लागत प्रभावी बना दिया है. कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह भी कहा जा रहा है कि पूरी आकाश मिसाइल प्रणाली को विकसित करने में करीब 1,000 करोड़ रुपये (17 करोड़ डॉलर) की लागत खर्च हुई है.</p>
<p style="text-align: justify;">भारत के इतने कम लागत में हाई-क्वालिटी डिफेंस तकनीक को विकसित करने की क्षमता चीन और पाकिस्तान के लिए टेंशन को बढ़ा देगी, क्योंकि अन्य देशों में विकसित इस प्रकार की रक्षा प्रणालियां में भारत के मुकाबले 8-10 गुना ज्यादा लागत आती है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://www.abplive.com/news/india/maulana-kari-abrar-jamal-criticizes-jamiat-ulema-e-hind-chief-mahmood-madani-remarks-over-jihad-3051469">Maulana Kari Abrar Jamal: ‘जिहाद का मतलब देश के खिलाफ...’, महमूद मदनी के बयान पर बोले मौलाना कारी अबरार जमाल</a></strong></p>
Parliament Winter Session Live: संसद के शीतकालीन सत्र की होने वाली है शुरुआत, 14 नए बिल पेश कर सकती है मोदी सरकार
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<p class="pf0" style="text-align: justify;"><span class="cf0">संसद के शीतकालीन सत्र की सोमवार (1 दिसंबर) से शुरुआत होगी. सत्र में केंद्र सरकार 14 नए बिल भी पेश कर सकती है. अहम बात यह है कि शीतकालीन सत्र की शुरुआत हंगामेदार हो सकती है. इसमें गतिरोध पैदा होने के आसार रविवार को उस वक्त दिखाई दिए जब सर्वदलीय बैठक में विपक्षी दलों ने एक सुर में यह मांग उठाई कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर चर्चा कराई जानी चाहिए. </span><span class="cf0">सरकार ने हालांकि कहा कि संसद की कार्यवाही अच्छी तरह चलनी चाहिए और वह गतिरोध की स्थिति को टालने के लिए विपक्षी दलों के साथ बातचीत जारी रखेगी. </span></p>
<p class="pf0" style="text-align: justify;"><span class="cf0">सर्वदलीय बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि यह शीतकालीन सत्र है और इसमें सबको ठंडे दिमाग से काम करना चाहिए. </span><span class="cf0">कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस और कई अन्य विपक्षी दलों ने सत्र की शुरुआत से एक दिन पहले बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में एसआईआर के साथ ही दिल्ली विस्फोट की पृष्ठभूमि में राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया. </span></p>
<p class="pf0" style="text-align: justify;"><span class="cf0">इसके साथ ही, उन्होंने वायु प्रदूषण, विदेश नीति, किसानों की स्थिति, महंगाई, बेरोजगारी और कुछ अन्य विषयों पर सत्र के दौरान चर्चा कराने का आग्रह किया. </span><span class="cf0">बिहार विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की प्रचंड जीत से उत्साहित केंद्र सरकार इस सत्र में 14 बिल पेश कर सकती है. </span></p>
<p class="pf0" style="text-align: justify;"><span class="cf0">इस सर्वदलीय बैठक में 36 राजनीतिक दलों के 50 नेता शामिल हुए. </span><span class="cf0">बैठक में सरकार की तरफ से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल शामिल हुए. </span><span class="cf0">कांग्रेस के प्रमोद तिवारी, कोडिकुनिल सुरेश, तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओब्रायन, समाजवादी पार्टी के राम गोपाल यादव, द्रमुक के तिरुचि शिवा और कई अन्य दलों के नेता बैठक में शामिल हुए.</span></p>
<p class="pf0" style="text-align: justify;"><span class="cf0">कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार द्वारा संसद के शीतकालीन सत्र से एक दिन पहले बुलाई गई सर्वदलीय बैठक महज एक औपचारिकता थी. </span><span class="cf0">सर्वदलीय बैठक के बाद लोकसभा में कांग्रेस के उप नेता गौरव गोगोई ने कहा, ''ऐसा लगता है कि भाजपा, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व वाली सरकार लोकतंत्र, संसदीय परंपरा और मर्यादा को खत्म करने की कोशिश कर रही है.'' </span><span class="cf0">उन्होंने दावा किया कि सरकार खुद संसद को ‘डिरेल करने’ (पटरी से उतारने) की कोशिश कर रही है.</span></p>
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पाकिस्तान खेल रहा गंदा खेल, तीन आतंकी गिरफ्तार, जानें भारत में क्या करने वाले थे ये ?
<p style="text-align: justify;">दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पाकिस्तान में मौजूद ISI समर्थित गैंगस्टर-टर्न्ड-आतंकी शहजाद भट्टी और उसके सहयोगियों की ओर से चलाए जा रहे एक अंतरराष्ट्रीय और अंतरराज्यीय आतंकवाद मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए तीन आतंकवादियों को गिरफ्तार किया है. ये मॉड्यूल गुरदासपुर सिटी पुलिस स्टेशन के बाहर मंगलवार (25 नवंबर, 2025) को किए गए ग्रेनेड हमले में भी शामिल था.</p>
<p style="text-align: justify;">दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार (28 नवंबर, 2025) को मध्य प्रदेश के दरिया से 19 साल के विकास प्रजापति उर्फ बेटू को गिरफ्तार किया था, जिसके बाद शनिवार (29 नवंबर) को पंजाब के फिरोजपुर से 19 साल के हरगुनप्रीत सिंह उर्फ गुरकरणप्रीत सिंह और रविवार (30 नवंबर, 2025) सुबह उत्तर प्रदेश के बिजनौर से 22 साल के आसिफ उर्फ अरिश को गिरफ्तार किया गया है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>आतंकी मॉड्यूल के बारे में स्पेशल सेल के अधिकारी ने दी जानकारी</strong></p>
<p style="text-align: justify;">दिल्ली पुलिस ने कहा कि आतंकी विकास के पास से एक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल और 10 जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं. साथ ही आतंकियों के मोबाइल फोन में शहजाद भट्टी और उसके विदेश में स्थित नेटवर्क के साथ किए गए कई सोशल मीडिया चैट्स और हमले से संबंधित वीडियो भी बरामद हुए हैं.</p>
<p style="text-align: justify;">दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल के एडिशनल कमिश्नर प्रमोद कुशवाह ने एबीपी न्यूज को बताया कि स्पेशल सेल की पूर्वी रेंज टीम ने पाकिस्तान में मौजूद आतंकवादी शहजाद भट्टी पर गुप्त निगरानी रखी हुई थी, जो भारत में आतंकी गतिविधियों की योजना बना रहा था. निगरानी के दौरान पुलिस को पता चला कि विकास प्रजापति उर्फ बेटू, जोकि एक हथियार तस्करी मामले में वांटेड था, भट्टी के संपर्क में था और सोशल मीडिया प्लेटफार्मों के जरिए उससे बात करता था. उसकी लोकेशन गुरदासपुर, पंजाब में पाई गई थी और फिर दिल्ली की ओर आते समय उसकी ट्रैक की गई.</p>
<p style="text-align: justify;">कुशवाह ने बताया कि भट्टी उसे अक्सर अपने फोन को बंद रखने के निर्देश देता था. 48 घंटे की लगातार खोज के बाद, पुलिस को सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस टीम ने विकास को मध्य प्रदेश के दतिया के इंदेगढ़ से गिरफ्तार कर लिया.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को लालच देता था भट्टी</strong></p>
<p style="text-align: justify;">कुशवाह ने आगे कहा कि मॉड्यूल का पाकिस्तानी हैंडलर शहजाद भट्टी और उसके सहयोगियों ने सोशल मीडिया के माध्यम से भारतीय युवाओं को टारगेट किया था. उन्हें पैसे का लालच देकर रिक्रूट किया गया और उनके सोशल मीडिया प्रोफाइल्स के जरिए उनका चयन किया गया. भट्टी और उसके साथी पूरे ऑपरेशन को दूर से नियंत्रित करते थे, जैसे कि रेकी कराना, पैसे पहुंचाना, लॉजिस्टिक्स और टारगेट के बारे में बताना.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>दिल्ली पुलिस की पूछताछ में क्या हुआ खुलासा</strong><strong>?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">दिल्ली पुलिस की पूछताछ में यह खुलासा हुआ है कि यह एक विदेशी नियंत्रण वाला आतंकवादी मॉड्यूल था, जिसमें पैसे के लालच से युवाओं को इस्तेमाल किया जाता था और फिर उन्हें आतंकवादी हमलों के लिए भेजा जाता था.</p>
<p style="text-align: justify;">दिल्ली पुलिस के मुताबिक, विकास प्रजापति उर्फ बेटू, मध्य प्रदेश के दतिया का निवासी है और इंदेगढ़ की अनाज मंडी में मजदूरी करता था. उसने गैंगस्टर-टर्न्ड-आतंकी शहजाद भट्टी के सोशल मीडिया पर प्रभाव से प्रेरित होकर, भट्टी से इंस्टाग्राम के माध्यम से कॉन्टैक्ट किया. भट्टी ने उसे पैसों का लालच दिया और अवैध हथियार तस्करी के मामलों में भी उसे शामिल किया और फिर भट्टी ने विकास को गुरदासपुर भेजा, जहां उसे एक पार्सल मुहैया कराया गया. भट्टी ने वीडियो कॉल के जरिए विकास को हैंडग्रेनेड को खोलने और उसे एक्टिव करने का तरीका बताया. विकास ने गुरदासपुर और अमृतसर के पुलिस स्टेशनों की रेकी की और वीडियो भेजे और फिर भट्टी ने उसे हरगुनप्रीत सिंह और उसके सहयोगी को ग्रेनेड सौंपने का निर्देश दिया.</p>
<p style="text-align: justify;">वहीं दूसरे गिरफ्तार आतंकी हरगुनप्रीत सिंह उर्फ गुरकरणप्रीत के बारे में पुलिस ने बताया कि हरगुनप्रीत पंजाब के फिरोजपुर का निवासी है और कक्षा 12 तक ही पढ़ाई की है. वह भट्टी से एक दोस्त के जरिए संपर्क में आया. पैसों के लालच में वह गुरदासपुर पुलिस स्टेशन पर हमला करने के लिए तैयार हो गया और पिछले हफ्ते मंगलवार (25 नवंबर, 2025) को उसने और उसके साथियों ने गुरदासपुर पुलिस स्टेशन के बाहर ग्रेनेड फेंका.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>भट्टी ने आसिफ को ग्रेनेड हमला करने के लिए भेजा था पंजाब- दिल्ली पुलिस</strong></p>
<p style="text-align: justify;">जबकि तीसरे गिरफ्तार आतंकी आसिफ उर्फ अरिश के बारे में पुलिस ने बताया कि आसिफ उत्तर प्रदेश के बिजनौर के मच्छमार गांव का रहने वाला है, जोकि सिर्फ कक्षा 5 तक ही पढ़ा है. वह लगभग ढाई महीने पहले इंस्टाग्राम के जरिए शहजाद भट्टी से जुड़ा था. भट्टी ने उसे पंजाब में एक ग्रेनेड फेंकने का निर्देश दिया और उसे एक नक्शा और फोटो भेजा था. इसके अलावा दिल्ली पुलिस ने बताया कि इस मामले में बाकी फरार व्यक्तियों की तलाश के लिए छापेमारी भी जारी है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://www.abplive.com/news/india/parliament-winter-session-2025-blo-suicide-sir-delhi-blast-ask-questions-rahul-gandhi-pm-modi-amit-shah-3051434">SIR, BLO की मौत और दिल्ली धमाका... संसद में इन मुद्दों पर घेरेगी कांग्रेस, सरकार का क्या है एजेंडा?</a></strong></p>
फिर मुश्किलों में शेख हसीना! 74 लोगों की मौत के मामले में नाम आया सामने, जानें क्या है 16 साल पुराना केस?
<p style="text-align: justify;">बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की कानूनी और राजनीतिक मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं. अब 16 साल पुराने बांग्लादेश राइफल्स (BDR) विद्रोह की जांच कर रहे एक आयोग ने चौंकाने वाले दावे किए हैं. आयोग के अनुसार, 2009 में हुए इस खूनी विद्रोह के पीछे कथित तौर पर शेख हसीना का ही निर्देश था, जिसमें कई शीर्ष सैन्य अधिकारियों की हत्या कर दी गई थी.</p>
<p style="text-align: justify;">AFP की रिपोर्ट में कहा गया है कि आयोग ने अपनी जांच में यह भी आरोप लगाया है कि बांग्लादेश सेना को कमजोर करने की इस साजिश में भारत की भूमिका थी. रविवार को जारी रिपोर्ट में आए ये निष्कर्ष 78 वर्षीय हसीना पर नए दबाव डालते हैं, जो पहले से ही पिछले साल हुए छात्र विरोध प्रदर्शनों पर सरकारी कार्रवाई के मामले में ‘मानवता के खिलाफ अपराध’ के आरोपों में मौत की सजा पा चुकी हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>74 लोगों की चली गई थी जान</strong></p>
<p style="text-align: justify;">हसीना के खिलाफ यह नया मोर्चा नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस की अध्यक्षता में काम कर रही अंतरिम सरकार के उस कदम के बाद खुला है, जिसमें सत्ता से बेदखल होने के बाद BDR विद्रोह की दोबारा जांच के लिए आयोग गठित किया गया था. 2009 में ढाका से शुरू हुआ यह विद्रोह दो दिनों में पूरे देश में फैल गया था और 74 लोगों की जान ले ली थी. यह घटना हसीना की वापसी के कुछ ही हफ्तों बाद हुई थी.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>आयोग प्रमुख ने किया बड़ा दावा</strong></p>
<p style="text-align: justify;">आयोग प्रमुख ए.एल.एम. फजलुर रहमान ने दावा किया है कि उस समय की अवामी लीग सरकार इस विद्रोह में सीधे तौर पर शामिल थी. उन्होंने पूर्व सांसद फजले नूर तापस को इस साजिश का मुख्य समन्वयक बताते हुए आरोप लगाया कि तापस ने हसीना के इशारे पर यह योजना अमल में लाई.</p>
<p style="text-align: justify;">भारतीय भूमिका के दावों ने मामला और गंभीर किया है. रहमान ने कहा कि एक विदेशी ताकत की संलिप्तता के स्पष्ट प्रमाण मिले हैं और खुलकर भारत का नाम लिया. उनके अनुसार, विद्रोह के समय 921 भारतीय बांग्लादेश में प्रवेश किए थे, जिनमें से 67 का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला, जिसे भारतीय भूमिका के सबूत के रूप में पेश किया गया है. भारत की ओर से अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>2024 से भारत में रह रहीं शेख हसीना</strong></p>
<p style="text-align: justify;">ध्यान देने वाली बात है कि जुलाई-अगस्त 2024 में बड़े पैमाने पर हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद शेख हसीना भारत चली गई थीं, जिससे दोनों देशों के रिश्ते पहले से ही तनावपूर्ण बने हुए हैं. आयोग की रिपोर्ट जारी होने के बाद यूनुस ने कहा कि अब सच सामने आ चुका है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें-</strong></p>
<p style="text-align: justify;"><strong><a title="गुटखा-पान मसाला बनाने वालों पर पाबंदी की तैयारी, सरकार संसद में ला रही नया सेस बिल, शीतकालीन सत्र में क्या-क्या होगा?" href="https://www.abplive.com/news/india/gutkha-pan-masala-national-security-public-health-cess-bill-tax-registration-tobacco-regulation-nirmala-sitharaman-3051468" target="_self">गुटखा-पान मसाला बनाने वालों पर पाबंदी की तैयारी, सरकार संसद में ला रही नया सेस बिल, शीतकालीन सत्र में क्या-क्या होगा?</a></strong></p>
Maulana Kari Abrar Jamal: ‘जिहाद का मतलब देश के खिलाफ...’, महमूद मदनी के बयान पर बोले मौलाना कारी अबरार जमाल
<p style="text-align: justify;">मौलाना महमूद मदनी के जिहाद को लेकर हाल ही में दिए बयान पर मुस्लिम संगठनों के भीतर से भी कड़ी प्रतिक्रिया आने लगी है. जमीयत हिमायतुल इस्लाम के राष्ट्रीय अध्‍यक्ष मौलाना कारी अबरार जमाल ने रविवार (30 नवंबर, 2025) को मदनी के बयान पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि जिहाद का वास्तविक अर्थ समझना जरूरी है. जिहाद का मतलब किसी समाज या देश के खिलाफ लड़ाई नहीं, बल्कि बुराइयों के खिलाफ संघर्ष, सुधार और अच्छे कार्यों को बढ़ावा देना है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>आतंकियों के खिलाफ फतवा जारी करते, तो फायदेमंद होता- जमाल</strong></p>
<p style="text-align: justify;">कारी अबरार जमाल ने कहा, “अगर मौलाना महमूद मदनी अपने समुदाय के भीतर मौजूद समस्याओं, गलतफहमियों और उन लोगों के खिलाफ जिहाद की बात करते जो सीधे या परोक्ष रूप से आतंकवादियों का समर्थन करते हैं तो उसका एक सकारात्मक और सार्थक संदेश जाता. अगर वह आतंकवादियों के खिलाफ जिहाद का फतवा जारी करते तो यह कदम वाकई समाज के लिए लाभकारी और प्रेरणादायक होता.”</p>
<p style="text-align: justify;">उन्होंने कहा, “इसके विपरीत, मदनी की ओर से देश के करोड़ों सनातनियों के खिलाफ दिए जा रहे बयान अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण हैं. हिंदू समुदाय ने हमेशा मुसलमानों के साथ खड़े होकर भाईचारे और सद्भाव का परिचय दिया है. चाहे त्योहार हों, खुशियां हों या कठिन घड़ी, उन्होंने हमेशा साथ दिया है.”</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>हिंदुओं के खिलाफ जिहाद की बात करना गलत - कारी अबरार जमाल</strong></p>
<p style="text-align: justify;">मौलाना कारी अबरार जमाल ने इतिहास का जिक्र करते हुए कहा, “1947 में भारत-पाकिस्तान विभाजन के समय भी हिंदू समाज ने मुसलमानों से कहा था कि यही आपका मुल्क है, हम आपकी हिफाजत करेंगे. ऐसे में हिंदुओं के खिलाफ जिहाद की बात करना निरर्थक और गलत है. ऐसे बयान देश के माहौल को खराब करते हैं और यह भारत की प्रगति के लिए भी ठीक नहीं है.”</p>
<p style="text-align: justify;">उन्होंने कहा, “देश तेजी से विकास की ओर बढ़ रहा है और 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया गया है. ऐसे समय में जिहाद और आतंकवाद जैसे शब्दों को बढ़ावा देना समाज को गलत दिशा में ले जा सकता है.”</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>मौलाना महमूद मदनी से कारी अबरार जमाल ने की अपील</strong></p>
<p style="text-align: justify;">उन्होंने मौलाना महमूद मदनी से अपील करते हुए कहा, “उन्हें मुसलमानों को राष्ट्रवाद और एकता का संदेश देना चाहिए, न कि समाज में विभाजन पैदा करने वाला विमर्श देना चाहिए. उलेमा को आतंकवाद के खिलाफ सख्त फतवा जारी करना चाहिए. अगर कोई व्यक्ति आतंकवादी गतिविधियों में पकड़ा जाता है तो हम उसका जनाजा नहीं पढ़ेंगे और उसे कब्रिस्तान में दफनाने की जगह भी नहीं देंगे.”</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://www.abplive.com/news/india/former-hyderabad-mla-raja-singh-lashed-out-at-maulana-madani-statement-issued-threat-ann-3051423">'जो मुल्ला गद्दारी करेगा...', मौलाना महमूद मदनी के बयान पर हैदराबाद के पूर्व MLA टी राजा सिंह के बिगड़े बोल, दे डाली धमकी</a></strong></p>
गुटखा-पान मसाला बनाने वालों पर पाबंदी की तैयारी, सरकार संसद में ला रही नया सेस बिल, शीतकालीन सत्र में क्या-क्या होगा?
<p style="text-align: justify;">केंद्र सरकार गुटखा और पान मसाला उद्योग पर अब तक की सबसे बड़ी सख्ती करने जा रही है. लंबे समय से इन उत्पादों के बढ़ते इस्तेमाल, स्वास्थ्य जोखिमों और टैक्स चोरी की शिकायतों के बाद सरकार ने अब एक नया और कड़ा वित्तीय प्रावधान लागू करने की तैयारी कर ली है. सरकार ‘नेशनल सिक्योरिटी और जन स्वास्थ्य सेस’ नाम का नया टैक्स लगाने की योजना बना रही है, जिसके जरिए न केवल इन उत्पादों के निर्माताओं पर नियंत्रण मजबूत किया जाएगा, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और पब्लिक हेल्थ मिशनों के लिए अतिरिक्त संसाधन भी जुटाए जाएंगे. </p>
<p style="text-align: justify;">संसद के आगामी शीतकालीन सत्र में पेश होने वाले ‘हेल्थ सिक्योरिटी से नेशनल सिक्योरिटी सेस बिल 2025’ को सरकार स्वास्थ्य और सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने के लिहाज से एक महत्वपूर्ण आर्थिक सुधार मान रही है. आइए, इसके बारे में बड़ी बातें जानते हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>1.</strong> वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण यह बिल लोकसभा में रखेंगी. इसका उद्देश्य राष्ट्रीय सुरक्षा और स्वास्थ्य योजनाओं के लिए अतिरिक्त धन जुटाना है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>2.</strong> नया सेस गुटखा-पान मसाला बनाने वाली मशीनों और उत्पादन प्रक्रिया पर लगेगा. यानी टैक्स उत्पादन क्षमता के आधार पर तय होगा, न कि तैयार उत्पाद की मात्रा पर. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>3.</strong> चाहे सामान मशीन से बने या हाथ से, सभी निर्माताओं को हर महीने सेस देना अनिवार्य होगा. हाथ से उत्पादन करने वालों के लिए भी फिक्स्ड मासिक शुल्क तय होगा.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>4.</strong> संसद में मंजूरी के बाद इस सेस से जुटाई गई राशि राष्ट्रीय सुरक्षा और पब्लिक हेल्थ प्रोजेक्ट्स पर खर्च की जाएगी. जरूरत पड़ने पर सरकार इस सेस को दोगुना भी कर सकती है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>5.</strong> नियमों का पालन न करने पर 5 साल तक की जेल की सजा का प्रावधान है. हालांकि कंपनियां अपीलीय अधिकारियों से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक अपील कर सकेंगी.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>6.</strong> हर गुटखा-पान मसाला निर्माता को अनिवार्य रूप से रजिस्ट्रेशन कराना होगा. इसके बिना उत्पादन करना अवैध माना जाएगा.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>7.</strong> जिन कंपनियों पर यह सेस लागू होगा उन्हें मासिक रिटर्न दाखिल करना अनिवार्य होगा. सरकारी अधिकारी जांच और ऑडिट कर सकेंगे.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>8</strong>. अगर कोई मशीन या उत्पादन प्रक्रिया 15 दिनों से अधिक बंद रहती है तो उस अवधि के लिए सेस में छूट मिल सकती है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>9.</strong> यह बिल तंबाकू और पान मसाला उद्योग पर नकेल कसने और सरकारी राजस्व बढ़ाने की दिशा में सरकार का सबसे बड़ा कदम माना जा रहा है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें-</strong></p>
<p style="text-align: justify;"><strong><a title="SIR, BLO की मौत और दिल्ली धमाका... संसद में इन मुद्दों पर घेरेगी कांग्रेस, सरकार का क्या है एजेंडा?" href="https://www.abplive.com/news/india/parliament-winter-session-2025-blo-suicide-sir-delhi-blast-ask-questions-rahul-gandhi-pm-modi-amit-shah-3051434" target="_self">SIR, BLO की मौत और दिल्ली धमाका... संसद में इन मुद्दों पर घेरेगी कांग्रेस, सरकार का क्या है एजेंडा?</a></strong></p>
Explained: ब्रीफकैस में यूरिन वापस जाएगा, खाने से पहले लैब में जांच होगी, पुतिन की सुरक्षा अलग क्यों, कैसे भारत दौरा खास है?
<p style="text-align: justify;">रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 4 दिसंबर को 2 दिवसीय भारत दौरे पर आएंगे. पुतिन 23वीं भारत-रूस समिट में हिस्सा लेंगे. वह प्रधानमंत्री <a title="नरेंद्र मोदी" href="https://www.abplive.com/topic/narendra-modi" data-type="interlinkingkeywords">नरेंद्र मोदी</a> और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात भी करेंगे. लेकिन पुतिन का भारत दौरा 2 बड़ी वजहों से चर्चा में बना है. एक उनकी सिक्योरिटी, जो भारत से उनका यूरिन तक वापस रूस ले जाएगी और दूसरी वजह पुतिन के गिरफ्तार होने का डर. <em><strong>ABP एक्सप्लेनर में समझते हैं कि रूसी राष्ट्रपति की सिक्योरिटी खास क्यों है, क्या वह भारत में गिरफ्तार होंगे और उनके भारत आने से क्या फायदा होगा...</strong></em></p>
<p style="text-align: justify;"><strong>सवाल 1- रूस के राष्ट्रपति की सुरक्षा दुनिया के बाकी लीडर्स से अलग कैसे होती है?</strong><br /><strong>जवाब-</strong> व्लादिमीर पुतिन की सुरक्षा की जिम्मेदारी प्रेसिडेंशियल सिक्योरिटी सर्विस (SBP) की होती है. यह फेडरल गार्ड सर्विस (FSO) का हिस्सा है, जिसमें 50 हजार लोग काम करते हैं. ये ट्रम्प की सुरक्षा में तैनात अमेरिका की सीक्रेट सर्विस से 6 गुना ज्यादा संख्या है.</p>
<ul>
<li style="text-align: justify;">पुतिन को हमेशा 30 हथियारबंद गार्ड्स घेरे रहते हैं. इसके अलावा उनके आस-पास मौजूद सैकड़ों लोगों में भी FSO के लोग होते हैं. इसमें आइसक्रीम वेंडर से लेकर भीड़ में नारे लगाने वाला कोई भी हो सकता है.</li>
<li style="text-align: justify;">2019 में कनाडा के पूर्व प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो पुतिन के ज्यादा करीब आ गए. अचानक पुतिन का बॉडीगार्ड आगे लपका, तो पुतिन ने हाथ दिखाकर रोक दिया.</li>
<li style="text-align: justify;">पुतिन कहीं सफर करते हैं, तो उनके साथ पर्सनल शेफ और पोर्टेबल लैब भी जाती है. उनके खाने की हर चीज की पहले जांच होती है. 2019 में जापान में G20 समित के दौरान पुतिन अपने साथ रूसी शेफ और पानी की बोतलें लाए थे.</li>
<li style="text-align: justify;">पुतिन के बॉडीगार्ड्स के हाथ में 3 तरह के ब्रीफकेस होते हैं. पहला बुलेटप्रूफ शील्ड होती है. दूसरा पुतिन का बायोमैटीरियल कलेक्ट करने के लिए और तीसरा न्यूक्लियर ब्रीफकेस होता है.</li>
<li style="text-align: justify;">कहीं जाने पर पुतिन अपनी कोई निशानी नहीं छोड़ते. उनके गार्ड्स सारे फिंगरप्रिंट साफ करते हैं. यहां क कि उनके बाल और यूरिन तक कलेक्ट कर लेते हैं. ताकी इनके जरिए दुश्मन को पुतिन की बीमारी का पता न चल जाए और उसका डिप्लोमैटिक फायदा न उठाया जा सके. पुतिन कोई इलेक्ट्रिकल डिवाइस नहीं छूते. यानी खुद से लाइट स्विच भी ऑन नहीं करते हैं.</li>
<li style="text-align: justify;">पुतिन हमेशा बुलेटप्रूफ सूट पहनते हैं, जिसके वजह की वजह से उनकी चाल में झुकाव होता है. वह बुलेटप्रूफ लिमोजिन कार में सफर करते हैं. यह बम प्रूफ और गैस के हमलों से भी बच सकती है. पुतिन के ड्राइवर रिवर्स गाड़ी चलाते हुए भी एक हाथ से फायरिंग कर सकते हैं.</li>
<li style="text-align: justify;">वह संवेदनशील जगहों पर अपने बॉडी डबल्स का भी इस्तेमाल करते हैं. 2023 में यूक्रेनी खुफिया एजेंट ने दावा किया कि पुतिन के पास कम से कम तीन डबल्स हैं, जो उनकी शारीरिक बनावट और आवाज की नकल करते हैं.</li>
</ul>
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<figure class="image"><img src="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2025/11/30/c1993c0d11e37ea3ff5ffd7144a0b7f517645240961671317_original.jpg" alt="पुतिन की लिमोजिन कार" />
<figcaption>पुतिन की लिमोजिन कार</figcaption>
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<p style="text-align: justify;"><strong>सवाल 2- पुतिन के भारत आने पर सिक्योरिटी कैसी होगी?</strong><br /><strong>जवाब-</strong> पुतिन जब भारत पहुंचेंगे तो उनके कॉन्वॉय फिक्स होगा. भारत में वह PM मोदी और राष्ट्रपति <a title="द्रौपदी मुर्मू" href="https://www.abplive.com/topic/droupadi-murmu" data-type="interlinkingkeywords">द्रौपदी मुर्मू</a> से कब मिलेंगे, कैसे मिलेंगे, दरवाजा कौन खोलेगा, कौन फूल देकर स्वागत करेगा और किसने कौन से कलर के कपड़े पहने होंगे, यह सब पहले से तय होगा. अगर किसी शख्स ने दूसरे रंग के कपड़े पहने, तो सिक्योरिटी अलर्ट हो जाएगी और पुतिन को सुरक्षित किया जाएगा.</p>
<p style="text-align: justify;">पुतिन के साथ FSO की स्पेट्सनाज यूनिट यानी अल्फा ग्रुप और विमपेल जैसी स्पेशल फोर्स यूनिट तैयार रहेंगी. ये यूनिट्स रूसी सैन्य खुफिया एजेंसी GRU के साथ लगातार संपर्क में रहती हैं. कोई खतरा होने पर यह यूनिट्स पुतिन को किसी सुरक्षित जगह या उनके विमान IL-96 जेटलाइनर विमान तक एस्कॉर्ट करके ले जाती हैं.</p>
<p style="text-align: justify;">IL-96 जेटलाइनर विमान एक उड़ता हुआ कमांड सेंटर है, जिसमें रडार से लेकर सभी जरूरी सिक्योरिटी फीचर्स मौजूद होते हैं. पुतिन के क्रेमलिन से बाहर रहने के दौरान रूसी खुफिया एजेंसी, साइबर टीम एक्टिव रहती हैं. दरअसल, पुतिन के रूस से बाहर जाने पर उनके गिरफ्तार होने का भी खतरा रहता है.</p>
<p style="text-align: justify;"> </p>
<figure class="image"><img src="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2025/11/30/05ceda8126a2b67902c4f266a77a08d517645243501801317_original.jpg" alt="पुतिन का IL-96 जेटलाइनर विमान किसी 5 स्टार होटल से कम नहीं" />
<figcaption>पुतिन का IL-96 जेटलाइनर विमान किसी 5 स्टार होटल से कम नहीं</figcaption>
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<p style="text-align: justify;"><strong>सवाल 3- रूस के राष्ट्रपति पुतिन को कौन और क्यों गिरफ्तार कर सकता है?</strong><br /><strong>जवाब-</strong> 17 जुलाई 1998 को इटली के रोम में एक समझौता हुआ. इसमें दुनियाभर में अपराधों की जांच और मुकदमे के लिए एक इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट यानी ICC बनाई गई. फ्रांस, जर्मनी, इटली, स्पेन, स्विट्जरलैंड और स्वीडन जैसे 124 देश इसके सदस्य हैं. यानी ICC से सजा पाया कोई व्यक्ति इन 125 देशों में पकड़ा गया, तो उसे फौरन नीदरलैंड्स में ICC के हेडक्वार्टर भेज दिया जाएगा.</p>
<p style="text-align: justify;"> </p>
<figure class="image"><img src="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2025/11/30/772fda64050518dbfab46fd6257a511217645245549141317_original.jpg" alt="2023 में ICC ने पुतिन के खिलाफ वारंट जारी किया था" />
<figcaption>2023 में ICC ने पुतिन के खिलाफ वारंट जारी किया था</figcaption>
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<p style="text-align: justify;">17 मार्च 2023 को ICC ने पुतिन के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया. उन पर यूक्रेन के बच्चों को अवैध रूप से रूस ले जाने का आरोप है. ICC इसे युद्ध अपराध मानता है. जुलाई 2025 में ब्राजील में हुए BRICS सम्मेलन में पुतिन नहीं गए, क्योंकि ब्राजील भी ICC का सदस्य है. वहां कोई गारंटी नहीं थी कि पुतिन को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा. पुतिन ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए BRICS में हिस्सा लिया. इसी तरह 2023 के साउथ अफ्रीका में हुए BRICS सम्मेलन में भी पुतिन नहीं गए.</p>
<p style="text-align: justify;">15 अगस्त को पुतिन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात अमेरिका के अलास्का में हुई थी. डोनाल्ड ट्रंप और पुतिन ने मुलाकात के लिए अलास्का को चुना, क्योंकि यह अमेरिका का स्टेट है और अमेरिका ICC का सदस्य देश नहीं है. अमेरिका ICC के अधिकार क्षेत्र को नहीं मानता. 31 दिसंबर 2000 को तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने आखिरी कार्यकाल में रोम संधि पर हस्ताक्षर किए. लेकिन इसके बाद अगले राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश ने इस समझौते को मानने से इनकार कर दिया था.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>सवाल 4- तो क्या पुतिन भारत में गिरफ्तार हो सकते हैं?</strong><br /><strong>जवाब-</strong> नहीं. पुतिन के भारत आने पर उन्हें गिरफ्तार करने का कोई कानूनी या व्यावहारिक आधार नहीं है. भारत ICC का सदस्य नहीं है. दरअसल, भारत ने 1998 के रोम स्टैट्यूट पर हस्ताक्षर ही नहीं किया था. इसलिए, भारत ICC वारंट के प्रति बाध्य नहीं है. अगर भारत ICC का सदस्य होता, फिर भी वह इसे मानने के लिए मजबूर नहीं होता, क्योंकि ICC का वारंट उसके सदस्य देशों के लिए एक सलाह होती है.</p>
<p style="text-align: justify;">2015 में जब ICC ने सूडान के तत्कालीन राष्ट्रपति उमर अल-बशीर के खिलाफ वारंट जारी किया, तो भारत ने उनकी गिरफ्तारी नहीं की थी. तब ICC ने भारत से बशीर को गिरफ्तार करके उसे सौंपने के लिए कहा था, लेकिन भारत ने ऐसा कुछ नहीं किया था.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>सवाल 5- पुतिन के भारत आने से क्या फायदा होगा?</strong><br /><strong>जवाब-</strong> पुतिन 23वीं भारत-रूस समिट में भाग लेंगे. यह भारत और रूस के बीच होने वाली सालाना बैठक का हिस्सा है. हर साल दोनों देश बारी-बारी से इस बैठक की मेजबानी करते हैं. इस बार भारत की बारी है. पुतिन के भारत आने से भारत को रक्षा, ऊर्जा, व्यापार और कूटनीति जैसे क्षेत्रों में फायदा होगा. इससे हमारी 'विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी' मजबूत होगी और अमेरिकी दबाव के बावजूद रूस से सस्ता तेल-हथियार मिलते रहेंगे. एक्सपर्ट्स के मुताबिक-</p>
<ul>
<li style="text-align: justify;">भारत की सेना का 46% हथियार रूस से आते हैं. पुतिन की यात्रा में S-400 एयर डिफेंस सिस्टम के 5 और स्क्वाड्रन (लगभग 5,000 करोड़ रुपए की डील) खरीदने पर चर्चा होगी. यह सिस्टम मई 2025 में '<a title="ऑपरेशन सिंदूर" href="https://www.abplive.com/topic/operation-sindoor" data-type="interlinkingkeywords">ऑपरेशन सिंदूर</a>' में पाकिस्तान के खिलाफ बहुत काम आया था.</li>
<li style="text-align: justify;">पांचवीं पीढ़ी के सुखोई-57 फाइटर जेट के 2-3 स्क्वाड्रन पर फैसला हो सकता है. यह अमेरिकी F-35 का सस्ता विकल्प बनेगा.</li>
<li style="text-align: justify;">पुराने T-72 टैंकों के लिए 1,000 हॉर्सपावर इंजन की डील टेक्नोलॉजी ट्रांसफर के साथ हो सकती है, जो मार्च 2025 में साइन हुई थी. इसके जरिए भारत में ही प्रोडक्शन बढ़ेगा. इससे नौकरियां और 'मेक इन इंडिया' को बूस्ट मिलेगा.</li>
<li style="text-align: justify;">रूस भारत का सबसे बड़ा तेल सप्लायर है. 2025 की पहली छमाही में भारत ने रोज 1.6 मिलियन बैरल रूसी क्रूड तेल खरीदा, जो 2020 में सिर्फ 50,000 था. इससे तेल की कीमतें कम रहीं और भारत को सालाना अरबों डॉलर की बचत हुई थी.</li>
<li style="text-align: justify;">पुतिन की यात्रा में आर्कटिक शेल्फ और फार ईस्ट में जॉइंट प्रोजेक्ट्स जैसी नई एनर्जी डील्स होंगी. छोटे मॉड्यूलर न्यूक्लियर रिएक्टर (SMRs) महाराष्ट्र में बनाने का MoU आगे बढ़ेगा.</li>
<li style="text-align: justify;">ट्रंप ने रूसी तेल खरीदने पर 50% टैरिफ लगाया था, जिसका जवाब देने के लिए 'स्पेशल मैकेनिज्म' बनेगा, ताकि तेल सप्लाई बिना रुकावट चले.</li>
<li style="text-align: justify;">भारत की 40% तेल जरूरत रूस से पूरी होती रहेगी, जो महंगाई कंट्रोल करेगी. यह 2030 तक 100 बिलियन डॉलर ट्रेड टारगेट में एनर्जी बड़ा रोल निभाएगा.</li>
<li style="text-align: justify;">2024-25 में भारत-रूस ट्रेड 68.7 बिलियन डॉलर रहा, जो 2022 से 6 गुना ज्यादा है. लेकिन भारत का डेफिसिट 59 बिलियन डॉलर है. पुतिन की यात्रा में इसे बैलेंस करने के लिए भारतीय निर्यात पर फोकस करके रूस में मार्केट एक्सेस बढ़ेगा.</li>
<li style="text-align: justify;">यूरेशियन इकोनॉमिक यूनियन (EAEU) के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) तेज होगा. अगस्त 2025 का 18-महीने प्लान MSMEs और किसानों के लिए रूस-बेलारूस मार्केट खोलेगा.<br />नेशनल करेंसी (रुपया-रुबल) में ट्रेड बढ़ेगा, डॉलर पर निर्भरता कम होगी. रूस से IT, एग्रीकल्चर और हेल्थकेयर में निवेश के लिए फोरम होगा.</li>
</ul>
<p style="text-align: justify;">इसके अलावा पुतिन की यात्रा से भारत की 'स्ट्रैटेजिक ऑटोनॉमी' मजबूत होगी. अमेरिकी टैरिफ के बावजूद रूस से डील्स जारी रख सकेंगे. यह अमेरिका को मैसेज देगा कि भारत अपना फैसला खुद लेगा. SCO और BRICS जैसे मंचों पर सहयोग बढ़ेगा. यूक्रेन, मिडिल ईस्ट जैसे मुद्दों पर बात होगी, जहां भारत शांति का मैसेज देगा. साइंस, टेक्नोलॉजी और कल्चर में MoUs साइन होंगे.</p>
Saturday, November 29, 2025
श्रीलंका के बाद अब दक्षिण भारत में दित्वा बरपा सकता है कहर, जानें कैसा रहेगा मौसम का हाल
<p style="text-align: justify;">तूफान दित्वा के नजदीक आते ही तमिलनाडु के तटीय इलाकों में हालात बिगड़ने लगे हैं. चेन्नई में लगातार तेज बारिश के चलते हवाई सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं और 47 उड़ानें रद्द करनी पड़ी हैं. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेन्नई समेत कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि NDRF और SDRF टीमें हाई अलर्ट पर तैनात हैं. अगले 24 घंटे बेहद अहम माने जा रहे हैं.</p>
<p style="text-align: justify;">चक्रवात दित्वा के तमिलनाडु तट की ओर बढ़ने के कारण 30 नवंबर सुबह 7 बजे तक चेन्नई, कुड्डालोर, विल्लुपुरम और कांचीपुरम सहित कई जिलों में चेतावनी जारी है. जिन 47 उड़ानों को रद्द किया गया है, उनमें 36 घरेलू और 11 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शामिल हैं. अगर चक्रवात और ताकतवर होता है, तो और उड़ानें भी रद्द की जा सकती हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>चेन्नई एयरपोर्ट ने यात्रियों को दी ये सलाह</strong></p>
<p style="text-align: justify;">चेन्नई एयरपोर्ट ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे यात्रा पर निकलने से पहले अपनी उड़ानों का अपडेटेड समय जरूर चेक करें और उसी के हिसाब से अपनी यात्रा की योजना बनाएं. आईएमडी का कहना है कि दित्वा चक्रवात, जिसने श्रीलंका में भारी नुकसान किया, अब लगभग 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर- उत्तरपश्चिम दिशा में बढ़ रहा है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>NDRF की टीमें एयरलिफ्ट</strong></p>
<p style="text-align: justify;">दित्वा की गंभीर स्थिति को देखते हुए NDRF की 6वीं बटालियन की पांच टीमें वडोदरा (गुजरात) से एयरलिफ्ट कर चेन्नई भेजी गई हैं. ये टीमें फुल वाटर रेस्क्यू और सीएसएसआर उपकरणों से लैस हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत राहत और बचाव अभियान शुरू किया जा सके.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>‘तेजी से बदल रहे हैं हालात’, बोले अधिकारी</strong></p>
<p style="text-align: justify;">अधिकारियों ने बताया कि तटीय इलाकों में मौसम बहुत तेजी से बदल रहा है, इसलिए अतिरिक्त बलों की तैनाती जरूरी हो गई है. प्रशासन का कहना है कि ये टीमें स्थानीय एजेंसियों के साथ मिलकर प्रभावित जिलों में काम करेंगी और किसी भी आपात स्थिति का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें-</strong></p>
<p style="text-align: justify;"><strong><a title="Cyclonic Ditwah Tracker LIVE: तेज हवाएं, भारी बारिश..., दित्वा तमिलनाडु के करीब, चक्रवात मचा सकता है तबाही" href="https://www.abplive.com/news/india/cyclonic-storm-ditwah-tracker-live-updates-sri-lanka-colambo-weather-forecast-alerts-tamil-nadu-3050989" target="_self">Cyclonic Ditwah Tracker LIVE: तेज हवाएं, भारी बारिश..., दित्वा तमिलनाडु के करीब, चक्रवात मचा सकता है तबाही</a></strong></p>
'INS माहे भारतीय नौसेना में...', 'मन की बात' के जरिए PM मोदी ने देश को दी बड़ी खुशखबरी, Gen-Z का क्यों किया जिक्र?
<p style="text-align: justify;">प्रधानमंत्री <a title="नरेंद्र मोदी" href="https://www.abplive.com/topic/narendra-modi" data-type="interlinkingkeywords">नरेंद्र मोदी</a> ने रविवार (30 नवंबर) को ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 128वें एपिसोड में देश को संबोधित करते हुए कहा कि नवंबर का महीना भारत के लिए कई ऐतिहासिक और प्रेरणादायक उपलब्धियों से भरा रहा. उन्होंने बताया कि 26 नवंबर को संविधान दिवस के अवसर पर संसद के सेंट्रल हॉल में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसने देश को लोकतांत्रिक मूल्यों की फिर से याद दिलाई.</p>
<p style="text-align: justify;">प्रधानमंत्री ने कहा कि इस महीने वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने पर देशभर में भव्य कार्यक्रमों की शुरुआत हुई. इसके साथ ही अयोध्या में <a title="राम मंदिर" href="https://www.abplive.com/topic/ram-mandir" data-type="interlinkingkeywords">राम मंदिर</a> परिसर में धर्मध्वजा का आरोहण और कुरुक्षेत्र के ज्योतिसर में पंचजन्य स्मारक का लोकार्पण जैसी ऐतिहासिक घटनाओं का भी उन्होंने उल्लेख किया. प्रधानमंत्री ने बताया कि हैदराबाद में दुनिया की सबसे बड़ी LEAP इंजन MRO सुविधा का उद्घाटन किया गया, जो भारत को वैश्विक एविएशन में नई मजबूती देगा. इसके अलावा INS ‘माहे’ को भारतीय नौसेना में शामिल किया गया, जिससे समुद्री सुरक्षा क्षमताएं और बढ़ेंगी.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>स्पेस सेक्टर पर क्या बोले पीएम मोदी?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">स्पेस सेक्टर की बात करते हुए उन्होंने कहा कि भारत के उभरते अंतरिक्ष इकोसिस्टम को बड़ा प्रोत्साहन मिला है. निजी कंपनी Skyroot के ‘Infinity Campus’ ने भारत की नई उड़ान और नवाचार की ताकत को दुनिया के सामने प्रदर्शित किया है. पीएम मोदी ने कहा कि ये सफलताएं देश की नई सोच, नवाचार और युवाशक्ति के दम पर संभव हो पाई हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong> INS 'माहे' को भारतीय नौसेना में किया गया शामिल</strong></p>
<p style="text-align: justify;">पीएम मोदी ने कहा, "मुंबई में INS 'माहे' को भारतीय नौसेना में शामिल किया गया. कुछ लोगों के बीच इसके स्वदेशी डिजाइन को लेकर खूब चर्चा रही. वहीं, पुडुचेरी और मालाबार कोस्ट के लोग इसके नाम से ही खुश हो गए. दरअसल, इसका 'माहे' नाम उस स्थान माहे के नाम पर रखा गया है, जिसकी एक समृद्ध ऐतिहासिक विरासत रही है.</p>
<p style="text-align: justify;">केरला और तमिलनाडु के कई लोगों ने इस बात पर गौर किया कि इस युद्धपोत का crest उरुमी और कलारिपयडू की पारंपरिक लचीली तलवार की तरह दिखाई पड़ता है. ये हम सबके लिए गर्व की बात है कि हमारी नौसेना बहुत ही तेजी से आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ा रही है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>"भारत ने 357 मिलियन टन के खाद्यान्न उत्पादन के साथ बनाया रिकॉर्ड"</strong></p>
<p style="text-align: justify;">पीएम मोदी ने आगे कहा, "भारत ने 357 मिलियन टन के खाद्यान्न उत्पादन के साथ एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया है. 10 साल पहले की तुलना में भारत का खाद्यान्न उत्पादन 100 मिलियन टन और बढ़ गया है."</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>उत्तराखंड में सर्दियों का पर्यटन लोगों को कर रहा आकर्षित</strong></p>
<p style="text-align: justify;">प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में सर्दियों का पर्यटन इस मौसम में लोगों को खूब आकर्षित कर रहा है. औली, मुनस्यारी, चोपटा और डेयारा जैसी जगहें इस समय पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय हो रही हैं.</p>
<p style="text-align: justify;">उन्होंने कहा कि पिथौरागढ़ जिले में 14,500 फुट से अधिक की ऊंचाई पर आदि कैलाश में राज्य की पहली High Altitude Ultra Run Marathon का आयोजन किया गया. इस प्रतियोगिता में देश के 18 राज्यों से 750 से ज्यादा एथलीट्स ने भाग लिया. प्रधानमंत्री ने इसे राज्य के पर्यटन और खेल गतिविधियों के लिए बड़ी उपलब्धि बताया.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें-</strong></p>
<p style="text-align: justify;"><strong><a title="Cyclonic Ditwah Tracker LIVE: तेज हवाएं, भारी बारिश..., दित्वा तमिलनाडु के करीब, चक्रवात मचा सकता है तबाही" href="https://www.abplive.com/news/india/cyclonic-storm-ditwah-tracker-live-updates-sri-lanka-colambo-weather-forecast-alerts-tamil-nadu-3050989" target="_self">Cyclonic Ditwah Tracker LIVE: तेज हवाएं, भारी बारिश..., दित्वा तमिलनाडु के करीब, चक्रवात मचा सकता है तबाही</a></strong></p>
National Herald Case: EOW ने नेशनल हेराल्ड मामले में नई FIR की दर्ज, जानें क्यों बढ़ सकती है सोनिया-राहुल की मुश्किलें
<p style="text-align: justify;">दिल्ली पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (EOW) ने नेशनल हेराल्ड केस में नई FIR दर्ज की है. इस एफआईआर में लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी के अलावा 6 और नाम शामिल हैं. ईडी मुख्यालय की तरफ से EOW में शिकायत दर्ज कराने के बाद एफआईआर दर्ज की गई है.</p>
<p style="text-align: justify;">इस एफआईआर में साजिश के जरिए कांग्रेस से जुड़ी कंपनी एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) पर धोखाधड़ी से कब्जा करने का आरोप लगाया गया. ईडी ने अपनी जांच रिपोर्ट दिल्ली पुलिस के साथ शेयर की थी, जिसमें पीएमएलए की धारा 66 (2) के तहत अनुसूचित अपराध दर्ज करने की सिफारिश की गई. आरोप है कि यंग इंडियन कंपनी के जरिए एजेएल की करीब 2,000 करोड़ रुपये की संपत्ति पर कंट्रोल हासिल किया गया. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>एफआईआर में सैम पित्रोदा का भी नाम</strong><br />इस एफआईआर में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के अलावा इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के प्रमुख सैम पित्रोदा, 3 अन्य व्यक्ति और 3 कंपनियों के भी नाम हैं. Dotex कोलकाता की एक कथित शेल कंपनी है, जिसने यंग इंडियन को एक करोड़ रुपये दिए. इस लेनदेन से यंग इंडियन ने कांग्रेस को मात्र 50 लाख रुपये देकर एजेएल पर कब्जा कर लिया, जहां संपत्ति का मूल्यांकन 2,000 करोड़ रुपये से अधिक बताया गया है. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>16 दिसंबर को होगी सुनवाई</strong><br />राउज एवेन्यू कोर्ट ने शनिवार (29 नवंबर) को नेशनल हेराल्ड मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी की चार्जशीट पर संज्ञान लेने का फैसला फिर टाल दिया. विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने अब यह आदेश 16 दिसंबर को सुनाएंगे. एजेंसी का आरोप है कि नेशनल हेराल्ड के प्रकाशक एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) से जुड़ी वित्तीय अनियमितताएं हुई हैं. </p>
<p style="text-align: justify;">अदालत ने नए आपराधिक कानून बीएनएसएस की धारा 223 का हवाला देते हुए कहा कि आरोपी को इस स्तर पर भी सुना जाना फेयर ट्रायल के लिए जरूरी है. कोर्ट ने साफ किया है कि ये प्रावधान पीएमएलए से टकराता नहीं है और पारदर्शिता को बढ़ाता है. ईडी की चार्जशीट पर संज्ञान लिया जाए या नहीं, ये कोर्ट 16 दिसंबर को ये तय करेगी.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें</strong></p>
<p style="text-align: justify;"><strong><a href="https://www.abplive.com/news/india/donald-trump-us-migration-third-world-countries-afghan-passport-visa-asylum-policy-ina-section-212f-white-house-security-3051073">UN की अपील के बावजूद अड़े ट्रंप, शरण चाहने वालों के लिए अमेरिका के दरवाजे किए बंद</a></strong></p>
वॉशिंगटन के बाद कैलिफोर्निया में ताबड़तोड़ गोलीबारी, 2 लोगों की मौत, 7 घायल
<p style="text-align: justify;">कैलिफोर्निया में शनिवार (29 नवंबर) की रात लुसिले एवेन्यू पर गोलीबारी की घटना सामने आई, जिसमें 2 लोगों की मौत हो गई और कम से कम 7 लोग घायल हुए. घायलों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया. </p>
<p style="text-align: justify;">सैन जुआक्विन काउंटी शेरिफ ऑफिस ने बताया कि यह मामला अभी जांच के तहत है और किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है. पुलिस ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है और लोगों से सावधान रहने को कहा है. अधिकारी घटनास्थल से सबूत जुटा रहे हैं और गवाहों से पूछताछ कर रहे हैं. गोलीबारी के कारण और पीछे का मकसद अभी स्पष्ट नहीं है.</p>
UN की अपील के बावजूद अड़े ट्रंप, शरण चाहने वालों के लिए अमेरिका के दरवाजे किए बंद
<p style="text-align: justify;">अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कई संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों के बार-बार अपील करने के बावजूद अपने फैसले से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं. ट्रंप का कहना है कि वे 'थर्ड वर्ल्ड' से आने वाले लोगों को स्थायी रूप से रोकना चाहते हैं. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर अमेरिकी कानून Immigration and Nationality Act (INA) के सेक्शन 212(f) का हवाला देते हुए कहा कि यह कानून राष्ट्रपति को अधिकार देता है कि वह किसी भी समूह या देश के लोगों के प्रवेश पर रोक लगा सकते हैं, अगर यह अमेरिका के हित में हो.</p>
<p style="text-align: justify;">व्हाइट हाउस ने भी इसी कानून का हवाला देते हुए कहा कि राष्ट्रपति देश की सुरक्षा के लिए किसी भी तरह की पाबंदियां लागू कर सकते हैं. इसी बीच ट्रंप प्रशासन ने इमिग्रेशन पर और सख्ती दिखाते हुए अफगान पासपोर्ट रखने वाले सभी यात्रियों को वीजा जारी करना अस्थायी रूप से रोक दिया है. अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने एक्स पर लिखा कि अफगान पासपोर्ट पर अब कोई वीजा जारी नहीं होगा. उनका कहना है कि अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>गोलीबारी के बाद लिया गया फैसला</strong></p>
<p style="text-align: justify;">यह कदम व्हाइट हाउस के पास बुधवार को हुई गोलीबारी के बाद उठाया गया, जिसमें दो नेशनल गार्ड सैनिक घायल हुए थे. बाद में इनमें से एक सिपाही, सारा बेक्सट्रम की मौत हो गई. अफगान नागरिक रहमानुल्लाह लाकनवाल पर इस हमले का आरोप है और अब उस पर फर्स्ट-डिग्री मर्डर का मामला दर्ज किया जा रहा है. अभियोजन पक्ष कह रहा है कि मामले में आगे और गंभीर आरोप जोड़े जा सकते हैं, जिनमें डेथ पेनल्टी भी शामिल है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>अमेरिकी इमिग्रेशन विभाग ने क्या कहा?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">अमेरिकी इमिग्रेशन विभाग ने भी कहा है कि फिलहाल शरण (asylum) से जुड़े मामलों पर कोई अंतिम फैसला नहीं दिया जाएगा. हर आवेदक की दोबारा सख्त जांच-पड़ताल होगी. अधिकारियों के अनुसार यह रोक तभी हटेगी जब यह सुनिश्चित हो जाए कि सभी आवेदकों की पूरी तरह जांच हो चुकी है.</p>
<p style="text-align: justify;">ट्रंप ने साफ कहा कि अमेरिका अब उन देशों से माइग्रेशन रोकना चाहता है जिन्हें वह थर्ड वर्ल्ड कह रहे हैं. उनका कहना है कि इससे अवैध प्रवेश को खत्म किया जा सकेगा और देश की सुरक्षा मजबूत होगी.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें-</strong></p>
<p style="text-align: justify;"><strong><a title="Cyclonic Ditwah Tracker LIVE: तेज हवाएं, भारी बारिश..., दित्वा तमिलनाडु के करीब, चक्रवात मचा सकता है तबाही" href="https://www.abplive.com/news/india/cyclonic-storm-ditwah-tracker-live-updates-sri-lanka-colambo-weather-forecast-alerts-tamil-nadu-3050989" target="_self">Cyclonic Ditwah Tracker LIVE: तेज हवाएं, भारी बारिश..., दित्वा तमिलनाडु के करीब, चक्रवात मचा सकता है तबाही</a></strong></p>
'अमेरिका नियम बदल रहा, चीन अपनी चाल चल रहा, भारत अब...', विदेश मंत्री एस जयशंकर का बड़ा बयान
<p style="text-align: justify;">विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कोलकाता में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान शनिवार (29 नवंबर) को वैश्विक हालात पर तीखी टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि अमेरिका और चीन दोनों ने अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के नियम अपने हिसाब से बदल दिए हैं, जिससे पूरी दुनिया अनिश्चितता और भ्रम की स्थिति में है. जयशंकर के अनुसार अमेरिका अब देशों के साथ सीधे वन-टू-वन डील कर रहा है, जबकि चीन अपने बनाए नियमों को और सख्ती से लागू कर रहा है. इस माहौल में भारत चुप बैठने के बजाय अपनी राष्ट्रीय क्षमता बढ़ाने और कमजोरियों को कम करने पर फोकस कर रहा है. उन्होंने कहा कि 2014 से पहले ऐसी सोच नहीं थी, लेकिन अब ‘मेक इन इंडिया’ भारत की प्राथमिक रणनीति बन चुकी है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>एस. जयशंकर ने क्या कहा?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">एस. जयशंकर ने कहा कि अमेरिका लंबे समय से वैश्विक सिस्टम का नेतृत्व कर रहा था, लेकिन अब उसने अचानक अपने एंगेजमेंट के तरीके बदल दिए हैं. वहीं चीन अपनी पुरानी रणनीति पर चलते हुए अपनी मनमर्जी से नियम लागू कर रहा है. इसका असर यह है कि अन्य देशों में असमंजस बढ़ रहा है. ग्लोबलाइजेशन दबाव में है और सप्लाई चेन को लेकर डर बढ़ गया है. कई देश अब अपने लिए सुरक्षित विकल्प तलाश रहे हैं. अमेरिका और चीन दोनों से डील कर रहे हैं और साथ ही आपस में भी नए समझौते, खासकर फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स, कर रहे हैं.</p>
<p style="text-align: justify;">इन बदलते हालात में भारत की रणनीति पर बात करते हुए जयशंकर ने कहा कि देश ऐसी नीतियों पर काम कर रहा है जो उसकी शक्ति और वैश्विक प्रभाव को बढ़ाएं. भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है और भारत अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारियों को निभाने के लिए तैयार है. उन्होंने कहा कि एक बड़े देश के पास मजबूत औद्योगिक आधार होना जरूरी है. 2014 से पहले इस दिशा में बड़ा सोच नहीं था, लेकिन अब इंडस्ट्रियल ग्रोथ भारत की प्रमुख प्राथमिकता है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>विदेश मंत्री ने चीन को लेकर कही ये बड़ी बात</strong></p>
<p style="text-align: justify;">उन्होंने ‘मेक इन इंडिया’ को भारत की बदलती तस्वीर का आधार बताया. पिछले दस वर्षों में इस अभियान ने नए विज़न और बड़े लक्ष्य तय किए हैं. जयशंकर ने उद्योग जगत से अपील की कि वे केवल छोटे लाभ पर ध्यान न दें, बल्कि भारत की घरेलू सप्लाई चेन मजबूत करने और ग्लोबल मार्केट में अपनी जगह बनाने में साझेदारी करें. उन्होंने कहा कि 'मेक इन इंडिया' तभी पूरी तरह सफल होगा जब रिसर्च, डिजाइन और इनोवेशन भी भारत में ही किए जाएं.</p>
<p style="text-align: justify;">चीन पर निर्भर वैश्विक सप्लाई चेन को लेकर जयशंकर ने कहा कि दुनिया का लगभग एक-तिहाई उत्पादन चीन में होता है. इससे सप्लाई चेन की विश्वसनीयता को खतरा बढ़ता है. जलवायु संकट, युद्ध और ऊर्जा बाज़ार में उथल-पुथल ने जोखिम और बढ़ा दिए हैं. अमेरिका अब ऊर्जा निर्यातक बन रहा है, जबकि रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर पर चीन का व्यापक नियंत्रण है. ब्लॉकचेन, आर्थिक प्रतिबंध और टैरिफ ने व्यापार और वित्त जगत में नई अनिश्चितताएं पैदा कर दी हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें-</strong></p>
<p style="text-align: justify;"><strong><a title="डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा फैसला, इस देश के एयरस्पेस को बंद कर दिया घोषित; क्या जंग में उतरेगा अमेरिका?" href="https://www.abplive.com/news/world/us-president-donald-trump-says-venezuela-airspace-should-be-considered-closed-over-growing-tension-with-us-3051048" target="_self">डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा फैसला, इस देश के एयरस्पेस को बंद कर दिया घोषित; क्या जंग में उतरेगा अमेरिका?</a></strong></p>
Friday, November 28, 2025
पुतिन के भारत दौरे से ट्रंप को लगेगी मिर्ची! PM मोदी के साथ मीटिंग, जानें एजेंडे में क्या-क्या होगा शामिल?
<p style="text-align: justify;">रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 4 दिसंबर से दो दिवसीय भारत दौरे पर आएंगे. विदेश मंत्रालय (MEA) ने इसकी पुष्टि कर दी है. इस दौरान पुतिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी मुलाकात करेंगे. यह पुतिन की 2022 में यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद पहली भारत यात्रा होगी. इससे पहले दोनों नेता हाल ही में हुए SCO समिट में मिले थे.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>MEA ने क्या कहा?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">विदेश मंत्रालय ने बताया कि पुतिन प्रधानमंत्री मोदी के बुलावे पर भारत आएंगे और 23वें भारत-रूस वार्षिक समिट में हिस्सा लेंगे. इस साल भारत की मेजबानी में यह बैठक आयोजित होगी. दौरे के दौरान पुतिन राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति <a title="द्रौपदी मुर्मू" href="https://www.abplive.com/topic/droupadi-murmu" data-type="interlinkingkeywords">द्रौपदी मुर्मू</a> द्वारा आयोजित सम्मान समारोह और डिनर में भी शामिल होंगे. MEA के अनुसार, इस दौरे में दोनों देशों के बीच ‘स्पेशल और प्रिविलेज्ड स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप’ की समीक्षा की जाएगी और क्षेत्रीय एवं वैश्विक मुद्दों पर विचार साझा किए जाएंगे.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>S-400 मिसाइल सिस्टम पर होगी बात</strong></p>
<p style="text-align: justify;">भारत रूस से अतिरिक्त S-400 सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली खरीदने पर विचार कर रहा है. <a title="ऑपरेशन सिंदूर" href="https://www.abplive.com/topic/operation-sindoor" data-type="interlinkingkeywords">ऑपरेशन सिंदूर</a> के दौरान ये मिसाइलें बेहद प्रभावी साबित हुईं. अब तक तीन स्क्वाड्रन भारत को मिल चुके हैं, जबकि शेष दो स्क्वाड्रन अगले साल के मध्य तक आने की उम्मीद है.</p>
<p style="text-align: justify;">रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने बताया कि समिट में भारत रूस से S-400 मिसाइल डिलीवरी में देरी के बारे में जवाब मांगेगा. उन्होंने कहा, "इस बैठक में मुख्य रूप से दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग के व्यापक मुद्दों पर चर्चा होगी. हम उम्मीद करते हैं कि डिलीवरी की देरी को खत्म करने और समयसीमा स्पष्ट करने के लिए रूस जवाब देगा.</p>
<p style="text-align: justify;">इसके अलावा, भारत रूस के साथ अन्य बड़े रक्षा परियोजनाओं में हुई देरी पर भी बातचीत करेगा और तेजी से प्रगति के लिए दबाव डालेगा. समिट में Su-57 फाइटर जेट के कम से कम दो स्क्वाड्रन खरीदने की संभावना पर भी चर्चा हो सकती है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ऊर्जा और कच्चे तेल की खरीद</strong></p>
<p style="text-align: justify;">रूस ने भारत को कच्चे तेल की खरीद पर अतिरिक्त छूट देने की पेशकश की है. यह कदम इस कारण उठाया गया क्योंकि अमेरिकी प्रतिबंधों के बाद भारत का तेल खरीदने का स्तर कम हुआ है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>रूस-यूक्रेन युद्ध पर चर्चा</strong></p>
<p style="text-align: justify;">समिट में रूस-यूक्रेन युद्ध के लिए संभावित शांति रोडमैप पर भी चर्चा हो सकती है. प्रधानमंत्री <a title="नरेंद्र मोदी" href="https://www.abplive.com/topic/narendra-modi" data-type="interlinkingkeywords">नरेंद्र मोदी</a> लगातार युद्ध को जल्द खत्म करने और शांति स्थापित करने की बात कर चुके हैं. हाल ही में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने यूक्रेन के विदेश मंत्री से इस मुद्दे पर बात की और भारत ने संघर्ष के जल्द अंत और स्थायी शांति की अपनी स्थिति दोहराई.</p>
<p style="text-align: justify;">फरवरी 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद यह पुतिन का भारत का पहला दौरा होगा. उनका पिछला दौरा दिसंबर 2021 में सालाना समिट के लिए हुआ था. वहीं, पीएम मोदी ने पिछले साल जुलाई में मॉस्को में इसी समिट में हिस्सा लिया था.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें-</strong></p>
<p style="text-align: justify;"><strong><a title="पाकिस्तान की फिर हुई फजीहत! भारत ने ऑक्सफोर्ड बहस में शहबाज-मुनीर के झूठ का किया पर्दाफाश" href="https://www.abplive.com/news/india/india-exposes-pakistan-lies-oxford-union-debate-sai-deepak-slams-false-claims-hina-rabbani-khar-musa-harrar-uk-event-controversy-3050655" target="_self">पाकिस्तान की फिर हुई फजीहत! भारत ने ऑक्सफोर्ड बहस में शहबाज-मुनीर के झूठ का किया पर्दाफाश</a></strong></p>
दिल्ली ब्लास्ट मामले में आतंकी शाहीन की अलमारी से 18 लाख कैश बरामद, NIA की जांच में हुआ ये बड़ा खुलासा
<p style="text-align: justify;">दिल्ली में हुए ब्लास्ट मामले की जांच के दौरान राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने आतंकी डॉक्टर शाहीन की अलमारी से 18 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं. यह कैश शाहीन के कमरे नंबर 22 की अलमारी में रखा गया था और इसे एक साधारण पॉलीथिन में छुपाया गया था.</p>
पाकिस्तान की फिर हुई फजीहत! भारत ने ऑक्सफोर्ड बहस में शहबाज-मुनीर के झूठ का किया पर्दाफाश
<p style="text-align: justify;">भारत ने एक बार फिर पाकिस्तान के झूठ को बेनक़ाब कर दिया है. इस बार मामला ऑक्सफोर्ड यूनियन की बहस का है, जहां पाकिस्तान ने दावा किया कि भारत बहस से पीछे हट गया. लेकिन भारत के वरिष्ठ अधिवक्ता साई दीपक ने साफ कर दिया कि पाकिस्तानी आरोप पूरी तरह झूठे हैं.</p>
<p style="text-align: justify;">दरअसल, गुरुवार को ऑक्सफोर्ड यूनियन में भारत-पाकिस्तान पर होने वाली बहस से पहले पाकिस्तान हाई कमीशन ने ट्वीट किया कि भारतीय वक्ता आखिरी समय पर हट गए, इसलिए पाकिस्तान को वॉकओवर जीत मिली. पाकिस्तान की तरफ से बहस का विषय था- “भारत की पाकिस्तान नीति सिर्फ पॉपुलिज़्म है जिसे सुरक्षा नीति का नाम दिया जा रहा है.” पाकिस्तानी टीम में हिना रब्बानी खर, लंदन में पाकिस्तानी राजदूत मोहम्मद फैसल और पूर्व जनरल जुबैर महमूद हयात शामिल थे. पाकिस्तान ने दावा किया कि भारत की टीम में जनरल एमएम नरवणे, सुब्रमण्यम स्वामी और सचिन पायलट थे, जो बहस से हट गए. लेकिन सच्चाई बिल्कुल अलग थी.</p>
<p style="text-align: justify;"><img src="https://akm-img-a-in.tosshub.com/indiatoday/styles/medium_crop_simple/public/2025-11/screenshot_2025-11-29_000447.png?VersionId=mlopWt8LKjtiYFioI0Rw.IYFdxg_y3xE" /></p>
<p style="text-align: justify;"><strong>साई दीपक ने पाकिस्तान के दावों को किया खारिज</strong></p>
<p style="text-align: justify;">वरिष्ठ अधिवक्ता साई दीपक, जो भारत की तरफ से कन्फर्म स्पीकर थे, उन्होंने पाकिस्तान के दावों को गलत साबित कर दिया. उन्होंने ऑक्सफोर्ड यूनियन का वह ईमेल भी जारी किया जिसमें 27 नवंबर के इवेंट के लिए उनकी उपस्थिति की पुष्टि थी. दीपक ने बताया कि यूनियन ने बाद में कहा कि नरवणे और स्वामी उपलब्ध नहीं हैं, इसलिए अन्य नाम सुझाने को कहा गया.</p>
<p style="text-align: justify;">दीपक ने बताया कि सुहेल सेठ और प्रियंका चतुर्वेदी से यूनियन ने संपर्क कर कन्फर्म किया था, लेकिन छोटे नोटिस के कारण दोनों ने मना कर दिया. प्रियंका चतुर्वेदी ने भी सार्वजनिक रूप से बताया कि यूनियन ने जुलाई में उनसे बात की थी, लेकिन अचानक 25 नवंबर को कन्फर्मेशन मांगा, जो संभव नहीं था. इसके बावजूद साई दीपक ब्रिटेन पहुंचे और उन्होंने ब्रिटेन में रहने वाले मनु खजुरिया और पीटी सतीश की टीम तैयार कर ली. बहस शुरू होने से तीन घंटे पहले ऑक्सफोर्ड यूनियन का फोन आया कि पाकिस्तानी टीम यूके नहीं पहुंच पाई है, इसलिए बहस कैंसिल कर दी गई.</p>
<p style="text-align: justify;"><img src="https://akm-img-a-in.tosshub.com/indiatoday/styles/medium_crop_simple/public/2025-11/screenshot_2025-11-29_001136.png?VersionId=cswldNWxtbjyH_5yjNvsWaiJYaNoG1EO" /></p>
<p style="text-align: justify;"><strong>साई दीपक ने खराब प्रबंधन पर जताई नाराजगी</strong></p>
<p style="text-align: justify;">साई दीपक ने इस असंगत और खराब प्रबंधन पर नाराजगी जताई. बाद में पता चला कि बहस रद्द करने का निर्णय लेने वाला आयोजक मूसा हरराज, पाकिस्तान के रक्षा उत्पादन मंत्री मुहम्मद रज़्ज़ा हयात हरराज का बेटा है. दीपक का दावा है कि पाकिस्तानी टीम वास्तव में यूके पहुंच चुकी थी और ऑक्सफोर्ड में होटल में रुकी हुई थी.</p>
<p style="text-align: justify;"><img src="https://akm-img-a-in.tosshub.com/indiatoday/styles/medium_crop_simple/public/2025-11/screenshot_2025-11-29_000543.png?VersionId=pO5JcCJrgdFI1PDtq_QRbYqdtFaNB0rF" /></p>
<p style="text-align: justify;">दीपक ने खुलेआम चुनौती दी कि अगर पाकिस्तान की टीम ऑक्सफोर्ड में मौजूद है, तो सामने आकर बहस करे. उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी टीम क्यों छुप रही है, जैसे उनके आतंकी छुपते हैं? लाइव बहस कर लो, दुनिया देखेगी. अब भी पाकिस्तान हाई कमीशन यही दावा कर रहा है कि भारत बहस से पीछे हट गया, लेकिन उनके पास अपने आरोप का कोई सबूत नहीं है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें-</strong></p>
<p style="text-align: justify;"><strong><a title="सोलर रेडिएशन की वजह से गड़बड़ हुआ फ्लाइट कंट्रोल! दुनिया भर में सैकड़ों उड़ानें प्रभावित, क्या है पूरा मामला?" href="https://www.abplive.com/news/india/airbus-a320-emergency-elac-software-hardware-upgrade-solar-radiation-flight-control-issue-india-planes-grounded-ann-3050645" target="_self">सोलर रेडिएशन की वजह से गड़बड़ हुआ फ्लाइट कंट्रोल! दुनिया भर में सैकड़ों उड़ानें प्रभावित, क्या है पूरा मामला?</a></strong></p>
ब्रेकफास्ट मीटिंग आज, सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार बैठेंगे आमने-सामने, क्या खत्म होगी रार?
<p style="text-align: justify;">कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद को लेकर सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच काफी दिनों से खींचतान चल रही है. इसे खत्म करने के लिए बेंगलुरु में आज शनिवार (29 नवंबर) को हाईप्रोफाइल ब्रेकफास्ट मीटिंग होने जा रही है. इसमें सिद्धारमैया और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार आमने-सामने बैठकर बात करेंगे.</p>
<p style="text-align: justify;">मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने शुक्रवार को बताया था कि पार्टी नेतृत्व ने उन्हें और शिवकुमार को शनिवार को सुबह साथ बैठकर ब्रेकफास्ट पर बातचीत करने के लिए कहा है, ताकि ये मामला सुलझाया जा सके. दोनों नेता आज सीएम आवास कावेरी में सुबह 9:30 बजे मुलाकात करेंगे. पार्टी हाईकमान ने हालात को काबू में रखने और मामला सुलझाने के लिए ये बैठक बुलाने का निर्देश दिया है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>एक मंच पर दिखे सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार</strong><br />इन सबके बीच शुक्रवार को ही सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार एक सरकारी कार्यक्रम में एक मंच पर दिखे. इसी दौरान डीके शिवकुमार ने मंच से सोनिया गांधी के 2004 में प्रधानमंत्री पद छोड़ने की कुर्बानी की प्रशंसा कर एक टिप्पणी की, इसे राजनीतिक हलकों में सिद्धारमैया पर तंज माना जा रहा है. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>कर्नाटक के गृह मंत्री ने क्या कहा</strong><br />कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर ने कहा कि अगर हाईकमान चाहता है तो वे डीके शिवकुमार को मुख्यमंत्री के तौर पर समर्थन देंगे. हालांकि, इसके कुछ ही देर बाद सिद्धारमैया खेमे के मंत्री जमीर अहमद खान का बयान सामने आया. उन्होंने कहा कि सिद्धारमैया ही पूरे कार्यकाल तक मुख्यमंत्री बने रहेंगे. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>8 दिसंबर से शुरू होगा शीतकालीन सत्र </strong><br />पार्टी में बढ़ती खींचतान को थामने के लिए नाश्ते पर होने वाली यह मुलाकात हाईकमान की पहल मानी जा रही है. राज्य विधानसभा का शीतकालीन सत्र 8 दिसंबर से बेलगावी में शुरू होने वाला है. ऐसे में कांग्रेस चाहती है कि विपक्षी बीजेपी और जेडीएस को यह संदेश जाए कि सरकार के भीतर सब ठीक है. वहीं सिद्धारमैया ये साफ कर चुके हैं कि वो सिर्फ हाईकमान के कहने पर ही ये मीटिंग कर रहे हैं, जैसा हाईकमान कहेगा वो वैसा ही करेंगे.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें</strong></p>
<p style="text-align: justify;"><strong><a href="https://www.abplive.com/news/india/india-exposes-pakistan-lies-oxford-union-debate-sai-deepak-slams-false-claims-hina-rabbani-khar-musa-harrar-uk-event-controversy-3050655">पाकिस्तान की फिर हुई फजीहत! भारत ने ऑक्सफोर्ड बहस में शहबाज-मुनीर के झूठ का किया पर्दाफाश</a></strong></p>
India Earthquake: भूकंप के चपेट में आ सकता है भारत! नए नक्शे से चौंकाने वाला खुलासा, जानें क्या है पूरा मामला
<p style="text-align: justify;">भारत सरकार ने साल 2025 के लिए जारी किए गए नए भूकंप डिज़ाइन कोड में देश की भूकंपीय स्थिति का बड़ा पुनर्मूल्यांकन किया है. इस बार सबसे जरूरी बदलाव यह है कि पूरा हिमालय क्षेत्र सीधे ज़ोन VI में डाल दिया गया है, जिसे सबसे अधिक जोखिम वाला क्षेत्र माना जाता है. यह पहला अवसर है जब पूरे हिमालय को एक ही उच्च भूकंप श्रेणी में शामिल किया गया है. इससे साफ संकेत मिलता है कि भविष्य की संरचनाओं और शहरों की प्लानिंग में अब कहीं अधिक सावधानी बरतनी होगी.</p>
<p style="text-align: justify;">TOI की रिपोर्ट के मुताबिक India Earthquake Zoning Map 2025 में भारत का लगभग 61 प्रतिशत भूभाग अब मध्यम से अत्यधिक भूकंप जोखिम के दायरे में आ गया है. यह बदलाव पिछले कई दशकों की तुलना में सबसे बड़ा तकनीकी सुधार माना जा रहा है, क्योंकि इसमें इतिहास पर आधारित आकलन के बजाय वर्तमान भूवैज्ञानिक स्थिति और वैज्ञानिक अध्ययन को अधिक महत्व दिया गया है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>हिमालय को सबसे खतरनाक ज़ोन में क्यों रखा गया</strong></p>
<p style="text-align: justify;">हिमालयी क्षेत्र पर किए गए नए भूगर्भीय अध्ययन यह दर्शाते हैं कि यहां की सतह भले शांत दिखाई दे, लेकिन इसके भीतर अत्यधिक दबाव लगातार सक्रिय रहता है. पहले इस पूरे क्षेत्र को दो अलग-अलग ज़ोन में बांट दिया गया था, जबकि वैज्ञानिकों का मानना था कि यह विभाजन भूकंपीय वास्तविकता को सही तरीके से नहीं दिखाता. नई रिपोर्ट यह साफ कर देती है कि हिमालय के भीतर मौजूद फॉल्ट लाइन अभी भी शक्तिशाली भूकंप पैदा करने की क्षमता रखती हैं, इसी वजह से इसे सबसे खतरनाक श्रेणी में शामिल किया गया है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>सीमा पर बसे शहरों की नई श्रेणी</strong></p>
<p style="text-align: justify;">इस बार मानचित्र में एक नया प्रावधान जोड़ा गया है, जिसके अनुसार अगर कोई शहर दो भूकंपीय ज़ोनों की सीमा के पास आता है, तो उसे खुद उच्च श्रेणी वाले ज़ोन में माना जाएगा. इससे कई ऐसे शहर, जो पहले कम जोखिम में समझे जाते थे, अब अधिक संवेदनशील क्षेत्रों की सूची में आ गए हैं. यह बदलाव प्रशासनिक सीमाओं के पुराने नियमों को पूरी तरह बदल देता है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>कैसे तैयार हुआ नया मानचित्र</strong></p>
<p style="text-align: justify;">भारतीय मानक ब्यूरो ने इस ज़ोनिंग को PSHA यानी प्रोबैबिलिस्टिक सीस्मिक हैज़र्ड असेसमेंट मॉडल के आधार पर तैयार किया है. इस मॉडल में धरती की परतों की मोटाई, प्लेटों के टकराव का दबाव, फॉल्ट लाइन की सक्रियता, तरंगों की गति और संभावित अधिकतम भूकंप सहित कई वैज्ञानिक जानकारियों का उपयोग किया गया है. यही वजह है कि यह नया संस्करण पहले की तुलना में काफी अधिक विश्वसनीय और आधुनिक माना जा रहा है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>नए निर्माणों के लिए सख्त नियम</strong></p>
<p style="text-align: justify;">2025 के कोड के लागू होने के बाद अब सभी नई इमारतों को भूकंप-रोधी मानकों के अनुसार बनाना अनिवार्य होगा. अस्पताल, विद्यालय, पुल, पाइपलाइन और अन्य महत्वपूर्ण संरचनाएँ इस तरह तैयार की जाएँगी कि बड़े भूकंप के बाद भी उनका संचालन बाधित न हो. भारी उपकरणों को सुरक्षित रूप से फिट करने और भवनों की मजबूती बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>एक्सपोज़र विंडो का नया प्रावधान</strong></p>
<p style="text-align: justify;">भूकंप जोखिम को केवल जमीन की गतिविधि से नहीं, बल्कि वहां रहने वाली जनसंख्या, आर्थिक स्थिति, भवन घनत्व और स्थानीय संसाधनों की संवेदनशीलता से भी आंका जाएगा. इससे हर शहर के लिए अधिक वास्तविक और सटीक खतरा मानचित्र तैयार हो सकेगा, जो भविष्य की योजनाओं में बेहद उपयोगी साबित होगा.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>दक्षिण भारत में बदलाव कम क्यों</strong></p>
<p style="text-align: justify;">नई ज़ोनिंग में सबसे कम परिवर्तन दक्षिण भारत में किए गए हैं. इसका मुख्य कारण यह है कि प्रायद्वीपीय क्षेत्र भूगर्भीय रूप से अधिक स्थिर माना जाता है और यहां बड़े भूकंप की संभावना कम होती है. इसलिए इसकी जोखिम श्रेणी लगभग पहले जैसी ही बनी हुई है.</p>
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सोलर रेडिएशन की वजह से गड़बड़ हुआ फ्लाइट कंट्रोल! दुनिया भर में सैकड़ों उड़ानें प्रभावित, क्या है पूरा मामला?
<p style="text-align: justify;">दुनिया भर में Airbus A320 परिवार के विमानों को अचानक बड़े पैमाने पर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर अपग्रेड के लिए ग्राउंड किया जा रहा है. इसकी वजह एक गंभीर तकनीकी खामी है, जो सीधे विमान की सुरक्षा से जुड़ी है. हाल ही में एक Airbus A320 उड़ान में हुई घटना ने पूरे एविएशन सेक्टर को चिंता में डाल दिया.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>क्या हुआ Airbus A320 में? कैसे सामने आया खतरा?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">कैनकन से न्यूयॉर्क जा रही एक निजी एयरलाइन की A320 उड़ान में यह समस्या तब सामने आई जब विमान अचानक हजारों फीट की ऊंचाई पर नीचे की ओर झुक गया. पायलट ने ऐसा कोई कमांड नहीं दिया था, लेकिन केबिन में तेज झटका लगा और यात्री सीटों से उछल पड़े. कई लोग घायल हुए और उड़ान को आपात स्थिति में टैम्पा डायवर्ट करना पड़ा. जांच में पाया गया कि यह खराबी ELAC फ्लाइट कंट्रोल कंप्यूटर की स्विचिंग के दौरान हुई, जिसने गलत पिच डेटा पढ़ लिया.</p>
<p style="text-align: justify;">EASA ने 28 नवंबर को Emergency Airworthiness Directive जारी करते हुए पुराने ELAC कंप्यूटर (मॉडल B L104) को तुरंत हटाने और नए, सुरक्षित मॉडल (B L103+) से बदलने का आदेश दिया है. जिन विमानों में पुराना सिस्टम है, उन्हें उड़ान भरने की अनुमति नहीं दी जाएगी. आवश्यकता पड़ने पर केवल सीमित 'फेरी फ्लाइट' की इजाजत दी जाएगी.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>भारत में भी इसका बड़ा असर </strong></p>
<p style="text-align: justify;">भारत में भी इसका बड़ा असर पड़ा है, क्योंकि देश A320 का दुनिया का सबसे बड़ा ऑपरेटर है. इंडिगो के लगभग 200 और एयर इंडिया के 100–125 विमान फिलहाल अपग्रेड और जांच प्रक्रिया के कारण ग्राउंड या सीमित ऑपरेशन में हैं. एयर इंडिया ने यात्रियों को चेतावनी दी है कि इससे उड़ानों में देरी और शेड्यूल प्रभावित हो सकता है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>Airbus और EASA की संयुक्त जांच में क्या पाया गया?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">Airbus और EASA की संयुक्त जांच में पाया गया कि ऊंचाई पर बढ़ी सोलर रेडिएशन ने ELAC कंप्यूटर की चिप में 'बिट-फ्लिप' यानी डेटा करप्शन पैदा कर दिया. इस कारण कंप्यूटर ने गलत संकेत पढ़े और विमान ऑटोपायलट मोड में होने के बावजूद नीचे की ओर झुकने लगा.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>Airbus A320 की दुनिया के सबसे सुरक्षित विमानों में गिनती</strong></p>
<p style="text-align: justify;">Airbus A320 दुनिया के सबसे सुरक्षित और उन्नत फ्लाई-बाय-वायर सिस्टम वाले विमानों में गिना जाता है, लेकिन इस घटना ने इसके सबसे महत्वपूर्ण हिस्से ELAC कंप्यूटर की संवेदनशीलता को उजागर कर दिया है. वैश्विक स्तर पर लगभग 6000 विमान इस अपग्रेड प्रक्रिया से गुजर रहे हैं. नए A320neo में जहां केवल 30 मिनट का सॉफ्टवेयर अपडेट होगा, वहीं पुराने मॉडलों में हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर दोनों बदलने में 2–3 दिन लग सकते हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें-</strong></p>
<p style="text-align: justify;"><strong><a title="पहलगाम आतंकी हमले पर टिप्पणी करने वाले विधायक इस्लाम के खिलाफ लगा NSA रद्द, हाईकोर्ट का बड़ा फैसला" href="https://www.abplive.com/news/india/aiudf-mla-aminul-islam-detained-under-nsa-gauhati-high-court-quashed-detention-orders-3050635" target="_self">पहलगाम आतंकी हमले पर टिप्पणी करने वाले विधायक इस्लाम के खिलाफ लगा NSA रद्द, हाईकोर्ट का बड़ा फैसला</a></strong></p>
पहलगाम आतंकी हमले पर टिप्पणी करने वाले विधायक इस्लाम के खिलाफ लगा NSA रद्द, हाईकोर्ट का बड़ा फैसला
<p style="text-align: justify;">अखिल भारतीय यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) के विधायक अमीनुल इस्लाम को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत हिरासत में लिया गया था. 6 महीने से अधिक समय बाद हिरासत में रहने के बाद गुवाहाटी हाई कोर्ट ने उनके हिरासत आदेश को रद्द कर दिया है और निर्देश दिया है कि अगर वो किसी अन्य मामले में वांछित नहीं हैं तो उन्हें रिहा कर दिया जाए.</p>
<p style="text-align: justify;">असम के धींग निर्वाचन क्षेत्र से विधायक इस्लाम को 24 अप्रैल को एक रैली में दिए गए बयान के लिए गिरफ्तार किया गया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि 22 अप्रैल को <a title="पहलगाम" href="https://www.abplive.com/topic/pahalgam-terror-attack" data-type="interlinkingkeywords">पहलगाम</a> में हुआ आतंकी हमला केंद्र की भाजपा सरकार की साज़िश थी. 14 मई को उन्हें इस मामले में ज़मानत मिल गई, लेकिन उसी दिन उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत हिरासत में ले लिया गया.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>गुवाहाटी हाई कोर्ट के जस्टिस ने क्या कहा</strong><br />गुवाहाटी हाई कोर्ट के जस्टिस कल्याण राय सुराना और राजेश मजूमदार की पीठ ने शुक्रवार (28 नवंबर) को कहा कि इस्लाम को एनएसए के तहत हिरासत में लेने का आदेश अवैध है, क्योंकि अधिकारियों ने उनकी नज़रबंदी के खिलाफ आवेदन पर कार्रवाई में अस्पष्ट देरी की साथ ही केंद्र के समक्ष अपना पक्ष रखने के उनके अधिकार के बारे में तब तक सूचित नहीं किया गया, जब तक कि केंद्र ने राज्य को इसकी याद नहीं दिलाई. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>इस्लाम के वकील ने क्या दलील दी</strong><br />इस्लाम के वकील शांतनु बोरठाकुर की टीम के एक वकील ने कहा कि विधायक को शुक्रवार के बाद में रिहा किए जाने की उम्मीद है. इस्लाम को 24 अप्रैल को बीएनएस धारा 152 सहित अन्य आरोपों में गिरफ्तार किया गया था, जो भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को खतरे में डालने वाले कृत्यों से संबंधित है और आईपीसी के तहत देशद्रोह जैसा ही एक आरोप है. </p>
<p style="text-align: justify;">14 मई को जमानत दिए जाने के बाद एनएसए के तहत उनकी हिरासत नागांव डीसी के एक आदेश पर आधारित थी, जिसमें पुलिस अधीक्षक की एक रिपोर्ट का हवाला दिया गया था कि इस्लाम सार्वजनिक व्यवस्था और राज्य की सुरक्षा के लिए हानिकारक गतिविधियों में लिप्त रहा है और उसके भाषण पर रिपोर्ट में कहा गया था कि वह इस बात से संतुष्ट है कि इस्लाम राज्य की सुरक्षा के लिए हानिकारक गतिविधियों में लिप्त रहना जारी रख सकते हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें</strong></p>
<p style="text-align: justify;"><strong><a href="https://www.abplive.com/news/india/piyush-goyal-on-india-trade-deal-donald-trump-tariff-canada-uk-israel-free-trade-deal-3050451">ट्रंप के टैरिफ से निपटने के लिए भारत का प्लान, इन देशों के साथ चल रही ट्रेड टॉक, क्या करेगा अमेरिका?</a></strong></p>
हज यात्रा को लेकर होने वाला बड़ा बदलाव, कम कमाई वालों के लिए खुशखबरी, सरकार लाएगी ये खास योजना
<p style="text-align: justify;">हज यात्रा को लेकर भारत सरकार बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है. सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार ऐसी नई योजना पर विचार कर रही है, जिससे निम्न आय वर्ग के मुसाफिरों के लिए हज यात्रा करना आसान हो जाएगा.</p>
<p style="text-align: justify;">नई योजना के तहत, जिन यात्रियों के पास एकबारगी पूरी रकम जमा करने की क्षमता नहीं है, वे अब किस्तों में राशि इकट्ठा कर सकेंगे. प्रस्तावित व्यवस्था के मुताबिक, कोई भी हज यात्री 5 साल तक किस्तों में पैसा जमा करके हज यात्रा के लिए पात्र हो सकेगा.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>हज यात्रा पर जाने का सपना होगा पूरा</strong></p>
<p style="text-align: justify;">यह प्रयास खास तौर पर उन परिवारों के लिए फायदेमंद माना जा रहा है, जिनकी आर्थिक स्थिति सीमित है और जो कई वर्षों से हज पर जाने का सपना देखते हैं लेकिन पूरी रकम एक साथ जमा कर पाना मुश्किल होता है. सरकार जल्द ही इस योजना के नियम और शर्तें जारी करेगी. अधिकारियों का कहना है कि इसे लागू करने के बाद हज यात्रा अधिक सुलभ और सुविधाजनक बन जाएगी, साथ ही बड़ी संख्या में इच्छुक लोग निर्धारित समय में अपनी बचत पूरी कर पाएंगे. नई योजना लागू होने पर हज यात्रा के लिए वित्तीय बोझ कम होगा और आम लोगों का सफर आसान होने की उम्मीद है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong> भारतीय हज समिति की हुई थी बैठक</strong></p>
<p style="text-align: justify;">इससे पहले, 22 नवंबर को भारतीय हज समिति (HCOI) ने हज-2026 के लिए भारतीय हज यात्रियों की सुविधाओं को बेहतर बनाने पर चर्चा करने के लिए एक दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया था. इस बैठक की अध्यक्षता अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के सचिव डॉ. चंद्रशेखर कुमार ने की.</p>
<p style="text-align: justify;">बैठक में डॉ. कुमार ने भारतीय हज समिति को निर्देश दिया कि हज से जुड़े सभी काम पूरी तरह डिजिटल हों. यानी पोर्टल-आधारित, टेक-इनेबल्ड और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के साथ एकीकृत. उनका कहना था कि आधुनिक तकनीक के दौर में सभी प्रक्रियाएं तेज, पारदर्शी और बिना मैन्युअल काम के होनी चाहिए, ताकि यात्रियों को बेहतर और सुविधाजनक सेवाएं मिल सकें.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें-</strong></p>
<p style="text-align: justify;"><strong><a title="डोनाल्ड ट्रंप ने इस देश को दिया तगड़ा झटका, G-20 समिट में नहीं देंगे न्योता; सब्सिडी पर भी लगाई रोक " href="https://www.abplive.com/news/world/donald-trump-major-blow-to-south-africa-not-invite-g-20-summit-next-year-imposed-ban-on-subsidies-3050592" target="_self">डोनाल्ड ट्रंप ने इस देश को दिया तगड़ा झटका, G-20 समिट में नहीं देंगे न्योता; सब्सिडी पर भी लगाई रोक </a></strong></p>
Thursday, November 27, 2025
Dubai Drugs Party: दुबई में पार्टी करवाता था दाऊद का भांजा, मुंबई से भेजी जाती थी ड्रग्स, एजेंसी की रडार पर बॉलीवुड की हस्तियां
<p style="text-align: justify;">दुबई में डी गैंग की तरफ से आयोजित की जा रही हाई-प्रोफाइल ड्रग्स पार्टियों को लेकर मुंबई पुलिस की एंटी नारकोटिक्स सेल (ANC) की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. जांच में सामने आया कि इन पार्टियों में इस्तेमाल होने वाली ड्रग्स मुंबई से ही भेजी जाती थी और भेजने का काम डी-गैंग के लिए ड्रग्स कारोबार संभालने वाले गुर्गे सलमान शेख उर्फ शेरा बाटला और आकिब शेख करते थे.</p>
<p style="text-align: justify;">ANC की जांच में पाया गया कि दुबई भेजी जाने वाली कोकेन और अन्य ड्रग्स को एयरपोर्ट कार्गो के माध्यम से अलग-अलग सामानों में छिपाकर छोटी-छोटी मात्रा में भेजा जाता था, ताकि सुरक्षा जांच के दौरान शक न हो. एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, दुबई में होने वाली इन पार्टियों का आयोजन दाऊद इब्राहिम का भांजा और हसीना पारकर का बेटा अली शाह पारकर करता था. जैसे ही किसी पार्टी का प्लान बनता, पारकर के निर्देश पर उसके साथी शेरा बाटला और आकिब शेख तुरंत मुंबई से ड्रग्स भेजते थे.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>बॉलीवुड की हस्तियां पार्टियों में शामिल </strong></p>
<p style="text-align: justify;">मुंबई से यह ड्रग्स कितनी बार और किन-किन चीजों में छिपाकर भेजी गई, इसकी जांच अब तेज़ी से जारी है. साथ ही, पुलिस यह भी पता लगा रही है कि बॉलीवुड की कौन-कौन सी हस्तियां इन पार्टियों में शामिल होती थीं और वे कितनी बार दुबई गईं. इसके लिए पुलिस एयरपोर्ट अथॉरिटी से यात्राओं का ब्यौरा जुटा रही है. सूत्रों के मुताबिक, अली शाह पारकर की मौजूदा लोकेशन दुबई में पाई गई है, और पुलिस उसके खिलाफ कार्रवाई से पहले ठोस सबूत इकट्ठा कर रही है. जांच में यह भी सामने आया कि दुबई यात्राओं के दौरान ओरी की दाऊद के एक रिश्तेदार से मुलाकात हुई थी, जिसके जरिए वह इस नेटवर्क से जुड़ा.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ओरी और अली शाह पारकर की बैठक</strong></p>
<p style="text-align: justify;">कोविड के बाद ओरी और अली शाह पारकर की एक बैठक में बॉलीवुड पार्टियों के लिए कोकेन सप्लाई का सौदा तय हुआ था, लेकिन ANC को सबसे बड़ी चुनौती इलेक्ट्रॉनिक सबूत जुटाने की है. कई डिवाइस या तो गायब हैं या छिपाए गए हैं. सिद्धांत कपूर ने पूछताछ से ठीक दो दिन पहले नया फोन खरीदा. ओरी ने दावा किया कि उसके पास सिर्फ एक फोन है, लेकिन पुलिस को शक है कि उसके पास कई डिवाइस हैं. पुलिस के अनुसार, इन बॉलीवुड सेलेब्स की दुबई में मौजूद संदिग्ध लोगों से सिग्नल और अन्य ऐप्स पर बातचीत हुई है. ANC अब ओरी की आय के स्रोत, लाइफस्टाइल, यात्रा इतिहास, बैंकिंग और पासपोर्ट विवरण की भी जांच कर रही है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: </strong><a href="https://www.abplive.com/news/india/karnataka-congress-dk-shivkumar-siddaramaiah-cm-post-tussle-deputy-cm-mumbai-visit-rahul-gandhi-3050147" target="_blank" rel="noopener"><strong>'मुझे किसी भी चीज की जल्दी...', कर्नाटक में कुर्सी की खींचतान के बीच मुंबई पहुंचे डीके शिवकुमार का बड़ा बयान</strong></a></p>
Bihar Vs Gujarat Richest Man: अमीरी के मामले में ज्यादा रईस कौन, किसके पास ज्यादा बड़ा धनकुबेर, कितनी संपत्ति?
<p style="text-align: justify;">देश में कुल 28 राज्य और 8 केंद्र शासित राज्य है. हर राज्य की अपनी एक खासियत और पहचान है. हालांकि, अगर हम किसी राज्य के सबसे अमीर आदमी की बात करें तो ये दिलचस्प होता है कि कौन से राज्य का आदमी सबसे अमीर है. इस कड़ी में बिहार और गुजरात दो ऐसे राज्य है, जो काफी मायने में एक-दूसरे से अलग हैं. अगर हम तुलना करके देखें तो नीति आयोग की रिपोर्ट और बिहार आर्थिक सर्वेक्षण 2024-25 के अनुसार, बिहार भारत का सबसे गरीब राज्य है. दूसरी तरफ गुजरात एक समृद्ध राज्य के तौर पर जाना जाता है. इसके बावजूद दोनों राज्यों में सबसे अमीर शख्स है. बिहार में सबसे अमीर शख्स के तौर पर अनिल अग्रवाल का नाम पहले नंबर पर है. गुजरात की बात करें तो मुकेश अंबानी पहले नंबर पर काबिज है.</p>
<p style="text-align: justify;">बिहार को लोग अक्सर राजनीति, इतिहास और शिक्षा की धरती के रूप में जानते हैं, लेकिन समय बदल रहा है. आज यह राज्य ऐसे लोगों को जन्म दे रहा है, जिन्होंने दुनिया के कॉरपोरेट जगत में अपनी अलग पहचान बनाई है. फिल्मों, प्रशासन और व्यापार. हर क्षेत्र में बिहार के लोग अपनी मेहनत और प्रतिभा से नई मिसाल कायम कर रहे हैं. इसी गौरवशाली सूची में एक बड़ा नाम है अनिल अग्रवाल का, जिन्होंने बिहार से निकलकर अंतरराष्ट्रीय उद्योग जगत में बड़ा मुकाम हासिल किया.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>पटना से लंदन बाजार तक</strong></p>
<p style="text-align: justify;">1954 में पटना के एक मारवाड़ी परिवार में जन्मे अनिल अग्रवाल आज वेदांता रिसोर्सेज के चेयरमैन और संस्थापक हैं. वेदांता दुनिया की सबसे अग्रणी माइनिंग और मेटल कंपनियों में से एक है. यह कंपनी पूरी तरह Volcan Investments के अंतर्गत आती है, जो वेदांता में पूर्ण स्वामित्व रखती है.अनिल अग्रवाल अक्सर कहते हैं कि उनका पूरा जीवन संघर्ष, सीख और आत्मविश्वास का परिणाम है. एक साधारण परिवार से निकलकर वे लंदन स्टॉक एक्सचेंज तक पहुंचे. यह कहानी आज के युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी है.<br /> <br /><strong>अनिल अग्रवाल की संपत्ति कितनी है?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">फोर्ब्स की रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया के अरबपतियों में शामिल अनिल अग्रवाल की कुल संपत्ति 4.2 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक है. भारतीय मुद्रा में यह राशि लगभग 3.66 लाख करोड़ रुपये के आसपास बैठती है. यह बताता है कि बिहार का एक युवा भी वैश्विक स्तर पर बड़ी कंपनी खड़ी कर सकता है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>गुजरात में सबसे ज्यादा अरबपति</strong></p>
<p style="text-align: justify;">बिहार ने अनिल अग्रवाल जैसा वैश्विक उद्योगपति दिया है, वहीं गुजरात लंबे समय से भारत के धनकुबेरों का केंद्र बना हुआ है. 2025 की हुरुन इंडिया रिच लिस्ट इस बात की पुष्टि करती है. व्यापार के अनुकूल माहौल, मजबूत उद्योग नीति और इंफ्रास्ट्रक्चर ने गुजरात को उद्यमियों की पसंदीदा जगह बना दिया है. ऊर्जा, फार्मा, रसायन, पोलिमर, इंफ्रास्ट्रक्चर और कंज्यूमर गुड्स जैसे क्षेत्रों में गुजरात की पकड़ देश में सबसे मजबूत मानी जाती है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>गुजरात से जुड़े प्रमुख अरबपति</strong></p>
<p style="text-align: justify;">भारत के सबसे अमीर घरानों में दो सबसे बड़े नाम है, मुकेश अंबानी और गौतम अडानी. किसी न किसी रूप में गुजरात से ही जुड़े हुए हैं. अंबानी परिवार की जड़ें गुजरात की धरती से निकली हैं, जबकि अडानी समूह का मुख्य केंद्र ही गुजरात है. इसी सूची में ज़ाइडस लाइफसाइंसेज के प्रमुख पंकज पटेल भी शामिल हैं, जो दवा उद्योग को भारत और दुनिया में नई दिशा दे रहे हैं. हालांकि, पहले नंबर मुकेश अंबानी है. फोर्ब्स की रिपोर्ट के मुताबिक कुल संपत्ति 10.5 बिलियन डॉलर है. वहीं गौतम अडानी की कुल संपत्ति 92 अरब डॉलर यानी करीब 7.7 लाख करोड़ रुपये है. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>गुजरात क्यों कहलाता है करोड़पतियों की राजधानी</strong></p>
<p style="text-align: justify;">हुरुन रिपोर्ट के अनुसार गुजरात में 68,300 से अधिक परिवार ऐसे हैं जिनके पास 8.5 करोड़ रुपये या उससे अधिक की संपत्ति है. अहमदाबाद और सूरत इस आर्थिक समृद्धि के दो बड़े केंद्र बने हुए हैं, जहाँ उद्योग, व्यापार और निर्यात लगातार तेजी से बढ़ रहे हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: </strong><strong><a href="https://www.abplive.com/news/india/congress-president-mallikarjun-kharge-and-rahul-gandhi-does-review-meeting-over-failure-in-bihar-assembly-election-2025-in-delhi-ann-3050110https://www.abplive.com/news/india/congress-president-mallikarjun-kharge-and-rahul-gandhi-does-review-meeting-over-failure-in-bihar-assembly-election-2025-in-delhi-ann-3050110" target="_blank" rel="noopener">बिहार में चुनावी हार के बाद कांग्रेस में घमासान, गठबंधन पर भी उठे गंभीर सवाल, जानें राहुल गांधी को किसने सौंपी रिपोर्ट</a></strong></p>
'मुझे किसी भी चीज की जल्दी...', कर्नाटक में कुर्सी की खींचतान के बीच मुंबई पहुंचे डीके शिवकुमार का बड़ा बयान
<p>कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की अचानक मुंबई यात्रा ने राज्य की राजनीति में हलचल तेज कर दी है. मुख्यमंत्री बदलने की चर्चा के बीच यह दौरा कई तरह की अटकलों को जन्म दे रहा है. हालांकि शिवकुमार ने साफ कहा कि उनका दौरा पूरी तरह निजी है और इसमें किसी भी राजनीतिक बैठक की योजना नहीं थी.</p>
<p><strong>'मीटिंग करनी होती तो दिल्ली या बेंगलुरु में होती' - शिवकुमार<br /></strong>मुंबई में पत्रकारों से बात करते हुए शिवकुमार ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी से मिलने की खबरों को खारिज कर दिया. उन्होंने कहा 'मैं यहां सिर्फ फैमिली फंक्शन में आया हूं. कोई मीटिंग नहीं हुई. मीटिंग करनी होती तो मुंबई क्यों आता? वह बेंगलुरु या दिल्ली में होती.' जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्होंने मुख्यमंत्री पद के मुद्दे पर नेतृत्व से बात की, तो शिवकुमार ने जवाब दिया-'नहीं… मुझे किसी भी चीज की जल्दी नहीं है.'</p>
<p><strong>शिवकुमार और सिद्धरमैया के बीच वाकयुद्ध</strong><br />इससे पहले कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बीच मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही खींचतान गुरुवार को वाकयुद्ध में बदल गई, जब दोनों एक वचन निभाने को लेकर आमने-सामने आ गए. सत्ता संघर्ष के बीच शिवकुमार ने कहा, 'वचन की ताकत ही विश्व-ताकत है.' इस पर सिद्धरमैया ने चुटकी लेते हुए जवाब दिया, 'वचन तभी ताकत बनता है, जब वह लोगों की जिंदगी बेहतर करे.'सिद्धरमैया जोर दे रहे हैं कि वह पूरे पांच साल का कार्यकाल पूरा करेंगे. वहीं शिवकुमार चाहते हैं कि सरकार का आधा कार्यकाल पूरा होने (20 नवंबर को) के बाद उन्हें मुख्यमंत्री बनाया जाए.</p>
<p><strong>सोशल मीडिया तक पहुंचा सिद्धरमैया बनाम शिवकुमार<br /></strong>मुख्यमंत्री ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, 'कर्नाटक के लोगों ने जो जनादेश दिया है, वह क्षण भर के लिए नहीं, बल्कि पूरे पांच साल की जिम्मेदारी है.' शिवकुमार ने बृहस्पतिवार को सोशल मीडिया पर लिखा, 'अपनी बात पर कायम रहना दुनिया की सबसे बड़ी ताकत है! वचन की ताकत ही विश्व-शक्ति है.' उन्होंने कहा, 'चाहे न्यायाधीश हों... या कोई और, चाहे मैं ही क्यों न हूं, सबको अपनी बात पर कायम रहना चाहिए. वचन की ताकत ही दुनिया की असली ताकत है.' इस गूढ़ पोस्ट को कांग्रेस और सिद्धरमैया को याद दिलाने वाला माना जा रहा है कि 2023 में, जब दोनों मुख्यमंत्री पद के लिए होड़ में थे और पार्टी ने राज्य चुनाव में जीत हासिल की थी तो उनके बीच कथित रूप से सत्ता-साझाकरण का समझौता हुआ था.<br /><br /><strong>सिद्धरमैया ने याद दिलाए अपने वादे</strong><br />सिद्धरमैया ने अपने पोस्ट में बताया कि उन्होंने दुनिया को बेहतर कैसे बनाया. उन्होंने इसके लिए पांच गारंटी योजनाओं-‘शक्ति’, ‘गृह लक्ष्मी’, ‘युवा निधि’, ‘अन्न भाग्य’ और ‘गृह ज्योति’ का जिक्र किया. ये योजनाएं मुफ्त बिजली, महिलाओं को नकद सहायता और महिलाओं के लिए नि:शुल्क बस यात्रा से संबंधित हैं.सिद्धरमैया ने कहा कि 2013 से 2018 तक उनके पहले कार्यकाल में 165 में से 157 वादे पूरे किए गए, यानी 95 प्रतिशत से अधिक वादे पूरे हुए.</p>
<p>उन्होंने कहा, 'मौजूदा कार्यकाल में, 593 में से 243 से अधिक वादे पूरे हो चुके हैं. बाकी सभी वादे प्रतिबद्धता, विश्वसनीयता और सावधानी के साथ पूरे किए जाएंगे.'मुख्यमंत्री ने कहा, 'कर्नाटक की जनता द्वारा दिया गया जनादेश क्षण भर के लिए नहीं, बल्कि पूरे पांच साल की जिम्मेदारी है. मेरे समेत कांग्रेस पार्टी अपने लोगों के लिए सच्चाई, स्थिरता और साहस के साथ काम कर रही है. कर्नाटक के लिए हमारा वचन कोई नारा नहीं है, बल्कि हमारे लिए बहुत मायने रखता है.' </p>
Wednesday, November 26, 2025
India Slams Pakistan: राम मंदिर पर फहराई ध्वजा तो औकात से ज्यादा बोल गया पाकिस्तान, भारत ने अक्ल ठिकाने लगा दी, जानें क्या कहा
<p style="text-align: justify;">अयोध्या में राम मंदिर के ऊपर पवित्र भगवा ध्वज फहराए जाने को लेकर पाकिस्तान की तरफ से आई टिप्पणी ने एक बार फिर भारत-पाकिस्तान के बीच कूटनीतिक तनाव को बढ़ा दिया है. पाकिस्तान की आपत्तियों को भारत ने न सिर्फ खारिज किया, बल्कि उन्हें दोहरे मापदंड की मिसाल बताया.</p>
<p style="text-align: justify;">विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पाकिस्तान की आलोचना न तो तथ्यपूर्ण है और न ही उसका कोई नैतिक आधार है. उन्होंने कहा कि जिस देश का अपना इतिहास कट्टरता, तानाशाही मानसिकता और अल्पसंख्यकों के दमन से भरा हो, वह भारत जैसे लोकतांत्रिक देश को धार्मिक आज़ादी पर सीख देने की स्थिति में नहीं है. जायसवाल ने यह भी दोहराया कि अयोध्या में हुआ ध्वजारोहण भारत के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विश्वासों से जुड़ा है और इसमें किसी बाहरी देश की राय का कोई महत्व नहीं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>पाकिस्तान ने क्यों उठाई आपत्ति?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने बयान में राम मंदिर पर फहराए गए ध्वज को इस्लामोफोबिया की अभिव्यक्ति बताया था. पाकिस्तान ने कहा कि यह कदम उसे 1992 की घटनाओं की याद दिलाता है और भारत में धार्मिक अल्पसंख्यकों के लिए खतरे का माहौल पैदा करता है. पाकिस्तान ने यहां तक कहा कि अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं को इस मुद्दे में हस्तक्षेप करना चाहिए.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>भारत ने दिया करारा जबाव </strong></p>
<p style="text-align: justify;">भारत ने इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पाकिस्तान को भारत के धार्मिक आयोजनों में दखल देने से पहले अपने देश में बिगड़ी स्थिति पर ध्यान देना चाहिए. भारत के अनुसार पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यकों पर दबाव, जबरन धर्मांतरण, मंदिरों और चर्चों पर हमले और मानवाधिकार उल्लंघन जैसी घटनाएं लगातार होती रही हैं. ऐसे में पाकिस्तान का उपदेश देना पाखंड से अधिक कुछ नहीं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>भगवा ध्वज का महत्व </strong></p>
<p style="text-align: justify;">प्रधानमंत्री <a title="नरेंद्र मोदी" href="https://www.abplive.com/topic/narendra-modi" data-type="interlinkingkeywords">नरेंद्र मोदी</a> ने 25 नवंबर को अयोध्या में आयोजित विशेष समारोह के दौरान <a title="राम मंदिर" href="https://www.abplive.com/topic/ram-mandir" data-type="interlinkingkeywords">राम मंदिर</a> पर पवित्र भगवा ध्वज फहराया. यह कार्यक्रम मंदिर निर्माण की प्रगति का प्रतीक था, जो प्राण प्रतिष्ठा के एक वर्ष बाद मनाया गया. लाखों श्रद्धालुओं के लिए यह एक सांस्कृतिक और आध्यात्मिक क्षण था जिसका पाकिस्तान से कोई संबंध नहीं है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: </strong><a href="https://www.abplive.com/news/delhi-pollution-makes-cji-suryakant-unwell-why-does-air-quality-get-worse-in-winter-explained-3049650" target="_blank" rel="noopener"><strong>Explained: दिल्ली में प्रदूषण से CJI सूर्यकांत की तबीयत बिगड़ी, अब सर्दियों में और खराब होगी हवा, आखिर ठंड में क्यों बढ़ता पॉल्यूशन?</strong></a></p>
'कोई नेता ये न समझे कि जीत उनकी वजह से मिली...', बीजेपी अध्यक्ष नड्डा के आवास पर डिनर बैठक में ऐसा क्यों बोले अमित शाह
<p style="text-align: justify;">बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा के आवास पर बिहार चुनाव में लगे प्रवासी नेताओं के लिए डिनर बैठक का आयोजन किया गया. इस बैठक में सभी नेताओं का बिहार चुनाव में योगदान के लिए धन्यवाद दिया गया. बैठक में बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा के अलावा, गृह मंत्री <a title="अमित शाह" href="https://www.abplive.com/topic/amit-shah" data-type="interlinkingkeywords">अमित शाह</a>, राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष समेत बिहार चुनाव से जुड़े सभी नेता मौजूद थे.</p>
<p style="text-align: justify;">सूत्रों ने बताया कि गृह मंत्री ने इस बैठक में कहा है कि बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए की ऐतिहासिक जीत केवल एक राज्य की नहीं, बल्कि पूरे भारत की जीत है. उन्होंने कहा कि बिहार की यह विजय उन घुसपैठियों के खिलाफ हर भारतीय के संकल्प की जीत है, जो देश की सुरक्षा और सामाजिक संरचना को चुनौती देते हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>'पांचों दल पांच पांडवों की तरह लड़े'</strong><br />गृह मंत्री ने आगे कहा कि मोदी जी के नेतृत्व में जनता का अटूट प्रेम और विश्वास निरंतर मजबूत हुआ है. बिहारवासियों ने प्रधानमंत्री <a title="नरेंद्र मोदी" href="https://www.abplive.com/topic/narendra-modi" data-type="interlinkingkeywords">नरेंद्र मोदी</a> और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जोड़ी को दिल खोलकर समर्थन दिया है. उन्होंने इसे एनडीए की एकजुटता, सामूहिक शक्ति और पांचों दलों के पांच पांडवों की तरह एक साथ लड़ने का परिणाम बताया.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>'जहां कम वहां हम' का मंत्र </strong><br />सूत्रों के अनुसार गृह मंत्री ने नेताओं से कहा कि सभी नेताओं ने परिश्रम की पराकाष्ठा की. चुनाव में 1 प्रतिशत का योगदान भी बड़ा होता है, लेकिन कोई नेता ये नहीं समझे कि ये जीत उनकी वजह से मिली है क्योंकि इससे घमंड आता है. आपकी जिम्मेदारी चुनाव लड़ाने की नहीं बल्कि जहां कम वहां हम की भूमिका में थी. आगे बंगाल की लड़ाई के लिए हम सबको तैयार रहना है. हमेशा कार्यकर्ता मोड में रहिए कहीं भी ड्यूटी लगाई जा सकती है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>'अब सभी को बंगाल के लिए तैयार रहना है'</strong><br />बैठक में बंगाल की आगामी लड़ाई पर भी चर्चा हुई. गृह मंत्री ने कहा कि अब सभी को बंगाल के लिए तैयार रहना है और हमेशा कार्यकर्ता मोड में रहना चाहिए क्योंकि किसी भी समय कहीं भी ड्यूटी लगाई जा सकती है. जेपी नड्डा के घर रात्रि भोज में बुलाए गए बीजेपी के सभी नेताओं को मिथिला का प्रसिद्ध मखाना, गया का तिलकुट और मधुबनी पेंटिंग से सजी शॉल भेंट की गई.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें</strong></p>
<p style="text-align: justify;"><strong><a href="https://www.abplive.com/news/delhi-pollution-makes-cji-suryakant-unwell-why-does-air-quality-get-worse-in-winter-explained-3049650">Explained: दिल्ली में प्रदूषण से CJI सूर्यकांत की तबीयत बिगड़ी, अब सर्दियों में और खराब होगी हवा, आखिर ठंड में क्यों बढ़ता पॉल्यूशन?</a></strong></p>
Explained: दिल्ली में प्रदूषण से CJI सूर्यकांत की तबीयत बिगड़ी, अब सर्दियों में और खराब होगी हवा, आखिर ठंड में क्यों बढ़ता पॉल्यूशन?
<p style="text-align: justify;"><em>'मैं मंगलवार (25 नवंबर) की शाम को डेढ़ घंटा टहला. प्रदूषण की वजह से मेरी तबीयत बिगड़ गई. हमें जल्द इसका हल निकालना होगा. दिल्ली के मौसम की वजह यह हो रहा है. अब टहलना भी मुश्किल है.'</em></p>
<p style="text-align: justify;">यह बयान किसी आम आदमी का नहीं, बल्कि देश के CJI सूर्यकांत का है. दिल्ली में प्रदूषण इतना ज्यादा बढ़ गया है कि CJI सूर्यकांत भी इससे प्राभावित दिखे. दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) दिन ब दिन खतरनाक होता जा रहा है. अब तो सर्दियां भी शुरू हो गईं हैं, जिससे प्रदूषण तेजी से बढ़ेगा. लेकिन ऐसा क्यों, तो <em><strong>ABP एक्सप्लेनर में समझते हैं कि सर्दियों में दिल्ली के हालात कितने खराब हो गए, ठंड में प्रदूषण क्यों बढ़ता है और इस बार कितना ठिठुरेगी दिल्ली...</strong></em></p>
<p style="text-align: justify;"><strong>सवाल 1- इस समय दिल्ली में प्रदूषण की वजह से हालात कितने खराब हैं?</strong><br /><strong>जवाब-</strong> AQI.in के मुताबिक 27 नवंबर की सुबह 1 बजे दिल्ली का प्रदूषण स्तर 421 AQI था. जो बहुत खराब की कैटेगरी में आता है. वहीं 20 नवंबर को यह 511 पहुंच गया था, जो खतरनाक से भी ज्यादा माना जाता है.</p>
<p style="text-align: justify;">दिल्ली-NCR में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने GRAP यानी ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान को और सख्त कर दिया है. अब कई बड़े कदम शुरुआत में ही लागू होंगे, ताकि हवा बिगड़ने से पहले हालात संभल सकें. CAQM ने बताया कि नए कदम वैज्ञानिक डेटा, विशेषज्ञों की राय और पिछले अनुभवों के आधार पर लिए गए हैं. सभी एजेंसियों को इन्हें तुरंत लागू करने के निर्देश मिले हैं.</p>
<p style="text-align: justify;">अब जो नियम पहले GRAP-2 पर लगते थे, वे अब GRAP-1 में ही लागू होंगे. GRAP-3 के कई नियम GRAP-2 में और GRAP-4 के नियम अब GRAP-3 में लगेंगे. GRAP-4 में 50% कर्मचारियों को वर्क-फ्रॉम-होम देने का प्रावधान भी शामिल है.</p>
<p style="text-align: justify;">जो नियम पहले AQI 450+ होने पर लागू होते थे, अब AQI 401–450 के बीच में होने पर ही लागू होंगे. इनमें सरकारी, निजी और नगर निगम दफ्तरों में सिर्फ 50% स्टाफ बुलाना, बाकी कर्मचारियों के लिए वर्क-फ्रॉम-होम शामिल है. इसके अलावा केंद्र सरकार भी अपने कर्मचारियों पर यह मॉडल अपना सकती है.</p>
<p style="text-align: justify;">अब सर्दियों की वजह से प्रदूषण और ज्यादा बढ़ सकता है, जिस वजह से प्रशासन पहले ही सतर्क हो गया है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>सवाल 2- सर्दियों में प्रदूषण बढ़ने का लॉजिक क्या है?</strong><br /><strong>जवाब-</strong> सर्दियों में धरती की सतह पर जितनी भी सॉलिड चीजें हैं, जैसे सड़कें, इमारतें, पुल वगैरह, ये सभी सूरज से मिली गर्मी को रात में रिलीज करती हैं. रिलीज की गई गर्मी जमीन से 50 से 100 मीटर ऊपर उठकर एक लॉकेबल लेयर बना लेती है. इस वजह से वातावरण की हवा ऊपर नहीं उठ पाती. मतलब ये है कि ये हवा वायुमंडल के निचले लेवल पर ही लॉक रहती है.</p>
<p style="text-align: justify;">इस लेयर के नीचे की जमीन के पास की हवा ठंडी होती है और ठंडी हवा में मूवमेंट न के बराबर होता है. प्रदूषण के पार्टिकल भी इसी हवा में मिल जाते हैं और ऊपर नहीं उठ पाते हैं, जिससे प्रदूषण भी ठंडी हवा के साथ लॉक हो जाता है. यही कारण है कि सर्दियों में प्रदूषण बढ़ता है. यही स्मॉग और फॉग की वजह बनता है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>सवाल 3- तो क्या सभी देशों में सर्दी में प्रदूषण बढ़ जाता है?</strong><br /><strong>जवाब-</strong> ये जरूरी नहीं कि जहां सर्दी होगी, वहां पॉल्यूशन बढ़ जाएगा. पॉल्यूशन सर्दियों में पैदा नहीं होता, बल्कि अगर पॉल्यूशन है, तो सर्दी की वजह से लॉक हो जाता है. दुनिया के कई देश हैं, जहां औसत तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से कम रहता है, लेकिन पॉल्यूशन का नामोनिशान तक नहीं है.</p>
<p style="text-align: justify;">कम एयर पॉल्यूशन वाले देशों की क्लीन एयर क्वालिटी वाली एक लिस्ट है. आइसलैंड एक ऐसा देश है जहां तापमान 3 से 5 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है. इनके अलावा फिनलैंड, कनाडा, न्यूजीलैंड और डेनमार्क भी इसी लिस्ट में शामिल है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>सवाल 4- क्या बाहर प्रदूषण होने से घर के अंदर भी असर पड़ता है?</strong><br /><strong>जवाब-</strong> हां, प्रदूषण का असर घर के अंदर की हवा पर भी पड़ता है. बाहर की हवा के प्रदूषक तत्व हमारे घर के भीतर की हवा को भी दूषित करते हैं. घर में वेंटीलेशन की कमी प्रदूषकों को घरों में घुसने में मदद कर सकती है. प्रदूषित तत्व घर की हवा में शामिल हो जाएं और घर में हवा के बाहर जाने के लिए खिड़कियां वगैरह ज्यादा न हों, तो प्रदूषक तत्व बाहर नहीं निकल पाते और घर की हवा में इकठ्ठा हो जाते हैं.</p>
<p style="text-align: justify;">बैक्टीरिया, वायरस, फफूंद और धूल के कण की मौजूदगी घर में रह रहे लोगों को भी बीमार कर सकती है. इसीलिए घर के आसपास हवादार पेड़ लगाने की सलाह दी जाती है, क्योंकि ज्यादातर पेड़ ऑक्सीजन रिलीज करते हैं और कार्बन डाई-ऑक्साइड लेते हैं. दिल्ली में तो प्रदूषण के चलते लोग घरों में एयर फिल्टर लगाने लगे हैं. सर्दियों के मौसम में तो एहतियात ज्यादा करनी पड़ती है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>सवाल 5- भारत में इस साल सर्दियों का पैटर्न कैसे अलग रहेगा?</strong><br /><strong>जवाब-</strong> भूमध्य रेखा के आसपास प्रशांत महासागर की सतह पर अक्टूबर के शुरुआती हफ्ते में काफी ठंड पड़ने लगी थी, यानी इस बार सर्दियां बेहद सख्त रहेंगी. भारत में मानसून भी जल्दी आया था और औसत से 8% ज्यादा बारिश हुई. इसके चलते गर्मियां बहुत गर्म नहीं थीं. अब समय से पहले ही सर्दियों ने दस्तक दे दी.</p>
<p style="text-align: justify;">मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, उत्तर भारत में तापमान में भारी गिरावट की संभावना है यानी उत्तर भारत के राज्यों में शीत लहर ज्यादा दिन रहेगी. तापमान सामान्य से काफी नीचे जा सकता है, जिससे ठंड और कोहरे का असर बढ़ेगा. पहाड़ी राज्यों में भी बर्फबारी जल्दी शुरू हो सकती है और देर तक जारी रहने का अनुमान है. इससे पर्यटन पर भी असर पड़ेगा. जहां एक तरफ बर्फीले नजारों के लिए पर्यटकों की भीड़ बढ़ेगी, वहीं दूसरी ओर स्थानीय प्रशासन को सड़क बंद होने और ठंड से निपटने की ज्यादा तैयारी करनी होगी. साथ ही प्रदूषण पर कंट्रोल करना जरूरी होगा.</p>
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