Monday, June 30, 2025

Tamil Nadu Crime: सुसाइड से पहले लड़की ने पापा को भेजे 7 ऑडियो मैसेज, बोली- 'अब मुझसे नहीं सहा जाता...'

<p style="text-align: justify;"><strong>Tamil Nadu Crime Woman Suicide: </strong>तमिलनाडु के तिरुपुर ज़िले में 27 वर्षीय महिला रिधान्या की आत्महत्या की खबर ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया. मृतक महिला की शादी 2 महीने पहले अप्रैल में कविनकुमार नामक युवक से हुई थी, जिसमें दहेज के तौर पर 100 सोवरेन (लगभग 800 ग्राम) सोना और ₹70 लाख की वोल्वो कार दी गई थी, लेकिन यह शादी उसके लिए बुरा सपना बनकर रह गई.</p> <p style="text-align: justify;">रिधान्या के पिता अन्नादुरई एक गारमेंट कंपनी चलाते हैं. उन्होंने अपनी बेटी की शादी में कोई कमी नहीं छोड़ी. बावजूद इसके, रिधान्या को मानसिक और भावनात्मक रूप से प्रताड़ित किया गया, जिसके परिणामस्वरूप उसने रविवार (29 जून 2025) को आत्महत्या कर ली.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>मंदिर जाने का बहाना कर की आत्महत्या</strong><br />रिधान्या ने अपने घरवालों से कहा कि वह मोंडीपलायम मंदिर जा रही है, लेकिन यह उसकी अंतिम यात्रा बन गई. उसने रास्ते में अपनी कार रोकी और कीटनाशक गोलियां खा लीं. जब स्थानीय लोगों ने कार को देर तक खड़ा पाया तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी. पुलिस जब मौके पर पहुंची तो रिधान्या मृत पाई गई, उसके मुंह से झाग निकल रहा था, जो जहर खाने की पुष्टि कर रहा था.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>व्हाट्सएप ऑडियो मैसेज</strong><br />रिधान्या ने अपनी मौत से पहले अपने पिता को 7 व्हाट्सएप ऑडियो संदेश भेजे, जो इस पूरे मामले की गंभीरता को उजागर करते हैं. उसने बताया कि वह अपने पति और ससुराल वालों की मानसिक प्रताड़ना से थक चुकी थी. एक मैसेज में उसने कहा: "मैं उनकी रोजाना की मानसिक यातना को सहन करने के लायक नहीं बची हूं. हर कोई चाहता है कि मैं समझौता कर लूं, लेकिन अब मुझसे नहीं सहा जाता." उसने स्पष्ट किया कि वह झूठ नहीं बोल रही है और हर कोई उसके आसपास नाटक कर रहा है. यह ऑडियो संदेश न केवल उसकी पीड़ा को दर्शाते हैं, बल्कि उस सामाजिक माहौल की भी निंदा करते हैं, जहां पीड़िता को ही दोषी ठहराया जाता है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>पुलिस कार्रवाई तीन गिरफ्तार, जांच जारी</strong><br />रिधान्या की मौत के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसके पति कविनकुमार, ससुर ईश्वरमूर्ति और सास चित्रादेवी को गिरफ्तार कर लिया है. मामले में दहेज उत्पीड़न और आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप लगाए गए हैं. पुलिस सूत्रों के अनुसार, इन आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और रिधान्या द्वारा भेजे गए ऑडियो संदेशों को भी सबूत के तौर पर केस में शामिल किया गया है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://www.abplive.com/news/india/bengaluru-woman-body-was-found-in-a-garbage-vehicle-strangulated-to-death-ann-2971100" target="_blank" rel="noopener">Bengaluru Woman Murder: महिला की हत्या के बाद गर्दन और हाथ बांधे, बोरे में भरकर कचरा गाड़ी में फेंक दिया शव, जब बदबू आई तो....</a><br /></strong></p>

Sunday, June 29, 2025

Puri Stampede: भुवनेश्वर के ACP का फरमान हो गया वायरल, किससे कहा- '...तो टांगें तोड़ देना'

<p style="text-align: justify;"><strong>Odisha Police Viral Video:</strong> ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन के दौरान एक पुलिस अधिकारी का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इस वीडियो में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त नरसिंह भोल पुलिसकर्मियों को यह कहते हुए सुने जा सकते हैं कि प्रदर्शनकारियों के पैर तोड़ने हैं, पकड़ना नहीं है. जो पैर तोड़ेगा उसे इनाम मिलेगा.</p> <p style="text-align: justify;">वायरल वीडियो में एसीपी ने बैरिकेड के चारों ओर लगे गोल कांटेदार तार की ओर अपनी तर्जनी अंगुली से इशारा करते हुए कहा, "अगर कोई यहां तक पहुंचे तो उसकी टांग तोड़ दो. पकड़ना नहीं है बस टांग तोड़ देनी है. हम थोड़ी दूर खड़े हैं, वहीं पकड़ लेंगे. जो भी टांग तोड़ेगा, वो मेरे पास आकर इनाम ले जाए."</p> <p style="text-align: justify;">दरअसल, पुरी में भगदड़ की घटना के विरोध में कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने मुख्यमंत्री आवास के सामने प्रदर्शन का ऐलान किया था. पुलिस ने भारी सुरक्षा लगाकर रास्तों को बैरिकेडिंग से घेर दिया था. इसी दौरान ये विवादित बयान वीडियो में रिकॉर्ड हो गया.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>क्या बोले ओडिशा के कानून मंत्री?</strong></p> <p style="text-align: justify;">ओडिशा के कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने बताया कि पुरी में हुई भगदड़ की जांच डेवलपमेंट कमिश्नर अनु गर्ग करेंगी और 30 दिन के भीतर रिपोर्ट सौंपी जाएगी.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>जानें कैसे हुआ हादसा?</strong></p> <p style="text-align: justify;">पुरी में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा के दौरान रविवार सुबह (29 जून, 2025) को बड़ा हादसा हो गया. करीब 4 बजे तड़के गुंडिचा मंदिर के पास भगदड़ मच गई, जिसमें 3 श्रद्धालुओं की मौत हो गई और 50 से ज्यादा लोग घायल हो गए. इनमें से 6 की हालत गंभीर बताई जा रही है. यह हादसा जगन्नाथ मंदिर से करीब 3 किलोमीटर दूर गुंडिचा मंदिर के पास हुआ, जहां भगवान जगन्नाथ के नंदीघोष रथ के दर्शन के लिए भारी भीड़ जमा थी. इसके बाद भीड़ अनियंत्रित हो गई और अचानक भगदड़ मच गई.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>सीएम मोहन चरण माझी ने जताया दुख</strong></p> <p style="text-align: justify;">ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने हादसे पर गहरी संवेदना जताते हुए X (Twitter) पर लिखा, &nbsp;&ldquo;मैं और मेरी सरकार भगवान जगन्नाथ के सभी भक्तों से व्यक्तिगत रूप से क्षमा मांगते हैं. यह लापरवाही माफ करने लायक नहीं है.&rdquo;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>&nbsp;पुरी हादसे के बाद प्रशासन ने लिया ये एक्शन</strong></p> <p style="text-align: justify;">हादसे के बाद सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं और पुरी के कलेक्टर और एसपी को हटा दिया गया है. चंचल राणा को नया कलेक्टर और पिनाक मिश्रा को नया SP बनाया गया है. वहीं, DCP और कमांडेंट को सस्पेंड कर दिया गया है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें-</strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="चीन को सदमा देने वाली खबर! भारतीय एयरफोर्स की नॉर्थ ईस्ट में बढ़ी ताकत, असम में तैयार हुई पहली इमरजेंसी एयर स्ट्रिप" href="https://www.abplive.com/news/india/indian-air-force-emergency-air-strip-in-assam-fighter-jets-china-north-east-2970968" target="_self">चीन को सदमा देने वाली खबर! भारतीय एयरफोर्स की नॉर्थ ईस्ट में बढ़ी ताकत, असम में तैयार हुई पहली इमरजेंसी एयर स्ट्रिप</a></strong></p>

चीन को सदमा देने वाली खबर! भारतीय एयरफोर्स की नॉर्थ ईस्ट में बढ़ी ताकत, असम में तैयार हुई पहली इमरजेंसी एयर स्ट्रिप

<p style="text-align: justify;"><strong>Indian Air Force:</strong> भारत ने चीन के खिलाफ अपनी ताकत बढ़ाने के लिए एक और अहम कदम उठाया है. उसने पहली बार नॉर्थ ईस्ट में इमरजेंसी लैंडिंग के लिए एयर स्ट्रिप बनाई है. भारत ने असम में डेमो और मोरन के बीच एनएच-27 पर विमानों की आपात लैंडिंग के लिए हवाई पट्टी बनाई है. यह करीब 4 किलोमीटर लंबी है, जो कि डिब्रूगढ़ के करीब है. यहां भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों को उतारा जा सकेगा.</p>

Saturday, June 28, 2025

तेलंगाना में कौन बनेगा बीजेपी का चीफ? राजा सिंह भी दावेदार, एक जुलाई को होगी वोटिंग

<p style="text-align: justify;"><strong>Telangana BJP Chief:</strong> तेलंगाना में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के अध्यक्ष पद के चुनाव की अधिसूचना शुक्रवार (27 जून 2025) को जारी हो चुकी है, जबकि मतदान 1 जुलाई को होना तय हुआ है. इस बीच गोशामहल विधायक टी. राजा सिंह ने पार्टी अध्यक्ष पद के लिए अपनी दावेदारी पेश करते हुए एक बयान जारी किया है.</p> <p style="text-align: justify;">राजा सिंह ने कहा, "मैं भी अध्यक्ष पद की मांग करूंगा. वे इसे दें या न दें, यह उनपर निर्भर है. मैं 1995 से हिंदू वाहिनी से जुड़ा हूं और 2009 तक इसके फिजिकल चीफ के पद पर रहा. 2009 में जब बीजेपी ने मुझे नगर निगम का टिकट नहीं दिया तो मैंने तेलुगु देशम पार्टी (TDP) से चुनाव लड़कर जीत हासिल की. 2014 में बीजेपी से गोशामहल से विधायक बना. धर्म सेवा के लिए मैं कई बार जेल गया हूं, यहां तक कि विधायक रहते हुए भी 77 दिन तक जेल में रहा. हिंदू राष्ट्र, धर्म रक्षा और गौ संरक्षण मेरा मिशन है. मैं जानता हूं कि वे मुझे यह पद नहीं देंगे, लेकिन कोशिश करने में क्या हर्ज है? नामांकन शुरू होने के बाद मैं तय करूंगा कि फॉर्म भरना है या नहीं."</p> <p style="text-align: justify;"><strong>जुलाई में खत्म हो रहा बंडी संजय कुमार का कार्यकाल</strong></p> <p style="text-align: justify;">बीजेपी के वर्तमान राज्य अध्यक्ष और करीमनगर सांसद बंडी संजय कुमार का कार्यकाल जुलाई में समाप्त हो रहा है. पार्टी सूत्रों के अनुसार, इस पद के लिए कई वरिष्ठ नेताओं के नाम चर्चा में हैं, जिनमें पूर्व सांसद और पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डी.के. अरुणा, पूर्व विधायक एम. रघुनंदन राव और पूर्व मंत्री एन. इंद्रसेन रेड्डी शामिल हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>राजा सिंह के फैसले से बहस छिड़ सकती है बहस</strong></p> <p style="text-align: justify;">राजा सिंह का यह बयान पार्टी के भीतर उठ रहे मतभेदों को एक बार फिर उजागर करता है. हालांकि, पार्टी नेतृत्व ने अभी तक किसी भी उम्मीदवार को समर्थन नहीं दिया है. राज्य में विधानसभा चुनावों के बाद से बीजेपी संगठन को मजबूत करने की कोशिश कर रही है, और नए अध्यक्ष का चुनाव इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी. राजा सिंह के फैसले से पार्टी के भीतर नई बहस छिड़ सकती है, क्योंकि उनके विवादित बयानों को लेकर पार्टी पहले भी उन पर नाराजगी जताती रही है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://www.abplive.com/elections/prashant-kishor-prediction-on-nitish-kumar-jdu-tejashwi-yadav-lalu-yadav-pm-modi-rjd-jan-suraaj-party-bihar-election-2970514" target="_blank" rel="noopener">'अगर ऐसा हुआ तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा', नीतीश कुमार को लेकर प्रशांत किशोर ने कर दी बड़ी भविष्यवाणी</a><br /></strong></p>

'अगर ऐसा हुआ तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा', नीतीश कुमार को लेकर प्रशांत किशोर ने कर दी बड़ी भविष्यवाणी

<p style="text-align: justify;"><strong>Prashant Kishor on Nitish Kumar:</strong> जनसुराज पार्टी के संस्थापक और पूर्व चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने नीतीश कुमार को लेकर बड़ी भविष्यवाणी की है. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार इस साल होने वाले चुनाव के बाद बिहार के मुख्यमंत्री नहीं होंगे. पीके ने दावा किया कि बिहार में 60 फीसदी से अधिक लोग बदलाव चाहते हैं.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">प्रशांत किशोर ने ये बात लिखित में देने की बात भी कही है. उन्होंने कहा, 'अगले दो महीनों में यह तय हो जाएगा कि बदलाव चाहने वाले 60 फीसदी से ज्यादा लोग किसे वोट देंगे. क्या वे फिर से उन लोगों को वोट देंगे जिन्होंने पहले उन्हें निराश किया है? क्या वे उन पर भरोसा करेंगे? या वे किसी नए विकल्प को चुनेंगे? किसी भी तरह, नवंबर (जब विधानसभा चुनाव होने की उम्मीद है) के बाद नीतीश कुमार निश्चित रूप से मुख्यमंत्री नहीं होंगे. मैं आपको यह लिखित में दे सकता हूं. बिहार को एक नया मुख्यमंत्री मिलेगा.'</p> <p style="text-align: justify;"><strong>क्या PM मोदी और अमित शाह को नहीं पता नीतीश कुमार का हाल?- PK&nbsp;</strong></p> <p style="text-align: justify;">एनडीटीवी के इंटरव्यू में जब पीके से पूछा गया कि आपको इतना आत्मविश्वास किस बात ने दिया तो उन्होंने नीतीश कुमार की 'मानसिक और शारीरिक स्थिति' की ओर इशारा किया. उन्होंने कहा, 'पूरा बिहार जानता है कि नीतीश कुमार की मानसिक और शारीरिक स्थिति ऐसी नहीं है कि वह कुछ कर सकें. एक व्यक्ति जो मंच पर बैठा हो और अपने बगल में बैठे प्रधानमंत्री का नाम भूल जाए; जो राष्ट्रगान बजने पर यह नहीं जानता कि यह राष्ट्रगान है या कव्वाली... जिसने एक साल में मीडिया को संबोधित नहीं किया. एक व्यक्ति जो खुद की देखभाल करने की स्थिति में नहीं है. वह बिहार की देखभाल कैसे करेगा? इसलिए, अगर आप और मैं यह जानते हैं, तो क्या प्रधानमंत्री <a title="नरेंद्र मोदी" href="https://www.abplive.com/topic/narendra-modi" data-type="interlinkingkeywords">नरेंद्र मोदी</a> और <a title="अमित शाह" href="https://www.abplive.com/topic/amit-shah" data-type="interlinkingkeywords">अमित शाह</a> को नहीं पता?'</p> <p style="text-align: justify;"><strong>नीतीश को BJP ने CM क्यों बनाकर रखा? प्रशांत किशोर ने बताया</strong></p> <p style="text-align: justify;">जनसुराज संस्थापक ने कहा, 'इसके बावजूद उन्होंने उन्हें आगे और केंद्र में रखा है ताकि वे कम से कम चुनाव होने तक इस व्यवस्था को जारी रख सकें और फिर एक नया मुख्यमंत्री आ सके. आप पूछ सकते हैं कि वे उन्हें अभी क्यों नहीं हटा रहे हैं, और इसका उत्तर यह है कि भाजपा के पास बिहार में अपने दम पर चुनाव लड़ने की तैयारी या आत्मविश्वास नहीं है और न ही उसने अतीत में ऐसा किया है. इसलिए, चूंकि उन्हें किसी से लड़ना है, इसलिए वे नीतीश कुमार का बोझ उठा रहे हैं.'</p> <p style="text-align: justify;"><strong>अगर ऐसा नहीं हुआ तो मैं छोड़ दूंगा राजनीति- पीके&nbsp;</strong></p> <p style="text-align: justify;">प्रशांत किशोर ने जोर देते हुए कहा, 'आप इसे लिखकर रख सकते हैं. जेडीयू को अपने दम पर 25 से भी कम सीटें मिलने वाली हैं. अगर ऐसा नहीं हुआ तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा. चुनाव के बाद जेडीयू का अस्तित्व ही सवालों के घेरे में आ जाएगा. नीतीश कुमार को स्वीकार करने वाली रेटिंग 60% से घटकर 16-17% रह गई है. जेडीयू के पास कोई कैडर नहीं है. इसके पास सिर्फ नीतीश कुमार थे और अब वह भी नहीं रहे.'</p>

'अगर पाकिस्तान ने उकसाया तो लिया जाएगा सख्त एक्शन', ऑपरेशन सिंदूर पर क्या बोले शशि थरूर?

<p><strong>Shashi Tharoor on Operation Sindoor:</strong> कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने शनिवार को कहा कि &lsquo;ऑपरेशन सिंदूर&rsquo; के बाद कूटनीतिक प्रयासों के दौरान अन्य देशों को स्पष्ट रूप से बताया गया था कि यदि उकसावे की कोई और कार्रवाई की गई तो भारत फिर कदम उठाएगा.</p> <p>थरूर ने यहां एक परिचर्चा में यह भी कहा कि आपातकाल की 50वीं बरसी पर राजनीतिज्ञों को राजनीतिक फायदा उठाने के बजाय संविधान और हमारे संस्थापकों के मूल्यों के प्रति स्वयं को नए सिरे से समर्पित करना चाहिए.</p> <p>शशि थरूर ने अहमदाबाद प्रबंधन संघ में एक चर्चा के दौरान कहा कि &lsquo;<a title="ऑपरेशन सिंदूर" href="https://www.abplive.com/topic/operation-sindoor" data-type="interlinkingkeywords">ऑपरेशन सिंदूर</a>&rsquo; के बाद अन्य देशों का दौरा करने वाले भारतीय प्रतिनिधिमंडल अपने मेजबानों को यह बताने में कामयाब रहे कि भारत ने संयम और जिम्मेदारी के साथ काम किया. उन्होंने कहा कि यहां तक ​​कि कोलंबिया ने भी पाकिस्तान में मारे गए लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए एक बयान जारी किया था, लेकिन बाद में उसे वापस ले लिया गया.</p> <p><strong>हमारी कूटनीति सफल रही: शशि थरूर</strong></p> <p>कांग्रेस नेता ने कहा, &lsquo;&lsquo;अन्य स्थानों पर, हम वास्तव में बहुत उच्च पदस्थ कुछ लोगों से यह कहलवाने में सफल रहे कि वे न केवल भारत के आत्मरक्षा के अधिकार का सम्मान करते हैं और उसका समर्थन करते हैं, बल्कि उन्होंने वास्तव में हमारे संयमित तरीके से जवाब देने की सराहना की.&rsquo;&rsquo;</p> <p>उन्होंने कहा, &lsquo;&lsquo;लेकिन मैं आमतौर पर यह संदेश देकर समाप्त करता हूं कि उन्हें इस बात से आश्चर्यचकित नहीं होना चाहिए कि यदि यह (आतंकवादी हमला) दोबारा हुआ, तो हम फिर से कार्रवाई करेंगे और हम चाहते हैं कि वे पहले से ही इस बारे में समझ लें. और मेरा मानना ​​है कि हमने अपनी भावनाओं और इरादों के बारे में सभी को कोई संदेह नहीं होने दिया है.&rsquo;&rsquo;</p> <p><strong>भारत ने सिर्फ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया: थरूर</strong></p> <p>थरूर ने कहा कि भारत ने शुरू से ही संकेत दे दिया था कि वह लंबे संघर्ष या युद्ध शुरू करने में दिलचस्पी नहीं रखता है. बाद में उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर मीडियाकर्मियों से कहा, &lsquo;&lsquo;हमारी रुचि आतंकवादियों से बदला लेने में थी और हमने केवल आतंकवादी शिविरों और आतंकवादी ठिकानों पर ही हमला किया.&rsquo;&rsquo;</p> <p>उन्होंने कहा कि भारत का रुख यह था कि &lsquo;&lsquo;यदि पाकिस्तान हमला करता है, तो हम जवाब देंगे, यदि वह रुकता है, तो हम रुक जायेंगे. जिस दिन उन्होंने संकेत दिया कि वे रुकेंगे, भारत शुरू से ही रुकने को तैयार था और किसी को भी भारत को रुकने के लिए मनाने की जरूरत नहीं पड़ी.&rsquo;&rsquo;</p> <p><strong>सीजफायर में अमेरिका के योगदान पर क्या बोले थरूर?</strong></p> <p>उन्होंने कहा, &lsquo;&lsquo;प्रधानमंत्री ने भी यही कहा है. दूसरी ओर, शायद पाकिस्तान को समझाने की जरूरत थी, हम नहीं जानते कि अमेरिकियों ने पाकिस्तान से क्या कहा होगा. अगर पाकिस्तानियों को लगता है कि उन्होंने इसलिए रोका क्योंकि अमेरिकी चाहते थे, तो यह उनके लिए अच्छी बात है, यह हमारे लिए कोई समस्या नहीं है.&rsquo;&rsquo;</p> <p>थरूर के नेतृत्व में पांच देशों की यात्रा करने वाला प्रतिनिधिमंडल उन सात बहुपक्षीय प्रतिनिधिमंडलों में से एक था, जिन्हें भारत ने आतंकवाद के साथ पाकिस्तान के संबंधों को उजागर करने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय तक पहुंचने के लिए 33 वैश्विक राजधानियों में भेजा था.</p> <p><strong>इमरजेंसी को लेकर शशि थरूर ने क्या कहा?</strong></p> <p>50 साल पहले कांग्रेस की तत्कालीन सरकार द्वारा लगाए गए आपातकाल के बारे में थरूर ने कहा कि सभी को यह स्पष्ट रूप से पता है कि यह &lsquo;&lsquo;हमारे इतिहास का एक बुरा दौर था, क्योंकि उस दौरान (स्वतंत्रता) बहुत अधिक निलंबित कर दी गई थी&rsquo;&rsquo; और तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने खुद चुनाव का आह्वान किया था और उसके परिणामों को शालीनतापूर्वक स्वीकार किया था.</p> <p>उन्होंने कहा, &lsquo;&lsquo;मुझे लगता है कि हम सभी को इस बरसी का इस्तेमाल संविधान के प्रति, स्वतंत्रता के मूल्यों के प्रति, उन मूल्यों के प्रति स्वयं को पुनः समर्पित करने के लिए करना चाहिए, जिनके लिए हमारे संस्थापकों ने संघर्ष किया और जिन्हें स्थापित किया.&rsquo;&rsquo; उन्होंने कहा, &lsquo;&lsquo;मैं उम्मीद करता हूं कि हर कोई इस 50वीं बरसी का इस्तेमाल राजनीतिक फायदा उठाने के लिए नहीं, बल्कि उन आदर्शों के प्रति स्वयं को पुनः समर्पित करने के लिए करेगा.&rsquo;&rsquo;</p> <p>रूस की अपनी हाल की यात्रा के बारे में थरूर ने कहा कि यह उनके समकक्षों से संपर्क साधने तथा अपने &lsquo;&lsquo;पुराने मित्र&rsquo;&rsquo; रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से मिलने का अवसर था.</p> <p>कांग्रेस नेता ने कहा कि रूस भारत का पुराना और विश्वसनीय मित्र रहा है और इन रिश्तों को बनाए रखना हमेशा अच्छा होता है।</p>

यात्री ने पहले फ्लाइट में पी शराब, फिर होस्टेस के साथ करने लगा बदसलूकी.. लैंडिंग होते ही चढ़ा पुलिस के हत्थे

<p><strong>Air India Fligh News:</strong> दुबई से जयपुर आ रही एअर इंडिया एक्सप्रेस की एक इंटरनेशनल फ्लाइट में एयर होस्टेस के साथ छेड़खानी और बदसलूकी का मामला सामने आया है. यह घटना फ्लाइट नंबर IX 195 में हुई, जो शनिवार देर रात करीब 3:00 बजे जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लैंड हुई. फ्लाइट के लैंड होते ही आरोपी यात्री को CISF ने हिरासत में ले लिया और बाद में उसे एयरपोर्ट थाना पुलिस को सौंप दिया गया.</p> <p><strong>फ्लाइट में ही पीने लगा शराब</strong></p> <p>पुलिस के अनुसार, आरोपी युवक की पहचान दिनेश के रूप में हुई है. वह फ्लाइट में सीट नंबर 15B पर बैठा था. बताया जा रहा है कि दिनेश ने फ्लाइट में शराब पीनी शुरू कर दी. जब एयर होस्टेस ने उसे शराब पीने से रोका, तो वह गुस्से में आ गया और उसने न सिर्फ बहस की, बल्कि एयर होस्टेस के साथ बदसलूकी भी की.&nbsp;</p> <p>शिकायत में कहा गया है कि आरोपी युवक ने एयर होस्टेस को गलत तरीके से छूने की कोशिश की और उसे लगातार परेशान करता रहा. जब दूसरे क्रू मेंबर्स ने बीच-बचाव किया और आरोपी को ऐसा करने से रोका, तो वह उनके साथ भी झगड़ा करने लगा.&nbsp;</p> <p><strong>पुलिस ने दर्ज किया पूरा मामला, लगेंगी धाराएं</strong></p> <p>स्थिति को बिगड़ता देख क्रू ने फ्लाइट के पायलट को सूचित किया और जयपुर पहुंचते ही पूरी जानकारी CISF को दी गई.&nbsp;CISF ने फ्लाइट के लैंड करते ही आरोपी दिनेश को पकड़ लिया और पूछताछ के बाद उसे एयरपोर्ट थाना पुलिस के हवाले कर दिया. पुलिस ने एयर होस्टेस की शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और अब मामले की जांच की जा रही है.&nbsp;</p> <p>एयरपोर्ट थाना पुलिस ने बताया कि एयर होस्टेस ने अपने बयान में कहा है कि आरोपी युवक लगातार उसके साथ बदतमीजी कर रहा था और रोकने पर वह और गुस्से में आ गया. उसकी हरकतों से बाकी यात्री और क्रू मेंबर्स भी परेशान हो गए थे.&nbsp;पुलिस का कहना है कि आरोपी युवक के खिलाफ IPC की धाराओं में केस दर्ज किया गया है. पूछताछ के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.&nbsp;</p>

Friday, June 27, 2025

Karnataka MM Hills: MM हिल्स में एक मादा बाघ समेत 4 शावकों की मौत से हड़कंप, CM भी परेशान, जांच का आदेश

<p style="text-align: justify;"><strong>Karnataka MM Hills: </strong>कर्नाटक के चामराजनगर जिले स्थित एमएम हिल्स वाइल्डलाइफ सैंक्चुरी में एक बेहद चिंताजनक घटना सामने आई है, जहां एक मादा बाघ और उसके चार शावक मृत पाए गए. कुल पांच बाघों की मौत के मामले में वन मंत्री ईश्वर खंडरे ने गहरी चिंता जताते हुए तत्काल जांच के आदेश दिए हैं. शुरुआत जांच में आशंका जताई जा रही है कि इन बाघों को जहर देकर मारा गया है, हालांकि वन विभाग ने कहा है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जरूरी प्रक्रियाओं के बाद ही मौत की असली वजह स्पष्ट हो पाएगी.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>मध्य प्रदेश के बाद कर्नाटक में सबसे ज्यादा बाघ</strong></p> <p style="text-align: justify;">कर्नाटक, मध्य प्रदेश के बाद देश में सबसे अधिक बाघों की संख्या वाला राज्य है, जहां हालिया अनुमान के मुताबिक करीब 563 बाघ हैं. बाघों और ग्रामीणों के बीच बढ़ते संघर्ष, विशेषकर मवेशियों पर हमलों की घटनाओं के कारण, ग्रामीण कई बार ज़हर या फंदों का इस्तेमाल कर बाघों को निशाना बनाते हैं. वन विभाग की टीम ने सभी मृत बाघों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिए हैं. इस घटना ने वन्यजीव संरक्षण व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>कर्नाटक वन मंत्री ईश्वर खंडरे का बयान</strong></p> <p style="text-align: justify;">मामले पर कर्नाटक वन मंत्री ईश्वर खंडरे ने कहा कि एमएम हिल्स में एक मादा बाघ और उसके चार बच्चों की मौत की खबर बेहद दुखद है. मैंने इस पर वन विभाग के प्रमुख अधिकारियों से बात की है और मामले की गंभीरता से जांच के आदेश दिए हैं. प्राथमिक जानकारी के मुताबिक इन बाघों की मौत प्राकृतिक नहीं लगती. राष्ट्रीय बाघ संरक्षण अधिनियम के तहत सभी का पोस्टमार्टम कराया जाएगा. यह एक चौंकाने वाली और दुखद घटना है. मैंने टीम को सतर्क रहने और वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>NTCA की रिपोर्ट</strong><br />राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) की 2022 की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में बाघों की कुल संख्या बढ़कर 3,682 हो चुकी है. यह उपलब्धि भारत को विश्व का सबसे बड़ा बाघों का आवास क्षेत्र (Tiger Range Country) बना देती है. यह सफलता न केवल वन्यजीव संरक्षण नीति की मजबूती, बल्कि जन जागरूकता और सरकार-समाज की सहभागिता का भी प्रमाण है.</p>

Bihar Assembly Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव में चलने वाला है ट्रिपल M फैक्टर! जानें क्या है ये जिस पर होगा खेला!

<p style="text-align: justify;"><strong>Bihar Assembly Election 2025: </strong>बिहार में विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज हो गई है. हर पार्टी अपने चुनावी अभियान को धार देने में लगी हुई है. इस बार बीजेपी का फोकस महिला, मंदिर और मोदी यानी MMM फैक्टर पर है. इस फैक्टर को ध्यान में रखते हुए बीते कुछ दिनों में बिहार सरकार ने महिलाओं को लेकर कई बड़ी घोषणाएं भी की हैं. वहीं बीजेपी भी इसी फैक्टर को ध्यान में रखकर अपनी कुछ योजनाओं की तैयारी कर रही है.</p> <p style="text-align: justify;">प्रधानमंत्री <a title="नरेंद्र मोदी" href="https://www.abplive.com/topic/narendra-modi" data-type="interlinkingkeywords">नरेंद्र मोदी</a> की ताबड़तोड़ रैलियों से लेकर माता-सीता के भव्य मंदिर की घोषणा तक और इसके बाद राज्य में पेंशन, विवाह मंडप, त्योहारों पर बाहर रहने वाले लोगों को बुलाने समेत कई बड़े ऐलान हो चुके हैं. इनके जरिए बीजेपी और जेडीयू ने मिलकर एक खास नैरेटिव गढ़ने की कोशिश की है. अपने ऐलानों के जरिए एनडीए का फोकस अपने कोर वोटर्स को दुरुस्त करने के साथ ही लुभावने वादों के जरिए लोगों को अपने पाले में खड़े करने का है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>पीएम मोदी का आगामी बिहार दौरा</strong><br />पीएम मोदी 15 जुलाई से 15 सितंबर के बीच बिहार के सभी 9 प्रमंडलों में रैलियां करेंगे. दो महीने तक पीएम मोदी के चलने वाले इस मैराथन दौरे से पहले भी उन्होंने बिहार के मधुबनी, बिक्रमगंज और सिवान में जनसभाएं की है. अगले ढाई महीनों में 10 से ज्यादा बार अभी बिहार दौरे की योजना है. दूसरी तरफ, सीतामढ़ी में माता सीता के भव्य मंदिर का ऐलान भी हो चुका है, जिसका डिजाइन सीएम नीतीश कुमार जारी कर चुके हैं. गृहमंत्री <a title="अमित शाह" href="https://www.abplive.com/topic/amit-shah" data-type="interlinkingkeywords">अमित शाह</a> भी कई बार सीता माता के मंदिर का जिक्र कई बार अपनी जनसभाओं में कर चुके हैं।</p> <p style="text-align: justify;"><strong>बीजेपी का मंदिर और महिला पर फोकस</strong><br />बीजेपी इसके जरिए मंदिर और महिला, दोनों वोटर्स पर फोकस कर रही है. महिलाएं खास तौर पर पिछले कुछ चुनावों में बीजेपी और जेडीयू के साथ मजबूती से खड़ी रही है. इसी को ध्यान में रखते हुए सीएम नीतीश कुमार ने कुछ योजनाओं का ऐलान भी किया है. सबसे पहले लंबे वक्त से चली आ रही एक बड़ी मांग को पूरा किया गया. बिहार सरकार ने विधवा, वृद्धा पेंशन की राशि 400 से बढ़ाकर 1100 रुपए करने का ऐलान किया.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>बिहार सरकार की जीविका परियोजना</strong><br />इसके बाद महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए बिहार सरकार ने जीविका परियोजना से जुड़े दो महत्वपूर्ण फैसले लिए गए. जीविका परियोजना के तहत स्वयं सहायता समूहों को 3 लाख रुपये से ज्यादा के बैंक ऋण पर अब सिर्फ 7 प्रतिशत ब्याज देने का फैसला, पहले ये राशि 10 फीसदी ब्याज पर थी. राज्य सरकार ने जीविका से जुड़े सभी कर्मियों के मानदेय में दोगुने की वृद्धि का फैसला लिया है. इन कर्मचारियों के मानदेय वृद्धि की अतिरिक्त राशि राज्य सरकार खुद वहन करेगी.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह कार्यक्रम&nbsp;</strong><br />इसके अलावा बिहार सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह कार्यक्रम में सुविधा के लिए सभी पंचायतों में विवाह भवन का निर्माण ऐलान किया. मुख्यमंत्री कन्या विवाह मंडप योजना को मंजूरी दी गई और कहा गया कि इन विवाह भवनों का संचालन जीविका दीदियों के द्वारा किया जाएगा. यानी सरकार के इस फैसले के केंद्र में भी महिलाएं ही थीं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>महिलाओं को लेकर और भी घोषणाओं की संभावना</strong><br />बीजेपी आगामी दिनों में महिलाओं को लेकर और भी घोषणाएं की जाए इसको लेकर कई और योजनाओं पर काम कर रही है. जिनकी घोषणाएं चुनाव के समय पर बीजेपी द्वारा की जा सकती हैं. पिछले कई राज्यों के चुनावों में देखा भी है कि बीजेपी ने अपने घोषणा पत्र में महिलाओं को लेकर कई घोषणाएं भी की थीं, जिनका लाभ पार्टी को चुनावों में मिला और महिलाओं का अच्छा खासा वोट पार्टी को मिला.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>इंडिया अलायंस का महिलाओं पर फोकस</strong><br />इधर इंडिया अलायंस ने भी महिला मतदाताओं को साधने की कोशिशें तेज कर दी हैं. कांग्रेस और राजद ने महिलाओं के लिए 50% सरकारी नौकरियों में आरक्षण, मुफ्त स्कूटी और बालिका सुरक्षा निधि जैसी योजनाओं का एलान किया है. वे इस अभियान को &lsquo;बेटी का भविष्य&rsquo; अभियान के नाम से चला रहे हैं. साथ ही मंदिर राजनीति पर पलटवार करते हुए इसे भावनात्मक मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश करार दिया है. इंडिया अलायंस का दावा है कि असली मुद्दा रोजगार और महंगाई है.&nbsp;</p>

Thursday, June 26, 2025

एयर इंडिया प्लेन क्रैश: कॉकपिट में हादसे से पहले क्या हुआ था? ब्लैक बॉक्स से निकाल लिया गया अहम डाटा

<p style="text-align: justify;"><strong>Air India Flight Crash:</strong> एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 के अहमदाबाद में हुए विमान हादसे को लेकर नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने बड़ा अपडेट जारी किया है. मंत्रालय के अनुसार, हादसे के बाद जांच तेजी से की जा रही है और दोनों ब्लैक बॉक्स (CVR और FDR) से अहम डाटा सफलतापूर्वक निकाल लिया गया है. अब इनकी जांच तकनीकी विशेषज्ञों की निगरानी में की जा रही है, ताकि हादसे के कारणों का स्पष्ट रूप से पता लगाया जा सके.<br /><br /><strong>हादसे के तुरंत बाद बनी विशेषज्ञ टीम</strong><br />13 जून 2025 को हुए इस विमान हादसे के तुरंत बाद विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप एक विशेषज्ञ टीम गठित की. इस टीम का नेतृत्व AAIB के महानिदेशक कर रहे हैं. टीम में विमानन चिकित्सा विशेषज्ञ, एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) अधिकारी और अमेरिका की नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड (NTSB) के प्रतिनिधि भी शामिल किए गए हैं, क्योंकि विमान अमेरिका में बना था.जांच का हर कदम भारत के कानूनों और अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुसार पारदर्शिता से उठाया जा रहा है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ब्लैक बॉक्स की बरामदगी और सुरक्षा व्यवस्था</strong></p> <ul style="text-align: justify;"> <li>पहला ब्लैक बॉक्स, यानी कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR), 13 जून को हादसे वाली जगह पर एक इमारत की छत से बरामद हुआ था.</li> <li>दूसरा ब्लैक बॉक्स, यानी फ्लाइट डाटा रिकॉर्डर (FDR), 16 जून को विमान के मलबे से निकाला गया.</li> <li>दोनों ब्लैक बॉक्स को अहमदाबाद में कड़ी पुलिस सुरक्षा और CCTV निगरानी में सुरक्षित रखा गया.</li> <li>24 जून 2025 को भारतीय वायुसेना के विशेष विमान के जरिए दोनों ब्लैक बॉक्स अहमदाबाद से दिल्ली लाए गए.</li> <li>पहला ब्लैक बॉक्स दोपहर 2 बजे AAIB लैब पहुंचा, जबकि दूसरा बॉक्स शाम 5:15 बजे AAIB टीम द्वारा पहुंचाया गया.</li> </ul> <p style="text-align: justify;"><strong>डाटा डाउनलोड और विश्लेषण प्रक्रिया</strong><br />24 जून की शाम से ही AAIB और NTSB के तकनीकी विशेषज्ञों ने ब्लैक बॉक्स के डाटा निकालने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी. इसके बाद 25 जून को मेमोरी मॉड्यूल से डाटा को सफलतापूर्वक डाउनलोड कर लिया गया. अब दोनों रिकॉर्डरों&nbsp; CVR और FDR&nbsp; के डाटा का बारीकी से विश्लेषण किया जा रहा है. जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि हादसे से पहले विमान में क्या गतिविधियां चल रही थीं और क्या तकनीकी या मानवीय त्रुटि इसकी वजह बनी.</p>

Wednesday, June 25, 2025

Shubhanshu Shukla Axiom-4: भाई स्पेस रवाना हुआ तो शुभांशु शुक्ला की बहन हुई इमोशनल, बोली- 'मैं एक बार फिर गले लगा सकूं ...'

<p style="text-align: justify;"><strong>Shubhanshu Shukla Axiom-4:</strong> लखनऊ में जन्मे ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला के बुधवार (25 जून 2025) को फ्लोरिडा के कैनेडी स्पेस सेंटर (KSC) से स्पेसएक्स फाल्कन 9-रॉकेट से अंतरिक्ष के लिए रवाना होने से लखनऊ के गौरवशाली इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया. रॉकेट जैसे ही फ्लोरिडा के आसमान में पहुंचा, लखनऊ के कानपुर रोड स्थित सिटी मोंटेसरी स्कूल के वर्ल्ड यूनिटी कन्वेंशन सेंटर ऑडिटोरियम में इस पल को लाइव देख रहे शुक्ला के परिजन भावुक हो गये. हों भी क्यों ना, आखिर 1984 में राकेश शर्मा के बाद 41 साल बाद शुभांशु शुक्ला के रूप में भारत की मानव अंतरिक्ष उड़ान में वापसी जो हुई है. इस खास मौके पर शुभांशु शुक्ला की बहन निधि मिश्रा ने कहा कि यह सिर्फ मेरे लिए ही नहीं बल्कि भारत में हर किसी के लिए गर्व का क्षण है. मैं इसे शब्दों में बयां नहीं कर सकती. मैं बस इतना कहना चाहती हूं कि शुभंशु आपका मिशन सफल हो और आप सुरक्षित हमारे पास वापस आएं.</p> <p style="text-align: justify;">शुभांशु शुक्ला की बहन ने आगे कहा कि मुझे अच्छा लग रहा है और मैं उम्मीद कर रही हूं कि वह अपना मिशन सफलतापूर्वक पूरा करके जल्द ही हमारे पास लौट आए ताकि मैं उसे एक बार फिर गले लगा सकूं. मेरा भाई कहता है मेहनत का कोई विकल्प नहीं है. इस दुनिया में आपको कुछ भी आसानी से नहीं मिलता. आज हम जो कुछ भी देख रहे हैं, उसके पीछे बहुत मेहनत है. मैं इस समय अपने भाई के लिए थोड़ी भावुक हूं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>शुभांशु शुक्ला के माता-पिता हुए भावुक</strong><br />शुभांशु शुक्ला के पिता शंभू शुक्ला ने PTI को कहा 'यह न केवल हमारे लिए बल्कि हमारे देश के लिए भी एक महान क्षण है. हम इस समय क्या कह सकते हैं, मेरे पास अब शब्द नहीं हैं. मेरा आशीर्वाद हमेशा मेरे बेटे के साथ है. शुभांशु शुक्ला को उनकी ऐतिहासिक अंतरिक्ष यात्रा पर बधाई देने वाले पोस्टर पूरे लखनऊ में लगे हुए हैं. वहीं सिटी मॉन्टेसरी स्कूल ने 'व्योमोत्सव' का आयोजन करके ऑडिटोरियम परिसर को मिनी स्पेस सेंटर में बदल दिया. शुभांशु शुक्ला की मां आशा शुक्ला ने कहा, 'इस समय मेरे पास कहने के लिए और कुछ नहीं है. मैं बहुत खुश हूं. मुझे पता है कि वह सफल होगा. हालांकि मैं एक सफल मिशन के बाद उसके लौटने का बेसब्री से इंतजार कर रही हूं, लेकिन मुझे यह भी पता है कि धरती पर वापस लौटने के बाद भी उसे हमारे बीच आने में कुछ समय लगेगा.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>शुभांशु शुक्ला का करियर</strong><br />साल 1985 में लखनऊ में जन्मे और सिटी मोंटेसरी स्कूल की अलीगंज शाखा में बारहवीं कक्षा तक की शिक्षा प्राप्त करने वाले शुक्ला ने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी से स्नातक की उपाधि प्राप्त की और 2006 में भारतीय वायु सेना में शामिल हुए. उन्हें 2019 में भारत के गगनयान मानव अंतरिक्ष यान कार्यक्रम के लिए चुना गया और बाद में एएक्स-4 के लिए पायलट के रूप में चुना गया. नासा के वरिष्ठ डॉक्टर पैगी व्हिटसन (मिशन कमांडर) और हंगरी और पोलैंड के अंतरिक्ष यात्रियों के साथ शुक्ला का 14-दिवसीय मिशन मानव शरीर क्रिया विज्ञान, पोषण और अंतरिक्ष में बीज अंकुरण सहित क्षेत्रों में सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण अनुसंधान में योगदान देगा.</p>

'चुनाव तुम नहीं, मशीन जीत रही', किस बात पर फायर हुए खरगे, बोले- 'महाराष्ट्र में कैसे बढ़ गए 8 फीसदी वोटर'

<p style="text-align: justify;"><strong>Mallikarjun Kharge Attacks pm Modi:</strong>&nbsp;कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री <a title="नरेंद्र मोदी" href="https://www.abplive.com/topic/narendra-modi" data-type="interlinkingkeywords">नरेंद्र मोदी</a> और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें लोकतंत्र और संविधान के लिए सबसे बड़ा ख़तरा बताया. संसद, चुनाव आयोग, अभिव्यक्ति की आजादी, मीडिया और न्याय व्यवस्था को लेकर खरगे ने गंभीर सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि आज देश में "अघोषित आपातकाल" लागू है, जहां सत्ता पक्ष संविधान की आत्मा को कुचलने में लगा है. पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए खरगे बोले - &ldquo;संविधान बचाने वाले देश के लोग और कांग्रेस पार्टी हैं, ना कि वे लोग जो बाबा साहेब के बनाए संविधान को जलाते रहे हैं.&rdquo;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>&ldquo;आपातकाल की आड़ में संविधान हत्या दिवस मनाना चाहते हैं मोदी&rdquo;</strong><br />खरगे ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी चाहते हैं कि आपातकाल के पचास साल पूरे होने पर देश में "संविधान हत्या दिवस" मनाया जाए, लेकिन सच्चाई ये है कि असली संविधान का संकट आज मोदी शासन में है. उन्होंने कहा कि सरकार ने संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर कर दिया है, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को कुचला जा रहा है और लोकतंत्र की आत्मा को मारने की कोशिश हो रही है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>चुनाव आयोग कठपुतली</strong><br />खरगे ने चुनाव प्रक्रिया पर भी गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग अब निष्पक्ष संस्था नहीं रह गई, बल्कि "कठपुतली" बन चुकी है. उनका आरोप था कि &ldquo;आज चुनाव मोदी नहीं जीतते, मशीन जीतती है.&rdquo; उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि कुछ ही महीनों में महाराष्ट्र जैसे राज्य में वोटरों की संख्या अचानक 8 प्रतिशत कैसे बढ़ गई?</p> <p style="text-align: justify;"><strong>अभिव्यक्ति की आजादी खत्म</strong><br />खरगे ने मोदी सरकार पर असहिष्णु होने का आरोप लगाते हुए कहा कि अब सरकार के खिलाफ बोलना "देशद्रोह" बन चुका है. छात्रों को जेल में डाला जा रहा है, पत्रकारों को गिरफ्तार किया जा रहा है. उन्होंने कहा, &ldquo;जिस सरकार में सहिष्णुता नहीं है, वह हमें लोकतंत्र और संविधान का उपदेश न दे.&rdquo;<br /><br /><strong>ट्रंप बोले भारत-पाक का मसला सुलझाया, मोदी चुप बैठे रहे</strong><br />खरगे ने पीएम मोदी की विदेश नीति और आत्मप्रशंसा पर भी हमला बोला. उन्होंने कहा कि ट्रंप बार-बार कह चुके हैं कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता की, लेकिन मोदी सरकार ने कभी कोई जवाब नहीं दिया. &ldquo;जब ट्रंप जैसे नेता भारत को डरा रहे हैं, तो फिर किस बात के विश्वगुरु बनते हो?&rdquo; खरगे ने कहा कि जिन लोगों का आजादी की लड़ाई और संविधान निर्माण में कोई योगदान नहीं रहा, वे आज आपातकाल की दुहाई दे रहे हैं. उन्होंने कहा, &ldquo;रामलीला मैदान में संविधान जलाने वालों, गांधी-नेहरू-अंबेडकर के पुतले फूंकने वालों को आज संविधान की बात करते देखना दुखद है.&rdquo;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ये सरकार सिर्फ अमीरों की है: खरगे</strong><br />खरगे ने आर्थिक असमानता पर भी सरकार को घेरा. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने देश के गरीबों को और गरीब बना दिया और अमीरों को और अमीर. कांग्रेस की "संविधान बचाओ यात्रा" से बीजेपी घबरा गई है, इसी डर से आपातकाल की बात छेड़ रही है. खरगे ने हालिया <a title="पहलगाम" href="https://www.abplive.com/topic/pahalgam-terror-attack" data-type="interlinkingkeywords">पहलगाम</a> आतंकी हमले और मणिपुर हिंसा पर सरकार की चुप्पी को आड़े हाथों लिया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग की, लेकिन पीएम मोदी चुनाव प्रचार में लगे रहे. उन्होंने तंज कसते हुए पूछा- &ldquo;मणिपुर के लोग क्या इस देश के नागरिक नहीं हैं?&rdquo;<br /><br /><strong>राहुल गांधी के युवाओं को जगाने से घबराए मोदी</strong><br />खरगे ने राहुल गांधी की यात्राओं और युवाओं में उनके प्रभाव को लेकर भी सरकार को घेरा. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के अभियान ने युवाओं में नया जोश भर दिया है, और इसी जोश से घबराकर मोदी सरकार संविधान, आपातकाल और राष्ट्रवाद के नाम पर नाटक कर रही है.</p>

Tuesday, June 24, 2025

एयर इंडिया के बोइंग विमानों की उड़ान कुछ समय स्थगित रखने की मांग, सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हुई याचिका

<p style="text-align: justify;">एयर इंडिया के सभी बोइंग विमानों की उड़ान कुछ समय तक स्थगित रखने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल हुई है. याचिकाकर्ता ने इन विमानों को उड़ान की अनुमति देने से पहले उचित सुरक्षा ऑडिट की मांग की है. याचिका में हाल ही में अहमदाबाद में हुए भीषण विमान हादसे का हवाला दिया गया है.</p> <p style="text-align: justify;">12 जून को अहमदाबाद से लंदन जा रहा एयर इंडिया का बोइंग विमान टेक ऑफ के कुछ ही देर बाद गिर गया था. इससे विमान में बैठे 241 लोगों की मृत्यु हो गई थी. जिस जगह पर विमान गिरा, वहां भी 29 लोग मारे गए. याचिकाकर्ता ने दावा किया है कि एयर इंडिया सुरक्षा नियमों का पालन किए बिना अपनी सेवाओं का परिचालन कर रहा है.</p> <p style="text-align: justify;">याचिकाकर्ता वकील अजय बंसल ने कहा है कि उड़ान से पहले 13 स्पॉट चेक की व्यवस्था है. नागरिक उड्डयन निदेशालय (DGCA) की एक रिपोर्ट कहती है कि एयर इंडिया में इसका सही तरीके से पालन नहीं हो रहा. 2022 में टाटा ग्रुप एयर इंडिया का अधिग्रहण कर चुका है, लेकिन स्थिति में बदलाव नहीं हुआ है.</p> <p style="text-align: justify;">याचिकाकर्ता ने अपने एक निजी अनुभव का भी उल्लेख किया है. उन्होंने कहा कि दिल्ली से शिकागो की उड़ान के दौरान उन्होंने जब आराम करना चाहा, तो पाया कि विमान की सीट पीछे नहीं जा रही. विमान की एयर कंडीशनिंग भी सही काम नहीं कर रही थी. मनोरंजन के लिए जो स्क्रीन दी गई थी, वह भी निष्क्रिय थी. इन बातों की शिकायत करने पर कंपनी ने उन्हें बतौर मुआवजा मात्र 10 हजार रुपए दिए.</p> <p style="text-align: justify;">याचिका में एयरक्राफ्ट एक्ट 1934 और एयरक्राफ्ट रूल्स, 1937 और DGCA के सुरक्षा दिशानिर्देशों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करने की मांग की गई है. यह भी कहा गया है कि अगर आवश्यक हो तो नए दिशानिर्देश भी जारी किए जाएं. एयर इंडिया के बोइंग विमानों का ऑडिट पूरा होने तक उन्हें परिचालन से रोका जाए.</p>

PM Narendra Modi: 'आतंकियों के लिए कोई ठिकाना सेफ नहीं', ऑपरेशन सिंदूर पर पीएम मोदी का पाकिस्तान को मैसेज

<p style="text-align: justify;"><strong>PM Narendra Modi Tribute To Shri Narayan Guru: </strong>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के दो महानतम आध्यात्मिक और नैतिक नेताओं श्री नारायण गुरु और महात्मा गांधी के बीच ऐतिहासिक बातचीत के शताब्दी समारोह के उद्घाटन कार्यक्रम में हिस्सा लिया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दौरान <a title="ऑपरेशन सिंदूर" href="https://www.abplive.com/topic/operation-sindoor" data-type="interlinkingkeywords">ऑपरेशन सिंदूर</a> पर कहा - दुनिया ने हाल ही में ये भी देखा है कि भारत का सामर्थ्य क्या है. ऑपरेशन सिन्दूर ने आतंकवाद के खिलाफ भारत की कठोर नीति को दुनिया के सामने स्पष्ट कर दिया है. हमने दिखा दिया है कि भारतीयों का खून बहाने वालों के लिए कोई भी ठिकाना सुरक्षित नहीं है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">पीएम मोदी ने कहा कि आज का भारत देशहित में जो भी सही है, उसके हिसाब से कदम उठाता है. हमने साबित कर दिया की आतंकवादियों के लिए कोई भी ठिकाना सेफ नहीं है. हमारी सेनाओं ने भारत में बने हथियारों से लड़ कर दुश्मनों को 22 मिनट में घुटने पर ला दिया. आने वाले समय में Made In India पूरी दुनिया में गूंजेगा.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>देश के इतिहास की एक अभूतपूर्व घटना</strong><br />कार्यक्रम में मौजूद प्रधानमंत्री <a title="नरेंद्र मोदी" href="https://www.abplive.com/topic/narendra-modi" data-type="interlinkingkeywords">नरेंद्र मोदी</a> ने कहा, आज ये परिसर देश के इतिहास की एक अभूतपूर्व घटना को याद करने का साक्षी बन रहा है. एक ऐसी ऐतिहासिक घटना, जिसने न सिर्फ हमारे स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी, बल्कि स्वतंत्रता के उद्देश्य को नए मायने दिए. 100 साल पहले श्री नारायण गुरु और महात्मा गांधी की वो मुलाकात आज भी उतनी की प्रेरक है, उतनी ही प्रासंगिक है.100 साल पहले वो मुलाकात, सामाजिक समरसता के लिए, विकसित भारत के सामूहिक लक्ष्यों के लिए आज भी ऊर्जा के स्रोत की तरह है. इस ऐतिहासिक अवसर पर मैं श्री नारायण गुरु को नमन करता हूं और महात्मा गांधी जी को भी अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>श्री नारायण गुरु के आदर्श की बातें</strong><br />पीएम मोदी ने श्री नारायण गुरु के आदर्श की बातों को विस्तार से बताया. उन्होंने कहा कि इनकी बातें पूरी मानवता के लिए बहुत बड़ी पूंजी है. जो लोग देश और समाज की सेवा के संकल्प पर काम करते हैं श्री नारायण गुरु उनके लिए प्रकाश स्तंभ की तरह हैं. आप सभी जानते हैं कि समाज के शोषित, पीड़ित, वंचित वर्ग से मेरा क्या नाता है और इसलिए आज भी जब मैं समाज के शोषित, पीड़ित, वंचित वर्ग के लिए निर्णय लेता हूं तो मैं गुरु देव को जरूर याद करता हूं. भारत की विशेषता है कि हमारा देश जब भी मुश्किलों के भंवर में फंसता है तो कोई न कोई महान विभूति देश के किसी कोने में जन्म लेकर समाज को नई दिशा दिखाता है. कोई समाज के आध्यात्मिक उत्थान के लिए काम करता है, तो कोई सामाजिक क्षेत्र में समाज सुधारों को गति देता है. श्री नारायण गुरु ऐसे ही महान संत थे.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>विश्व योग दिवस की बातों पर मोदी का जोर</strong><br />अभी हाल ही में हमने विश्व योग दिवस मनाया. इस बार योग दिवस की थीम थी-वन अर्थ, वन हेल्थ यानी एक धरती एक स्वास्थ. इससे पहले भी भारत ने विश्व कल्याण के लिए वन वर्ल्ड, वन हेल्थ जैसे पहल की है. आज भारत सस्टेनेबल डेवलपमेंट की दिशा में वन सन, वन वर्ल्ड, वन ग्रिड जैसे ग्लोबल मूवमेंट को लीड कर रहा है. &nbsp;2023 में जब भारत ने G20 समिट को लीड किया ​था, तब थीम रखा था- ववन अर्थ, वन फैमिली, वन फ्यूचर. हमारे इन प्रयासों में वसुधैव कुटुंबकम की धारणा जुड़ी हुई है.</p>

Monday, June 23, 2025

कर्नाटक कांग्रेस में सियासी भूचाल! ऑडियो में रिश्वत की बात कबूली, कांग्रेस विधायक बीआर पाटिल ने खुद खोली अपनी सरकार की पोल

<p style="text-align: justify;"><strong>BR Patil Audio:</strong> कर्नाटक की सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार एक बार फिर भ्रष्टाचार के आरोपों और आंतरिक असंतोष के घेरे में आ गई है. वरिष्ठ कांग्रेस विधायक और कर्नाटक योजना आयोग के उपाध्यक्ष बीआर पाटिल ने उस वायरल ऑडियो क्लिप को लेकर बड़ा बयान दिया है, जिसमें वे आवास मंत्री ज़मीर अहमद खान के निजी सचिव सरफराज खान से कथित तौर पर आवास योजनाओं में रिश्वत को लेकर बातचीत करते सुने जा रहे हैं. बीआर पाटिल ने न सिर्फ उस ऑडियो को अपना बताया है, बल्कि इस बात पर भी जोर दिया है कि वे अपने आरोपों पर अब भी कायम हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>बीआर पाटिल के गंभीर आरोप और क्षेत्रीय उपेक्षा</strong><br />बीआर पाटिल ने कहा कि विभिन्न आवास योजनाओं के तहत मकान आवंटन में गड़बड़ियां हो रही हैं और भ्रष्टाचार में उच्च स्तर तक के लोग शामिल हैं. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे किसी दबाव में नहीं आएंगे और सच्चाई के साथ खड़े रहेंगे. आलंद विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक बीआर पाटिल ने कहा कि मेरे निर्वाचन क्षेत्र में मेरी अनुमति के बिना सरकारी कार्य शुरू किए जा रहे हैं. मेरे निर्वाचन क्षेत्र में शिष्टाचार का उल्लंघन हो रहा है. कलबुर्गी में बोलते हुए उन्होंने कहा कि मौलाना अब्दुल कलाम आज़ाद आवासीय विद्यालय परियोजना के लिए केकेआरडीबी से 17 करोड़ रुपये का अनुदान प्राप्त हुआ है. काम भी शुरू हो गया है. लेकिन मुझे कार्य फावड़ा पूजा के लिए आमंत्रित नहीं किया गया है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>कांग्रेस के अंदर बढ़ता असंतोष</strong><br />इसी क्रम में कांग्रेस के ही एक अन्य विधायक राजू कागे ने भी अपनी नाराजगी सार्वजनिक रूप से ज़ाहिर की है. उन्होंने कहा मेरी स्थिति बीआर पाटिल जैसी ही है. मुख्यमंत्री ने मेरी विधानसभा के लिए ₹12 करोड़ सड़क निर्माण और ₹13 करोड़ सामुदायिक भवनों के लिए स्वीकृत किए थे, लेकिन दो साल बीतने के बावजूद एक भी वर्क ऑर्डर जारी नहीं हुआ है. यह प्रशासन की पूरी असफलता को दर्शाता है. उन्होंने आगे कहा कि वे इस हद तक आहत और निराश हैं कि आने वाले दो दिनों में वे मुख्यमंत्री को अपना इस्तीफा सौंप सकते हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>बीजेपी का हमला और सियासी हलचल</strong><br />वहीं, बीजेपी ने इस मुद्दे को हाथों हाथ लेते हुए कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला है. पार्टी नेताओं का कहना है कि यह एक भ्रष्ट सरकार है जो ज्यादा दिन नहीं टिकेगी. दिन-ब-दिन इसका असली चेहरा सामने आ रहा है. मंत्रियों और विधायकों के बीच जो आरोप-प्रत्यारोप चल रहे हैं, वह इस बात का सबूत है कि सरकार के भीतर ही सब कुछ ठीक नहीं है. राजनीतिक गलियारों में इन घटनाक्रमों के बाद सियासी सरगर्मी तेज हो गई है. देखना होगा कि कांग्रेस हाईकमान इन बगावती सुरों और भ्रष्टाचार के आरोपों से कैसे निपटता है.</p>

शशि थरूर ने PM मोदी की फिर की तारीफ, बताया भारत का 'प्राइम एसेट', मच गया हंगामा

<p style="text-align: justify;"><strong>Shashi Tharoor Praised PM Modi:</strong> कांग्रेस सांसद शशि थरूर (Congress Leader Shashi Tharoor) ने एक बार फिर से प्रधानमंत्री <a title="नरेंद्र मोदी" href="https://www.abplive.com/topic/narendra-modi" data-type="interlinkingkeywords">नरेंद्र मोदी</a> (PM Modi) की जमकर तारीफ की है. उन्होंने &lsquo;ऑपरेशन सिंदूर&rsquo; (Operation Sindoor) पर लिखे एक कॉलम में पीएम मोदी को भारत के लिए प्राइम एसेट बताया है. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी की ऊर्जा, एक्टिवनेस और इच्छाशक्ति ने भारत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर मजबूत बनाया है. इससे पहले भी उन्होंने पीएम मोदी की तारीफ की थी, जिसके बाद वे विपक्षी नेताओं के निशाने पर आ गए थे.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>शशि थरूर ने पीएम मोदी को बताया 'प्राइम एसेट'</strong></p> <p style="text-align: justify;">शशि थरूर ने लिखा, &ldquo;प्रधानमंत्री मोदी की ऊर्जा, गतिशीलता और सहभागिता की इच्छा ने भारत को वैश्विक मंच पर मजबूत स्थिति में पहुंचाया है. वह भारत के लिए एक प्राइम एसेट हैं, लेकिन इस अभियान को और समर्थन की जरूरत है.&rdquo; उन्होंने यह भी कहा कि ऑपरेशन सिंदूर, विदेशों में भारत की छवि को मजबूत करने का एक बड़ा मौका है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>भारत को आगे बढ़ाने के लिए चार बातें जरूरी: शशि थरूर</strong></p> <p style="text-align: justify;">शशि थरूर ने कहा कि इस मिशन से उन्होंने सीखा कि भारत को आगे बढ़ाने के लिए चार बातें जरूरी हैं. पहला- एकता की ताकत, दूसरा- साफ और प्रभावी संवाद, तीसरा- सॉफ्ट पावर का सही इस्तेमाल और चौथा- दूर की सोच और विदेश नीति.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>शशि थरूर ने दिए ये अहम सुझाव</strong></p> <p style="text-align: justify;">इसके साथ ही उन्होंने सुझाव दिया कि भारत को अपनी वैश्विक रणनीति में तीन चीजों पर जोर देना चाहिए. पहली- तकनीक (Technology), दूसरी- व्यापार (Trade) और तीसरी- परंपरा (Tradition). बता दें कि शशि थरूर के <a title="ऑपरेशन सिंदूर" href="https://www.abplive.com/topic/operation-sindoor" data-type="interlinkingkeywords">ऑपरेशन सिंदूर</a> में शामिल होने को लेकर कांग्रेस में भी कुछ नेताओं ने सवाल उठाए थे, लेकिन उन्होंने साफ किया कि उनका मकसद केवल भारत की छवि को मजबूत करना था.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें-</strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="Israel-Iran War LIVE: 'आपने शुरू किया, खत्म हम करेंगे', अमेरिका को ईरान की धमकी; इजरायल का दावा- '15 फाइटर जेट किए तबाह'" href="https://www.abplive.com/news/world/israel-iran-war-news-live-update-america-airstrike-nuclear-sites-russia-pakistan-china-donald-trump-netanyahu-khamenei-putin-xi-jinping-pm-modi-2966968" target="_self">Israel-Iran War LIVE: 'आपने शुरू किया, खत्म हम करेंगे', अमेरिका को ईरान की धमकी; इजरायल का दावा- '15 फाइटर जेट किए तबाह'</a></strong></p>

Sunday, June 22, 2025

'क्या पाकिस्तान ने इसीलिए मांगा था ट्रंप के लिए नोबेल', ईरान पर अमेरिका की एयरस्ट्राइक पर भड़के असदुद्दीन ओवैसी

<p style="text-align: justify;"><strong>Asaduddin Owaisi slams US strikes:</strong> ईरान और इजरायल के बीच लगातार बढ़ते तनाव और अमेरिका की सीधी सैन्य कार्रवाई ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है. अमेरिका द्वारा ईरान के तीन अहम परमाणु ठिकानों पर किए गए हमले के बाद अब यह टकराव सिर्फ दो देशों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके वैश्विक असर दिखने लगे हैं. इसी बीच हैदराबाद से सांसद और AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने इस हमले पर तीखी प्रतिक्रिया दी है.</p> <p><strong>ओवैसी ने नेतन्याहू को बताया 'फिलिस्तीनियों का कसाई'<br /></strong>ओवैसी ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर हमला बोलते हुए कहा कि "इस व्यक्ति ने फिलिस्तीनियों का नरसंहार किया है. वह वेस्ट बैंक और गाजा में फिलिस्तीनियों की जातीय सफाई कर रहा है. इतिहास उसे फिलिस्तीनियों का कसाई के रूप में याद रखेगा." ओवैसी का यह बयान उस समय आया है जब इजरायल और गाजा के बीच हिंसा लगातार बढ़ रही है और हजारों निर्दोष नागरिक इसकी चपेट में आ रहे हैं.</p> <p><strong>ट्रंप और पाकिस्तान पर ओवैसी का निशाना</strong><br />इस पूरे घटनाक्रम के बीच ओवैसी ने पाकिस्तान पर भी तीखा कटाक्ष किया. उन्होंने तंज कसते हुए कहा, &ldquo;क्या पाकिस्तान इसलिए ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार दिलवाना चाहता था ताकि पूरे इलाके में जंग छिड़ जाए?&rdquo; उन्होंने इसे प्लानिंग के साथ आग लगाने की कोशिश बताया. साथ ही, ओवैसी ने भारत सरकार को भी चेताया कि खाड़ी और मध्य-पूर्व क्षेत्र में 60 लाख से अधिक भारतीय नागरिक रहते हैं, और यदि इस क्षेत्र में बड़ा युद्ध शुरू होता है, तो उनकी सुरक्षा बेहद कठिन चुनौती बन जाएगी. उन्होंने भारत से अपेक्षा जताई कि वह इस संकट में स्पष्ट, मजबूत और जिम्मेदार आवाज उठाए.</p> <p><strong>ओवैसी ने उठाए दोहरे मापदंड पर सवाल</strong><br />ओवैसी ने अमेरिका द्वारा ईरान के परमाणु ठिकानों पर किए गए हमलों को एक सोची-समझी रणनीति करार देते हुए कहा कि इसका उद्देश्य गाजा में फिलिस्तीनियों के चल रहे &ldquo;नरसंहार&rdquo; से दुनिया का ध्यान हटाना है. उन्होंने दोहरा मापदंड बताते हुए कहा कि एक तरफ ईरान को निशाना बनाया जा रहा है, जबकि दूसरी तरफ इजरायल, जिसके पास कथित तौर पर 700 से 800 परमाणु हथियार हैं और जो एनपीटी (NPT) का सदस्य भी नहीं है, उस पर कोई अंतरराष्ट्रीय सवाल नहीं उठाया जा रहा है.</p> <p>ओवैसी ने यह भी कहा कि इस हमले के बाद अब पूरे मध्य-पूर्व में परमाणु हथियारों की होड़ शुरू हो सकती है. उन्होंने भविष्यवाणी की कि आने वाले 5 से 10 वर्षों में ईरान 90% तक यूरेनियम संवर्धन कर सकता है और कोई उसे रोक नहीं पाएगा. उनका मानना है कि इजरायल के बढ़ते दबदबे को देखते हुए अब क्षेत्र के अन्य मुस्लिम देश भी अपनी सुरक्षा के लिए परमाणु हथियार बनाने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>खाड़ी में रह रहे भारतीयों और निवेश पर पड़ेगा असर</strong><br />असदुद्दीन ओवैसी ने भारत के हितों पर चिंता जताते हुए कहा कि खाड़ी और मध्य पूर्व देशों में 1.6 करोड़ से अधिक भारतीय नागरिक रहते हैं. अगर इस क्षेत्र में युद्ध होता है, तो उन भारतीयों की जान और रोजगार दोनों खतरे में पड़ सकते हैं. उन्होंने कहा कि भारतीय कंपनियों ने अरब देशों में बड़ा निवेश किया है और भारत को बहुत सारा विदेशी निवेश भी वहीं से मिलता है. अगर युद्ध बढ़ा तो इसका सीधा असर भारत की अर्थव्यवस्था और विदेश नीति पर पड़ेगा. अंत में ओवैसी ने कहा कि ईरान को लेकर जिस तरह का डर फैलाया जा रहा है, वैसा ही अमेरिका ने पहले इराक के खिलाफ भी किया था,जब 'विनाश के हथियार' (WMDs) की बात कही गई थी, लेकिन कुछ भी नहीं मिला. उन्होंने इसे सिर्फ एक भ्रम और राजनीति करार दिया.</p>

Saturday, June 21, 2025

अमेरिका जाने का मिला क्लीयरेंस तो प्रियांक खरगे का आया रिएक्शन, बोले- यू-टर्न...

<p style="text-align: justify;"><strong>Priyank Kharge US visit:</strong> कांग्रेस नेता और कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खरगे को शनिवार को केंद्र सरकार की ओर से अमेरिका यात्रा की अनुमति मिल गई, यह मंजूरी उन्हें उस पत्र के दो दिन बाद मिली है, जो उन्होंने विदेश मंत्री एस जयशंकर को लिखा था. उन्होंने उसमें यह स्पष्ट करने को कहा था कि आखिर उनके आधिकारिक दौरे को मंजूरी क्यों नहीं दी गई. एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा कि विदेश मंत्रालय ने "यू-टर्न" लेते हुए अपने पहले के फैसले को रद्द कर दिया है और उन्हें यात्रा के लिए मंजूरी दे दी है.<br /><br />कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के पुत्र प्रियांक खरगे 14 जून से 27 जून तक अमेरिका के दौरे पर जाने वाले थे. वे बोस्टन में होने वाले 'बायो 2025 इंटरनेशनल सम्मेलन' और सैन फ्रांसिस्को में 'डिजाइन ऑटोमेशन कॉन्फ्रेंस (DAC)' में कर्नाटक सरकार का प्रतिनिधित्व करने वाले थे. जब उन्हें यात्रा की मंजूरी नहीं दी गई, उस समय वे फ्रांस में थे.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>विदेश मंत्री को लिखा दो पन्नों का पत्र</strong><br />उन्होंने गुरुवार को विदेश मंत्री एस. जयशंकर को दो पन्नों का पत्र लिखा, जिसमें उन्होंने कहा कि उनका यह दौरा कर्नाटक में निवेश आकर्षित करने, रोजगार के अवसर बनाने और अंतरराष्ट्रीय सहयोग मजबूत करने के उद्देश्य से था. प्रियांक खरगे ने पत्र में लिखा, "विश्व के सबसे बड़े टेक्नोलॉजी क्लस्टर में से एक के संरक्षक और एक कैबिनेट मंत्री को इस तरह बिना किसी स्पष्टीकरण के उनके आधिकारिक दायित्वों को निभाने से रोकना गंभीर चिंता का विषय है. यह न केवल राज्य के हितों के खिलाफ है, बल्कि सहकारी संघवाद की भावना को भी कमजोर करता है."<br /><br /><strong>किस कार्यक्रम में शामिल होने वाले हैं प्रियांक?<br /></strong>उन्होंने अपने पत्र में आगे कहा कि यह यात्रा दो अहम अंतरराष्ट्रीय मंचों - BIO इंटरनेशनल कन्वेंशन (बोस्टन) और डिजाइन ऑटोमेशन कॉन्फ्रेंस (सैन फ्रांसिस्को) के इर्द-गिर्द निर्धारित की गई थी. इसके साथ ही कई शीर्ष कंपनियों, विश्वविद्यालयों और संस्थानों के साथ आधिकारिक बैठकें भी निर्धारित थीं, जिनमें वे कर्नाटक सरकार का प्रतिनिधित्व कर सहयोग तलाशने, निवेश आकर्षित करने और राज्य के लिए नौकरियों के अवसर बनाने वाले थे.</p> <p style="text-align: justify;">उन्होंने लिखा कि&ldquo;ऐसे महत्वपूर्ण वैश्विक अवसर पर मंत्री स्तर की अनुपस्थिति भारत की भागीदारी को कमजोर करती है, वैश्विक साझेदारों के बीच विश्वास को प्रभावित करती है और यह संदेश देती है कि हम इन क्षेत्रों को गंभीरता से नहीं ले रहे." खरगे ने यह भी जोड़ा कि &ldquo;ऐसी यात्राएं राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप होती हैं और ये प्रधानमंत्री द्वारा प्रस्तुत 'विकसित भारत' की व्यापक दृष्टि का सीधा समर्थन करती हैं.&rdquo;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>प्रक्रिया की पारदर्शिता और निरंतरता पर सवाल!</strong><br />उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें मंत्रालय की ओर से किसी प्रकार का औपचारिक अस्वीकृति पत्र नहीं मिला, जिससे भविष्य में इस तरह की योजनाओं को बनाना और भी कठिन हो जाता है. प्रियांक खरगे ने आगे कहा, "यह प्रक्रिया की पारदर्शिता और निरंतरता पर सवाल खड़े करता है, खासकर जब ये यात्राएं पूरी तरह आधिकारिक, क्षेत्रीय रूप से महत्वपूर्ण और राष्ट्रीय हित में होती हैं." उन्होंने अंत में विदेश मंत्रालय से आग्रह किया कि भविष्य में इस तरह के मामलों को अधिक पारदर्शी और सलाह आधारित तरीके से हैंडल किया जाए.</p>

पाकिस्तान के साथ कब बहाल होगी सिंधु जल संधि? अमित शाह ने दिया ऐसा जवाब सुनकर शहबाज शरीफ की उड़ जाएगी नींद

<p style="text-align: justify;"><strong>Amit Shah on Indus Water Treaty:</strong> केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने साफ किया है कि भारत ने सिंधु जल संधि को निलंबित करने का फैसला स्थायी रूप से लिया है और अब यह संधि बहाल नहीं की जाएगी. उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान ने इस समझौते की शर्तों का उल्लंघन किया, इसलिए उसे अब वह पानी नहीं मिलेगा, जो पहले उसे मिल रहा था.</p> <p style="text-align: justify;">टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए इंटरव्यू में अमित शाह ने कहा, "नहीं, यह (संधि) कभी बहाल नहीं होगी. अंतरराष्ट्रीय संधियों को एकतरफा रद्द करना आसान नहीं होता, लेकिन हमें इसे निलंबित करने का अधिकार था और हमने वही किया." उन्होंने बताया कि यह संधि भारत और पाकिस्तान के बीच शांति और प्रगति के उद्देश्य से की गई थी, लेकिन जब इसकी शर्तें ही टूट गईं तो उसका औचित्य समाप्त हो गया.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने लिया एक्शन</strong></p> <p style="text-align: justify;">22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं. इस हमले में 26 पर्यटकों की जान गई, जिससे भारत में गुस्सा और दुख की लहर दौड़ गई. इसके तुरंत बाद भारत ने सिंधु जल संधि को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया और कई कूटनीतिक फैसले, जैसे पाकिस्तानी नागरिकों का निष्कासन भी लिए गए.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>पहलगाम हमले की निंदा कर क्या बोले अमित शाह?</strong></p> <p style="text-align: justify;">केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पहलगाम हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे कश्मीर में शांति को बाधित करने और युवाओं को भटकाने की साजिश बताया. उन्होंने कहा, &ldquo;<a title="पहलगाम" href="https://www.abplive.com/topic/pahalgam-terror-attack" data-type="interlinkingkeywords">पहलगाम</a> हमला जानबूझकर किया गया था ताकि कश्मीर में बढ़ते पर्यटन को रोका जाए और वहां के युवाओं को विकास के रास्ते से हटाया जा सके, लेकिन घाटी के लोग अब पहले से कहीं ज्यादा भारत के साथ खड़े हैं.&rdquo;</p> <p style="text-align: justify;">गृह मंत्री <a title="अमित शाह" href="https://www.abplive.com/topic/amit-shah" data-type="interlinkingkeywords">अमित शाह</a> ने दावा किया कि भारत ने पाकिस्तान को जवाबी कार्रवाई में उनके एयरबेसों पर हमला कर जवाब दिया, जिससे पाकिस्तान को सीजफायर की अपील करनी पड़ी.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें-</strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="Indian Railways: रेलवे ने कर्मचारियों को दिया बड़ा तोहफा, रिटायर्ड स्टाफ को देगा नौकरी; जानें क्या है नई गाइडलाइन?" href="https://www.abplive.com/news/india/railways-decided-to-re-hire-retired-non-gazetted-employees-for-posts-from-pay-level-1-to-9-know-changes-made-in-reengagement-policy-and-eligibility-rules-ann-2966145" target="_self">Indian Railways: रेलवे ने कर्मचारियों को दिया बड़ा तोहफा, रिटायर्ड स्टाफ को देगा नौकरी; जानें क्या है नई गाइडलाइन?</a></strong></p>

राज्यपाल के पास क्या होते हैं अधिकार? 10वीं और 12वीं क्लास के स्टूडेंट स्कूलों में पढ़ेंगे, इस राज्य ने बदला सिलेबस

<p style="text-align: justify;"><strong>Kerala Education Policy 2025:</strong> केरल के स्कूल की सामाजिक विज्ञान की किताबों में राज्यपाल के कर्तव्यों और संवैधानिक शक्तियों को शामिल करने का निर्णय लिया गया है. केरल का शिक्षा विभाग इस साल कक्षा 10 की सोशल साइंस की वॉल्यूम‑2 में राज्यपालों के संवैधानिक अधिकारों और कर्तव्यों का अध्याय जोड़ने जा रहा है. साथ ही कक्षा 11 और 12 की किताबों में भी यह जानकारी शामिल की जाएगी.</p> <p style="text-align: justify;">मंत्री वी. शिवनकुट्टि का कहना है कि स्कूल लोकतंत्र की सीख का प्रारंभिक स्थान हैं. राज्यपाल की तरफ से निर्वाचित सरकारों को अस्थिर करने का चलन बढ़ रहा है. इसलिए विद्यार्थियों को उनके संवैधानिक अधिकारों और कर्तव्यों की जानकारी देना जरूरी है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>केरल सरकार ने क्यों लिया ये फैसला?</strong></p> <p style="text-align: justify;">यह फैसला हाल ही में राजभवन में हुई एक सार्वजनिक घटना के बाद लिया गया है, जिसमें शिक्षा मंत्री शिवनकुट्टि ने एक कार्यक्रम के दौरान भारत माता की तस्वीर प्रदर्शित होने पर वहां से निकलने का ऐलान किया था. राजभवन ने इस कदम को प्रोटोकॉल का गंभीर उल्लंघन बताया, जबकि शिवनकुट्टि ने इसे राजनैतिक हस्तक्षेप और संवैधानिक मर्यादाओं का उल्लंघन करार दिया.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>केरल सरकार के इस फैसले से बच्चे बनेंगे जागरूक नागरिक: शिवनकुट्टि</strong></p> <p style="text-align: justify;">शिवनकुट्टि ने उल्लेख किया है कि सुप्रीम कोर्ट ने अभी हाल ही में स्पष्ट किया है कि राज्यपालों की तरफ राज्य विधेयकों को मंजूरी देने या राष्ट्रपति को भेजने की प्रक्रिया के लिए समय‑सीमा निश्चित की गई है. इस न्यायालयीन फैसला को देखते हुए, पाठ्यक्रम में इसे शामिल किया जा रहा है. केरल सरकार का यह कदम छात्रों को संवैधानिक ढांचे, लोकतंत्र की प्रक्रिया और राज्य‑केंद्र के बीच संतुलन को समझने में मदद करेगा. इससे भविष्य में वे जागरूक नागरिक बनेंगे.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>राज्यपाल की शक्तियों को लेकर मचा था बवाल</strong></p> <p style="text-align: justify;">शिक्षा मंत्री वी. शिवनकुट्टी शुक्रवार को एक बयान में कहा कि पाठ्यक्रम सुधारों का उद्देश्य संवैधानिक सिद्धांतों को बढ़ावा देना है, और स्कूल यह समझने में बच्चों की मदद करते हैं कि लोकतंत्र कैसे काम करता है. शिवनकुट्टी ने कहा, 'हाल के दिनों में, राज्यपालों का दुरुपयोग करके निर्वाचित सरकारों को अस्थिर करने के प्रयास बढ़े हैं. उन्होंने कहा कि यहां तक ​​​​कि उच्चतम न्यायालय ने भी स्पष्ट कर दिया है कि संविधान के तहत राज्यपाल की शक्तियां क्या हैं.</p>

Friday, June 20, 2025

International Yoga Day 2025 Live: कुछ ही देर में शुरू होगा योग उत्सव, विशाखापट्टनम में PM मोदी के साथ लाखों लोग करेंगे योग, जानें हर अपडेट

<p style="text-align: justify;">आज अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2025 है और कुछ ही पलों में इसका शुभारंभ होने जा रहा है. भारत से लेकर अमेरिका तक, योग का यह महोत्सव बड़े उत्साह के साथ मनाया जाएगा. लोग आज के दिन स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लेंगे.</p> <p style="text-align: justify;">भारत में इस विशेष अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम से योग कार्यक्रम का नेतृत्व करेंगे. उनके साथ आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण भी उपस्थित रहेंगे.</p> <p style="text-align: justify;">इस साल योग दिवस की थीम है- &ldquo;योगा फॉर वन अर्थ, वन हेल्थ&rdquo; इसका उद्देश्य है धरती और मानव स्वास्थ्य के बीच गहरे संबंध को उजागर करना. संदेश साफ है- अगर हमारी धरती स्वस्थ रहेगी, तभी हम भी स्वस्थ रह पाएंगे.</p> <p style="text-align: justify;">इसके अलावा, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में भारतीय सेना के जवानों के साथ योगाभ्यास करेंगे, जो इस दिन को और भी खास बना देगा.</p> <p style="text-align: justify;">आज अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में बहुत बड़ा योग कार्यक्रम होने जा रहा है. यह कार्यक्रम आरके बीच से भोगापुरम तक 26 किलोमीटर तक फैला होगा, जहां करीब 3 लाख लोग एक साथ योग करेंगे.</p> <p style="text-align: justify;">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार रात करीब 8 बजे विशाखापत्तनम पहुंचे. आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने सोशल मीडिया पर लिखा, "मैं प्रधानमंत्री मोदी जी का स्वागत करता हूं, जो यहां योग दिवस कार्यक्रम में शामिल होने आए हैं. लाखों लोग इस कार्यक्रम में भाग लेंगे."</p> <p style="text-align: justify;">मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने बताया कि यह कार्यक्रम सुबह 6:30 से 8:00 बजे तक चलेगा और इसे ऐसा बनाया जाएगा कि गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड जैसे बड़े रिकॉर्ड भी बन सकें.</p> <p style="text-align: justify;">एक खास बात यह भी है कि 25,000 आदिवासी छात्र 108 मिनट तक सूर्य नमस्कार करेंगे. मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा लक्ष्य है सबसे ज्यादा लोग एक साथ सूर्य नमस्कार करें और नया रिकॉर्ड बनाएं.</p> <p style="text-align: justify;">आंध्र प्रदेश के डीजीपी हरीश कुमार गुप्ता ने बताया कि योग कार्यक्रम के लिए सुरक्षा के खास इंतजाम किए गए हैं. करीब 1,200 से ज़्यादा CCTV कैमरे और ड्रोन की मदद से 26 किलोमीटर लंबे इलाके पर नजर रखी जाएगी, जहां हजारों लोग योग करेंगे.</p> <p style="text-align: justify;">इसके साथ ही करीब 10,000 पुलिसकर्मियों को सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात किया गया है, ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से हो सके.</p>

PM मोदी से की शिकायत, एयर इंडिया के क्रू का दावा निकला झूठा, कंपनी ने नौकरी से निकाला

<p style="text-align: justify;"><strong>Air India Crew Member:</strong> एयर इंडिया के दो केबिन क्रू ने कुछ दिनों पहले प्रधानमंत्री <a title="नरेंद्र मोदी" href="https://www.abplive.com/topic/narendra-modi" data-type="interlinkingkeywords">नरेंद्र मोदी</a> को पत्र लिखकर साल 2024 की एक घटना की जानकारी दी और कहा कि उस समय मुंबई से लंदन गई एयर इंडिया के ड्रीमलाइनर का दरवाजा खोलते ही उसका स्लाइड राफ्ट खुल गया था. क्रू का दावा है कि उस घटना का कारण जहाज में किसी तरह की टेक्निकल समस्या थी, जिसे इन्होंने उजागर किया पर इनकी बात ना सुनते हुए एयरलाइंस ने इन्हें झूठे बयान के आधार पर टर्मिनेट कर दिया.</p> <p style="text-align: justify;">इस विषय पर अब एयर इंडिया का आधिकारिक बयान सामने आया है.एयर इंडिया ने कहा कि," एक महत्वपूर्ण जांच के बाद दो केबिन क्रू सदस्यों को उनके अनुचित व्यवहार और जांच के दौरान लगातार झूठी जानकारी देने के कारण सेवा से बर्खास्त किया गया है. यह जांच उस घटना के बाद शुरू की गई थी, जब एक विमान की लैंडिंग के बाद दरवाजा खोलते समय इमरजेंसी स्लाइड सक्रिय हो गई थी.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>पूर्व कर्मचारियों को पूर्व में मिले कई मौके</strong><br />जांच के दौरान इन पूर्व कर्मचारियों को कई बार निष्पक्ष अवसर दिए गए ताकि वे अपने बयानों पर पुनर्विचार कर सकें खासकर यदि वे बयान अनजाने में दिए गए हों. हालांकि, जांच में यह स्पष्ट रूप से सामने आया कि स्लाइड तब तक सक्रिय नहीं हो सकती थी जब तक दरवाज़ा डिसआर्म्ड/मैनुअल मोड में न हो. इस तथ्य की पुष्टि संबंधित डेटा, तस्वीरों, वीडियो फुटेज और थर्ड-पार्टी एक्सपर्ट्स की रिपोर्ट से भी हुई है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>एयर इंडिया फ्लाइट AI171 की दुखद घटना</strong><br />यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि अब ये पूर्व कर्मचारी एयर इंडिया फ्लाइट AI171 की दुखद घटना को बहाना बनाकर पहले से झूठ सिद्ध हो चुकी बातों को फिर दोहरा रहे हैं. कंपनी की तरफ से की गई विस्तृत और प्रमाण आधारित जांच में इन दावों को पूरी तरह झूठा पाया गया है. हम यात्रियों की सुरक्षा और पारदर्शिता के लिए प्रतिबद्ध हैं और किसी भी स्तर पर ग़लत जानकारी या गैर-जिम्मेदार व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.<br />&nbsp;</p>

जादूटोना जैसी कुप्रथाओं को रोकने के लिए कानून लाएंगे? केरल हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा

<p style="text-align: justify;">केरल हाईकोर्ट (Kerala High Court) ने राज्य सरकार से उसके पहले के इस कथन के बारे में उसका रुख पूछा है कि वह काला जादू जैसी कुप्रथाओं के खिलाफ कानून बनाने पर विचार कर रही है.</p> <p style="text-align: justify;">केरल सरकार ने अक्टूबर 2022 में केरल युक्तिवादी संघम नाम के एक संगठन की याचिका पर सुनवाई के दौरान एक दलील दाखिल की थी. याचिका में ऐसी प्रथाओं के खिलाफ कानून बनाने की मांग की गई थी.</p> <p style="text-align: justify;">याचिकाकर्ता संगठन की ओर से किसी के प्रतिनिधित्व नहीं करने के कारण जून 2023 में याचिका खारिज कर दी गई थी, लेकिन बाद में इसे बहाल कर दिया गया.</p> <p style="text-align: justify;">जब मामला 3 जून को मुख्य न्यायाधीश नितिन जामदार और जस्टिस बसंत बालाजी की खंडपीठ के समक्ष सुनवाई के लिए आया, तो अदालत ने सरकार को अपने पहले के इस कथन के संबंध में अपने रुख के बारे में हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया कि वह इस विषय पर कानून बनाने पर विचार कर रही है.</p> <p style="text-align: justify;">पीठ ने मामले की अगली सुनवाई 24 जून को करना तय किया है. संगठन ने अपनी याचिका में कहा है कि न्यायमूर्ति (रिटायर्ड) के.टी. थॉमस की अध्यक्षता वाले विधि सुधार आयोग ने साल 2019 में केरल राज्य को एक व्यापक रिपोर्ट सौंपी थी, जिसमें नई सामाजिक स्थितियों पर आधारित विधायी सिफारिशें की गई थीं.</p> <p style="text-align: justify;">संगठन ने दावा किया है, 'केरल अमानवीय कुरीतियां, जादू-टोना और काला जादू रोकथाम और उन्मूलन विधेयक-2019, अनुशंसित विधेयकों में से एक है, लेकिन अभी तक राज्य की ओर से इस मामले में कोई प्रयास नहीं किया गया है.'</p> <p style="text-align: justify;">यह याचिका साल 2022 में केरल के पत्तनमथिट्टा जिले में एक जोड़े सहित तीन लोगों की ओर से दो महिलाओं की मानव बलि दिए जाने के मद्देनजर दायर की गई थी. याचिका में दावा किया गया है कि महाराष्ट्र और कर्नाटक राज्यों की ओर से जादू-टोना और काला जादू के खिलाफ कानून पारित किए गए हैं.</p>

Thursday, June 19, 2025

कर्नाटक में फिल्म 'ठग लाइफ' की रिलीज का रास्ता साफ, सुप्रीम कोर्ट ने मामले का निपटारा किया

<p style="text-align: justify;">निर्देशक मणिरत्नम और अभिनेता कमल हासन की फिल्म 'ठग लाइफ' के कर्नाटक में रिलीज का रास्ता साफ होता नजर आ रहा है. राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि फिल्म के प्रदर्शन पर कोई रोक नहीं है. अगर उसे प्रदर्शित किया जाता है, तो राज्य सरकार पूर्ण सुरक्षा देगी. फिल्म का विरोध कर रहे संगठन ने भी कहा कि वह हिंसा का सहारा नहीं लेगा.</p> <div dir="auto">जस्टिस उज्ज्वल भुइयां और जस्टिस मनमोहन की अवकाशकालीन बेंच ने सभी पक्षों के बयान को रिकॉर्ड पर लेते हुए मामले का निपटारा कर दिया. कोर्ट ने साफ किया कि अराजक तत्वों से निपटना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने मामले पर सख्त रूख अपनाते हुए कर्नाटक हाई कोर्ट में लंबित याचिका को अपने पास ट्रांसफर कर लिया था. <div dir="auto"> <div dir="auto" style="text-align: justify;">&nbsp;</div> <div dir="auto" style="text-align: justify;">पिछले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट ने मामले में एम महेश रेड्डी नाम के व्यक्ति की जनहित याचिका पर राज्य सरकार को नोटिस जारी किया था. राज्य सरकार को इस पर जवाब देना था, लेकिन उसने कहा कि निर्माता की याचिका पहले से हाई कोर्ट में लंबित है. निर्माता कर्नाटक फिल्म चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधियों से बातचीत कर मामला हल करने की कोशिश कर रहे हैं.</div> <div dir="auto" style="text-align: justify;">&nbsp;</div> <div dir="auto" style="text-align: justify;">राज्य सरकार के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि यह सीधे-सीधे कानून के शासन से जुड़ा विषय है. किसी फिल्म को सीबीएफसी का सर्टिफिकेट मिलने के बाद प्रदर्शित होने से नहीं रोका जा सकता. उग्र विरोध का बहाना बना कर राज्य सरकार फिल्म का प्रदर्शन सुनिश्चित करने के दायित्व से पल्ला नहीं झाड़ सकती. इसके बाद राज्य सरकार ने हलफनामा दायर कर कहा कि वह फिल्म का प्रदर्शन सुनिश्चित करेगी.</div> <div dir="auto" style="text-align: justify;">&nbsp;</div> <div dir="auto" style="text-align: justify;">कुछ दिनों पहले अभिनेता कमल हासन ने कहा था कन्नड़ भाषा का जन्म तमिल भाषा से हुआ है. इस बयान को लेकर हो रहे विरोध के चलते कर्नाटक में उनकी नई फिल्म का प्रदर्शन नहीं हो पा रहा था. सुप्रीम कोर्ट के जजों ने कहा कि&nbsp;कई बार पब्लिसिटी के लिए भी विवादित बयान दिए जाते हैं. अगर किसी को कमल हासन के बयान से समस्या है, तो वह उसके जवाब में अपनी तरफ से बयान जारी कर सकता है.&nbsp;</div> <div dir="auto" style="text-align: justify;">&nbsp;</div> <div dir="auto" style="text-align: justify;">कोर्ट ने यह भी कहा कि आज कल किसी भी बात पर लोगों की भावनाएं आहत हो जाती हैं. किसी भी मुद्दे पर समाज में चर्चा और बहस हो सकती है. जिन्हें अभिनेता का बयान का विरोध करना है, वह चाहें तो फिल्म को देखने न जाएं. लेकिन फिल्म का प्रदर्शन होना चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने इस बात पर भी आपत्ति जताई कि हाई कोर्ट ने फिल्म से जुड़े लोगों को कर्नाटक के निवासियों से माफी मांगने की सलाह दी. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ऐसा करना हाई कोर्ट का काम नहीं है.</div> </div> </div>

Kempegowda Airport: 'कसााब को फांसी देना गलत', e-mail में लिखा, एयरपोर्ट को बम से उड़ाने धमकी, हड़कंप

<p style="text-align: justify;"><strong>Bengaluru Kempegowda Airport: </strong>बेंगलुरु में स्थित केंपेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को फर्जी बम धमकी भरा ईमेल मिला है. ये एक हफ्ते में दूसरी बार है, जब हवाई अड्डे को बम से जुड़ा धमकी भर ई-मेल मिला है. जांच में पाया गया कि धमकी एयरपोर्ट सुरक्षा बल को भेजी गई थी. ईमेल में एक कथित आतंकवादी के नाम से दावा किया गया कि आतंकवादी अजमल कसाब को फांसी देना गलत था. शरारती तत्वों ने इस महीने की 13 और 16 तारीख को दो अलग-अलग ईमेल के जरिए बम की धमकी दी. इन ईमेल्स को एक तरह के 'पजल गेम' की शैली में भेजा गया, जिसमें दो बम लगाए जाने की बात कही गई थी अगर 'प्लान A' फेल हो गया तो 'प्लान B' एक्टिव हो जाएगा. यहां तक कि यह भी दावा किया गया कि एक बम एयरपोर्ट के टॉयलेट की पाइपलाइन में लगाया गया है.</p> <p style="text-align: justify;">धमकी के बाद केंपेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे &nbsp;में सघन तलाशी अभियान चलाया गया, लेकिन जांच के बाद इसे फर्जी करार दिया गया. पुलिस ने उन ईमेल आईडीज के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है, जिनसे ये फर्जी बम धमकियां भेजी गई थीं. केंपेगौड़ा एयरपोर्ट पुलिस ने जांच शुरू कर दी है. कुछ समय की शांति के बाद हाल के दिनों में इस तरह की फर्जी बम धमकियों में फिर से बढ़ोतरी देखने को मिल रही है. ये ईमेल्स और फर्जी कॉल्स अब एयरपोर्ट पुलिस और अधिकारियों के लिए एक सिरदर्द बनते जा रहे हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>बेगमपेट एयरपोर्ट पर बम की धमकी</strong><br />हैदराबाद में स्थित बेगमपेट एयरपोर्ट को भी ई-मेल के जरिए बम की धमकी मिली थी. इसके बाद अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जिसके बाद CISF और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने एयरपोर्ट को खाली करवा कर बम की जांच की. हालांकि, ये भी एक फर्जी खबर निकली. वहीं जर्मनी से हैदराबाद आने वाले लुफ्तांजा फ्लाइट में भी बम होने की धमकी दी गई थी, जिकसे बाक फ्रैंकफर्ट से 3 घंटे उड़ान भरने के बाद उसे दोबारा जर्मनी ले जाया गया. हालांकि, जांच के बाद बम से जुड़ी खबर फर्जी निकली.</p>

Wednesday, June 18, 2025

BJP Attack Congress: मोदी-ट्रंप फोन कॉल के बाद सियासत गरम! कांग्रेस ने उठाए सवाल, बीजेपी ने किया तीखा पलटवार

<p style="text-align: justify;"><strong>BJP Attack Congress:</strong> पीएम <a title="नरेंद्र मोदी" href="https://www.abplive.com/topic/narendra-modi" data-type="interlinkingkeywords">नरेंद्र मोदी</a> और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई बातचीत के बाद एक बार फिर से सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. वहीं ट्रंप की तरफ से पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर को लंच पर बुलाने पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए पीएम मोदी को घेरा है. अब इसपर बीजेपी के ओर से पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर का बयान आया है.</p> <p style="text-align: justify;">बीजेपी नेता ने कहा कि हमारी स्थिति पहले से स्पष्ट थी आज और स्पष्ट हो गई है. कांग्रेस लगातार झूठ फैलाती आई है, अब भी उसी कोशिश में लगी हुई है. कांग्रेस शासित राज्यों में अर्थव्यवस्था की हालत खराब है और विकास के लिए पैसे नहीं हैं उससे ध्यान भटकाने के लिए कांग्रेस नेता लगातार झूठ बोल रहे हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>पाकिस्तान में कांग्रेस के समर्थक-राजीव चंद्रशेखर</strong><br />पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बेंगलुरु में हुई भगदड़ में लोग मर गए उसपर कोई बात नहीं कर रहा है. पाकिस्तान में उनके समर्थक हैं वहां के कुछ मंत्री राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की तारीफ करते हैं. देश के लोग अब जान चुके हैं कि राहुल गांधी जब मुंह खोलेंगे तो झूठ ही बोलेंगे. देश की जनता अब इनकी बातों पर ध्यान न दे. वहीं दूसरी ओर कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि आज खबर आई है कि प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच 35 मिनट तक फोन पर बात हुई. राष्ट्रपति ट्रंप ने बातचीत के बारे में जो कहा और हमें जो कहा गया, उसमें जमीन आसमान का फर्क है. प्रधानमंत्री मोदी आप एक सर्वदलीय बैठक क्यों नहीं बुलाते है?</p> <p style="text-align: justify;"><strong>अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ पीएम मोदी की बात</strong><br />अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ पीएम मोदी की करीब 35 मिनट फोन पर बात हुई है. इस दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने पीएम मोदी को कनाडा से भारत वापस आते वक्त अमेरिका आने का निमंत्रण भी दिया है लेकिन पीएम ने वहां जाने से इनकार कर दिया है. इस बातचीत के संबंध में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने विस्तार से जानकारी साझा की है.</p> <p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

TPCC President Mahesh Goud: कांग्रेस नेता ने BRS सरकार पर लगाए गंभीर आरोप, कहा- '650 से अधिक नेताओं के फोन किए गए टैप'

<p style="text-align: justify;"><strong>TPCC President Mahesh Goud:</strong> तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी (TPCC) के अध्यक्ष और MLC महेश कुमार गौड़ ने पूर्व BRS सरकार पर फोन टैपिंग मामले में गंभीर आरोप लगाए हैं. SIT के सामने अपना बयान दर्ज कराने के बाद मीडिया से बात करते हुए गौड़ ने इसे 'लोकतांत्रिक मूल्यों का घोर उल्लंघन' बताया.</p> <p style="text-align: justify;">गौड़ ने खुलासा किया कि BRS शासनकाल में उनका फोन नंबर भी निगरानी सूची में था. "अधिकारियों ने मुझे बताया कि मेरा नंबर भी टैप किया जा रहा था. मैंने SIT को बिना किसी हिचकिचाहट के अपना पूरा बयान दिया है," उन्होंने कहा. फोन टैपिंग को अलोकतांत्रिक और असंवैधानिक बताते हुए गौड़ ने याद दिलाया कि 2023 के चुनावों के दौरान भी तत्कालीन TPCC अध्यक्ष रेवंत रेड्डी के साथ मिलकर मुख्य सचिव को इसकी शिकायत की गई थी.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>कांग्रेस के अलावा अन्य नेताओं के फोन टैप</strong><br />गौड़ ने आरोप लगाया कि सिर्फ कांग्रेस नेताओं ही नहीं, बल्कि BJP और TDP समेत विभिन्न दलों के 650 से अधिक नेताओं के फोन अवैध रूप से टैप किए गए. तत्कालीन BRS सरकार ने विपक्ष को दबाने के लिए साजिश रची. उन्होंने दावा किया कि 2018 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की हार का एक बड़ा कारण फोन टैपिंग थी. "जिन क्षेत्रों में हम हारे, वहां हमारी संचार प्रणाली पर नजर रखी गई ताकि हमारी रणनीति को कमजोर किया जा सके.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>गौड़ ने कई अधिकारियों पर लगाया आरोप</strong><br />गौड़ ने तत्कालीन मुख्य सचिव सोमेश कुमार, DGP और गृह सचिवों पर राजनीतिक दबाव में काम करने का आरोप लगाया. साथ ही, उन्होंने कहा कि बिना औपचारिक पद नामित अधिकारी प्रभाकर राव को सिर्फ फोन टैपिंग की निगरानी के लिए IG स्तर की कुर्सी दी गई थी.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>फोन टैपिंग के सबूत वाले हार्ड डिस्क&nbsp;</strong><br />उन्होंने कहा कि सत्ता में आते ही BRS नेताओं ने फोन टैपिंग के सबूत वाले हार्ड डिस्क नष्ट कर दिए. हमें नक्सली समर्थक साबित करने की साजिश रची गई," गौड़ ने कहा. उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री केसीआर, BRS कार्यकारी अध्यक्ष केटीआर और शामिल अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की. "सुप्रीम कोर्ट भी फोन टैपिंग को गंभीरता से लेता है. कोई भी बच नहीं पाएगा.</p>

Tuesday, June 17, 2025

'हिंदुओं का अपमान करने से पहले सबूत दें...', गौरव गोगोई पर बरसे असम CM हिमंत विश्व सरमा

<p style="text-align: justify;"><strong>Assam Communal Tension:</strong> असम में हाल ही में हुई सांप्रदायिक घटनाओं के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है. राज्य के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस नेता गौरव गोगोई के उस बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि इन घटनाओं के पीछे हिंदू समुदाय के लोग हो सकते हैं. मुख्यमंत्री ने गोगोई से सबूत पेश करने या सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की है और कांग्रेस पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>सोच ही गलत है : सीएम सरमा</strong><br />उत्तर लखीमपुर में मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री हिमंत सरमा ने कहा कि "अगर कोई यह सोच भी सकता है कि कोई हिंदू व्यक्ति मंदिर में गाय का सिर रख सकता है, तो उसकी सोच बेहद संकीर्ण और गंदी है." उन्होंने साफ कहा कि यदि कांग्रेस नेता गौरव गोगोई के पास कोई सबूत है कि इन घटनाओं में हिंदू शामिल थे, तो वे उन्हें सरकार को सौंपें, वरना हिंदू समाज का अपमान करना बंद करें.</p> <p style="text-align: justify;">सरमा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस हमेशा तुष्टिकरण की राजनीति करती रही है और इस मामले में भी वह बिना तथ्य के हिंदू समुदाय को बदनाम कर रही है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>RSS पर गोगोई के आरोप को बताया "राजनीतिक साजिश"</strong><br />गौरव गोगोई ने हाल ही में आरोप लगाया था कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए सांप्रदायिक भावनाएं भड़का रही है. इस पर सीएम सरमा ने कहा कि यह बयान पूरी तरह से राजनीतिक लाभ उठाने के मकसद से दिया गया है और इसका कोई आधार नहीं है.</p> <p style="text-align: justify;">सरमा ने कहा, "गोलपाड़ा के लखीपुर और धुबरी में जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, वे सभी अल्पसंख्यक समुदाय से हैं. किसी भी हिंदू की इसमें संलिप्तता नहीं पाई गई है." उन्होंने यह भी बताया कि इन मामलों में अधिकतर अल्पसंख्यक समाज के लोगों ने ही इस तरह की घटनाओं की निंदा की है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>50 से अधिक गिरफ्तारियां, सुरक्षा बढ़ी</strong><br />सीएम सरमा ने बताया कि धुबरी जिले में 50 और गोलपाड़ा में 5 लोगों को अब तक गिरफ्तार किया गया है, जो इन मंदिरों में गोमांस फेंकने की घटनाओं में शामिल थे. हालांकि गुवाहाटी और होजई जैसी अन्य जगहों पर हुई घटनाओं को लेकर उन्होंने कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी.</p> <p style="text-align: justify;">सरमा ने पहले भी दावा किया था कि 8 जून को ईद के दिन कुछ स्थानों पर अवैध रूप से मवेशियों का वध किया गया और मांस के टुकड़े मंदिरों के पास फेंके गए. उन्होंने कहा कि सरकार इस तरह की घटनाओं को बेहद गंभीरता से ले रही है और धार्मिक सौहार्द बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.</p>

परिंदा भी नहीं मार सकेगा पर... अमरनाथ यात्रा से पहले जम्मू-कश्मीर सरकार ने सुरक्षा को लेकर उठाया बड़ा कदम

<p style="text-align: justify;"><strong>Amarnath Yatra Security:&nbsp;</strong> हर साल लाखों श्रद्धालु आस्था और भक्ति के साथ अमरनाथ यात्रा पर निकलते हैं. इस बार भी भक्तों की भीड़ अमरनाथ यात्रा के तैयार है. इसके मद्देनजर सरकार सुरक्षा को लेकर कोई चूक नहीं करना चाहती है. हाल ही में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद जम्मू-कश्मीर सरकार ने अमरनाथ यात्रा के पूरे मार्ग को 'नो-फ्लाइंग जोन' घोषित कर दिया है. यह सख्त कदम यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और किसी भी संभावित खतरे को रोकने के लिए उठाया गया है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>1 जुलाई से 10 अगस्त तक लागू रहेगा नो-फ्लाइंग जोन</strong><br />जम्मू-कश्मीर गृह विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि 1 जुलाई से 10 अगस्त तक अमरनाथ यात्रा के दौरान पूरे तीर्थमार्ग को नो-फ्लाइंग जोन घोषित किया गया है. इसमें <a title="पहलगाम" href="https://www.abplive.com/topic/pahalgam-terror-attack" data-type="interlinkingkeywords">पहलगाम</a> और बालटाल दोनों रूट शामिल हैं. इसका मतलब यह है कि इन मार्गों पर ड्रोन, UAV, गुब्बारे या कोई अन्य हवाई उपकरण उड़ाना सख्त रूप से प्रतिबंधित रहेगा. यह निर्णय भारत सरकार के गृह मंत्रालय की सलाह पर लिया गया है ताकि तीर्थयात्रियों और सुरक्षा बलों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>आपात स्थिति को छोड़कर सब पर रोक, SOP जल्द</strong><br />हालांकि यह प्रतिबंध मेडिकल इमरजेंसी, आपदा प्रबंधन या सुरक्षा बलों द्वारा किए जाने वाले निगरानी अभियानों पर लागू नहीं होगा. ऐसे विशेष मामलों के लिए सरकार जल्द ही एक विस्तृत स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) जारी करेगी.</p> <p style="text-align: justify;">इसके अलावा, केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के लिए मंगलवार को श्रीनगर पहुंच रहे हैं. वे सुरक्षा से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर अमरनाथ यात्रा और जम्मू-कश्मीर के मौजूदा सुरक्षा हालात पर विचार करेंगे.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>हाईटेक सुरक्षा इंतजाम: निगरानी, ट्रैकिंग और आपात सेवाएं</strong><br />सरकार की ओर से इस बार यात्रा मार्गों पर ड्रोन से निगरानी, रात्रि गश्त और रोड ओपनिंग पार्टियों की तैनाती की गई है. अधिकारियों ने बताया कि संवेदनशील इलाकों की पहचान कर ली गई है और वहां विशेष ध्यान दिया जा रहा है.</p> <p style="text-align: justify;">श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए सरकार ने:</p> <ul style="text-align: justify;"> <li>RFID (रेडियो फ्रिक्वेंसी पहचान) ट्रैकिंग</li> <li>रीयल टाइम मौसम अलर्ट</li> <li>आपातकालीन निकासी योजना</li> <li>&nbsp;समर्पित स्वास्थ्य शिविरों की व्यवस्था की है</li> </ul> <p style="text-align: justify;">इससे पहले ही संयुक्त सुरक्षा अभ्यास शुरू हो चुका है और एक बहु-स्तरीय सुरक्षा तंत्र को सक्रिय किया जा रहा है, जिसमें जमीनी और हवाई निगरानी दोनों शामिल हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>580 कंपनियों की भारी तैनाती</strong><br />अमरनाथ यात्रा के दौरान केंद्रीय सशस्त्र अर्धसैनिक बलों (CAPF) की 580 कंपनियों को जम्मू-कश्मीर में तैनात किया जाएगा, ताकि यात्रा शांतिपूर्वक और सुरक्षित ढंग से पूरी हो सके. सरकार की यह पूरी योजना यह सुनिश्चित करने के लिए है कि इस बार की यात्रा बिना किसी बाधा के श्रद्धा और विश्वास के साथ पूरी हो और कोई भी सुरक्षा चूक न हो.</p>

Monday, June 16, 2025

गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ के बीच आई दरार! साथ नहीं करेंगे काम, जानें किस बात पर हुआ विवाद

<p style="text-align: justify;"><strong>Lawrence Bishnoi Goldy Brar:</strong> साबरमती जेल में बंद हाई-प्रोफाइल गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बरार को लेकर एक अहम खबर सामने आयी है. लॉरेंस और गोल्डी की वजह अब खुफिया एजेंसियों और पुलिस का सिर दर्द फिर से बढ़ने वाला है. एक रिपोर्ट के मुताबिक बिश्नोई और बराड़ अलग हो गए हैं. वे दोनों अब साथ काम भी नहीं करेंगे. इन दोनों के बीच किसी बात को लेकर बड़ा विवाद हो गया है.</p> <p style="text-align: justify;">इंडियन एक्सप्रेस की एक खबर के मुताबिक गोल्डी और लॉरेंस के बीच झगड़ा हो गया है. एक अधिकारी ने बताया, ''दोनों गैंगस्टर अब साथ काम नहीं करेंगे. यह उनका खुद का फैसला है. गोल्डी ने अजरबैजान के रोहित गोदारा के साथ काम करना शुरू कर दिया है, जबकि बिश्नोई अब कनाडा के नोनी राणा के साथ जुड़ गया है. यह झगड़ा और उनके नए सिंडिकेट अब पुलिस के लिए सिरदर्द बनने वाला हैं.''</p> <p style="text-align: justify;"><strong>लॉरेंस और गोल्डी के बीच क्यों बढ़ गई दूरी</strong></p> <p style="text-align: justify;">रिपोर्ट के मुताबिक लॉरेंस बिश्नोई अपने भाई अनमोल के केस को अमेरिका में संभालने के तरीके को लेकर बरार और गोदारा से नाराज हो गया है. इसी वजह से अब दोनों के बीच दूरी बढ़ गई है. केंद्रीय खुफिया एजेंसियों को सूचना मिली थी कि बरार और गोदारा ने अनमोल को जरूरी बेल बॉन्ड दाखिल करने में मदद नहीं की थी. हालांकि अनमोल को बाद में रिहा कर दिया गया, लेकिन उसके पैर में ब्रेसलेट ट्रैकर लगा दिया गया."</p> <p style="text-align: justify;"><strong>अनमोल पर लगा था सिद्धू मूसेवाला की हत्या में शामिल होने का आरोप</strong></p> <p>अनमोल को नवंबर 2024 में अमेरिकी इमीग्रेशन अथॉरिटी ने कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के साथ यात्रा करने के आरोप में गिरफ्तार किया था. अनमोल पर मई 2022 में पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या में शामिल होने का आरोप भी लगा था. आरोप यह भी है कि वह पिछले साल एनसीपी नेता और महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी की हत्या का मास्टरमाइंड था.</p>

'गाड़ी धीरे चलाओ...', अंग्रेजी में समझा रही महिला, कन्नड़ बोल रहे रेपिडो ड्राइवर ने जड़ दिया थप्पड़, घटिया हरकत का Video Viral

<p style="text-align: justify;"><strong>Bengaluru Rapido Driver Slaps Woman Viral Video:</strong> बेंगलुरु के जयनगर में एक फुटवियर शोरूम के पास एक रैपिडो बाइक टैक्सी ड्राइवर (Rapido Bike Taxi Driver) द्वारा एक महिला पर हमला करने का मामला सामने आया है. यह घटना उस समय हुई जब महिला ने ड्राइवर से लापरवाही से गाड़ी चलाने को लेकर सवाल किया. इसके बाद दोनों के बीच बहस बढ़ गई और बात मारपीट तक पहुंच गई.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>पुलिस ने दर्ज की एनसीआर</strong></p> <p style="text-align: justify;">पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पीड़ित महिला शुरुआत में शिकायत दर्ज कराने में झिझक रही थी, लेकिन पुलिस अधिकारियों द्वारा समझाने पर मामले की एनसीआर (Non-Cognizable Report) दर्ज कर ली गई.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो</strong></p> <p style="text-align: justify;">इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें देखा जा सकता है कि महिला अंग्रेजी में बात कर रही है, जबकि राइडर कन्नड़ में जवाब दे रहा है. भाषा की इस असहमति ने भी बहस को और बढ़ा दिया है. सोशल मीडिया पर लोग इसके बारे में चर्चा कर रहे हैं. पुलिस अब इस वीडियो की पुष्टि और घटनाक्रम की गंभीरता के आधार पर एफआईआर दर्ज करने पर विचार कर रही है. मामला जयनगर पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आता है और फिलहाल जांच जारी है.</p> <blockquote class="twitter-tweet" data-media-max-width="560"> <p dir="ltr" lang="en">Bengaluru <a href="https://twitter.com/rapidobikeapp?ref_src=twsrc%5Etfw">@rapidobikeapp</a> bike rider slaps customer as she allegedly questions him over rash driving and jumping signal<br />Lady falls to the ground after Rapido rider slaps her hard <a href="https://t.co/eM4aec1NzW">pic.twitter.com/eM4aec1NzW</a></p> &mdash; nikesh singh (@nikeshs86) <a href="https://twitter.com/nikeshs86/status/1934519747367817400?ref_src=twsrc%5Etfw">June 16, 2025</a></blockquote> <script src="https://platform.twitter.com/widgets.js" async="" charset="utf-8"></script> <p style="text-align: justify;"><strong>2024 में भी सामने आया था ऐसा मामला</strong></p> <p style="text-align: justify;">ऐसा ही एक मामले सितंबर 2024 में सामने आया था, जब बेंगलुरु में एक महिला के साथ ओला ऑटो ड्राइवर द्वारा मारपीट और अभद्रता की घटना सामने आई थी. महिला ने जब ऐप पर की गई बुकिंग रद्द की तो ड्राइवर ने कथित तौर पर उसे परेशान किया और थप्पड़ मार दिया. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था, जिसमें गुस्साए ड्राइवर को महिला पर चिल्लाते हुए देखा जा सकता है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें-</strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="कार्यालय खाली करवाए जाने की नगर निगम की कार्रवाई पर समाजवादी पार्टी से बोला सुप्रीम कोर्ट- हाई कोर्ट जाएं..." href="https://www.abplive.com/news/india/supreme-court-allows-samajwadi-party-to-approach-allahabad-high-court-against-eviction-of-pilibhit-district-office-ann-2963279" target="_self">कार्यालय खाली करवाए जाने की नगर निगम की कार्रवाई पर समाजवादी पार्टी से बोला सुप्रीम कोर्ट- हाई कोर्ट जाएं...</a></strong></p>

कार्यालय खाली करवाए जाने की नगर निगम की कार्रवाई पर समाजवादी पार्टी से बोला सुप्रीम कोर्ट- हाई कोर्ट जाएं...

<p style="text-align: justify;">यूपी के पीलीभीत में समाजवादी पार्टी का जिला कार्यालय खाली करवाए जाने के मामले में दखल देने से सुप्रीम कोर्ट ने मना कर दिया है. कोर्ट की अवकाशकालीन बेंच ने कहा है कि 2020 में सपा के तत्कालीन जिलाध्यक्ष ने याचिका हाई कोर्ट से वापस ली थी. अगर पार्टी को कोई बात कहनी है तो हाई कोर्ट जाएं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>क्या है मामला?</strong><br />2005 में राज्य में समाजवादी पार्टी की सरकार के रहते पीलीभीत नगर पालिका परिषद के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर का आवास मामूली किराए पर समाजवादी पार्टी को दे दिया गया था. पार्टी ने इसे जिला कार्यालय बनाया. 12 नवंबर 2020 को नगर पालिका परिषद ने इस आवंटन को नियम विरुद्ध बताते हुए निरस्त कर दिया. इसके बावजूद पार्टी ने कब्जा नहीं छोड़ा. अब जगह को खाली करवाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>जिलाध्यक्ष ने वापस ली थी याचिका<br /></strong>समाजवादी पार्टी के तत्कालीन जिलाध्यक्ष आनंद सिंह यादव ने आवंटन रद्द होने के खिलाफ इलाहाबाद हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की. हाई कोर्ट ने उनसे पूछा कि वह जिला कोर्ट में क्यों नहीं गए. इस पर एक दिसंबर 2020 को आनंद सिंह यादव ने हाई कोर्ट से याचिका वापस ले ली, लेकिन इसके बाद यादव या समाजवादी पार्टी की तरफ से जिला कोर्ट में कोई याचिका दाखिल नहीं हुई.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>सुप्रीम कोर्ट में क्या हुआ?<br /></strong>समाजवादी पार्टी के लिए पेश वरिष्ठ वकील ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि आनंद सिंह यादव हाई कोर्ट के आदेश के कुछ समय बाद पार्टी के जिलाध्यक्ष पद से हट गए थे इसलिए वह अध्यक्ष की हैसियत से याचिका दाखिल नहीं कर सके. इस पर जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस प्रसन्ना वराले की बेंच ने कहा कि मामले में उचित कानूनी कदम पार्टी को उठाने चाहिए थे. अब इतने समय बाद आप सुप्रीम कोर्ट पहुंचे हैं. हम सुनवाई नहीं करेंगे. आपको जो कहना है हाई कोर्ट से कहिए.</p>

Sunday, June 15, 2025

आर्मी के कमांडिंग ऑफिसर से भिड़ा सरकारी अधिकारी, जवानों ने कर दी पिटाई, वीडियो वायरल; जानें पूरा मामला

<p style="text-align: justify;"><strong>Indian Army in Jammu Kashmir:</strong> भारतीय सेना के कमांडिंग ऑफिसर (CO) और डिफेंस एस्टेट डिपार्टमेंट के एक अधिकारी के लड़ाई-झगड़े का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है. वीडियो में पहले रक्षा मंत्रालय का अधिकारी, सेना के कर्नल रैंक के सीओ को धक्का देते हुए दिखाई पड़ रहा है. इसके बाद सीओ ने अपने जवानों से अधिकारी की पिटाई करवाई और अपने साथ हिरासत में लेकर चले गए. वीडियो वायरल होने के बाद भारतीय सेना ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं. हालांकि, रक्षा मंत्रालय की तरफ से कोई बयान सामने नहीं आया है.</p> <p style="text-align: justify;">जानकारी के मुताबिक, ये वीडियो जम्मू कश्मीर के राजौरी सेक्टर का है, जहां पाकिस्तान से सटी नियंत्रण रेखा (LOC) पर फेंस यानी कटीली तार लगाने को लेकर ये विवाद शुरू हुआ. इस कटीली तार के लिए डिफेंस एस्टेट के असिस्टेंट डीईओ से परमिशन की जरूरत थी, जो पिछले 10 महीने से लंबित थी.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>जम्मू कश्मीर में सैन्य ठिकानों की सुरक्षा के लिए फेंसिंग के लंबित मामले को हो रही बात</strong></p> <p style="text-align: justify;">दरअसल, <a title="पहलगाम" href="https://www.abplive.com/topic/pahalgam-terror-attack" data-type="interlinkingkeywords">पहलगाम</a> हमले के बाद से जम्मू कश्मीर में सैन्य ठिकानों की सुरक्षा और एलओसी पर एंटी इनफिल्ट्रेशन ऑब्स्टिकल सिस्टम (AIOS) को मजबूत किया जा रहा है. ऐसा इसलिए ताकि, पाकिस्तान (POK) की तरफ से घुसपैठ पर लगाम कसी जा सके. यही वजह है कि राजौरी सेक्टर में कटीली तार लगाने को लेकर डिफेंस एस्टेट के अधिकारी के पास लंबित मामले को जल्द निपटारे के लिए आग्रह किया गया था.</p> <blockquote class="twitter-tweet" data-media-max-width="560"> <p dir="ltr" lang="en">Commanding Officers are a father figure of the unit in <a href="https://twitter.com/hashtag/IndianArmy?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#IndianArmy</a>. Any one misbehaving with him will have to face the wrath of his men.<br /><br />An Officer of Defence Estates misbehaved with the CO of an Engineer unit and his loyal Sikh troops came and taught him a lesson.👇<br />Jai Hind 🇮🇳 <a href="https://t.co/cqHaG4AL7i">pic.twitter.com/cqHaG4AL7i</a></p> &mdash; Brigadier Hardeep Singh Sohi,Shaurya Chakra (R) (@Hardisohi) <a href="https://twitter.com/Hardisohi/status/1934063627365146705?ref_src=twsrc%5Etfw">June 15, 2025</a></blockquote> <p> <script src="https://platform.twitter.com/widgets.js" async="" charset="utf-8"></script> </p> <p style="text-align: justify;">कई बार आग्रह करने पर भी जब असिस्टेंट डीआईओ ने फाइल को लटकाकर रखा, तब इंजीनियरिंग रेजीमेंट के कमांडिंग ऑफिसर (सीओ) कर्नल अंकुश चौधरी, खुद इस अफसर के पास गए थे. उसी दौरान वाद-विवाद शुरू हो गया. घटना 12 जून सुबह करीब 11.30 बजे की है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>अधिकारी ने सीओ को दिया था धक्का, सेना के जवानों ने कर दी पिटाई, उठाकर भी ले गए</strong></p> <p style="text-align: justify;">सूत्रों के मुताबिक, मणिपुर के रहने वाले एडीआईओ ने कर्नल को धक्का दे दिया और भारतीय सेना को लेकर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया. इस पर सीओ ने अपने जवानों को ऑफिस में बुलाया और अधिकारी की पिटाई कर दी. साथ ही अधिकारी का अपनी यूनिट में ले गए.</p> <p style="text-align: justify;">अभी तक ये साफ नहीं है कि एलओसी पर फेंस लगाने को लेकर सेना को जरूरी इजाजत मिली या नहीं. लेकिन सोशल मीडिया पर सेना के कमांडिंग ऑफिसर के साथ हुई बदसलूकी को लेकर लोग संजीदा हैं और जवानों की कार्रवाई को सही ठहरा रहे हैं. इस मामले पर डिफेंस एस्टेट के अधिकारी की तरफ से भी कोई बयान सामने नहीं आया है.</p>

3 देशों की यात्रा पर रवाना हुए PM मोदी, कनाडा में G-7 समिट में होंगे शामिल; साइप्रस जाकर एर्दोगन को देंगे मैसेज!

<p style="text-align: justify;"><strong>PM Modi G7 Meet:</strong> प्रधानमंत्री <a title="नरेंद्र मोदी" href="https://www.abplive.com/topic/narendra-modi" data-type="interlinkingkeywords">नरेंद्र मोदी</a> ने रविवार (15 जून 2025) को कहा कि कनाडा में होने वाला जी-7 शिखर सम्मेलन अहम वैश्विक मुद्दों और ग्लोबल साउथ की प्राथमिकताओं पर विचारों को साझा करने का अवसर प्रदान करेगा. ग्लोबल साउथ शब्द का इस्तेमाल आम तौर पर आर्थिक रूप से कम विकसित देशों को संदर्भित करने के लिए किया जाता है. प्रधानमंत्री मोदी ने तीन देशों की अपनी यात्रा से पहले कहा कि वह कनानास्किस में शिखर सम्मेलन के दौरान साझेदार देशों के नेताओं के साथ बातचीत करने के लिए उत्सुक हैं.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">प्रधानमंत्री मोदी कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के निमंत्रण पर इस शिखर सम्मेलन में भाग ले रहे हैं.उन्होंने कहा कि तीन देशों की यह यात्रा, सीमापार आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत को लगातार समर्थन देने के लिए साझेदार देशों को धन्यवाद देने तथा आतंकवाद से निपटने के लिए दुनियाभर के देशों को एकजुट करने का भी अवसर है. प्रधानमंत्री ने कहा कि वह राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिडेस के निमंत्रण पर 15-16 जून को साइप्रस की यात्रा करेंगे.</p> <blockquote class="twitter-tweet"> <p dir="ltr" lang="en">Over the next few days, will be visiting Cyprus, Canada and Croatia to attend various programmes, including bilateral meetings and multilateral engagements.<a href="https://t.co/CLhd5fMHH4">https://t.co/CLhd5fMHH4</a></p> &mdash; Narendra Modi (@narendramodi) <a href="https://twitter.com/narendramodi/status/1934071875149447263?ref_src=twsrc%5Etfw">June 15, 2025</a></blockquote> <p style="text-align: justify;"> <script src="https://platform.twitter.com/widgets.js" async="" charset="utf-8"></script> </p> <p style="text-align: justify;"><strong>साइप्रस और क्रोएशिया के बीच सदियों पुराने संबंध</strong><br />प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, &lsquo;&lsquo;साइप्रस एक करीबी मित्र और भूमध्य सागर क्षेत्र में तथा यूरोपीय संघ में महत्वपूर्ण साझेदार है. यह यात्रा ऐतिहासिक संबंधों को और मजबूत करने तथा व्यापार, निवेश, सुरक्षा, प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में हमारे संबंधों को बढ़ाने और लोगों के बीच संपर्क को बढ़ावा देने का अवसर प्रदान करती है.&rsquo;&rsquo; प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जी-7 शिखर सम्मेलन के बाद वह क्रोएशिया का दौरा करेंगे और राष्ट्रपति जोरान मिलनोविच तथा प्रधानमंत्री आंद्रेज प्लेंकोविच के साथ बैठक करेंगे. भारत और क्रोएशिया के बीच सदियों पुराने घनिष्ठ सांस्कृतिक संबंध हैं. मोदी ने कहा कि किसी भारतीय प्रधानमंत्री की क्रोएशिया की पहली यात्रा के रूप में यह आपसी हितों के क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग के नए रास्ते खोलेगी.</p>

Saturday, June 14, 2025

पाकिस्तान नहीं होता न्यूक्लियर पावर? हिमंत बिस्वा सरमा बोले- '1980 के दशक में भारतीय सेना की एयरस्ट्राइक को...'

<p style="text-align: justify;"><strong>Assam CM on Pakistan Nuclear Power:</strong> भारत का पड़ोसी देश पाकिस्तान अक्सर भारत को परमाणु हमले की गीदड़भभकी देता रहता है. इस बीच असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने पाकिस्तान के परमाणु शक्ति बनने का कारण कांग्रेस सरकार को बताते हुए इसे ऐतिहासिक चूक घोषित कर दिया.</p> <p style="text-align: justify;">असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसे लेकर एक पोस्ट किया. इसमें उन्होंने कहा कि कांग्रेस की ऐतिहासिक चूक के कारण भारत ने पाकिस्तान को परमाणु शक्ति बनने दिया. उन्होंने कहा, &ldquo;आज जब दुनिया परमाणु खतरों को समय रहते खत्म करने के लिए निर्णायक कदम उठा रही है, 1980 के दशक में भारत की निष्क्रियता एक दर्दनाक सबक बन चुकी है, जिसमें क्या हो सकता था और क्या नहीं हुआ.&rdquo;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>भारतीय सेना ने दिया था पूरा समर्थन- मुख्यमंत्री</strong></p> <p style="text-align: justify;">मुख्यमंत्री ने छूटी हुई ऐतिहासिक घड़ियों के बार में कहा, &ldquo;रॉ को पुख्ता जानकारी मिली थी कि पाकिस्तान का &lsquo;काहूटा प्लांट&rsquo; यूरेनियम संवर्धन (enrichment) का गढ़ बन चुका है. भारतीय सेना ने कांग्रेस की केंद्र सरकार को पूरी तरह से समर्थन दिया था कि काहूटा पर प्रीएम्टिव स्ट्राइक (एयरस्ट्राइक) की जाए.&rdquo;</p> <p style="text-align: justify;">उन्होंने कहा, &ldquo;खुफिया जानकारी से लेकर संयुक्त हवाई हमले की योजना तक इजराइल ने मदद की पेशकश की थी. जामनगर एयरबेस को लॉन्चपैड के रूप में चिन्हित भी किया गया था. भारत के पास इस खतरे को समय रहते खत्म करने के लिए सामर्थ्य और राजनीतिक सहमति दोनों थी. लेकिन अंतिम समय में अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया के डर से इंदिरा गांधी पीछे हट गईं. वहीं, राजीव गांधी ने योजना को ठंडे बस्ते में डाल दिया और वैश्विक दबाव के आगे कूटनीति को प्राथमिकता दी. जिसके नतीजे आज भी गूंजते हैं.&rdquo;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>राजीव गांधी ने किया समझौता, फिर पाकिस्तान ने सबको चौंकाया- मुख्यमंत्री</strong></p> <p style="text-align: justify;">सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा, &ldquo;1988 में राजीव गांधी ने बेनजीर भुट्टो के साथ परमाणु प्रतिष्ठानों पर हमले न करने का समझौता किया. इसके बाद 1998 में पाकिस्तान ने परमाणु परीक्षण कर दुनिया को चौंका दिया. जिसका नतीजा यह हुआ कि भारत को महंगे परमाणु हथियारों की दौड़ में उतरना पड़ा.&rdquo;</p> <p style="text-align: justify;">उन्होंने कहा, &ldquo;कारगिल युद्ध, आतंकवाद और सीमापार हमले सब पाकिस्तान के परमाणु सुरक्षा कवच के साए में हुए. वहीं, आज भी पाकिस्तान परमाणु हथियारों की धमकी देकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर नैतिक वैधता पाने का खेल खेलता है.&rdquo;</p> <p style="text-align: justify;">उन्होंने आगे कहा, &ldquo;हैरानी की बात तो यह है कि 2024 में इंडिया गठबंधन की सहयोगी पार्टी सीपीआई (एम) ने अपने घोषणापत्र में भारत की परमाणु नीति को खत्म करने की बात कही!&rdquo;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>नेतृत्व से मिली सीख- हिमंता बिस्वा सरमा</strong></p> <p style="text-align: justify;">उन्होंने कहा, &ldquo;जहां मजबूत नेतृत्व दूरदर्शिता और साहस की मांग करता है, कांग्रेस ने संकोच और देरी दिखाई. एक ऐतिहासिक अवसर, जिससे भारत की दीर्घकालीन सुरक्षा सुनिश्चित हो सकती थी, उसे कुछ दिनों की अंतरराष्ट्रीय सहमति के लिए कुर्बान कर दिया गया. और इसकी रणनीतिक कीमत भारत और पूरा क्षेत्र आज&nbsp;तक&nbsp;चुका&nbsp;रहा&nbsp;है.&rdquo;</p>

एयर इंडिया प्लेन क्रैश कैसे हुआ? सामने आई वजह, सरकार ने जांच के लिए दी 3 महीने की डेडलाइन

<p style="text-align: justify;"><strong>Air India Plane Crash:</strong> अहमदाबाद में 12 जून को हुए एयर इंडिया विमान हादसे को लेकर एक अहम जानकारी सामने आई है. शनिवार को नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने बताया कि हादसे का शिकार हुआ विमान टेकऑफ के कुछ ही देर बाद मात्र 650 फीट की ऊंचाई तक पहुंच पाया था, इसके बाद उसने अचानक ऊंचाई खोनी शुरू कर दी. इस हादसे में कम से कम 260 लोगों की मौत हो गई थी और यह भारत के विमानन इतिहास के सबसे भीषण हादसों में से एक बन गया है.</p>

Israel Attack Iran: ईरान पर इजरायल के हमले पर आग बबूला हो गए मौलाना अरशद मदनी, बोले- 'हर उस मुस्लिम देश को...'

<p style="text-align: justify;"><strong>Maulana Arshad Madani Angray On Israel:</strong> इजरायल ने ईरान पर शुक्रवार (13 जून 2025) को हमला कर दिया. इसके बाद मिडिल ईस्ट में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है. इस बीच जमीयत उलेमा-ए-हिन्द के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने इजरायली हमले की निंदा की है. उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि ईरान के परमाणु स्थलों और रिहायशी इलाकों पर इजरायल का हमला संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का स्पष्ट उल्लंघन है. अमेरिका के समर्थन से इजरायल जिस तरह की खुली आक्रामकता कर रहा है, वो पुरे क्षेत्र को युद्ध की आग में झोंक सकता है.</p> <p style="text-align: justify;">मौलाना अरशद मदनी ने आगे लिखा कि अमेरिका और इजरायल हर उस मुस्लिम देश को निशाना बना रहे हैं, जो रक्षात्मक क्षमताएं हासिल करके अपने पैरों पर खड़ा होने की कोशिश कर रहे हैं. एक तरफ अमेरिका गाजा में नरसंहार करने वाले अत्याचारी और क़ाबिज़ इजरायल का साथ दे रहा है तो दूसरी तरफ ईरान पर हमले में भी इजरायल का पूरा साथ दे रहा है. ऐसे में मुस्लिम देशों और न्यायप्रिय दुनिया को एकजुट होना चाहिए.</p> <blockquote class="twitter-tweet"> <p dir="ltr" lang="hi">ईरान के परमाणु स्थलों और रिहायशी इलाकों पर इजरायल का हमला संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का स्पष्ट उल्लंघन है। अमेरिका के समर्थन से इजरायलजिस जिस तरह की खुली आक्रामकता कर रहा है, वो पुरे क्षेत्र को युद्ध की आग में झोंक सकता है। अमेरिका और इजरायल हर उस मुस्लिम देश&hellip;</p> &mdash; Arshad Madani (@ArshadMadani007) <a href="https://twitter.com/ArshadMadani007/status/1933799732452721024?ref_src=twsrc%5Etfw">June 14, 2025</a></blockquote> <p style="text-align: justify;"> <script src="https://platform.twitter.com/widgets.js" async="" charset="utf-8"></script> </p> <p style="text-align: justify;"><strong>बिलावल भुट्टो जरदारी का बयान</strong></p> <p style="text-align: justify;">पाकिस्तान ने भी ईरान पर इजरायली हमले की कड़ी निंदा की. इस पर &nbsp;पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) के अध्यक्ष और पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी ने कहा कि मैं ईरान पर इजरायल के अकारण हमले की कड़ी निंदा करता हूं. इसकी वजह से ईरान को जान-माल का नुकसान हुआ है. इस कठिन घड़ी में मेरी संवेदना ईरान वालों के साथ है. हम सभी जिम्मेदार देशों और संयुक्त राष्ट्र से सामूहिक रूप से तनाव कम करने और अंतरराष्ट्रीय कानून को बनाए रखने की दिशा में काम करने का आह्वान करते हैं.</p>

तेलंगाना को मिला नया राज्यपाल, बीजेपी के वरिष्ठ नेता शिव प्रताप शुक्ल को दी गई जिम्मेदारी

<p style="text-align: justify;">तेलंगाना में राज्यपाल पद को लेकर अहम प्रशासनिक बदलाव किया गया है. केंद्र सरकार ने बीजेपी के ...