Tuesday, December 31, 2024
वक्फ की जमीन पर बन रही पुलिस चौकी! असदुद्दीन ओवैसी ने सबूतों के साथ साधा सीएम योगी पर निशाना
<p style="text-align: justify;"><strong>Sambhal Police Station Construction Row:</strong> उत्तर प्रदेश के संभल में जामा मस्जिद के सामने बन रही पुलिस चौकी की चर्चा चारों ओर हो रही है. मामले को लेकर बवाल भी मचा हुआ है. ताजा घटनाक्रम में ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी ने मंगलवार (31 दिसंबर, 2024) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर हमला करते हुए कहा कि जहां पुलिस चौकी बनाई जा रही है वो वक्फ की जमीन है और माहौल खराब करने के लिए पीएम और सीएम जिम्मेदार हैं.</p>
<p style="text-align: justify;">सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उन्होंने सबूत पेश करते हुए लिखा, "<span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3">संभल की जामा मस्जिद के पास जो पुलिस चौकी बनाई जा रही है, वह वक्फ की जमीन पर है, जैसा कि रिकॉर्ड में दर्ज है. इसके अलावा, प्राचीन स्मारक अधिनियम के तहत संरक्षित स्मारकों के पास निर्माण कार्य प्रतिबंधित है. <a title="नरेंद्र मोदी" href="https://www.abplive.com/topic/narendra-modi" data-type="interlinkingkeywords">नरेंद्र मोदी</a> और <a title="योगी आदित्यनाथ" href="https://www.abplive.com/topic/yogi-adityanath" data-type="interlinkingkeywords">योगी आदित्यनाथ</a> </span><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3">संभल में खतरनाक माहौल बनाने के ज़िम्मेदार हैं.</span>"</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>असदुद्दीन ओवैसी ने दिखाए कागजात</strong></p>
<p style="text-align: justify;">उन्होंने जमीन के कागजात की फोटो पोस्ट करते हुए आगे कहा, "<span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3">यह वक्फ नंबर 39-A, मुरादाबाद है. यह उस ज़मीन का वक्फनामा है, जिस पर पुलिस चौकी का निर्माण हो रहा है. उत्तर प्रदेश सरकार को क़ानून का कोई एहतराम नहीं है."</span></p>
<p style="text-align: justify;"> </p>
Happy New Year 2025 Celebration Live: नई उम्मीदों लिए आ रहा 2025! स्वागत के लिए दुनिया तैयार, पढ़ें नए साल के जश्न से जुड़े अपडेट्स
<p style="text-align: justify;"><strong>Happy New Year 2025 Live:</strong> आज <em>न्यू ईयर ईव</em> है यानी नए साल का स्वागत करने के लिए जश्न की शाम. न्यू ईयर के वेलकम के लिए लोगों ने तैयारियां भी शुरू कर दी है. कुछ लोग अपने परिवार के साथ नए साल का स्वागत करेंगे. वहीं, कुछ लोग अपने परिवार और दोस्तों के साथ पार्टी करते हुए नजर आएंगे. </p>
<p style="text-align: justify;">न्‍यू ईयर के मौके पर देशभर के बड़े शहरों में तैयारियां तेजी से हो रही है. वहीं,प्रशासन ने भी न्यू ईयर को लेकर अपनी कमर कस ली है, ताकि जश्न के दौरान कोई भी खलल ना पड़े. मेट्रो शहरों में रूट और मेट्रो को लेकर जरूरी दिशा निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>9 बजे के बाद नहीं निकल पाएंगे राजीव चौक से</strong></p>
<p style="text-align: justify;">दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) ने सोमवार को कहा कि जन सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यात्रियों को नये साल की पूर्व संध्या पर रात नौ बजे के बाद राजीव चौक मेट्रो स्टेशन से बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी जाएगी. हालांकि, यात्रियों को स्टेशन में प्रवेश की अनुमति होगी. डीएमआरसी के मुख्य कार्यकारी निदेशक अनुज दयाल ने कहा कि पुलिस अधिकारियों की सलाह के अनुसार, मंगलवार को नये साल की पूर्व संध्या पर सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने और भीड़ का प्रबंधन करने के लिए, राजीव चौक मेट्रो स्टेशन से रात 9 बजे के बाद से बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी जाएगी. </p>
<p style="text-align: justify;">उन्होंने कहा कि मंगलवार को राजीव चौक स्टेशन से आखिरी ट्रेन के प्रस्थान तक यात्रियों को प्रवेश की अनुमति दी जाएगी. उन्होंने कहा कि इसके अलावा, इन उपायों के सुचारू क्रियान्वयन के लिए, रात 8 बजे के बाद से राजीव चौक स्टेशन के लिए डीएमआरसी के मोबाइल ऐप्लिकेशन के माध्यम से क्यूआर टिकट जारी नहीं किए जाएंगे. दयाल ने कहा कि बाकी नेटवर्क पर मेट्रो सेवाएं नियमित समय सारिणी के अनुसार चलेंगी. उन्होंने कहा कि यात्रियों से अनुरोध है कि वे अपनी यात्रा की योजना उसी अनुसार बनाएं और प्राधिकारियों के साथ सहयोग करें. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>कर्नाटक में हजारों पुलिसकर्मी किये गए तैनात</strong></p>
<p style="text-align: justify;">कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर ने सोमवार को कहा कि नए साल के जश्न के मद्देनजर हजारों पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है और यह सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां की गई हैं कि बेंगलुरु शहर और पूरे राज्य में कोई अप्रिय घटना न घटे. उन्होंने लोगों से किसी भी अप्रिय घटना में शामिल न होने की अपील भी की. </p>
<p style="text-align: justify;">उन्होंने कहा, 'बेंगलुरू शहर और पूरे राज्य में कोई अप्रिय घटना न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां कर ली गई हैं. हमने उन लोगों को भी चेतावनी दी है जो गड़बड़ी पैदा करना चाहते हैं और साथ ही हमने व्यापक तैयारियां भी की हैं. हजारों पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है और मैं लोगों से अपील करता हूं कि वे किसी भी अप्रिय घटना में शामिल न हों. नए साल का जश्न खुशी से मनाएं. आपका नया साल बहुत खुशहाल हो. ' </p>
Monday, December 30, 2024
'अतुल ने दो बार घर से निकाला, लात-घूंसे मारे, भद्दी-भद्दी गालियां दीं', सामने आया कोर्ट का डॉक्यूमेंट, निकिता ने किए चौंकाने वाले दावे
<p><strong>Atul Subhash Case:</strong> AI सॉफ्टवेयर इंजीनियर अतुल सुभाष सुसाइड केस (Atul Subhash Case Update) में पुलिस की जांच जारी है. आरोपी निकिता सिंघानिया, निशा और अनुराग की न्यायिक हिरासत भी 30 दिसंबर को खत्म हो जाएगी. निकिता सिंघानिया, निशा और अनुराग ने जमानत को लेकर अर्जी दायर कर दी है. </p>
<p>इसी बीच इस मामले को लेकर कई चौकाने वाली बातें सामने आई है. इस मामले में जौनपुर कोर्ट का पुराना दस्तावेज सामने आया है. इस दस्तावेज में निकिता ने अपनी सफाई दी है. इसके अलावा निकिता ने अतुल पर कई गंभीर आरोप भी लगाए हैं. </p>
<h4><strong>निकिता ने अतुल को लेकर किये कई बड़े खुलासे </strong></h4>
<p>यह दस्तावेज निकिता बनाम अतुल केस का है. इसमें निकिता ने अतुल के आरोपों पर सफाई दी है. अतुल ने कहा था कि निकिता खुद ही घर छोड़ कर चली गई थी और उसने कहा था कि वो जल्द ही वापस आ जाएगी. लेकिन जौनपुर जाने के बाद उसमें बदलाव आ गया था और उसने एक के बाद एक 9 केस मुझ पर लगा दिए थे. </p>
<p>इस निकिता ने सफाई देते हुए कहा था, "वो घर छोड़कर नहीं गई थी. अतुल ने ही उसे घर से बाहर निकाला था. अतुल ने मुझे दो-दो बार घर से बाहर निकाला था. मई 2021 में मुझे घर से निकाल दिया था. इसके बाद सितंबर 2021 में यह सोच कर अतुल के पास बेंगलुरु गई थी कि शायद उसे अपने गलती का एहसास हो गया हो कि उसने कुछ गलत किया है. लेकिन इस बार भी उसने मुझे घर में घुसने नहीं दिया था. जिस वजह से हमें पुलिस में शिकायत करनी पड़ी थी."</p>
<p><strong>मां के सामने भी की थी मारपीट</strong></p>
<p>अदालत में अपनी सफाई के दौरान निकिता ने कहा था, "17 मई 2021 को अतुल ने मेरी मां के सामने मेरे साथ मारपीट की थी. इस दौरान उसने मुझे मेरी मां के सामने लात-मुक्के मारे. इसके बाद उसने मुझे और मेरी मां दोनों को घर से निकाल दिया था. उसने मुझसे मेरे सारे जेवरात,कपड़े,एफडी के जरूरी कागजात भी ले लिए थे.इस दौरान उसने मुझसे कहा था कि 10 लाख रुपये लेकर आओ, तभी तुम्हें घर में आने दूंगा, वरना मैं तुम्हे जान से मार दूंगा. </p>
<p><strong>जानें क्या है अतुल सुभाष केस </strong></p>
<p>बेंगलुरु स्थित अपने फ्लैट पर बिहार के समस्तीपुर निवासी अतुल सुभाष ने 9 दिसंबर को फांसी का फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया था. मरने से पहले अतुल ने 24 पन्नों का सुसाइड नोट और डेढ़ घंटे का वीडियो छोड़ा था. इसमें अतुल ने निकिता और अपने ससुरालवालों को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया था.</p>
2025 Predictions: 2025 में आएंगी ऐसी आपदाएं, जो कभी किसी ने नहीं देखी, किसने कर दी ये खतरनाक भविष्यवाणियां
2025 Predictions: 2025 में आएंगी ऐसी आपदाएं, जो कभी किसी ने नहीं देखी, किसने कर दी ये खतरनाक भविष्यवाणियां
Sunday, December 29, 2024
Shivaji Statue: LAC के पास 14,300 फीट की ऊंचाई पर भारतीय सेना ने लगाई छत्रपति शिवाजी की मूर्ति
<div class="QpPSMb">
<div class="DoxwDb">
<div class="PZPZlf ssJ7i xgAzOe" role="heading" aria-level="2" data-attrid="title"><strong>Chhatrapati Shivaji Maharaj: </strong>भारतीय सेना ने पूर्वी लद्दाख में 14,300 फीट की ऊंचाई पर स्थित पैंगोंग झील के किनारे मराठा योद्धा छत्रपति शिवाजी की एक भव्य मूर्ति स्थापित की है. ये जगह वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के निकट है जहां चीन के साथ लंबे समय से तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई थी. इस पहल का उद्देश्य छत्रपति शिवाजी के अडिग साहस और उनकी ऐतिहासिक धरोहर को सम्मानित करना है.
<p style="text-align: justify;">हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार इस मूर्ति का अनावरण लेफ्टिनेंट जनरल हितेश भल्ला 14 कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग जी के हाथों किया गया. 14 कोर जिसे "फायर एंड फ्यूरी कोर" के नाम से भी जाना जाता है. उन्होंने इस अवसर पर शिवाजी की रणनीतिक कुशलता और नेतृत्व को श्रद्धांजलि दी. सेना के आधिकारिक बयान में कहा गया कि ये कार्यक्रम आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगा.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>भारत-चीन सीमा तनाव के बीच अहम कदम</strong></p>
<p style="text-align: justify;">छत्रपति शिवाजी की मूर्ति का उद्घाटन ऐसे समय पर हुआ है जब भारत और चीन ने डेमचोक और देपसांग के दो बिंदुओं से सैनिकों की वापसी की प्रक्रिया पूरी कर ली है. ऐसे में ये कदम चार साल से जारी सीमा विवाद के समाधान की दिशा में एक अहम प्रगति के रूप में देखा जा रहा है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>भारतीय सेना ने छत्रपति शिवाजी की मूर्ति की स्थापना की</strong></p>
<p style="text-align: justify;">पैंगोंग झील क्षेत्र में 2020 में शुरू हुए सीमा विवाद के बाद ये स्थान सामरिक दृष्टि से खास बन गया है. 21 अक्टूबर को भारत और चीन ने एक समझौते के तहत सैनिकों की वापसी पूरी की जिससे दोनों देशों के बीच तनाव में कमी आई है. इस मूर्ति की स्थापना भारतीय सेना के संकल्प और छत्रपति शिवाजी की प्रेरणा को दर्शाती है.</p>
<p style="text-align: justify;">भारतीय सेना ने इस मूर्ति के माध्यम से न केवल छत्रपति शिवाजी की ऐतिहासिक धरोहर को सम्मान दिया है बल्कि उनकी सैन्य रणनीतियों और अदम्य साहस को आज के सैन्य क्षेत्र में समाहित करने का प्रयास किया है. ये मूर्ति आने वाली पीढ़ियों के लिए शिवाजी के विचारों और देशभक्ति का प्रतीक बनी रहेगी.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://www.abplive.com/photo-gallery/news/india-weather-forecast-himachal-kashmir-uttarakhand-imd-snow-alerts-cold-wave-rain-in-delhi-up-bihar-rajasthan-cancel-new-year-plan-2851983">UP-दिल्ली समेत इन राज्यों में बारिश डालेगी नए साल के जश्न में खलल, कश्मीर में बर्फबारी ने बिगाड़ा खेल</a></strong></p>
</div>
</div>
</div>
Saturday, December 28, 2024
सीक्रेट मनी और सीक्रेट लव? RR के चक्कर में निकिता सिंघानिया और अतुल सुभाष के बीच हुई आरपार
<p>अतुल सुभाष ने 9 दिसंबर को मरने से पहले सुसाइड नोट और वीडियो में पत्नी निकिता सिंघानिया पर बेहद गंभीर आरोप लगाए थे. इसमें दो मिस्ट्री बॉय का भी जिक्र है, जिनके बारे में हर कोई जानना चाहता है. उन्होंने पत्नी पर दो लड़कों के साथ अफेयर का शक जताया है. एक रोहित निगम और दूसरा आरजे सिद्दीकी. अतुल सुभाष ने कहा है कि एक के अकाउंट में निकिता मोटी रकम ट्रांसफर करती थी तो दूसरे से घंटों फोन पर लगी रहती थी.</p>
<p>अब निकिता ने अपने ऊपर लगे आरोपों पर सफाई दी है. निकिता ने जौनपुर कोर्ट को बताया है कि रोहित निगम उनके पिता के दोस्त का बेटा है. उन्होंने कहा, 'मेरा उससे कोई गलत रिश्ता नहीं है. वो मेरे घर आता जरूर था, लेकिन उससे मेरा कोई गलत रिश्ता नहीं था. 2021 में जब मेरी मां निशा सिंघानिया बेंगलुरु आई थीं तब रोहित हमसे मिलने आता था, लेकिन अतुल बिना बात के मुझसे लड़ता था. उसने मेरी मां के सामने मुझे मुक्के मारे थे और वह मुझसे मारपीट करता था, जिसकी वजह से मैं घर छोड़कर चली गई थी.</p>
<p>अतुल का आरोप था कि रोहित निगम नाम के लड़के से निकिता के अवैध संबंध थे और जब पति-पत्नी के बीच मनमुटाव शुरू हुआ तो रोहित उनके घर बहुत ज्यादा आने लगा था. उन्होंने कहा था कि निकिता रोहित से घंटों बात करती थी. हालांकि, उन्होंने कभी खुद से दोनों को संबंध बनाते नहीं देखा, लेकिन शक था कि दोनों के बीच कुछ अटपटा है. अतुल ने आरोप लगाया था कि रोहित उनके रिश्ते के बीच में आ गया था और जब उन्होंने पत्नी को इसके लिए टोका तो वह मानी नहीं और इसे लेकर दोनों में लड़ाइयां होने लगीं.</p>
<p>अतुल सुभाष ने लखनऊ के आरजे सिद्दीकी को लेकर भी निकिता पर आरोप लगाए थे. उन्होंने कहा था कि जब वह निकिता को पैसे भेजते थे तो वह आरजे सिद्दीकी के अकाउंट में ट्रांसफर कर देती थी. अतुल का यह भी कहना था कि निकिता ने अपने बेटे का जन्मदिन भी सिद्दीकी के घर पर मनाया था. पुलिस आरजे सिद्दीकी की पहचान और उसकी भूमिका की जांच में जुटी है और इसका भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि सिद्दीकी के खाते में ट्रांसफर राशि का कैसे इस्तेमाल किया गया.</p>
<p> </p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:-</strong><br /><strong><a href="https://www.abplive.com/news/india/veer-savarkar-grandson-ranjit-savarkar-hindu-workforce-hindus-employed-in-temples-2851200">'थूक जिहाद, मंदिर में हिंदू वर्कफोर्स और ओम सर्टिफिकेशन...', वीर सावरकर के पोते ने कर ये बड़ी मांग</a></strong></p>
अन्ना यूनिवर्सिटी यौन शोषण: मद्रास हाईकोर्ट ने SIT जांच के दिए आदेश, पीड़िता को मिलेगा 25 लाख रुपये मुआवजा
<p style="text-align: justify;"><strong>Anna University Assault Case:</strong> मद्रास हाई कोर्ट ने शनिवार (28 दिसंबर, 2024) को चेन्नई के अन्ना विश्वविद्यालय परिसर में 19 साल की इंजीनियरिंग छात्रा के यौन उत्पीड़न मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) से जांच कराने का आदेश दिया है. साथ ही पीड़िता को 25 लाख रुपये का मुआवजा देने का भी निर्देश जारी किया.</p>
<p style="text-align: justify;">बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, जस्टिस एसएम सुब्रमण्यम और जस्टिस वी लक्ष्मीनारायण की पीठ ने तमिलनाडु राज्य को पुलिस की वेबसाइट पर जनता के लिए उपलब्ध कराई गई प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) में पीड़िता का विवरण उजागर करने में पुलिस की ओर से हुई "गंभीर चूक" के लिए पीड़िता को 25 लाख रुपये का अंतरिम मुआवजा देने का भी आदेश दिया.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>पीड़िता के परिवार को भी मिलेगी सुरक्षा</strong></p>
<p style="text-align: justify;">अदालत ने तमिलनाडु पुलिस को पीड़ित छात्रा और उसके परिवार को सुरक्षा मुहैया कराने का भी निर्देश दिया है. पीड़िता सोमवार, 23 दिसंबर को अपने एक मित्र के साथ परिसर के अंदर खुली जगह पर बैठी थी, तभी एक शख्स ने कथित तौर पर उसका यौन उत्पीड़न किया. </p>
<p style="text-align: justify;"> </p>
Farmers Protest: भूख हड़ताल से डल्लेवाल की बिगड़ी हालत, सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब सरकार को लगाई फटकार
<p style="text-align: justify;"><strong>Jagjit Singh Dallewal:</strong> सुप्रीम कोर्ट ने 31 दिसंबर तक पंजाब सरकार को किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल को अस्पताल भेजने के लिए समय दिया. न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति उज्जल भुइयां की अवकाशकालीन पीठ ने इस मामले पर गंभीरता दिखाते हुए पंजाब सरकार को डल्लेवाल को चिकित्सा सहायता देने के लिए निर्देश दिए. कोर्ट ने पंजाब सरकार की नाकामी पर नाराजगी व्यक्त की और सरकार से ये सुनिश्चित करने को कहा कि डल्लेवाल को अस्पताल में भर्ती किया जाए.</p>
<p style="text-align: justify;">पंजाब सरकार ने अदालत को बताया कि वह डल्लेवाल को अस्पताल नहीं भेज पा रही है क्योंकि प्रदर्शनकारी किसानों ने उन्हें घेर रखा है और वे उन्हें अस्पताल जाने की अनुमति नहीं दे रहे. इस दौरान पंजाब के महाधिवक्ता गुरमिंदर सिंह ने कहा कि विशेषज्ञों की टीम ने डल्लेवाल को अस्पताल भेजने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने इसे आंदोलन के उद्देश्य को कमजोर करने के रूप में नकार किया.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>राज्य सरकार करें निर्देशों का पालन- कोर्ट</strong></p>
<p style="text-align: justify;">न्यायालय ने पंजाब सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि जो किसान नेता डल्लेवाल को अस्पताल नहीं भेजने दे रहे हैं वे उसे आत्महत्या के लिए उकसाने का अपराध कर रहे हैं. कोर्ट ने कहा कि डल्लेवाल अपने साथियों के दबाव में हैं और जो किसान नेता उनका विरोध कर रहे हैं वे उनके शुभचिंतक नहीं हैं. इसके साथ ही अदालत ने पंजाब सरकार को केंद्र से मदद लेने की अनुमति दी और उम्मीद जताई कि राज्य सरकार अपने निर्देशों का पालन करेगी.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>डल्लेवाल की सुरक्षा को लेकर न्यायालय ने जताई चिंता</strong></p>
<p style="text-align: justify;">शुक्रवार (27 दिसंबर) को न्यायालय ने डल्लेवाल के जीवन और सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की थी. अदालत ने पंजाब सरकार को निर्देश दिया था कि वह डल्लेवाल को मेडिकल सुविधा देने करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए. इस मामले में अवमानना याचिका भी दायर की गई है जिसमें पंजाब के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक के खिलाफ नोटिस जारी किया गया.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>आमरण अनशन से डल्लेवाल की हालत गंभीर</strong></p>
<p style="text-align: justify;">जगजीत सिंह डल्लेवाल ने 26 नवंबर से खनौरी बॉर्डर पर आमरण अनशन शुरू किया है जिसमें उनकी प्रमुख मांगें फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी और किसानों के बाकी मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार से दबाव बनाने की हैं. डल्लेवाल की स्थिति गंभीर होती जा रही है और अब अदालत की नजरें पंजाब सरकार की कार्रवाई पर हैं.</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://www.abplive.com/news/india/manmohan-singh-funeral-former-prime-minister-manmohan-singh-last-rites-performed-at-nigambodh-ghat-2851553">मनमोहन सिंह पंचतत्व में विलीन, राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार, बेटी ने दी मुखाग्नि दी</a></strong></p>
'सरकार के पास किसी और चीज के...,'संभल जामा मस्जिद के सामने बन रही पुलिस चौकी पर ओवैसी ने उठाए सवाल
<p><strong>Sambhal News:</strong> संभल थाना क्षेत्र के कोट पूर्वी मोहल्ले में शाही जामा मस्जिद के पास बनने वाली पुलिस चौकी का शनिवार को भूमि पूजन हुआ. प्रशासन ने हाल में संभल हिंसा के मद्देनजर यहां पुलिस चौकी स्थापित करने का निर्णय लिया है.</p>
<p>पुलिस चौकी स्थापित करने फैसले पर एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि सरकार के पास किसी और चीज़ के लिए पैसे नहीं होते, बस पुलिस चौकी और शराब खाने के लिए पैसे होते हैं.</p>
<p><strong>असदुद्दीन ओवैसी ने साधा निशाना</strong></p>
<p>पुलिस चौकी स्थापित करने के निर्णय पर सवाल उठाते हुए एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "संभल की जामा मस्जिद के सामने पुलिस चौकी बनाई जा रही है. मुल्क के किसी भी कोने में चले जाइए, वहां की सरकार ना तो स्कूल खुलवाती है, ना अस्पताल. अगर कुछ बनाया जाता है तो वो है पुलिस चौकी और शराब खाने. सरकार के पास किसी और चीज के लिए पैसे नहीं होते, बस पुलिस चौकी और शराब खाने के लिए पैसे होते हैं. डेटा खुद ये कहता है कि मुसलमानों के इलाकों में सबसे कम सरकारी सुविधाएं फराहम की जाती हैं."</p>
<p><strong>पुलिस चौकी के निर्माण के लिए हुआ भूमि पूजन</strong></p>
<p>भूमि पूजन कराने वाले पुरोहित शोभित शास्त्री ने बताया कि आज पुलिस चौकी के निर्माण के लिए भूमि पूजन और शिलान्यास हुआ. शास्त्री ने कहा वास्तु दोष न रहे, इसके लिए भी पूजन किया गया. बता दें कि संभल की जामा मस्जिद में 24 नवंबर को अदालत के आदेश पर सर्वेक्षण के दौरान विरोध कर रहे प्रदर्शनकारी पुलिस से भिड़ गए थे. इस दौरान चार व्यक्तियों की मौत हो गई थी.</p>
<p>अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) श्रीश चंद्र ने पत्रकारों से कहा कि यह चौकी सुरक्षा की दृष्टि से स्थापित की जा रही है, यहां पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहता है और लोगों की मांग थी, इसलिए पुलिस चौकी स्थापित की गयी है.</p>
Friday, December 27, 2024
भारत के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह: एक आर्थिक सुधारक और वैश्विक राजनेता
<p style="text-align: justify;">डॉ. मनमोहन सिंह का नाम भारतीय राजनीति और अर्थव्यवस्था में अमिट स्थान रखता है. 26 दिसंबर 2024 को उनके निधन के साथ, देश ने एक ऐसे नेता को खो दिया जिसने न केवल भारतीय अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया, बल्कि वैश्विक मंच पर भारत की सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई. उनकी सादगी, विद्वत्ता और दूरदर्शिता ने उन्हें एक असाधारण नेता बनाया.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>आर्थिक सुधारों के प्रणेता</strong></p>
<p style="text-align: justify;">1991 में जब भारत गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा था, डॉ. मनमोहन सिंह ने वित्त मंत्री के रूप में आर्थिक उदारीकरण की प्रक्रिया शुरू की. विदेशी मुद्रा भंडार लगभग खत्म हो चुका था, और देश कर्ज के बोझ तले दबा हुआ था. इस कठिन समय में, उन्होंने साहसिक निर्णय लेते हुए भारतीय अर्थव्यवस्था को वैश्विक बाजारों के लिए खोला.</p>
<p style="text-align: justify;">उनके नेतृत्व में किए गए सुधारों ने भारतीय अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर और प्रतिस्पर्धी बनाया. लाइसेंस राज का खात्मा, विदेशी निवेश को प्रोत्साहन, और निजीकरण को बढ़ावा देना उनके सुधारों के मुख्य स्तंभ थे. इन नीतियों ने न केवल आर्थिक संकट को टाला बल्कि भारत को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल कर दिया.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>वैश्विक मंदी के समय भारत की मजबूती</strong></p>
<p style="text-align: justify;">2008 में जब अमेरिका और पश्चिमी देशों में आर्थिक मंदी आई, तब भारत भी इसके प्रभाव से अछूता नहीं रहा. उस समय डॉ. मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे और उनकी आर्थिक नीतियों ने भारत को इस संकट से बचाने में अहम भूमिका निभाई.</p>
<p style="text-align: justify;">उनकी सरकार ने वित्तीय स्थिरता बनाए रखने के लिए तत्काल कदम उठाए. सार्वजनिक निवेश बढ़ाने, रोजगार सृजन, और ग्रामीण क्षेत्रों में मांग को बढ़ावा देने के लिए मनरेगा जैसी योजनाओं को लागू किया गया. इन नीतियों ने भारतीय अर्थव्यवस्था को मंदी के प्रभाव से उबरने में मदद की और यह साबित किया कि डॉ. सिंह न केवल एक कुशल अर्थशास्त्री हैं बल्कि एक सक्षम संकट प्रबंधक भी.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>सार्क और पड़ोसी देशों के साथ संबंध</strong></p>
<p style="text-align: justify;">डॉ. मनमोहन सिंह के कार्यकाल में भारत ने अपने पड़ोसी देशों के साथ रिश्तों को मजबूत करने पर जोर दिया. सार्क (दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन) को सक्रिय बनाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही.</p>
<p style="text-align: justify;">उन्होंने पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल, और श्रीलंका के साथ व्यापार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा दिया. डॉ. सिंह का मानना था कि पड़ोसी देशों के साथ मजबूत संबंध क्षेत्रीय स्थिरता और विकास के लिए आवश्यक हैं. उनके कार्यकाल में भारत-पाकिस्तान के बीच शांति वार्ता और सीमा पर तनाव को कम करने के प्रयास किए गए.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>वैश्विक राजनीति में भारत की भूमिका</strong></p>
<p style="text-align: justify;">डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व में भारत ने वैश्विक मंच पर अपनी स्थिति को मजबूत किया. उन्होंने भारत-अमेरिका परमाणु समझौते को सफलतापूर्वक अंजाम दिया, जिसने भारत को परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया. यह समझौता उनकी कूटनीतिक कुशलता और दृढ़ निश्चय का परिचायक था.</p>
<p style="text-align: justify;">इसके अलावा, उन्होंने जलवायु परिवर्तन, आतंकवाद, और वैश्विक आर्थिक सहयोग जैसे मुद्दों पर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की आवाज को मजबूती से रखा. उनके नेतृत्व में भारत ने ब्रिक्स (BRICS) और जी-20 जैसे मंचों पर सक्रिय भूमिका निभाई.</p>
<p style="text-align: justify;"> डॉ. मनमोहन सिंह के कार्यकाल में अल्पसंख्यकों, विशेष रूप से मुसलमानों की स्थिति सुधारने के लिए कई प्रयास किए गए थे. उनका एक बड़ा कदम सच्चर आयोग का गठन था. यह आयोग भारतीय मुसलमानों की सामाजिक, आर्थिक, और शैक्षिक स्थिति का अध्ययन करने के लिए बनाया गया था.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>सच्चर आयोग और मुसलमानों की स्थिति</strong></p>
<p style="text-align: justify;">2005 में गठित सच्चर आयोग ने अपनी रिपोर्ट में खुलासा किया कि भारतीय मुसलमानों की स्थिति दलितों से भी बदतर थी. रिपोर्ट में यह बताया गया कि मुसलमान शिक्षा, रोजगार, और सरकारी सेवाओं में बहुत पिछड़े हुए हैं.</p>
<p style="text-align: justify;">डॉ. मनमोहन सिंह ने इस रिपोर्ट को गंभीरता से लिया और इसे लागू करने का वादा किया. आयोग की सिफारिशों में शामिल थे:</p>
<p style="text-align: justify;">1. शिक्षा में सुधार – अल्पसंख्यक समुदायों के लिए विशेष शैक्षिक संस्थानों का निर्माण.</p>
<p style="text-align: justify;">2. आर्थिक सहायता – मुसलमानों को छोटे उद्योग और स्वरोजगार के लिए आसान ऋण उपलब्ध कराना.</p>
<p style="text-align: justify;">3. सरकारी नौकरियों में प्रतिनिधित्व – सरकारी सेवाओं में मुसलमानों की भागीदारी बढ़ाने के लिए कदम उठाना.</p>
<p style="text-align: justify;">हालांकि, सच्चर आयोग की कई सिफारिशें पूरी तरह लागू नहीं हो सकीं, और इसको लेकर डॉ. सिंह की सरकार को आलोचनाओं का सामना करना पड़ा. लेकिन यह कहना उचित होगा कि उन्होंने मुसलमानों की समस्याओं को समझने और उन्हें हल करने की दिशा में एक गंभीर प्रयास किया.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>अल्पसंख्यकों के लिए अन्य योजनाएं</strong></p>
<p style="text-align: justify;">डॉ. मनमोहन सिंह के कार्यकाल में अल्पसंख्यक समुदायों के विकास के लिए कई योजनाएं शुरू की गईं:<br />1. प्रधानमंत्री 15 सूत्रीय कार्यक्रम – इसका उद्देश्य अल्पसंख्यकों के लिए शिक्षा, रोजगार, और आवास में सुधार करना था.<br />2. मौलाना आज़ाद एजुकेशन फाउंडेशन को सशक्त किया गया ताकि मुसलमानों और अन्य अल्पसंख्यकों को शैक्षिक सहायता मिल सके.<br />3. उर्दू भाषा का संरक्षण – उर्दू भाषा और साहित्य को बढ़ावा देने के लिए नीतियां लागू की गईं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>विफलताओं और आलोचनाएं</strong></p>
<p style="text-align: justify;">हालांकि डॉ. मनमोहन सिंह की नीतियां अच्छी थीं, लेकिन उन्हें लागू करने में कई बाधाएं आईं. सच्चर आयोग की सिफारिशें पूरी तरह लागू न होने के कारण उनकी सरकार को आलोचना झेलनी पड़ी. यह भी कहा गया कि उन्होंने अल्पसंख्यकों के लिए जो वादे किए, वे ज़मीनी स्तर पर पूरी तरह साकार नहीं हो सके.<br />सादगी और विद्वत्ता का प्रतीक</p>
<p style="text-align: justify;">डॉ. मनमोहन सिंह की सबसे बड़ी विशेषता उनकी सादगी और ईमानदारी थी. राजनीति के शोर-शराबे से दूर, उन्होंने हमेशा अपने काम को प्राथमिकता दी. उनकी विद्वत्ता और आर्थिक समझ ने उन्हें न केवल भारत में बल्कि वैश्विक स्तर पर सम्मान दिलाया.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>आज की राजनीति से तुलना</strong></p>
<p style="text-align: justify;">डॉ. मनमोहन सिंह के कार्यकाल में भारत ने अपने पड़ोसियों के साथ जो सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए, वह आज के समय में कमजोर पड़ते दिखते हैं. सार्क जैसे संगठन निष्क्रिय हो गए हैं, और पड़ोसी देशों के साथ तनाव बढ़ा है. यह तुलना डॉ. सिंह की कूटनीतिक कुशलता और उनके शांतिपूर्ण दृष्टिकोण को और अधिक प्रासंगिक बनाती है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>निष्कर्ष</strong></p>
<p style="text-align: justify;">डॉ. मनमोहन सिंह का जीवन और योगदान भारतीय राजनीति और अर्थव्यवस्था के लिए एक प्रेरणा है. उन्होंने अपने ज्ञान, साहस, और दूरदर्शिता से न केवल भारत को आर्थिक संकट से बाहर निकाला बल्कि इसे वैश्विक मंच पर एक मजबूत देश के रूप में स्थापित किया. उनका निधन देश के लिए एक अपूरणीय क्षति है, लेकिन उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>[नोट- उपरोक्त दिए गए विचार लेखक के व्यक्तिगत विचार हैं. यह ज़रूरी नहीं है कि एबीपी न्यूज़ ग्रुप इससे सहमत हो. इस लेख से जुड़े सभी दावे या आपत्ति के लिए सिर्फ लेखक ही ज़िम्मेदार है.]</strong></p>
अब ईडी ने बढ़ाई चिराग पासवान के करीबी हुलास पांडे की धड़कन, तीन ठिकानों पर छापेमारी
<p style="text-align: justify;"><strong>ED Raid:</strong> ईडी ने आज यानी 27 दिसंबर को देश के कई हिस्सों में छापेमारी कर रही है. बिहार के बहुचर्चित पूर्व विधायक और लोजपा (रामविलास) के नेता हुलास पांडे के ठिकाने पर ED की छापेमारी चल रही है. ये रेड हुलास पांडेय के 3 ठिकानों पर हो रही है. सूत्रों के अनुसार आय से अधिक संपत्ति मामले में उनके पटना स्थिति दो और बेंगलुरु के एक ठिकाने पर छापेमारी चल रही है. हुलास पांडे केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के करीबी माने जाते हैं, जिस वजह से इसे बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>हुलास पांडे के ठिकानों पर क्यों हो रही कार्रवाई?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">पटना के गोला रोड और बोरिंग रोड स्थित हुलास पांडे के कार्यालय में छापेमारी हो रही है. बालू के अवैध खनन मामले को लेकर यह कर्रवाई हो रही है. यह आदित्य मल्टीकॉम कंपनी और ब्रॉडसन के अवैध बालू खनन से जुड़ा मामला है. एक समय में हुलास पांडे का नाम रणवीर सेना के चीफ ब्रम्हेश्वर मुखिया हत्याकांड से भी जुड़ चुका है. पुलिस चार्जशीट में उन्हें मुख्य साजिशकर्ता बताया गया था.</p>
<p style="text-align: justify;">हुलास पांडे जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के पूर्व विधायक सुनील पांडे के भाई हैं. सुनील पांडे के बेटे का नाम प्रशांत तरारी है, जो बीजेपी से विधायक हैं. बताया जा रहा है कि हुलास पांडे ने अपने भतीजे को जीत दिलाने के लिए खूब प्रचार-प्रसार किया था.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>एमपी में भी ईडी की छापेमारी</strong></p>
<p style="text-align: justify;">ईडी ने शुक्रवार को मध्य प्रदेश में परिवहन विभाग के एक पूर्व अधिकारी के खिलाफ दर्ज धन शोधन के मामले की जांच के सिलसिले में छापेमारी की. अधिकारी के खिलाफ हाल ही में लोकायुक्त पुलिस ने आय के ज्ञात स्रोत से अधिक संपत्ति रखने के आरोप में छापेमारी की थी. ईडी एक लावारिस एसयूवी से 40 करोड़ रुपये का सोना और नकदी बरामद होने के मामले की भी जांच कर रहा है. राजधानी भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर में पांच-छह ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है. ये परिसर सौरभ शर्मा के परिवार और सहयोगियों से जुड़े हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें : <a href="https://www.abplive.com/news/india/manmohan-singh-death-news-when-will-the-last-rites-of-manmohan-singh-take-place-where-will-it-take-place-know-everything-2850783">Manmohan Singh Last Rites: कब और कहां होगा मनमोहन सिंह का अंतिम संस्कार? जानें क्या है सरकारी प्रोटोकॉल</a></strong></p>
वायरल हो रहा मनमोहन सिंह का पुराना वीडियो, क्यों की थी यूनान, मिश्र और रोम के मिटने की बात
<p style="text-align: justify;"><strong>Manmohan Singh Death:</strong> देश के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का गुरुवार (26 दिसंबर 2024) देर रात निधन हो गया. दिल्ली एम्स में उन्होंने 92 साल की उम्र में अंतिम सांस ली. भारत के प्रधानमंत्री के अलावा उन्होंने वित्त मंत्री के रूप में भी काम किया. पूर्व पीएम के निधन पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने देशभर में सात दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है. इस बीच राज्यसभा में दिया उनका एक संबोधन काफी वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने इकबाल के एक शेर का जिक्र किया था.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>जब राज्यसभा में इकबाल के शेर का किया था जिक्र</strong></p>
<p style="text-align: justify;">राज्यसभा में पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने कहा था, "मिट गए यूनान, मिश्र और रोमा, लेकिन कायम है अब तक नामो निशां हमारा... कुछ बात है कि हस्ती, मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन, दौर ए जहां हमारा." इस लाइन का मतलब है कि यूनानी, मिस्री और रोमन सभी गायब हो गए हैं, लेकिन हम अभी भी यहां हैं. कुछ खास बात होगी कि पूरी दुनिया हमारे खिलाफ होने के बावजूद हम अभी भी मौजूद हैं.</p>
<p style="text-align: justify;">सोशल मीडिया पर पूर्व पीएम मनमोहन सिंह के ऐसे कई पुराने वीडियो सामने आए हैं, जब वे संसद के भीतर शयराना अंदाज में दिखे थे. 15वीं लोकसभा तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पूर्व बीजेपी नेता सुषमा स्वराज के शेर-ओ-शायरी में बहस शुरू हो गई थी, जो खूब वायरल हो रहा है. पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने 1991 में वित्त मंत्री रहते हुए कई ऐसी नीतियां बनाईं, जो देश की इकोनॉमी के लिए मील का पत्थर साबित हुई.</p>
<p style="text-align: justify;"><iframe title="YouTube video player" src="https://www.youtube.com/embed/qTeyelZaJG0?si=kpyXAXARx7hDgm6C" width="560" height="315" frameborder="0" allowfullscreen="allowfullscreen"></iframe></p>
<p style="text-align: justify;"><strong>दुनिया भर के नेताओं ने शोक व्यक्त किया</strong></p>
<p style="text-align: justify;">पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के निधन पर अमेरिका, कनाडा और श्रीलंका सहित दुनिया भर के नेताओं ने शोक व्यक्त किया है. नेपाल, मालदीव और अफगानिस्तान सहित पड़ोसी देशों के नेताओं ने मनमोहन सिंह के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए उनके योगदान को याद किया. फिलहाल डॉ. मनमोहन सिंह का पार्थिव शरीर दिल्ली के मोतीलाल नेहरू मार्ग पर उनके आवास पर रखा गया है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें : <a href="https://www.abplive.com/news/india/manmohan-singh-death-news-when-will-the-last-rites-of-manmohan-singh-take-place-where-will-it-take-place-know-everything-2850783">Manmohan Singh Last Rites: कब और कहां होगा मनमोहन सिंह का अंतिम संस्कार? जानें क्या है सरकारी प्रोटोकॉल</a></strong></p>
Thursday, December 26, 2024
जब फायर हो गए थे मनमोहन सिंह, आ गया था इतना गुस्सा कि कर दिया था सोनिया की बात सुनने से भी इनकार
<p style="text-align: justify;"><strong>Manmohan Singh Death:</strong> भारत के पूर्व प्रधानमंत्री और प्रसिद्ध अर्थशास्त्री डॉ. मनमोहन सिंह का 26 दिसंबर, 2024 को दिल्ली में निधन हो गया. भारत के 13वें प्रधानमंत्री के रूप में सेवा देने वाले मनमोहन सिंह ने भारत की उदार अर्थव्यवस्था को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. उन्हें शांत स्वभाव के व्यक्ति के तौर पर जाना जाता है लेकिन एक वक्त ऐसा आ गया था जब वो बेहद गुस्सा हो गए थे और सोनिया गांधी की बात सुनने से भी इनकार कर दिया था.</p>
<p style="text-align: justify;">दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश भारत दौरे पर थे और 12 मार्च 2006 को राष्ट्रपति भवन में उनकी जबरदस्त खातिरदारी की जा रही थी. एक समझौते के तहत अमेरिका भारत को शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए यूरेनियम सप्लाई करने और अपनी सहमति देने जा रहा था. इसे भारत-अमेरिकी परमाणु करार कहा जाता है. पर यह सब इतना आसान नहीं था. सरकार को समर्थन दे रही सीपीआईएम और सीपीएम जैसी पार्टियां शुरू से ही इस डील के खिलाफ थीं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong> यूपीए सरकार की नीतियों में वाम मोर्चे की छाप </strong></p>
<p style="text-align: justify;">मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार की तकरीबन हर नीति पर वाम मोर्चे की छाप स्पष्ट दिखाई पड़ रही थी पर परमाणु करार लेफ्ट नहीं प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की व्यक्तिगत रुचि का मामला था, जो आगे बढ़ा तो लेफ्ट पार्टियों ने इसका खुलकर विरोध करना शुरू कर दियाय सरकार पर पर पीछे हटने का दबाव बनाने लगीं.</p>
<p style="text-align: justify;">लेकिन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इसे अपनी व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का सवाल बना लिया और पीछे हटने से इनकार कर दिया. नतीजतन अगले दो साल तक लेफ्ट और कांग्रेस के बीच जमकर जुबानी जंग चली. भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी सीपीआई नेता एबी वर्धन सरकार को धमकी देते रहते और लगता सरकार अब गई कि तब गई. उस दौर में कहा जाने लगा था कि वर्धन की जुबान खुलती है तो सरकार और संगठन दोनों थर्राने लगते हैं. इसी दौरान वर्धन से पत्रकारों ने पूछा है सरकार कब तक सुरक्षित है तो उन्होंने जवाब दिया था शाम 5 बजे तक तो सुरक्षित है लेकिन आगे का मैं नहीं जानता.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>जब मनमोहन सिंह ने सोनिया गांधी की भी नहीं सुनी बात</strong></p>
<p style="text-align: justify;">मामला एकदम गरमा गया था. इतना ही कहा जाता है कि तब कांग्रेस और यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी ने इस मामले में बीच-बचाव की कोशिश की लेकिन पीएम मनमोहन सिंह इस मामले पर झुकने को तैयार नहीं थे. कांग्रेस की बैठक में मनमोहन सिंह खफा हो गए थे कि परमाणु करार के मुद्दे पर अपने इस्तीफे तक की धमकी दे डाली थी. नतीजा यह हुआ कि कांग्रेस को मनमोहन सिंह के सामने झुकना पड़ गया. ये डील तो फाइनल हो गई लेकिन वाम दलों ने अपना समर्थन वापस ले लिया. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a title="जब भारत को फिर से 'सोने की चिड़िया' बनाने के लिए मनमोहन सिंह ने गिरवी रख दिया था सोना" href="https://www.abplive.com/news/india/manmohan-singh-mortgaged-44-tonnes-of-rbi-gold-to-rescued-india-in-1991-and-made-history-2850668" target="_self">जब भारत को फिर से 'सोने की चिड़िया' बनाने के लिए मनमोहन सिंह ने गिरवी रख दिया था सोना</a><br /></strong></p>
'वो 25-25 बच्चे पैदा करते रहें और हिंदुओं पर प्रतिबंध', मंदिर-मस्जिद की बात के बीच बोले रामभद्रचार्य
<p style="text-align: justify;"><strong>Jagadguru Rambhadracharya On UCC:</strong> जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने समान नागरिक सहिंता (UCC), मोहन भागवत और देश में चल रहे अंबेडकर के मुद्दे पर बयान दिया है. एबीपी न्यूज से एक्सक्लूसिव बात करते हुए रामभद्राचार्य ने कहा कि बहुत से हिंदू धर्म के लोग इधर-उधर चले गए हैं, उन्हें वापस अपने घर में बुला लेना चाहिए. उन्होंने कहा कि इस देश को समान नागरिक सहिंता हर हाल में चाहिए. जो भी नियम बने वो सबके लिए हों, चाहे वो हिंदू हों या मुस्लिम. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>'वो 25-25 बच्चे पैदा करते रहें और हिंदुओं पर प्रतिबंध'</strong></p>
<p style="text-align: justify;">जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा कि ऐसा नहीं होना चाहिए कि वो (मुस्लिम) 25-25 बच्चे पैदा करते रहें और हिंदुओं पर प्रतिबंध लगाए जाएं. अंबेडकर मुद्दे पर उन्होंने कहा कि देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने ही उनसे इस्तीफा दिलवाया था. उन्होंने कहा कि हम तो अंबेडकर का सम्मान करते हैं, नेहरू ने ही उनका उत्पीड़न किया था, उनको हरवाया गया. उन्होंने कहा, "अंबेडकर ने मनुस्मृति फाड़कर गलत किया. उसमें कहीं भी ऊंच-नीच की बात नहीं की गई थी. उसमें नारी का सम्मान किया गया है."</p>
<p style="text-align: justify;">जगद्गुरु रामभद्राचार्य से पूछा गया कि 22 से 25 करोड़ की आबादी वाले मुस्लिम कहां जाएं? इस पर उन्होंने कहा, "मुस्लिम कहीं नहीं जाएं, यहीं रहें, लेकिन हमारे अस्तित्व का सम्मान करते हुए रहें. मैंने कभी नहीं कहा कि ये देश मुसलमानों का नहीं है. हिंदुओं का अस्तित्व मिटाकर उन्हें रहने की अनुमित नहीं दी जा सकती."</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>हमारे मंदिरों को हमे सौंप दें- रामभद्राचार्य </strong></p>
<p style="text-align: justify;">रामभद्राचार्य ने कहा, "जहां-जहां सर्वे होगा हम वहां-वहां दावा करेंगे. उनके भी बड़ा दिल दिखाना चाहिए, वो हमारे मंदिरों को हमे सौंप दें. हमने हिंदुओं को कह रखा है कि अपना अधिकार लो. किसी का नुकसान मत करो. हम किसी पर अत्याचार करने की अनुमति नहीं दे रहे हैं. मोहन भागवत को भी उनलोगों (मुस्लिम) को कह देना चाहिए कि वे भी बड़ा दिल दिखाएं. हमसे ही बड़ा दिल दिखाने के लिए क्यों कहा जाता है."</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://www.abplive.com/news/india/karnataka-high-court-dismisses-legal-proceedings-in-44-year-old-murder-case-judiciary-2850211">Karnataka High Court: कर्नाटक हाईकोर्ट का 44 साल पुराने केस पर आया फैसला, राज्य का सबसे पुराना मामला सबूतों के अभाव में बंद</a></strong></p>
Wednesday, December 25, 2024
गणतंत्र दिवस नहीं 'वीर बाल दिवस' पर दिया जाएगा प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार, केंद्र सरकार का बड़ा फैसला
<p style="text-align: justify;"><strong>Pradhan Mantri Rashtriya Bal Puraskar:</strong> पहली बार प्रधानमंत्री बाल पुरस्कार 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) के बजाय 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस के मौके पर दिए जाएंगे. राष्ट्रपति <a title="द्रौपदी मुर्मू" href="https://www.abplive.com/topic/droupadi-murmu" data-type="interlinkingkeywords">द्रौपदी मुर्मू</a> राष्ट्रपति भवन में सुबह 10 बजे होने वाले एक समारोह में बाल पुरस्कार बांटेंगीं. यह पुरस्कार 7 अलग-अलग श्रेणियों में 17 बच्चों को दिए जाएंगे.</p>
<p style="text-align: justify;">इसके बाद प्रधानमंत्री <a title="नरेंद्र मोदी" href="https://www.abplive.com/topic/narendra-modi" data-type="interlinkingkeywords">नरेंद्र मोदी</a> भारत मंडपम में इन बच्चों से मिलेंगे और उन्हें संबोधित करेंगे. यह कार्यक्रम दोपहर 12 बजे आयोजित किया जाएगा. इन पुरस्कारों के लिए देश के 14 राज्यों से 17 बच्चों का चयन किया गया है. यह पुरस्कार उन बच्चों को दिया जाएगा, जिन्होंने अपने साहस, बलिदान और उत्कृष्ट उपलब्धियों से समाज में एक मिसाल कायम की है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>1957 में हुई थी पुरस्कार देने की शुरुआत</strong><br />राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार भारत में हर साल 26 जनवरी की पूर्व संध्या पर उन बच्चों को दिए जाते हैं, जिन्होंने असाधारण साहस, आत्म-बलिदान, और सामाज के लिए उत्कृष्ट प्रदर्शन किया हो. इन पुरस्कारों की शुरुआत 1957 में भारतीय बाल कल्याण परिषद (Indian Council for Child Welfare) ने की थी और तब से यह सम्मान बाल वीरता की प्रेरक कहानियों को पहचानने और प्रोत्साहित करने का प्रतीक बन गया है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>पुरस्कार देने का क्या है उद्देश्य?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">दरअसल, राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार का मुख्य उद्देश्य देश के बच्चों में साहस, निडरता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को बढ़ावा देना है. इसके माध्यम से समाज को यह संदेश दिया जाता है कि न केवल बड़ी उम्र के लोग बल्कि बच्चे भी प्रेरणादायक और उत्कृष्ट उपलब्धियों से समाज में मिसाल कायम कर सकते हैं और समाज में बदलाव लाने की क्षमता रखते हैं. इन बच्चों का चयन उन कहानियों के आधार पर किया जाता है, जिनमें उन्होंने न केवल अपने जीवन के लिए बल्कि दूसरों के जीवन को बचाने, समाज में सकारात्मक बदलाव लाने, या कठिन परिस्थितियों में अपने आत्मविश्वास और बुद्धिमत्ता का परिचय दिया हो.</p>
<div id="article-hstick-inner" class="abp-story-detail ">
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://www.abplive.com/news/india/allu-arjun-stampede-case-sandhya-theatre-tragedy-cctv-footage-hyderabad-crowd-chaos-ann-2849496">Sandhya Theatre Tragedy: 'सुरक्षाकर्मियों के धक्के से मची भगदड़ और गिरीं रेवती', संध्या थिएटर हादसे में प्रत्यक्षदर्शी ने किया चौंकाने वाला खुलासा</a></strong></p>
</div>
संसद के पास शख्स ने खुद को लगाई आग, अस्पताल में कराया गया भर्ती
<p style="text-align: justify;">संसद भवन के पास एक शख्स ने खुद के हवाले कर दिया. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घायल को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. पुलिस ने जांच शुरू कर दी है. </p>
Kerala Revenue Sources: दारू-लॉटरी से चलता है इस राज्य का खजाना! BJP की यहां अब तक नहीं बनी सरकार
<p style="text-align: justify;" data-pm-slice="1 1 []"><strong>Liquor And Lottery: </strong>बेहतरीन साक्षरता दर की वजह से सुर्खियों में रहने वाला केरल अपनी आय की वजह से भी चर्चा में रहता है. दरअसल, इस राज्य की अर्थव्यवस्था रेमिटेंस, शराब और लॉटरी से ज्यादा संपन्न हो रही है. इसमें भी रेमिटेंस का योगदान करीब 30% है. आसान शब्दों में कहें तो इसके जरिए केरल को 30 प्रतिशत आय मिलती है. इसके बाद केरल की आय का एक बड़ा हिस्सा शराब और लॉटरी की बिक्री से आता है, जो इसके राजस्व का एक चौथाई हिस्सा बन जाता है. यहां आपको बता दें कि रेमिटेंस का मतलब उस आय से है जो विदेश में रहते हैं और यहां भेजते हैं.</p>
<p style="text-align: justify;" data-pm-slice="1 1 []">वित्त वर्ष 2023-24 के दौरान केरल ने शराब और लॉटरी की बिक्री से 31,618.12 करोड़ रुपये का रेवेन्यू हासिल किया जो राज्य की कुल आय का करीब 25.4% है. इसमें से 19,088.86 करोड़ रुपये शराब की बिक्री से आए जबकि लॉटरी टिकट की बिक्री से 12,529.26 करोड़ रुपये का रेवेन्यू हासिल हुआ. ये आंकड़ा यह दर्शाता है कि शराब और लॉटरी राज्य की आय के प्रमुख स्रोत बन गए हैं और केरल की फाइनेंशियल स्थिति को मजबूती देते हैं. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>शराब की बिक्री का बढ़ता असर</strong></p>
<p style="text-align: justify;">जानकारी के मुताबिक शराब की बिक्री में वित्त वर्ष 2023-24 में 19,088.68 करोड़ रुपये की आय हुई जो कि पिछले वित्त वर्ष 2022-23 के मुकाबले ज्यादा है. ये बढ़ोतरी राज्य की आर्थिक स्थिति को दर्शाती है और ये दर्शाता है कि शराब राज्य के रेवेन्यू में जरूरी योगदान दे रही है. शराब की बिक्री से होने वाली आय राज्य की वित्तीय स्थिति को बेहतर बनाए रखती है और सरकार को अलग-अलग योजनाओं के लिए फंड देती है.</p>
<p style="text-align: justify;">लॉटरी टिकट की बिक्री से होने वाली आय भी राज्य के राजस्व में अहम योगदान देती है. हालांकि इसमें एक समस्या ये है कि लॉटरी के अनक्लेम्ड पुरस्कारों के बारे में सरकार के पास कोई स्पष्ट आंकड़े नहीं हैं. केंद्रीय लॉटरी नियम 2010 के तहत सरकार को उन लॉटरी पुरस्कारों का रिकॉर्ड बनाए रखने की जरूरत नहीं है जो जीते गए मगर जिनका दावा नहीं किया गया. इस वजह से अनक्लेम्ड पुरस्कारों से जुटाई गई राशि का सही हिसाब नहीं हो पाता है जो कि एक गंभीर चिंता का विषय है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>बाकी राज्यों के आय के स्रोत</strong></p>
<p style="text-align: justify;">भारत के अलग-अलग राज्यों की आय के स्रोत भी अलग-अलग होते हैं. उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों में कृषि सबसे बड़ा आय स्रोत है जो उनकी कुल आय का करीब 35-40% है. वहीं, गुजरात, महाराष्ट्र और तमिलनाडु जैसे राज्यों में मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर प्रमुख आय स्रोत हैं जो उनकी कुल आय का लगभग 40-45% हिस्सा बनते हैं. इन राज्यों की आय का बड़ा हिस्सा उद्योगों और सेवा क्षेत्रों से आता है जबकि केरल की आय का बड़ा हिस्सा शराब और लॉटरी जैसे विवादित स्रोतों से आता है.</p>
<p style="text-align: justify;">इतना ही नहीं कुछ राज्यों में पर्यटन एक प्रमुख आय स्रोत है. केरल और गोवा जैसे राज्यों में पर्यटन राज्य के रेवेन्यू का करीब 25-30% हिस्सा है. वहीं झारखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में खनन एक प्रमुख आय स्रोत है. इसके अलावा हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और सिक्किम जैसे राज्यों में हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर एक अहम आय स्रोत है जो उनके विकास में मदद करता है. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>गुजरात और केरल का शराब नीति में अंतर</strong></p>
<p style="text-align: justify;">गुजरात राज्य जो कि एक ड्राई स्टेट माना जाता है. इस राज्य में शराब पूरी तरह से प्रतिबंध है. गुजरात में शराब पर बैन होने के कारण राज्य की आय बाकी स्रोतों से आती है जैसे मैन्युफैक्चरिंग और बिजनेस. वहीं केरल में शराब की बिक्री से होने वाली आय राज्य के रेवेन्यू का एक अहम हिस्सा है. ये अंतर अलग-अलग राज्यों की सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक नीतियों को दर्शाता है. जहां एक राज्य शराब के खिलाफ है वहीं दूसरे राज्य के लिए शराब एक जरूरी आय स्रोत बन चुका है.</p>
<p style="text-align: justify;">केरल की आर्थिक संरचना और उसकी आय का स्रोत इसे बाकी राज्यों से अलग बनाता है. यहां के लोग विदेशों में जाकर काम करते हैं और रेमिटेंस भेजते हैं जिससे राज्य की आय में बढ़ोतरी होती है. इसके अलावा शराब और लॉटरी की बिक्री भी राज्य की आय में जरूरी योगदान देती है. </p>
<p><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://www.abplive.com/news/india/allu-arjun-stampede-case-sandhya-theatre-tragedy-cctv-footage-hyderabad-crowd-chaos-ann-2849496">Sandhya Theatre Tragedy: 'सुरक्षाकर्मियों के धक्के से मची भगदड़ और गिरीं रेवती', संध्या थिएटर हादसे में प्रत्यक्षदर्शी ने किया चौंकाने वाला खुलासा</a></strong></p>
Tuesday, December 24, 2024
'...तो कम हो जाएगी इंडियन आर्मी की पावर', संसदीय समिति ने की तेजस विमान के प्रोडक्शन की मांग
<p style="text-align: justify;">भारतीय वायुसेना में 42 लड़ाकू स्क्वाड्रन की अधिकृत क्षमता के मुकाबले वर्तमान में केवल 31 सक्रिय लड़ाकू स्क्वाड्रन मौजूद होने पर चिंता जाहिर करते हुए संसद की एक समिति ने रक्षा मंत्रालय से तेजस का उत्पादन बढ़ाने और अनुबंधित लड़ाकू विमानों की खरीद में तेजी लाने की सिफारिश की है. बीजेपी सांसद राधामोहन सिंह की अध्यक्षता वाली रक्षा मंत्रालय संबंधी स्थायी समिति की 17 दिसंबर 2024 को संसद में पेश रिपोर्ट में इस मुद्दे पर गौर किया गया है.</p>
<p style="text-align: justify;">समिति को बताया गया है कि भारतीय वायुसेना की अधिकृत क्षमता 42 लड़ाकू स्क्वाड्रन हैं, लेकिन इस समय इसके पास 31 सक्रिय लड़ाकू स्क्वाड्रन हैं. वायुसेना के पास मिग 21, मिग 23 और मिग-27 समेत अन्य विमानों का पुराना बेड़ा भी है, जो जल्द ही सेवा से बाहर होने जा रहे हैं, जिससे बल की स्क्वाड्रन ताकत में तेजी से कमी आएगी.</p>
<p style="text-align: justify;">रिपोर्ट के अनुसार, समिति को यह भी बताया गया है कि भारतीय वायुसेना को तेजस एमके 1 के दो स्क्वाड्रन प्राप्त हुए हैं और इनका उपयोग शुरू हो गया है और इसने हाल ही में संपन्न अंतरराष्ट्रीय अभ्यास तरंग शक्ति में भाग लिया था. समिति ने यह भी पाया कि तेजस एमके-1ए कार्यक्रम में डिजाइन और विकास संबंधी मुद्दों के कारण देरी हुई है. रक्षा मंत्रालय ने समिति को यह भी बताया कि हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) को तेजस का उत्पादन बढ़ाने के लिए कहा गया है.</p>
<p style="text-align: justify;">तेजस भारत का नवीनतम और हर मौसम में उपयोग में आने वाला लड़ाकू विमान है जिसे वायुसेना के लिए तैयार किया जा रहा है. रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय वायुसेना ने अतिरिक्त 97 हल्के लड़ाकू (LAC MKI -IA) विमानों की खरीद के मामले में भी प्रगति की है, जिसके लिए जरूरत की स्वीकार्यता (AON) का अनुमोदन किया गया है तथा प्रस्ताव के लिए आग्रह (आरएफपी) जारी किया जा चुका है.</p>
<p style="text-align: justify;">समिति को बताया गया है कि इन अधिग्रहणों के साथ, भारतीय वायुसेना के पास 220 एलसीए एमके-I और एमके-Iए विमान होंगे. समिति ने मंत्रालय को सिफारिश की है कि वह तेजस का उत्पादन बढ़ाने के लिए हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) को संवेदनशील बनाए ताकि लड़ाकू विमानों के स्क्वाड्रन की संख्या में कमी के कारण वायु सेना की परिचालन भूमिका प्रभावित न हो.</p>
<p style="text-align: justify;">वायुसेना में अधिकारियों की संख्या के विषय पर समिति को सूचित किया गया है कि 01 अक्टूबर 24 तक 12,929 पदों के मुकाबले 11,916 अधिकारी (मेडिकल/डेंटल शाखा को छोड़कर) कार्यरत थे, जो 1,013 की कमी को दर्शाता है. मंत्रालय ने बताया कि प्रवेश की योजनाओं को नया रूप दिया गया है ताकि धीरे-धीरे संख्या को स्वीकृत क्षमता के बराबर लाया जा सके.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें:-</strong><br /><strong><a href="https://www.abplive.com/news/india/pakistan-can-attack-andman-and-nicobar-indian-base-tension-for-indian-america-concerned-with-shaheen-3-ababeel-ballistic-missile-2848922">अंडमान में इंडियन बेस तक तबाही मचा सकती हैं पाकिस्‍तान की ये दो मिसाइल, अमेरिका को भी हो रही टेंशन!</a></strong></p>
हरियाणा के बिजनेसमैन को US से आई फिरौती की कॉल, लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर मांगे 1 करोड़
<p><strong>Lawrence Bishnoi: </strong>लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर यमुनानगर व्यापारी से फिरौती मांगने का मामला सामने आया है. फिरौती की कॉल अमेरिका से की गई थी. इस कॉल के आन के बाद यूएसए पुलिस ने फिरौती मांगने वाले आरोपियों को गिरफ्तार किया है. बताया जा रहा है कि फिरौती मांगने वाले ये दो आरोपी अमेरिका में रहकर क्रिमिनल एक्टिविटी कर रहे थे. </p>
<p>सूत्रों की मानें तो अमेरिका में गिरफ्तार होने के बाद सीआईए 2 ने यमुनानगर से भी दो बदमाशों को अरेस्ट किया है, जिनसे लॉरेंस बिश्नोई को लेकर पूछताछ की जा रही है. इसके पहले भी ऐसा एक मामला सामने आया था, जिसमें एक ठेकेदार से पैसे की डीमांड की गई थी. </p>
<p><strong>पानीपत के ठेकेदार से भी मांगे 1 करोड़ रुपये</strong></p>
<p>इसी महीने छह दिसंबर, 2024 को पानीपत से भी ऐसा ही मामला सामने आया था, जिसमें लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर आसन कलां गांव के एक ठेकेदार से एक करोड़ रुपए की डिमांड की गई थी. पानीपत के ठेकेदार को ऑस्ट्रेलिया से कॉल कराई गई थी. इस मामले में सीआईए वन ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिनका एक दोस्त ऑस्ट्रेलिया में रहता है. गिरफ्तार हुए तीन आरोपियों के कहने पर ऑस्ट्रेलिया से कॉल की गई थी. इस मामले में खास बात ये थी कि पानीपत के ठेकेदार से रंगदारी मांगने का मास्टरमांइड खुद उसका पड़ोसी निकला. पड़ोसी से ठेकेदार से रंजिश के चलते और पैसे की लालच में ये साजिश की थी. </p>
<p><strong>पड़ोसी ही निकला आरोपी</strong></p>
<p>मामले में आरोपी संदीप खुद पानीपत के ठेकेदार वीरेंद्र का पड़ोसी निकला. जानकारी में सामने आया था कि उसका ठेकेदार के साथ काफी लंबे समय से झगड़ा चल रहा था. आरोपी शॉर्टकट तरीके से पैसे कमाना चाहता था. यही कारण था कि उसने ये साजिश रची. इस पूरे मामले में संदीप के साथ कमल और सौरभ नाम के व्यक्ति भी शामिल थे. सौरभ का दोस्त किवाना गांव का रहने वाला सुमित स्टडी वीजा पर आस्ट्रेलिया के सिडनी गया हुआ है. तीनों ने सुमित को कॉल करने के लिए तैयार किया और फिर उससे व्हाट्सएप कॉल करवाई. </p>
<p><strong>यह भी पढ़ें- <a href="https://www.abplive.com/news/india/here-is-the-list-of-where-temples-have-been-found-so-far-in-uttar-pradesh-including-sambhal-chandausi-kanpur-2848974">संभल, चंदौसी, कानपुर, अमेठी समेत यूपी में अब तक कहां-कहां छिपे मिले मंदिर, ये रही लिस्ट</a></strong></p>
'वेबसाइट पर जाकर डेटा देखिए', महाराष्ट्र की वोटर लिस्ट पर कांग्रेस ने उठाए सवाल तो ECI ने दिया जवाब
<p style="text-align: justify;"><strong>Election Commission: </strong>कांग्रेस बीते कुछ दिनों से महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव को लेकर केंद्र सरकार के साथ-साथ इलेक्शन कमीशन पर भी सवाल खड़े कर रही है. इस बीच चुनाव आयोग ने मंगलवार (24 दिसंबर 2024) को कांग्रेस को जवाब दिया है. ईसीआई ने कहा कि महाराष्ट्र की हर विधानसभा सीट के लिए मतदाताओं से संबंधित पार्टी की ओर से मांगे गए डेटा और फॉर्म 20 महाराष्ट्र इलेक्शन कमीशन की वेबसाइट पर उपलब्ध है, जिसे डाउनलोड किया जा सकता है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>वोटर लिस्ट से मतदाताओं के नाम काटे जाने पर सवाल</strong></p>
<p style="text-align: justify;">महाराष्ट्र चुनाव की वोटर लिस्ट को लेकर उठाए गए सवाल का केंद्रीय चुनाव आयोग ने विस्तार से जवाब दिया. चुनाव आयोग ने बताया है कि कांग्रेस की तरफ से दी गई शिकायत में कहा गया था कि महाराष्ट्र में हुए लोकसभा-विधानसभा चुननाव के बीच 80 हजार 391 मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से काट दिए गए. यानी औसतन 2,779 मतदाता एक विधानसभा से काम हो गए.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>पूरी प्रक्रिया का किया गया पालन- चुनाव आयोग</strong></p>
<p style="text-align: justify;">इस पर चुनाव आयोग ने कहा है कि जो नाम काटे गए हैं, उसके लिए पूरी प्रक्रिया का पालन किया गया है. नोटिस जारी करने के साथ ही फील्ड सर्वे कर ये सुनिश्चित किया गया कि या तो उन मामलों में मतदाता की मृत्यु हो गई है, या फिर उनका पता बदल गया है, या फिर वह उसे पते पर अब नहीं रह रहे हैं, उसके बाद ही उन मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए.</p>
<p style="text-align: justify;">कांग्रेस को दिए जवाब में चुनाव आयोग ने पूरी चुनावी प्रक्रिया के दौरान राजनीतिक दलों या उम्मीदवारों की सक्रिय भागीदारी के करीब 60 उदाहरण दिए. चुनाव आयोग ने कहा कि राजनीतिक दलों/उम्मीदवारों की सार्थक भागीदारी भारतीय चुनावी प्रक्रिया का प्रमुख स्तंभ है. <a title="महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव" href="https://www.abplive.com/topic/maharashtra-assembly-election-2024" data-type="interlinkingkeywords">महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव</a> से जुड़ी शिकायतों को लेकर बीते दिनों कांग्रेस नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग से मुलाकात की थी. कांग्रेस सांसद और वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा था कि उन्होंने चुनाव आयोग से कई आंकड़ों की मांग की थी.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें : <a href="https://www.abplive.com/news/india/here-is-the-list-of-where-temples-have-been-found-so-far-in-uttar-pradesh-including-sambhal-chandausi-kanpur-2848974">संभल, चंदौसी, कानपुर, अमेठी समेत यूपी में अब तक कहां-कहां छिपे मिले मंदिर, ये रही लिस्ट</a></strong></p>
अल्लू अर्जुन से पुलिस की पूछताछ, 'पुष्पा' बोला- 'मेरे बारे में झूठ फैला रहे ACP', जानें सवालों के दिए क्या-क्या जवाब
<p style="text-align: justify;"><strong>Allu Arjun Reply To Hyderabad Police:</strong> हैदराबाद के चिक्कड़पल्ली पुलिस स्टेशन में मंगलवार (24 दिसंबर, 2024) को पुष्पा-2 फेम अभिनेता अल्लू अर्जुन से पुलिस पूछताछ की गई. इस महीने की शुरुआत में संध्या थिएटर में उनकी फिल्म 'पुष्पा 2: द राइज' के प्रीमियर के दौरान भगदड़ में 35 साल की महिला की मौत के मामले में ये पूछताछ की गई. इस दौरान अल्लू अर्जुन के पिता अल्लू अरविंद उनके साथ पुलिस स्टेशन गए थे.</p>
<p style="text-align: justify;">अपने वकील की मौजूदगी में अल्लू अर्जुन ने आईओ के पूछे गए सभी सवालों के जवाब दिए. पूछताछ के दौरान अभियोजन पक्ष के वकील भी मौजूद थे (सिर्फ पर्यवेक्षक के तौर पर). उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें पता था कि पुलिस ने अनुमति नहीं दी है, फिर भी वे बिना परमिशन के क्यों पहुंचे और रोड शो किया?</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>अल्लू अर्जुन ने क्या दिया जवाब?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें रेवती की मौत के बारे में पता था? तो अल्लू अर्जुन ने जवाब दिया- हां.. मुझे अगले दिन इसके बारे में पता चला. जब उनसे पूछा गया कि क्या एसीपी और डीसीपी ने उनसे ऑडिटोरियम में मुलाकात की? तो अल्लू अर्जुन ने कहा- उनमें से किसी ने भी मुझसे मुलाकात नहीं की. उन्होंने मीडिया में मेरे बारे में झूठी बातें फैलाईं. साथ ही अल्लू अर्जुन ने इस बात पर जोर दिया कि मौत एक दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना के कारण हुई और एक अभिनेता के तौर पर उन्हें इसके लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए.</p>
<p style="text-align: justify;">4 दिसंबर को पुष्पा 2 की स्क्रीनिंग के दौरान मची भगदड़ की जांच के सिलसिले में अर्जुन को मंगलवार को पुलिस के सामने पेश होने का नोटिस जारी किया गया था. उन्हें सुबह 11 बजे पेश होने को कहा गया था. अभिनेता ने पहले कहा था कि वह जांच में सहयोग करेंगे.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>घटना वाले दिन का सीसीटीवी फुटेज भी आया सामने</strong></p>
<p style="text-align: justify;">पूछताछ के दौरान, थिएटर से सीसीटीवी फुटेज सामने आई, जिसमें सुरक्षा कर्मचारियों की ओर से लोगों को उचित तरीके से परिसर में प्रवेश करने से रोकने की कोशिश के बावजूद भारी भीड़ थिएटर के अंदर घुसती हुई दिखाई दे रही है. एक जगह पर, एक आदमी लकड़ी की छड़ी के साथ भीड़ को अंदर घुसने से रोकने की कोशिश करता हुआ दिखाई देता है, लेकिन लोग उसे धक्का-मुक्की करते हुए देख रहे हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a title="'बेटी को नहीं पता उसकी मां...', जिस महिला की मौत बनी अल्लू अर्जुन के लिए मुसीबत, उसके पति ने जानें क्या-क्या कहा" href="https://www.abplive.com/news/india/husband-of-the-woman-who-died-in-the-stampede-at-the-premiere-of-pushpa-2-said-allu-arjun-is-supporting-us-i-am-ready-to-withdraw-the-case-2848847" target="_self">'बेटी को नहीं पता उसकी मां...', जिस महिला की मौत बनी अल्लू अर्जुन के लिए मुसीबत, उसके पति ने जानें क्या-क्या कहा</a><br /></strong></p>
संभल, चंदौसी, कानपुर, अमेठी समेत यूपी में अब तक कहां-कहां छिपे मिले मंदिर, ये रही लिस्ट
<p><strong>Uttar Pradesh News:</strong> उत्तर प्रदेश में इन दोनों अलग-अलग जिलों में कई पुराने मंदिर मिल रहे हैं. प्रशासन लगातर कई इलाकों में सावधानीपूर्वक खुदाई भी करा रहा है. इसमें से कुछ मंदिर काफी समय से बंद पड़े हुए थे. जिसमे अब फिर से पूजा भी शुरू हो गई है.</p>
<p>वहीं, यूपी के संभल और चंदौसी में चल रही खुदाई में रोज नए-नए खुलासे हो रहे हैं. आइये जानते हैं कि यूपी के किन-किन जिलों में पुराने छिपे हुए मंदिर मिलें हैं. </p>
<p><strong>संभल में दो मंदिर मिले</strong></p>
<p>उत्तर प्रदेश के संभल में 2 बंद मंदिर मिले हैं. ये दोनों मंदिर मुस्लिम बहुल इलाके में हैं. पहला कार्तिकेश्वर मंदिर 14 दिसंबर को जामा मस्जिद से डेढ़ किलोमीटर खग्गूसराय में मिला था. दूसरा हयात नगर के सरायतरीन में मिला था.</p>
<p><strong>अमेठी में भी मिला मंदिर</strong></p>
<p>अमेठी में भी 120 साल पुराना शिव मंदिर मिला है. आरोप है कि दूसरे समुदाय के लोगों द्वारा प्राचीन पंच शिखर शिव मंदिर पर कब्जा कर लिया गया था. लोगों ने एसडीएम को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है. ग्रामीणों ने कहा है कि एक समुदाय द्वारा पिछले 40 सालों से मंदिर में पूजा पाठ पर रोका दी गई है. </p>
<p><strong>चंदौसी में बांके बिहारी और महादेव का मंदिर </strong></p>
<p>चंदौसी के मुस्लिम इलाके में स्थित बांके बिहारी और महादेव का मंदिर को फिर से खोला गया है. मंदिर के संरक्षक रहे कृष्णा कुमार ने बताया था कि 2010 तक यहां पर पूजा होती थी. लेकिन 2010 में ही भगवान बांके बिहारी की प्रतिमा और शिवलिंग आदि मूर्ति को खंडित कर दिया गया था. प्रशासन ने हाल में ही इन दोनों मंदिर को खुलवाया है. </p>
<p><strong>शिव मंदिर बना खंडहर</strong></p>
<p>मुजफ्फरनगर जिले के लद्धावाला मोहल्ले में एक शिव मंदिर खंडहर हो गया है. 1970 में भगवान शिवशंकर के मंदिर की स्थापना हुई थी. 1992 तक यहां पर पूजा होती थी. लेकिन 1992 में बाबरी मस्जिद विवाद और उसके बाद के सांप्रदायिक दंगों के कारण यहां से हिंदू पलायन कर गए थे. इस दौरान हिंदू मंदिर में स्थापित शिवलिंग और अन्य देवी-देवताओं की मूर्तियां भी साथ ले गए थे.</p>
<p><strong>खुर्जा में 50 साल पुराना मंदिर मिला</strong></p>
<p>बुलंदशहर जिले में भी 50 साल पुराना मंदिर मिला है. हिंदू संगठनों ने प्रशासन से मंदिर का जीर्णोद्वार कराने की अपील की है, ताकि यहां पर पूजा फिर से शुरू हो सके. 1990 के दंगों के बाद से ये मंदिर बंद है . </p>
<p><strong>अलीगढ़ में भी मिले थे दो मंदिर </strong></p>
<p>उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में दो पुराने मंदिर मिले थे. हिंदू संगठनों ने दावा किया था कि उनकी टीम ने अलीगढ़ के दिल्ली गेट थाना क्षेत्र के एक मुस्लिम बहुल इलाके में शिव मंदिर को खोज निकाला है. इससे पहले बन्नादेवी थाना क्षेत्र के सराय रहमान इलाके में भी मंदिर का पता चला था. </p>
<p><strong>कानपुर में मिले थे दो मंदिर </strong></p>
<p>कानपुर में भी मेयर और बीजेपी नेता प्रमिला पांडेय ने मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र में बंद पड़े 2 मंदिरों को खुलवाया था. 1992 के दंगो के बाद से ये मंदिर बंद पड़े रहे. इस दौरान जब शिवालय को खुलवाया तो मंदिर के अंदर से शिवलिंग गायब मिला. वहीं दूसरे मंदिर में छोटा कारखाना चलता मिला था.</p>
<p><strong>काशी में भी मिला मंदिर</strong></p>
<p>काशी के मुस्लिम बहुल इलाके में एक बंद पड़ा मंदिर मिला था. हिंदू संगठन सनातन रक्षक दल ने दावा किया कि मंदिर 250 साल पुराना है और पिछले 40 साल से यहां ताला लगा है. इससे पहले यहां पूजा होती थी.</p>
अंडमान में इंडियन बेस तक तबाही मचा सकती हैं पाकिस्तान की ये दो मिसाइल, अमेरिका को भी हो रही टेंशन!
<p style="text-align: justify;">क्या पाकिस्तान ऐसी मिसाइल बना रहा है, जो अंडमान में इंडियन बेस को निशाना बना सकती है? ये चिंता अमेरिका के उस बयान से उपजी है, जिसमें उसने कहा था कि पाक की लंबी दूरी की मिसाइल साउथ एशिया से बाहर उसको टारगेट कर सकती है. अगर ऐसा है तो ये भारत के लिए बड़े खतरे की बात है. अमेरिका ने 18 दिसंबर को पाकिस्तान के लंबी दूरी के बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम पर प्रतिबंध लगाया था. अमेरिकी नेशनल सिक्योरिटी डिप्टी एडवाइजर जॉनाथन फाइनर ने कहा था कि पाकिस्तान ऐसी मिसाइल विकसित कर रहा है, जिसकी रेंज दक्षिण एशिया से बाहर अमेरिका तक हो सकती है. </p>
<p style="text-align: justify;">प्रतिबंधों की घोषणा के बाद अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने कहा था कि पाकिस्तान के लंबी दूरी के मिसाइल प्रोग्राम के प्रसार को देखते हुए अमेरिका ने उन चार कंपनियों पर प्रतिबंध लगा दिए हैं, जो मिसाइल प्रोग्राम में मदद कर रही हैं. पाकिस्तान की लंबी दूरी की दो मिसाइलें जो सबसे ज्यादा चर्चा में हैं और जिन्हें लेकर अमेरिका ने भी चिंता जताई है, वो शाहीन-3 और अबाबील हैं. हालांकि, पाकिस्तानी एक्सपर्ट्स भी ये बात कह चुके हैं कि पाकिस्तान जो भी मिसाइल बनाता है, उसका मकसद हमेशा भारत से मुकाबला ही होता है.</p>
<p style="text-align: justify;">पाकिस्तानी एक्सपर्ट्स का कहना है कि बैलिस्टिक मिसाइल बनाने के पीछे पाकिस्तान का मकसद किसी और देश से मुकाबला लिए नहीं बल्कि भारत के तेजी से विकसित हो रहे डिफेंस सिस्टम से आगे निकलना है. यूएस सेंक्शन पर एक पाक एक्सपर्ट डॉ. मंसूर अहमद ने कहा कि पाकिस्तान ने अभी तक ऐसी किसी मिसाइल का परीक्षण नहीं किया है, जिसकी मारक क्षमता भारत से बाहर हो. उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान ने अभी तक भारत की तरह कोई इंटरकोन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) नहीं बनाई है, जिसकी रेंज 5 किलोमीटर तक होती है इसलिए अमेरिका की चिंताएं निराधार हैं.</p>
<p style="text-align: justify;">भारत-पाकिस्तान बॉर्डर और अंडमान एंड निकोबार के बीच 2,885 किलोमीटर की दूरी है और जिन दो मिसाइलों ने अमेरिका की नींद उड़ाई हुई है, उनकी रेंज करीब 2,800 किलोमीटर तक है. शाहीन-3 मध्यम-रेंज की बैलिस्टिक मिसाइल है, लेकिन कई रिपोर्ट्स में बताया गया कि इसकी रेंज 2,750 किलोमीटर है, जिससे यह लंबी दूरी पर अपने टारगेट पर हमला कर सकती है. इसको कंवेंशनल और न्यूक्लियर वॉरहेड दोनों के लिए डिजाइन किया गया है. यह टू स्टेज, सॉयल फ्यूल्ड प्रोपलेंट मिसाइल है, जिससे यह तेज गति और कम समय में लंबी दूरी पर हमला करने में सक्षम है. ये ट्रांसपोर्ट इरेक्टर लॉन्चर (TEL) से भी लैस है. टीईएल के वजह से मिसाइल में सर्वाइव करने की पावर ज्यादा होती है और ये छिपकर हमला करने में भी सक्षम है.</p>
<p style="text-align: justify;">पाकिस्तान की दूसरी अबाबील मिसाइल मीडियम रेंज मिसाइल है, जो 2,200 किलोमीटर दूरी तक हमला करने में सक्षम है. ये थ्री स्टेज और सॉयल फ्यूल मिसाइल है. शाहीन-3 की तरह इसको भी न्यूक्लियर वॉरहेड के लिए डिजाइन किया गया है. इसमें MIRV टेक्नोलॉजी है, जो इसको एक ही समय पर अलग-अलग टारगेट पर हमला करने में सक्षम बनाती है. </p>
<p style="text-align: justify;">अमेरिका को खतरा है कि पाकिस्तान अबाबील और शाहीन सीरीज का विस्तार करने में लगा है. इन चिंताओं के चलते अमेरिका ने उन चार कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए हैं, जो बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम को बढ़ाने में पाकिस्तान की मदद कर रही हैं. अमेरिका का कहना है कि नेशनल डेवलपमेंट कॉम्पलेक्स (NDC) बैलिस्टिक मिसाइल के लॉन्च और टेस्टिंग के लिए उपकरण दे रहा है. दूसरी कंपनी एफिलिएट्स इंटरनेशनल है, जिस पर एनडीसी और अन्यों के लिए मिसाइल एप्लीकेबल चीजों की खरीद की सुविधा प्रदान करने का आरोप है. इनके अलावा अख्तर एंड संस प्राइवेट लिमिटेड और रॉक साइड एंटरप्राइज पर एनडीसी को इक्विपमेंट भेजने का आरोप लगाते हुए प्रतिबंध लगा दिए गए हैं. </p>
<p style="text-align: justify;">अमेरिका बार-बार पाकिस्तान के मिसाइल प्रोग्राम को लेकर चिंता जताता रहा है और उसने सितंबर-अक्टूबर में भी प्रोग्राम से जुड़ीं विदेशी कंपनियों पर भी प्रतिबंध लगाए थे. हालांकि, पाकिस्तान अमेरिकी प्रतिबंधों को भेदभावपूर्ण और अपनी सुरक्षा के लिए खतरा बताते हुए इसकी आलोचना करता रहा है. 18 दिसंबर को प्रतिबंध लगाते हुए अमेरिका ने कहा था कि पाकिस्तान के लॉन्ग रेंज बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम में शाहीन सीरीज की मिसाइलें भी शामिल हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"> </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें:-</strong><br /><strong><a href="https://www.abplive.com/news/world/russia-brics-new-partner-countries-tukey-pakistan-is-out-from-list-not-even-in-partner-countries-after-india-opposition-2848814">पाकिस्तान को झटका, ब्रिक्‍स की सदस्‍यता तो दूर भारत के विरोध के बाद पार्टनर कंट्रीज की लिस्‍ट में भी जगह नहीं</a></strong></p>
Monday, December 23, 2024
कैसे समंदर में डूबा यात्रियों से भरा क्रूज? हो गया खुलासा
कैसे समंदर में डूबा यात्रियों से भरा क्रूज? हो गया खुलासा
संसद धक्का-मुक्की केस में आई बड़ी खबर, CCTV फुटेज के लिए दिल्ली पुलिस ने मांगी स्पीकर से इजाजत, री-क्रिएट करेगी सीन
<p style="text-align: justify;"><strong>Parliament Stampede Case Latest News:</strong> संसद के मकर द्वार के पास धक्का-मुक्की को लेकर बड़ी खबर सामने आई है. दिल्ली पुलिस अब इस मामले में अपनी जांच को आगे बढ़ाते हुए संसद परिसर की सीसीटीवी फुटेज इकट्ठा करेगी. सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से इसको लेकर इजाजत मांगी है.</p>
<p style="text-align: justify;">दिल्ली पुलिस घटना स्थल पर सीन भी रीक्रिएट कर सकती है. इसके अलावा जांच में शामिल होने के लिए राहुल गांधी को पुलिस नोटिस भेजने की तैयारी कर रही है. बताया जा रहा है कि पुलिस घायल सांसदों का बयान लेने और फुटेज मिलने के बाद घटनास्थल पर जाकर सीन रिक्रिएट कर सकती है. </p>
Sunday, December 22, 2024
पीएम मोदी को मिला कुवैत का सर्वोच्च सम्मान, 'द ऑर्डर ऑफ मुबारक अल कबीर' से नवाजे गए भारतीय प्रधानमंत्री
<p style="text-align: justify;"><strong>PM Modi Kuwait Visit:</strong> भारत के प्रधानमंत्री <a title="नरेंद्र मोदी" href="https://www.abplive.com/topic/narendra-modi" data-type="interlinkingkeywords">नरेंद्र मोदी</a> को कुवैत यात्रा के अंतिम दिन रविवार (22 दिसंबर 2024) को बायन पैलेस में गॉर्ड ऑफ ऑनर दिया गया. कुवैत ने पीएम मोदी को अपना सर्वोच्च सम्मान द ऑर्डर ऑफ मुबारक अल कबीर से सम्मानित किया. बायन पैलेस कुवैत में सत्ता का प्रतीक है और कई सारे देशों के दूतावास भी यहीं है.</p>
<p style="text-align: justify;">यह किसी देश की ओर से पीएम मोदी को दिया गया 20वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान है. यह ऑर्डर मित्रता के प्रतीक के रूप में राष्ट्राध्यक्षों. विदेशी संप्रभुओं और विदेशी शाही परिवारों के सदस्यों को प्रदान किया जाता है. इससे पहले बिल क्लिंटन, प्रिंस चार्ल्स और जॉर्ज बुश जैसे विदेशी नेताओं को प्रदान किया जा चुका है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>दोनों देशों के बीच होंगे कई समझौते</strong></p>
<p style="text-align: justify;">पीएम इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच कई समझौते भी होने वाले हैं. भारत सरकार खाड़ी देशों के साथ रिश्तों को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है. पीएम मोदी ने कुवैत के अमीर शेख मेशाल अल-अहमद अल-जबर अल-सबा के साथ वार्ता की, जिसमें विशेष रूप से व्यापार, निवेश और ऊर्जा के क्षेत्रों में भारत-कुवैत संबंधों को नयी गति प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित किया गया.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>पीएम मोदी ने भारतीय समुदाय को किया संबोधित</strong></p>
<p style="text-align: justify;">कुवैत के निमंत्रण पर पीएम मोदी शनिवार (21 दिसंबर 2024) को यहां पहुंचे थे. यह पिछले 43 साल में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की इस खाड़ी देश की पहली यात्रा है. पीएम मोदी ने शनिवार को एक भारतीय सामुदायिक कार्यक्रम को संबोधित किया था और एक भारतीय श्रमिक शिविर का दौरा भी किया था. भारत, कुवैत के शीर्ष व्यापारिक साझेदारों में से एक है और भारतीय समुदाय कुवैत में सबसे बड़ा प्रवासी समुदाय है.</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="en"><a href="https://twitter.com/hashtag/WATCH?src=hash&ref_src=twsrc%5Etfw">#WATCH</a> | Kuwait: Prime Minister Narendra Modi receives the highest civilian award 'The Order of Mubarak the Great', from the Amir of Kuwait, Sheikh Meshal Al-Ahmad Al-Jaber Al Sabah in Kuwait.<br /><br />(Source: DD News) <a href="https://t.co/LNBIqEsUJc">pic.twitter.com/LNBIqEsUJc</a></p>
— ANI (@ANI) <a href="https://twitter.com/ANI/status/1870773057109016802?ref_src=twsrc%5Etfw">December 22, 2024</a></blockquote>
<p style="text-align: justify;">
<script src="https://platform.twitter.com/widgets.js" async="" charset="utf-8"></script>
</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>(ये स्टोरी लगातार अपडेट की जा रही है.)</strong></p>
भारत की ताकत ने अमेरिका को किया मजबूर, बदलना पड़ा ये कानून, PAK-चीन के लिए झटका
<p style="text-align: justify;"><strong>US-India Relations :</strong> पूरी दुनिया में आज भारत की ताकत और इसकी क्षमता का डंका बज रहा है. विश्व के सभी देश आज भारत की ताकत का लोहा मान रही है. वहीं, दुनिया का सबसे बड़ा सुपर पावर कहा जाने वाला संयुक्त राज्य अमेरिका भी भारत से दोस्ती निभाने के लिए अपने कानून में बदलाव किया है. मिसाइल टेक्नोलॉजी और अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की ताकत और क्षमता ने अमेरिका को मजबूर कर दिया है कि वह अपने पुराने कानून को भारत के पक्ष में ढाल दे.</p>
<p style="text-align: justify;">दरअसल, अमेरिकी प्रशासन ने हाल ही में एक फैसला लिया है. व्हाइट हाउस की प्रिंसिपल डिप्टी नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर जॉन फाइनर ने ये घोषणा की है कि अमेरिका अपनी मिसाइल टेक्नोलॉजी कंट्रोल रेजीम (MTCR) के तहत निर्यात नियंत्रण नीतियों में बदलाव कर रहा है. अमेरिकी कानून में इस बदलाव का उद्देश्य भारत और अमेरिका के बीच अंतरिक्ष और मिसाइल क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करना है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>क्या है </strong><strong>MTCR</strong><strong>, जिसमें किया जा बदलाव</strong><strong>?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">उल्लेखनीय है कि MTCR एक समझौता है, जिसे 1986 में मिसाइल और उनकी तकनीकों के प्रसार को रोकने के लिए बनाया गया था. भारत 2016 में इस समझौते का सदस्य बना था. हालांकि एमटीसीआर की कुछ सीमाओं की वजह से भारत और अमेरिकी कंपनियों के बीच साझेदारी आ रही है. इसलिए अमेरिका ने अब तय किया है कि वह इन सभी बाधाओं को दूर कर देगा, जिससे कि भारतीय और अमेरिकी कंपनियां एक साथ मिलकर काम कर सके.</p>
<p style="text-align: justify;">MTCR के नियमों में बदलाव के बाद अब दोनों देश एक-दूसरे के साथ क्रिटिकल तकनीक का भी लेन-देन कर सकेंगे. भारत के मंगलयान और चंद्रयान जैसे अंतरिक्ष मिशन ने पूरी दुनिया चौंका दिया है. अमेरिका की स्पेस एजेंसी नासा ने भी भारत की सफलता को सराहा है. अब अमेरिका भारत के साथ मिलकर काम करना चाहता है, जिससे दोनों देश अंतरिक्ष के क्षेत्र में नई ऊंचाईओं को हासिल कर सके.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यूएस का फैसला पाकिस्तान-चीन के लिए बड़ा झटका</strong></p>
<p style="text-align: justify;">MTCR के नियमों भारत के लिए बदलाव करने का अमेरिका का यह फैसला पाकिस्तान और चीन के लिए बहुत बड़ा झटका है. जहां एक ओर पाकिस्तान को अमेरिका से सैन्य सहयोग में कटौती का सामना करना पड़ रहा है. वहीं, दूसरी ओर चीन को इस साझेदारी से कड़ी चुनौती मिलने वाली है.</p>
<p style="text-align: justify;">यह भी पढे़ंः <strong><a href="https://www.abplive.com/states/jammu-and-kashmir/christmas-2024-heritage-of-kashmir-paper-mache-craft-in-demand-but-artisans-in-distress-ann-2847145">यूरोप-अमेरिका में कश्मीर की पेपरमेशी कला की धूम, क्रिसमस से पहले मिले ऑर्डर, कारीगरों की क्या है परेशानी</a></strong></p>
Atul Subhash: रोज 5-5 कॉल, क्या इस वजह से खराब हुआ था अतुल सुभाष से रिश्ता, निकिता ने खोजा राज
<p style="text-align: justify;"><strong>Atul Subhash Suicide Case:</strong> अतुल सुभाष सुसाइड मामले की इनसाइड स्टोरी का पता लगाने के लिए पुलिस लगातार जुटी हुई है. एआई इंजीनियर अतुल ने सोशल मीडिया पर करीब 90 मिनट का वीडियो डालकर अपनी पत्नी निकिता सिंघानिया और उनके घरवालों पर जबरन वसूली का आरोप लगाते हुए मौत को गले लगा लिया. अब इस मामले में हर रोज नई बातें सामने आ रही हैं. निकिता ने जौनपुर कोर्ट को बताया था कि उनका मन अतुल से शादी करने का नहीं था, लेकिन माता-पिता के दवाब में आकर उन्हें ये शादी करनी पड़ी थी.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>मां निशा सिंघानिया ने बेटी को भड़काया</strong></p>
<p style="text-align: justify;">निकिता ने बयान में बताया कि शादी से पहले से ही उनके पिता की तबीयत काफी खराब थी. उन्होंने कहा कि पहले उनका इलाज जौनपुर में चल रहा था, लेकिन हालात बिगड़ने पर उन्हें बनारस लाया गया था, वहीं इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी. निकिता के बयान से पता चला है कि पति के साथ उनकी तनातनी में मां निशा सिंघानिया ने आग में घी डालने का काम किया. उन्होंने बताया कि उनकी मां शादी के बाद उन्हें दिन में 4-5 बार कॉल करती थी और उसे ससुराल वालों के खिलाफ भड़काती थी. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>निकिता के चाचा ने मामले से किनारा किया</strong></p>
<p style="text-align: justify;">अतुल सुभाष ने अपने सुसाइड नोट में निकिता के चाचा सुशील सिंघानिया पर भी कई गंभीर आरोप लगाए थे. हालांकि उन्हें इलाहाबाद हाई कोर्ट ने अग्रिम जमानत दे दी है. सुसाइड के लिए उकसाने के आरोप में अतुल के घरवालों ने सुशील सिंघानिया के खिलाफ भी नामजद एफआईआर दर्ज करवई थी, जिसके बाद उन्होंने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. उन्होंने कहा था कि निकिता और उसके घर के लोग उनसे सलाह लेते थे. उन्होंने कहा कि निकिता वाले मामले से उनका कोई लेना-देना नहीं है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>निकिता पर 3 करोड़ रुपया मांगने का आरोप</strong></p>
<p style="text-align: justify;">अतुल सुभाष की पत्नी निकिता सिंघानिया को बेंगलुरू पुलिस ने गुरुग्राम से और मां निशा सिघांनिया समेत भाई अनुराग को प्रयागराज से गिरफ्तार किया था. इससे पहले बेंगलुरू पुलिस ने निकिता सिंघानिया के जौनपुर में स्थित मकान पर नोटिस चस्पा किया था. अतुल ने निकिता सिंघानिया पर मामले को निपटाने के लिए 3 करोड़ रुपये मांगने का आरोप लगाया था.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें : <a href="https://www.abplive.com/news/india/samajwadi-party-mla-suresh-yadav-controversial-statement-on-amit-shah-ambedkar-remarks-bjp-2847514">Suresh Yadav Controversial Statement: कौन हैं सपा विधायक सुरेश यादव, जिन्होंने बीजेपी को बताया ‘हिंदू आतंकवादी संगठन’, मच गया बवाल</a></strong></p>
कैसी है अब प्रताप सारंगी और मुकेश राजपूत की तबीयत, कब होगी छुट्टी? RML अस्पताल ने दिया ये अपडेट
<div class="css-175oi2r r-xoduu5 r-1wbh5a2 r-dnmrzs r-1ny4l3l">
<div class="css-175oi2r r-xoduu5 r-1wbh5a2 r-dnmrzs r-1ny4l3l r-1awozwy r-18u37iz">
<div class="css-175oi2r r-xoduu5 r-1wbh5a2 r-dnmrzs r-1ny4l3l">
<div class="css-175oi2r r-xoduu5 r-1awozwy r-18u37iz r-dnmrzs" style="text-align: justify;"><strong><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3 r-b88u0q r-1awozwy r-6koalj r-1udh08x r-3s2u2q"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3 r-b88u0q r-1awozwy r-6koalj r-1udh08x r-3s2u2q"><span class="css-1jxf684 r-dnmrzs r-1udh08x r-3s2u2q r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3">Pratap Sarangi And </span></span></span></span>Mukesh Rajput:</strong> संसद के बाहर हुए धक्का-मुक्की के बाद बीजेपी के दोनों सांसद प्रताप सारंगी और मुकेश राजपूत को दिल्ली के आरएमएल अस्पताल में भर्ती कराया गया है. बताया जा रहा है कि दोनों सांसदों को गंभीर चोटें आई हैं जिसके कारण उनका इलाज चल रहा है. शनिवार (21 दिसंबर) और रविवार (22 दिसंबर) को अस्पताल के मेडिकल सुप्रिटेन्डेंट डॉक्टर अजय शुक्ला ने दोनों सांसदों के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी दी. उन्होंने बताया कि दोनों को अस्पताल के कमरे में शिफ्ट कर दिया गया है और विशेषज्ञों की एक अलग से टीम को उनकी देखरेख के लिए रखा गया है. </div>
</div>
</div>
</div>
<p style="text-align: justify;">डॉक्टर अजय शुक्ला ने बताया कि प्रताप सारंगी के चीक बोन पर इंजरी आई है जिसके कारण डिस्कोलोरेशन भी है. शनिवार (21 दिसंबर) को उन्हें सिटी स्कैन और एक्स-रे कराने थे, लेकिन कमजोरी के कारण ये टेस्ट आज किए जा सकते हैं. वहीं मुकेश राजपूत को लगातार चक्कर आने की शिकायत हो रही है. डॉक्टरों के अनुसार अभी दोनों सांसदों का इलाज जारी रहेगा और उनकी स्थिति की निगरानी की जा रही है. टेस्ट रिपोर्ट आने के बाद ही ये तय किया जाएगा कि उन्हें कब डिस्चार्ज किया जा सकता है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>अस्पताल में सांसदों से मिलने पहुंचे BJP के कई सीनियर नेता </strong></p>
<p style="text-align: justify;">बीजेपी के कई सीनियर नेता अस्पताल में दोनों सांसदों से मिलने पहुंचे. शुक्रवार और शनिवार को शिवराज सिंह चौहान, बैयजंत पंडा और सम्बित पात्रा जैसे नेता अस्पताल पहुंचे और सांसदों की सेहत के बारे में जानकारी ली. जानकारी के मुताबिक आज गिरिराज सिंह ने भी अस्पताल का दौरा किया और दोनों सांसदों की तबियत के बारे में मीडिया से बातचीत की. उन्होंने कहा कि मुकेश राजपूत के सिर पर अभी भी सूजन है और वह अच्छा महसूस नहीं कर रहे हैं. प्रताप सारंगी को भी चक्कर आने की प्रॉब्लम हो रही है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>राहुल गांधी पर प्रताप सारंगी का आरोप</strong></p>
<p style="text-align: justify;">गिरिराज सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि प्रताप सारंगी ने इस घटना को शर्मनाक बताते हुए राहुल गांधी पर हमला किया. उन्होंने कहा "प्रताप सारंगी का कहना है कि राहुल गांधी ने जिस तरह का व्यवहार किया वह बाउंसर जैसा था, जो कि एक नेता को शोभा नहीं देता." उन्होंने ये भी कहा कि राहुल गांधी जानबूझकर झगड़ा करने पहुंचे थे जिससे सांसदों की जान को खतरा हो सकता था, लेकिन भगवान ने उन्हें बचा लिया.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>पुलिस कर रही है मामले की जांच </strong></p>
<p style="text-align: justify;">बताया जा रहा है कि बीजेपी सांसदों के अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद इस मामले में पुलिस दोनों से बयान लेगी. शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और जरूरी कार्रवाई करने की प्रक्रिया में है. पुलिस को उम्मीद है कि सांसदों के बयान के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जा सकेगी.</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://www.abplive.com/photo-gallery/news/india-imd-weather-update-imd-forecasts-rain-in-delhi-ncr-rajasthan-haryana-punjab-up-from-monday-cold-wave-after-x-mas-2847528">Weather Update: क्रिसमस के बाद पड़ेगी कड़ाके की ठंड! मौसम विभाग ने बताया इस हफ्ते कहां और कब होगी बारिश</a></strong></p>
Saturday, December 21, 2024
सड़क पर पैसे उड़ा था सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर, वीडियो वायरल होने पर पुलिस ने किया गिरफ्तार
<p><strong>Hyderabad News:</strong> हैदराबाद में पुलिस ने एक युवक को शहर के आउटर रिंग रोड (ओआरआर) पर उसके तथाकथित 'मनी हंट' स्टंट का वीडियो वायरल होने के बाद गिरफ्तार किया है.उसके स्टंट की वजह से सड़क पर अफरा-तफरी मच गई थी. इसके अलावा यातायात बाधित हुआ था.</p>
<p>गिरफ्तार युवक का नाम भानुचंदर है. उसे सोशल मीडिया पर एंकर चंदू के नाम से भी जाना जाता है. भानुचंदर बालानगर का निवासी है. भानुचंदर ने ओआरआर पर नोटों के बंडल फेंकते हुए खुद का वीडियो शेयर किया था. इस दौरान उसने दर्शकों को उसे खोजने के लिए कहा था.</p>
<p><strong>प्रमोशन के लिए किया था ये स्टंट</strong></p>
<p>दरअसल, सोशल मीडिया क्रिएटर ने सड़क किनारे 20,000 रुपये की नकदी फेंक दी थी और अपने फैंस को उन्हें खोजने के लिए कहा था. ये उसके प्रमोशन का हिस्सा था. इसके बाद ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था. वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और युवक को गिरफ्तार कर लिया. राचकोंडा पुलिस ने बयान भी जारी किया है. </p>
<p><strong>राचकोंडा पुलिस ने जारी किया बयान </strong></p>
<p>सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करते हुए राचकोंडा पुलिस ने इन्फ्लुएंसर की गिरफ्तारी की जानकरी देते हुए कहा, गैर-ज़िम्मेदार इंस्टाग्राम कंटेंट क्रिएटर को गिरफ़्तार कर लिया गया है. हाल ही में, एक वायरल वीडियो सामने आया था जिसमें एक व्यक्ति ORR के सड़क किनारे 20,000 रुपये का बंडल फेंकते हुए और लोगों को पैसे की तलाश करने की चुनौती देते हुए दिखाई दे रहा था.</p>
<p>पुलिस ने आगे कहा, इस गैर-जिम्मेदाराना हरकत से अव्यवस्था, असुविधा हुई और सड़क सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा पैदा हो गया था. इस तरह की लापरवाही न केवल लोगों की जान को खतरे में डालती है, बल्कि दूसरों के लिए भी एक बुरा उदाहरण पेश करती है. सोशल मीडिया को प्रेरित करने और शिक्षित करने का मंच होना चाहिए, न कि गैर-जिम्मेदाराना तरीके से काम करने का. पुलिस ने लोगों से समझदारी से सोशल मीडिया अकाउंट को यूज करने का आग्रह किया है. </p>
करगिल युद्ध के वक्त खोली थी पाकिस्तान की पोल, नहीं रहे चरवाहा ताशी नामग्याल
<p style="text-align: justify;"><strong>Kargil War: </strong>साल 1999 में करगिल सेक्टर में पाकिस्तान की ओर से घुसपैठ किए जाने के बारे में भारतीय सैनिकों को सूचना देने वाले लद्दाख के चरवाहे ताशी नामग्याल का 58 साल की उम्र में निधन हो गया. नामग्याल इस साल की शुरुआत में अपनी बेटी और शिक्षिका शीरिंग डोलकर के साथ द्रास में 25वें करगिल विजय दिवस में शामिल हुए थे.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>भीरतीय सेना ने दी श्रद्धांजलि</strong></p>
<p style="text-align: justify;">लेह स्थित फायर एंड फ्यूरी कोर ने एक्स पर लिखा, ‘‘फायर एंड फ्यूरी कोर ताशी नामग्याल का आकस्मिक निधन होने पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करती है.’’ सेना ने लिखा, ‘‘एक देशभक्त का निधन हो गया. लद्दाख के वीर - आपकी आत्मा को शांति मिले.’’ श्रद्धांजलि संदेश में 1999 में ऑपरेशन विजय के दौरान राष्ट्र के लिए उनके अमूल्य योगदान पर प्रकाश डाला गया और कहा गया कि यह स्वर्णिम अक्षरों में अंकित रहेगा. सेना ने कहा, ‘‘दुःख की इस घड़ी में शोक संतप्त परिवार के साथ हैं.’’</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>पाकिस्तानी सैनिकों को बंकर खोदते देखा</strong></p>
<p style="text-align: justify;">नामग्याल का निधन लद्दाख की आर्यन वैली में स्थित गारखोन में हुआ. नामग्याल साल 1999 में पाकिस्तानी घुसपैठ के बारे में भारतीय सेना को सचेत करने के बाद चर्चा में आए थे. मई 1999 की शुरुआत में अपने लापता याक की खोज करते समय नामग्याल ने बटालिक पर्वत श्रृंखला के ऊपर पाकिस्तानी सैनिकों को पठानी पोशाक में बंकर खोदते हुए देखा था. स्थिति की गंभीरता को समझते हुए, उन्होंने तुरंत भारतीय सेना को सूचित किया, जिसके बाद सेना ने कार्रवाई की.</p>
<p style="text-align: justify;">तीन मई से 26 जुलाई 1999 के बीच हुए करगिल युद्ध में भारतीय सैनिकों ने तेजी से लामबंद होकर श्रीनगर-लेह राजमार्ग पर कब्जा करने का पाकिस्तान का गुप्त मिशन विफल कर दिया था. नामग्याल की सतर्कता भारत की जीत में सहायक साबित हुई और उन्हें एक वीर चरवाहे के रूप में पहचान मिली.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें : <a href="https://www.abplive.com/news/india/atul-subhash-case-nikita-singhania-kolkata-connection-justice-for-atul-crime-investigation-2846861">Atul Subhash Case: अतुल केस में नया मोड़, क्या है निकिता के परिवार का कोलकाता कनेक्शन, पड़ोसियों के खुलासे से मचा हड़कंप</a></strong></p>
Tamil Nadu Temple: मंदिर की दानपेटी में गिरा श्रद्धालु का iPhone, प्रशासन बोला- ये भगवान की संपत्ति, नहीं लौटा रहे
<p style="text-align: justify;"><strong>Tamil Nadu Temple Issue: </strong>तमिलनाडु के तिरुपोरूर स्थित अरुलमिगु कंदास्वामी मंदिर में एक अनोखा मामला सामने आया है. जानकारी के मुताबिक विनायगपुरम के निवासी दिनेश ने मंदिर के दानपात्र (हुंडी) में गलती से अपना iPhone गिरा दिया. जब उन्होंने मंदिर प्रबंधन से फोन वापस मांगा तो उन्हें बताया गया कि हुंडी में डाला गया कोई भी सामान भगवान की संपत्ति माना जाता है.</p>
<p style="text-align: justify;">पिछले महीने दिनेश अपने परिवार के साथ वहां गए थे और देवता की पूजा करने के बाद हुंडी में कुछ पैसे डालने गए. अपनी शर्ट की जेब से पैसे निकालते समय उनका iPhone हुंडी में जा गिरा. इसके बाद उन्होंने मंदिर के अधिकारियों से इसके बारे में संपर्क किया, लेकिन उन्हें बताया गया कि एक बार हुंडी में चढ़ावा डाल देने के बाद इसे बाहर नहीं निकाला जाता. साथ ही मंदिर अधिकारियों ने ये भी बताया कि हुंडी को दो महीने में केवल एक बार ही खोला जाता है. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>दो महीने के बाद भी दिनेश को मंदिर से लौटना पड़ा खाली हाथ </strong></p>
<p style="text-align: justify;">दिनेश ने इस घटना के बाद एचआर और सीई (हिंदू धार्मिक और धर्मार्थ बंदोबस्ती) अधिकारियों के पास शिकायत दर्ज कराई जिसमें हुंडी के खुलने के बारे में सूचित करने का अनुरोध किया गया. दो महीने बाद शुक्रवार (20 दिसंबर) को जब मंदिर का हुंडी खोला गया तो दिनेश अपना iPhone लेने आए, लेकिन अधिकारी अपनी बातों पर अडिग रहे और उन्हें अपने फोन से केवल जरूरी डेटा डाउनलोड करने के लिए सिम कार्ड लेने का ऑप्शन दिया गया.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>मामला सोशल मीडिया पर बना चर्चा का विषय</strong></p>
<p style="text-align: justify;">मंदिर के कार्यकारी अधिकारी ने कहा “हम यह तय नहीं कर सकते कि फोन दान के रूप में चढ़ाया गया था या गलती से गिरा. हमारी परंपराओं के अनुसार हुंडी में डाले गए सामान को वापस नहीं किया जाता.” इसके बाद दिनेश ने नया सिम कार्ड खरीदा और फोन लौटाने का फैसला मंदिर प्रबंधन के लिए छोड़ दिया. ऐसे में ये मामला अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है.</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://www.abplive.com/news/india/will-kalki-avatar-be-born-in-sambhal-here-are-the-religious-beliefs-and-ancient-evidences-ann-2846718">'संभल में हरिहर मंदिर में होगा भगवान कल्कि का जन्म', पुजारी महेंद्र शर्मा का दावा</a></strong></p>
Friday, December 20, 2024
गर्लफ्रेंड्स पर उड़ाता था पूरी सैलरी... निकिता के मुंह से अतुल सुभाष के 'काले राज', सुनकर पुलिस भी रह गई दंग!
<p style="text-align: justify;">सॉफ्टवेयर इंजीनियर अतुल सुभाष 9 दिसंबर 2024 को अपने घर में मृत पाए गए थे. आत्महत्या करने से पहले अतुल सुभाष ने एक वीडियो जारी किया था. इस वीडियो ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था. अतुल ने इस वीडियो में अपनी मौत के लिए उनकी पत्नी निकिता सिंघानिया, सास निशा सिंघानिया, साला अनुराग, चाचा ससुर सुशील और जौनपुर फैमिली कोर्ट की जज रीता कौशिक को जिम्मेदार ठहराया था. इसके बाद पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार भी किया था. लेकिन अब निकिता सिंघानिया ने हिरासत में अतुल सुभाष के ऐसे काले सच बताए, जिनसे केस में नया मोड़ आ गया है. यहां तक कि निकिता के खुलासे सुनकर पुलिस भी दंग रह गई है.</p>
<p style="text-align: justify;">निकिता ने पुलिस पूछताछ में अतुल सुभाष पर अय्याशी और तीन गर्लफ्रेंड रखने के आरोप भी लगाए. निकिता ने पुलिस को बताया, 'मुझे और मेरे घर वालों को बेवजह इस केस में फंसाया जा रहा है ना ही हमने अतुल से कभी पैसे मांगे और ना ही कभी कोई डिमांड करी बल्कि अतुल और उसके घरवालों ने हमसे 10 लाख दहेज की मांग की थी. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>अतुल की तीन गर्लफ्रेंड्स थीं, उन्हीं पर लुटाता था पैसा- निकिता</strong></p>
<p style="text-align: justify;">इसके अलावा निकिता ने कहा है कि अतुल को अय्याशी का शौक था. अतुल की बेंगलुरु में तीन गर्लफ्रेंड्स थीं और अतुल अपना सारा पैसा उन्हीं पर लुटाता था. मेरी सैलरी भी छीन लेता था. जब मैं अपनी मां से पैसे मंगवा थी तो अतुल उसे भी छीन लिया करता था ससुराल वाले भी मेरे पापा से 10 लाख दहेज की मांग कर रहे थे जबकि हमने शादी में 50 लाख रुपये खर्ज किए थे. निकिता ने कहा कि अतुल 10 लाख रुपये मांग रहा था. मेरे पिता ने जब यह रकम देने में असमर्थता जताई तो ससुराल वालों ने तलाक की धमकी दी थी. इसी के गम में मेरे पापा की मौत हो गई.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>अतुल से शादी नहीं करना चाहती थी निकिता<br /></strong><br />निकिता और अतुल सुभाष मैट्रिमोनियल साइट पर मिले थे. दोनों ने बातचीत के बाद शादी कर ली. शादी के बाद दोनों हनीमून के लिए मॉरिशस गए. मॉरिशस में निकिता ने अतुल को बताया था कि वह शादी नहीं करना चाहती थी. न ही वह अतुल से शादी करना चाहती थी. लेकिन उसके पिता की तबीयत खराब रहती थी. ऐसे में घरवालों के दबाव में आकर निकिता ने अतुल से शादी कर ली.</p>
Thursday, December 19, 2024
Priyanka Gandhi ने खरगे को लेकर धक्का-मुक्की मामले में बताई बड़ी बात | Parliament Breaking
<p>संसद परिसर में धक्का-मुक्की को लेकर राजनीति गरमा गई है. बीजेपी आरोप लगा रही है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने उनके दो सांसदों को धक्का दिया. हालांकि कांग्रेस ने बीजेपी को आरोपों को गलत बताया. इस बीच केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाने साधते हुए कहा कि संसद कोई कुश्ती और स्मार्टनेस दिखाने का मंच नहीं है. 'हमारे सांसद हाथ उठा देते तो क्या होता' उन्होंने कहा, "राहुल गांधी ने शारीरिक ताकत दिखाई. उन्होंने हमारे दो सांसदों को धक्का दिया. अगर हमारे एमपी भी हाथ उठा देते तो क्या होता. राहुल गांधी ने बीजेपी को दो सांसदों प्रताप सारंगी और मुकेश राजपूत को बहुत धक्का दिया, जिसमें वे बुरी तरह घायल हो गए. क्या आपने (राहुल गांधी) कराटे-कुंग फू दूसरे सांसदों को मारने के लिए सीखा है."</p>
सुप्रीम कोर्ट ने धर्म संसद के खिलाफ अवमानना याचिका पर सुनवाई से किया इनकार, याचिकाकर्ता को HC जाने का निर्देश
<p style="text-align: justify;"><strong>Supreme Court:</strong> सुप्रीम कोर्ट ने गाजियाबाद में प्रस्तावित धर्म संसद को लेकर दाखिल अवमानना याचिका सुनने से मना कर दिया और याचिकाकर्ताओं से हाई कोर्ट जाने को कहा. दरअसल, अरुणा राय और कुछ दूसरे सामाजिक कार्यकर्ताओं ने गाज़ियाबाद प्रशासन पर निष्क्रियता का आरोप लगाते हुए यह याचिका दाखिल की थी.</p>
<p style="text-align: justify;">याचिका में अंदेशा जताया गया था कि 17 से 21 दिसंबर के बीच होने वाले इस कार्यक्रम में मुसलमानों के खिलाफ भड़काऊ भाषण दिए जाएंगे. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस तरह की याचिका सीधे सुप्रीम कोर्ट में दाखिल नहीं होनी चाहिए. गौरतलब है कि गाज़ियाबाद प्रशासन ने इस कार्यक्रम को इजाज़त नहीं दी. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>क्या है मामला?<br /></strong>गाजियाबाद में धर्म संसद का आयोजन तथाकथित रूप से धार्मिक मुद्दों और हिंदुत्व को लेकर चर्चा करने के लिए किया जा रहा था. याचिकाकर्ताओं का आरोप था कि इस कार्यक्रम में मुस्लिम समुदाय के खिलाफ भड़काऊ और हिंसात्मक भाषण दिए जा सकते हैं, जिससे समाज में तनाव बढ़ सकता है. गाजियाबाद प्रशासन ने कार्यक्रम के लिए अनुमति देने से इनकार कर दिया.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>सुप्रीम कोर्ट का रुख</strong><br />सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में गाजियाबाद प्रशासन पर निष्क्रियता का आरोप लगाते हुए कार्यक्रम पर रोक लगाने की मांग की गई थी. सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया और याचिकाकर्ताओं से संबंधित हाई कोर्ट जाने को कहा. चीफ जस्टिस ने कहा "इस तरह की याचिकाएं सीधे सुप्रीम कोर्ट में दाखिल नहीं होनी चाहिए। यह मामला पहले हाई कोर्ट के पास जाना चाहिए."</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>आयोजन स्थल में बदलाव</strong><br />गाजियाबाद प्रशासन से अनुमति नहीं मिलने के बाद आयोजक धर्म संसद को अब हरिद्वार में करने की बात कह रहे हैं. इस मामले बवाल बढ़ता ही जा रहा है, जहां एक ओर इसे धार्मिक स्वतंत्रता का मामला बताया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर इसे समाज में विभाजन का कारण मानते हुए विरोध किया जा रहा है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a title="'मैं उन्हें जय भीम बोलने का चैलेंज देती हूं', अंबेडकर विवाद पर प्रियंका गांधी ने दी बीजेपी को चुनौती" href="https://www.abplive.com/news/india/challenge-them-to-say-jai-bhim-priyanka-gandhi-challenges-bjp-on-ambedkar-controversy-2845566">'मैं उन्हें जय भीम बोलने का चैलेंज देती हूं', अंबेडकर विवाद पर प्रियंका गांधी ने दी बीजेपी को चुनौती</a></strong></p>
'आप कैसे रोक सकते हैं, वो किसी के साथ भी लिव-इन में रहें', समलैंगिक जोड़े के लिए पिता को हाईकोर्ट ने खूब सुनाई
<p style="text-align: justify;">आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने एक समलैंगिक जोड़े के साथ रहने के अधिकार को बरकरार रखा है और अपना साथी चुनने की उनकी स्वतंत्रता पर मुहर लगाई है. जस्टिस आर रघुनंदन राव और जस्टिस के महेश्वर राव की पीठ कविता (बदला हुआ नाम) की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई कर रही थी. कविता ने आरोप लगाया है कि उसकी साथी ललिता (बदला हुआ नाम) को उसके पिता ने उसकी इच्छा के विरुद्ध हिरासत में लिया हुआ है और उसे नरसीपटनम स्थित अपने आवास पर रखा है.</p>
<p style="text-align: justify;">हाईकोर्ट ने मंगलवार (17 दिसंबर, 2024) को ललिता के माता-पिता को दंपति के रिश्ते में हस्तक्षेप न करने का निर्देश दिया और कहा कि उनकी बेटी बालिग है और अपने निर्णय स्वयं ले सकती है. यह कपल पिछले एक साल से विजयवाड़ा में एक साथ रह रहा है. कविता की ओर से पहले दर्ज कराई गई गुमशुदगी की शिकायत के आधार पर पुलिस ने ललिता को उसके पिता के घर से बरामद किया और उसे मुक्त कराया. उसके बाद उसे 15 दिनों तक एक कल्याण गृह में रखा गया, हालांकि उसने पुलिस से गुहार लगाई कि वह बालिग है और अपने साथी के साथ रहना चाहती है.</p>
<p style="text-align: justify;">ललिता ने सितंबर में अपने पिता के खिलाफ शिकायत भी दर्ज कराई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि उसके माता-पिता रिश्ते और अन्य मुद्दों को लेकर उसे परेशान कर रहे हैं. पुलिस के हस्तक्षेप के बाद ललिता विजयवाड़ा वापस आ गई और काम पर जाने लगी और अक्सर अपने साथी से मिलने लगी. हालांकि, ललिता के पिता एक बार फिर उसके घर आए और बेटी को जबरन ले गए. कविता ने अपनी बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका में आरोप लगाया कि उन्होंने उसे अवैध रूप से अपनी हिरासत में रखा है.</p>
<p style="text-align: justify;">पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि उनकी बेटी का कविता और उसके परिवार के सदस्यों ने अपहरण कर लिया है. याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट को बताया कि उनकी मां और पार्टनर एक ही अस्तपाल में काम करते थे इसलिए पार्टनर उनके घर आती रहती थीं. समय के साथ-साथ उनका रिश्ता मजबूत होता गया. दोनों अपने रिश्ते को और आगे बढ़ाना चाहते थे इसलिए उन्होंने साथ रहने का फैसला किया और वे परिवार से अलग रहने लगे. याचिकाकर्ता का आरोप है कि पार्टनर के पिता जबरदस्ती उन्हें अपने साथ ले गए और गैरकानूनी तरीके से कैद में रखा. याचिकाकर्ता ने गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज करवाई और नरसीपटनम में उसे ढूंढ लिया गया और पुलिस ने उनकी पार्टनर को 15 दिनों के लिए पेंदुरति में एक वेल्फेयर होम में शिफ्ट कर दिया, लेकिन वहां भी पार्टनर को उनके पिता ने ढूंढ लिया और वह अपने साथ ले गए.</p>
<p style="text-align: justify;">कविता के वकील जदा श्रवण कुमार ने सुप्रीम कोर्ट के पिछले फैसलों का हवाला देते हुए दलील दी कि बंदी ने याचिकाकर्ता के माता-पिता के साझा घर में याचिकाकर्ता के साथ रहने के लिए अपनी स्पष्ट सहमति व्यक्त की है और वह कभी भी अपने माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्यों के पास वापस नहीं जाना चाहेगी. जदा श्रवण कुमार ने अदालत को यह भी बताया कि ललिता ने भी अपने माता-पिता के खिलाफ दर्ज शिकायत को वापस लेने की इच्छा व्यक्त की है, अगर उसे याचिकाकर्ता के साथ रहने की अनुमति दी जाए.</p>
<p style="text-align: justify;">विजयवाड़ा पुलिस ने मंगलवार को अदालत के निर्देश के बाद ललिता को हाईकोर्ट में पेश किया. पीठ ने याचिका का निपटारा करते हुए यह भी टिप्पणी की कि ललिता के परिवार के सदस्यों के खिलाफ कोई आपराधिक कार्यवाही शुरू नहीं की जानी चाहिए क्योंकि वह शिकायत वापस लेने को तैयार हैं. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें:-</strong><br /><strong><a href="https://www.abplive.com/news/india/rahul-gandhi-came-to-see-pratap-sarangi-injury-bjp-mp-nishikant-dubey-fire-see-videos-2845561">चोटिल प्रताप सारंगी को देखने पहुंचे राहुल गांधी, बरस पड़े BJP सांसद, बोले- गुंडागर्दी करते हो... देखें Video</a></strong></p>
Rahul Gandhi पर मारपीट का आरोप लगाते हुए संसद में खूब भड़के BJP सांसद | Parliament
<p>संसद परिसर में धक्का-मुक्की को लेकर राजनीति गरमा गई है. बीजेपी आरोप लगा रही है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने उनके दो सांसदों को धक्का दिया. हालांकि कांग्रेस ने बीजेपी को आरोपों को गलत बताया. इस बीच केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाने साधते हुए कहा कि संसद कोई कुश्ती और स्मार्टनेस दिखाने का मंच नहीं है. 'हमारे सांसद हाथ उठा देते तो क्या होता' उन्होंने कहा, "राहुल गांधी ने शारीरिक ताकत दिखाई. उन्होंने हमारे दो सांसदों को धक्का दिया. अगर हमारे एमपी भी हाथ उठा देते तो क्या होता. राहुल गांधी ने बीजेपी को दो सांसदों प्रताप सारंगी और मुकेश राजपूत को बहुत धक्का दिया, जिसमें वे बुरी तरह घायल हो गए. क्या आपने (राहुल गांधी) कराटे-कुंग फू दूसरे सांसदों को मारने के लिए सीखा है." केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, "संसद परिसर में सांसद अपने-अपने विचार को लेकर प्रदर्शन करते रहे हैं. कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के लोग तो रोज प्रदर्शन करते हैं. आज एनडीए के सांसदों ने इसलिए प्रदर्शन किया, क्योंकि कांग्रेस पार्टी ने बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर को आजादी के समय से लेकर अभी तक अपमान करने का सिलसिला जारी रखा और फिर झूठ बोलकर संसद के भीतर और बाहर गृह मंत्री अमित शाह का वीडियो काटकर झूठ फैलाया."</p>
Wednesday, December 18, 2024
चीन की चाल पर भारी पड़ेगी भारत-श्रीलंका की दोस्ती? राष्ट्रपति दिसानायके ने किया ये बड़ा वादा
<p style="text-align: justify;"><strong>India Sri Lanka Relation latest News: </strong>पौराणिक कथा रामायण को छोड़ दें तो भी भारत और श्रीलंका के संबंध कई सौ साल पुराने हैं. तीसरी शताब्दी में भारत से ही वहां बौद्ध धर्म गया. इसके बाद 10वीं शताब्दी में दक्षिण भारत के चोल राजवंश के राजेंद्र चोल ने श्रीलंका पर कई बार विजय प्राप्त की और वहां स्थायी सांस्कृतिक प्रभाव स्थापत किया.</p>
<p style="text-align: justify;">संबंधों का यह सिलसिला आगे भी जारी रहा. भारत की आजादी के 1 साल बाद ही यानी 1948 में श्रीलंका को भी आजादी मिल गई थी. आजादी के बाद से भारत ने हमेशा श्रीलंका के लिए बड़े भाई की भूमिका निभाई, लेकिन श्रींलंका ने चीन के जाल में फंसकर छोटे भाई का फर्ज निभाने से चूकता रहा है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>श्रीलंका ने किया भारत से ये वादा</strong></p>
<p style="text-align: justify;">पिछले दिनों श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमार दिसानायके भारत दौरे पर थे. प्रधानमंत्री <a title="नरेंद्र मोदी" href="https://www.abplive.com/topic/narendra-modi" data-type="interlinkingkeywords">नरेंद्र मोदी</a> से मुलाकात के बाद दिसानायके ने पीएम मोदी को यह भरोसा दिया है कि वह अपने देश की जमीन का इस्तेमाल भारत के खिलाफ नहीं होने देंगे. उनके दावे कितने सच साबित होते हैं यह तो वक्त ही बताएगा, लेकिन यहां हम बता रहे हैं, दोनों देशों के संबंधों की जमीनी हकीकत, साथ ही जानेंगे चीन कैसे श्रीलंका को अपने जाल में फंसा चुका है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>भारत और श्रीलंका के संबंधों की मजबूती जानें</strong></p>
<p style="text-align: justify;">भारत और श्रीलंका के बीच संबंधों की मजबूती का अंदाजा इसी बात से लगा सकते हैं कि श्रींलका ने भारत के आधार कार्ड सिस्टम को अपने देश में लागू करने का फैसला किया है. भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने बताया कि भारत श्रीलंका के यूनिक आइडेंटिफिकेशन प्रोजेक्ट का समर्थन करने के लिए राजी हुआ है. यह प्रोजेक्ट भारत के आधार कार्ड की तरह विकसित होगा. इसके अलावा भारत, उत्तरी श्रीलंका में एक एयरपोर्ट के विकास के लिए आर्थिक मदद मुहैया कराएगा.</p>
<p style="text-align: justify;">भारत श्रीलंका में हाउसिंग प्रोजेक्ट पर भी काम कर रहा है. जल्द ही इस प्रोजेक्ट से जुड़े फेज-3 और फेज-4 का काम पूरा होने वाला है. इसके अलावा भारत श्रीलंका में 3 द्वीपों पर हाइब्रिड रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट और कम्युनिटी डेवलपमेंट प्रोजेक्ट पर भी काम कर रहा है. दोनों देशों के बीच 5 बिलियन डॉलर की रोड, रेल लिंक परियोजना पर बात हो रही है, जिससे भारत और श्रीलंका के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये तीन प्रोजेक्ट देंगे नई उड़ान</strong></p>
<p style="text-align: justify;">भारत और श्रीलंका के बीच तीन बड़े प्रोजेक्ट पर भी काम चल रहा है, जो रिश्तों को नई उड़ान देंगे. इनमें पहला है, डायरेक्ट कनेक्टिविटी. इसके तहत भारत और श्रीलंका के बीच समुद्र पर एक पुल का निर्माण होना है. दूसरा प्रोजेक्ट है बिजली. इसके तहत श्रीलंका के बिजली डिस्ट्रिब्यूशन सेक्टर को भारत के पावर ग्रिड से जोड़ना शामिल है. वहीं, तीसरा प्रोजेक्ट दोनों देशों के बीच गैस और तेल आपूर्ति के लिए पाइपलाइन बनाना है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>चीन इस तरह दे रहा चुनौती</strong></p>
<p style="text-align: justify;">दूसरी तरफ चीन की बात करें तो वह शुरू से ही भारत के पड़ोसियों को अपने जाल में फंसाकर उनका इस्तेमाल भारत को घेरने के लिए करता रहा है. ऐसा ही कुछ वह श्रीलंका के साथ कर रहा है. उसने पहले चीन को कर्ज के बोझ में डुबोया. इसके बाद हंबनटोटा बंदरगाह पर कब्जा कर लिया. इसके अलावा वह कोलंबो के बाहर एक रडार बेस बनाने पर भी काम कर रहा है. इस रडार बेस के जरिए चीन भारतीय नौसेना की गतिविधियों और तमिलनाडु में बने दोनों परमाणु ऊर्जा संयंत्रों पर नजर रख सकेगा.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>BRI प्रोजेक्ट में भी फंसाया</strong></p>
<p style="text-align: justify;">चीन ने श्रीलंका को अपने महत्वाकांक्षी बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (BRI) प्रोजेक्ट का हिस्सा बना रखा है. इस प्रोजेक्ट से चीन के लिए व्यापार के लिहाज से दो रास्ते बन जाएंगे.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>कर्ज में बुरी तरह डुबोया</strong></p>
<p style="text-align: justify;">चीन पिछले 20 साल में श्रीलंका को 12 अरब डॉलर कर्ज दे चुका है. अगर पूरे कर्ज की बात करें तो श्रीलंका ने ड्रैगन से 6.8 अरब डॉलर का कर्ज ले रखा है. कर्ज न चुकाने के कारण ही उसे अपना हंबनटोटा पोर्ट चीन को पट्टे पर देना पड़ा था.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें</strong></p>
<p style="text-align: justify;"><strong><a title="Manipur Violence: मणिपुर में स्टारलिंक इंटरनेट के इस्तेमाल पर मस्क ने तोड़ी चुप्पी, एक्स पर यूजर को दिया ये जवाब" href="https://www.abplive.com/news/india/spacex-founder-elon-musk-on-tuesday-responded-to-claims-that-starlink-satellite-internet-was-being-used-in-violence-torn-manipur-2844769" target="_self">Manipur Violence: मणिपुर में स्टारलिंक इंटरनेट के इस्तेमाल पर मस्क ने तोड़ी चुप्पी, एक्स पर यूजर को दिया ये जवाब</a></strong></p>
NIA का पंजाब टेरर कॉन्सपिरेसी केस में बड़ा एक्शन, लखबीर सिंह के गुर्गों के खिलाफ फाइल की चार्जशीट
<p style="text-align: justify;">राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने पंजाब टेरर कॉन्सपिरेसी केस में खालिस्तानी आतंकी लखबीर सिंह उर्फ लांडा के 2 एसोसिएट्स के खिलाफ मंगलवार (17 दिसंबर 2024) को चार्जशीट दाखिल किया है. एनआईए ने चार्जशीट जसप्रीत सिंह उर्फ जैज और बलजीत सिंह के खिलाफ मोहाली की स्पेशल एनआईए कोर्ट में दाखिल की है. ये दोनों संदिग्ध प्रतिबंधित खालिस्तानी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल से जुड़े हुए थे और लखबीर सिंह के लिए काम कर रहे थे.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ग्राउंड ऑपरेटिव था जसप्रीत सिंह </strong></p>
<p style="text-align: justify;">एनआईए ने अपनी जांच में पाया था कि जसप्रीत सिंह उर्फ जैज लखबीर सिंह का ग्राउंड ऑपरेटिव था. जसप्रीत पर आरोप है कि वो लखबीर सिंह के ड्रग्स स्मगलिंग और एक्सटॉर्शन रैकेट को संभाले हुए था. एनआईए की जांच में सामने आया कि बलजीत सिंह लोकल तरीके से हथियारों की मैन्युफैक्चरिंग कर रहा था और उन्हें सोशल मीडिया के जरिए लखबीर सिंह उर्फ लांडा के गैंग ऑपरेटिव तक पहुंचा रहा था.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>एनआईए ने आर्म्स समेत ये दस्तावेद बरामद किए</strong></p>
<p style="text-align: justify;">बलजीत ही हथियार सप्लायर था, जो देश के अलग-अलग कोनों तक आतंकियों तक आर्म्स एम्युनिशन पहुंच रहा था. जांच के दौरान एनआईए ने इनके पास से भारी मात्रा में आर्म्स एमूनेशन, ड्रग्स, ड्रग्स से हासिल पैसा, डिजिटल डिवाइस और कई दस्तावेज बरामद किए थे. बलजीत सिंह मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले का रहने वाला है. उसे 18 जुलाई 2024 को पंजाब से गिरफ्तार किया गया.</p>
<p style="text-align: justify;">गृह मंत्रालय ने कनाडा स्थित 33 वर्षीय गैंगस्टर लखबीर सिंह लांडा को कड़े आतंकवाद विरोधी कानून यूएपीए के तहत आतंकवादी घोषित किया है. गृह मंत्रालय के अनुसार वह आतंकवादी गतिविधियों के अलावा 2021 में मोहाली में पंजाब पुलिस खुफिया मुख्यालय पर रॉकेट हमले में शामिल था. लखबीर सिंह उर्फ लांडा 2017 में कनाडा भाग गया था. गृह मंत्रालय ने उसकी पहचान कुख्यात खालिस्तानी ग्रुप बीकेआई के सदस्य के रूप में की है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें : <a href="https://www.abplive.com/news/india/one-nation-one-election-process-to-form-jpc-kiren-rijiju-seek-names-from-all-parties-for-committee-members-2844749">वन नेशन वन इलेक्शन पर JPC बनाने की प्रक्रिया शुरू, कमेटी सदस्यों के लिए सभी पार्टियों से मांगे गए नाम</a></strong></p>
Subscribe to:
Comments (Atom)
तेलंगाना को मिला नया राज्यपाल, बीजेपी के वरिष्ठ नेता शिव प्रताप शुक्ल को दी गई जिम्मेदारी
<p style="text-align: justify;">तेलंगाना में राज्यपाल पद को लेकर अहम प्रशासनिक बदलाव किया गया है. केंद्र सरकार ने बीजेपी के ...
-
<p style="text-align: justify;"><strong>Air Chief Marshal AP Singh:</strong> एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने वा...
-
<p style="text-align: justify;">अहमदाबाद में 12 जून को हुए एयर इंडिया की उड़ान AI-171 के विमान हादसे को लेकर विमान दुर्घटना ...
-
<p style="text-align: justify;">सहारा समूह के प्रमुख सुब्रत रॉय का मंगलवार (14 नवंबर) को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया. व...