Thursday, December 7, 2023

Book On Pranab Mukherjee: प्रणब मुखर्जी पर बेटी शर्मिष्ठा मुखर्जी की क‍िताब से खड़ा हुआ बवाल, जानें 10 बड़े खुलासे 

<p style="text-align: justify;"><strong>Sharmistha Mukherjee Book Row: </strong>देश के पूर्व राष्&zwj;ट्रपत&zwj;ि दिवंगत प्रणब मुखर्जी (Pranab Mukherjee) की बेटी शर्म&zwj;िष्&zwj;ठा मुखर्जी ने अपने प&zwj;िता "इन प्रणब, माई फादर: ए डॉटर रिमेम्बर्स" ने पुस्&zwj;तक ल&zwj;िखी है. वैसे तो इस पुस्&zwj;तक का व&zwj;िमोचन अध&zwj;िकृत रूप से 11 द&zwj;िसंबर को होना है लेक&zwj;िन इस कुछ अध्&zwj;यायों का ज&zwj;िक्र शर्म&zwj;िष्&zwj;ठा की ओर से क&zwj;िया गया. इसपर बवाल खड़ा हो गया है. इन चैप्&zwj;टर में कांग्रेस के पूर्व अध्&zwj;यक्ष राहुल गांधी को लेकर कई घटनाक्रमों का ज&zwj;िक्र किया गया है और उनको लेकर कई दावे भी क&zwj;िए गए हैं. कई नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) और कांग्रेस पार्टी के बचाव में गए हैं.&nbsp;<br />&nbsp;&nbsp;<br />शर्म&zwj;िष्&zwj;ठा मुखर्जी ने पुस्&zwj;तक में प्रणब मुखर्जी के शानदार जीवन का व&zwj;िस्&zwj;तार से वर्णन करने के साथ-साथ प&zwj;िता की डायरी में दर्ज की गईं एंट्रीज और खुद के साथ क&zwj;िए गए व्&zwj;यक्&zwj;त&zwj;िगत संवादों और राजनीत&zwj;िक क&zwj;िस्&zwj;सों को सार्वजन&zwj;िक क&zwj;िया है.&nbsp;</p> <ul> <li style="text-align: justify;">शर्म&zwj;िष्&zwj;ठा मुखर्जी ने दावा क&zwj;िया क&zwj;ि प्रणब मुखर्जी ने एक बार कहा था कि राहुल गांधी को एक राजनेता के रूप में अभी राजनीतिक रूप से परिपक्व होना बाकी है. उनका कहना था क&zwj;ि राहुल गांधी बहुत विनम्र हैं और अलग-अलग विषयों में रुचि रखते हैं लेकिन एक विषय से दूसरे विषय पर बहुत तेजी से आगे बढ़ते हैं. ऐसे में वे एक विषय को ही कितना समझ पाते होंगे, मुझे नहीं पता और कांग्रेस नेता सोनिया गांधी उन्हें कमान सौंपना चाहती हैं.&nbsp;</li> <li>क&zwj;िताब में उस घटनाक्रम का भी ज&zwj;िक्र किया गया है जब पूर्व राष्&zwj;ट्रपत&zwj;ि ने राहुल गांधी की 'am' और 'pm' के बीच अंतर बताने की क्षमता पर सवाल उठाया था. दरअसल, प्रणब को मॉर्न&zwj;िंग वॉक और पूजा के वक्&zwj;त कोई व्&zwj;यवधान पसंद नहीं था. बावजूद इसके राहुल गांधी उनसे उस समय म&zwj;िलने पहुंच गए ज&zwj;िस वक्&zwj;त वो मुगल गार्डन (अब अमृत उद्यान) में सामान्&zwj;य तौर पर सुबह की सैर कर रहे थे. उनका म&zwj;िलने का समय शाम का था लेक&zwj;िन को उनके (राहुल के) कार्यालय ने गलती से उन्हें सुबह की बैठक के ल&zwj;िए सूच&zwj;ित कर द&zwj;िया. जब मैंने पिता से पूछा तो उन्&zwj;होंने व्यंग्यात्मक टिप्पणी की, 'अगर राहुल का कार्यालय 'ए.एम.' और 'पी.एम.' के बीच अंतर नहीं कर सकता, तो वे एक दिन पीएमओ चलाने की उम्मीद कैसे कर सकते हैं?'&nbsp;</li> <li style="text-align: justify;">'क&zwj;िताब में उस बात का भी उल्&zwj;लेख क&zwj;िया क&zwj;ि उनको (राहुल गांधी) राजनीतिक कौशल के बिना अपने गांधी-नेहरू वंश का पूरा अहंकार है. इसकी वजह से उन्&zwj;होंने &nbsp;<br />एक अध्यादेश को फाड़ दिया था जिसमें आपराधिक मामलों में दोषी ठहराए गए सांसदों को बचाने का प्रयास किया गया था. पार्टी के उपाध्यक्ष ने सार्वजनिक रूप से अपनी ही सरकार के प्रति ऐसा तिरस्कार दिखाया था. ऐसे में जनता आपको फिर से वोट क्यों देना चाहेगी?&nbsp;</li> <li style="text-align: justify;">साल 2014 में कांग्रेस की हार के कारणों पर प्रणब मुखर्जी से बातचीत का ज&zwj;िक्र करते हुए दावा क&zwj;िया गया है क&zwj;ि 'उन्होंने (प्रणब दा) मुझसे कहा कि अन्य कारणों के अलावा राहुल का गुस्सा कांग्रेस के ताबूत में आखिरी कील था. नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीजेपी के सत्ता में आने के बाद कांग्रेस अब तक के सबसे निचले स्तर 44 सीटों पर आ गई.</li> <li style="text-align: justify;">क&zwj;िताब में गांधी परिवार और प्रणब मुखर्जी के बीच कई सौहार्दपूर्ण और दिलचस्प संबंधों का भी जिक्र क&zwj;िया गया है. क&zwj;िताब में 1984 में हुई प्रधानमंत्री इंद&zwj;िरा गांधी (Indira Gandhi) की हत्&zwj;या के बाद उपजे राजनीत&zwj;िक संकट का भी हवाला द&zwj;िया है. दावा क&zwj;िया गया है क&zwj;ि जब इंद&zwj;िरा गांधी की हत्&zwj;या हो गई तो कांग्रेस नेता गनी खान चौधरी ने अहम पद संभालने के लिए कैबिनेट के सबसे सीन&zwj;ियर मैंबर के तौर पर पीवी नरसिम्हा राव या प्रणब मुखर्जी के नाम का प्रस्ताव क&zwj;िया गया था लेकिन मुखर्जी ने स्पष्ट क&zwj;िया था क&zwj;ि अगर राजीव गांधी (Rajiv Gandhi) जैसा गैर-कैबिनेट सदस्य प्रधानमंत्री बनता है तो कोई समस्या नहीं है. राजीव ने फिर पूछा, 'क्या आपको लगता है कि मैं मैनेज कर सकता हूं?' प्रणब ने उत्तर दिया, 'हां, आप कर सकते हैं. इसके अलावा, हम सब आपकी मदद के लिए मौजूद हैं. आपको सभी का समर्थन मिलेगा.&nbsp;</li> </ul> <ul> <li style="text-align: justify;">इस क&zwj;िताब में शर्म&zwj;िष्&zwj;ठा ने प्रणब मुखर्जी को पीएम नहीं बनाए जाने का भी खुलासा क&zwj;िया है. साल 2003 में यूपीए की सरकार आने पर प्रणब ने पहले ही कहा था कि प्रबल दावेदार होने के बाद भी उन्हें प्रधानमंत्री नहीं बनाया जाएगा.&nbsp;</li> <li style="text-align: justify;">साल 2004 में प्रधानमंत्री बनने की संभावनाएं तो खत्&zwj;म हो गईं लेक&zwj;िन सोन&zwj;िया गांधी ने उनसे मंत्रालय की प्राथम&zwj;िकताएं पूछी थी. इस पर प्रणब ने उनको गृह और व&zwj;िदेश मंत्रालय के ल&zwj;िए बोला था ज&zwj;िससे कुछ इंड&zwj;िकेशन म&zwj;िलते हैं क&zwj;ि शायद गृह मंत्रालय पहली पसंद होगा. हैरानी तब हुई क&zwj;ि इनमें से कोई मंत्रालय उनको ना देकर रक्षा मंत्रालय द&zwj;िया गया ज&zwj;िससे वह आश्&zwj;चर्यचक&zwj;ित रहे गए.&nbsp;</li> <li style="text-align: justify;">शर्मिष्ठा ने लिखा कि प्रणब मुखर्जी 2017 तक देश के राष्ट्रपति रहे. उनके कार्यकाल की समाप्&zwj;त&zwj;ि के 3 साल बाद उनकी मृत्यु हो गयी. वह आख&zwj;िरी वक्&zwj;त तक राजनीतिक रूप से सक्रिय रहे. पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का गांधी परिवार के साथ तीन पीढ़ियों का नाता रहा है. दशकों तक सरकार में शीर्ष मंत्रालय संभालते रहे. &nbsp;</li> <li style="text-align: justify;">अपनी किताब में शर्मिष्ठा ने अपने पिता और प्रधान मंत्री <a title="नरेंद्र मोदी" href="https://www.abplive.com/topic/narendra-modi" data-type="interlinkingkeywords">नरेंद्र मोदी</a> के बीच संबंधों का भी डॉक्&zwj;युमेंटेशन किया है. बताया क&zwj;ि दो अलग-अलग विचारधाराओं के लोग भी जुड़ सकते हैं.&nbsp;</li> <li style="text-align: justify;">पुस्&zwj;तक में यह भी खुलासा क&zwj;िया गया है क&zwj;ि पीएम मोदी हमेशा अकेले में मेरे पिता के पैर छूते थे. वे राजनीति पर चर्चा करते थे. जब वह पहली बार प्रधान मंत्री बने, तो मेरे पिता ने उनसे कहा कि वह उन्हें संविधान पर सलाह देंगे लेकिन उन्हें किसी भी राजनीति में नहीं घसीटा जाएगा.&nbsp;</li> </ul> <p style="text-align: justify;">(<strong>एजेंसी इनपुट्स के साथ</strong>)&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें:</strong> <a title="Book On Pranab Mukherjee: 'गांधी-नेहरू परिवार का होने का घमंड...' शर्मिष्ठा मुखर्जी ने अपनी किताब में किया खुलासा" href="https://www.abplive.com/news/india/book-on-pranab-mukherjee-claim-that-rahul-gandhi-ordinance-tearing-act-in-2013-showing-arrogance-of-gandhi-nehru-lineage-2554956" target="_self">Book On Pranab Mukherjee: 'गांधी-नेहरू परिवार का होने का घमंड...' शर्मिष्ठा मुखर्जी ने अपनी किताब में किया खुलासा</a></p> <p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

No comments:

Post a Comment

Indian Navy: ईरान युद्ध के बीच भारत ले सकता है बड़ा फैसला, पर्शियन गल्फ में नौसेना की तैनात पर विचार, जानें कारण

<p style="text-align: justify;">पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास बने संकट के बीच <a href="...