Saturday, September 30, 2023

Election 2023: पीएम मोदी तेलंगाना को आज देंगे 'चुनावी गिफ्ट', महबूबनगर में करेंगे जनसभा, ये है आज की चुनावी हलचल

<p style="text-align: justify;"><strong>PM Narendra Modi Rally in Telangana Today:&nbsp;</strong>चुनाव का इंतजार कर रहे मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, तेलंगाना के लिए रविवार (1 अक्टूबर) का दिन राजनीति के लिहाज से काफी खास रहने वाला है. वोटरों को लुभाने के लिए आज बड़ी संख्या में जनसभाओं और रैली का आयोजन किया जाएगा. इसके अलावा चुनावी तैयारियों को लेकर कई जरूरी मीटिंग भी आज होगी.</p> <p style="text-align: justify;">रैलियों में सबसे बड़ी रैली आज तेलंगाना में होगी. पीएम नरेंद्र मोदी यहां के महबूबनगर में एक जनसभा को संबोधित करेंगे. इसके अलावा राजस्थान और छत्तीसगढ़ के उम्मीदवारों के नाम फाइनल करने के लिए दिल्ली में बीजेपी केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक भी आज ही होगी. आइए आपको बताते हैं आज के कुछ बड़े चुनावी इवेंट के बारे में.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>पीएम नरेंद्र मोदी की जनसभा</strong></p> <p style="text-align: justify;">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज तेलंगाना दौरे पर रहेंगे. यहां पीएम महबूबनगर में एक जनसभा को संबोधित करेंगे. इस दौरान वह 21 हजार करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी रखेंगे. महबूबनगर चुनावी दृष्टिकोण से काफी महत्वपूर्ण माना जाता है. तेलंगाना के सीएम के.चंद्रशेखर (केसीआर) यहां से एक बार सांसद रह चुके हैं. ऐसे में पार्टी का पूरा फोकस इस पर बढ़त बनाकर रखना है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>बीजेपी की दिल्ली में होगी बड़ी बैठक</strong></p> <p style="text-align: justify;">वहीं, रैली और जनसभा से अलग दिल्ली में आज (1 अक्टूबर) भारतीय जनता पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक होगी. इस बैठक का मकसद राजस्थान और छत्तीसगढ़ के उम्मीदवारों के नाम तय करना है. बताया जा रहा है कि आज नाम पर मुहर लग जाएगी. केंद्रीय चुनाव समिति की इस बैठक में प्रधानमंत्री <a title="नरेंद्र मोदी" href="https://www.abplive.com/topic/narendra-modi" data-type="interlinkingkeywords">नरेंद्र मोदी</a>, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह व कुछ अन्य वरिष्ठ नेता शामिल होंगे.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>राजस्थान और छत्तीसगढ़ के लिए टिकट आसान नहीं</strong></p> <p style="text-align: justify;">आज भले ही बीजेपी राजस्थान और छत्तीसगढ़ के उम्मीदवारों के नाम फाइनल करने के लिए मीटिंग कर रही हो, लेकिन नाम तय करना इतना आसान नहीं होगा. दरअसल, राजस्थान और छत्तीसगढ़, दोनों ही जगहों पर बीजेपी के कद्दावर नेता और पूर्व मुख्यमंत्री पार्टी से नाराज बताए जा रहे हैं. राजस्थान की बात करें तो अभी तक के चुनाव प्रचार में वसुंधरा राजे दूर-दूर ही नजर आ रही हैं. वहीं, छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम रमन सिंह भी पार्टी से नाराज बताए जा रहे हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें</strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="Aditya-L1 Mission: धरती से 9.2 लाख किमी दूर पहुंचा आदित्य-एल1, ISRO ने पहली बार मंगल मिशन पर किया था ये कारनामा" href="https://www.abplive.com/news/india/aditya-l1-solar-mission-navigating-towards-lagrange-point-1-isro-says-travelled-beyond-distance-of-9-2-lakh-kilometers-from-earth-2505164" target="_self">Aditya-L1 Mission: धरती से 9.2 लाख किमी दूर पहुंचा आदित्य-एल1, ISRO ने पहली बार मंगल मिशन पर किया था ये कारनामा</a></strong></p>

Arunachal High Altitude Marathon: 10 हजार फीट की ऊंचाई, 2500 लोग... अरुणाचल प्रदेश में पहली बार अनोखे मैराथन को हरी झंडी

<p style="text-align: justify;"><strong>India First High Altitude Marathon: </strong>अरुणाचल प्रदेश के तवांग में रविवार 1 अक्टूबर को देश के पहले हाई एल्टीट्यूड मैराथन की शुरुआत हो गई है. केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू और अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर इस अनोखे मैराथन को रवाना किया है. भारतीय सेना और अरुणाचल प्रदेश सरकार के संयुक्त आयोजन में हो रहे समुद्र तल से 10000 फीट की ऊंचाई की इस दौड़ में 2500 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने इस आयोजन पर ख़ुशी ज़ाहिर करते हुए कहा "भारतीय सेना और अरुणाचल सरकार ने बहुत अच्छा सहयोग किया है.मुझे तवांग मैराथन में भाग लेने के लिए इतने सारे प्रतिभागियों को तवांग आते देखकर खुशी हो रही है."</p> <p style="text-align: justify;">अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने कहा, "पहली बार राज्य सरकार भारतीय सेना के साथ मिलकर यहां हाई एल्टीट्यूड मैराथन का आयोजन कर रही है. लगभग 2,500 धावकों ने आधिकारिक तौर पर भाग लिया है. देश भर से महिला प्रतिभागी आई हैं. यहां. तवांग मैराथन में सभी प्रतिभागियों को मेरी शुभकामनाएं।"</p> <p style="text-align: justify;"><strong>हाई एल्टिच्यूड पर मेडिकल की सुविधा प्राथमिकता</strong><br />मैराथन के आयोजन का प्रमुख सेना के लेफ्टिनेंट जनरल मनीष एरी को बनाया गया है. शनिवार (30 सितंबर) को उन्होंने तैयारियों का जायजा लिया था. मनीष ने कहा था कि राज्य सरकार के शानदार सहयोग से यह मैराथन होने जा रहा है. लेफ्टिनेंट जनरल मनीष एरी ने कहा था कि हाई एल्टीट्यूड पर यह मैराथन हो रहा है. इसलिए चिकित्सा की सुविधाओं का खास तौर पर ख्याल रखा गया है. राज्य सरकार ने हर तरह की मदद की है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>पर्यटन को बढ़ावा देना है लक्ष्य&nbsp;</strong><br />आपको बता दें कि इस मैराथन का प्राथमिक उद्देश्य साहसिक खेलों को बढ़ावा देना और एक मैराथन ट्रेल स्थापित करना है जो राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देगा. अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने तवांग की लुभावनी प्राकृतिक सुंदरता और प्राचीन घाटियों &zwnj; के पर्यटन पर जोर देते हुए जून में आधिकारिक तौर पर मैराथन की घोषणा की थी, और पहले प्रतिभागी के रूप में पंजीकरण भी करा लिया था.</p> <p style="text-align: justify;">तवांग मैराथन में पूर्ण मैराथन, हाफ-मैराथन, 10 किमी और 5 किमी दौड़ सहित विभिन्न खंड शामिल हैं. विशेष रूप से, इस आयोजन में भारतीय सेना, नौसेना,वायु सेना, आईटीबीपी और एसएसबी जैसे प्रमुख केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के जवानों ने भाग लिया है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>&nbsp;ये भी पढ़ें:<a title="Women Runs Marathon In Saree: मैनचेस्टर मैराथन में संबलपुरी साड़ी पहनकर 42.5 किमी दौड़ी भारतीय महिला, लोग बोले- 'गौरव का पल'" href="https://www.abplive.com/news/india/odisha-woman-runs-marathon-race-wearing-saree-in-manchester-video-viral-on-social-media-2387257" target="_self">Women Runs Marathon In Saree: मैनचेस्टर मैराथन में संबलपुरी साड़ी पहनकर 42.5 किमी दौड़ी भारतीय महिला, लोग बोले- 'गौरव का पल'</a></strong></p>

Assembly Elections 2023 Survey: राजस्थान में बीजेपी के साथ क्लोज फाइट, एमपी-छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के फेवर में आंकड़े, जानें सर्वे की बड़ी बातें

<p style="text-align: justify;"><strong>Assembly Elections 2023 Survey:</strong> साल के अंत में जिन 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं, उनमें मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान पर बीजेपी और कांग्रेस का खास फोकस है. कारण है कि मध्य प्रदेश में बीजेपी और छत्तीसगढ़ और राजस्थान में कांग्रेस की सरकार है. जहां पार्टी अपनी-अपनी सरकारें बरकरार रखना चाहती हैं, साथ ही जिन राज्यों में वे सत्ता में नहीं हैं वहां वापसी करना चाहती हैं.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">मध्य प्रदेश पर विशेष ध्यान समझा जा रहा है क्योंकि कांग्रेस यहां&nbsp;2020 का बदला लेने के साथ ही राज्य में लंबे समय से चली आ रही सत्ता से दूरी का सूखा भी समाप्त करना चाहती है.&nbsp;दरअसल, 2018 के मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को बीजेपी के 15 वर्षों के शासन का अंत करने का मौका त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति में भी बीएसपी, समाजवादी पार्टी और निर्दलीयों की मदद से मिला था लेकिन मार्च 2020 में ज्योतिरादित्य सिंधिया की बगावत और उनके बीजेपी में शामिल होने के चलते कांग्रेस के हाथ से सत्ता की बागडोर छिन गई थी.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">इस बार इन तीनों राज्यों के विधानसभा चुनाव में क्या होगा, यह तो मतदान के बाद नतीजों से ही पता चलेगा लेकिन India TV-ETG Opinion Poll और IANS-पोलस्ट्रैट के ताजा सर्वे के आंकड़े अनुमान जताते हैं कि किस राज्य में किसकी सरकार बन सकती है. मध्य प्रदेश में पोल के आंकड़े कांग्रेस के पक्ष में ज्यादा नजर आ रहे हैं. आइये जानते हैं ओपियन पोल और चुनावी सर्वे की बड़ी बातें.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>कांग्रेस या बीजेपी, मध्य प्रदेश में किसकी बनेगी सरकार?</strong></p> <p style="text-align: justify;">मध्य प्रदेश में विधानसभा की 230 सीटें हैं. राज्य में बहुमत का आंकड़ा 116 सीटों का है. ईटीजी के ओपिनियन पोल के मुताबिक, मध्य प्रदेश में कांग्रेस की पूर्ण बहुमत से सरकार बनती दिख रही है. पोल के नतीजों में 230 विधानसभा सीटों में से कांग्रेस को 118 से 128 और बीजेपी को 102 से 110 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है, वहीं 2 सीटें अन्य के खाते में जाने की संभावना जताई गई है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>मध्य प्रदेश के किस रीजन में किसको कितनी सीटें?</strong></p> <p style="text-align: justify;">पोल के मुताबिक, मध्य प्रदेश के महाकौशल रीजन की 38 सीटों में से बीजेपी को 18-22 सीटें और कांग्रेस को 16-20 सीटें मिल सकती हैं. ग्वालियर-चंबल क्षेत्र की 34 सीटों में से कांग्रेस को 26-30 और बीजेपी को 4-8 सीटें मिलने की संभावना जताई गई है.</p> <p style="text-align: justify;">सेंट्रल मध्य प्रदेश की 36 सीटों में से बीजेपी को 22-24 सीटें और कांग्रेस को 12-14 सीटें मिलने की अनुमान जताया गया है. बुंदेलखंड रीजन की 26 सीटों में से बीजेपी को 13-15 और कांग्रेस को 11-13 सीटें मिलने की संभावना जताई गई है.</p> <p style="text-align: justify;">विंध्य क्षेत्र की 30 सीटों में से बीजेपी को 19-21 सीटें और कांग्रेस को 8-10 सीटें मिलने की संभावना जताई गई है. वहीं, मालवा रीजन की 66 सीटों में से कांग्रेस को 41 से 45 सीटें और बीजेपी को 20-24 सीटें मिलने का आनुमान जताया गया है. मालवा रीजन चुनाव में निर्णायक भूमिका निभा सकता है क्योंकि एमपी के सभी क्षेत्रों के मुकाबले यहां सबसे ज्यादा विधानसभा की सीटें आती हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>छत्तीसगढ़ में कांग्रेस रहेगी बरकरार या वापसी करेगी बीजेपी सरकार?</strong></p> <p style="text-align: justify;">छत्तीसगढ़ में विधानसभा की 90 सीटें हैं. राज्य में बहुमत का आंकड़ा 46 सीटों का है. IANS-पोलस्ट्रैट ने छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के मद्देनजर अपने ताजा सर्वे के जो आंकड़े जारी किए हैं उनमें कांग्रेस पूर्ण बहुमत से सरकार बनाती दिख रही है. सर्वे के नतीजों के मुताबिक, 90 विधानसभा सीटों में से&nbsp;62 पर कांग्रेस और 27 पर बीजेपी को जीत मिल सकती है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>राजस्थान में कांग्रेस या बीजेपी, कौन मारेगी बाजी?</strong></p> <p style="text-align: justify;">राजस्थान में विधानसभा की 200 सीटें हैं और राज्य में बहुमत का आंकड़ा 101 सीटों का है. यानी जो पार्टी 101 सीटें जीतेगी, उसकी सरकार बनेगी लेकिन ताजा ओपियन पोल में बीजेपी और कांग्रेस के बीच बेहद करीबी लड़ाई का अनुमान जताया गया है. राजस्थान विधानसभा चुनाव के मद्देनजर ईटीजी के ओपिनियन पोल के आंकड़ों में 200 सीटों में से बीजेपी को 95 से 105 और कांग्रेस को 91 से 101 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है. वहीं, अन्य के खाते में 3-6 सीटे जाने की संभावना जताई गई हैं.</p> <p style="text-align: justify;">बता दें कि कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व एक तरफ चुनावी राज्यों में अभियान में शामिल हो रहा है तो वहीं बीजेपी की ओर से प्रधानमंत्री <a title="नरेंद्र मोदी" href="https://www.abplive.com/topic/narendra-modi" data-type="interlinkingkeywords">नरेंद्र मोदी</a> ने भी मोर्चा संभाल लिया है. शनिवार को पीएम मोदी ने छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक रैली को संबोधित किया. पाटी सूत्रों के मुताबिक, 2 और 5 अक्टूबर को प्रधानमंत्री मोदी मध्य प्रदेश का दौरा कर चुनावी कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें- <a title="लोकसभा चुनाव 2024 से पहले बीजेपी तक कैसे पहुंचेगी 543 लोकसभा सीटों की ग्राउंड रिपोर्ट? बनाया ये मास्टर प्लान" href="https://www.abplive.com/news/india/lok-sabha-elections-2024-in-india-bjp-will-deploy-expansionist-on-all-seats-dinesh-sharma-appointed-coordinator-of-extension-plan-2505187" target="_blank" rel="noopener">लोकसभा चुनाव 2024 से पहले बीजेपी तक कैसे पहुंचेगी 543 लोकसभा सीटों की ग्राउंड रिपोर्ट? बनाया ये मास्टर प्लान</a></strong></p>

Friday, September 29, 2023

Elections 2023: जेपी नड्डा ने की बीजेपी के महासचिवों के साथ बैठक, आज छत्तीसगढ़ में होंगे पीएम मोदी | बड़ी बातें

<p style="text-align: justify;"><strong>BJP Election Campaign: </strong>पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों को लेकर बीजेपी ने अपना अभियान तेज कर दिया है. इस साल के अंत में राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम में चुनाव होने हैं. शनिवार (29 सितंबर) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छत्तीसगढ़ के दौरे पर होंगे. उनके बैक टू बैक चार राज्यों के दौरे होने हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>एमपी की तरह राजस्थान-छत्तीसगढ़ में बड़े चेहरे उतार सकती है बीजेपी</strong></p> <p style="text-align: justify;">बीजेपी ने हाल में मध्य प्रदेश के लिए 39 उम्मीदवारों की दूसरी लिस्ट जारी की थी, जिसमें तीन केंद्रीय मंत्रियों समेत सात सांसदों को टिकट दिया गया है. माना जा रहा है कि राजस्थान और छत्तीसगढ़ के लिए भी पार्टी केंद्रीय मंत्रियों और सांसदों को मैदान में उतार सकती है. राजस्थान में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को उम्मीदवार बनाए जाने की अटकलें जोरों पर हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>एक्शन मोड में जेपी नड्डा-अमित शाह, राज्य नेतृत्व से की चुनावी चर्चा</strong></p> <p style="text-align: justify;">बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी चुनावों को लेकर एकदम एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक, हाल में शाह और नड्डा ने राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के राज्य नेतृत्व और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ आगामी चुनावों को लेकर रणनीति पर चर्चा की है. वहीं, गृह मंत्री शाह ने पूर्व सीएम वसुंधरा राजे सिंधिया के साथ अलग से बैठक की थी.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong><span class="jCAhz ChMk0b"><span class="ryNqvb">बीजेपी की महासचिवों की हुई बैठक</span></span></strong></p> <p style="text-align: justify;"><span class="jCAhz ChMk0b"><span class="ryNqvb">सूत्रों के मुताबिक, इस बीच </span></span>शुक्रवार (29 सितंबर) को <span class="jCAhz ChMk0b"><span class="ryNqvb">बीजेपी अध्यक्ष </span></span>जेपी नड्डा की अध्यक्षता में पार्टी के महासचिवों की बैठक हुई. बैठक में चार चुनावी राज्यों के प्रभारी महासचिवों ने तैयारियों से जुड़े प्रेजेंटेशन दिए. बैठक में संगठन महामंत्री बीएल संतोष, सह संगठन महामंत्री वी सतीश पार्टी, महासचिव अरुण सिंह, तरुण चुघ, सुनील बंसल, बंदी संजय कुमार, दुष्यंत गौतम, विनोद तावडे, कैलाश विजयवर्गीय और राधा मोहन दास अग्रवाल आदि शामिल हुए.</p> <p style="text-align: justify;">बैठक में राज्यवार चुनावी तैयारी की समीक्षा की गई. चुनावी राज्यों में अब तक हुईं प्रधानमंत्री की रैलियों और बीजेपी के पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों की समीक्षा भी की गई. बैठक में सबसे पहले मध्य प्रदेश, फिर राजस्थान, उसके बाद छत्तीसगढ़ और सबसे अंत में तेलंगाना को लेकर चुनावी तैयारी पर विस्तार से समीक्षा की गई. सभी महासचिवों को पीएम मोदी के कार्यक्रमों से संबंधित योजना बनाकर उसे एक सप्ताह के भीतर केंद्रीय कार्यालय को सौंपने को कहा गया है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>एक अक्टूबर को बीजेपी की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक</strong></p> <p style="text-align: justify;">सूत्रों के मुताबिक, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के लिए उम्मीदवारों के नाम तय करने को लेकर बीजेपी की केंद्रीय चुनाव समिति (CEC) की बैठक एक अक्टूबर को होगी, जिसमें पीएम मोदी, अमित शाह और राजनाथ सिंह समेत समिति के अन्य सदस्य मौजूद रहेंगे. बता दें कि बीजेपी छत्तीसगढ़ की 90 विधानसभा सीटों में से 21 सीटों पर पिछले महीने उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर चुकी है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>छत्तीसगढ़ में पीएम मोदी का कार्यक्रम</strong></p> <p style="text-align: justify;"><span class="jCAhz ChMk0b"><span class="ryNqvb">न्यूज एजेंसी पीटीआई ने एक नेता के हवाले से बताया कि प्रधानमंत्री <a title="नरेंद्र मोदी" href="https://www.abplive.com/topic/narendra-modi" data-type="interlinkingkeywords">नरेंद्र मोदी</a> शनिवार (30 सितंबर) को छत्तीसगढ़ के बिलासपुर शहर में बीजेपी दो 'परिवर्तन यात्राओं' के समापन समारोह में शामिल होंगे. </span></span><span class="jCAhz ChMk0b"><span class="ryNqvb">पिछले तीन महीनों में कांग्रेस शासित राज्य में पीएम मोदी की यह तीसरी यात्रा है. </span></span></p> <p style="text-align: justify;"><span class="jCAhz ChMk0b"><span class="ryNqvb">पीएम मोदी दोपहर 2 बजे 'परिवर्तन महासंकल्प' रैली को संबोधित करेंगे, जो दो परिवर्तन यात्राओं का समापन समारोह है.</span></span> <span class="jCAhz ChMk0b"><span class="ryNqvb">पहली परिवर्तन यात्रा 12 सितंबर को दंतेवाड़ा (दक्षिण छत्तीसगढ़) से निकाली गई थी, जबकि दूसरी 15 सितंबर को जशपुर (उत्तरी छत्तीसगढ़) से निकाली गई थी.</span></span></p> <p style="text-align: justify;"><strong>पीएम मोदी का शेड्यूल</strong></p> <p style="text-align: justify;">2 अक्टूबर को पीएम मोदी राजस्थान और मध्य प्रदेश का दौरा करेंगे. इस दिन वह सुबह 10:45 बजे राजस्थान के चित्तौरगढ़ में कई विकास योजनाओं का शुभारंभ और शिलान्यास करेंगे. 11:45 बजे चित्तौरगढ़ में सभा को संबोधित करेंगे. पीएम मोदी दोपहर बाद 3:30 बजे मध्य प्रदेश के ग्वालियर में कई विकास योजनाओं की शुरुआत और शिलान्यास के बाद एक सभा को संबोधित करेंगे.</p> <p style="text-align: justify;">3 अक्टूबर को पीएम मोदी छत्तीसगढ़ और तेलंगाना का दौरा करेंगे. इस दिन पीएम मोदी सुबह&nbsp;11 बजे छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले के जगदलपुर में चुनावी कार्यक्रम में शामिल होंगे और 11: 45 बजे रैली करेंगे. इसके बाद 3 बजे वह तेलंगाना के निजामाबाद में विकास कार्यो की शुरुआत और शिलान्यास करेंगे. 3:45 बजे वह निजामाबाद में रैली करेंगे.</p> <p style="text-align: justify;">5 अक्टूबर को पीएम मोदी&nbsp;राजस्थान और मध्य प्रदेश का दौरा करेंगे. इस दिन सुबह 11 बजे वह राजस्थान के जोधपुर में कार्यक्रम करेंगे. 12 बजे पीएम मोदी एक चुनावी रैली को संबोधित करेंगे. दोपहर बाद 3:30 बजे वह मध्य प्रदेश के जबलपुर में कई विकास योजनाओं का शुभारंभ और शिलान्यास करेंगे और उसके बाद एक जनसभा को संबोधित करेंगे.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>छत्तीसगढ़-राजस्थान में फिर से कमल खिलाने की कोशिश में बीजेपी</strong></p> <p style="text-align: justify;">छत्तीसगढ़ में रमन सिंह के नेतृत्व में लंबे समय तक सत्ता में रहने के बाद बीजेपी को 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के हाथों हार का सामना करना पड़ा था. पार्टी राज्य में एक बार फिर सरकार बनाने के लिए प्रयास कर रही है. वहीं, बीजेपी राजस्थान में भी पूरे दमखम से तैयारी में जुटी है. छत्तीसगढ़ से पहले अमित शाह ने बुधवार (27 सितंबर) को राजस्थान का दौरा किया था. यहां उन्होंने रात के करीब दो बजे तक बैठकें की थीं.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>वसुंधरा राजे ने किया जीत का दावा</strong></p> <p style="text-align: justify;"><span class="jCAhz ChMk0b"><span class="ryNqvb">इस बीच राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने शुक्रवार को दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनाव के बाद बीजेपी राज्य में सरकार बनाएगी.</span></span> <span class="jCAhz ChMk0b"><span class="ryNqvb">वह अलवर जिले के बरवा डूंगरी गांव में नारायणी माता मंदिर में सेन समाज की ओर से आयोजित पदयात्रा के समापन समारोह में बोल रही थीं.</span></span> <span class="jCAhz ChMk0b"><span class="ryNqvb">यहां जारी एक बयान के अनुसार, राजे ने कहा कि विधानसभा चुनाव के बाद राज्य में बीजेपी की सरकार बनने जा रही है और फिर से विकास होगा.</span></span> <span class="jCAhz ChMk0b"><span class="ryNqvb">उन्होंने कहा कि&nbsp; रुकी हुई परियोजनाएं भी शुरू की जाएंगी.</span></span></p> <p style="text-align: justify;"><strong><span class="jCAhz ChMk0b"><span class="ryNqvb">यह भी पढ़ें- <a title="India Canada Row: विदेश मंत्री एस जयशंकर बोले, 'US को अपनी चिंता के बारे में बताया, हमारे राजनयिक असुरक्षित हैं'" href="https://www.abplive.com/news/india/s-jaishankar-on-india-canada-row-and-pm-justin-trudeau-remarks-over-hardeep-singh-nijjar-killing-2504522" target="_blank" rel="noopener">India Canada Row: विदेश मंत्री एस जयशंकर बोले, 'US को अपनी चिंता के बारे में बताया, हमारे राजनयिक असुरक्षित हैं'</a></span></span></strong></p>

Thursday, September 28, 2023

चुनावों से पहले बीजेपी में बैठकों का दौर जारी, JP Nadda पार्टी के महामंत्रियों के साथ करेंगे बैठक

<p>चुनावों से पहले बीजेपी में बैठकों का दौर जारी, JP Nadda पार्टी के महामंत्रियों के साथ करेंगे बैठक</p>

Karnataka Bandh: कावेरी पानी विवाद पर कर्नाटक में आज राज्यव्यापी बंद का आह्वान, जानें क्या खुलेगा और क्या रहेगा क्लोज

<p style="text-align: justify;"><strong>Karnataka Bandh Over Cauvery Water Dispute:</strong> तमिलनाडु को कावेरी का पानी छोड़े जाने के विरोध में कन्नड़ समर्थकों और किसान संगठनों ने शुक्रवार (29 सितंबर) के लिए कर्नाटक बंद का आह्वान किया है. इससे खासकर राज्य के दक्षिणी हिस्से में सामान्य जनजीवन प्रभावित हो सकता है. बेंगलुरु में यह दूसरी हड़ताल होगी क्योंकि मंगलवार (26 सितंबर) को शहर बंद था.</p> <p style="text-align: justify;">कर्नाटक रक्षणा वेदिके, कन्नड़ चालुवली (वटल पक्ष) और विभिन्न किसान संगठनों समेत प्रमुख संगठन 'कन्नड़ ओक्कुटा' ने सुबह से शाम तक राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया है. हालांकि, बेंगलुरु पुलिस ने शहर में किसी भी तरह के बंद की अनुमति नहीं दी है और बड़ी सभाओं पर प्रतिबंध के साथ ही धारा 144 लागू होने की भी संभावना है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>कर्नाटक बंद को लेकर पुलिस ने क्या कहा?</strong></p> <p style="text-align: justify;">बेंगलुरु पुलिस ने कहा कि 29 सितंबर को कर्नाटक में कई संगठन तमिलनाडु को कावेरी जल छोड़े जाने के विरोध में राज्यव्यापी बंद के लिए एकजुट हो रहे हैं. पुलिस कमिश्नर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर जोर देते हैं कि सभी प्रकार के बंद वर्जित हैं. विरोध प्रदर्शनों और रैलियों के लिए एकमात्र स्वीकृत स्थान फ्रीडम पार्क है. कोई भी संगठन अपना समर्थन स्वयं दे सकता है, बलपूर्वक नहीं. अगर संपत्ति को कोई नुकसान होता है तो संबंधित विरोध करने वाले संगठन को लागत के लिए जिम्मेदार ठहराया जाएगा.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>आयोजकों ने ये कहा</strong></p> <p style="text-align: justify;">न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, आयोजकों ने कहा कि शहर में टाउन हॉल से फ्रीडम पार्क तक एक विशाल प्रदर्शन जुलूस निकाला जाएगा, जिसमें सभी जगह के लोगों के भाग लेने की संभावना है. उन्होंने&nbsp;कहा कि बंद पूरे कर्नाटक के लिए है और राजमार्गों, टोल गेटों, रेल सेवाओं और हवाई अड्डों को भी बंद करने की कोशिश की जाएगी. राज्य में विपक्षी दल बीजेपी और जेडीएस के साथ-साथ होटल, ऑटोरिक्शा और राइडर्स एसोसिएशन ने भी बंद को समर्थन दिया है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>OUDOA और कर्नाटक स्टेट प्राइवेट स्कूल्स एसोसिएशन का बंद को समर्थन</strong></p> <p style="text-align: justify;">ऑटोरिक्शा ड्राइवर्स यूनियन और ओला उबर ड्राइवर्स एंड ओनर्स एसोसिएशन (OUDOA) की ओर से बंद का समर्थन किया जा रहा है. ओला उबर ड्राइवर्स एंड ओनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष तनवीर पाशा ने कहा कि नयनदहल्ली से फ्रीडम पार्क तक एक रैली निकाली जाएगी.</p> <p style="text-align: justify;">कर्नाटक स्टेट प्राइवेट स्कूल्स एसोसिएशन के एक पदाधिकारी ने कहा कि उनकी संस्था बंद को नैतिक समर्थन दे रही है. पदाधिकारी ने कहा कि उन्होंने अपने एसोसिएशन के सदस्यों से कहा है कि वे बंद को लेकर अपने विवेक का इस्तेमाल करें. छात्रों को सूचित कर दिया गया है कि स्कूल बंद रहने की संभावना है.</p> <p style="text-align: justify;">बृहत बेंगलुरु होटल एसोसिएशन बंद को अपना नैतिक समर्थन दिया है. इस बीच स्टेट ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट ने राज्य परिवहन निगमों को अपनी सेवाएं हमेशा की तरह जारी रखने के निर्देश जारी किए हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>शॉपिंग मॉल और मूवी थिएटर रहेंगे बंद</strong></p> <p style="text-align: justify;">राज्य के सभी शॉपिंग मॉल और मूवी थिएटर बंद रहेंगे. उन्होंने पहले ही कर्नाटक बंद को अपना समर्थन दे दिया है.&nbsp;सभी सार्वजनिक और निजी बैंक अपने समय में ही बिना किसी बदलाव के खुलेंगी. वहीं, सभी आपातकालीन सेवा से संबंधित वाहन जैसे एंबुलेंस, फार्मा वाहन और अन्य महत्वपूर्ण सामान ले जाने वाले वाहन काम करते रहेंगे. अस्पताल और मेडिकल स्टोर भी सामान्य रूप से खुलेंगे.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>उत्तरी कर्नाटक में बंद को समर्थन लेकिन व्यवसाय रहेंगे चालू</strong></p> <p style="text-align: justify;">कर्नाटक के उत्तरी भाग जैसे बेल्लारी, कलबुर्गी, बीदर, बागलकोट, विजयपुरा, यादगीर, हुबली-धारवाड़, गडग, हावेरी, कोप्पल और दावणगेरे में किसानों और व्यापारियों ने बंद को अपना नैतिक समर्थन दिया है लेकिन कहा है कि वे अपने व्यवसायों बंद नहीं रखेंगे.</p> <p style="text-align: justify;">इस बीच गुरुवार को कुछ कार्यकर्ताओं ने तमिलनाडु को कावेरी जल छोड़े जाने के खिलाफ मांड्या में विरोध प्रदर्शन किया. वे पिछले 15 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार तमिलनाडु के प्रति उदार रही है और मामले से ठीक से नहीं निपट रही है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें- <a title="Manipur Violence: मणिपुर में भीड़ ने सीएम बीरेन सिंह के परिवार के खाली घर को निशाना बनाने की कोशिश की, सुरक्षाबलों का एक्शन" href="https://www.abplive.com/news/india/manipur-violence-mob-tries-to-attack-empty-residence-belonging-to-cm-n-biren-singh-family-2503887" target="_blank" rel="noopener">Manipur Violence: मणिपुर में भीड़ ने सीएम बीरेन सिंह के परिवार के खाली घर को निशाना बनाने की कोशिश की, सुरक्षाबलों का एक्शन</a></strong></p>

Tuesday, September 26, 2023

गृह मंत्री अमित शाह बोले, 'सीमा पर एंटी-ड्रोन सिस्टम तैनात करेगा भारत'

<p style="text-align: justify;"><strong>Amit Shah Anti Drone System Remark:</strong> केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार (26 सितंबर) को कहा कि सुरक्षा को मजबूत करने के लिए अंतरराष्ट्रीय सीमा पर एंटी ड्रोन सिस्टम तैनात किया जाएगा.</p> <p style="text-align: justify;">न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, मंगलवार (26 सितंबर) को अमृतसर में नादर्न जोनल काउंसिल की बैठक को संबोधित करते हुए शाह ने कहा, ''मोदी सरकार सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है. जल्द ही हमारे देश की सीमाओं पर एंटी-ड्रोन सिस्टम तैनात किया जाएगा.''</p> <p style="text-align: justify;">उन्होंने इस काउंसिल के सदस्यों- पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, जम्मू कश्मीर, लद्दाख और चंडीगढ़ से जल बंटवारे से संबंधित अपने विवादों को खुले मन से और आपसी चर्चा से हल करने को भी कहा.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>मोदी सरकार सुरक्षा और विकास के लिए समर्पित- अमित शाह</strong></p> <p style="text-align: justify;">गृह मंत्री शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट किया, ''मोदी सरकार क्षेत्र की सुरक्षा और विकास के लिए समर्पित है. हमारी सुरक्षा एजेंसियों की अटूट सतर्कता के परिणामस्वरूप क्षेत्र में आतंकियों और मादक पदार्थों के तस्करों के खिलाफ कई सफल ऑपरेशन हुए हैं. क्षेत्र के सुरक्षा तंत्र को और मजबूत करने के लिए जल्द ही हमारे देश की सीमाओं पर एक एंटी-ड्रोन सिस्टम तैनात किया जाएगा.''</p> <blockquote class="twitter-tweet"> <p dir="ltr" lang="en">The Modi government is dedicated to the security and development of the region. The unwavering vigilance of our security agencies has resulted in numerous successful operations against terrorists and drug traffickers in the region. To further strengthen the region's security&hellip; <a href="https://t.co/dxpfXvuVbR">pic.twitter.com/dxpfXvuVbR</a></p> &mdash; Amit Shah (@AmitShah) <a href="https://twitter.com/AmitShah/status/1706694283930349931?ref_src=twsrc%5Etfw">September 26, 2023</a></blockquote> <p style="text-align: justify;"> <script src="https://platform.twitter.com/widgets.js" async="" charset="utf-8"></script> </p> <p style="text-align: justify;"><strong>नशीले पदार्थों और आतंकवाद पर नकेल </strong></p> <p style="text-align: justify;">अंतरराष्ट्रीय सीमा पार से पंजाब और जम्मू-कश्मीर तक हथियारों, गोला-बारूद और नशीले पदार्थों की तस्करी सीमा सुरक्षा बलों के सामने एक बड़ी समस्या रही है. गृह मंत्री शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री <a title="नरेंद्र मोदी" href="https://www.abplive.com/topic/narendra-modi" data-type="interlinkingkeywords">नरेंद्र मोदी</a> के नेतृत्व में सरकार नशीले पदार्थों और आतंकवाद पर नकेल कसने में सफल रही है.</p> <p style="text-align: justify;">उन्होंने कहा कि पिछले पांच साल में पीएम मोदी के नेतृत्व में जोनल काउंसिल्स (क्षेत्रीय परिषदों) की भूमिका एडवाइजरी नेचर से एक्शन प्लेटफॉर्म्स के तौर पर बदल गई है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें- <a title="S Jaishankar Speech: भारत-कनाडा विवाद के बीच यूएन में एस जयशंकर का प्रहार, 'राजनीतिक सहूलियत आतंकवाद पर...' | बड़ी बातें" href="https://www.abplive.com/news/india/s-jaishankar-speech-at-unga-foreign-minister-on-india-canada-issue-2502460" target="_blank" rel="noopener">S Jaishankar Speech: भारत-कनाडा विवाद के बीच यूएन में एस जयशंकर का प्रहार, 'राजनीतिक सहूलियत आतंकवाद पर...' | बड़ी बातें</a></strong></p>

भारत-कनाडा विवाद: संयुक्त राष्ट्र महासभा में एस जयशंकर ने दी नसीहत तो कनाडाई दूत बोले, 'हमने देखा है कि विदेशी हस्तक्षेप...'

<p style="text-align: justify;"><strong>Canadian Ambassador At UNGA:</strong> भारत और कनाडा के बीच विवाद जारी है. इस बीच मंगलवार (26 सितंबर) को विदेश मंत्री एस जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 78वें सत्र को संबोधित करते हुए आतंकवाद और विदेशी दखल जैसे मुद्दों पर परोक्ष रूप से चीन समेत कनाडा को नसीहत दी.</p> <p style="text-align: justify;">इसी मंच पर कनाडाई दूत बॉब राय ने कहा कि उनके देश ने देखा हैं कि विदेशी हस्तक्षेप के कारण लोकतंत्र खतरे में है. उन्होंने यह भी कहा कि राजनीतिक लाभ के लिए संबंधों को बताते हुए देश के नियमों को मोड़ नहीं जा सकता है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>क्या कहा कनाडाई दूत ने?</strong></p> <p style="text-align: justify;">कनाडाई दूत बॉब राय ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने संबोधन के दौरान कहा, ''जैसा कि हम समानता पर बहुत जोर देते हैं, हमें स्वतंत्र और लोकतांत्रिक समाज के मूल्यों को भी कायम रखना है. राजनीतिक लाभ के लिए संबंधों को जाहिर करते हुए हम देश के नियमों को नहीं मोड़ सकते हैं क्योंकि हमने देखा है और देखना जारी रखा है कि विदेशी हस्तक्षेप के विभिन्न माध्यमों से लोकतंत्र किस हद तक खतरे में है लेकिन सच्चाई यह है कि अगर हम उन नियमों का पालन नहीं करते हैं जिन पर हम सहमत हैं तो हम खुले और स्वतंत्र समाज का ताना-बाना तोड़ने लगते हैं...''</p> <p style="text-align: justify;"><strong>संयुक्त राष्ट्र महासभा में एस जयशंकर ये बोले</strong></p> <p style="text-align: justify;">यूएनजीए में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने परोक्ष रूप से चीन और पाकिस्तान समेत कनाडा को स्पष्ट संदेश दिया कि राजनीतिक सहूलियत आतंकवाद, उग्रवाद या हिंसा पर प्रतिक्रिया का आधार नहीं हो सकती. उन्होंने देशों से दूसरों के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करने का आह्वान किया और कहा कि वैश्विक समुदाय नियम-आधारित ऑर्डर और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का सम्मान करे.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>भारत-कनाडा विवाद</strong></p> <p style="text-align: justify;">बता दें कि हाल में कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारतीय एजेंटों की संभावित संलिप्तता का आरोप लगाया था. भारत ने कनाडा के आरोपों को बेतुका और आधारहीन करार दिया था. भारत ने यह भी कहा कि कनाडा ने अपने आरोपों के मद्देनजर सबूत पेश नहीं किए हैं.</p> <p style="text-align: justify;">इस मसले पर दोनों देशों ने एक-दूसरे राजनयिकों को निष्कासित कर दिया था. जस्टिन ट्रूडो ने हालांकि कहा था कि वह भारत को उकसाना नहीं चाहते हैं लेकिन आरोपों पर वह कायम थे. इस मुद्दे को लेकर दोनों देशों के बीच तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें- <a title="S Jaishankar Speech: भारत-कनाडा विवाद के बीच यूएन में एस जयशंकर का प्रहार, 'राजनीतिक सहूलियत आतंकवाद पर...' | बड़ी बातें" href="https://www.abplive.com/news/india/s-jaishankar-speech-at-unga-foreign-minister-on-india-canada-issue-2502460" target="_blank" rel="noopener">S Jaishankar Speech: भारत-कनाडा विवाद के बीच यूएन में एस जयशंकर का प्रहार, 'राजनीतिक सहूलियत आतंकवाद पर...' | बड़ी बातें</a></strong></p>

Monday, September 25, 2023

MP BJP Candidates List: 3 केंद्रीय मंत्रियों समेत 7 सांसदों को टिकट देकर BJP ने दिया बड़ा संदेश, अमित शाह ने लगाया UP वाला फॉर्मूला?

<p style="text-align: justify;"><strong>Madhya Pradesh Election:</strong> बीजेपी ने मध्य प्रदेश में 39 उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी कर दी है. बीजेपी ने दूसरी सूची में तीन केंद्रीय मंत्रियों सहित सात सांसदों को चुनाव मैदान में उतारा है. मध्य प्रदेश में जिन सात सांसदों को बीजेपी ने टिकट दिया है उनमें मुरैना की दिमनी सीट से नरेंद्र सिंह तोमर, सतना से गणेश सिंह, सीधी से रीती पाठक, जबलपुर पश्चिम से राकेश सिंह, गडरवारा से सांसद उदय प्रताप सिंह, नरसिंहपुर से प्रह्लाद पटेल और निवास सीट से फग्गन सिंह कुलस्ते को विधानसभा टिकट दिया गया है. बीजेपी ने अपने राष्ट्रीय महामंत्री कैलाश विजयवर्गीय को भी इंदौर सीट से टिकट दिया है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>लिस्ट के जरिए बीजेपी का संदेश</strong></p> <p style="text-align: justify;">बीजेपी ने अपने जिन सांसदों को टिकट दिया है वे सभी मध्य प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रीय इलाकों का प्रतिनिधित्व करते हैं. इस तरह से बीजेपी ने साफ संकेत दे दिया है कि इस बार पार्टी सामूहिक नेतृत्व में चुनाव लड़ने जा रही है और इसलिए हर क्षेत्र से एक बड़ा चेहरा विधानसभा चुनाव में मैदान में उतार रही है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>किस क्षेत्र से किसको टिकट?</strong></p> <p style="text-align: justify;">क्षेत्रवार इन बड़े नेताओं और चेहरों की बात करें तो बीजेपी ने ग्वालियर चंबल क्षेत्र से केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को चुनाव मैदान में उतारा है. बुंदेलखंड रीजन से केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद पटेल को विधानसभा चुनाव का टिकट दिया गया है. विंध्याचल क्षेत्र की बात करें तो यहां से सतना सीट से सांसद गणेश सिंह और सीधी विधानसभा सीट से सांसद रीती पाठक को टिकट दिया गया है.</p> <p style="text-align: justify;">मध्य प्रदेश के महाकौशल क्षेत्र से लोकसभा में मुख्य सचेतक और सांसद राकेश सिंह को जबलपुर पश्चिम विधानसभा सीट से टिकट दिया गया है. निमाड क्षेत्र से सांसद उदय प्रताप सिंह को टिकट दिया गया है. वहीं, आदिवासी चेहरे के रूप में सांसद और केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते को विधानसभा चुनाव में उतारा गया है. इसके अलावा बड़े चेहरों की बात करें तो मालवा क्षेत्र से बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री कैलाश विजयवर्गीय को इंदौर से विधानसभा का टिकट दिया गया है.</p> <p style="text-align: justify;">माना जा रहा है कि केंद्रीय नेतृत्व ने मध्य प्रदेश में गुटबाजी खत्म करने की गरज से और हर क्षेत्र से बड़े चेहरे को चुनाव मैदान में उतारकर चुनाव में बीजेपी को फायदा होगा ये मानकर इन बड़े चेहरों को टिकट दिया है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>अमित शाह का यूपी वाला फॉर्मूला</strong></p> <p style="text-align: justify;">राजनीतिक हलकों में यह भी कहा जा रहा है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का यह मास्टरस्ट्रोक है, इन बड़े चेहरों को उतार का अमित शाह ने हर क्षेत्र में एक मुख्यमंत्री का चेहरा वहां के लोगों के सामने पेश कर दिया है. यह फॉर्मूला ठीक वैसा ही है जैसा वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश के चुनाव में अमित शाह ने आजमाया था और बीजेपी का वहां 14 साल का वनवास खत्म हुआ था.</p> <p style="text-align: justify;">राजनीतिक हलकों में यह भी माना जा रहा है कि प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा की इस सूची और उम्मीदवारों के नाम तय करने में जमकर चली है. उनकी सलाह पर ही केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने केंद्रीय मंत्रियों और सांसदों को चुनाव मैदान में उतारा है. यह भी माना जा रहा है कि आगे आने वाली सूची में खुद प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा भी विधानसभा चुनाव के मैदान में उतर सकते हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें- <a title="MP BJP Candidate List: मध्य प्रदेश में बीजेपी की दूसरी सूची, जो बना रहे थे लिस्ट, उन नेताओं के नामों ने ही चौंकाया" href="https://www.abplive.com/news/india/mp-bjp-candidate-list-amazed-narendra-singh-tomar-jyotiraditya-scindia-shivraj-singh-chauhan-ann-2501769" target="_blank" rel="noopener">MP BJP Candidate List: मध्य प्रदेश में बीजेपी की दूसरी सूची, जो बना रहे थे लिस्ट, उन नेताओं के नामों ने ही चौंकाया</a></strong></p>

AIADMK ने बीजेपी से क्यों तोड़ा गठबंधन और क्या है 2024 लोकसभा चुनाव का प्लान? समझें

<p style="text-align: justify;"><strong>BJP AIADMK Alliance:&nbsp;</strong>अन्नाद्रमुक (AIADMK) ने सोमवार (25 सितंबर) को बीजेपी के साथ अपने चार साल पुराने रिश्ते को खत्म करते हुए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) से निकलने की घोषणा की, साथ ही पार्टी ने कहा कि 2024 के <a title="लोकसभा चुनाव" href="https://www.abplive.com/topic/lok-sabha-election-2024" data-type="interlinkingkeywords">लोकसभा चुनाव</a> के लिए वह एक अलग मोर्चे का नेतृत्व करेगी.</p> <p style="text-align: justify;">एनडीए से अलग होने का निर्णय चेन्नई में एआईएडीएमके मुख्यालय में पार्टी प्रमुख ईके पलानीस्वामी की अध्यक्षता में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में लिया गया.&nbsp;बीजेपी से अलग होने के फैसले पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने खुशी जताई और मुख्यालय के बाहर पटाखे फोड़े.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>एआईएडीएमके ने बीजेपी से क्यों तोड़ा गठबंधन?</strong></p> <p style="text-align: justify;">न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, एआईएडीएमके के वरिष्ठ नेताओं ने कुछ दिनों पहले नई दिल्ली में बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की थी. इस मुलाकात के बाद एनडीए से अलग होने का कदम उठाया गया है.</p> <p style="text-align: justify;">उस मुलाकात में एआईएडीएमके के नेताओं ने जेपी नड्डा को तमिलनाडु बीजेपी प्रमुख के अन्नामलाई की राजनीति की अक्रामक शैली से पैदा हुई जमीनी स्थिति के बारे में अवगत कराया था. उन्होंने द्रविड़ियन दिग्गज सीएन अन्नादुरई पर टिप्पणी करने के लिए अन्नामलाई की मांफी की मांग की थी और उन्हें बदलने के लिए भी कहा था.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>समान विचारधारा वाले दलों के गठबंधन का नेतृत्व करेगी AIADMK</strong></p> <p style="text-align: justify;">सोमवार को पूर्व मंत्री और एआईएडीएमके के वरिष्ठ नेता केपी मुनुसामी ने पत्रकारों को बताया कि पार्टी ने सर्वसम्मति से एनडीए से अलग होने का निर्णय लिया है. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने अगले साल के चुनावों में समान विचारधारा वाले दलों के गठबंधन का नेतृत्व करने का प्रस्ताव अपनाया है.</p> <p style="text-align: justify;">हालांकि, प्रस्ताव में रिश्तों में आई कड़वाहट के लिए व्यक्तिगत रूप से किसी नाम नहीं लिया गया लेकिन अन्नामलाई की ओर इशारा करते हुए बीजेपी के प्रदेश नेतृत्व को दोषी ठहराया गया है.</p> <p style="text-align: justify;">एआईएडीएमके ने कहा कि बीजेपी के राज्य नेतृत्व ने एक गुप्त उद्देश्य के साथ जानबूझकर अन्नादुरई और पार्टी की दिवंगत मुखिया जे जयललिता और निवर्तमान प्रमुख पलानीस्वामी को को बदनाम किया.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>AIADMK के प्रस्ताव में और क्या कहा गया?</strong></p> <p style="text-align: justify;">प्रस्ताव में कहा गया है कि बीजेपी भी अपनी नीतियों की आलोचना करती रही है और पार्टी के 20 अगस्त, 2023 के मदुरै सम्मेलन को महत्व नहीं देती रही है. इसमें कहा गया कि एआईएडीएमके को निशाना बनाकर की जाने वाली ऐसी निंदनीय, निरर्थक आलोचना पिछले करीब एक साल से चल रही है और इससे कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों में गहरी नाराजगी और आक्रोश है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>'दो करोड़ से ज्यादा पार्टी कार्यकर्ताओं की भावनाओं का सम्मान'</strong></p> <p style="text-align: justify;">एनडीए के साथ संबंधों पर निर्णय लेने के लिए एआईएडीएमके की बैठक में पार्टी के शीर्ष पदाधिकारियों, जिला सचिवों और विधायकों और सांसदों ने हिस्सा लिया था.&nbsp;पार्टी मुख्यालय में पटाखों के साथ जश्न के बीच मुनसामी ने कहा कि सर्वसम्मति से लिया गया निर्णय दो करोड़ से ज्यादा पार्टी कार्यकर्ताओं की भावनाओं और आकांक्षाओं का सम्मान करता है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें- <a title="AIADMK-BJP Alliance: एआईएडीएमके ने NDA से अलग होने का किया ऐलान तो क्या बोली BJP?" href="https://www.abplive.com/news/india/bjp-on-aiadmk-ending-alliance-with-nda-in-tamil-nadu-2501682" target="_blank" rel="noopener">AIADMK-BJP Alliance: एआईएडीएमके ने NDA से अलग होने का किया ऐलान तो क्या बोली BJP?</a></strong></p>

Sunday, September 24, 2023

PM Modi Bhopal Visit: आज भोपाल दौरे पर रहेंगे पीएम मोदी, जंबूरी मैदान में 10 लाख BJP कार्यकर्ताओं को करेंगे संबोधित, जानें शेड्यूल

<p style="text-align: justify;"><strong>PM Narendra Modi Bhopal Visit:</strong> प्रधानमंत्री <a title="नरेंद्र मोदी" href="https://www.abplive.com/topic/narendra-modi" data-type="interlinkingkeywords">नरेंद्र मोदी</a> सोमवार (25 सितंबर) को भोपाल दौरे रहेंगे. यहां वह पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर जंबूरी मैदान में 10 लाख कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे. पीएम के भोपाल आने को लेकर आयोजन की भव्य तैयारियां की गई है.</p> <p style="text-align: justify;">बीजेपी प्रदेश कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार पीएम मोदी सुबह 11 बजे भोपाल पहुंचकर जंबूरी मैदान में कार्यकर्ता महाकुंभ में शामिल होने वाले 10 लाख कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे. इस अवसर पर महाकुंभ में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लिए प्रधानमंत्री मोदी का मातृशक्ति अभिनंदन करेगी. कार्यक्रम के बाद प्रधानमंत्री मोदी दोपहर एक बजे भोपाल से रवाना होंगे.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>सीएम शिवराज ने तैयारियों का लिया जायजा</strong></p> <p style="text-align: justify;">बताया गया है कि प्रधानमंत्री मोदी विशेष विमान से 10 बजकर 55 मिनट पर भोपाल हवाई अड्डे पर पहुंचेंगे. वहां से हेलीकॉप्टर से 11.20 बजे जंबूरी मैदान के हेलीपैड पर उतरेंगे. जनसभा को संबोधित करने के बाद हेलीकॉप्टर से ही पीएम वापस हवाई अड्डे पर पहुंचेंगे और वहां से जयपुर के लिए प्रस्थान कर जाएंगे. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भेल क्षेत्र में स्थित जंबूरी मैदान पहुंचकर प्रधानमंत्री मोदी के सोमवार को हो रहे कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लिया.</p> <p style="text-align: justify;">सीएम शिवराज ने मंच, बैठक व्यवस्था, पेयजल और अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली. उन्होंने जंबूरी हेलीपैड का भी निरीक्षण किया. मुख्यमंत्री ने पीएम के कार्यक्रम के लिए की गई व्यवस्थाओं का अवलोकन करने के बाद बताया कि सभी आवश्यक तैयारियां पूरी हो गई हैं. प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत के लिए भोपाल और मध्य प्रदेश तैयार है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>प्रशासन की तरफ से पूरी की गई तैयारी</strong></p> <p style="text-align: justify;">मुख्यमंत्री शिवराज की ओर से कार्यक्रम स्थल के निरीक्षण के अवसर पर चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्&zwj;वास कैलाश सारंग, सांसद वीडी शर्मा, जनप्रतिनिधि और भोपाल के कमिश्&zwj;नर डॉ. पवन शर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे. पीएम मोदी के भोपाल पहुंचने को लेकर प्रशासन की तरफ से नया रूट चार्ट भी तैयार किया गया है. इसके अलावा मौसम को देखते हुए बारिश होने की स्थिति में पार्किंग के लिए अलग व्यवस्था की गई है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a title="ABP Cvoter Survey: आरक्षण लागू होने से पहले ही पार्टियों को चुनाव में उतारने चाहिए 33% महिला उम्मीदवार? सर्वे में बड़ा खुलासा" href="https://www.abplive.com/news/india/abp-cvoter-snap-poll-womens-reservation-should-political-parties-field-33-percent-women-candidates-in-elections-2500949" target="_blank" rel="noopener">ABP Cvoter Survey: आरक्षण लागू होने से पहले ही पार्टियों को चुनाव में उतारने चाहिए 33% महिला उम्मीदवार? सर्वे में बड़ा खुलासा</a></strong></p>

'तीनों प्रस्तावित आपराधिक कानून सजा के बजाय न्याय पर केंद्रित, मॉब लिंचिंग पर जोड़ा गया नया प्रावधान'- गृह मंत्री अमित शाह

<p style="text-align: justify;"><strong>International Lawyers Conference 2023:</strong> केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार (24 सितंबर) को कहा, "तीन प्रस्तावित आपराधिक कानून जन-केंद्रित हैं और इनमें भारतीय मिट्टी की महक है. इनका मुख्य उद्देश्य नागरिकों के संवैधानिक, मानवीय और व्यक्तिगत अधिकारों की रक्षा करना है." भारतीय विधिज्ञ परिषद (बीसीआई) की ओर से आयोजित अंतरराष्ट्रीय अधिवक्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए शाह ने यह भी कहा कि इन तीनों विधेयकों का दृष्टिकोण सजा देने के बजाय न्याय प्रदान करना है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">गृह मंत्री अमित शाह ने देश के सभी वकीलों से भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस-2023), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस-2023) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (बीएसए-2023) के बारे में सुझाव देने की अपील की ताकि देश को सर्वश्रेष्ठ कानून मिले और सभी को इसका लाभ मिले. लोकसभा में बीते 11 अगस्त को पेश किए गए तीन विधेयक क्रमशः भारतीय दंड संहिता, 1860, दंड प्रक्रिया संहिता, 1898 और भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872 की जगह लेंगे.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>गृह मंत्री ने इन कानूनों का उद्देश्य बताया</strong></p> <p style="text-align: justify;">गृह मंत्री ने कहा, "भारत की आपराधिक न्याय प्रणाली पर औपनिवेशिक कानून की छाप थी. तीनों नए विधेयकों में औपनिवेशिक छाप नहीं है, बल्कि भारतीय मिट्टी की महक है. इन तीन प्रस्तावित कानूनों का केंद्रीय बिंदु नागरिकों के साथ-साथ उनके संवैधानिक और मानवाधिकारों की तथा व्यक्तिगत अधिकारों की भी रक्षा करना है."&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">गृह मंत्री ने कहा, "वर्तमान समय की मांग को ध्यान में रखते हुए आपराधिक कानूनों में व्यापक बदलाव की पहल की गई है. ये कानून लगभग 160 वर्षों के बाद पूरी तरह से नए दृष्टिकोण और नई प्रणाली के साथ आ रहे हैं. नई पहल के साथ-साथ कानून-अनुकूल परिवेश बनाने के लिए सरकार द्वारा तीन पहल भी की गई है.' पहली पहल ई-कोर्ट, दूसरी पहल अंतर-उपयोगी आपराधिक न्याय प्रणाली (आईसीजेएस) और तीसरी पहल इन तीन प्रस्तावित कानूनों में नयी तकनीक जोड़ने की है."&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>मॉब लिंचिंग संबंध में जोड़ा गया नया प्रावधान</strong></p> <p style="text-align: justify;">गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, "तीन कानूनों और तीन प्रणालियों की शुरुआत के साथ हम एक दशक से भी कम समय में अपनी आपराधिक न्याय प्रणाली में देरी को दूर करने में सक्षम होंगे. पुराने कानूनों का मूल उद्देश्य ब्रिटिश शासन को मजबूत करना था और उद्देश्य दंड देना था, न्याय करना नहीं. इन तीन नए कानूनों का उद्देश्य न्याय प्रदान करना है, सजा देना नहीं. यह आपराधिक न्याय प्रदान करने का एक कदम है."&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">गृह मंत्री के अनुसार प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने के लिए नए कानूनों में कई बदलाव किए गए हैं और दस्तावेजों की परिभाषा का काफी विस्तार किया गया है. उन्होंने कहा, "इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल रिकॉर्ड को कानूनी मान्यता दे दी गई है. डिजिटल उपकरणों पर उपलब्ध संदेशों को मान्यता दी गई है और एसएमएस से लेकर ईमेल तक सभी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से भेजे जाने वाले समन को भी वैध माना जाएगा. भीड़ द्वारा हत्या किए जाने (मॉब लिंचिंग) के संबंध में एक नया प्रावधान जोड़ा गया है और राजद्रोह से संबंधित धारा को समाप्त कर दिया गया है. सामुदायिक सेवा को वैध बनाने का काम भी इन नए कानूनों के तहत किया जाएगा."</p> <p style="text-align: justify;"><strong>गृह मंत्री ने वकीलों से की अपील</strong></p> <p style="text-align: justify;">केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, "मैं देशभर के सभी वकीलों से अपील करना चाहता हूं कि वे इन सभी विधेयकों का विस्तार से अध्ययन करें. आपके सुझाव बहुत मूल्यवान हैं. अपने सुझाव केंद्रीय गृह सचिव को भेजें और हम कानूनों को अंतिम रूप देने से पहले उन सुझावों पर निश्चित रूप से विचार करेंगे. प्रधानमंत्री <a title="नरेंद्र मोदी" href="https://www.abplive.com/topic/narendra-modi" data-type="interlinkingkeywords">नरेंद्र मोदी</a> का मानना ​​है कि कोई भी कानून तभी सही बन सकता है, जब हितधारकों के साथ दिल से विचार-विमर्श किया जाए." उन्होंने यह भी कहा कि पूर्ण न्याय की व्यवस्था को तभी समझा जा सकता है जब कोई उन कानूनों का अध्ययन करे, जो समाज के हर हिस्से को छूते हों.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें:&nbsp; <a href="https://www.abplive.com/news/india/g-kishan-reddy-says-aimim-only-party-voted-against-women-reservation-bill-kcr-must-give-answer-to-telangana-2500990">'केसीआर के गुरू हैं ओवैसी, महिलाओं का विरोध करने वाले के साथ दोस्ती क्यों?', तेलंगाना के सीएम पर केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी ने साधा निशाना</a></strong></p>

Saturday, September 23, 2023

KTF Terrorist Arshdeep Dala: निज्जर से भी बड़ा है अर्शदीप डल्ला का किलिंग रिकॉर्ड, जानें क्या हैं आरोप

<p style="text-align: justify;"><strong>Arshdeep Dala Record:</strong> खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या पर कनाडा के रुख से उसके और भारत के बीच संबंध तनावपूर्ण दौर से गुजर रहे हैं. हाल में कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने निज्जर की हत्या में भारतीय एजेंटों की संभावित संलिप्तता का आरोप लगाया. इस बीच चरमपंथी गतिविधियां सुर्खियों में हैं.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">एचटी की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय खुफिया एजेंसियों ने एक डोजियर (फाइल) तैयार किया है जिसमें अर्शदीप सिंह उर्फ अर्श डल्ला को सूचीबद्ध किया गया है. अर्श डल्ला जुलाई 2020 में भारत से भाग गया था. उसे कनाडा में सक्रिय खालिस्तान समर्थक तत्वों में से एक के रूप में सूचीबद्ध किया गया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि डोजियर से पता चलता है कि अर्श डल्ला का किलिंग रिकॉर्ड मारे जा चुके केटीएफ प्रमुख हरदीप सिंह निज्जर से भी बड़ा है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>पत्नी और बेटी के साथ सरे में रह रहा है अर्श डल्ला</strong></p> <p style="text-align: justify;">रिपोर्ट के मुताबिक, अर्श डल्ला मूल रूप से पंजाब के मोगा जिले के डल्ला गांव का रहने वाला है. वह कई संगठित आपराधिक वारदातों में शामिल रहा है और खालिस्तान टाइगर फोर्स (KTF) और इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन (ISYF) समेत चरमपंथी समूहों से जुड़ा है. अर्श डल्ला कुख्यात कनाडाई गैंगस्टर गोल्डी बराड़ से भी जुड़ा है.</p> <p style="text-align: justify;">27 वर्षीय अर्श डल्ला अपनी पत्नी और बेटी के साथ कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत के सरे में रह रहा है. यहीं निज्जर रहा करता था. उसके पास जालंधर के क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय की ओर से जारी किए गया पासपोर्ट है, जिसे 1 सितंबर 2017 को जारी किया गया था और जो 31 अगस्त, 2027 तक वैध है.</p> <p style="text-align: justify;">अर्श डल्ला 2020 में सक्रिय हुआ. वह मुख्य रूप से आतंकी मॉड्यूल को खड़ा करने, सीमा पार से हथियारों की सप्लाई की व्यवस्था करने, धन जुटाने और पंजाब में टारगेट किलिंग करवाने में शामिल था.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>पंजाब में आतंकी गतिविधियां</strong></p> <p style="text-align: justify;">रिपोर्ट के मुताबिक, अर्श डल्ला ने हरदीप सिंह निज्जर के साथ मिलकर 2021 में 3 सदस्यीय केटीएफ मॉड्यूल खड़ा किया था जोकि मोगा में सनशाइन क्लॉथ स्टोर के मालिक तेजिंदर उर्फ पिंका की हत्या के लिए जिम्मेदार था, साथ ही जुलाई 2021 में बेअदबी के आरोपी शक्ति सिंह के अपहरण और हत्या के प्रयास का जिम्मेदार भी था.</p> <p style="text-align: justify;">नवंबर 2020 में बठिंडा में डेरा सच्चा सौदा के अनुयायी मनोहर लाल की हत्या की गई थी. अर्श डल्ला ने मनोहर लाल की हत्या की जिम्मेदारी मृतक अपराधी सुखप्रीत सिंह के फेसबुक अकाउंट से ली थी. डल्ला ने जनवरी 2021 में अपने सहयोगियों राम सिंह उर्फ सोना और कमलजीत शर्मा उर्फ कमल के माध्यम से जालंधर के फिल्लौर में एक हिंदू पुजारी प्रज्ञा ज्ञान मुनि पर हमले की कथित साजिश रची थी.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>बनाए कई केटीएफ मॉड्यूल</strong></p> <p style="text-align: justify;">रिपोर्ट कहती है कि अक्टूबर 2021 में गैंगस्टर बिक्रम बराड़ और गोल्डी बराड़ के साथ मिलकर 4 सदस्यीय केटीएफ मॉड्यूल बनाया गया, जिसका काम स्पेसिफिक लोगों को टारगेट करना था. डाल्ला ने मॉड्यूल के गुर्गों को दो 9 एमएम, एक .30 बोर और एक .315 बोर पिस्तौल और चार मैगजीन डिलीवर कीं और उन्हें बिट्टू प्रेमी, शम्मा बदमाश और सिरसा स्थित डीएसएस अनुयायी शक्ति सिंह को निशाना बनाने का काम सौंपा.</p> <p style="text-align: justify;">उसने हरदीप सिंह निज्जर के साथ मिलकर जनवरी 2022 में 4 सदस्यों वाला केटीएफ मॉड्यूल स्थापित किया गया, जिसे ग्रेनेड हमलों को अंजाम देने का काम सौंपा गया. अर्श डल्ला और हरदीप निज्जर ने मोगा के एसएसपी हरमनबीर सिंह गिल और मोगा में क्राइम इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (CIA) विंग के दो इंस्पेक्टरों को निशाना बनाने की योजना बनाई थी.</p> <p style="text-align: justify;">अर्श डल्ला ने हरियाणा में ऑपरेट करने वाला 4-सदस्यीय केटीएफ मॉड्यूल बनाने के लिए नवंबर-दिसंबर 2021 में गुरजंत सिंह जैंटी और लखबीर सिंह रोडे के साथ काम किया. डल्ला के निर्देश पर जनवरी 2022 में उसके सहयोगी गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी ने सुखप्रीत सिंह उर्फ सुख ग्रीस को पंजाब से पाकिस्तान में घुसपैठ कराने के लिए चंडीगढ़ से रिसीव किया था. उसने राजस्थान के बाड़मेर में उसके ठिकाने की व्यवस्था करने की भी कोशिश की.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>आईएसआई समर्थित मॉड्यूल बनाने में अर्श डल्ला का था हाथ!</strong></p> <p style="text-align: justify;">रिपोर्ट में कहा गया है कि जनवरी 2022 में 7-सदस्यीय केटीएफ मॉड्यूल की स्थापना करने का मकसद मोहाली बेस्ड आव्रजन सलाहकार प्रीतपाल सिंह बॉबी को टारगेट करना था. इसमें बताया गया कि अगस्त 2022 में गिरफ्तार किए गए पाक-आईएसआई समर्थित मॉड्यूल को बनाने में कथित तौर पर अर्श डल्ला शामिल था, यह मॉड्यूल स्वतंत्रता दिवस से पहले आतंकी हमलों की योजना बना रहा था.</p> <p style="text-align: justify;">अर्श डल्ला ने अगस्त 2022 में कथित तौर पर एनआरआई सुखजिंदर सिंह को हिंसा की धमकी देते हुए 25 लाख रुपये की उगाही करने की कोशिश की. सुखजिंदर सिंह ने जब बात मानने से इनकार कर दिया तो अज्ञात लोगों ने उन्हें डराने-धमकाने की कोशिश में 4 सितंबर, 2022 को उनके आवास पर गोलियां चलाईं. रिपोर्ट के मुताबिक,&nbsp;सितंबर 2022 में अर्श डल्ला ने अन्य लोगों के साथ मिलकर ड्रोन से गिराए गए हथियारों की खेप की मदद से 5 सदस्यीय केटीएफ मॉड्यूल का गठन किया था.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें- <a title="निज्जर ने भारत में आतंकी हमलों के लिए की फंडिंग, कनाडा में कैंप लगाकर देता था हथियार चलाने की ट्रेनिंग, ISI को लेकर भी बड़ा खुलासा" href="https://www.abplive.com/news/india/khalistani-terrorist-hardeep-singh-nijjar-profile-he-ran-arms-training-camps-in-canada-funded-attacks-in-india-had-connection-with-pakistan-2500342" target="_blank" rel="noopener">निज्जर ने भारत में आतंकी हमलों के लिए की फंडिंग, कनाडा में कैंप लगाकर देता था हथियार चलाने की ट्रेनिंग, ISI को लेकर भी बड़ा खुलासा</a></strong></p>

बीजेपी सांसद रमेश बिधूड़ी ने दानिश अली को एक मिनट में 11 बार कहे अपशब्द, सजा मिलेगी या नहीं... जानिए क्या है नियम?

<p style="text-align: justify;"><strong>Ramesh Bidhuri Controversy:</strong> भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद रमेश बिधूड़ी ने लोकसभा के अंदर बीएसपी नेता दानिश अली पर आपत्तिजनक टिप्पणी की, जिसके बाद बवाल खड़ा हो गया. इस मुद्दे को लेकर विपक्षी पार्टियों ने बीजेपी पर जमकर निशाना साधा. 21 सितंबर को संसद के विशेष सत्र के चौथे दिन दक्षिण दिल्ली के सांसद रमेश बिधूड़ी ने दानिश अली पर 1 मिनट में 11 बार अपशब्द कहे. इससे पहले उन्होंने 107 सेकंड तक चंद्रयान-3 पर बोला था. लोकसभा में चंद्रयान-3 की सफलता पर बोलते हुए बीजेपी सांसद ने बसपा सांसद के लिए असंसदीय भाषा का इस्तेमाल किया.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>संसद के अंदर ऐसी भाषा के लिए क्या है नियम?</strong></p> <p style="text-align: justify;">बीजेपी सांसद की आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद विपक्षी पार्टियों ने जमकर विरोध किया. जिसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने खेद भी जताया था. क्या आपको पता है संसद के अंदर असंसदीय भाषा का इस्तेमाल करने पर क्या कानून है? संविधान के आर्टिकल 105 (2) के तहत संसद में कही गई किसी बात के लिए कोई सांसद किसी कोर्ट के प्रति उत्तरदायी नहीं होता है.</p> <p style="text-align: justify;">इसका मतबल यह है कि सदन में कही गई किसी भी बात को कोर्ट में चैलेंज नहीं किया जा सकता है. एक सांसद सदन में कुछ भी कहता है वो लोकसभा में प्रोसिजर एंड कंडक्ट ऑफ बिजनेस के रूल 380 के तहत स्पीकर के कंट्रोल में होता है. इसका मतलब यह है कि अगर कोई भी सांसद संसद भवन के अंदर असंसदीय भाषा का इस्तेमाल करता है तो उस पर स्पीकर को ही एक्शन लेने का अधिकार है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>विपक्षी पार्टियों ने लोकसभा स्पीकर से की शिकायत</strong></p> <p style="text-align: justify;">मौजूदा मामले में बीएसपी सांसद दानिश अली के अलावा कांग्रेस, डीएमके और टीएमसी के नेताओं ने स्पीकर से शिकायत की है. लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने इस मामले में बीजेपी सांसद को चेतावनी दी है और उनके बयान को सदन की कार्यवाही के हिस्से से हटा दिया है.</p> <p style="text-align: justify;">बता दें कि 22 सितंबर की शाम को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बीएसपी सांसद से मुलाकात की थी और कहा था, "नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान." वहीं इस मामले में कई विपक्षी नेताओं ने बीजेपी से सांसद रमेश बिधूड़ी पर कार्रवाई करने की मांग की है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें:&nbsp; <a href="https://www.abplive.com/news/india/pm-modi-addressed-international-lawyers-conference-2023-make-laws-in-indian-languages-2500213">'सरकार भारतीय भाषाओं में कानून बनाने की कर रही तैयारी, ताकि आम आदमी भी सबकुछ समझ सके'- पीएम मोदी</a></strong></p>

Friday, September 22, 2023

Mahadev Betting App: महादेव बेटिंग मामले में पाकिस्तान कनेक्शन.. सौरभ चंद्राकर का ISI से रिश्ता खंगाल रही ईडी

<p style="text-align: justify;"><strong>Mahadev Book Betting Investigation: </strong>महादेव बुक ऑनलाइन बेटिंग ऐप के चर्चित मामले में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है. इस सिलसिले में हवाला के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इसके पाकिस्तान कनेक्शन का दावा किया है.</p> <p style="text-align: justify;">सूत्रों के मुताबिक इस बेटिंग ऐप पर लगाए जाने वाले रुपये को पाकिस्तान के हवाला ऑपरेटर्स दुनियाभर में डायवर्ट करते थे. महादेव बुक का मालिक सौरभ चंद्राकर से पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के कनेक्शन की भी जांच ईडी कर रही है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">भारतीय मूल का सौरभ हाल में बेहद चर्चित रहा है क्योंकि उसने दुबई में अपनी शादी में 200 करोड़ रुपये खर्च किए थे. दुबई में बैठकर ही वह बेटिंग ऐप के जरिए सट्टेबाजी का कारोबार चलाता है. ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से होने वाली सट्टेबाजी का नेटवर्क भारत के कोलकाता, भोपाल और मुंबई के साथ ही दुनिया के कई अन्य शहरों में फैला हुआ है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>क्या है मामला?</strong><br />इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल की शुरुआत में ईडी ने इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी. छत्तीसगढ़ के भिलाई का रहने वाला सौरभ चंद्राकर, रवि उप्पल नाम के एक अन्य सहयोगी के साथ मिलकर यह ऑनलाइन बेटिंग चलाता है.</p> <p style="text-align: justify;">ईडी ने रायपुर, भोपाल, मुंबई, और कोलकाता समेत इनसे जुड़े 39 ठिकानों पर छापेमारी की थी, जहां से 417 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति बरामद की गई है. चंद्राकर और उप्पल के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू की गई है.</p> <p style="text-align: justify;">रायपुर की एक स्पेशल पीएमएलए कोर्ट ने दोनों संदिग्धों के खिलाफ गैर जमानती वारंट भी जारी किया है. इस सिलसिले में पिछले महीने चार लोगों की गिरफ्तारी हुई थी. मामले में हुए ऑनलाइन ट्रांजैक्शन की डिटेल जांच में यह पता चला है कि पाकिस्तान से हवाला कारोबार के जरिए फंड को डायवर्ट किया जा रहा था. चंद्राकर के पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई से भी संबंध का संदेह है, जिसकी जांच ईडी कर रही है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ईडी ने क्या कहा?</strong><br />ईडी ने अपने बयान में बताया है कि सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल की महादेव ऑनलाइन बुक का सेंट्रल हेड ऑफिस यूएई में है. यह बेटिंग ऐप 70:30 के लाभ अनुपात पर फ्रेंचाइजी देकर चलाया जाता है. सट्टेबाजी की आय विदेशी खातों में भेजने के लिए बड़े पैमाने पर हवाला ऑपरेटर्स का इस्तेमाल होता है.</p> <p style="text-align: justify;">भारत में नए यूजर्स और बेटिंग ऐप की फ्रेंचाइजी चाहने वालों को आकर्षित करने के लिए बड़ी धनराशि सट्टेबाजी वेबसाइटों के विज्ञापन के लिए खर्च की जाती है. इसके लिए नकद में भुगतान किया जाता है ताकि ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड न हो.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>शादी में खर्च किए थे 200 करोड़ रुपये&nbsp;</strong><br />सौरभ चंद्राकर ने इस ऑनलाइन बेटिंग के जरिए अकूत अवैध कमाई की है. इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि संयुक्त अरब अमीरात के आलीशान RAK (रास अल खेमाह) में उसने अपनी शादी में 200 करोड़ रुपये नकद खर्च किए. इसमें सौरभ के रिश्तेदारों को नागपुर से यूएई प्राइवेट जेट से ले जाया गया था, जिसे किराए पर लिया गया था.</p> <p style="text-align: justify;">मुंबई से वेडिंग प्लानर, डांसर और डेकोरेटर हायर किए गए थे, जिनका पेमेंट हवाला के जरिए कैश में हुआ था. शादी समारोह में 21 कलाकार शामिल हुए थे, जिनमें बॉलीवुड के टाइगर श्रॉफ, नेहा कक्कड़, सनी लियोनी, सुखविंदर सिंह जैसे बड़े नाम भी शामिल हैं. पाकिस्तानी गायक आतिफ असलम भी शादी समारोह में पहुंचे थे.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a title="Chhattisgarh ED Raid: दुर्ग से दुबई तक का कनेक्शन! ED के छापेमारी में खुले सट्टेबाजी के बड़े राज, पढ़ें पूरी खबर" href="https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/ed-made-big-disclosure-on-betting-app-mahadev-book-ed-has-told-the-connection-of-cm-advisor-vinod-verma-with-the-arrested-accused-ann-2480417" target="_self">Chhattisgarh ED Raid: दुर्ग से दुबई तक का कनेक्शन! ED के छापेमारी में खुले सट्टेबाजी के बड़े राज, पढ़ें पूरी खबर</a></strong></p>

Thursday, September 21, 2023

मध्य प्रदेश: NGT ने अपने आदेश में किया संशोधन, मुख्य सचिव को लेकर की गई टिप्पणी भी ली वापस

<p style="text-align: justify;"><strong>MP News:</strong> नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल यानी एनजीटी की केंद्रीय पीठ ने भोपाल के कलियासोत और केरवा बांध के आसपास निषिद्ध क्षेत्र से अतिक्रमण न हटाने के मामले में अपने आदेश में संशोधन किया है. पिछले दिनों नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने राज्य शासन की निष्क्रियता पर नाराजगी व्यक्त करते हुए 5 लाख का जुर्माना लगाया था. साथ ही मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस के खिलाफ प्रतिकूल टिप्पणी की थी. &nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">18 सितंबर के एनजीटी के आदेश में की गई टिप्पणी के बाद मध्य प्रदेश शासन की ओर से नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की केन्द्रीय पीठ को हालात से अवगत कराया गया. इस पर एनजीटी के केंद्रीय पीठ ने 20 सितंबर को नए आदेश जारी किए. इसमें शासन के साथ-साथ मुख्य सचिव को भी बड़ी राहत दी. इसमें मुख्य सचिव के खिलाफ की गई टिप्पणी वापस ले ली.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>मुख्य सचिव के कदम को सही ठहराया</strong><br />वहीं मुख्य सचिव की तरफ से इस मामले में लिए गए एक्शन को उचित भी ठहराया. मुख्य सचिव ने एनजीटी को सौंपी रिपोर्ट में बताया की उनकी तरफ से इस मामले में वरिष्ठ अधिकारियों की टीम बनाई जा चुकी है और शासन स्तर पर लगातार सख्त कदम उठाए जाते रहे हैं. एसटीपी प्लांट भी लगाया जा रहा है.&nbsp;</p>

Wednesday, September 20, 2023

खालिस्तानी आतंकवादियों के खिलाफ NIA का एक्शन, हरविंदर सिंह और लखबीर सिंह समेत 5 पर इनाम घोषित

<p style="text-align: justify;"><strong>NIA Crackdown On Khalistani Terrorists:</strong> खालिस्तानी आतंकवादियों के खिलाफ राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है. बुधवार (20 सिंतबर) को ही एजेंसी ने हरविंदर सिंह संधू उर्फ &lsquo;रिंदा&rsquo; और लखबीर सिंह संधू उर्फ &lsquo;लांडा&rsquo; सहित प्रतिबंधित संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) के पांच सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए सूचना देने वाले को नकद इनाम दिए जाने की घोषणा की.</p> <p style="text-align: justify;">रिंदा और लांडा के लिए 10 लाख रुपये के इनाम और परमिंदर सिंह खैरा उर्फ &lsquo;पट्टू&rsquo;, सतनाम सिंह उर्फ &lsquo;सतबीर सिंह&rsquo; और यादविंदर सिंह उर्फ &lsquo;यद्दा&rsquo; पर पांच लाख रुपये के नकद इनाम की घोषणा की गई है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>NIA ने क्या कहा?</strong><br />एनआईए के एक प्रवक्ता ने कहा कि ये पांच आतंकवादी भारत की शांति व सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने और पंजाब में आतंक फैलाने के उद्देश्य से बीकेआई की आतंकवादी गतिविधियों को लेकर दर्ज एक मामले में वांछित हैं. यह मामला इस साल की शुरुआत में दर्ज किया गया था.</p> <blockquote class="twitter-tweet"> <p dir="ltr" lang="en">NIA INTENSIFIES CRACKDOWN ON KHALISTANI TERRORISTS OPERATING IN INDIA<br />ANNOUNCES CASH REWARD FOR INFO ON BKI TERRORISTS RINDA, LANDA &amp; 3 OTHERS <a href="https://t.co/nPWflc2j4s">pic.twitter.com/nPWflc2j4s</a></p> &mdash; NIA India (@NIA_India) <a href="https://twitter.com/NIA_India/status/1704484582387753078?ref_src=twsrc%5Etfw">September 20, 2023</a></blockquote> <p style="text-align: justify;"> <script src="https://platform.twitter.com/widgets.js" async="" charset="utf-8"></script> </p> <p style="text-align: justify;">उन्होंने कहा कि वांछित आतंकवादियों पर पंजाब में ड्रग्स की तस्करी के माध्यम से और व्यापारियों व अन्य प्रमुख व्यक्तियों से बड़े पैमाने पर जबरन वसूली के जरिये प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन बीकेआई के लिए धन जुटाने के अलावा आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने का आरोप है.</p> <p style="text-align: justify;">प्रवक्ता ने कहा कि जांच से पता चला है कि पांचों आतंकवादी आर्थिक लाभ का वादा करके बीकेआई के लिए नये सदस्यों को भर्ती करने में लगे हुए हैं. अधिकारी ने कहा, &lsquo;&lsquo;उन्होंने भारत के विभिन्न हिस्सों में अपनी आतंकी गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए विभिन्न देशों में अपने गुर्गों का एक नेटवर्क भी स्थापित किया है.&rsquo;&rsquo;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>पाकिस्तान में रह रहा है रिंदा</strong><br />मूल रूप से महाराष्ट्र का निवासी रिंदा आतंकवादी सूची में शामिल है और बीकेआई का सदस्य है. वह पाकिस्तान में रह रहा है. वहीं, लांडा, खैरा, सतनाम और यादविंदर पंजाब के निवासी हैं.</p> <p style="text-align: justify;">प्रवक्ता ने टेलीफोन और व्हाट्सएप नंबर साझा करते हुए कहा, &lsquo;&lsquo;पांच वांछित आतंकवादियों की गिरफ्तारी से जुड़ी कोई भी विशेष जानकारी नयी दिल्ली में एनआईए मुख्यालय या चंडीगढ़ में एनआईए शाखा कार्यालय के साथ साझा की जा सकती है.&rsquo;&rsquo;</p> <p style="text-align: justify;">एनआईए ने देश में आतंकी-गैंगस्टर नेटवर्क को खत्म करने के लिए पिछले साल दर्ज दो मामलों की जांच में वांछित 54 व्यक्तियों की तस्वीरों के साथ दो सूची सोशल मीडिया मंच &lsquo;एक्स&rsquo; पर साझा कीं.</p> <p style="text-align: justify;">एक सूची में 11 व्यक्तियों और दूसरे में 43 व्यक्तियों का नाम शामिल है.इस सूची में गोल्डी बराड़, लॉरेंस बिश्नोई, अनमोल बिश्नोई और अर्शदीप सिंह गिल सहित कई वांछित गैंगस्टर शामिल हैं.</p> <p style="text-align: justify;">एजेंसी ने मोबाइल नंबर साझा करते हुए कहा, &lsquo;&lsquo;यदि आपके पास इनके नाम पर या इनके सहयोगियों, दोस्तों और रिश्तेदारों के स्वामित्व वाली संपत्तियों/परिसंपत्तियों/व्यवसाय के बारे में कोई जानकारी है, तो कृपया व्हाट्सऐप पर सूचित करें.&rsquo;&rsquo;</p>

India-Canada Tension: 'क्यूबेक आंदोलन के लिए...', भारत-कनाडा के बीच जारी विवाद पर बोले बैजयंत पांडा

<p style="text-align: justify;"><strong>India-Canada Tension:</strong> भारत और कनाडा में तनाव जारी है. इस बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बैजयंत पांडा ने बुधवार (20 सितंबर) को कहा कि कनाडा खालिस्तान समर्थकों के विचार को बढ़ाने के लिए अपनी धरती का इस्तेमाल करने की इजाजत दे रहा है, हमें उसी तरह क्यूबेक स्वतंत्रता आंदोलन को सुविधाजनक बनाने के लिए अपनी धरती की पेशकश करनी चाहिए.</p> <p style="text-align: justify;">उन्होंने ये बातें ऐसे समय में कही है जब खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को लेकर कनाडा ने भारत पर आरोप लगाया है. वहीं भारत ने करारा जवाब देते हुए इसे खारिज किया है.</p> <p style="text-align: justify;">सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए पांडा ने कहा कि भारत को कनाडा के साथ दोस्ती की भावना से क्यूबेक स्वतंत्रता आंदोलन पर एक ऑनलाइन जनमत संग्रह पर भी विचार करना चाहिए.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>भारतीय धरती के इस्तेमाल की पेशकश की जाए&nbsp;</strong><br />उन्होंने कहा, "हमें क्यूबेक स्वतंत्रता आंदोलन में उनके बलिदानों, बमबारी और हत्या के प्रयासों की याद में आयोजित कार्यक्रमों के लिए भारतीय धरती का इस्तेमाल करने की पेशकश करनी चाहिए, जैसे कि कनाडा खालिस्तानियों को दे रहा है."</p> <blockquote class="twitter-tweet"> <p dir="ltr" lang="en">In the spirit of friendship with Canada, we in India must consider facilitating an online referendum on the Quebec independence issue (in gratitude for their allowing Khalistani separatists to try the same on Canadian soil).<br />Perhaps we should also offer Indian soil for the Quebec&hellip;</p> &mdash; Baijayant Jay Panda (@PandaJay) <a href="https://twitter.com/PandaJay/status/1704330990313762886?ref_src=twsrc%5Etfw">September 20, 2023</a></blockquote> <p style="text-align: justify;"> <script src="https://platform.twitter.com/widgets.js" async="" charset="utf-8"></script> </p> <p style="text-align: justify;"><strong>भारत-कनाडा के बीच कूटनीतिक विवाद</strong><br />कनाडा में खालिस्तान समर्थकों के खिलाफ भारत हमेशा से कार्रवाई की बात करता रहा है. ताजा विवाद तब शुरू हुआ जब कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने निज्जर की हत्या में भारतीय एजेंटों की संभावित संलिप्तता के आरोपों लगाया. साथ ही कनाडा ने भारतीय राजनयिक को देश छोड़ने के लिए कहा.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">इसके बाद भारत ने कड़ा रुख अपनाते हुए कनाडा के वरिष्ठ राजनयिक को निष्कासित कर दिया. भारत ने कनाडा में रह रहे भारतीय लोगों के लिए भी एडवाइजरी जारी की है. विदेश मंत्रालय ने कहा है कि यात्रा में अतिरिक्त सावधानी बरतें.</p> <p style="text-align: justify;">क्यूबेक स्वतंत्रता आंदोलन का मकसद कनाडा से क्यूबेक की स्वतंत्रता प्राप्त करना है. आंदोलन के अनुसार क्यूबेक अपने आर्थिक, सामाजिक, इकोलॉजी और सांस्कृतिक विकास ज्यादा बेहतर ढंग से कर सकता है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें- <a title="India-Canada Tension: विवाद के बीच NIA टाल सकती है कनाडा का दौरा, इंडियन हाईकमीशन पर हुए हमले की कर रही जांच" href="https://www.abplive.com/news/india/india-canada-tension-nia-may-defer-canada-visit-on-indian-high-commission-attack-probe-2497887" target="_self">India-Canada Tension: विवाद के बीच NIA टाल सकती है कनाडा का दौरा, इंडियन हाईकमीशन पर हुए हमले की कर रही जांच</a></strong></p>

नई संसद, नई बिल्डिंग, पर वोटिंग का तरीका वही पुराना, महिला रिजर्वेशन बिल पर मतदान के लिए बंटी पर्चियां

<p><strong>Women Reservation Bill:</strong> संसद के विशेष सत्र के तीसरे दिन महिला आरक्षण बिल (नारी शक्ति वंदन बिल) लंबी चर्चा के बाद लोकसभा से पास हो गया. बिल को 454 सांसदों ने समर्थन दिया, जबकि 2 वोट इसके विरोध में पड़े. इस दौरान नई संसद में पुरानी तकनीक से वोटिंग कराई गई. इसके लिए सदन में मौजूद सभी सदस्यों को पर्चियां बांटी गईं. इसके अलावा <a title="नए संसद भवन" href="https://www.abplive.com/topic/new-parliament-building" data-type="interlinkingkeywords">नए संसद भवन</a> में डिविजन नंबर नहीं दिए गए हैं.&nbsp;</p> <p>पर्चियां बांटे जाने पर विपक्ष ने सवाल पूछा तो लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि क्योंकि ये संविधान संशोधन है तो इसके लिए वोटिंग होगी और क्योंकि नए सदन में डिविजन नंबर नहीं है. इसलिए बिल पर मतदान पर्चिंयों के जरिए किया जाएगा.</p> <p><strong>हरे रंग पर्ची 'हां' के लिए<br /></strong>वहीं, इस बारे में सदन के महासचिव ने कि लोकसभा के सदस्यों को जो पर्ची भेजी गई है. उसमें हरा और लाल कलर दिया गया है. इसका हरा रंग यह दर्शाता है कि आप बिल के समर्थन में है, जबकि लाल रंग का इस्तेमाल बिल का विरोध करने के लिए किया जा सकता है.&nbsp;</p> <p><strong>सांसदों को पर्ची पर देनी होगी जानकारी<br /></strong>इसके अलावा एक एक पर्ची में पीला रंग भी दिया गया. अगर कोई सांसद वोटिंग में शामिल नहीं होना चाहता तो उसे पीली पर्ची भरनी होगी. इतना ही नहीं पर्ची में सदस्यों को अपना नाम, आईडी नंबर, निर्वाचन क्षेत्र की जानकारी भी देनी होगी. पर्चियां भरने के बाद सदन के अधिकारी गिनती के लिए पर्चियां इकठ्टा करेंगे.</p> <p><strong>राज्यसभा में होगी बिल पर चर्चा<br /></strong>बता दें कि महिला आरक्षण बिल लोकसभा से पारित होने के बाद गुरुवार (21 सितंबर) को राज्यसभा में भेजा जाएगा, जहां उस पर चर्चा की जाएगी. राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने बताया कि इस विधेयक पर चर्चा के लिए साढ़े सात घंटे का समय तय किया गया है.&nbsp;</p> <p><strong>यह भी पढ़ें-<a title=" महिला आरक्षण बिल लोकसभा से पास, राहुल गांधी के बयान पर अमित शाह का वार- हमारे 29 OBC मंत्री हैं" href="https://www.abplive.com/news/india/women-reservation-bill-passed-in-lok-sabha-amit-shah-rahul-gandhi-sonia-gandhi-on-nari-shakti-vandan-adhiniyam-2498318" target="_self"> महिला आरक्षण बिल लोकसभा से पास, राहुल गांधी के बयान पर अमित शाह का वार- हमारे 29 OBC मंत्री हैं</a></strong></p>

नई संसद में महिला आरक्षण बिल पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी बोले, 'शानदार इमारत है, लेकिन अच्छा होता...'

<p style="text-align: justify;"><strong>Rahul Gandhi On Women Reservation Bill:</strong> संसद के विशेष सत्र के तीसरे दिन लोकसभा में महिला आरक्षण बिल (नारी शक्ति वंदना अधिनियम) पर चर्चा की गई. चर्चा के बाद बिल लोकसभा से पास हो गया. इसके समर्थन में 454 सांसदों ने वोटिंग की, जबकि दो लोगों ने इसका विरोध किया. बिल पास होने से पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी अपने विचार रखे और महिला आरक्षण बिल का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि नए संसद भवन में आकर बोलना अच्छा लग रहा है. &nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">उन्होंने कहा, "यह एक शानदार इमारत है, लेकिन इसमें स्थांतरित होते वक्त राष्ट्रपति को देखना अच्छा होता. राष्ट्रपति एक महिला हैं, जो आदिवासी समुदाय से आती हैं. <a title="नए संसद भवन" href="https://www.abplive.com/topic/new-parliament-building" data-type="interlinkingkeywords">नए संसद भवन</a> में आने के दौरान उन्हें देखना उचित होता.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>'सत्ता के हस्तांतरण अंग्रेजों में अंहकार'</strong><br />उन्होने कहा, "कल मैं चर्चा सुन रहा था. उस वक्त कुछ लोग सेंगोल की बात कर रहे थे. इधर-उधर सेंगोल और अंग्रेजों से भारत के लोगों को सत्ता के हस्तांतरण के बारे में बातचीत हो रही थी. भारत की जनता को सत्ता सौंपने से पहले अंग्रेजों ने स्वतंत्रता आंदोलन के नेतृत्व करने वालों से पूछा कि हम किसे सत्ता हस्तांतरित करने जा रहे हैं. बेशक, उनमें अहंकार था, क्योंकि वे भारत को एक गरीब देश के रूप में देखते थे.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>सभी को वोट देने का अधिकार</strong><br />उन्होंने कहा कि हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने अंग्रेजों को जो क्रांतिकारी जवाब दिया वह था कि हम भारत के लोगों को सत्ता हस्तांतरित करेंगे. इसलिए अपनी स्थापना के दिन से, हम एक ऐसा देश बन गए जिसने हर किसी को वोट देना का अधिकार दिया. यह क्रांतिकारी था.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>सत्ता हस्तांतरित करने का तरीका है वोट</strong><br />कांग्रेस नेता ने कहा , " वोट सत्ता हस्तांतरित करने का एक सिस्टम था. अगर आप आजादी से लेकर अब तक की यात्रा को देखें, तो यह भारत के लोगों को सत्ता का निरंतर हस्तांतरण करता रहा है. दूसरी तरफ यह सत्ता को सत्ता से दूर करने का एक तरीका है. यह लड़ाई आज भी जारी है. महिलाओं को शक्ति देने में एक बड़ा कदम पंचायत राज था और यह एक और कदम है, एक बड़ा कदम, छोटा कदम नहीं.''</p> <p style="text-align: justify;"><strong>'बिल में ओबीसी महिलाएं शामिल नहीं'</strong><br />राहुल गांधी ने कहा कि यह बिल अधूरा है, क्योंकि इसमें ओबीसी महिलाओं को शामिल नहीं किया गया है. इसमें दो चीजें हैं जो मुझे अजीब लगती हैं. पहली यह कि इसे लागू करने के लिए आपको एक नई जनगणना की आवश्यकता है. दूसरा यह है कि आपको एक नया परिसीमन कराना होगा. मेरे विचार से यह काफी सरल है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>'आज ही लागू किया जा सकता है बिल'</strong><br />उन्होंने दावा किया कि इस विधेयक को &nbsp;33% सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करके आज ही लागू किया जा सकता है. इसलिए मुझे हैरानी हो रही है कि क्या इसे 7, 8, 9 साल आगे बढ़ाने और फिर ऐसे ही चलने देने के लिए नहीं बनाया गया है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें- <a title="महिला आरक्षण बिल: राहुल गांधी का जिक्र कर लोकसभा में बदरुद्दीन अजमल बोले, '...तो ये हर हफ्ते में संसद सत्र बुलाएंगे'" href="https://www.abplive.com/news/india/badruddin-ajmal-says-rahul-gandhi-should-continue-his-bharat-jodo-yatra-during-women-reservation-bill-disscussion-2498350" target="_self">महिला आरक्षण बिल: राहुल गांधी का जिक्र कर लोकसभा में बदरुद्दीन अजमल बोले, '...तो ये हर हफ्ते में संसद सत्र बुलाएंगे'</a></strong></p>

Tuesday, September 19, 2023

महिला रेसलर के वायरल वीडियो पर पहलवानों का रिएक्शन, विनेश फोगाट ने किया आरक्षण बिल का जिक्र

<p style="text-align: justify;"><strong>Woman Wrestler Viral Video Case:&nbsp;</strong>एक महिला पहलवान से जोड़कर वायरल किए गए एक अश्लील वीडियो पर देश की जानी-मानी पहलवानों साक्षी मलिक और विनेश फोगाट ने प्रतिक्रिया दी है.&nbsp;विनेश फोगाट ने अपनी बात कहते हुए मंगलवार (19 सितंबर) को लोकसभा में पेश किए गए महिला आरक्षण बिल (नारी शक्ति वंदन अधिनियम विधेयक) का भी जिक्र किया है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">बता दें कि जिस ओलंपियन पहलवान का नाम जोड़कर वीडियो को वायरल किया गया था, उसने मंगलवार (19 सितंबर) को दावा किया कि बदनाम करने के लिए उसे एक बड़ी साजिश का शिकार बनाया गया है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>साक्षी मलिक ने क्या कहा?</strong></p> <p style="text-align: justify;">पहलवान साक्षी मलिक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपना एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने कहा, ''हमने जो आंदोलन शुरू किया था वो बहन-बेटियों को न्याय दिलाने के लिए शुरू किया था, जब से ये आंदोलन शुरू किया है, जब से आरोपी बृजभूषण के पक्ष के लोग लगातार किसान बिरादरी और हरियाणा की बेटियों को बदनान करने की कोशिश कर रहे हैं.''</p> <p style="text-align: justify;">उन्होंने कहा, ''कुछ दिनों पहले मेरे बारे में भी एक अफवाह उड़ाई जा रही थी कि मैंने आरोपी के साथ समझौता कर लिया है, जोकि सरासर झूठ है. उसी आरोपी पक्ष की आईटी सेल तीन-चार दिनों से एक अश्लील वीडियो वायरल कर रही है...'' साक्षी मलिक ने कहा कि वीडियो में जिस महिला पहलवान के होने का दावा किया गया है वो गलत है, उसका&nbsp;वीडियो से कोई लेना-देना नहीं है.</p> <p style="text-align: justify;">इसी के साथ उन्होंने कहा, ''हमने जो लड़ाई शुरू की थी वो न्याय के लिए शुरू की थी और आरोपी के पक्ष के लोग चाहे जितना भी बदनाम करने की कोशिश कर लें, जब तक हमें न्याय नहीं मिल जाता, हमारी लड़ाई जारी रहेगी.''</p> <blockquote class="twitter-tweet"> <p dir="ltr" lang="hi">सत्य परेशान हो सकता है लेकिन पराजित नहीं हो सकता।🙏 <a href="https://t.co/1UB6Xe9xsA">pic.twitter.com/1UB6Xe9xsA</a></p> &mdash; Sakshee Malikkh (@SakshiMalik) <a href="https://twitter.com/SakshiMalik/status/1704134176432427412?ref_src=twsrc%5Etfw">September 19, 2023</a></blockquote> <p style="text-align: justify;"> <script src="https://platform.twitter.com/widgets.js" async="" charset="utf-8"></script> </p> <p style="text-align: justify;"><strong>क्या उस महिला पहलवान को सरकार न्याय दिला पाएगी- विनेश फोगाट</strong></p> <p style="text-align: justify;">विनेश फोगाट ने 'एक्स' पर अपनी पोस्ट में लिखा, ''आज लोकसभा में कानून मंत्री श्री अर्जुन राम मेघवाल ने महिला आरक्षण बिल (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) को लोकसभा में पेश किया. इस बिल के दोनों सदनों में पारित होने के बाद लोकसभा में महिला सांसदों की संख्या 181 हो जाएगी. इस बिल को लाने के लिए मैं सरकार को बधाई देने के साथ-साथ ये पूछना चाहती हूं कि सरकार एक तरफ महिलाओं को सम्मान दिलाने के लिए ये बिल लेकर आ रही है, दूसरी तरफ महिला पहलवानों के यौन शोषण के आरोपी बृजभूषण जैसे व्यक्ति को संरक्षण दे रही है.''</p> <p style="text-align: justify;">विनेश फोगाट ने आगे लिखा, ''दो दिन पहले देश की एक महिला पहलवान को बदनाम करने के लिए उसके नाम से फर्जी वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड कर दी जाती है. सरकार कहां सो रही है. क्या उस महिला पहलवान को सरकार न्याय दिला पाएगी. सरकार न केवल बृजभूषण जैसे इंसान को बचा रही है, बल्कि उस जैसी मानसिकता के लोगों को बढ़ावा दे रही है. बिल आने के बाद उम्मीद करूंगी की जो 181 महिला सांसद संसद में बैठेंगी वो महिलाओं के सम्मान के लिए लड़ेंगी और महिलाओं के साथ खड़ी होंगी.''</p> <p style="text-align: justify;"><strong>पुलिस ने आरोपी को दबोचा</strong></p> <p style="text-align: justify;">बता दें कि वायरल वीडियो मामले में&nbsp;18 सितंबर को हरियाणा पुलिस ने हिसार से एक आरोपी को दबोचा था और बताया था कि पहलवान की तस्वीर से छेड़छाड़ की गई. न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, पुलिस ने कहा कि 30 सेकेंड की वीडियो क्लिप का उस महिला पहलवान से कोई लेना-देना नहीं है, जिसका नाम आरोपी ने वीडियो में इस्तेमाल किया था.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें- <a title="महिला आरक्षण बिल: कांग्रेस पर अमित शाह का वार, विपक्ष ने कहा- मौजूदा प्रावधान के तहत 2029 से पहले लागू होना संभव नहीं | बड़ी बातें" href="https://www.abplive.com/news/india/women-reservation-bill-congress-mallikarjun-kharge-jairam-ramesh-akhilesh-yadav-slams-bjp-modi-government-census-delimitation-india-meeting-amit-shah-reacts-ten-points-2497737" target="_blank" rel="noopener">महिला आरक्षण बिल: कांग्रेस पर अमित शाह का वार, विपक्ष ने कहा- मौजूदा प्रावधान के तहत 2029 से पहले लागू होना संभव नहीं | बड़ी बातें</a></strong></p>

निज्जर हत्या मामले पर कनाडा बोला- करें सार्वजनिक निंदा, बाइडेन प्रशासन ने इसलिए खारिज कर दिया था प्रस्ताव, जानें रिपोर्ट का दावा

<p style="text-align: justify;"><strong>India Vs Canada: </strong>खालिस्तान समर्थकों के खिलाफ भारत के दो टूक रवैये के चलते कनाडा के साथ संबंध तनावपूर्ण स्थिति में हैं. इस बीच एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिका ने सिख अलगाववादी नेता की हत्या के मामले में जांच के परिणामों की घोषणा करने में कनाडा के साथ शामिल होने में इनकार कर दिया है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले दिनों कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने उन आरोपों को हवा दी थी कि ब्रिटिश कोलंबिया में एक सिख अलगाववादी नेता की हत्या के पीछे भारतीय अधिकारी हो सकते हैं.</p> <p style="text-align: justify;">कनाडा ने अमेरिका समेत अपने करीबी सहयोगियों से सार्वजनिक रूप से हत्या की निंदा करने के लिए कहा था. इस पर बाइडेन प्रशासन और उसके सहयोगियों ने कूटनीति संतुलन के मद्देनजर कनाडा के प्रस्ताव को खारिज कर दिया क्योंकि इससे वे चीन के लिए एक महत्वपूर्ण जवाब के रूप में देखी जाने वाली एशियाई शक्ति (भारत) को कटघरे में लाने का काम करते.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>फाइव आईज के अधिकारियों ने निजी तौर पर उठाया था निज्जर की हत्या का मामला</strong></p> <p style="text-align: justify;">रिपोर्ट के मुताबिक, खुफिया गठबंधन फाइव आईज में शामिल देशों के वरिष्ठ अधिकारियों ने दिल्ली में हुए जी20 शिखर सम्मेलन से पहले के हफ्तों में निजी तौर पर कनाडाई नागरिक हरदीप सिंह निज्जर की कथित हत्या का मामला उठाया था. बता दें कि भारत ने निज्जर को आतंकी घोषित किया था, जिसकी 18 जून को कथित तौर पर हत्या हुई थी.</p> <p style="text-align: justify;">रिपोर्ट में कहा गया कि एक पश्चिमी अधिकारी ने राजनयिक संवेदनशील के कारण नाम ने प्रकाशित करने की शर्त पर कहा कि जी20 बैठक से पहले सार्वजनिक रूप से मामले का जिक्र नहीं किया गया. पश्चिमी नेताओं को भारत के प्रधानमंत्री <a title="नरेंद्र मोदी" href="https://www.abplive.com/topic/narendra-modi" data-type="interlinkingkeywords">नरेंद्र मोदी</a> के लिए एक अहम उभरती हुई पार्टी के तौर पर देखा गया.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>भारतीय राजनयिक को लेकर कनाडाई अधिकारियों ने किया ये दावा</strong></p> <p style="text-align: justify;">रिपोर्ट में कहा गया कि सोमवार को संसद के समक्ष ट्रूडो की ओर से की गई आरोपों की घोषणा ने भारत और कनाडा के संबंधों में एक बड़ी दरार पैदा कर दी. इसके चलते ओटावा में एक भारतीय राजनयिक को निष्कासित कर दिया गया. कनाडाई अधिकारियों ने दावा किया कि वह एक्टर्नल इंडियन इंटेलिजेंस सर्विस का एक स्टेशन प्रमुख था. जवाब में नई दिल्ली ने एक कनाडाई राजनयिक को निकाल दिया, मीडिया के अनुसार जिसकी पहचान भारत में शीर्ष कनाडाई जासूस के रूप में की गई.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>जस्टिन ट्रूडो बोले, 'भारत सरकार को मामले को बेहद गंभीरता से लेने की जरूरत'&nbsp;</strong></p> <p style="text-align: justify;">ट्रूडो ने मंगलवार ओटावा में मीडिया से कहा कि भारत सरकार को इस मामले को बेहद गंभीरता से लेने की जरूरत है.'' उन्होंने कहा, ''हम वह कर रहे हैं. हम भड़काने या बढ़ाने की कोशिश नहीं कर रहे हैं. हम तथ्यों को वैसे ही सामने रख रहे हैं जैसे हम उन्हें समझते हैं और हम हम भारत सरकार के साथ काम करना चाहते हैं.''</p> <p style="text-align: justify;">ट्रूडो ने कहा, ''यह अत्यंत गंभीर है और अंतरराष्ट्रीय कानून में इसके दूरगामी परिणाम होंगे...'' उन्होंने कहा, हम शांत रहेंगे. हम अपने लोकतांत्रिक सिद्धांतों और मूल्यों पर कायम रहेंगे. हम सबूतों का पालन करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि काम सबके लिए किया जाए.''</p> <p style="text-align: justify;"><strong>भारत सरकार ने जस्टिन ट्रूडो के आरोपों को बताया बेतुका</strong></p> <p style="text-align: justify;">भारत सरकार ने मंगलवार (19 सितंबर) को एक बयान जारी कर कनाडाई पीएम जस्टिन ट्रूडो के आरोपों को बेतुका और प्रेरित करार देते हुए खारिज कर दिया. भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा कि आरोप खालिस्तानी आतंकियों और चरमपंथियों से ध्यान हटाने की कोशिश करते हैं, जिन्हें कनाडा में शरण दी गई है और जो भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के लिए खतरा बने हुए हैं. बयान में कहा गया कि इस मामले पर कनाडाई सरकार की निष्क्रियता लंबे समय से और निरंतर चिंता का विषय रही है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें- <a title="'जम्मू-कश्मीर न जाएं', भारत से विवाद के बीच कनाडा ने अपने नागरिकों के लिए जारी की एडवाइजरी" href="https://www.abplive.com/news/india/canada-advisory-avoid-jammu-kashmir-travel-in-middle-of-hardeep-singh-nijjar-murder-case-2497773" target="_blank" rel="noopener">'जम्मू-कश्मीर न जाएं', भारत से विवाद के बीच कनाडा ने अपने नागरिकों के लिए जारी की एडवाइजरी</a></strong></p>

Monday, September 18, 2023

Parliament Session Live: आज से नए संसद में शिफ्ट होगा कामकाज, पेश हो सकता है महिला आरक्षण बिल

<p style="text-align: justify;"><strong>Parliament Special Session Live Updates:</strong> भारतीय राजनीति के इतिहास में आज का दिन एतिहासिक होने वाला है. 18 जनवरी 1927 को पुरानी संसद बिल्डिंग बनकर तैयार हुई और आज 19 सितंबर को इसकी विदाई होने जा रही है.</p> <p style="text-align: justify;">नए संसद भवन में आज से विशेष सत्र की शुरुआत होने जा रही है. पुरानी संसद में सुबह 9:30 बजे लोकसभा और राज्यसभा के सदस्यों की ज्वॉइंट फोटो शूट होगा. ग्रुप में तीन अलग-अलग फोटो ली जाएंगी. पहली फोटो में लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य तो दूसरे फोटो में सभी राज्यसभा सदस्य मौजदू रहेंगे. तीसरी फोटो में सिर्फ लोकसभा के सदस्य होंगे. सुबह 11 बजे पीएम मोदी संसद के सेंट्रल हॉल पहुंचेंगे.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>संविधान की कॉपी लेकर नए भवन तक जाएंगे पैदल </strong></p> <p style="text-align: justify;">प्रधानमंत्री के साथ वरिष्ठ मंत्री और लोकसभा और राज्यसभा के सांसद होंगे. इस दौरान सेंट्रल हॉल में एक कार्यक्रम होगा जिसमें 2047 तक भारत को समृद्ध राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया जाएगा. पीएम सेंट्रल हॉल से संविधान की कॉपी लेकर नए भवन तक पैदल जाएंगे. सभी NDA सांसद पीएम मोदी के पीछ पीछे चलेंगे. ठीक डेढ़ बजे नए संसद भवन में कार्यवाही शुरू हो जाएगी. वहीं राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 2:15 बजे से शुरू होगी.</p> <p style="text-align: justify;">नई संसद बिल्डिंग में पहली बैठक के दौरान जब सांसद संसद भवन में प्रवेश करेंगे तो उन्हें उपहार स्वरूप 75 रुपये का चांदी का एक सिक्का भी दिया जाएगा सभी सांसदों को भारत के संविधान की एक प्रति भी भेंट स्वरूप दी जाएगी.&nbsp;</p>

Parliament Special Session: पुराने संसद भवन में आखिरी दिन क्या-क्या हुआ? जानें आज का कार्यक्रम

<p style="text-align: justify;"><strong>Parliament Special Session News:</strong> पुराने संसद भवन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार (18 सितंबर) को मार्मिक विदाई दी. केंद्र सरकार ने पांच दिवसीय विशेष सत्र बुलाया है, जिसकी शुरुआत पुराने संसद भवन में ही सोमवार को हुई और यह इस ऐतिहासिक धरोहर में कार्यवाही का आखिरी दिन भी था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर सभी सांसद और इस भवन और परिसर में किसी न किसी रूप में अपनी सेवा देने वाला हर शख्स बेहद भावुक हुआ.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>पुराने संसद भवन में आखिरी दिन क्या हुआ?</strong></p> <p style="text-align: justify;">सत्र की शुरुआत सुबह करीब 11 बजे पीएम मोदी के भाषण के साथ हुई, जिसमें उन्होंने पहली संविधान सभा की बैठक से लेकर संसद के 75 वर्षों की उपलब्धियों और इसमें रची-बसी यादों को ताजा करते इस भवन में बीते कई अवसरों का जिक्र किया.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">पीएम मोदी ने कहा कि हमने 75 वर्षों की यात्रा की है और जब हम इस संसद भवन को अलविदा कह रहे हैं तो हमें यह याद रखना चाहिए कि भले ही यह भवन औपनिवेशिक सरकार ने बनाया था, लेकिन यह हमारे पसीने और परिश्रम से, हमारे देशवासियों द्वारा और हमारे धन से बनाया गया था. उन्होंने कहा, &ldquo;हम भले ही नए भवन में जा रहे हैं लेकिन यह भवन आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देता रहेगा क्योंकि यह भारतीय लोकतंत्र की यात्रा का एक स्वर्णिम अध्याय है.&rdquo;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>पीएम मोदी ने पंडित नेहरू को किया याद</strong></p> <p style="text-align: justify;">पीएम मोदी ने देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू के प्रसिद्ध 'एट द स्ट्रोक ऑफ मिडनाइट...' भाषण (ब्रिटिश हुकूमत से भारत की स्वतंत्रता के अवसर पर पंडित नेहरू ने इसे 14-15 अगस्त की दरमियानी रात दिया था) से लेकर दिवंगत पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी के 'सरकारें आएंगी, जाएंगी लेकिन यह देश रहना चाहिए' भाषण का जिक्र किया.</p> <p style="text-align: justify;">पीएम मोदी ने अपने भाषण के दौरान लोकसभा को आपातकाल के साथ-साथ 2008 में मनमोहन सिंह सरकार के पहले कार्यकाल के दौरान हुए 'कैश-फॉर-वोट' घोटाले की भी याद दिलाई.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>'आखिरी दिन उन 7,500 से ज्यादा सांसदों को समर्पित होना चाहिए'</strong></p> <p style="text-align: justify;">पीएम मोदी ने लाल बहादुर शास्त्री, इंदिया गांधी और पीवी नरसिम्हा राव समेत पिछले प्रधानमंत्रियों की तारीफ करते हुए लोकतंत्र की यात्रा को याद किया और कहा कि इस ऐतिहासिक भवन में आखिरी दिन उन 7,500 से ज्यादा सांसदों को समर्पित होना चाहिए जिन्होंने 1947 में आजादी के बाद से यहां सेवा की है.</p> <p style="text-align: justify;">75 वर्षों की संसदीय यात्रा की उपलब्धियों, अनुभव, यादों और सीख पर चर्चा शुरू करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि इस भवन को विदाई देना बेहद भावुक पल है. जैसे ही हम इस इमारत से निकलते हैं तो हमारा मन-मस्तिष्क कई भावनाओं और यादों से भर जाता है.</p> <p style="text-align: justify;">पीएम मोदी ने पुराने संसद भवन से जुड़े हर पहलू को याद किया, सभी के प्रति आभार जताया और श्रद्धांजलि दी. साथ ही उन्होंने कहा कि सांसद नई आशा और विश्वास के साथ नए परिसर में प्रवेश करेंगे. बता दें कि अब <a title="गणेश चतुर्थी" href="https://www.abplive.com/topic/ganesh-chaturthi-2023" data-type="interlinkingkeywords">गणेश चतुर्थी</a> के अवसर पर संसद नए परिसर में स्थानांतरित हो जाएगी. मंगलवार को राज्यसभा और लोकसभा की कार्यवाही नए संसद भवन में शुरू होगी.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त को किया याद</strong></p> <p style="text-align: justify;">पीएम मोदी ने लोकसभा में अपने भाषण के दौरान भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त की बहादुरी को याद किया जिन्होंने ब्रिटिश साम्राज्य को नींद से जगाने के लिए इसी जगह पर बम फेंके थे. पीएम मोदी ने कहा कि इन 75 वर्षों की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि आम आदमी का संसद पर भरोसा लगातार बढ़ रहा है. हम नई इमारत में भी जा सकते हैं, लेकिन यह पुरानी इमारत आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करती रहेगी.</p> <p style="text-align: justify;">उन्होंने कहा कि यह उन सभी की सराहना करने का भी अवसर है जिन्होंने इस सदन का नेतृत्व किया है. पंडित नेहरू से लेकर वाजपेयी तक, जिन्होंने भारत के लिए अपना दृष्टिकोण साझा किया है.&nbsp;पीएम मोदी ने सदन को समृद्ध बनाने के लिए सरदार वल्लभ भाई पटेल, चंद्रशेखर और लाल कृष्ण आडवाणी को भी याद किया.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>पीएम ने संसद पर 2001 में हुए आतंकी हमले का भी किया जिक्र</strong></p> <p style="text-align: justify;">पीएम मोदी ने 2001 में संसद पर हुए आतंकी हमले और उस दौरान आतंकवादियों से लड़ते हुए जान गंवाने वाले लोगों को भी याद किया. उन्होंने कहा कि यह भवन पर हमला नहीं, बल्कि लोकतंत्र की जननी पर हमला था, यह भारत की जीवात्मा पर हमला था. पीएम ने कहा, ''मैं उन लोगों को भी सलाम करता हूं जिन्होंने आतंकवादियों से लड़ते हुए सदन और उसके सदस्यों को बचाने के लिए अपनी छाती पर गोलियां खाईं. वे हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उन्होंने हमारी अच्छे से रक्षा की.''</p> <p style="text-align: justify;"><strong>आंबेडकर और इंदिरा गांधी के योगदान को किया याद</strong></p> <p style="text-align: justify;">पीएम मोदी ने बाबा साहेब बीआर आंबेडकर के योगदान की भी सराहना की और कहा कि औद्योगीकरण के लिए उनका दृष्टिकोण, जिसका उद्देश्य स्वतंत्र भारत की पहली सरकार के दौरान देश में सामाजिक न्याय लाना था, आज भी हर औद्योगिक नीति के केंद्र में है.&nbsp;पीएम मोदी ने कहा कि ऐसे दुखद और भावनात्मक क्षण भी आए जब संसद ने तीन मौजूदा प्रधानमंत्रियों- नेहरू, शास्त्री और इंदिरा गांधी &nbsp;को खो दिया और उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई.</p> <p style="text-align: justify;">पीएम मोदी ने कहा कि इस सदन ने इंदिरा गांधी के नेतृत्व में बांग्लादेश की मुक्ति का भी समर्थन किया. उन्होंने यह भी कहा कि इस सदन ने आपातकाल के दौरान लोकतंत्र पर हमले का भी गवाह बनाया और इस सदन के माध्यम से लोगों ने अपनी शक्ति का प्रदर्शन भी किया क्योंकि हमने लोकतंत्र की वापसी देखी.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>पीएम मोदी ने पत्रकारों के योगदान को किया याद</strong></p> <p style="text-align: justify;">पीएम मोदी ने उन पत्रकारों को भी याद किया जिन्होंने तकनीक के अभाव में भी संसद की कार्यवाही की रिपोर्टिंग के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया. उन्होंने कहा कि पुराने संसद भवन को विदाई देना पत्रकारों के लिए और भी कठिन होगा क्योंकि वे इसके सदस्यों से ज्यादा यहां से जुड़े रहे हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>'कभी नहीं सोचा था कि रेलवे प्लेटफॉर्म पर रहने वाला बच्चा...'</strong></p> <p style="text-align: justify;">पीएम मोदी ने इस अवसर पर निजी तौर पर कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि रेलवे प्लेटफॉर्म पर रहने वाले एक गरीब परिवार का बच्चा संसद तक पहुंचेगा. उन्होंने कहा कि लेकिन यह भारत के लोकतंत्र की ताकत है और लोकतंत्र के प्रति भारत के आम आदमी की आस्था का प्रतिबिंब है कि रेलवे प्लेटफॉर्म पर रहने वाले एक गरीब परिवार का बच्चा संसद तक पहुंच गया. वहीं, संसद के बाहर पीएम मोदी ने कहा कि यह सत्र भले ही छोटा हो, लेकिन अवसर पर बड़ा और ऐतिहासिक फैसलों वाला है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>कविता सुनाते हुए मल्लिकार्जुन खरगे बोले, '...ऐसे नाम बदलने से क्या होता है'</strong></p> <p style="text-align: justify;">कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा नाम बदलने से कुछ नहीं होगा और उन्होंने पंडिट नेहरू के योगदान को याद किया. उन्होंने हिंदी में एक कविता के साथ अपना भाषण शुरू किया, जिसमें कहा,''बदलना है तो हालात बदलो, ऐसे नाम बदलने से क्या होता है? देना है तो युवाओं को रोजगार दो, सबको बेरोजगार करके क्या होता है? दिल को थोड़ा बड़ा करके देखो, लोगों को मारने से क्या होता है? कुछ कर नहीं सकते हो, कुर्सी छोड़ दो, बात-बात में डरने से क्या होता है? अपनी हुकुमरानी पर गुरूर है, लोगों को डराने से धमकाने से क्या होता है? बदलना है तो हालात बदलो, ऐसे नाम बदलने से क्या होता है? यहां से वहां जाने में क्या और होने वाला है?''</p> <p style="text-align: justify;"><strong>महिला आरक्षण बिल की मांग</strong></p> <p style="text-align: justify;">विशेष सत्र के पहले दिन सदन में महिला आरक्षण विधेयक, जिसे संविधान (108वां संशोधन) विधेयक, 2008 के रूप में भी जाना जाता है, लोकसभा में मुख्य मुद्दा रहा. कई दल लंबे समय से इस लंबित विधेयक पर चर्चा पर जोर दे रहे हैं. यह 2010 में राज्यसभा में पहले ही पारित हो चुका है. अगर यह विधेयक पारित हो जाता है तो लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए सभी सीटों में से एक-तिहाई सीटें आरक्षित हो जाएंगी. सूत्रों ने बताया कि सोमवार शाम को ही हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में इस बिल को मंजूरी दे दी गई है और मंगलवार को इसे लोकसभा में पेश किया जा सकता है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>माइक म्यूट होने पर हुआ हंगामा</strong></p> <p style="text-align: justify;">पहले दिन जैसे ही सत्र शुरू हुआ, सांसद लोकसभा में एकत्र हुए. इस दौरान विपक्ष ने आवाज उठानी शुरू कर दी क्योंकि उनके माइक बंद थे. इसे लेकर कुछ देर हंगामा हुआ. हालांकि, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने खेद जताते हुए कहा कि यह एक तकनीकी खराबी के कारण था.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>बीजेपी नेता ने ली सांसद पद की शपथ</strong></p> <p style="text-align: justify;">संसद के विशेष सत्र की कार्यवाही के बीच बीजेपी नेता दिनेश शर्मा ने राज्यसभा में संसद सदस्य के रूप में शपथ ली. उन्होंने इसे अपने लिए एक सुअवसर बताया. उन्होंने मीडिया से कहा, ''...यह भी एक इत्तेफाक है कि मै जब शपथ ले रहा हूं तो आज अकेले मैंने शपथ ली है और इस बिल्डिंग का आज अंतिम सदन है. ये भी एक संयोग मेरे साथ में जुड़ा है...''</p> <p style="text-align: justify;"><strong>मल्लिकार्जुन खरगे और पीयूष गोयल के बीच हुई जुबानी जंग</strong></p> <p style="text-align: justify;">राज्यसभा में सदन के नेता पीयूष गोयल और विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे के बीच जुबानी जंग देखने को मिली, जब कांग्रेस नेता ने जी20 को 'जी2' कहा और फिर कहा कि उन्होंने जी20 में शून्य को कमल (बीजेपी का चिन्ह ) समझा. खरगे ने यह भी कहा कि जब देश की बात आती है तो हम सभी एकजुट हैं... लेकिन यह मत सोचिए कि आप अकेले देशभक्त हैं.</p> <p style="text-align: justify;">बता दें कि 75 वर्षों की संसद की यात्रा पर चर्चा के बाद दोनों सदनों को स्थगित कर दिया गया था और पीठासीन अधिकारियों ने कहा था कि कार्यवाही मंगलवार दोपहर को शुरू होगी.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>पुराने संसद भवन में अब क्या होगा?</strong></p> <p style="text-align: justify;">मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 1927 में बने पुराने संसद भवन को गिराया नहीं जाएगा. संसदीय आयोजनों के लिए इसे तैयार किया जाएगा और एक हिस्से को संग्रहालय में बदला जा सकता है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>मंगलवार को क्या होगा?</strong></p> <p style="text-align: justify;">मंगलवार (19 सितंबर) को उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला देश की समृद्ध संसदीय विरासत को याद करने और 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लेने के लिए संसद के केंद्रीय कक्ष (सेंट्रल हॉल) में एक समारोह का नेतृत्व करेंगे. सेंट्रल हॉल में यह कार्यक्रम सुबह 11 बजे शुरू होगा.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">समारोह को वरिष्ठ सांसदों के साथ-साथ संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी, राज्यसभा में सदन के नेता पीयूष गोयल, उच्च सदन में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी भी संबोधित करेंगे. जिन वरिष्ठ सांसदों से संपर्क किया गया है, उनमें लोकसभा सदस्य मेनका गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री और राज्यसभा सदस्य मनमोहन सिंह और दोनों सदनों के सदस्य रह चुके शिबू सोरेन शामिल हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>नए संसद भवन में प्रवेश करेंगे सांसद</strong></p> <p style="text-align: justify;">करीब डेढ़ घंटे का यह समारोह राष्ट्रगान के साथ शुरू और खत्म होगा और इसके बाद शीर्ष नेता सभी सांसदों को नए संसद भवन तक ले जाएंगे. सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री <a title="नरेंद्र मोदी" href="https://www.abplive.com/topic/narendra-modi" data-type="interlinkingkeywords">नरेंद्र मोदी</a> संविधान की एक कॉपी लेकर पुराने भवन से नई इमारत में जाएंगे और उनके पीछे-पीछे बीजेपी सांसद और सहयोगी सदस्य भी <a title="नए संसद भवन" href="https://www.abplive.com/topic/new-parliament-building" data-type="interlinkingkeywords">नए संसद भवन</a> में प्रवेश कर सकते हैं.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>सांसदों की ली जाएगी ग्रुप फोटो</strong></p> <p style="text-align: justify;">केंद्रीय कक्ष के समारोह से पहले तीन अलग-अलग समूह की तस्वीरें पुराने संसद भवन के प्रांगण में ली जाएंगी. पहली तस्वीर राज्यसभा और लोकसभा दोनों के सदस्यों की, दूसरी राज्यसभा सदस्यों की और तीसरी लोकसभा सदस्यों की होगी. ग्रुप फोटो के लिए सांसदों को सुबह सवा नौ बजे तक मौके पर एकत्र होने के लिए कहा गया है. नए भवन में लोकसभा की कार्यवाही अपराह्न 1.15 बजे शुरू होगी, जबकि राज्यसभा की बैठक अपराह्न 2.15 बजे होगी.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें- <a title="Modi Cabinet Decisions: महिला आरक्षण बिल को मोदी कैबिनेट की मंजूरी, आज नई संसद में हो सकता है पेश" href="https://www.abplive.com/news/india/modi-cabinet-approved-woman-reservation-bill-these-decisions-taken-in-cabinet-meeting-held-amid-parliament-special-session-2497009" target="_blank" rel="noopener">Modi Cabinet Decisions: महिला आरक्षण बिल को मोदी कैबिनेट की मंजूरी, आज नई संसद में हो सकता है पेश</a></strong></p>

तेलंगाना को मिला नया राज्यपाल, बीजेपी के वरिष्ठ नेता शिव प्रताप शुक्ल को दी गई जिम्मेदारी

<p style="text-align: justify;">तेलंगाना में राज्यपाल पद को लेकर अहम प्रशासनिक बदलाव किया गया है. केंद्र सरकार ने बीजेपी के ...