Wednesday, January 31, 2024

Budget Session 2024: अमेरिका की तुलना में कहां खड़ा है भारत? यूएस का बजट जानकर रह जाएंगे दंग, इस सेक्टर में होता है सबसे ज्यादा खर्च

<p style="text-align: justify;"><strong>America Budget:</strong> प्रधानमंत्री <a title="नरेंद्र मोदी" href="https://www.abplive.com/topic/narendra-modi" data-type="interlinkingkeywords">नरेंद्र मोदी</a> सरकार के दूसरे कार्यकाल का आखिरी बजट सत्र बुधवार (31 जनवरी) से शुरू हो गया. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण गुरुवार (01 फरवरी) को इस सरकार का आखिरी अंतरिम बजट पेश करेंगी. भारत जैसे देश और तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था का बजट तो बड़ा होता ही है लेकिन अमेरिका के बजट के मुकाबले ये बहुत छोटा नजर आता है.</p> <p style="text-align: justify;">आम चुनाव से पहले पेश होने वाले अंतरिम बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मध्यम वर्ग, किसानों और श्रमिकों को काफी उम्मीदें हैं. <a title="लोकसभा चुनाव" href="https://www.abplive.com/topic/lok-sabha-election-2024" data-type="interlinkingkeywords">लोकसभा चुनाव</a> से पहले पेश होने वाला अंतरिम बजट, सत्ता में मौजूद पार्टी के लिए मुफ्त और लोकलुभावन योजनाओं के जरिये मतदाताओं को आकर्षित करने का एक मौका होता है.</p> <p style="text-align: justify;">पिछले साल निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2023-24 के लिए जब बजट पेश किया था उसमें 45,03,097 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव था. जबकि इसी वित्त वर्ष के लिए अमेरिका का बजट इससे कहीं बहुत ज्यादा लगभग 50,65,47,66,00,00,000.06 यानि 6.1 ट्रिलियन डॉलर था. तो आइए जानते हैं अमेरिका किस सेक्टर में सबसे ज्यादा खर्च करता है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>इन सेक्टर्स में सबसे ज्यादा खर्च</strong></p> <p style="text-align: justify;">अमेरिका सबसे ज्यादा सामाजिक सुरक्षा को लेकर खर्च करता है. FISCAL Data के मुताबिक, अमेरिका 351 बिलियन डॉलर सामाजिक सुरक्षा, 238 बिलियन डॉलर राष्ट्रीय रक्षा, 225 बिलियन डॉलर स्वास्थ्य, 216 बिलियन डॉलर नेट इंट्रेस्ट, 168 बिलियन डॉलर मेडिकेयर, 143 बिलियन डॉलर इनकम सिक्योरिटी, 81 बिलियन डॉलर बुजुर्गों के लाभ और सेवाओं पर, 65 बिलियन डॉलर कॉमर्स और हाउसिंग क्रेडिट, 50 बिलियन डॉलर शिक्षा, प्रशिक्षण, रोजगार और सामाजिक सेवाओं पर, 32 बिलियन डॉलर ट्रांस्पोर्टेशन और 48 बिलियन डॉलर अन्य मामलों पर.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>रक्षा बजट में कहां खड़ा भारत?</strong></p> <p style="text-align: justify;">भारत ने साल 2022 के मुकाबले 2023 के रक्षा बजट में 13 फीसदी की बढ़ोतरी की थी. वहीं अन्य आकंड़ों की अगर बात करें तो अमेरिका का रक्षा बजट भारत के कुल बजट से 17 गुना ज्यादा है. जबकि आबादी के मामले में अमेरिका से भारत बहुत आगे है. जहां भारत की आबादी 140 करोड़ के आसपास है तो अमेरिका की आबादी सिर्फ 35 करोड़ के करीब है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a title="Budget 2024: अंतरिम बजट होगा लोकलुभावन, सैलरीड क्लास-किसानों-सरकारी कर्मचारियों को मिलेगी सौगात!" href="https://www.abplive.com/business/budget-2024-expectations-interim-budget-likely-to-be-populist-govt-may-dole-out-goodies-for-taxpayers-government-employees-farmers-2600045" target="_self">Budget 2024: अंतरिम बजट होगा लोकलुभावन, सैलरीड क्लास-किसानों-सरकारी कर्मचारियों को मिलेगी सौगात!</a></strong></p>

Tuesday, January 30, 2024

Supreme Court News: 'नेताओं को मोटी चमड़ी वाला होना चाहिए', जानें सुप्रीम कोर्ट ने क्यों कहा ऐसा?

<p style="text-align: justify;"><strong>Supreme Court Hearing: </strong>असमिया लोगों के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों के लिए दर्ज की गई कई प्राथमिकी के संबंध में गिरफ्तारी से संरक्षण का अनुरोध करने वाली पश्चिम बंगाल के एक राजनीतिक टिप्पणीकार की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने ने मंगलवार (30 जनवरी) को कहा, &ldquo;नेताओं को मोटी चमड़ी वाला (अर्थात लोगों की टिप्पणी से अप्रभावित रहने वाला) होना चाहिए.&rdquo;</p> <p style="text-align: justify;">जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस संजय करोल की पीठ ने पश्चिम बंगाल के एक राजनीतिक टिप्पणीकार की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि इन दिनों न्यायाधीशों को भी पत्रों और साक्षात्कारों में उनके खिलाफ की गई टिप्पणियों को अनदेखा करना चाहिए.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>...हम न्यायाधीशों को भी सतर्क रहने की जरूरत- जस्टिस बीआर गवई</strong></p> <p style="text-align: justify;">न्यायमूर्ति बीआर गवई ने कहा, &ldquo;नेताओं को मोटी चमड़ी वाला होना चाहिए. आजकल पत्रों और साक्षात्कारों के संबंध में हम न्यायाधीशों को भी सतर्क रहने की जरूरत है. अगर हम उनकी बात सुनने लगेंगे, तो काम ही नहीं कर पाएंगे.&rdquo; &nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">राजनीतिक टिप्पणीकार गर्ग चटर्जी की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ अग्रवाल और अधिवक्ता आशुतोष दुबे ने पीठ को बताया कि उन्होंने 2020 में ट्विटर (अब एक्स) पर कुछ टिप्पणियां की थीं. अग्रवाल ने कहा कि उनके खिलाफ असम और पश्चिम बंगाल में कई प्राथमिकी दर्ज की गई हैं, जिन्हें आगे की जांच के लिए एक साथ जोड़कर किसी तटस्थ राज्य में स्थानांतरित करने की जरूरत है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>याचिकाकर्ता ने 2020 में मांगी थी सार्वजनिक माफी- अधिवक्ता</strong>&nbsp; &nbsp;&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">असम के तत्कालीन मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल की टिप्पणियों का जिक्र करते हुए अग्रवाल ने कहा कि उन्होंने चटर्जी की गिरफ्तारी का आदेश दिया था, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. उन्होंने कहा, &ldquo;19 अगस्त, 2020 को याचिकाकर्ता ने असम के लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली अपनी टिप्पणी के लिए सार्वजनिक माफी मांगी.&rdquo;</p> <p style="text-align: justify;">पीठ ने उनसे पूछा कि उन्हें जमानत दी गई या नहीं? अग्रवाल ने कहा कि जमानत दे दी गई और उन्हें नौ सितंबर, 2022 को इस अदालत की ओर से पश्चिम बंगाल और असम में दर्ज प्राथमिकी के संबंध में गिरफ्तारी से सुरक्षा प्रदान की गई. इसके बाद पीठ ने मामले को गैर-विविध दिन पर अंतिम सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया और दलीलें पूरी करने को कहा.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें- <a title="'अपराध की आय को सफेद करने के लिए कंपनी बनाई', AAP सांसद संजय सिंह को लेकर कोर्ट में क्या बोली ईडी?" href="https://www.abplive.com/news/india/excise-policy-case-ed-tells-delhi-hc-aap-leader-sanjay-singh-created-special-purpose-vehicle-to-launder-money-2599331" target="_blank" rel="noopener">'अपराध की आय को सफेद करने के लिए कंपनी बनाई', AAP सांसद संजय सिंह को लेकर कोर्ट में क्या बोली ईडी?</a></strong></p>

Parliament Budget Session: आज से शुरू होगा संसद का बजट सत्र! सरकार के एजेंडे से लेकर विपक्ष की तैयारी तक, जानें क्या होगा खास

<p style="text-align: justify;"><strong>Parliament Budget Session 2024: </strong>संसद का बजट सत्र बुधवार (31 जनवरी) को राष्ट्रपति <a title="द्रौपदी मुर्मू" href="https://www.abplive.com/topic/droupadi-murmu" data-type="interlinkingkeywords">द्रौपदी मुर्मू</a> के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करने के साथ शुरू होगा. वर्तमान लोकसभा का यह आखिरी सत्र है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अप्रैल-मई में होने वाले <a title="लोकसभा चुनाव" href="https://www.abplive.com/topic/lok-sabha-election-2024" data-type="interlinkingkeywords">लोकसभा चुनाव</a> से पहले एक फरवरी को अंतरिम बजट पेश करेंगी. नई सरकार कार्यभार संभालने के बाद पूर्ण बजट पेश करेगी. संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने मंगलवार (30 जनवरी) को हुई सर्वदलीय बैठक में कहा कि सीतारमण जम्मू-कश्मीर के लिए भी बजट पेश करेंगी, जहां राष्ट्रपति शासन है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>बजट सत्र का क्या एजेंडा है?</strong><br />प्रह्लाद जोशी ने कहा कि 17वीं लोकसभा के 9 फरवरी को समाप्त होने वाले इस संक्षिप्त सत्र का मुख्य एजेंडा राष्ट्रपति का अभिभाषण, अंतरिम बजट की प्रस्तुति और राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा और इसका प्रधानमंत्री <a title="नरेंद्र मोदी" href="https://www.abplive.com/topic/narendra-modi" data-type="interlinkingkeywords">नरेंद्र मोदी</a> की ओर से जवाब दिया जाना है.&nbsp;रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अगुवाई में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान विपक्षी नेताओं ने कई मुद्दे उठाए.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>विपक्ष कौन से मुद्दे उठाएंगा?</strong><br />कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के. सुरेश ने कहा कि पार्टी सत्र के दौरान बेरोजगारी, महंगाई, कृषि संकट और जातीय हिंसा प्रभावित मणिपुर की स्थिति का मुद्दा उठाएगी. तृणमूल कांग्रेस नेता सुदीप बंदोपाध्याय ने कहा कि वित्त मंत्री को अंतरिम बजट में विभिन्न केंद्रीय योजनाओं के तहत पश्चिम बंगाल के बकाये को भी शामिल करना चाहिए.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">उन्होंने कहा, &lsquo;&lsquo;यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक मुख्यमंत्री को राज्य को केंद्रीय बकाया के समय पर आवंटन की मांग के लिए धरने पर बैठना पड़ा.&rsquo;&rsquo;</p> <p style="text-align: justify;">समाजवादी पार्टी के नेता एसटी हसन ने पूजा स्थल अधिनियम को मजबूत करने के लिए कदम उठाने की मांग की. यह अधिनियम धार्मिक स्थलों के 15 अगस्त 1947 की यथास्थिति के अनुरूप उनके धार्मिक स्वरूप को बनाए रखने को कहता है और उनके रूपांतरण को प्रतिबंधित करता है. हसन की यह मांग वाराणसी में ज्ञानवापी मस्जिद को हिंदू समुदाय को सौंपने की मांग के मद्देनजर आई है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>सरकार ने क्या कहा?</strong><br />बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि बैठक में बातचीत बहुत सौहार्दपूर्ण रही और सरकार इस छोटे सत्र के दौरान हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है. जोशी ने कहा कि सरकार के पास बजट सत्र के लिए कोई विधायी एजेंडा नहीं है और इसका मुख्य जोर राष्ट्रपति के अभिभाषण, धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा, अंतरिम बजट की प्रस्तुति और जम्मू-कश्मीर के बजट पर होगा.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">उन्होंने कहा, &lsquo;&lsquo;उन्होंने सुझाव दिए हैं, लेकिन चूंकि यह वर्तमान लोकसभा का आखिरी सत्र है. हमने कहा है, हम उन्हें अगले सत्र में मौका देंगे.&rsquo;&rsquo; राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष शरद पवार, जनता दल (यूनाइटेड) के रामनाथ ठाकुर और तेलुगू देशम पार्टी के जयदेव गल्ला सर्वदलीय बैठक में उपस्थित नेताओं में शामिल थे.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>कांग्रेस नेता ने 'भारत जोड़ो न्याय यात्रा' का किया जिक्र</strong><br />राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का बैठक में प्रतिनिधित्व करने वाले कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि उन्होंने असम में राहुल गांधी के नेतृत्व वाली &lsquo;भारत जोड़ो न्याय यात्रा&rsquo; पर हिंसक हमले और उस पर राज्य सरकार की लगाई गई पाबंदियों का मुद्दा उठाया. उच्च सदन में कांग्रेस के उप नेता तिवारी ने संवाददाताओं से कहा कि देश में अघोषित तानाशाही कायम है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख लालू प्रसाद जैसे विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने के लिए सीबीआई और ईडी का दुरुपयोग कर रही है. तिवारी ने कहा कि उन्होंने विपक्षी दलों से विचार-विमर्श के बाद ये मुद्दे उठाए हैं.</p> <p style="text-align: justify;">प्रत्येक सत्र से पहले एक सर्वदलीय बैठक बुलाने की प्रथा है. बैठक में विभिन्न दलों के नेता उन मुद्दों को उजागर करते हैं जिन्हें वे संसद में उठाना चाहते हैं. सरकार उन्हें अपने एजेंडे की एक झलक बताती है और उनका सहयोग मांगती है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें- <a title="CAA Row: आम चुनाव से पहले आएगा CAA? बोले BJP नेता- मार्च में मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट इसलिए फरवरी में हो सकता है लागू" href="https://www.abplive.com/news/india/caa-debate-again-in-the-country-before-lok-sabha-chunaav-2024-suvendu-adhikari-shantanu-thakur-mamata-banerjee-amit-shah-2598576" target="_self">CAA Row: आम चुनाव से पहले आएगा CAA? बोले BJP नेता- मार्च में मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट इसलिए फरवरी में हो सकता है लागू</a></strong></p>

'अपराध की आय को सफेद करने के लिए कंपनी बनाई', AAP सांसद संजय सिंह को लेकर कोर्ट में क्या बोली ईडी?

<p style="text-align: justify;"><strong>Delhi Excise Policy Case:</strong> प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने दिल्ली हाई कोर्ट के समक्ष दलील दी है कि गिरफ्तार 'आप' सांसद संजय सिंह ने कथित तौर पर 'अपराध की आय' को सफेद करने के लिए एक कंपनी बनाई. यह काला धन दिल्ली आबकारी नीति में बदलाव से उत्पन्न होने वाले व्यवसाय से आता था. &nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">संजय सिंह को दिल्ली आबकारी शुल्क नीति &lsquo;घोटाले&rsquo; से जुड़े धनशोधन मामले में गिरफ्तार किया गया था. ईडी ने कहा कि संजय सिंह 2021-22 की नीति अवधि से संबंधित दिल्ली आबकारी घोटाले से उत्पन्न अपराध की आय को प्राप्त करने, रखने, छिपाने, प्रसारित और उपयोग करने में शामिल थे.&nbsp;धन शोधन मामले में संजय सिंह की जमानत याचिका के जवाब में दायर अपने हलफनामे में ईडी की तरफ से ये दलीलें दी गईं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>संजय सिंह ने निचली अदालत के आदेश को दी है चुनौती</strong></p> <p style="text-align: justify;">पिछले साल चार अक्टूबर को ईडी की ओर से गिरफ्तार किए गए राज्यसभा सदस्य ने धनशोधन मामले में उनकी जमानत याचिका खारिज करने के निचली अदालत के 22 दिसंबर के आदेश को चुनौती दी है. मामला मंगलवार (30 जनवरी) को जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा के समक्ष सूचीबद्ध किया गया था. ईडी के वकील की अनुपलब्धता के कारण इसे अब बुधवार (31 जनवरी) के लिए सूचीबद्ध किया गया है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ईडी ने अपने हलफनामे में संजय सिंह को लेकर और क्या कहा?</strong></p> <p style="text-align: justify;">जांच एजेंसी ने अपने हलफनामे में कहा कि जांच के दौरान यह पता चला कि संजय सिंह कथित घोटाले में एक प्रमुख साजिशकर्ता हैं और वह इस मामले में कई आरोपियों या संदिग्धों, व्यवसायी दिनेश अरोड़ा और अमित अरोड़ा के साथ निकटता से जुड़े हुए थे.</p> <p style="text-align: justify;">इसमें कहा गया, &ldquo;...यह स्पष्ट है कि संजय सिंह अपराध की आय के धनशोधन के लिए एक कंपनी (मैसर्स अरालियास हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड) बनाने में शामिल थे, जोकि उनके और उनके सह-षड्यंत्रकारी की ओर से साजिश के अनुसार नीतिगत बदलावों से उपजे व्यवसाय से उत्पन्न होता था.&nbsp;इसके अलावा, संजय सिंह 2021-22 की नीति अवधि से संबंधित दिल्ली शराब घोटाले से उत्पन्न अपराध की आय को प्राप्त करने, रखने, छुपाने, फैलाने और उपयोग करने में शामिल थे.&rdquo;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें- <a title="ED Action: ED के रडार पर विपक्ष! 121 में से विपक्षी दलों के 115 नेता, टॉप पर कांग्रेस-टीएमसी और NCP" href="https://www.abplive.com/news/india/ed-action-on-opposition-leaders-during-manmohan-singh-government-modi-govt-2599229" target="_blank" rel="noopener">ED Action: ईडी के रडार पर विपक्ष! 121 में से विपक्षी दलों के 115 नेता, टॉप पर कांग्रेस-टीएमसी और NCP</a></strong></p>

भारत-अमेरिका सहयोग नियम आधारित वैश्विक व्यवस्था को मजबूत करने में सक्षम: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

<p style="text-align: justify;"><strong>Rajnath Singh On India-US Cooperation:</strong> हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन की सेना के दबदबा बढ़ाने के प्रयासों पर वैश्विक चिंताओं के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार (30 जनवरी) को कहा कि भारत और अमेरिका &lsquo;स्वाभाविक साझेदार&rsquo; हैं और दोनों देशों के बीच सहयोग से नियम आधारित वैश्विक व्यवस्था को मजबूती मिलेगी.</p> <p style="text-align: justify;">उन्होंने कहा कि भारत अमेरिकी कंपनियों के लिए जोखिम कम करने वाली जगह हो सकती है और यह देश निवेश के अच्छे लाभ दिला सकता है. उन्होंने कहा कि अमेरिका की पूंजी और प्रौद्योगिकी संबंधी जानकारी भारत को 2047 तक विकसित देश बनाने में मदद कर सकती है.</p> <p style="text-align: justify;">रक्षा मंत्री इंडो-अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स (आईएसीसी) की ओर से &lsquo;भारत अमेरिका संबंधों को मजबूत करना&rsquo; विषय पर एक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>भारत एक मजबूत देश- रक्षा मंत्री</strong></p> <p style="text-align: justify;">राजनाथ सिंह ने कहा कि रूस-यूक्रेन और इजराइल-हमास संघर्षों ने भारत के रक्षा क्षेत्र पर ज्यादा प्रभाव नहीं डाला है और इस बात पर जोर दिया कि भारत एक मजबूत देश बन गया है, जो राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने और उस पर &lsquo;बुरी नजर&rsquo; डालने वाले किसी भी व्यक्ति को करारा जवाब देने में सक्षम है.</p> <p style="text-align: justify;">उन्होंने कहा, &lsquo;&lsquo;भारत और अमेरिका स्वतंत्र, खुली और नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था का समर्थन करते हैं. इससे हमारे सामरिक हितों में काफी समानता आ रही है.&rsquo;&rsquo;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>'आर्थिक संबंध दोनों देशों के लिए लाभकारी स्थिति में'</strong></p> <p style="text-align: justify;">राजनाथ सिंह ने कहा, &lsquo;&lsquo;इसके अलावा आर्थिक संबंध दोनों देशों के लिए लाभकारी स्थिति में हैं. मौजूदा संबंध साझा मूल्यों और समान हितों से संचालित हैं जो संबंधों के टिकाऊ होने और मजबूत होने की गारंटी है.&rsquo;&rsquo; उन्होंने कहा, &lsquo;&lsquo;भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और अमेरिका भी एक बड़ा लोकतंत्र है. जब दो बड़े लोकतंत्र एक दूसरे को सहयोग करते हैं तो निश्चित रूप से लोकतांत्रिक वैश्विक व्यवस्था मजबूत होगी.&rsquo;&rsquo;</p> <p style="text-align: justify;">केंद्रीय मंत्री ने &lsquo;आत्मनिर्भर भारत&rsquo; पहल के पीछे सरकार के दृष्टिकोण को विस्तार से बताते हुए कहा कि देश सही रफ्तार से आगे बढ़ रहा है और आने वाले समय में लड़खड़ाएगा नहीं. उन्होंने आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए रक्षा मंत्रालय की ओर से लिए गए निर्णयों को गिनाया, जिनमें घरेलू उद्योग के लिए रक्षा पूंजी खरीद बजट का 75 प्रतिशत निर्धारित करना शामिल है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>'रूस-यूक्रेन समेत संघर्षों का रक्षा क्षेत्र पर नहीं पड़ा ज्यादा असर'</strong></p> <p style="text-align: justify;">राजनाथ सिंह ने कहा कि इससे भारत को रक्षा उपकरण निर्यात करने वाले शीर्ष 25 देशों में जगह बनाने में मदद मिली है. उन्होंने कहा, &lsquo;&lsquo;रूस-यूक्रेन और इजराइल-हमास संघर्षों का रक्षा क्षेत्र पर ज्यादा असर नहीं पड़ा है. भारत एक मजबूत देश बन गया है, जो राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने और बुरी नजर डालने वाले को मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम है.&rsquo;&rsquo;</p> <p style="text-align: justify;">रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि &lsquo;आत्मनिर्भर भारत&rsquo; का उद्देश्य वैश्विक प्रणाली से कटना और अलग-थलग होकर काम करना नहीं है. उन्होंने मित्र देशों के साथ रफ्तार बनाकर रखने के लिए भारत में हर क्षेत्र में किए गए बदलावों को भी गिनाया.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>'महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है अमेरिकी निवेश'</strong></p> <p style="text-align: justify;">राजनाथ&nbsp;सिंह ने कहा, &lsquo;&lsquo;भारत एक विश्वस्तरीय अवसंरचना का विकास कर रहा है.&rsquo;&rsquo; रक्षा मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार ने एक मजबूत और आत्मनिर्भर 'न्यू इंडिया' के लिए आधारशिला रखी है और अमेरिकी निवेश प्रधानमंत्री <a title="नरेंद्र मोदी" href="https://www.abplive.com/topic/narendra-modi" data-type="interlinkingkeywords">नरेंद्र मोदी</a> के 'विकसित भारत' के दृष्टिकोण को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है.</p> <p style="text-align: justify;">उन्होंने कहा कि भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) और नासा (नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन) के बीच संयुक्त पहल 'निसार' पृथ्वी विज्ञान, आपदा प्रबंधन और जलवायु परिवर्तन जैसे कई क्षेत्रों में सहयोग सुनिश्चित करेगी. &lsquo;निसार&rsquo; नासा और इसरो के बीच एक संयुक्त पृथ्वी-अवलोकन मिशन है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें- <a title="&lsquo;चीन से डरने की जरूरत नहीं&rsquo;, बोले विदेश मंत्री एस जयशंकर, जानें क्यों कहा ऐसा" href="https://www.abplive.com/news/india/mea-s-jaishankar-says-i-dnt-think-we-should-scare-from-china-in-iim-mumbai-programme-2599312" target="_blank" rel="noopener">&lsquo;चीन से डरने की जरूरत नहीं&rsquo;, बोले विदेश मंत्री एस जयशंकर, जानें क्यों कहा ऐसा</a></strong></p>

लग्‍जरी होटल में ठहरने पर मह‍िला का बना था 6 लाख का ब‍िल, खाते में थे महज 41 रुपये, फरार जालसाज को पुल‍िस ने क‍िया ग‍िरफ्तार

<p style="text-align: justify;"><strong>Delhi Crime News: </strong>इंद&zwj;िरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास एयरोस&zwj;िटी स्&zwj;थ&zwj;ित एक लग्&zwj;जरी होटल पुलमैन होटल में 15 दिन तक स्&zwj;टे करने वाली आंध्र प्रदेश की एक मह&zwj;िला का हैरान करने वाला वाकया सामने आया है. होटल में रुकने का उसका करीब 6 लाख रुपये का ब&zwj;िल आया जबक&zwj;ि मह&zwj;िला के अकाउंट में स&zwj;िर्फ 41 रुपये थे. बावजूद इसके वो इतने द&zwj;िन ब&zwj;िना क&zwj;िसी झ&zwj;िझक होटल में रही और ब&zwj;िना भुगतान के चेकआउट भी कर गई. आरोपी अब पुल&zwj;िस की ग&zwj;िरफ्त में है. मह&zwj;िला की पहचान झांसी रानी सैमुअल के रूप में की गई है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">हैरान करने वाली बात यह है क&zwj;ि मह&zwj;िला ने होटल की स्पा सुविधा में 2.11 लाख रुपये का पूरा फायदा भी उठाया. इस सुव&zwj;िधा का लाभ उसने ईशा दवे नाम से एक फर्जी पहचान पत्र दिखाकर उठाया था. दिल्ली पुलिस ने सैमुअल को होटल से धोखाधड़ी करने के आरोप में गत 13 जनवरी को गिरफ्तार किया. उसके खातों की जांच पड़ताल की गई, पता चला कि उसके पास मात्र 41 रुपये हैं.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>मह&zwj;िला ने होटल स्&zwj;टॉफ को द&zwj;िखाया था ऑनलाइन भुगतान&nbsp;</strong></p> <p style="text-align: justify;">होटल स्&zwj;टॉफ से धोखाधड़ी करके ब&zwj;िना कोई पेमेंट क&zwj;िए मह&zwj;िला के चेकआउट करने का खुलासा तब हुआ जब उनको कोई ऑनलाइन भुगतान र&zwj;िसीव नहीं हुआ. इस मामले में पुल&zwj;िस का कहना है क&zwj;ि आरोपी झांसी रानी सैमुअल ने होटल के कर्मचारियों को फोन पर दिखाया था कि उसने होटल के ब&zwj;िल का भुगतान आईसीआईसीआई बैंक यूपीआई ऐप से कर दिया है. &nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">समाचार एजेंसी पीटीआई ने पुलिस अधिकारी के हवाले से बताया क&zwj;ि इसको लेकर संदेह है क&zwj;ि मह&zwj;िला ने ऑनलाइन पेमेंट के ल&zwj;िए ज&zwj;िस ऐप का इस्तेमाल किया, वह संदिग्ध था.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>मह&zwj;िला की पहचान की पुष्&zwj;ट&zwj;ि नहीं&nbsp;</strong></p> <p style="text-align: justify;">पुल&zwj;िस जांच के दौरान सैमुअल ने पुलिस को बताया कि वह अपने पत&zwj;ि के साथ न्&zwj;यूयॉर्क में रहती थी. पेशे से वे दोनों डॉक्टर थे लेक&zwj;िन पुलिस ने अभी तक सैमुअल की पहचान को लेकर कोई पुष्टि नहीं की है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें: <a title="ड्रैगन को गुस्ताखी पड़ेगी भारी! LAC के पास बनकर तैयार हुई सेला सुरंग, जानें सेना की कैसे होगी बड़ी मदद" href="https://www.abplive.com/news/india/sela-tunnel-to-be-inaugurated-after-third-party-safety-audit-tunnel-will-help-to-enhancing-army-capabilities-at-lac-china-2599025" target="_self">ड्रैगन को गुस्ताखी पड़ेगी भारी! LAC के पास बनकर तैयार हुई सेला सुरंग, जानें सेना की कैसे होगी बड़ी मदद</a></strong></p>

'जैकलीन फर्नांडीज जानबूझकर ठग की अपराध की आय लेने में थीं शामिल', कोर्ट में बोली ईडी

<p style="text-align: justify;"><strong>ED On Jacqueline Fernandez:</strong> प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने दिल्ली हाई कोर्ट के समक्ष दलील दी है कि 200 करोड़ रुपये के धन शोधन मामले में आरोपी बॉलीवुड अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडीज जानबूझकर कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर के अपराध की आय स्वीकार कर रही थीं और उसके उपयोग में शामिल थीं.</p> <p style="text-align: justify;">ईडी ने यह तर्क फर्नांडीज की याचिका के जवाब में दायर एक हलफनामे में दिया था. फर्नाडीज ने याचिका में कथित तौर पर चंद्रशेखर से जुड़े धन शोधन मामले में उनके खिलाफ प्राथमिकी को रद्द करने की मांग की थी. &nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">मामला जस्टिस मनोज कुमार ओहरी के समक्ष सूचीबद्ध किया गया था और फर्नांडीज का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील ने ईडी के हलफनामे के जवाब में प्रत्युत्तर दाखिल करने के लिए समय मांगा.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>जैकलीन फर्नांडीज को लेकर और क्या बोली ईडी?</strong></p> <p style="text-align: justify;">हाई कोर्ट ने मामले को 15 अप्रैल को आगे की सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया. अपने जवाब में ईडी ने दावा किया कि फर्नांडीज ने कभी भी चंद्रशेखर के साथ वित्तीय लेनदेन के बारे में सच्चाई का खुलासा नहीं किया और सबूत मिलने तक हमेशा तथ्यों को छुपाया.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>चंद्रशेखर की आपराधिक पृष्ठभूमि जानती थीं जैकलीन- ईडी</strong></p> <p style="text-align: justify;">ईडी ने कहा कि शुरुआत में अपने बयानों में अभिनेत्री ने यह दावा करके अपने को बचाने की कोशिश की कि वह चंद्रशेखर की शिकार रही हैं, हालांकि, जांच के दौरान वह उनके (चंद्रशेखर) की ओर से उत्पीड़न को साबित करने के लिए कोई ठोस सामग्री प्रदान करने में विफल रहीं.</p> <p style="text-align: justify;">जांच एजेंसी ने कहा कि जैकलीन चंद्रशेखर की आपराधिक पृष्ठभूमि से अवगत थी, फिर भी वह अपने और अपने परिवार के सदस्यों के लिए अपराध की आय प्राप्त करती रहीं, उसका आनंद लेती रही और उसे अपने पास रखती रहीं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें- <a title="Lok Sabha Election 2024: 400 का आंकड़ा होगा पार! कैसे खुलेगा दक्षिण भारत का द्वार, साउथ की 132 सीटों के लिए ये है बीजेपी का फॉर्मूला" href="https://www.abplive.com/news/india/lok-sabha-election-2024-bjp-south-states-kerala-tamil-nadu-andhra-pradesh-telangana-plan-hindu-voter-pm-modi-2599233" target="_blank" rel="noopener">Lok Sabha Election 2024: 400 का आंकड़ा होगा पार! कैसे खुलेगा दक्षिण भारत का द्वार, साउथ की 132 सीटों के लिए ये है बीजेपी का फॉर्मूला</a></strong></p>

‘चीन से डरने की जरूरत नहीं’, बोले विदेश मंत्री एस जयशंकर, जानें क्यों कहा ऐसा

<p style="text-align: justify;"><strong>S Jaishankar On China:</strong> अपनी किताब &lsquo;व्हाई इंडिया मैटर्स&rsquo; के संबंध में मुंबई के आईआईएम पहुंचे विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मंगलवार (30 जनवरी) को कहा कि उन्हें नहीं लगता कि भारत को चीन से डरना चाहिए. उन्होंने ये भी कहा कि ये स्वीकार करना भी जरूरी है कि चीन भारत के पड़ोसी देशों को प्रभावित करेगा लेकिन इस प्रतिस्पर्धी राजनीति से डरने की जरूरत नहीं है.</p> <p style="text-align: justify;">न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, वैश्विक राजनीति एक प्रतिस्पर्धी खेल है और भारत को चीन से 'डरना' नहीं चाहिए और 'शिकायत' करने के बजाय बीजिंग से बेहतर करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि एक 'प्रमुख अर्थव्यवस्था' होने के नाते चीन अपने संसाधनों को तैनात करेगा और प्रतिस्पर्धी राजनीति के हिस्से के रूप में चीजों को अपने तरीके से आकार देने का प्रयास करेगा.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>क्या कहा जयशंकर ने?</strong></p> <p style="text-align: justify;">उन्होंने कहा, &ldquo;हमें समझना चाहिए, चीन भी एक पड़ोसी देश है और कई मायनों में, प्रतिस्पर्धी राजनीति के तहत इन देशों को प्रभावित करेगा. मुझे नहीं लगता कि हमें चीन से डरना चाहिए. मुझे लगता है कि हमें यह मानना चाहिए वैश्विक राजनीति एक प्रतिस्पर्धी खेल है. आप अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें, मैं अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करूंगा.''</p> <p style="text-align: justify;">उन्होंने कहा, "चीन एक प्रमुख अर्थव्यवस्था है. वो संसाधनों को तैनात करेगा. चीजों को चीन के तरीके से आकार देने की कोशिश भी होगी. हमें अन्यथा उम्मीद क्यों करनी चाहिए? लेकिन इसका जवाब यह नहीं है कि चीन क्या कर रहा है, इसके बारे में शिकायत करें. जवाब है, 'ठीक है, आप यह कर रहे हैं. मुझे उससे बेहतर करने दीजिए.''</p> <p style="text-align: justify;">उन्होंने कहा, &ldquo;मैं आज कहना चाहता हूं...हमें प्रतिस्पर्धा से डरना नहीं चाहिए. हमें प्रतिस्पर्धा का स्वागत करना चाहिए और कहना चाहिए कि मुझमें प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता है.&rdquo;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>मालदीव पर क्या बोले जयशंकर?</strong></p> <p style="text-align: justify;">मालदीव में 'इंडिया आउट' अभियान के बारे में एक सवाल पर जयशंकर ने भारतीय कूटनीति पर 'भरोसा' करने का आग्रह किया. उन्होंने कहा, &ldquo;हर देश के पड़ोस में समस्याएं हैं. समस्याएं तो होंगी. हमारा काम अनुमान लगाना, आकलन करना और प्रतिक्रिया देना है. अंत में पड़ोसियों के एक-दूसरे के साथ संबंध रहते हैं.&rdquo;</p> <p style="text-align: justify;">विदेश मंत्री ने बताया कि राजनीति में तीखे रुख अपनाए जाते हैं और कूटनीति हमेशा उन तीखे रुख से नहीं चलती. उन्होंने कहा, &ldquo;आखिरकार, पड़ोसियों को एक-दूसरे की जरूरत होती है. इतिहास और भूगोल बहुत शक्तिशाली ताकतें हैं. इससे कोई बच नहीं सकता.&rdquo;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a title="ड्रैगन को गुस्ताखी पड़ेगी भारी! LAC के पास बनकर तैयार हुई सेला सुरंग, जानें सेना की कैसे होगी बड़ी मदद" href="https://www.abplive.com/news/india/sela-tunnel-to-be-inaugurated-after-third-party-safety-audit-tunnel-will-help-to-enhancing-army-capabilities-at-lac-china-2599025" target="_self">ड्रैगन को गुस्ताखी पड़ेगी भारी! LAC के पास बनकर तैयार हुई सेला सुरंग, जानें सेना की कैसे होगी बड़ी मदद</a></strong></p>

Monday, January 29, 2024

क्या CAA के जरिए बीजेपी साधेगी पंश्चिम बंगाल? केंद्रीय मंत्री शांतनु ठाकुर के बयान के बाद मचा सियासी घमासान | बड़ी बातें

<p style="text-align: justify;"><strong>CAA Issue:</strong> लोकसभा चुनाव 2024 की चर्चा चर्चा जोरों पर है. कांग्रेस हो या बीजेपी या क्षेत्रीय दल, सभी को चुनाव रूपी परीक्षा में पास होना है उसके लिए प्लान बनने लगे हैं और एक्सपेरिमेंट भी हो रहे हैं. 28 दिसंबर को इसकी एक बानगी बिहार के राजनीतिक घटनाक्रम से देखने को मिली.</p> <p style="text-align: justify;">बिहार में सरकार बदल गई लेकिन सीएम नहीं. अब आगे की क्या तैयारी है. ये समझने के लिए कुछ सवाल और उनके संभावित जवाब समझते हैं. सवाल है कि यूपी की 80 सीटों के लिए बीजेपी ने क्या तैयारी की, जीत कैसे मिलेगी?&nbsp;जवाब हो सकता है- <a title="राम मंदिर" href="https://www.abplive.com/topic/ram-mandir" data-type="interlinkingkeywords">राम मंदिर</a> का वादा पूरा हुआ.</p> <p style="text-align: justify;">अगला सवाल है कि बिहार की 40 लोकसभा सीटों पर जीत हासिल करने के लिए का क्या फॉर्मूला निकाला? जवाब हो सकता है कि जननायक कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न और नीतीश के साथ नया गठबंधन. तीसरा सवाल थोड़ा कठिन है क्योंकि कॉम्पिटिशन ज्यादा है. पश्चिम बंगाल की 42 लोकसभा सीटों को जीतने के लिए अब बीजेपी क्या करेगी? माना जा रहा है कि इसका जवाब सोमवार (29 जनवरी) को केंद्रीय मंत्री शांतनु ठाकुर ने दे दिया कि नागरिकता (संशोधन) अधिनियम (CAA) लागू कर देंगे.</p> <p style="text-align: justify;">बता दें कि वर्ष 2019 में केंद्र में बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार की ओर से लाए गए सीएए का उद्देश्य 31 दिसंबर 2014 से पहले पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आकर भारत में बसे हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी और ईसाइयों सहित प्रताड़ना झेल चुके गैर-मुस्लिम प्रवासियों को भारतीय नागरिकता प्रदान करना है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>शांतनु ठाकुर क्या बोले?</strong></p> <p style="text-align: justify;">केंद्रीय राज्य मंत्री शांतनु ठाकुर ने कहा, ''मैं गांरटी देता हूं कि देशभर में 7 दिन के अंदर नागरिक संशोधन अधिनियम (CAA) लागू हो जाएगा. पश्चिम बंगाल ही नहीं, देशभर में अगले 7 दिन के अंदर CAA लागू हो जाएगा.''</p> <p style="text-align: justify;">सवाल टाइमिंग को लेकर है क्योंकि दो बड़े राज्यों की 120 सीटें साधने के बाद बीजेपी का अब मुकाबला ममता बनर्जी से है. पिछले लोकसभा चुानव में बीजेपी ने पश्चिम बंगाल में बंपर सीटें हासिल की थी लेकिन इस बार स्ट्रेटजी क्या रहेगी?</p> <p style="text-align: justify;">तीन जनवरी को एबीपी न्यूज ने खबर दिखाई थी कि लोकसभा चुनाव से पहले सीएए को लागू किया जा सकता है. अब इस दिशा में बीजेपी ने आगे बढ़ना शुरू कर दिया है. सोशल एक्टिविस्ट भी इसके खिलाफ आगे आने लगे हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>देश की मांग है सीएए- गिरिराज सिंह</strong></p> <p style="text-align: justify;">इस बीच केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा, ''देश की मांग है सीएए... सीएए ही नहीं, अब देश की जरुरत है एनआरसी. राशन लेना होगा तो आधार देंगे और एनआरसी होगा तो विरोध करेंगे, यह नहीं चलेगा...''</p> <p style="text-align: justify;"><strong>विरोध जारी रहेगा- उज्मा परवीन</strong></p> <p style="text-align: justify;">इस बीच सीएए और एनआरसी का विरोध करने वालीं उज्मा परवीन ने कहा, ''एनआरसी का काला कानून दोबारा लाने की कोशिश की जा रही है. अगर दोबारा कानून लाने की कोशिश की जाएगी तो मैं उसी जगह मिलूंगी जहां से शुरुआत हुई थी. हमारे हौसले टूटे नहीं है. हमारा संवैधानिक अधिकार है कि अगर देश में कुछ गलत हो रहा हो तो आवाज उठा सकते हैं. हमारी ओर से शांतिपूर्ण विरोध फिर से जारी रहेगा और हमारे हौसले कमजोर नहीं है.''</p> <p style="text-align: justify;">सीएए लागू करने से पश्चिम बंगाल में कितनी सीटों पर इसका असर पड़ सकता है, ये समझने के लिए उस घटनाक्रम को याद कीजिए जब 2019 के चुनाव से पहले प्रधानमंत्री <a title="नरेंद्र मोदी" href="https://www.abplive.com/topic/narendra-modi" data-type="interlinkingkeywords">नरेंद्र मोदी</a> पश्चिम बंगाल में प्रचार कर रहे थे, उसी दौरान वह ठाकुर नगर पहुंचे थे और मतुआ समुदाय के लोगों से मिले थे. यही से बीजेपी और मतुआ समाज का रिश्ता गहरा होता चला गया.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>पश्चिम बंगाल की सियासत में मतुआ फैक्टर</strong></p> <p style="text-align: justify;">पश्चिम बंगाल की सियासत में मतुआ फैक्टर का क्या मतलब क्या मतलब है, यह जानना जरूरी है. मतुआ समाज अनूसूचित जाति में आता है. बंगाल में 2 करोड़ 14 लाख दलित वोटर हैं. इनमें 35 लाख यानी करीब 16 फीसदी मतुआ वोटर हैं. पश्चिम बंगाल के 3 जिलों उत्तर परगना, दक्षिण परगना और नादिया में मतुआ मतदाता सबसे ज्यादा हैं. विधानसभा की 21 और लोकसभा की 6 सीटों पर ये जीत-हार तय करते हैं. 1947 के बाद से ही ये लोग तब के ईस्ट बंगाल से यहां आकर बसने लगे थे.</p> <p style="text-align: justify;">यही वजह है कि बीजेपी हो या फिर ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी, इस वोट बैंक को साधने की हर कोई कोशिश करता आया है. अब जैसे ही सीएए वाला बयान आया, ममता बनर्जी ने सीएए और एनआरसी को लेकर तेवर दिखाना शुरू कर दिया.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ममता बनर्जी ने क्या कहा?</strong></p> <p style="text-align: justify;">सीएम ममता बनर्जी ने कहा, ''लोगों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके नाम मतदाता सूची में हैं ताकि बीजेपी को एनआरसी का हवाला देकर उन्हें हटाने का मौका न मिले...''</p> <p style="text-align: justify;">अब सवाल है कि सीएए के आने से बीजेपी को पश्चिम बंगाल में कैसे फायदा होगा तो इसके दो तीन बड़े कारण हैं. 2011 के बाद मतुआ समाज की जनगणना नहीं हुई. कई ऐसे हैं जिन्हें अभी तक नागरिकता नहीं मिली, वे शरणार्थी बनकर रह रहे हैं. अगर नए कानून के तहत नागरिकता मिल जाएगी तो बीजेपी इसे चुनावी वादे के तौर पर भुना सकती है.</p> <p style="text-align: justify;">अब ऐसे में अगर ममता बनर्जी सीएए कानून को लागू नहीं होने देती हैं और किसी तरह देरी करती हैं तो फिर बीजेपी उन पर मुस्लिम परस्ती का आरोप लगाकर जनता के बीच जा सकती है. इसीलिए बीजेपी सीएए को लेकर फ्रंट फुट पर है और ममता बनर्जी की पार्टी समेत दूसरे दल मुस्लिम वोट को साधने की तैयारी में दिख रहे हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ऐसे हवा-हवाई फायर बहुत दिनों से हो रहे- कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी</strong></p> <p style="text-align: justify;">इस बीच कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने कहा, ''ये मंत्रिमंडल का निर्णय होता हैं. ऐसे हवा-हवाई फायर बहुत दिनों से हो रहे हैं. अगर एक हफ्ते के अंदर आएगा तो पहले &nbsp;संसद में ड्राफ्ट लाना होता है, उसके बाद ही देखकर हम कुछ कह सकते हैं.''</p> <p style="text-align: justify;"><strong>नागरिक को दुबारा नागरिकता नहीं दी जाती- शशि पांजा</strong></p> <p style="text-align: justify;">पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री शशि पांजा ने कहा, ''सीएए की जरुरत भी नहीं है और यह लागू भी नहीं होगा बंगाल में. नागरिक को दुबारा नागरिकता नहीं दी जाती है.''</p> <p style="text-align: justify;">माना जा रहा है कि पश्चिम बंगाल में अगर <a title="लोकसभा चुनाव" href="https://www.abplive.com/topic/lok-sabha-election-2024" data-type="interlinkingkeywords">लोकसभा चुनाव</a> तमाम मुद्दों के अलावा हिंदू-मुसलमान के मुद्दे पर लड़ा गया तो हिंदू वोट एकजुट हो सकता है, जिसका फायदा बीजेपी को मिल सकता है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें- <a title="'7 दिन में CAA', शांतनु ठाकुर के इस दावे के बाद एक और केंद्रीय मंत्री ने दिया ग्रीन सिग्नल, जानें क्या बोले" href="https://www.abplive.com/news/india/citizenship-amendment-act-giriraj-singh-said-caa-is-important-for-india-after-shantanu-thakur-claim-2598150" target="_blank" rel="noopener">'7 दिन में CAA', शांतनु ठाकुर के इस दावे के बाद एक और केंद्रीय मंत्री ने दिया ग्रीन सिग्नल, जानें क्या बोले</a></strong></p>

Martyrs' Day 2024: 'खुद में वह बदलाव लाएं जो आप दुनिया में देखना चाहते हैं', महात्मा गांधी के ऐसे 10 विचार जिन पर दुनिया आज भी है मंत्रमुग्ध

<p style="text-align: justify;"><strong>Mahatma Gandhi Punyatithi: </strong>देश मंगलवार (30 जनवरी) को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 76वीं पुण्यतिथि मना रहा है. बापू की पुण्यतिथि शहीद दिवस के रूप में मनाई जाती है. 30 जनवरी 1948 को नाथूराम गोडसे ने बापू को गोली मारकर उनकी हत्या कर दी थी.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">23 मार्च को भी शहीद दिवस के रूप में मनाया जाता है. 23 मार्च 1931 को भारत के महान क्रांतिकारियों भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को ब्रिटिश हुकूमत ने फांसी दी थी. इन क्रांतिकारियों के श्रद्धांजलि देने के लिए शहीद दिवस मनाया जाता है. इसलिए भारत में साल में दो बार शहीद दिवस मनाया जाता है.</p> <p style="text-align: justify;">महात्मा गांधी ने सत्य और अहिंसा की राह पर चलते हुए अंग्रेजी शासन के खिलाफ कई आंदोलन किए थे और ब्रिटिश हुकूमत से देश की आजादी के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया था. उनका एकमात्र लक्ष्य देश को आजाद कराना और शांति स्थापित करना था.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>100 से ज्यादा देशों में स्थापित हैं महात्मा गांधी की प्रतिमाएं</strong></p> <p style="text-align: justify;">बापू ने अपने जीवन में जिन आदर्शों को अपनाया, उन्हें दुनियाभर में माना जाता है और हर देश में उनके मानने वाले हैं. उनके अहिंसावादी विचारों और कार्यों ने पूरी दुनिया की सोच बदल दी. दुनिया के 100 से ज्यादा देशों में महात्मा गांधी की प्रतिमाएं स्थापित हैं.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">नवंबर 2023 में orissapost.com वेबसाइट पर प्रकाशित एक रिपोर्ट में एक आरटीआई रिपोर्ट के हवाले से बताया गया कि दुनिया के 102 देशों में महात्मा गांधी की प्रतिमाएं लगी हैं, जिनमें 82 देशों में बापू की पूरे कद की मूर्तियां और 20 अन्य देशों में आधे आकार की मूर्तियां हैं.</p> <p style="text-align: justify;">बापू को 'महात्मा' और 'राष्ट्रपिता' जैसी उपाधियां उनके प्रति सम्मान की श्रद्धा को दर्शाती हैं. बापू का पूरा नाम मोहनदास करमचंद गांधी है. उनका जन्म 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर के मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ था. बापू के पिता का नाम करमचंद गांधी एवं उनकी माता का नाम पुतलीबाई है. वह तीन भाईयों में सबसे छोटे थे. महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर आइये जानते हैं उनके वो विचार जिन पर दुनिया आज भी मंत्रमुग्ध है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>महात्मा गांधी के विचार</strong></p> <p style="text-align: justify;">बापू के कहे विचारों ने लोगों के जीवन में गहरा असर डाला है. आज भी दुनिया इन्हें मानती है और अमल करती है. ये विचार इस प्रकार है-</p> <ul style="text-align: justify;"> <li>''अहिंसा सबसे बड़ा कर्तव्&zwj;य है. यदि हम इसका पूरा पालन नहीं कर सकते हैं तो हमें इसकी भावना को अवश्&zwj;य समझना चाहिए और जहां तक संभव हो हिंसा से दूर रहकर मानवता का पालन करना चाहिए."</li> <li>"उस प्रकार जिएं कि आपको कल मर जाना है. सीखें उस प्रकार जैसे आपको सदा जीवित रहना हैं."</li> <li>"आजादी का कोई अर्थ नहीं है यदि इसमें गलतियां करने की आजादी शामिल न हो."</li> <li>"व्&zwj;यक्ति को अपनी बुद्धिमानी के बारे में पूरा भरोसा रखना बुद्धिमानी नहीं है. यह अच्&zwj;छी बात है कि याद रखा जाए कि सबसे मजबूत भी कमजोर हो सकता है और बुद्धिमान भी गलती कर सकता है."</li> <li>"आपको मानवता में विश्वास नहीं खोना चाहिए. मानवता एक महासागर है, यदि समुद्र की कुछ बूंदें गंदी हैं, तो समुद्र मैला नहीं होता है."</li> <li>''खुद में वह बदलाव लाएं जो आप दुनिया में देखना चाहते हैं.''</li> <li>''किसी राष्ट्र की महानता और उसकी नैतिक प्रगति का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वहां जानवरों के साथ कैसा व्यवहार किया जाता है.''</li> <li>''व्यक्ति और कुछ नहीं केवल अपने विचारों का उत्पाद होता है. वह जो सोचता है वही बन जाता है.''</li> <li>''आंख के बदले आंख की भावना पूरी दुनिया को अंधा बना देगी.''</li> <li>''लोगों में अच्छाई देखें और उनकी मदद करें.''</li> </ul> <p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें- <a title="शहीद दिवस 2024: महात्मा गांधी के अनमोल विचार, बदल देंगे आपके जीने का तरीका" href="https://www.abplive.com/photo-gallery/news/india-martyrs-day-2024-mahatma-gandhi-quotes-on-death-anniversary-2598290" target="_blank" rel="noopener">शहीद दिवस 2024: महात्मा गांधी के अनमोल विचार, बदल देंगे आपके जीने का तरीका</a></strong></p>

भारत में रहकर देश को किया खोखला, वो संगठन, जिनपर लगा 'आतंकी' का टैग, बाद में हुए बैन

<p style="text-align: justify;"><strong>Banned Terrorist&nbsp; Organisations:</strong> भारत सरकार ने आतंकवादी समूह स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) पर लगे प्रतिबंध को सोमवार (29 जनवरी) को पांच वर्ष के लिए बढ़ा दिया. गृह मंत्री कार्यालय से सोमवार को आधिकारिक X हैंडल पर कहा गया, ''आतंकवाद के खिलाफ प्रधानमंत्री <a title="नरेंद्र मोदी" href="https://www.abplive.com/topic/narendra-modi" data-type="interlinkingkeywords">नरेंद्र मोदी</a> के जीरो टॉलरेंस के दृष्टिकोण को मजबूत करते हुए 'स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (SIMI)' को यूएपीए (गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम) के तहत पांच साल की अवधि के लिए 'गैरकानूनी संगठन ' घोषित किया गया है.''</p> <p style="text-align: justify;">इसमें आगे कहा गया, ''सिमी को भारत की संप्रभुता, सुरक्षा और अखंडता को खतरे में डालने के लिए आतंकवाद को बढ़ावा देने, शांति और सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने में शामिल पाया गया है.'' आइये जानते हैं उन संगठनों के बारे में, जिन्होंने देश में रहकर देश को ही खोखला करने की कोशिश की और बाद में उन्हें बैन किया गया.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>सिमी पर पहली बार 2001 में लगाया गया था प्रतिबंध</strong></p> <p style="text-align: justify;">सिमी की स्थापना 25 अप्रैल 1977 को उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में हुई थी, जिसके संस्थापक अध्यक्ष मोहम्मद अहमदुल्ला सिद्दीकी थे. सिमी का घोषित मिशन भारत को इस्लामिक बनाना है. सिमी पर पहली बार अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में 2001 में प्रतिबंध लगाया गया था. अगस्त 2008 में एक विशेष न्यायाधिकरण की ओर से &nbsp;प्रतिबंध हटा दिया गया था लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा के आधार पर 6 अगस्त 2008 को तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश केजी बालाकृष्णन ने प्रतिबंध को बहाल कर दिया था. सिमी पर पिछला प्रतिबंध 31 जनवरी, 2019 को लगाया गया था.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>मुस्लिम लीग जम्मू कश्मीर</strong></p> <p style="text-align: justify;">भारत सरकार ने पिछले साल 27 दिसंबर को मुस्लिम लीग जम्मू कश्मीर (मसरत आलम गुट) पर प्रतिबंध लगा दिया था. देश विरोधी गतिविधियों के लिए इस संगठन पर यूएपीए के तहत पांच साल के प्रतिबंध की घोषणा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने की थी. मसरत आलम भट इस संगठन का अध्यक्ष है. यह संगठन जम्मू-कश्मीर को भारत से अलग कर पाकिस्तान में शामिल कराना चाहता है और वहां इस्लामी शासन स्थापित करना चाहता है.</p> <p style="text-align: justify;">मुस्लिम लीग जम्मू कश्मीर (मसरत आलम गुट) के राज्य में अलगाववाद की गतिविधियों और &nbsp;सुरक्षाबलों पर पथराव समेत अन्य गतिविधियों में शामिल रहे हैं.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">27 दिसंबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने X पर एक पोस्ट में कहा था, ''मुस्लिम लीग जम्मू कश्मीर (मसरत आलम गुट)'/MLJK-MA को यूएपीए के तहत एक 'गैरकानूनी संगठन' घोषित किया गया है. यह संगठन और इसके सदस्य जम्मू-कश्मीर में राष्ट्र-विरोधी और अलगाववादी गतिविधियों में शामिल हैं, आतंकवादी गतिविधियों का समर्थन करते हैं और लोगों को जम्मू-कश्मीर में इस्लामी शासन स्थापित करने के लिए उकसाते हैं.''</p> <p style="text-align: justify;"><strong>तहरीक-ए-हुर्रियत</strong></p> <p style="text-align: justify;">सैयद अली शाह गिलानी के तहरीक-ए-हुर्रियत संगठन पर भी भारत सरकार की ओर से प्रतिबंध लगाया गया है. गिलानी ने अपनी पूर्व पार्टी जमात-ए-इस्लामी कश्मीर को छोड़ने के बाद 7 अगस्त 2004 को तहरीक-ए-हुर्रियत की स्थापना की थी.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पिछले साल 31 दिसंबर को घोषणा की थी कि तहरीक-ए-हुर्रियत, जम्मू-कश्मीर (TeH) को यूएपीए के तहत एक 'गैरकानूनी संगठन' घोषित किया गया है. उन्होंने X पर एक पोस्ट में कहा था, ''यह संगठन जम्मू-कश्मीर को भारत से अलग करने और इस्लामिक शासन स्थापित करने की निषिद्ध गतिविधियों में शामिल है. यह समूह जम्मू-कश्मीर में अलगाववाद को बढ़ावा देने के लिए भारत विरोधी प्रचार फैला रहा है और आतंकवादी गतिविधियां जारी रख रहा है.''</p> <p style="text-align: justify;"><strong>पीएफआई&nbsp;</strong></p> <p style="text-align: justify;">भारत सरकार ने 28 सितंबर 2022 में यूएपीए के तहत पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) नाम संगठन और उससे जुड़े संगठनों पर पांच साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया था. इस संगठन पर भी आतंकी गतिविधियों में लिप्त होने का आरोप है. पीएफआई की स्थापना 2007 में दक्षिण भारत में तीन मु्स्लिम संगठनों- केरल में नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट, कर्नाटक फोरम फॉर डिग्निटी और तमिलनाडु में मनिथा नीथी पासराय का विलय करके हुई थी.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>जम्मू-कश्मीर डेमोक्रेटिक फ्रीडम पार्टी (जेकेडीएफपी)</strong></p> <p style="text-align: justify;">केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 5 अक्टूबर 2023 को जम्मू-कश्मीर डेमोक्रेटिक फ्रीडम पार्टी (JKDFP) को यूएपीए 1967 की धारा 3(1) के अंतर्गत एक &lsquo;गैरकानूनी संगठन&rsquo; (Unlawful Association) घोषित कर दिया था. गृह मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया था, ''यह संगठन 1998 से राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में संलिप्त रहा है और इसके सदस्यों ने हमेशा भारत में अलगाववाद और आतंकवादी कृत्यों को बढ़ावा दिया है.''<br />&nbsp;<br />बयान में कहा गया था, ''इस संगठन के सदस्य लोगों को उकसाकर कश्मीर को एक अलग इस्लामिक राज्य बनाना चाहते हैं, जो कि भारत की संप्रभुता, सुरक्षा और अखंडता के लिए हानिकारक है. इस संगठन के खिलाफ यूएपीए 1967, आईपीसी 1860, आर्म्स एक्ट 1959 एवं रणबीर दंड संहिता 1932 की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत कई आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं.''</p> <p style="text-align: justify;"><strong>बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई)</strong></p> <p style="text-align: justify;">बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) एक आतंकी संगठन है, जिसे बब्बर खालसा के नाम से जाना जाता है. इस संगठन का उद्देश्य पंजाब में खालिस्तान नाम का एक अलग सिख राष्ट्र बनाना है. सशस्त्र हमलों, हत्याओं और बमबारी जैसे कई अपराधों को यह अंजाम दे चुका है. भारत के अलावा, यह स्कैंडिनेविया समेत उत्तरी अमेरिका और यूरोप में संचालित होता है. इस संगठन को भारत के अलावा आधिकारिक तौर पर अमेरिका, कनाडा, यूनाइटेड किंगडम, यूरोपीय संघ, जापान और मलेशिया की ओर से एक अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी संगठन के रूप में घोषित और प्रतिबंधित किया गया है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ऑफ मणिपुर</strong></p> <p style="text-align: justify;">पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ऑफ मणिपुर एक मेइती उग्रवादी संगठन है, जिसकी स्थापना 25 सितंबर 1978 को एन बिशेश्वर सिंह के नेतृत्व में की गई थी. यह संगठन मणिपुर को एक अलग राष्ट्र बनाना चाहता है. नवंबर 2023 में गृह मंत्रालय ने एक एक नोटिफिकेशन जारी करके यूएपीए के तहत कई मेइती उग्रवादी संगठनों को पांच साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया था, जिनमें पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ऑफ मणिपुर का भी शामिल था. ये संगठन सुरक्षाबलों पर हमला करने और हत्याओं में शामिल बताए गए थे.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ बोडोलैंड (एनडीएफबी)</strong></p> <p style="text-align: justify;">नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ बोडोलैंड (एनडीएफबी) भारत में बोडो लोगों के लिए एक संप्रभु बोडोलैंड बनाना चाहता था. भारत सरकार ने 24 नवंबर 2019 को इस उग्रवादी समूह पर पांच साल के लिए प्रतिबंध बढ़ा दिया था. जनवरी 2020 में इस संगठन ने अपना अभियान रोकने के लिए सरकार के एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे. इसके 1600 से ज्यादा उग्रवादियों ने आत्मसमर्पण कर दिया था.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम (उल्फा)</strong></p> <p style="text-align: justify;">भारत सरकार ने शस्त्र उग्रवादी संगठन यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम (उल्फा) को 1990 में आतंकी संगठन बताते हुए इस पर प्रतिबंध लगा दिया था. अमेरिका ने इसे 'चिंता के अन्य समूहों' के अंतर्गत सूचीबद्ध किया है. यह संगठन असम को एक स्वतंत्र संप्रभु राज्य बनाना चाहता था. 29 दिसंबर 2023 को भारत सरकार, उल्फा और असम सरकार के बीच त्रिपक्षीय शांति समझौते पर हस्ताक्षर हुए थे.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>नेशनल लिबरेशन फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (NLFT)</strong></p> <p style="text-align: justify;">नेशनल लिबरेशन फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (एनएलएफटी) को 1997 से यूएपीए के तहत प्रतिबंधित है. यह संगठन अंतरराष्ट्रीय सीमा के पार अपने शिविरों से काम करते हुए हिंसा में शामिल रहा है. एनएलएफटी 317 उग्रवादी घटनाओं सहित हिंसक गतिविधियों के लिए जिम्मेदार रहा है, जिसमें 2005-2015 की अवधि के दौरान 28 सुरक्षा बलों और 62 नागरिकों की जान चली गई. एनएलएफटी के साथ शांति वार्ता 2015 में शुरू की गई थी. भारत सरकार, त्रिपुरा सरकार और एनएलएफटी ने 10 अगस्त 2019 को एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे. अक्टूबर 2023 में सरकार ने एनएलएफटी और ऑल त्रिपुरा टाइगर फोर्स (एटीटीएफ) के सभी गुटों और शाखाओं को गैरकानूनी घोषित कर दिया था और उन पर 5 साल के लिए पूरी तरह बैन लगा दिया था.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>इंडियन मुजाहिदीन (आईएम)&nbsp;</strong></p> <p style="text-align: justify;">इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) एक इस्लामी आतंकवादी समूह है जो खासतौर से भारत में सक्रिय है. इसकी स्थापना स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) की एक शाखा के रूप में इकबाल भटकल, रियाज भटकल, यासीन भटकल, अब्दुल सुभान कुरेशी, अमीर रजा खान और सादिक इसरार शेख सहित कई कट्टरपंथियों ने की थी. यह 2005 से सक्रिय है. इस संगठन ने वाराणसी के दशाश्वमेध घाट पर बमबारी की थी, जहां आठ लोग घायल हो गए थे. इसके बाद इसने कई शहरों में कई सिलसिलेवार बम धमाके किए. भारत सरकार ने 4 जून 2010 को इंडियन मुजाहिदीन को आतंकी संगठन घोषित कर प्रतिबंधित कर दिया था.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>अल-बद्र</strong></p> <p style="text-align: justify;">अल-बद्र इस्लामी आतंकवादी समूह है जो कश्मीर क्षेत्र में सक्रिय है. इस समूह का गठन कथित तौर पर जून 1998 में पाकिस्तानी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) की ओर से किया गया था. भारत और अमेरिका ने इसे आतंकवादी संगठन घोषित कर इस पर प्रतिबंध लगाया हुआ है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>यूएपीए के तहत घोषित हैं 42 आतंकी संंगठन</strong></p> <p style="text-align: justify;">इनके अलावा भारत ने हिजबुल मुजाहिदीन, <span class="jCAhz ChMk0b"><span class="ryNqvb">लश्कर-ए-तैयबा </span></span>और <span class="jCAhz ChMk0b"><span class="ryNqvb">जैश-ए-मोहम्मद आदि संगठनों को आतंकी संगठन घोषित किया है और उन पर प्रतिबंध लगाया है. लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद पाकिस्तान से संचालित होते हैं. भारत में यूएपीए 1967 की पहली अनुसूची में सूचीबद्ध आतंकवादी संगठनों की सूची में 42 आतंकी संगठनों के नाम शामिल हैं.</span></span></p> <p style="text-align: justify;"><strong><span class="jCAhz ChMk0b"><span class="ryNqvb">यह भी पढ़ें- <a title="SIMI पर बढ़ाया गया पांच साल का प्रतिबंध, गृह मंत्रालय ने जारी किया आदेश" href="https://www.abplive.com/news/india/home-ministry-of-india-extended-ban-on-simi-for-five-years-under-uapa-pm-modi-2598108" target="_blank" rel="noopener">SIMI पर बढ़ाया गया पांच साल का प्रतिबंध, गृह मंत्रालय ने जारी किया आदेश</a></span></span></strong></p>

पश्चिम बंगाल में न्याय यात्रा के दौरान राहुल गांधी ने ट्रक ड्राइवर्स के साथ की ‘चौपाल पर चर्चा’, नए कानून पर भी की बात

<p style="text-align: justify;"><strong>Bharat Jodo Nyay Yatra:</strong> राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस की भारत जोड़ो न्याय यात्रा पश्चिम बंगाल से गुजर रही है. इस दौरान राहुल गांधी ने राज्य में ट्रक ड्राइवरों से चौपाल पर चर्चा की और उनकी परेशानियां भी सुनीं. इस बात की जानकारी कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर दी.</p> <p style="text-align: justify;">उन्होंने एक वीडियो शेयर करते हुए एक्स पर लिखा, &ldquo;एक ओर महंगाई का कुआं, दूसरी ओर कठोर कानूनों की खाई! अन्याय के इस दोराहे पर संघर्ष करते ट्रक ड्राइवर भाइयों से अनायास एक चौपाल पर चर्चा हुई.&rdquo;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>वीडियो में क्या कह रहे ट्रक ड्राइवर्स?</strong></p> <p style="text-align: justify;">इस वीडियो में ट्रक ड्राइवर्स &lsquo;हिट एंड रन&rsquo; के मामलों में केंद्र सरकार के कड़े नियमों को लेकर बात करते हुए सुनाई दे रहे हैं. राहुल गांधी इन ड्राइवर्स से पूछते हैं कि आप लोग विरोध कर रहे हैं कि कोई नया कानून बनाया है. इस पर ड्राइवर्स कहते हैं, &ldquo;सरकार कह रही है कि अगर ड्राइवर्स कोई हादसा करते हैं तो जिसका एक्सीडेंट हुआ है, उसे ड्राइवर उठाकर हॉस्पिटल लेकर जाएगा तो सजा कम हो जाएगी. नहीं तो 10 साल की सजा और 7 लाख रुपये का जुर्माना है.&rdquo;</p> <blockquote class="twitter-tweet" data-media-max-width="560"> <p dir="ltr" lang="hi">एक ओर महंगाई का कुआं, दूसरी ओर कठोर कानूनों की खाई!<br /><br />अन्याय के इस दोराहे पर संघर्ष करते ट्रक ड्राइवर भाइयों से अनायास एक चौपाल पर चर्चा हुई।<a href="https://twitter.com/hashtag/BharatJodoNyayYatra?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#BharatJodoNyayYatra</a> <a href="https://t.co/sZxr4DFlpc">pic.twitter.com/sZxr4DFlpc</a></p> &mdash; Rahul Gandhi (@RahulGandhi) <a href="https://twitter.com/RahulGandhi/status/1752007506984132671?ref_src=twsrc%5Etfw">January 29, 2024</a></blockquote> <p> <script src="https://platform.twitter.com/widgets.js" async="" charset="utf-8"></script> </p> <p style="text-align: justify;">इसको लेकर अन्य शख्स कहता है, &ldquo;अगर ये कानून बनता है तो ड्राइवर का तो सब चौपट हो जाएगा. क्योंकि ड्राइवर को तो पब्लिक मारेगी, हॉस्पिटल नहीं पहुंचाने देगी और अगर भाग जाता है तो 10 साल की सजा और 7 लाख रुपये का जुर्माना. ये जो कानून बनाया है वो बहुत गलत है. अगर 7 लाख रुपये ड्राइवर के पास होगा तो कोई बिजनेस शुरू कर लेगा. ट्रक क्यों चलाएगा.&rdquo;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>जीएसटी के सवाल पर क्या बोले ड्राइवर्स</strong></p> <p style="text-align: justify;">राहुल गांधी ने जीएसटी को लेकर भी सवाल किया. जिस पर इस शख्स ने कहा, &ldquo;जीएसटी से कोई फायदा तो नहीं नुकसान ही हो रहा है. कोई भी सामान है उसका बिल लेना पड़ता है और अगर बिल नहीं है तो मालिक पैसे नहीं देते हैं. आज के समय में सबसे ज्यादा गरीब कोई है तो ड्राइवर है.&rdquo;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a title="&lsquo;झूठ की राजनीति करते हैं&rsquo;, राहुल गांधी के आरक्षण वाले बयान पर धर्मेंद्र प्रधान ने खुली चुनौती देते हुए दिया जवाब" href="https://www.abplive.com/news/india/hrd-minister-dharmendra-pradhan-replies-and-open-challenge-to-rahul-gandhi-on-ugc-new-draft-2598411" target="_self">&lsquo;झूठ की राजनीति करते हैं&rsquo;, राहुल गांधी के आरक्षण वाले बयान पर धर्मेंद्र प्रधान ने खुली चुनौती देते हुए दिया जवाब</a></strong></p>

Sunday, January 28, 2024

'अब कहीं नहीं जाऊंगा', बोले नीतीश कुमार तो प्रशांत किशोर ने किया दावा- 'फ‍िर लेंगे यू-टर्न'

<p style="text-align: justify;"><strong>Prashant Kishor On Nitish Kumar: </strong>जनता दल (यूनाइटेड) के अध्&zwj;यक्ष नीतीश कुमार ने ब&zwj;िहार के महागठबंधन से नाता तोड़कर और सीएम पद से इस्&zwj;तीफा देने के महज 7 घंटों के भीतर रविवार (28 जनवरी) को एनडीए के साथ म&zwj;िलकर नई सरकार बना ली.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">ब&zwj;िहार के मुख्&zwj;यमंत्री के रूप में उन्&zwj;होंने 9वीं बार शपथ ली. इस पर कई नेताओं ने उन पर तंज कसे लेकिन नीतीश कुमार ने कहा है कि अब वह कहीं नहीं जाएंगे. नीतीश कुमार को लेकर राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर (पीके) की प्रतिक्रिया भी आई.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>विधानसभा चुनाव से पहले नीतीश कुमार फिर यू-टर्न लेंगे- प्रशांत किशोर</strong></p> <p style="text-align: justify;">प्रशांत किशोर ने दावा किया है कि बीजेपी के साथ जेडीयू का जो गठबंधन हुआ है वो ज्यादा दिन तक नहीं टिकेगा. प्रशांत किशोर ने भविष्यवाणी करते हुए कहा कि आज लिखकर ले लीजिए, जो बोला है, वो होकर रहेगा. बिहार विधानसभा चुनाव से पहले फिर नीतीश कुमार यू-टर्न लेंगे.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">ब&zwj;िहार में स&zwj;ियासी बदलाव पर मीड&zwj;िया की ओर से पूछे गए सवालों पर सीएम नीतीश कुमार ने कहा, ''मुक्&zwj;त&zwj;ि म&zwj;िल गई, जहां थे वहीं फ&zwj;िर आ गए, अब इधर-उधर जाने का सवाल नहीं.''</p> <p style="text-align: justify;">सीएम नीतीश कुमार के बयान पर प्रशांत क&zwj;िशोर ने राजनीत&zwj;िक भव&zwj;िष्&zwj;यवाणी करते हुए कहा कि बीजेपी और जेडीयू के बीच हुआ गठबंधन आगामी लोकसभा चुनाव के बाद टिकने वाला नहीं है.</p> <p style="text-align: justify;">प्रशांत क&zwj;िशोर ने प्रेस कॉन्&zwj;फ्रेंस के दौरान कहा, ''मैंने पहले भी बताया था कि नीतीश कुमार <a title="लोकसभा चुनाव" href="https://www.abplive.com/topic/lok-sabha-election-2024" data-type="interlinkingkeywords">लोकसभा चुनाव</a> महागठबंधन के साथ मिलकर नहीं लड़ेंगे. यही हुआ और अब कह रहा हूं कि आगे विधानसभा के 6 महीने पहले वो दोबारा पलटेंगे.''</p> <p style="text-align: justify;"><strong>'नीतीश कुमार कभी नहीं रहे इंडि&zwj;या अलायंस के सूत्रधार'&nbsp;</strong></p> <p style="text-align: justify;">प्रशांत क&zwj;िशोर ने यह भी कहा कि नीतीश कुमार कभी भी 'इंडि&zwj;या अलायंस' के सूत्रधार नहीं रहे. उनको पीएम का चेहरा तक बताया गया. इंड&zwj;िया अलांयस को ज&zwj;िस तरह से बनाया गया और उसके ल&zwj;िए प्रयास क&zwj;िए गए, उससे ऐसा नहीं लगता क&zwj;ि दलों को कोई बड़ा फायदा होने वाला है. पीके ने 'इंड&zwj;िया अलायंस' को लेकर कई सवाल खड़े कि&zwj;ए. उन्&zwj;होंने गठबंधन की कम&zwj;ियों का ज&zwj;िक्र क&zwj;िया.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">प्रशांत किशोर ने कहा कि इंडिया गठबंधन में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कोई ताकत नहीं थी. पटना में एक बैठक होने से सीएम नीतीश उसके 'सूत्रधार' नहीं बन जाते. जहां तक इंडिया गठबंधन के सबसे बड़े दल का सवाल है तो वो कांग्रेस हैं. उसके बाद तृणमूल कांग्रेस और डीएमके हैं. उन्होंने कहा कि सीएम नीतीश कुमार की छव&zwj;ि देश में स&zwj;िर्फ 'पलटूराम' राजनेता के रूप में बन गई है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें: <a title="Bihar Political Crisis: नीतीश कुमार के पाला बदलने पर भड़के संजय राउत, बोले- JDU चीफ देश के सबसे बड़े पलटूराम" href="https://www.abplive.com/news/india/bihar-political-crisis-shiv-sena-ubt-leader-sanjay-raut-attacks-on-jdu-chief-nitish-kumar-says-biggest-palturam-2597326" target="_self">Bihar Political Crisis: नीतीश कुमार के पाला बदलने पर भड़के संजय राउत, बोले- JDU चीफ देश के सबसे बड़े पलटूराम</a></strong></p>

नीतीश कुमार ने 9वीं बार ली सीएम पद की शपथ तो क्या बोले चिराग पासवान, गिरिराज सिंह, जीतन राम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा?

<p style="text-align: justify;">बिहार में सियासी उठापटक के बाद रविवार (28 जनवरी) को नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली. एनडीए में वापस आने पर उन्होंने कहा कि डेढ़ साल पहले उनके (गठबंधन) साथ सरकार बनाई, लेकिन सब कुछ ठीक नहीं चल रहा था. उन्होंने खुशी जताते हुए कहा, "अब तो मुक्ति मिल गई. अब कहीं नहीं जाएंगे, जहां थे वहीं आ गए. अब इधर-उधर जाने का सवाल ही नहीं, पहले भी यहीं थे, बीच में कहीं गए थे, लेकिन अब नहीं."</p> <p style="text-align: justify;"><strong>जेपी नड्डा का रिएक्शन</strong></p> <p style="text-align: justify;">बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने बिहार के नए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्मंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा को बधाई दी. उन्होंने कहा, "बिहार में एनडीए की जो सरकार बनी है, ये डबल इंजन की सरकार पूरी ताकत से बिहार को आगे बढ़ाने में सक्षम रहेगी. इसके साथ ही सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास इस मंत्र को लेकर आगे बढ़ेगी."</p> <p style="text-align: justify;"><strong>नीतीश कुमार पर क्या बोले चिराग पासवान?</strong></p> <p style="text-align: justify;">लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के नेता चिराग पासवान ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "देश के यशस्वी प्रधानमंत्री <a title="नरेंद्र मोदी" href="https://www.abplive.com/topic/narendra-modi" data-type="interlinkingkeywords">नरेंद्र मोदी</a> के कुशल नेतृत्व वाली एनडीए की ओर से नीतीश कुमार को बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं. एनडीए की सरकार बिहार फर्स्ट - बिहारी फर्स्ट के संकल्प के साथ विकसित बिहार के निर्माण के लिए कार्य करेगी."</p> <p style="text-align: justify;"><strong>जीतन राम मांझी और गिरिरािज सिंह ने दी बधाई</strong></p> <p style="text-align: justify;">बिहार में नई सरकार बनने पर एनडीए के सहयोगी दल हिंदुस्तान आवाम मोर्चा के नेता जीतन राम मांझी ने कहा, "खेल खत्म. नए मंत्रिपरिषद को बधाई. HAM जो कहतें हैं वही करतें हैं. विकास विद मोदी."</p> <p style="text-align: justify;">केंद्रीय मंत्री और बेगूसराय के सांसद गिरिराज सिंह ने भी बिहार के नए सीएम नीतीश कुमार को बधाई दी. एक्स पर पोस्ट कर उन्होंने कहा, "नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर, सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा को बिहार के उपमुख्यमंत्री बनने पर हार्दिक बधाई. कामना है कि आपकी समर्पित सेवा लोगों के कल्याण में योगदान दे और राज्य को प्रगति और समृद्धि की ओर ले जाने में सफल हो. आपके सफल और प्रभावशाली कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं."</p> <p style="text-align: justify;"><strong>उपेंद्र कुशवाहा ने आरजेडी को जवाब दिया</strong></p> <p style="text-align: justify;">आरएलजेडी चीफ उपेंद्र कुशवाहा से पूछा गया कि क्या नीतीश कुमार आपकी पैरवी से एनडीए में आए हैं? इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, "मेरी पैरवी से नहीं आए हैं, लेकिन अच्छा हो गया कि आ गए हैं. ये पूरे बिहार के हित में है.''</p> <p style="text-align: justify;">इस दौरान उन्होंने आरजेडी नेता तेजस्वी यादव के खेला बाकी है वाले बयान पर भी पलटवार किया. उन्होंने कहा, ''आज उनके घर में चूल्हा नहीं जला होगा. बाकी बिहार के लिए हर घर में खुशी है. जेडीयू खत्म नहीं होगी, बिहार के लोग आरजेडी से परेशान थे."</p> <p style="text-align: justify;"><strong>मल्लिकार्जुन खरगे ने नीतीश कुमार पर साधा निशाना </strong></p> <p style="text-align: justify;">कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने नीतीश कुमार के महागठबंधन से अलग होने पर कहा, "मुझे पता था कि ऐसा होगा. पहले वह और हम एक साथ लड़ रहे थे. जब मैंने लालू और तेजस्वी से बात की तो उन्होंने भी कहा कि नीतीश जा रहे हैं. देश में आया राम-गया राम जैसे कई लोग हैं."</p> <p style="text-align: justify;"><strong>वे एक थके हुए मुख्यमंत्री थे- तेजस्वी यादव</strong></p> <p style="text-align: justify;">आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा, "वे एक थके हुए मुख्यमंत्री थे. मैं लिखित दे सकता हूं कि साल 2024 में जेडीयू पार्टी खत्म हो जाएगी. जनता हमारे साथ है. जब नीतीश कुमार हमारे साथ थे तो कहते थे कि इतना काम हो रहा है. हमने उनसे नियुक्ति पत्र बंटवाया और बाद में केंद्र सरकार ने भी हमारा अनुसरण किया. हम बीजेपी को बधाई देते हैं.''</p> <p style="text-align: justify;">नीतीश कुमार के एनडीए में शामिल होने पर कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा, "इससे ​​इंडिया गठबंधन पर कोई असर नहीं पड़ेगा. 2024 के <a title="लोकसभा चुनाव" href="https://www.abplive.com/topic/lok-sabha-election-2024" data-type="interlinkingkeywords">लोकसभा चुनाव</a> में बिहार की जनता नीतीश कुमार और दिल्ली में बैठे लोगों को सही जवाब देगी...''</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://www.abplive.com/news/india/bihar-politics-from-nitish-kumar-resign-to-oath-taking-who-become-minister-and-when-will-cabinet-meeting-happen-know-all-timeline-2597561">नीतीश कुमार के इस्तीफा देने से लेकर शपथ लेने तक... कौन बना मंत्री, कब होगी कैबिनेट मीटिंग, पढ़िए पूरी टाइमलाइन</a></strong></p>

‘गठबंधन में अब क्या बचा? जहां-जहां राहुल के पांव पड़े...’ नीतीश कुमार के NDA में शामिल होने पर विपक्ष पर जमकर बरसे अजय आलोक

<p style="text-align: justify;"><strong>Ajay Alok On Opposition:</strong> जेडीयू अध्यक्ष और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले गठबंधन एनडीए में शामिल होने के बाद तमाम तरह की राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आईं. इसे कांग्रेस नेतृत्व वाले इंडिया गठबंधन को एक झटके के रूप में देखा जा रहा है. हालांकि कांग्रेस का कहना है कि इससे बहुत ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा. वहीं बीजेपी नेता अजय आलोक ने पूरे विपक्ष को निशाने पर लिया.</p> <p style="text-align: justify;">बिहार में एनडीए सरकार बनने के बाद उन्होंने कहा, &ldquo;घमंडिया गठबंधन का बिखर चुका है. जहां-जहां राहुल गांधी के पांव पड़े वहां-वहां बंटाधार हो गया. बिहार में एनडीए की सरकार आई है. नई सरकार पूरे जोश के साथ पीएम मोदी के विजन के साथ जनता के लिए काम करेगी. अब ये पीएम मोदी का बिहार है और उनके विजन को पूरा किया जाएगा.&rdquo;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>रोहिणी आचार्य के ट्वीट पर क्या बोले अजय आलोक?</strong></p> <p style="text-align: justify;">बिहार में नीतीश कुमार के एनडीए के पाले में जाने पर आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव की बेटी ने कहा, &ldquo;कूड़ा गया फिर से कूड़ेदानी में, कूड़ा मंडली को बदबूदार कूड़ा मुबारक.&rdquo; इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए अजय आलोक ने कहा कि इतने दिन से सर पर सजा कर क्यों घूम रहे थे? ये कहिए न अंगूर खट्टे हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>कांग्रेस के बयान पर अजय आलोक</strong></p> <p style="text-align: justify;">कांग्रेस पार्टी ने नीतीश कुमार की तुलना &lsquo;गिरगिट&rsquo; से की. इस पर बीजेपी नेता ने कहा, &ldquo;कांग्रेस पार्टी अहंकारी पार्टी है. ये किसी को साथ लेकर नहीं चल सकते हैं. नीतीश जी ने जो किया सही किया. बिहार की प्रगति के लिए वापस बीजेपी के साथ आ गए.&rdquo;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ओवैसी के बयान और इंडिया गठबंधन पर &nbsp;</strong></p> <p style="text-align: justify;">एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए अजय आलोक ने कहा कि पहले जब हमारी सरकार जेडीयू के साथ बनी थी तब तो चुप थे. ये लोग विकास के दुश्मन हैं. वहीं इंडिया गठबंधन पर उन्होंने कहा कि कहां बचा है गठबंधन? ममता बनर्जी चली गईं, अरविंद केजरीवाल चले गए और नीतीश कुमार एनडीए में आ गए. अब क्या बचा इनके पास? उन्होंने दावा करते हुए कहा, &ldquo;लिख के ले लीजिए इस बार कांग्रेस 50 का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाएगी.&rdquo;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a title="सुबह इस्तीफा, शाम को शपथ: 9वीं बार नीतीश बने CM, कौन बना मंत्री, कब होगी कैबिनेट मीटिंग, पढ़िए पूरी टाइमलाइन" href="https://www.abplive.com/news/india/bihar-politics-from-nitish-kumar-resign-to-oath-taking-who-become-minister-and-when-will-cabinet-meeting-happen-know-all-timeline-2597561" target="_self">सुबह इस्तीफा, शाम को शपथ: 9वीं बार नीतीश बने CM, कौन बना मंत्री, कब होगी कैबिनेट मीटिंग, पढ़िए पूरी टाइमलाइन</a></strong></p>

'नीतीश तुम्हारी पीठ पर गदा चलाऊंगा', बिहार में सियासी ड्रामे के बीच वायरल हुआ लालू यादव का पुराना वीडियो

<p style="text-align: justify;"><strong>Bihar Politics: </strong>बिहार में बीते तीन दिन से चल रहा सियासी ड्रामा आखिरकार रविवार (28 जनवरी) को नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के साथ खत्म हो गया. वह इंडिया अलायंस छोड़कर एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेतृत्व वाले गठबंधन एनडीए में शामिल हो गए और 9वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली.</p> <p style="text-align: justify;">इस बीच सोशल मीडिया पर आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव का एक पुराना वीडियो वायरल हो गया है. इस वीडियो में लालू यादव नीतीश कुमार पर गदा चलाने की बात कह रहे हैं. दरअसल, यह वीडियो संसद में हुई बहस का है. इसमें आरजेडी नेता चर्चा के दौरान अपनी बात रख रहे हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>'पीठ पर गदा चलाना पड़ रहा है'<br /></strong>वीडियो में लालू यादव कहते दिख रहे हैं, "मुझे अफसोस है आप जा रहे हो, कहीं मेरे चाचा बैठे हैं, कहीं मेरा भाई नीतीश कुमार बैठा है, लेकिन धर्म और अधर्म की बारी आई है. इसलिए हमें आज आपकी पीठ पर गदा चलाना पड़ रहा है." उन्होंने आगे कहा कि हमारे मुंह में 32 दांत हैं, लेकिन उनके पेट में दांत हैं. पेट में दांत वाला शख्स खतरनाक होता है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>'मुठ्ठी बांधे आया बंदा हाथ पसारे जाएगा'<br /></strong>लालू यादव ने कहा कि यह जो मन है मतवाला, भोला ठुमक-ठुमककर थिरकता है. सूफी आए, संत आए. इन सूफी-संतो ने कहा कि यह दौलत, दुनिया माल खजाना, दुनिया में रह जाएगा. मुठ्ठी बांधे आया बंदा हाथ पसारे चला जाएगा.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">उन्होंने कहा कि बातें दबाई नहीं जा सकतीं. बात दबती नहीं है और अभिलेख मिटता नहीं है. उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री पर तंज करते हुए कहा कि आपके गृह मंत्री लाल कृष्ण आडवाणी ने आपका ग्रह खराब कर दिया है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>कांग्रेस ने नीतीश कुमार को कहा गिरगिट&nbsp;<br /></strong>गौरतलब है कि नीतीश कुमार के एनडीए में शामिल होने पर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि जनता मालिक है. वह सब देखती है और हर चीज का हिसाब मांगेगी. वहीं, दूसरी ओर कांग्रेस ने नीतीश कुमार को गिरगिट की तरह रंग बदलने वाला बताया.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें- <a title="नीतीश कुमार के इस्तीफा देने से लेकर शपथ लेने तक... कौन बना मंत्री, कब होगी कैबिनेट मीटिंग, पढ़िए पूरी टाइमलाइन" href="https://www.abplive.com/news/india/bihar-politics-from-nitish-kumar-resign-to-oath-taking-who-become-minister-and-when-will-cabinet-meeting-happen-know-all-timeline-2597561" target="_self">नीतीश कुमार के इस्तीफा देने से लेकर शपथ लेने तक... कौन बना मंत्री, कब होगी कैबिनेट मीटिंग, पढ़िए पूरी टाइमलाइन</a></strong></p>

Saturday, January 27, 2024

Lok Sabha Election 2024: कब तक तैयार हो जाएगा कांग्रेस का घोषणापत्र? सांसद शशि थरूर ने बताया

<p style="text-align: justify;"><strong>Shashi Tharoor On Congress Manifesto:</strong> कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने शनिवार (27 जनवरी) को कहा कि आगामी <a title="लोकसभा चुनाव" href="https://www.abplive.com/topic/lok-sabha-election-2024" data-type="interlinkingkeywords">लोकसभा चुनाव</a> के लिए पार्टी के घोषणापत्र का पहला मसौदा 15 फरवरी तक जारी किया जाएगा और अंतिम मसौदा चुनाव की तारीखों की घोषणा से पहले सामने आएगा. शशि थरूर ने यह भी उम्मीद जताई कि विपक्षी गठबंधन &lsquo;इंडिया&rsquo; अपने घटक दलों के घोषणापत्रों में से मुख्य तत्वों का चयन करके प्रमुख मुद्दों की एक सूची ला सकता है.</p> <p style="text-align: justify;">उन्होंने कहा, &lsquo;&lsquo;हमारी अपनी आंतरिक प्रक्रियाएं हैं. पहला मसौदा 15 फरवरी तक तैयार हो जाना चाहिए, लेकिन उसके बाद इस पर सहमति बनानी होगी और हमारी कार्य समिति की ओर से इसे अपनाया जाएगा, लेकिन निश्चित रूप से जब तक निर्वाचन आयोग चुनावों की घोषणा करेगा, हमारा घोषणापत्र तैयार हो जाएगा और घोषित कर दिया जाएगा.&rsquo;&rsquo;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>घटक दलों के घोषणापत्रों से समान तत्वों को चुनेगा गठबंधन- शशि थरूर</strong></p> <p style="text-align: justify;">शशि थरूर ने पार्टी के घोषणापत्र को तैयार करने के लिए नागरिक संस्थाओं के विभिन्न वर्गों से रचनात्मक &lsquo;इनपुट&rsquo; के लिए पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस कमेटी और ऑल इंडिया प्रोफेशनल्स कांग्रेस की ओर से संयुक्त रूप से आयोजित एक कार्यक्रम 'शेप द फ्यूचर' में भाग लिया. तिरुवनंतपुरम के सांसद थरूर पार्टी का घोषणापत्र तैयार करने वाली समिति के सदस्य भी हैं.</p> <p style="text-align: justify;">उन्होंने कहा, &lsquo;&lsquo;मुझे लगता है कि प्रत्येक पार्टी अपने स्वयं के घोषणापत्र पर काम करने जा रही है... यह पूरी तरह से संभव है कि &lsquo;इंडिया&rsquo; गठबंधन सभी घोषणापत्रों में से समान तत्वों को चुनेगा और प्रमुख मुद्दों की एक मुख्य सूची लेकर आएगा.&rdquo;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>क्या होगा घोषणापत्र में?</strong></p> <p style="text-align: justify;">शशि&nbsp;थरूर ने कहा कि घोषणापत्र में बेरोजगारी, महंगाई, गरीबों के लिए आय समर्थन की आवश्यकता, महिलाओं के अधिकार, युवाओं और किसानों के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा.</p> <p style="text-align: justify;">कांग्रेस के एक नेता ने कहा कि शनिवार के संवाद सत्र का उद्देश्य उन मुद्दों पर समाज के विभिन्न वर्गों से निष्पक्ष, सहज और बहुमूल्य विचार एकत्र करना था, जिन्हें वे एक केंद्र सरकार की ओर से हल करवाना चाहते थे. शशि थरूर ने उद्योग, अर्थव्यवस्था, स्वास्थ्य सेवा, बैंकिंग, शिक्षा, सूचना प्रौद्योगिकी, मानव संसाधन, साहित्य, सांस्कृतिक, कानूनी और विविध क्षेत्रों के हितधारकों के विचार जाने.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें- <a title="नीतीश कुमार पर होंगी सबकी नजरें, इस्तीफे पर RJD और कांग्रेस का क्या है प्लान? बिहार के सियासी संग्राम की 10 बड़ी अपडेट" href="https://www.abplive.com/news/india/bihar-political-crisis-nitish-kumar-seen-with-ashwini-choubey-in-buxar-bjp-to-held-meeting-on-sunday-10-big-updates-2596763" target="_blank" rel="noopener">नीतीश कुमार पर होंगी सबकी नजरें, इस्तीफे पर RJD और कांग्रेस का क्या है प्लान? बिहार के सियासी संग्राम की 10 बड़ी अपडेट</a></strong></p>

'...पूरी डिटेल साझा करूंगा', राहुल गांधी को लेकर सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने फिर किया बॉडी डबल का जिक्र

<p style="text-align: justify;"><strong>Himanta Biswa Sarma On Rahul Gandhi: </strong>असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शनिवार (27 जनवरी) को कहा कि वह राज्य में &lsquo;भारत जोड़ो न्याय यात्रा&rsquo; के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ओर से कथित तौर पर इस्तेमाल किए गए &lsquo;बॉडी डबल&rsquo; का नाम और पता साझा करेंगे.</p> <p style="text-align: justify;">सीएम सरमा ने गुरुवार (25 जनवरी) को एक संवाददाता सम्मेलन में यात्रा के दौरान कांग्रेस सांसद की ओर से 'बॉडी डबल' का इस्तेमाल किए जाने का आरोप लगाया था. उन्होंने कहा था कि एक मीडिया संगठन ने दावा किया है कि राहुल गांधी अपनी बस यात्रा के दौरान 'बॉडी डबल' का इस्तेमाल कर रहे थे, जिसका मतलब है कि जो व्यक्ति बस में बैठे थे और खिड़की से लोगों की ओर हाथ हिला रहे थे, वह 'शायद राहुल गांधी नहीं थे'.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>मैं सिर्फ बातें नहीं करता हूं- हिमंत बिस्वा सरमा</strong></p> <p style="text-align: justify;">मुख्यमंत्री ने सोनितपुर जिले में एक कार्यक्रम में राहुल पर लगे आरोप के बारे में पूछे जाने पर कहा, ''मैं सिर्फ बातें नहीं करता हूं. डुप्लीकेट (नकली राहुल) का नाम और यह कैसे किया गया, मैं पूरा विवरण साझा करूंगा. बस कुछ दिनों तक इंतजार करें.'</p> <p style="text-align: justify;">उन्होंने कहा, ''मैं कल डिब्रूगढ़ में रहूंगा और इससे अगले दिन भी मैं गुवाहाटी से बाहर रहूंगा. एक बार जब मैं गुवाहाटी वापस आऊंगा तो डुप्लीकेट का नाम और पता बताऊंगा.'' राहुल के नेतृत्व में मणिपुर से महाराष्ट्र तक चल रही 'भारत जोड़ो न्याय यात्रा' 18 से 25 जनवरी के दौरान असम से गुजरी थी.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>दो फरवरी को झारखंड में प्रवेश करेगी राहुल गांधी की यात्रा</strong></p> <p style="text-align: justify;">शनिवार को कांग्रेस की झारखंड इकाई के अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने बताया कि कांग्रेस की 'भारत जोड़ो न्याय यात्रा' दो फरवरी को राज्य में प्रवेश करेगी और राहुल गांधी पाकुड़ जिले में जनसभाओं को संबोधित करेंगे. राजेश ठाकुर ने बताया कि यात्रा दो चरणों में होगी, जिसमें आठ दिनों की अवधि में 13 जिलों में 804 किलोमीटर की दूरी तय की जाएगी.</p> <p style="text-align: justify;">यह यात्रा 14 जनवरी को मणिपुर की राजधानी इंफाल से आरंभ हुई थी जो 6,713 किलोमीटर की दूरी तय करेगी और 15 राज्यों के 110 जिलों से होते हुए 20 मार्च को मुंबई में समाप्त होगी.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें- <a title="नीतीश कुमार पर होंगी सबकी नजरें, इस्तीफे पर RJD और कांग्रेस का क्या है प्लान? बिहार के सियासी संग्राम की 10 बड़ी अपडेट" href="https://www.abplive.com/news/india/bihar-political-crisis-nitish-kumar-seen-with-ashwini-choubey-in-buxar-bjp-to-held-meeting-on-sunday-10-big-updates-2596763" target="_blank" rel="noopener">नीतीश कुमार पर होंगी सबकी नजरें, इस्तीफे पर RJD और कांग्रेस का क्या है प्लान? बिहार के सियासी संग्राम की 10 बड़ी अपडेट</a></strong></p>

मणिपुर के हालात पर मल्लिकार्जुन खरगे ने गृह मंत्री अमित शाह को लिखा पत्र, कानून-व्यवस्था को लेकर कही ये बात

<p style="text-align: justify;"><strong>Mallikarjun Kharge Letter To Amit Shah:</strong> कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मणिपुर की पार्टी इकाई के अध्यक्ष केसम मेघचंद्र के साथ साथ पिछले दिनों कथित तौर पर हुई मारपीट की घटना का हवाला देते हुए शनिवार (27 जनवरी) को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को एक पत्र लिखा. कांग्रेस अध्यक्ष ने गृह मंत्री से आग्रह किया कि मणिपुर में लोकतंत्र और कानून व्यवस्था की बहाली के लिए उचित कदम उठाए जाएं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>मल्लिकार्जुन खरगे ने अमित शाह को लिखे पत्र में क्या कहा?</strong></p> <p style="text-align: justify;">कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पत्र में लिखा, ''<span class="jCAhz ChMk0b"><span class="ryNqvb">24 जनवरी 2024 को इम्फाल के ऐतिहासिक कांगला किले में मंत्रियों, सांसदों, विधायकों की एक बैठक बुलाई गई थी, जैसा कि आप जानते हैं, यह जगह केंद्रीय और राज्य सुरक्षा बलों की ओर से कड़ी सुरक्षा में है.</span></span> <span class="jCAhz ChMk0b"><span class="ryNqvb">बैठक में उपस्थित कई सदस्यों को एक सशस्त्र समूह की ओर से इसमें भाग लेने के लिए मजबूर किया गया.</span></span> <span class="jCAhz ChMk0b"><span class="ryNqvb">इतना ही नहीं, इस बैठक के दौरान मणिपुर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और वांगखेम के विधायक केसम मेघचंद्र पर बेरहमी से हमला किया गया और उन्हें प्रताड़ित किया गया.''</span></span></p> <p style="text-align: justify;"><strong>मल्लिकार्जुन खरगे ने पीएम मोदी पर साधा निशाना</strong></p> <p style="text-align: justify;"><span class="jCAhz ChMk0b"><span class="ryNqvb">मल्लिकार्जुन खरगे ने लिखा, ''</span></span><span class="jCAhz ChMk0b"><span class="ryNqvb">केंद्रीय और सुरक्षा बलों और खुफिया कर्मियों की भारी मौजूदगी के बावजूद यह चौंकाने वाली घटना घटी है.</span></span> अब तक राज्य के मुख्यमंत्री और गृह मंत्रालय की ओर से इस घटना को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की गई है.''</p> <p style="text-align: justify;">मल्लिकार्जुन खरगे ने लिखा, ''<span class="jCAhz ChMk0b"><span class="ryNqvb">यह शर्मनाक है कि जब मणिपुर की बात आती है तो प्रधानमंत्री की चुप्पी राज्य और केंद्र दोनों में सभी महत्वपूर्ण हितधारकों की ओर से यह प्रचलित रणनीति लगती है.''</span></span></p> <p style="text-align: justify;"><strong><span class="jCAhz ChMk0b"><span class="ryNqvb">'...शांति, राहत और न्याय की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया'</span></span></strong></p> <p style="text-align: justify;"><span class="jCAhz ChMk0b"><span class="ryNqvb">कांग्रेस अध्यक्ष ने लिखा, ''</span></span><span class="jCAhz ChMk0b"><span class="ryNqvb">मैं खुद 14 जनवरी को भारत जोड़ो न्याय यात्रा की उद्घाटन रैली के लिए मणिपुर गया था.</span></span> <span class="jCAhz ChMk0b"><span class="ryNqvb">मेरा अनुभव वैसा ही था जैसा राहुल गांधी ने 29 और 30 जून 2023 को मणिपुर की अपनी पिछली यात्रा में और हाल ही में यात्रा के दौरान कहा था - कि मणिपुरी समाज बुरी तरह से विभाजित है और शांति, राहत और न्याय की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है.</span></span> <span class="jCAhz ChMk0b"><span class="ryNqvb">जो अभी भी 3 मई से 2023 से राज्य में हुई हिंसा के बाद से पीड़ित हैं.''</span></span></p> <p style="text-align: justify;"><span class="jCAhz ChMk0b"><span class="ryNqvb">उन्होंने लिखा, ''</span></span><span class="jCAhz ChMk0b"><span class="ryNqvb">ये सभी घटनाएं मणिपुर में प्रशासन के पूर्ण पतन की ओर इशारा करती हैं.</span></span> <span class="jCAhz ChMk0b"><span class="ryNqvb">प्रधानमंत्री की लगातार चुप्पी मणिपुर के लोगों के साथ अन्याय है.</span></span> <span class="jCAhz ChMk0b"><span class="ryNqvb">सरकारें आती हैं और जाती हैं, लेकिन यह सुनिश्चित करना संवैधानिक पदाधिकारियों की जिम्मेदारी है कि लोकतांत्रिक संरचनाएं, संस्थाएं और प्रक्रियाएं सुरक्षित और संरक्षित रहें.</span></span></p> <p style="text-align: justify;"><strong><span class="jCAhz ChMk0b"><span class="ryNqvb">कांग्रेस अध्यक्ष ने गृह मंत्री से की ये अपील</span></span></strong></p> <p style="text-align: justify;"><span class="jCAhz ChMk0b"><span class="ryNqvb">मल्लिकार्जुन खरगे ने लिखा, ''हमारे देश ने हाल ही में 75वां <a title="गणतंत्र दिवस" href="https://www.abplive.com/topic/republic-day-2024" data-type="interlinkingkeywords">गणतंत्र दिवस</a> मनाया है.</span></span> <span class="jCAhz ChMk0b"><span class="ryNqvb">मणिपुर हमारे गणतंत्र का एक अभिन्न अंग है और मैं आपसे यह सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कार्रवाई करने का आग्रह करता हूं कि हमारे अद्भुत विविधता वाले देश के एक बहुत ही महत्वपूर्ण और मूल्यवान हिस्से में लोकतंत्र और कानून का शासन एक बार फिर कायम रहे.''</span></span></p> <p style="text-align: justify;"><span class="jCAhz ChMk0b"><span class="ryNqvb"><strong>यह भी पढ़ें- <a title="मणिपुर में फिर दो समूहों की बीच हुई हिंसा, एक की मौत, 4 घायल" href="https://www.abplive.com/news/india/gunfight-between-two-armed-groups-in-manipur-one-killed-and-four-injured-2596800" target="_blank" rel="noopener">मणिपुर में फिर दो समूहों की बीच हुई हिंसा, एक की मौत, 4 घायल</a></strong></span></span></p>

'चीन की हरकतों के बाद भारत का गुटन‍िरपेक्ष रहना संभव नहीं', बोले कांग्रेस नेता शश‍ि थरूर

<p style="text-align: justify;"><strong>Shashi Tharoor on India Non-Aligned Policy:</strong> कांग्रेस सांसद और पूर्व राजनय&zwj;िक शशि थरूर ने शनिवार (27 जनवरी) को कहा कि चीन भारत की सीमा पर बैठा है. इस तरह की स्&zwj;थ&zwj;िति में भारत का 'वास्तव में गुटनिरपेक्ष' रहना संभव नहीं है. दुनिया के अस्त-व्यस्त होने से भारत की विदेश नीति की कई मान्&zwj;यताएं भी प्रभा&zwj;व&zwj;ित हुई हैं.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">न्&zwj;यूज एजेंसी पीटीआई के मुताब&zwj;िक, केरल के तिरुवनंतपुरम से लोकसभा सांसद थरूर ने भारत की गुट न&zwj;िरपेक्षता नीत&zwj;ि को लेकर कहा क&zwj;ि हम अभी भी गुटनिरपेक्ष हैं और गुटनिरपेक्ष आंदोलन के सदस्य हैं लेकिन मौजूदा समय में इसके क्&zwj;या खास मायने हैं, इसको लेकर ज्&zwj;यादा स्&zwj;पष्&zwj;टता नहीं है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">उन्&zwj;होंने चीन के तेजी से आगे बढ़ने की बात कहते हुए कहा कि दुन&zwj;िया की अब दो महाशक्तियां अमेरिका और (तत्कालीन) सोवियत संघ नहीं रहा है. उन्&zwj;होंने कहा कि अब दो महाशक्&zwj;त&zwj;ियां, एक अमेरिका तो दूसरी तेजी से बढ़ता चीन है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>'चीन अपना रहा शत्रुतापूर्ण रवैया'</strong></p> <p style="text-align: justify;">कांग्रेस नेता शश&zwj;ि ने शन&zwj;िवार को कोलकाता अंतर्राष्ट्रीय पुस्तक मेले के एक टॉक शो में यह सब कहा. थरूर ने कहा क&zwj;ि ऐसे हालातों में जब शत्रुतापूर्ण रवैया अपनाने वाला चीन, भारत की सीमा पर बैठा हो तो उसके साथ वास्&zwj;तव में गुटन&zwj;िरपेक्ष नहीं रहा जा सकता.</p> <p style="text-align: justify;">उन्&zwj;होंने इस बात पर भी जोर द&zwj;िया क&zwj;ि अगर चीन और ज्&zwj;यादा आक्रामक रूख अपनाता है तो इसकी पूरी संभावना है क&zwj;ि भारत को भी ठोस व&zwj;िकल्&zwj;प चुनने होंगे. पूर्व राजनय&zwj;िक थरूर ने कहा कि भारत नाटो जैसी संधि में नहीं है, लेकिन उसने क्वाड में अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान के साथ साझेदारी की है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>'भारत पहले की तुलना में इजरायल के काफी करीब'&nbsp;</strong></p> <p style="text-align: justify;">केरल सांसद ने कहा कि भारत एक नए ग्रुप I2U2 का भी सदस्य है जिसमें भारत, इजरायल, अमेरिका और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं. उन्होंने यह भी कहा क&zwj;ि मुझे मालूम नहीं है क&zwj;ि गाजा संघर्ष के बाद I2U2 का भविष्य क्या है. जहां तक भारत के इजरायल के साथ संबंधों की बात है तो भारत पहले की तुलना में इजराइल के काफी करीब आया है. दोनों देशों के बीच द्व&zwj;िपक्षीय संबंध मजबूत हैं. पीएम <a title="नरेंद्र मोदी" href="https://www.abplive.com/topic/narendra-modi" data-type="interlinkingkeywords">नरेंद्र मोदी</a> इजरायल की यात्रा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं. वहीं, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भी दो बार यहां आए हैं.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>'ग्&zwj;लोबल साउथ' की आवाज बनाने का प्रयास कर रहे पीएम मोदी &nbsp;</strong></p> <p style="text-align: justify;">उन्होंने कहा कि पीएम मोदी भारत को 'ग्&zwj;लोबल साउथ' की आवाज के रूप में स्थापित करने का पूरा प्रयास कर रहे हैं. इसको उन्&zwj;होंने गुटनिरपेक्ष आंदोलन का अपडेटेड वर्जन बताया. उन्&zwj;होंने इस बात को भी कहा कि भारत भी अंतरराष्ट्रीय विकास के मद्देनजर उतार-चढ़ाव की स्थिति से गुजर रहा है. कांग्रेस नेता ने कहा कि स्&zwj;वतंत्रता के बाद से भारत की हर सरकार रणनीतिक स्वायत्तता के विचार से जुड़ी रही है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें:</strong> <a title="'चलो छुटकारा तो मिला...' नीतीश कुमार के NDA में शामिल होने को लेकर क्या बोलीं ममता बनर्जी?" href="https://www.abplive.com/news/india/mamata-banerjee-reaction-on-bihar-political-turmoil-says-will-fight-bjp-as-nitish-kumar-ready-to-quit-from-india-alliance-2596623" target="_self">'चलो छुटकारा तो मिला...' नीतीश कुमार के NDA में शामिल होने को लेकर क्या बोलीं ममता बनर्जी?</a>&nbsp;</p>

Friday, January 26, 2024

Padma Purushkar 2024: भारत-फ्रांस संबंध होंगे और मजबूत, पद्म पुरस्कार से सम्‍मान‍ित होंगे 4 फ्रांसीसी नागर‍िक

<p style="text-align: justify;"><strong>Padma Purushkar 2024:</strong> भारत और फ्रांस के बीच संबंध और मजूबत हुए हैं. भारत की ओर से फ्रांस के 4 नागरिकों को पद्म पुरस्कारों से सम्&zwj;मानि&zwj;त करने की घोषणा की गई है. यह फैसला दोनों देशों के बीच प्रगाढ़ होते मैत्रीपूर्ण संबंधों का जीता जागता उदाहरण है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">दरअसल, पद्म पुरस्कारों की घोषणा गुरुवार (25 जनवरी) को की गई थी जिस दिन फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों भारत आए. वह अपनी दो द&zwj;िवसीय भारत यात्रा के पहले द&zwj;िन जयपुर एयरपोर्ट पहुंचे थे, जहां पर उनका जोरदार स्&zwj;वागत किया गया था. फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रों इस साल <a title="गणतंत्र दिवस" href="https://www.abplive.com/topic/republic-day-2024" data-type="interlinkingkeywords">गणतंत्र दिवस</a> परेड समारोह में बतौर मुख्य अतिथि उपस्&zwj;थ&zwj;ित&zwj; रहे.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>फ्रांस के इन लोगों को किया जाएगा सम्मानित</strong></p> <p style="text-align: justify;">इस बार फ्रांस के जिन लोगों को यह सम्मान मिला है उनमें 100 वर्षीय योग गुरू चार्लोट चोपिन और योग विशेषज्ञ और आयुर्वेद चिकित्सक किरण व्यास (79) शामिल हैं.&nbsp;इसके अलावा पियरे सिल्वेन फिलिओजैट (87) और फ्रेड नेग्रिट को भी पद्म सम्मान दिए जाने की घोषणा की गई है. फिलिओजैट संस्कृत विद्वान हैं जो भारतीय संस्कृति अध्ययन को बढ़ाने के लिए समर्पित हैं.&nbsp;फ्रेड नेग्रिट भारतविद हैं जो भारतीय संस्कृति के बारे में जागरूकता को बढ़ावा देते हैं. &nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">इस साल 2024 में 132 लोगों को पद्म पुरस्&zwj;कार से सम्&zwj;मान&zwj;ित क&zwj;िया जा रहा है. इनमें से 5 लोगों को पद्म विभूषण, 17 को पद्म भूषण और 110 को पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>9 लोगों को मरणोपरांत पद्म पुरस्कार</strong></p> <p style="text-align: justify;">इस बार 9 लोगों को पद्म पुरस्कार मरणोपरांत दिया जा रहा है. इस बार ज&zwj;िन लोगों को भारत सरकार मरणोपरांत पद्म पुरस्कार दे रही है उनमें सुलभ इंटरनेशनल के संस्&zwj;थापक बिहार के बिंदेश्वर पाठक को मरणोपरांत पद्म विभूषण से सम्मानित किया जाना भी शाम&zwj;िल है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">(<strong>पीटीआई-भाषा, एएनआई इनपुट्स के साथ</strong>)&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें: <a title="Republic Day 2024: जब आसमान में दहाड़ रहे थे राफेल, उस वक्त फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने पीएम मोदी से कान में क्या कहा?" href="https://www.abplive.com/news/india/republic-day-2024-what-france-president-emmanuel-macron-said-to-pm-modi-ear-know-the-detail-2595931" target="_self">Republic Day 2024: जब आसमान में दहाड़ रहे थे राफेल, उस वक्त फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने पीएम मोदी से कान में क्या कहा?</a></strong></p>

Ramlala Idol: आधी रात में उठ जाते थे अरुण योगीराज, कहते थे- रामलला बुला रहे हैं, आचार्य ने सुनाया किस्सा

<p style="text-align: justify;"><strong>Ayodhya Ram Mandir:&nbsp;</strong>अयोध्या के राम मंदिर में 22 जनवरी को हुई रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद भगवान की मूर्ति को गढ़ने वाले मैसूर के प्रसिद्ध मूर्तिकार अरुण योगीराज की काफी चर्चा है. उन्होंने जिस लगन और मेहनत के साथ मूर्ति को गढ़ा, उसके किस्से सामने आ रहे हैं.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, मूर्ति गढ़े जाने के दौरान उसके साक्षी रहे संस्कृत और संगीत के विद्वान सुमधुर शास्त्री ने अपने अनुभव साझा किए हैं. सुमधुर शास्त्री ने बताया कि अरुण योगीराज पिछले सात महीनों में कई बार उन्हें आधी रात उठाया और यह कहते हुए कि 'रामलला बुला रहे हैं' अपने साथ चलने को कहा.</p> <p style="text-align: justify;">सुमधुर शास्त्री ने बताया कि शुरू में सत्यनारायण पांडे गर्भगृह के लिए रामलला की मूर्ति बनाने के लिए आए थे और फिर जीएल भट्ट का नाम सामने आया. आखिर में इस कार्य के लिए अरुण योगीराज को चुना गया.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>बालरूप में मूर्ति बनाने का था निर्देश</strong></p> <p style="text-align: justify;">सुमधुर शास्त्री ने बताया कि मंदिर के ट्रस्ट ने साफ निर्देश दिया था कि राम लला की मूर्ति बालरूप में होनी चाहिए, जिसकी ऊंचाई 51 इंच होनी चाहिए और बालों और विशेषताओं के विवरण पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए. सभी दिव्य गुणों को लेकर विस्तार से चर्चा हुई थी.</p> <p style="text-align: justify;">रिपोर्ट के मुताबिक, सुमधुर शास्त्री ने बताया कि अरुण योगीराज ने अपना कार्य कुछ देरी से शुरू किया. शास्त्री ने यह भी कहा कि शुरू में उनके और योगीराज के बीच बातचीत की चुनौती थी लेकिन फिर टूटी-फुटी अंग्रेजी में बातचीत करने का बीच का रास्ता निकाला गया.</p> <p style="text-align: justify;"><img src="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2024/01/27/8ac365b7366db0b05dc2bd15fa2252341706295645567488_original.jpg" /></p> <p style="text-align: justify;"><strong>रामलला के उत्तर भारतीय स्वरूप को समझने के लिए किए गए ये उपाय</strong></p> <p style="text-align: justify;">शास्त्री ने बताया कि रामलला के उत्तर भारतीय स्वरूप को समझने के लिए स्वामी नारायण छपैया मंदिर का दौरा किया और नैमिषारण्य में मंदिरों को देखा. उन्होंने बताया कि संतों के साथ मूर्ति के स्वरूप पर चर्चा की गई और दिव्य स्वरूप को समझने के लिए ग्रंथों और रामायण के छंदों का गहराई से अध्ययन किया गया. उन्होंने कहा कि <a title="राम मंदिर" href="https://www.abplive.com/topic/ram-mandir" data-type="interlinkingkeywords">राम मंदिर</a> निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने समय-समय पर कार्य का निरीक्षण करते थे.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>आंखें तराशने के लिए सोने की छेनी और चांदी के हथोड़े का हुआ उपयोग</strong></p> <p style="text-align: justify;">सुमधुर शास्त्री ने बताया कि रामलला की मूर्ति में आंखें बनाने की प्रक्रिया विशेष थी. इसके लिए सोने की छेनी और चांदी के हथौड़े का उपयोग बहुत कोमलता के साथ किया गया. उन्होंने कहा कि आंखें बनाते वक्त यह विशेष ध्यान दिया गया कि जब रामलला के दर्शन किए जाएं तो हर किसी को भगवान की ओर से देखे जाने की अनुभूति हो.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें- <a title="'ASI सर्वे सिर्फ एक रिपोर्ट, अंतिम शब्द नहीं', हिंदू पक्ष के दावे पर और क्या बोली ज्ञानवापी मस्जिद समिति?" href="https://www.abplive.com/news/india/gyanvapi-mosque-case-anjuman-intezamia-masjid-committee-on-asi-survey-report-hindu-advocate-claims-2595988" target="_blank" rel="noopener">'ASI सर्वे सिर्फ एक रिपोर्ट, अंतिम शब्द नहीं', हिंदू पक्ष के दावे पर और क्या बोली ज्ञानवापी मस्जिद समिति?</a></strong></p>

'नीतीश के इस्तीफा देने से इंडिया गठबंधन पर नहीं पड़ेगा फर्क', बिहार के सियासी बवाल के बीच सीएम ममता का बयान

<p style="text-align: justify;"><strong>Mamata Banerjee on Nitish Kumar:</strong> बिहार के मुख्यमंत्री और जदयू प्रमुख नीतीश कुमार के इंडिया गठबंधन छोड़ने और राज्य में बीजेपी के साथ फिर से जुड़ने की अफवाहों के बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बयान दिया. शुक्रवार (26 जनवरी) को उन्होंने कहा कि सीएम नीतीश कुमार के बाहर निकलने से विपक्षी गठबंधन पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा.</p> <p style="text-align: justify;">पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 75वें <a title="गणतंत्र दिवस" href="https://www.abplive.com/topic/republic-day-2024" data-type="interlinkingkeywords">गणतंत्र दिवस</a> के अवसर पर राजभवन में एक कार्यक्रम के दौरान कहा, ''मुझे लगता है कि नीतीश कुमार ने बिहार के लोगों की नजर में अपनी विश्&zwj;वसनीयता खो दी है. अगर वह इस्तीफा देते हैं तो तेजस्वी यादव के लिए बिहार में सुचारू रूप से काम करना आसान हो जाएगा.''</p> <p style="text-align: justify;"><strong>बंगाल में टीएमसी अकेले लड़ेगी चुनाव</strong></p> <p style="text-align: justify;">हाल ही में सीएम ममता बनर्जी ने घोषणा की थी कि उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस पश्चिम बंगाल में आगामी लोकसभा चुनाव अकेले लड़ेगी. उन्होंने कहा था कि क्षेत्रीय दल एकजुट रहेंगे और भविष्य के सभी निर्णय <a title="लोकसभा चुनाव" href="https://www.abplive.com/topic/lok-sabha-election-2024" data-type="interlinkingkeywords">लोकसभा चुनाव</a> के नतीजे घोषित होने के बाद ही लिए जाएंगे. सीएम ममता बनर्जी ने शुक्रवार को विभिन्न केंद्र-प्रायोजित योजनाओं के तहत पश्चिम बंगाल सरकार को केंद्रीय फंड जारी न करने पर केंद्र सरकार को चेतावनी का एक नोट भी जारी किया.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>केंद्र सरकार पर निशाना साधा</strong></p> <p style="text-align: justify;">सीएम ममता बनर्जी ने कहा, "जब तक केंद्रीय धनराशि अगले सात दिनों के भीतर जारी नहीं की जाती, इस मामले पर और आंदोलन होंगे." सीएम ममता बनर्जी के अनुसार, केंद्र सरकार की ओर से पूछे गए सभी सवालों का राज्य सरकार की ओर से संतोषजनक जवाब दिए जाने के बाद भी केंद्रीय धनराशि जारी नहीं की गई है. उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य के आंदोलनों की प्रकृति को उचित समय पर अंतिम रूप दिया जाएगा.</p> <p style="text-align: justify;">बिहार में राजनीतिक सरगर्मी तेज है. सीएम नीतीश कुमार ने 28 जनवरी को जदयू के विधायक दलों की बैठक बुलाई है. वहीं जीतन राम मांझी की पार्टी हम के प्रवक्ता दानिश रिजवान ने दावा किया है कि बिहार में बड़ा बदलाव होने जा रहा है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://www.abplive.com/news/india/bihar-politics-nda-alliance-parties-plan-in-bihar-as-rumours-nitish-kumar-may-break-relation-with-lalu-prasad-yadav-rjd-2595945">Bihar Politics: पर्ची हटी और हो गया खेला? बिहार के नए सियासी समीकरण में क्या करेंगे एनडीए के पुराने सहयोगी</a></strong></p>

Thursday, January 25, 2024

Happy Republic Day 2024: 75वां गणतंत्र दिवस आज, भारत की सैन्य शक्ति, सांस्कृतिक समृद्धि और महिला सशक्तिकरण का कर्तव्य पथ पर दिखेगा नजारा | बड़ी बातें

<p style="text-align: justify;"><strong>Republic Day 2024:</strong> देश शुक्रवार (26 जनवरी) को 75वें गणतंत्र दिवस समारोह को लेकर जश्न के लिए तैयार है. इस दौरान कर्तव्य पथ पर होने वाली परेड के साथ भारत अपनी बढ़ती सैन्य ताकत और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के भव्य प्रदर्शन के साथ जश्न मनाएगा.</p> <p style="text-align: justify;">देश की महिला शक्ति और लोकतांत्रिक मूल्यों पर केंद्रित इस भव्य समारोह में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे. ऐसे में सुरक्षा से लेकर सभी अन्य इंतजाम पूरे कर लिए गए हैं. बड़ी बातें-&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>पीएम मोदी के समर स्मारक पर पहुंचने से होगी समारोह की शुरुआत</strong></p> <p style="text-align: justify;">गणतंत्र दिवस समारोह की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रीय समर स्मारक पर जाने से होगी, जहां वह शहीद हुए नायकों को पुष्पांजलि अर्पित करेंगे. रक्षा मंत्रालय ने कहा कि कुछ मिनट बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और उनके फ्रांसीसी समकक्ष इमैनुएल मैक्रों पारंपरिक बग्गी में पहुंचेंगे. यह प्रथा 40 साल के अंतराल के बाद फिर से शुरू हो रही है.</p> <p style="text-align: justify;">राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद राष्ट्रगान के साथ ही स्वदेशी बंदूक प्रणाली &lsquo;105-एमएम इंडियन फील्ड गन&rsquo; से 21 तोपों की सलामी दी जाएगी. इसके बाद राष्ट्रपति मुर्मू के सलामी लेने के साथ परेड शुरू होगी.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">गणतंत्र दिवस परेड सुबह दस बजकर 30 मिनट पर शुरू होगी और लगभग 90 मिनट तक चलेगी. कर्तव्य पथ पर शुक्रवार को 90 मिनट की परेड में विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की झांकियां दिखाई जाएगी. परेड में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की 16 झांकियां होंगी. मंत्रालयों/विभागों की झांकियां 9 होंगी.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>इन राज्यों की झांकियां होंगी शामिल</strong></p> <p style="text-align: justify;">जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की झांकियां परेड में शामिल होंगी उनमें अरुणाचल प्रदेश, हरियाणा, मणिपुर, मध्य प्रदेश, ओडिशा, छत्तीसगढ़, राजस्थान, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, लद्दाख, तमिलनाडु, गुजरात, मेघालय, झारखंड, उत्तर प्रदेश और तेलंगाना शामिल हैं. &nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">इसके अलावा परेड में मिसाइल, ड्रोन जैमर, निगरानी प्रणाली, वाहन पर लगे मोर्टार और बीएमपी-2 पैदल सेना के लड़ाकू वाहनों जैसे घरेलू हथियारों और अन्य सैन्य उपकरणों का प्रदर्शन किया जायेगा. पहली बार तीनों सेवाओं का महिला दस्ता देश के इस सबसे बड़े समारोह में शामिल होगा. पहली बार एक और ऐतिहासिक घटना में लेफ्टिनेंट दीप्ति राणा और प्रियंका सेवदा हथियार का पता लगाने वाले &lsquo;स्वाति&rsquo; रडार और पिनाका रॉकेट प्रणाली का परेड में नेतृत्व करेंगी.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>राष्ट्रीय राजधानी में 70,000 से ज्यादा सुरक्षाकर्मी तैनात</strong></p> <p style="text-align: justify;">गणतंत्र दिवस समारोहों के मद्देनजर राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं. 70,000 से अधिक सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है. दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने यह जानकारी दी. अधिकारियों ने बताया कि इन 70,000 से अधिक सुरक्षाकर्मियों में से 14,000 की तैनाती गणतंत्र दिवस परेड की सुरक्षा के लिए कर्तव्य पथ और उसके आसपास की जाएगी.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>दिल्ली पुलिस ने जारी की एडवाइजरी&nbsp;</strong></p> <p style="text-align: justify;">दिल्ली पुलिस ने गणतंत्र दिवस पर यातायात व्यवस्था और प्रतिबंधों को लेकर एडवाइजरी जारी की है. परामर्श के मुताबिक, गणतंत्र दिवस परेड मार्ग पर व्यापक यातायात व्यवस्था और प्रतिबंध होंगे. एडवाइजरी में कहा गया है कि परेड विजय चौक, कर्तव्य पथ, सी-हेक्सागन, सुभाष चंद्र बोस गोल चक्कर, तिलक मार्ग, बहादुर शाह जफर मार्ग, नेताजी सुभाष मार्ग से होकर और लाल किला पहुंचेगी.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>मेट्रो के इन स्टेशनों से जा सकेंगे समारोह में</strong></p> <p style="text-align: justify;">दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) ने एक बयान में कहा 'जिन लोगों के पास गणतंत्र दिवस समारोह में भाग लेने के लिए वास्तविक ई-निमंत्रण कार्ड या ई-टिकट होंगे उन्हें स्टेशनों पर सरकार के जारी पहचान पत्र दिखाने पर कूपन जारी किए जाएंगे. इससे वे कर्तव्य पथ पहुंचने के लिए केंद्रीय सचिवालय और उद्योग भवन स्टेशनों से बाहर निकल सकते हैं. यही कूपन इन दोनों स्टेशनों से वापस जाने के लिए भी मान्य होंगे.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>कितने बजे क्या होगा?</strong></p> <p style="text-align: justify;">प्रधानमंत्री <a title="नरेंद्र मोदी" href="https://www.abplive.com/topic/narendra-modi" data-type="interlinkingkeywords">नरेंद्र मोदी</a> सुबह 10.05 बजे वॉर मेमोरियल पहुंचेंगे. उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ 10.25 बजे कर्तव्य पथ पर पहुंचेंगे. 10.27 बजे राष्ट्रपति <a title="द्रौपदी मुर्मू" href="https://www.abplive.com/topic/droupadi-murmu" data-type="interlinkingkeywords">द्रौपदी मुर्मू</a> और मुख्य अतिथि फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों का समारोह में आगमन होगा. 10.30 बजे गणतंत्र दिवस परेड की शुरू होगी. 12 बजे आसमान में फ्लाई पास्ट देखा जा सकेगा.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>गणतंत्र दिवस परेड में पहली बार</strong></p> <p style="text-align: justify;">गणतंत्र दिवस परेड में पहली बार ऑल वुमेन ट्राई-सर्विस टीम शामिल हो रही है. ट्राई-सर्विस टुकड़ी का नेतृत्व कैप्टन शरण्या राव करेंगी. पहली बार शंख, नादस्वरम, नगाड़े से परेड की शुरुआत होगी. पहली बार भारतीय म्यूजिक बजाने वाली 100 महिला कलाकार शामिल होंगी. पहली बार परेड में महिला मार्चिंग कंटिंजेंट की बड़ी भूमिका नजर आएगी. पहली बार फ्लाई-पास्ट में मेड इन इंडिया ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट C-295 दिखेगा.</p> <p style="text-align: justify;">परेड कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल भवनीश कुमार होंगे. गणतंत्र दिवस समारोह के लिए 13 हजार विशेष अतिथियों को आमंत्रित किया गया है. परेड की शुरुआत भारतीय वाद्ययंत्र बजाकर होगी.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>गणतंत्र दिवस पर अभेद सुरक्षा</strong></p> <p style="text-align: justify;">गणतंत्र दिवस समारोह के लिए अभेद सुरक्षा का इंतजाम किया गया है.&nbsp;चेहरा पहचानने वाले CCTV कैमरे लगाए गए हैं. एयर डिफेंस सिस्टम भी तैनात है. 14 हजार पुलिस के जवान तैनात किए गए हैं. QRT, SWAT कमांडो तैनात<br />किए गए गए हैं. सेना, अर्धसैनिक बलों की भी तैनाती की गई है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>परेड रूट की सुरक्षा </strong></p> <p style="text-align: justify;">परेड रूट को 28 जोन में बांटा गया है. हर जोन की जिम्मेदारी डीसीपी के पास होगी, 8 हजार जवान रूट पर तैनात रहेंगे. 1000 सीसीटीवी कैमरों से नजर रखी जाएगी.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>आसमान से सुरक्षा</strong></p> <p style="text-align: justify;">वहीं, 10 खास कैमरे ऊंची इमारतों पर लगाए गए हैं. एंटी एयरक्राफ्ट तकनीक से लैस गन तैनात की गई हैं. एक हजार स्नाइपर, कमांडो की तैनाती की गई है. पूरा इलाका नो फ्लाइंग जोन घोषित किया गया है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>फ्लाई-पास्ट में दिखेंगे 54 विमान</strong></p> <p style="text-align: justify;">फ्लाई-पास्ट में वायुसेना के 46 विमान, नौसेना का एक विमान, थल सेना के चार विमान और फ्रेंच एयर एंड स्पेस फोर्स के तीन विमान होंगे.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>महिला सशक्तीकरण पर केंद्रित 26 झांकियां की जाएंगी प्रदर्शित</strong></p> <p style="text-align: justify;">कर्तव्य पथ पर शुक्रवार (26 जनवरी) को &lsquo;महिला सशक्तीकरण&rsquo; पर केंद्रित 26 झांकियां प्रदर्शित की जाएंगी जिनमें सामाजिक-आर्थिक गतिविधियों में महिलाओं की भूमिका से लेकर महिला वैज्ञानिकों के योगदान की झलक मिलेगी. केंद्र सरकार पहले ही घोषणा कर चुकी है कि कर्तव्य पथ पर 75वें गणतंत्र दिवस की परेड महिला केंद्रित होगी और &lsquo;विकसित भारत&rsquo; और &lsquo;भारत-लोकतंत्र की मातृका&rsquo; मुख्य विषय होंगे.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>मणिपुर की झांकी में क्या होगा खास?</strong></p> <p style="text-align: justify;">सामाजिक-आर्थिक गतिविधियों में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिकाओं पर प्रकाश डालते हुए मणिपुर की झांकी में महिलाओं को कमल के तने के नाजुक रेशों से काम करते और पारंपरिक &lsquo;चरखे&rsquo; का इस्तेमाल करके धागा बनाते हुए दिखाया जाएगा. झांकी के सामने वाले हिस्से में एक महिला को मणिपुर की लोकताक झील से कमल की डंडियां एकत्र करते हुए दिखाया जाएगा. झांकी के किनारों पर नावों पर सवार और कमल की डंडियां एकत्र करती हुई महिलाओं को प्रदर्शित किया जाएगा.</p> <p style="text-align: justify;">मणिपुर की झांकी के पीछे &lsquo;इमा कीथेल&rsquo; की एक प्रतिकृति बनाई गई है - जो एक महिला बाजार है. यह बाजार कई सदियों पुराना है और इसे पूरी तरह से महिलाएं चलाती हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>DRDO और ISRO की झांकियों में क्या कुछ नजर आएगा?</strong></p> <p style="text-align: justify;">महत्वपूर्ण प्रणालियों और प्रौद्योगिकियों को प्रदर्शित करने के अलावा, रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) मुख्य क्षेत्रों में अपनी महिला वैज्ञानिकों के महत्वपूर्ण योगदान को चित्रित करने के लिए तैयार है. एंटी-सैटेलाइट मिसाइल से लेकर तीसरी पीढ़ी की एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल और हल्के लड़ाकू विमान तेजस तक, डीआरडीओ में महिलाओं की भागीदारी को उनकी झांकी में प्रमुखता से उजागर किया जाएगा.</p> <p style="text-align: justify;">भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) चंद्रमा पर अपने लैंडिंग स्थल &lsquo;शिव शक्ति&rsquo; बिंदु पर &lsquo;चंद्रयान -3&rsquo; का प्रदर्शन करेगा. बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय की झांकी में भारत के समुद्री क्षेत्र के विकास को प्रदर्शित किया जाएगा.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>एमपी की झांकी में दिखेगी विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी</strong></p> <p style="text-align: justify;">मध्य प्रदेश की झांकी में कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से विकास प्रक्रिया में महिलाओं के एकीकरण की राज्य की उपलब्धि को प्रदर्शित किया जाएगा. मध्य प्रदेश की आत्मनिर्भर और प्रगतिशील महिलाओं पर प्रकाश डालते हुए झांकी आधुनिक सेवा क्षेत्र से लेकर लघु उद्योग तक के क्षेत्रों में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी पर केंद्रित होगी.</p> <p style="text-align: justify;">झांकी में मध्य प्रदेश की पहली महिला लड़ाकू पायलट, भारतीय वायुसेना (आईएएफ) की अवनी चतुर्वेदी होंगी. वह एक लड़ाकू विमान के मॉडल के साथ खड़ी नजर आएंगी.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ओडिशा, छत्तीसगढ़, गुजरात और तमिलनाडु की झांकियों में क्या कुछ होगा खास?</strong></p> <p style="text-align: justify;">ओडिशा की झांकी में हस्तशिल्प और हथकरघा क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी को दर्शाया जाएगा. छत्तीसगढ़ की झांकी में बस्तर के आदिवासी समुदायों में महिला प्रभुत्व को प्रदर्शित किया जाएगा. परंपराओं को प्रदर्शित करने के लिए इसे बेल मेटल और टेराकोटा कलाकृतियों से सजाया गया है.</p> <p style="text-align: justify;">गुजरात सरकार ने सोमवार को कहा था कि कच्छ के धोरडो गांव पर एक झांकी नई दिल्ली में गणतंत्र दिवस परेड में प्रदर्शित की जाएगी. धोरडो गांव ने हाल में 54 सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांवों की सूची में जगह बनाई है.</p> <p style="text-align: justify;">तमिलनाडु की झांकी में बर्तनों में पत्ती मतपत्रों को प्रदर्शित करके 10वीं शताब्दी के चोल युग के दौरान लागू की गई मतदान प्रक्रिया को प्रदर्शित किया जाएगा.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>हस्तशिल्प उद्योगों के विकास का प्रदर्शित करेगी राजस्थान की झांकी</strong></p> <p style="text-align: justify;">राजस्थान की झांकी राज्य की उत्सव संस्कृति के साथ-साथ महिला हस्तशिल्प उद्योगों के विकास का प्रदर्शित करेगी. झांकी में नर्तकी के पुतले के साथ राजस्थान के प्रसिद्ध &lsquo;घूमर&rsquo; लोक नृत्य को दर्शाया जाएगा. इसमें मीरा बाई की एक खूबसूरत मूर्ति भी होगी, जो भक्ति और शक्ति का प्रतीक मानी जाती हैं. झांकी में बंधेज, बगरू प्रिंट सहित समृद्ध हस्तशिल्प परंपराओं की झलक भी दिखाई जाएगी.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>महिला सशक्तीकरण को प्रदर्शित करेगी हरियाणा की झांकी</strong></p> <p style="text-align: justify;">हरियाणा की झांकी में सरकारी कार्यक्रम &lsquo;मेरा परिवार-मेरी पहचान&rsquo; के जरिए राज्य में महिलाओं के सशक्तीकरण को प्रदर्शित किया जाएगा. झांकी में हरियाणवी महिलाओं को डिजिटल उपकरण का इस्तेमाल करते हुए दिखाया जाएगा कि कैसे &lsquo;डिजिटल इंडिया&rsquo; पहल के जरिये वे सिर्फ एक &lsquo;क्लिक&rsquo; के साथ सरकारी योजनाओं तक अपनी पहुंच बना सकती हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>लद्दाख की झांकी में नजर आएगा महिला आइस हॉकी टीम का प्रदर्शन&nbsp;</strong></p> <p style="text-align: justify;">इस वर्ष आंध्र प्रदेश की झांकी स्कूली शिक्षा में बदलाव और छात्रों को विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के विषय पर है. वहीं, लद्दाख की झांकी में भारतीय महिला आइस हॉकी टीम का प्रदर्शन किया जाएगा, जिसमें लद्दाखी महिलाएं भी शामिल हैं.</p> <p style="text-align: justify;">(भाषा इनपुट के साथ)</p> <p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें- <a title="Republic Day: पुतिन, क्वीन एलिजाबेथ और नेल्शन मंडेला से लेकर इमैनुएल मैक्रों तक, जानें कब कौन रहा भारत के गणतंत्र दिवस का चीफ गेस्ट?" href="https://www.abplive.com/news/india/chief-guests-in-india-republic-day-parade-list-includes-from-vladimir-putin-queen-elizabeth-to-emmanuel-macron-2595084" target="_blank" rel="noopener">Republic Day: पुतिन, क्वीन एलिजाबेथ और नेल्शन मंडेला से लेकर इमैनुएल मैक्रों तक, जानें कब कौन रहा भारत के गणतंत्र दिवस का चीफ गेस्ट?</a></strong></p>

तेलंगाना को मिला नया राज्यपाल, बीजेपी के वरिष्ठ नेता शिव प्रताप शुक्ल को दी गई जिम्मेदारी

<p style="text-align: justify;">तेलंगाना में राज्यपाल पद को लेकर अहम प्रशासनिक बदलाव किया गया है. केंद्र सरकार ने बीजेपी के ...