Tuesday, October 31, 2023

'मैं विदेश मंत्री जयशंकर के संपर्क में हूं और...', भारत-कनाडा विवाद के बीच बोलीं जस्टिन ट्रूडो की मंत्री मेलानी जोली

<p style="text-align: justify;"><strong>Melanie Joly On S Jaishankar:</strong> कनाडा की विदेश मंत्री मेलानी जोली ने दोनों देशों और लोगों के आपसी रिश्तों का हवाला देते हुए कहा है कि वह अपने भारतीय समकक्ष एस जयशंकर के संपर्क में हैं और आगे भी रहेंगी. उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच रिश्ता दशकों तक फैला है और दोनों तरफ से लोगों के बीच बहुत मजबूत संबंध हैं.</p> <p style="text-align: justify;">कनाडाई विदेश मंत्री की यह टिप्पणी भारत की ओर से कनाडा में एक महीने से ज्यादा समय से निलंबित कुछ वीजा सेवाओं को फिर से शुरू करने के करीब एक हफ्ते बाद आई है.</p> <p style="text-align: justify;">वहीं, जोली ने यह भी कहा कि ओटावा (खालिस्तानी चरमपंथी) हरदीप सिंह निज्जर की हत्या से जुड़े आरोपों के बारे में कनाडाई लोगों को सूचित करने के अपने फैसले पर कायम है लेकिन इस मुद्दे पर भारत सरकार के साथ जुड़ा हुआ है. उन्होंने कहा, ''हम विश्वसनीय आरोपों पर कायम हैं... भारत के साथ भी बातचीत जारी है.''</p> <p style="text-align: justify;"><strong>'जब भारत की बात आती है तो...'</strong></p> <p style="text-align: justify;">न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, जोली ने सोमवार (30 अक्टूबर) को टोरंटो में इकोनॉमिक क्लब ऑफ कनाडा में बोलते हुए कहा, ''मैं विदेश मंत्री जयशंकर के संपर्क में हूं और हम ऐसा करना जारी रखेंगे.''</p> <p style="text-align: justify;">एक सवाल के जवाब में जोली ने कहा, ''जब भारत की बात आती है तो हमारा लंबे समय तक चलने वाला दृष्टिकोण है क्योंकि यह एक ऐसा रिश्ता है जो दशकों तक फैला है और हम सभी जानते हैं कि देश (भारत) के साथ हमारे लोगों से लोगों के बीच संबंध बहुत मजबूत हैं.'' उन्होंने कहा, ''जब इंडो पैसिफिक रणनीति की भी बात आती है तो यह महत्वपूर्ण है कि हम क्षेत्र के कई अलग-अलग देशों के साथ जुड़ें.''</p> <p style="text-align: justify;"><strong>भारत-कनाडा विवाद</strong></p> <p style="text-align: justify;">बता दें कि पिछले दिनों कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने निज्जर की हत्या में भारतीय एजेंटों संभावित संलिप्तता का आरोप लगाया था, जिसके बाद दोनों के देशों के बीच तनाव बढ़ गया था और राजनयिक विवाद गहरा गया था.</p> <p style="text-align: justify;">निज्जर हत्या 18 जून ब्रिटिश कोलंबिया में हुई थी. भारत ने 2020 में निज्जर को आतंकवादी घोषित किया था. भारत ने जस्टिन ट्रूडो के आरोपों को बेतुका करार देते हुए खारिज कर दिया था. कुछ दिनों बाद भारत ने कनाडाई नागरिकों को वीजा जारी करने को अस्थायी रूप से निलंबित करने की घोषणा की थी और ओटावा से भारत में अपनी राजनयिक उपस्थिति कम करने को कहा था.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>दोनों विदेश मंत्रियों की सीक्रेट मीटिंग की आई थी खबर</strong></p> <p style="text-align: justify;">मेलानी जोली ने कथित तौर पर पिछले महीने वाशिंगटन में एस जयशंकर के साथ एक सीक्रेट मीटिंग की थी और बाद में उन्होंने कहा कि जब बातचीत निजी रहती है तो कूटनीति हमेशा बेहतर होती है, इस बात पर जोर देते हुए कि जब भारत की बात आती है तो वह वही दृष्टिकोण अपनाती रहेंगी. माना जा रहा है कि कुछ वीजा सेवाओं को फिर से शुरू करने के भारत के कदम को इस रूप में देखा जा रहा है जो दोनों देशों के बीच तनाव को कम कर सकता है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें- <a title="'गाजा के सबसे बड़े रिफ्यूजी कैंप पर इजरायल की एयरस्ट्राइक में 50 लोगों की मौत', हमास का दावा" href="https://www.abplive.com/news/world/israel-hamas-war-idf-air-strike-in-gaza-refugee-camp-blast-2526975" target="_blank" rel="noopener">'गाजा के सबसे बड़े रिफ्यूजी कैंप पर इजरायल की एयरस्ट्राइक में 50 लोगों की मौत', हमास का दावा</a></strong></p>

Telangana Election 2023: 'कांग्रेस में सीएम के दर्जनभर उम्मीदवार, जहां देखो वे...', मुख्यमंत्री केसीआर का तंज

<p><strong>K Chandrashekar Rao On Congress:</strong>&nbsp;तेलंगाना विधानसभा चुनाव के मद्देनजर मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव (KCR) ने मंगलवार (31 अक्टूबर) को कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि उसके पास मुख्यमंत्री के कम से कम एक दर्जन उम्मीदवार हैं. तेलंगाना में 30 नवंबर को विधानसभा के लिए मतदान होगा.&nbsp;</p> <p>केसीआर ने अपनी रैलियों में जनता को संबोधित करते हुए कहा कि वे उस पार्टी को वोट दें जो वादे पूरा करती है. उन्होंने निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस नेताओं को हमेशा अपनी पोस्ट और कॉन्ट्रैक्ट में रुचि रही और उन्हें इस क्षेत्र की जनता के हितों की कभी चिंता नहीं रही.</p> <p>न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, मुख्यमंत्री राव ने तंज कसते हुए कहा, ''सबसे बड़ी समस्या यह है कि तेलंगाना कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद के एक दर्जन उम्मीदवार हैं. जहां देखो वे सीएम पद के उम्मीदवार हैं. अगर कोई सीएम बनना चाहता है तो अन्य लोग उसे नीचे खींच लेते हैं. हर कोई यह दावा करके वोट मांगता है कि अगर वह चुना गया तो सीएम बनेगा.''</p>

Monday, October 30, 2023

इलेक्टोरल बॉन्ड पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज, BJP-कांग्रेस समेत अन्य पार्टियों को कितना मिलता है चंदा? समझें

<p style="text-align: justify;"><strong>Electoral Bonds Scheme Hearing:</strong> राजनीतिक दलों की आय का एक बड़ा हिस्सा चुनावी बॉन्ड से आता है. पार्टियों को मिलने वाले चंदे में पारदर्शिता लाने के प्रयासों के तहत चुनावी बॉन्ड योजना (Electoral Bonds Scheme) को 2 जनवरी 2018 को सरकार की ओर से अधिसूचित किया गया था. इसे नकद चंदे के विकल्प के रूप में पेश किया गया था. एक रिपोर्ट के मुताबिक, इलेक्टोरल बॉन्ड के जरिये मिलने वाला चंदा अज्ञात स्रोत में गिना जाता है यानी चंदा देने वाले दानदाताओं की डिटेल सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं होती है.</p> <p style="text-align: justify;">सुप्रीम कोर्ट में कुछ याचिकाओं के जरिये चुनावी बॉन्ड योजना की वैधता को चुनौती दी गई है. ऐसी चार याचिकाओं पर मंगलवार (31 अगस्त) को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी. चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ मामले पर सुनवाई शुरू करेगी. सुनवाई में कांग्रेस नेता जया ठाकुर और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की ओर से भी याचिकाएं शामिल हैं. चूंकि मामला सुर्खियों में है, ऐसे में आइये जानते हैं कि आखिर इलेक्टोरल बॉन्ड क्या होता है और बीजेपी-कांग्रेस समेत अन्य पार्टियों को इसके जरिये कितना चंदा मिलता है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>याचिकाकर्ता का दावा- चुनावी बॉन्ड से पार्टियों को हुआ 12,000 करोड़ का भुगतान&nbsp;</strong></p> <p style="text-align: justify;">न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, मार्च में एक जनहित याचिकाकर्ता ने दावा किया था कि चुनावी बॉन्ड के जरिये राजनीतिक दलों को अब तक कुल 12,000 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है और इसका दो-तिहाई हिस्सा एक प्रमुख राजनीतिक दल को गया है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>2017 में एडीआर ने दायर की थी पहली याचिका&nbsp;</strong></p> <p style="text-align: justify;">चुनावी गतिविधियों पर नजर रखने वाली गैर-सरकारी संस्था (NGO) एसोसिएशन पर फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म (ADR) ने 2017 में इस मामले में पहली जनहित याचिका दायर की थी, जिसमें भ्रष्टाचार और पारदर्शिता की कमी जैसे आरोप लगाए गए थे और मुद्दे पर एक अंतरिम अर्जी दायर कर मांग की गई थी कि चुनावी बांड की बिक्री फिर से न खोली जाए. 2020 में सुप्रीम कोर्ट ने इलेक्टोरल बॉन्ड योजना पर अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया था और एनजीओ की ओर से दायर अंतरिम आवेदन पर केंद्र और चुनाव आयोग से जवाब मांगा था.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">उधर, सुनवाई से पहले अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणी ने सुप्रीम कोर्ट में दिए अपने एक बयान में कहा है कि नागरिकों को धन के स्रोत के संबंध में संविधान के अनुच्छेद 19(1)(ए) के तहत जानकारी का अधिकार नहीं है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>कौन खरीद सकता है चुनावी बॉन्ड?</strong></p> <p style="text-align: justify;">योजना के प्रावधानों के अनुसार, भारत का कोई भी नागरिक या देश में निगमित या स्थापित इकाई इलेक्टोरल बॉन्ड खरीद सकती है. कोई भी व्यक्ति अकेले या अन्य व्यक्तियों के साथ साझा रूप से चुनावी बांड खरीद सकता है. इसके बाद बॉन्ड के जरिये पसंद की पार्टी को चंदा दिया जा सकता है. कोई भी व्यक्ति चुनावी बॉन्ड तभी खरीद सकता है जब उसका केवाईसी वेरिफाई किया जा चुका हो. इलेक्टोरल बॉन्ड जारी करने के लिए केवल स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की अधिकृत बैंक है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>कौन सी पार्टी प्राप्त कर सकती है चुनावी बॉन्ड?</strong></p> <p style="text-align: justify;">चुनावी बॉन्ड प्राप्त करने के लिए किसी दल का जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29ए के तहत पंजीकृत (रजिस्टर्ड) होना जरूरी है. इसके अलावा राजनीतिक दल ने पिछले लोकसभा या राज्य विधानसभा के चुनाव में कम से कम 1 फीसदी वोट शेयर हासिल किया हो. पात्र राजनीतिक दल केवल अधिकृत बैंक के खाते के माध्यम से चुनावी बॉन्ड भुना सकता है. वर्तमान में राजनीतिक पार्टियों को चुनावी बॉन्ड से मिले चंदे और 20 हजार रुपये कम का चंदा देने वाले दाताओं की डिटेल घोषित करना जरूरी नहीं है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>2019 में सुप्रीम कोर्ट ने चुनावी बॉन्ड योजना पर रोक लगाने से किया था इनकार</strong></p> <p style="text-align: justify;">सुप्रीम कोर्ट ने अप्रैल 2019 में चुनावी बांड योजना पर रोक लगाने से भी इनकार कर दिया था और साफ कर दिया था कि वह याचिकाओं पर गहन सुनवाई करेगा. केंद्र और चुनाव आयोग ने पहले राजनीतिक चंदे को लेकर कोर्ट में विपरीत रुख अपनाया था. सरकार दानदाताओं की गुमनामी बनाए रखना चाहती थी और चुनाव आयोग पारदर्शिता के लिए उनके नामों का खुलासा करने पर जोर दे रहा था.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>BJP-कांग्रेस समेत अन्य पार्टियों को कितना मिलता है चंदा?&nbsp;</strong></p> <p style="text-align: justify;">एक प्रेस रिलीज के माध्यम से एडीआर ने बताया था कि उसने वित्तीय वर्ष 2026-17 और वित्तीय वर्ष 2021-22 के बीच छह साल की अवधि में 31 मान्यता प्राप्त पार्टियों मिले चंदे का विश्लेषण किया. 31 पार्टियों में 7 राष्ट्रीय और 24 क्षेत्रीय दल शामिल थे.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">इसी साल एडीआर की वेबसाइट पर प्रकाशित रिपोर्ट में बताया गया कि बीजेपी की ओर से घोषित कुल चंदा अन्य सभी राष्ट्रीय पार्टियों के मुकाबले तीन गुना से भी ज्यादा है.</p> <p style="text-align: justify;">रिपोर्ट में बताया गया कि छह साल के अवधि के दौरान बीजेपी को कुल चंदे का 52 फीसदी से ज्यादा (5271-9751 करोड़ रुपये) चुनावी बॉन्ड से प्राप्त हुआ, जबकि अन्य सभी राष्ट्रीय दलों को मिलाकर 1783-9331 करोड़ रुपये हासिल हुए.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">दूसरे नंबर पर कांग्रेस को 952-2955 करोड़ रुपये का चंदा इलेक्टोरल बॉन्ड के माध्यम से प्राप्त हुआ. इसके बाद तृणमूल कांग्रेस ने 767-8876 करोड़ रुपये घोषित किए.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>2021-22 में इन राष्ट्रीय पार्टियों को इलेक्टोरल बॉन्ड से मिला इतना चंदा&nbsp;</strong></p> <p style="text-align: justify;">वित्तीय वर्ष 2021-22 में आठ राजनीतिक दलों को इलेक्टोरल बॉन्ड से कितना चंदा मिला, इस बारे में भी एडीआर ने अपने विश्लेषण में बताया है. वित्तीय वर्ष 2021-22 में बीजेपी को 1033.70 करोड़ रुपये इलेक्टोरल बॉन्ड से प्राप्त हुए. इस अवधि में दूसरे नंबर पर टीएमसी को 528.143 करोड़ रुपये चुनावी बॉन्ड से मिले. तीसरे नंबर पर कांग्रेस को चुनावी बॉन्ड 236.0995 करोड़ हासिल हुए.</p> <p style="text-align: justify;">सीपीआईएम को इस अवधि में इलेक्टोरल बॉन्ड से चंदा प्राप्त नहीं हुआ. एनसीपी को इलेक्टोरल बॉन्ड से 2021-22 में 14 करोड़ रुपये प्राप्त हुए. इसके बाद सीपीआई, एनपीईपी और बीएसपी को इलेक्टोरल बॉन्ड से बिल्कुल भी चंदा प्राप्त नहीं हुआ. इस तरह से वित्तीय वर्ष 2021-22 में आठ दलों में से केवल चार को इलेक्टोरल बॉन्ड चंदा मिला, जो कुल मिलाकर 1811.94 करोड़ रुपये की रकम होती है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>राजनीतिक दलों की कुल आय</strong></p> <p style="text-align: justify;">एडीआर की रिपोर्ट के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2021-22 में आठ राष्ट्रीय पार्टियों की कुल आय मिलाकर 3289.34 करोड़ रुपये थी. इस अवधि में बीजेपी की कुल आय 1917.12 करोड़, तृणमूल कांग्रेस की 545.745 करोड़, कांग्रेस की 541.275 करोड़, सीपीआईएम की 162.23 करोड़, एनसीपी की 75.84 करोड़, बीएसपी की 43.77 करोड़, सीपीआई की 2.87 करोड़ और एनपीईपी की कुल आय 0.472 करोड़ रुपये थी.</p> <p style="text-align: justify;">एडीआर ने कहा है कि रिपोर्ट में बताया गया डाटा राष्ट्रीय पार्टियों की ओर से आयकर विभाग और भारत चुनाव आयोग को पेश की गई वार्षिक ऑडिट रिपोर्ट, चंदा रिपोर्ट से लिया गया है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें- <a title="दिल्ली शराब नीति मामला: अब ED ने अरविंद केजरीवाल को भेजा नोटिस, AAP बोली- 'केंद्र सरकार खत्म करना चाहती है पार्टी'" href="https://www.abplive.com/news/india/delhi-excise-policy-case-ed-summon-arvind-kejriwal-liquor-policy-sourabh-bhardwaj-reacts-bjp-slams-2526183" target="_blank" rel="noopener">दिल्ली शराब नीति मामला: अब ED ने अरविंद केजरीवाल को भेजा नोटिस, AAP बोली- 'केंद्र सरकार खत्म करना चाहती है पार्टी'</a></strong></p>

Sunday, October 29, 2023

ABP CVoter Survey: पीएम के तौर पर कैसा है नरेंद्र मोदी का प्रदर्शन, राजस्थान में चलेगा गहलोत का जादू या BJP करेगी चित... सर्वे में जनता ने दिए चौंकाने वाले जवाब

<p style="text-align: justify;"><strong>ABP News CVoter Survey:</strong> राजस्थान विधानसभा चुनाव की तरीख जैसे-जैसी नजदीक आ रही है, राजनीतिक पार्टियों के नेताओं के अलावा मतदाताओं की धड़कनें भी तेज होती जा रही हैं.&nbsp;राज्य में करीब 30 साल से चली आ रही हर पांच साल में सरकार बदल जाने की परंपरा कायम रहेगी या सत्तारूढ़ कांग्रेस सत्ता बरकार रख रिकॉर्ड बनाएगी, ऐसे सवाल सभी के जेहन में हैं.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">राजस्थान में 1993 के चुनाव से हर पांच साल में सत्ता बदलती आई है. इस दौरान कांग्रेस और बीजेपी की सरकार ही बनती रही है. राज्य में विधानसभा की 200 सीटें हैं. निर्वाचन आयोग के मुताबिक, राजस्थान में 25 नवंबर को विधानसभा के लिए मतदान किया जाएगा और 3 दिसंबर को बाकी चार राज्यों (मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम) के साथ मतगणना होगी.</p> <p style="text-align: justify;">उससे पहले राजस्थान की जनता का मिजाज जानने के लिए एबीपी न्यूज के लिए सी-वोटर ने हाल में एक सर्वे किया है, जिसके आंकड़ों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता अच्छी-खासी देखी जा रही है. सर्वे के आंकड़े यह भी अनुमान जता रहे हैं कि इस बार राज्य में किसकी सरकार बनेगी. आइये जानते हैं कि सर्वे में पूछे गए सवालों पर जनता ने कैसी प्रतिक्रियाएं दीं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>इस समय राजस्थान में सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा कौन सा है?</strong><br />(सोर्स- सी-वोटर)<br />बेरोजगारी- 34.3 &nbsp;फीसदी<br />बिजली/पानी/सड़क- 13.9 फीसदी<br />किसानों के मुद्दे- 17.2 फीसदी<br />कानून और व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा 7.6 फीसदी &nbsp;<br />भ्रष्टाचार -12.4 फीसदी<br />महंगाई- 6.9 फीसदी<br />राज्य में हर तरह का विकास 3.4 फीसदी<br />अन्य मुद्दे- 4.3 फीसदी</p> <p style="text-align: justify;">सर्वे के आंकड़ों पर गौर करें तो सबसे ज्यादा 34.3 फीसदी लोगों ने चुनाव से पहले बेरोजगारी को सबसे बड़ा मुद्दा बताया है. दूसरे नंबर किसानों के मुद्दे और फिर तीसरे नंबर बिजली-पानी और सड़क से संबंधित मुद्दा बताया गया है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>वर्तमान में राज्य में कांग्रेस सरकार का प्रदर्शन कैसा?</strong><br />(सोर्स- सी-वोटर)<br />अच्छा- 42.1%<br />औसत- 16.9%<br />खराब- 41%</p> <p style="text-align: justify;">वर्तमान में राजस्थान में कांग्रेस की सरकार है लेकिन सर्वे के आंकड़ों में 42.1 फीसदी लोगों ने उसके प्रदर्शन को अच्छा तो 41 फीसदी लोगों ने खराब बताया है. यह कांग्रेस के लिए चिंता का विषय हो सकता है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>मुख्यमंत्री के रूप में अशोक गहलोत का प्रदर्शन कैसा?</strong><br />(सोर्स- सी-वोटर)<br />अच्छा- 43.4%<br />औसत- 21.1%<br />खराब- 35.5%</p> <p style="text-align: justify;">सर्वे के आंकड़ों में 43.4 फीसदी लोगों ने मुख्यमंत्री के रूप में अशोक गहलोत का प्रदर्शन अच्छा बताया है और 35.5 फीसदी लोगों ने सीएम के प्रदर्शन को खराब बताया है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी का कामकाज कैसा?</strong><br />(सोर्स- सी-वोटर)<br />अच्छा- 60.5%<br />औसत- 10.4%<br />खराब- 29.1%</p> <p style="text-align: justify;">सर्वे के आंकड़ों से अंदाजा लगता है कि प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता राजस्थान में भी देखी जा रही है. सर्वे में शामिल 60.5 फीसदी लोगों ने पीएम के रूप में <a title="नरेंद्र मोदी" href="https://www.abplive.com/topic/narendra-modi" data-type="interlinkingkeywords">नरेंद्र मोदी</a> का कामकाज अच्छा, 10.4 फीसदी लोगों ने औसत और 29.1 लोगों ने खराब बताया है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>क्या कांग्रेस सरकार से नाराज हैं और इसे बदलना चाहते हैं?</strong><br />(सोर्स- सी-वोटर)<br />नाराज हैं और सरकार बदलना चाहते हैं- 49.1%<br />नाराज हैं लेकिन सरकार बदलना नहीं चाहते- 21.8%&nbsp;<br />न नाराज हैं और न सरकार बदलना चाहते हैं- 29.1%</p> <p style="text-align: justify;">सर्वे में सबसे ज्यादा 49.5 फीसदी लोगों ने कहा कि वे मौजूदा गहलोत सरकार से नाराज हैं और सरकार को बदलना चाहते हैं, 21.8 फीसदी लोगों ने कहा कि वे सरकार से नाराज तो हैं लेकिन उसे बदलना नहीं चाहते हैं. वहीं, 29.1 फीसदी लोगों ने कहा कि वे मौजूदा सरकार से न तो नाराज हैं और न ही उसे बदलना चाहते हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>चाहे किसी भी पार्टी का समर्थन करें या वोट दें, आपको क्या लगता है कि कौन सी पार्टी या गठबंधन राजस्थान चुनाव जीतेगा?</strong><br />(सोर्स- सी-वोटर)<br />बीजेपी- 47.7%<br />कांग्रेस- 42%<br />कह नहीं सकते- 10.3%</p> <p style="text-align: justify;"><strong>क्या कोई ऐसी पार्टी है जिसे आप इतना नापसंद करते हैं कि कभी समर्थन नहीं करेंगे, चाहे कुछ भी हो जाए?</strong><br />(सोर्स- सी-वोटर)<br />बीजेपी- 32%<br />कांग्रेस- 39.8%<br />कोई नहीं- 28.2%</p> <p style="text-align: justify;">सर्वे में 32 फीसदी लोगों ने कहा कि वे बीजेपी को इतना नापसंद करते हैं कि कभी समर्थन नहीं करेंगे और 39.8 फीसदी लोगों ने कांग्रेस के लिए यही जवाब दिया. वहीं, 28.2 फीसदी लोगों ने कहा कि ऐसा कोई नहीं है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>नोट- सी-वोटर के सर्वे में 2,258 लोगों की राय ली गई थी. सर्वे के आंकड़े पूरी तरह से जनता की राय पर आधारित हैं. यह सर्वे पिछले सोमवार (23 अक्टूबर) को किया गया था.</strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें- <a title="दो दिन के गुजरात दौरे पर जाएंगे PM मोदी, मेहसाणा को म&zwj;िलेगी 5,800 करोड़ की सौगात" href="https://www.abplive.com/news/india/pm-narendra-modi-to-visit-gujarat-on-30-31-october-inaugurate-dedicate-to-nation-5800-cr-worth-projects-in-mehsana-2525292" target="_blank" rel="noopener">दो दिन के गुजरात दौरे पर जाएंगे PM मोदी, मेहसाणा को म&zwj;िलेगी 5,800 करोड़ की सौगात</a></strong></p>

Saturday, October 28, 2023

TMC नेता के रिश्तेदार ने मेरी कार पर किया हमला: बंगाल बीजेपी विधायक का दावा

<p style="text-align: justify;"><strong>Sreerupa Mitra Chaudhury On TMC:</strong> पश्चिम बंगाल से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) विधायक श्रीरूपा मित्रा चौधरी ने शनिवार (28 अक्टूबर) को आरोप लगाया कि मालदा जिले में तृणमूल कांग्रेस के एक नेता के रिश्तेदार ने उनकी एसयूवी कार पर हमला किया. इंग्लिश बाजार के विधायक ने कहा कि शुक्रवार की रात मिल्की पुलिस चौकी के निकट हुए इस हमले में चार पहिया वाहन का पिछला शीशा टूट गया, लेकिन वह सुरक्षित बच गईं.</p> <p style="text-align: justify;">चार कथित हमलावरों में से दो को विधायक के सुरक्षा गार्डों ने पकड़ लिया और उन्हें पुलिस ने हिरासत में ले लिया.&nbsp;तृणमूल कांग्रेस ने इस घटना में अपनी किसी भी भूमिका से इनकार किया है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>विधायक ने घटना के बारे में ये बताया</strong></p> <p style="text-align: justify;">न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक,&nbsp;विधायक श्रीरूपा मित्रा चौधरी ने सिलीगुड़ी में कहा, &lsquo;&lsquo;घटना रात लगभग 10.45 बजे की है जब मैं मानिक चौक में पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर लौट रही थी. मैंने पीछे से तेज आवाज सुनी और पाया कि गाड़ी में पीछे का शीशा टूट गया. सौभाग्य से मुझे कोई चोट नहीं आई.&rsquo;&rsquo; चौधरी ने कहा कि उनके निजी सुरक्षा अधिकारी ने उन्हें बताया कि एक मोटरसाइकिल पर चार लोग सवार थे जिन्होंने वाहन को टक्कर मार दी.</p> <blockquote class="twitter-tweet"> <p dir="ltr" lang="en"><a href="https://twitter.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#WATCH</a> | Siliguri, West Bengal: BJP MLA Sreerupa Mitra Chaudhury claims that her car was attacked by TMC goons near the Milki police outpost area last night.<br /><br />(Video Source: MLA Office) <a href="https://t.co/QzF6vsuLUH">pic.twitter.com/QzF6vsuLUH</a></p> &mdash; ANI (@ANI) <a href="https://twitter.com/ANI/status/1718135500152991776?ref_src=twsrc%5Etfw">October 28, 2023</a></blockquote> <p style="text-align: justify;"> <script src="https://platform.twitter.com/widgets.js" async="" charset="utf-8"></script> </p> <p style="text-align: justify;"><strong>ईश्वर की कृपा से हम बच गए- MLA</strong></p> <p style="text-align: justify;">न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए बीजेपी विधायक ने घटना के बारे में बताया. उन्होंने कहा, ''...ईश्वर की कृपा से हम बच गए, जितना वो कांच का छींटा था वो मेरे पीछे गिफ्ट पैकेट्स के ऊपर गिरा. हमारा शरीर किसी तरह से बच गया...''&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">पुलिस ने कहा कि दो लोगों को हिरासत में लिया गया है और वे घटना की जांच कर रहे हैं. इस संबंध में विधायक की ओर से पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें- <a title="Gujarat Suicide Case: जिस बिल्डिंग से निकली 7 लाशें, उसी में थे 4 फ्लैट, लेकिन सुसाइड नोट में लिखा था- 'कर्ज दिया, वापस नहीं मिला'" href="https://www.abplive.com/news/india/gujarat-suicide-case-7-found-dead-in-surat-note-tells-reason-of-financial-distress-as-per-police-2524746" target="_blank" rel="noopener">Gujarat Suicide Case: जिस बिल्डिंग से निकली 7 लाशें, उसी में थे 4 फ्लैट, लेकिन सुसाइड नोट में लिखा था- 'कर्ज दिया, वापस नहीं मिला'</a></strong></p>

Gujarat Suicide Case: जिस बिल्डिंग से निकली 7 लाशें, उसी में थे 4 फ्लैट, लेकिन सुसाइड नोट में लिखा था- 'कर्ज दिया, वापस नहीं मिला'

<p style="text-align: justify;"><strong>Gujarat News:</strong> गुजरात के सूरत में एक अपार्टमेंट में शनिवार (28 अक्टूबर) को एक परिवार के सात लोगों की लाशें मिलने से सनसनी फैल गई. घटना अदजान इलाके की है. पुलिस इसे सामूहिक आत्महत्या का मामला मानकर चल रही है. पुलिस को एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसमें आर्थिक तंगी को कथित आत्महत्या का कारण बताया गया है.</p> <p style="text-align: justify;">हैरान करने वाली बात यह भी है कि जिस बिल्डिंग में सात शव पाए गए, उसी में एक मृतक शख्स के चार फ्लैट थे. हालांकि, सुसाइड नोट में लिखा गया कि दिया गया कर्ज वापस नहीं मिला.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>बिस्तर और जमीन पर पड़े थे छह शव, एक फंदे पर मिला</strong></p> <p style="text-align: justify;">पुलिस के मुताबिक, छह लोगों के शव बिस्तर और जमीन पर पड़े थे जबकि एक शव फंदे पर लटका मिला. संभवत: छह लोगों की मौत जहर खाने से हुई. फंदे पर लटके मिले शव की पहचान 37 साल के मनीष सोलंकी के रूप में हुई है, जो ठेकेदार के रूप मं काम करता था.</p> <p style="text-align: justify;">बरोट ने बताया कि घर से बरामद सुसाइड नोट के मुताबिक, परिवार ने किसी को रुपये उधार दिए थे और रकम वापस नहीं मिल पाने के कारण वे आर्थिक तंगी का सामना कर रहे थे. अधिकारी ने कहा कि इस वजह से परिवार ने यह कदम उठाया.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>बिल्डिंग में एक मृतक के थे चार फ्लैट</strong></p> <p style="text-align: justify;">इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, मनीष गुजरात के अमरेली जिले के सावरकुंडला का रहने वाला था और लंबे वक्त से सूरत में अपने परिवार के साथ रह रहा था. रिपोर्ट के मुताबिक, मनीष जिस इमारत में अपने परिवार के साथ रहता था, उसी में उसके चार फ्लैट थे.</p> <p style="text-align: justify;">डिप्टी कमिश्नर के मुताबिक, एक बोतल भी बरामद हुई, जिसमें निश्चित रूर से जहरीला पदार्थ था. सूरत के महापौर निरंजन जांजमेरा ने कहा, &lsquo;&lsquo;ऐसा लगता है कि सोलंकी ने खुद को फांसी लगाने से पहले अपने&nbsp; परिवार के सदस्यों को जहर दे दिया.&rsquo;&rsquo;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें- <a title="'पिछली मेल का जवाब नहीं दिया तो अब 200 करोड़ दो', मुकेश अंबानी को फिर मिली जान से मारने की धमकी" href="https://www.abplive.com/news/india/mukesh-ambani-recieve-death-threat-again-now-200-crore-rupees-demanded-by-email-as-ransom-ann-2524699" target="_blank" rel="noopener">'पिछली मेल का जवाब नहीं दिया तो अब 200 करोड़ दो', मुकेश अंबानी को फिर मिली जान से मारने की धमकी</a></strong></p>

Friday, October 27, 2023

कतर में 8 पूर्व नौसैनिकों की मौत की सजा मामले में अब तक नहीं मिली फैसले की कॉपी? इन विकल्पों पर हो रहा विचार

<p style="text-align: justify;"><strong>Qatar Court Verdict:</strong> कतर की एक अदालत की ओर से आठ पूर्व भारतीय नौसैन्य कर्मियों को मौत की सजा सुनाए जाने के बाद एक दिन बाद शुक्रवार (27 अक्टूबर) को मामले से परिचित लोगों ने कहा कि भारत फैसले के खिलाफ विभिन्न विकल्पों पर विचार कर रहा है, जिसमें कोर्ट ऑफ अपील की ओर रुख करना भी शामिल है.</p> <p style="text-align: justify;">उन्होंने कहा कि मुद्दे का हल खोजने के लिए विभिन्न विकल्पों पर विचार किया जा रहा है. जानकारी मिली है कि भारत को कतर की अदालत के फैसले की कॉपी अभी तक नहीं मिली है. वहीं, अदालत के फैसले पर कतर की ओर से कोई टिप्पणी नहीं आई है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>इस तरह मामले को सुलझा सकता है भारत</strong></p> <p style="text-align: justify;">मामले से परिचित लोगों ने कहा कि नई दिल्ली फैसले की बारीकी से जांच के बाद अपने विकल्पों पर मुहर लगा सकती है. उन्होंने कहा कि भारत मामले को कूटनीतिक या राजनीतिक तौर पर भी सुलझाने पर विचार कर सकता है.</p> <p style="text-align: justify;">कतर के अमीर हर वर्ष अपील के आधार पर कई कैदियों को माफ कर देते हैं. एक सूत्र ने कहा कि सजायाफ्ता कैदियों के ट्रांसफर को लेकर नई दिल्ली के पास भारत-कतर समझौते का इस्तेमाल करने का विकल्प भी है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>कतर की अदालत के फैसले पर भारत ने जताई थी हैरानी</strong></p> <p style="text-align: justify;">भारत के पूर्व नौसैन्य कर्मियों को गुरुवार (26 अक्टूबर) को कतर की एक अदालत ने सजा सुनाई थी. भारत ने फैसले को बेहद हैरान करने वाला बताया था और मामले में सभी कानूनी विकल्प तलाशने की बात कही थी. आठों पूर्व नौसैन्य कर्मी एक निजी कंपनी अल दहरा के साथ काम कर रहे थे. कथित तौर पर जासूसी के एक कथित मामले में पिछले साल अगस्त में उन्हें गिरफ्तार किया गया था.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>विदेश मंत्रालय ने क्या कहा था?</strong></p> <p style="text-align: justify;">बता दें कि इस मामले में कतर या भारत ने भारतीय नागरिकों के खिलाफ आरोपों को सार्वजनिक नहीं किया है. भारतीय विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को कहा था कि वह उन लोगों के परिवारवालों और कानूनी टीम के संपर्क में है और सभी कानूनी विकल्प तलाशे जा रहे हैं.</p> <p style="text-align: justify;">इसी के साथ विदेश मंत्रालय ने कहा कि वह भारतीयों को सभी कांसुलर और कानूनी सहायता देना जारी रखेगा. भारत ने कहा है कि मामला कतर के अधिकारियों के सामने भी उठाया जाएगा.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें- <a title="'हमने पहले ही किया था अलर्ट', कतर में 8 नौसेनिकों की सजा पर बोले कांग्रेस नेता मनीष तिवारी, बीजेपी ने दिया ये जवाब" href="https://www.abplive.com/news/india/death-penalty-in-qatar-foreign-ministry-said-we-try-congress-manish-tewari-shashi-tharoor-reacts-know-what-happened-2523978" target="_blank" rel="noopener">'हमने पहले ही किया था अलर्ट', कतर में 8 नौसेनिकों की सजा पर बोले कांग्रेस नेता मनीष तिवारी, बीजेपी ने दिया ये जवाब</a></strong></p>

जम्मू-कश्मीर पुलिस के DGP बनने जा रहे आरआर स्वैन कौन हैं? दिलबाग सिंह की लेंगे जगह

<p style="text-align: justify;">दिलबाग सिंह के सेवानिवृत्त होने के बाद रश्मि रंजन स्वैन जम्मू-कश्मीर पुलिस के महानिदेशक होंगे. वह 1 नवंबर से चार्ज संभालेंगे. स्वैन 1991 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और वह श्रीनगर और जम्मू में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) रह चुके हैं. &nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">2001 से 2003 के बीच जब जम्मू कश्मीर में आतंकवाद अपने चरम पर था तो स्वैन ने एसएसपी श्रीनगर के रूप में कार्य किया. इसके अलावा वह 2003 से 2004 तक जम्मू के एसएसपी भी रहे.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">ग्रेटर कश्मीर की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने रामबन, पुंछ और लेह के एसएसपी रूप में भी कार्य किया. वह 15 साल से अधिक समय तक केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर थे. हाल ही में एक आधिकारिक सूत्र ने कहा था कि जम्मू-कश्मीर पुलिस प्रमुख के रूप में स्वैन की नियुक्ति का आदेश आने वाले कुछ दिनों में कभी भी आ सकता है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर गए थे स्वैन<br /></strong>अपनी ईमानदारी और समर्पण के लिए मशहूर जम्मू-कश्मीर खुफिया प्रमुख ने 2004 से 2006 तक जम्मू-कश्मीर विजिलेंस ऑर्गनाइजेशन में सहायक महानिरीक्षक और पुलिस उप महानिरीक्षक के रूप में भी कार्य किया. बाद में स्वैन केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर चले गए, जहां उन्होंने कई पदों पर कार्य किया.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>2020 में वापस कश्मीर पहुंचे स्वैन&nbsp;</strong><br />इसके बाद स्वैन को जून 2020 में एक बार फिर जम्मू-कश्मीर वापस भेज दिया गया और उन्होंने खुफिया प्रमुख का पदभार संभाला. उन्हें 1990 बैच के जम्मू-कश्मीर कैडर के आईपीएस अधिकारी बी श्रीनिवास की जगह जम्मू-कश्मीर के खुफिया प्रमुख के रूप में नियुक्त किया गया था.<br />&nbsp;<br /><strong>आतंकी नेटवर्क का किया खात्मा<br /></strong>खुफिया प्रमुख के रूप में कार्यभार संभालने के बाद स्वैन ने उस नेटवर्क को नष्ट कर दिया जो आतंकवाद को सहायता और बढ़ावा दे रहा था. उन्होंने आतंकवादियों को सहायता पहुंचाने वाले ओवर ग्राउंड वर्कर्स (OGW) और सहयोगी नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई की. इस दौरान जम्मू कश्मीर में पत्थराबाजी पर लगाम लगी, जबकि स्कूल और व्यावसायिक प्रतिष्ठान सामान्य रूप से काम करने लगे.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें- <a title="'हमने पहले ही किया था अलर्ट', कतर में 8 नौसेनिकों की सजा पर बोले कांग्रेस नेता मनीष तिवारी, बीजेपी ने दिया ये जवाब" href="https://www.abplive.com/news/india/death-penalty-in-qatar-foreign-ministry-said-we-try-congress-manish-tewari-shashi-tharoor-reacts-know-what-happened-2523978" target="_blank" rel="noopener">'हमने पहले ही किया था अलर्ट', कतर में 8 नौसेनिकों की सजा पर बोले कांग्रेस नेता मनीष तिवारी, बीजेपी ने दिया ये जवाब</a></strong></p>

Death Penalty In Qatar: कतर में नौसेना के 8 पूर्व अध‍िकार‍ियों को मौत की सजा मिलने पर क्या कह रहे हैं परिजन?

<p style="text-align: justify;"><strong>Qatar News:</strong> भारतीय नौसेना के 8 पूर्व अधिकारियों को कतर में मौत की सजा मिलने के बाद से उनके परिजन उन्हें बचाने के लिए सरकार से हर संभव प्रयास करने की अपील कर रहे हैं. वहीं भारत सरकार ने भी कोर्ट के फैसले पर हैरानी जताते हुए हर तरह की कोशिश करनी की बात कही है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">नौसेना के 8 पूर्व अधिकारियों में से एक सुगुनाकर पकाला के रिश्तेदार ने शुक्रवार (27 अक्&zwj;टूबर) को विशाखापत्तनम में प्रधानमंत्री <a title="नरेंद्र मोदी" href="https://www.abplive.com/topic/narendra-modi" data-type="interlinkingkeywords">नरेंद्र मोदी</a> और विदेश मंत्री एस. जयशंकर से पूर्व अधिकारियों को रिहा कराने की अपील की.</p> <p style="text-align: justify;">सुगुनाकर पकाला के साले सी. कल्याण चक्रवर्ती ने वाइजग प्रेस क्लब में पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा, ''सभी व्यक्ति 50 साल से ज्यादा उम्र के हैं और वे आजीविका के लिए दोहा गए थे. वे जासूसी क्यों करेंगे और उससे उन्हें क्या फायदा होगा? इसलिए मैं भारत सरकार से मेरे जीजा (पकाला) और अन्य लोगों को भारत लाने का अनुरोध करता हूं.''&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">भारतीय नौसेना के आठ पूर्व अधिकारियों को 30 अगस्त 2022 को गिरफ्तार किया गया था और उन्हें कतर की एक अदालत ने जासूसी के आरोप में गुरुवार (26 अक्&zwj;टूबर) को मौत की सजा सुनाई.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>'पश्चिम एशियाई देश में कैद हुए बीते 14 माह'&nbsp;</strong></p> <p style="text-align: justify;">चक्रवर्ती ने कहा कि पूर्व नौसेना अधिकारी को पश्चिम एशियाई देश में कैद हुए पहले ही 14 महीने बीत चुके हैं. चक्रवर्ती ने यह जानने की मांग कि आखिर अधिकारियों को वापस लाने में और कितना समय लगेगा.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>'साजिश के पीछे भारत और कतर दोनों के शत्रु देश'&nbsp;</strong></p> <p style="text-align: justify;">चक्रवर्ती ने दावा किया कि कतर के अधिकारियों ने मध्यरात्रि में आठ लोगों को बेबुनियाद आरोपों में उठाया. आरोप लगाया कि इस साजिश के पीछे भारत और कतर दोनों के शत्रु देश हैं.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>'इजरायल के लिए जासूसी की खबरें सरासर गलत और बेबुनियाद' &nbsp;</strong></p> <p style="text-align: justify;">चक्रवर्ती ने कहा कि विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लगातार यही बात कह रहे हैं कि मंत्रालय को इन अधिकारियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों के बारे में सूचित नहीं किया गया और न ही कतर ने कथित जासूसी में उनकी संलिप्तता का कोई साक्ष्य पेश किया है. इजरायल के लिए जासूसी की खबरें बिल्कुल गलत और बेबुनियाद हैं.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>'भारत से जल्दी और कठोर कदम उठाने की मांग'&nbsp;</strong></p> <p style="text-align: justify;">उन्होंने सवाल किया कि आखिर पूर्व अधिकारियों के परिवारों को अंधेरे में क्यों रखा गया और अब मामले में आगे क्या होने वाला है. चक्रवर्ती ने भारत की ओर से जल्दी और कठोर कदम उठाने की मांग की.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">चक्रवर्ती ने याद दिलाया कि डॉ. एस जयशंकर ने आठ दिसंबर 2022 को संसद में कहा था कि इन आठ व्यक्तियों को वापस लाया जाएगा. उन्होंने कहा, ''अगर सरकार इन पूर्व अधिकारियों को वापस लाने में विफल रहती है तो वह सेना के सदस्यों और पूर्व सैनिकों में विश्वास कैसे पैदा करेगी.''&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>'बहन को भाई की सुरक्ष&zwj;ित वापसी की उम्&zwj;मीद' </strong></p> <p style="text-align: justify;">ज&zwj;िन पूर्व अध&zwj;िकार&zwj;ियों को मौत की सजा सुनाई है उनमें से एक नाम कमांडर पूर्णेंदु तिवारी का है. उनकी बहन मध्य प्रदेश के ग्वालियर में रहती हैं जो अपने भाई की सुरक्षित भारत वापसी की उम्मीदें लगाए हुए हैं. उन्होंने कहा कि मां से भाई की बात हुई थी. उन्होंने बताया कि आप लोग कोशिश कीजिए कि जल्द से जल्द रिहा हो जाएं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें:</strong> <a title="&nbsp;'हमने पहले ही किया था अलर्ट', कतर में 8 नौसेनिकों की सजा पर बोले कांग्रेस नेता मनीष तिवारी, बीजेपी ने दिया ये जवाब" href="https://www.abplive.com/news/india/death-penalty-in-qatar-foreign-ministry-said-we-try-congress-manish-tewari-shashi-tharoor-reacts-know-what-happened-2523978" target="_self">&nbsp;'हमने पहले ही किया था अलर्ट', कतर में 8 नौसेनिकों की सजा पर बोले कांग्रेस नेता मनीष तिवारी, बीजेपी ने दिया ये जवाब</a><br /><br /></p> <p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

'...मैं लौटूंगा', महाराष्ट्र बीजेपी ने देवेंद्र फडणवीस का वीडियो पोस्ट कर किया डिलीट, फिर शिंदे गुट से क्या कहा?

<p style="text-align: justify;"><strong>Maharashtra BJP On Devendra Fadnavis:</strong> महाराष्ट्र बीजेपी की एक सोशल मीडिया पोस्ट के चलते राज्य में सियासी कयासबाजी का पारा चढ़ गया है. बीजेपी की महाराष्ट्र इकाई ने शुक्रवार (27 अक्टूबर) को उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का एक चार साल पुराना वीडियो अपने आधिकारिक X हैंडल से पोस्ट किया, जिसमें वह राज्य की सत्ता में वापसी का दावा करते नजर आए. पोस्ट किए जाने के करीब दो घंटे बाद वीडियो को डिलीट भी कर दिया गया.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>वीडियो में क्या कहते दिखे देवेंद्र फडणवीस?</strong></p> <p style="text-align: justify;">वीडियो में फडणवीस कहते नजर आए, ''मैं एक नए महाराष्ट्र के निर्माण के लिए वापस आऊंगा.''&nbsp;2019 में महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा था, ''मी पुन्हा येईनमी पुन्हा येइन (मैं लौटूंगा)'' उनके इस बयान पर कई मीम्स भी बने थे.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>कोई अन्य निष्कर्ष निकालने की जरूरत नहीं- बीजेपी</strong></p> <p style="text-align: justify;">फडणवीस वर्तमान में महाराष्ट्र के दो उपमुख्यमंत्रियों में से एक हैं और दूसरे डिप्टी सीएम एनसीपी के बागी खेमे के अजित पवार हैं. न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, महाराष्ट्र की बीजेपी इकाई के मुख्य प्रवक्ता केशव उपाध्याय ने कहा कि शुक्रवार को पोस्ट किए गए वीडियो को लेकर कोई अन्य निष्कर्ष निकालने की जरूरत नहीं है.</p> <p style="text-align: justify;">एक टीवी चैनल से उन्होंने कहा, ''बीजेपी का रुख स्पष्ट है. यह वीडियो पहले भी सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया है. फडणवीस ने कहा है कि अगला विधानसभा चुनाव शिंदे के नेतृत्व में लड़ा जाएगा.''</p> <p style="text-align: justify;"><strong>शिंदे समूह से ये बोली बीजेपी</strong></p> <p style="text-align: justify;">उपाध्याय ने कहा, ''शिंदे समूह को (वीडियो को लेकर) आशंकित होने की जरूरत नहीं है. शिंदे और फडणवीस के बीच अच्छा तालमेल और समन्वय है. शिंदे, फडणवीस और अजित पवार महाराष्ट्र के विकास के लिए साथ मिलकर काम कर रहे हैं.'' वहीं, मुख्यमंत्री <a title="एकनाथ शिंदे" href="https://www.abplive.com/topic/eknath-shinde" data-type="interlinkingkeywords">एकनाथ शिंदे</a> ने एक टीवी चैनल से कहा कि उन्होंने अभी तक महाराष्ट्र बीजेपी की ओर से पोस्ट किया गया वीडियो देखा नहीं है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें- <a title="'ED-CBI का बीजेपी का पोलिंग एजेंट बनना बाकी, हार के डर से हो रही छापेमारी', राजस्थान में रेड पर संजय राउत का तंज" href="https://www.abplive.com/news/india/shiv-sena-sanjay-raut-on-rajasthan-congress-chief-ed-cbi-raid-qatar-8-indians-death-verdict-2523560" target="_blank" rel="noopener">'ED-CBI का बीजेपी का पोलिंग एजेंट बनना बाकी, हार के डर से हो रही छापेमारी', राजस्थान में रेड पर संजय राउत का तंज</a></strong></p>

Indian Railways: रेलवे के दो ड‍िवीजनों के व‍िवाद में फंसी मालगाड़ी, इंजन में डीजल भरवाने को जाना पड़ा 100KM वापस  

<p><strong>Train Engine Dispute between Agra and Jaipur Divisions: </strong>जयपुर के रास्ते में ईंधन की कमी के कारण एक मालगाड़ी के इंजन को अलवर के पास ऊटवाड़ स्टेशन पर उसके डिब्बों से अलग करना पड़ा और ईंधन भरने के लिए 100 किमी से अधिक दूर अपने मूल स्टेशन मथुरा में वापस लाना पड़ा.&nbsp;</p> <p>दो रेल मंडलों के बीच समन्वय में कमी के कारण यह घटना हुई. रेलवे सूत्रों ने शुक्रवार (27 अक्टूबर ) को यह जानकारी दी. संपर्क करने पर, दोनों मंडलों-आगरा और जयपुर के जनसंपर्क अधिकारियों ने न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा को बताया कि वे इस मुद्दे पर गौर करेंगे और जवाब देंगे.</p> <p>सूत्रों के मुताबिक, घटना 21 अक्टूबर की है, जब एक मालगाड़ी इलेक्ट्रिक इंजन के साथ दोपहर तीन बजे मथुरा से जयपुर के लिए रवाना हुई, लेकिन रास्ते में डीग स्टेशन पर आगरा नियंत्रण विभाग ने इसे दूसरी मालगाड़ी के डीजल इंजन से बदलने का फैसला किया.</p> <p><strong> मिलन बिंदु है अलवर<br /></strong>सूत्रों ने आगे बताया कि जब इंजन ऊटवाड़ स्टेशन पहुंचा तो उसमें 2,300 लीटर डीजल था, लेकिन जयपुर मंडल के नियंत्रण विभाग ने यह कहते हुए इसे अपने मंडल में प्रवेश करने से मना कर दिया कि इसमें ईंधन कम है. आगरा उत्तर मध्य रेलवे जोन के अंतर्गत आता है, जबकि जयपुर उत्तर पश्चिमी जोन के अंतर्गत आता है. अलवर दोनों मंडल के साथ-साथ जोन के बीच मिलन बिंदु भी है.</p> <p>एक सूत्र ने कहा, "शाम साढ़े सात बजे आगरा मंडल ने इंजन को अलग करने और ईंधन भरने के लिए उसे वापस मथुरा लाने का फैसला किया. डिब्बों को ऊटवाड़ स्टेशन पर 10 घंटे से अधिक समय तक इंतजार करना पड़ा जब तक कि मथुरा में डीजल ईंधन भरने के बाद इंजन को वापस नहीं चलाया गया."</p> <p><strong>600 लीटर से 1,200 लीटर के बीच होता है रिजर्व तेल<br /></strong>उन्होंने कहा, "पूरी प्रक्रिया में करीब 10 घंटे लग गए और आखिरकार मालगाड़ी सुबह साढ़े पांच बजे ऊटवाड़ से जयपुर के लिए रवाना हुई." मालगाड़ी के इंजन के लोको पायलट का कहना है कि मालगाड़ी के इंजन में तेल का आरक्षित (रिजर्व) स्तर उसकी श्रेणी के आधार पर 600 लीटर से 1,200 लीटर के बीच होता है.</p> <p>सूत्रों ने आगे बताया कि जब इंजन ऊटवार स्टेशन पहुंचा तो उसमें 2,300 लीटर डीजल था लेकिन जयपुर डिवीजन के नियंत्रण विभाग ने यह कहते हुए इसे अपने डिवीजन में प्रवेश करने से मना कर दिया कि इसमें ईंधन कम है.&nbsp;</p> <p><strong>'मालगाड़ी इंजन करता है प्रत&zwj;ि किमी 5 लीटर तेल की खपत' &nbsp;<br /></strong>भारतीय रेलवे लोको रनिंगमैन संगठन ( IRLRO) के कार्यकारी अध्यक्ष सनाजी पांधी का कहना है क&zwj;ि एक बार जब इंजन रिजर्व प्&zwj;वाइंट पर पहुंच जाता है तो उसे ईंधन भरने की जरूरत होती है. उन्&zwj;होंने कहा कि जब मालवाहक इंजन घंटों तक रेड स&zwj;िग्&zwj;नल पर खड़ा होता है तो बहुत अधिक मात्रा में तेल की खपत होती है. इसल&zwj;िए र&zwj;िजर्व के ल&zwj;िए अच्&zwj;छी मात्रा में ऑयल की जरूरत होती है. एक मालगाड़ी का इंजन 1 किमी की दूरी तय करने में 5 लीटर तेल की खपत करता है.&nbsp;</p> <p><strong>'आसानी से जयपुर पहुंच जाता 2,300 लीटर ईंधन के साथ इंजन'&nbsp;<br /></strong>उत्तर मध्य रेलवे के सूत्रों का कहना है कि 2,300 लीटर ईंधन के साथ इंजन आसानी से जयपुर पहुंच जाता, जो मथुरा के बाद अगला ईंधन भरने वाला प्&zwj;वाइंट है. इस मामले में दोनों डिवीजन दोस्&zwj;ताना ढंग से काम नहीं कर सके.&nbsp;</p> <p><strong>'रेलवे को 10 घंटे की देरी का उठाना पड़ा खाम&zwj;ियाजा' &nbsp;<br /></strong>दूसरी ओर, जयपुर डिवीजन के सूत्रों का कहना है क&zwj;ि इंजन में ईंधन कम था और आगरा डिवीजन को भेजने से पहले इसे अधिकतम स्तर तक भरना चाहिए था. अधिकारियों का कहना है कि कॉर्ड&zwj;िनेशन सही से नहीं होने की वजह से रेलवे को मैनपॉवर, ईंधन की बर्बादी, समय की प्रत&zwj;िबद्धता में कमी और माल ढुलाई परिचालन में 10 घंटे से अधिक की देरी का खामियाजा उठाना पड़ा.&nbsp;</p> <p><strong>'रेलवे बोर्ड का मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों की समयबद्धता व सेवाओं में सुधार पर बल'&nbsp;</strong><br />&nbsp;आगरा डिवीजन के एक वरिष्ठ रेलवे अधिकारी ने कहा कि इस तरह की घटना तब बहुत मायने रखती है जब रेलवे बोर्ड देश में मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों की समयबद्धता और सेवाओं में सुधार पर खास फोकस कर रहा है. दोनों डिवीजनों को बेहतर समन्वय दिखाने की जरूरत है.&nbsp;</p> <p><strong>यह भी पढ़ें:</strong> <a title="Indian Railway Special Trains: दिवाली-छठ पर आसानी से मिलेगा कंफर्म टिकट, रेलवे ने 283 स्पेशल ट्रेन चलाने का किया एलान" href="https://www.abplive.com/business/indian-railways-announces-283-special-train-for-diwali-chhath-puja-2023-know-details-2520052" target="_self">Indian Railway Special Trains: दिवाली-छठ पर आसानी से मिलेगा कंफर्म टिकट, रेलवे ने 283 स्पेशल ट्रेन चलाने का किया एलान</a></p>

Thursday, October 26, 2023

Goa National Games: PM मोदी ने गोवा में की राष्‍ट्रीय खेलों के महाकुंभ की शुरुआत, बोले- एशियन गेम्‍स में भारतीय खिलाड़ियों ने रिकॉर्ड मेडल जीते

<p style="text-align: justify;"><strong>PM Modi Inaugurates National Games in Goa: </strong>प्रधानमंत्री <a title="नरेंद्र मोदी" href="https://www.abplive.com/topic/narendra-modi" data-type="interlinkingkeywords">नरेंद्र मोदी</a> ने गुरुवार (26 अक्&zwj;टूबर) को गोवा के मडगांव में 37वें राष्ट्रीय खेलों के महाकुंभ का उद्घाटन किया. गोवा में पहली बार नेशनल गेम्&zwj;स का आयोजन हो रहा है, ज&zwj;िसका समापन 9 नवंबर को होगा. इन खेलों में देशभर के 10 हजार से अधिक एथलीट, 28 जगहों पर 43 स्पर्धाओं में हिस्&zwj;सा लेंगे.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">प्रधानमंत्री मोदी ने सभी को खेलों के इस महाकुंभ के शुभारंभ पर बधाई देते हुए कहा क&zwj;ि गोवा की धरती पर कई खिलाड़ी हुए हैं. खासकर फुटबॉल के क्षेत्र में गोवा ने कई खिलाड़ी दिए हैं. इसकी द&zwj;ीवानगी गली-गली में द&zwj;िखती है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>'70 सालों में पहले जो नहीं हुआ वो इस बार एशियाई खेलो में हुआ'&nbsp;</strong></p> <p style="text-align: justify;">पीएम मोदी ने कहा कि 70 सालों में पहले जो नहीं हुआ वो इस बार के एशियाई खेलो में हुआ. भारतीय खिलाड़ियों ने एशियाई खेलो में रिकॉर्ड मेडल जीते हैं. पैरालंपिक में भी इस बार रिकॉर्ड 70 से भी अधिक मेडल आ चुके हैं. &nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>'मेडल टेली में भारत का अच्छा प्रदर्शन करने का प्रयास हो'</strong></p> <p style="text-align: justify;">प्रधानमंत्री ने कहा कि देश को हमेशा से यह कमी रही की हमारे देश की इतनी बड़ी आबादी है लेकिन हम मेडल टेली में पीछे रहते थे. हमारा प्रयास है कि इस बार मेडल टेली में अच्छा प्रदर्शन करें.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>'पहले की सरकारों का खेलों के प्रति रहा दोहरा रवैया'</strong></p> <p style="text-align: justify;">पीएम ने यह भी कहा कि पहले की सरकारों में हमेशा खेलों के प्रति दोहरा रवैया निभाया गया है. पहले खेल को इतना बजट नहीं दिया जाता था. उनका कहना था कि यह तो खेल ही हैं, इस पर इतना क्या सोचना, लेकिन हमारी सरकार ने इस कदम को बदला है. &nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>'भारत का खेल जगत सफलता की नई ऊंचाई हास&zwj;िल कर रहा'</strong></p> <p style="text-align: justify;">प्रधानमंत्री ने कहा, "राष्ट्रीय खेल ऐसे समय में हो रहे हैं, जब भारत का खेल जगत एक के बाद एक सफलता की नई ऊंचाई प्राप्त कर रहा है. अभी एशियन पैरा गेम्स भी चल रहे हैं.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">इस अवसर पर गोवा के राज्&zwj;यपाल, मुख्&zwj;यमंत्री प्रमोद सावंत, अनुराग ठाकुर, केंद्रीय मंत्र&zwj;िमंडल के अन्&zwj;य सदस्&zwj;य, भारतीय ओलंप&zwj;िक संघ की अध्&zwj;यक्षा पीटी उषा आद&zwj;ि प्रमुख रूप से उपस्&zwj;थ&zwj;ित रहे.&nbsp;&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें: <a title="महाराष्ट्र में पीएम मोदी का शरद पवार पर निशाना, 'यहां के एक कृषि मंत्री थे, लेकिन...'" href="https://www.abplive.com/news/india/pm-modi-slams-sharad-pawar-in-his-maharashtra-rally-says-there-was-agriculture-minister-from-here-2523057" target="_self">महाराष्ट्र में पीएम मोदी का शरद पवार पर निशाना, 'यहां के एक कृषि मंत्री थे, लेकिन...'</a></strong></p>

West Bengal Politics: बंगाल में BJP को झटका, अभिषेक बनर्जी की मौजूदगी में विधायक ने थामा TMC का दामन

<p style="text-align: justify;"><strong>West Bengal News:</strong> पश्चिम बंगाल में बीजेपी के विधायक हरकाली प्रोतिहेर ने गुरुवार (26 अक्टूबर) को तृणमूल कांग्रेस का दामन थाम लिया. टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी (Abhishek Banerjee) ने पार्टी में उनका स्वागत किया. टीएमसी ने एक्स पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी.</p> <p style="text-align: justify;">टीएमसी ने कहा, "यह कदम लोगों की सेवा करने और मां, माटी और मानुष के अटूट आदर्शों को मजबूत करने की एक शानदार प्रतिबद्धता को दर्शाता है. हम हरकाली प्रतिहेर का तृणमूल कांग्रेस परिवार में तहे दिल से स्वागत करते हैं."</p> <p style="text-align: justify;"><strong>बंगाल की भलाई की प्रतिज्ञा करते हैं- टीएमसी</strong></p> <p style="text-align: justify;">टीएमसी ने आगे कहा, "हम अपने समुदायों में सकारात्मक बदलाव और प्रगति लाने के मिशन में एकजुट हैं. हम सब मिलकर बंगाल की भलाई के लिए हाथ में हाथ डालकर काम करने की प्रतिज्ञा करते हैं."</p> <blockquote class="twitter-tweet"> <p dir="ltr" lang="en">Today, in the presence of Nat'l GS Shri <a href="https://twitter.com/abhishekaitc?ref_src=twsrc%5Etfw">@abhishekaitc</a>, Harakali Protiher, <a href="https://twitter.com/BJP4Bengal?ref_src=twsrc%5Etfw">@BJP4Bengal</a> MLA from Katulpur Assembly constituency, Bankura, joined hands with us.<br /><br />This move reflects a resounding commitment to serving the people and strengthening the unwavering ideals of Ma, Mati, and&hellip; <a href="https://t.co/BxMFFRy3K5">pic.twitter.com/BxMFFRy3K5</a></p> &mdash; All India Trinamool Congress (@AITCofficial) <a href="https://twitter.com/AITCofficial/status/1717530443585892379?ref_src=twsrc%5Etfw">October 26, 2023</a></blockquote> <p style="text-align: justify;"> <script src="https://platform.twitter.com/widgets.js" async="" charset="utf-8"></script> </p> <p style="text-align: justify;">2021 के बाद से हरकाली प्रतिहेर बंगाल के सातवें बीजेपी विधायक हैं जो तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुए. टीएमसी नेता और वरिष्ठ मंत्री फिरहाद हकीम ने कहा, &lsquo;&lsquo;प्रोतिहेर जैसे विधायक बीजेपी के बदला लेने, उत्पीड़न, नफरत और धमकी से असहाय महसूस कर रहे थे. वह समझ गए थे कि बीजेपी में रहकर अपने निर्वाचन क्षेत्र के लोगों के लिए काम नहीं कर सकते.&rsquo;&rsquo;&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>'अच्छा है कि वह चले गए'- बीजेपी</strong></p> <p style="text-align: justify;">बिष्णुपुर के बीजेपी सांसद सौमित्र खान ने कहा, "हमारे लिए अच्छा है कि वह चले गए. कोतुलपुर के लोग प्रोतिहर के साथ वैसा ही व्यवहार करेंगे जिसके वह हकदार हैं."</p> <p style="text-align: justify;">प्रोतिहेर ने टीएमसी में शामिल होने के बाद संवाददाताओं से कहा, &lsquo;&lsquo;केंद्र की बीजेपी सरकार (मनरेगा के तहत) 100 दिनों के काम के लिए धन आवंटन को दबाकर जन-समर्थक टीएमसी सरकार की विकास पहल को रोकने की साजिश रच रही है. मैं ऐसी जन-विरोधी पार्टी के साथ अपने जुड़ाव को जारी नहीं रख सकता, जिसका कोई आदर्श या सिद्धांत नहीं है."</p> <p style="text-align: justify;">(इनपुट पीटीआई से भी)</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें:&nbsp; <a href="https://www.abplive.com/news/india/kupwara-infiltration-bid-five-terrorists-killed-as-security-forces-in-jammu-and-kashmir-ann-2523098">पाकिस्तानी सीमा से घुसपैठ कर रहे लश्कर के 5 आतंकियों को सुरक्षाबलों ने किया ढेर, जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में मिली बड़ी कामयाबी</a></strong></p>

Tuesday, October 24, 2023

Weather Update Today: चक्रवाती तूफान 'तेज' का असर! केरल में तूफानी बारिश का अलर्ट, दिल्ली समेत इन राज्यों में ऐसा रहेगा मौसम

<p style="text-align: justify;"><strong>Weather Update Today:</strong> राजधानी दिल्ली समेत देश के कई राज्यों में लोगों को ठंड का एहसास होने लगा है. इतना ही नहीं सुबह-सुबह धुंध की चादर भी देखने को मिल रही है. वहीं चक्रवाती तूफान के चलते केरल में अगले चार दिनों भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. इतना ही नहीं यहां आंधी-तूफान और बिजली कड़कने की आशंका भी जताई गई है. इसके अलावा ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटीय जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर के मौसम को लेकर बताया कि बुधवार (25 अक्टूबर) को यहां हवा की गुणवत्ता बहुत खराब श्रेणी में रह सकती है. राजधानी में मंगलवार को न्यूनतम तापमान &nbsp;सामान्य से एक डिग्री कम यानी 16.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. फिलहाल दिल्ली में बारिश की कोई संभावना नहीं है. अगले पांच दिनों दिल्ली में कोहरा बढ़ने का अनुमान जताया गया है. इसके अलावा लखनऊ में भी अगले पांच दिनों कोहरा छाए रहने का अनुमान है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">अगर एक्यूआई शून्य से 50 के बीच हो तो इसका मतलब एयर क्वालिटी अच्छी है, वहीं अगर 50 से 100 के बीच हो तो हम इसे संतोषजनक कह सकते हैं. इसके अलावा 101 से 200 के बीच मध्यम और 201 से 300 के बीच खराब श्रेणी में आता है. 301 से 400 के बीच स्थिति खराब मानी जाती है तो 401 से 500 के बीच एयर क्वालिटी का स्तर गंभीर माना जाता है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>आज कहां-कहां होगी बारिश&nbsp;</strong><br />मौसम विभाग के अनुसार, आज यानी बुधवार (25 अक्टूबर) को यूपी, पंजाब, हरियाणा, बिहार में बारिश की संभावना जताई गई है. इसके अलावा मणिपुर, नागालैंड, मिजोरम और त्रिपुरा में हल्की बारिश का अनुमान है. आईएमडी ने अगले कुछ दिनों में पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी के आसार जताए हैं और हिमाचल प्रदेश के कुछ स्थानों में येलो अलर्ट जारी किया गया है. वहीं चक्रवाती तूफान तेज की बात करें तो आईएमडी ने बताया है कि चक्रवाती तूफान के 25 अक्टूबर की शाम के आसपास खेपुपारा और चटगांव के बीच बांग्लादेश तट को पार करने की संभावना है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें:-</strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="गाजा पर इजरायली एयरस्ट्राइक में 24 घंटे के भीतर गई 700 से अधिक लोगों की जान, UN चीफ के बयान पर उठी इस्तीफे की मांग" href="https://www.abplive.com/news/world/israel-hamas-war-idf-air-strike-in-gaza-emmanuel-macron-meets-benjamin-netanyahu-un-chief-antonio-guterres-on-palestine-2521836" target="_blank" rel="noopener">गाजा पर इजरायली एयरस्ट्राइक में 24 घंटे के भीतर गई 700 से अधिक लोगों की जान, UN चीफ के बयान पर उठी इस्तीफे की मांग</a>&nbsp;</strong></p>

रावण, जनरल डायर...दशहरा रैली में एक दूसरे पर जमकर बरसे एकनाथ श‍िंदे और उद्धव ठाकरे

<p style="text-align: justify;"><strong>Eknath Shinde vs Uddhav Thackeray in Dussehra Rally:</strong> आगामी लोकसभा चुनावों से पहले दशहरा पर्व पर अलग-अलग रैली आयोज&zwj;ित कर मुख्&zwj;यमंत्री एकनाथ श&zwj;िंदे और उद्धव ठाकरे ने दमखम द&zwj;िखाने की कोश&zwj;िश की. रैली के जर&zwj;िए दोनों ने एक दूसरे पर शब्&zwj;दों के खूब बाण भी दागे.</p> <p style="text-align: justify;">महाराष्&zwj;ट्र सीएम शिंदे ने बालासाहेब ठाकरे के बहाने उद्धव पर जमकर न&zwj;िशाना साधा. साथ ही दावा किया कि आज रावण का दहन किया है. 2024 में देश की जनता इंडिया अलायंस नाम के 'रावण' का दहन करेगी. दोनों नेताओं की ओर से एक दूसरे के ल&zwj;िए 'रावण' और 'जनरल डायर' जैसे शब्&zwj;दों का इस्&zwj;तेमाल किया. &nbsp; &nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>'वैनिटी वैन में बैठे रहे'</strong></p> <p style="text-align: justify;">सीएम श&zwj;िंदे ने रायगढ़ जिले के इर्शालवाड़ी में भूस्&zwj;खलन हादसे का ज&zwj;िक्र करते हुए कहा, ''इस दर्दनाक घटना के बाद मैं मौके पर पहुंचा था. उस वक्&zwj;त लोगों ने पहाड़ पर चढ़ने से मना किया था. मैंने उनकी बातों का अनसुना कर द&zwj;िया था और पहाड़ चढ़ गया. कीचड़ में पहाड़ पर चढ़ने में दो घंटे लग गए थे, लेकिन तुम (उद्धव ठाकरे) &nbsp;जब आए तो वैनिटी वैन में बैठकर मीडिया से बात करके चले गए.''</p> <p style="text-align: justify;">ठाकरे का नाम ल&zwj;िए ब&zwj;िना एकनाथ श&zwj;िंदे ने एक और शब्&zwj;द बाण चलाते हुए कहा, ''जब मुंबई में बाढ़ आई थी, तब बांद्रा इलाका पूरा पानी में डूब गया था. तब तुम (उद्धव ठाकरे) बालासाहेब ठाकरे को मातोश्री में अकेला छोड़कर फाइव स्टार होटल में चले गए थे.'' उन्&zwj;होंने मंच से अगले साल इंडी अलायंस का रावण जलाने की बात दोहरायी.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>'महाराष्ट्र में 48 में से 45 लोकसभा सीटों पर जीत दर्ज करने का दावा'&nbsp;</strong></p> <p style="text-align: justify;">श&zwj;िंदे ने कहा क&zwj;ि साल 2014 के लोकसभा चुनाव में भी मोदी थे, 2019 में भी मोदी थे और 2024 में भी मोदी ही आएंगे. उन्&zwj;होंने दावा किया कि 2024 के <a title="लोकसभा चुनाव" href="https://www.abplive.com/topic/lok-sabha-election-2024" data-type="interlinkingkeywords">लोकसभा चुनाव</a> में हम महाराष्ट्र में 48 में से 45 लोकसभा सीटों पर जीत दर्ज करेंगे.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>'बालासाहेब ठाकरे ने कांग्रेस को कभी पास खड़ा नहीं किया'</strong></p> <p style="text-align: justify;">सीएम श&zwj;िंदे ने कहा क&zwj;ि बालासाहेब ठाकरे ने कांग्रेस को कभी भी अपने पास खड़ा नहीं किया. सावरकर का अपमान करने वाले मणिशंकर अय्यर को बालासाहेब ठाकरे ने दुत्&zwj;कारने का काम किया था. आज उनको गले लगाने का काम किया जा रहा है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>'कांग्रेस के साथ जाने की नौबत आने पर कही थी दुकान बंद करने की बात'&nbsp;</strong></p> <p style="text-align: justify;">उन्होंने कहा कि बालासाहेब ठाकरे कहते थे कि कांग्रेस के साथ जाने की नौबत आई तो अपनी दुकान बंद कर दूंगा. आज ऐसा लग रहा है कि वो अपनी पार्टी कब कांग्रेस में विलीन कर लेंगे, यह पता नही.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>'उद्धव ठाकरे ने मुख्यमंत्री बनने की अपनी इच्छा छुपाई थी'&nbsp;</strong></p> <p style="text-align: justify;">मुख्यमंत्री ने अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी की तुलना रामायण के रावण से करते हुए कहा कि जिस तरह रावण ने सीता का हरण करने के लिए साधु का वेश धारण किया था. उसी तरह उद्धव ठाकरे ने भी मुख्यमंत्री बनने की अपनी इच्छा छुपाई थी.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>'57 साल में कई बाधाएं आने पर भी नहीं मानी हार' &nbsp;&nbsp;</strong></p> <p style="text-align: justify;">वहीं, दशहरा रैली में उद्धव ठाकरे ने कहा क&zwj;ि 57 साल हो गए, लेकिन हम रुके नहीं. कई बाधाएं आईं, हमने हार नही मानी. आगे भी ऐसे ही इस तरह की भव्य रैली का आयोजन किया जायेगा. इस रैली के बाद हम सभी खोकेसुर का दहन करने वाले है. &nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>'हजारों शिवसैनिकों के दम पर भस्&zwj;म करेंगे रावण'&nbsp;</strong></p> <p style="text-align: justify;">उन्होंने कहा, ''रावण एक शिवभक्त था फिर भी राम ने रावण का अंत क्यों किया? जैसे हनुमान ने रावण की सोने की लंका जलाई थी, वैसे ही मेरे सामने बैठे हजारों शिवसैनिकों में दम है क&zwj;ि वो इन रावण को भस्म करेंगे.''&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">दादर के विशाल शिवाजी पार्क से उद्धव ठाकरे ने कहा, "जलियांवाला बाग की तरह, सराती गांवों में मराठों पर लाठीचार्ज हुआ था. उन्&zwj;होंने <a title="एकनाथ शिंदे" href="https://www.abplive.com/topic/eknath-shinde" data-type="interlinkingkeywords">एकनाथ शिंदे</a> की सरकार की तुलना जनरल डायर की सरकार से की. यहीं पर उनके पिता और शिव सेना के संस्थापक बाल ठाकरे ने अपने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया था और उन पर ओजस्वी भाषण देने के आरोप लगे थे.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें:</strong> <a title="Maharashtra: श&zwj;िंदे सरकार को घेरने की तैयारी में जुटी NCP, शरद पवार ने बताई रणनीति" href="https://www.abplive.com/news/india/ncp-sharad-pawar-grandnephew-rohit-pawar-started-yuva-sangharsh-yatra-covering-800-km-2521818" target="_self">Maharashtra: श&zwj;िंदे सरकार को घेरने की तैयारी में जुटी NCP, शरद पवार ने बताई रणनीति</a></p>

Monday, October 23, 2023

रनवे से गुजरी मंदिर की शोभायात्रा, हवाई अड्डे पर उड़ान सेवाएं पांच घंटे तक रहीं निलंबित

<p style="text-align: justify;"><strong>Kerala News:</strong> केरल के प्रसिद्ध श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर की पारंपरिक &lsquo;अराट्टू&rsquo; शोभायात्रा के लिए सोमवार (23 अक्टूबर) को तिरुवनंतपुरम हवाईअड्डे पर उड़ान सेवाएं पांच घंटे तक अस्थायी तौर पर निलंबित रहीं. ऐसा इसलिए किया गया ताकि एयरपोर्ट के रनवे से शोभायात्रा निकल सके. तिरुवनंतपुरम अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा लिमिटेड (TIAL) ने इसकी जानकारी दी. शोभायात्रा के मंदिर लौटने के बाद उड़ान सेवा सोमवार रात करीब नौ बजे फिर से बहाल कर दी गई.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>क्या होता है इस शोभायात्रा में?</strong></p> <p style="text-align: justify;">पारंपरिक हरे रंग की रेशमी पगड़ी, पन्ना हार पहने हुए और रस्मी तलवार लेकर त्रावणकोर शाही परिवार के वर्तमान प्रमुख श्री मूलम तिरुनल राम वर्मा ने भारी बारिश में मंदिर से पास के शंकुमुघम समुद्र तट तक शोभायात्रा का अगुवाई की. शोभायात्रा शाम लगभग पांच बजे मंदिर से शुरू हुई और शाही परिवार के पुरुष सदस्यों के अलावा बड़ी संख्या में भक्त और छह हाथी भी इसका हिस्सा थे.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">शोभायात्रा हवाई अड्डे की हवाई पट्टी से होते हुए समुद्र तट तक पहुंची. शंकुमुघम तट पर समुद्र में स्नान कराने के बाद भगवान &nbsp;पद्मनाभस्वामी, नरसिम्हा मूर्ति और कृष्ण स्वामी के &lsquo;उत्सव विग्रहों&rsquo; को वापस मंदिर में ले जाया गया.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>4 से 9 बजे तक निलंबित रहीं उड़ान सेवाएं- टीआईएएल</strong></p> <p style="text-align: justify;">इस दौरान त्योहार के समापन के प्रतीक के रूप में भक्तों ने पारंपरिक मशालें ली हुईं थीं.हवाईअड्डे के एक सूत्र ने बताया कि शोभायात्रा के मंदिर लौटने के बाद रात करीब नौ बजे उड़ान सेवाएं फिर से बहाल कर दीं गईं और हवाई पट्टी की सफाई &nbsp;के बाद उसे उड़ान के लिए उपयुक्त घोषित किया गया.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>दशकों पुरानी प्रथा के तहत निकाली जाती है ये शोभायात्रा</strong></p> <p style="text-align: justify;">यह शोभायात्रा त्रावणकोर के महाराजा से जुड़ी दशकों पुरानी प्रथा के तहत निकाली जाती है. तिरुवनंतपुरम अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा लिमिटेड (टीआईएएल) ने बताया कि श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर द्वारा अलपासी अराट्टू शोभायात्रा की सुविधा के लिए शाम चार बजे से रात नौ बजे तक उड़ान सेवाएं निलंबित रहीं.टीआईएएल ने बताया कि समारोह के कारण चार उड़ानों की सेवाओं को पुनर्निर्धारित किया गया है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें- <a title="गरबा खेलते समय हार्ट अटैक से हुईं 6 मौतों का कारण क्या है? गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री ने डॉक्टरों से कहा- रिसर्च करें" href="https://www.abplive.com/news/india/6-people-died-of-heart-attacks-while-performing-garba-gujarat-health-minister-instructs-doctors-to-do-research-2521220" target="_blank" rel="noopener">गरबा खेलते समय हार्ट अटैक से हुईं 6 मौतों का कारण क्या है? गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री ने डॉक्टरों से कहा- रिसर्च करें</a></strong></p>

Mizoram Election: 'बेहतर होगा कि प्रधानमंत्री अकेले आएं और खुद मंच संभालें...', बोले मिजोरम के सीएम जोरमथंगा

<p style="text-align: justify;"><strong>Zoramthanga On PM Modi:&nbsp;</strong>मिजोरम के मुख्यमंत्री जोरमथंगा ने सोमवार (23 अक्टूबर) को कहा कि विधानसभा चुनाव के प्रचार के लिए जब प्रधानमंत्री <a title="नरेंद्र मोदी" href="https://www.abplive.com/topic/narendra-modi" data-type="interlinkingkeywords">नरेंद्र मोदी</a> यहां आएंगे तो वह उनके साथ मंच साझा नहीं करेंगे. प्रधानमंत्री मोदी 30 अक्टूबर को राज्य के पश्चिमी हिस्से में स्थित ममित शहर का दौरा कर सकते हैं और यहां बीजेपी उम्मीदवारों के लिए उनके प्रचार करने की संभावना है. &nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>बीजेपी के साथ सहानुभूति रखना पार्टी के लिए अच्छा नहीं होगा- जोरमथंगा</strong></p> <p style="text-align: justify;">जोरमथंगा ने बीबीसी समाचार को दिए एक साक्षात्कार में कहा, ''मिजोरम में सभी लोग ईसाई हैं. जब मणिपुर के लोगों (मेइती समुदाय) ने वहां सैकड़ों गिरजाघर जलाए तो वे (मिजोरम के लोग) इस तरह के विचार के पूरी तरह से खिलाफ थे. इसलिए, इस समय बीजेपी के साथ सहानुभूति रखना मेरी पार्टी के लिए अच्छा नहीं होगा.''</p> <p style="text-align: justify;"><strong>'बेहतर होगा कि प्रधानमंत्री अकेले आएं और खुद मंच संभालें'</strong></p> <p style="text-align: justify;">मिजोरम के सीएम ने कहा, ''बेहतर होगा कि प्रधानमंत्री अकेले आएं और खुद मंच संभालें और मैं अलग से प्रचार करूं.'' राज्य में सात नवंबर को विधानसभा चुनाव होना है. जोरमथंगा की मिजो नेशनल फ्रंट (MNF), भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले नॉर्थ ईस्ट डेमोक्रेटिक अलायंस (NEDA) का हिस्सा है और केंद्र में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की सहयोगी है, लेकिन मिजोरम में एमएनएफ बीजेपी के साथ नहीं है. &nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>'एमएनएफ एनडीए और एनईडीए में इसलिए हुआ शामिल'</strong></p> <p style="text-align: justify;">मुख्यमंत्री ने कहा कि एमएनएफ एनडीए और एनईडीए में इसलिए शामिल हुआ कि यह कांग्रेस के पूरी तरह से खिलाफ है और यह इसके नेतृत्व वाले किसी गठबंधन का हिस्सा नहीं बनना चाहता. म्यांमा, बांग्लादेश और मणिपुर के 40,000 से अधिक लोग राज्य में शरण लिए हुए हैं. जोरमथंगा ने कहा कि यह केंद्र की जिम्मेदारी है कि वह मणिपुर में शांति बहाल करे ताकि लोग अपने मूल राज्य में वापस जा सकें.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें- <a title="MP Election 2023: मध्य प्रदेश की राजनीति में तंत्र-मंत्र की एंट्री, उज्जैन के श्मशान में साधना पर शिवराज सिंह चौहान का निशाना" href="https://www.abplive.com/news/india/mp-election-2023-tantrik-puja-in-ujjain-for-kamal-nath-shivraj-singh-chouhan-attacks-congress-2521103" target="_blank" rel="noopener">MP Election 2023: मध्य प्रदेश की राजनीति में तंत्र-मंत्र की एंट्री, उज्जैन के श्मशान में साधना पर शिवराज सिंह चौहान का निशाना</a></strong></p>

गरबा खेलते समय हार्ट अटैक से हुईं 6 मौतों का कारण क्या है? गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री ने डॉक्टरों से कहा- रिसर्च करें

<p style="text-align: justify;"><strong>Heart Attack While Playing Garba:</strong>&nbsp;गुजरात में पिछले एक हफ्ते में पारंपरिक नृत्य गरबा का प्रदर्शन करते समय एक महिला और एक किशोर छात्र समेत छह लोगों की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई. मृतकों के परिजनों ओर एंबुलेस सेवा से इस बारे में जानकारी मिली है. गरबा एक पारंपरिक नृत्य है जो गुजरात में नवरात्रि समारोहों में मुख्य तौर पर खेला जाता है. इस बार 15 अक्टूबर से नवरात्रि के समारोह शुरू हुए थे.</p> <p style="text-align: justify;">गुजरात में इन छह मौतों के अलावा इस अवधि में 22 अन्य लोगों की मौत भी दिल का दौर पड़ने से हुई. दिल के दौरे से हुईं इन मौतों ने स्वास्थ्य विभाग का ध्यान खींचा है. न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, सूत्रों ने बताया कि गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री रुशिकेश पटेल ने सोमवार (23 अक्टूबर) को यूएन मेहता इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी एंड रिसर्च सेंटर के शीर्ष हृदय विशेषज्ञों और डॉक्टरों के साथ बैठक की और उन्हें इन मौतों के सटीक कारण का पता लगाने के लिए जरूरी डेटा एकत्र करने और रिसर्च करने का निर्देश दिया.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>यूपी की राज्यपाल ने किया गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री से कारण पता लगाने का आग्रह</strong></p> <p style="text-align: justify;">बता दें कि उत्तर प्रदेश की राज्यपाल और गुजरात की पूर्व मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल ने रविवार (22 अक्टूबर) को इस मुद्दे पर चिंता जताई थी और स्वास्थ्य मंत्री से ऐसी मौतों के कारणों का पता लगाने के लिए एक अध्ययन कराने का आग्रह किया था.</p> <p style="text-align: justify;">आनंदीबेन पटेल ने पाटन जिले के एक गांव में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा था, ''नवरात्रि के दौरान गरबा खेलते समय कई युवाओं को दिल का दौरा पड़ा और उनकी मौत हो गई. हमें कारणों का पता लगाने के लिए ऐसी मौतों का विश्लेषण करना चाहिए. चूंकि रुशिकेश भाई भी यहां हैं, इसलिए मेरा उनसे आग्रह है कि पिछले एक साल में दिल का दौरा पड़ने से कितने लोगों की मौत हुई, इस पर एक अध्ययन कराएं.''</p> <p style="text-align: justify;"><strong>गरबा खेलते समय इन छह लोगों की हुई मौत</strong></p> <p style="text-align: justify;">गरबा खेलते समय दिल का दौरा पड़ने से खेड़ा जिले के 12वीं के छात्र वीर शाह की मौत हो गई. परिवार ने बताया कि वीर शुक्रवार रात गरबा खेलते समय दिल का दौरा पड़ने से बेहोश हो गया था. उसे अस्पताल ले जाया गया लेकिन बचाया नहीं जा सका.</p> <p style="text-align: justify;">'108' एंबुलेंस सेवा के रिकॉर्ड के अनुसार, 28 वर्षीय रवि पांचाल की अचानक दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई, जब वह शनिवार तड़के अहमदाबाद के बाहरी इलाके हाथीजन में एक पार्टी प्लॉट में गरबा खेल रहे थे. वडोदरा में 55 वर्षीय शंकर राणा दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई. उन्हें शुक्रवार रात एक अस्पताल में रेफर किया गया था लेकिन अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.</p> <p style="text-align: justify;">नवसारी में शुक्रवार को 31 वर्षीय मृणाल शुक्ला और पोरबंदर में शनिवार को 46 वर्षीय राजू आला की इसी तरह मौत हो गई. राजकोट में कंचन सक्सेना नाम की 47 वर्षीय विवाहित महिला को शुक्रवार रात गरबा खेलने के बाद बेचैनी महसूस हुई और वह बेहोश हो गई. उसे एक अस्पताल के लिए रेफर किया गया था लेकिन जान नहीं बच सकी.&nbsp; '108 एंबुलेंस सेवा की ओर से साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, उसे 15 से 22 अक्टूबर के बीच हृदय संबंधी इमरजेंसी से संबंधित करीब 750 कॉल प्राप्त हुईं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>गरबा कार्यक्रमों में एंबुलेंस और मेडिकल टीम की तैनाती की गई थी अनिवार्य</strong></p> <p style="text-align: justify;">नवरात्रि उत्सव शुरू होने से पहले गुजरात के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग ने एक अधिसूचना के जरिये गरबा कार्यक्रम आयोजकों के लिए कार्यक्रम स्थलों पर एक एंबुलेंस और एक मेडिकल टीम तैनात करना अनिवार्य कर दिया था ताकि ऐसी किसी स्थिति में लोगों को तत्काल सहायता मिल सके.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें- <a title="कनाडा से फ्लाइट नहीं पहुंची दिल्ली तो गुजरात कांग्रेस अध्यक्ष ने की विदेश मंत्री और ज्योतिरादित्य सिंधिया से अपील, जानें क्या कहा" href="https://www.abplive.com/news/india/gujarat-congress-president-appeals-to-eam-s-jaishankar-jyotiraditya-scindia-over-canada-delhi-flight-delay-2521172" target="_blank" rel="noopener">कनाडा से फ्लाइट नहीं पहुंची दिल्ली तो गुजरात कांग्रेस अध्यक्ष ने की विदेश मंत्री और ज्योतिरादित्य सिंधिया से अपील, जानें क्या कहा</a></strong></p>

Sunday, October 22, 2023

Assembly Elections 2023: मल्लिकार्जुन खरगे का दावा- 'पांचों राज्‍यों में सरकार बनाएगी कांग्रेस', पीएम मोदी पर भी साधा न‍िशाना

<p style="text-align: justify;"><strong>Mallikarjun Kharge on Assembly Elections:</strong> कांग्रेस पार्टी के राष्&zwj;ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे (Mallikarjun Kharge) ने आगामी नंवबर में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर दावा किया है कि उनकी पार्टी सभी पांच राज्यों में सरकार बनाएगी. उन्होंने प्रधानमंत्री <a title="नरेंद्र मोदी" href="https://www.abplive.com/topic/narendra-modi" data-type="interlinkingkeywords">नरेंद्र मोदी</a> पर परोक्ष रूप से कटाक्ष करते हुए कहा कि वह मध्य प्रदेश में अपनी पार्टी या मुख्यमंत्री के बजाय अपने नाम पर वोट मांग रहे हैं.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">कांग्रेस अध्&zwj;यक्ष खरगे ने कहा, 'माहौल हमारे पक्ष में है. हम सभी 5 राज्य जीतेंगे. हम-5, वे-0, आज यही स्थिति है.' उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि हर कोई प्रयास करता है और वे भी प्रयास कर रहे हैं.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>'मुख्&zwj;यमंत्री नहीं, पीएम के नाम पर मांगे जा रहे वोट'&nbsp;</strong><br />पीएम मोदी के अपने नाम पर वोट मांगने पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा, "मुझे यह हास्यास्पद लगता है कि वह (प्रधानमंत्री) मध्य प्रदेश गए और कहा, 'मोदी को वोट दो.' उन्होंने अपनी पार्टी या मुख्यमंत्री का नाम नहीं लिया. इससे पता चलता है कि मुख्यमंत्री की छवि को नुकसान पहुंचा है.''</p> <p style="text-align: justify;"><strong>इन राज्&zwj;यों में दूसरी बार सरकार बनाना चाहती है कांग्रेस&nbsp;</strong><br />कांग्रेस की नजर मध्य प्रदेश में वापसी करने पर है, जहां 17 नवंबर को चुनाव होंगे. वहीं, कांग्रेस छत्तीसगढ़ (दो चरणों - 7 और 17 नवंबर को मतदान) और राजस्थान विधानसभा (25 नवंबर) में लगातार दूसरी बार जीत हासिल करना चाहती है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>मिजोरम में भी आक्रामक प्रचार कर रही कांग्रेस</strong><br />पार्टी मिजोरम में भी आक्रामक तरीके से प्रचार कर रही है जहां 7 नवंबर को मतदान होना है और तेलंगाना में जहां 30 नवंबर को मतदान होना है. वोटों की गिनती 3 दिसंबर को होगी.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें:</strong> <a title="सेना के राजनीतिकरण पर मचा बवाल! मल्लिकार्जुन खरगे ने पीएम मोदी को लिखा पत्र, जानें क्या कहा?" href="https://www.abplive.com/news/india/mallikarjun-kharge-wrote-letter-to-pm-modi-on-indian-army-and-civil-servants-politicization-2520205" target="_self">सेना के राजनीतिकरण पर मचा बवाल! मल्लिकार्जुन खरगे ने पीएम मोदी को लिखा पत्र, जानें क्या कहा?</a></p>

Mizoram Election 2023: म‍िजोरम में बीजेपी झोंकेगी पूरी ताकत, 30 अक्टूबर को पीएम मोदी करेंगे चुनावी रैली

<p style="text-align: justify;"><strong>PM Narendra Modi Mizoram Rally:</strong> उत्तर पूर्व के म&zwj;िजोरम राज्&zwj;य में आगामी 7 नवंबर को चुनाव होने जा रहे हैं. इस चुनाव में बीजेपी की ओर से स्&zwj;टार प्रचारकों की ल&zwj;िस्&zwj;ट पहले ही जारी की जा चुकी है. ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत कई शीर्ष नेता जल्&zwj;द ही चुनाव अभियान में शामिल हो सकते हैं. &nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">बीजेपी के मिजोरम प्रदेश अध्यक्ष वनलालमुआका ने कहा कि पीएम मोदी के राज्य का दौरा करने की संभावना है. वह बीजेपी उम्मीदवारों के लिए प्रचार करने के लिए 30 अक्टूबर को ममित शहर में एक चुनावी रैली को संबोधित करेंगे.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>बीजेपी के ये दिग्गज नेता करेंगे रैली</strong><br />बीजेपी नेता ने आईएएनएस को बताया, ''प्रधानमंत्री <a title="नरेंद्र मोदी" href="https://www.abplive.com/topic/narendra-modi" data-type="interlinkingkeywords">नरेंद्र मोदी</a> की मिजोरम की प्रस्तावित यात्रा का अस्थायी कार्यक्रम प्राप्त हुआ है. इसके अलावा अमित शाह, जेपी नड्डा, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, स्मृति ईरानी, किरेन रिजिजू, असम सीएम हिमंत बिस्वा सरमा, त्रिपुरा सीएम माणिक साहा आद&zwj;ि बीजेपी के स्टार प्रचारकों में शामिल हैं. &nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>'चुनाव प्रभारी किरेन रिजिजू कर चुके कई चुनावी सभाएं'</strong> &nbsp;<br />मिजोरम के लिए बीजेपी के चुनाव प्रभारी नियुक्त किए गए किरेन रिजिजू पहले ही मिजोरम में कुछ चुनावी सभाओं को संबोधित कर चुके हैं.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>'बीजेपी ने भाषाई अल्पसंख्यक आबादी वाले क्षेत्रों में उतारें 23 उम्मीदवार'&nbsp;</strong><br />बीजेपी ने भाषाई अल्पसंख्यक आबादी वाले क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देते हुए 23 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं. खासकर जहां रियांग और चकमा आदिवासी समुदाय के लोग मतदाता सूची में उचित संख्या में हैं.&nbsp;बता दें मिजोरम की 40 विधानसभा सीटों पर 16 महिलाओं समेत 174 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>'इन सभी दलों के प्रत्&zwj;याशी मैदान में उतरे'&nbsp;</strong><br />सत्तारूढ़ मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ), मुख्य विपक्षी ज़ोरम पीपुल्स मूवमेंट (जेडपीएम) और कांग्रेस ने 40-40 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं, जबकि आम आदमी पार्टी 4 सीटों पर और 27 निर्दलीय उम्मीदवार भी चुनावी समर में उतरे हैं.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें:&nbsp;</strong><a title="Mizoram BJP Candidates List: मिजोरम विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने जारी की 12 उम्मीदवारों की लिस्ट" href="https://www.abplive.com/elections/mizoram-bjp-candidates-list-2023-out-for-12-name-mizoram-polls-2517172" target="_self">Mizoram BJP Candidates List: मिजोरम विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने जारी की 12 उम्मीदवारों की लिस्ट</a></p>

Saturday, October 21, 2023

समलैंगिक विवाह मामले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले की पूर्व न्यायाधीशों ने की सराहना, जानें क्या कुछ कहा?

<p style="text-align: justify;"><strong>Ex Judges On Same Sex Marriage Issue:</strong> पूर्व न्यायाधीशों के एक समूह ने समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता देने से इनकार करने संबंधी सुप्रीम कोर्ट के फैसले की सराहना करते हुए शनिवार (21 अक्टूबर) को कहा कि यह वैधानिक प्रावधानों, संस्कृति और नैतिकता की व्याख्या का एक मिश्रण है.</p> <p style="text-align: justify;">पूर्व न्यायाधीशों ने एक बयान में दावा किया कि इस फैसले को &lsquo;एलजीबीटीक्यू प्लस&rsquo; समुदाय और उसके एक छोटे हिस्से को छोड़कर समाज से &lsquo;जबरदस्त सराहना&rsquo; मिली है. उन्होंने फैसले के विभिन्न बिंदुओं का हवाला देते हुए कहा कि यह फैसला भारतीय संस्कृति, लोकाचार और विरासत के संदर्भ में प्रासंगिक है. प्रमोद कोहली, एसएम सोनी, एएन ढींगरा और आरसी चव्हाण सहित हाई कोर्ट के 22 पूर्व न्यायाधीशों ने इस बारे में अपनी टिप्पणी की है.</p> <p style="text-align: justify;">सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (17 अक्टूबर) को समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता देने से इनकार कर दिया था. इसके साथ ही न्यायालय ने कहा था कि कानून की ओर से मान्यता प्राप्त विवाह को छोड़कर शादी का 'कोई असीमित अधिकार' नहीं है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>पूर्व न्यायाधीशों ने अपने बयान में क्या कहा?</strong></p> <p style="text-align: justify;">पूर्व न्यायाधीशों ने अपने बयान में कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट रूप से फैसला सुनाया है कि ऐसे विवाहों को मान्यता देने के लिए प्रावधान करना उसके अधिकार क्षेत्र में नहीं है और यह संसद के अधिकार क्षेत्र में है. उन्होंने कहा, &lsquo;&lsquo;सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि न्यायालय का अधिकार क्षेत्र संवैधानिक और वैधानिक प्रावधानों की व्याख्या करना है और विधायी कार्यों से संबंधित अधिकार क्षेत्र संबंधित विधायिका के पास है.&rsquo;&rsquo;&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">सुप्रीम कोर्ट की पांच-सदस्यीय संविधान पीठ ने 3:2 के बहुमत से मंगलवार को गोद लिए जाने से जुड़े एक नियम को बरकरार रखा था, जिसमें अविवाहित और समलैंगिक जोड़ों के बच्चा गोद लेने पर रोक है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">पूर्व न्यायाधीशों ने कहा कि समलैंगिकों के गोद लेने के अधिकार को भी अदालत ने मान्यता नहीं दी है और यह दृष्टिकोण सराहनीय है. उन्होंने कहा कि मौजूदा वैधानिक प्रावधान किसी एक व्यक्ति के गोद लेने के अधिकार को भी प्रतिबंधित करते हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें- <a title="बढ़ सकती हैं महुआ मोइत्रा की मुश्किलें! लोकसभा अध्यक्ष के बाद अब निशिकांत दुबे ने लोकपाल से की शिकायत" href="https://www.abplive.com/news/india/nishikant-dubey-moved-to-lokpal-after-filed-complaint-before-lok-sabha-speaker-om-birla-against-mahua-moitra-2519827" target="_blank" rel="noopener">बढ़ सकती हैं महुआ मोइत्रा की मुश्किलें! लोकसभा अध्यक्ष के बाद अब निशिकांत दुबे ने लोकपाल से की शिकायत</a></strong></p>

शांतिनिकेतन के विश्व धरोहर बनने पर टीएमसी ने पीएम मोदी और कुलपति पर लगाया अनुचित क्रेडिट लेने का आरोप, बीजेपी ने दिया जवाब

<p style="text-align: justify;"><strong>TMC On Santiniketan:</strong> तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राज्यसभा सदस्य जवाहर सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और 'विश्व भारती विश्वविद्यालय' के कुलपति बिद्युत चक्रवर्ती पर यूनेस्को की ओर से शांतिनिकेतन को विश्व धरोहर स्थल घोषित किए जाने का अनुचित श्रेय लेने का आरोप लगाया.</p> <p style="text-align: justify;">प्रधानमंत्री विश्वविद्यालय के कुलाधिपति भी हैं. सरकार ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर अपने अकाउंट से किए एक पोस्ट में चक्रवर्ती की ओर से कथित तौर पर लगाई गई एक पट्टिका की तस्वीर साझा की, जिसमें शांतिनिकेतन को यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल के रूप में घोषित किए जाने का उल्लेख किया गया है.</p> <p style="text-align: justify;">पट्टिका में केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलाधिपति के रूप में <a title="नरेंद्र मोदी" href="https://www.abplive.com/topic/narendra-modi" data-type="interlinkingkeywords">नरेंद्र मोदी</a> और कुलपति के रूप में चक्रवर्ती का नाम शामिल है. यूनेस्को वेबसाइट के मुताबिक, ''प्रसिद्ध कवि और दार्शनिक रवीन्द्रनाथ टैगोर की ओर से 1901 में पश्चिम बंगाल में स्थापित शांतिनिकेतन प्राचीन भारतीय परंपराओं और धार्मिक और सांस्कृतिक सीमाओं से परे मानवता की एकता की दृष्टि पर आधारित एक आवासीय विद्यालय और कला केंद्र है.''</p> <p style="text-align: justify;">यूनेस्को के अनुसार नोबेल पुरस्कार विजेता कवि ने 1921 में यहां एक विश्वविद्यालय की स्थापना की थी. बीरभूम जिले के शांतिनिकेतन को 17 सितंबर को यूनेस्को की विश्व विरासत सूची में शामिल किया गया था. सरकार ने शुक्रवार (20 अक्टूबर) रात को 'एक्स' पर कहा, ''यूनेस्को ने विशेष रूप से कहा कि वे शांतिनिकेतन को विश्व धरोहर स्थल घोषित कर रवीन्द्रनाथ टैगोर और उनकी विरासत का सम्मान कर रहे हैं. ऐसा प्रतीत होता है कि कुलपति और उनके &lsquo;बॉस&rsquo; को लगता है कि यूनेस्को उनका सम्मान कर रहा है.''</p> <p style="text-align: justify;">भारतीय जनता पार्टी (BJP) की पश्चिम बंगाल इकाई के प्रवक्ता समिक भट्टाचार्य ने दावा किया कि सरकार के शब्दों का राज्य के लोगों के लिए कोई महत्व नहीं है. भट्टाचार्य ने कहा, ''जवाहर सरकार को इस देश के लोग जानते हैं. उन्हें लगता है कि उन्हें ऐसी बातें बोलनी होंगी क्योंकि उन्हें तृणमूल कांग्रेस ने राज्यसभा सांसद बनाया है.&rsquo;&rsquo;&nbsp;विश्व भारती के प्रवक्ता महुआ बंद्योपाध्याय से संपर्क किए जाने पर उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय को इस मामले में कोई टिप्पणी नहीं करनी है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें- <a title="'10 सालों में आर्टिकल 370, GST, OROP, तीन तलाक जैसे कई लंबित काम हुए' :पीएम मोदी" href="https://www.abplive.com/news/india/pm-modi-on-125th-foundation-day-of-scindia-school-says-completed-pending-works-like-gst-orop-and-article-370-2519848" target="_blank" rel="noopener">'10 सालों में आर्टिकल 370, GST, OROP, तीन तलाक जैसे कई लंबित काम हुए' :पीएम मोदी</a></strong></p>

MP Election 2023: ये चुनाव पार्टी नहीं, प्रत्याशियों का होगा, जान लें...

<p style="text-align: justify;">शुक्रवार (20 अक्टूबर) को कांग्रेस तो शनिवार (21 अक्टूबर) को बीजेपी के कार्यकर्ताओं की नाराजगी के ढेर सारे वीडियो के बीच अंतिम सत्य यही है कि दोनों पार्टियों ने अपने-अपने महारथी मध्य प्रदेश विधानसभा 2023 के चुनावी समर में उतारकर चुनाव लड़ने के आदेश दे दिए हैं. दो पार्टी की सत्ता वाले मध्य प्रदेश की खूबी यही है कि बीजेपी कांग्रेस के बीच कुछ चुनाव छोड़ दिए जाएंं तो अधिकतर चुनावों में बड़ा करीबी मुकाबला होता है. इस बार भी यही लग रहा है.</p> <p style="text-align: justify;">बीजेपी और कांग्रेस की सूचियों को देखा जाए तो हैदर अली आतिश का यही शेर याद आता है- 'बड़ा शोर सुनते थे पहलू में दिल का, जो चीरा तो इक कतरा-ए-खूं न निकला.' चुनाव के पहले दोनों पार्टियों ने बड़े-बड़े दावे किए थे टिकट बांटने के दावों के. हर विधानसभा का बड़ा सर्वे होगा, एक खास क्राइटेरिया होगा, जिसमें उम्र का खयाल रखा जाएगा, प्रदेश में युवा वोटर बड़ी संख्या में हैं, उम्मीदवारों में युवाओं को जगह दी जाएगी, पार्टी छोड़कर गए लोगों को जगह नहीं दी जाएगी, हार के अंतर का ख्याल रखकर ही टिकट बांटे जाएंगे, युवाओं, ओबीसी और महिलाओं का खास ध्यान होगा, मगर दोनों पार्टियों की सूचियों में किसी भी खास पैमाने का ध्यान नहीं रखकर सिर्फ जिताऊ उम्मीदवार पर ही फोकस किया है, भले ही वो कितना बुजुर्ग और कितनी ही बार पार्टी की रीति-नीति छोड़कर भागा हो.</p> <p style="text-align: justify;">पहले चर्चा बीजेपी की शनिवार की शाम को आई उस सूची की जिसका लंबे समय से इंतजार हो रहा था. बीजेपी ने शुरुआत की दो सूचियों में जिस प्रकार चौंकाया था उससे लग रहा था कि इस बार पार्टी इस चुनाव को अलग ही स्तर पर ले जा रही है, टिकट वितरण से लेकर प्रचार तक में. पहले जल्दी से हारी सीटों पर उम्मीदवार उतारे फिर सात सांसदों सहित तीन केंद्रीय मंत्रियों को मैदान में उतारा और संदेश दिया कि हर सीट खास है, मगर तीसरी सूची तक मंत्रियों और मुख्यमंत्री का नाम नहीं आने पर लगा कि यहां भी गुजरात तो नहीं दोहराया जाएगा. इस आशंका में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने सभाओं में तीखा राग छेड़ा- चुनाव लडूं या नहीं, चला जाऊंगा तो बहुत याद आऊंगा, मैं कैसी सरकार चला रहा हूं वगैरह... इसका असर हुआ तीसरी सूची में, जो 57 नाम आए तो लगा कि मुख्यमंत्री की मर्जी के आगे आलाकमान ने समर्पण कर दिया और तकरीबन सारे विधायक और मंत्रियों को टिकट दे दिए गए.</p> <p style="text-align: justify;">शनिवार को आई सूची में फिर कुछ नयापन की उम्मीद थी मगर यहां भी ऐसा नहीं हुआ. बानवे प्रत्याशियों की तीसरी सूची में घर बैठ गए बुजुर्ग नेताओं के साथ कई बार पार्टी छोड़कर बाहर गए फिर लौटे लोगों पर पार्टी ने जी भरकर भरोसा बरसाया. नरेंद्र कुशवाहा और राकेश शुक्ला दो बार पार्टी से बाहर जा चुके हैं. जयंत मलैया, नागेंद्र सिंह, बालकिशन पाटीदार, माया सिंह, नारायण कुशवाहा, महेंद्र हार्डिया, दिलीप परिहार सत्तर-बहत्तर से पार के उम्रदराज नेता हैं. एक जानकार का कहना है कि शिवराज भाजपा महाराज भाजपा नहीं, ये डरी भाजपा की सूची है. जीतने के नाम पर सारे तय मानदंड को परे रख दिया गया.</p> <p style="text-align: justify;">कांग्रेस की शुक्रवार को आई सूची में कमलनाथ के सर्वे को ही सर्वेसर्वा मानने वालों की हवा निकाल दी गई. कांग्रेस की अठासी की सूची देखकर लगा कि कई सीटों पर पार्टी के पास चुनाव लड़ाने के लिए लोग ही नहीं है. जो हैं वो या तो इतने नए हैं कि उनकी कुछ पहचान ही इलाके मे नहीं है और पुराने हैं तो इतने पुराने हैं कि बीस साल पहले दिग्विजय मंत्रिमंडल के साथी रहे है. सुभाष सोजतिया, नरेंद्र नाहटा, राकेश चौधरी, राजकुमार पटेल और हुकुम सिंह कराडा दिग्गी राजा के साथी मंत्री रहे हैं. ये सब फिर चुनाव लड़ रहे हैं. कोई नयापन नहीं.</p> <p style="text-align: justify;">खैर अब इस चुनाव में प्रत्याशी ही महत्वपूर्ण होने जा रहे हैं. बीजेपी और कांग्रेस के नाम पर उम्मीदवारों को वोट कम मिलेंगे, ये इलाकों में घूमकर लौटने वाले बता रहे हैं. बीजेपी कांग्रेस के मुख्यमंत्री चेहरों पर किसी को कोई आकर्षण नहीं बचा है. फ्री की रेवड़ियां बांटने और आकाशी वायदे करने में दोनों पार्टियां एक दूसरे को पछाड़ रही हैं. इसलिए टिकट वितरण, उसके बाद टिकट विरोध और फिर प्रचार का दौर अब शुरू होने को है, मगर इतना साफ है कि इस बार का चुनाव पार्टी नहीं, प्रत्याशी के नाम पर होगा, इसलिए आलाकमान के दम पर वोट पाने का मंसूबा रखने वाले इस बार निराश होंगे. जीतेगा वही जिसे स्थानीय जनता चाहेगी. इसलिए बस अब तैयार हो जाइए मध्य प्रदेश के महासमर के लिए.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>(नोट- उपरोक्त दिए गए विचार लेखक के व्यक्तिगत विचार हैं. यह जरूरी नहीं है कि एबीपी न्यूज़ ग्रुप इससे सहमत हो. इस लेख से जुड़े सभी दावे या आपत्ति के लिए सिर्फ लेखक ही जिम्मेदार है.)</strong></p>

'10 सालों में आर्टिकल 370, GST, OROP, तीन तलाक जैसे कई लंबित काम हुए' :पीएम मोदी

<p style="text-align: justify;">प्रधानमंत्री <a title="नरेंद्र मोदी" href="https://www.abplive.com/topic/narendra-modi" data-type="interlinkingkeywords">नरेंद्र मोदी</a> ने शनिवार (21 अक्टूबर) को कहा कि उनकी सरकार ने पिछले दस साल में अनुच्छेद 370 को निरस्त करने, जीएसटी और &nbsp;OROP लागू करने, तीन तलाक पर प्रतिबंध लगाने और विधायिका में महिलाओं के लिए आरक्षण का प्रावधान करने सहित कई लंबित' कार्य किए हैं.</p> <p style="text-align: justify;">मध्य प्रदेश के ग्वालियर स्थित सिंधिया स्कूल के 125वें स्थापना दिवस पर पीएम ने कहा कि उन्होंने स्कूल पर एक स्मारक डाक टिकट भी जारी किया. पीएम मोदी ने कहा, "(करीब) दस साल के कार्यकाल में एक दीर्घकालिक दृष्टिकोण के तहत हमारी सरकार ने 60 साल से लंबित अनुच्छेद 370 को खत्म किया, पूर्व सैनिकों के लिए 40 साल से लंबित वन रैंक, वन पेंशन (ओआरओपी) और जीएसटी को लागू किया. उन्होंने कहा कि सरकार ने तीन तलाक पर प्रतिबंध लगाया और सालों से लंबित महिला आरक्षण पर कानून बनाया.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>'वंदे भारत और नमो भारत ट्रेन शुरू की'<br /></strong>प्रधानमंत्री ने स्वर्गीय माधवराव सिंधिया का उल्लेख करते हुए कहा कि जब वह रेल मंत्री थे, तब देश में शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेन शुरु की गई थी, लेकिन उसके बाद दशकों तक देश में कोई नई ट्रेन शुरु नहीं की गई. पर अब यह उनकी सरकार है, जिसने आधुनिक वंदे भारत और नमो भारत जैसी आधुनिक ट्रेनें शुरु की हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>पीएम ने छात्रों से अपील की<br /></strong>प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उनकी सरकार ने देश के युवाओं के लिए अंतरिक्ष क्षेत्र भी खोला है. मोदी ने सिंधिया स्कूल के छात्रों से एक गांव गोद लेने, स्वच्छता पर ध्यान देने, लोकल फॉर वोकल, किसानों के बीच प्राकृतिक खेती के लाभों के बारे में जागरूकता बढ़ाने, एक गरीब परिवार को गोद लेने, मोटे अनाज अथवा श्री अन्न का उपयोग करने और योग का अभ्यास करने जैसी चीजों का आह्वान किया.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>सलमान खान रह चुके हैं स्कूल के छात्र<br /></strong>उन्होंने कहा कि अभिनेता सलमान खान, गायक नितिन मुकेश और रेडियो उद्घोषक अमीन सयानी जैसी कुछ प्रसिद्ध हस्तियां इस स्कूल के पूर्व छात्र हैं. कार्यक्रम में नितिन मुकेश विशेष रूप से उपस्थित थे. कार्यक्रम को केंद्रीय मंत्री और स्कूल के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी संबोधित किया.</p> <p style="text-align: justify;">सिंधिया ने याद किया कि 1980 के दशक में जब देश में सूचना प्रौद्योगिकी की शुरुआत हुई थी, तो इसे पाठ्यक्रम में शामिल करने वाला सिंधिया स्कूल देश का पहला संस्थान था. इस अवसर पर मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगू भाई पटेल, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह (जो सिंधिया स्कूल के पूर्व छात्र हैं) भी मौजूद रहे.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें- <a title="'अधिकारी बुद्धिमान हैं, लेकिन वे विधायकों की तरह...'. जम्मू-कश्मीर में चुनाव कराने को लेकर और क्या बोले गुलाम नबी आजाद?" href="https://www.abplive.com/news/india/ghulam-nabi-azad-stating-that-situation-in-jammu-kashmir-currently-deemed-normal-assembly-elections-delay-matter-grave-concern-2519786" target="_self">'अधिकारी बुद्धिमान हैं, लेकिन वे विधायकों की तरह...'. जम्मू-कश्मीर में चुनाव कराने को लेकर और क्या बोले गुलाम नबी आजाद?</a></strong></p>

Friday, October 20, 2023

Gaganyaan Mission: अंतरिक्ष छूने को तैयार भारत का 'गगनयान मिशन', पहली टेस्ट फ्लाइट के लिए ISRO ने कसी कमर

<p style="text-align: justify;"><strong>Gaganyaan mission Updates:</strong> इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (ISRO) सुबह 8 बजे आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा में मौजूद सतीश धवन स्पेस सेंटर से गगनयान मिशन की पहली टेस्ट फ्लाइट करने वाला है. स्पेस एजेंसी के मुताबिक, पहली 'फ्लाइट टेस्ट व्हीकल एबोर्ट मिशन-1' (TV-D1) के जरिए 'क्रू एस्केप सिस्टम' (CES) का प्रदर्शन देखा जाएगा. इस टेस्ट फ्लाइट में सफलता का मतलब होगा कि अब इसरो आगे के मानवरहित मिशन और अन्य टेस्ट को अंजाम दे पाएगा. इस तरह पहले गगनयान मिशन की ओर कदम बढ़ाए जाएंगे.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">गगनयान मिशन का मकसद इंसानों को अंतरिक्ष में पृथ्वी की निचले ऑर्बिट तक भेजना है. पृथ्वी के सतह से इसकी दूरी 400 किमी है. इसम मिशन के जरिए भारत पहली बार इंसानों को अंतरिक्ष में भेजेगा और उन्हें सुरक्षित वापस लेकर आएगा. भारत का गगनयान मिशन 2025 में लॉन्च किया जाना है. इसे ध्यान में रखते हुए इन तैयारियों को किया जा रहा है, ताकि ये समझा जा सके कि जब इंसानों को अंतरिक्ष में भेजा जाए, तो किसी तरह की गड़बड़ी नहीं हो. इसे भारत के सबसे महत्वकांक्षी स्पेस प्रोजेक्ट में से एक माना जा रहा है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">भारत एस्ट्रोनोट्स को पृथ्वी के निचले ऑर्बिट तक पहुंचाने के लिए एलवीएम3 रॉकेट का इस्तेमाल करने वाला है. ये एक ऐसा रॉकेट है, जिसमें सॉलिड, लिक्विड और क्रायोजेनिक स्टेज शामिल हैं. इसरो सुबह से ही अपनी पहली टेस्ट फ्लाइट का लाइव प्रसारण शुरू कर देगा. इसरो का लाइव प्रसारण इसकी ऑफिशियल वेबसाइट, यूट्यूब और फेसबुक पेज पर देखा जा सकता है. राष्ट्रीय प्रसारक दूरदर्शन पर भी इसरो के इस मिशन का लाइव प्रसारण किया जाएगा. इसके अलावा आप एबीपी न्यूज और एबीपी हिंदी पर भी लाइव प्रसारण देख सकते हैं.</p> <p style="text-align: justify;">भारत ने पहले ही चंद्रयान-3 मिशन के जरिए चांद पर कदम रख दिया है. हाल ही में सूरज की ओर मिशन को भेजा गया. ऐसे में अब भारत स्पेस में धीरे-धीरे अपने कदम बढ़ाने लगा है. भारत का इरादा स्पेस स्टेशन बनाने का भी है.</p>

Weather Update Today: बढ़ने वाली है ठंड! अगले दो दिन ऐसा रहेगा दिल्ली का मौसम, केरल समेत इन राज्यों में बारिश का अलर्ट

<p style="text-align: justify;"><strong>Weather Update Today:</strong> देश के कई इलाकों में बारिश के बाद ठंड का आगाज हो चुका है. वहीं दक्षिण और नॉर्थईस्ट के राज्यों में अब भी बारिश हो रही है. मौसम विभाग ने राजधानी दिल्ली में अगले दो दिनों हल्की धुंध की संभावना जताई है. आईएमडी के मुताबिक, केरल में 23 और 24 अक्टूबर तो बारिश का अनुमान है तो वहीं मिजोरम, नागालैंड और मणिपुर में 24 अक्टूबर को बारिश की संभावना जताई गई है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली में शनिवार (21 अक्टूबर) को अधिकतम तापमान 31 डिग्री तो न्यूनतम तापमान 16 डिग्री रहने की संभावना है. इसके साथ ही आने वाले दिनों में पारा और नीचे गिरेगा. वहीं शुक्रवार को दिल्ली-एनसीआर का न्यूनतम तापमान सामान्य से दो डिग्री कम 16 डिग्री दर्ज किया है. वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) की बात करें तो शुक्रवार की सुबह एक्यूआई 260 दर्ज किया गया.</p> <p style="text-align: justify;">मालूम हो कि अगर एक्यूआई शून्य से 50 के बीच हो तो इसका मतलब एयर क्वालिटी अच्छी है, वहीं अगर 50 से 100 के बीच हो तो हम इसे संतोषजनक कह सकते हैं. इसके अलावा 101 से 200 के बीच मध्यम और 201 से 300 के बीच खराब श्रेणी में आता है. 301 से 400 के बीच स्थिति खराब मानी जाती है तो 401 से 500 के बीच एयर क्वालिटी का स्तर गंभीर माना जाता है.&nbsp;&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">इसके अलावा आज राजस्थान, हिमाचल प्रदेश पंजाब और हरियाणा में बारिश के साथ हवाएं चलने का अनुमान है, जिसके बाद ठंड बढ़ जाएगी.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें:-</strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="India Canada Row: राजनयिकों को लेकर विवाद पर कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो बोले, 'भारत लोगों का जीवन कठिन बना रहा है'" href="https://www.abplive.com/news/india/india-canada-diplomatic-row-canadian-pm-justin-trudeau-says-india-making-life-difficult-for-people-2519202" target="_blank" rel="noopener">India Canada Row: राजनयिकों को लेकर विवाद पर कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो बोले, 'भारत लोगों का जीवन कठिन बना रहा है'</a></strong></p>

Gaganyaan Mission: अंतर‍िक्ष की पहली उड़ान भरेगा 'गगनयान', काउंटडाउन जारी, आज होगी लॉन्चिंग

<p style="text-align: justify;"><strong>ISRO Gaganyaan Mission:</strong> भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने शुक्रवार (20 अक्&zwj;टूबर) को बताया कि भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष में भेजने के महत्वाकांक्षी मिशन की दिशा में आगे बढ़ते हुए एक मानव रहित उड़ान परीक्षण के लिए काउंटडाउन शुरू हो गया है. &nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">इसरो ने बताया कि 'क्रू मॉड्यूल' (जिसमें अंतरिक्ष यात्री सवार होंगे) और चालक बचाव प्रणाली से लैस एकल-चरण तरल प्रणोदन रॉकेट को शनिवार (21 अक्&zwj;टूबर) सुबह 8 बजे श्रीहरिकोटा अंतरिक्ष केंद्र के पहले प्रक्षेपण तल से रवाना किया जाएगा.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">परीक्षण यान मिशन का उद्देश्य अंततः गगनयान मिशन के तहत भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को पृथ्वी पर वापस लाने के लिए क्रू मॉड्यूल और चालक बचाव प्रणाली के सुरक्षा मानकों का अध्ययन करना है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>क्या है गगनयान मिशन का लक्ष्य?</strong><br />गगनयान मिशन का लक्ष्य 2025 में 3 दिवसीय मिशन के तहत मनुष्यों को 400 किलोमीटर की ऊंचाई पर पृथ्वी की निचली कक्षा में भेजना और उन्हें सुरक्षित रूप से पृथ्वी पर वापस लाना है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">इसरो शनिवार को अपने परीक्षण यान - प्रदर्शन (टीवी-डी1), एकल चरण तरल प्रणोदन रॉकेट के सफल प्रक्षेपण का प्रयास करेगा. इस क्रू मॉड्यूल के साथ परीक्षण यान मिशन समग्र गगनयान कार्यक्रम के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है क्योंकि शन&zwj;िवार को परीक्षण के लिए लगभग पूरी प्रणाली एकीकृत की गई है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">इसरो ने शुक्रवार को अपनी वेबसाइट पर जानकारी दी, ''21 अक्टूबर को सुबह 8 &nbsp;बजे टीवी-डी1- परीक्षण उड़ान को प्रक्षेपित करने के लिए उल्टी गिनती शुक्रवार शाम 7 बजे शुरू हो गई है.''&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>'पहला गगनयान कार्यक्रम शुरू होगा'</strong><br />इसरो ने बताया कि इस परीक्षण उड़ान की सफलता शेष परीक्षणों और मानवरहित मिशनों के लिए आधार तैयार करेगी, जिससे पहला गगनयान कार्यक्रम शुरू होगा.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">'क्रू मॉड्यूल' रॉकेट में पेलोड है और यह अंतरिक्ष यात्रियों के लिए अंतरिक्ष में पृथ्वी जैसे वातावरण के साथ रहने योग्य जगह है. इसमें एक दबावयुक्त धात्विक 'आंतरिक संरचना' और 'थर्मल सुरक्षा प्रणालियों' के साथ एक बिना दबाव वाली 'बाहरी संरचना' शामिल है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>'क्रू मॉड्यूल' में लगे स&zwj;िस्&zwj;टम के प्रदर्शन का होगा आकलन </strong><br />शनिवार को पहली परीक्षण उड़ान के दौरान 'क्रू मॉड्यूल' में लगी विभिन्न प्रणालियों के प्रदर्शन का आकलन करने के लिए डेटा प्राप्त किया जाएगा जिससे वैज्ञानिकों को यान के प्रदर्शन की जानकारी प्राप्त करने में मदद मिलेगी.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>17 किमी की ऊंचाई पर प्रक्षेपित होगा क्रू मॉड्यूल&nbsp;</strong><br />शनिवार को संपूर्ण परीक्षण उड़ान कार्यक्रम संक्षिप्त रहने की उम्मीद है क्योंकि 'टेस्ट व्हीकल एबॉर्ट मिशन' (टीवी-डी1) क्रू एस्केप सिस्टम (चालक बचाव प्रणाली) और क्रू मॉड्यूल को 17 किमी की ऊंचाई पर प्रक्षेपित करेगा, जिसके श्रीहरिकोटा से लगभग 10 किमी दूर समुद्र में सुरक्षित उतरने की उम्मीद है. बाद में बंगाल की खाड़ी से नौसेना के जर&zwj;िये इनको खोज निकाला जाएगा.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें: <a title="2025 में गगनयान प्रक्षेपण, 2040 तक चांद पर इंसान... 27 साल आगे का ISRO का क्या है प्लान" href="https://www.abplive.com/india-at-2047/pm-modi-reviews-gaganyaan-mission-and-outline-future-of-india-space-exploration-endeavours-2518269" target="_self">2025 में गगनयान प्रक्षेपण, 2040 तक चांद पर इंसान... 27 साल आगे का ISRO का क्या है प्लान</a></strong></p>

Thursday, October 19, 2023

महाराष्ट्र में 511 प्रमोद महाजन कौशल्य विकास केंद्रों का पीएम मोदी ने किया शुभारंभ, जानें किनको होगा फायदा

<p style="text-align: justify;"><strong>Grameen Kaushalya Vikas Kendras:</strong> प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार (19 अक्टूबर) को महाराष्ट्र में 511 प्रमोद महाजन ग्रामीण कौशल्य विकास केंद्रों का ऑनलाइन उद्घाटन किया. इन केंद्रों का नाम बीजेपी के दिवंगत नेता प्रमोद महाजन (Pramod Mahajan) के नाम पर रखा गया है. इन सेंटर्स की इतने बड़े स्तर पर शुरुआत करने का मकसद कुशल नौजवानों को तैयार करना है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">पीएम <a title="नरेंद्र मोदी" href="https://www.abplive.com/topic/narendra-modi" data-type="interlinkingkeywords">नरेंद्र मोदी</a> ने कहा कि आज दुनिया में कई देश ऐसे हैं जहां पर बुजुर्गों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. वहां पर ऐसे कुशल नौजवानों की जरूरत है. इस तरह के नौजवान अगर भारत तैयार करता है तो भारी संख्या में यह विदेश में भी काम करने के लिए जा सकते हैं. लेकिन उसके लिए उन्हें पहले स्किल ट्रेनिंग लेने की जरूरत है. महाराष्ट्र के यह ट्रेनिंग सेंटर इन नौजवानों को तैयार करने का काम करेंगे. आने वाले समय में सरकार को इनकी संख्या में बढ़ोतरी करने की जरूरत है. &nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>'अब तक 1.30 करोड़ युवाओं को मिल चुकी है कौशल विकास की ट्रेनिंग'&nbsp;</strong><br />पीएम मोदी का कहना है कि केंद्र में एनडीए सरकार के आने के बाद से स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम शुरू हुए हैं. करीब एक करोड़ 30 लाख युवाओं को स्किल डेवल्पमेंट की ट्रेनिंग दी जा चुकी है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>'नैचुरल फार्मिंग के लिए नई स्किल तैयार करने की जरूरत'&nbsp;</strong><br />प्रधानमंत्री ने कहा कि धरती को बचाने के लिए आज नैचुरल फार्मिंग की बेहद जरूरत है. इसके लिए हमें नई स्किल तैयार करने की जरूरत है ताकि प्राकृतिक खेती को बढ़ाया जा सके. इसके लिए कौशल विकास कारगर साबित होगा.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>'हर साल 50 हजार स्किल्ड युवाओं की फोर्स होगी तैयार'</strong><br />इस अवसर पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री <a title="एकनाथ शिंदे" href="https://www.abplive.com/topic/eknath-shinde" data-type="interlinkingkeywords">एकनाथ शिंदे</a> ने कहा कि यह स्किल डेवल्पमेंट सेंटर राज्य के नौजवानों के लिए मंदिर साबित होंगे. इससे हर साल लगभग 50 हजार कुशल नौजवान की फौज तैयार करेंगे. महाराष्ट्र के नए सेंटर प्रधानमंत्री की ओर से हाल में शुरू की पीएम विश्वकर्मा योजना को भी आगे बढ़ाने का काम करेंगे.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें:</strong> <a title="MP Election 2023: 'मुझे भरोसा है कि...', पीएम मोदी ने मध्य प्रदेश की जनता को लिखा पत्र" href="https://www.abplive.com/news/india/mp-election-2023-pm-narendra-modi-writes-a-letter-to-people-of-madhya-pradesh-2518109" target="_self">MP Election 2023: 'मुझे भरोसा है कि...', पीएम मोदी ने मध्य प्रदेश की जनता को लिखा पत्र</a></p>

कश्मीर की वादियों का ट्रेन में बैठे-बैठे उठा सकेंगे लुत्फ, घाटी में रेलवे ने पर्यटकों को दिया ये खास तोहफा

<p style="text-align: justify;"><strong>Budgam-Banihal train New Vistadome coach:</strong> कश्मीर के लोगों की 18 सालों तक सेवा करने के बाद उत्तर रेलवे ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों के लिए पहले से ही संचालित रेल नेटवर्क में एक नई और आकर्षक सुविधा जोड़ी है. कश्मीर में हर मौसम के लिए उपयुक्त ग्लास-सीलिंग एसी ट्रेन- विस्टाडोम कोच का गुरुवार (19 अक्टूबर) को शुभारंभ किया गया. इसके साथ ही स्थानीय लोगों और पर्यटकों को बनिहाल से बारामुला तक 135 किमी लंबे ट्रैक के साथ घाटी के सुंदर परिदृश्य का मनमोहक दृश्य दिखाई देगा.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">ट्रेन सभी मौसमों में सुचारू रूप से चलने में सक्षम होगी, चाहे सर्दी या गर्मी अधिक हो. इससे जम्मू-कश्मीर में पर्यटन को बढ़ावा देने में मदद मिल सकेगी. इसका शुभारंभ तीन राज्यों में नई रेलसेवाओं को लॉन्च करने के दौरान किया गया. केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने असम और त्रिपुरा में 4 ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई और कश्मीर में अत्याधुनिक नए विस्टाडोम कोच का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उद्घाटन किया.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा और त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा के अलावा श्रीनगर से संसद सदस्य डॉ. फारूक अब्दुल्ला भी इस अवसर पर मौजूद रहे.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>'360 डिग्री तक घूम सकता है विस्टाडोम कोच'</strong><br />विशेष रूप से तैयार किए गए विस्टाडोम कोच में डबल-वाइड रिक्लाइनिंग सीटें हैं जो पूरे 360 डिग्री तक घूम सकती हैं, जिससे यात्रियों को अपने आसपास का एक विस्तृत मनोरम दृश्य नजर आता है. इसके अतिरिक्त, इसमें कांच के गुंबद वाली छत, स्वचालित स्लाइडिंग दरवाजे, सामान रैक, मनोरंजन के लिए एलईडी स्क्रीन और जीपीएस-सक्षम सूचना प्रणाली शामिल हैं. &nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">मुख्य क्षेत्र प्रबंधक (सीएएम) कश्मीर, साकिब यूसुफ यातू ने कहा कि ट्रेन सप्ताह में 6 दिन चलेगी और सभी के लिए उपलब्ध होगी. ट्रेन टिकटों की दर 940 रुपये तय की गई है और यह दिन में दो बार चलेगी.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>'कोच में सफर करने वालों को गर्मी और सर्दी दोनों में मिलेगी राहत'</strong><br />उत्तर रेलवे ने कहा कि 40 सीटों वाले विस्टाडोम कोच बनिहाल से बडगाम और बारामूला स्टेशनों तक चलेंगे और एसी सर्दी और गर्मी दोनों में चालू रहेगा. &nbsp;कोचों का उत्पादन चेन्नई में इंटीग्रल कोच फैक्ट्री ने किया है जिसकी अनुमानित लागत करीब 4 करोड़ रुपये है. एयर कंडीशनिंग से लैस यह कोच घाटी में सर्दियों की कठोर ठंड और गर्मियों की चिलचिलाती गर्मी से निजात दिलाएगा.<br /><br /><strong>ट्रेन की सीटें हवाई जहाज की तरह 'ट्रे' के साथ सुसज्जित&nbsp;</strong><br />बता दें कि नॉर्दन रेलवे ने इस साल जुलाई में बडगाम से बारामूला तक ट्रायल रन सफलतापूर्वक पूरा किया था. इस ट्रेन की सीटें हवाई जहाज की तरह ट्रे के साथ सुसज्जित हैं, जिससे यात्री भोजन का आनंद भी आसानी से ले सकते हैं. वे यात्रा के दौरान भारतीय रेलवे के मेनू से हल्का भोजन भी ऑर्डर कर सकते हैं. &nbsp;<br />&nbsp;<br /><strong>'पिछले साल 1.88 करोड़ टूरिस्ट की मेजबानी की' &nbsp;</strong><br />जम्मू-कश्मीर के एलजी मनोज सिन्हा ने पीएम मोदी के प्रति आभार जताया. इससे कश्मीर में टूरिज्म बढ़ेगा. सिन्हा ने कहा कि पिछले साल 1.88 करोड़ पर्यटकों की मेजबानी की. अब इस विस्टाडोम ट्रेन के साथ पर्यटकों को कश्मीर की खूबसूरती का और अच्छे से अवलोकन करने का मौका मिलेगा.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>'जम्मू-कश्मीर की विकास यात्रा का हिस्सा बन रहे युवा'</strong><br />एलजी ने कहा कि नई ट्रेन न केवल यात्रियों को बडगाम से बनिहाल तक पहुंचाएगी, बल्कि बडगाम, काजीगुंड और बनिहाल प्वाइंट्स पर युवाओं को आजीविका के अवसर भी प्रदान करेगी. घाटी में शांति बनी है. अब युवाओं ने अपनी मानसिकता बदल ली है और जम्मू-कश्मीर की विकास यात्रा का हिस्सा बन रहे हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>'कश्मीर घाटी देश के बाकी हिस्सों से जुड़ेगी, अंतिम चरण में रेल लिंक का काम'&nbsp;</strong><br />कश्मीर घाटी को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाले रेल लिंक पर काम अंतिम चरण में है. वह दिन दूर नहीं जब ट्रेन कश्मीर को कन्याकुमारी से जोड़ेगी. विस्टाडोम कोच की शुरुआत जम्मू-कश्मीर की विकासात्मक यात्रा की दिशा में एक और कदम है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें:</strong> <a title="आरामदायक से लेकर डिजाइन तक... वंदे भारत ट्रेन की स्लीपर क्लास देख आप भी कहेंगे Wow" href="https://www.abplive.com/news/india/vande-bharat-sleeper-train-from-comfort-to-design-you-will-say-wow-after-seeing-sleeper-class-of-vande-bharat-2514345" target="_self">आरामदायक से लेकर डिजाइन तक... वंदे भारत ट्रेन की स्लीपर क्लास देख आप भी कहेंगे Wow</a><br />&nbsp;</p>

तेलंगाना को मिला नया राज्यपाल, बीजेपी के वरिष्ठ नेता शिव प्रताप शुक्ल को दी गई जिम्मेदारी

<p style="text-align: justify;">तेलंगाना में राज्यपाल पद को लेकर अहम प्रशासनिक बदलाव किया गया है. केंद्र सरकार ने बीजेपी के ...