Saturday, July 27, 2024
Qamar Agha: PoK वापस लेने का वक्त आ गया! कुपवाड़ा एनकाउंटर के बाद बोले डिफेंस एक्सपर्ट कमर आगा
<p style="text-align: justify;"><strong>Qamar Agha On Terrorist Attack:</strong> जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे. शनिवार (27 जुलाई) को कुपवाड़ा में एक बार फिर भारतीय सेना के जवानों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई. इसमें एक जवान शहीद हो गया और मेजर समेत 4 जवान घायल हुए. मामले पर रक्षा विशेषज्ञ कमर आगा ने कहा कि अब समय आ गया है जब पाकिस्तान पर एक ऑपरेशन प्लान किया जाए.</p>
<p style="text-align: justify;">उन्होंने कहा, “आतंकवादियों की मंशा बार्डर समेत पूरे क्षेत्र को डिस्टर्ब करने की है. पाकिस्तान की जब स्थिति बिगड़ती है तो इस तरह की बातें सामने आती हैं और पहले भी आती रही हैं. पाकिस्तान के लोगों का मानना है कि वहां की सरकार असक्षम है, तीन यु्द्ध हार चुके हैं. पाकिस्तान के मंसूबे कभी कामयाब नहीं होंगे, बावजूद इसके कि हमारे कई जवान शहीद और घायल हुए हैं.”</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>‘अपने भूभाग को वापस लिया जाए और ऑपरेशन किया जाए’</strong></p>
<p style="text-align: justify;">उन्होंने पाकिस्तान पर सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए आगे कहा, “जम्मू के क्षेत्र में भी उन्हें सफलता नहीं मिल पाएगी. पाकिस्तान आने वाले समय में अपनी समस्या स्वयं बढ़ा रहा है. अब समय आ गया है कि भारतीय भूभाग को हासिल किया जाए और उस पार जाकर ऑपरेशन किया जाए.”</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>आतंकवादी अपनी हरकतों से नहीं आ रहे बाज</strong></p>
<p style="text-align: justify;">उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के त्रेहगाम सेक्टर में शनिवार को आतंकवादियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ हुई. सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में एक पाकिस्तानी आतंकवादी को मार गिराया है. सूत्रों के मुताबिक, एलओसी पर सैनिकों ने कुछ आतंकवादी गतिविधियों को देखा. इसके बाद आतंकवादियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई. आतंकवादी पाकिस्तानी सेना की मदद से जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ के प्रयास कर रहे हैं. 18 जुलाई को कुपवाड़ा जिले के केरन सेक्टर में नियंत्रण रेखा पर घुसपैठ की कोशिश को सेना ने नाकाम कर दिया था, जिसमें दो आतंकवादी मारे गये थे.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a title="कुपवाड़ा में घुसपैठ की बड़ी कोशिश नाकाम, एक पाकिस्तानी आतंकी ढेर, एक जवान भी शहीद" href="https://www.abplive.com/news/india/nefarious-activities-of-terrorists-again-in-kupwara-3-soldiers-injured-in-encounter-army-surrounded-the-area-2746863" target="_self">कुपवाड़ा में घुसपैठ की बड़ी कोशिश नाकाम, एक पाकिस्तानी आतंकी ढेर, एक जवान भी शहीद</a></strong></p>
Friday, July 26, 2024
बंगाल में हिंदुओं को लेकर सौमित्र खान ने जताई चिंता, संसद में कहा- हो जाएगी कश्मीरी पंडितों जैसी हालत, रोहिंग्या मुसलमान बनेंगे वजह
<p style="text-align: justify;"><strong>Saumitra Khan On Hindus:</strong> भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सांसद सौमित्र खान ने शुक्रवार (26 जुलाई) को दावा किया कि पश्चिम बंगाल में हर रोज पांच से सात हजार रोहिंग्या मुसलमान प्रवेश कर रहे हैं और राज्य में हिन्दुओं की स्थिति जम्मू-कश्मीर में 1990 में हुए हालात की तरह होने वाली है, जब वहां से कश्मीरी पंडितों को बाहर कर दिया गया था. उन्होंने इस संबंध में अध्ययन के लिए एक समिति गठित करने की भी मांग की. </p>
<p style="text-align: justify;">बीजेपी सांसद खान ने यह भी आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार भ्रष्टाचार में आकंठ डूबी है. वित्त वर्ष 2024-25 के लिए केंद्रीय बजट पर सामान्य चर्चा में हिस्सा लेते हुए विष्णुपुर के सांसद सौमित्र खान ने कहा कि राज्य में हर रोज पांच से सात हजार रोहिंग्या मुसलमान सीमा पार करके आ रहे हैं और राज्य सरकार को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>'बंगाल में हिंदुओं को बाहर करने की दी जा रही धमकी'</strong></p>
<p style="text-align: justify;">उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री देश की अखंडता तहस-नहस करने पर तुली हैं.’’ उन्होंने पश्चिम बंगाल के एक मंत्री पर हिन्दुओं के खिलाफ आपत्तिजनक शब्द बोले जाने का आरोप लगाया और कहा, ‘‘मंत्री कह रहे हैं कि हिन्दुओं को राज्य से बाहर कर देंगे.’’ बीजेपी के सांसद ने आगे कहा कि 1990 में कश्मीर घाटी में जो कुछ हुआ उसे याद किया जाना चाहिए और वही हालात अब पश्चिम बंगाल में होने वाले हैं. साथ ही उन्होंने मांग की कि इसकी जांच के लिए एक समिति गठित की जाए.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ममता बनर्जी के बांग्लादेशियों को शरण देने वाली टिप्पणी </strong></p>
<p style="text-align: justify;">एक तरफ जहां बंगाल में रोहिंग्या मुसलमानों का मुद्दा बीजेपी सांसद ने संसद में उठाया तो वहीं दूसरी तरफ पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बांग्लादेश हिंसा के पीड़ितों की शरण देने की बात कह रही हैं. ऐसे में राज्य की राजनीति में घमासान होते देखा जा रहा है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a title="जगन मोहन के साथ 9 सांसदों वाली ये पार्टी बन सकती है I.N.D.I.A. का हिस्सा! राज्यसभा में पलट जाएगा नंबर गेम" href="https://www.abplive.com/news/india/after-jagan-mohan-reddy-ysrcp-naveen-patnaik-bjd-may-join-india-alliance-know-how-change-numbers-in-rajya-sabha-2746774" target="_self">जगन मोहन के साथ 9 सांसदों वाली ये पार्टी बन सकती है I.N.D.I.A. का हिस्सा! राज्यसभा में पलट जाएगा नंबर गेम</a></strong></p>
Thursday, July 25, 2024
Kargil Vijay Diwas Celebration Live: कारगिल युद्ध के वीरों को देश कर रहा याद, द्रास पहुंचकर शहीदों को श्रद्धांजलि देंगे PM मोदी
<p style="text-align: justify;"><strong>Vijay Diwas 2024 Live:</strong> देश में हर साल 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस मनाया जाता है. ये दिन उन शहीदों को याद करने के लिए मनाया जाता है, जिन्होंने 1999 के कारगिल युद्ध में पाकिस्तान को पराजित करते हुए शहादत हासिल की. देश इस दिन उनकी शहादत को सलाम करता है. इसके अलावा ये दिन 1999 के कारगिल युद्ध में पाकिस्तान पर देश की जीत का भी जश्न मनाता है और ऑपरेशन विजय की सफलता का प्रतीक है. </p>
<p style="text-align: justify;">ऑपरेशन विजय में भारतीय सशस्त्र बलों ने जम्मू-कश्मीर के कारगिल जिले में उन क्षेत्रों पर दोबारा कब्जा जमाया था, जहां पाकिस्तानी सैनिकों और आतंकवादियों ने घुसपैठ की थी. इस साल कारगिल विजय दिवस शुक्रवार (26 जुलाई) को मनाया जा रहा है. ये कारगिल युद्ध में भारत की जीत की 25वीं वर्षगांठ है. कारगिल विजय दिवस के मौके पर देश में कई जगहों पर कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है, जहां लोग वीरों को याद करते हैं. </p>
<p style="text-align: justify;">चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने कारगिल विजय दिवस की 25वीं वर्षगांठ की पूर्व संध्या पर गुरुवार (25 जुलाई) को कहा कि 1999 के युद्ध में सैनिकों द्वारा दिया गया बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सेना के तीनों अंग एक बड़े सुधार की दहलीज पर हैं. रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि प्रमुख रक्षा अध्यक्ष ने कारगिल युद्ध के 25 वर्ष होने के अवसर पर सशस्त्र बलों के सभी कर्मियों को अपनी बधाई और शुभकामनाएं दीं.</p>
<p style="text-align: justify;">वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 1999 के कारगिल युद्ध में पाकिस्तान पर भारत की जीत की 25वीं वर्षगांठ पर लद्दाख में 26 जुलाई को आयोजित समारोह में शिरकत करेंगे. वह द्रास में कारगिल वॉर मेमोरियल पहुंचकर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे. पीएम मोदी यहां पर शिंकुन ला सुरंग परियोजना का भी काम देखने वाले हैं. कारगिल विजय दिवस से जुड़े लेटेस्ट अपडेट्स आप नीचे दिए गए कार्ड्स में पढ़ सकते हैं.</p>
Madras High Court: वेश्यालय चलाने की इजाजत लेने हाई कोर्ट पहुंचा वकील, अदालत ने कहा- 'चेक कराओ, कहां से ली डिग्री'
<p style="text-align: justify;"><strong>Madras High Court:</strong> मद्रास हाई कोर्ट ने एक याचिकाकर्ता की ओर से तमिलनाडु के कन्याकुमारी जिले में वेश्यालय चलाने के लिए सुरक्षा की मांग करने वाली याचिका पर आश्चर्य जताया. याचिकाकर्ता ने खुद को एक प्रैक्टिसिंग वकील बताया था. वकील ने अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग करते हुए यह याचिका दायर की थी.<br /><br />लाइव लॉ की एक रिपोर्ट के अनुसार, न्यायमुर्ति बी पुगलेंधी की पीठ ने वयस्क सहमति से यौन अधिकारों के आधार पर याचिकाकर्ता की ओर से अपने कार्यों का बचाव करने के प्रति कड़ी असहमति व्यक्त की. इसके साथ ही हाई कोर्ट ने बार काउंसिल से यह सुनिश्चित करने को कहा कि केवल प्रतिष्ठित लॉ कॉलेजों से स्नातक ही अधिवक्ता के रूप में नामांकित हों.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>'गैर-प्रतिष्ठित संस्थानों से नामांकन पर लगे बैन'</strong></p>
<p style="text-align: justify;">मद्रास हाई कोर्ट ने वकील पर 10,000 रूपये का जुर्माना लगाते हुए उसकी याचिका खारिज कर दी. लाइव लॉ के मुताबिक पीठ ने कहा, ''अब समय आ गया है कि बार काउंसिल को यह महसूस करना होगा कि समाज में वकीलों की प्रतिष्ठा कम हो रही है. कम से कम इसके बाद बार काउंसिल यह सुनिश्चित करेगी कि सदस्यों का नामांकन केवल प्रतिष्ठित संस्थानों से ही हो और आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और अन्य राज्यों के गैर-प्रतिष्ठित संस्थानों से नामांकन प्रतिबंधित हो.''<br /><br />अधिवक्ता राजा मुरूगन की ओर से दायर दो याचिकाओं पर कोर्ट सुनवाई कर रही थी. इनमें उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने और अपने व्यवसायिक गतिविधियों में पुलिस के हस्तक्षेप को रोकने के लिए आदेश जारी करने की मांग की थी.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>वेश्यालय चलाने की मांग करने पहुंचा हाई कोर्ट</strong></p>
<p style="text-align: justify;">मुरूगन ने अदालत के सामने खुलासा किया कि वह एक ट्रस्ट चलाता है, जो वयस्कों के बीच सहमति से यौन संबंध, परामर्श और 18 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों के लिए चिकित्सीय तेल स्नान जैसी सेवाएं प्रदान करता है. <br /><br />याचिकाओं पर जवाब देते हुए हाई कोर्ट ने कहा कि मुरूगन ने बुद्धदेव मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को गलत समझा है. हाई कोर्ट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने बुद्धदेव मामले को तस्करी को रोकने और यौनकर्मियों के पुनर्वास को सुनिश्चित करने के लिए संबोधित किया था. इसके विपरीत, मुरूगन ने एक नाबालिग लड़की का शोषण किया और उसकी गरीबी का फायदा उठाया.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>हाई कोर्ट ने कानून की डिग्री जांचने के दिए आदेश</strong></p>
<p style="text-align: justify;">याचिका से नाराज होकर अदालत ने यह भी मांग की कि मुरूगन अपनी कानूनी शिक्षा और बार एसोसिएशन की सदस्यता को सत्यापित करने के लिए अपना नामांकन पत्र और कानून की डिग्री प्रस्तुत करे.<br /><br />अतिरिक्त लोक अभियोजक (एपीपी) ने अदालत को बताया कि "मुरूगन बी-टेक स्नातक है और उसके पास नामांकन संख्या के साथ बार काउंसिल की पहचान है. हालांकि वो इसका सत्यापन करने में असमर्थ है कि उसने कानून की कोई पढ़ाई भी की है."<br /><br /><strong>ये भी पढ़ें:</strong></p>
<p style="text-align: justify;"><strong><a href="https://www.abplive.com/news/india/why-does-congress-want-release-of-khalistan-supporter-amritpal-singh-charanjit-singh-channi-remark-2745972">Amritpal Singh: खालिस्तान समर्थक अमृतपाल की रिहाई क्यों चाहती है कांग्रेस? चन्नी के बयान मचा सियासी बवाल</a></strong></p>
NIA On Malegaon Blast: 'सांप्रदायिक दरार पैदा करने के लिए किया गया था मालेगांव ब्लास्ट', कोर्ट में NIA ने कही बड़ी बात
<p style="text-align: justify;"><strong>NIA On Malegaon Blast:</strong> मालेगांव ब्लास्ट मामले में गुरुवार (25 जुलाई) को मुंबई की एक विशेष अदालत में अंतिम दलीलें सुनी गईं. राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने कहा कि मालेगांव विस्फोट सांप्रदायिक दरार पैदा करने के लिए किया गया था और साजिशकर्ताओं की कोशिश राज्य की आंतरिक सुरक्षा को खतरे में डालना था.</p>
<p style="text-align: justify;">राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) का पक्ष रख रहे विशेष लोक अभियोजक अविनाश रसाल और अनुश्री रसाल ने कहा, 'यह रमजान का पवित्र महीना था और नवरात्रि उत्सव शुरू होने वाला था. साजिशकर्ताओं ने लोगों को आतंकित करने और जान-माल का नुकसान करने के इरादे से ये विस्फोट किए थे.'</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>'सांप्रदायिक दरार पैदा करना भी था लक्ष्य'</strong></p>
<p style="text-align: justify;">राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) के मुताबिक, 'यह घटना समुदाय के लिए आवश्यक आपूर्ति और सेवाओं को बाधित करने, सांप्रदायिक दरार पैदा करने और राज्य की आंतरिक सुरक्षा को खतरे में डालने के इरादे से की गई थी.' बता दें कि इस मामले की जांच शुरू में महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने की थी. इसके बाद इसे केंद्रीय एजेंसी एनआईए को सौंप दिया गया था.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>कितने लोगों की गई जान? </strong></p>
<p style="text-align: justify;">मालेगांव में 29 सितंबर 2008 को अंजुमन चौक और भीकू चौक के बीच स्थित शकील गुड्स ट्रांसपोर्ट कंपनी के सामने रात नौ बजकर 35 मिनट पर हुए बम विस्फोट में छह लोगों की मौत हो गई थी तथा 101 लोग घायल हुए थे. अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह विस्फोट एक मोटरसाइकिल (जो कथित तौर पर भोपाल की पूर्व सांसद प्रज्ञा ठाकुर की थी) में लगे एक संवर्धित विस्फोटक उपकरण द्वारा किया गया था.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>प्रज्ञा ठाकुर भी कर रहीं मुकदमे का सामना</strong></p>
<p style="text-align: justify;">इस मामले में भाजपा की पूर्व सांसद प्रज्ञा ठाकुर और लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित सहित सात आरोपी मुकदमे का सामना कर रहे हैं. इस मामले में घटना के लगभग 16 साल बाद बृहस्पतिवार को अंतिम दलीलें शुरू हुईं. अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह विस्फोट एक मोटरसाइकिल (जो कथित तौर पर भोपाल की पूर्व सांसद प्रज्ञा ठाकुर की थी) में लगे एक संवर्धित विस्फोटक उपकरण द्वारा किया गया था. </p>
<p style="text-align: justify;">सुप्रीम कोर्ट ने आरोपियों में से एक समीर कुलकर्णी के खिलाफ मुकदमे पर रोक लगा दी है. मामले में ठाकुर और पुरोहित के अलावा अन्य आरोपी मेजर रमेश उपाध्याय (सेवानिवृत्त), अजय राहिरकर, सुधाकर द्विवेदी और सुधाकर चतुर्वेदी हैं. सभी पर गैरकानूनी गतिविधि निवारण अधिनियम (यूएपीए) और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के प्रावधानों के तहत मुकदमा चल रहा है.</p>
<p style="text-align: justify;">अंतिम दलील में अभियोजन पक्ष ने एटीएस जांच का हवाला दिया, जिसमें दावा किया गया था कि आरोपी पुरोहित कश्मीर में अपनी तैनाती पूरी करने के बाद वहां से आरडीएक्स अपने साथ लाया था और उसे अपने घर में रखा था. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://www.abplive.com/news/india/charanjit-singh-channi-remark-on-amritpal-singh-creates-ruckus-hanuman-beniwal-says-this-statement-is-not-of-india-alliance-2745948">अमृतपाल सिंह पर बयान देकर 'अपनों' के ही निशाने पर आए चन्नी! हनुमान बेनीवाल बोले- 'इंडिया गठबंधन का...'</a></strong></p>
Tuesday, July 23, 2024
Odisha: क्या आसमान से गिरेगी मिसाइल? भारत ने खाली कराए 10 गांव, शेल्टर में पहुंचाए 10 हजार लोग
<p style="text-align: justify;"><strong>Odisha Missile Test: </strong>ओडिशा के बालासोर में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) बुधवार (24 जुलाई) को मिसाइल परीक्षण (Missile Test) करेगा. मिसाइल परीक्षण से पहले 10 गांवों के 10,000 से अधिक लोगों को अस्थायी रूप से दूसरे स्थानों पर स्थानांतरित कर दिया है जिसकी जानकारी एक अधिकारी ने दी. </p>
<p style="text-align: justify;">एक रक्षा सूत्र ने मंगलवार (23 जुलाई) को बताया कि डीआरडीओ ने चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज (आईटीआर) में मिसाइल परीक्षण के लिए आवश्यक तैयारी भी पूरी कर ली है. बताया गया कि यह परीक्षण आईटीआर के प्रक्षेपण स्थल संख्या-3 (Launch site number-3) से किया जाएगा.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>10 गांवों के लोग किए गए ट्रांसफर</strong></p>
<p style="text-align: justify;">न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, एक राजस्व अधिकारी ने बताया कि बालासोर जिला प्रशासन ने मिसाइल के परीक्षण से पहले प्रक्षेपण स्थल के 3.5 किलोमीटर के दायरे में बसे 10 गांवों के 10,581 लोगों को अस्थायी रूप से दूसरे स्थान पर ट्रांसफर करने की व्यवस्था पूरी कर ली है. बताया गया कि इस संबंध में सुरक्षा उपाय के तौर पर प्रभावित लोगों को पर्याप्त मुआवजा देने की भी व्यवस्थाएं की जा रही हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>शिविर में रहने का आदेश</strong></p>
<p style="text-align: justify;">राजस्व अधिकारी ने बताया कि इस क्षेत्र में रहने वाले लोगों को निकटवर्ती अस्थायी आश्रय केंद्रों में सुचारू तरीके से ट्रांसफर करने के लिए जिला प्रशासन ने जिलाधिकारी आशीष ठाकरे और पुलिस अधीक्षक सागरिका नाथ की मौजूदगी में मंगलवार को एक तैयारी बैठक की. जिला प्रशासन ने इन गांवों के लोगों को बुधवार तड़के चार बजे तक अपने घर छोड़ने तथा परीक्षण समाप्त होने के बाद घोषणा किए जाने तक शिविर में ही रहने के लिए कहा है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>बैंक खाते में जमा होगी मुआवजा राशि</strong></p>
<p style="text-align: justify;">अधिकारी ने बताया कि शिविर में आने वाले लोगों के लिए तय मुआवजा राशि उनके बैंक खाते में जमा करा दी जाएगी. जिला राजस्व अधिकारी ने बताया कि बालासोर जिला प्रशासन ने पास के विद्यालयों, बहुउद्देशीय चक्रवात पुनर्वास केंद्रों और अस्थायी तम्बुओं में लोगों के रहने की व्यवस्था की है. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>हर शिविर में 10 अधिकारी रहेंगे तैनात</strong></p>
<p style="text-align: justify;">मिसाइल परीक्षण वाले क्षेत्र में प्रशासन सुरक्षा को लेकर पूरी मुस्तैदी बरत रहा है. इस कड़ी में प्रत्येक शिविर में लोगों की सहायता के लिए कम से कम 10 सरकारी अधिकारियों को तैनात किया गया है. साथ ही शिविरों में लोगों की सहायता के लिए पुलिस की 22 टुकड़ियां (एक टुकड़ी में नौ कर्मी) तैनात की गई हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>लोगों ने क्या आरोप लगाया?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">मिसाइल परीक्षण को लेकर ट्रांसफर किए जा रहे लोगों में गुस्सा है. उनका कहना है कि प्रशासन हम लोगों को कम मुआवजा दे रहा है. इस संबंध में ग्रामीणों ने एडीएम बालासोर को ज्ञापन भी सौंपा है. दरअसल, लोगों ने आरोप लगाया है कि काफी लंबे समय से उन्हें मिलने वाली मुआवजा राशि में बदलाव नहीं किया जा रहा है. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://www.abplive.com/news/india/rift-in-india-alliance-over-protest-against-budget-akhilesh-yadav-mamata-banerjee-took-different-path-2744381">बजट विरोध की चिंगारी बनेगी I.N.D.I.A में दरार की वजह? क्यों अखिलेश यादव-ममता बनर्जी ने पकड़ी अलग राह</a></strong></p>
Monday, July 22, 2024
Budget 2024: मोदी 3.0 का पहला बजट आज, वित्त मंत्री से क्या-क्या उम्मीद कर रहे लोग, जानिए सबकुछ
<p style="text-align: justify;"><strong>Modi 3.0 First Budget:</strong> वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 23 जुलाई को सुबह 11 बजे केंद्रीय बजट पेश करेंगी. संसद का मानसून सत्र 22 जुलाई से शुरू हो चुका है और ये 12 अगस्त तक चलेगा. यह प्रधानमंत्री <a title="नरेंद्र मोदी" href="https://www.abplive.com/topic/narendra-modi" data-type="interlinkingkeywords">नरेंद्र मोदी</a> के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के तीसरे कार्यकाल का पहला बजट होगा और वित्त मंत्री सीतारमण का लगातार सातवां बजट होगा.</p>
<p style="text-align: justify;">बजट से जुड़े सभी दस्तावेज indiabudget.gov.in पर उपलब्ध होंगे. बजट को पेश होते हुए दूरदर्शन, संसद टीवी और अलग-अलग आधिकारिक सरकारी यूट्यूब चैनलों पर लाइव देखा जा सकेगा. वहीं, निर्मला सीतारमण पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई का रिकॉर्ड तोड़ेंगी. हालांकि, सबसे अधिक बार बजट पेश करने का रिकॉर्ड अब भी देसाई के पास ही है. सीतारमण अगले महीने 65 वर्ष की हो जाएंगी.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>निर्मला सीतारमण बनाएंगी रिकॉर्ड</strong></p>
<p style="text-align: justify;">उन्हें 2019 में भारत की पहली पूर्णकालिक महिला वित्त मंत्री बनाया गया था. इसी साल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने केंद्र में लगातार दूसरी बार सरकार बनाई थी. तब से सीतारमण ने इस साल फरवरी में एक अंतरिम सहित लगातार छह बजट पेश किए हैं. वित्त वर्ष 2024-25 (अप्रैल, 2024 से मार्च, 2025) का पूर्ण बजट उनका लगातार सातवां बजट होगा. वह देसाई के रिकॉर्ड से आगे निकल जाएंगी, जिन्होंने 1959 से 1964 के बीच लगातार पांच पूर्ण बजट और एक अंतरिम बजट पेश किया था.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>बजट से क्या हैं लोगों को उम्मीदें?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">अर्थशास्त्रियों का मानना है कि इस सप्ताह पेश होने वाले आम बजट में नई पेंशन प्रणाली और आयुष्मान भारत जैसी सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं को लेकर कुछ घोषणाएं हो सकती हैं. हालांकि, आयकर के मामले में राहत की उम्मीद कम है. उनका यह भी कहना है कि अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए बुनियादी ढांचे पर जोर, ग्रामीण और कृषि संबंधी आवंटन बढ़ने और सूक्ष्म तथा लघु उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए कदम उठाये जाने की संभावना है. </p>
<p style="text-align: justify;">प्रधानमंत्री मोदी ने <a title="लोकसभा चुनाव" href="https://www.abplive.com/topic/lok-sabha-election-2024" data-type="interlinkingkeywords">लोकसभा चुनाव</a> के लिए भारतीय जनता पार्टी का घोषणापत्र जारी करते हुए कहा था कि 70 साल से ऊपर के सभी नागरिकों को पांच लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज के लिए आयुष्मान योजना के दायरे में लाया जाएगा. उन्होंने यह भी कहा था कि पार्टी का ध्यान निवेश के जरिये लोगों के मान-सम्मान और बेहतर जीवन तथा रोजगार सुनिश्चित करने पर है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>मूडीज एनालिटिक्स को बजट से हैं ये उम्मीदें</strong></p>
<p style="text-align: justify;">वहीं, मूडीज एनालिटिक्स ने कहा कि मंगलवार को संसद में पेश किए जाने वाले वित्त वर्ष 2024-25 के पूर्ण बजट में पूंजीगत व्यय में वृद्धि हो सकती है. मूडीज एनालिटिक्स की अर्थशास्त्री अदिति रमन ने सोमवार को कहा कि जून में लोकसभा में अपना पूर्ण बहुमत खोने के बाद, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) नई गठबंधन सरकार में जनता का भरोसा जगाने की कोशिश करेगी.</p>
<p style="text-align: justify;">उन्होंने कहा कि अंतरिम बजट में कर दरों को बरकरार रखा गया था लेकिन नियोजित सरकारी व्यय में किसी भी बढ़ोतरी के साथ ही घाटे को बढ़ने से रोकने के लिए प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष कराधान के जरिए अधिक कर लेना होगा.</p>
<p style="text-align: justify;">उन्होंने कहा कि फिलहाल भारत की आर्थिक नीति में किसी बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं है. चुनाव के बाद का यह बजट पहले तय लक्ष्यों को मजबूती देगा. इससे पहले अंतरिम बजट में बुनियादी ढांचे पर खर्च, विनिर्माण क्षेत्र को समर्थन और राजकोषीय विवेक पर जोर दिया गया था.</p>
<p style="text-align: justify;">मूडीज एनालिटिक्स ने कहा कि बजट का व्यापार और उपभोक्ता विश्वास पर असर पड़ेगा. बजट बुनियादी ढांचे पर पूंजीगत व्यय और उत्पादन से जुड़े प्रोत्साहन योजनाओं के लिए वित्त पोषण को बनाए रखेगा या शायद इसे बढ़ा भी सकता है. रमन ने कहा कि बजट में कराधान के लिए अधिक मानकीकृत नजरिये की शुरुआत होने की संभावना है, लेकिन व्यापक जोर नीतियों को जारी रहने पर होगा.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a title="बजट 2024: 'अबकी बार चीन को भगाओ... सरकार से इस बार बहुत उम्मीद" href="https://www.abplive.com/news/india/budget-2024-expectation-from-budget-regarding-reducing-tariff-charge-of-mobile-part-abpp-2742951" target="_self">बजट 2024: 'अबकी बार चीन को भगाओ... सरकार से इस बार बहुत उम्मीद</a></strong></p>
Sunday, July 21, 2024
पाकिस्तान के दोस्त तालिबान ने दिया झटका! PoK को पाकिस्तानी इलाका मानने से किया खारिज; जानिए क्या है मामला?
<p style="text-align: justify;"><strong>Taliban Reject PoK:</strong> तालिबानी सरकार ने अब पाकिस्तान को बड़ा झटका दिया है. अफगानिस्तान की तालिबानी सरकार ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के दावे को मानने से सिरे से खारिज कर दिया. चूंकि, तालिबान सरकार ने पिछले 3 दशकों में पहली बार अफगानिस्तान की सीमाओं का मूल्यांकन किया है. ऐसे में साफ है कि तालिबान पीओके को पाकिस्तान का हिस्सा नहीं, बल्कि जम्मू कश्मीर का आधिकारिक तौर पर हिस्सा मानता है.</p>
<p style="text-align: justify;">टोलो न्यूज के मुताबिक, तालिबान सरकार के सीमा और जनजातीय मामलों के मंत्रालय ने कहा कि उसने पाकिस्तान के साथ काल्पनिक रेखा और ताजिकिस्तान और जम्मू-कश्मीर के साथ आधिकारिक सीमाओं का मूल्यांकन किया है. मंत्रालय के बयान के अनुसार, मंत्रालय के एक प्रतिनिधिमंडल ने बदख्शां के वखान, ज़ेबक और कुरान व मुंजन जिलों में पाकिस्तान, जम्मू-कश्मीर के साथ काल्पनिक रेखा और ताजिकिस्तान के साथ आधिकारिक सीमा का मूल्यांकन किया है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>तालिबान ने पिछले 3 दशकों से सीमाओं का नहीं किया मूल्यांकन</strong></p>
<p style="text-align: justify;">मंत्रालय का कहना है कि इन सीमाओं का मूल्यांकन तीन दशकों से नहीं किया गया था. ऐसे में देखने वाली बात ये है कि तालिबानी मंत्रालय ने इस बयान में जम्मू कश्मीर के लिए 'पाकिस्तान के कब्जे वाले क्षेत्र' का इस्तेमाल नहीं किया है. जिसका मतलब हुआ कि तालिबानी सरकार पीओके पर पाकिस्तान के दावे को स्वीकार नहीं कर रहा है. बता दें कि, भारत ने हमेशा से ही पीओके को अपना माना है और उसे जम्मू एवं कश्मीर का अभिन्न हिस्सा बताया है.</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="en">The Ministry of Borders and Tribal Affairs said that it has evaluated the hypothetical line with Pakistan and the official borders with Tajikistan and Jammu and Kashmir.<br /><br />According to the ministry's statement, a delegation from the ministry has evaluated the hypothetical line… <a href="https://t.co/jpTZmJ9FpE">pic.twitter.com/jpTZmJ9FpE</a></p>
— TOLOnews (@TOLOnews) <a href="https://twitter.com/TOLOnews/status/1814972572771008662?ref_src=twsrc%5Etfw">July 21, 2024</a></blockquote>
<p style="text-align: justify;">
<script src="https://platform.twitter.com/widgets.js" async="" charset="utf-8"></script>
</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>पीओके को लेकर क्या है भारत सरकार का रुख?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">ऐसे में तालिबान सरकार के इस बयान से साफ नजर आ रहा है कि तालिबान ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के दावे को सिरे से खारिज कर दिया है. तालिबान के इस कदम से अफगानिस्तान की सीमा सीधे भारत के जम्मू कश्मीर इलाके से मिलेगी, जो दोनों देशों का सीधा पड़ोसी घोषित करती है.</p>
<p style="text-align: justify;">हालांकि, इस मामले में भारत सरकार का भी यही रुख रहा है, पिछले साल रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर को लेकर बड़ा बयान दिया था. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने कश्मीर पर अवैध कब्जा कर रखा है. वह भारत का हिस्सा था और होकर रहेगा. उन्होेंने कहा कि वहां के लोग देख रहे हैं कि इस पार जम्मू-कश्मीर में लोग अब कितनी शांति से जीवन जी रहे हैं, ऐसे में पीओके के लोग जिस तकलीफ से गुजर रहे हैं, उसे देखते हुए वहां के लोग जल्द ही भारत के साथ जाने की मांग उठाएंगे. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a title="Mamata Banerjee: 'बांग्लादेशी दस्तक देंगे तो हम उन्हें शरण देंगे...', शहीद दिवस रैली में बोलीं ममता बनर्जी" href="https://www.abplive.com/news/india/west-bengal-cm-mamata-banerjee-say-we-will-give-shelter-tp-bangladeshis-in-shaheed-diwas-rally-organized-in-kolkata-2742381" target="_self">Mamata Banerjee: 'बांग्लादेशी दस्तक देंगे तो हम उन्हें शरण देंगे...', शहीद दिवस रैली में बोलीं ममता बनर्जी</a></strong></p>
Saturday, July 20, 2024
NEET-UG Paper Leaked Case: NEET-UG पेपर लीक मामले में CBI का बड़ा एक्शन, ‘मास्टरमाइंड’ और 2 MBBS छात्र गिरफ्तार
<p style="text-align: justify;"><strong>NEET-UG Paper Leaked Case Latest News:</strong> केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने शनिवार को NEET-UG पेपर लीक मामले के मास्टरमाइंड और 2 एमबीबीएस स्टूडेंट्स को अरेस्ट किया है. न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, एमबीबीएस के दोनों छात्र सॉल्वर के रूप में काम करते थे. इन दोनों की पहचान कुमार मंगलम बिश्नोई और दीपेंद्र कुमार के रूप में हुई है और दोनों ही भरतपुर मेडिकल कॉलेज के छात्र हैं.</p>
<p style="text-align: justify;">अधिकारियों ने बताया कि तकनीकी निगरानी ने नीट-यूजी परीक्षा के दिन हजारीबाग में सेकेंड ईयर के एमबीबीएस छात्र मंगलम बिश्नोई और फर्स्ट ईयर के मेडिकल छात्र दीपेंद्र कुमार शर्मा की मौजूदगी की पुष्टि की है. अफसरों का कहना है कि ये दोनों कथित तौर पर पंकज कुमार नामक इंजीनियर की ओर से चुराए गए पेपर के लिए सॉल्वर के रूप में काम कर रहे थे, जिसे पहले गिरफ्तार किया जा चुका है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>NIT जमशेदपुर तक जुड़े हैं तार</strong></p>
<p style="text-align: justify;">नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नॉलजी जमशेदपुर (झारखंड) के 2017 बैच के सिविल इंजीनियर पंकज कुमार उर्फ आदित्य ने कथित तौर पर हजारीबाग में एनटीए ट्रंक से नीट-यूजी पेपर चुराया था. एनआईटी, जमशेदपुर से बी.टेक (इलेक्ट्रिकल) पासआउट शशिकांत पासवान उर्फ शशि उर्फ पासु इस खेल में कुमार और रॉकी के साथ मिलकर काम कर रहा था, जिन्हें पहले ही गिरफ्तार किया गया था.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>19 जुलाई को भी अरेस्ट हुई थी मेडिकल की एक और छात्रा</strong></p>
<p style="text-align: justify;">इससे पहले शुक्रवार (19 जुलाई 2024) को सीबीआई ने रांची के राजेंद्र इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (RIMS) की एमबीबीएस फर्स्ट ईयर की छात्रा सुरभि कुमारी को कथित तौर पर सॉल्वर मॉड्यूल का हिस्सा होने के आरोप में गिरफ्तार किया था. अधिकारियों ने कहा कि सीबीआई की ओर से दो दिनों की विस्तृत पूछताछ के बाद कुमारी को हिरासत में लिया गया था.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>सुप्रीम कोर्ट कई याचिकाओं पर कर रहा सुनवाई </strong></p>
<p style="text-align: justify;">बता दें कि सुप्रीम कोर्ट पेपर लीक सहित मेडिकल प्रवेश परीक्षा के संचालन में कथित अनियमितताओं को लेकर कई याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है. NEET-UG का आयोजन NTA की ओर से सरकारी और निजी संस्थानों में MBBS, BDS, आयुष और अन्य संबंधित पाठ्यक्रमों में एडमिशन के लिए किया जाता है. इस साल यह परीक्षा 5 मई को 571 शहरों में 4,750 एग्जाम सेंटरों पर आयोजित की गई थी, जिसमें 14 विदेशी शहर भी शामिल थे. इस परीक्षा में 23 लाख से अधिक उम्मीदवार शामिल हुए थे.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें</strong></p>
<p style="text-align: justify;"><strong><a title="सांसदों का जुटान इत्तेफाक नहीं शक्ति प्रदर्शन! क्या महाविकास अघाडी में अब समाजवादी पार्टी भी हिस्सेदार" href="https://www.abplive.com/news/india/samajwadi-party-show-of-strength-in-maharashtra-is-signal-to-mahavikas-aghadi-for-assembly-election-2741989" target="_self">सांसदों का जुटान इत्तेफाक नहीं शक्ति प्रदर्शन! क्या महाविकास अघाडी में अब समाजवादी पार्टी भी हिस्सेदार</a></strong></p>
बंगाल में बीजेपी को डबल झटका देंगी ममता बनर्जी, TMC ने कर दिया तारीख ऐलान
<p style="text-align: justify;"><strong>TMC Claim On BJP MP:</strong> तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के वरिष्ठ नेता कुणाल घोष ने बीते गुरुवार (18 जुलाई) को दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के दो सांसदों ने 21 जुलाई को आयोजित होने वाले शहीद दिवस समारोह के दौरान में तृणमूल कांग्रेस में शामिल होने की इच्छा जताई है. इस लिहाज से देखा जाए तो आने वाला दिन बीजेपी और टीएमसी के लिए महत्वपूर्ण होने वाला है.</p>
<p style="text-align: justify;">उन्होंने कोलकाता में पत्रकारों से बात करते हुए कहा था कि तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी और राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद आखिरी फैसला लेंगे. कुणाल घोष ने दावा किया, ''हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में बीजेपी के 12 सांसद चुने गए हैं और उनमें से दो हमारे संपर्क में हैं. उन्होंने हमसे संपर्क करके तृणमूल कांग्रेस में शामिल होने की इच्छा जताई है. वे ममता बनर्जी के नेतृत्व में काम करना चाहते हैं और 21 जुलाई के कार्यक्रम के दौरान पार्टी में शामिल हो सकते हैं.''</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>कुणाल घोष ने नहीं की पहचान उजागर</strong></p>
<p style="text-align: justify;">उन्होंने कहा कि इन सांसदों की पहचान इस समय उजागर नहीं की जा सकती. टीएमसी नेता घोष ने बताया कि चूंकि ये सांसद हाल ही में निर्वाचित हुए हैं, इसलिए तृणमूल नेतृत्व ने उन्हें दलबदल रोधी कानून के दायरे में आने से बचने के लिए कुछ समय इंतजार करने की सलाह दी है. उन्होंने कहा, ''ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी ही इस मामले में अंतिम फैसला करेंगे.''</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>बीजेपी ने क्या कहा?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">बीजेपी की बंगाल ईकाई के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने कुणाल घोष के इस दावे को तवज्जो नहीं देते हुए कहा, ''कुणाल घोष अक्सर ऐसे बयान देते हैं जिन्हें गंभीरता से नहीं लिया जाना चाहिए.'' मजूमदार ने कहा, ''आइए 21 जुलाई तक इंतजार करें. हमने पहले भी घोष जैसे नेताओं के इसी तरह के दावे देखे हैं. वह प्रचार के लिए इस तरह के बयान देने के लिए जाने जाते हैं.'' ऐसे में अब देखना होगा कि क्या ये सिर्फ राजनीतिक बयान है या फिर टीएमसी नेता के इस दावे में दम है. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a title="लोकसभा चुनाव और उपचुनाव में हार के बाद पश्चिम बंगाल BJP में घमासान, उठी ये मांग" href="https://www.abplive.com/news/india/west-bengal-bjp-crisis-saumitra-khan-suvendu-adhikari-sukanta-majumdar-demands-organisational-change-over-lok-sabha-by-election-result-2024-after-up-2739797" target="_self">लोकसभा चुनाव और उपचुनाव में हार के बाद पश्चिम बंगाल BJP में घमासान, उठी ये मांग</a></strong></p>
Friday, July 19, 2024
Microsoft server down: माइक्रोसॉफ्ट सर्वर डाउन से कैसे थम गई दुनिया? 10 प्वॉइंट्स में जानें पूरी कहानी
<p style="text-align: justify;"><strong>Microsoft server down:</strong> शुक्रवार (19 जुलाई, 2024) के दिन माइक्रोसॉफ्ट के सर्वर डाउन होने से पूरी दुनियाभर में इसका असर देखने को मिला. इसकी सबसे बड़ी वजह एंटीवायरस प्रोग्राम में अपडेट को बताया गया. सर्वर डाउन होने से हवाई सेवा, दूरसंचार सेवा, बैंक और मीडिया संस्थानों पर इसका असर देखने को मिला. ये अब तक का सबसे बड़ा आईटी क्रैश बताया जा रहा है. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>माइक्रोसॉफ्ट सर्वर से जुड़ी 10 बड़ी बातें </strong></p>
<p style="text-align: justify;"><strong>1.</strong> सर्वर डाउन होने को लेकर माइक्रोसॉफ्ट ने कहा कि यह समस्या गुरुवार को 1900 GMT पर शुरू हुई, जिससे साइबर सुरक्षा सॉफ्टवेयर क्राउडस्ट्राइक फाल्कन चलाने वाले Azure सर्विस को यूज करने वाले कई सारे कस्टमर्स को दिक्कतों का सामना करना पड़ा. माइक्रोसॉफ्ट ने आउटेज को लेकर अपनी वेबसाइट पर बताया कि हम उन ग्राहकों को सलाह देते हैं कि इस समय पहले अपने बैकअप को रिस्टोर करें, जो इसमें सक्षम हैं. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>2.</strong> क्राउडस्ट्राइक के CEO ने कई सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर इसे लेकर अपडेट जारी किया. उन्होंने एक पोस्ट में कहा कि इस समस्या के लिए एक फिक्स जारी किया गया है. विंडोज होस्ट के लिए सिंगल कंटेंट में डिफेक्ट पाया गया है. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>3.</strong> माइक्रोसॉफ्ट की सेवाएं बाधित होने के कारण एम्स्टर्डम, ज्यूरिख, सिंगापुर और हांगकांग समेत कई देशों के एयरपोर्ट संचालकों ने तकनीकी समस्याओं का सामना करना पड़ा. कुछ एयरपोर्ट ने विमानों को बताया कि वे उतर नहीं सकते जबकि अन्य दूसरी जगहों पर एयरलाइन कर्मचारियों ने यात्रियों की जांच मैन्युअली शुरू की. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>4.</strong> भारत में भी इसका खासा असर देखने को मिला. माइक्रोसॉफ्ट सर्वर डाउन होने की वजह से भारत में कई हवाई अड्डों पर यात्रियों को हाथ से लिखे बोर्डिंग पास जारी किए गए. बेंगलुरु, मुंबई और हैदराबाद हवाई अड्डों पर इंडिगो की कई उड़ानें रद्द कर दी गईं, जबकि कई उड़ानों के समय बदल दिए गए. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>5.</strong> नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू ने कहा कि मंत्रालय और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) कम से कम समस्या आए इसके लिए मैन्युअल तरीकों का उपयोग करके सेवा को जारी करने की कोशिश की जा रही. उन्होंने कहा, "यात्रियों को समस्या के इस समय में हवाई अड्डे के कर्मचारियों के साथ सहयोग करने की सलाह दी जाती है. हमने सभी एयरलाइनों और हवाई अड्डे के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे यात्रियों को उनकी उड़ानों को लेकर सूचित करते रहें और आवश्यक सहायता प्रदान करें." </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>6.</strong> माइक्रोसॉफ्ट की सेवाओं में आई समस्या के कारण क्राउडस्ट्राइक के शेयरों में प्री-मार्केट ट्रेडिंग में 20 प्रतिशत की गिरावट आई. इसके अलावा कई कंपनियों के बाजार पर भी इसका सीधा असर देखने को मिला. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>7.</strong> माइक्रोसॉफ्ट आईटी क्रैश के दौरान कंपनियां अपने सिस्टम को दुरुस्त करने और आउटेज से हुए नुकसान का आकलन करने में जुटी रहीं, जबकि अधिकारी किसी भी तरह की घबराहट को कम करने की कोशिश कर रहे थे. फ्रांस की साइबर सुरक्षा एजेंसी ANSSI ने कहा, "इस बात का कोई सबूत नहीं है कि यह आउटेज किसी साइबर हमले का नतीजा है."</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>8.</strong> माइक्रोसॉफ्ट आउटेज को लेकर नीदरलैंड और ब्रिटेन की रिपोर्ट भी सामने आई है. इसमें कहा गया कि इससे स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं. इसका प्रभाव और भी व्यापक होने की संभावना जताई गई. इसे लेकर तमाम मीडिया कंपनियां प्रभावित हो रही थीं. ब्रिटेन के स्काई न्यूज चैनल ने कहा कि इस गड़बड़ी की वजह से सुबह का लाइव न्यूज ऑन नहीं हो पाया. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>9.</strong> माइक्रोसॉफ्ट आउटेज की वजह से केन्या और यूक्रेन में बैंकों की कुछ डिजिटल सेवाओं में भी प्रभावित हुईं. ऑस्ट्रेलिया में सुपरमार्केट में भी पेमेंट संबंधी समस्याएं आईं. कई देशों में मोबाइल फोन सेवा बाधित होने की खबर भी सामने आई. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>10.</strong> कंप्यूटर सिस्टम में आई गड़बड़ी के बाद एशियाई और यूरोपीय शेयर बाजारों में भारी गिरावट देखी गई. लंदन स्टॉक एक्सचेंज में गड़बड़ी के कारण कारोबार की शुरुआत में देरी की खबर आई, जिसका असर हवाई अड्डों, एयरलाइनों, ट्रेनों, बैंकों, दुकानों और यहां तक कि डॉक्टरों की सर्जरी पर भी पड़ा.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी देखें: <a href="https://www.abplive.com/photo-gallery/news/india-cm-yogi-adityanath-order-kanwar-yatra-fssai-nameplates-bill-in-up-was-passed-in-2006-during-upa-government-mulayam-singh-yadav-was-cm-2741262" target="_blank" rel="noopener">Nameplates Row: UP में कांवड़ यात्रा को लेकर जिस आदेश पर मचा बवाल, जानें इसका सोनिया गांधी से कनेक्शन</a></strong></p>
Thursday, July 18, 2024
डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस रेल हादसे में 3 की मौत, लोको पायलट का दावा- 'सुना धमाका', जानें अब तक के अपडेट
<p style="text-align: justify;"><strong>Dibrugarh Train Accident: </strong>उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में गुरुवार (18 जुलाई) को चंडीगढ़ से डिब्रूगढ़ जा रही एक ट्रेन के 8 डिब्बे मोतीगंज और झिलाही रेलवे स्टेशनों के बीच पटरी से उतर गये. हादसे में तीन लोगों की जान चली गई जबकि 30 लोग घायल हुए. </p>
<p style="text-align: justify;">गोंडा की डीएम नेहा शर्मा ने कहा, "मृतकों की संख्या बढ़कर 3 हो गई है, जबकि घायलों की संख्या 30 हो गई है." हालांकि, जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने इस घटना में पहले चार लोगों की मौत की पुष्टि की थी. हादसे के बाद इस रूट पर चलने वाले ट्रेनों को डायवर्ट या कैंसिल कर दिया गया है. </p>
<p style="text-align: justify;">ये दुर्घटना यूपी के गोंडा-गोरखपुर रेल खंड पर मोतीगंज और झिलाही रेलवे स्टेशन के बीच हुआ. जहां चंडीगढ़-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस के 8 डिब्बे पटरी से उतर गए. यात्रियों को निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा हो चुका है और ट्रैक को साफ करने का काम किया जा रहा है. इस हादसे की वजह से इस रूट पर चलने वाली 13 ट्रेनें प्रभावित हुई हैं. जिनमें से 2 को रद्द किया गया, जबकि 11 ट्रेनों के रूट बदले गए. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>हादसे में 30 लोग घायल</strong></p>
<p style="text-align: justify;">मामले पर राहत आयुक्त जी.एस. नवीन कुमार ने बताया कि घायलों में से 30 लोगों को मामूली चोटें आई हैं, जबकि पांच गंभीर रूप से घायल थे. उनमें से 25 लोगों का मनकापुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में उपचार किया जा रहा है, जबकि काजीदेवर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में 5 और गम्भीर रूप से घायल 3 लोगों का जिला अस्पताल में इलाज किया जा रहा है. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>8 मरीज अस्पताल में एडमिट-चिकित्सा अधीक्षक</strong></p>
<p style="text-align: justify;">गोंडा के चिकित्सा अधीक्षक एम डब्लू खान ने बताया, हमारे पास 12 मरीज लाए गए थे, इसमें से 4 की स्थिति गंभीर थी. एक मरीज के पैर में क्रश इंजरी थी, जिसका पैर काटना पड़ा. बाकी तीन मरीजों को हेड इंजरी थी, उनको प्राथमिक उपचार के बाद लखनऊ रेफर किया गया है. हालांकि, 8 अभी हमारे अस्पताल में है, इनमें से किसी को सीरियस इंजरी नहीं है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>पीड़ितों ने बयां किया दर्द</strong></p>
<p style="text-align: justify;">इस बीच रेल हादसे के पीड़ित मनोज पंडित ने बताया, इस एक्सीडेंट में मेरे बच्चे का हाथ टूट गया है, पत्नी के अंगुली में फ्रैक्चर है और मेरे पैर में चोट लगी है. डॉक्टर ने बताया है कि दो-चार दिनों में सब ठीक हो जाएगा. इसके अलावा एक अन्य पीड़ित यूपी गोरखपुर के रहने वाले जितेंद्र यादव ने बताया, मैं अपने भाई और दोस्त के साथ ट्रेन में था. हादसे में भाई घायल हो गया है और उसका कंधा टूट गया है और सिर में भी चोट आई है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong> लोको पायलट ने एक्सीडेंट से पहले सुनी धमाके की आवाज </strong></p>
<p style="text-align: justify;">यूपी के गोंडा में चंडीगढ़-डिब्रूगढ़ रेल हादसा मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है. जहां ट्रेन के लोको पायलट ने दावा किया है कि उन्होंने हादसे से पहले धमाके के आवाज सुनी थी. रेलवे के सूत्रों के मुताबिक लोको पायलट का नाम त्रिभुवन है, जिन्होंने ये दावा किया है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>रेल मंत्रालय ने किया मुआवजे का ऐलान</strong></p>
<p style="text-align: justify;">भारतीय रेलवे ने मृतकों और घायलों के लिए मुआवजे का भी ऐलान किया. रेल मंत्रालय ने जानकारी देते हुए बताया कि मृतकों के परिवार को 10 लाख रुपये, गंभीर रूप से घायलों को 2.5 लाख रुपये और मामूली रूप से घायलों को 50,000 रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की गई है. इसके साथ ही सीआरएस जांच के अलावा, उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a title="Dibrugarh Express Derailed: यूपी के गोंडा में बड़ा ट्रेन हादसा, पटरी से उतरे डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस के 10 डिब्बे, 2 की मौत, कई घायल" href="https://www.abplive.com/news/india/dibrugarh-express-train-derail-in-gonda-uttar-pradesh-more-details-awaited-2740260" target="_self">Dibrugarh Express Derailed: यूपी के गोंडा में बड़ा ट्रेन हादसा, पटरी से उतरे डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस के 10 डिब्बे, 2 की मौत, कई घायल</a></strong></p>
Kanwar Yatra Rules: ‘जनम जात न पूछिए’, कांवड़ यात्रा पर यूपी पुलिस ने दिया आदेश तो क्या बोले मुख्तार अब्बास नकवी?
<p style="text-align: justify;"><strong>UP Police Kanwar Yatra Rules:</strong> उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा को लेकर जो पुलिस का आदेश जारी हुआ, उसको लेकर राजनीतिक घमासान मचा हुआ है. जिसमें पुलिस ने सभी ढाबों, भोजनालयों और रेहड़ी पटरी वालों से नेम प्लेट टांगने का आदेश दिया. इसको लेकर विपक्ष के नेता तो पहले से ही हमलावर थे अब भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेता भी तंज कसने लगे हैं. पूर्व केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने सोशल मीडिया पर रोष व्यक्त किया है.</p>
<p style="text-align: justify;">उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, “कुछ अति-उत्साही अधिकारियों के आदेश हड़बड़ी में गडबड़ी वाली. अस्पृश्यता की बीमारी को बढ़ावा दे सकते हैं. आस्था का सम्मान होना ही चाहिए,पर अस्पृश्यता का संरक्षण नहीं होना चाहिए. "जनम जात मत पूछिए, का जात अरु पात. रैदास पूत सब प्रभु के,कोए नहिं जात कुजात.”</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>जानिए किसने क्या कहा?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने कहा, “मुज़फ़्फ़रनगर पुलिस ने जनता के भाईचारे और विपक्ष के दबाव में आकर आख़िरकार होटल, फल, ठेलोंवालों को अपना नाम लिखकर प्रदर्शित करने के प्रशासनिक आदेश को स्वैच्छिक बनाकर जो अपनी पीठ थपथपायी है, उतने से ही अमन-औ-चैन पसंद करनेवाली जनता माननेवाली नहीं है. ऐसे आदेश पूरी तरह से ख़ारिज होने चाहिए. माननीय न्यायालय सकारात्मक हस्तक्षेप करते हुए शासन के माध्यम से ये सुनिश्चित करवाए कि भविष्य में ऐसा कोई भी विभाजनकारी काम शासन-प्रशासन नहीं करेगा. ये प्रेम और सौहार्द से उपजी एकता की जीत है.”</p>
<p style="text-align: justify;">बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा, “पश्चिमी यूपी व मुजफ्फरनगर जिला के कांवड़ यात्रा रूट में पड़ने वाले सभी होटल, ढाबा, ठेला आदि के दुकानदारों को मालिक का पूरा नाम प्रमुखता से प्रदर्शित करने का नया सरकारी आदेश यह गलत परम्परा है जो सौहार्दपूर्ण वातावरण को बिगाड़ सकता है. जनहित में सरकार इसे तुरन्त वापस ले.”</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>क्या है मामला?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">दरअसल, यूपी के मुजफ्फरनगर में कांवड़ यात्रा का करीब-करीब 250 किलो मीटर का रूट पड़ता है. इस रूट पर सभी दुकानदारों, ढाबों, भोजनालयों के साथ-साथ रेहड़ी पटरी वालों को आदेश दिया गया है कि वो अपने नाम की तख्ती लटका लें. मुजफ्फरनगर के साथ-साथ सहारनपुर और शामली जैसे नगरों में भी आदेश जारी हुआ है. उत्तर प्रदेश पुलिस के इस आदेश के बाद विवाद भी बढ़ गया और विपक्षी दल सत्ताधारी दल पर हमलावर हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a title="यूपी पुलिस के कांवड़ यात्रा वाले आदेश पर भड़के पवन खेड़ा, बोले- क्या हिंदुओं का बेचा गया मीट दाल-भात..." href="https://www.abplive.com/news/india/congress-pawan-khera-attack-on-up-police-kanwar-yatra-order-says-hindus-meat-daal-bhat-2740217" target="_self">यूपी पुलिस के कांवड़ यात्रा वाले आदेश पर भड़के पवन खेड़ा, बोले- क्या हिंदुओं का बेचा गया मीट दाल-भात...</a></strong></p>
Monday, July 15, 2024
जम्मू-कश्मीर के डोडा में मुठभेड़, पांच सुरक्षाकर्मी घायल, आतंकियों की तलाश जारी
<p style="text-align: justify;"><strong>Jammu Kashmir:</strong> जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले के एक जंगली क्षेत्र में सोमवार (15 जुलाई, 2024) रात आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में एक सैन्य अधिकारी समेत पांच सुरक्षाकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. </p>
<p style="text-align: justify;">अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय राइफल्स और जम्मू-कश्मीर पुलिस के विशेष अभियान समूह के जवानों ने रात करीब पौने आठ बजे देसा वन क्षेत्र के धारी गोटे उरबागी में संयुक्त घेराबंदी और तलाशी अभियान शुरू किया, जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हुई. </p>
<p style="text-align: justify;">उन्होंने बताया कि 20 मिनट से अधिक समय तक चली गोलीबारी में एक अधिकारी सहित चार सैन्यकर्मी और एक पुलिसकर्मी घायल हो गए. अधिकारियों ने कहा कि घायलों को अस्पताल ले जाया गया है जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>भारतीय सेना ने क्या कहा?</strong><br />सेना ने कहा कि अतिरिक्त सैनिकों को क्षेत्र में भेजा गया है और अंतिम जानकारी आने तक अभियान जारी था. अधिकारियों के अनुसार इलाके में आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना के बाद अभियान शुरू किया गया था. </p>
<p style="text-align: justify;">सेना की 16वीं कोर, जिसे व्हाइट नाइट कोर के नाम से भी जाना जाता है उसने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट में कहा, ''क्षेत्र में अतिरिक्त सैनिक भेजे गए हैं, अभियान जारी है.''</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="en">Op KOTHI - 2<br /><br />Based on specific intelligence inputs, a joint operation by <a href="https://twitter.com/hashtag/IndianArmy?src=hash&ref_src=twsrc%5Etfw">#IndianArmy</a> and JKP was in progress in General area North of <a href="https://twitter.com/hashtag/Doda?src=hash&ref_src=twsrc%5Etfw">#Doda</a>.<br /><br />Contact with terrorists was established tonight at about 2100h in which heavy firefight ensued. Initial reports suggest injuries to our…</p>
— White Knight Corps (@Whiteknight_IA) <a href="https://twitter.com/Whiteknight_IA/status/1812914156871504312?ref_src=twsrc%5Etfw">July 15, 2024</a></blockquote>
<p style="text-align: justify;">
<script src="https://platform.twitter.com/widgets.js" async="" charset="utf-8"></script>
</p>
<p style="text-align: justify;">वहीं, पुलिस के एक प्रवक्ता ने मुठभेड़ की पुष्टि की, लेकिन कहा कि और विवरण का इंतजार है. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें- <a title="पाकिस्तानी सेना ने भेजे थे कुपवाड़ा में मारे गए आतंकी! भारतीय सेना का बड़ा दावा, जानें और क्या कहा" href="https://www.abplive.com/news/india/indian-army-says-pakistan-army-helping-terrorists-in-infiltration-after-three-terrorists-killed-in-keran-sector-2738084" target="_self">पाकिस्तानी सेना ने भेजे थे कुपवाड़ा में मारे गए आतंकी! भारतीय सेना का बड़ा दावा, जानें और क्या कहा</a></strong></p>
Mani Shankar Aiyer: मणिशंकर अय्यर ने BJP को मारा ताना, कहा- 'मुस्लिम विरोधी होना फैशनेबल...'
<p style="text-align: justify;"><strong>Mani Shankar Aiyer on Muslims:</strong> कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने कहा कि भारतीय सेना और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के नेतृत्व वाला राजनीतिक नेतृत्व 1971 में पूर्वी पाकिस्तान (बांग्लादेश) से आने वाले शरणार्थियों के आगमन और पाकिस्तानी सेना पर एक्शन लेने को लेकर पूरी तरह से सहमत थे. उन्होंने कहा कि जैसा अब मुस्लिम-विरोधी होना फैशनेबल हो गया है, वैसा 1970 में नहीं था. उन्होंने 'नागरवाला कांड' में शामिल पात्रों का जिक्र करते हुए ये बातें कहीं. </p>
<p style="text-align: justify;">दरअसल, नागरवाला कांड मई 1971 में हुआ था, जिसमें पीएमओ के नाम पर 60 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई थी. कहा गया था कि प्रधानमंत्री को बांग्लादेश में एक जरूरी मिशन के लिए पैसों की जरूरत है, जिसे ट्रांसफर भी कर दिया गया था. इस कांड पर एक किताब 'द स्कैम दैट शॉक ए नेशन-नागरवाला स्कैंडल' लॉन्च की गई है. इसमें 1971 में इंदिरा गांधी की चुनावी जीत और भारत-पाकिस्तान युद्ध के जरिए बांग्लादेश बनने की जानकारी भी दी गई है. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>नागरवाला कांड के पात्रों का किया जिक्र</strong></p>
<p style="text-align: justify;">किताब की लॉन्चिंग में पहुंचे मणिशंकर अय्यर ने इस कांड को अंजाम देने वाले रिटायर्ड आर्मी कैप्टन रुस्तम शोहराब नागरवाला, भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की संसद मार्ग शाखा के मुख्य कैशियर वेद प्रकाश मल्होत्रा को लेकर भी बात की. मल्होत्रा को पूर्वी पाकिस्तान में मुक्ति संग्राम से संबंधित मिशन में कुछ गुप्त काम के लिए एक कूरियर को 60 लाख रुपये सौंपने के लिए प्रधानमंत्री सचिवालय से एक टेलीफोन कॉल आया था, जिसे शोहराब नागरवाला ने किया था, क्योंकि उन्हें वो पैसे चाहिए थे.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>नागरवाला कांड के जरिए बीजेपी पर साधा निशाना</strong></p>
<p style="text-align: justify;">भारत-पाकिस्तान युद्ध और उसकी पृष्ठभूमि में हुए नागरवाला कांड का जिक्र करते हुए मणिशंकर अय्यर ने बीजेपी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर भी निशाना साथा. उन्होंने बताया कि किस तरह लोगों में मुस्लिमों के प्रति पहले नफरत नहीं थी. उन्होंने कहा, "रुस्मत शोहराब नागरवाला भारत-पाकिस्तान सीमा पर हरबंशपुर नाम की जगह पर तैनात था. उसने अपनी आंखों से उन 1.5 करोड़ लोगों पर हुए अत्याचार को देखा, जो पाकिस्तान और भारत तथा भारत और पाकिस्तान के बीच बंटवारे के चलते इधर-उधर गए थे."</p>
<p style="text-align: justify;">कांग्रेस नेता ने आगे कहा, "वेद प्रकाश मल्होत्रा खुद पश्चिमी पाकिस्तान (वर्तमान पाकिस्तान) से आए एक शरणार्थी थे. उनमें देशभक्ति का जोश भरा हुआ था, जो काफी हद तक मुस्लिम विरोधी और पाकिस्तान विरोधी, खासतौर पर उसे पाकिस्तान विरोधी ही माना जाना चाहिए, था. ऐसा आज भी माना जाता है, क्योंकि 1970 में मुस्लिम विरोधी होना फैशनेबल नहीं था, जैसा की अब है." अय्यर कहना चाह रहे थे कि जब मल्होत्रा को मालूम चला था कि पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन होने वाला है तो उन्होंने जोश में आकर पैसे ट्रांसफर कर दिए थे.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>क्या था नागरवाला कांड?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">24 मई 1971 को प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और उनके सचिव पी.एन. हक्सर के एक कथित टेलीफोन कॉल आने के बाद भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की संसद मार्ग शाखा के मुख्य कैशियर ने प्रधानमंत्री के कूरियर को 60 लाख रुपये सौंप दिए. जब मुख्य कैशियर ने रसीद के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) से संपर्क किया, तो उसे बताया गया कि न तो हक्सर और न ही इंदिरा गांधी ने ऐसा कोई निर्देश दिया था और न ही किसी को धन के लिए भेजा था. इस तरह वे ठगी के शिकार हो गए. बाद में पता चला कि कॉल करने वाला शख्स रुस्तम नागरवाला था, जिसने बांग्लादेश में ऑपरेशन के नाम पर धोखाधड़ी की थी.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें: <a href="https://www.abplive.com/news/india/lok-sabha-elections-2024-congress-leader-jairam-ramesh-says-who-is-mani-shankar-aiyar-on-alleged-china-attack-remark-1962-2701880">‘हैं कौन मणिशंकर अय्यर’, चीन को लेकर दिए बयान पर मचा सियासी बवाल तो बोले जयराम रमेश</a></strong></p>
<p style="text-align: justify;"> </p>
'PM में है थोड़ी भी शालीनता तो अमित मालवीय को करें बर्खास्त', कांग्रेस नेताओं की हत्या वाली टिप्पणी पर भड़के जयराम रमेश
<p style="text-align: justify;"><strong>Jairam Ramesh On Amit Malviya:</strong> बीजेपी आईटी सेल के हेड अमित मालवीय ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर हुए हमले को लेकर बयान दिया, जिसे लेकर भारत की राजनीतिक गरमा गई है. एक टीवी चैनल पर अमित मालवीय ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेता और खासकर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भारत के प्रधानमंत्री <a title="नरेंद्र मोदी" href="https://www.abplive.com/topic/narendra-modi" data-type="interlinkingkeywords">नरेंद्र मोदी</a> के खिलाफ हिंसा को बढ़ावा दे रहे हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>कांग्रेस नेताओं की हत्या को लेकर दिया था बयान</strong></p>
<p style="text-align: justify;">अमित मालवीय ने अमेरिका में डेमोक्रेट के नेताओं की ओर से डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ इस्तेमाल की गई भाषा और भारत में कांग्रेस नेताओं की ओर से पीएम मोदी के लिए इस्तेमाल की गई भाषा के बीच समानताएं बताईं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>'तुरंत बर्खासत करें पीएम मोदी'</strong></p>
<p style="text-align: justify;">बीजेपी आईटी सेल के हेड ने कहा, "इससे पहले कि कांग्रेस यह दावा करे कि उनके नेताओं की हत्या हुई, मैं उन्हें याद दिलाना चाहता हूं कि उनकी हत्या उनके राजनीतिक फैसलों के कारण हुई." अब उनके इस बयान पर कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने पलटवार किया है. उन्होंने कहा, इस आदमी का बयान कितना घिनौना और शर्मनाक है. अगर स्व-घोषित नॉन-बायोलॉजिकल प्रधानमंत्री में थोड़ी भी शालीनता है तो उन्हें इस आदमी को तुरंत बर्खासत कर देना चाहिए."</p>
<p style="text-align: justify;">कांग्रेस के मीडिया प्रभारी पवन खेड़ा ने भी अमित मालवीय की आलोचना करते हुए पीएम मोदी से पूछा कि क्या वह उनके विचार का समर्थन करते हैं. उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर कहा, बीजेपी के इस बड़बोले नेता के अनुसार महात्मा गांधी, इंदिरा गांधी, सरदार बेअंत सिंह और छत्तीसगढ़ का पूरा कांग्रेस नेतृत्व राजनीतिक फैसलों के कारण हत्या के लायक था."</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>पवन खेड़ा ने बीजेपी पर निशाना साधा</strong></p>
<p style="text-align: justify;">पवन खेड़ा ने कहा, "इन शहीदों ने जो एकमात्र राजनीतिक निर्णय लिया था, वह भारत के लिए जीना और मरना था. बीजेपी के मूर्ख भी इस भावना को नहीं समझ पाएंगे. क्या हमें बीजेपी की राष्ट्र-विरोधी मानसिकता के और सबूत चाहिए?"</p>
<p style="text-align: justify;">पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर हत्या के प्रयास के बाद बीजेपी ने रविवार (14 जुलाई 2024) को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा था. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें : <a href="https://www.abplive.com/news/india/assam-himanta-biswa-sarma-govt-on-caa-says-border-police-not-send-hindus-sikhs-buddhism-christian-foreigners-tribunal-2738243">'हिंदू-सिख-ईसाईयों के मामलों को न भेजें फॉरेनर्स ट्रिब्यूनल, CAA के तहत कराएं आवेदन', असम सरकार का निर्देश</a></strong></p>
Saturday, July 13, 2024
By-Election Results 2024: विधानसभा उपचुनाव में I.N.D.I.A. ने रोका NDA का विजय रथ, आगे है यूपी का 'अग्निपथ'
<p style="text-align: justify;"><strong>BJP Led NDA Loss:</strong> देश के 7 राज्यों की 13 सीटों पर हुए उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को बड़ा झटका लगा है. इस साल कई राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं और उस लिहाज से इन उपचुनाव के नतीजों को अहम माना जा रहा था. वहीं, उत्तर प्रदेश में भी उपचुनाव होने हैं, ये नतीजे बीजेपी के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकते हैं. इस लड़ाई में विपक्षी गठबंधन INDIA ने एक बार फिर बाजी मारते हुए 10 सीटों पर कब्जा किया है, जबकि बीजेपी को सिर्फ 2 सीटें मिलीं.</p>
<p style="text-align: justify;">बीजेपी को सबसे बड़ा झटका बंगाल में ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी ने दिया. दरअसल, पश्चिम बंगाल में 4 सीटों पर उपचुनाव हुआ जिसमें से चारों ही सीटों पर टीएमसी जीती. इतना ही नहीं इन 4 में से 3 सीटें पहले बीजेपी ने जीत रखी थीं. इसके बाद उत्तराखंड की बदरीनाथ सीट पर कांग्रेस ने जीत हासिल की. वहीं, हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस ने 2 सीटें जीतीं और सिर्फ एक सीट पर बीजेपी को जीत मिली. पंजाब में आम आदमी पार्टी ने लुधियाना पश्चिम की सीट जीती तो तमिलनाडु में डीएमके ने.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>जानिए किसने क्या कहा?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दावा किया कि उपचुनाव के नतीजों से पता चलता है कि ‘‘पूरे भारत में माहौल बीजेपी के खिलाफ है.’’ तृणमूल कांग्रेस प्रमुख बनर्जी ने दावा किया कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को 13 सीटों पर हुए उपचुनावों में 46 प्रतिशत वोट मिले जबकि ‘इंडिया’ गठबंधन के घटक दलों को 51 प्रतिशत वोट मिले. उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश और राजस्थान को छोड़कर अन्य राज्यों में हुए उपचुनावों में भी बीजेपी का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा है.</p>
<p style="text-align: justify;">यह पूछे जाने पर कि क्या यह इस बात का संकेत है कि केंद्र में बीजेपी नेतृत्व वाली एनडीए सरकार अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाएगी, बनर्जी ने कहा, ‘‘रुझान बहुत स्पष्ट है, यहां तक कि पहले का जनादेश (<a title="लोकसभा चुनाव" href="https://www.abplive.com/topic/lok-sabha-election-2024" data-type="interlinkingkeywords">लोकसभा चुनाव</a> का) भी एनडीए के पक्ष में नहीं था.’’</p>
<p style="text-align: justify;">वहीं, बदरीनाथ में बीजेपी की हार पर कांग्रेस ने हरीश रावत ने कहा कि ऊपरवाला और प्रकृति अतिवाद का दंड देती है. भगवान राम की धरती अयोध्या में INDIA ब्लॉक की जीत ऊपर से बदरीनाथ में भी मिली जीत ने इस बात पर मुहर लगा दी. भगवान विष्णु ने कह दिया कि तथास्तु कांग्रेस. वो समय भी आएगा जब कांग्रेस केदारनाथ में भी जीतेगी, राहुल गांधी शिवभक्त हैं और केदारनाथ का भी आशीर्वाद उन्हें मिलेगा.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>बीजेपी के लिए अग्निपरीक्षा!</strong></p>
<p style="text-align: justify;">भले ही बीजेपी ने हिमाचल प्रदेश की हमीरपुर सीट और मध्य प्रदेश की अमरवाड़ा सीट पर जीत दर्ज कर थोड़ी राहत महसूस की हो लेकिन पार्टी दिग्गजों के लिए ये नतीजे संतोषजनक तो बिल्कुल नहीं हैं. बीजेपी को परेशानी में डालने वाले हैं. इसकी वजह ये भी है कि आने वाले वक्त में उत्तर प्रदेश के अंदर 10 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने हैं. ऐसे में यूपी के अंदर बीजेपी के साथ-साथ <a title="योगी आदित्यनाथ" href="https://www.abplive.com/topic/yogi-adityanath" data-type="interlinkingkeywords">योगी आदित्यनाथ</a> के लिए अग्निपरीक्षा की घड़ी आने वाली है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a title="Bengal Bypolls Result 2024: 'लोग कह रहे हैं, तुमसे न हो पाएगा', उपचुनाव के नतीजों पर महुआ मोइत्रा का पीएम मोदी पर तंज" href="https://www.abplive.com/news/india/mahua-moitra-targets-pm-modi-bjp-says-tumse-na-ho-payega-after-assembly-by-election-2024-results-2736841" target="_self">Bengal Bypolls Result 2024: 'लोग कह रहे हैं, तुमसे न हो पाएगा', उपचुनाव के नतीजों पर महुआ मोइत्रा का पीएम मोदी पर तंज</a></strong></p>
Friday, July 12, 2024
महाराष्ट्र में I.N.D.I.A को झटका! लोकसभा की सक्सेस के बाद NDA ने कर दिया ऐसा काम कि विधानसभा को लेकर मच जाएगा कोहराम
<p style="text-align: justify;"><strong>Maharashtra MLC Election:</strong> <a title="लोकसभा चुनाव" href="https://www.abplive.com/topic/lok-sabha-election-2024" data-type="interlinkingkeywords">लोकसभा चुनाव</a> 2024 के दौरान महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन को करारा झटका लगा था. वहीं, कांग्रेस नेतृत्व वाले I.N.D.I.A को बड़ा फायदा पहुंचा था. इस बार विधान परिषद के चुनाव में ये खेल उल्टा हो गया बीजेपी नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन ने अपने 9 उम्मीदवार उतारे थे जिसमें से सभी 9 ने जीत दर्ज की. इसका प्रभाव होने वाले विधानसभा चुनाव में भी देखने को मिलेगा.</p>
<p style="text-align: justify;">एमएलसी के चुनाव में 11 सीटों के लिए कुल 12 उम्मीदवार उतारे गए थे, जिसमें से महायुति के 9 और महाविकास अघाड़ी के 3 उम्मीदवार थे. महायुति के 9 के 9 उम्मीदवार जीते जबकि एमवीए के 2 उम्मीदवारों ने जीत हासिल की. इस चुनाव में एमवीए के पास 66 वोट थे, उसको उम्मीद थी कि क्रॉस वोटिंग हो सकती है और उसके तीनों उम्मीदवार जीत सकते हैं लेकिन ऐसा नहीं हुआ.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>एमएलसी सीटों का पूरा नंबर गेम</strong></p>
<p style="text-align: justify;">इस वक्त महाराष्ट्र विधानसभा की मौजूदा स्थिति 274 की है. इस लिहाज से एक सीट जीत जीतने के लिए कम से कम 23 विधायकों का समर्थन चाहिए था. बीजेपी के पास 103, अजित पवार वाली एनसीपी के 40 और एकनाथ शिंदे वाली शिवसेना के 38 विधायक हैं. इसके अलावा महायुति के अन्य सहयोगियों और निर्दलीय विधायकों की संख्या मिलाकर एनडीए के पास 203 विधायकों का समर्थन था.</p>
<p style="text-align: justify;">ऐसे में साफ था कि सत्ताधारी दल अगर अपने खेमे विधायकों को संभालकर रखते हैं और किसी तरह से चार विधायकों का समर्थन जुटा लेते हैं तो 9 सीटें जीती जा सकती हैं. नतीजे आने के बाद ऐसा ही हुआ. चुनाव से पहले इस बात पर नजर थी कि किस पार्टी विधायकों में सेंध लगेगी और कौन सी पार्टी अपने विधायकों को बचा करे रख पाती है. क्योंकि शरद पवार की एनसीपी से टूटकर अजित पवार की एनसीपी बनाई और उद्धव ठाकरे की शिवसेना टूटी तो <a title="एकनाथ शिंदे" href="https://www.abplive.com/topic/eknath-shinde" data-type="interlinkingkeywords">एकनाथ शिंदे</a> ने अपनी सेना बनाई. ऐसे में ये मुकाबला रोचक था.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>विधानसभा चुनावों में कैसे दिखेगा इसका असर?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">ये चुनाव काफी अहम था क्योंकि अगले तीन महीने में विधानसभा चुनाव होने हैं. 2022 में हुए एमएलसी चुनाव के बाद ही महाराष्ट्र की तत्कालीन महाविकास अघाड़ी सरकार गिर गई थी और उद्धव ठाकरे को सीएम पद से इस्तीफा देना पड़ा था. इस चुनाव में भी क्रॉस वोटिंग हुई थी और यहीं से सरकार गिरने की शुरुआत हुई. वहीं, आज 12 जुलाई को हुए चुनाव में क्रॉस वोटिंग की बात सामने आई है. कहा जा रहा है कि एमवीए के 5 वोट बंट गए जो कांग्रेस के बताए जा रहे हैं और ये वोट अजित पवार गुट को गए. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a title="Nitin Gadkari On Caste: ‘जो करेगा जाति की बात, उसको...’ जातिगत राजनीति पर भड़के नितिन गडकरी के बयान ने मचाई सनसनी" href="https://www.abplive.com/news/india/nitin-gadkari-on-caste-bjp-leader-union-minister-and-nagpur-mp-statement-on-caste-politics-2736078" target="_self">Nitin Gadkari On Caste: ‘जो करेगा जाति की बात, उसको...’ जातिगत राजनीति पर भड़के नितिन गडकरी के बयान ने मचाई सनसनी</a></strong></p>
अंबानी के आंगन जुटे देश-दुनिया के दिग्गज सियासतदार, देखें लालू यादव से बोरिस जॉनसन तक किस-किस ने की शिरकत
अंबानी के आंगन जुटे देश-दुनिया के दिग्गज सियासतदार, देखें लालू यादव से बोरिस जॉनसन तक किस-किस ने की शिरकत
Thursday, July 11, 2024
Anant Radhika Wedding: क्या प्रधानमंत्री मोदी भी होंगे अनंत-राधिका की शादी में शामिल? देखें अंबानी की गेस्ट लिस्ट
<p style="text-align: justify;"><strong>Anant Ambani Radhika Merchant Wedding:</strong> रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी के छोटे बेटे अनंत अंबानी 12 जुलाई 2024 को अपनी मंगेतर राधिका मर्चेंट के साथ शादी के बंधन में बधने जा रहे हैं. इस शादी में शामिल होने के लिए देश-विदेश की हस्तियों का जमावड़ा मुंबई में लगने वाला है.</p>
<p style="text-align: justify;">यह शादी मुंबई के बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स स्थित जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर में होने वाली है. अनंत-राधिका की शादी को लेकर बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) इलाके में सुरक्षा के पुख्ते इंतजाम के साथ-साथ ट्रैफिक को लेकर भी निर्देश जारी किया गया है.</p>
<p style="text-align: justify;">एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति मुकेश अंबानी के बेटे की शादी में राजनीति, खेल, व्यापार, बॉलीवुड, हॉलीवुड, खेल समेत बाकी कई क्षेत्रों के दिग्गज शामिल होंगे. इस शादी में अलग-अलग देशों के राष्ट्राध्यक्षों और अंतरराष्ट्रीय गणमान्य व्यक्तियों को भी आमंत्रित किया गया है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>क्या पीएम मोदी भी शामिल होंगे अनंत-राधिका की शादी में </strong></p>
<p style="text-align: justify;">प्रधानमंत्री <a title="नरेंद्र मोदी" href="https://www.abplive.com/topic/narendra-modi" data-type="interlinkingkeywords">नरेंद्र मोदी</a> इस शादी में शामिल होंगे कि नहीं इसे लेकर संशय बना हुआ है. पीएम मोदी का 13 जुलाई को मुंबई का दौरा प्रस्तावित है. यहां पीएम कई परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे. पीएम गोरेगांव के नेस्को सेंटर में आयोजित समारोह में गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड के तीसरे चरण का भी उद्घाटन करेंगे. इस वजह से यह कयास लगाए जा रहे हैं कि पीएम शादी में नहीं हुए तो फिर रिसेप्शन में शामिल हो सकते हैं.</p>
<p style="text-align: justify;">बिजनेस टूडे की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका के पूर्व विदेश मंत्री जॉन केरी, ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर और प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के साथ-साथ इटली के पूर्व प्रधानमंत्री मैटेओ रेंजी जैसे अंतरराष्ट्रीय गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर शामिल होंगे. WWE के सुपरस्टार जॉन सीना भी अनंत-राधिका की शादी में शामिल होंगे.</p>
<p style="text-align: justify;">अनंत-राधिका की शादी में भारत के गेस्ट में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन, कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद भी शामिल हैं. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>भारतीय मेहमानों की लिस्ट</strong></p>
<ul style="text-align: justify;">
<li>रामनाथ कोविंद (भारत के उपराष्ट्रपति)</li>
<li>राजनाथ सिंह (रक्षा मंत्री)</li>
<li>शिवराज सिंह चौहान (कृषि मंत्री)</li>
<li><a title="योगी आदित्यनाथ" href="https://www.abplive.com/topic/yogi-adityanath" data-type="interlinkingkeywords">योगी आदित्यनाथ</a> (उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री)</li>
<li>ममता बनर्जी (पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री)</li>
<li>एन चंद्रबाबू नायडू, (आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री)</li>
<li>नारा लोकेश, (कैबिनेट मंत्री, आंध्र प्रदेश)</li>
<li>पवन कल्याण (आंध्र प्रदेश सरकार में मंत्री)</li>
<li>एमके स्टालिन, (तमिलनाडु के मुख्यमंत्री)</li>
<li>केटी रामाराव (विपक्ष के नेता, तेलंगाना)</li>
<li>अभिषेक मनु सिंघवी (कांग्रेस नेता और वकील)</li>
<li>सलमान खुर्शीद (कांग्रेस नेता)</li>
<li>दिग्विजय सिंह (कांग्रेस नेता)</li>
<li>कपिल सिब्बल (राज्यसभा सांसद और सीनियर वकील)</li>
<li>सचिन पायलट (कांग्रेस नेता)</li>
</ul>
<p style="text-align: justify;"><strong>इंटरनेशनल मेहमानों की लिस्ट</strong></p>
<ul style="text-align: justify;">
<li>जॉन केरी (अमेरिकी राजनीतिज्ञ)</li>
<li>टोनी ब्लेयर (ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री)</li>
<li>बोरिस जॉनसन (ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री)</li>
<li>मैटेओ रेन्जी (इटली के पूर्व प्रधानमंत्री)</li>
<li>सेबेस्टियन कुर्ज (ऑस्ट्रिया के पूर्व प्रधानमंत्री)</li>
<li>स्टीफन हार्पर, (कनाडा के पूर्व प्रधानमंत्री)</li>
<li>कार्ल बिल्ड्ट (स्वीडन के पूर्व प्रधानमंत्री)</li>
<li>मोहम्मद नशीद (मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति)</li>
<li>सामिया सुलुहू हसन (राष्ट्रपति, तंजानिया)</li>
<li>अमीन नासिर (सीईओ, सउदी अरामको)</li>
<li>खल्दून अल मुबारक, (CEO, मुबादला)</li>
<li>मरे औचिनक्लोस (सीईओ, BP)</li>
<li>रॉबर्ट डुडले (पूर्व सीईओ- बीपी और बोर्ड सदस्य अरामको)</li>
<li>मार्क टकर (समूह चेयरमैन, HSBC Holdings plc.)</li>
<li>बर्नार्ड लूनी (पूर्व सीईओ, BP)</li>
<li>शांतनु नारायण (सीईओ, एडोब)</li>
<li>माइकल ग्रिम्स (मैनेजिंग डायरेक्टर, मॉर्गन स्टेनली)</li>
<li>जे ली, (एक्जिक्टिव चेयरमैन, सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स)</li>
<li>दिलहान पिल्ले (सीईओ, टेमासेक होल्डिंग्स)</li>
<li>एम्मा वाल्मस्ले (GlaxoSmithKline की सीईओ)</li>
<li>डेविड कॉन्स्टेबल (CEO, फ्लोर कॉर्पोरेशन)</li>
<li>जिम टीग (CEO, एंटरप्राइज जीपी)</li>
<li>जियानी इन्फेंटिनो (आईओसी सदस्य, फीफा के अध्यक्ष)</li>
<li>खलील मोहम्मद शरीफ फौलाथी (उपाध्यक्ष, ADIA)</li>
<li>पीटर डायमंडिस (कार्यकारी अध्यक्ष, सिंगुलैरिटी यूनिवर्सिटी)</li>
<li>जय शेट्टी (पॉडकास्टर, लेखक, कोच)</li>
<li>जेफ कूंस (कलाकार)</li>
<li>जनवरी मकाम्बा (विदेश मामले और पूर्वी अफ्रीकी सहयोग)</li>
<li>जेम्स टैक्लेट (सीईओ, लॉकहीड मार्टिन)</li>
<li>एरिक कैंटर (उपाध्यक्ष, मोएलिस एंड कंपनी)</li>
<li>एनरिक लोरेस (चेयरमैन और सीईओ, एचपी इंक.)</li>
<li>बोरजे एकहोम (चेयरमैन और सीईओ, एरिक्सन)</li>
<li>विलियम लिन (कार्यकारी उपाध्यक्ष, बीपी)</li>
<li>टॉमी उइटो, (चेयरमैन, नोकिया मोबाइल नेटवर्क)</li>
<li>जुआन एंटोनियो समरंच (उपाध्यक्ष, IOC)</li>
<li>नगोजी ओकोन्जो-इवेला (DG, डब्ल्यूटीओ)</li>
<li>किम कार्दशियन (हॉलीवुड एक्ट्रेस)</li>
<li>ख्लो कार्दशियन, (अमेरिकी मीडिया पर्सनालिटी)</li>
<li>दिनेश पालीवाल (पार्टनर, KKR)</li>
<li>लिम चाउ किआट (सीईओ, जीआईसी)</li>
<li>माइकल क्लेन (एम. क्लेन एंड कंपनी)</li>
<li>बदर मोहम्मद अल-साद (डॉयरेक्टर, के आईए)</li>
<li>योशीहिरो हयाकुटोम (CEO, SMBC)</li>
<li>क्लारा वू त्साई (सह-संस्थापक, जो और क्लारा त्साई फाउंडेशन)</li>
<li>पैनो क्रिस्टो (सीईओ, प्रेट ए मैन्जर)</li>
<li>माइक टायसन (अमेरिकी मुक्केबाज)</li>
<li>जॉन सीना (WWE सुपरस्टार)</li>
<li>जीन-क्लाउड वैन डेम (हॉलीवुड एक्टर)</li>
<li>कीनन वारसामे (सिंगर-रैपर)</li>
<li>लुइस रोड्रिगेज (सिंगर)</li>
<li>डिवाइन इकुबोर (सिंगर और रैपर)</li>
<li>सर मार्टिन सोरेल (संस्थापक, WPP)</li>
</ul>
<p>(ये संभावित लिस्ट हैं)</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें : <a href="https://www.abplive.com/news/india/jaipur-airport-video-viral-spicejet-airline-female-worker-slapped-cisf-officer-at-jaipur-airport-says-also-accused-of-harassment-2735360">जयपुर एयरपोर्ट पर स्पाइसजेट की कर्मचारी ने CISF जवान को जड़ा थप्पड़, यौन उत्पीड़न का आरोप भी लगाया; वीडियो हुआ वायरल</a></strong></p>
Wednesday, July 10, 2024
Indian Army: सेना को मिले महीनों से बर्फ में दबे तीन सैनिकों के शव, जानें कब और कैसे शहीद हुए थे ये जांबाज जवान
<p style="text-align: justify;"><strong>Indian Army:</strong> पिछले साल अक्टूबर महीने में लद्दाख के माउंट कुन पर हिमस्खलन के बाद तीन सैनिक लापता हो गए थे. उस घटना के नौ महीने बाद अब सेना के उन तीनों जवानों का शव बरामद कर लिया गया है. उस समय 38 सैनिक हिमस्खलन की चपेट में आये थे, जिसमें से एक की मौत उसी समय हो गई थी और तीन लापता थे. बाकी सैनिकों को बचा लिया गया था.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>माउंट कुन शिखर से वापस लाने का मिशन</strong></p>
<p style="text-align: justify;">इन सैनिकों को माउंट कुन पर से वापस लाने के ऑपरेशन का नेतृत्व हाई एल्टीट्यूड वारफेयर स्कूल (HAWS) के डिप्टी कमांडेंट ब्रिगेडियर एसएस शेखावत ने किया था. ब्रिगेडियर एसएस शेखावत एक अनुभवी पर्वतारोही हैं, जो तीन बार माउंट एवरेस्ट पर चढ़ चुके हैं. उन्होंने इस मिशन को अपने जीवन का सबसे चुनौतीपूर्ण मिशन बताया था. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>सेना के 38 जवान हिमस्खलन में फंसे</strong></p>
<p style="text-align: justify;">हाई एल्टीट्यूड वारफेयर स्कूल (HAWS) का 38 सेनाओं का एक जत्था लद्दाख में माउंट कुन पहुंचने के लिए निकला था. यह अभियान 01 अक्टूबर 2023 को शुरू हुआ और टीम को 13 अक्टूबर 2023 तक माउंट कुन पर पहुंचनी की उम्मीद थी. इस मिशन में सेनाओं को वहां की बहुत खराब मौसम की चुनौतियों का सामना करना पड़ा था.</p>
<p style="text-align: justify;">08 अक्टूबर 2023 को फरियाबाद ग्लेशियर पर कैंप 2 और कैंप 3 के बीच 18,300 फीट से अधिक की ऊंचाई पर बर्फ की दीवार पर रस्सी लगाते समय यह टीम अचानक हिमस्खलन की चपेट में आ गई थी, जिसके बाद सभी जवान बर्फ के नीचे दब गए थे. ब्रिगेडियर एसएस शेखावत ने बताया, "सेनाओं को बचान के ऑपरेशन में रोज 10-12 घंटों तक खुदाई करते हुए 18,700 फीट तक पहुंची गई. उन्होंने बताया कि यह मिशन शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक रूप से काफी चुनौतीपूर्ण था."</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये जवान हो गए थे लापता</strong></p>
<p style="text-align: justify;">न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक सेना के जिन जवानों का शव बरादम किया गया है, उनका नाम हवलदार रोहित कुमार, हवलदार ठाकुर बहादुर आले और नायक गौतम राजवंशी है. इस हादसे में मारे गए चौथे सैनिक लांस नायक स्टैनजिन टार्गैस का शव हादसे के बाद ही बरामद कर लिया गया था.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें : <a href="https://www.abplive.com/news/india/who-is-trainee-ias-puja-khedkar-of-pune-demanded-private-cabin-staff-red-light-on-car-transferred-over-power-misuse-2734552">IAS Puja Khedkar: ट्रेनी IAS अफसर को भारी पड़ी ऑडी में लाल बत्ती से लेकर प्राइवेट चेंबर की डिमांड, हो गया तबादला; जानें कौन है पूजा खेडकर?</a></strong></p>
Tuesday, July 9, 2024
जम्मू-कश्मीर की घाटी से मारे गए आतंकी जम्मू कैसे पहुंचे?
<p style="text-align: justify;"><strong>Jammu Kashmir Terrorist Attack:</strong> जम्मू-कश्मीर में फिर से बड़ा आतंकी हमला हुआ है, जिसमें पांच जवानों की शहादत हो गई है. पांच जवान गंभीर रूप से घायल हैं. और सरकार का पुराना बयान है कि जवानों की शहादत का बदला लिया जाएगा. लेकिन इससे भी बड़ा सवाल ये है कि कश्मीर घाटी की तुलना में जो जम्मू हमेशा शांत रहा करता था, वहां अब ऐसा क्या हुआ कि हर छोटी-बड़ी आतंकी वारदात वहीं हो रही है.</p>
<p style="text-align: justify;">आखिर पिछले कुछ साल में जम्मू-कश्मीर की भौगोलिक परिस्थिति में ऐसा क्या बदलाव हुआ है कि आतंकी संगठनों के निशाने पर अब घाटी नहीं बल्कि जम्मू है, जहां आतंकी घटनाएं और जवानों की शहादत बढ़ती ही जा रही है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>जम्मू रीजन में एक महीने के भीतर हुआ सातवां हमला</strong></p>
<p style="text-align: justify;">8 जुलाई को जो आतंकी हमला हुआ है, वो हुआ है कठुआ में. और कठुआ पड़ता है जम्मू रीजन में. पिछले एक महीने में ये सातवां आतंकी हमला है, जो जम्मू रीजन में हुआ है. पिछले 2 महीने में कुल 11 हमले हुए हैं. साल 2023 में इस जम्मू रीजन में कुल 43 आतंकी हमले हुए हैं. ऐसे में जरूरी है जम्मू रीजन को समझना ताकि समझ में आए कि हुआ क्या है. तो जम्मू-कश्मीर के जम्मू रीजन में हैं कुल 10 जिले. इनमें शामिल हैं कठुआ, जम्मू, सांबा, उधमपुर, रियासी, रजौरी, पूंछ, डोडा, रामबन और किश्तवार. इनमें आतंकियों के लिए सबसे आसान निशाना बनता है कठुआ, उधमपुर, रियासी, रजौरी, पुंछ और डोडा. और इसकी वजह है इलाके की बनावट.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>जम्मू रीजन में पहुंचना आतंकियों के लिए आसान?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">दरअसल पीओके का एक हिस्सा पीर पंजाल से जुड़ा हुआ है. चार हजार वर्ग किलोमीटर से भी ज्यादा क्षेत्रफल में फैले पीओके से जम्मू के इन इलाकों में घुसपैठ आसान हो जाती है, क्योंकि पीर पंजाल के जो भी पहाड़ी इलाके हैं, चाहे वो पुंछ हो, राजौरी हो या रेयासी हो, या फिर कठुआ, ये इलाके घने जंगलों से ढंके हुए हैं. यहां पहुंचना बेहद मुश्किल काम है. राजौरी के डेरा की गली से बफलियाज के बीच 12 किलोमीटर में जंगल इतना घना है कि उसमें सेना की गाड़ियां जा ही नहीं सकती हैं.</p>
<p style="text-align: justify;">इसके अलावा पहाड़ों में बनी प्राकृतिक गुफाएं ऐसी हैं कि वहां रोशनी भी नहीं जाती और इनमें आतंकी आसानी से छिप सकते हैं. रही सही कसर पूरी हो जाती है स्थानीय लोगों की बदौलत, जो कुछ पैसे की खातिर इन आतंकियों के मुखबिर बन जाते हैं और उन्हें सेना की हर गतिविधि की खबर करते रहते हैं. नतीजा बिना बाहर निकले भी आतंकियों के पास मज़बूत इंटेल होती है, जो सेना की हर हलचल से जुड़ी होती है. और जब कभी सेना इन जंगलों में दाखिल भी होती है तो आतंकी खुद ऊपर चले जाते हैं और नीचे से आ रही सेना पर हमला कर देते हैं, जिससे सेना को भारी नुकसान उठाना पड़ता है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>भारतीय सेना आतंकियों को क्यों नहीं पकड़ पाती?</strong><br /><br />बाकी का काम पाकिस्तान के आतंकी संगठन कर देते हैं. जैश-ए-मोहम्मद पर प्रतिबंध लगने के बाद पाकिस्तान की शह पर जैश ने पीएएफएफ, टीआरएफ और कश्मीर टाइगर्स जैसे नए आतंकी संगठन बना लिए हैं, जिनके आतंकी गुरिल्ला टेक्निक में माहिर हैं. ये आतंकी छिपकर हमला करते हैं और फिर भागकर आम लोगों के साथ घुलमिल जाते हैं. इसकी वजह से इन्हें पकड़ना बेहद मुश्किल हो जाता है. अगर आतंकी वारदात के वक्त सेना से मुठभेड़ हो गई, तब तो आतंकी मारे जाते हैं. लेकिन अगर वो एक बार भाग जाते हैं, तो फिर उन्हें पकड़ना बेहद मुश्किल हो जाता है.<br /><br />इसके अलावा एक और बड़ी वजह है. और वो है सेना की तैनाती. दरअसल जब लद्दाख में चीन के साथ भारत की टेंशन बढ़ी तो चीन से निबटने के लिए पीर पंजाल में तैनात राष्ट्रीय राइफल्स के जवानों को पीर पंजाल से हटाकर लद्दाख में तैनात कर दिया गया. वहीं पीर पंजाल की सुरक्षा की जिम्मेदारी आ गई डेल्टा और रोमियो फोर्स के पास. अब कश्मीर पर तो दुनिया की नज़र है, तो वहां पर आतंकी घुसपैठ नहीं ही कर सकते. लिहाजा पीर पंजाल में थोड़ी कमजोरी हुई तो आतंकियों ने इसका फायदा उठाया और घुसपैठ करने में कामयाब रहे. और इसकी वजह से ही पिछले तीन साल में इन आतंकी हमलों में 100 से ज्यादा जवानों की शहादत हो चुकी है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>जम्मू-कश्मीर के चुनाव भी आतंकियों के निशाने पर</strong></p>
<p style="text-align: justify;">बाकी तो जम्मू-कश्मीर में विधानसभा के चुनाव भी होने हैं. और जैसे ही चुनाव होंगे, आतंकियों के बचे-खुचे मददगारों का भी लोकतंत्र में यकीन पुख्ता हो जाएगा. लिहाजा आतंकी कभी नहीं चाहते कि चुनाव हों. और वो कभी घाटी तो कभी जम्मू में लगातार आतंकी वारदात करते ही जा रहे हैं. लिहाजा अब वक्त है अपने इतिहास को दोहराने का. 21 साल पुराना इतिहास जब सेना ने अप्रैल-मई 2003 में ऑपरेशन सर्प विनाश चलाया था जिसे पीर पंजाल के ही हिलकाका-पुंछ-सूरनकोट में अंजाम दिया गया था और तब वहां के सारे आतंकी एक साथ मार दिए गए थे.<br /><br />बाकी इन आतंकियों को जो स्थानीय लोग मदद कर रहे हैं, उनके लिए भी सेना का प्लान तैयार है. और अब सेना पूरे जम्मू-कश्मीर में 1917 में डोगरा के राजा के बनाए कानून एनिमी एजेंट्स ऐक्ट को लागू करना चाहती है, जिससे आतंकियों के मददगारों की संपत्ति को जब्त किया जा सके और उनको उम्रकैद से फांसी तक की सजा दिलाई जा सके.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a title="Kathua Terror Attack: '3 घंटे फायरिंग, हम कांप रहे थे, दुकान में बैठे रहे और फिर...', कठुआ के चशमदीद ने बताई आंखों देखी" href="https://www.abplive.com/news/india/kathua-terror-attack-eyewitness-tells-how-terrorists-attacked-army-bus-in-jammu-kashmir-2733328" target="_self">Kathua Terror Attack: '3 घंटे फायरिंग, हम कांप रहे थे, दुकान में बैठे रहे और फिर...', कठुआ के चशमदीद ने बताई आंखों देखी</a></strong></p>
Saturday, July 6, 2024
'पूरी दुनिया में जो सजा खत्म, उसे भारतीय न्याय संहिता में दी जगह', पी चिदंबरम का बड़ा दावा
<p style="text-align: justify;"><strong>P Chidambaram On New Criminal Law:</strong> कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने शनिवार (6 जुलाई) को दावा किया कि केंद्र ने एक जुलाई से लागू हुए तीन नए आपराधिक कानून बनाने में विधि आयोग की अनदेखी की. उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्त जजों, विधि विशेषज्ञों, प्रोफेसर और स्थायी कानूनी कर्मियों वाला विधि आयोग आम तौर पर बार काउंसिल के सदस्यों और अधिवक्ता संघों के साथ परामर्श तथा संसद में पेश करने के लिए एक मसौदा तैयार करता है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>विधि आयोग को नजर अंदाज करने का आरोप</strong></p>
<p style="text-align: justify;">कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने कहा कि विधि आयोग को नजर अंदाज कर दिया गया और एक समिति के लिए पांच या छह अंशकालिक नियुक्त किए गए. भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम एक जुलाई से लागू हो गए, जिन्होंने क्रमश: भारतीय दंड संहिता, दंड प्रक्रिया संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872 की जगह ली है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>'क्रूर सजा को किया गया शामिल'</strong></p>
<p style="text-align: justify;">पी चिदंबरम ने नए कानूनों के खिलाफ डीएमके की अधिवक्ता इकाई की ओर से आयोजित एक प्रदर्शन में कहा, ‘‘कानूनों को विधि आयोग के पास नहीं भेजा गया और न ही उससे परामर्श किया गया. यह गलत है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘पूरी दुनिया में मौत की सजा को खत्म कर दिया गया है, लेकिन यहां एकांत कारावास को सजा के रूप में शामिल किया गया है, जो संविधान के अनुसार एक असामान्य और क्रूर सजा है.”</p>
<p style="text-align: justify;">पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ऐसी सजा दुनिया में कहीं भी प्रचलित नहीं है. उन्होंने कहा, ‘‘इसी तरह आजीवन कारावास और शेष जीवन तक आजीवन कारावास की सजा को भी शामिल किया गया है. क्या अंतर है?’’ पी चिदंबरम ने कहा कि वह कई महीनों से नए कानूनों पर बहस पर जोर दे रहे थे, लेकिन सरकार ने इनकार कर दिया, क्योंकि वह इसके लिए तैयार नहीं थी.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>'नया कानून कट, कॉपी, पेस्ट'</strong></p>
<p style="text-align: justify;">उन्होंने कहा, ‘‘नए कानूनों में 90-99 फीसदी कट, कॉपी और पेस्ट का काम है. सरकार इसके बजाय कुछ संशोधन ला सकती थी. मैंने यह नहीं कहा कि कोई सुधार नहीं होना चाहिए...उन्हें एक संशोधन लाना चाहिए था. उन्होंने केवल धाराओं की संख्याएं बदल दीं. वकीलों, जजों पुलिस को अब फिर से पढ़ना चाहिए."</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें : <a href="https://www.abplive.com/news/india/jammu-kashmir-kulgam-encounter-four-terrorists-killed-by-security-forces-in-chinnigam-modergam-village-2731607">Kulgam Encounter: कश्मीर में सुरक्षा बलों ने ढेर किए 4 आतंकी, एक जवान शहीद, मुठभेड़ अभी भी जारी</a></strong></p>
Friday, July 5, 2024
Jharkhand Politics: ‘चंपई सोरेन की क्या गलती थी?’ हेमंत सोरेन के सीएम बनने पर शिवराज सिंह ने किया कटाक्ष
<p style="text-align: justify;"><strong>Shivraj Singh Chouhan On Hemant Soren:</strong> केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार (05 जुलाई) को झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर निशाना साधा. हेमंत सोरेन ने जेल से बाहर निकलकर बीते दिन गुरुवार (04 जुलाई) को चंपई सोरेन की जगह सीएम पद की शपथ ली. शिवराज सिंह ने सीएम सोरेन पर तंज कसते हुए कहा कि इसमें चंपई सोरेन की क्या गलती थी?</p>
<p style="text-align: justify;">न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए उन्होंने कहा, “चंपई सोरेन की क्या गलती थी? आपने उन्हें मुख्यमंत्री बनाया, आप उन्हें पद पर बने रहने दे सकते थे, लेकिन आपने एक आदिवासी मुख्यमंत्री को हटा दिया. सिर्फ इसलिए कि आप सिर्फ एक परिवार पर नियंत्रण रखना चाहते हैं.”</p>
<p style="text-align: justify;">वहीं, न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक उन्होंने कहा, "सोरेन के परिवार के बाहर कोई भी व्यक्ति राज्य का मुख्यमंत्री नहीं बन सकता. चंपई सोरेन को हटाना वंशवादी राजनीति और सत्ता की भूख का एक ज्वलंत उदाहरण है."</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>झारखंड के दौरे पर हैं शिवराज सिंह</strong></p>
<p style="text-align: justify;">हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, झारखंड के रामगढ़ में अपने दौरे के दौरान कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री ने स्थानीय लोगों से बातचीत की, जिन्होंने बताया कि ग्रामीण आवास योजनाओं के तहत उन्हें आवास स्वीकृत हो चुके हैं और किश्तें भी मिल चुकी हैं. स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि सोरेन सरकार की नीतियों और भ्रष्टाचार के कारण उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>‘गठबंधन सरकार को खत्म करने का लिया संकल्प’</strong></p>
<p style="text-align: justify;">शिवराज सिंह ने कहा, "अब सबसे बड़ी बात यह है कि असली परिवर्तन विधानसभा चुनाव में होगा, भ्रष्ट, बेईमान और अराजक सरकार जाएगी और बीजेपी आएगी." उन्होंने कहा, "मैं भाग्यशाली हूं कि मुझे झारखंड की इस पवित्र धरती पर आने का अवसर मिला. यहां गठबंधन सरकार के कुशासन को समाप्त करना हमारा संकल्प है. यह एक अद्भुत राज्य है और इसमें अपार संभावनाएं हैं. बीजेपी की आत्मा हमारी विचारधारा है - एकात्म मानववाद का दर्शन और कार्यकर्ता हमारा जीवन हैं."</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a title="जेल से निकलने के सातवें दिन ही फिर से बन गए मुख्यमंत्री, जानें हेमंत सोरने को इतनी जल्दी क्यों है?" href="https://www.abplive.com/news/india/jmm-chief-hemant-soren-will-take-oath-cm-of-jharkhand-know-why-did-champai-soren-resign-from-post-2730045" target="_self">जेल से निकलने के सातवें दिन ही फिर से बन गए मुख्यमंत्री, जानें हेमंत सोरने को इतनी जल्दी क्यों है?</a></strong></p>
सिर्फ नारायण साकार ही नहीं लंबा है भारत में बाबाओं का गोरखधंधा! देखें लिस्ट में और कौन-कौन
सिर्फ नारायण साकार ही नहीं लंबा है भारत में बाबाओं का गोरखधंधा! देखें लिस्ट में और कौन-कौन
Thursday, July 4, 2024
जश्न में डूबे क्रिकेट फैन्स की हालत बिगड़ी! टीम इंडिया की विक्ट्री परेड में कई पड़े बीमार तो कई हुए घायल
<p style="text-align: justify;"><strong>Team India Victory Parade:</strong> वर्ल्ड चैंपियन टीम इंडिया की जीत का जश्न कुछ क्रिकेट फैंस के लिए मुसीबत भी लेकर आया. दरअसल, भारतीय क्रिकेट टीम को देखने के लिए इकट्ठा हुए लाखों क्रिकेट फैन की भीड़ के चलते कई फैंस की हालत बिगड़ गई और कुछ जख्मी हो गए तो कुछ को सांस लेने में दिक्कत आई. </p>
<p style="text-align: justify;">पुलिस सूत्रों ने बताया कि 10 लोगों को नजदीकी सरकारी अस्पताल (जीटी अस्पताल) में इलाज के लिए ले जाया गया. सूत्रों ने यह भी बताया कि आठ लोगों को इलाज कर तुरंत डिस्चार्ज कर दिया गया, वहीं पर दो लोगों को इलाज के लिए एडमिट कर लिया गया है. एक अधिकारी ने बताया कि जिन दो लोगों को एडमिट किया गया है उसमें से एक के फ्रैक्चर है तो वही दूसरे को सांस लेने में दिक्कत हो रही है. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>सिर चढ़कर बोला विक्ट्री परेड का खुमार</strong></p>
<p style="text-align: justify;">बारबाडोस की धरती पर दक्षिण अफ्रीका को टी20 विश्व कप 2024 के फाइनल में हराकर रोहित ब्रिगेड ने तिरंगा लहराया था. भारतीय टीम की वतन वापसी हुई तो इस ऐतिहासिक जीत के जश्न में क्या बच्चे-जवान, क्या बूढ़े... हर कोई हाथ में तिरंगा लिए 'हिंद' के चैंपियन की एक झलक के लिए सड़कों पर उतर आए. तारीख 29 जून 2024... इस दिन टीम इंडिया ने सिर्फ एक मैच, टूर्नामेंट या ट्रॉफी नहीं जीती थी, बल्कि करोड़ों भारतीयों का 11 साल लंबा इंतजार खत्म किया था.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>देश में क्रिकेट एक खेल नहीं जुनून है</strong></p>
<p style="text-align: justify;">नई दिल्ली से टीम इंडिया मुंबई पहुंची, जहां सड़कों पर लाखों फैंस जुटे थे. हर किसी को चैंपियंस का इंतजार था. मरीन ड्राइव पूरी तरह से खचाखच भरा हुआ था. इससे पहले यह नजारा 1983, 2007 और 2011 में दिखा था, लेकिन साल 2024 में फैंस का क्रेज क्रिकेट को लेकर और भी ज्यादा बढ़ चुका है. चैंपियन का ऐसा अद्भुत, अतुलनीय और अविश्वसनीय स्वागत न तो कभी देखा गया था और ना ही हमारे देश के अलावा कहीं और देखा जा सकता है, क्योंकि यहां क्रिकेट महज एक खेल नहीं बल्कि 'जुनून' है.</p>
<p style="text-align: justify;">चाहे दिल्ली हो या मुंबई, तेज बारिश के बावजूद फैंस के उत्साह में कोई कमी नहीं आई. मुंबईचा राजा रोहित शर्मा..., रन मशीन किंग कोहली के लिए जयकारे से पूरा देश गूंज उठा. नरीमन प्वाइंट से विजय परेड की शुरुआत हुई और यहां से टीम की बस वानखेड़े स्टेडियम पहुंचीं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a title="Team India: वानखेड़े में टीम इंडिया का ग्रैंड जश्न, कोहली-रोहित की इमोशनल स्पीच; जानें विक्ट्री परेड में क्या-क्या हुआ?" href="https://www.abplive.com/sports/cricket/team-india-victory-parade-highlights-virat-kohli-rohit-sharma-gave-emotional-speech-celebrations-at-wankhede-stadium-2730207" target="_self">Team India: वानखेड़े में टीम इंडिया का ग्रैंड जश्न, कोहली-रोहित की इमोशनल स्पीच; जानें विक्ट्री परेड में क्या-क्या हुआ?</a></strong></p>
Wednesday, July 3, 2024
Sisamau Assembly By Poll: सीसामऊ उपचुनाव के लिए SP-कांग्रेस और BJP तैयार, जानें कौन सी पार्टी किसे देगी टिकट
<p style="text-align: justify;"><strong>Sisamau Assembly By Poll:</strong> लोकसभा चुनाव 2024 के रण के बाद अब विधानसभा सीटों के लिए उपचुनाव होने हैं. इनमें देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश की 10 सीटें भी शामिल हैं. 9 सीटें विधायकों के सांसद चुने जाने के बाद खाली हुई, जबकि एक सीट यानी सीसामऊ विधानसभा के वर्तमान विधायक को सजा सुनाई गई है. इस सीट पर भी उपचुनाव प्रस्तावित है. </p>
<p style="text-align: justify;">ऐसे में सीसामऊ विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर सपा से लेकर बीजेपी समेत अन्य दल अभी से ही तैयार नजर आ रही है. क्योंकि ये सीट कई सालों से समाजवादी पार्टी के ही पास है. </p>
<h3 style="text-align: justify;">सपा किस पर चलेगी दांव?</h3>
<p style="text-align: justify;">दरअसल, इरफान सोलंकी काफी लंबे समय से सीसामऊ विधानसभा सीट से चुनाव जीतते आ रहे हैं. ऐसा माना जा रहा है कि सपा इरफान सोलंकी के परिवार में से किसी को ही टिकट देगी. उनकी पत्नी या मां को टिकट दिया जा सकता है. इसके अलावा कई अन्य दावेदारों के नामों की भी चर्चाएं जोरों पर हैं.</p>
<h3 style="text-align: justify;">कांग्रेस का क्या होगा?</h3>
<p style="text-align: justify;">वहीं, सपा और कांग्रेस ने <a title="लोकसभा चुनाव" href="https://www.abplive.com/topic/lok-sabha-election-2024" data-type="interlinkingkeywords">लोकसभा चुनाव</a> 2024 एक साथ मिलकर लड़ा था, लेकिन उपचुनाव के दौरान दोनों दलों के बीच दूरियां बढ़ सकती हैं, क्योंकि कांग्रेस के स्थानीय नेता भी इस सीट पर दावा ठोंक रहे हैं. इनमें कांग्रेस के पूर्व विधायक के नाम की भी चर्चा हो रही है, जो इस सीट से विधायक रह चुके हैं.</p>
<h3 style="text-align: justify;">बीजेपी ने कसी कमर</h3>
<p style="text-align: justify;">मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीजेपी में स्थानीय नेता के नाम की चर्चाओं ने जोर पकड़ा हुआ है. बीजेपी की ओर से उन नामों की चर्चा है, जो यहां के निवासी हैं या फिर उन्होंने पूर्व में यहां से चुनाव लड़ा है. इनमें पूर्व विधायक से लेकर पत्रकार तक के नामों की चर्चा है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें- <a title="सपा नेता इरफान सोलंकी की सीट पर बीजेपी की नजर, टिकट की दौड़ में कई दिग्गज नेता शामिल" href="https://www.abplive.com/states/up-uk/up-kanpur-sisamau-assembly-seat-by-poll-bjp-leaders-stake-claim-for-ticket-after-irfan-solanki-jail-ann-2719355" target="_self">सपा नेता इरफान सोलंकी की सीट पर बीजेपी की नजर, टिकट की दौड़ में कई दिग्गज नेता शामिल</a></strong></p>
Tuesday, July 2, 2024
Hathras Stampede: 'इस महाराज के ऊपर कई आपराधिक मामले दर्ज', हाथरस हादसे पर पूर्व डीजीपी विक्रम सिंह ने कह दी बड़ी बात
<p style="text-align: justify;"><strong>Hathras Satsang Stampede:</strong> उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले के अंतर्गत आने वाले सिकंदराराऊ में मंगलवार (02 जुलाई) को एक धार्मिक समागम के दौरान भगदड़ मच गई. जिसमें सैकड़ों लोगों की मौत हो गई जबकि कई अन्य घायल हो गए. फिलहाल 116 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है. हादसे को लेकर आयोजकों पर सवाल उठाए जा रहे हैं. पुलिस प्रसाशन को समागम में भीड़ के बारे में सही जानकारी नहीं दी गई.</p>
<p style="text-align: justify;">एबीपी न्यूज से बात करते हुए पूर्व डीजीपी विक्रम सिंह ने कहा, “मामले में भयानक स्थानीय प्रशासन की चूक है. इस तरह के मामले में इससे पहले ऐसी चूक नहीं देखी. आयोजकों ने दरख्वास्त दी थी कि अनगिनत लोग आएंगे. ये अनगिनत क्या होता है? क्या दर्शनशास्त्र पढ़ा रहे हैं. उनको चाहिए था कि बताएं कि कितने लोग आ रहे हैं. इसके तहत उन्हें सुरक्षा व्यवस्था दी जाती. जिसमें महिला पुलिस होमगार्ड पुलिस और तमाम तरह के लोगों की ड्यूटी लगाई जाती.”</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>विक्रम सिंह ने क्यों उठाए सवाल?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">उन्होंने आगे कहा, “कहा गया कि अंदर की व्यवस्था सेवादार करेंगे और इन्हीं सेवादारों ने बेड़ा गर्क कर दिया. इस तरह के मामलों में स्पीकिंग ऑर्डर दिया जाता है जो नहीं दिया गया. जो पुलिस बल का खर्चा होता है वो उनसे वसूला जाता है वो भी नहीं दिया गया. इन महाराज जी के ऊपर कई मुकदमे दर्ज हैं. एक तो यौन शोषण का भी है. जब वेरिफिकेशन होता है तो आपराधिक इतिहास भी चेक किया जाता है. ऐसे में प्रशासन को आयोजन की अनुमति ही नहीं देनी चाहिए थी.”</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यशोवर्धन आजाद ने भी उठाए आयोजकों पर सवाल</strong></p>
<p style="text-align: justify;">वहीं, आईबी के पूर्व स्पेशल डायरेक्टर यशोवर्धन आजाद ने कहा, “इस हादसे के पीछे सबसे ज्यादा गलती सत्संग कराने वालों की है. जितने ये बाबा हैं और इनके बड़े-बड़े आश्रम हैं. उनकी पूरी तरह से जिम्मेवारी है कि सभी अंदर और बाहर की व्यवस्था देखें और पुलिस प्रशासन का काम ये है कि रोड पर ट्रैफिक और बाकी की व्यवस्था देखे. हादसे की खबर आने पर प्रशासन को पूरी ताकत के साथ मौके पर पहुंचना चाहिए. बाबा जब जा रहे थे तो सेवादारों ने पहले बाबा को जाने दिया और उसके बाद भगदड़ मची.”</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a title="Hathras Stampede: हाथरस हादसे की क्या है सच्चाई? चश्मदीदों ने आंखों देखी बताई" href="https://www.abplive.com/news/india/hathras-satsang-stampede-eyewitness-tells-the-truth-of-uttar-pradesh-incidence-2728573" target="_self">Hathras Stampede: हाथरस हादसे की क्या है सच्चाई? चश्मदीदों ने आंखों देखी बताई</a></strong></p>
Monday, July 1, 2024
FIR कराने अब नहीं जाना पड़ेगा पुलिस स्टेशन, जानें कैसे घर बैठे ही दर्ज हो जाएगी शिकायत
<p style="text-align: justify;"><strong>New Criminal Laws:</strong> देश में सोमवार (1 जुलाई) से तीन नए आपराधिक कानून लागू हो गए हैं. अब IPC और CrPC की जगह भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, भारतीय न्याय संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम लागू हो गए हैं. इन कानूनों के आने से पुलिसिंग सिस्टम में भी काफी बदलाव हो गए हैं. अब किसी शख्स को मुकदमा दर्ज कराना है तो उसे पुलिस थाने में नहीं जाना होगा. इसके अलावा किसी भी शख्स के घर में तलाशी या जब्ती के दौरान वीडियोग्राफी करना अब अनिवार्य होगा. </p>
<p style="text-align: justify;">भारतीय न्याय संहिता के मुताबिक अब इलेक्ट्रानिक कम्युनिकेशन के जरिए दी गई जानकारी पर भी मुकदमा लिखा जा सकेगा. आसान शब्दों में कहें तो अब ई-मेल, व्हाट्सएप, और सीसीटीएनएस पोर्टल के जरिए अब केस दर्ज करवाया जा सकता है. इसके लिए अब किसी भी शख्स को केस दर्ज करवाने के लिए पुलिस स्टेशन के चक्कर काटने की जरूरत नहीं होगी. अगर ई-एफआईआर दर्ज करवाई जाती है तो तीन दिन के भीतर पीड़ित को थाने जाना होगा. अगर ऐसा नहीं हुआ तो उसकी एफआईआर को फर्जी माना जाएगा. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>जानें घर बैठे कैसे लिखवाएं FIR?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">देशभर में लागू हुए नए कानूनों के तहत अब केस दर्ज करवाने के लिए किसी भी शख्स को पर्सनल तौर पर पुलिस स्टेशन जाने की जरूरत नहीं होगी. वहीं, नए कानूनों में अब जीरो एफआईआर, समन के लिए एसएमएस जैसे इलेक्ट्रॉनिक तरीकों का इस्तेमाल, पुलिस शिकायत का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, जघन्य अपराधों के लिए घटनास्थल की वीडियोग्राफी जैसे नियमों को शामिल किया गया है. इस नई व्यवस्था के तहत अपराध की तत्काल रिपोर्टिंग और पुलिस को तेजी से कार्रवाई करने में काफी मदद मिलेगी.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>नए कानूनों में किन लोगों को पुलिस स्टेशन जाने से मिलेगी छूट</strong></p>
<p style="text-align: justify;">बताया जा रहा है कि महिलाओं, 15 साल से कम उम्र के लोगों, 60 साल से ज्यादा उम्र के बुजुर्गों और दिव्यांग जनों को या फिर गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों को पुलिस स्टेशन जाने से छूट मिलेगी. वे पुलिस लोग अपने घर पर बैठे ही पुलिस की मदद ले सकते हैं. वहीं, नए कानूनों के अंतर्गत पीड़ितों को 90 दिन के भीतर अपने मामले की प्रगति पर नियमित रूप से जानकारी पाने का अधिकार होगा. पीड़ित को भी सूचना का अधिकार दिया गया है. उसके दर्ज कराए केस में जांच की स्थिति, चार्जशीट की जानकारी पुलिस को पीड़ित को देनी होगी.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a title="Ruckus in Rajya Sabha: राज्यसभा चेयरमैन कहते रहे-खरगे जी, खरगे जी, सदन में तेज आवाज में चिल्लाने लगे कांग्रेस अध्यक्ष- ये मनुवादी हैं, ये मनुवादी हैं" href="https://www.abplive.com/news/india/ruckus-in-rajya-sabha-congress-president-mallikarjun-kharge-angry-during-debate-2727515" target="_self">Ruckus in Rajya Sabha: राज्यसभा चेयरमैन कहते रहे-खरगे जी, खरगे जी, सदन में तेज आवाज में चिल्लाने लगे कांग्रेस अध्यक्ष- ये मनुवादी हैं, ये मनुवादी हैं</a></strong></p>
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