Sunday, September 29, 2024

'आस-पास के हजार घर अवैध, सिर्फ मस्जिद ही क्यों तोड़ी जा रही', असदुद्दीन ओवैसी ने CM शिंदे से पूछा सवाल

<p style="text-align: justify;">एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने महाराष्ट्र में एक मस्जिद को गिराए जाने के मामले पर सोमवार (30 सितंबर) को प्रतिक्रिया दी. असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि पुणे में सिर्फ एक ही मस्जिद को तोड़ा जा रहा है, जबकि उसके आस-पास के हजार घरों अवैध हैं.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">असदुद्दीन ओवैसी ने एक्स पर ट्वीट करते हुए लिखा कि पिंपरी-चिंचवाड़ पुणे के कालीवारी खेरगांव में एक मस्जिद है, जो पिछले 25 सालों से अस्तित्व में है. उन्होंने कहा कि मस्जिद के आस-पास करीब हजार घर हैं, जिनके पास भी कोई अनुमति नहीं है, लेकिन सिर्फ मस्जिद दारुलूलम जामिया इनामिया को ही तोड़ा जा रहा है.</p> <p style="text-align: justify;">उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से सवाल करते हुए कहा कि सिर्फ एक मस्जिद के लिए यह भेदभाव क्यों, उन घरों का क्या जिनके पास भी कोई अनुमति नहीं है. उन्होंने कहा कि दक्षिणपंथी हिंदुत्व संगठनों ने सिर्फ मस्जिद को गिराए जाने की शिकायत की है.</p>

Weather Update: अक्टूबर के पहले हफ्ते में कितना बदलेगा मौसम, क्या शुरु हो जाएगी ठंड? IMD ने बता दिया

<p><strong>Weather Forecast:</strong> दिल्ली NCR में एक बार फिर से मौसम सामान्य हो गया है. दिल्ली के तापमान में लगातार बढ़ोतरी हो रही है.हालांकि उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में बारिश हो सकती है. मौसम विभाग ने अनुसार, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और झारखंड में मानसून फिर से सक्रिय हो गया है. ऐसे में आज (30 सितंबर) इन राज्यों में बारिश हो सकती है.&nbsp;</p> <p>मौसम विभाग के उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू के पहाड़ी इलाकों में भी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है. 2 और 3 अक्टूबर को असम और मेघालय में भी बारिश हो सकती है. वहीं, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 2 से 4 अक्टूबर तक बारिश संभावना है.&nbsp;</p> <p><strong>जानें कैसा रहेगा दिल्ली का मौसम</strong></p> <p>मौसम विभाग के अनुसार, 4 अक्टूबर तक दिल्ली का मौसम साफ रहेगा. इसके अलावा सोमवार को अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रह सकता है. दोपहर के समय तेज धूप रहेगी.&nbsp;</p> <p><strong>UP में बढ़ा नदियों का पानी</strong></p> <p>उत्तर प्रदेश के पूर्वी जिलों में बारिश की संभावना है. औसत से अधिक बारिश के कारण कई नदियों का जलस्तर बढ़ गया है. जिस वजह से कई जिलों में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है. सिद्धार्थ नगर, बदायूं, बलिया, लखीमपुर खीरी, बाराबंकी, गोंडा और कुशीनगर में नदियां खतरे के निशान के ऊपर बह रही है.&nbsp;</p> <p><strong>जानें कैसा रहेगा बिहार झारखंड का मौसम</strong></p> <p>बिहार में सोमवार से मौसम साफ रहेगा. इस दौरान लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ेगा. राज्य के दक्षिण भाग के जिलों में बारिश हो सकती है. वहीं, बिहार में भी बाढ़ की संभावना बनी हुई है. वहीं, अगर झारखंड की बात करें तो राजधानी रांची और उसके आसपास के इलाकों में बारिश हो सकती है.&nbsp;</p> <p><strong>राजस्थान में बारिश को लेकर अलर्ट</strong></p> <p>मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वी राजस्थान के जयपुर, कोटा, भरतपुर, अजमेर और उदयपुर संभागों में हल्की बारिश हो सकती है. इसके अलावा राजस्थान के जोधपुर संभाग में भी हल्की बारिश की संभावना है.&nbsp;</p> <p><strong>MP में भी बारिश के आसार&nbsp;</strong></p> <p>मौसम विभाग के अनुसार, नर्मदापुरम, भोपाल, बैतूल, अलीराजपुर, पांढुर्णा, झाबुआ, छिंदवाड़ा, रतलाम, सिवनी, धार, नरसिंहपुर, बड़वानी, रायसेन, उज्जैन, सागर, इंदौर, राजगढ़, खरगोन, शाजापुर, बुरहानपुर, सीहोर, खंडवा, हरदा और देवास में हल्की बारिश हो सकती है. वहीं, शिवपुरी, जबलपुर और ग्वालियर सहित कई शहरों में तेज धूप खिली रहेगी.</p> <p>&nbsp;</p>

Saturday, September 28, 2024

दिल्ली-NCR में एक हफ्ते तक नहीं होगी बारिश! यूपी-बिहार-राजस्थान में जमकर बरसेंगे बादल, जानें मौसम का हाल

दिल्ली-NCR में एक हफ्ते तक नहीं होगी बारिश! यूपी-बिहार-राजस्थान में जमकर बरसेंगे बादल, जानें मौसम का हाल

Friday, September 27, 2024

कोलकाता रेप-मर्डर केस: RG Kar अस्पताल के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष को होगी फांसी! कोर्ट ने कह दी बड़ी बात

<p><strong>Kolkata Doctor Rape-Murder Case: </strong>सीबीआई की एक विशेष अदालत ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष को जमानत देने से इनकार करते हुए कहा कि उनके खिलाफ आरोप की प्रकृति और गंभीरता गंभीर है तथा साबित होने पर उन्हें मृत्युदंड दिया जा सकता है.</p> <p>सीबीआई ने संदीप घोष और ताला पुलिस थाने के पूर्व प्रभारी अधिकारी अभिजीत मंडल को 9 अगस्त को सरकारी अस्पताल में एक डॉक्टर के साथ बलात्कार और हत्या के मामले में सबूतों से छेड़छाड़ और एफआईआर दर्ज करने में देरी के आरोप में गिरफ्तार किया था. अदालत ने अपने आदेश में कहा कि केस डायरी से ऐसा प्रतीत होता है कि केंद्रीय जांच एजेंसी द्वारा जांच की प्रक्रिया जोरों पर है.</p> <p><strong>मिल सकती है मृत्युदंड की सजा</strong></p> <p>संदीप घोष की जमानत याचिका को खारिज करते हुए अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एस डे ने कहा कि आरोप की प्रकृति और गंभीरता गंभीर है और अगर यह साबित हो जाता है तो इसके लिए मृत्युदंड की सजा हो सकती है, जो कि दुर्लभतम मामलों में दी जाती है.&nbsp;</p> <p>अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एस डे ने कहा कि कोर्ट का मानना ​​है कि आरोपी को जमानत पर रिहा करना न्याय के सिद्धांत का उल्लंघन होगा. उन्होंने आदेश में कहा कि कोई व्यक्ति दूसरों की मदद से अपराध कर सकता है और घटनास्थल पर अन्य आरोपियों के मौजूद होने की कोई आवश्यकता नहीं है.</p> <p><strong>अभिजीत मंडल की याचिका खारिज</strong></p> <p>कोर्ट ने अभिजीत मंडल की जमानत याचिका भी खारिज कर दी है. कोर्ट ने दोनों आरोपियों की 30 सितंबर तक न्यायिक हिरासत के लिए सीबीआई की याचिका मंजूर कर ली. संदीप घोष के वकील ने सियालदह कोर्ट में जज के सामने दावा किया कि उन्हें मामले में झूठा फंसाया गया है और कथित अपराध करने के लिए उनकी ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई.</p>

Mohamed Muizzu: मुइज्जू की अक्ल आई ठिकाने! इंडिया आउट के नारे पर मालदीव के राष्ट्रपति ने अब कही ये बात

<p style="text-align: justify;"><strong>India Maldives Relation News:&nbsp;</strong>इस साल के शुरुआत में भारत और मालदीव के बीच रिश्तों में आई खटास अब साल खत्म होने से पहले दूर होती दिख रही है. पिछले 1 महीने में दोनों देश के रिश्ते बेहतर हुए हैं. इसी कड़ी में अब मालदीव के राष्ट्रपति ने साल के शुरुआत में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मालदीव के 2 मंत्रियों की ओर से मजाक उड़ाए जाने की निंदा की है.</p> <p style="text-align: justify;">राष्ट्रपति मुइज्जू जिस इंडिया आउट नारे के सहारे मालदीव की सत्ता पर काबिज हुए थे, उन्होंने उससे भी किनारा कर लिया है. उन्होंने साफ किया है कि भारत विरोधी किसी भी एजेंडे को आगे नहीं बढ़ने दिया जाएगा.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>अगले महीने मुइज्जू का भारत दौरा</strong></p> <p style="text-align: justify;">मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू की संभावित द्विपक्षीय यात्रा की तारीखों पर चर्चा चल रही है. सूत्रों के अनुसार, मुइज्जू अब अक्टूबर के दूसरे हफ्ते की शुरुआत में भारत आ सकते हैं. हालांकि, दोनों पक्ष अब भी सबसे सुविधाजनक उपलब्ध डेट पर काम करने की कोशिश कर रहे हैं. मालदीव के राष्ट्रपति की ओर से भारत के खिलाफ सार्वजनिक आलोचना को नरम करना उनकी यात्रा के लिए मंच तैयार कर रहा है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>किसी भी कीमत पर अपमान करना स्वीकार नहीं</strong></p> <p style="text-align: justify;">मालदीव के अधाधु की रिपोर्ट के मुताबिक, अप्रिंसटन यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ पब्लिक एंड इंटरनेशनल अफेयर्स के 'डीन लीडरशिप सीरीज' में एक बातचीत में मुइज्जू ने कहा कि उप-मंत्रियों की ओर से भारतीय प्रधानमंत्री <a title="नरेंद्र मोदी" href="https://www.abplive.com/topic/narendra-modi" data-type="interlinkingkeywords">नरेंद्र मोदी</a> का अपमान करना गलत था. किसी को भी ऐसा नहीं कहना चाहिए. मैंने इसके खिलाफ कार्रवाई की. मैं किसी का इस तरह अपमान करना स्वीकार नहीं करूंगा, चाहे वह नेता हो या कोई आम आदमी. हर इंसान की अपनी प्रतिष्ठा होती है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>दो मंत्रियों के बयान से शुरू हुआ था विवाद</strong></p> <p style="text-align: justify;">इस साल की शुरुआत में, उप युवा मंत्री मालशा शरीफ और मरियम शिउना ने सोशल मीडिया पोस्ट में मोदी के लिए गलत टिप्पणी की थी. इस घटना के बाद दोनों को सस्पेंड कर दिया गया था, जिसके कारण मालदीव और भारत के बीच कूटनीतिक विवाद पैदा हो गया था. हालांकि, जिस दिन राष्ट्रपति मुइज्जू ने मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में भाग लेने के लिए इस साल जून में भारत आने की घोषणा की, उसी दिन दोनों ने इस्तीफा दे दिया था.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>मुइज्जू के बयान ने भी बढ़ाई थी टेंशन</strong></p> <p style="text-align: justify;">भारत विरोधी एजेंडे को आगे बढ़ाने के मुद्दे पर, मुइज़ू ने कहा, "हम कभी भी किसी एक देश के खिलाफ नहीं रहे हैं. भारत इससे बाहर नहीं है. मालदीव को अपनी धरती पर विदेशी सैन्य उपस्थिति के कारण गंभीर समस्या का सामना करना पड़ा है. मालदीव के लोग देश में एक भी विदेशी सैनिक नहीं चाहते हैं." दरअसल, इस साल की शुरुआत में चीन की अपनी द्विपक्षीय यात्रा के बाद, मुइज्जू ने भारत का नाम लिए बिना उसे एक गुंडा कहकर निशाना बनाया था. उन्होंने कहा था, "हम भले ही एक छोटे देश हैं, लेकिन इससे आपको हमें धमकाने का लाइसेंस नहीं मिल जाता."</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें</strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="जिस केस में भगत सिंह को हुई थी फांसी, अब किस थाने में रखी है वह फाइल?" href="https://www.abplive.com/gk/the-case-in-which-bhagat-singh-was-hanged-know-now-where-and-in-which-police-station-is-that-file-kept-2792667" target="_self">जिस केस में भगत सिंह को हुई थी फांसी, अब किस थाने में रखी है वह फाइल?</a></strong></p>

Thursday, September 26, 2024

IC 814 Hijack: हाईजैक हो गया IC-814 तो आतंकियों को छोड़ने कंधार गए थे जसवंत सिंह, पढ़ें पूरी कहानी

<p style="text-align: justify;"><strong>Indian Airlines IC 814 Hijack Story:</strong> भारत के लिए 24 दिसंबर 1999 की तारीख, वो काली तारीख है जिसे भूलना शायद ही संभव हो. इसी दिन नेपाल के काठमांडू से दिल्ली आ रही इंडियन एयरलाइंस की फ्लाइट IC 814 को हाईजैक किया गया. आतंकी जहाज को हाईजैक कर उसे अफगानिस्तान के कंधार ले गए.</p> <p style="text-align: justify;">इसके बाद शुरू हुआ भारत सरकार पर दबाव बनाने का सिलसिला. फ्लाइट में मौजूद लोगों को छोड़ने के बदले में अपहरणकर्ताओं ने भारत से 36 आतंकवादियों की रिहाई और 200 मिलियन अमेरिकी डॉलर की फिरौती मांगी. करीब एक हफ्ते तक इस पर नेगोशिएशन चलता रहा. बाद में भारत 3 आतंकियों को छोड़ने के लिए तैयार हो गया. आतंकियों को साथ ले जाने और इसके बदले में विमान और अंदर बैठे यात्रियों को सुरक्षित लाने का जिम्मा तब के विदेश मंत्री जसवंत सिंह को दिया गया.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>तीन आतंकियों को लेकर स्पेशल विमान से निकले थे</strong></p> <p style="text-align: justify;">विमान अपहरण करने वालों से बात होने के बाद जम्मू-कश्मीर की अलग-अलग जेलों में बंद आतंकी मसूद अजहर और मुश्ताक अहमद जरगर को सबसे पहले श्रीनगर लाया गया. वहां से दोनों को खुफिया एजेंसी रॉ के एक गल्फ स्ट्रीम विमान से दिल्ली लाया गया. दिल्ली में तीसरा आतंकी उमर शेख पहले से मौजूद था. इसके बाद तीनों को एक जहाज में बिठाया गया. इनके साथ विदेश मंत्री जसवंत सिंह भी बैठे. कुछ ही देर बाद उनका विमान कंधार के लिए निकल गया.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>विमान में कई बड़े अफसर और एसपीजी के कमांडो भी थे मौजूद</strong></p> <p style="text-align: justify;">जसवंत सिंह अकेले ही इन आतंकियों को लेकर कंधार नहीं जा रहे थे. उनके साथ चार सीनियर अफसर भी थे. इसमें सीबीआई के पूर्व डायरेक्टर एपी सिंह, इंडियन एयरलाइंस के तत्कालीन चीफ विजिलेंस ऑफिसर रंजीत नारायण, एसपीजी के ऑपरेशन इंचार्ज सतीश झा और सुरेंद्र पांडे शामिल थे. उनके साथ एसपीजी के कमांडो का एक दस्ता भी था. ये सभी अफसर उनके साथ एहतियातन भेजे गए थे, ताकि आतंकियों के वादे से मुकरने या गुछ गलत करने पर ये जवाबी कार्रवाई कर सकें.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें</strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="Indian Embassy China: चीन में रहने वाले भारतीयों को फरमान जारी, जल्द कराओ रजिस्ट्रेशन नहीं तो..." href="https://www.abplive.com/news/world/indians-living-in-china-must-register-with-the-embassy-guidelines-issued-2792003" target="_self">Indian Embassy China: चीन में रहने वाले भारतीयों को फरमान जारी, जल्द कराओ रजिस्ट्रेशन नहीं तो...</a></strong></p>

Wednesday, September 25, 2024

'मैं प्रधानमंत्री बनने के लिए नहीं आया', जानें क्यों केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा ये

<p><strong>Union Minister Nitin Gadkari:</strong> केंद्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के नेता नितिन गडकरी ने हाल में ही बयान दिया था कि उन्होंने विपक्ष की ओर से प्रधानमंत्री पद के लिए दिए गए प्रस्ताव को ठुकरा दिया था. इसके अलावा पीएम बनना उनके जीवन का लक्ष्य नहीं है. उनके इस बयान पर काफी ज्यादा चर्चा हो रही है.&nbsp;</p> <p>उन्होंने ये बयान दिवंगत अनिल कुमार पत्रकारिता पुरस्कार समारोह में मीडिया के लोगों को संबोधित करते हुए दिया था. अपने इस बयान पर केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री ने एक बड़ी बात कही है. &nbsp;</p> <p><strong>'मैं अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं करूंगा'</strong></p> <p>हाल में ही केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने आज तक को इंटरव्यू दिया था. इस इंटरव्यू में जब उनसे पूछा गया कि किस विपक्ष के नेता ने उन्हें प्रधानमंत्री पद का ऑफर दिया था और उन्हें कब ये ऑफर मिला था तो जवाब में उन्होंने कहा, "मैं राजनीति में सिद्धांतों के लिए आया हूं. प्रधानमंत्री या मंत्री बनने के लिए नहीं आया हूं. इसी वजह से सिद्धांतों से समझौता करने का सवाल ही नहीं उठता है. "&nbsp;</p> <p>उन्होंने आगे कहा, "कहने वाले कहते हैं, लेकिन मैं बीजेपी का एक कार्यकर्ता हूं और आरएसएस का स्वयंसेवक हूं. मैं जब तक हूं, पार्टी के साथ रहूंगा. मैं अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं करूंगा."</p> <p><strong>'नाम लेना उचित नहीं है'</strong></p> <p>इस दौरान जब उनसे पूछा गया कि कौन थे वो नेता जिन्होंने आपको ये ऑफर दिया था तो उन्होंने कहा, 'अनेक लोगों ने कहा था. जब इस तरह की बात होती है तो ये व्यक्तिगत होती है. उनका नाम उचित नहीं होगा.'</p> <p><strong>बताया अपने बयान का मतलब</strong></p> <p>अपने बयान को लेकर उन्होंने कहा, 'मैंने यह बयान पत्रकारिता पुरस्कार समारोह में दिया था. मैंने पत्रकारों को कहा था कि समाज हित में काम करने की जरूरत है. आप को सिद्धांतों से समझौता करना नहीं चाहिए. मैंने उन्हें यह समझाने के लिए कहा था.'</p>

Weather Update: जाते-जाते सितंबर बरसाने वाला है 'आफत'! पानी वाली तबाही लाएगा चक्रवात, पढ़ें किन राज्यों के लिए खतरा

<p style="text-align: justify;"><strong>IMD Alert for Rain and Cyclone :</strong> &nbsp;सितंबर में मौसम के बदलने का सिलसिला जारी है. 3-4 दिनों की गर्मी के बाद एक बार फिर बारिश की बूंदें बरसने को तैयार है. मौसम विभाग की मानें तो देश के कई राज्यों में एक बार फिर चक्रवात की एंट्री हो रही है. इसे लेकर विभाग ने अलर्ट भी जारी किया है.</p> <p style="text-align: justify;">मौसम विभाग ने महाराष्ट्र के बाद कुछ और राज्यों के लिए भी साइक्लोन यानी चक्रवात का अलर्ट जारी किया है. आईएमडी का कहना है कि इस चक्रवात की वजह से तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, बिहार, झारखंड समेत कई और राज्यों में बारिश हो सकती है. आइए जानते हैं आखिर आईएमडी ने किन राज्यों के लिए अलर्ट जारी किया है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>इस वजह से आ रहा साइक्लोन</strong></p> <p style="text-align: justify;">भारतीय मौसम विभाग (IMD) &nbsp;का कहना है कि पश्चिम मध्य और उससे सटे उत्तर पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के ऊपर आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा तटों पर जो लो प्रेशर एरिया बना हुआ था, वह अब पश्चिम-उत्तर पश्चिम की ओर बढ़ा है, लेकिन इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण दक्षिण छत्तीसगढ़ और उसके आसपास के इलाकों में अब भी कायम है. यह ट्रफ उत्तरी कोंकण से दक्षिणी बांग्लादेश तक फैली हुई है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>दिल्ली-एनसीआर में कैसा रहेगा मौसम</strong></p> <p style="text-align: justify;">मौसम विभाग के मुताबिक, गुरुवार (26 सितंबर 2024) को दिल्ली-एनसीआर के शहरों में आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं. इस दौरान हल्की बारिश और गरज के साथ छींटे पड़ने का भी पूर्वानुमान है. गुरुवार को अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस, जबकि न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रह सकता है. आईएमडी का कहना है कि साइक्लोन का असर दिल्ली में भी दिख सकता है और सितंबर अंत तक ऐसा ही मौसम रह सकता है. इसके अलावा नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, गुड़गांव और फरीदाबाद में भी हल्की बारिश हो सकती है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>यूपी और बिहार में भी बारिश के आसार</strong></p> <p style="text-align: justify;">मौसम विभाग का कहना है कि चक्रवात का असर यूपी और बिहार में भी दिखेगा. यहां अगले पांच दिनों के दौरान हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. तापमान में भी गिरावट दर्ज की जाएगी. कुछ इलाकों में गरज के साथ बारिश हो सकती है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>महाराष्ट्र और गुजरात में जमकर बरसेंगे बादल</strong></p> <p style="text-align: justify;">महाराष्ट्र की बात करें तो यहां मुंबई, पुणे समेत कई और शहरों में बारिश का अनुमान है. कई जिलों में तेज हवाएं भी बह सकती हैं. वहीं, गुजरात की बात करें तो गुजरात के अधिकतर इलाकों में इस साइक्लोन का असर देखने को मिल सकता है और अगले 3-4 दिन बारिश हो सकती है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ और सिक्किम के लिए बड़ा अलर्ट</strong></p> <p style="text-align: justify;">मौसम विभाग का कहना है कि साइक्लोन के कारण पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 26 से लेकर 28 सितंबर तक अधिक भारी बारिश होने की संभावना है. वहीं, छत्तीसगढ़ में 26 से लेकर 29 तक जमकर बारिश होने का अनुमान है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>अन्य राज्यों में भी हो सकती है बारिश</strong></p> <p style="text-align: justify;">आईएमडी का कहना है कि झारखंड, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, उत्तराखंड और ओडिशा में 26 से 30 सितंबर तक हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है. इसके अलावा अंडमान एंड निकोबार द्वीप समूह, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश में भी अगले 4-5 दिन झमाझम बारिश हो सकती है. वहीं, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में आज और कल के अलावा 1 अक्टूबर को बारिश का अनुमान है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें</strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="Maharashtra Rains: PM नरेंद्र मोदी के दौरे से ठीक एक दिन पहले महाराष्ट्र पानी-पानी! ठाणे में 3 की मौत, जानें- बाकी राज्यों में कैसा रहेगा मौसम का हाल" href="https://www.abplive.com/news/india/pm-narendra-modi-maharashtra-visit-bjp-nda-elections-mumbai-pune-rains-thane-latest-imd-alert-2791222" target="_self">Maharashtra Rains: PM नरेंद्र मोदी के दौरे से ठीक एक दिन पहले महाराष्ट्र पानी-पानी! ठाणे में 3 की मौत, जानें- बाकी राज्यों में कैसा रहेगा मौसम का हाल</a></strong></p>

Tuesday, September 24, 2024

कंगना रनौत बोलीं- 'कृषि कानून वापस लाओ', BJP ने झाड़ा पल्ला तो कहा- ये मेरा निजी बयान

<p style="text-align: justify;">बॉलीवुड एक्ट्रेस और सांसद कंगना रनौत के 'कृषि कानून वापस लाने' वाले बयान से बीजेपी ने पल्ला झाड़ लिया है. बीजेपी प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कंगना रनौत की टिप्पणी को उनका निजी बयान करार दिया है. गौरव भाटिया ने कहा कि मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि यह बयान उनका निजी बयान है.</p> <p style="text-align: justify;">बीजेपी प्रवक्ता की ओर से कहा गया, ''कंगना रनौत भाजपा की ओर से ऐसा बयान देने के लिए अधिकृत नहीं हैं और यह कृषि बिलों पर BJP के दृष्टिकोण को नहीं दर्शाता है. हम इस बयान की निंदा करते हैं.''</p> <p style="text-align: justify;">इस बयान के सामने आने के बाद हिमाचल प्रदेश की मंडी लोकसभा सीट से सांसद कंगना रनौत ने भी एक्स पर ट्वीट करते हुए इसे अपना निजी बयान बताया. उन्होंने एक्स पर लिखा कि बिल्कुल. कृषि कानूनों पर मेरे विचार निजी हैं और इसका पार्टी से कोई लेना-देना नहीं है. धन्यवाद&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">वहीं, कांग्रेस ने मंगलवार (24 सितंबर) को कृषि कानूनों को लेकर बीजेपी सांसद की टिप्पणी का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ पार्टी 2021 में निरस्त किए गए तीन कानूनों को वापस लाने का प्रयास कर रही है और हरियाणा इसका करारा जवाब देगा.</p> <p style="text-align: justify;">कांग्रेस ने एक्स पर रनौत का एक बिना तारीख वाला वीडियो साझा किया, जिसमें वह कथित तौर पर हिंदी में कह रही हैं, ''जो कृषि कानून निरस्त किए गए हैं उन्हें वापस लाया जाना चाहिए. मुझे लगता है कि यह विवादास्पद हो सकता है. किसानों के हित में कानून वापस लाए जाएं. किसानों को खुद इसकी मांग करनी चाहिए, ताकि उनकी समृद्धि में कोई रुकावट नहीं रहे.''</p> <p style="text-align: justify;">कांग्रेस ने वीडियो के साथ एक पोस्ट में कहा, ''किसानों पर थोपे गए तीनों काले कानून वापस लाए जाएं: यह बात भाजपा सांसद कंगना रनौत ने कही है. देश के 750 से अधिक किसान शहीद हो गए, तब जाकर मोदी सरकार जागी और ये काले कानून वापस लिए गए.'' कांग्रेस ने आरोप लगाया कि अब बीजेपी सांसद इन कानूनों को वापस लाने की योजना बना रहे हैं.</p> <p style="text-align: justify;">विपक्षी दल ने एक्स पर कहा, ''कांग्रेस किसानों के साथ है. ये काले कानून कभी वापस नहीं होंगे, चाहे <a title="नरेंद्र मोदी" href="https://www.abplive.com/topic/narendra-modi" data-type="interlinkingkeywords">नरेंद्र मोदी</a> और उनके सांसद कितनी भी कोशिश कर लें.'' कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने हरियाणा में विधानसभा चुनावों का स्पष्ट संदर्भ देते हुए कहा, ''हम ऐसा कभी नहीं होने देंगे. हरियाणा करारा जवाब देगा.''</p> <p style="text-align: justify;">तीन कानून - कृषक उपज व्यापार एवं वाणिज्य (संवर्धन एवं सुविधा) अधिनियम; कृषक (सशक्तीकरण व संरक्षण) कीमत आश्वासन और कृषि सेवा पर करार अधिनियम; तथा आवश्यक वस्तु (संशोधन) अधिनियम - को नवंबर 2021 में निरस्त कर दिया गया. किसानों का विरोध नवंबर 2020 के अंत में शुरू हुआ था और संसद द्वारा तीनों कानूनों को निरस्त करने के बाद समाप्त हुआ. ये कानून जून 2020 में लागू हुए थे और नवंबर 2021 में निरस्त कर दिए गए.</p>

Friday, September 20, 2024

'इंडिया आउट' का नारा देने चले थे मुइज्जू, मुसीबत में भारत ने दिखाई दरियादिली तो मालदीव बोला- थैंक्यू

<p style="text-align: justify;"><strong>India Maldives Relations: </strong>एक ओर मालदीव आर्थिक परेशानियों से गुजर रहा है. भारत ने आपातकालीन वित्तीय सहायता देते हुए मालदीव को फिर से एक साल के लिए 50 मिलियन डॉलर के सरकारी ट्रेजरी बिलों की सदस्यता बढ़ा दी है. इस साल में यह दूसरी बार हो रहा है, जब भारत ने मालदीव को ऐसी सहायता पेश की है.</p> <p style="text-align: justify;">ये कदम ऐसे समय पर उठाया गया है, जब दोनों देशों के बीच संबंधों में नरमी देखी गई है. बीते साल मालदीव में राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने &ldquo;इंडिया आउट&rdquo; का अभियान चलाते हुए सत्ता संभाली थी और नई दिल्ली से तीन विमानों के संचालन के लिए देश में तैनात 85 से अधिक सैन्यकर्मियों को वापस बुलाने की मांग की थी.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>मालदीव सरकार के अनुरोध करने पर एक साल के लिए किया सब्सक्राइब&nbsp;</strong></p> <p style="text-align: justify;">भारतीय उच्चायोग ने बयान में कहा कि भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने मालदीव सरकार के 50 मिलियन डॉलर के ट्रेजरी बिलों को पिछली सदस्यता के पूरे होने पर एक और साल के लिए सब्सक्राइब किया है. इस साल मई के महीने में SBI ने मालदीव सरकार के अनुरोध करने पर पुरानी व्यवस्था के तहत 50 मिलियन डॉलर के ट्रेजरी बिल सब्सक्राइब किए थे. ये सब्सक्रिप्शन मालदीव सरकार के विशेष अनुरोध पर "आपातकालीन वित्तीय सहायता" के रूप में किए गए हैं.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>जरूरत के समय में मालदीव की सहायता के लिए आया भारत</strong></p> <p style="text-align: justify;">उच्चायोग ने कहा कि भारत ने जरूरत के समय में मालदीव की सहायता की है और ट्रेजरी बिल की मौजूदा सब्सक्रिप्शन, साथ ही इस साल की शुरुआत में मालदीव के लिए आवश्यक वस्तुओं के निर्यात के लिए विशेष कोटा को एक और साल तक बढ़ाने के भारत सरकार के फैसले से मालदीव की सरकार और लोगों को भारत के निरंतर समर्थन का पता चलता है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>इस नीति के तहत चल रहा भारत</strong></p> <p style="text-align: justify;">भारतीय पक्ष ने मालदीव को एक प्रमुख समुद्री पड़ोसी (maritime neighbour) और "पड़ोसी पहले" (&ldquo;Neighbourhood First&rdquo;) नीति के तहत एक महत्वपूर्ण भागीदार के रूप में भी बताया.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>मालदीव के पर्यटन मंत्री ने जताया आभार</strong></p> <p style="text-align: justify;">वहीं मालदीव के पर्यटन मंत्री अहमद अदीब ने एक्स पर एक पोस्ट में 50 मिलियन डॉलर के ट्रेजरी बिलों के रोलओवर के साथ "महत्वपूर्ण बजटीय सहायता" बढ़ाने के लिए भारत सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया. अदीब ने कहा कि इससे हमारे देशों के बीच गहरे संबंध मजबूत होते हैं और आर्थिक स्थिरता और विकास की दिशा में हमारा मार्ग मजबूत होता है."</p> <p style="text-align: justify;"><strong>पिछली सरकार ने भी लिया था कर्ज</strong></p> <p style="text-align: justify;">मालदीव वर्तमान में गंभीर आर्थिक मंदी से जूझ रहा है, इसके राजस्व और विदेशी मुद्रा भंडार कोविड-19 महामारी और रूस-यूक्रेन संघर्ष के नतीजों से प्रभावित हुए हैं. इब्राहिम सोलिह के नेतृत्व वाली पिछली सरकार ने इन मुद्दों से निपटने के लिए निजी ऋणदाताओं और भारत से उधार लिया था और 2023 में मालदीव का कुल कर्ज बढ़कर लगभग 8 बिलियन डॉलर हो गया.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढे़ें- <a href="https://www.abplive.com/news/world/america-kentucky-sheriff-murder-judge-inside-courtroom-in-us-arrested-by-state-police-2787905">US Judge Murder: पुलिस इंस्पेक्टर ने जज को कोर्ट रूम में गोली मारी, फिर खुद किया सरेंडर</a></strong></p>

'मंदिरों का नियंत्रण हिंदू समाज को मिले', तिरुपति लड्डू प्रसादम विवाद के बीच VHP की मांग

<p><strong>Tirupati Laddu Prasadam Controversy:</strong> तिरुपति मंदिर के प्रसाद वाले लड्डू में जानवरों की चर्बी मिलाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. कई राजनीतिक दल इस मुद्दे पर आक्रोश जता चुके हैं. इसी बीच विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने शुक्रवार (20 सितंबर) को एक बड़ी मांग कर दी है.&nbsp;</p> <p>विहिप ने कहा है कि तिरुपति मंदिर के लड्डू में पशुओं की चर्बी का कथित इस्तेमाल असहनीय है. विहिप ने मांग की है कि आंध्र प्रदेश सरकार मंदिर का नियंत्रण व प्रबंधन हिंदू समाज को सौंप दे.&nbsp;</p> <p><strong>विश्व हिंदू परिषद ने उठाई ये मांग</strong></p> <p>विहिप के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री बजरंग बागड़ा ने देश भर में सभी मंदिरों और हिंदुओं के अन्य देवालयों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त करने की भी मांग की. उन्होंने तिरुपति मंदिर के प्रसाद को अपवित्र करने में कथित तौर पर शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की. उन्होंने एक वीडियो बयान में कहा, "तिरुपति की घटना विश्व हिंदू परिषद की इस विश्वास को और मजबूत बनाती है कि मंदिरों पर सरकारी नियंत्रण की वजह से राजनीति का प्रवेश होता है. वहां (सरकारी नियंत्रण वाले मंदिरों में) गैर-हिंदू अधिकारियों की नियुक्ति होने से प्रसाद में जानबूझकर ऐसी अपिवत्रता की जाती है."</p> <p>बजरंग बागड़ा ने कहा कि विहिप लंबे समय से मांग करती रही है कि हिंदुओं के मंदिर व अन्य धार्मिक स्थल सरकारी नियंत्रण में न रहें. उन्होंने तिरुपति लड्डू प्रसादम में पशुओं की चर्बी के कथित इस्तेमाल को असहनीय और घृणित कृत्य करार दिया तथा कहा कि इससे पूरा हिंदू समाज व्यथित और आहत है. बजरंग बागड़ा ने कहा कि हिंदू समाज अपनी आस्था पर इस तरह के बार-बार हमले को सहन नहीं करेगा.&nbsp;</p> <p><strong>इस मामले पर गंभीरता से विचार किया जाएगा</strong></p> <p>&nbsp;बजरंग बागड़ा ने कहा, "हमें विश्वास है कि आंध्र प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार इस मुद्दे की गंभीरता को देखते हुए इस पर गंभीरता से विचार करेगी." उन्होंने तिरुपति लड्डू अपवित्रीकरण मामले की निष्पक्ष जांच और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की.&nbsp;</p> <p><strong>विनोद बंसल ने भी दिया बड़ा बयान</strong></p> <p>विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने भी मांग की कि तिरुपति मंदिर और देश भर के सभी अन्य मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त किया जाए. उन्होंने कहा, "सिर्फ तिरुपति मंदिर ही सरकार के नियंत्रण में नहीं है. देश भर के राज्यों में चार लाख से अधिक मंदिर सरकारों के नियंत्रण में हैं." इस मुद्दे पर टिप्पणी करने के लिए कहे जाने पर उन्होंने पीटीआई-भाषा से कहा, "इस मुद्दे पर हमारा रुख स्पष्ट है कि सरकारों को मंदिरों और उनकी संपदा को हिंदू समाज को सौंप देना चाहिए. मंदिरों के असली न्यासी हिंदू हैं, सरकारें नहीं." बंसल ने कहा कि विहिप हिंदुओं के मंदिरों और अन्य धार्मिक स्थलों पर सरकारी नियंत्रण के खिलाफ जल्द ही एक बड़ा अभियान शुरू करेगी.</p> <p>(भाषा इनपुट के साथ)</p>

Karnataka Politics: कांग्रेस ने दिया NDA की इस पार्टी को बड़ा झटका, उपचुनाव से पहले 13 नेताओं ने थामा 'हाथ'

<p style="text-align: justify;"><strong>JDS 13 Councillors Joined Congress: </strong>जनता दल सेक्युलर (JDS) को कर्नाटक में बड़ा झटका लगा है. चन्नपटना सिटी म्युनिसिपल काउंसिल में जेडीएस के 16 में से 13 पार्षद कांग्रेस में शामिल हो गए हैं. इस तरह वे दलबदल विरोधी कानून से बच गए हैं, क्योंकि एक साथ दो-तिहाई पार्षदों ने पाला बदला है.</p> <p style="text-align: justify;">इतनी बड़ी संख्या में पार्षदों को एक साथ पार्टी में शामिल कराने को उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की ओर से जेडीएस को कमजोर करने और चन्नपटना में कांग्रेस की संभावनाओं को मजबूत करने के कदम के रूप में देखा जा रहा है. चन्नपटना एक वोक्कालिगा बहुल तालुक है, जहां दोनों पार्टियां एक-दूसरे की धुर विरोधी हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>एचडी कुमारस्वामी के सांसद बनने के बाद खाली हुई सीट</strong></p> <p style="text-align: justify;">यह सामूहिक दलबदल चन्नपटना विधानसभा क्षेत्र के लिए होने वाले उपचुनाव से ठीक पहले हुआ है. दरअसल, चन्नपटना विधानसभा सीट एचडी कुमारस्वामी के मांड्या लोकसभा सीट से सांसद के रूप में चुने जाने के बाद खाली हुआ था. शिवकुमार, जो कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष भी हैं, ने चन्नपटना उपचुनाव को व्यक्तिगत रूप से लिया है और वे अपने भाई डीके सुरेश की बेंगलुरु ग्रामीण लोकसभा क्षेत्र में भाजपा-जेडीएस गठबंधन के हाथों हार का 'बदला' लेना चाहते हैं. 31 सदस्यीय चन्नपटना सिटी म्युनिसिपल काउंसिल के लिए 2021 में हुए चुनाव में जेडीएस के 16, कांग्रेस और भाजपा के सात-सात और एक निर्दलीय उम्मीदवार पार्षद चुने गए थे. अब जेडीएस के 13 और एक निर्दलीय उमा के कांग्रेस में शामिल होने से पूरा समीकरण बदला नजर आ रहा है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>कांग्रेस ने डीईओ से की मांग, इन पर लागू न हो दलृबदल</strong>&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">रामनगर कांग्रेस के अध्यक्ष गंगाधर एस ने डिप्टी कमिश्नर, जो जिला चुनाव अधिकारी (डीईओ) भी हैं, से याचिका दायर की कि वे दलबदलुओं को नगर निकाय में उनकी पार्टी के सदस्यों के रूप में आधिकारिक रूप से मान्यता दें. उन्होंने यह भी बताया कि जेडीएस के सदस्य अपनी मर्जी से कांग्रेस में शामिल हुए हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>कांग्रेस के लिए प्लस पॉइंट, बाकी निराश</strong></p> <p style="text-align: justify;">इस बड़े खेल का चन्नपटना उपचुनाव पर असर पड़ना तय माना जा रहा है और इसे कांग्रेस के लिए प्लस पॉइंट माना जा रहा है. वहीं दूसरी तरफ भाजपा और जेडीएस इस बात पर संघर्ष कर रहे हैं कि उम्मीदवार कौन होना चाहिए. भाजपा के पूर्व मंत्री सीपी योगेश्वर यहां से टिकट के लिए जोर लगा रहे हैं, जबकि जेडीएस अपने किसी उम्मीदवार को यहां से उतारना चाहता है. कांग्रेस की बात करें तो यहां अटकलें लगाई जा रही हैं कि बैंगलोर टीचर्स एमएलसी पुट्टन्ना को मैदान में उतारा जा सकता है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें</strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="कब, कैसे और किसने किया धर्मभ्रष्ट ? पढ़ें तिरुपति के लड्डू की पूरी 'पापकथा'" href="https://www.abplive.com/news/india/tirupati-balaji-laddu-controversy-allegations-of-animal-fat-stir-faith-and-outrage-2787860" target="_self">कब, कैसे और किसने किया धर्मभ्रष्ट ? पढ़ें तिरुपति के लड्डू की पूरी 'पापकथा'</a></strong></p>

Thursday, September 19, 2024

India Russia Tension: 'भ्रामक और शरारती है यह पूरी रिपोर्ट', यूक्रेन को हथियार पहुंचाने के दावों को भारत ने किया खारिज

<p style="text-align: justify;"><strong>India Russia Relation:</strong> भारत ने गुरुवार (19 सितंबर 2024) को उस रिपोर्ट को खारिज कर दिया जिसमें दावा किया गया था कि भारतीय हथियार निर्माताओं की ओर से बेचे गए तोप के गोले यूरोपीय ग्राहकों की ओर से यूक्रेन भेजे गए थे.</p> <p style="text-align: justify;">विदेश मंत्रालय (एमईए) ने रिपोर्ट को "अटकलबाजी और भ्रामक" बताते हुए कहा कि भारत के पास सैन्य और दोहरे उपयोग वाली वस्तुओं के निर्यात पर अंतर्राष्ट्रीय दायित्वों के अनुपालन का एक बेदाग ट्रैक रिकॉर्ड है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>'हर मानदंडों का किया जाता है पालन'</strong></p> <p style="text-align: justify;">विदेश मंत्रालय ने इसे लेकर कहा कि हमने रॉयटर्स की रिपोर्ट देखी है. यह अटकलबाजी और भ्रामक है. इसमें भारत की ओर से नियमों का उल्लंघन का संकेत दिया गया है, जबकि ऐसा कुछ भी नहीं है और इसलिए यह रिपोर्ट गलत और शरारती है. भारत अपने रक्षा निर्यात का अप्रसार अपने अंतर्राष्ट्रीय दायित्वों को ध्यान में रखते हुए और अपने खुद के मजबूत कानूनी और नियामक ढांचे के आधार पर कर रहा है, जिसमें अंतिम यूजर्स दायित्वों और प्रमाणन सहित प्रासंगिक मानदंडों का पूरी तरह से मूल्यांकन शामिल है.&rdquo;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>रूस के विरोध के बाद भी हस्तक्षेप न करने का आरोप</strong></p> <p style="text-align: justify;">बता दें कि अपनी रिपोर्ट में रॉयटर्स ने दावा किया है कि रूस के खिलाफ यूक्रेन की रक्षा में सहायता के लिए भारत में बने गोला-बारूद का हस्तांतरण एक साल से अधिक समय से चल रहा है. रिपोर्ट में ये भी दावा किया गया है कि भारतीय हथियार निर्यात नियम घोषित खरीदार तक ही हथियारों के उपयोग को सीमित करते हैं, जो अनधिकृत हस्तांतरण होने पर भविष्य में बिक्री समाप्त होने का जोखिम उठाते हैं, लेकिन रूस के विरोध के बाद भी नई दिल्ली ने व्यापार को रोकने के लिए हस्तक्षेप नहीं किया है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>इन दो मौकों पर रूस की ओर से आपत्ति जताने का दावा</strong></p> <p style="text-align: justify;">रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मॉस्को ने कम से कम दो मौकों पर इस मुद्दे को उठाया है, जिसमें जुलाई में रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव और भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर के बीच हुई बैठक भी शामिल है. दो भारतीय सरकारी और दो रक्षा उद्योग स्रोतों के हवाले से समाचार एजेंसी ने दावा किया कि नई दिल्ली ने यूक्रेन की ओर से इस्तेमाल किए जा रहे गोला-बारूद की बहुत कम मात्रा का उत्पादन किया है. एक अधिकारी ने अनुमान लगाया कि यह युद्ध के बाद से कीव की ओर से आयात किए गए कुल हथियारों का 1 प्रतिशत से भी कम है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>यंत्र कंपनी के एक शीर्ष अधिकारी ने दी जानकारी</strong></p> <p style="text-align: justify;">यंत्र इंडिया के एक पूर्व शीर्ष अधिकारी ने रॉयटर्स को बताया कि गैर-सूचीबद्ध इतालवी रक्षा ठेकेदार मेकेनिका पेर एल'इलेक्ट्रॉनिका ई सर्वोमेकेनिज्मी (एमईएस) यूक्रेन को भारत निर्मित गोले भेजने वाली कंपनियों में से एक थी. यंत्र इंडिया एक सरकारी स्वामित्व वाली कंपनी है जिसके हथियारों का इस्तेमाल यूक्रेन की ओर से किया जा रहा है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें</strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="Tirupati Controversy: तिरुपति के लड्डुओं में जानवरों की चर्बी: BJP बोली- 'हिंदुओं के साथ विश्वासघात, भगवान माफ नहीं करेंगे'" href="https://www.abplive.com/news/india/bjp-leader-bandi-sanjay-kumar-demands-strict-action-in-animal-fat-used-in-tirumala-laddu-row-2787170" target="_self">Tirupati Controversy: तिरुपति के लड्डुओं में जानवरों की चर्बी: BJP बोली- 'हिंदुओं के साथ विश्वासघात, भगवान माफ नहीं करेंगे'</a></strong></p>

थाने में सेना के अधिकारी और उसकी मंगेतर से मारपीट, ओडिशा के 5 पुलिसकर्मी निलंबित

<p><strong>Odisha News:</strong> ओडिशा पुलिस ने एक भारतीय सेना अधिकारी और उसकी मंगेतर के साथ कथित मारपीट और उत्पीड़न के लिए भरतपुर पुलिस स्टेशन के प्रभारी निरीक्षक (आईआईसी) सहित पांच अधिकारियों को निलंबित कर दिया है.&nbsp;</p> <p>आधिकारिक बयान में ओडिशा पुलिस ने आईआईसी दीनाकृष्ण मिश्रा, उप-निरीक्षक बैसालिनी पांडा, सहायक उप-निरीक्षक सलिलामयी साहू और सागरिका रथ, और कांस्टेबल बलराम हांडा के निलंबन की पुष्टि की. बयान में कहा गया है कि जब यह यह आदेश लागू रहेगा, ये सभी पुलिसकर्मी भुवनेश्वर-कटक के पुलिस आयुक्त के अनुशासनात्मक नियंत्रण में रहेंगे. इन्हें ओडिशा सेवा संहिता के नियम 90 के तहत भत्ता (एसए) और महंगाई भत्ता (डीए) मिलेगा.&nbsp;</p> <p><strong>जानें क्या है पूरा मामला&nbsp;</strong></p> <p>दरअसल, भरतपुर पुलिस स्टेशन में ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों ने सेना के एक अधिकारी और उसकी मंगेतर पर कथित तौर पर हमला किया था. दंपत्ति पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराने गए थे. इस दौरान उनके साथ कथित तौर पर मारपीट की गई थी. जानकारी के अनुसार, मेजर और उनकी मंगेतर कार से कहीं जा रहे थे, तभी बदमाशों ने उन्हें परेशान किया था. इसकी शिकायत दर्ज कराने जब वो भरतपुर पुलिस स्टेशन पहुंचे तो पुलिसकर्मियों ने कथित तौर पर उनके साथ दुर्व्यवहार किया.&nbsp;</p> <p>आरोप है कि पुलिस ने मेजर को जेल में बंद कर दिया गया था. इस दौरान जब उनकी मंगेतर ने इसका विरोध किया तो उसके साथ भी मारपीट की गई थी. वहीं, भरतपुर पुलिस स्टेशन के आईआईसी ने कथित तौर पर महिला के साथ बलात्कार करने की धमकी दी.&nbsp;</p> <p><strong>मेडिकल टेस्ट में हुई मारपीट की पुष्टि</strong></p> <p>इस मामले को भारतीय सेना ने गंभीरता से लिया. घटना की जानकारी मिलने के बाद अधिकारियों ने हस्तक्षेप किया, जिसके बाद मेजर को रिहा किया गया है. &nbsp;वहीं, उनकी मंगेतर के मेडिकल टेस्ट में मारपीट की पुष्टि हुई है. इसके बाद डीएसपी नरेंद्र कुमार बेहरा के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच की पांच सदस्यीय टीम भरतपुर पुलिस स्टेशन पहुंची थी. जहां पर उन्होंने कर्मचारियों से पूछताछ की. यहां पर CCTV कैमरे ना लगे होने की वजह से जांच में समस्या आ रही है.&nbsp;</p>

Wednesday, September 18, 2024

'तिरूपति के लड्डू में इस्तेमाल की गई जानवरों की चर्बी', आंध्र CM चंद्रबाबू नायडू का बड़ा आरोप

<p style="text-align: justify;">आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने बुधवार को आरोप लगाया कि YSRCP सरकार ने विश्व प्रसिद्ध तिरुपति मंदिर में लड्डू बनाने में घटिया सामग्री और जानवरों की चर्बी का इस्तेमाल किया था.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">तिरुपति के श्री वेंकटेश्वर मंदिर में तिरुपति लड्डू चढ़ाया जाता है. मंदिर का संचालन तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) करता है. नायडू ने यहां NDA विधायक दल की बैठक को संबोधित करते हुए दावा किया, &ldquo;यहां तक ​​कि तिरुमला लड्डू भी घटिया सामग्री से बनाया गया था...उन्होंने घी की जगह जानवरों की चर्बी का इस्तेमाल किया था.&rdquo;</p> <p style="text-align: justify;">मुख्यमंत्री नायडू ने हालांकि कहा कि अब शुद्ध घी का उपयोग किया जा रहा है, जिससे गुणवत्ता में सुधार हुआ है.</p> <p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

बंगाल की खाड़ी में गिरा 240 मिलियन डॉलर का अमेरिकी MQ-9B ड्रोन, US से लीज पर आया था भारत

<p style="text-align: justify;"><strong>MQ-9B Drone:&nbsp;</strong>भारतीय नौसेना द्वारा अमेरिका से लीज पर लिया गया एमक्यू-9बी सीगार्डियन ड्रोन बुधवार (18 सितंबर) को निगरानी मिशन के दौरान तकनीकी खराबी के कारण बंगाल की खाड़ी में गिर गया. इस ड्रोन की पानी में इमर्जेंसी लैंडिंग करवाई गई. यह घटना ऐसे समय में हुई है जब भारत सेना की ताकत बढ़ाने के लिए अमेरिका से 31 एमक्यू-9बी खरीदने के लिए बातचीत कर रहा है.</p> <p style="text-align: justify;">हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इस समय भारतीय नौसेना के पास प्रीडेटर बी ड्रोन हैं, जिसे अमेरिकी कंपनी जनरन ऑटोमिक्स ने बनाया है. नेवी के पास ऐसे दो ड्रोन थे. इसे चार साल के लिए लीज पर लिया गया था. इसका काम समंदर की गतिविधियों पर खुफिया नजर रखना है. &nbsp;वहीं, तमिलनाडु में नौसेना हवाई स्टेशन राजाली से उनका संचालन किया जा रहा है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>जानिए क्या है मामला?</strong></p> <p style="text-align: justify;">नौसेना ने एक बयान जारी करते हुए कहा, "भारतीय नौसेना द्वारा लीज पर लिया गया एक ऊंचाई वाला (एचएएलई आरपीए), जो आईएनएस राजाली, अरक्कोणम (चेन्नई के पास) से संचालित हो रहा था. यह ड्रोन 1400 घंटों से अधिक का रूटीन उड़ान भर चुका था. जिसके बाद तकनीकी खराबी का शिकार हो गया. जिसे उड़ान के दौरान ठीक नहीं किया जा सका. फिलहाल,आरपीए सुरक्षित क्षेत्र में पहुंच गया है और उसने चेन्नई के पास समुद्र में नियंत्रित तरीके से विमान को उतारा है. इसके साथ ही अमेरिकी कंपनी जनरन ऑटोमिक्स से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>लीज के तहत कंपनी बदल कर देगी ड्रोन</strong></p> <p style="text-align: justify;">सूत्रों का कहना है कि लीज के तहत, भारतीय नौसेना को विशाल क्षेत्र की सुनिश्चित निगरानी करने के लिए दो ड्रोन दिए गए हैं. उन्होंने कहा कि समझौते के अनुसार नौसेना की जरूरतों को पूरा करने के लिए OEM को अब खोए हुए आरपीए को दूसरे से बदलना होगा.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>हिंद महासागर की सुरक्षा में RPA ने काफी मदद</strong></p> <p style="text-align: justify;">इस ड्रोन ने नौसेना को हिंद महासागर पर कड़ी नज़र रखने में मदद की है. ऐसे समय में जब उसने चीन की महत्वाकांक्षाओं को रोकने के लिए इस क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है. दोनों एमक्यू-9बी ने संयुक्त रूप से 18,000 घंटे की उड़ान भरी है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: </strong><strong><a title="बांग्लादेश हुआ मालामाल, पहले अमेरिका तो अब विश्व बैंक देगा 2 बिलियन डॉलर की सहायता राशि" href="https://www.abplive.com/news/world/world-bank-will-give-bangladesh-2-billion-dollar-aid-for-infrastructure-development-2785819" target="_self">बांग्लादेश हुआ मालामाल, पहले अमेरिका तो अब विश्व बैंक देगा 2 बिलियन डॉलर की सहायता राशि</a></strong></p>

Tuesday, September 17, 2024

Lebanon Pager Blast Live: पेजर ब्लास्ट से दहला लेबनान, 11 लोगों की मौत, ईरानी राजदूत समेत 2800 से ज्यादा घायल, हिजबुल्लाह का इजराइल पर आरोप

<p style="text-align: justify;"><strong>Lebanon Pager Blast Live Updates:</strong> लेबनान की राजधानी बेरूत में मंगलवार (17 सितंबर) को हुए सीरियल ब्लास्ट में करीब 11 लोगों के मौत की सूचना है, जबकि 2800 से अधिक लोग घायल हैं. आतंकवादी समूह हिजबुल्लाह की ओर से इस्तेमाल किए जाने वाले पेजर (वायरलेस कम्यूनिकेशन डिवाइस) में यह ब्लास्ट हुआ. हिजबुल्लाह और लेबनान ने विस्फोटों के लिए इजराइल को दोषी ठहराया है. वहीं, तेल अवीव ने आरोपों का जवाब नहीं दिया है.</p> <p style="text-align: justify;">हिजबुल्लाह की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि हिजबुल्लाह के सदस्यों और अन्य लोगों की ओर से कम्यूनिकेशन में इस्तेमाल होने वाले पेजर्स में मंगलवार शाम करीब साढ़े तीन बजे सीरियल ब्लास्ट हुआ. हिजबुल्लाह ने कहा कि इन रहस्यमयी धमाकों की वजह अब भी पता नहीं चल सकी है. हालांकि, हिजबुल्लाह ने पेजर्स में हुए सीरियल ब्लास्ट में केवल तीन मौतें होने की पुष्टि की है. &nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>जांच के लिए तैनात की टीमें</strong></p> <p style="text-align: justify;">हिजबुल्लाह की ओर से पेजर्स में हुए सीरियल ब्लास्ट की जांच के लिए टीमें तैनात कर दी गई हैं. जो इस सीरियल ब्लास्ट के पीछे की वजह पता करने के लिए बड़े स्तर पर जांच कर रही हैं. पेजर ब्लास्ट की घटनाओं के बाद अस्पताल में घायलों की मदद के लिए मेडिकल टीमें तैनात है. &nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>पेजर फेंकने की दी सलाह</strong></p> <p style="text-align: justify;">इस बीच लेबनानी स्वास्थ्य मंत्रालय ने नागरिकों से कहा है कि जिनके पास पेजर हैं उन्हें तुरंत फेंक दें. इन धमाकों में ईरान के राजदूत मोजीतबा अमानी के भी घायल होने की खबर है. मृतकों में हिज्बुल्लाह के कई लड़ाके भी शामिल हैं.</p>

Monday, September 16, 2024

Doctor Rape Murder Case: आज शाम खत्म हो सकती है डॉक्टरों की हड़ताल, ममता बनर्जी का दावा- मानीं 99% मांगें

<p style="text-align: justify;"><strong>Kolkata Doctor Rape Murder Case Latest News:&nbsp;</strong>आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में ट्रेनी डॉक्टर से रेप और हत्या मामले में पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए हड़ताल पर बैठे डॉक्टरों को मनाने के लिए पश्चिम बंगाल सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार रात (16 सितंबर 2024) घोषणा की कि राज्य सरकार ने आंदोलनकारी डॉक्टरों की ओर से रखी गई अधिकांश मांगों को स्वीकार कर लिया है.</p> <p style="text-align: justify;">ममता बनर्जी ने यह भी घोषणा की कि प्रदर्शनकारी डॉक्टरों की मांगों के अनुसार, कोलकाता पुलिस आयुक्त विनीत गोयल, स्वास्थ्य सेवाओं के निदेशक और चिकित्सा शिक्षा के निदेशक को हटा दिया जाएगा.</p> <p style="text-align: justify;">ममता बनर्जी ने कहा, &ldquo;कोलकाता के पुलिस आयुक्त विनीत गोयल और उत्तरी डिवीजन के उपायुक्त अभिषेक गुप्ता का तबादला किया जाएगा. डॉक्टरों ने दावा किया था कि गोयल ने पहले उनसे कहा था कि वह पद छोड़ना चाहते हैं क्योंकि उनका उन पर विश्वास खत्म हो गया है. हमने उनके अनुरोध को स्वीकार कर लिया है और उन्हें उस पद पर स्थानांतरित कर दिया है जिसकी उन्होंने मांग की थी.&rdquo;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>आज शाम नए पुलिस आयुक्त की होगी घोषणा</strong></p> <p style="text-align: justify;">ममता बनर्जी ने कहा कि सोमवार शाम को डॉक्टरों के साथ हुई बैठक सफल रही और लगभग उनकी 99 प्रतिशत मांगें पूरी कर दी गई हैं. आरजी कर गतिरोध को हल करने के लिए आयोजित बैठक के बाद, मुख्यमंत्री ने कहा कि मंगलवार को शाम 4 बजे के बाद नए कोलकाता पुलिस आयुक्त के नाम की घोषणा की जाएगी.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>डॉक्टर आज शाम तक काम रखेंगे बंद</strong></p> <p style="text-align: justify;">इसके अलावा, सीएम ममता बनर्जी ने डॉक्टरों से काम पर लौटने का आग्रह किया क्योंकि उनकी अधिकांश मांगें स्वीकार कर ली गई हैं. उन्होंने कहा, "डॉक्टरों के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी... मैं उनसे काम पर वापस आने का अनुरोध करूंगी क्योंकि आम लोग परेशान हैं." हालांकि, बैठक के बाद डॉक्टरों ने कहा कि वे मंगलवार को अपना 'काम बंद करो' विरोध प्रदर्शन जारी रखेंगे. उन्होंने कहा कि वे मंगलवार को कोलकाता बलात्कार और हत्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई का इंतजार करेंगे. बैठक के बाद सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि राज्य सरकार ने आंदोलनकारी डॉक्टरों की ओर से रखी गई पांच में से तीन मांगों को स्वीकार कर लिया है. जांच (बलात्कार-हत्या मामले में) से संबंधित मांग पूरी नहीं की जा सकती क्योंकि मामला सुप्रीम कोर्ट में है और सीबीआई जांच कर रही है. उन्होंने कहा, "हमें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है."</p> <p style="text-align: justify;"><strong>2 घंटे तक चली डॉक्टरों और सीएम के बीच बैठक</strong></p> <p style="text-align: justify;">बता दें कि सोमवार शाम 6:20 बजे 42 डॉक्टर मुख्यमंत्री के आवास पर पहुंचे और शाम 7 बजे बैठक शुरू हुई. शाम 5 बजे निर्धारित बैठक दो घंटे तक चली. इस मुद्दे को सुलझाने के पिछली बार हुई बैठक राज्य सरकार की ओर से बैठक की लाइव-स्ट्रीमिंग और वीडियो रिकॉर्डिंग की डॉक्टरों की मांग को अस्वीकार करने के कारण बेनतीजा रही थी. बाद में आंदोलनकारी डॉक्टर एक समझौते पर सहमत हुए और बैठक की मिनट्स रिकॉर्ड करने और एक साइन्ड कॉपी प्राप्त करने पर सहमत हुए.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें</strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="ईरान का सुप्रीम लीडर खामेनेई बोला- 'भारत में हो रहा मुस्लिमों का उत्पीड़न', विदेश मंत्रालय ने कहा- अपने गिरेबान में झांकें" href="https://www.abplive.com/news/india/iran-supreme-leader-ali-khamenei-message-suffering-of-muslims-in-india-mea-says-unacceptable-2784962" target="_self">ईरान का सुप्रीम लीडर खामेनेई बोला- 'भारत में हो रहा मुस्लिमों का उत्पीड़न', विदेश मंत्रालय ने कहा- अपने गिरेबान में झांकें</a></strong></p>

PM Modi Birthday: आज पीएम मोदी का 74वां जन्मदिन, जानिए उन ऐतिहासिक पलों के बारे में जो कभी नहीं भुलाए जा सकते

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घाटी में प्रचार के आखिरी दिन क्यों बोले अमित शाह- आतंकियों के जनाजे निकलेंगे, फिर से गोलियां चलेंगी

<p style="text-align: justify;"><strong>Amit Shah On J&amp;K polls: </strong>जम्मू कश्मीर में 18 सितंबर को घाटी में पहले राउंड की वोटिंग है. जहां 24 सीटों पर मतदान होना है. इस दौरान पहले चरण के लिए चुनाव प्रचार थम गया. लेकिन मिशन कश्मीर पर हर दल सुपर एक्टिव है. इस कड़ी में गृहमंत्री अमित शाह ने किश्तवाड़ में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि अगर कांग्रेस औऱ नेशनल कांफ्रेस की सरकार बनी तो फिर से गोलियां चलेंगी और फिर से आतंकवादियों के जनाजे निकलेंगे. शाह ने प्रचार के दौरान घाटी के विकास, आर्टिकल 370 के खात्मे और आतंकवाद को मुद्दा बनाकर वोट मांगे हैं.&nbsp;&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">किश्तवाड़ में रैली को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि एक बार इन तीन परिवारों को अब्दुल्ला, मुफ़्ती और कांग्रेस को हरा दीजिए. बीजेपी सरकार आतंकवाद को इतना नीचे दफना देगी कि सात पुश्तों तक वापस नहीं आएगा.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>10 साल बाद घाटी किस पर और क्यों करेगी भरोसा?</strong></p> <p style="text-align: justify;">राजनीति के इन दावों को जम्मू कश्मीर देख रहा है. 10 साल बाद घाटी किस पर और क्यों भरोसा करेगी? ये वक्त बताएगा लेकिन बीजेपी के मिशन कश्मीर का संकल्प सोमवार (16 सितंबर) को किश्तवाड़ में गृह मंत्री <a title="अमित शाह" href="https://www.abplive.com/topic/amit-shah" data-type="interlinkingkeywords">अमित शाह</a> ने फिर दोहरा दिया है. उन्होंने कहा कि भाईयो ये कहते हैं कि अगर जीते तो जेलों में बंद आतंकियों को रिहा कर देंगे. कोई आतंकी पीर पंजाल के इस पार नहीं आ पाएगा. एक बार इन तीन परिवारों को हरा दीजिए. मैं वादा करके जाता हूं कि आतंकवाद को इतने नीचे दफन करेंगे कि 7 पुश्तों तक ऊपर नहीं आ पाएगा.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>घाटी की चुनावी लड़ाई इस बार होगी दिलचस्प</strong></p> <p style="text-align: justify;">जम्मू कश्मीर के विधानसभा चुनाव में बीजेपी घाटी के विकास और आतंक के सर्वनाश की ताल ठोक रही है. इसी आधार पर कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस की दोस्ती पर भी विरोधी की मिसाइलें दागी जा रही हैं. किश्तवाड़ा से शाह ने कहा,' "उमर अब्दुल्ला कहते हैं, अफजल गुरु को फांसी नहीं देनी चाहिए. यही बताता है कि राहुल गांधी व उमर अब्दुल्ला की सरकार बनी तो क्या होगा? फिर से गोलियां चलेंगी, फिर से पथराव होगा, फिर से आतंकवादियों के जनाजे निकलेंगे, फिर से ताजिया का जुलूस बंद हो जाएगा, फिर से सिनेमा हॉल बंद हो जाएंगे, फिर से अमरनाथ यात्रा पर हमला होगा.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>26 आतंकी हमलों की जवाबदेही किसकी है? -कांग्रेस</strong></p> <p style="text-align: justify;">हालांकि, 18 सितंबर को घाटी की 24 सीटों पर मतदान होना है. जिसके चलते पहले चरण का चुनावी शोर जरूर थम गया. लेकिन राजनीति में वार पलटवार का शोर और घनघोर हो चुका है. इस दौरान कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने पीएम मोदी पर तंज कसा.</p> <p style="text-align: justify;">उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर में पिछले 100 दिन में 26 आतंकी हमले हुए. जिसमें 21जवान शहीद हो गए और&nbsp; 29 जवान घायल हुए. जबकि, 15 नागरिकों की मौत हुई. साथ ही 47 नागरिक घायल हुए. लेकिन, प्रधानमंत्री के मुंह से इन शहीदों के लिए श्रद्धांजलि का एक शब्द नहीं निकला. इन 26 आतंकी हमलों की जवाबदेही किसकी है?&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें: <a title="डोनाल्ड ट्रंप पर फिर हमला, एफबीआई ने बताया- 'हत्या का प्रयास', एक गिरफ्तार" href="https://www.abplive.com/news/world/republican-presidential-candidate-donald-trump-is-safe-following-gunshots-reported-outside-his-golf-course-in-florida-2784247" target="_self">डोनाल्ड ट्रंप पर फिर हमला, एफबीआई ने बताया- 'हत्या का प्रयास', एक गिरफ्तार</a></strong></p>

केजरीवाल के बाद कौन संभालेगा दिल्ली की गद्दी? रेस में हैं ये तीन नाम लेकिन राह में रोड़े भी बहुत, जानें इनसाइड स्टोरी

<p style="text-align: justify;"><strong>Arvind Kejriwal:</strong> देश की राजधानी से लेकर पूरे देश में सिर्फ एक ही सवाल लोगों की जुबान पर है कि दिल्ली का अगला सीएम कौन होगा? केजरीवाल जमानत पर रिहा होकर निकले तो दो दिन के भीतर इस्तीफे के ऐलान से राजनीतिक हड़कंप मचा दिया.</p> <p style="text-align: justify;">यूं तो दिल्ली के सीएम पद की रेस में तीन नाम चल रहे हैं जो हैं दिल्ली की शिक्षा मंत्री आतिशी, परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत और पर्यावरण मंत्री गोपाल राय. लोगों को ये बात चौंका रही है कि जब केजरीवाल ने जेल में रहते हुए इस्तीफा नहीं दिया था तो फिर जमानत मिलने के बाद क्यों और वैसे भी 5 महीने बाद ही यानि फरवरी 2025 में दिल्ली में विधानसभा चुनाव होने हैं यानि सिर्फ पांच महीने के लिए दिल्ली को नया मुख्यमंत्री मिलेगा लेकिन सबसे बड़ा सस्पेंस इस बात पर है कि वो सीएम कौन होगा?&nbsp;&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">केजरीवाल ने इस्तीफे का ऐलान कर दिया है लेकिन सीएम के नाम से पर्दा नहीं उठाया है.&nbsp; केजरीवाल ने ये भी साफ कर दिया कि वो और मनीष सिसोदिया दोनों ही कोई पद नहीं संभालेंगे. 13 सितंबर (शुक्रवार) को दिल्ली के सीएम केजरीवाल तिहाड़ जेल से बाहर आए जिसके बाद पूरी आम आदमी पार्टी दीवाली जैसे जश्न में डूब गई. ये खुशी दोहरी इसलिए थी क्योंकि केजरीवाल से ठीक पहले उनके पूर्व शिक्षा मंत्री और पुराने दोस्त मनीष सिसोदिया भी जमानत पर बाहर आ चुके थे. जश्न के इस सिलसिले के बीच केजरीवाल ने 15 सितंबर यानि रविवार के दिन समर्थकों को संदेश दिया और फिर केजरीवाल ने इस्तीफे के ऐलान की खबर से हर किसी को चौंका दिया.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>आतिशी बनेंगी मुख्यमंत्री?</strong></p> <p style="text-align: justify;">केजरीवाल की रणनीति साफ है कि वो चुनाव से ठीक पहले इस्तीफा देकर मास्टरस्ट्रोक खेलना चाहते हैं और संदेश देना चाहते हैं कि उन्हें सत्ता का लालच नहीं है. दिल्ली से लेकर देश के राजनीतिक गलियारे तक चर्चा बहुत तेज हो रही है और इस चर्चा में सबसे पहला नाम दिल्ली की शिक्षा और जल मंत्री आतिशी का लिया जा रहा है.</p> <h3 style="text-align: justify;">आतिशी की दावेदारी क्यों है मजबूत?</h3> <p style="text-align: justify;">- दिल्ली के कालकाजी से विधायक 43 साल की आतिशी ना सिर्फ आम आदमी पार्टी की तेज तर्रार नेता हैैं बल्कि पार्टी का महिला चेहरा हैं.</p> <p style="text-align: justify;">- जब मनीष सिसोदिया से लेकर संजय सिंह और केजरीवाल तक तिहाड़ जा चुके थे जब सौरभ भारद्वाज और गोपाल राय के साथ आतिशी ही पार्टी और सरकार को संभाल रही थीं.</p> <p style="text-align: justify;">- मौजूदा वक्त में भी आतिशी दिल्ली सरकार की सशक्त नेता हैं. आतिशी शिक्षा, जल, पीडब्ल्यूडी, राजस्व और योजना जैसे 14 मंत्रालयों का जिम्मा संभाल रही हैं.</p> <p style="text-align: justify;">आतिशी के नाम की चर्चा इसलिए भी ज्यादा हो रही है कि क्योंकि 15 अगस्त के मौके पर छत्रसाल स्टेडियम के विशेष कार्यक्रम में राष्ट्रध्वज फहराने के लिए केजरीवाल ने जेल से आतिशी के नाम की सिफारिश की थी लेकिन सिफारिश खारिज कर दी गई थी. आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को आतिशी पर इस कदर भरोसा है कि पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया जिस आवास में रहते हैं वो आतिशी के नाम पर है. आतिशी ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से पढाई कर चुकी हैं और दिल्ली की शिक्षा क्रांति का हिस्सा रही हैं</p> <p style="text-align: justify;"><strong>आतिशी की राह में क्या है रोड़ा?</strong></p> <p style="text-align: justify;">तमाम बाते हैं यूं तो आतिशी के पक्ष में जाती हैं लेकिन आतिशी के सीएम बनने की राह में रोड़े की बात करें तो उनके पास सरकार चलाने का अनुभव नहीं है. जाहिर है कि केजरीवाल कोई रिस्क नहीं लेना चाहेंगे और वो दिल्ली की सत्ता किसी ऐसे चेहरे के हाथ में सौंपेंगे जो ना सिर्फ उनका भरोसेमंद हो बल्कि हरियाणा से लेकर दिल्ली के चुनाव तक संदेश देने का काम भी करे. सीएम की कुर्सी छोड़कर नया सीएम चुनना आसान बिल्कुल नहीं है क्योंकि झारखंड से लेकर बिहार तक जब भी सत्ता का ट्रांसफर हुआ तो बात बगावत तक पहुंच गई है.&nbsp;</p> <h4 style="text-align: justify;">कैलाश गहलोत भी हैं दावेदार</h4> <p style="text-align: justify;">- केजरीवाल को बेहद सावधानी के साथ सीएम के लिए नाम तय करना है और इस रेस में अगला नाम कैलाश गहलोत का है.&nbsp; दिल्ली के सीएम के तौर पर कैलाश गहलोत का नाम आने के पीछे है हरियाणा चुनाव.</p> <p style="text-align: justify;">- कैलाश गहलोत जाट परिवार से आते हैं. हरियाणा में किसान और पहलवानों के आंदोलन को जाटों ने ही खड़ा किया है ऐसे में कैलाश गहलोत पार्टी के लिए मजबूत दांव साबित हो सकते हैं.</p> <p style="text-align: justify;">- कैलाश गहलोत के एलजी विवेक सक्सेना से अच्छे रिश्ते हैं और जब अरविंद केजरीवाल ने एलजी से आतिशी के नाम की सिफारिश की थी जब एलजी ने केजरीवाल का फैसला बदलकर कैलाश गहलोत को चुना था.</p> <p style="text-align: justify;">- 50 साल के कैलाश गहलोत नजफगढ़ से विधायक हैं, कैलाश गहलोत दिल्ली हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में वकील रह चुके हैं. 16 साल की कानूनी प्रैक्टिस कर चुके गहलोत दिल्ली सरकार में लॉ से लेकर ट्रांसपोर्ट, आईटी, रेवेन्यू, प्लानिंग और होम मिनिस्ट्री जैसे मंत्रालय संभाल चुके हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>कैलाश गहलोत की राह में क्या है रोड़ा?</strong></p> <p style="text-align: justify;">कैलाश गहलोत के पक्ष में बहुत सारी बातें जाती हैं लेकिन सीएम पद की राह में रोड़ा बनने वाली बात ये है कि कैलाश गहलोत पर परिवहन घोटाले के आरोप लग चुके हैं. इसके अलावा जिस शराब घोटाले में केजरीवाल फंसे हैं उसमें भी ईडी उनसे पूछताछ कर चुकी है.</p> <h4 style="text-align: justify;"><strong>गोपाल राय भी मजबूत दावेदार</strong></h4> <p style="text-align: justify;">सीएम पद की रेस में तीसरा नाम गोपाल राय का है. गोपाल राय, वो नाम हैं जो आम आदमी पार्टी के पहली बार सत्ता में आने के बाद से उसका अटूट हिस्सा बनकर रहे है. गोपाल राय वो नाम हैं जो राजनीति में आने से पहले भ्रष्टाचार के खिलाफ हुए आंदोलन की उपज हैं और अपनी साफ सुथरी छवि के लिए जाने जाते हैं. गोपाल राय के पक्ष में जो सबसे बड़ी बात जाती है वो ये कि वो संगठन और सरकार दोनों के साथ मजबूती के साथ जुड़े रहे हैं .</p> <p style="text-align: justify;"><strong>गोपाल राय का क्या है मजबूत पक्ष</strong></p> <p style="text-align: justify;">- आम आदमी पार्टी के सबसे अनुभवी नेताओं में से एक हैं, गोपाल राय के पास जमीन पर काम करने का अनुभव है और उन्हें केजरीवाल का भरोसेमंद माना जाता है</p> <p style="text-align: justify;">- गोपाल राय दिल्ली सरकार में पर्यावरण मंत्री हैं. दिल्ली के बड़े मुद्दों पर काम करने और संघर्ष करने की क्षमता ने गोपाल राय की दावेदारी को मजबूत किया है</p> <p style="text-align: justify;">गोपाल राय भूमिहार जाति से आते हैं इसलिए हरियाणा चुनाव को देखते हुए वो सीएम पद की रेस में पिछड़ सकते हैं इसके अलावा उनका स्वास्थ्य सीएम पद की दावेदारी की राह में रोड़ा बन सकता है. आम आदमी पार्टी अपना नया सीएम ढूंढ रही है. सोमवार शाम को केजरीवाल के घर पर पीएसी की बैठक भी हुई और इन सबके बीच बीजेपी हमलावर हो चुकी है और इस पूरी प्रक्रिया को केजरीवाल का पॉलिटिकल स्टंट बता रही है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>कब इस्तीफा देंगे केजरीवाल</strong></p> <p style="text-align: justify;">आम आदमी पार्टी के मुताबिक, केजरीवाल मंगलवार (17 सितंबर) को इस्तीफा दे देंगे और मुमकिन है कि इसी दिन नए सीएम का ऐलान हो जाए. मंगलवार सुबह 11 बजे सीएम कैंप दफ्तर में दिल्ली के सभी विधायकों की बैठक बुलाई गई है. मीटिंग के एजेंडा में साफ लिखा है कि विधायक दल के नेता का चयन करने के लिए ये बैठक बुलाई गई है. तीन नाम पर चर्चा हो रही है लेकिन अंदरखाने और कई नाम हैं जो सीएम पद की रेस में बताए जा रहे हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://www.abplive.com/news/india/hindu-janajagruti-samiti-urged-pm-modi-bcci-s-jaishankar-to-cancel-india-bangladesh-cricket-series-2784958">फैंस के लिए बुरी खबर! रद्द हो जाएगी भारत-बांग्लादेश सीरीज? हिंदूवादी संगठन ने PM मोदी और BCCI से कर दी ये मांग</a></strong></p>

Sunday, September 15, 2024

Weather Update:दिल्ली, UP समेत देश के अन्य राज्यों में कैसा रहेगा मौसम, कहां होगी बारिश, जानिए एक क्लिक में

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Manipur Violence: ‘अब जवानों पर हमला किया तो…’, मणिपुर में प्रदर्शनकारियों को पुलिस की फाइनल वार्निंग

<p style="text-align: justify;"><strong>Manipur Anti Riots Action:</strong> मणिपुर पुलिस ने चेतावनी दी है कि अगर प्रदर्शनकारी घातक हथियारों से सुरक्षा बलों पर हमला करना जारी रखेंगे तो वह जरूरी दंगा-रोधी कार्रवाई करेगी. यह चेतावनी रविवार (15 सितंबक) को काकवा में हुए विरोध प्रदर्शन के जवाब में जारी की गई. ये विरोध प्रदर्शन बीते दिन शनिवार (14 सितंबर) को हिंसा में बदल गया था.</p> <p style="text-align: justify;">पुलिस ने कहा कि इम्फाल पश्चिम और पूर्व के पुलिस अधीक्षकों (एसपी) के बुलेटप्रूफ वाहनों को प्रदर्शनकारियों की ओर से कथित तौर पर चलाई गई गोलियों से क्षतिग्रस्त कर दिया गया. इम्फाल में इस सप्ताह के शुरू में एक विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस के दागे गए आंसू गैस के गोलों से दम घुटने से पीड़ित 34 साल की महिला का शनिवार को गर्भपात हो जाने के बाद प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव बढ़ गया.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>एसपी के बुलेटप्रूफ गाड़ी पर भी की फायरिंग</strong></p> <p style="text-align: justify;">पुलिस उप महानिरीक्षक, रेंज I, एन. हीरोजीत ने रविवार को मीडिया को बताया कि काकवा इलाके में गुस्साई भीड़ को नियंत्रित करने के प्रयासों के दौरान, हथियारबंद बदमाशों ने शनिवार रात करीब 11.30 बजे पुलिस पर आग्नेयास्त्रों और आंसू गैस के गोले से हमला किया. उन्होंने कहा कि बदमाशों ने इंफाल ईस्ट के एसपी की बुलेटप्रूफ गाड़ी पर भी ताबड़तोड़ फायरिंग की.</p> <p style="text-align: justify;">हीरोजीत ने कहा, "यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पहले के विरोध प्रदर्शनों के विपरीत, पुलिस को अब प्रदर्शनकारियों पर पेट्रोल बम, गुलेल से दागे जाने वाले लोहे के नुकीले टुकड़े और स्वचालित आग्नेयास्त्रों सहित घातक हथियारों से जवाबी कार्रवाई करनी पड़ रही है."</p> <p style="text-align: justify;"><strong>अधिकारी समेत अन्य कर्मी हुए घायल</strong></p> <p style="text-align: justify;">इससे पहले, 6 और 7 सितंबर के बीच की रात में, इंफाल ईस्ट कमांडो यूनिट के प्रभारी अधिकारी, एक अन्य कर्मी के साथ, इंफाल ईस्ट के खाबेइसोई में प्रदर्शनकारियों की ओर से कथित तौर पर चलाई गई गोली से घायल हो गए थे. यह तब हुआ जब वे शस्त्रागार से आग्नेयास्त्रों को लूटने के प्रयास में 7वीं मणिपुर राइफल्स पर हमला करने की कोशिश कर रही भीड़ को नियंत्रित कर रहे थे.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>&lsquo;पुलिस को कठोर कार्रवाई करने के लिए मजबूर न करें&rsquo;</strong></p> <p style="text-align: justify;">हीरोजीत ने इस बात पर जोर दिया कि मणिपुर पुलिस ने लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भीड़ को नियंत्रित करने के लिए न्यूनतम बल का प्रयोग किया. उन्होंने लोगों से सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाए बिना लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन करने का आग्रह किया.</p> <p style="text-align: justify;">हीरोजीत ने कहा, "पुलिस दुश्मन नहीं है, वे भी धरती के बेटे हैं. प्रदर्शनकारियों के साथ मिलकर हथियारबंद बदमाशों का घुसना और पुलिस को जानबूझकर निशाना बनाना बंद होना चाहिए. भीड़ को नियंत्रित करते समय पुलिस को अत्यधिक कार्रवाई करने के लिए मजबूर न करें."</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a title="Manipur Violence: मणिपुर सरकार ने बढ़ाई इंटरनेट बैन की ड्यूरेशन, मोबाइल डेटा सर्विस पर भी 20 सितंबर तक रहेगी रोक" href="https://www.abplive.com/news/india/manipur-violence-government-on-sunday-extended-the-internet-suspension-and-mobile-data-services-in-five-districts-till-september-20-2784146" target="_self">Manipur Violence: मणिपुर सरकार ने बढ़ाई इंटरनेट बैन की ड्यूरेशन, मोबाइल डेटा सर्विस पर भी 20 सितंबर तक रहेगी रोक</a></strong></p>

Saturday, September 14, 2024

Gyanvapi Mosque Row: 'मस्जिद की महा जिद करना...', योगी आदित्यनाथ के बयान पर VHP का रिएक्शन, दे दी बड़ी सलाह!

<p><strong>Gyanvapi Mosque Row:&nbsp;</strong>उत्तर प्रदेश (यूपी) के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ज्ञानवापी विवाद पर दिए बयान के बाद विश्व हिंदू परिषद (विहिप) का रिएक्शन आया है. शनिवार (14 सितंबर, 2024) को विहिप की ओर से यूपी सीएम की टिप्पणी की तारीफ की गई. संगठन की ओर से जारी बयान में बताया गया कि सच सब जानते हैं और ऐसे में वहां (वाराणसी में) पर मस्जिद की महा जिद करना ठीक नहीं है.</p> <p>विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने न्यूज एजेंसी आईएएनएस को बताया, "यूपी सीएम ने जो कुछ कहा है, उसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए. ज्ञानवापी मामले का हल जल्द से जल्द होना ही चाहिए. काशी सिर्फ धर्म की ही नहीं बल्कि ज्ञान की नगरी भी है. वहां आदि गुरु शंकराचार्य को भी ज्ञान प्राप्त हुआ था."</p> <p>विनोद बंसल के मुताबिक, "यह (काशी) भगवान शंकर और विश्वेश्वर भगवान की पुण्य धरा है. यह किससे छिपा है कि भगवान विश्वेश्वर महादेव की इस पुण्य धरा पर कुछ विदेशी आक्रांताओं ने कब्जा जमाने की कोशिश की थी, जिसको अभी कुछ लोग तथाकथित मस्जिद कहते हैं, वह वास्तव में भगवान शंकर का गर्भगृह है, मूल स्थान है और उसकी मुक्ति बहुत आवश्यक है."</p> <p>विहिप प्रवक्ता ने आगे बताया कि क्या यह सच्चाई नहीं है कि जिसे वह मस्जिद बता कर झूठ बोल रहे हैं, उसकी दीवारें व गुंबद का निचला हिस्सा ही उनकी उस झूठ की पोल खोल रहा है. वहां का स्ट्रक्चर, भूगोल, परंपराएं, मान्यताएं , तथ्य और सत्य को देखते हुए किसी को शंका नहीं होनी चाहिए कि वह भगवान विश्वनाथ की ही जगह है. ऐसे में कोई मस्जिद के लिए महा जिद करता है तो यह सही नहीं है.</p> <p>दरअसल, योगी आदित्यनाथ ने दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विवि में &lsquo;समरस समाज के निर्माण में नाथपंथ का योगदान&rsquo; विषय पर हुई अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में शनिवार को कहा कि ज्ञानवापी को 'मस्जिद' कहना 'दुर्भाग्यपूर्ण' है. यह खुद में भगवान विश्वनाथ का एक सच्चा स्वरूप है.&nbsp;</p> <p>यूपी सीएम ने पौराणिक ऋषि आदि शंकर का जिक्र किया और वाराणसी में भगवान विश्वनाथ के साथ शंकर की मुलाकात के बारे में एक किस्सा सुनाया था. उन्होंने इस दौरान ज्ञानवापी को स्वयं भगवान का प्रत्यक्ष स्वरूप बताया था. योगी आदित्यनाथ बोले, "दुर्भाग्य से ज्ञानवापी को आज लोग दूसरे शब्दों में मस्जिद कहते हैं, लेकिन ज्ञानवापी साक्षात विश्वनाथ ही है."</p>

Friday, September 13, 2024

Arvind Kejriwal: बेल के बाद भी किसी फाइल पर साइन नहीं कर पाएंगे अरविंद केजरीवाल? अभिषेक मनु सिंघवी ने बताई असल बात

<p class="jsx-ace90f4eca22afc7 Story_strytitle__MYXmR" style="text-align: justify;"><strong>Arvind Kejriwal Bail Conditions:&nbsp;</strong>दिल्ली शराब नीति से जुड़े सीबीआई केस में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को शुक्रवार (13 अगस्त, 2024) को जमानत मिली, जिसके बाद दिल्ली सीएम के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने साफ किया कि यह गलत सूचना फैलाई जा रही है कि अरविंद केजरीवाल जमानत पर बाहर रहने के दौरान किसी भी फाइल पर हस्ताक्षर नहीं कर सकते हैं. उन्होंने असल बात बताते हुए कहा, "सुप्रीम कोर्ट ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) मामले में 12 जुलाई को पारित पिछले आदेश में कोई बदलाव नहीं किया है." अभिषेक मनु सिंघवी की यह प्रतिक्रिया सुप्रीम कोर्ट की ओर से दिल्ली शराब नीति केस में अरविंद केजरीवाल को बेल के कुछ घंटों बाद आई.</p> <p class="jsx-ace90f4eca22afc7 Story_strytitle__MYXmR" style="text-align: justify;">अंग्रेजी न्यूज चैनल 'इंडिया टुडे' को दिल्ली सीएम के वकील ने बताया, "यह गलत सूचना फैलाई जा रही है कि अरविंद केजरीवाल किसी भी फाइल पर हस्ताक्षर नहीं कर सकते. आप प्रमुख सभी फाइलों पर हस्ताक्षर कर सकते हैं, सिवाय उन फाइलों के जो शराब नीति मामले से जुड़ी हैं, जिसके तहत उन्हें गिरफ्तार किया गया था."</p> <p style="text-align: justify;"><strong>"अरविंद केजरीवाल पर नहीं लगाई गई कोई नई शर्त"</strong></p> <p style="text-align: justify;">अभिषेक मनु सिंघवी ने यह भी साफ किया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश में कहा गया कि अरविंद केजरीवाल के पास कोई विभाग नहीं है. उन्होंने कहा, "दिल्ली सीएम पर कोई नई शर्त नहीं लगाई गई है. यह कहना बेबुनियाद है कि वह मुख्यमंत्री के रूप में काम नहीं कर सकते. आपने जिन शर्तों का जिक्र किया है, वे ईडी मामले में कई महीनों से थीं, एक भी नई शर्त नहीं रखी गई है. वह इस मामले से संबंधित फाइलों को छोड़कर सभी फाइलों से निपटने और उन पर हस्ताक्षर करने के हकदार हैं."</p> <p style="text-align: justify;"><strong>चुने CM को हथकंडे अपना...बोले अभिषेक मनु सिंघवी</strong></p> <p style="text-align: justify;">अभिषेक मनु सिंघवी आगे बोले, "12 जुलाई के सुप्रीम कोर्ट के आदेश में यह अंतर किया गया, जिसमें कहा गया कि अरविंद केजरीवाल उन सभी फाइलों पर हस्ताक्षर कर सकते हैं, जो उपराज्यपाल के पास जानी हैं. जो फाइलें अन्य लोगों के पास हैं, उन पर उनके मंत्री हस्ताक्षर करते हैं. यह कहना राजनीतिक है कि वह काम नहीं कर सकते. मैं बस इतना ही कहूंगा कि एक निर्वाचित मुख्यमंत्री को इस तरह के हथकंडे अपनाकर नहीं हटाया जाना चाहिए."</p> <p style="text-align: justify;"><strong>दिल्ली CM के बाहर होने पर नहीं आएगा राजनीतिक संकट!</strong></p> <p style="text-align: justify;">वरिष्ठ अधिवक्ता के मुताबिक, "चूंकि, अरविंद केजरीवाल जेल से बाहर हैं, इसलिए दिल्ली में शासन संबंधी कोई संकट नहीं होगा. अब जब वह जेल से बाहर आ गए हैं, उनके मंत्री फाइलों पर हस्ताक्षर कर रहे हैं और वह उपराज्यपाल के लिए भी फाइलों पर हस्ताक्षर कर सकते हैं, मुझे नहीं लगता कि शासन कोई मुद्दा है."</p> <p style="text-align: justify;"><strong>SC की बेंच ने कौन सी दो शर्तें रखीं बरकरार?</strong></p> <div id="checktheseout5" class="checktheseout5" style="text-align: justify;">दरअसल, दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को जमानत देते हुए जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की बेंच ने जमानत की केवल दो शर्तें बरकरार रखीं कि वह सुनवाई की हर तारीख को निचली अदालत के सामने मौजूद रहेंगे, जब तक कि उन्हें छूट न दी जाए और मुकदमे को शीघ्र पूरा करने में पूरा सहयोग करेंगे. इसने उन शर्तों को हटाने का फैसला लिया कि मुख्यमंत्री दिल्ली सचिवालय नहीं जा सकते या फाइलों पर हस्ताक्षर नहीं कर सकते.&nbsp;हालांकि, इस मामले में राहत लागू नहीं की जा सकती, क्योंकि जस्टिस संजीव खन्ना की अगुवाई वाली बेंच ने पहले 10 मई और 12 जुलाई, 2024 को कुछ खास शर्तें लगाई थीं. यह स्पष्ट किया गया कि इन शर्तों में कोई भी बदलाव या वापसी केवल एक बड़ी संविधान पीठ की ओर से ही की जा सकती है.</div> <p style="text-align: justify;"><strong>जानिए क्या हैं ये शर्तें?</strong></p> <ul style="text-align: justify;"> <li>अरविंद केजरीवाल को मुख्यमंत्री कार्यालय और दिल्ली सचिवालय में जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी</li> <li>वह &ldquo;आधिकारिक फाइलों पर तब तक हस्ताक्षर नहीं करेंगे, जब तक कि दिल्ली के उपराज्यपाल की मंजूरी करने के लिए ऐसा करना जरूरी न हो&rdquo;</li> <li>वह शराब नीति से जुड़े मामले में अपनी भूमिका पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे</li> <li>वह मामले के किसी भी गवाह से बातचीत नहीं करेंगे और न ही आधिकारिक केस फाइलों तक पहुंच रखेंगे.</li> </ul> <p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें:&nbsp;<a title="जम्मू कश्मीर: पुंछ में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच एनकाउंटर, जवानों ने पूरे इलाके को घेरा" href="https://www.abplive.com/news/india/encounter-in-jammu-kashmir-poonch-security-forces-cordon-area-2782866" target="_self">जम्मू कश्मीर: पुंछ में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच एनकाउंटर, जवानों ने पूरे इलाके को घेरा</a></strong></p>

Tuesday, September 10, 2024

आसमान से बरसेगी आफत! गुजरात-एमपी-महाराष्ट्र में बारिश का अलर्ट, जानें यूपी-बिहार के मौसम का हाल

आसमान से बरसेगी आफत! गुजरात-एमपी-महाराष्ट्र में बारिश का अलर्ट, जानें यूपी-बिहार के मौसम का हाल

Monday, September 9, 2024

दुश्मनों की दिखाई ताकत! तीनों सेनाओं के उप प्रमुखों ने तेजस विमान में पहली बार भरी उड़ान

<p style="text-align: justify;"><strong>Indian Army:</strong> भारतीय वायु सेना, थल सेना और नौसेना के उप प्रमुखों ने सोमवार को जोधपुर में आयोजित किए जा रहे हवाई अभ्यास के दौरान स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान (एलएसी) तेजस में उड़ान भरी जो बेहद दुलर्भ दृश्य रहा.</p> <p style="text-align: justify;">अधिकारियों ने बताया कि वायुसेना के उप प्रमुख एयर मार्शल ए.पी. सिंह ने मुख्य लड़ाकू विमान उड़ाया, जबकि थल सेना के उप प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि और नौसेना के उप प्रमुख वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन ने दो सीट वाले विमान में उड़ान भरी. &lsquo;हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड&rsquo; (एचएएल) के बनाए तेजस विमान हवाई युद्ध और आक्रामक हवाई सहायता मिशनों के लिए एक ताकतवर विमान है, जबकि इसकी मदद से किसी जगह का सैनिक सर्वेक्षण और जहाज-रोधी अभियान को भी संचालित किया जा सकता है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>एक साथ काम कर रहीं हैं तीनों सेनाएं</strong></p> <p style="text-align: justify;">एक अधिकारी नेन बताया कि तरंग शक्ति अभ्यास में तीनों सेना के उप प्रमुखों की भागीदारी ने अंतर-क्षेत्रीय सहयोग पर बढ़ते ध्यान आकर्षण को प्रदर्शित किया जिसके तहत आधुनिक चुनौतियों का सामना करने के लिए थल सेना, नौसेना और वायु सेनाएं एक साथ काम कर रही हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>पहली बार तीनों सेनाओं के उप प्रमुखों ने भरी एक साथ उड़ान</strong></p> <p style="text-align: justify;">उन्होंने कहा कि पहली बार है जब तीनों सेनाओं के उप प्रमुखों ने एक साथ उड़ान भरी है. उन्होंने कहा कि यह भारत की बढ़ती एकीकृत रक्षा क्षमताओं, आत्मनिर्भरता के प्रति प्रतिबद्धता का एक सशक्त प्रमाण है तथा तीनों सशस्त्र बलों के निर्बाध एकीकृत दृष्टिकोण को दर्शाता है. भारतीय वायुसेना की ओर से आयोजित तरंग शक्ति अभ्यास का इसमें भाग लेने वाली सेनाओं के बीच अंतर-संचालन को मजबूत करना है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>मिशन में तेजस को भी किया गया शामिल</strong></p> <p style="text-align: justify;">अधिकारी ने कहा कि प्रतिभागियों की एक श्रृंखला के साथ, भारतीय वायुसेना के नेतृत्व वाले अभ्यास का उद्देश्य घनिष्ठ संबंधों को बढ़ावा देना है जो असंख्य क्षमताओं के साथ सहयोग को मजबूत करता है. उन्होंने कहा कि मिशन में तेजस को शामिल करना भारत के रक्षा संबंधी बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण में स्वदेशी मंचों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करता है.</p> <p style="text-align: justify;">इस उड़ान अभ्यास के बाद तीनों सेना के उप प्रमुखों ने भारत और इसमें हिस्सा लेने वाले मित्र देशों की सेनाओं के साथ बातचीत की. तेजस विमान भारतीय वायुसेना का मुख्य आधार बनने जा रहे हैं. एक जुलाई 2016 को भारतीय वायुसेना को प्रारंभिक परिचालन मंजूरी (आईओसी) वाले पहले दो तेजस विमान मिले. विमान के अंतिम परिचालन मंजूरी (एफओसी) की घोषणा फरवरी 2019 में की गई थी.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a title="जम्मू कश्मीर के लिए तैयार हो रही नई आर्मी! चप्पे-चप्पे से होगा आतंकियों का खात्मा" href="https://www.abplive.com/news/india/indian-army-jammu-kashmir-police-trained-village-defence-guards-to-protect-villages-from-terrorist-threats-2777707" target="_self">जम्मू कश्मीर के लिए तैयार हो रही नई आर्मी! चप्पे-चप्पे से होगा आतंकियों का खात्मा</a></strong></p>

Jammu Kashmir Encounter: LoC पर घुसपैठ की कोशिश कर रहे दो आतंकी ढेर, भारतीय सेना को मिली बड़ी कामयाबी

<p style="text-align: justify;"><strong>Jammu Kashmir Encounter:</strong> जम्मू कश्मीर में विधानसभा चुनाव के पहले चरण से कुछ दिन पहले राजौरी जिले में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में दो आतंकवादी मारे गए. ये आतंकवादी भारी हथियारों से लैस थे. अधिकारियों ने सोमवार (9 सितंबर 2024) को बताया कि रविवार देर रात नौशेरा सेक्टर के लाम इलाके में उस समय गोलीबारी शुरू हो गई जब सतर्क जवानों ने देखा कि आतंकवादी सीमा पार से इस ओर घुसपैठ करने की कोशिश कर रहे हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>आतंकियों की घुसपैठ को सेना ने किया नाकाम</strong></p> <p style="text-align: justify;">जम्मू कश्मीर में विधानसभा चुनाव तीन चरण 18 सितंबर, 25 सितंबर और एक अक्टूबर को होंगे. जम्मू में सेना के जनसंपर्क अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल सुनील बर्तवाल ने कहा, &lsquo;&lsquo;जम्मू कश्मीर पुलिस के साथ संयुक्त अभियान में सेना ने नौशेरा सेक्टर में आतंकवादियों की घुसपैठ की कोशिश को सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया. 30 अगस्त 2024 से प्राप्त खुफिया सूचनाओं से नौशेरा सेक्टर के दूसरी ओर आतंकवादियों की मौजूदगी का संकेत मिला था. घुसपैठ के सभी संभावित मार्गों पर निगरानी रखी जा रही थी.&rsquo;&rsquo;</p> <p style="text-align: justify;">उन्होंने कहा कि इलाके की निगरानी के लिए जमीनी और हवाई निगरानी उपकरण लगाए गए थे. रक्षा प्रवक्ता ने कहा, "क्षेत्रीय गश्त भी बढ़ा दी गई, जिसमें आतंकवादियों की घुसपैठ को रोकने के लिए अहम इलाकों में सैनिकों को तैनात किया गया.&rsquo;&rsquo; आठ सितंबर की रात करीब 7.30 बजे निगरानी दलों ने इलाके में कुछ लोगों की संदिग्ध हरकतें देखीं. इसके बाद भीषण गोलीबारी हुई. गोलीबारी रातभर जारी रही. आतंकवादियों पर नजर रखने के लिए यूएवी, रात में देखने में सक्षम कैमरे और अन्य निगरानी उपकरण तैनात किए गए.&rsquo;&rsquo;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>गोलीबारी में दो आतंकवादी मारे गए</strong></p> <p style="text-align: justify;">लेफ्टिनेंट कर्नल बर्तवाल ने बताया कि गोलीबारी में दो आतंकवादी मारे गए. उन्होंने कहा, "9 सितंबर 2024 की सुबह होते ही इलाके को किसी भी खतरे से मुक्त करने के लिए तलाशी ली गई, जहां दो एके-47 राइफल, एक एम-4 राइफल और एक पिस्तौल समेत अन्य हथियार और गोला-बारुद बरामद किया गया.&rsquo;&rsquo;</p> <p style="text-align: justify;">कर्नल सुनील बर्तवाल ने बताया कि घुसपैठ की इस कोशिश पर सेना की त्वरित और समन्वित प्रतिक्रिया सेना, पुलिस और खुफिया एजेंसियों के बीच तालमेल को दर्शाती है. उन्होंने कहा, &lsquo;&lsquo;इलाके में तलाशी अभियान जारी है. सेना सतर्क है और भविष्य में ऐसी किसी भी कोशिश को विफल करने के लिए प्रतिबद्ध है.&rsquo;&rsquo;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें : <a href="https://www.abplive.com/news/india/giriraj-singh-slams-asaduddin-owaisi-provoking-muslims-want-to-start-civil-war-kalindi-express-accident-2779941">'ओवैसी जैसे लोग देश में छिड़वाना चाहते हैं गृहयुद्ध', गिरिराज सिंह ने AIMIM चीफ पर लगाया मुसलमानों को भड़काने का आरोप</a></strong></p>

Sunday, September 8, 2024

'पहले नमाज, फिर बनाई गई मस्जिद', असम सीएम हिमंत सरमा ने पूछा- हमारी संस्कृति खतरे में क्यों

<p style="text-align: justify;"><strong>Assam:</strong> असम के कुछ स्थानों पर जमीन की बिक्री पर लगी रोक का मामला तूल पकड़ रहा है. इस बीच असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इससे संबंधित पोस्ट किया.</p> <p style="text-align: justify;">सरमा ने लिखा, 'असम में हमारी संस्कृति खतरे में क्यों है? बरपेटा सत्र, जो राज्य के सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों में से एक है, वहां पहले नमाज अदा की जाने लगी और फिर मस्जिद बनाई गई इसलिए हमने कुछ महत्वपूर्ण स्थानों के निकट जमीन की बिक्री पर रोक लगा दी है.'</p> <p style="text-align: justify;">असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने एक X पर एक अन्य पोस्ट में लिखा, 'असम सरकार लैंड रिकॉर्ड्स को सुव्यवस्थित करने, अतिक्रमण से लड़ने और असम के स्वदेशी समुदायों के भूमि अधिकारों की सुरक्षा के लिए मिशन मोड पर काम कर रही है. आज इन्हीं प्रयासों को बढ़ाने के लिए मैंने कई नागरिक हित वाली सेवाएं शुरू की हैं जो भूमि स्वामित्व में पारदर्शिता लाने के साथ ही असम लोक सेवा के अधिकार (ARTPS) के लिए एक समय अवधि निर्धारित करेंगी और प्राकृतिक आपदाओं के समय नागरिकों को प्रेरित करने के लिए एक पोर्टल बनाएंगी.'</p> <p style="text-align: justify;"><strong>'समाज के संतुलन के लिए ठीक नहीं'</strong></p> <p style="text-align: justify;">हिमंत बिस्वा सरमा ने लिखा, 'एक प्राचीन मंदिर के पास अगर अचानक कोई मस्जिद बना दी जाए या ऐतिहासिक ईदगाह के पास पूजा शुरू हो जाए तो यह समाज के संतुलन के लिए ठीक नहीं है. अधिकारियों को इन संवेदनशील मुद्दों पर विचार करना चाहिए. इसी कारण सरकार ने महत्वपूर्ण स्थलों के पास जमीन की खरीद पर रोक लगाई है.'</p> <p style="text-align: justify;"><strong>वापस भेजे&nbsp;पांच बांग्लादेशी घुसपैठिये</strong></p> <p style="text-align: justify;">असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा जानकारी दी है कि राज्य पुलिस ने शनिवार देर रात पांच बांग्लादेशी घुसपैठियों को वापस खदेड़ दिया. पिछले सप्ताह सरमा ने जानकारी साझा की थी जिसके मुताबिक, पूर्वोत्तर राज्य की पुलिस ने इस महीने पड़ोसी देश के 15 घुसपैठियों को उनके देश वापस भेजा है. सरमा ने बताया, 'अवैध बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ कड़ी निगरानी जारी है और असम पुलिस ने कल देर रात एक बजे पांच घुसपैठियों को पकड़कर वापस भेज दिया.' &nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">उन्होंने कहा कि घुसपैठियों की पहचान मस्तबिस रहमान, अस्मा बीबी, अबानी सद्दार, लीमा सद्दार और सुमाया अख्तर के रूप में हुई है. इससे पहले सरमा ने कहा, 'जिन्होंने बिना नियमों के जमीन का अतिक्रमण किया है, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी. कानून सबके लिए समान है. जो जमीन पर अवैध कब्जा करते हैं, उनके धर्म को नहीं देखा जाता है.'</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://www.abplive.com/news/india/bjp-mp-jyotirmay-singh-mahato-wrote-a-letter-to-ed-director-requesting-arrest-cm-mamata-banerjee-over-rg-kar-medical-college-case-2779135">'CM ममता बनर्जी को किया जाए अरेस्ट', ED निदेशक को BJP सांसद ने लिखा पत्र</a></strong></p>

Saturday, September 7, 2024

'यह सिनेमा नहीं है...,' जब आपस में भिड़ गए TMC के दो नेता, जानें क्या है मामला

<p style="text-align: justify;"><strong>Kunal Ghosh On Deepak Adhikari: </strong>कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में ट्रेनी डॉक्टर के साथ रेप-मर्डर के मामले के विरोध में टीएमसी नेता कुणाल घोष और दीपक अधिकारी उर्फ ​​देव के बीच जुबानी जंग शुरु हो गई. दरअसल, पश्चिम बंगाल के एक अस्पताल में डायलिसिस और स्कैन मशीन सुविधाओं के उद्घाटन को लेकर टीएमसी सांसद दीपक अधिकारी और कुणाल घोष के बीच वाकयुद्ध छिड़ गया.</p> <p style="text-align: justify;">हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, फेसबुक और एक्स पोस्ट पर घोष ने एक पट्टिका की तस्वीर पोस्ट की, जिसमें अधिकारी का नाम 4 सितंबर को सुविधाओं का उद्घाटन करते हुए दिखाया गया है. इसे पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नाम वाली एक और पट्टिका के साथ जोड़ा गया था. मगर, तस्वीर से पता चलता है कि उन्होंने इस साल 11 मार्च को सुविधाओं का उद्घाटन किया था.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>जानिए कुणाल घोष ने क्या कहा?</strong></p> <p style="text-align: justify;">फेसबुक और एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर टीएमसी नेता कुणा घोष ने पोस्ट किया कि हालांकि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 12 मार्च को डायलिसिस यूनिट का उद्घाटन किया था, लेकिन अब हमारे सांसद देव ने दूसरी बार इसका उद्घाटन किया है. इसने स्थानीय लोगों को आश्चर्यचकित कर दिया है. क्या फिल्मों में सुपरस्टार होने के लिए ऐसा किया जा सकता है? आप सिर्फ रील हीरो नहीं बल्कि असली हीरो लग रहे हैं!"</p> <blockquote class="twitter-tweet"> <p dir="ltr" lang="bn">.<a href="https://twitter.com/idevadhikari?ref_src=twsrc%5Etfw">@idevadhikari</a> <br />দিদির উদ্বোধন ছবিতেই স্পষ্ট।<br />যত যন্ত্র আসুক, উদ্বোধন দুবার হতে পারে না। উদ্বোধক বদলায় না। এসব টুপি সিনেমায় দিও।<br />আর পরিস্থিতি? আমরা, শ্রমজীবী সৈনিকরা বিষপান করে লড়ে অপ্রিয় হচ্ছি। তুমি চৈতন্যদেব সাজছো। পেশা, সৌজন্যের নামে কুৎসাকারীদের সঙ্গে আদিখ্যেতা করছ। <a href="https://t.co/7rZOcYIvTD">pic.twitter.com/7rZOcYIvTD</a></p> &mdash; Kunal Ghosh (@KunalGhoshAgain) <a href="https://twitter.com/KunalGhoshAgain/status/1832345391171281047?ref_src=twsrc%5Etfw">September 7, 2024</a></blockquote> <p style="text-align: justify;"> <script src="https://platform.twitter.com/widgets.js" async="" charset="utf-8"></script> </p> <p style="text-align: justify;"><strong>न तो मुख्यमंत्री और न ही सांसद लेंगे इन सुविधाओं से लाभ- देव अधिकारी</strong></p> <p style="text-align: justify;">इसको लेकर कुणाल घोष की पोस्ट पर देव ने पलटवार किया. अभिनेता से सांसद बने दीपक अधिकारी उर्फ ​​देव ने कहा कि दीदी (ममता बनर्जी) ने 11 मार्च को घाटल अस्पताल में सुविधाएं स्थापित करने के बारे में एक घोषणा की थी. हालांकि, पिछले हफ्ते जब मशीनें आईं तो मैंने अस्पताल के अधिकारियों के अनुरोध पर उनका व्यक्तिगत रूप से उद्घाटन किया.&nbsp; तथ्य यह है कि न तो मुख्यमंत्री और न ही सांसद को इन सुविधाओं से लाभ होगा. बल्कि, इससे आम आदमी को फायदा होगा.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>यह सिनेमा नहीं है- कुणाल घोष</strong></p> <p style="text-align: justify;">टीएमसी नेता कुणाल घोष ने इस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि तस्वीरों से यह साफ है कि एक उद्घाटन दो अलग-अलग उद्घाटनकर्ताओं के साथ दो बार नहीं हो सकता. यह सिनेमा नहीं है. जबकि हम, पैदल सैनिक और हमलों का मुकाबला कर रहे हैं, आप पेशेवर संबंधों और शिष्टाचार की आड़ में सरकार की बुराई करने वालों के साथ जुड़ रहे हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें-&nbsp;<a href="https://www.abplive.com/news/india/jpc-meeting-aap-sanjay-singh-aimim-asaduddin-owaisi-asi-waqf-board-property-know-details-2777975">JPC Meeting: वक्फ बोर्ड के साथ देश में 132 संपत्तियों पर है विवाद- ASI अफसर, गलत बता बोले AAP सांसद- सिर्फ दिल्ली में ही...</a></strong></p>

Thursday, September 5, 2024

'शांति सड़कों पर सेना के बिना होनी चाहिए', चुनाव से पहले केंद्र सरकार पर फारूक अब्दुल्ला ने साधा निशाना

<div class="row"> <div class="col-12"> <div class="form-group"> <p style="text-align: justify;"><strong>Jammu Kashmir Assembly Election 2024: </strong>जम्मू कश्मीर में विधानसभा चुनाव को लेकर सभी पार्टियां रणनीति बनाने में जुटी है. इस बीच नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने गुरुवार (5 सितंबर) को केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधा. उन्होने कहा कि कश्मीर में शांति सड़कों पर किसी भी सशस्त्र सेना के बिना होनी चाहिए.</p> <p style="text-align: justify;">इंडिया टुडे ने एक इंटरव्यू के दौरान जब पूर्व सीएम और नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला से पूछा कि क्या जम्मू एवं कश्मीर में सामान्य स्थिति लौट आई है? इस पर उन्होंने कहा कि आपके पास यहां कितने सैनिक हैं? कितनी ताकतें हैं? सड़कों पर चलें और देखें कि वे कितने अच्छे हथियारों से लैस हैं. क्या यही शांति है? शांति इन सैनिकों के बिना होनी चाहिए.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>'मैं पूर्ण राज्य का दर्जा चाहता हूं'</strong></p> <p style="text-align: justify;">इस दौरान फारूक अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनावों से पहले अब्दुल्ला ने क्षेत्र के राज्य का दर्जा बहाल करने की वकालत की. उन्होंने जम्मू एवं कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा पर तंज कसा. अब्दुल्ला ने कहा कि मैं पूर्ण राज्य का दर्जा चाहता हूं. तुरंत. हमें दिल्ली के वायसराय के अधीन क्यों रहना चाहिए? वह कुछ भी आदेश दे सकते हैं. वह कुछ भी बदल सकते हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>'कांग्रेस के साथ नेशनल कॉन्फ्रेंस का गठबंधन मजबूरी नहीं'</strong></p> <p style="text-align: justify;">जम्मू कश्मीर के&nbsp;पूर्व मुख्यमंत्री ने यह टिप्पणी उस समय की जब उनसे पूछा गया कि क्या कांग्रेस के साथ गठबंधन से विधानसभा चुनावों के बाद जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करने में मदद मिलेगी? इस पर फारुख अब्दुल्ला ने कहा कि कांग्रेस के साथ उनकी पार्टी का गठबंधन कोई मजबूरी नहीं बल्कि जम्मू-कश्मीर के विकास और केंद्र शासित प्रदेश का राज्य का दर्जा बहाल करने के लिए समय की मांग है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>क्या केंद्र सरकार ने आतंकवाद को नियंत्रित किया है?</strong></p> <p style="text-align: justify;">नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि उन्होंने हमारा कद छोटा कर दिया है. जब से भारत स्वतंत्र हुआ है, मैंने कभी नहीं देखा कि जम्मू-कश्मीर के अलावा किसी अन्य राज्य को केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया हो. उन्होंने कहा कि मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि क्या वे कह रहे थे कि जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के लिए अनुच्छेद 370 जिम्मेदार है. क्या उन्होंने आतंकवाद को नियंत्रित किया है? अब तक 5 साल हो चुके हैं जब उनका राज्य पर पूरा नियंत्रण था.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>'BJP देश को धार्मिक आधार पर बांटने की कर रही कोशिश'&nbsp;</strong></p> <p style="text-align: justify;">पूर्व मुख्यमंत्री फारुख अब्दुल्ला ने कहा कि बीजेपी देश को धार्मिक आधार पर बांटने की कोशिश कर रही है. उन्होंने कहा कि मेरी समस्या उन चीजों के संदर्भ में है जो वे अब कर रहे हैं. जिस तरह से वे लोगों को धार्मिक आधार पर अलग करने की कोशिश कर रहे हैं.</p> </div> </div> </div> <p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a title="'अश्लील फिल्मों की वजह से बढ़े रेप, बॉलीवुड आइटम नंबर भी जिम्मेदार', एक्टिविस्ट योगिता भयाना ने जो बताया वो डराने वाला" href="https://www.abplive.com/news/india/rape-increased-due-to-obscene-films-bollywood-item-numbers-are-also-responsible-what-activist-yogita-bhayana-said-is-scar-2776697" target="_self">'अश्लील फिल्मों की वजह से बढ़े रेप, बॉलीवुड आइटम नंबर भी जिम्मेदार', एक्टिविस्ट योगिता भयाना ने जो बताया वो डराने वाला</a></strong></p>

महाराष्ट्र-गुजरात में फिर डराएगी बारिश! IMD ने जारी किया अलर्ट, यूपी-दिल्ली में भी मौसम होगा सुहाना

<p style="text-align: justify;"><strong>IMD Weather Forecast:</strong> उत्तर भारत समेत देश के कई हिस्सों में मानसून ने फिर से करवट बदली है. मौसम विभाग के अनुसार गुजरात, महाराष्ट्र और तटीय आंध्र प्रदेश में अगले तीन दिनों तक भारी बारिश की संभावना है. पिछले कुछ दिनों से हो रही भारी बारिश से राहत मिलने के बाद गुरुवार (5 सितंबर 2024) को मुंबई में फिर से बारिश हुई, जिससे बाद आईएमडी ने शहर में येलो अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार (6 सितंबर 2024) तक मुंबई और ठाणे में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. गुरुवार को हुई बारिश से शहर के निचले इलाकों और कई रिहायशी इलाकों में हल्का जलभराव देखने को मिला.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>महाराष्ट्र-गुजरात में भारी बारिश के आसार</strong></p> <p style="text-align: justify;">मौसम विभाग के अनुसार गुजरात, तटीय आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र कुछ हिस्से, पूर्वी राजस्थान और उत्तराखंड में अगले तीन दिनों के दौरान भारी बारिश होने की संभावना है. इसके बाद इन क्षेत्रों में बारिश में कमी आएगी. मौसम विभाग ने पूर्वोत्तर के राज्यों में भी बारिश की संभावना जताई है. आईएमडी के अनुसार नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 11 सितंबर को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने के आसार हैं. इसके अलावा असम-मेघालय में 7 सितंबर और ओडिशा में 8 सितंबर को भारी बारिश की संभावना जताई गई है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>दिल्ली-राजस्थान में बारिश के आसार</strong></p> <p style="text-align: justify;">मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को दिल्ली में बादल छाए रहेंगे और दिन में कुछ इलाकों में बारिश के आसार हैं. इसके अलावा दिल्ली सहित पूरे एनसीआर में 8 सितंबर को हल्की बारिश और फिर उसके बाद दो दिनों तक आकाश साफ रहने की संभावना है. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार शुक्रवार को एक्यूआई 60 के आसपास रह सकता है. बीते 24 घंटों में राजस्थान के जोधपुर-बाड़मेर सहित कई जिलों में भारी बारिश हुई. शुक्रवार को भरतपुर, जयपुर, वाईमाधोपुर, करौली, भीलवाड़ा, टोंक, जोधपुर और बाड़मेर में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>अगले सप्ताह के दौरान यहां बारिश के आसार</strong></p> <p style="text-align: justify;">आईएमडी के अनुसार इस सप्ताह के अंत तक जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, राजस्थान में छिटपुट से लेकर मध्यम बारिश होने की संभावना है. दिल्ली के लिए 10 दिवसीय मौसम पूर्वानुमान की बात करें तो शहर में 14 सितंबर तक बादल छाए रहेंगे. इस दौरान कहीं-कहीं बारिश और गरज के साथ छींटे पड़ेंगे.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें : <a href="https://www.abplive.com/news/india/nia-files-chargesheet-in-london-high-commission-attack-case-makes-british-citizen-inderpal-gaba-accused-2777133">लंदन में भारतीय दूतावास पर हमले को लेकर NIA का बड़ा एक्शन, दायर की चार्जशीट, ब्रिटिश नागरिक को बनाया आरोपी</a></strong></p>

Wednesday, September 4, 2024

हरियाणा चुनाव: बीजेपी की पहली लिस्ट में 30 फीसदी नए चेहरे, 13 के बदले टिकट, दलबदलुओं को भी दिया मौका

<p style="text-align: justify;"><strong>Haryana Assembly Elections 2024:</strong> हरियाणा विधानसभा चुनाव के मद्देनजर राज्य में सियासी तैयारियां जोरों पर हैं. इस बीच बीजेपी ने बुधवार (4 सितंबर) को 67 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी. बीजेपी की ओर से जारी की गई प्रत्याशियों की इस लिस्ट में 30 फीसदी नए चेहरों को मौका दिया गया है. इसके साथ ही बीजेपी ने राज्य के कई कद्दावर नेताओं के परिवारों से भी उम्मीदवार बनाए हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>9 विधायकों का टिकट काटा गया</strong></p> <p style="text-align: justify;">बीजेपी ने हरियाणा के प्रत्याशियों की पहली सूची में जातीय समीकरण का पूरा ख्याल रखा है. पार्टी ने राज्य में लगातार तीसरी बार सत्ता हासिल करने के लिए सभी सियासी समीकरणों को ध्यान में रखने की कोशिश की है. बीजेपी ने इस पहली लिस्ट में पार्टी ने 9 विधायकों का टिकट भी काटा है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>किस जाति के कितने उम्मदीवार?</strong></p> <p style="text-align: justify;">भारतीय जनता पार्टी ने उम्मीदवारों की पहली लिस्ट में जाट और ओबीसी के 11-11 उम्मीदवारों को टिकट दिया है. इसके साथ ही ब्राह्मण और पंजाबी समुदाय के 9-9 प्रत्याशियों को टिकट दिया गया है. इस लिस्ट में 8 महिलाओं को उम्मीदवार घोषित किया गया है. पार्टी ने वैश्य समाज के 5, राजपूत के दो और बिश्नोई समाज के दो उम्मीदवारों को टिकट दिया है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>लिस्ट में कई चौंकाने वाले नाम</strong></p> <p style="text-align: justify;">इस लिस्ट में कई चौंकाने वाले नाम भी सामने आए हैं. पार्टी ने अटेली सीटी से सीताराम यादव का टिकट काटकर केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह की बेटी आरती राव को टिकट दिया है. बीजेपी ने कबड्डी के स्टार प्लेयर दीपक हुड्डा को महम सीट से उम्मीदवार बनाया है. वहीं हरियाणा की इसराना (आरक्षित) सीट से पार्टी ने राज्यसभा के मौजूदा सांसद कृष्ण लाल पवार को भी चुनावी मैदान में उतारा है. बीजेपी ने रोहतक सीट से पीएम <a title="नरेंद्र मोदी" href="https://www.abplive.com/topic/narendra-modi" data-type="interlinkingkeywords">नरेंद्र मोदी</a> के करीबी नेता माने जाने वाले अरविंद शर्मा को टिकट दिया है. वह 2019 में दीपेंद्र सिंह हुड्डा को हराकर रोहतक से सांसद बने थे. बीजेपी ने अपनी पहली लिस्ट में 13 टिकट बदले गए.</p> <blockquote class="twitter-tweet"> <p dir="ltr" lang="hi">भारतीय जनता पार्टी की केन्द्रीय चुनाव समिति ने होने वाले हरियाणा विधानसभा चुनाव 2024 के लिए निम्नलिखित नामों पर अपनी स्वीकृति प्रदान की है। (1/2) <a href="https://t.co/1tpfHgogRR">pic.twitter.com/1tpfHgogRR</a></p> &mdash; BJP (@BJP4India) <a href="https://twitter.com/BJP4India/status/1831346433665994800?ref_src=twsrc%5Etfw">September 4, 2024</a></blockquote> <p style="text-align: justify;"> <script src="https://platform.twitter.com/widgets.js" async="" charset="utf-8"></script> </p> <p style="text-align: justify;"><strong>पहली लिस्ट में कितने नेताओं के बेटी-बेटा?&nbsp;</strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong>1.</strong> भव्य बिश्नोई (कुलदीप बिश्नोई के बेटे)<br /><strong>2.</strong> श्रुति चौधरी (किरण चौधरी की बेटी)<br /><strong>3.</strong> आरती राव (राव इन्द्रजीत की बेटी)<br /><strong>4.</strong> मनमोहन भडाना (करतार भडाना के बेटे)<br /><strong>5.</strong> सुनील सांगवान (सतपाल सांगवान के बेटे)</p> <p style="text-align: justify;"><strong>बीजेपी की पहली लिस्ट में दलबदलू</strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong>1.</strong> देवेन्द्र बबली (जेजेपी)<br /><strong>2.</strong> निखिल मदान (कांग्रेस)<br /><strong>3.</strong> भव्य बिश्नोई (कांग्रेस)<br /><strong>4.</strong> श्रुति चौधरी (कांग्रेस)<br /><strong>5.</strong> रामकुमार गौतम (जेजेपी)<br /><strong>6.</strong> पवन कुमार (जेजेपी)<br /><strong>7.</strong> शक्तिरानी शर्मा (HJP)<br /><strong>8.</strong> श्याम सिंह राणा (इनेलो)<br /><strong>9.</strong> संजय काबलाना (जेजेपी)</p> <p style="text-align: justify;"><strong>सीएम नायब सिंह सैनी का बदला टिकट</strong></p> <p style="text-align: justify;">बीजेपी की पहली लिस्ट में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का सीट बदलना राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है. सीएम नायब सिंह सैनी जो अभी तक करनाल सीट से विधायक थे, अब वह लाडवा सीट से चुनाव लड़ेंगे. लाडवा सीट के मौजूदा विधायक कांग्रेस के मेवा सिंह है, ऐसे में इस सीट पर लड़ाई दिलचस्प होने की उम्मीद है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>इन विधायकों के कटे टिकट</strong></p> <p style="text-align: justify;">बीजेपी की पहली लिस्ट में पलवल से दीपक मंगला, बवानी खेड़ा से विशंभर वाल्मीकि, फरीदाबाद से नरेंद्र गुप्ता, गुरुग्राम से सुधीर सिंगला, सोहना से राज्य मंत्री संजय सिंह, रनिया से कैबिनेट मंत्री रणजीत चौटाला,अटेल से सीताराम यादव, पेहवा से पूर्व मंत्री संदीप सिंह, सोहना से राज्य मंत्री संजय सिंह और रतिया से लक्ष्मण नापा की टिकट काट दिया गया है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें : <a href="https://www.abplive.com/news/india/kolkata-rape-murder-case-what-steps-did-the-states-take-to-protect-doctors-and-healthcare-workers-the-central-government-report-by-september-10-2776251">Kolkata Rape-Murder Case: डॉक्टरों-हेल्थकेयर वर्कर्स की सुरक्षा के लिए राज्यों ने उठाए कौन से कदम? केंद्र सरकार ने 10 सितंबर तक मांगी रिपोर्ट</a></strong></p>

तेलंगाना को मिला नया राज्यपाल, बीजेपी के वरिष्ठ नेता शिव प्रताप शुक्ल को दी गई जिम्मेदारी

<p style="text-align: justify;">तेलंगाना में राज्यपाल पद को लेकर अहम प्रशासनिक बदलाव किया गया है. केंद्र सरकार ने बीजेपी के ...