Thursday, February 29, 2024
लोकसभा चुनाव के लिए बीजेपी उम्मीदवारों की पहली लिस्ट आज हो सकती है जारी, देर रात तक चली CEC की बैठक
<p style="text-align: justify;"><strong>BJP CEC Meet: </strong>लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर उम्मीदवारों की पहली सूची को अंतिम रूप देने के लिए बीजेपी की केंद्रीय चुनाव समिति (CEC) की बैठक गुरुवार (29 फरवरी) को दिल्ली स्थित पार्टी मु्ख्यालय में देर रात तक चली. बीजेपी के अध्यक्ष जेपी नड्डा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में प्रधानमंत्री <a title="नरेंद्र मोदी" href="https://www.abplive.com/topic/narendra-modi" data-type="interlinkingkeywords">नरेंद्र मोदी</a> भी पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ शामिल रहे. देर रात तक चली बैठक में उम्मीदवारों के नामों पर मंथन चला.</p>
<p style="text-align: justify;">न्यूज एजेंसी आईएएनएस के मुताबिक, सूत्रों ने बताया कि शुक्रवार को <a title="लोकसभा चुनाव" href="https://www.abplive.com/topic/lok-sabha-election-2024" data-type="interlinkingkeywords">लोकसभा चुनाव</a> के लिए बीजेपी उम्मीदवारों की पहली सूची जारी हो सकती है.</p>
'रमजान से पहले मस्जिदों में भेजें चावल', IUML ने एमके स्टालिन सरकार से किया आग्रह
<p style="text-align: justify;"><strong>IUML On Ramzan: </strong>इंडियन मुस्लिम यूनियन लीग (आईयूएमएल) के राष्ट्रीय अध्यक्ष केएम कादर मोहिदीन की ओर से तम‍िलनाडु सरकार से मस्जिदों में रमजान के दौरान हर रोज परोसे जाने वाले गर्म दलिया नुमा व्यंजन 'नॉनबू कांजी' बनाने को चावल जारी करने की मंजूरी देने का आग्रह किया है. संगठन का कहना है क‍ि इस कदम से इस्लामी माह के उपवास की तैयार‍ियों में बड़ी मदद म‍िल सकेगी. </p>
<p style="text-align: justify;">मोहिदीन ने गुरुवार को एक बयान में कहा, "हर साल, राज्य सरकार की ओर से मस्जिदों को चावल वितरित क‍िया जाता है. रमजान के दौरान उपवास ('इफ्तार') तोड़ने के लिए मस्‍ज‍िद कॉम्प्‍लेक्‍स में रोजदारों के ल‍िए 'कांजी' तैयार की जाती है. हालांकि, वर्तमान समय (2024) में इसको लेकर अभी को कोई सूचना नहीं म‍िली है, जबकि रमजान का पाक महीना जल्द ही शुरू होने जा रहा है. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>मार्च की शुरुआत में माह-ए-रमजान पड़ने की संभावना</strong></p>
<p style="text-align: justify;">आईयूएमएल के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहिदीन ने तम‍िलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्‍टाल‍िन और खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री आर सक्करापानी से इस मामले में तेजी लाने का आग्रह किया है. रमजान का ऐलान नए चांद के दीदार होने के साथ ही हो जाता है. इस साल मार्च की शुरुआत में इसके पड़ने की संभावना है. </p>
<p><strong>इस्लाम धर्म के लोगों के लिए पवित्र और खास महीना रमजान</strong></p>
<p>मुस्लिम समुदाय के बीच रमजान माह को लेकर ऐसी मान्यता है कि इसी पाक महीने में मोहम्मद साहब को इस्लाम धर्म की पवित्र धार्मिक किताब कुरान शरीफ का ज्ञान प्राप्त हुआ था. रमजान इस्लाम धर्म के लोगों के लिए पवित्र और खास महीना होता है, जोकि इस्लामिक कैलेंडर का 9वां महीना है.</p>
<p>रमजान के पाक महीने में मुस्लिम समुदाय के लोग पूरे एक महीने तक सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक रोजा (उपवास) रखते हैं और अल्लाह की इबादत करते हैं. साथ ही माह-ए-रमजान के इस पाक महीने में लोग धर्म-कर्म यानी जकात से जुड़ा काम भी करते हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें: <a title="राज्यसभा में NDA के पास अब बहुमत से सिर्फ तीन सीटें कम, जानें क्यों है ये बीजेपी के लिए अहम?" href="https://www.abplive.com/news/india/nda-now-has-only-three-seats-less-than-majority-in-rajya-sabha-know-why-this-is-important-for-bjp-2626622" target="_self">राज्यसभा में NDA के पास अब बहुमत से सिर्फ तीन सीटें कम, जानें क्यों है ये बीजेपी के लिए अहम?</a></strong></p>
रूसी सेना में 'फंसे' भारतीयों को लेकर क्या है भारत सरकार का रुख? विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने दी ये जानकारी
<p style="text-align: justify;"><strong>Russia-Ukraine War:</strong> भारत ने गुरुवार (29 फरवरी) को कहा कि सरकार रूसी सेना में सहायता कर्मी के रूप में काम कर रहे करीब 20 भारतीयों कों ‘जल्द से जल्द सुरक्षित वापस’ लाने की पूरी कोशिश कर रही है.</p>
<p style="text-align: justify;">विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने अपनी साप्ताहिक प्रेस वार्ता में कहा, ”हम ऐसा मान रहे हैं कि लगभग 20 लोग (भारतीय) रूसी सेना में सहायक कर्मचारी या सहायक के रूप में काम करने गए हैं.”</p>
<p style="text-align: justify;">उन्होंने कहा, ”हम उन्हें जल्द से जल्द सुरक्षित वापस लाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं.” जयसवाल ने कहा कि 20 लोगों ने मॉस्को में भारतीय दूतावास से संपर्क किया है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>क्या भारतीयों को लड़ने के लिए किया गया मजबूर?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">मीडिया की खबरों के मुताबिक, रूसी सेना में सुरक्षा सहायक के रूप में भर्ती किए गए कई भारतीयों को यूक्रेन से सटी रूस की सीमा के कुछ क्षेत्रों में रूसी सैनिकों के साथ मिलकर लड़ने के लिए भी मजबूर किया गया है.</p>
<p style="text-align: justify;">जयसवाल ने कहा, ''हम उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने की पूरी कोशिश कर रहे हैं.'' उन्होंने कहा, ''वे (भारतीय नागरिक) विभिन्न स्थानों पर हैं और हमारा दूतावास रूसी अधिकारियों के संपर्क में है.'' जयसवाल ने कहा कि भारतीयों की वापसी सुनिश्चित करने के लिए सरकार नई दिल्ली और मॉस्को दोनों जगहों पर रूसी अधिकारियों के साथ नियमित संपर्क में है.</p>
<p style="text-align: justify;">'<strong>युद्ध क्षेत्र में न जाएं भारतीय'</strong></p>
<p style="text-align: justify;">जायसवाल कहा, ''हमने वहां फंसे लोगों से कहा है कि वे युद्ध क्षेत्र में न जाएं या फिर कठिन परिस्थितियों में न फंसें. हम अपने सभी लोगों की भलाई के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं.'' विदेश मंत्रालय ने सोमवार को कहा था कि रूसी सेना में सहायक कर्मचारी के रूप में काम करने वाले कई भारतीयों को भारत सरकार की मांग के बाद कार्य से मुक्त कर दिया गया था.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a title="Uttarakhand News: बसपा विधायक का धामी सरकार पर बड़ा आरोप, कहा- 'उत्तराखंड में सरकारी धन का हुआ दुरुपयोग'" href="https://www.abplive.com/states/up-uk/bsp-mla-mohammad-shahzad-on-bharadisain-assembly-building-minister-saurabh-bahuguna-replied-ann-2626661" target="_self">Uttarakhand News: बसपा विधायक का धामी सरकार पर बड़ा आरोप, कहा- 'उत्तराखंड में सरकारी धन का हुआ दुरुपयोग'</a></strong></p>
हटाई जाएगी ये मशहूर मस्जिद, सुप्रीम कोर्ट ने ढहाने के फैसले को रखा बरकरार
<p><strong>Supreme Court Verdict On Mosque:</strong> चेन्नई के कोयम्बेडु में एक मस्जिद को गिराए जाने के फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखा है. शीर्ष अदालत ने माना है कि मस्जिद को सार्वजनिक जमीन पर अवैध तरीके से बनाया गया.</p>
<p>सुप्रीम कोर्ट ने 26 फरवरी उस फैसले को बरकरार रखा, जिसमें हाई कोर्ट की ओर से अवैध संरचना को ध्वस्त करने का निर्देश दिया गया था. सुप्रीम कोर्ट ने इस कार्य के लिए कुछ दिनों की मोहलत भी दी है. </p>
<p>जस्टिस सूर्यकांत और केवी विश्वनाथन की बेंच ने मस्जिद के निर्माण को अवैध मानते हुए उस जमीन पर संरचनाओं को हटाने के लिए 31 मई तक का समय दिया.</p>
<p><strong>क्या है मामला?</strong></p>
<p>शीर्ष अदालत ने पाया कि 9 दिसंबर 2020 को चेन्नई मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी की ओर से नोटिस दिए जाने के बावजूद सार्वजनिक भूमि पर मस्जिद का निर्माण पूरी तरह से गैरकानूनी तरीके से किया गया था.</p>
<p>सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता को जमीन पर कब्जा करने का कोई अधिकार नहीं है, भले ही इसका असली मालिक सरकार इसका उपयोग कर रही हो या नहीं. अदालत ने मौखिक तौर पर टिप्पणी की कि चाहे मंदिर हो या मस्जिद, अनाधिकृत निर्माण की इजाजत नहीं दी जा सकती.</p>
<p>सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला पिछले साल नवंबर के मद्रास हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली हाईडा मुस्लिम वेलफेयर ट्रस्ट (Hydha Muslim Welfare Trust) की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान आया. मद्रास हाई कोर्ट ने सार्वजनिक भूमि से मस्जिद हटाने का निर्देश दिया था.</p>
<p><strong>याचिकाकर्ता ट्रस्ट एक अनधिकृत कब्जाधारी है- कोर्ट</strong></p>
<p>अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता ट्रस्ट संबंधित संपत्ति का मालिक नहीं है. इसके अलावा जमीन सभी बाधाओं से मुक्त होकर चेन्नई महानगर विकास प्राधिकरण में निहित है. नतीजतन, कोर्ट ने निष्कर्ष निकाला कि याचिकाकर्ता ट्रस्ट एक अनधिकृत कब्जाधारी है और उसने कभी भी स्वीकृत भवन योजनाओं के लिए आवेदन नहीं किया था.</p>
<p>बेंच ने सुनवाई के दौरान यह भी कहा कि अदालत ने पहले भी आदेश जारी कर राज्यों को सार्वजनिक जमीन पर, विशेषकर धार्मिक संरचनाओं के रूप में अनधिकृत निर्माण को रोकने का निर्देश दिया था.</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें- <a title="राज्यसभा में NDA के पास अब बहुमत से सिर्फ तीन सीटें कम, जानें क्यों है ये बीजेपी के लिए अहम?" href="https://www.abplive.com/news/india/nda-now-has-only-three-seats-less-than-majority-in-rajya-sabha-know-why-this-is-important-for-bjp-2626622" target="_blank" rel="noopener">राज्यसभा में NDA के पास अब बहुमत से सिर्फ तीन सीटें कम, जानें क्यों है ये बीजेपी के लिए अहम?</a></strong></p>
Wednesday, February 28, 2024
हिमाचल प्रदेश से पहले और कहां-कहां चलाया गया BJP का ऑपरेशन लोटस? जानिए कितना रहा असरदार
<p style="text-align: justify;"><strong>Himachal Pradesh Political Crisis:</strong> हिमाचल प्रदेश में राजनीतिक संकट की चर्चा जोरों पर है. बीजेपी के उम्मीदवार हर्ष महाजन ने कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी को हराकर राज्य की एकमात्र राज्यसभा सीट पर जीत दर्ज कर ली. </p>
<p style="text-align: justify;">दोनों नेताओं को 34-34 वोट मिले और मुकाबला बराबरी पर रहा, लेकिन उसके बाद महाजन को ड्रॉ के जरिए विजेता घोषित कर दिया गया. यह कांग्रेस के लिए बड़ा झटका है जिसके पास 68 सदस्यीय विधानसभा में 40 विधायक हैं. राज्य में बीजेपी के 25 विधायक हैं और तीन विधायक निर्दलीय हैं. राज्यसभा के चुनाव में बीजेपी के हर्ष महाजन के लिए कांग्रेस के छह विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की थी. </p>
<p style="text-align: justify;">इसके बाद से नेता प्रतिपक्ष और पूर्व सीएम जयराम ठाकुर ने दावा किया कि हिमाचल प्रदेश सरकार अल्पमत में है. वहीं, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बुधवार को दावा किया कि वह पूरे पांच साल तक सरकार चलाएंगे. इस बीच बीजेपी के कथित ऑपरेशन लोटस की चर्चा भी होने लगी है. आइये जानते हैं कि कथित तौर पर पिछले कुछ वर्षों में कहां-कहां ऑपरेशन लोटस को अंजाम दिया गया. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे ने की बगावत</strong><br />एकनाथ शिंदे ने जून 2022 में 39 अन्य विधायकों के साथ उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना के खिलाफ विद्रोह कर दिया था. इस कारण पार्टी में विभाजन हो गया. ऐसे में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र की महा विकास अघाड़ी (एमवीए) सरकार गिर गई थी, जिसमें कांग्रेस, अविभाजित शिवसेना और अविभाजित राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी शामिल थी. </p>
<p style="text-align: justify;">इसी के साथ <a title="एकनाथ शिंदे" href="https://www.abplive.com/topic/eknath-shinde" data-type="interlinkingkeywords">एकनाथ शिंदे</a> बीजेपी के साथ मिल गए और महाराष्ट्र के नए मुख्यमंत्री बन गए. इसको लेकर विपक्षी दलों ने कहा था कि डराकर और विधायकों की खरीद-फरोख्त करके सरकार गिराई गई. </p>
<p style="text-align: justify;">दरअसल, अविभाजित शिवसेना और बीजेपी ने 2019 में महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव साथ मिलकर लड़ा था, लेकिन परिणाम के बाद मुख्यमंत्री के पद को लेकर दोनों दल आमने-सामने आ गए. इसके बाद उद्धव ठाकरे ने शरद पवार की एनसीपी और कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार बना ली थी और खुद सीएम बन गए थे. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार गिरी</strong><br />ज्योतिरादित्य सिंधिया मार्च 2020 में बीजेपी में शामिल हो गए थे. उनके 20 से ज्यादा समर्थक विधायकों ने भी पार्टी छोड़ दी थी और मध्य प्रदेश में कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस की सरकार गिर गई थी. ज्योतिरादित्य सिंधिया को फिर केंद्र सरकार में मंत्री बनाया गया. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>कर्नाटक में जेडीएस-कांग्रेस की सरकार गिरी</strong><br />2018 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव में किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिला था लेकिन बीजेपी सबसे बड़ा दल बनकर उभरी थी. बीजेपी को 104 सीटें मिली थी और बहुमत का आंकड़ा 113 था. हालांकि बीएस येदियुरप्पा ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी लेकिन बहुमत साबित करने में असफल रहने उन्हें 6 दिन में पद से इस्तीफा देना पड़ गया था.</p>
<p style="text-align: justify;">फिर पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा की जनता दल सेक्युलर (JDS) और कांग्रेस ने गठबंधन कर सरकार बना ली थी और एचडी कुमारस्वामी मुख्यमंत्री बने थे. इस सत्तारूढ़ गठबंधन को उस समय झटका लगा जब 17 विधायकों ने पाला बदल लिया और बीजेपी में शामिल हो गए. इससे जेडीएस और कांग्रेस की वह सरकार 14 महीने बाद गिर गई थी.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>2016 में अरुणाचल प्रदेश में जब बनी बीजेपी की सरकार</strong><br />2016 में अरुणाचल प्रदेश में कांग्रेस की पूर्ण बहुमत से सरकार बनी थी लेकिन अंदरखाने विवाद के चलते तब सीएम पेमा खांडू समेत 43 विधायकों ने बीजेपी साथ गठबंधन में पीपुल्स पार्टी ऑफ अरुणाचल (PPA) में शामिल होने के लिए पार्टी छोड़ दी थी. </p>
<p style="text-align: justify;">दिसंबर 2016 को पेमा खांडू को पार्टी अध्यक्ष काहफा बेंगिया ने पार्टी से निलंबित कर दिया और तकम पारियो को अगले संभावित मुख्यमंत्री के रूप में नामित किया गया था. हालांकि पेमा खांडू ने पीपुल्स पार्टी ऑफ अरुणाचल के 43 विधायकों में से 33 के बीजेपी में शामिल होने के साथ सदन में बहुमत साबित कर दिया था.</p>
<p style="text-align: justify;">पार्टी के ज्यादातर विधायकों के समर्थन के चलते खांडू ने पीपीए का विलय बीजेपी में कर दिया था. इससे 60 सदस्यीय विधानसभा में बीजेपी को 47 विधायकों का समर्थन प्राप्त हो गया था. बीजेपी के अपने 12 विधायक थे और दो निर्दलीय विधायकों का समर्थन उसे हासिल था.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें- <a title="BJP, ED, CBI और IT पर कुछ दिन पहले इंटरव्यू में क्या बोले थे विक्रमादित्‍य सिंह?" href="https://www.abplive.com/news/india/vikramaditya-singh-old-statement-on-bjp-ed-cbi-income-tax-amid-himachal-pradesh-political-crisis-know-details-2625610" target="_self">BJP, ED, CBI और IT पर कुछ दिन पहले इंटरव्यू में क्या बोले थे विक्रमादित्‍य सिंह?</a></strong></p>
PM मोदी ने जिस हाइड्रोजन से चलने वाली पहली नौका का किया उद्घाटन, उसमें क्या है खास? जानिए
<p style="text-align: justify;"><strong>PM Modi Launches India First Hydrogen-powered Ferry:</strong> प्रधानमंत्री <a title="नरेंद्र मोदी" href="https://www.abplive.com/topic/narendra-modi" data-type="interlinkingkeywords">नरेंद्र मोदी</a> ने हरित हाइड्रोजन से चलने वाली देश की पहली स्वदेशी रूप से विकसित और निर्मित नौका का बुधवार (28 फरवरी) को उद्घाटन किया. हरित हाइड्रोजन से चलने वाली यह नौका शून्य कार्बन उत्सर्जन करती है और शोर किए बगैर चलती है. इसकी शुरुआत से वैश्विक तापवृद्धि का असर कम करने में मदद मिलेगी. </p>
<p style="text-align: justify;">प्रधानमंत्री मोदी ने तमिलनाडु के थूथुकुडी से ऑनलाइन माध्यम से इस हाइड्रोजन-चालित नौका का उद्धाटन किया. इस अवसर पर कोचीन शिपयार्ड के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक मधु एस नायर भी मौजूद रहे. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>भारत का 2070 तक शून्य कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य </strong></p>
<p style="text-align: justify;">इस नौका का विकास करने वाले कोचीन शिपयार्ड ने कहा कि समुद्री ईंधन के रूप में हरित हाइड्रोजन का इस्तेमाल एक टिकाऊ भविष्य के लिए भारत की प्रतिबद्धता में सबसे अहम है. भारत ने वर्ष 2070 तक शुद्ध रूप से शून्य कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य रखा है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>'ईंधन सेल से चलने वाली यह नौका उत्सर्जन और शोर से रहित' </strong></p>
<p style="text-align: justify;">कोचीन शिपयार्ड ने एक बयान में कहा कि हरित नौका पहल के तहत विकसित यह अंतर्देशीय जलमार्ग जहाज समुद्री क्षेत्र में प्रौद्योगिकी का प्रदर्शन करने की पायलट परियोजना है. सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम ने कहा, 'ईंधन सेल से चलने वाली यह नौका उत्सर्जन और शोर से रहित है. यह ऊर्जा सक्षम होने से वैश्विक तापवृद्धि के प्रभाव को कम करता है. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>'राजनीतिक विचारधारा से नहींं बल्कि विकास के लिए कर रहा हूं ये सब' </strong></p>
<p style="text-align: justify;">भारत के पहले स्वदेशी हरित हाइड्रोजन जलमार्ग पोत को हरी झंडी दिखाते हुए पीएम मोदी ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार के लगातार प्रयासों के कारण परिवहन बढ़ने से तमिलनाडु में 'जीवन में सुगमता' आई है. मोदी ने कहा कि नयी परियोजनाएं विकसित भारत की रूपरेखा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं. उन्होंने कहा, ''मैं जो कुछ कह रहा हूं वह किसी राजनीतिक विचारधारा या अपनी विचारधारा के मुताबिक नहीं बल्कि विकास के लिए है.'' </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें:</strong> <a title="NCB ने बीच संमुद्र में पकड़ी 1300 करोड़ की ड्रग्स, पाकिस्तान से जुड़े तार!" href="https://www.abplive.com/news/india/indian-navy-ncb-joint-operation-sagar-manthan-seized-3300-kg-drugs-from-suspicious-ship-off-gujarat-coast-2625707" target="_self">NCB ने बीच संमुद्र में पकड़ी 1300 करोड़ की ड्रग्स, पाकिस्तान से जुड़े तार!</a></p>
Tuesday, February 27, 2024
49 रुपये में मिला चार दर्जन अंडे खरीदने का ऑफर, महिला ने किया ऑनलाइन पेमेंट तो आ गया 48 हजार के भुगतान का मैसेज
<p style="text-align: justify;"><strong>Bengaluru Cyber Crime: </strong>कर्नाटक के बेंगलुरु में एक महिला अंडे खरीदने को लेकर साइबर अपराधियों की धोखाधड़ी का शिकार हो गई. उसे बहुत कम दाम में अंडे खरीदने का ऑफर एक ईमेल के जरिए मिला था.</p>
<p style="text-align: justify;">मात्र 49 रुपये में चार दर्जन अंडे खरीदने के ऑफर पर महिला ने अपने क्रेडिट कार्ड से ऑनलाइन पेमेंट किया तो 48 हजार रुपये से ज्यादा के भुगतान का मैसेज उसे मिला. मामले में पुलिस छानबीन कर रही है.</p>
<p style="text-align: justify;">टीओआई की रिपोर्ट के मुताबिक, बेंगलुरु की वसंतनगर निवासी 38 वर्षीय महिला ने हाई ग्राउंड्स पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है. पुलिस में दर्ज शिकायत में महिला ने बताया है कि उसे 17 फरवरी को एक ईमेल विज्ञापन मिला था, जिसमें दावा किया गया था कि एक मशहूर कंपनी बेहद कम दाम में अंडे बेच रही है. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>99 रुपये में आठ दर्जन अंडे का भी था ऑफर</strong></p>
<p style="text-align: justify;">महिला ने बताया कि विज्ञापन में एक शॉपिंग लिंक दिया गया था. उस पर क्लिक करने पर एक पेज खुला, जिसमें मुर्गियों और अंडों को एकत्र करने और डिलीवर करने संबंधी जानकारी थी. नीचे स्क्रॉल करने पर कई ऑफर दिखे, जिनमें बिना किसी डिलीवरी चार्ज के 99 रुपये में आठ दर्जन अंडे देने का दावा भी किया गया था.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>महिला ने पुलिस शिकायत में क्या कुछ बताया?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">महिला ने बताया, ''मैंने 49 रुपये में चार दर्जन अंडे खरीदने का फैसला किया. जब मैं ऑर्डर देने के लिए आगे बढ़ी तो कॉन्टेक्ट इन्फॉर्मेशन पेज खुल गया. मैंने डिटेल डाली और ऑर्डर देने के लिए उस पर क्लिक किया. अगला पेज खुला, जिसमें केवल क्रेडिट कार्ड के माध्यम से भुगतान करने का विकल्प था.''</p>
<p style="text-align: justify;">महिला ने बताया, ''मैंने एक्सपायरी डेट और सीवीवी नंबर सहित अपने क्रेडिट कार्ड की डिटेल दर्ज की और भुगतान के लिए क्लिक किया तो मुझे अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी प्राप्त हुआ. ओटीपी दर्ज करने से पहले मेरे क्रेडिट कार्ड अकाउंट से कुल 48,199 रुपये डेबिट हो गए और 'शाइन मोबाइल एचयू' नाम के खाते में ट्रांसफर हो गए.''</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>बैंक से आई थी क्रॉस-वेरिफिकेशन कॉल</strong></p>
<p style="text-align: justify;">महिला ने बताया कि जल्द ही उसके बैंक क्रेडिट कार्ड सेक्शन से यह पुष्टि करने के लिए कॉल आई कि क्या उसने भुगतान कर दिया है. महिला ने बताया, ''मैंने उन्हें धोखाधड़ी के बारे में बताया और उन्होंने मेरा खाता ब्लॉक कर दिया. मैंने साइबर अपराध हेल्पलाइन (1930) पर कॉल किया. उन्होंने मुझे पास के थाने में शिकायत दर्ज कराने का निर्देश दिया.''</p>
<p style="text-align: justify;">एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि अगर महिला को क्रॉस-वेरिफिकेशन के लिए बैंक से कॉल नहीं मिली होती तो बदमाश और रुपये उड़ा सकते थे. आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज करके आगे की कार्रवाई की जा रही है. जालसाजों के खाते से रुपये जब्त करने के उपाय किए गए हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें- <a title="ED किसी भी व्यक्ति को कर सकती है तलब, समन का सम्मान करना और जवाब देना आवश्यक: सुप्रीम कोर्ट" href="https://www.abplive.com/news/india/sc-says-ed-can-summon-any-person-it-seems-necessary-under-section-50-of-pmla-2624869" target="_blank" rel="noopener">ED किसी भी व्यक्ति को कर सकती है तलब, समन का सम्मान करना और जवाब देना आवश्यक: सुप्रीम कोर्ट</a></strong></p>
'पीएम मोदी की स्कूबा डाइविंग ने द्वारका को वर्ल्ड मैप पर ला दिया', विधानसभा में बोले गुजरात सरकार के मंत्री
<p style="text-align: justify;"><strong>Harsh Sanghavi On PM Modi: </strong>गुजरात सरकार में मंत्री हर्ष सांघवी ने मंगलवार (27 फरवरी) को विधानसभा में कहा कि प्रधानमंत्री <a title="नरेंद्र मोदी" href="https://www.abplive.com/topic/narendra-modi" data-type="interlinkingkeywords">नरेंद्र मोदी</a> की स्कूबा डाइविंग ने द्वारका को विश्व मानचित्र (World Map) पर ला दिया है.</p>
<p style="text-align: justify;">उन्होंने कहा कि द्वारका गूगल पर सबसे ज्यादा सर्च किया जाने वाला शब्द बन गया क्योंकि एडवेंचर, धर्म और संस्कृति में रुचि रखने वाले लोग इस जगह के बारे में जानने के लिए उत्सुक हैं.</p>
<p style="text-align: justify;">पीएम मोदी ने 25 फरवरी को द्वारका के पास पंचकुई समुद्र तट पर स्कूबा डाइविंग की थी. उन्होंने कहा था कि जलमग्न द्वारका शहर में प्रार्थना करना एक बहुत ही दिव्य अनुभव था.</p>
<p style="text-align: justify;">स्कूबा डाइविंग द्वारका के तट पर कराई जाती है, जहां लोग पानी के अंदर भगवान कृष्ण से जुड़े प्राचीन नगर के अवशेष देख सकते हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>क्या कुछ बोले हर्ष सांघवी?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, हर्ष सांघवी ने कहा, ''प्रधानमंत्री की यात्रा के बाद द्वारका में होटल और पर्यटन उद्योग में तेजी आने वाली है क्योंकि दुनियाभर के लोग द्वारका के महत्व के बारे में जानने के लिए उत्सुक हैं. वे गूगल पर इस पवित्र शहर के बारे में जानकारी खोज रहे हैं.''</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>'आने वाले दिनों में 14,000 होम-स्टे कमरे भी कम पड़ जाएंगे'</strong></p>
<p style="text-align: justify;">खेल, युवा और सांस्कृतिक गतिविधियों और परिवहन विभाग को संभालने वाले हर्ष सांघवी ने कहा, ''होम-स्टे योजना के तहत द्वारका में उपलब्ध कमरों की संख्या मौजूदा 7,000 से बढ़ जाएगी. आने वाले दिनों में बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए 14,000 होम-स्टे कमरे भी कम पड़ जाएंगे.''</p>
<p style="text-align: justify;">मंत्री ने कहा कि पीएम मोदी की स्कूबा डाइविंग के कारण भारत के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ दुनिया के विभिन्न हिस्सों के लोगों ने जलमग्न द्वारका शहर और इसके सांस्कृतिक महत्व के बारे में जाना.</p>
<p style="text-align: justify;">उन्होंने कहा कि द्वारका में रियल एस्टेट सेक्टर में भी तेजी देखने को मिलेगी और उन्होंने स्थानीय निवासियों से अपील की कि वे अभी अपनी जमीन या घर न बेचें, बल्कि कीमतों में बढ़ोतरी का इंतजार करें.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>गुजरात के लोगों की ओर से PM Modi को धन्यवाद देता हूं- हर्ष सांघवी</strong></p>
<p style="text-align: justify;">मंत्री ने कहा, ''होटल मालिकों ने मुझे बताया कि होम-स्टे भी पूरे साल 90 से 100 प्रतिशत भरे रहेंगे. मैं गुजरात के लोगों की ओर से प्रधानमंत्री को धन्यवाद देता हूं.''</p>
<p style="text-align: justify;">स्कूबा डाइविंग करने से पहले पीएम मोदी ने गुजरात के देवभूमि द्वारका जिले में बेट द्वारका द्वीप को मुख्य भूमि ओखा से जोड़ने वाले देश के सबसे लंबे केबल-आधारित पुल 'सुदर्शन सेतु' का उद्घाटन किया था.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>'बेट द्वारका के लोगों को मिली वास्तविक आजादी'</strong></p>
<p style="text-align: justify;">हर्ष सांघवी ने पुल के उद्घाटन का जिक्र करते हुए कहा, ''प्रधानमंत्री ने आजादी के 75 साल बाद बेट द्वारका के लोगों को वास्तविक आजादी दी क्योंकि निवासी इन वर्षों में मुख्य भूमि तक पहुंचने के लिए नौका सेवा पर निर्भर थे.''</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>GSRTC के चार नए मार्गों की घोषणा</strong></p>
<p style="text-align: justify;">इस अवसर पर मंत्री सांघवी ने राज्य के विभिन्न हिस्सों से बेट द्वारका तक पहुंचने के लिए गुजरात राज्य सड़क परिवहन निगम (जीएसआरटीसी) के चार नए मार्गों की घोषणा की.</p>
<p style="text-align: justify;">उन्होंने द्वारका और बेट द्वारका के बीच सुबह 5 बजे से देर रात तक आने-जाने के लिए हर एक घंटे पर चलने वाली एक शटल बस सेवा शुरू करने की घोषणा भी की. हर्ष सांघवी ने कहा कि उनके विभाग ने राजस्व विभाग से बस डिपो बनाने के लिए बेट द्वारका में जमीन आवंटित करने का आग्रह किया है.</p>
<p style="text-align: justify;">(भाषा इनपुट के साथ)</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें- <a title="PM Modi Rally: 'इन्हें बस एक ही चिंता...', तमिलनाडु के तिरुपुर से DMK और I.N.D.I.A. गठबंधन पर बरसे पीएम मोदी, क्या कुछ कहा?" href="https://www.abplive.com/news/india/pm-modi-tiruppur-rally-in-tamil-nadu-slams-congress-over-different-issues-in-k-annamalai-en-mann-en-makkal-yatra-2624579" target="_blank" rel="noopener">PM Modi Rally: 'इन्हें बस एक ही चिंता...', तमिलनाडु के तिरुपुर से DMK और I.N.D.I.A. गठबंधन पर बरसे पीएम मोदी, क्या कुछ कहा?</a> </strong></p>
ED किसी भी व्यक्ति को कर सकती है तलब, समन का सम्मान करना और जवाब देना आवश्यक: सुप्रीम कोर्ट
<p style="text-align: justify;"><strong>Supreme Court News: </strong>सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (27 फरवरी) को कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत कार्यवाही के दौरान आवश्यक समझे जाने पर किसी भी व्यक्ति को तलब कर सकता है.</p>
<p style="text-align: justify;">बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि प्रथम दृष्टया पीएमएलए की धारा 50 के तहत तलब किए गए व्यक्ति को मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के दौरान प्रवर्तन निदेशालय से मिले समन का सम्मान करना और उसका जवाब देना जरूरी है. </p>
<p style="text-align: justify;">जस्टिस बेला एम त्रिवेदी और जस्टिस पंकज मिथल की बेंच ने इस बात पर जोर दिया कि ईडी की ओर से बुलाए जाने पर व्यक्ति को उपस्थित होना होगा और पीएमएलए के तहत कार्यवाही के अनुसार अगर जरूरी हुआ तो सबूत पेश करना होगा.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>सुप्रीम कोर्ट ने की ये टिप्पणी</strong></p>
<p style="text-align: justify;">कोर्ट ने पीएमएलए के प्रावधानों की जांच के बाद टिप्पणी की, जिसमें कहा, ''ऐसा देखा गया है कि ईडी किसी भी व्यक्ति को अधिनियम के तहत कार्यवाही के दौरान सबूत पेश करने या उपस्थिति देने के लिए आवश्यक समझे जाने पर तलब कर सकती है. जिन लोगों को समन जारी किया गया है, उन्हें ईडी के उक्त समन का सम्मान करना और उसका जवाब देना आवश्यक है.''</p>
<p style="text-align: justify;">पीएमएलए की धारा 50 के अनुसार, ईडी अधिकारियों के पास अधिनियम के तहत किसी भी जांच या कार्यवाही के दौरान साक्ष्य देने या कोई रिकॉर्ड पेश करने के लिए किसी भी व्यक्ति को समन भेजने की शक्ति है, जिसकी उपस्थिति वे आवश्यक मानते हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें- <a title="सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज ए एम खानविलकर लोकपाल के अध्यक्ष बने, सदस्यों की भी हुई नियुक्ति" href="https://www.abplive.com/news/india/new-lokpal-chief-supreme-court-ex-judge-am-khanwilkar-know-member-name-full-list-2624801" target="_blank" rel="noopener">सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज ए एम खानविलकर लोकपाल के अध्यक्ष बने, सदस्यों की भी हुई नियुक्ति</a></strong></p>
Monday, February 26, 2024
जानवरों से लगाव के पीछे सनातन है बड़ी वजह, श्रीकृष्ण का नाम लेकर अनंत अंबानी ने बताया कनेक्शन
<p style="text-align: justify;"><strong>Anant Ambani On Vantara Initiative:</strong> रिलायंस इंडस्ट्रीज और रिलायंस फाउंडेशन ने सोमवार (26 फरवरी) को पशु कल्याण से संबंधित पहल वनतारा को लॉन्च किया. यह रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के निदेशक अनंत अंबानी की पहल है, जो जानवरों के बचाव, उपचार, देखभाल और पुनर्वास के लिए समर्पित है. </p>
<p style="text-align: justify;">रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी के छोटे बेटे अनंत अंबानी ने जानवरों से लगाव के पीछे सनातन धर्म को बड़ी वजह बताया है. उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण और अन्य देवी-देवताओं का जिक्र करते हुए कहा कि सभी को जानवर प्रिय हैं और सबमें एक जान है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>जानवरों से लगाव को लेकर क्या बोले अनंत अंबानी?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">जानवरों से लगाव को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में अनंत अंबानी ने न्यूज 18 इंडिया से बात करते हुए कहा, ''सनातन (धर्म) ने मुझे बहुत प्रेरणा दी... जो भी है, भगवान के कारण हम सब हैं. श्रीकृष्ण कहते थे- हाथी घोड़ा पालकी जय कन्हैया लाल की और श्रीकृष्ण के सबसे प्यारे होते थे गाय, हाथी, घोड़ा. हमारे हर एक देवता या देवी, हर एक का वाहन जानवर होता था, हर एक का प्रिय भी जानवर है...''</p>
<p style="text-align: justify;">उन्होंने कहा, ''सनातन से मुझे ये सीख मिली है कि हर एक जान एक है, मनुष्य हो या पक्षी हो या एक जानवर हो या हाथी हो, कुछ भी, एक है और सेवा करने का मौका बहुत कम लोगों को मिलता है.''</p>
<p style="text-align: justify;">अनंत अंबानी ने कहा, ''मैं भगवान से बहुत धन्यवाद करता हूं और भगवान का बहुत आभारी हूं कि मुझे ऐसे जानवरों की सेवा करने का मौका दिया और यह मेरे लिए बहुत बड़ी खुशनसीब की बात है...''</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>3000 एकड़ में फैला है वनतारा</strong></p>
<p style="text-align: justify;">गुजरात में रिलायंस के जामनगर रिफाइनरी कॉम्प्लेक्स के ग्रीन बेल्ट के भीतर 3,000 एकड़ में फैले वनतारा का लक्ष्य विश्व स्तर पर संरक्षण प्रयासों में अग्रणी योगदानकर्ताओं में से एक बनना है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें- <a title="Reliance Foundation Vantara: रिलायंस फाउंडेशन ने देश को दिया वनतारा का तोहफा, अनंत अंबानी बोले- जानवरों के लिए बनेगा सहारा " href="https://www.abplive.com/business/reliance-foundation-vantara-is-launched-by-anant-ambani-it-is-going-to-be-a-milestone-in-animal-rescue-care-conservation-and-rehabilitation-2623742" target="_blank" rel="noopener">Reliance Foundation Vantara: रिलायंस फाउंडेशन ने देश को दिया वनतारा का तोहफा, अनंत अंबानी बोले- जानवरों के लिए बनेगा सहारा </a></strong></p>
चीनी नागरिकों के वीजा से जुड़े मामले में कार्ति चिदंबरम के खिलाफ ED ने दाखिल की चार्जशीट, जानें पूरा मामला
<p style="text-align: justify;"><strong>Chargesheet Against Karti Chidambaram:</strong> प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ एक नया आरोप पत्र दायर किया गया है. न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, अधिकारियों ने सोमवार (26 फरवरी) को बताया कि 2011 में कुछ चीनी नागरिकों को कथित तौर पर वीजा जारी करने से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी की ओर से कार्ति और कुछ अन्य के खिलाफ नई चार्जशीट दायर की गई है.</p>
<p style="text-align: justify;">जांच एजेंसी की ओर से 25 जनवरी को विशेष धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) अदालत के समक्ष अभियोजन की शिकायत दायर की गई थी, जिस पर कोर्ट ने अभी तक संज्ञान नहीं लिया है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>16 मार्च को अदालत करेगी सुनवाई</strong></p>
<p style="text-align: justify;">ईडी ने आरोपपत्र में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम के अलावा उनके करीबी सहयोगी एस भास्कररमन और कुछ अन्य लोगों के नाम शामिल किए हैं. सूत्रों ने बताया कि अदालत ने मामले को 16 मार्च को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है.</p>
<p style="text-align: justify;">कार्ति चिदंबरम तमिलनाडु की शिवगंगा सीट से लोकसभा सांसद हैं. एजेंसी ने इस मामले में कई बार उनका बयान दर्ज किया है. सांसद ने पहले कहा था कि उन्होंने इस मामले में एजेंसी को सभी दस्तावेज जमा कर दिए हैं. उन्होंने इस मामले को बेहद फर्जी करार दिया था और कहा था कि 250 तो क्या, एक भी चीनी नागरिक को वीजा प्रक्रिया में मदद नहीं की.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>क्या है मामला?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">ईडी की ओर से कार्ति चिदंबर पर यह मामला सीबीआई की एफआईआर पर आधारित है. सीबीआई की एएफआईआर के मुताबिक, यह जांच वेदांत समूह की कंपनी तलवंडी साबो पावर लिमिटेड (टीएसपीएल) के एक शीर्ष अधिकारी की ओर से कार्ति चिदंबरम और एस भास्कररमन को रिश्वत के रूप में 50 लाख रुपये दिए जाने के आरोपों से संबंधित है. कंपनी पंजाब में एक पावर प्लांट स्थापित कर रही थी.</p>
<p style="text-align: justify;">सीबीआई के मुताबिक, पावर प्रोजेक्ट स्थापित करने का काम एक चीनी कंपनी की ओर से किया जा रहा था और तय समय से पीछे चल रहा था. एएफआई के मुताबिक, टीएसपीएल के एक अधिकारी ने 263 चीनी श्रमिकों के लिए प्रोजेक्ट वीजा फिर से जारी करने की मांग की थी, जिसके लिए कथित तौर पर 50 लाख रुपये का लेन-देन किया गया था. आईएनएक्स मीडिया और एयरसेल-मैक्सिस मामलों की जांच के साथ कार्ति चिदंबरम के खिलाफ ईडी की यह तीसरी मनी लॉन्ड्रिंग जांच है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें- <a title="पाकिस्तान से पनपने वाले आतंकवाद पर क्या होगा भारत का रुख? जयशंकर ने दो शब्दों में दिया जवाब- 'उरी' और 'बालाकोट'" href="https://www.abplive.com/news/india/on-question-of-cross-border-terrorism-mea-minister-s-jaishankar-says-uri-and-balakot-sent-their-own-message-2623845" target="_blank" rel="noopener">पाकिस्तान से पनपने वाले आतंकवाद पर क्या होगा भारत का रुख? जयशंकर ने दो शब्दों में दिया जवाब- 'उरी' और 'बालाकोट'</a></strong></p>
असम हिंदू ग्रुप का मिशनरी स्कूलों के खिलाफ पोस्टर अभियान, जानिए क्या है मांग
<p style="text-align: justify;"><strong>Poster Campaign Against Missionary Schools:</strong> असम में एक कट्टरपंथी हिंदू संगठन ने एक पोस्टर अभियान शुरू किया है जिसके तहत मिशनरी स्कूलों से अपने परिसरों और चर्चों से ईसाई प्रतीकों को हटाने के साथ-साथ धार्मिक उद्देश्यों के लिए शिक्षण संस्थानों का उपयोग बंद करने के लिए कहा गया.</p>
<p style="text-align: justify;">द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक, सनमिलिटा सनातन समाज नामक संगठन ने गुवाहाटी, बारपेटा, जोरहाट और शिवसागर कस्बों में मिशनरी की ओर से संचालित शैक्षणिक संस्थानों की दीवारों पर पोस्टर चिपकाए. इससे पहले इसी तरह का आदेश एक दूसरे कट्टपंथी ग्रुप ने जारी किया था. इसके बाद ये पोस्टर सामने आए.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>जन आंदोलन चलाने की दी धमकी</strong></p>
<p style="text-align: justify;">इस ग्रुप ने धमकी दी कि अगर मिशनरी स्कूलों ने अपने परिसरों से चर्च या चैपल, ईसा मसीह और मदर मैरी की मूर्तियों और अन्य ईसाई प्रतीकों को नहीं हटाया तो एक जन आंदोलन शुरू किया जाएगा. इसके साथ ही इन स्कलों के प्रिंसिपल्स और टीचर्स से स्कूल में धार्मिक पोशाक पहनना बंद करने को भी कहा.</p>
<p style="text-align: justify;">असम की भाषा में इन पोस्टर्स पर लिखा, “स्कूल को एक धार्मिक संस्था के रूप में इस्तेमाल करना बंद करने की यह अंतिम चेतावनी है. भारत विरोधी और असंवैधानिक गतिविधियां बंद करें, वरना...” इस ग्रुप के एक सदस्य ने कहा, “हम ईसाइयों के खिलाफ नहीं हैं लेकिन हम धर्म परिवर्तन के उद्देश्य से धार्मिक प्रतीकों के इन उपयोग के खिलाफ हैं. मिशनरी स्कूल ईसाई धर्म के प्रचार पर ध्यान केंद्रित करते हैं, न कि भारत या भारतीय संस्कृति पर.”</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>असम क्रिश्चियन फोरम के सदस्यों ने प्रतिक्रिया देने से किया इनकार</strong></p>
<p style="text-align: justify;">वहीं, इस मामले पर असम क्रिश्चियन फोरम के सदस्यों ने इन पोस्टरों पर प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया, लेकिन कहा कि जहां पर कुछ मिशनरी स्कूलों को निशाना बनाया गया है वहां पर असम के पुलिस महानिदेशक और उन जिलों के पुलिस प्रमुखों से आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया गया है.</p>
<p style="text-align: justify;">एक सदस्य ने कहा, “हमारे संस्थानों ने हमेशा सभी धर्मों और संस्कृतियों के व्यक्तियों का सम्मान किया है और उन्हें समायोजित किया है, शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखा है. अगर धर्मांतरण हमारा लक्ष्य होता तो अब तक कम से कम आधा असम ईसाई हो गया होता.''</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a title="'जब तक जिंदा हूं, नहीं होने दूंगा छोटी बच्चियों की शादी', मुस्लिम मैरिज एक्ट पर बोले हिमंत बिस्व सरमा" href="https://www.abplive.com/news/india/assam-cm-himanta-biswa-sarma-attack-on-congress-muslim-marriage-and-divorce-act-says-i-will-not-allow-to-marry-child-girl-2623278" target="_self">'जब तक जिंदा हूं, नहीं होने दूंगा छोटी बच्चियों की शादी', मुस्लिम मैरिज एक्ट पर बोले हिमंत बिस्व सरमा</a></strong></p>
Sunday, February 25, 2024
पुलिस के पास था केवल एक सुराग, जानें कैसे हत्थे चढ़ा 22 साल से फरार आतंकी हनीफ शेख
<p style="text-align: justify;"><strong>SIMI Member Hanif Sheikh Arrested:</strong> दिल्ली पुलिस की विशेष शाखा ने प्रतिबंधित संगठन स्टुडेंट इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (SIMI) के एक 47 वर्षीय सदस्य हनीफ शेख को गिरफ्तार किया है, जो पिछले 22 वर्षों से फरार चल रहा था. पुलिस ने रविवार (25 फरवरी) को यह जानकारी दी. </p>
<p style="text-align: justify;">पुलिस के मुताबिक, हनीफ शेख को 2002 में भगोड़ा अपराधी घोषित किया गया था. उसे 22 फरवरी को महाराष्ट्र के जलगांव जिले के भुसावल से पकड़ा गया, जहां वह एक अलग पहचान के तहत एक उर्दू स्कूल में शिक्षक था.</p>
<p style="text-align: justify;">न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के डिप्टी कमिश्नर आलोक कुमार ने दावा किया कि हनीफ सबसे कुख्यात और वॉन्टेड सिमी आतंकवादी है, जो देशभर में प्रतिबंधित संगठन की विभिन्न गतिविधियों में शामिल था.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong><span class="jCAhz ChMk0b"><span class="ryNqvb">पुलिस के पास था एकमात्र सुराग</span></span></strong></p>
<p style="text-align: justify;"><span class="jCAhz ChMk0b"><span class="ryNqvb">पुलिस ने बताया कि हनीफ शेख ने जिस सिमी पत्रिका का संपादन किया, उसमें उसका नाम हनीफ हुडाई छपा था, </span></span><span class="jCAhz ChMk0b"><span class="ryNqvb">यह पुलिस के पास उपलब्ध एकमात्र सुराग था, जिससे उसका पता लगाना मुश्किल हो गया था.</span></span></p>
<p style="text-align: justify;"><span class="jCAhz ChMk0b"><span class="ryNqvb">2001 में दिल्ली के न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी पुलिस थाने में हनीफ शेख के खिलाफ देशद्रोह और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत मामला दर्ज किया गया था. </span></span><span class="jCAhz ChMk0b"><span class="ryNqvb">आलोक कुमार ने बताया कि एक स्थानीय अदालत ने 2002 में उसे भगोड़ा अपराधी घोषित कर दिया था.</span></span></p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ऐसे पकड़ा गया आतंकी</strong></p>
<p style="text-align: justify;">डीसीपी आलोक कुमार ने बताया कि स्पेशल सेल की एक टीम को राज्यों में फरार सिमी कैडर, समर्थकों और स्लीपर सेल के बारे में डेटा, जानकारी और अन्य डिजिटल फुटप्रिंट्स इकट्ठा करने का काम सौंपा गया था. टीम ने बड़े पैमाने पर दौरा किया और देश के विभिन्न हिस्सों से जानकारी इकट्ठा की, जिससे दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को हनीफ तक पहुंचने में मदद मिली.</p>
<p style="text-align: justify;">अधिकारी ने कहा कि इसके बाद एक छापेमारी दल का गठन किया गया जिसने ट्रैप तैयार किया. 22 फरवरी की दोपहर करीब 2.50 बजे मोहम्मदीन नगर से खड़का रोड की ओर जा रहे एक शख्स की पहचान हनीफ के रूप में हुई. डीसीपी ने कहा कि जैसे ही टीम के सदस्यों ने उसे घेरना शुरू किया, हनीफ ने भागने की कोशिश की लेकिन हाथापाई के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>युवाओं को कट्टरपंथी बना रहा था हनीफ शेख</strong></p>
<p style="text-align: justify;">डीसीपी ने कहा कि सिमी कार्यकर्ताओं के संपर्क में आने के बाद हनीफ अत्यधिक कट्टरपंथी बन गया था और संगठन में शामिल होने के बाद उसने इसके साप्ताहिक कार्यक्रमों में भाग लेना और युवाओं को कट्टरपंथी बनाना शुरू कर दिया. हनीफ को बाद में 2001 में सिमी की पत्रिका के उर्दू संस्करण के संपादक के रूप में नियुक्त किया गया था.</p>
<p style="text-align: justify;">उन्होंने बताया कि हनीफ वहादत-ए-इस्लाम के थिंक टैंक सदस्यों में से एक था और महाराष्ट्र और आसपास के अन्य राज्यों में उसने अहम भूमिका निभाई थी.</p>
<p style="text-align: justify;">पुलिस अधिकारी ने बताया कि हनीफ सिमी के साथ-साथ वहादत-ए-इस्लाम के एजेंडे को समर्थन और वित्त पोषण करने के लिए दान की आड़ में धन इकट्ठा करने में भी शामिल था. 2001 में दिल्ली से भागने के बाद वह जलगांव और उसके बाद महाराष्ट्र के भुसावल चला गया, जहां से उसे गिरफ्तार कर लिया गया.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें- <a title="'1 घंटे में शाहजहां शेख को खोज निकालेंगे', संदेशखाली पर केंद्रीय मंत्री का बड़ा दावा" href="https://www.abplive.com/news/india/sandeshkhali-row-union-minister-nisith-pramanik-says-centre-can-find-shahjahan-sheikh-in-an-hour-2622992" target="_blank" rel="noopener">'1 घंटे में शाहजहां शेख को खोज निकालेंगे', संदेशखाली पर केंद्रीय मंत्री का बड़ा दावा</a></strong></p>
Farmers Protest: किसान आंदोलन का आज 14वां दिन, SKM निकालेगा ट्रैक्टर मार्च, हाइवे पर लग सकता है जाम
<p style="text-align: justify;"><strong>BKU Tractor Protest:</strong> संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में चल रहे किसान आंदोलन का सोमवार (26 फरवरी) को 14वां दिन है. भारतीय किसान यूनियन (BKU) और अन्य किसान संगठन सोमवार (26 फरवरी) को ट्रैक्टरों के सहारे एक बार फिर अपनी ताकत दिखाएंगे.</p>
<p style="text-align: justify;">किसान संगठन एमएसपी गारंटी कानून समेत अपनी कई मांगों को लेकर हरियाणा-पंजाब के शंभू और खनौरी बॉर्डर पर WTO का पुतला जलाएंगे. इसके साथ ही दिल्ली देहरादून नेशनल हाईवे पर ट्रैक्टर श्रृंखला बनाकर किसान सरकार के खिलाफ हुंकार भरेंगे. इसको लेकर बीकेयू ने पिछले कई दिनों से ताकत झोंक रखी है. किसानों के इस आंदोलन को लेकर पुलिस प्रशासन ने भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>दिल्ली की तरफ मुंह करके खड़े होंगे ट्रैक्टर</strong></p>
<p style="text-align: justify;">संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर भारतीय किसान यूनियन 26 फरवरी को हल्ला बोल करेगी. हरिद्वार से लेकर गाजीपुर बॉर्डर तक किसान ट्रैक्टरों की श्रंखला बनाएंगे. किसान दिल्ली-देहरादून नेशनल हाईवे पर ट्रैक्टर दिल्ली की तरफ मुंह करके खड़ा करेंगे.</p>
<p style="text-align: justify;">नेशन हाईवे की लेफ्ट हैंड की एक लेन में ट्रैक्टर खड़े किए जाएंगे. सुबह 11 बजे से लेकर दोपहर 3 बजे तक दिल्ली-देहरादून नेशनल हाईवे पर किसानों का कब्जा होगा. किसानों ने ऐलान कर दिया है कि लड़ाई आर-पार की होगी. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>हर जिले में बनाए गए हैं कई प्वाइंट</strong></p>
<p style="text-align: justify;">भारतीय किसान यूनियन ने सोमवार को बनने वाली ट्रैक्टर श्रंखला को लेकर हर जिले में कई प्वाइंट बनाए हैं. मुजफ्फरनगर में 8, मेरठ में 4 और गाजियाबाद में भी 4 प्वाइंट बनाए हैं. किसानों से कह दिया गया है कि गांव में एक भी ट्रैक्टर नहीं रहना चाहिए, सभी ट्रैक्टर हाईवे पर नजर आने चाहिए. किसान ट्रैक्टर श्रंखला बनाकर सरकार से अपनी नाराजगी जताएंगे और यह भी बताने की कोशिश करेंगे कि किसान गुस्से में हैं, कभी भी बड़े आंदोलन का ऐलान हो सकता है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>राकेश टिकैत तीन जिलों की संभालेंगे कमान</strong></p>
<p style="text-align: justify;">भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत तीन जिलों की कमान संभालेंगे. सुबह 11 बजे मुजफ्फरनगर में नेशनल हाईवे की एक लेन पर कब्जा करने के बाद टिकैत मेरठ के लिए रवाना हो जाएंगे और मेरठ के कई प्वाइंट पर रुककर अपनी आवाज बुलंद करेंगे, जिसके बाद वह फिर गाजियाबाद के लिए रवाना हो जाएंगे.</p>
<p style="text-align: justify;">एमएसपी, स्वामीनाथन की रिपोर्ट, किसानों से किए गए सरकार के वादे सहित कई मांगों को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा एक के बाद एक आंदोलन कर रहा है. ग्रामीण भारत बंद, जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन कर भारतीय किसान यूनियन अपनी ताकत का अहसास करा चुकी है और अब 26 फरवरी को ट्रैक्टर श्रंखला बनाकर सरकार को फिर चेताएगी.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>टिकैत बोले- दिल्ली दूर नहीं, ट्रैक्टर को दिल्ली जाने में बस थोड़ा ही वक्त लगेगा</strong></p>
<p style="text-align: justify;">टिकैत के ट्रैक्टर सोमवार को नेशनल हाईवे की एक लेन पर कब्जा लेंगे. भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत का कहना है, ''दिल्ली हमसे दूर नहीं है और हमारे टैक्टर की जद में है, ट्रैक्टरों को दिल्ली जाने में ज्यादा वक्त नहीं लगेगा. सरकार को किसानों की बात माननी ही पड़ेगी. आंदोलन के सिवाय कोई चारा नहीं है और आंदोलन बड़ा करना ही पड़ेगा. या तो सरकार मान जाए या बड़े आंदोलन के लिए तैयार रहे.''</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें- <a title="'1 घंटे में शाहजहां शेख को खोज निकालेंगे', संदेशखाली पर केंद्रीय मंत्री का बड़ा दावा" href="https://www.abplive.com/news/india/sandeshkhali-row-union-minister-nisith-pramanik-says-centre-can-find-shahjahan-sheikh-in-an-hour-2622992" target="_blank" rel="noopener">'1 घंटे में शाहजहां शेख को खोज निकालेंगे', संदेशखाली पर केंद्रीय मंत्री का बड़ा दावा</a></strong></p>
'1 घंटे में शाहजहां शेख को खोज निकालेंगे', संदेशखाली पर केंद्रीय मंत्री का बड़ा दावा
<p style="text-align: justify;"><strong>Nisith Pramanik On Shahjahan Sheikh:</strong> केंद्रीय मंत्री निसिथ प्रमाणिक ने रविवार (25 फरवरी) को फरार चल रहे टीएमसी नेता शाहजहां शेख को लेकर बड़ा दावा किया. उन्होंने कहा कि अगर केंद्र के ऊपर छोड़ दिया जाए तो एक घंटे में शाहजहां शेख को खोज निकालने की ताकत सरकार के पास है. </p>
<p style="text-align: justify;">शाहजहां शेख 5 जनवरी को पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के संदेशखाली में ईडी टीएम पर हुए हमले का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है, जो कि उसी दिन से फरार है. वहीं, संदेशखाली में महिलाओं ने शेख और उसके समर्थकों पर जमीन हड़पने और यौन शोषण के आरोप लगाए हैं. शेख की गिरफ्तारी मांग को लेकर प्रदर्शन हो रहे हैं, जिसके चलते संदेशखाली पिछले कई दिनों से तनाव से गुजर रहा है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>क्या बोले केंद्रीय मंत्री निसिथ प्रमाणिक?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">केंद्रीय मंत्री निसिथ प्रमाणिक ने न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कहा, ''मैं इससे पहले भी कह चुका हूं अगर ममता दीदी से नहीं हो पा रहा है तो हम लोगों को बताएं, केंद्र पूरी तरह से राज्य को सपोर्ट करने के लिए प्रस्तुत है. सेंट्रल फोर्स पूरी तरह से तैयार है.''</p>
<p style="text-align: justify;">उन्होंने कहा, ''अगर सोमालिया के समुद्र दस्यु से हम लोग कोई जहाज को चंद घंटों में खाली करा सकते हैं तो ये शेख शाहजहां जैसा ये तो एक मामूली विषय है. अगर केंद्र के ऊपर छोड़ देते हैं तो एक घंटे में शेख शाहजहां कहां है, उसको निकालने का ताकत केंद्र में है, केंद्र की जो एजेंसी है, उसमें है.''</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें- <a title="शाहजहां शेख को अब तक गिरफ्तार नहीं क्यों नहीं कर पाई बंगाल पुलिस, अभिषेक बनर्जी ने दिया ये जवाब" href="https://www.abplive.com/news/india/sandeshkhali-row-abhishek-banerjee-tells-why-administration-not-able-to-take-steps-against-shahjahan-sheikh-2622865" target="_blank" rel="noopener">शाहजहां शेख को अब तक गिरफ्तार नहीं क्यों नहीं कर पाई बंगाल पुलिस, अभिषेक बनर्जी ने दिया ये जवाब</a></strong></p>
Saturday, February 24, 2024
'ससुरालवालों, यहां आकर....', राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा में शामिल होने पर क्या बोलीं बहन प्रियंका?
<p style="text-align: justify;"><strong>Priyanka Gandhi In Bharat Jodo Nyay Yatra: </strong>कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा शनिवार (24 फरवरी) को उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में अपने भाई राहुल गांधी के नेतृत्व वाली पार्टी की 'भारत जोड़ो न्याय' यात्रा में शामिल हुईं और इस दौरान उन्होंने वहां मौजूद लोगों को ससुरालवालों कहकर संबोधित किया. उन्होंने विभिन्न मुद्दों का जिक्र करते हुए उत्तर प्रदेश और केंद्र सरकार को भी घेरा.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>अपने ससुरालवालों के साथ आई हूं- प्रियंका गांधी</strong></p>
<p style="text-align: justify;">प्रियंका गांधी ने कहा, ''ससुरालवालों, यहां आकर बहुत खुशी हुई है और आज इस भारत जोड़ो न्याय यात्रा में भाग लेते हुए मुझे बहुत-बहुत खुशी हो रही है, खास तौर से, क्योंकि आज इस यात्रा में पहली बार मैं अपने ससुरालवालों के साथ आई हूं...'' प्रियंका गांधी की ससुराल मुरादाबाद में है.</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="hi">अपने ससुराल, मुरादाबाद, में <a href="https://twitter.com/priyankagandhi?ref_src=twsrc%5Etfw">@priyankagandhi</a> जी : <br /><br />ससुरालवालों … यहाँ आ के में बहुत ख़ुशी हुई है … <br /><br />और आज इस भारत जोड़ो न्याय यात्रा में भाग लेते हुए मुझे बहुत बहुत ख़ुशी हुई है ख़ास तौर से की इस यात्रा में मैं पहली बार अपने ससुरालवाओं के साथ आई हूँ <a href="https://t.co/5Ubu7DB78B">pic.twitter.com/5Ubu7DB78B</a></p>
— Supriya Bhardwaj (@Supriya23bh) <a href="https://twitter.com/Supriya23bh/status/1761287515451883928?ref_src=twsrc%5Etfw">February 24, 2024</a></blockquote>
<p style="text-align: justify;">
<script src="https://platform.twitter.com/widgets.js" async="" charset="utf-8"></script>
</p>
<p style="text-align: justify;">न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, कांग्रेस की उत्तर प्रदेश इकाई के प्रवक्ता मनीष हिंदवी ने बताया, ''खुली जीप में सवार दोनों नेताओं (राहुल-प्रियंका) का उनके समर्थकों ने स्वागत किया...''</p>
<p style="text-align: justify;">प्रियंका गांधी सप्ताहांत में उत्तर प्रदेश के शेष चरण में यात्रा का हिस्सा बनेंगी. उन्हें यात्रा में उत्तर प्रदेश के चंदौली में भाग लेना था, लेकिन खराब स्वास्थ्य और बाद में अस्पताल में भर्ती होने के कारण वह उस समय यात्रा में शामिल नहीं हो सकीं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>इन मुद्दों पर बोलीं प्रियंका गांधी</strong></p>
<p style="text-align: justify;">प्रियंका गांधी ने मुरादाबाद में जनता को संबोधित करते हुए कहा, ''जब मैं पहले 2022 में यहां आई थी, तो हमने घोषणापत्र में बार-बार प्रश्न पत्र लीक होने से रोकने के लिए एक योजना बताई थी, जिसमें ‘जॉब कैलेंडर’ से लेकर परीक्षा और नियुक्ति की तारीख के बारे में जिक्र किया गया था.”</p>
<p style="text-align: justify;">उन्‍होंने कहा, ''हमने गड़बड़ी की जांच और कार्रवाई के लिए एक आयोग बनाने की भी बात की, जो सभी अन्यायों के खिलाफ कार्रवाई करेगा और जो कोई भी ‘जॉब कैलेंडर’ से भटकने की कोशिश करेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.''</p>
<p style="text-align: justify;">कांग्रेस महासचिव ने यह भी कहा, ''देश में बेरोजगारी और महंगाई बढ़ रही है. किसान कल भी प्रदर्शन कर रहे थे. किसान आज भी प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी बात नहीं सुन रही है.''</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>बुलडोजर पर तंज</strong></p>
<p style="text-align: justify;">प्रियंका गांधी ने कहा, ''उत्तर प्रदेश में किसानों को जीप से कुचलने, महिलाओं पर अत्याचार करने और पेपर लीक करने वालों के घर पर बुलडोजर नहीं चला. इस सरकार में दोषी लोगों पर नहीं बल्कि निर्दोष लोगों के घरों पर ही बुलडोजर चलता है.''</p>
<p style="text-align: justify;">'भारत जोड़ो न्याय यात्रा' के बारे में उन्होंने कहा, 'न्याय' शब्द इसलिए जोड़ा गया है, क्योंकि देश की महिलाओं, बच्चों और किसानों के साथ अन्याय हो रहा है.'' उन्होंने कहा, 'जब तक आप बदलाव नहीं लाएंगे, आपकी परिस्थितियां नहीं बदलेंगी.'</p>
<p style="text-align: justify;">(भाषा इनपुट के साथ)</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें- <a title="पश्चिम बंगाल में TMC-कांग्रेस के बीच गठबंधन तय, ममता ने दीं 5 सीटें, असम में निकला ये फॉर्मूला" href="https://www.abplive.com/news/india/west-bengal-congress-tmc-seat-sharing-pact-tmc-gives-5-seats-to-congress-2622106" target="_blank" rel="noopener">पश्चिम बंगाल में TMC-कांग्रेस के बीच गठबंधन तय, ममता ने दीं 5 सीटें, असम में निकला ये फॉर्मूला</a></strong></p>
'छोटी लड़की और एडल्ट आदमी के बीच शादी वाले कानून को रद्द करना मुस्लिम विरोधी कैसे', बोले असम के मंत्री
<p style="text-align: justify;"><strong>Pijush Hazarika On AIMIM: </strong>असम सरकार ने बाल विवाह को समाप्त करने के लिए असम मुस्लिम विवाह और तलाक पंजीकरण अधिनियम, 1935 को रद्द करने की मंजूरी दे दी है. इस मामले पर एआईएमआईएम की ओर से तीखी प्रतिक्रिया आने पर असम सरकार में मंत्री पीयूष हजारिका ने पलटवार किया है.</p>
<p style="text-align: justify;">पीयूष हजारिका ने अपने आधिकारिक X हैंडल पर न्यूज एजेंसी एएनआई की ओर से शेयर किए गए एक वीडियो साझा किया, जिसमें एआईएमआईएम प्रवक्ता वारिस पठान बीजेपी पर निशाना साधते हुए देखे जा रहे है. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>...मुस्लिम विरोधी कैसे- पीयूष हजारिका</strong></p>
<p style="text-align: justify;">वीडियो को शेयर करते हुए पीयूष हजारिका ने लिखा, ''एक छोटी लड़की और एक वयस्क पुरुष के बीच विवाह की अनुमति देने वाले 89 साल पुराने कानून को रद्द करना मुस्लिम विरोधी कैसे हो जाता है?''</p>
<p style="text-align: justify;">उन्होंने लिखा, ''मुस्लिम नेताओं को घृणित सामाजिक बुराइयों के पक्ष में खड़े होने के बजाय परिपक्वता से काम करने और हमारी बेटियों के हितों के साथ खड़े होने की जरूरत है.''</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>AIMIM का बीजेपी पर निशाना</strong></p>
<p style="text-align: justify;">न्यूज एजेंसी एएनआई की ओर से शेयर किए गए वीडियो में वारिस पठान ने कहा है, ''बीजेपी सरकार एंटी मुस्लिम सरकार है. हिमंत बिस्वा सरमा जो असम में लाए हैं कानून, ये तो संविधान का उल्लंघन है... हम इसीलिए कह रहे हैं कि बीजेपी की सरकार को मुसलमानों से नफरत है... इनको हमारे खाने-पीने से नफरत है, पहले ट्रिपल तलाक का लेकर आ गए, अब ये मैरिज का लेकर आ गए.'' </p>
<p style="text-align: justify;">उन्होंने कहा, ''ये चुनाव से पहले पोलराइज करने की कोशिश की जा रही है और ये एक सोची-समझी साजिश है यूसीसी लाने के लिए...''</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="en">How does repealing a 89 year old law that permits the marriage between a small girl and an adult male become anti Muslim ? <br />Muslim leaders need to act maturely and stand along side the interest of our daughters rather than standing for abhorrent social evils. <a href="https://t.co/HMp9ZEMB9U">https://t.co/HMp9ZEMB9U</a></p>
— Pijush Hazarika (@Pijush_hazarika) <a href="https://twitter.com/Pijush_hazarika/status/1761419112734187965?ref_src=twsrc%5Etfw">February 24, 2024</a></blockquote>
<p style="text-align: justify;">
<script src="https://platform.twitter.com/widgets.js" async="" charset="utf-8"></script>
</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>असम के CM हिमंत बिस्वा सरमा क्या बोले?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘इस अधिनियम में भले ही वर की आयु 21 वर्ष और वधू की आयु 18 वर्ष न हो तो भी विवाह पंजीकरण की अनुमति देने का प्रावधान था. जो (देश के) कानून के अनुसार विवाह के लिए वैध आयु होती है. यह कदम (कानून को निरस्त किया जाना) राज्य में बाल विवाह पर रोक लगाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है.’’</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="en">On 23.22024, the Assam cabinet made a significant decision to repeal the age-old Assam Muslim Marriages & Divorces Registration Act. This act contained provisions allowing marriage registration even if the bride and groom had not reached the legal ages of 18 and 21, as required…</p>
— Himanta Biswa Sarma (@himantabiswa) <a href="https://twitter.com/himantabiswa/status/1761098927145922907?ref_src=twsrc%5Etfw">February 23, 2024</a></blockquote>
<p style="text-align: justify;">
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<p style="text-align: justify;">कांग्रेस के विधायक अब्दुल रशीद मंडल ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से बातचीत के दौरान आरोप लगाया कि <a title="लोकसभा चुनाव" href="https://www.abplive.com/topic/lok-sabha-election-2024" data-type="interlinkingkeywords">लोकसभा चुनाव</a>ों के वर्ष में अधिनियम को निरस्त करने का निर्णय लेकर सरकार मतदाताओं का ध्रुवीकरण करने की कोशिश कर रही है... यह मुसलमानों के खिलाफ भेदभावपूर्ण निर्णय के अलावा और कुछ नहीं है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें- <a title="संदेशखाली में तनाव के बीच ममता बनर्जी के दो मंत्रियों ने किया दौरा, कुछ इलाकों में भड़का प्रदर्शन" href="https://www.abplive.com/news/india/mamata-banerjee-two-ministers-visit-sandeshkhali-amidst-tension-fresh-protests-erupt-in-some-areas-2622172" target="_blank" rel="noopener">संदेशखाली में तनाव के बीच ममता बनर्जी के दो मंत्रियों ने किया दौरा, कुछ इलाकों में भड़का प्रदर्शन</a></strong></p>
NCB-दिल्ली पुलिस ने किया 4 देशों में फैले ड्रग नेटवर्क का भंडाफोड़, फिल्म प्रोड्यूसर निकला नेक्सस का मास्टरमाइंड
<p style="text-align: justify;"><strong>NCB-Delhi Police Joint Operation:</strong> नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) मुख्यालय ने दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के साथ एक ज्वाइंट ऑपरेशन में एक अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ तस्करी गिरोह के नेटवर्क का भंडाफोड़ करने का दावा किया है. अधिकारियों ने शनिवार (24 फरवरी) को यह जानकारी दी. यह नेटवर्क भारत समेत चार देशों में फैला था और नेक्सस का मास्टरमाइंड एक तमिल फिल्म प्रोड्यूसर बताया जा रहा है.</p>
<p style="text-align: justify;">न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, एनसीबी के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा कि ड्रग नेटवर्क भारत, न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया और मलेशिया में फैला हुआ था. इस ऑपरेशन के दौरान तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है और दिल्ली में 50 किलोग्राम स्यूडोएफेड्रिन (Pseudoephedrine) जब्त की गई है.</p>
<p style="text-align: justify;">प्रवक्ता ने कहा कि हेल्थ मिक्स पाउडर, सूखे नारियल आदि खाद्य उत्पादों की आड़ में हवाई और समुद्री कार्गो के माध्यम से ड्रग्स की तस्करी की जा रही थी. उन्होंने कहा, "नेक्सस के मास्टरमाइंड की पहचान एक तमिल फिल्म निर्माता के रूप में की गई है जो फरार है. उसे पकड़ने की कोशिश की जा रही है ताकि स्यूडोएफेड्रिन के सोर्स का पता लगाया जा सके.''</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ऐसे हुआ नेटवर्क का भंडाफोड़</strong></p>
<p style="text-align: justify;">प्रवक्ता ने बताया कि पूरे अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की जानकारी न्यूजीलैंड के सीमा शुल्क अधिकारियों और ऑस्ट्रेलियाई पुलिस से प्राप्त हुई थी कि सूखे नारियल के पाउडर में छिपाकर बड़ी मात्रा में स्यूडोएफेड्रिन दोनों देशों में भेजा जा रहा है. उन्होंने कहा कि यूनाइटेड स्टेट्स ड्रग एन्फोर्समेंट एडमिनिस्ट्रेशन के आगे के इनपुट से संकेत मिलता है कि खेप का स्रोत दिल्ली था.</p>
<p style="text-align: justify;">बयान में कहा गया कि स्यूडोएफेड्रिन का इस्तेमाल मेथमफेटामाइन बनाने के लिए किया जाता है, जो दुनियाभर में सबसे ज्यादा मांग वाली ड्रग है और ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में लगभग 1.5 करोड़ रुपये प्रति किलोग्राम बिकती है.</p>
<p style="text-align: justify;">मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले गिरोह को खत्म करने के लिए एनसीबी और दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल की एक संयुक्त टीम का गठन किया गया. बयान में कहा गया है कि एनसीबी और दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल की टीमों की ओर से 4 महीने की गहन तकनीकी और फील्ड निगरानी के बाद पता चला कि ये गुर्गे फिर से दिल्ली में थे और ऑस्ट्रेलिया में एक और खेप भेजने की कोशिश कर रहे थे.</p>
<p style="text-align: justify;">एनसीबी के प्रवक्ता ने कहा, "दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल की ओर से 24 घंटे की फिजिकल सर्विलांस की गई, जो आखिरकार पश्चिमी दिल्ली के बसई दारापुर में उनके गोदाम तक पहुंची." उन्होंने बताया, ''15 फरवरी को जब गुर्गे स्यूडोएफेड्रिन को मल्टीग्रेन फूड मिक्स की एक कवर खेप में पैक करने की कोशिश कर रहे थे तो दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल और एनसीबी की संयुक्त टीमों ने परिसर पर छापा मारा, जिससे 50 किलोग्राम स्यूडोएफेड्रिन की बरामदगी हुई.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>3 साल में कर डाली 2000 करोड़ के स्यूडोएफेड्रिन की तस्करी</strong></p>
<p style="text-align: justify;">एनसीबी के प्रवक्ता ने बताया, ''इस कार्टेल के तीन गुर्गों (सभी तमिलनाडु से) को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया. लगातार पूछताछ के बाद उन्होंने खुलासा किया कि पिछले 3 साल में उनकी ओर से कुल 45 खेप भेजी गईं, जिसमें लगभग 3500 किलोग्राम स्यूडोएफेड्रिन था, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 2000 करोड़ रुपये से ज्यादा है. प्रवक्ता ने कहा कि एनसीबी ने पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ करने और संबंधित देशों में स्थित गुर्गों को पकड़ने के लिए न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों से संपर्क किया है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें- <a title="'जानबूझ कर कराया पेपर लीक, सबकुछ प्राईवेट करना चाहते', राहुल गांधी ने बीजेपी पर साधा निशाना" href="https://www.abplive.com/news/india/rahul-gandhi-on-up-police-exam-cancelled-ro-aro-paper-leak-slams-yogi-govt-in-bharat-jodo-nyay-yatra-2622178" target="_blank" rel="noopener">'जानबूझ कर कराया पेपर लीक, सबकुछ प्राईवेट करना चाहते', राहुल गांधी ने बीजेपी पर साधा निशाना</a></strong></p>
Friday, February 23, 2024
दंगों के चार साल बाद कैसे हैं उत्तर पूर्वी दिल्ली के हालात, कितना करीब आए हिंदू-मुस्लिम समुदाय?
<p style="text-align: justify;"><strong>2020 Delhi Riots: </strong>उत्तर पूर्वी दिल्ली में चांद बाग से सटे मूंगा नगर में 14 फरवरी को मोहित कुमार के विवाह का समारोह था और इसमें आसपास रहने वाले मुस्लिम समुदाय के लोगों ने न सिर्फ अच्छी संख्या में शिरकत की, बल्कि कामकाज में हाथ भी बंटाया. इसी तरह से जाफराबाद में रहने वाले सामाजिक कार्यकर्ता डॉ फहीम बेग का 15 फरवरी को जन्मदिन था और उनके ही मुताबिक 'जिंदगी में पहली बार उनका जन्मदिन मनाया गया.' उन्होंने कहा, खास बात यह थी कि इसकी सारी व्यवस्था उनके हिंदू मित्रों ने की.</p>
<p style="text-align: justify;">जाफराबाद और चांद बाग के बीच करीब चार किलोमीटर की दूरी है और ये दोनों इलाके उत्तर पूर्वी दिल्ली में पड़ते हैं, जहां चार साल पहले भीषण दंगों के बाद दोनों समुदायों के बीच अविश्वास की खाई बन गई थी. दोनों घटनाएं बताती हैं कि यह खाई अब आहिस्ता-आहिस्ता पट रही है और दोनों समुदायों के बीच दिलों की दूरी भी कम हो रही है.</p>
<p style="text-align: justify;">यहां के निवासी बताते हैं कि दंगों के बाद दोनों समुदायों के लोगों ने एक दूसरे के मोहल्लों और गलियों से आना-जाना बंद कर दिया था, लेकिन अब लोग न सिर्फ एक दूसरे के मोहल्ले में काम कर रहे हैं, बल्कि सुख-दुख में भी शरीक हो रहे हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>आरडब्ल्यूए के संयोजक ये बोले</strong></p>
<p style="text-align: justify;">यमुनापार आरडब्ल्यूए के संयोजक और क्षेत्र के सबोली इलाके में रहने वाले जगदीश चौहान ने कहा, “यह बात सही है कि दंगों के बाद दोनों समुदाय के लोगों ने एक दूसरे के मोहल्ले और गलियों से आना-जाना बंद कर दिया था क्योंकि दोनों में डर था, लेकिन अब ऐसा कुछ नहीं है. लोग अब बिना किसी डर के एक-दूसरे के इलाकों से आते जाते हैं. बाजारों में भी दोनों समुदायों की दुकानें और रेहड़ी पटरियां लग रही हैं.”</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>कैसे भड़के थे दंगे?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">दिल्ली के उत्तर पूर्वी हिस्से में 23 फरवरी 2020 को संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के समर्थकों और विरोधियों के बीच मौजपुर इलाके में झड़प हुई थी. इसके अगले दिन 24 फरवरी 2020 को इन झड़पों ने सांप्रदायिक दंगों का रूप ले लिया था और हिंसा का तांडव 26 फरवरी 2020 की शाम तक चला था.</p>
<p style="text-align: justify;">हिंसा में एक पुलिस कर्मी समेत 53 लोगों की मौत हुई थी जबकि 700 से ज्यादा लोग घायल हुए थे. इसके अलावा दंगाइयों ने बड़े पैमाने पर घरों, दुकानों और गाड़ियों को आग लगा दी थी और लूटपाट की थी. इसके बाद बड़ी तादाद में सुरक्षा कर्मियों को तैनात करके हालात पर काबू पाया गया था.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>मोहित की शादी में मुस्लिम पड़ोसियों ने बंटाया हाथ</strong></p>
<p style="text-align: justify;">मिश्रित आबादी के क्षेत्र में रहने वाले मोहित कुमार ने बताया कि 14 फरवरी को उनकी शादी में आसपास रहने वाले लोगों ने शिरकत की जिनमें मुस्लिम भी शामिल थे. उनके मुताबिक, उनके मुस्लिम पड़ोसियों ने न सिर्फ शादी समारोह में भाग लिया, बल्कि उनके कामकाज में हाथ भी बंटाया.</p>
<p style="text-align: justify;">मोहित की शादी में शिरकत करने वाले नाजिम अली कहते हैं, “मैं उनके पिता की शादी में भी शामिल हुआ था और मोहित के विवाह में भी शामिल हुआ हूं. मैं और मोहित के पिता बचपन के दोस्त हैं. दंगों के बाद दिलों में कड़वाहट जैसा कुछ नहीं है और दोनों समुदाय के लोगों का एक दूसरे के यहां आना जाना है.”</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. फहीम बेग ये बोले</strong></p>
<p style="text-align: justify;">हिंसा के दौरान पुलिस की सक्रिय रूप से मदद करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. फहीम बेग का कहना था कि अब हालात पहले जैसे हैं और पूरे जिले में अमन है और लोगों में आपस में मोहब्बत भी है. डॉ. बेग ने कहा कि अयोध्या में <a title="राम मंदिर" href="https://www.abplive.com/topic/ram-mandir" data-type="interlinkingkeywords">राम मंदिर</a> में प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम पूरी तरह से शांति से हुआ, जो इस बात को साबित करता है कि लोगों में आपस में मोहब्बत है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>हिंदू-मुस्लिम एक दूसरे के उत्सवों पर देते हैं योगदान- मौलाना दाऊद अमीनी</strong></p>
<p style="text-align: justify;">पुलिस की भाईचारा समिति के सदस्य और जाफराबाद स्थित मस्जिद और मदरसा बाबुल उलूम के इमाम मौलाना दाऊद अमीनी उस समय को याद करते हुए कहते हैं कि फरवरी 2020 में बहुत मुश्किल वक्त था, हालात बहुत खराब थे, दोनों समुदाय को भारी नुकसान उठाना पड़ा था और दोनों समुदायों के लोगों में एक दूसरे से डर था.</p>
<p style="text-align: justify;">उन्होंने कहा कि लोग एक-दूसरे के मोहल्लों से नहीं निकलते थे, एक दूसरे की गलियों में जाने और एक-दूसरे के मोहल्ले में काम करने से कतराते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं है और लोग आपस में मिलजुल कर रह रहे हैं और पहले जहां काम करते थे, वहां काम भी कर रहे हैं.</p>
<p style="text-align: justify;">मौलाना अमीनी ने कहा, “हिंदू मुस्लिम एक दूसरे के त्योहारों और उत्सवों पर योगदान भी देते हैं. जैसे कावड़ यात्रा में मुसलमान सहायता करते हैं और ऐसे ही जुमे की नमाज़, अलविदा और ईद पर हमारे गैर मुस्लिम भाई सहयोग करते हैं.”</p>
<p style="text-align: justify;">दंगों के बाद माहौल सुधारने के लिए हुई कोशिशों के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा, “इलाके में कई सद्भावना सम्मेलन हुए हैं, जिनमें दोनों समाज के प्रतिष्ठित लोगों ने शिरकत की है. दोनों समुदाय के लोगों की यही कोशिश है कि अब फिर से फरवरी 2020 की घटनाएं न हों.”</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>दंगों के बाद पैदा हुई अविश्वास की खाई अब हो गई खत्म- पंडित कृष्ण कौशिक</strong></p>
<p style="text-align: justify;">विजय पार्क इलाके में देव मंदिर के पंडित कृष्ण कौशिक ने कहा कि दंगों के बाद जिस तरह का माहौल था, अब वैसा नहीं है. दोनों समुदायों में दंगों के बाद पैदा हुई अविश्वास की खाई अब खत्म हो गई है और दोनों समुदायों के लोग एक दूसरे से दिल खोलकर मिल रहे हैं.”</p>
<p style="text-align: justify;">उन्होंने कहा, “हाल में राम उत्सव भी दोनों समुदायों ने मिलकर मनाया था और साथ में पटाखे छोड़े थे.” मीडिया की खबरों में दिल्ली पुलिस के हवाले से बताया गया है कि सांप्रदायिक हिंसा से जुड़े मामलों में दोनों समुदायों के 2600 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया था, जिनमें से तकरीबन 2100 आरोपी जमानत पर हैं जबकि लगभग 170 अब भी जेल में हैं.</p>
<p style="text-align: justify;">पुलिस ने कुल 758 प्राथमिकियां दर्ज की थीं. वरिष्ठ वकील महमूद प्राचा ने कहा कि दिल्ली पुलिस ने यह तो बताया है कि उसने कितने लोगों को गिरफ्तार किया है और कितनी प्राथमिकियां दर्ज की हैं, मगर पुलिस ने आज तक यह जानकारी नहीं दी कि उसने किस समुदाय से कितने लोगों को गिरफ्तार किया है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें- <a title="भाई फैजल ने तरेरी आंखें तो बहन मुमताज बोलीं- मैं पक्की कांग्रेसी, अहमद पटेल थे संकटमोचन, उनका परिवार कैसे दे रहा कांग्रेस को टेंशन" href="https://www.abplive.com/news/india/lok-sabha-election-2024-arvind-kejriwal-aap-congress-alliance-gujarat-ahmed-patel-seat-bharuch-faisal-patel-mumtaz-patel-warns-india-alliance-2621313" target="_blank" rel="noopener">भाई फैजल ने तरेरी आंखें तो बहन मुमताज बोलीं- मैं पक्की कांग्रेसी, अहमद पटेल थे संकटमोचन, उनका परिवार कैसे दे रहा कांग्रेस को टेंशन</a></strong></p>
Thursday, February 22, 2024
Farmers Protest: इस डिवाइस का शोर नहीं सुन सकता इंसान, भीड़ को तितर-बितर करने के लिए सिंघू बॉर्डर पर लाई गई
<p style="text-align: justify;"><strong>Farmers Delhi Chalo Protest:</strong> किसान आंदोलन के बीच पुलिस की ओर से इस्तेमाल में लाई एक डिवाइस की चर्चा है. पुलिस को हाल में सिंघू बॉर्डर पर लॉन्ग रेंज एकॉस्टिक डिवाइस (LRAD) के साथ देखा गया. द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, एलआरएडी को आमतौर पर साउंड कैनन यानी ध्वनि तोप के रूप में जाना जाता है. यह एक विशेष लाउडस्पीकर है जो हाई पावर पर ध्वनि उत्पन्न करता है.</p>
<p style="text-align: justify;">2000 के दशक की शुरुआत में अमेरिकी सेना की ओर से एलआरएडी को विकसित किया गया था. इस साउंड कैनन से इतना तेज शोर होता है कि जो इंसानों के लिए असहनीय हो जाता है और जिसकी वजह से भीड़ को तितर-बितर करने में सुरक्षाबलों को मदद मिलती है. यह डिवाइस इंसान को बहरा तक बना सकती है. डिवाइस वजन 150 किलोग्राम तक होता है. यह 152 डेसिबल की ध्वनि निकाल सकता है. सिंधू बर्डर पर देखी गई साउंड कैनन पुलिस के वाहन के ऊपर लगाई गई है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>क्यों आंदोलन कर रहे हैं किसान?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">पंजाब के हजारों किसान फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी और कृषि ऋण माफी सहित अपनी मांगों को स्वीकार करने के लिए केंद्र पर दबाव बनाने के लिए अपने ‘दिल्ली चलो’ मार्च के तहत पंजाब-हरियाणा की सीमाओं पर डेरा डाले हुए हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>झड़प में एक किसान ने गंवान जान</strong></p>
<p style="text-align: justify;">बुधवार (21 फरवरी) को हरियाणा पुलिस और पंजाब के किसानों के बीच झड़प देखने को मिली, जिसमें बठिंडा के किसान शुभकरण सिंह (21) की मौत हो गई. यह घटना तब घटी जब किसान अवरोधकों की ओर तेजी से बढ़े और सुरक्षाबलों के साथ उनकी झड़प हो गई.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>एसकेएम मनाएगा काला दिवस</strong></p>
<p style="text-align: justify;">इस बीच संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) ने पंजाब-हरियाणा सीमा पर एक प्रदर्शनकारी किसान की मौत को लेकर गुरुवार (22 फरवरी) को हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और गृहमंत्री अनिल विज के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की. एसकेएम ने घोषणा की कि किसान इस मौत पर शोक व्यक्त करने के लिए शुक्रवार को ‘काला दिवस’ मनाएंगे और केंद्रीय गृहमंत्री <a title="अमित शाह" href="https://www.abplive.com/topic/amit-shah" data-type="interlinkingkeywords">अमित शाह</a>, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और राज्य के गृहमंत्री अनिल विज के पुतले फूकेंगे.</p>
<p style="text-align: justify;">एसकेएम ने कहा कि किसान 26 फरवरी को राजमार्गों पर ट्रैक्टर मार्च निकालेंगे और 14 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान में ‘अखिल भारतीय किसान मजदूर महापंचायत’ करेंगे. एसकेएम ‘दिल्ली चलो’ मार्च का हिस्सा नहीं है, लेकिन वह इसका समर्थन कर रहा है. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने किसानों से की ये अपील</strong></p>
<p style="text-align: justify;">केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने गुरुवार को पंजाब-हरियाणा की सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे किसानों से अपील की कि वे हिंसा का रास्ता नहीं अपनाएं और कहा कि सरकार उनकी चिंताओं का समाधान करने के लिए उनसे बातचीत करके के लिए तैयार है.</p>
<p style="text-align: justify;">(भाषा इनपुट के साथ)</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें- <a title="Farmers Protest: साथी की मौत पर किसान मनाएंगे 'ब्लैक डे,' पूरी दिल्ली में प्रदर्शन को लेकर ये है तैयारी" href="https://www.abplive.com/news/india/sanyukta-kisan-morcha-will-mourn-the-death-of-farmers-on-friday-as-black-day-farmers-protest-delhi-haryana-punjab-2620317" target="_blank" rel="noopener">Farmers Protest: साथी की मौत पर किसान मनाएंगे 'ब्लैक डे,' पूरी दिल्ली में प्रदर्शन को लेकर ये है तैयारी</a></strong></p>
क्या बंगाल में टीएमसी से सीट शेयरिंग पर बन गई कांग्रेस की बात? सामने आया ये फॉर्मूला
<p style="text-align: justify;"><strong>Lok Sabha Election 2024:</strong> लोकसभा चुनाव से पहले 'इंडिया' गठबंधन को एक बार फिर पटरी पर लाने की कोशिशें तेज हो गई हैं. गठबंधन के बड़े घटक दल कांग्रेस का उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के साथ सीट बंटवारे पर गतिरोध दूर होने के बाद अब पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी से नए सिरे से बात शुरू की गई है.</p>
<p style="text-align: justify;">गुरुवार (22 अक्टूबर) को सूत्रों ने एबीपी न्यूज को बताया कि कांग्रेस ने नए सिरे से टीएमसी से संपर्क साधा है. सूत्रों ने बताया कि पश्चिम बंगाल में <a title="लोकसभा चुनाव" href="https://www.abplive.com/topic/lok-sabha-election-2024" data-type="interlinkingkeywords">लोकसभा चुनाव</a> की 42 सीटों में से 37 सीटों पर टीएमसी और पांच सीटों पर कांग्रेस चुनाव लड़ सकती है. इस बारे में कांग्रेस की ओर से टीएमसी से बात की जा रही है.</p>
<p style="text-align: justify;">हालांकि, इस बारे में टीएमसी की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है. बता दें कि ममता बनर्जी ने पिछले दिनों कहा था कि पश्चिम बंगाल में उनकी पार्टी टीएमसी अकेले चुनाव लड़ेगी. राज्य में टीएमसी के साथ कांग्रेस का गठबंधन बरकरार रहे, इसके लिए ममता बनर्जी की हामी जरूरी है.</p>
Monday, February 19, 2024
Farmers Protest: किसानों ने खारिज किया केंद्र सरकार का प्रस्ताव, 21 को करेंगे दिल्ली कूच
<p style="text-align: justify;"><strong>Farmers Protest 2024:</strong> पंजाब के क‍िसान केंद्र सरकार से अपनी मांगों को मनवाने के लिए लेकर शम्भू बॉर्डर पर आंदोलनरत हैं. क‍िसानों की मांगों का समाधान न‍िकालने के ल‍िए केंद्रीय मंत्री क‍िसान संगठनों के साथ चार मीट‍िंग कर चुके हैं, लेक‍िन मामले पर अभी गत‍िरोध बरकरार है. किसानों ने केंद्र सरकार की ओर से द‍िए गए प्रस्‍ताव को खार‍िज कर द‍िया है. संगठनों का दावा है क‍ि केंद्र के प्रस्‍ताव में कुछ नजर नहीं आ रहा है.</p>
<p style="text-align: justify;">क‍िसान आंदोलन का नेतृत्‍व करने वाले संगठनों का दावा है क‍ि सरकार ने जो प्रस्‍ताव द‍िया है उससे किसानों को कोई लाभ नहीं होने वाला है. उन्‍होंने कहा कि बाकी फसलों को गारंटीड एमएसपी के दायरे से बाहर रखना उचित नहीं है. सरकार जो आर्थिक बोझ का दावा करती है, वो सही नहीं है.</p>
<p style="text-align: justify;">क‍िसानों का नेतृत्‍व करने वाले दोनों संगठनों ने प्रपोजल को रद्द करते हुए कहा है क‍ि सरकार की नीयत में खोट है. सरकार पूरे देश की 23 फसलों पर MSP गारंटी कानून लागू करे और बताए कि कर्ज माफी पर क्या किया जा रहा है. क‍िसानों की मांगों को लेकर सरकार ब‍िल्‍कुल गंभीर नहीं है. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>जगजीत सिंह डल्‍लेवाल क्या बोले?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">क‍िसान संगठन एसकेएम (गैर राजनीतिक) के अध्‍यक्ष जगजीत सिंह डल्‍लेवाल ने कहा कि मंत्री बता रहे थे क‍ि सरकार दालों पर एमएसपी की गारंटी देती है तो देश का लाख करोड़ रुपया खर्च होगा. क‍िसान नेता ने दावा क‍िया क‍ि सरकार का कहना है अगर सभी फसलों पर एमएसपी दी जाएगी तो एक लाख 75 हजार करोड़ रुपये खर्च आएगा. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>सरवन सिंह पंढेर का बयान</strong></p>
<p style="text-align: justify;">पंजाब किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के महासचिव सरवन सिंह पंढेर ने कहा कि सरकार के प्रस्ताव को इसल‍िए भी रद्द क‍िया है क‍ि अगर कोई पहले दालों को नहीं उगा रहा है तो वो उस प्रस्ताव में नहीं आएगा. मीटिंग में चाल चलने का काम किया है. सरकार की नीयत साफ होती तो ऐसा नहीं करते. सरकार एमएसपी गारंटी कानून 23 फसलों पर बनाकर दे और जो फसले बचेंगी उस पर स्टडी करके उसको लागू करे. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>'सरकार कि‍सानों के मामले पर गंभीर नहीं' </strong></p>
<p style="text-align: justify;">सरवन सिंह पंढेर ने सरकार के मंत्रियों पर मीट‍िंग में 3 घंटे देरी से आने पर भी नाराजगी जताई. उन्‍होंने कहा क‍ि सरकार कि‍सानों के मामले पर गंभीर नहीं है. उन्होंने कहा कि रव‍िवार (18 फरवरी) को खनौरी बॉर्डर पर मंजीत सिंह की मौत हो गई ज‍िसके ल‍िए पंजाब सरकार उसके पर‍िवार के एक सदस्‍य को नौकरी दे और 5 लाख का मुआवजा दे. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>'मीट‍िंग में क‍िसानों की तरफ से नहीं द‍िया गया कोई प्रस्‍ताव' </strong></p>
<p style="text-align: justify;">पंढेर ने कहा क‍ि मंत्रियों के साथ मीट‍िंग में क‍िसानों की तरफ से कोई प्रस्‍ताव नहीं द‍िया गया. उन्‍होंने यह भी कहा कि 21 तारीख को 11 बजे दिल्ली कूच करेंगे. उन्‍होंने सरकार से क‍िसानों को दिल्ली जाने देने और उनके सभी मसले हल करने की मांग भी की है. उन्होंने बताया क‍ि अभी आगे के लिए कोई मीटिंग प्रस्‍ताव‍ित नहीं है. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें- <a title="मियां तो विदेशी! असम सरकार ने बताया कौन है स्वदेशी मुसलमान, पढ़ें पूरी लिस्ट" href="https://www.abplive.com/news/india/assam-government-indigenous-muslim-survey-list-miyan-goriya-moriya-julha-deshi-and-syed-miya-muslim-feared-bengali-2617229" target="_self">मियां तो विदेशी! असम सरकार ने बताया कौन है स्वदेशी मुसलमान, पढ़ें पूरी लिस्ट</a></strong></p>
'अब की बार, सत्ता से बाहर', पीएम मोदी के 400 पार वाले दावे पर मल्लिकार्जुन खड़गे ने कसा तंज
<p style="text-align: justify;"><strong>Mallikarjun Kharge Jibe At PM Modi:</strong> कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोमवार (19 फरवरी) को प्रधानमंत्री <a title="नरेंद्र मोदी" href="https://www.abplive.com/topic/narendra-modi" data-type="interlinkingkeywords">नरेंद्र मोदी</a> के 'अब की बार, 400 पार' के दावे के जवाब में तंज कसते हुए कहा, 'अब की बार, सत्ता से बाहर.'</p>
<p style="text-align: justify;">वह उत्तर प्रदेश के अमेठी में पार्टी की 'भारत जोड़ो न्याय यात्रा' के दौरान एक सभा को संबोधित कर रहे थे. न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि बीजेपी सत्ता से बाहर हो जाएगी और उसे 100 सीटें भी नहीं मिलेंगी. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>मल्लिकार्जुन खरगे का पीएम मोदी पर निशाना</strong></p>
<p style="text-align: justify;">कांग्रेस अध्यक्ष ने पीएम मोदी पर तानाशाह बनने का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर इस बार उन्हें नहीं रोका गया तो फिर कोई चुनाव नहीं होगा और न तो लोकतंत्र बचेगा और न ही संविधान. संविधान नहीं होगा, तो वे विशेषाधिकार भी नहीं होंगे जिनका लोग अभी इस्तेमाल कर रहे हैं.</p>
<p style="text-align: justify;">कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि संसद में यह एक आम बात है कि जब भी वह बोलते हैं तो उनका माइक बंद कर दिया जाता है और सत्ता पक्ष के सदस्य उनके भाषण में बाधा डालते हैं.</p>
<p style="text-align: justify;">कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ''मेरा मानना है कि आप (पीएम मोदी) जितनी जल्दी चले जाएंगे, देश के लिए उतना ही बेहतर होगा.'' उन्होंने प्रधानमंत्री को चुनौती दी कि वह देश के प्रति अपना या अपनी पार्टी का एक भी महत्वपूर्ण योगदान बताएं.</p>
<p style="text-align: justify;">(भाषा इनपुट के साथ)</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें- <a title="'दम है तो केवल अमेठी से लड़ लें चुनाव', स्मृति ईरानी ने दी राहुल गांधी को चुनौती" href="https://www.abplive.com/news/india/smriti-irani-challenges-rahul-gandhi-sonia-gandhi-to-contest-lok-sabha-elections-2024-from-amethi-2617464" target="_blank" rel="noopener">'दम है तो केवल अमेठी से लड़ लें चुनाव', स्मृति ईरानी ने दी राहुल गांधी को चुनौती</a></strong></p>
दो करोड़ मेंबर बनाने का है थलापति विजय की पार्टी का लक्ष्य, अभिनेता ने महिलाओं की भागीदारी का भी किया आह्वान
<p style="text-align: justify;"><strong>Tamilaga Vettri Kazhagam Agenda:</strong> लोकसभा चुनाव 2024 से पहले हाल ही में दक्षिण भारतीय फिल्मों के अभिनेता थलापति विजय ने 'तमिझगा वेत्रि कषगम' नाम से अपनी एक राजनीतिक पार्टी बनाई है. अब उन्होंने अपने सहयोगियों को निर्देश दिया गया है कि वे पार्टी इकाई का विस्तार करने की दिशा में काम करें.</p>
<p style="text-align: justify;">इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, थलापति विजय ने अपने पार्टी सहयोगियों को दो करोड़ नए सदस्य बनाने का लक्ष्य दिया है. इसी का साथ उन्होंने पार्टी में महिलाओं और पहली बार वोट देने जा रहे मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी का भी आह्वान किया है.</p>
<p style="text-align: justify;">पार्टी महिला नेतृत्व वाली एक विशेष मेंबरशिप विंग की घोषणा करने के लिए भी तैयार है, जिसे जिला और विधानसभा प्रभारी की ओर से कोऑर्डिनेट किया जाएगा.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>तमिझगा वेत्रि कषगम ने क्या कहा?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">तमिझगा वेत्रि कषगम के मुख्यालय ने घोषणा की, ''हमें यह सुनिश्चित करने की कोशिश करनी चाहिए कि पहली बार वोट देने वाले लोग और महिला मतदाताओं समेत आम जनता हमारी पार्टी की सक्रिय सदस्य बने.''</p>
<p style="text-align: justify;">तमिझगा वेत्रि कषगम ने सोमवार (19 फरवरी) को चेन्नई में एक परामर्श बैठक बुलाई थी, जिसमें सदस्यता अभियान और पार्टी के विस्तार के एजेंडे पर बात की गई. पार्टी सुप्रीमो थलापति विजय ने अपने सहयोगियों से कहा कि वे जमीनी स्तर पर पार्टी को मजबूत करने के लिए जिला और विधानसभा सीटों में सदस्यता अभियान चलाएं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से भी चलेगा सदस्यता अभियान</strong></p>
<p style="text-align: justify;"><span class="jCAhz ChMk0b"><span class="ryNqvb">सदस्यता अभियान के लिए जल्द ही एक मोबाइल एप्लिकेशन भी उपलब्ध कराया जाएगा, जिसके जरिए सामान्य मतदाता, फर्स्ट टाइम वोटर और महिला मतदाता तमिझगा वेत्रि कषगम पार्टी से जुड़ें सकेंगे.</span></span></p>
<p style="text-align: justify;"><strong><span class="jCAhz ChMk0b"><span class="ryNqvb">2026 का विधानसभा चुनाव लड़ेगी थलापति विजय की पार्टी</span></span></strong></p>
<p style="text-align: justify;"><span class="jCAhz ChMk0b"><span class="ryNqvb">बता दें कि थलापति विजय ने 2 फरवरी को अपनी राजनीतिक पार्टी की घोषणा की थी. उन्होंने बताया था कि चुनाव आयोग में पार्टी का रजिस्ट्रेशन हो गया है. पार्टी 2024 का <a title="लोकसभा चुनाव" href="https://www.abplive.com/topic/lok-sabha-election-2024" data-type="interlinkingkeywords">लोकसभा चुनाव</a> नहीं लड़ेगी लेकिन 2026 का (तमिलनाडु) विधानसभा चुनाव लड़ेगी.</span></span></p>
<p style="text-align: justify;"><strong><span class="jCAhz ChMk0b"><span class="ryNqvb">यह भी पढ़ें- <a title="Farmers Protest: किसानों ने खारिज किया सरकार का प्रस्ताव, बोले- 23 फसलों से नहीं पड़ने वाला कोई भार, दिया ये अल्टीमेटम" href="https://www.abplive.com/news/india/farmer-protest-big-update-farmers-organization-rejects-modi-government-s-proposal-on-msp-kisan-aandolan-2617417" target="_blank" rel="noopener">Farmers Protest: किसानों ने खारिज किया सरकार का प्रस्ताव, बोले- 23 फसलों से नहीं पड़ने वाला कोई भार, दिया ये अल्टीमेटम</a></span></span></strong></p>
क्या तलाकशुदा मुस्लिम महिला पति से गुजारा भत्ता ले सकती है? सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने सुरक्षित रखा फैसला
<p style="text-align: justify;"><strong>Supreme Court News:</strong> तलाकशुदा पत्नी को अंतरिम गुजारा भत्ता देने के फैमिली कोर्ट के निर्देश को चुनौती देने वाली एक मुस्लिम शख्स की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए सोमवार (19 फरवरी) को फैसला सुरक्षा रख लिया. एनडीटीवी की खबर के मुताबिक, जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की बेंच ने फैमिली कोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाले मामले की सुनवाई की.</p>
<p style="text-align: justify;">दरअसल, एक तलाकशुदा मुस्लिम महिला ने दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 125 के तहत फैमिली कोर्ट में याचिका दायर कर पति से गुजारा भत्ते की मांग की थी. फैमिली कोर्ट ने तलाकशुदा मुस्लिम महिला के पति को 20 हजार रुपये प्रति माह अंतरिम गुजारा भत्ता देने का आदेश दिया था. इस आदेश के खिलाफ शख्स ने तेलंगाना हाई कोर्ट का रुख किया था.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>मुस्लिम पर्सनल लॉ के अनुसार हुआ था तलाक- याचिकाकर्ता</strong></p>
<p style="text-align: justify;">शख्स ने अपनी याचिका में बताया कि 2017 में मुस्लिम पर्सनल लॉ के अनुसार तलाक हुआ था, जिस पर फैमिली कोर्ट ने विचार नहीं किया. वहीं, फैमिली कोर्ट की ओर से अंतरिम गुजारा भत्ते को लेकर दिए गए निर्देश को हाई कोर्ट ने भी रद्द नहीं किया.</p>
<p style="text-align: justify;">हालांकि, हाई कोर्ट ने विभिन्न पहलुओं पर गौर करते हुए याचिका की तारीख से गुजारा भत्ते के तौर पर भुगतान की जाने वाली 20 हजार रुपये की राशि को घटाकर 10 हजार कर दिया था. वहीं, फैमिली कोर्ट से कहा गया कि वो 6 महीने के भीतर मुख्य मामले को निपटाने की कोशिश करे.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>तलाकशुदा मुस्लिम महिला का पति क्या बोला?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">शख्स ने शीर्ष अदालत का रुख किया और कहा कि तलाकशुदा पत्नी दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 125 के तहत याचिका नहीं दे सकती है. याचिकाकर्ता ने कहा कि उसने तलाकशुदा पत्नी को इद्दत की तय अवधि के दौरान गुजारा भत्ते के रूप में 15 हजार रुपये दिए थे. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें- <a title="Farmers Protest: किसानों ने खारिज किया सरकार का प्रस्ताव, बोले- 23 फसलों से नहीं पड़ने वाला कोई भार, दिया ये अल्टीमेटम" href="https://www.abplive.com/news/india/farmer-protest-big-update-farmers-organization-rejects-modi-government-s-proposal-on-msp-kisan-aandolan-2617417" target="_blank" rel="noopener">Farmers Protest: किसानों ने खारिज किया सरकार का प्रस्ताव, बोले- 23 फसलों से नहीं पड़ने वाला कोई भार, दिया ये अल्टीमेटम</a></strong></p>
Sunday, February 18, 2024
सिंधिया, सिब्बल, आजाद, चव्हाण... 2019 के बाद नेताओं की 'एग्जिट' से कमजोर होती गई कांग्रेस, यहां देखें लिस्ट
<p style="text-align: justify;"><strong>Lok Sabha Election 2024:</strong> लोकसभा चुनाव 2024 से पहले कांग्रेस पार्टी में एक और दरार पड़ सकती है. ऐसी अटकलें हैं कि मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और पार्टी के सबसे पुराने नेताओं में से एक कमलनाथ बीजेपी में शामिल हो सकते हैं. कई बड़े नेता कांग्रेस छोड़ चुके हैं. यहां हम उन बड़े नेताओं के बारे में बता रहे हैं, जिन्होंने 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद कांग्रेस पार्टी छोड़ी.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ज्योतिरादित्य सिंधिया</strong><br />माधवराव सिंधिया के बेटे ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मार्च 2020 में कांग्रेस पार्टी छोड़ी थी. वह पार्टी के शीर्ष नेताओं में शामिल थे और 2018 में मध्य प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनने के बाद उनके मुख्यमंत्री बनने के आसार थे, लेकिन कमलनाथ को मुख्यमंत्री बनाया गया था. माना जाता है कि यहीं से वह पार्टी से रूठ गए थे. लगभग एक साल बाद उन्होंने 22 विधायकों के साथ बीजेपी का दामन थाम लिया था और राज्य में सरकार बदल गई थी.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>सुष्मिता देव</strong><br />ऑल इंडिया महिला कांग्रेस की अध्यक्ष रहीं सुष्मिता ने अगस्त 2021 में कांग्रेस छोड़ी थी. वह असम में पार्टी के सबसे अहम नेताओं में से एक थी. कांग्रेस छोड़ने के बाद वह टीएमसी का हिस्सा बनीं और राज्यसभा सांसद भी बनीं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>अमरिंदर सिंह</strong><br />पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने नवंबर 2021 में कांग्रेस का दामन छोड़ा था. इसके बाद उन्होंने अपनी खुद की पार्टी बनाई. हालांकि, एक साल के अंदर ही उन्होंने अपनी पंजाब लोक कांग्रेस पार्टी का विलय बीजेपी में कर दिया था.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>आरपीएन सिंह</strong><br />जनवरी 2022 में आरपीएन सिंह ने कांग्रेस छोड़ बीजेपी का दामन थाम लिया था. तीन बार के विधायक रहे आरपीएन सिंह का कहना था कि कांग्रेस अब वह पार्टी नहीं रह गई है जो पहले हुआ करती थी. वह 30 साल तक कांग्रेस का हिस्सा रहे थे. उनके पिता भी इंदिरा गांधी सरकार का हिस्सा थे.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>अश्विनी कुमार</strong><br />फरवरी 2022 में कांग्रेस छोड़ने वाले अश्विनी कुमार यूपीए सरकार मे कैबिनेट मंत्री भी रहे थे. वह 40 साल तक पार्टी का हिस्सा थे और सोनिया गांधी के सबसे विश्वासपात्र नेताओं में शामिल थे.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>हार्दिक पटेल</strong><br />गुजरात के पाटीदार नेता हार्दिक पटेल ने मई 2022 में कांग्रेस छोड़ दी थी. उनका कहना था कि पार्टी के बड़े नेता अपने फोन में आने वाले मैसेज को लेकर ज्यादा चिंतित हैं और राज्य स्तर के नेता चिकन पार्टी में व्यस्त हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>कपिल सिब्बल</strong><br />कपिल सिब्बल ने मई 2022 में कांग्रेस पार्टी छोड़ी थी. इससे दो महीने पहले उन्होंने कहा था कि गांधी परिवार को शीर्ष नेतृत्व छोड़ देना चाहिए और अन्य नेताओं को आगे बढ़ाना चाहिए. कांग्रेस छोड़ने के बाद वह समाजवादी पार्टी के समर्थन से राज्यसभा में निर्दलीय सांसद बने.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>सुनील जाखड़</strong><br />पंजाब कांग्रेस समिति के पूर्व अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने मई 2022 में पार्टी छोड़ी थी. 50 साल तक पार्टी में रहने के बाद जब उन्हें शो कॉज नोटिस मिला तो उन्होंने सोनिया गांधी के काम करने के तरीके पर सवाल खड़े किए और पार्टी से इस्तीफा दे दिया. बाद में वह बीजेपी के साथ जुड़े.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>गुलाम नबी आजाद</strong><br />गुलाम नबी आजाद ने अगस्त 2022 में पार्टी छोड़ी थी. उन्होंने सोनिया गांधी को पांच पन्ने का लेटर लिखकर अपनी बात कही थी. उन्होंने कहा था कि कांग्रेस इस स्थिति में पहुंच चुकी है कि पार्टी कभी वापसी नहीं कर पाएगी.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>जयवीर शेरगिल</strong><br />जयवीर ने अगस्त 2022 में कांग्रेस छोड़ी थी. वह बीजेपी में शामिल हुए और फिलहाल पार्टी के प्रवक्ता हैं. वह 2018 में कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता थे. उन्होंने भी कांग्रेस छोड़ने से पहले पार्टी के शीर्ष नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए थे.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>मिलिंद देवड़ा</strong><br />मिलिंद देवड़ा ने जनवरी 2024 में कांग्रेस छोड़कर <a title="एकनाथ शिंदे" href="https://www.abplive.com/topic/eknath-shinde" data-type="interlinkingkeywords">एकनाथ शिंदे</a> की अगुआई वाली शिवसेना पार्टी का दामन थाम लिया. राहुल गांधी के करीबी नेताओं में शामिल रहे देवड़ा ने कांग्रेस पर उन्हें तवज्जो न देने का आरोप लगाया था.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>अशोक चव्हाण</strong><br />फरवरी 2024 में कांग्रेस से अलग हुए अशोक चव्हाण बीजेपी का हिस्सा बन चुके हैं.<br /><br /><strong>यह भी पढ़ें: <a title="लोकसभा चुनाव 2024: बिहार के लिए असदुद्दीन ओवैसी ने बनाया खास प्लान, सीमांचल की एक नहीं इतनी सीटों पर है AIMIM की नजर" href="https://www.abplive.com/news/india/lok-sabha-election-2024-asaduddin-owaisi-party-aimim-will-fight-on-more-than-one-seat-in-seemanchal-bihar-2615355" target="_self">लोकसभा चुनाव 2024: बिहार के लिए असदुद्दीन ओवैसी ने बनाया खास प्लान, सीमांचल की एक नहीं इतनी सीटों पर है AIMIM की नजर</a></strong></p>
Lok Sabha Elections 2024: मिशन 400 की रणनीति पर पीएम मोदी ने मुख्यमंत्रियों से की चर्चा, क्या हुई बात?
<p style="text-align: justify;"><strong>PM Modi Meeting With BJP-Ruled CMs:</strong> भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अधिवेशन के समापन के बाद रविवार (18 फरवरी) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत मंडपम में ही पार्टी शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों और उपमुख्यमंत्रियों के साथ बैठक की. उन सभी के साथ जनकल्याणकारी योजनाओं, लाभार्थियों से संपर्क अभियान की प्रगति और लोकसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर अहम चर्चा भी की. </p>
<p style="text-align: justify;">सूत्रों के मुताबिक, पार्टी के मुख्यमंत्री परिषद की बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने शुरुआत में ही यह कह दिया कि उन्हें जो बोलना था, वो अपने समापन भाषण (राष्ट्रीय अधिवेशन में ) में बोल चुके हैं. मुख्यमंत्रियों और उपमुख्यमंत्रियों के साथ बैठक में पीएम मोदी का ज्यादा फोकस मुख्यमंत्रियों की बातें सुनने पर ही रहा.</p>
<p style="text-align: justify;">बैठक में मुख्यमंत्रियों ने अपने-अपने राज्य में <a title="लोकसभा चुनाव" href="https://www.abplive.com/topic/lok-sabha-election-2024" data-type="interlinkingkeywords">लोकसभा चुनाव</a> की तैयारियों की जानकारी दी. वहीं, लाभार्थियों से संपर्क और गांव चलो अभियान सहित चलाए जा रहे कई अन्य अभियानों की प्रगति के बारे में भी अवगत कराया. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>माणिक साहा ने पीएम को कराया 'ऐप व्यवस्था' से अवगत </strong></p>
<p style="text-align: justify;">प्रधानमंत्री मोदी ने कुछ मुख्यमंत्रियों से कुछ जानकारी भी ली. बीजेपी शासित किसी भी राज्य की ओर से उठाए गए अच्छे कदमों के बारे में सभी राज्यों को जानकारी देने की स्थापित परंपरा के मुताबिक, त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने शिकायत निवारण को लेकर राज्य सरकार की ऐप व्यवस्था के बारे में बताया. </p>
<p style="text-align: justify;">पीएम मोदी की अध्यक्षता में हुई बीजेपी मुख्यमंत्री परिषद की बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, <a title="अमित शाह" href="https://www.abplive.com/topic/amit-shah" data-type="interlinkingkeywords">अमित शाह</a> और राजनाथ सिंह आद‍ि प्रमुख रूप से मौजूद रहे. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>'राष्ट्र का संकल्प लेकर निकला व्यक्ति हूं' </strong></p>
<p style="text-align: justify;">उधर, प्रधानमंत्री <a title="नरेंद्र मोदी" href="https://www.abplive.com/topic/narendra-modi" data-type="interlinkingkeywords">नरेंद्र मोदी</a> ने राष्‍ट्रीय अध‍िवेशन के दौरान कहा, ''मैं बीजेपी सरकार का तीसरा कार्यकाल सत्ता भोग के लिए नहीं मांग रहा हूं. मैं राष्ट्र का संकल्प लेकर निकला हुआ व्यक्ति हूं. अगर मैं अपने घर की चिंता करता तो आज करोड़ों गरीबों के घर नहीं बन पाते. मैं देश के करोड़ों बच्चों के भविष्य के लिए जीता हूं.''</p>
<p style="text-align: justify;">देश के युवाओं, महिलाओं और गरीबों के सपने और संकल्प को 'मोदी का संकल्प' बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि वह इस संकल्प की पूर्ति के लिए ही दिन-रात एक कर रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा क‍ि एनडीए को 400 पार करने के लिए बीजपी को 370 के मील का पत्थर पार करना ही होगा.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें: <a title="क्या कमलनाथ छोड़ेंगे कांग्रेस? मुलाकात के बाद करीबी नेता सज्जन सिंह वर्मा ने किया ये दावा" href="https://www.abplive.com/news/india/kamal-nath-congress-leaving-speculation-amid-loyalist-sajjan-singh-verma-reveals-what-is-next-2616435" target="_self">क्या कमलनाथ छोड़ेंगे कांग्रेस? मुलाकात के बाद करीबी नेता सज्जन सिंह वर्मा ने किया ये दावा</a></strong></p>
7 मार्च को पश्चिम बंगाल में रैली करेंगे पीएम मोदी, संदेशखालि हिंसा के बाद होगा पहला दौरा
<p style="text-align: justify;"><strong>PM Modi West Bengal Visit:</strong> पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के सदस्यों पर संदेशखालि में महिलाओं के यौन उत्पीड़न के आरोपों को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 7 मार्च को राज्य के बारासात में महिलाओं की रैली को संबोधित कर सकते हैं. बीजेपी नेताओं ने रविवार (18 फरवरी) को बताया कि उत्तर 24-परगना जिले के मुख्यालय में निर्धारित रैली अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस से एक दिन पहले होगी.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>7 मार्च को पीएम कर सकते हैं संबोधित</strong></p>
<p style="text-align: justify;">इसी जिले में संदेशखालि स्थित है. भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी 7 मार्च को महिलाओं की एक रैली को संबोधित करने के लिए बारासात का दौरा कर सकते हैं. सुकांत मजूमदार को पिछले सप्ताह घायल होने के कारण अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था, क्योंकि संदेशखालि जाने से रोके जाने के बाद बीजेपी कार्यकर्ताओं की पुलिसकर्मियों के साथ झड़प हुई थी.</p>
<p style="text-align: justify;">प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष, पार्टी के अन्य नेताओं और पार्टी की एक केंद्रीय तथ्यान्वेषी टीम को पुलिस ने इलाके का दौरा करने से रोक दिया है. संदेशखालि इलाके में बड़ी संख्या में महिलाओं की ओर से तृणमूल कांग्रेस के नेता शाहजहां शेख और उनके समर्थकों पर जबरदस्ती जमीन हड़पने और उनका यौन उत्पीड़न करने के आरोप लगाए जाने के कारण तनाव व्याप्त है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>फरार हैं शाहजहां शेख</strong></p>
<p style="text-align: justify;">5 जनवरी को छापेमारी के दौरान भीड़ ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों पर हमला कर दिया था, तब से टीएमसी नेता शाहजहां शेख फरार है. शाहजहां शेख के दो सहयोगियों के साथ अन्य लोगों पर गैंगरेप और हत्या के प्रयास के आरोपों के तहत मामला दर्ज किया गया था.</p>
<p style="text-align: justify;">पश्चिम बंगाल के संदेशखालि में अवैध रूप से जमीन कब्जाने और महिलाओं का यौन उत्पीड़न करने के प्रमुख आारोपियों में से एक तृणमूल कांग्रेस नेता शिवप्रसाद हाजरा को उत्तर 24 परगना की एक अदालत ने रविवार को आठ दिन के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://www.abplive.com/elections/pm-modi-is-best-indian-pm-in-survey-atal-bihari-vajpayee-indira-gandhi-in-top-three-2616400">भारत के सबसे लोकप्रिय PM के खिताब पर फिर किया नरेंद्र मोदी ने कब्जा, सर्वे में अटल-इंदिरा-मनमोहन सब छूटे पीछे</a></strong></p>
'महाभारत के युद्ध में थे कौरव और पांडव, लोकसभा चुनाव से पहले भी दो खेमे', गृह मंत्री अमित शाह का I.N.D.I.A. गठबंधन पर हमला
<p style="text-align: justify;"><strong>Amit Shah On INDIA Alliance:</strong> केंद्रीय गृह मंत्री <a title="अमित शाह" href="https://www.abplive.com/topic/amit-shah" data-type="interlinkingkeywords">अमित शाह</a> (Amit Shah) ने आगामी <a title="लोकसभा चुनाव" href="https://www.abplive.com/topic/lok-sabha-election-2024" data-type="interlinkingkeywords">लोकसभा चुनाव</a> की तुलना रविवार (18 फरवरी) को महाभारत के युद्ध से की और कहा कि जहां एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की अगुवाई वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) देश के विकास के लिए काम कर रहा है. वहीं, दूसरी तरफ कांग्रेस नीत 'इंडिया' गठबंधन परिवारवादी पार्टियों और भ्रष्टाचारियों से भरा पड़ा है. </p>
<p style="text-align: justify;">बीजेपी के दो दिवसीय अधिवेशन के आखिरी दिन 'बीजेपी: देश की आशा, विपक्ष की हताशा' प्रस्ताव पर कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए शाह ने वंशवाद और तुष्टिकरण की राजनीति को बढ़ावा देने के लिए विपक्षी दलों के 'इंडिया गठबंधन' की कड़ी आलोचना की. शाह ने कहा, ''जैसे महाभारत के युद्ध में दो खेमे थे... कौरव और पांडव थे, वैसे ही चुनाव से पहले अभी दो खेमे हैं.'' </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>'राष्ट्र के सिद्धांतों पर चलता है एनडीए' </strong></p>
<p style="text-align: justify;">केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने कहा कि इनमें से एक खेमा प्रधानमंत्री <a title="नरेंद्र मोदी" href="https://www.abplive.com/topic/narendra-modi" data-type="interlinkingkeywords">नरेंद्र मोदी</a> के नेतृत्व में बीजेपी नीत राजग है और दूसरा कांग्रेस के नेतृत्व वाला 'इंडिया' गठबंधन है. उन्होंने कहा क‍ि 'इंडिया' गठबंधन सभी वंशवादी पार्टियों का गठबंधन है जो वंशवाद, भ्रष्टाचार, तुष्टिकरण की पोषक हैं जबकि बीजेपी नीत एनडीए सभी दलों का गठबंधन है जो राष्ट्र के सिद्धांतों पर चलता है. </p>
<p style="text-align: justify;">गृह मंत्री शाह ने कहा कि देश के लोगों को यह तय करना होगा कि वे इस बार दोनों में किसे जनादेश देना चाहते हैं. उन्होंने इन (वंशवादी) पार्टियों को चलाने वाले परिवारों की दूसरी, तीसरी और चौथी पीढ़ी की ओर इशारा करते हुए कहा कि विपक्ष में 'टू-जी', 'थ्री-जी' और 'फोर-जी' पार्टियों की भरमार है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने समाज के सभी वर्गों के विकास के लिए काम किया है और वैश्विक स्तर पर देश का कद बढ़ाया है. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>'विकास की राजनीति को केंद्र में लाए पीएम मोदी' </strong></p>
<p style="text-align: justify;">गृह मंत्री ने कहा कि लोगों के मन में इस बात को लेकर कोई संदेह नहीं है कि प्रधानमंत्री मोदी तीसरी बार सत्ता में लौटेंगे. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने विपक्षी दलों की वंशवाद, भ्रष्टाचार, तुष्टिकरण और जाति की राजनीति को समाप्त कर विकास की राजनीति को केंद्र में ला दिया. शाह ने देश की प्रगति के लिए प्रधानमंत्री मोदी के समर्पण, कड़ी मेहनत और प्रतिबद्धता की प्रशंसा की. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>'इंडिया' गठबंधन और कांग्रेस पर बरसे अमित शाह</strong></p>
<p style="text-align: justify;">अम‍ित शाह ने सोनिया गांधी, शरद पवार, लालू प्रसाद यादव और एमके स्टालिन और अन्य का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी गरीबों और देश के विकास के बारे में सोचते हैं जबकि 'इंडिया' गठबंधन के नेता अपनी संतान को प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री बनाने के बारे में सोचते हैं. उन्होंने कांग्रेस और उसके सहयोगियों के शासन के दौरान हुए कथित घोटालों का जिक्र करते हुए कहा, ''कांग्रेस भ्रष्टाचार की जननी है.'' </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>'एक तरफ परिवार की पार्टियां, दूसरी तरफ गरीब मां का बेटा' </strong></p>
<p style="text-align: justify;">गृह मंत्री शाह ने बैठक में मोदी-मोदी के नारे के बीच कहा कि पीएम मोदी के खिलाफ परिवारवादी पार्टियों के सभी 'राजकुमार' एक साथ आ गए हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि केवल शक्तिशाली परिवार से ही कोई व्यक्ति इस शीर्ष पद पर आसीन हो सकता है. उन्होंने कहा क‍ि एक तरफ परिवार की तरफ से चलाई जाने वाली पार्टियां हैं और दूसरी तरफ गरीब मां का बेटा है. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें: <a title="कमलनाथ ने कांग्रेस का साथ छोड़ बीजेपी का हाथ थामा तो पार्टी को क्या फायदा होगा? यहां समझिए चुनावी गणित" href="https://www.abplive.com/news/india/if-kamal-nath-joins-bjp-how-will-it-benefit-bjp-in-loksabha-election-2024-abpp-2616070" target="_self">कमलनाथ ने कांग्रेस का साथ छोड़ बीजेपी का हाथ थामा तो पार्टी को क्या फायदा होगा? यहां समझिए चुनावी गणित</a></strong></p>
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