Thursday, August 15, 2024

मस्जिद के ट्रस्टी बन कर दिया वक्फ की 83 प्रॉपर्टियों का सौदा! सामने आया करोड़ों रुपये का घोटाला, अब होगा केस दर्ज

<p class="abp-article-slug" style="text-align: justify;"><strong>Waqf Amendment Bill: </strong>वक्फ बोर्ड बिल संशोधन का मामला जब से सुर्खियों में आया है, तब से वक्फ बोर्ड से जुड़े कई विवादित मामले सामने आ रहे हैं. जिसके बाद से ही वक्फ बोर्ड चर्चा में आ गया है. ऐसा ही एक मामला महाराष्ट्र की आर्थिक राजधानी मुंबई की मशहूर मिनारा मस्जिद से सामने आया है. जहां महाराष्ट्र वक्फ बोर्ड ने अपनी जांच में मिनारा मस्जिद के ट्रस्टियों को दोषी पाया है. इसके अलावा उन सभी के खिलाफ केस दर्ज करने का आदेश दिया है.</p> <p class="abp-article-slug" style="text-align: justify;">इन सभी लोगों पर आरोप है कि वो ट्रस्ट पर अवैध रूप से कब्जा करके बैठे हैं. इसके अलावा वक्फ की करीब 83 प्रॉपर्टी का दुरुपयोग और सौदा कर रहे हैं. दरअसल, वक्फ बोर्ड के निकाले गए आदेश के मुताबिक, मिनारा मस्जिद के ये ट्रस्टी न तो चैरिटी कमिश्नर की तरफ से और न ही वक्फ बोर्ड की तरफ से नियुक्त किए गए हैं. इसके बावजूद वो मस्जिद ट्रस्ट से जुड़ी करोड़ों की प्रॉपर्टी का अवैध तरीके से सौदा कर रहे हैं. जिस पर सिर्फ वक्फ बोर्ड का अधिकार है.</p> <p class="abp-article-slug" style="text-align: justify;"><strong>वक्फ अधिनियम 1995 की धारा 52 का हुआ उल्लंघन</strong></p> <p class="abp-article-slug" style="text-align: justify;">इस मामले में वक्फ बोर्ड के सीईओ जुनैद सैयद ने अपने आदेश में कहा है कि इस मामले में वक्फ अधिनियम 1995 की धारा 52 का उल्लंघन किया गया है. ऐसे में वक्फ अधिनियम, 1995 की धारा 52-ए के उल्लंघन के लिए अब्दुल वहाब लतीफ, अफजल लतीफ, आसिफ मेमन और सुलेमान उस्मान के खिलाफ मामला दर्ज किया जाए.</p> <p class="abp-article-slug" style="text-align: justify;"><strong>ट्रस्टी बनकर बेची वक्फ बोर्ड की करोड़ों की संपत्ति</strong></p> <p class="abp-article-slug" style="text-align: justify;">सीईओ जुनैद सैयद ने आगे कहा कि इन्हें वक्फ की तरफ से ट्रस्टी नहीं नियुक्त किया गया और न ही चैरिटी कमिश्नर ने इन्हें मस्जिद का ट्रस्टी नियुक्त किया है. उसके बावजूद इन्होंने मिनारा मस्जिद ट्रस्ट से जुड़ी प्रॉपर्टी का सौदा किया है. जिसमें करोड़ों रुपयों का घोटाला हुआ है.</p> <p class="abp-article-slug" style="text-align: justify;"><strong>जानिए </strong><strong>क्या है वक्फ बोर्ड?&nbsp;&nbsp;</strong></p> <p class="abp-article-slug" style="text-align: justify;">वक्फ अरबी भाषा का शब्द है, जिसका मतलब होता है खुदा के नाम पर अर्पित वस्तु या लोकोपकारार्थ दिया गया धन. इसके दायरे में चल और अचल दोनों तरह की संपत्तियां आती हैं. कोई भी मुस्लिम व्यक्ति पैसा, जमीन, मकान या कोई और कीमती चीज वक्फ को दान कर सकता है. इन संपत्तियों के रख-रखाव और उसके देखरेख के लिए स्थानीय स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक वक्फ बॉडीज होती हैं.</p> <p style="text-align: justify;">जानकारों के मुताबिक, वक्फ बोर्ड को जो संपत्ति दान में मिलती है, उसका मकसद गरीब और जरूरतमंदों की मदद, उनकी पढ़ाई-लिखाई की व्यवस्था, मस्जिदों का निर्माण, मरम्मत या रख-रखाव जैसे कामों के लिए किया जाता है. वक्फ एसेट्स मैनेजमेंट सिस्टम ऑफ इंडिया के मुताबिक देश में कुल 30 वक्फ बोर्ड हैं. इनमें से ज्यादातर के मुख्यालय दिल्ली में है.&nbsp;&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें: </strong><strong><a title="केजरीवाल की जमानत... कहना अच्छा तो नहीं लगता पर', अभिषेक मनु सिंघवी ने दी ये दलील और सुप्रीम कोर्ट ने टाल दी सुनवाई" href="https://www.abplive.com/news/india/arvind-kejriwal-bail-supreme-court-not-granted-interim-bail-abhishek-manu-singhvi-argument-2761478" target="_self">'केजरीवाल की जमानत... कहना अच्छा तो नहीं लगता पर', अभिषेक मनु सिंघवी ने दी ये दलील और सुप्रीम कोर्ट ने टाल दी सुनवाई</a>&nbsp;</strong></p>

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