Sunday, June 30, 2024
West Bengal News: 'मुस्लिम राष्ट्र में...', TMC विधायक के बिगड़े बोल, बंगाल में महिला की पिटाई पर की विवादित टिप्पणी
<p style="text-align: justify;"><strong>Bengal Woman Beating Video:</strong> पश्चिम बंगाल से एक बेहद ही विचलित करने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ. इसमें अवैध संबंध के आरोप में एक जोड़े के साथ मारपीट की जा रही है. बांस के डंडों के साथ जोड़े को पीट रहे शख्स की पहचान ताजमुल उर्फ जेसीबी के तौर पर हुई है, जो कथित तौर पर उत्तर दिनाजपुर जिले के चोपड़ा का एक स्थानीय तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेता है. ये घटना अवैध अदालत (कंगारू कोर्ट) के फैसले के बाद हुई थी. विपक्ष ने इस मुद्दे पर टीएमसी को घेरा है.</p>
<p style="text-align: justify;">बंगाल पुलिस ने रविवार (30 जून) को वीडियो वायरल होने पर ताजमुल के खिलाफ केस दर्ज किया और उसे गिरफ्तार कर लिया. वहीं, टीएमसी के स्थानीय विधायक ने इस घटना पर ऐसा अजीबो-गरीब बयान दिया है, जिसकी वजह से पार्टी मुसीबत में फंस सकती है. चोपड़ा के विधायक हमीदुल रहमान ने कहा कि महिला की हरकतें असमाजिक थीं. रहमान ने आरोपियों के साथ किसी भी तरह के संबंध से इनकार किया. उन्होंने कहा कि यह गांव का मामला है और पार्टी से इसका कोई संबंध नहीं है. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>मुस्लिम राष्ट्र से जोड़ी पिटाई की घटना</strong></p>
<p style="text-align: justify;">हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, टीएमसी विधायक हमीदुल रहमान ने इस घटना को मुस्लिम राष्ट्र से जोड़ते हुए कहा है कि उसके हिसाब से ही फैसला दिया गया है. उन्होंने कहा, "हम घटना की निंदा करते हैं, लेकिन महिला ने भी गलत किया. उसने अपने पति, बेटे और बेटी को छोड़ दिया और 'दुष्ट जानवर' बन गई. मुस्लिम राष्ट्र के मुताबिक कुछ संहिता और न्याय है. हालांकि, हम इस बात से सहमत हैं कि जो कुछ हुआ वह थोड़ा अतिवादी था. अब इस मामले में कानूनी कार्रवाई की जाएगी."</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>विपक्ष ने ममता सरकार को घेरा</strong></p>
<p style="text-align: justify;">वहीं, इस पूरी घटना पर विपक्ष ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार पर हमला बोला है. बीजेपी के साथ-साथ कांग्रेस और सीपीआई-एम ने भी जोड़े के साथ हुई मारपीट की निंदा की है. बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने कहा, "यह पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के शासन का कुरूप चेहरा है. वीडियो में जो व्यक्ति एक महिला को बेरहमी से पीट रहा है. वह अपनी इंसाफ सभा के माध्यम से त्वरित न्याय देने के लिए प्रसिद्ध है और चोपड़ा से विधायक हमीदुर रहमान का करीबी सहयोगी है."</p>
<p style="text-align: justify;">सीपीआई-एम के राज्य सचिव मोहम्मद सलीम ने एक्स पर एक पोस्ट में एक वीडियो शेयर किया, जिसमें पुलिसकर्मी आरोपी के साथ इस्लामपुर पुलिस स्टेशन में घुसते दिखाई दे रहे हैं. उन्होंने दावा किया, "हमेशा की तरह संतरी गार्ड सलामी देने ही वाला था." प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने कहा, "किसी महिला को इस तरह से कैसे पीटा जा सकता है? किसी भी महिला पर हमला बर्बर और निंदनीय है."</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें: <a href="https://www.abplive.com/news/india/west-bengal-police-arrested-tmc-worker-tajemul-in-brutally-beaten-woman-in-north-dinajpur-bjp-slams-mamata-banerjee-2727078">बंगाल में बीच सड़क महिला को पीटने वाला आरोपी TMC कार्यकर्ता गिरफ्तार, बीजेपी-CPM ने ममता सरकार पर उठाए सवाल</a></strong></p>
दिल्ली के मौसम पर आया बड़ा अपडेट, गुजरात में हो रही आफत वाली मानसूनी बारिश, अब इन राज्यों में बरसेंगे बादल
<p style="text-align: justify;"><strong>Monsoon Arrival:</strong> गुजरात और राजस्थान सहित देश के कई हिस्सों में रविवार को भारी बारिश हुई जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ. दक्षिण-पश्चिम मानसून देश के उत्तरी राज्यों की ओर आगे बढ़ रहा है.</p>
<p style="text-align: justify;">भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार महाराष्ट्र, बिहार, राजस्थान, गुजरात, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्यप्रदेश, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और अरुणाचल प्रदेश उन राज्यों में शामिल हैं जहां रविवार को भारी बारिश हुई. </p>
<p style="text-align: justify;">आईएमडी ने कहा कि सौराष्ट्र क्षेत्र से सटे उत्तर-पूर्व अरब सागर पर चक्रवाती परिसंचरण के कारण गुजरात में बारिश का दौर चल रहा है. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>क्या नुकसान हुआ?</strong><br />अधिकारियों ने बताया कि भारी बारिश के कारण सूरत, भुज, वापी, भरूच और अहमदाबाद शहर के कई इलाकों में जलभराव हो गया और निचले इलाकों में पानी भर जाने के कारण यातायात प्रभावित हुआ, जिससे कुछ सड़कें और अंडरपास दुर्गम हो गए. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>आने वाले दिनों में कैसा मौसम रहेगा?</strong><br />मौसम विभाग के अनुसार गुजरात में अगले चार दिनों तक बारिश का दौर जारी रहेगा. आईएमडी ने एक विज्ञप्ति में कहा कि दक्षिण और मध्य गुजरात तथा सौराष्ट्र क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर अगले दो दिनों में भारी बारिश होने का अनुमान है. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>दिल्ली में कैसा मौसम रहेगा?</strong><br />दिल्ली में मंगलवार तक भारी बारिश के पूर्वानुमान के बीच नगर निकायों ने जलभराव की समस्या से निपटने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं जिसके तहत कर्मचारियों और उपकरणों की तैनाती बढ़ाने समेत क्षेत्रीय इकाइयों को सतर्क रखने के कदम उठाए गए हैं. </p>
<p style="text-align: justify;">दिल्ली में मानसून आगमन के पहले दिन शुक्रवार (28 जुलाई) की सुबह 228.10 मिलीमीटर बारिश हुई, जो 1936 के बाद जून माह में अब तक की सर्वाधिक वर्षा है. बारिश से शहर के कई हिस्सों में जलभराव हो गया और कई लोगों की जान चली गई.</p>
<p style="text-align: justify;">मौसम विभाग ने दिल्ली में सोमवार और मंगलवार को बादल छाए रहने तथा भारी बारिश होने का पूर्वानुमान व्यक्त किया है. साथ ही विभाग ने यह भी कहा कि दिल्ली और इससे सटे राज्यों के कुछ स्थानों पर भी भारी बारिश की संभावना है. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>राजस्थान में कैसा मौसम रहेगा?</strong><br />राजस्थान के कई हिस्सों में रविवार को भारी बारिश हुई, चुरू में सबसे अधिक 51.4 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि शहर में तापमान 40.2 डिग्री सेल्सियस रहा. </p>
<p style="text-align: justify;">पिछले 24 घंटों में भरतपुर संभाग के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई. मौसम विभाग ने अगले चार-पांच दिनों में पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में भारी बारिश और पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान जताया है. </p>
<p style="text-align: justify;">उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में पुलिस ने बताया कि रविवार को बिजली गिरने की अलग-अलग घटनाओं में एक पुजारी समेत दो लोगों की मौत हो गई, जबकि सात अन्य घायल हो गए. पुलिस के अनुसार, यह घटना अपराह्न करीब एक बजे हुई, जब इलाके में भारी बारिश हो रही थी. गोपालपुर गांव में स्थित मंदिर में बिजली गिरने के समय मंदिर के पुजारी राधेश्याम गिरी (50) समेत कुछ लोग मंदिर में शरण लिए हुए थे. </p>
<p style="text-align: justify;">दूसरी घटना में, राजनाथ कुशवाहा (40) उस समय बिजली की चपेट में आ गए जब वे अपने खेतों में धान की बुवाई कर रहे थे. उनकी मौके पर ही मौत हो गई. इस बीच, महाराष्ट्र में रविवार को पुणे के लोनावाला इलाके में भुशी बांध के पास एक झरने में एक महिला और 13 वर्षीय एक लड़की डूब गई, जबकि 4-6 आयु वर्ग के तीन बच्चे लापता हैं. </p>
<p style="text-align: justify;">पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि यह घटना अपराह्न डेढ़ बजे हुई जिसके बाद खोज एवं बचाव दल मौके पर पहुंच गए.पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘ऐसा लगता है कि वे एक ही परिवार के सदस्य हैं और भुशी बांध से करीब दो किलोमीटर दूर एक झरने में फिसलकर गिर गए और नीचे जलाशय में डूब गए. ’’</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>जम्मू-कश्मीर में भूस्खलन</strong><br />जम्मू-कश्मीर में रविवार को भूस्खलन के कारण किश्तवाड़-पद्दार मार्ग अवरुद्ध हो गया, जबकि जम्मू संभाग के अलग-अलग स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हुई, जिससे लोगों को चिलचिलाती गर्मी से कुछ राहत मिली.</p>
<p style="text-align: justify;">किश्तवाड़ जिले में रविवार अपराह्न बारिश के कारण पथरनाकी के निकट सड़क पर भूस्खलन हो गया, जिससे वाहनों की आवाजाही रोकनी पड़ी. </p>
<p style="text-align: justify;">जम्मू प्रांत के अधिकांश हिस्सों में दिनभर बादल छाए रहे और विभिन्न क्षेत्रों, खासकर किश्तवाड़, डोडा, राजौरी, पुंछ, उधमपुर और रामबन के पहाड़ी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की खबरें हैं. ग्रीष्मकालीन राजधानी जम्मू में भी सुबह-सुबह हल्की बारिश हुई.</p>
<p style="text-align: justify;">मौसम विभाग ने तीन जुलाई तक देर रात या सुबह के समय जम्मू संभाग के कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान जताया है. इसके बाद चार से सात जुलाई तक अधिकांश स्थानों पर रुक-रुक कर हल्की से मध्यम बारिश और कुछ स्थानों पर भारी वर्षा होने का अनुमान है.</p>
<p style="text-align: justify;">मौसम विभाग ने अचानक बाढ़, भूस्खलन और पत्थर गिरने की चेतावनी भी जारी की है. उत्तराखंड के हल्द्वानी, रामनगर, देहरादून, हरिद्वार, उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद, पटना और हैदराबाद में भारी बारिश के बाद कई सड़कें जलमग्न हो गईं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>उत्तर-पश्चिम और पूर्वोत्तर भारत में होगी बारिश</strong><br />बिहार के जहानाबाद में बारिश का पानी अस्पताल में घुस गया. आईएमडी (IMD) ने शनिवार को अगले चार से पांच दिनों में उत्तर-पश्चिम और पूर्वोत्तर भारत में भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान जताया है. </p>
<p style="text-align: justify;">आईएमडी ने यह भी कहा कि दक्षिण-पश्चिम मानसून शनिवार को पूर्वी उत्तर प्रदेश के शेष हिस्सों और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में आगे बढ़ गया है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>मानसून कहां दस्तक देगा</strong><br />मौसम विभाग के मुताबिक अगले दो से तीन दिनों में पश्चिमी राजस्थान, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब के अधिक भागों तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और जम्मू के शेष क्षेत्रों में मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें- <a title="Delhi Rains: डूबी कारें, सड़कों पर सैलाब, लंबा जाम...मानसून की पहली बारिश से बेदम दिल्ली, देखें वीडियो" href="https://www.abplive.com/news/india/delhi-rain-waterlogging-in-ito-minto-road-shanti-path-after-monsoon-rain-videos-2725089" target="_self">Delhi Rains: डूबी कारें, सड़कों पर सैलाब, लंबा जाम...मानसून की पहली बारिश से बेदम दिल्ली, देखें वीडियो</a></strong></p>
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Prahari Portal: युवाओं और बच्चों को नशे से दूर रखने के लिए सरकार ने तैनात कर दिया 'प्रहरी', जानें इसकी खासियत
<p style="text-align: justify;"><strong>Central Govt. Launch Prahari Portal:</strong> केंद्र सरकार ने बच्चों को मादक पदार्थ के सेवन से बचाने के लिए एक पोर्टल शुरू किया है, जो स्कूलों के आसपास प्रतिबंधित पदार्थों की बिक्री को रोकने और छात्रों और शिक्षकों के बीच जागरूकता बढ़ाने के लिए एक मजबूत निगरानी प्रणाली की सुविधा प्रदान करेगा.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>प्रहरी पोर्टल की शुरुआत की गई</strong></p>
<p style="text-align: justify;">केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने युवाओं को मादक पदार्थों की समस्या से बचाने और स्कूलों के आसपास ऐसे पदार्थों की बिक्री पर रोक के लिए निगरानी तंत्र विकसित करने के उद्देश्य से प्रहरी पोर्टल की शुरुआत की है. </p>
<p style="text-align: justify;">राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने इस संबंध में एक राष्ट्रीय समीक्षा और परामर्श बैठक का आयोजन किया था. इस बैठक में संयुक्त कार्य योजना के कामों पर चर्चा की गई जिसका उद्देश्य नशा मुक्त भारत के दृष्टिकोण के तहत बच्चों में मादक पदार्थों का सेवन और उनकी अवैध तस्करी को रोकना है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>नशे खिलाफ युद्ध नाम दिया गया</strong></p>
<p style="text-align: justify;">इस संयुक्त कार्य योजना का नाम नशे के खिलाफ एक युद्ध दिया गया, जिसका उद्देश्य बच्चों को मादक पदार्थों का सेवन करने से रोकना है. इस व्यापक योजना में सभी हितधारकों, एजेंसियों, कर्तव्यधारकों, अधिकारियों, मीडिया और अभिभावकों को शामिल किया गया है, जिससे वे बच्चों को मादक पदार्थों का सेवन करने से बचाने में अपनी भूमिका निभा सकें.</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="hi">आज मैं विज्ञान भवन, नई दिल्ली में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग तथा स्वापक नियंत्रण ब्यूरो द्वारा ड्रग्स दुरुपयोग एवं अवैध दुर्व्यापार के विरुद्ध अंतर्राष्ट्रीय दिवस के अवसर पर “एक युद्ध नशे के विरुद्ध“ कार्यक्रम को संबोधित किया <a href="https://t.co/3E5ha7qrCc">pic.twitter.com/3E5ha7qrCc</a></p>
— Nityanand Rai (@nityanandraibjp) <a href="https://twitter.com/nityanandraibjp/status/1807332925471375525?ref_src=twsrc%5Etfw">June 30, 2024</a></blockquote>
<p style="text-align: justify;">
<script src="https://platform.twitter.com/widgets.js" async="" charset="utf-8"></script>
</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>युवाओं की सुरक्षा के महत्व पर दिया जोर</strong></p>
<p style="text-align: justify;">केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय ने एनसीपीसीआर और एनसीबी की ओर से शुरू की गई संयुक्त कार्य योजना की प्रशंसा की और नशा मुक्त राष्ट्र के प्रति प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता का उल्लेख किया. उन्होंने युवाओं की सुरक्षा के महत्व पर जोर दिया, क्योंकि वे विकसित भारत के भावी नेता हैं. साथ ही वे भारत की कुल जनसंख्या का 59 फीसदी हैं.</p>
<p style="text-align: justify;">केंद्रीय गृह राज्य मंत्री ने अपने संबोधन के दौरान नशीले पदार्थों और आतंकवाद के प्रति सरकार की जीरो-टॉलरेंस (बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करने) नीति के बारे में विस्तार से बताया. उन्होंने मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के लिए सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) और असम राइफल्स को सशक्त बनाने और मादक पदार्थों के व्यापार को समाप्त करने के लिए उठाए जा रहे व्यापक उपायों के बारे में भी जानकारी दी.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें : <a title="TISS: पहले जारी किया TISS कर्मचारियों को बर्खास्त करने का नोटिस, आलोचना के बाद वापस लिया फैसला, अब टाटा ट्रस्ट जारी करेगा फंड" href="https://www.abplive.com/news/india/tiss-withdraws-over-100-employees-after-tata-education-trust-agrees-to-release-funds-2727085" target="_self">TISS: पहले जारी किया TISS कर्मचारियों को बर्खास्त करने का नोटिस, आलोचना के बाद वापस लिया फैसला, अब टाटा ट्रस्ट जारी करेगा फंड</a></strong></p>
T20 World Cup: टीम इंडिया की जीत का जश्न बना जानलेवा! अगरतला में दो बाइकों सीधी की टक्कर में 1 की मौत, 1 गंभीर रूप से घायल
<p style="text-align: justify;"><strong>Road Accident:</strong> त्रिपुरा की राजधानी अगरतला में टी20 क्रिकेट प्रेमियों के लिए काल बना है. जहां शनिवार को एक भीषण सड़क हादसे में 1 की दर्दनाक मौत हो गई. जबकि, 1 गंभीर रूप से घायल हो गया है. वहीं, घायल युवक को जिले के जीबी पंत हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया है. जहां फिलहाल, उसका इलाज चल रहा है. </p>
<p style="text-align: justify;">इंडिया टुडे एनई की रिपोर्ट के मुताबिक, ये हादसा त्रिपुरा की राजधानी अगरतला में हुआ है. यहां एक बाइक में दो लोग सवार होकर टी 20 वर्ड कप का जश्न मना रहे थे, तभी सामने से आई तेज रफ्तार बाइक ने सीधी टक्कर मार दी. हालांकि, इस घटना में स्थानीय युवक रतुल बानिक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य युवक रोनी सूत्रधार को दोपहिया वाहनों की आमने-सामने की टक्कर में गंभीर चोटें आईं है. जिसे फिलहाल, अस्पताल में एडमिट करा दिया गया है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>बाइक की सीधी टक्कर में 1 युवक की मौत, 1 अन्य घायल</strong></p>
<p style="text-align: justify;">सूत्रों की रिपोर्ट के अनुसार, रतुल बानिक स्कूटी चला रहे थे, जबकि रोनी सूत्रधार बाइक पर पीछे बैठे थे. बताया जा रहा है कि ये हादसा तब हुआ जब दोनों बाइक सवारों ने अपना नियंत्रण खो दिया और आमने-सामने की भीषण टक्कर हो गई. स्थानीय लोगों के अनुसार, टक्कर इतनी भीषण थी कि स्थानीय युवक रतुल बानिक की मौके पर ही मौत हो गई. इस दौरान स्थानीय लोगों ने बाइक में पीछे सवार रोनी सूत्रधार को तुरंत जीबी पंत अस्पताल पहुंचाया, जहां पर उनका इलाज चल रहा है.</p>
<p class="sp-ttl" style="text-align: justify;"><strong>आधी रात को टी20 विश्वकप जीतने पर देश में मना जश्न</strong></p>
<p style="text-align: justify;">हालांकि, इस घटना ने समुदाय पर काफी गहरा असर डाला है, जिससे समारोहों के दौरान सड़क सुरक्षा उपायों को बढ़ाने की जरूरत पर प्रकाश डाला गया है. बता दें कि, कल देर रात ब्रिजटाउन में टीम इंडिया ने साउथ अफ्रीका को मैच में हरा दिया था. एक बार फिर टी20 विश्वकप विजेता बन गई. ब्रिजटाउन में टीम इंडिया की जीत तय होते ही अचानक भारत के सभी शहरों और कस्बों में पटाखे फूटने लगे. शोर-गुल होने लगा. युवा जोर-जोर से इंडिया-इंडिया चीखने लगे. यह सब रात के करीब साढ़े ग्यारह हो रहा था. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a title="VHP-Bajrang Dal Protest: 'जय फिलिस्तीन' नारे पर बवाल, VHP-बजरंग दल ने असदुद्दीन ओवैसी के खिलाफ किया प्रदर्शन, जमकर हुई नारेबाजी" href="https://www.abplive.com/news/india/bajrang-dal-vishwa-hindu-parishad-protest-against-aimim-mp-asaduddin-owaisi-over-jai-palestine-slogan-in-parliament-2726832" target="_self">VHP-Bajrang Dal Protest: 'जय फिलिस्तीन' नारे पर बवाल, VHP-बजरंग दल ने असदुद्दीन ओवैसी के खिलाफ किया प्रदर्शन, जमकर हुई नारेबाजी</a></strong></p>
Saturday, June 29, 2024
IND vs SA T20 World Cup: टीम इंडिया बनी विश्व विजेता... पीएम मोदी से लेकर मल्लिकार्जुन खरगे तक ने दी बधाई, जानें क्या कहा
<p>भारत ने सांसें रोक देने वाले टी-20 वर्ल्ड कप में दक्षिण अफ्रीका को 7 रन से हराकर दूसरी बार टी20 वर्ल्ड कप जीत लिया है. डेथ ओवरों में दमदार गेंदबाजी की बदौलत भारत ने दक्षिण अफ्रीका को जीत की दहलीज से वापस भेज दिया. भारत की इस जीत पर देश के कई नेताओं ने बधाई दी है. </p>
<p>प्रधानमंत्री <a title="नरेंद्र मोदी" href="https://www.abplive.com/topic/narendra-modi" data-type="interlinkingkeywords">नरेंद्र मोदी</a> वीडियो संदेश जारी कर टीम इंडिया को बधाई दी. उन्होंने कहा, "इस भव्य विजय के लिए सभी देशवासियों की तरफ से बहुत-बहुत बधाई. आज 140 करोड़ देशवासी आपके शानदार प्रदर्शन को लेकर गर्व महसूस कर रहे हैं. खेल के मैदान में आपने वर्ल्ड कप जीता, लेकिन देश के गांव, गली महल्लों में आपने सबका दिल जीत लिया है."</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="en">CHAMPIONS! <br /><br />Our team brings the T20 World Cup home in STYLE! <br /><br />We are proud of the Indian Cricket Team.<br /><br />This match was HISTORIC. 🇮🇳 🏏 🏆 <a href="https://t.co/HhaKGwwEDt">pic.twitter.com/HhaKGwwEDt</a></p>
— Narendra Modi (@narendramodi) <a href="https://twitter.com/narendramodi/status/1807114429667975428?ref_src=twsrc%5Etfw">June 29, 2024</a></blockquote>
<p>
<script src="https://platform.twitter.com/widgets.js" async="" charset="utf-8"></script>
</p>
<p>कांग्रेस ने एक्स पर पोस्ट कर टीम इंडिया को जीत की बधाई दी. कांग्रेस ने लिखा, "भारतीय क्रिकेट टीम ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए साउथ अफ्रीका को हराकर T20 वर्ल्डकप जीत लिया है. पूरे देश को टीम इंडिया पर नाज़ है. हर खिलाड़ी ने देश को गौरवान्वित किया है."</p>
<p>कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने टीम इंडिया को बधाई देते हुए एक्स पोस्ट कर कहा, "रोमांचक फाइनल में टीम इंडिया ने 17 साल बाद टी-20 वर्ल्ड कप जीता. मैच में विराट कोहली, अक्षर पटेल और अर्शदीप सिंह चमके. इस अविश्वसनीय जीत पर हर भारतीय को गर्व है. आपकी उपलब्धियों का हमेशा जश्न मनाया जाएगा और उन्हें संजोया जाएगा. हम भविष्य के मैचों में आपका समर्थन और उत्साहवर्धन जारी रखने के लिए तत्पर हैं."</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="en">In a nail-biting final, Team India won the <a href="https://twitter.com/hashtag/T20WorldCup?src=hash&ref_src=twsrc%5Etfw">#T20WorldCup</a> after 17 years! <br /><br />Many Congratulations to the Men in Blue for their impressive display of talent and dedication. Virat Kohli, Axar Patel and Arshdeep Singh shone through the match. Every Indian is proud of this incredible… <a href="https://t.co/lXI8eZFL2n">pic.twitter.com/lXI8eZFL2n</a></p>
— Mallikarjun Kharge (@kharge) <a href="https://twitter.com/kharge/status/1807114015736471694?ref_src=twsrc%5Etfw">June 29, 2024</a></blockquote>
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<script src="https://platform.twitter.com/widgets.js" async="" charset="utf-8"></script>
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<p>उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री <a title="योगी आदित्यनाथ" href="https://www.abplive.com/topic/yogi-adityanath" data-type="interlinkingkeywords">योगी आदित्यनाथ</a> ने एक्स पर पोस्ट कर टीम इंडिया को जीत की बधाई. उन्होंने लिखा, "भारत वासियों को हार्दिक बधाई. विश्व विजेता' भारतीय क्रिकेट टीम का अभिनंदन. जय हिंद."</p>
<p>कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने भी टीम इंडियो को जीत की बधाई दी. उन्होंने कहा, "शानदार टीम इंडिया. भारत ने 13 साल बाद T-20 वर्ल्ड कप जीतकर इतिहास रच दिया है। यह पूरे देश के लिए बहुत खुशी का मौका है. सभी देशवासियों और हमारे सभी खिलाड़ियों को बहुत-बहुत बधाई."</p>
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Friday, June 28, 2024
छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाकों में होगा तेजी से विकास? सीएम साय ने बताया प्लान
<p style="text-align: justify;"><strong>Chhattisgarh:</strong> पिछले 4 दशकों से नक्सलवाद का दंश झेल रहे छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग की तस्वीर अब बदल रही है, अंदरुनी गांव में विकास कार्य पहुंचने के साथ ग्रामीणों का विश्वास जीतने में भी जवान सफल हो रहे हैं, यह बात प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शुक्रवार को राजधानी रायपुर के सर्किट हाउस में आयोजित यूनिफाइड कमांड की बैठक में कही.</p>
<p style="text-align: justify;">दरअसल छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाकों में एक एक ग्रामीण तक सरकार की एक-एक योजना पहुंचे और इन इलाकों में सड़क, बिजली, पेयजल जैसी मूल सुविधा पहुंचे इसके लिए सीएम विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में यूनिफाइड कमांड की बैठक सम्पन्न हुई. बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>अधिकारियों को दिए निर्देश</strong></p>
<p style="text-align: justify;">मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस बैठक में अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों को प्राथमिकता देते हुए इन गांवों तक आवागमन के लिए सड़क पुल-पुलिया और अन्य शासकीय निर्माण कार्यों को उच्च गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय सीमा पर पूर्ण किया जाए. </p>
<p style="text-align: justify;">साथ ही इन नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में संचालित निर्माण कार्य को जल्द से जल्द पूरा किए जाने के लिए और आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए भी सीएम ने निर्देश दिए गए.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>क्या कहा सीएम साय ने?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">सीएम विष्णुदेव साय ने कहा कि नक्सल मोर्चे पर तैनात केंद्रीय सुरक्षा बल और राज्य की पुलिस बल बेहतर तालमेल से अंदरूनी इलाकों में नक्सल ऑपरेशन चलाकर लगातार सफलता हासिल कर रही है. यही वजह है कि पिछले कुछ सालों से बस्तर में नक्सली बैकफुट पर हैं, ऑपरेशन के साथ-साथ शासन की नवीन "नियद नेलानार योजना" के तहत विकास कार्य में भी तेजी लाई जा रही है, जिससे आम जनता का शासन और प्रशासन के प्रति विश्वास बढ़ा है.</p>
<p style="text-align: justify;"> मुख्यमंत्री ने इस बैठक में यह भी कहा कि नक्सली प्रभाहित क्षेत्र में पुलिस का सूचना तंत्र और अधिक मजबूत हुआ है, साथ ही ग्रामीणों को भरोसे में लेकर ज्यादा से ज्यादा एंटी नक्सल ऑपरेशन चलाने के भी निर्देश इस बैठक में दिए गए हैं, इसके अलावा नक्सल प्रभावित इलाकों में अपनी सेवा दे रहे केंद्रीय और राज्य के सुरक्षा बल की जवानों की समस्या को लेकर भी चर्चा की गई, साथ ही सुरक्षा बलों के कैंप में जवानों का आवश्यक मूलभूत सुविधाएं और संसाधन उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए.</p>
<p style="text-align: justify;">इसके अलावा बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य के सीमा से लगे खासकर महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्रप्रदेश और ओडिशा राज्य के साथ बेहतर समन्वय सीमावर्ती क्षेत्रों में जॉइंट ऑपरेशन चलाकर साथ ही सम्पर्क मार्गों पर सुरक्षा बलों द्वारा सतत निगरानी के निर्देश दिए गए और सीमावर्ती राज्यों के साथ सूचनाओं को साझा किए जाने पर भी इस बैठक में जोर दिया गया. यह भी निर्देश दिए गए कि नक्सलियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान में यह सुनिश्चित किया जाए कि स्थानीय ग्रामीणों को किसी प्रकार की असुविधा ना हो.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a title="'साइलेंट किलर बनकर कैब ड्राइबर पर गिरा लोहे का पिलर...' दिल्ली एयरपोर्ट हादसे की कहानी चश्मदीदों की जुबानी" href="https://www.abplive.com/news/india/delhi-airport-after-accident-eyewitnesses-said-no-loud-noise-chaos-when-iron-rods-fell-on-cars-at-igi-airport-2725758" target="_self">'साइलेंट किलर बनकर कैब ड्राइबर पर गिरा लोहे का पिलर...' दिल्ली एयरपोर्ट हादसे की कहानी चश्मदीदों की जुबानी</a></strong></p>
एनटीए ने की यूजीसी नेट के लिए नई एग्जाम डेट की घोषणा, जानिए पूरी डिटेल
<p>नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने यूजीसी नेट की नई परीक्षा की नई तारीखों की घोषणा कर दी है. UGC NET 25 से 27 जुलाई को आयोजित होने वाला है. यह कंप्यूटर आधारित परीक्षा होगी. वहीं, UGC NET जून 2024 की परीक्षा 21 अगस्त 2024 से 04 सितंबर 2024 के बीच आयोजित की जाएगी. सभी परीक्षाएं कंप्यूटर आधारित परीक्षा होंगी. </p>
Thursday, June 27, 2024
IGI Airport Accident: दिल्ली एयरपोर्ट हादसे की भयानक तस्वीरें, देखकर मन में बैठ जाएगा डर!
IGI Airport Accident: दिल्ली एयरपोर्ट हादसे की भयानक तस्वीरें, देखकर मन में बैठ जाएगा डर!
बांग्लादेश की प्रधानमंत्री ने भारत के इस मुख्यमंत्री को भेजे हिल्सा मछली, रसगुल्ले और आम, जानें क्यों
<p style="text-align: justify;"><strong>Sheikh Hasina Gift To Manik Saha:</strong> बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने गुरुवार (27 जून) को त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा को सद्भावना उपहार के तौर पर 50 किलोग्राम हिल्सा मछली, 50 किलोग्राम रसगुल्ले और 400 किलोग्राम आम भेजे. इससे पहले साहा ने 23 जून को हसीना को 500 किलोग्राम अनानास उपहार के रूप में भेजे थे जिसके बाद बांग्लादेश की प्रधानमंत्री ने भी उपहार भेजा.</p>
<p style="text-align: justify;">अगरतला में अखौरा एकीकृत जांच चौकी पर बांग्लादेश के सहायक उच्चायोग के अधिकारियों ने यह खेप प्राप्त की और इसे जल्द ही औपचारिक रूप से मुख्यमंत्री को सौंप दिया जाएगा. बांग्लादेश के सहायक उच्चायोग के प्रथम सचिव और चांसरी के प्रमुख मोहम्मद रेजाउल हक चौधरी ने बताया कि उपहारों के इस आदान-प्रदान का उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना और दोनों पड़ोसी देशों के बीच आपसी समझ को बढ़ाना है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>बांग्लादेश के साथ लेन देने का सिलसिला जारी</strong></p>
<p style="text-align: justify;">भारत की ओर से त्रिपुरा एकीकृत चेक पोस्ट के सीमा शुल्क अधीक्षक दिव्येंदु भौमिक उपस्थित थे. डिलीवरी के काम को ढाका स्थित निर्यात फर्म कार्गोवर्ल्ड लॉजिस्टिक्स ने संभाला. इससे पहले माणिक ने 23 जून को हसीना के लिए 500 किलोग्राम अनानास भेजा था. इस पर प्रथम सचिव रेजाउल ने आशा व्यक्त की कि उपहारों के आदान-प्रदान से संबंध मजबूत होंगे. उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री के उपहार जल्द से जल्द मुख्यमंत्री तक पहुंचा दिए जाएंगे."</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>पूर्व राष्ट्रपति ने घोषित किया था राजकीय फल</strong></p>
<p style="text-align: justify;">मुख्यमंत्री साहा की ओर से बांग्लादेश की प्रधानमंत्री को 100 बक्से भेजे गए, जिनमें से हर बक्से में छह रानी अनानास थे. मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से कहा गया कि यह उपहार द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ाने और क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा देने के लिए दोनों नेताओं की प्रतिबद्धता को रेखांकित करने का एक प्रतीकात्मक संकेत था. पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 2018 में अपनी यात्रा के दौरान रानी अनानास को त्रिपुरा का राजकीय फल घोषित किया था.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a title="कोलकाता से चटगांव के बीच चलेगी नई बस, भारत और बांग्लादेश ने इन 10 समझौतों पर किए हस्ताक्षर" href="https://www.abplive.com/news/india/new-bus-will-run-between-kolkata-chittagong-india-bangladesh-signed-10-agreements-pm-modi-sheikh-hasina-meeting-2721220" target="_self">कोलकाता से चटगांव के बीच चलेगी नई बस, भारत और बांग्लादेश ने इन 10 समझौतों पर किए हस्ताक्षर</a></strong></p>
Thursday, June 20, 2024
Bihar Reservation: इस बार तो मिल गया वोट, क्या हाई कोर्ट का फैसला 2025 में सीएम नीतीश को पड़ेगा भारी
<p class="abp-article-slug" style="text-align: justify;"><strong>Bihar Reservation: </strong>बिहार में हुई जातिगत जनगणना और फिर 65 फीसदी आरक्षण के फैसले ने राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उनकी पार्टी जेडीयू को बिहार में लोकसभा में सबसे बड़ा बना दिया. हालांकि अब पटना हाई कोर्ट ने नीतीश कुमार के 65 फीसदी आरक्षण को खत्म करने का जो फैसला दिया है, उससे नीतीश कुमार को सियासी तौर पर बड़ा झटका लगना तय है. ये भी तय है कि 2025 में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए हाई कोर्ट का ये फैसला मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को बहुत भारी पड़ने वाला है. </p>
<p class="abp-article-slug" style="text-align: justify;"><strong>बीजेपी ने किया था जातिगत जनगणना का विरोध</strong></p>
<p style="text-align: justify;">बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जब एनडीए के साथ न होकर महागठबंधन के साथ थे, तो आरजेडी नेता तेजस्वी यादव उनकी सरकार में उपमुख्यमंत्री थे. दोनों ने मिलकर तय किया कि बिहार में जातिगत जनगणना होगी. बीजेपी ने इसका विरोध किया. मामला हाई कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा, लेकिन जीत नीतीश-तेजस्वी की हुई और जातिगत जनगणना हुई. उसके आंकड़े भी आए और उसे सार्वजनिक भी किया गया. तब पता चला कि बिहार राज्य की कुल आबादी 13 करोड़ 7 लाख है.</p>
<p style="text-align: justify;">इसमें अन्य पिछड़ा वर्ग यानी कि ओबीसी का हिस्सा 27.13 फीसदी और अत्यंत पिछड़ा वर्ग यानी कि ईबीसी का हिस्सा 36 फीसदी है. यानी कि पिछड़ा वर्ग की कुल हिस्सेदारी 63 फीसदी से अधिक है. वहीं एससी और एसटी की हिस्सेदारी करीब 21 फीसदी और सामान्य वर्ग की हिस्सेदारी 15 फीसदी है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>सरकारी नौकरियों में बढ़ाया गया था आरक्षण</strong></p>
<p style="text-align: justify;">इन आंकड़ों के साथ ही एक और आंकड़ा भी सामने आया और ये आंकड़ा सरकारी नौकरियों का आंकड़ा था. इस आंकड़े ने साफ कर दिया कि बिहार में जितनी भी सरकारी नौकरियां हैं, उनमें 15 फीसदी वाले सामान्य वर्ग से सबसे ज्यादा 6 लाख 41 हजार 681 लोग सरकारी नौकरी में हैं. वहीं जिस पिछड़ा वर्ग का हिस्सा आबादी में 65 फीसदी का है, उनके पास 6 लाख 21 हजार 481 नौकरियां हैं. यानी कि 51 फीसदी वाली आबादी के पास ज्यादा नौकरी और 65 फीसदी वाली आबादी के पास कम नौकरी है.</p>
<p style="text-align: justify;">इसके बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक और दांव खेला और तय किया कि अब बिहार में कुल आरक्षण 50 फीसदी नहीं, बल्कि 65 फीसदी होगा. नीतीश कुमार ने कैबिनेट से प्रस्ताव पास करवाया कि अभी तक बिहार में पिछड़ा और अति पिछड़ा को मिलाकर जो आरक्षण 30 फीसदी था, उसे 43 फीसदी किया जाएगा. अनुसूचित जाति को जो 16 फीसदी का आरक्षण था उसे बढ़ाकर 20 फीसदी किया जाएगा और अनुसूचित जनजाति को जो आरक्षण 1 फीसदी का था, उसे बढ़ाकर 2 फीसदी किया जाएगा. यानी कि कुल आरक्षण 65 फीसदी का हो जाएगा. बाकी 10 फीसदी का ईडब्ल्यूएस का आरक्षण तो रहेगा ही रहेगा. यानी कि बिहार में कुल आरक्षण 75 फीसदी का होगा. 21 नवंबर 2023 को इस फैसले का गजट नोटिफिकेशन भी हो गया.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>आरक्षण मॉडल का फायदा नीतीश कुमार को हुआ</strong></p>
<p style="text-align: justify;">नीतीश कुमार के इस फैसले का विरोध हुआ और मामला पटना हाई कोर्ट पहुंचा. वहां पर चीफ जस्टिस केवी चंद्रन की बेंच में सुनवाई शुरू हुई. गौरव कुमार और दूसरे याचिकाकर्ताओं की बातें सुनने के बाद पटना हाई कोर्ट ने 11 मार्च को फैसला सुरक्षित रख लिया.</p>
<p style="text-align: justify;">इस दौरान नीतीश कुमार ने अपने इस आरक्षण मॉडल के जरिए लोकसभा में खूब वोट बटोरे. पार्टी ने इतने बटोरे कि उनकी पार्टी बिहार में लोकसभा में सबसे बड़ी पार्टी हो गई और इतनी बड़ी हो गई कि अभी नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद पर बने रहने के लिए नीतीश कुमार की बेतहाशा जरूरत है, लेकिन जब सब हो गया.</p>
<p style="text-align: justify;">नीतीश कुमार को फायदा भी मिल गया. उनकी पार्टी को भी फायदा मिल गया. चुनावी नतीजे भी आ गए. <a title="नरेंद्र मोदी" href="https://www.abplive.com/topic/narendra-modi" data-type="interlinkingkeywords">नरेंद्र मोदी</a> तीसरी बार प्रधानमंत्री भी बन गए. नीतीश कुमार इस सरकार में शामिल भी हो गए तो 20 जून को पटना हाई कोर्ट में चीफ जस्टिस की बेंच ने नीतीश कुमार के फैसले को रद्द कर दिया और अपने फैसले में पटना हाई कोर्ट की चीफ जस्टिस केवी चंद्रन की बेंच ने उसी इंदिरा साहनी केस के फैसले को आधार बनाया, जो देश में आरक्षण के लिए एक नजीर है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>देश में आरक्षण की सीमा 50% से कम रहेगी- सुप्रीम कोर्ट</strong></p>
<p style="text-align: justify;">इंदिरा साहनी केस में सु्प्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया था कि देश में आरक्षण की सीमा 50 फीसदी से कम ही रहेगी. तब सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक बेंच ने फैसला दिया था कि 50 फीसदी से ज्यादा का आरक्षण संविधान के आर्टिकल 14 और 16 का उल्लंघन है. इसके अलावा महाराष्ट्र के मराठा आरक्षण को भी आधार बनाया गया था, जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार के फैसले को पलटते हुए मराठा आरक्षण रद्द कर दिया था.</p>
<p style="text-align: justify;">इन दो केस के आधार पर बिहार सरकार के 65 फीसदी आरक्षण को भी खत्म कर दिया गया है और अब बिहार में वही पुराना 50 फीसदी का आरक्षण रहेगा. हां इसमें एक बात और है कि ईडब्ल्यूएस को मिलने वाला 10 फीसदी आरक्षण मिलता रहेगा, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट इसपर अलग से फैसला दे चुका है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>पटना हाई कोर्ट ने नीतीश कुमार का फैसला पलटा</strong></p>
<p style="text-align: justify;">ऐसे में सवाल है कि अब नीतीश कुमार का क्या होगा? क्योंकि नीतीश कुमार ने जब ये फैसला किया था तो आरजेडी उनके साथ थी. तेजस्वी यादव उनके साथ थे, लेकिन अब अदालत ने नीतीश का फैसला ही पलट दिया है. बाकी तेजस्वी यादव और उनकी पार्टी तो विपक्ष में हैं हीं और ऐसे में बिहार में अगले साल विधानसभा के चुनाव हैं.</p>
<p style="text-align: justify;">जातिगत जनगणना के आए आंकड़ों ने बिहार में हर तबके को अपनी सियासी ताकत का एहसास भी करवा दिया है. ऐसे में हाई कोर्ट का ये फैसला नीतीश कुमार की सियासत के लिए बेहद भारी पड़ने वाला है. हां अपनी सियासी जमीन को बचाने के लिए हर कदम फूंक-फूंक कर रखने वाले नीतीश कुमार फिर कोई नया दांव लेकर आते हैं, तब उसपर अलग से बात की जाएगी.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें : <a href="https://www.abplive.com/news/india/dharmendra-pradhan-take-moral-responsibility-on-nta-neet-exam-controversy-hindi-news-ann-2719667">NEET UG 2024: 'मैं लेता हूं नैतिक जिम्मेदारी,' NEET पेपर लीक पर मची रार तो शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कही ये बात</a></strong></p>
Monday, June 17, 2024
UP BJP Review: उत्तर प्रदेश में क्यों हुआ बीजेपी का बुरा हाल? चुनाव हारने के बाद इंटरनल रिपोर्ट में एक नहीं, कई कारण निकले
<p style="text-align: justify;"><strong>UP BJP Review:</strong> यह मिथक पहली बार टूटा है कि दिल्ली की सत्ता का रास्ता उत्तर प्रदेश से होकर गुजरता है. केंद्र में तीसरी बार सत्ता में आई नरेंद्र मोदी सरकार को यूपी ने निराश किया है. चुनाव परिणाम के तत्काल बाद आम हो चुका था कि अगर यूपी साथ देता तो हालात कुछ और ही होते खैर, जो होना था हो चुका. अब बीजेपी के लिए जरूरी है हार की वजहों को तलाशना. इसके अलावा उस पर बीजेपी संगठन तेजी से काम कर भी रहा है.</p>
<p style="text-align: justify;">कई दौर की बैठकों के बाद कई ऐसे कारण सामने भी आए हैं, जिनसे पता चलता है कि आखिर यूपी में बीजेपी का बुरा हाल क्यों हुआ? वहीं, बीजेपी के रणनीतिकारों के मुताबिक जल्द ही पूरी रिपोर्ट तैयार कर दिल्ली में आलाकमान को सौंपी जाएगी. उसके बाद कई महत्वपूर्ण फैसलें लिए जा सकते हैं, जिनमें पार्टी संगठन के साथ ही सरकार में बदलाव तक की बात कही जा रही है. सूत्रों के हवाले से जो खबर आ रही है, उसके मुताबिक यूपी में हार की प्रारंभिक रिपोर्ट तैयार हो गई है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>उम्मीदवारों में था अति उत्साह </strong></p>
<p style="text-align: justify;">चुनाव में उतरे प्रत्याशी <a title="नरेंद्र मोदी" href="https://www.abplive.com/topic/narendra-modi" data-type="interlinkingkeywords">नरेंद्र मोदी</a> और <a title="योगी आदित्यनाथ" href="https://www.abplive.com/topic/yogi-adityanath" data-type="interlinkingkeywords">योगी आदित्यनाथ</a> के नाम पर खुद को जीता हुआ मानकर चल रहे थे. इसके कारण वे अति उत्साह में थे और मतदाताओं को यह बात खटक गई. इसके अलावा मोदी सरकार के पहले कार्यकाल से लगातार दो बार जीत हासिल कर चुके प्रत्याशियों से जनता में नाराजगी थी. क्षेत्र में गैर मौजूदगी के अलावा कामकाज में ढिलाई इस नाराजगी की बड़ी वजह थी. कई सांसदों के लोगों के साथ गलत व्यवहार की शिकायतें भी थीं. कई जिलों में सांसद प्रत्याशी की लोकप्रियता इतनी हावी हो गई की बीजेपी कार्यकर्ता घरों से ही नहीं निकले.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>MP और MLA के बीच तालमेल नहीं</strong></p>
<p style="text-align: justify;">एक और बात समीक्षा के दौरान सामने आई कि पार्टी पदाधिकारियों का सांसदों के साथ तालमेल अच्छा नहीं रहा. इसके कारण मतदाताओं की वोट वाली पर्ची पहुंचाने का काम बहुत ढिलाई से हुआ. जबकि, इसी प्रकार के प्रबंधन से पूर्व में बीजेपी अप्रत्याशित नतीजे लाती रही है. इसके अलावा कुछ जिलों मे विधायकों की अपने ही सांसद प्रत्याशियों से नहीं बनी. तालमेल के अभाव में विधायकों ने उतने मन से प्रत्याशी का सहयोग नहीं किया.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>UP में हार ने बढ़ाई भाजपा की चिंता</strong></p>
<p style="text-align: justify;">सूत्रों के हिसाब से समीक्षा में यह बात भी सामने आई है कि राज्य सरकार ने करीब 3 दर्जन सांसदों के टिकट काटने या बदलने के लिए कहा था, उसकी अनदेखी हुई. दावा है कि यदि सरकार की ओर से दिए गए सुझावों पर अमल होता तो नतीजा कुछ और हो सकता था. एक और जगह जहां बीजेपी के नेता कमजोर साबित हुए, वो है विपक्ष के संविधान बदलने और आरक्षण खत्म करने के दावे का जवाब पूरी दमदारी से न दे पाना.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>दलित-पिछ़ड़ों को घर कर गई संविधान बदलने की बात </strong></p>
<p style="text-align: justify;">विपक्ष के नेताओं में खासतौर पर अखिलेश यादव अपनी प्रत्येक सभा या रैली में बीजेपी द्वारा संविधान बदलने की बात को पूरी ताकत से उठाते रहे थे. इसका परिणाम यह हुआ कि दलित और पिछड़े वर्ग में यह बात घर कर गई, जिसके चलते उसने इंडिया गठबंधन के प्रत्याशियों के पक्ष में काफी हद तक मतदान किया.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>बीजेपी नेता नहीं पहुंचा सके जनता के बीच अपनी बात</strong></p>
<p style="text-align: justify;">वैसे तो बीजेपी के स्टार प्रचारकों और नेताओं ने अपने हर चुनावी भाषण में केंद्र और राज्य सरकार की ओर से गरीब कल्याण से जुड़ी योजनाओं का बढ़-चढ़कर बखान किया, लेकिन कांग्रेस की 8500 रुपए महीने की गारंटी वाली स्कीम ने मतदाताओं को खासा आकर्षित किया. जबकि, बीजेपी इस स्कीम के काउंटर में कोई सटीक गणित लोगों को नहीं समझा सकी. स्थानीय समीकरणों के साथ ही लगभग हर सीट पर पेपर लीक और अग्निवीर जैसी योजनाओं की तमाम निगेटिव बातें विपक्ष, जनता को समझाने में कामयाब रहा, जबकि बीजेपी ठीक ढंग से काउंटर नहीं कर पाई.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>निश्चित रूप से हार के कई कारण हैं- कपिल देव अग्रवाल</strong></p>
<p style="text-align: justify;">इस बीच उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि <a title="लोकसभा चुनाव" href="https://www.abplive.com/topic/lok-sabha-election-2024" data-type="interlinkingkeywords">लोकसभा चुनाव</a> के अप्रत्याशित नतीजे आए हैं, इसमें कोई दो राय नहीं हैं. इसकी समीक्षा प्रदेश संगठन की ओर से की जा रही है. ऐसे में निश्चित रूप से हार के कई कारण हैं, जिनका अनुमान नहीं लगाया जा सका.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>जनता ने BJP को अहंकार के कारण हराया- कांग्रेस</strong></p>
<p style="text-align: justify;">वहीं कांग्रेस के प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि बीजेपी को देश की जनता ने उसके अहंकार के कारण हराया है. उन्होंने कहा कि बीजेपी जनता से ऊपर बैठ गई थी. जनता जनार्दन मूर्ख समझ रही थी. महंगाई देने लगी, बेरोजगारी देने लगी, पेपर लीक, अग्निवीर समस्या देने लगी थी.</p>
<p style="text-align: justify;">राजपूत ने कहा कि बीजेपी स्पष्ट रूप से जनता के मुद्दों न करना चाहती थी तो जनता ने उनको न कर दिया. उन्होने कहा कि बीजेपी के नेता अपने अहंकार को दूर करेंगे. अग्निवीर और महंगाई जैसी समस्या को दूर करेंगे तभी लोगों से जुड़ पाएंगे.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a title="राहुल गांधी वायनाड लोकसभा सीट से देंगे इस्तीफा, रायबरेली से रहेंगे सांसद" href="https://www.abplive.com/news/india/rahul-gandhi-resign-wayanad-lok-sabha-seat-keep-raebareli-up-congress-priyanka-gandhi-2716854" target="_self">राहुल गांधी वायनाड लोकसभा सीट से देंगे इस्तीफा, रायबरेली से रहेंगे सांसद</a></strong></p>
Sunday, June 16, 2024
संसद परिसर में गांधी-बाबा साहेब की मूर्तियों की शिफ्टिंग पर भड़की कांग्रेस, बीजेपी बोली- हटाया नहीं केवल स्थानांतरित किया
<p style="text-align: justify;"><strong>Congress On Prerna Sthal:</strong> राज्यसभा के सभापति और उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने रविवार (16 जून) को संसद परिसर में प्रेरणा स्थल का उद्घाटन किया, जहां अब राष्ट्रीय प्रतीकों और स्वतंत्रता सेनानियों की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं, जो पहले परिसर में विभिन्न स्थानों पर थीं.</p>
<p style="text-align: justify;">कांग्रेस ने इसे लेकर दावा किया कि संसद परिसर के भीतर स्थित मूर्तियों को स्थानांतरित करने का निर्णय सरकार की ओर से एकतरफा लिया गया और इसका एकमात्र उद्देश्य लोकतांत्रिक विरोध के पारंपरिक स्थल रहीं महात्मा गांधी और बीआर आंबेडकर की मूर्तियों को संसद भवन के ठीक बगल में नहीं रखना है.</p>
<p style="text-align: justify;">विपक्षी पार्टी का यह हमला उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ की ओर से प्रेरणा स्थल का उद्घाटन करने से पहले आया है. प्रेरणा स्थल में स्वतंत्रता सेनानियों और अन्य नेताओं की सभी मूर्तियां रखी जाएंगी, जिन्हें पहले संसद परिसर में विभिन्न स्थानों पर रखा गया था.</p>
<p style="text-align: justify;">कांग्रेस ने जहां मूर्तियों को उनके मौजूदा स्थान से हटाने के निर्णय की आलोचना की है, वहीं लोकसभा सचिवालय ने कहा है कि विभिन्न स्थानों पर उनकी स्थापना के कारण आगंतुकों के लिए उन्हें ठीक से देखना मुश्किल हो रहा है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>मनमाने ढंग से हटाए गए मूर्ति- खरगे</strong></p>
<p style="text-align: justify;">संसद परिसर में प्रेरणा स्थल के उद्घाटन को लेकर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, "संसद भवन परिसर में महात्मा गांधी और डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर समेत कई महान नेताओं की मूर्तियों को उनके प्रमुख स्थानों से हटाकर एक अलग कोने में स्थापित कर दिया गया है. बिना किसी परामर्श के मनमाने ढंग से इन मूर्तियों को हटाना हमारे लोकतंत्र की मूल भावना का उल्लंघन है."</p>
<p style="text-align: justify;">उन्होंने कहा, "डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर की प्रतिमा भी एक सुविधाजनक स्थान पर रखी गई थी, जो यह शक्तिशाली संदेश देती है कि बाबासाहेब सांसदों की पीढ़ियों को भारत के संविधान में निहित मूल्यों और सिद्धांतों को दृढ़ता से बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं."</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="en">My statement on relocation of statues of major leaders in the Parliament House Complex — <br /><br />1. The statues of many great leaders, including Mahatma Gandhi and Dr. Babasaheb Ambedkar, have been removed from their prominent places in the Parliament House Complex and relocated to a…</p>
— Mallikarjun Kharge (@kharge) <a href="https://twitter.com/kharge/status/1802355743506710723?ref_src=twsrc%5Etfw">June 16, 2024</a></blockquote>
<p style="text-align: justify;">
<script src="https://platform.twitter.com/widgets.js" async="" charset="utf-8"></script>
</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>जयराम रमेश आपत्ति जताई</strong></p>
<p style="text-align: justify;">कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि लोकसभा की वेबसाइट के अनुसार, चित्र और प्रतिमाओं पर संसद की समिति की आखिरी बैठक 18 दिसंबर, 2018 को हुई थी और 17वीं लोकसभा (2019-2024) के दौरान इसका पुनर्गठन भी नहीं किया गया, जो पहली बार उपसभापति के संवैधानिक पद के बिना काम कर रही थी.</p>
<p style="text-align: justify;">उन्होंने कहा, “आज संसद परिसर में मूर्तियों के बड़े पुनर्संयोजन का उद्घाटन किया जा रहा है. स्पष्ट रूप से यह सत्तारूढ़ सरकार द्वारा एकतरफा लिया गया निर्णय है.”</p>
<p style="text-align: justify;">रमेश ने एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “इसका एकमात्र उद्देश्य महात्मा गांधी और डॉ. आंबेडकर की प्रतिमाओं को संसद भवन के ठीक बगल में स्थापित न करना है - जो शांतिपूर्ण, वैध और लोकतांत्रिक विरोध के पारंपरिक स्थल हैं. महात्मा गांधी की प्रतिमा को न केवल एक बार बल्कि दो बार हटाया गया है."</p>
<p style="text-align: justify;">रमेश ने कहा कि संसद परिसर में आंबेडकर जयंती समारोह का उतना बड़ा और उतना महत्व नहीं होगा, क्योंकि अब उनकी प्रतिमा वहां विशिष्ट स्थान पर नहीं है.</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="hi">इसके अलावा अब अंबेडकर जयंती समारोह भी उस तरह से भव्य रूप से नहीं होगा। उसका उतना महत्व नहीं रह जाएगा, क्योंकि उनकी प्रतिमा अब संसद परिसर में विशिष्ट स्थान पर नहीं होगी। <a href="https://t.co/ECMbflEwBt">https://t.co/ECMbflEwBt</a></p>
— Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) <a href="https://twitter.com/Jairam_Ramesh/status/1802268570191114371?ref_src=twsrc%5Etfw">June 16, 2024</a></blockquote>
<p style="text-align: justify;">
<script src="https://platform.twitter.com/widgets.js" async="" charset="utf-8"></script>
</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>किसी भी प्रतिमा को हटाया नहीं गया- ओम बिरला</strong></p>
<p style="text-align: justify;">बीजेपी सांसद ओम बिरला ने एक्स पर प्रेरणा स्थल तस्वीरें शेयर कर कांग्रेस को जवाब देते हुए कहा, "देश के महान नेताओं, क्रांतिकारियों तथा समाज में धार्मिक–आध्यात्मिक पुनर्जागरण के अग्रदूत इन विभूतियों की यह प्रतिमाएं पूर्व में संसद भवन परिसर में विभिन्न स्थानों पर स्थापित थीं. किसी भी प्रतिमा को हटाया नहीं गया है, बल्कि सभी को ससम्मान प्रेरणा स्थल पर पुनर्स्थापित किया गया है.</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="hi">संसद परिसर में माननीय उपराष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ जी के करकमलों से प्रेरणास्थल का लोकार्पण हुआ। प्रेरणास्थल के माध्यम से संसद भवन आने वाले आगंतुक अब एक ही स्थान पर देश की महान विभूतियों की प्रतिमाओं को नमन कर उनके जीवन, आदर्शों तथा देश के प्रति उनके योगदान से प्रेरणा ले सकेंगे। <a href="https://t.co/9hiYxb2xY5">pic.twitter.com/9hiYxb2xY5</a></p>
— Om Birla (@ombirlakota) <a href="https://twitter.com/ombirlakota/status/1802351622217208248?ref_src=twsrc%5Etfw">June 16, 2024</a></blockquote>
<p style="text-align: justify;">
<script src="https://platform.twitter.com/widgets.js" async="" charset="utf-8"></script>
</p>
<p style="text-align: justify;">लोकसभा सचिवालय ने कहा है कि प्रेरणा स्थल का निर्माण इसलिए किया गया है, ताकि संसद भवन परिसर में आने वाले गणमान्य व्यक्ति और अन्य आगंतुक एक ही स्थान पर इन प्रतिमाओं को आसानी से देख सकें और उन पर श्रद्धांजलि अर्पित कर सकें. उन्होंने कहा, “इन महान भारतीयों की जीवन गाथाओं और संदेशों को नई प्रौद्योगिकी के माध्यम से आगंतुकों तक पहुंचाने के लिए एक कार्य योजना बनाई गई है.”</p>
<p style="text-align: justify;">कांग्रेस ने दावा किया है कि महात्मा गांधी, बीआर आंबेडकर और छत्रपति शिवाजी सहित अन्य की मूर्तियों को स्थानांतरित करने के पीछे का विचार यह सुनिश्चित करना है कि वे किसी प्रमुख स्थान पर न हों, जहां सांसद शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शन कर सकें.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें : <a href="https://www.abplive.com/news/india/calcutta-high-court-directs-west-bengal-to-ensure-1-percent-reservation-for-transgenders-in-govt-job-2716550">Calcutta High Court: 'सरकारी नौकरी में ट्रांसजेंडर्स को 1 फीसदी आरक्षण दे ममता बनर्जी सरकार', कलकत्ता हाई कोर्ट का बड़ा फैसला</a></strong></p>
<p style="text-align: justify;"> </p>
Friday, June 14, 2024
G7 Summit: ऋषि सुनक, पोप और जेलेंस्की से की मुलाकात, इटली दौरे पर पीएम मोदी ने आज क्या-क्या किया, तस्वीरों में देखिए
G7 Summit: ऋषि सुनक, पोप और जेलेंस्की से की मुलाकात, इटली दौरे पर पीएम मोदी ने आज क्या-क्या किया, तस्वीरों में देखिए
Monday, June 10, 2024
Next BJP President: बन गई सरकार, अब किसके हाथ होगी बीजेपी की पतवार, ये हैं वो 6 दावेदार
<p style="text-align: justify;"><strong>Next BJP President:</strong> प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में तीसरी बार एनडीए की सरकार बन चुकी है. इस बीच सोमवार (10 जून) को प्रधानमंत्री ने कैबिनेट मंत्रियों को पोर्टफोलियो बांट दिए. भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को मोदी 3.0 कैबिनेट में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के साथ-साथ रसायन और उर्वरक मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई है. ऐसे में अब यह साफ हो गया है कि बीजेपी को नया राष्ट्रीय अध्यक्ष मिलने वाला है.</p>
<p style="text-align: justify;">भारतीय जनता पार्टी के राजनीतिक निर्णय अक्सर भविष्यवाणी से पड़े साबित हुए हैं. खासकर दिसंबर 2023 में जब मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में मुख्यमंत्री बनाने की बात आई थी, तब बीजेपी के निर्णय से सब अचंभित रह गए थे. इस वजह से यह आकलन करना मुश्किल है कि पार्टी नया राष्टीय अध्यक्ष किसे बनाएगी, लेकिन फिर भी कई नाम ऐसे हैं जिनपर राजनीतिक गलियारों में पार्टी का अध्यक्ष बनाने को लेकर चर्चा है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>बीजेपी अध्यक्ष की रेस में अनुराग ठाकुर</strong></p>
<p style="text-align: justify;">मंत्री पद के शपथ लेने से पहले (9 जून 2024) से इस बात पर भी चर्ची छिड़ी हुई थी कि मनोहर लाल खट्टर या शिवराज सिंह चौहान को बीजेपी अपना अगला राष्ट्रीय अध्यक्ष बना सकती है, लेकिन इन दोनों नेताओं के मोदी मंत्रिमंडल में शामिल होने के साथ ही सभी दावों पर विराम लग गया. ऐसे में बीजेपी अध्यक्ष के लिए जो नाम सबसे पहले सामने आ रहा है वह हमीरपुर से सांसद अनुराग ठाकुर का है. हमीरपुर लोकसभा सीट से पांच बार के सांसद अनुराग ठाकुर को इसबार मोदी मंत्रिमंडल में जगह नहीं दी गई है. इस वजह से भी उनको पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने के दावों को बल मिलता है.</p>
<p style="text-align: justify;">पार्टी के भीतर अनुराग ठाकुर अनुभव की बात करें तो यूथ बीजेपी के अध्यक्ष के रूप में काम कर चुके हैं. अनुराग ठाकुर 2019 के जनवरी महीने में संसद रत्न पुरस्कार से सम्मानित किए जाने वाले भारतीय जनता पार्टी के पहले सांसद बने थे. इसके अलावा अनुराग हिमाचल प्रदेश राइफल एसोसिएशन के अध्यक्ष, हिमाचल प्रदेश ओलंपिक संघ के महासचिव, भारतीय ओलंपिक संघ के कार्यकारी सदस्य, हिमाचल प्रदेश ओलंपिक संघ के महासचिव के रूप में काम कर चुके हैं. अनुराग ठाकुर बीसीसीआई के संयुक्त सचिव भी रह चुके हैं. मई 2016 में उन्हें बीसीसीआई के अध्यक्ष के रूप में चुना गया था.</p>
<p style="text-align: justify;">उन्होंने खुद पीएम मोदी के विकसित भारत दृष्टिकोण का समर्थन करने के लिए एक पार्टी कार्यकर्ता के रूप में कड़ी मेहनत के साथ काम जारी रखने की बात कही है. इसके अलावा बीजेपी युवा नेताओं को तरजीह देने की बात कह रही है ऐसे में अनुराग ठाकुर उनके लिए बेहतर विकल्प हो सकता है. अगर बीजेपी अनुराग ठाकुर को राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में चुनती है तो इसका मतलब यह होगा कि हिमाचल प्रदेश के दो नेताओं को (दूसरा जेपी नड्डा) शीर्ष स्थान दिए गए हैं. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>इस वजह से विनोद तांवड़े की दावेदारी है मजबूत</strong></p>
<p style="text-align: justify;">बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप एक और नाम जो चर्चा में है वह विनोद तावड़े का है. महाराष्ट्र से आने वाले तावड़े राज्य स्तर पर मंत्री रह चुके हैं. विनोद तांवड़े ओबीसी समाज से आते हैं, जो वर्तमान में बिहार के प्रभारी महासचिव हैं. इस लोकसभा चुनाव में पार्टी ने उन्हें कई जिम्मेदारियां सौंपी थी, जिसका नतीजा ये निकला कि बीजेपी बिहार में अच्छा प्रदर्शन करने में कामयाब रही. इस लोकसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन के नेताओं ने बीजेपी पर ओबीसी विरोधी होने का आरोप लागाया था, जिसका खामियाजा उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में ज्यादातर देखने को मिला था.</p>
<p style="text-align: justify;">महाराष्ट्र में इस साल विधानसभा का चुनाव भी है. ऐसे में पार्टी ओबीसी राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाकर खुद से छिटका हुआ वोट बैंक फिर से समेटने की कोशिश कर सकती है. वह भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की पृष्ठभूमि से ताल्लुक रखते हैं. विनोद तांवड़े माराठा समुदाय से भी ताल्लुक रखते हैं. पिछले कुछ सालों में महाराष्ट्र मराठा आंदोलन की वजह से अशांत रहा है. जगह-जगह केंद्र और राज्य सरकार के विरोध में प्रदर्शन किए गए. ऐसे में विनोद तांवड़े यहां तुरुप का इक्का साबित हो सकते हैं. तांवड़े ने बीते कुछ दिनों में मोदी सराकार की योजनाओं का खूब प्रचार-प्रसार भी किया है. विनोद तावड़े पहले नेता थे जिन्होंने महाराष्ट्र विधानसभा में कृषि के लिए अलग बजट की मांग की थी.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>अमित शाह के करीबी सुनील बंसल भी रेस में</strong></p>
<p style="text-align: justify;">बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए एक और नाम जो इस समय चर्चा के केंद्र में है वह सुनील बंसल हैं. वर्तमान में सुनील बंसल बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव हैं. उन्हें गृह मंत्री अमित शाह का करीबी माना जाता है. सुनील बंसल राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के पूर्व प्रचारक रह चुके हैं. राजनीतिक रूप से इन्होंने कई बार खुद को साबित किया है.</p>
<p style="text-align: justify;">2014 के लोकसभा चुनाव में <a title="अमित शाह" href="https://www.abplive.com/topic/amit-shah" data-type="interlinkingkeywords">अमित शाह</a>ु को बीजेपी ने उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाया था. उस समय सुनील बंसल यूपी के सह-प्रभारी बनाए गए थे. उस चुनाव में बीजेपी ने जबरदस्त प्रदर्शन किया था. इसके बाद 2017 के यूपी विधानसभा चुनाव और 2019 के लोकसभा चुनाव में उन्हें राज्य का मुख्य प्रभारी नियुक्त किया गया था. इन दोनों ही चुनाव में बीजेपी ने रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन किया था.</p>
<p style="text-align: justify;">उत्तर प्रदेश में बीजेपी को अपार सफलता दिलाने के बाद पार्टी ने उन्हें ओडिशा और दक्षिण के राज्य तेलंगाना में पार्टी की पहुंच बढ़ाने का काम सौंपा, जिस पर वह खड़े उतरे. ओडिशा में तो इस बार बीजेपी पहली बार सरकार बनाने में कामयाब रही, तो वहीं पिछले साल तेलंगाना में हुए विधानसभा चुनाव बीजेपी के वोट शेयर में बढ़ोतरी दर्ज की गई थी. इसके अलावा <a title="लोकसभा चुनाव" href="https://www.abplive.com/topic/lok-sabha-election-2024" data-type="interlinkingkeywords">लोकसभा चुनाव</a> के समय सुनील बंसल पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ देश भर के कॉल सेंटरों पर नजर रखते हुए पार्टी के लिए कई जमीनी स्तर के प्लान तैयार कर चुके हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>बीएल संतोष- RSS के बड़े प्रचारक रह चुके हैं</strong></p>
<p style="text-align: justify;">बीएल संतोष वर्तमान में बीजेपी के महासचिव (संगठन) हैं. वह आरएसएस के बड़े प्रचारक भी रह चुके हैं. कुछ लोगों के माना है कि बीएल संतोष बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में बेहतर विकल्प हो सकते हैं, लेकिन उनके लिए यह पद पाना काफी चुनौतीपूर्ण हो सकता है. ऐसे इसलिए क्योंकि 2023 में कर्नाटक विधानसभा चुनाव में जो बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा था, उसके लिए राज्य बीजेपी का एक बड़ा वर्ग बीएल संतोष को दोषी मानता है.</p>
<p style="text-align: justify;">बीएल संतोष को बीजेपी में राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) का पद तब मिली, जब 13 वर्षों से यह पद संभाल रहे रामलाल की विदाई हुई. बीएल संतोष को परदे के पीछे रणनीति बनाने में माहिर माना जाता है. कर्नाटक में बीएस येदियुरप्पा के साथ उनका मनमुटाव कई बार सामने आ चुका है. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>पीएम मोदी के करीबी ओम माथुर भी हैं रेस में</strong></p>
<p style="text-align: justify;">बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की रेस में एक और दावेदार राजस्थान से ओम प्रकाश माथुर हैं. उनके राजनीतिक कद का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बायां हाथ माना जाता है. छत्तीसगढ़ में हुए विधासभा चुनाव के लिए पार्टी ने उन्हें राज्य का प्रभारी बनाकर भेजा था. उस चुनाव में बीजेपी ने बहुमत के साथ सरकार बनाई थी. 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में ओम माथुर ने सुनील बंसल के साथ मिलकर राज्य में बीजेपी की जीत की पटकथा लिखी थी. ऐसे कहा जाता है कि जब <a title="नरेंद्र मोदी" href="https://www.abplive.com/topic/narendra-modi" data-type="interlinkingkeywords">नरेंद्र मोदी</a> गुजरात के मुख्यमंत्री थे तब से ही वह ओम माथुर के संगठन के तौर पर काम करने के कायल रहे हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>के लक्ष्मण का नाम भी बीजेपी अध्यक्ष की रेस में</strong></p>
<p style="text-align: justify;">दक्षिण के राज्य तेलंगाना के पूर्व बीजेपी अध्यक्ष के लक्ष्मण भी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की दौर में बने हुए हैं. फिलहाल वह बीजेपी के ओबीसी मोर्चा प्रमुख के पद पर हैं, ऐसे में बीजेपी उन्हें राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाकर दक्षिण के राज्यों में ओबीसी वोट बैंक को साध सकती है. आंध्र प्रदेश में इस बार बीजेपी गठबंधन की सरकार में सहयोगी है, ऐसे में अब पार्टी की नजर तेलंगाना पर भी होगी. </p>
<p style="text-align: justify;">के लक्ष्मण की पहचान यहा है कि वे शांत और आक्रमक दोनों तरीके से पार्टी का प्रचार प्रसार कर सकते हैं. हालांकि तेलंगाना के बाहर उन्हें कोई नहीं जानता है, जो उनकी संभावित उम्मीदवारी के खिलाफ जाता है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें : <a href="https://www.abplive.com/news/india/pm-modi-cabinet-portfolio-allocation-home-defence-finance-external-affairs-railway-2711989">Modi Cabinet 3.0 Portfolio: गृह-रक्षा-विदेश-वित्त मंत्रालय पर BJP का दबदबा, जानें मोदी 3.0 कैबिनेट में किसे मिली क्या जिम्मेदारी</a></strong></p>
Sunday, June 9, 2024
PM Modi New Cabinet: NDA में बढ़ा सहयोगी दलों का दबदबा, 2019 में महज 4 को मिली थी जगह, जानें 2024 में कितने बने मंत्री
<p style="text-align: justify;"><strong>PM Modi Oath Ceremony News: </strong><a title="लोकसभा चुनाव" href="https://www.abplive.com/topic/lok-sabha-election-2024" data-type="interlinkingkeywords">लोकसभा चुनाव</a> 2024 से पहले एनडीए गठबंधन की अगुवाई करने वाली भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 400 पार का नारा दिया था, लेकिन नतीजे ऐसे नहीं रहे. पूरा एनडीए गठबंधन भी 300 पार नहीं कर सका. भले ही एनडीए ने सरकार बना ली है और नरेंद्र मोदी तीसरी बार पीएम बने हैं, लेकिन इस बार सबसे ज्यादा फायदा एनडीए के सहयोगी दलों का हुआ है.</p>
<p style="text-align: justify;">दरअसल, 2019 में बीजेपी ने अकले ही बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया था. उसके पास 300 से ज्यादा सीटें थीं, इसलिए सरकार बनाने के लिए उसकी किसी पर निर्भरता नहीं थी. एक्सपर्ट कहते हैं कि सीटों की संख्या को देखते हुए बीजेपी ने दूसरे कार्यकाल में कभी सहयोगी दलों को इतना महत्व नहीं दिया. इसी वजह से मोदी के दूसरे टर्म में एनडीए सहयोगियों को मंत्रिमंडल से भी दूर रखा गया. सिर्फ 2 दलों के नेता ही मोदी सरकार में मंत्री थे, लेकिन इस बार ऐसा नहीं है. इस बार बीजेपी पूरी तरह से एनडीए के अन्य दलों पर निर्भर है और उसे इन्हें कई मंत्रालय देने पड़े हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>किस दल से कितने सांसद बने मंत्री</strong></p>
<p style="text-align: justify;">इस बार की बात करें एनडीए के 9 दलों के 11 सांसदों को मोदी मंत्रिमंडल में जगह मिली है. अगर विस्तार से देखें तो जनता दल यूनाइटेड से दो, तेलुगु देशम पार्टी से दो, जनता दल सेक्युलर से एक, हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा से एक, लोक जनशक्ति पार्टी से एक, राष्ट्रीय लोकदल से एक, अपना दल (सोनेलाल) से एक, रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया से एक और <a title="एकनाथ शिंदे" href="https://www.abplive.com/topic/eknath-shinde" data-type="interlinkingkeywords">एकनाथ शिंदे</a> गुट की शिवसेना से एक सांसद को मोदी मंत्रिमंडल में जगह मिली है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>कुल 72 मंत्रियों ने ली है शपथ</strong></p>
<p style="text-align: justify;"><a title="नरेंद्र मोदी" href="https://www.abplive.com/topic/narendra-modi" data-type="interlinkingkeywords">नरेंद्र मोदी</a> के साथ रविवार (9 जून 2024) को कुल 72 मंत्रियों ने भी शपथ ली. इनमें 30 कैबिनेट मंत्री, 5 राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार और 36 राज्य मंत्री शामिल हैं. इस 72 मंत्रियों में 11 एनडीए के सहयोगी दलों से हैं. फिलहाल एनडीए के 14 दलों के पास 53 सीटें हैं. 240 सीट के साथ बीजेपी एनडीए का सबसे बड़ा दल है, जबकि 16 सांसद के साथ टीडीपी दूसरे नंबर पर है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें</strong></p>
<p style="text-align: justify;"><strong><a title="Narendra Modi Oath Taking Ceremony: संसद की सीढ़ियों पर मत्था टेकने से लेकर संविधान को माथे से लगाने तक, देखें पीएम मोदी का सफर" href="https://www.abplive.com/news/india/pm-narendra-modi-oath-taking-ceremony-bowing-his-head-on-parliament-steps-to-constitution-2711373" target="_self">Narendra Modi Oath Taking Ceremony: संसद की सीढ़ियों पर मत्था टेकने से लेकर संविधान को माथे से लगाने तक, देखें पीएम मोदी का सफर</a></strong></p>
PM Modi Oath Ceremony: मोदी कैबिनेट में किस राज्य से कितने मंत्री, देखे राज्यवार लिस्ट
<p style="text-align: justify;"><strong>PM Modi Swearing-In Ceremony:</strong> नरेंद्र मोदी ने रविवार (9 जून) को प्रधानमंत्री पद की शपथ ले ली है. इसके साथ ही मोदी 3.0 कैबिनेट के मंत्रियों का नाम भी फाइनल हो गया है. पीएम <a title="नरेंद्र मोदी" href="https://www.abplive.com/topic/narendra-modi" data-type="interlinkingkeywords">नरेंद्र मोदी</a> की कैबिनेट में इस बार राजनाथ सिंह और नितिन गडकरी को लगातार तीसरी बार फिर से शामिल किया गया है. वहीं, अमित शाह को भी इस लिस्ट में जगह मिली है. आइए जानते हैं कि नई मोदी कैबिनेट में किस राज्य से कितने और किन नवनिर्वाचित सांसदों को जगह मिली है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>गुजरात से इन्हें मिली मोदी मंत्रिमंडल में जगह</strong></p>
<table style="border-collapse: collapse; width: 100%; height: 110px;" border="1">
<tbody>
<tr style="height: 22px;">
<td style="width: 50%; height: 22px;">नाम</td>
<td style="width: 50%; height: 22px;">कैबिनेट/राज्य मंत्री</td>
</tr>
<tr style="height: 22px;">
<td style="width: 50%; height: 22px;"><a title="अमित शाह" href="https://www.abplive.com/topic/amit-shah" data-type="interlinkingkeywords">अमित शाह</a></td>
<td style="width: 50%; height: 22px;">कैबिनेट मंत्री</td>
</tr>
<tr style="height: 22px;">
<td style="width: 50%; height: 22px;">सीआर पाटिल</td>
<td style="width: 50%; height: 22px;">कैबिनेट मंत्री</td>
</tr>
<tr style="height: 22px;">
<td style="width: 50%; height: 22px;">मनसुख मांडविया</td>
<td style="width: 50%; height: 22px;">कैबिनेट मंत्री</td>
</tr>
<tr style="height: 22px;">
<td style="width: 50%; height: 22px;">निमूबेन बांभनिया</td>
<td style="width: 50%; height: 22px;">राज्य मंत्री</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p style="text-align: justify;"><strong>हिमाचल प्रदेश ने किन्हें मिली मोदी 3.0 में जगह</strong></p>
<table style="border-collapse: collapse; width: 100%;" border="1">
<tbody>
<tr>
<td style="width: 50%;">नाम</td>
<td style="width: 50%;">कैबिनेट/राज्य मंत्री</td>
</tr>
<tr>
<td style="width: 50%;">जेपी नड्डा</td>
<td style="width: 50%;">कैबिनेट मंत्री</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p style="text-align: justify;"><strong>उत्तराखंड से अजय टम्टा बने मंत्री</strong></p>
<table style="border-collapse: collapse; width: 100%;" border="1">
<tbody>
<tr>
<td style="width: 50%;">नाम</td>
<td style="width: 50%;">कैबिनेट/राज्य मंत्री</td>
</tr>
<tr>
<td style="width: 50%;">अजय टम्टा</td>
<td style="width: 50%;">राज्य मंत्री</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p style="text-align: justify;"><strong>पंजाब से एक नेता बने मंत्री</strong></p>
<table style="border-collapse: collapse; width: 100%;" border="1">
<tbody>
<tr>
<td style="width: 50%;">नाम</td>
<td style="width: 50%;">कैबिनेट/राज्य मंत्री</td>
</tr>
<tr>
<td style="width: 50%;">रवनीत सिंह बिट्टू</td>
<td style="width: 50%;">राज्य मंत्री</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p style="text-align: justify;"><strong>महाराष्ट्र से किन्हें मिली मोदी मंत्रिमंडल में जगह</strong></p>
<table style="border-collapse: collapse; width: 100%;" border="1">
<tbody>
<tr>
<td style="width: 50%;">नाम</td>
<td style="width: 50%;">कैबिनेट/राज्य मंत्री</td>
</tr>
<tr>
<td style="width: 50%;">नितिन गडकरी </td>
<td style="width: 50%;">कैबिनेट मंत्री</td>
</tr>
<tr>
<td style="width: 50%;">रक्षा खडसे</td>
<td style="width: 50%;">राज्य मंत्री</td>
</tr>
<tr>
<td style="width: 50%;">प्रताप राव जाधव </td>
<td style="width: 50%;">राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)</td>
</tr>
<tr>
<td style="width: 50%;">पीयूष गोयल</td>
<td style="width: 50%;">कैबिनेट मंत्री</td>
</tr>
<tr>
<td style="width: 50%;">मुरलीधर मोहोल </td>
<td style="width: 50%;">राज्य मंत्री</td>
</tr>
<tr>
<td style="width: 50%;">रामदास अठावले </td>
<td style="width: 50%;">राज्य मंत्री</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p style="text-align: justify;"><strong>मध्य प्रदेश से इन्हें मिली मोदी मंत्रिमंडल में जगह</strong></p>
<table style="border-collapse: collapse; width: 100%;" border="1">
<tbody>
<tr>
<td style="width: 50%;">नाम</td>
<td style="width: 50%;">कैबिनेट/राज्य मंत्री</td>
</tr>
<tr>
<td style="width: 50%;">शिवराज सिंह चौहान </td>
<td style="width: 50%;">कैबिनेट मंत्री</td>
</tr>
<tr>
<td style="width: 50%;">ज्योतिरादित्य सिंधिया</td>
<td style="width: 50%;">कैबिनेट मंत्री</td>
</tr>
<tr>
<td style="width: 50%;">सावित्री ठाकुर </td>
<td style="width: 50%;">राज्य मंत्री</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p style="text-align: justify;"><strong>बिहार से मोदी कैबिनेट 3.0 में किन्हें मिली जगह</strong></p>
<table style="border-collapse: collapse; width: 100%;" border="1">
<tbody>
<tr>
<td style="width: 50%;">नाम</td>
<td style="width: 50%;">कैबिनेट/राज्य मंत्री</td>
</tr>
<tr>
<td style="width: 50%;">जीतन राम मांझी</td>
<td style="width: 50%;">कैबिनेट मंत्री</td>
</tr>
<tr>
<td style="width: 50%;">रामनाथ ठाकुर </td>
<td style="width: 50%;">राज्य मंत्री</td>
</tr>
<tr>
<td style="width: 50%;">नित्यानन्द राय</td>
<td style="width: 50%;">राज्य मंत्री</td>
</tr>
<tr>
<td style="width: 50%;">गिरिराज सिंह </td>
<td style="width: 50%;">कैबिनेट मंत्री</td>
</tr>
<tr>
<td style="width: 50%;">चिराग पासवान </td>
<td style="width: 50%;">कैबिनेट मंत्री</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p style="text-align: justify;"><strong>झारखंड से बनाए गए दो मंत्री</strong></p>
<table style="border-collapse: collapse; width: 100%;" border="1">
<tbody>
<tr>
<td style="width: 50%;">नाम</td>
<td style="width: 50%;">कैबिनेट/राज्य मंत्री</td>
</tr>
<tr>
<td style="width: 50%;">अन्नपूर्णा देवी </td>
<td style="width: 50%;">कैबिनेट मंत्री</td>
</tr>
<tr>
<td style="width: 50%;">संजय सेठ</td>
<td style="width: 50%;">राज्य मंत्री</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p style="text-align: justify;"><strong>उत्तर प्रदेश इन्हें मिली मोदी मंत्रिमंडल में जगह</strong></p>
<table style="border-collapse: collapse; width: 100%;" border="1">
<tbody>
<tr>
<td style="width: 50%;">नाम</td>
<td style="width: 50%;">कैबिनेट/राज्य मंत्री</td>
</tr>
<tr>
<td style="width: 50%;">राजनाथ सिंह</td>
<td style="width: 50%;">कैबिनेट</td>
</tr>
<tr>
<td style="width: 50%;">जितिन प्रसाद</td>
<td style="width: 50%;">राज्य मंत्री</td>
</tr>
<tr>
<td style="width: 50%;">पंकज चौधरी </td>
<td style="width: 50%;">राज्य मंत्री</td>
</tr>
<tr>
<td style="width: 50%;">अनुप्रिया पटेल </td>
<td style="width: 50%;">राज्य मंत्री</td>
</tr>
<tr>
<td style="width: 50%;">जयंत चौधरी </td>
<td style="width: 50%;">राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)</td>
</tr>
<tr>
<td style="width: 50%;">बीएल वर्मा </td>
<td style="width: 50%;">राज्य मंत्री</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p style="text-align: justify;"><strong>तेलंगाना से दो नेताओं के मोदी मंत्रिमंडल में जगह</strong></p>
<table style="border-collapse: collapse; width: 100%;" border="1">
<tbody>
<tr>
<td style="width: 50%;">नाम</td>
<td style="width: 50%;">कैबिनेट/राज्य मंत्री</td>
</tr>
<tr>
<td style="width: 50%;">बंडी संजय कुमार</td>
<td style="width: 50%;">राज्य मंत्री</td>
</tr>
<tr>
<td style="width: 50%;">जी किशन रेड्डी</td>
<td style="width: 50%;">कैबिनेट मंत्री</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p style="text-align: justify;"><strong>हरियाणा से तीन नेताओं को मोदी मंत्रिमंडल में जगह</strong></p>
<table style="border-collapse: collapse; width: 100%;" border="1">
<tbody>
<tr>
<td style="width: 50%;">नाम</td>
<td style="width: 50%;">कैबिनेट/राज्य मंत्री</td>
</tr>
<tr>
<td style="width: 50%;">कृष्णपाल गुर्जर</td>
<td style="width: 50%;">राज्य मंत्री</td>
</tr>
<tr>
<td style="width: 50%;">राव इंद्रजीत सिंह </td>
<td style="width: 50%;">राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)</td>
</tr>
<tr>
<td style="width: 50%;">मनोहर लाल खट्टर</td>
<td style="width: 50%;">कैबिनेट मंत्री</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p style="text-align: justify;"><strong>अरुणाचल से किरेन रिजिजू बने मंत्री</strong></p>
<table style="border-collapse: collapse; width: 100%;" border="1">
<tbody>
<tr>
<td style="width: 50%;">नाम</td>
<td style="width: 50%;">कैबिनेट/राज्य मंत्री</td>
</tr>
<tr>
<td style="width: 50%;">किरेन रिजिजू</td>
<td style="width: 50%;">कैबिनेट मंत्री</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p style="text-align: justify;"><strong>असम से सर्बानंद सोनोवाल बने मंत्री</strong></p>
<table style="border-collapse: collapse; width: 100%;" border="1">
<tbody>
<tr>
<td style="width: 50%;">नाम </td>
<td style="width: 50%;">कैबिनेट/राज्य मंत्री</td>
</tr>
<tr>
<td style="width: 50%;">सर्बानंद सोनोवाल</td>
<td style="width: 50%;">कैबिनेट मंत्री</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p style="text-align: justify;"><strong>बंगाल से शांतनु ठाकुर बने मंत्री</strong></p>
<table style="border-collapse: collapse; width: 100%;" border="1">
<tbody>
<tr>
<td style="width: 50%;">नाम</td>
<td style="width: 50%;">कैबिनेट/राज्य मंत्री</td>
</tr>
<tr>
<td style="width: 50%;">शांतनु ठाकुर</td>
<td style="width: 50%;">राज्य मंत्री</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p style="text-align: justify;"><strong>दिल्ली से किसे मिली मोदी कैबिनेट में जगह</strong></p>
<table style="border-collapse: collapse; width: 100%; height: 44px;" border="1">
<tbody>
<tr style="height: 22px;">
<td style="width: 50%; height: 22px;">नाम</td>
<td style="width: 50%; height: 22px;">कैबिनेट/राज्य मंत्री</td>
</tr>
<tr style="height: 22px;">
<td style="width: 50%; height: 22px;">हर्ष मल्होत्रा </td>
<td style="width: 50%; height: 22px;">राज्य मंत्री</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p style="text-align: justify;"><strong>कर्नाटक से तीन नेताओं को मोदी मंत्रिमंडल में जगह</strong></p>
<table style="border-collapse: collapse; width: 100%;" border="1">
<tbody>
<tr>
<td style="width: 50%;">नाम</td>
<td style="width: 50%;">कैबिनेट/राज्य मंत्री</td>
</tr>
<tr>
<td style="width: 50%;">शोभा करंदलाजे</td>
<td style="width: 50%;">राज्य मंत्री</td>
</tr>
<tr>
<td style="width: 50%;">एचडी कुमारस्वामी </td>
<td style="width: 50%;">कैबिनेट मंत्री</td>
</tr>
<tr>
<td style="width: 50%;">प्रह्लाद जोशी </td>
<td style="width: 50%;">कैबिनेट मंत्री</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p style="text-align: justify;"><strong>केरल से दो नेताओं को बनाया गया मंत्री</strong></p>
<table style="border-collapse: collapse; width: 100%;" border="1">
<tbody>
<tr>
<td style="width: 50%;">नाम</td>
<td style="width: 50%;">कैबिनेट/राज्य मंत्री</td>
</tr>
<tr>
<td style="width: 50%;">सुरेश गोपी</td>
<td style="width: 50%;">राज्य मंत्री </td>
</tr>
<tr>
<td style="width: 50%;">जॉर्ज कुरियन</td>
<td style="width: 50%;">राज्य मंत्री </td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें : <a href="https://www.abplive.com/news/india/pm-narendra-modi-oath-ceremony-2024-punjab-ravneet-singh-kerala-george-kurian-no-lok-sabha-and-rajya-sabha-member-2711402">PM Modi Oath Ceremony: न राज्यसभा सांसद, न ही लोकसभा सदस्य, फिर भी इन नेताओं को मिली मोदी कैबिनेट में जगह</a></strong></p>
Narendra Modi Oath Taking Ceremony: संसद की सीढियों पर मात्था टेकने से लेकर संविधान को माथे से लगाने तक, देखें पीएम मोदी का सफर
<p style="text-align: justify;"><strong>PM Modi Oath Taking Ceremony:</strong> नरेंद्र मोदी लगातार तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री बन चुके हैं. राष्ट्रपति <a title="द्रौपदी मुर्मू" href="https://www.abplive.com/topic/droupadi-murmu" data-type="interlinkingkeywords">द्रौपदी मुर्मू</a> ने मोदी को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. मोदी पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के बाद लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने वाले दूसरे नेता बन गए हैं. मोदी कैबिनेट 3.0 में इस बार कई नेताओं पुराने नेताओं को जगह नहीं मिल है. 71 मंत्रियों ने कैबिनेट की शपथ ली, जिसमें 30 कैबिनेट मंत्री, 5 राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), 36 राज्य मंत्री शामिल हैं. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>संसद की सीढ़ियों को झुककर किया था प्रणाम</strong></p>
<p style="text-align: justify;">साल 2014 में कांग्रेस का भारी अंतर से हराकर बीजेपी ने नरेंद्र मोदी को पहली बार प्रधानमंत्री बनाया था. उस समय जब पहली बार देश के संसद भवन पहुंचे तो पहले सीढ़ियों पर सिर झुकाकर लोकतंत्र के मंदिर को प्रणाम किया था. उस समय किसी को भी यह उम्मीद नहीं थी कि नरेंद्र मोदी अचानक संसद की सीढ़ियों पर झुककर नमन करेंगे. </p>
<p style="text-align: justify;"><img src="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2024/06/09/1176b91c41c2c182026abcf4c9c427911717947706768708_original.jpg" /></p>
<p style="text-align: justify;"><strong>संसद के सेंट्रल हॉल में भावुक हुए थे मोदी</strong></p>
<p style="text-align: justify;">20 मई, 2014 को संसद के सेंट्रल हॉल में भाषण के दौरान नरेंद्र मोदी भावुक हो गए थे. उन्होंने कहा था, "लालाकृष्ण आडवाणी, हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष और भारतीय जनता पार्टी के सभी मुख्यमंत्रियों और नवनिर्वाचित सदस्यों, सर्वसम्मति से मुझे नई जिम्मेदारी देने के लिए मैं आप सभी का आभारी हूं. मैं विशेष रूप से लालकृष्ण आडवाणी और राजनाथ सिंह का आभारी हूं, क्योंकि उन्होंने मुझे आशीर्वाद दिया है."</p>
<p style="text-align: justify;"><img src="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2024/06/09/951ffc2f122a7949d81ad516f46a8c091717947770971708_original.jpg" /></p>
<p style="text-align: justify;"><strong>संविधान की प्रति को माथे पर लगाया</strong></p>
<p style="text-align: justify;">लोकसभा चुनाव 2024 में बहुमत मिलने के बाद पुराने संसद भवन में एनडीए के नेताओं की बैठक हुई थी, जिसमें नरेंद्र मोदी को एनडीए का नेता चुना गया था. इस बैठक में एनडीए के सभी दलों ने बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा को समर्थन पत्र सौंपा था. इसके बाद नरेंद्र मोदी ने वहां रखी संविधान की प्रति को माथे पर लगाया था.</p>
<p style="text-align: justify;"><img src="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2024/06/09/d2aca90019e1944f2997522bb8f69b0e1717947812570708_original.jpg" /></p>
<p style="text-align: justify;"><strong>तीसरी बार पीएम बने नरेंद्र मोदी</strong></p>
<p style="text-align: justify;">इस <a title="लोकसभा चुनाव" href="https://www.abplive.com/topic/lok-sabha-election-2024" data-type="interlinkingkeywords">लोकसभा चुनाव</a> में कांग्रेस और इंडिया गठबंधन ने अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया और उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान सहित कई हिन्दी पट्टी के क्षेत्रों में बीजेपी के रथ को रोकने में सफलता हासिल की. यही कारण रहा कि नतीजों के बाद विपक्षी दलों ने चुनाव परिणामों को मोदी की नैतिक हार करार दिया.</p>
<p style="text-align: justify;"><img src="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2024/06/09/97170d47d350cbb4269ff9290c75c10f1717950698066708_original.jpeg" /></p>
<p style="text-align: justify;">बीजेपी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने 293 सीटें जीती हैं. प्रधानमंत्री <a title="नरेंद्र मोदी" href="https://www.abplive.com/topic/narendra-modi" data-type="interlinkingkeywords">नरेंद्र मोदी</a> ने इसे किसी भी चुनाव-पूर्व गठबंधन की सबसे बड़ी सफलता करार दिया. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें : <a href="https://www.abplive.com/news/india/narendra-modi-new-oath-ceremony-new-cabinet-jyotiraditya-scindia-total-net-worth-and-income-2710895">Jyotiraditya Scindia: सिंधिया को फिर मिली मोदी कैबिनेट में जगह, ले रखा है 47 लाख का लोन, जानिए कितनी संपत्ति के हैं मालिक</a></strong></p>
Narendra Modi Cabinet: मोदी कैबिनेट में नहीं एक भी मुसलमान, जानें कितने अल्पसंख्यकों को मिला मंत्री पद
<p class="abp-article-slug" style="text-align: justify;"><strong>Narendra Modi Cabinet: </strong>नरेंद्र मोदी ने लगातार तीसरी बार भारत के प्रधानमंत्री पद की शपथ ली है. रविवार को राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने एनडीए के नेता नरेंद्र मोदी को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई जिसके बाद वो स्वतंत्र भारत के 20वें प्रधानमंत्री बन गए हैं. पीएम मोदी के साथ 71 मंत्रियों ने भी मंत्री पद की शपथ ली है. प्रधानमंत्री के नेतृत्व बनाई जाने वाली मंत्रियों की नई टीम में 30 कैबिनेट मंत्री, 5 स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री और 36 राज्य मंत्री शामिल हुए हैं. जिसमें 5 अल्‍पसंख्‍यक जा‍ति के सांसद शामिल हैं.</p>
<p class="abp-article-slug" style="text-align: justify;">दरअसल, मोदी 3.0 में सभी सामाजिक समूहों से नेतृत्व को शामिल किया गया है. इसमें 27 अन्य पिछड़ा वर्ग, 10 अनुसूचित जाति, 5 अनुसूचित जनजाति, 5 अल्पसंख्यक शामिल होंगे. साथ ही 18 वरिष्ठ मंत्री मंत्रालयों का नेतृत्व करेंगे. जिसमें रामदास अठावले, रवनीत सिंह बिट्टू, हरदीप सिंह पुरी, पबित्रा मार्गेरिटा, जॉर्ज कुरियन शामिल हैं.</p>
<p class="abp-article-slug" style="text-align: justify;"><strong>रामदास अठावले</strong></p>
<p class="abp-article-slug" style="text-align: justify;">रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के प्रमुख और राज्यसभा सांसद रामदास अठावले ने आज <a title="नरेंद्र मोदी" href="https://www.abplive.com/topic/narendra-modi" data-type="interlinkingkeywords">नरेंद्र मोदी</a> के नेतृत्व वाली नई एनडीए सरकार में राज्य मंत्री पद की शपथ ली. वहीं, रामदास अठावले महाराष्ट्र से राज्यसभा सांसद हैं. एनडीए के सहयोगी दल रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के प्रमुख हैं. हालांकि, पिछली सरकार में भी मंत्री रहे हैं. मगर, मोदी 3.0 में भी राज्यमंत्री की जिम्मेदारी मिली है.</p>
<p class="abp-article-slug" style="text-align: justify;"><strong>जॉर्ज कुरियन</strong></p>
<p class="abp-article-slug" style="text-align: justify;">केरल से ताल्लुक रखने वाले जॉर्ज कुरियन जो कि अधिवक्ता और बीजेपी के राज्य महासचिव है. वहीं, जॉर्ज कुरियन को मोदी 3.0 में मंत्रिपरिषद में शामिल किया गया है. भारतीय जनता युवा मोर्चा (बीजेवाईएम) के माध्यम से राजनीति में प्रवेश करने के बाद पिछले चार दशकों से वे केरल भाजपा में संगठन के व्यक्ति रहे हैं.</p>
<p class="abp-article-slug" style="text-align: justify;"><strong>पबित्रा मार्गेरिटा</strong></p>
<p class="abp-article-slug" style="text-align: justify;">असम से ताल्लुक रखने वाले बीजेपी नेता पवित्रा मार्गेरिटा को नवगठित मोदी कैबिनेट 3.0 में मंत्री पद के लिए चुना गया है. पबित्रा मार्गेरिटा की राज्यमंत्री पद की नियुक्ति बड़ी उपलब्धि है. यह सरकार में अनुभवी राजनेताओं के साथ उभरते नेताओं को एकीकृत करने की बीजेपी की रणनीति को उजागर करती है.</p>
<p class="abp-article-slug" style="text-align: justify;"><strong>हरदीप सिंह पुरी</strong></p>
<p class="abp-article-slug" style="text-align: justify;">हरदीप सिंह पुरी मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का भी हिस्सा बन गए हैं. उन्होंने मंत्री पद की शपथ ले लिया है. हरदीप सिंह इससे पहले मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री और आवास और शहरी मामलों के मंत्री रह चुके हैं. पुरी राजनेता बनने से पहले पूर्व राजनयिक रह चुके हैं.</p>
<p class="abp-article-slug" style="text-align: justify;">वह 1974 बैच के भारतीय विदेश सेवा के अधिकारी हैं. पुरी 2014 में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए थे. 2020 में यूपी से राज्यसभा में सांसद बने. इससे पहले मई 2019 में, उन्होंने आवास और शहरी मामलों और नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाया गया था.</p>
<p class="abp-article-slug" style="text-align: justify;"><strong>रवनीत सिंह बिट्टू</strong></p>
<p style="text-align: justify;">मोदी सरकार में शामिल होने वाले मंत्रियों में पंजाब से आने वाले पूर्व कांग्रेस नेता रवनीत सिंह बिट्टू के नाम ने सबसे ज्यादा चौंकाया है. बिट्टू ने राज्य मंत्री के रूप में मंत्री पद की शपथ ली. लुधियाना लोकसभा सीट पर पंजाब कांग्रेस प्रमुख अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने रवनीत बिट्टू को इस बार चुनावी शिकस्त दी. बिट्टू 2009 में आनंदपुर साहिब, 2014 और 2019 में लुधियाना से कांग्रेस के टिकट पर लगातार चुनाव जीतते आये हैं। रवनीत बिट्टू <a title="लोकसभा चुनाव" href="https://www.abplive.com/topic/lok-sabha-election-2024" data-type="interlinkingkeywords">लोकसभा चुनाव</a> से पहले बीजेपी में शामिल हुए थे.<strong> </strong></p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a title="PM Modi Oath Ceremony: नीतीश-नायडू के नेताओं से पहले कुमारस्वामी ने ली शपथ, NDA के सहयोगियों में कौन बना मंत्री, देखें पूरी लिस्ट" href="https://www.abplive.com/news/india/pm-narendra-modi-swearing-in-ceremony-nda-allies-get-minster-birth-hd-kumarswami-lalan-singh-jitanram-manjhi-2711264" target="_self">PM Modi Oath Ceremony: नीतीश-नायडू के नेताओं से पहले कुमारस्वामी ने ली शपथ, NDA के सहयोगियों में कौन बना मंत्री, देखें पूरी लिस्ट</a></strong></p>
Saturday, June 8, 2024
PM Modis Oath Ceremony: नरेंद्र मोदी कल बनेंगे तीसरी बार PM! जानें कब, कहां और कैसे देख सकेंगे शपथ ग्रहण समारोह
<p style="text-align: justify;"><strong>Modi 3.0 Oath Taking Ceremony:</strong> नरेंद्र मोदी रविवार (09 जून) को तीसरी बार प्रधानमंत्री की शपथ लेंगे. <a title="लोकसभा चुनाव" href="https://www.abplive.com/topic/lok-sabha-election-2024" data-type="interlinkingkeywords">लोकसभा चुनाव</a> में एनडीए को बहुमत मिलने के बाद राष्ट्रपति के सामने सरकार बनाने दावा पेश किया जा चुका है और राष्ट्रपति भवन शपथ ग्रहण समारोह होना है. कार्यक्रम रविवार शाम सवा सात बजे का रखा गया है, जिसमें कई विदेशी मेहमान भी शामिल होंगे.</p>
<p style="text-align: justify;">राष्ट्रपति <a title="द्रौपदी मुर्मू" href="https://www.abplive.com/topic/droupadi-murmu" data-type="interlinkingkeywords">द्रौपदी मुर्मू</a> शाम 7:15 बजे प्रधानमंत्री पद की शपथ दिलाएंगी, जिसका पूरे देश में सीधा प्रसारण किया जाएगा. एक आधिकारिक घोषणा में कहा गया है, “राष्ट्रपति 9 जून, 2024 को शाम 07.15 बजे राष्ट्रपति भवन में प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्रिपरिषद के अन्य सदस्यों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगी.”</p>
<p style="text-align: justify;">बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा के अलावा <a title="अमित शाह" href="https://www.abplive.com/topic/amit-shah" data-type="interlinkingkeywords">अमित शाह</a> और राजनाथ सिंह जैसे वरिष्ठ नेता सरकार में प्रतिनिधित्व के अपने हिस्से को अंतिम रूप देने के लिए तेलुगू देशम पार्टी के एन चंद्रबाबू नायडू, जेडीयू के नीतीश कुमार और शिवसेना के <a title="एकनाथ शिंदे" href="https://www.abplive.com/topic/eknath-shinde" data-type="interlinkingkeywords">एकनाथ शिंदे</a> सहित सहयोगी दलों से परामर्श कर चुके हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>एबीपी न्यूज पर देखें नरेंद्र मोदी का शपथ ग्रहण समारोह</strong></p>
<p style="text-align: justify;">नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह को देखने के लिए आपको अपने पसंदीदा न्यूज चैनल एबीपी न्यूज को ट्यून करना है जहां सारे अपडेट्स लगातार दिखाए जाएंगे. एबीपी न्यूज के अलावा हमारी वेबसाइट एबीपी लाइव पर भी शपथ ग्रहण से जुड़ी हर अपडेट मिलती रहेगी. इसके साथ ही फेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब के जरिए भी इस कार्यक्रम को देखा जा सकेगा.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>शपथ ग्रहण कार्यक्रम देखने के लिए इन लिंक पर करें क्लिक</strong></p>
<p style="text-align: justify;">एबीपी लाइव- <a href="https://www.abplive.com/">https://www.abplive.com/</a></p>
<p style="text-align: justify;">एबीपी यूट्यूब- <a href="https://www.youtube.com/watch?v=nyd-xznCpJc">https://www.youtube.com/watch?v=nyd-xznCpJc</a></p>
<p style="text-align: justify;">एबीपी एक्स- <a href="https://twitter.com/ABPNews">https://twitter.com/ABPNews</a> , <a href="https://twitter.com/abplive">https://twitter.com/abplive</a></p>
<p style="text-align: justify;">एबीपी फेसबुक- <a href="https://www.facebook.com/abpnews?mibextid=ZbWKwL">https://www.facebook.com/abpnews?mibextid=ZbWKwL</a></p>
<p style="text-align: justify;">एबीपी इंस्टाग्राम- <a href="https://www.instagram.com/abpnewstv?igsh=MXN2czQ3aml6cGV4MQ==">https://www.instagram.com/abpnewstv?igsh=MXN2czQ3aml6cGV4MQ==</a></p>
<p style="text-align: justify;">इसके साथ ही सभी न्यूज चैनल टीवी और अपने सोशल मीडिया प्लेफॉर्म पर मोदी के शपथ ग्रहण समारोह का सीधा प्रसारण करेंगे. दूरदर्शन भी अपने टीवी और यूट्यूब चैनल पर इस समारोह का सीधा प्रसारण करेगा. समारोह का सीधा प्रसारण भारत के राष्ट्रपति के यूट्यूब चैनल और एक्स अकाउंट पर भी किया जाएगा.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a title="PM Modi Oath Ceremony: नरेंद्र मोदी कल लेंगे PM पद की शपथ, कैबिनेट में दिख सकते हैं नए चेहरे, जानें मेहमानों की लिस्ट से लेकर सुरक्षा तक की हर अपडेट" href="https://www.abplive.com/news/india/narendra-modi-oath-taking-ceremony-know-about-timing-cabinet-security-arrangements-and-guests-all-details-here-2710693" target="_self">PM Modi Oath Ceremony: नरेंद्र मोदी कल लेंगे PM पद की शपथ, कैबिनेट में दिख सकते हैं नए चेहरे, जानें मेहमानों की लिस्ट से लेकर सुरक्षा तक की हर अपडेट</a></strong></p>
Friday, June 7, 2024
राहुल गांधी और कांग्रेस ने भारत जोड़ो न्याय यात्रा में क्या खोया और क्या पाया? जानें दो यात्राओं का कैसा रहा प्रदर्शन
<p style="text-align: justify;"><strong>Lok Sabha Election Result 2024: </strong><a title="लोकसभा चुनाव" href="https://www.abplive.com/topic/lok-sabha-election-2024" data-type="interlinkingkeywords">लोकसभा चुनाव</a> 2024 में कांग्रेस की सीटें बढ़ी हैं. इसको कांग्रेस नेता राहुल गांधी की यात्राओं से भी जोड़कर देखा जा रहा है. राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा और भारत जोड़ो न्याय यात्रा एक साल के अंतराल पर आयोजित की गई, जिसे मतदाताओं तक पहुंचने और राहुल गांधी की छवि बनाने की कवायद के तौर पर तैयार किया गया था. दोनों यात्राओं के रास्ते पर पड़ने वाले निर्वाचन क्षेत्रों में कांग्रेस और उसके मौजूदा इंडिया ब्लॉक सहयोगियों ने 41 सीटें हासिल कीं.</p>
<p style="text-align: justify;">इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, सितंबर 2022 से जनवरी 2023 तक की पहली भारत जोड़ो यात्रा के दौरान <a class="keywordtourl" href="https://indianexpress.com/about/rahul-gandhi/" rel="noamphtml">राहुल गांधी ने</a> 12 जनसभाओं, 100 से ज़्यादा नुक्कड़ सभाओं और 13 प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने 12 राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों के 75 जिलों और 71 लोकसभा क्षेत्रों में 4,000 किलोमीटर से ज़्यादा की यात्रा की. जहां कन्याकुमारी से शुरू होकर कश्मीर में समाप्त हुई यह यात्रा 71 लोकसभा क्षेत्रों से होकर गुजरी, जिनमें से कांग्रेस ने इस बार 56 सीटों पर चुनाव लड़ा और 23 पर जीत हासिल की.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>INDIA गठबंधन ने 14 सीटें पर लड़ा चुनाव, 6 पर जीत की हासिल</strong></p>
<p style="text-align: justify;">वहीं, भारत जोड़ो यात्रा यानी राहुल गांधी की पहली और दूसरी यानी भारत जोड़ो न्याय यात्रा में काफी फर्क भी देखने को मिला है. जहां साल 2019 में कांग्रेस ने इनमें से 65 सीटों पर चुनाव लड़ा और 15 पर जीत हासिल की थी. जबकि, इस बार कांग्रेस के इंडिया ब्लॉक सहयोगी इनमें से 14 सीटों पर चुनाव लड़े और 6 पर जीत हासिल की. साल 2019 में गठबंधन ने 71 सीटों में से 4 पर चुनाव लड़ा और 2 पर जीत हासिल की. </p>
<p style="text-align: justify;">हालांकि, कांग्रेस नेता राहुल गांधी की दूसरी भारत जोड़ो न्याय यात्रा मणिपुर से निकली और मुंबई पहुंच कर खत्म हो गई है. ये न्याय यात्रा भारत जोड़ो यात्रा से थोड़ी अलग रही, जिसमें राहुल गांधी ने लगभग 6,713 किलोमीटर की यात्रा की, जिसमें से ज्यादातर यात्रा बस से की. उनमें से 82 निर्वाचन क्षेत्रों में से, कांग्रेस ने 49 सीटों पर चुनाव लड़ा और 17 पर जीत हासिल की. जबकि, साल 2019 में, इसने 71 निर्वाचन क्षेत्रों में चुनाव लड़ा था, लेकिन केवल 6 पर जीत हासिल की थी.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>दिल्ली की सभी 7 सीटों पर BJP पड़ी भारी</strong></p>
<p style="text-align: justify;">वहीं, दिल्ली में पहली यात्रा से कांग्रेस और उसके सहयोगियों को कुछ भी हासिल नहीं हुआ. 2019 में यात्रा ने जिन 5 सीटों को छुआ था, उनमें से कांग्रेस ने सभी सीटों पर चुनाव लड़ा था और हार गई थी. जबकि, इस चुनाव में उसने 5 में से 2 सीटों पर चुनाव लड़ा, जबकि बाकी तीन पर आप ने चुनाव लड़ा. गठबंधन सभी सीटें हार गया. <strong> </strong></p>
<p style="text-align: justify;"><strong>महाराष्ट्र में 6 से 4 सीटें जीते में सफल रहा इंडिया गठबंधन</strong></p>
<p style="text-align: justify;">हालांकि, महाराष्ट्र में पहली यात्रा का असर यह हुआ कि 2024 में कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने 6 सीटों में से 4 सीटें जीतीं. पांच साल पहले यूपीए ने ये सभी सीटें खो दी थीं. जबकि, दूसरी यात्रा में 8 निर्वाचन क्षेत्र शामिल थे, जिनमें से महा विकास अघाड़ी गठबंधन ने इस बार पांच सीटें जीतीं. वहीं, साल 2019 में इसने सभी सीटें खो दी थीं. वहीं, हरियाणा में, जहां पहली यात्रा ने 5 सीटों को कवर किया था, कांग्रेस 2019 में भाजपा के हाथों सभी सीटें हार गई थी. लेकिन इस बार, वह 5 सीटें जीतने में सफल रही.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>कर्नाटक में 3 और केरल में 7 सीटें जीतने में रहे कामयाब</strong></p>
<p style="text-align: justify;">कर्नाटक में जहां पहली यात्रा ने सात सीटों को कवर किया था, कांग्रेस ने 5 सीटों पर चुनाव लड़कर कोई सीट नहीं जीती थी, जबकि उसकी सहयोगी जेडीएस ने दो सीटों पर चुनाव लड़कर एक सीट जीती थी. जबकि, 2024 में, कांग्रेस ने तीन सीटें जीतीं जब उसने सभी सात सीटों पर चुनाव लड़ा था. वहीं, केरल में जहां पहली यात्रा 11 निर्वाचन क्षेत्रों में गई, जिसमें से कांग्रेस ने 2019 में 10 सीटों में से 7 पर जीत हासिल की. एक सीट सहयोगी आईयूएमएल ने जीती. जबकि, इस चुनाव में 11 सीटों में से, कांग्रेस ने सात सीटें जीतीं, जबकि उसके सहयोगियों ने 2 सीटें जीतीं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>राजस्थान में 3 सीटें पर कांग्रेस ने औऱ 2 पर अलायंस ने दर्ज की जीत</strong></p>
<p style="text-align: justify;">वहीं, राजस्थान में पहली यात्रा ने 5 निर्वाचन क्षेत्रों को कवर किया, जिसमें से कांग्रेस 2019 में ये सभी सीटें बीजेपी से हार गई थी, लेकिन इस बार 3 सीटें जीतकर वापसी करने में सफल रही. पार्टी ने दूसरी यात्रा के दौरान 2 सीटें हासिल कीं.2019 में वह दोनों सीटें हार गई थी और इस बार वह एक सीट जीतने में सफल रही, जबकि दूसरी सीट उसके सहयोगी दल ने जीती.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>कांग्रेस और सपा का बेहतर रहा प्रदर्शन</strong></p>
<p style="text-align: justify;">जबकि, उत्तर प्रदेश में पहली भारत जोड़ो यात्रा में 3 सीटें और दूसरी यात्रा में 20 सीटें शामिल थीं. इस बार कांग्रेस और सहयोगी <a class="keywordtourl" href="https://indianexpress.com/about/samajwadi-party/" rel="noamphtml">समाजवादी पार्टी</a> (सपा) का प्रदर्शन बेहतर रहा. पहली यात्रा में शामिल 3 सीटों में से कांग्रेस 2019 में सभी सीटों पर हार गई, जबकि सपा ने इस बार एक सीट जीती. दूसरी यात्रा में शामिल 20 सीटों में से कांग्रेस ने 8 सीटों पर चुनाव लड़ा और 3 सीटें जीतीं जबकि सपा ने 12 सीटों पर चुनाव लड़ा और पांच सीटें जीतीं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a title="लालकृष्ण आडवाणी का आशीर्वाद लेने उनके घर पहुंचे नरेंद्र मोदी, वीडियो में देखें कैसी रही मुलाकात" href="https://www.abplive.com/news/india/narendra-modi-meets-bharat-ratna-and-bjp-leader-lk-advani-at-residence-in-delhi-new-government-formation-2709720" target="_self">लालकृष्ण आडवाणी का आशीर्वाद लेने उनके घर पहुंचे नरेंद्र मोदी, वीडियो में देखें कैसी रही मुलाकात</a></strong></p>
Thursday, June 6, 2024
Lok Sabha Election Result 2024: मोदी मंत्रिमंडल हुआ फाइनल, एक पीएम और दो डिप्टी पीएम? जानिए फाइनल डील
<p style="text-align: justify;"><strong>Lok Sabha Election Result 2024:</strong> 4 जून को <a title="लोकसभा चुनाव" href="https://www.abplive.com/topic/lok-sabha-election-2024" data-type="interlinkingkeywords">लोकसभा चुनाव</a> के नतीजे सामने आने के बाद से नई सरकार के गठन को लेकर चर्चा लगातार हो रही है. अब जब तय हो चुका है कि नरेंद्र मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं तो अब उनके मंत्रिमंडल को लेकर चर्चा जोर पकड़ चुकी है. दरअसल, बीजेपी को बहुमत न मिलने पर एनडीए की बहुमत वाली सरकार बन रही है, ऐसे में टीडीपी के चंद्रबाबू नायडू और जेडीयू के नीतीश कुमार की भूमिका को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं.</p>
<p style="text-align: justify;">सूत्रों के मुताबिक, 9 जून को शपथ ग्रहण समारोह की तारीख तय की गई है वहीं, शपथ ग्रहण की तैयारियां भी जोरों पर चल रही हैं जो राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में होगा. कई विदेशी मेहमानों को भी न्यौता भेजा गया है. इन सब के बीच इससे पहले बीजेपी चाहती है कि सहयोगी दलों से सभी बातें फाइनल कर ली जाएं. अब वो कौन सी चीजें हैं जिन पर होनी है बात.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>जेडीयू की डिमांड</strong></p>
<p style="text-align: justify;">सरकार बनने में सहायक जेडीयू बिहार राज्य के लिए स्पेशल स्टेटस का दर्जे की मांग तो कर ही रही है, इसके साथ ही उसने 3 कैबिनेट और 4 राज्य मंत्री की भी मांग की है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>टीडीपी की मांग</strong></p>
<p style="text-align: justify;">वहीं चंद्रबाबू नायडू की टीडीपी की भा आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने के साथ-साथ 5 मंत्रालय की भी मांग कर रही है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>शिवसेना की मांग</strong></p>
<p style="text-align: justify;">शिवसेना (शिंदे) गुट की मांग है कि उसे 3 कैबिनेट और 2 राज्य मंत्री के पद मिलें. वहीं चिराग पासवान की पार्टी एलजेपी की मांग है कि 1 कैबिनेट और 2 राज्य मंत्री के पद मिलें. जीतनराम मांझी की हम एक राज्य मंत्री और इसी तरह से अनुप्रिया पटेल ने एक राज्य मंत्री की मांग की है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>किस फॉर्मूले पर किया जाएगा बटवारा?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">पिछली बार की सरकार में 5 सांसदों पर एक कैबिनेट का पद दिया गया था. क्या इस बार भी इसी फॉर्मूले पर काम किया जाएगा क्योंकि इस बार सहयोगी दलों की संख्या भी ज्यादा है. 41 सांसद सहयोगी दलों के हैं जिनके भरोसे <a title="नरेंद्र मोदी" href="https://www.abplive.com/topic/narendra-modi" data-type="interlinkingkeywords">नरेंद्र मोदी</a> प्रधानमंत्री बनेंगे. अगर तीन सांसदों पर एक मंत्री पद दिया जाता है तो सहयोगी दलों की मांगों को पूरा किया जा सकता है. अब देखने वाली बात होगी कि बीजेपी किस फॉर्मूले को अपनाती है. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a title="Lok Sabha Election Result 2024: सहयोगियों के सहारे बहुमत, बीजेपी चुकाएगी कीमत? NDA सरकार तो बनेगी लेकिन नीतीश-नायडू की कृपा पर चलेगी" href="https://www.abplive.com/news/india/lok-sabha-election-result-2024-majority-to-nda-narendra-modi-will-run-government-with-the-help-of-nitish-kumar-and-chandrababu-naidu-2709227" target="_self">Lok Sabha Election Result 2024: सहयोगियों के सहारे बहुमत, बीजेपी चुकाएगी कीमत? NDA सरकार तो बनेगी लेकिन नीतीश-नायडू की कृपा पर चलेगी</a></strong></p>
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