Thursday, June 26, 2025

एयर इंडिया प्लेन क्रैश: कॉकपिट में हादसे से पहले क्या हुआ था? ब्लैक बॉक्स से निकाल लिया गया अहम डाटा

<p style="text-align: justify;"><strong>Air India Flight Crash:</strong> एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 के अहमदाबाद में हुए विमान हादसे को लेकर नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने बड़ा अपडेट जारी किया है. मंत्रालय के अनुसार, हादसे के बाद जांच तेजी से की जा रही है और दोनों ब्लैक बॉक्स (CVR और FDR) से अहम डाटा सफलतापूर्वक निकाल लिया गया है. अब इनकी जांच तकनीकी विशेषज्ञों की निगरानी में की जा रही है, ताकि हादसे के कारणों का स्पष्ट रूप से पता लगाया जा सके.<br /><br /><strong>हादसे के तुरंत बाद बनी विशेषज्ञ टीम</strong><br />13 जून 2025 को हुए इस विमान हादसे के तुरंत बाद विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप एक विशेषज्ञ टीम गठित की. इस टीम का नेतृत्व AAIB के महानिदेशक कर रहे हैं. टीम में विमानन चिकित्सा विशेषज्ञ, एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) अधिकारी और अमेरिका की नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड (NTSB) के प्रतिनिधि भी शामिल किए गए हैं, क्योंकि विमान अमेरिका में बना था.जांच का हर कदम भारत के कानूनों और अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुसार पारदर्शिता से उठाया जा रहा है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ब्लैक बॉक्स की बरामदगी और सुरक्षा व्यवस्था</strong></p> <ul style="text-align: justify;"> <li>पहला ब्लैक बॉक्स, यानी कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR), 13 जून को हादसे वाली जगह पर एक इमारत की छत से बरामद हुआ था.</li> <li>दूसरा ब्लैक बॉक्स, यानी फ्लाइट डाटा रिकॉर्डर (FDR), 16 जून को विमान के मलबे से निकाला गया.</li> <li>दोनों ब्लैक बॉक्स को अहमदाबाद में कड़ी पुलिस सुरक्षा और CCTV निगरानी में सुरक्षित रखा गया.</li> <li>24 जून 2025 को भारतीय वायुसेना के विशेष विमान के जरिए दोनों ब्लैक बॉक्स अहमदाबाद से दिल्ली लाए गए.</li> <li>पहला ब्लैक बॉक्स दोपहर 2 बजे AAIB लैब पहुंचा, जबकि दूसरा बॉक्स शाम 5:15 बजे AAIB टीम द्वारा पहुंचाया गया.</li> </ul> <p style="text-align: justify;"><strong>डाटा डाउनलोड और विश्लेषण प्रक्रिया</strong><br />24 जून की शाम से ही AAIB और NTSB के तकनीकी विशेषज्ञों ने ब्लैक बॉक्स के डाटा निकालने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी. इसके बाद 25 जून को मेमोरी मॉड्यूल से डाटा को सफलतापूर्वक डाउनलोड कर लिया गया. अब दोनों रिकॉर्डरों&nbsp; CVR और FDR&nbsp; के डाटा का बारीकी से विश्लेषण किया जा रहा है. जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि हादसे से पहले विमान में क्या गतिविधियां चल रही थीं और क्या तकनीकी या मानवीय त्रुटि इसकी वजह बनी.</p>

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