Friday, February 14, 2025

India Energy Week 2025: बायो-गैस से बदलेगी कृषि क्षेत्र की सूरत, बढ़ेगा रोजगार, होगा आर्थिक विकास

<p style="text-align: justify;"><strong>IEW 2025:</strong> राजधानी दिल्ली में पिछले चार दिनों से जारी इंडिया एनर्जी वीक 2025 कार्यक्रम का आज आखिरी दिन है. इस कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने हरित ऊर्जा, जैव ईंधन, हरित हाइड्रोजन और संपीड़ित बायो गैस पर अपनी राय रखी. विशेषज्ञों का मानना है कि देश में संपीड़ित बायो गैस इकाइयों से कृषि क्षेत्र की सूरत बदल जाएगी. इस ओर भारत सरकार ने काफी पहले ही अपने प्रयास तेज कर दिए हैं. गैस इकाइयों से न सिर्फ रोजगार बढ़ेगा, बल्कि देश के &nbsp;आर्थिक विकास में भी तेजी आएगी.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">भारत सरकार की ओर से देश के गांवों में सैकड़ों बायो गैस संयंत्र स्थापित किए जा रहे हैं. इससे सफाई में सुधार, नारी सशक्तिकरण और ग्रामीण रोजगार का सृजन हो रहा है. बायो-गैस कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य गैस उत्पादन में वृद्धि, अपशिष्ट प्रबंधन और ऊर्जा सुरक्षा है.</p> <p style="text-align: justify;"><a href="https://www.abplive.com/news/india/india-energy-week-2025-indias-first-lpg-atm-dispenser-launched-by-bharat-gas-in-iew-2025-2884167"><strong>India Energy Week 2025: गैस सिलेंडर के लिए नहीं करना होगा इंतजार, देश का पहला AI एनेबल्ड 'LPG ATM' लॉन्च</strong></a></p> <p style="text-align: justify;"><strong>सस्ता और प्राकृतिक विकल्प, किसानों को मिल रहा फायदा</strong></p> <p style="text-align: justify;">विशेषज्ञों का कहना है कि पहले गांववालों के लिए गोबर का प्रबंधन एक समस्या थी और अगर गाय या बैल बूढ़े हो जाते थे तो यह समस्या और भी जटिल हो जाती थी, लेकिन अब बायो-गैस संयंत्रों की मदद से बूढ़े पशुओं का गोबर भी किसानों के काम आ रहा है.&nbsp;बायोगैस इकाइयों से जो डाइजेस्टेड स्लरी निकलती है, वह एक प्रकार की खाद है. किसान इसे रासायनिक उर्वरकों की जगह या उनके उपयोग को कम करने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं. इससे किसानों को फायदा होगा, क्योंकि यह एक सस्ता और प्राकृतिक विकल्प है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>बायोगैस विकास और प्रशिक्षण केंद्रों से मिल रही मदद</strong></p> <p style="text-align: justify;">देश में कई बायोगैस विकास और प्रशिक्षण केंद्र हैं. ये केंद्र राज्य एजेंसियों को बायोगैस तकनीक और प्रशिक्षण में मदद करते हैं. &nbsp;वे जानकारी और प्रचार-प्रसार में भी सहायता प्रदान करते हैं. वहीं ऑयल इंडिया लिमिटेड पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के साथ मिलकर 2024-25 तक 25 बायोगैस संयंत्र स्थापित करने की योजना बना रहा है. ये संयंत्र सरकारी कंपनियों या निजी कंपनियों के साथ मिलकर बनाए जाएंगे.</p> <p style="text-align: justify;"><a href="https://www.abplive.com/news/india/india-energy-week-2025-big-initiative-towards-green-future-government-s-green-hydrogen-mission-in-action-mode-2883767"><strong>India Energy Week 2025: हरित भविष्य की दिशा में बड़ी पहल, एक्शन मोड में सरकार का ग्रीन हाइड्रोजन मिशन</strong></a></p>

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