Monday, July 31, 2023
Shraddha Murder Case: अदालत में गवाही के दौरान श्रद्धा के पिता ने किया बड़ा खुलासा, कहा- आफताब ने बताया था कि कैसे...
<p style="text-align: justify;"><strong>Shraddha Walkar Murder Case: </strong>श्रद्धा वाल्कर हत्याकांड के मुख्य आरोपी आफताब अमीन पूनावाला ने पीड़िता के पिता को इस बात की जानकारी दी थी कि उसने ‘अपने हाथों’ से उनकी बेटी का ‘गला घोंटा’ था. पीड़िता के पिता ने सोमवार (31 जुलाई) को दिल्ली की एक अदालत में गवाही के दौरान इसकी जानकारी दी. अदालत सनसनीखेज हत्या मामले में गवाहों के बयान दर्ज कर रही है.</p>
<p style="text-align: justify;">श्रद्धा के पिता ने पूनावाला के बयान के बारे में भी गवाही दी कि पीड़िता का गला घोंटने के बाद, उसने एक आरी खरीदी और उसकी कलाई काट दी और उसे कूड़े के थैले में डाल दिया.</p>
<p style="text-align: justify;">आरोपी पूनावाला (28) के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाली श्रद्धा की कथित तौर पर पिछले साल 18 मई को गला घोंटकर हत्या कर दी गई थी. आरोपी ने कथित तौर पर श्रद्धा के शरीर के टुकड़े-टुकड़े कर दिए, शरीर के उन हिस्सों को उसने फ्रिज में रखा और पुलिस और जनता को चकमा देने के लिए कई दिनों तक उन टुकड़ों को राजधानी दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में फेंक दिया. बाद में शरीर के कई हिस्से आरोपी के घर के पास एक जंगल से पाए गए थे.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>अदालत में श्रद्धा के पिता ने दी ये गवाही</strong></p>
<p style="text-align: justify;">अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश मनीषा खुराना कक्कड़ के समक्ष सरकारी वकील द्वारा अभियोजन गवाह के रूप में पूछताछ में विकास मदन वाल्कर ने गवाही दी कि वह 11 नवंबर, 2022 को महरौली पुलिस स्टेशन गए थे, जहां उनसे पुलिस अधिकारियों ने पूछा था कि क्या वह पूनावाला को पहचानते हैं.</p>
<p style="text-align: justify;">विकास वाल्कर ने बताया, ‘‘मैने सकारात्मक जवाब दिया और कहा कि यह पूनावाला है, जो मेरी बेटी के साथ पिछले तीन साल से रह रहा है. मैंने पुलिस को यह भी बताया कि उसने कई बार मेरी बेटी के साथ झगड़ा किया और उसकी पिटाई की.</p>
<p style="text-align: justify;">उन्होंने पुलिस स्टेशन में बताया, उन्होंने अधिकारियों को 20 मई (हत्या के दो दिन बाद) को श्रद्धा के खाते से राशि के ट्रांसफर के बारे में पूनावाला से पूछताछ करते देखा. उन्होंने कहा कि पूनावाला ने हैरान होते हुए कहा कि ऐसा कुछ भी नहीं हुआ है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>'जब मैंने पूछा कि मेरी बेटी कहां है'</strong></p>
<p style="text-align: justify;">विकास वाल्कर ने कहा, ‘‘जब मैंने पूनावाला से पूछा कि मेरी बेटी कहां है, तो उसने कहा कि वह अब नहीं रही....’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं सदमे में था और मुझे चक्कर आने लगे. कुछ देर बाद जब मुझे होश आया तो पूनावाला ने खुलासा करना शुरू कर दिया कि उसने मेरी बेटी की कैसे हत्या की.’’</p>
<p style="text-align: justify;">उसने मुझे बताया, ‘‘18 मई, 2022 को उसके छतरपुर आवास पर मेरी बेटी के साथ उसका झगड़ा हुआ था और उसने मुझे बताया कि उसने अपने हाथों से श्रद्धा का गला घोंट दिया था.’’</p>
<p style="text-align: justify;">पीड़िता के पिता ने बताया कि पूनावाला ने उन्हें यह भी बताया कि श्रद्धा की हत्या करने के बाद उसने एक हार्डवेयर स्टोर से एक 'आरी', दो अतिरिक्त ब्लेड और एक हथौड़ा आदि खरीदा. उसने उसकी दोनों कलाई काट दी और उन्हें एक पॉलिथीन या कचरा बैग में डाल दिया.</p>
<p style="text-align: justify;">विकास ने जनवरी 2020 में पत्नी की मृत्यु के बाद पहली बार पूनावाला से मिलने के बारे में भी बताया, जब श्रद्धा आरोपी को मुंबई में अपने पिता के घर ले आई थी.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>पीड़िता के पिता से जारी रहेगी पूछताछ</strong></p>
<p style="text-align: justify;">जब परिवार ने 2019 में पूनावाला के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रहने के श्रद्धा के फैसले का विरोध किया तो पीड़िता ने कहा, 25 वर्षीय महिला होने के नाते वह अपने फैसले खुद लेने में सक्षम है और उसके पिता यह मान सकते हैं कि अब से वह उनकी बेटी नहीं रहेगी. पीड़िता के पिता से पूछताछ पांच अगस्त को भी जारी रहेगी.</p>
<p style="text-align: justify;">आपराध प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) के अनुसार, अभियोजन पक्ष के मामले के समर्थन में सरकारी अभियोजक की ओर से गवाहों की जांच की जाती है और इसके बाद बचाव पक्ष के वकील गवाहों से जिरह करते हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें- <a title="...इसके बाद भी नीतीश कुमार को सीएम बनाया', NDA के सांसदों के साथ बैठक में बोले पीएम मोदी, विपक्षी INDIA को लेकर भी बयान" href="https://www.abplive.com/news/india/lok-sabha-elections-2024-pm-modi-hold-meeting-with-nda-mp-attack-on-opposition-alliance-india-2464296" target="_blank" rel="noopener">'...इसके बाद भी नीतीश कुमार को सीएम बनाया', NDA के सांसदों के साथ बैठक में बोले पीएम मोदी, विपक्षी INDIA को लेकर भी बयान</a></strong></p>
Cross-Border Marriage: सरहद पार एक और प्यार! टूरिस्ट वीजा पर भारत आई लड़की ने फेसबुक फ्रेंड से कर ली शादी
<p style="text-align: justify;"><strong>Sri Lankan Girl Married Indian Boy:</strong> सरहद पार प्यार और शादी का एक और मामला सामने आया है. टूरिस्ट वीजा पर श्रीलंका से भारत आई एक लड़की ने हाल में आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले में रहने वाले एक लड़के शादी कर ली. न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, पुलिस ने सोमवार (31 जुलाई) को बताया कि कपल फेसबुक से संपर्क में आया था, दोनों में प्यार हुआ और फिर उन्होंने शादी कर ली.</p>
<p style="text-align: justify;">पुलिस के मुताबिक, 14 जुलाई को भारत आई विकनेश्वरी शिवकुमारा नाम की 25 वर्षीय लड़की ने 15 जुलाई को डी लकसमानुडु नाम के 24 वर्षीय लड़के से शादी कर ली. विकनेश्वरी शिवकुमारा श्रीलंकाई नागरिक है, जबकि लकसामनुडु चित्तूर जिले के अरिमाकुला पल्ली गांव का रहने वाला है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>आधार कार्ड बनवाने की कोशिश करने पर सामने आया मामला</strong></p>
<p style="text-align: justify;">एक स्थानीय पुलिस अधिकारी ने बताया कि शिवकुमारा और लकसमानुडु की शादी वेंकटगिरिकोटा गांव के साईं बाबा मंदिर में हुई. चित्तूर के पुलिस अधीक्षक वाई रिशांत रेड्डी ने बताया कि शादी के बाद एक स्थानीय नामांकन केंद्र में जब शिवकुमारा के आधार कार्ड के आवेदन की कोशिश गई तो अधिकारियों को संदेह हुआ. उन्होंने पुलिस को सूचना दी.</p>
<p style="text-align: justify;">पुलिस अधिकारी ने बताया कि शिवकुमारा 30 दिन के पर्यटक वीजा पर भारत आई थी लेकिन भारत में रहने की योजना बना रही थी. इसके बाद पुलिस श्रीलंकाई युवती को नोटिस जारी कर कहा कि भारत में रहने के लिए उसे एक साल का वीजा हासिल करना होगा या पर्यटक वीजा समाप्त होने के बाद वापस आना होगा.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>कोशिश करने पर नहीं मिला लंबा वीजा </strong></p>
<p style="text-align: justify;">पुलिस अधिकारी ने बताया कि बाद में श्रीलंकाई युवती ने अपनी शादी के आधार पर लंबे वीजा के लिए विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (FRRO) में आवेदन किया. इसके लिए विवाह प्रमाण पत्र सब्मिट किया गया लेकिन शिवकुमारा को एक साल का वीजा देने से इनकार कर दिया गया.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>15 अगस्त तक ही भारत में रह सकती है लड़की</strong></p>
<p style="text-align: justify;">पुलिस अधीक्षक रेड्डी ने कहा कि 15 अगस्त को युवती का पर्यटक वीजा समाप्त होने पर उसे श्रीलंका लौटना होगा और उसके बाद वह वापस भारत की यात्रा कर सकती है. शिवकुमारा के पासपोर्ट में उसके पेशे का जिक्र हाउस मेड के तौर पर किया गया है. वह अपने परिवार को टूर पर जाने की बात कहकर आई थी.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें- <a title="आंध्र प्रदेश के अनकापल्ली में पार्षद ने खुद को मारी चप्पल, आखिर क्या है वजह?" href="https://www.abplive.com/news/india/andhra-pradesh-councillor-ramaraju-beats-himself-with-slippers-for-unable-to-resolve-issues-of-voters-2464279" target="_blank" rel="noopener">आंध्र प्रदेश के अनकापल्ली में पार्षद ने खुद को मारी चप्पल, आखिर क्या है वजह?</a></strong></p>
आंध्र प्रदेश के अनकापल्ली में पार्षद ने खुद को मारी चप्पल, आखिर क्या है वजह?
<p style="text-align: justify;"><strong>Andhra Pradesh Councillor Slaps Himself:</strong> आंध्र प्रदेश के अनाकापल्ली (Anakapalli) जिले के एक पार्षद ने अपने मतदाताओं से किए वादों को पूरा करने में विफल रहने पर सोमवार (31 जुलाई) को खुद को चप्पल मारी.</p>
<p style="text-align: justify;">नरसीपट्टनम नगर पालिका वार्ड 20 के पार्षद मुलापर्थी रामाराजू ने परिषद की बैठक के दौरान अपनी हताशा व्यक्त की और इसी दौरान उन्होंने खुद को चप्पल से मारा. इस घटनाक्रम वीडियो वायरल हो रहा है.</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="te">తెలుగుదేశం పార్టీ తరపున గెలిచిన లింగాపురం గ్రామ గిరిజన ప్రజాప్రతినిధి ఆయన. పదవిలో ఉండి కూడా 30 నెలలుగా గ్రామంలో ఒక్క కుళాయి కూడా వేయించలేకపోయానని... దీనికంటే చచ్చిపోవడం నయమని కౌన్సిలర్ల సమావేశంలో కన్నీరు పెట్టుకుని, చెప్పుతో కొట్టుకున్నారాయన.<a href="https://twitter.com/hashtag/AndhraPradesh?src=hash&ref_src=twsrc%5Etfw">#AndhraPradesh</a> <a href="https://twitter.com/hashtag/NalugellaNarakam?src=hash&ref_src=twsrc%5Etfw">#NalugellaNarakam</a>… <a href="https://t.co/u6k4E5KXZy">pic.twitter.com/u6k4E5KXZy</a></p>
— Telugu Desam Party (@JaiTDP) <a href="https://twitter.com/JaiTDP/status/1685933496320356352?ref_src=twsrc%5Etfw">July 31, 2023</a></blockquote>
<p style="text-align: justify;">
<script src="https://platform.twitter.com/widgets.js" async="" charset="utf-8"></script>
</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>खुद को चप्पल से मारने वाले पार्षद ने कही ये बात </strong></p>
<p style="text-align: justify;">रामाराजू ने खुद को चप्पल मारने का कारण बताते हुए पीटीआई से कहा, ''मुझे पार्षद चुने हुए 31 महीने हो गए हैं, लेकिन मैं अपने वार्ड में जल निकासी, बिजली, साफ सफाई, सड़क और अन्य समस्याओं जैसे नागरिक मुद्दों को हल करने में असमर्थ हूं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ऑटो रिक्शा चलाकर करते हैं गुजारा</strong></p>
<p style="text-align: justify;">ऑटो रिक्शा चलाकर जीवन यापन करने वाले 40 वर्षीय पार्षद ने कहा कि उन्होंने सभी तरीके आजमाए लेकिन मतदाताओं से किए गए वादे पूरे नहीं कर सके. उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय नगर निगम अधिकारियों ने वार्ड 20 की पूरी तरह अनदेखी की, जिस वजह से वह अपने किसी भी मतदाता को पानी का कनेक्शन तक नहीं दिला सके.</p>
<p style="text-align: justify;">रामाराजू ने कहा कि वादों को पूरा न कर पाने के कारण परिषद की बैठक में मर जाना बेहतर था क्योंकि उनके मतदाता उनसे अधूरे कार्यों को पूरा करने की मांग कर रहे थे. स्थानीय निकाय चुनावों के दौरान पार्षद को टीडीपी का समर्थन प्राप्त था. मुलापर्थी रामाराजू ने वार्ड 20 जीता था, जिसके अंतर्गत उनका पैतृक गांव लिंगापुरम आता है. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें- <a title="Haryana: हरियाणा के नूंह में शोभायात्रा के दौरान बवाल, एक होमगार्ड की हत्या, इंटरनेट बंद, धारा 144 लागू" href="https://www.abplive.com/states/punjab/clash-between-two-groups-in-nuh-district-of-haryana-police-present-2464039" target="_blank" rel="noopener">Haryana: हरियाणा के नूंह में शोभायात्रा के दौरान बवाल, एक होमगार्ड की हत्या, इंटरनेट बंद, धारा 144 लागू</a></strong></p>
Sunday, July 30, 2023
Monsoon Session: संसद में आज पेश हो सकता है दिल्ली सेवा बिल, 'INDIA' के सांसद बनाएंगे रणनीति, फिर बवाल के आसार
<p style="text-align: justify;"><strong>Parliament Monsoon Session 2023:</strong> 20 जुलाई से शुरू हुए मानसून सत्र के दौरान अब तक संसद का काफी समय हंगामे की भेंट चढ़ चुका है. अब सबकी नजरें सोमवार (31 जुलाई) को होने वाली सदन की कार्यवाही पर हैं. मानसून सत्र में अब तक दो मुद्दे सबसे ज्यादा छाए रहे हैं. पहला मणिपुर हिंसा के मुद्दे पर दोनों सदनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान की मांग और दूसरा दिल्ली अध्यादेश की जगह लाया जाने वाला विधेयक. </p>
<p style="text-align: justify;">पीएम मोदी के बयान की मांग पर अड़े विपक्षी गठबंधन की ओर से संसद में अविश्वास प्रस्ताव भी पेश किया गया है, जिस पर चर्चा और वोटिंग होना बाकी है. माना जा रहा है कि दिल्ली के अधिकारियों के ट्रांसफर और पोस्टिंग से संबंधित दिल्ली सेवा बिल सोमवार को लोकसभा में पेश किया जा सकता है, क्योंकि लोकसभा सांसदों को इसे सर्कुलेट किया गया है. इस बिल का नाम 'राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली क्षेत्र सरकार (संशोधन) विधेयक' है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>दिल्ली अध्यादेश की जगह लाए जाने वाले बिल पर निगाहें</strong></p>
<p style="text-align: justify;">दिल्ली सरकार के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल कई दिनों से विपक्षी दलों से इस बिल के विरोध में समर्थन जुटा रहे हैं. विपक्षी दलों के गठबंधन INDIA की दूसरी बैठक में आम आदमी पार्टी इसी शर्त पर शामिल हुई थी कि पहले कांग्रेस अध्यादेश वाले मुद्दे पर उसका समर्थन करे. कई विपक्षी दलों ने केजरीवाल को समर्थन करने की बात कही है.</p>
<p style="text-align: justify;">28 जुलाई को केंद्रीय विधि मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने जानकारी दी थी कि दिल्ली में समूह-ए के अधिकारियों के स्थानांतरण और पदस्थापना के लिए एक प्राधिकार के गठन के लिहाज से लाए गए अध्यादेश की जगह लेने वाले विधेयक को अगले सप्ताह लोकसभा में लाया जाएगा.</p>
<p style="text-align: justify;">केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में 25 जुलाई को ‘राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली क्षेत्र सरकार (संशोधन) विधेयक’ को मंजूरी दी गई थी. यह 19 मई को केंद्र की ओर से लाए गए अध्यादेश की जगह लेने के लिए पेश किया जाएगा.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>विपक्ष के नेता के चेंबर में INDIA गुट के नेताओं की होगी बैठक</strong></p>
<p style="text-align: justify;">न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, सोमवार को सदन के पटल पर अपनी रणनीति के बारे में चर्चा करने के लिए विपक्षी गठबंधन INDIA के नेता सुबह साढ़े नौ बजे विपक्ष के नेता यानी मल्लिकार्जुन खरगे के चेंबर में एक बैठक करेंगे. </p>
<p style="text-align: justify;">इस बैठक में हिंसा प्रभावित मणिपुर का दो दिवसीय दौरा करके आ चुके विपक्षी दलों के प्रतिनिधिमंडल में शामिल रहे नेता अपने गठबंधन साथियों को यात्रा की जानकारी देंगे.</p>
<p style="text-align: justify;">विपक्षी दल मानसून सत्र की शुरुआत से ही मणिपुर के मुद्दे पर चर्चा की मांग कर रहे हैं. वे प्रधानमंत्री <a title="नरेंद्र मोदी" href="https://www.abplive.com/topic/narendra-modi" data-type="interlinkingkeywords">नरेंद्र मोदी</a> से चर्चा और जवाब की मांग कर रहे हैं. वहीं, बीजेपी का कहना है कि वह चर्चा के लिए तैयार है लेकिन विपक्षी दल ही इससे किनारा कर रहे हैं. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong><strong>'...व्यवधान नहीं होना चाहिए', </strong>सत्र से पहले बोले लोकसभा अध्यक्ष </strong></p>
<p style="text-align: justify;">इस बीच संसद सत्र से पहले रविवार (30 जुलाई) को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि हर गंभीर मुद्दे पर राज्य विधानसभाओं और संसद में चर्चा होनी चाहिए, लेकिन कोई व्यवधान नहीं होना चाहिए, क्योंकि लोगों को 'लोकतंत्र के इन मंदिरों' से बहुत उम्मीदें हैं.</p>
<p style="text-align: justify;">लोकसभा अध्यक्ष की यह टिप्पणी मणिपुर हिंसा को लेकर संसद में जारी गतिरोध की पृष्ठभूमि में आई है. रविवार को गुवाहाटी में असम विधानसभा के नए भवन का उद्घाटन करने के बाद पूर्वोत्तर राज्यों के विधायकों, सांसदों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों को संबोधित करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ने कहा विभिन्न मुद्दों पर सहमति और असहमति भारत के लोकतंत्र की विशेषता है.</p>
<p style="text-align: justify;">उन्होंने कहा, ''लोकतंत्र के मंदिर में हर गंभीर मुद्दे पर बहस, चर्चा, संवाद और बातचीत होनी चाहिए लेकिन राज्य विधानसभाओं और लोकसभा में कोई व्यवधान या गतिरोध नहीं होना चाहिए. लोगों को राज्य विधानसभाओं और लोकसभा से बहुत सारी उम्मीदें हैं. लोग आपको बहुत उम्मीदों के साथ यहां भेजते हैं.''</p>
<p style="text-align: justify;">(इनपुट भाषा से भी)</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें- <a title="Lok Sabha Elections: मिशन 2024 के लिए NDA सांसदों की पहली बैठक आज, PM मोदी देंगे जीत का मंत्र" href="https://www.abplive.com/news/india/lok-sabha-elections-2024-pm-narendra-modi-to-address-nda-mps-meetings-amit-shah-jp-nadda-including-many-leaders-to-take-part-2463653" target="_blank" rel="noopener">Lok Sabha Elections: मिशन 2024 के लिए NDA सांसदों की पहली बैठक आज, PM मोदी देंगे जीत का मंत्र</a></strong></p>
'लोकतंत्र के इन मंदिरों से लोगों को हैं बहुत उम्मीदें', ओम बिरला ने असम विधानसभा के नए भवन का उद्घाटन पर दिया संदेश
<p style="text-align: justify;"><strong>Om Birla In Assam Assembly:</strong> लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने रविवार (30 जुलाई ) को कहा कि हर गंभीर मुद्दे पर राज्य विधानसभाओं और संसद में चर्चा होनी चाहिए लेकिन कोई व्यवधान नहीं होना चाहिए क्योंकि लोगों को ‘‘लोकतंत्र के इन मंदिरों’’ से बहुत उम्मीदें हैं.</p>
<p style="text-align: justify;">बिरला की टिप्पणी मणिपुर हिंसा को लेकर संसद में जारी गतिरोध को लेकर आई है.लोकसभा अध्यक्ष यहां असम विधानसभा के नए भवन का उद्घाटन करने के बाद पूर्वोत्तर राज्यों के विधायकों, सांसदों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों को संबोधित कर रहे थे.</p>
<p style="text-align: justify;">ओम बिरला ने कहा कि विभिन्न मुद्दों पर सहमति और असहमति भारत के लोकतंत्र की विशेषता है. ‘‘लोकतंत्र के मंदिर में हर गंभीर मुद्दे पर बहस, चर्चा, संवाद और बातचीत होनी चाहिए, लेकिन राज्य विधानसभाओं और लोकसभा में कोई व्यवधान या गतिरोध नहीं होना चाहिए.’’ उन्होंने कहा, ‘‘लोगों को राज्य विधानसभाओं और लोकसभा से बहुत सारी उम्मीदें हैं. लोग आपको बहुत उम्मीदों के साथ यहां भेजते हैं.’’<br /> <br /><strong>विधानसभाएं है पवित्र स्थान </strong><br />बिरला ने कहा कि सदन में विधेयकों सहित हर मुद्दे पर गहन चर्चा और बहस लोगों के सर्वोत्तम हित में बेहतर परिणाम ला सकती है. लोकसभा अध्यक्ष ने असम के नए विधानसभा भवन को ‘‘ऐतिहासिक' बताया और कहा कि यह राज्य विधानमंडल की ‘‘नयी यात्रा’’ का एक सशक्त माध्यम बनेगा.</p>
<p style="text-align: justify;">उन्होंने कहा कि विधानसभाएं सिर्फ इमारतें नहीं हैं बल्कि विधायकों के लिए सामाजिक कल्याण के वास्ते काम करने और समाज के अंतिम व्यक्ति के जीवन में बदलाव लाने का एक पवित्र स्थान है. उन्होंने कहा, ‘‘हमें लोगों की उम्मीदों और सपनों को पूरा करना होगा और नए रिकॉर्ड बनाने होंगे.’’ </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>इमारत ने कई परिवर्तनकारी देखे हैं कानून</strong><br />बिरला ने कहा कि भारत ने अब तक जो प्रगति की है, वह उसे मजबूत और जीवंत लोकतंत्र के कारण है. उन्होंने कहा, ‘‘हम आज कह सकते हैं कि भारत ने लोकतंत्र और जनसांख्यिकी दोनों ही दृष्टि से प्रगति की है.’’</p>
<p style="text-align: justify;">उन्होंने कहा कि नया भवन लोगों की आकांक्षाओं और कल्याण का प्रतीक है. उन्होंने लोकतंत्र को मजबूत करने में असम के पहले मुख्यमंत्री गोपीनाथ बोरदोलोई और राज्य के अन्य नेताओं के योगदान को याद किया. उन्होंने कहा, ‘‘हमें उनके अपार योगदान के लिए आभारी होना चाहिए और उनके जीवन और कार्यों से प्रेरणा लेनी चाहिए.’’</p>
<p style="text-align: justify;">असम में लोकतांत्रिक प्रक्रिया के इतिहास का जिक्र करते हुए बिरला ने कहा कि पुरानी इमारत राज्य की लोकतांत्रिक यात्रा की गवाह के रूप में खड़ी है. उन्होंने कहा कि देश की आजादी के बाद से 75 वर्षों में, इमारत ने कई परिवर्तनकारी कानून देखे हैं जो चर्चा और संवाद का परिणाम थे. दिल्ली में संसद के नए भवन से तुलना करते हुए बिरला ने कहा कि असम विधान भवन न केवल ‘आत्मनिर्भर भारत’ का प्रतीक है, बल्कि आत्मनिर्भर असम का प्रतीक भी है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें- <a title="Udupi Video Case: 'सिद्धारमैया सरकार आते ही एक्टिव हुआ टुकड़े-टुकड़े गैंग', बीजेपी नेता ने क्यों कही ये बात?" href="https://www.abplive.com/news/india/bjp-leader-ct-ravi-over-udupi-video-case-says-after-karnataka-govt-came-tukde-tukde-gangs-active-2463599" target="_blank" rel="noopener">Udupi Video Case: 'सिद्धारमैया सरकार आते ही एक्टिव हुआ टुकड़े-टुकड़े गैंग', बीजेपी नेता ने क्यों कही ये बात?</a> </strong></p>
Friday, July 28, 2023
बिहार: कटिहार में पुलिस फायरिंग पर पूर्व सांसद अली अनवर बोले, 'प्रशासन को संयम रखना था, निष्पक्ष जांच हो'
<p style="text-align: justify;"><strong>Katihar Police Firing:</strong> बिहार के कटिहार में पुलिस फायरिंग की घटना को लेकर पूर्व राज्यसभा सांसद अली अनवर ने कहा है कि प्रशासन को संयम रखना चाहिए था. इसी के साथ उन्होंने कहा कि सरकार को मामले की निष्पक्ष जांच करानी चाहिए.</p>
<p style="text-align: justify;">एबीपी लाइव के साथ बातचीत में पूर्व सांसद ने कहा, ''पुलिस फायरिंग जो हुई और दो लोग मारे गए हैं, इसको तो किसी तरह से भी उचित नहीं ठहराया जा सकता है. पुलिस को संयम से काम लेना चाहिए था.''</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>'ये पंचायतों के जनप्रतिनिधि थे'</strong></p>
<p style="text-align: justify;">अली अनवर ने कहा, ''जैसे एसपी, डीएम का कहना है कि लोगों ने बंधक बना लिया था अधिकारियों को, तोड़फोड़ कर रहे थे कार्यालय में घुसकर, ये भी देखना चाहिए कि तमाम लोग जो बैठे, ये जनप्रतिनिधि थे, पंचायतों के जो प्रतिनिधि होते हैं... 36 या कितने पंचायतों के लोग बिजली कटौती को लेकर (प्रदर्शन) कर रहे थे.''</p>
<p style="text-align: justify;">उन्होंने कहा, ''अभी कितनी गर्मी है... बारिश नहीं हो रही है, ऐसे में लोग आक्रोशित हो जाते हैं, आम जनता है, कई तरह की परेशानी हैं... पुलिस को गोली चलाने पर पैर के नीचे गोली चलानी चाहिए.''</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>'ऐसी कोई घटना तो रिपोर्ट नहीं हुई है कि...'</strong></p>
<p style="text-align: justify;">पूर्व सांसद ने कहा, ''ये (प्रशासन) कह रहे हैं कि लाठीचार्ज करने और तितर-बितर करने की कोशिश की गई, कई बार ऐसा होता है लेकिन उधर से कोई पत्थरबाजी या गोली चलाने की स्थिति तो थी नहीं. ये भी होता है कि कई प्रदर्शन में कई असामाजिक तत्व घुस जाते हैं और पुलिस पर भी फायरिंग करने लगते हैं तो ऐसी तरह की कोई घटना तो रिपोर्ट नहीं हुई है कि पुलिस पर किसी ने बम फेंका है या पुलिस पर पत्थर फेंका है या किसी को जलाने की कोशिश की है.''</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>सरकार को इसमें जांच करनी चाहिए- अली अनवर</strong></p>
<p style="text-align: justify;">उन्होंने कहा, ''मान लीजिए पुलिस तो अपना दामन बचाने के लिए नमक-मिर्च मिलाकर भी कह सकती है तो इसलिए मैं समझता हूं कि सरकार को इसमें जांच करनी चाहिए और देखना चाहिए कि एडमिनिस्ट्रेशन, पुलिस प्रशासन के साइड से क्या है.'' उन्होंने कहा कि मान लीजिए कि पहले से जाहिर है कि बिजली कटौती चल रही थी तो धरना प्रदर्शन करने के लिए लोग आ गए, तो उसकी सूचना होगी. तो पहले से सुरक्षा का इंतजाम किया जा सकता था. बैरिकेड लगाया जा सकता था, और भी इंतजाम किया जा सकता था बातचीत से.''</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>26 जुलाई को हुई थी घटना</strong></p>
<p style="text-align: justify;">बता दें कि बुधवार (26 जुलाई) को कटिहार जिले में बारसोई थाने के अंतर्गत बिजली विभाग के पास बेहतर बिजली की मांग को लेकर भारी संख्या में लोग प्रदर्शन करने पहुंचे थे. पुलिस के मुताबिक, उग्र भीड़ को देखते हुए बिजली कर्मियों की जान बचाने और आत्मरक्षा में नियंत्रित और सीमित फायरिंग की गई. </p>
<p style="text-align: justify;">घटना में दो लोगों की गोली लगने से मौत हो गई. हालांकि, अधिकारियों ने शुक्रवार (28 जुलाई) को दावा किया की पुलिस की गोली से दोनों की जान नहीं गई है, बल्कि उन्हें किसी अज्ञात ने गोली मारी थी.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें- <a title="Manipur Violence: आज मणिपुर जाएंगे विपक्षी गठबंधन INDIA के नेता, पुलिस ने बर्बरता की शिकार दोनों महिलाओं से की बात | बड़ी बातें" href="https://www.abplive.com/news/india/parliament-monsoon-session-rajya-sabha-lok-sabha-adjourned-opposition-alliance-india-congress-visit-manipur-bjp-piyush-goyal-ravi-shankar-prasad-reacts-on-no-confidence-motion-2462518" target="_blank" rel="noopener">Manipur Violence: आज मणिपुर जाएंगे विपक्षी गठबंधन INDIA के नेता, पुलिस ने बर्बरता की शिकार दोनों महिलाओं से की बात | बड़ी बातें</a></strong></p>
Jammu Kashmir: जम्मू-कश्मीर विधानसभा में 2 सीटें आरक्षित न होने पर सिखों ने दी ये चेतावनी
<p style="text-align: justify;"><strong>Jammu Kashmir Sikhs Demand:</strong> जम्मू-कश्मीर के सिखों ने सिख आबादी की अनदेखी करने और कश्मीरी पंडितों और पीओके शरणार्थियों के लिए जम्मू-कश्मीर विधानसभा में सीटें आरक्षित करने के केंद्र सरकार के फैसले पर बड़े पैमाने पर पलायन करने की चेतावनी दी है.</p>
<p style="text-align: justify;">केंद्र सरकार पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए सिखों ने कहा है कि अगर जम्मू-कश्मीर विधानसभा में सिख अल्पसंख्यकों के लिए भी दो सीटें आरक्षित नहीं की गईं तो वे पलायन कर जाएंगे.</p>
<p style="text-align: justify;">एक संवाददाता सम्मेलन में ऑल जेएंडके गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष बलदेव सिंह ने कहा कि पिछले 30 वर्षों के आतंकवाद के दौरान सिखों ने बलिदान दिया है और कठिनाइयों के बावजूद पलायन का रास्ता नहीं चुना.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ऑल जेएंडके गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष ये बोले</strong></p>
<p style="text-align: justify;">बलदेव सिंह ने कहा कि अब जब सरकार प्रवासी कश्मीरी पंडितों के लिए आरक्षण की घोषणा कर रही है तो इन बलिदानों को नजरअंदाज किया जा रहा है. उन्होंने कहा, ''अगर अल्पसंख्यक सिख समुदाय को आरक्षण नहीं दिया जाता है और नई विधानसभा में उन्हें प्रतिनिधित्व देने के लिए दो सीटें आरक्षित नहीं की जाती हैं तो कश्मीर घाटी में रहने का कोई मतलब नहीं है.''</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>राजनीतिक खींचतान बढ़ी</strong></p>
<p style="text-align: justify;">केंद्र सरकार की ओर से लोकसभा में जम्मू-कश्मीर आरक्षण कानूनों और विधानसभा में प्रतिनिधित्व का विस्तार और पुनर्गठन करने के उद्देश्य से चार बहुत महत्वपूर्ण विधेयक पेश किए जाने के बाद जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक खींचतान बढ़ गई है.</p>
<p style="text-align: justify;">नए प्रस्तावित संशोधनों के अनुसार, दो सीटें कश्मीरी पंडितों के लिए आरक्षित की जा रही हैं, एक पीओके शरणार्थियों के लिए, इसके अलावा पहाड़ी भाषी आबादी और उच्च जाति के हिंदुओं को अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा दिया जाएगा.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>लोकसभा में पेश किए गए हैं ये विधेयक</strong></p>
<p style="text-align: justify;">लोकसभा में पेश किए गए इन चार विधेयकों में जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक 2023. संविधान (जम्मू और कश्मीर) अनुसूचित जनजाति आदेश (संशोधन) विधेयक 2023, संविधान (जम्मू और कश्मीर) अनुसूचित जाति आदेश (संशोधन) विधेयक 2023 और जम्मू और कश्मीर आरक्षण (संशोधन) विधेयक 2023 शामिल हैं.</p>
<p style="text-align: justify;">लोकसभा में मणिपुर हिंसा पर हंगामे के बीच संबंधित केंद्रीय मंत्रियों ने इन्हें पेश किया. बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार दावा कर रही है कि ये विधेयक संभावित लाभार्थियों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पूरा करने का कदम है.</p>
<p style="text-align: justify;">विपक्षी दलों और आदिवासी समूहों ने उनके बारे में आशंकाएं जताई हैं, जहां गुज्जरों और बक्करवालों ने पहाड़ी और उच्च जाति के हिंदुओं को एसटी का दर्जा देने के खिलाफ राज्यव्यापी आंदोलन शुरू कर दिया है. वहीं, राजनीतिक दलों ने विधानसभा में आरक्षण को चुनावी हेरफेर करार दिया है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>उमर अबदुल्ला ने ये कहा</strong></p>
<p style="text-align: justify;">नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने गुरुवार (27 जुलाई) को कहा कि बीजेपी को जम्मू-कश्मीर में हार का डर है और अब वह इस तरह के आरक्षण के जरिए चुनावी हेरफेर का सहारा ले रही है.</p>
<p style="text-align: justify;">उन्होंने कहा, ''कश्मीरी पंडितों और अन्य लोगों के लिए नामांकन के माध्यम से सीटें आरक्षित की गई थीं, लेकिन अगर इसकी आवश्यकता थी तो यह काम चुनी हुई सरकार पर छोड़ दिया जाना चाहिए था. बीजेपी इस तरह के जोड़-तोड़ से अपनी जीत सुनिश्चित करना चाहती है, लेकिन लोग अब बहुत समझदार हैं और पापी को समझते हैं.''</p>
<p style="text-align: justify;">विधेयकों का महत्व इस तथ्य में निहित है कि इन्हें महत्वपूर्ण आम चुनावों से कुछ महीने पहले आगे बढ़ाया गया है, इसके अलावा जम्मू-कश्मीर पंचायत और शहरी स्थानीय निकायों के चुनाव भी नजदीक हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें- <a title="Lok Sabha Election: विपक्षी गठबंधन INDIA की कोऑर्डिनेशन कमेटी में होंगे 11 दलों के नेता, इन राज्यों में सीट बंटवारा करना है चुनौती" href="https://www.abplive.com/news/india/opposition-alliance-india-coordination-committee-final-before-third-meeting-in-mumbai-these-11-parties-included-2462477" target="_blank" rel="noopener">Lok Sabha Election: विपक्षी गठबंधन INDIA की कोऑर्डिनेशन कमेटी में होंगे 11 दलों के नेता, इन राज्यों में सीट बंटवारा करना है चुनौती</a></strong></p>
Thursday, July 27, 2023
Lok Sabha Election 2024: पीएम मोदी के तीसरे टर्म के दावे पर बदरुद्दीन अजमल बोले, 'ये सपना है उनका, नींद...'
<p style="text-align: justify;"><strong>Badruddin Ajmal On BJP:</strong> प्रधानमंत्री <a title="नरेंद्र मोदी" href="https://www.abplive.com/topic/narendra-modi" data-type="interlinkingkeywords">नरेंद्र मोदी</a> की ओर से किए गए तीसरे कार्यकाल के दावे पर कई विपक्षी नेताओं ने प्रतिक्रियाएं दी हैं. ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) के प्रमुख बदरुद्दीन अजमल ने पीएम मोदी के तीसरे कार्यकाल के दावे पर तंज कसा है. </p>
<p style="text-align: justify;">लोकसभा सांसद बदरुद्दीन अजमल ने गुरुवार (27 जुलाई) को कहा कि पीएम मोदी की तीसरे कार्यकाल की बात उनका सपना है. उन्होंने कहा कि बीजेपी के लिए वापसी करना आसान नहीं होगा.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>पीएम मोदी पर क्या कुछ बोले बदरुद्दीन अजमल? </strong></p>
<p style="text-align: justify;">आजतक से बात करते हुए बदरुद्दीन अजमल ने कहा, ''तीसरी इकोनॉमी तो बनेगी इंडिया लेकिन वो तीसरी बार (सरकार) बना रहे हैं, मेरे खयाल से ये सपना है. नींद से उठेंगे तो पता चलेगा.'' उन्होंने कहा कि इस बार बीजेपी की केंद्र में वापसी इतनी आसान नहीं है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>कांग्रेस का पीएम मोदी के दावे पर रिएक्शन</strong></p>
<p style="text-align: justify;">बता दें कि बुधवार को पीएम मोदी के बयान पर कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने भी निशाना साधा था. उन्होंने ट्वीट कर कहा था, ''अंकगणितीय अनिवार्यता पर व्यक्तिगत गारंटी देना मोदी जी की खासियत है. इस दशक में भारत के तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभरने की भविष्यवाणी पिछले काफी समय से की जा रही है और इसकी गारंटी है- चाहे कोई भी अगली सरकार बनाए. मुख्य अंतर विकास के प्रकार का है जिसकी INDIA पार्टियां गारंटी देती हैं- ऐसा विकास जो सामाजिक रूप से कहीं ज्यादा समावेशी है, विकास जो जॉब पैदा करता है, खत्म नहीं, विकास जो हर जगह आय बढ़ाता है और विकास जो पारिस्थितिक रूप से टिकाऊ है.''</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>पी चिदंबरम ये बोले</strong></p>
<p style="text-align: justify;">पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने बुधवार को ट्वीट किया, ''जीडीपी के संबंध में भारत की रैंक आज 5 है, जो हमारे लिए गर्व की बात है. प्रति व्यक्ति आय मामले में भारत की रैंक 128 है, इससे हमें विनम्र और तेज गति से बढ़ने के लिए दृढ़संकल्पित होना चाहिए. एक दिन भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा, लेकिन हमारा लक्ष्य प्रति व्यक्ति आय बढ़ाना और दुनिया के शीर्ष 10 देशों में स्थान बनाना होना चाहिए. आओ बात करें प्रति व्यक्ति आय की. यही समृद्धि का असली पैमाना है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>क्या कहा था पीएम मोदी ने?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">पीएम मोदी बुधवार (26 जुलाई) को दिल्ली के प्रगति मैदान नें अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी और सम्मेलन केंद्र (IECC) परिसर ‘भारत मंडपम’ का उद्घाटन करने पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने कहा था, ''हमारे पहले कार्यकाल की शुरुआत में भारत वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं में 10वें स्थान पर था. दूसरे कार्यकाल में आज भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है. ट्रैक रिकॉर्ड के आधार पर मैं देश को ये भी विश्वास दिलाता हूं कि हमारे तीसरे कार्यकाल में भारत शीर्ष तीन अर्थव्यवस्था में पहुंच कर रहेगा और ये मोदी की गारंटी है.’’</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें- <a title="मणिपुर हिंसा: 2 महिलाओं से बर्बरता मामले में केंद्र का SC में हलफनामा, 'CBI करेगी जांच, केस बाहर ट्रांसफर कर दें'" href="https://www.abplive.com/news/india/manipur-violence-supreme-court-to-hear-on-july-28-case-of-two-women-paraded-without-clothes-in-manipur-2461822" target="_blank" rel="noopener">मणिपुर हिंसा: 2 महिलाओं से बर्बरता मामले में केंद्र का SC में हलफनामा, 'CBI करेगी जांच, केस बाहर ट्रांसफर कर दें'</a></strong></p>
Anju Nasrullah News: अंजू से शादी के बाद नसरुल्लाह का दावा- मिलेगी सरकारी नौकरी, भारत वापसी को लेकर भी दिया बयान
<p style="text-align: justify;"><strong>Anju Case:</strong> पाकिस्तान की सीमा लांघकर आई सीमा हैदर की कहानी का अभी अंत भी नहीं हुआ था कि अंजू नाम की एक महिला पाकिस्तान पहुंच गई. ये सीमा पार वाला प्यार इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है. पड़ोसी मुल्क पहुंची अंजू के केस में आए दिन नई कहानी सामने आ रही है. ताजा घटनाक्रम में अंजू के शौहर नसरुल्लाह ने नया दावा किया है.</p>
<p style="text-align: justify;">नसरुल्लाह के मुताबिक, पाकिस्तान सरकार अंजू को सरकारी नौकरी और घर देने वाली है. साथ ही उसने ये दावा भी किया है कि कुछ दिनों में अंजू भारत पहुंचेगी और अपने बच्चों को वापस पाकिस्तान लेकर आएगी. अगर वो वापस मुल्क नहीं आई तो वो भी सरहद पार करके अंजू को लेने हिंदुस्तान पहुंच जाएगा.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>नसरुल्लाह ने क्या दावे किए?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">दरअसल, पाकिस्तान के रहने वाले नसरुल्लाह ने इंडिया डेली नाम के न्यूज चैनल के साथ बातचीत की जिसमें उसने कहा, “पाकिस्तान सरकार अंजू को नौकरी के साथ-साथ एक घर भी देगी. अंजू ने इस्लाम धर्म को अपना लिया है तो उसे पाकिस्तान की नागरिकता भी मिल जाएगी. वो जो कुछ भी कर रही है वो अपनी मर्जी से कर रही है. अंजू अगस्त के महीने में भारत पहुंचने वाली है और अपने बच्चों को साथ लेकर आएगी."</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>अंजू की हत्या का जताया शक</strong></p>
<p style="text-align: justify;">इसके साथ ही नसरुल्लाह ने शक जताया है कि अंजू की हिंदुस्तान में हत्या हो सकती है. उसने कहा, “अंजू ने मुझसे कहा कि अगर मैं भारत पहुंची तो मुझपर हमला हो सकता है. वो अगस्त के महीने में भारत पहुंचेगी और बच्चों को वापस लेकर पाकिस्तान आ जाएगी.”</p>
<p style="text-align: justify;">इसके अलावा उसने ये भी कहा, “अगर अंजू अपने बच्चों को लेकर वापस पाकिस्तान नहीं लौटती है तो मैं खुद हिंदुस्तान जाऊंगा और उसे बच्चों के साथ वापस लेकर आऊंगा.” साथ ही उसने इस चीज का भी दावा कि बच्चों को इस्लाम धर्म में परिवर्तित नहीं किया जाएगा.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>‘अंजू ने अपनाया इस्लाम धर्म’</strong></p>
<p style="text-align: justify;">अंजू के इस्लाम धर्म अपनाने को लेकर नसरुल्लाह का कहना है, “अंजू पर कोई दबाव नहीं डाला जा रहा. उसने 3 साल से अपने पति से अलग रह रही थी और कोर्ट में तलाक के लिए अपील की थी.” नसरुल्‍लाह ने दावा किया कि बच्‍चों की वजह से ही अंजू भारत वापस जा रही है और वीजा खत्‍म होने से पहले ही पहुंच जाएगी.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a title="सरहद पार की प्रेम कहानी! अंजू और सीमा हैदर के बाद अब गाओ फेंग की लव स्टोरी जानें" href="https://www.abplive.com/news/india/chinese-woman-come-to-meet-a-pakistani-man-after-falling-in-love-with-him-from-snapchat-cross-border-love-story-2461828" target="_self">सरहद पार की प्रेम कहानी! अंजू और सीमा हैदर के बाद अब गाओ फेंग की लव स्टोरी जानें</a></strong></p>
'लोकसभा चुनाव से पहले बंगाल में BJP...', ममता बनर्जी का बड़ा आरोप, मणिपुर हिंसा पर भी दिया बयान
<p style="text-align: justify;"><strong>Mamata Banerjee In Vidhan Shabha:</strong> पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार (27 जुलाई) को विधानसभा में आरोप लगाया कि विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी ) अगले साल के आम चुनाव से पहले राज्य की छवि को खराब दिखाने के लिए लोगों के बीच विभाजन पैदा करके गड़बड़ी पैदा करने की योजना बना रही है. </p>
<p style="text-align: justify;">उन्होंने दावा किया कि बीजेपी ने ऐसी किसी भी पार्टी को कोष देने की योजना बनाई है जो तृणमूल कांग्रेस के मतों को विभाजित कर सके. ममता ने कहा, "मुझे राष्ट्रीय राजधानी में बीजेपी की बैठक के बारे में जानकारी है. मैं उस बैठक में मौजूद लोगों का नाम नहीं लूंगी. वे समाज को धर्म और जाति के आधार पर बांटने की योजना बना रहे हैं. वे महिलाओं, दलित एवं आदिवासी और राजबोंगशी सहित कमजोर वर्गों के खिलाफ कथित अपराधों को उजागर करने की योजना बना रहे हैं ताकि राज्य की खराब छवि पेश कर सकें."</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>मणिपुर की यात्रा करने की मांगी थी अनुमति </strong><br />इसके अलावा ममता बनर्जी ने मणिपुर कि प्रस्तावित यात्रा की भी बात की. बनर्जी ने कहा कि विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के सांसदों की जातीय हिंसा प्रभावित मणिपुर की प्रस्तावित यात्रा ‘अच्छी’ रहेगी. विधानसभा में बनर्जी ने कहा कि उन्होंने भी केंद्र से मणिपुर की यात्रा करने की अनुमति मांगी थी, लेकिन अनुमति नहीं मिली.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>'इंडिया' का एक दल मणिपुर का करने जा रहा है दौरा </strong><br />उन्होंने कहा कि इंडिया का एक दल मणिपुर का दौरा करने जा रहा है. यह अच्छा कदम होगा. उसे जाने दीजिए और खुद ही स्थिति देखने दीजिए, वहां लोगों से बातचीत करने दीजिए और उनका पक्ष सुनने दीजिए. मैंने केंद्र को पत्र लिखकर मुझे वहां जाने देने की अनुमति मांगी थी लेकिन मुझे अनुमति नहीं दी गई. इंडिया गठबंधन का एक दल मणिपुर की स्थिति समझने के लिए 29-30 जुलाई को मणिपुर की यात्रा करेगा. मणिपुर में पिछले करीब तीन महीने में जातीय हिंसा में 160 लोगों की जान चली गई है तथा सैंकड़ों अन्य घायल हुए हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें:</strong></p>
<p><strong><a title="2060 तक दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर भारत, इसके लिए कई चुनौतियों से पाना होगा पार" href="https://www.abplive.com/india-at-2047/india-on-way-to-become-world-largest-economy-by-2060-it-will-have-to-overcome-many-challenges-2461169" target="_blank" rel="noopener">2060 तक दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर भारत, इसके लिए कई चुनौतियों से पाना होगा पार</a></strong></p>
Datanomics: मुस्लिम वोट बंटा तो बीजेपी की जीत, मुसलमानों का मत एकजुट हुआ तो बीजेपी की और बड़ी जीत
<p style="text-align: justify;"><strong>Lok Sabha Election 2024:</strong> बीजेपी के विजय रथ को रोकने के लिए विपक्षियों ने एकजुट होकर इंडियन नेशनल डेवलपमेंट इंक्लूसिव एलायंस (INDIA) बनाया है. वहीं बीजेपी ने इसे काउंटर करने के लिए नेशनल डेमोक्रेटिक एलायंस (NDA) के कुनबे में कुछ और दलों को जोड़कर उसकी संख्या खुद को मिलाकर 39 कर ली है. विपक्षियों के पास बीजेपी के मात देने के लिए सबसे बड़ा हथियार मुस्लिम वोट बैंक ही है. मगर वह भी अब अधिक कारगर साबित नहीं हो पा रहा है.</p>
<p style="text-align: justify;">वहीं बीजेपी हिंदू वोट बैंक के साथ-साथ अपने मुस्लिम वोट बैंक को भी धीरे-धीरे बढ़ा रही है. ऐसे में बीजेपी के दोनों हाथों में जीत का लड्डू नजर आ रहा है. अगर 18वीं लोकसभा के लिए 2024 में होने वाले आम चुनाव में मुस्लिम वोट बैंक बंटता है तो भी बीजेपी की जीत तय हो सकती है.</p>
<p style="text-align: justify;">वहीं अगर मुस्लिम वोट एकजुट होगा तो भी सत्ताधारी पार्टी की जीत और बड़ी हो सकती है. बीजेपी हिंदू वोट अपने झंडे तले लाने के साथ ही ओबीसी वोट पर भी पकड़ बनाए हुए है. आखिर क्या है बीजेपी की जीत का गणित?</p>
<p style="text-align: justify;">इसको जानने के लिए पिछले चुनावों और मुस्लिमों के वोट प्रतिशत पर नजर दौड़ानी होगी. उत्तर प्रदेश में हुए उपचुनाव में बीजेपी ने मुस्लिम बाहुल्य सीटें होने के बावजूद जीत दर्ज कर सबको चौंका दिया. आजम खान के गढ़ रामपुर में 50 परसेंट से अधिक मुस्लिम हैं. इसके बावजूद बीजेपी ने जीत दर्ज की.</p>
<p style="text-align: justify;">वहीं आजमगढ़ जो कभी मुलायम सिंह गढ़ था, वहां मुस्लिम-यादव समीकरण 40 परसेंट से अधिक होने के बाद भी बीजेपी ने जीत हासिल करके यह साबित कर दिया मुस्लिम वोट एकजुट होने का भी उसे ही फायदा मिलता है. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>1998 से बढ़ रहा है बीजेपी का मुस्लिम वोट</strong></p>
<p style="text-align: justify;">लोकनीति और CSDS के आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो भारतीय जनता पार्टी के मुस्लिम वोट बैंक बढ़ने की शुरुआत 1998 से शुरू हो गई थी. जहां 1996 में बीजेपी को मात्र 2 परसेंट मुस्लिम वोट मिला था. वहीं 1998 में वह तीन गुना यानी 6 परसेंट पहुंच गया था. इसके बाद 1999 और 2004 में एक फीसद बढ़कर यह 7 परसेंट तक पहुंच गया था.</p>
<p style="text-align: justify;">15वीं लोकसभा में यह घटकर 4 परसेंट पर आ गया था. इसके बाद पीएम उम्मीदवार के रूप में चुनाव में उतरने वाले <a title="नरेंद्र मोदी" href="https://www.abplive.com/topic/narendra-modi" data-type="interlinkingkeywords">नरेंद्र मोदी</a> जिनकी छवि विपक्ष ने मुस्लिम विरोधी की बना रखी थी के आने के बावजूद 16वीं लोकसभा यानी 2014 में बीजेपी को मुस्लिमों का 9 परसेंट वोट मिला. यह पिछली बार की तुलना में दोगुना से अधिक रहा. मुस्लिम वोटरों की वृद्धि 17वीं लोकसभा में भी जारी रही.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>कांग्रेस के लिए मुस्लिम वोट स्थिर रहा</strong></p>
<p style="text-align: justify;">मुस्लिम वोटरों में कांग्रेस का ग्राफ 15वीं और 16वीं लोकसभा में स्थिर रहा. 2009 और 2014 के आम चुनाव में कांग्रेस का मुस्लिम वोट एकसमान 38 परसेंट ही रहा. हालांकि इसके पहले 1998 में 32 परसेंट, 1999 में सर्वाधिक 40 फीसद और 2004 में गिरकर 36 परसेंट पर आ गया था. कांग्रेस को उन राज्यों में मुस्लिम वोट बैंक का अधिक नुकसान उठाना पड़ता है जहां तथाकथित क्षेत्रीय सेक्युलर पार्टियां प्रभावशाली होती हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>कांग्रेस को इन राज्यों में मिलते हैं सर्वाधिक मुस्लिम वोट</strong></p>
<p style="text-align: justify;">अगर 16वीं लोकसभा के लिए हुए आम चुनाव के बाद मुस्लिम वोटों पर नजर डाली जाए तो कांग्रेस को उन राज्यों में सर्वाधिक मुस्लिम वोट मिलते हैं जहां उसकी सीधी बीजेपी से टक्कर होती है. उत्तर प्रदेश में सपा और कांग्रेस को सर्वाधिक 65 परसेंट वोट मिले. बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) को 19 फीसद वोट मिले थे. बिहार में महागठबंधन ने 75 परसेंट मुस्लिम वोट हासिल किए थे.</p>
<p style="text-align: justify;">कर्नाटक और महाराष्ट में भी कांग्रेस की मुस्लिम वोट बैंक पर अच्छी पकड़ रही. इन दोनों जगह उसे 68-68 परसेंट वोट हासिल हुए थे. गुजरात में भी कांग्रेस की बीजेपी से सीधी टक्कर होती है. वहां कांग्रेस को 46 परसेंट वोट मिले थे. यहां बीजेपी को भी 26 परसेंट मुस्लिमों का वोट मिला था.</p>
<p style="text-align: justify;">हालांकि पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को आम आदमी पार्टी (आप) के कारण नुकसान उठाना पड़ा था. तेलंगाना में भी कांग्रेस का प्रदर्शन अच्छा रहा. भारतीय राष्ट्रीय समिति (बीआरएस), के चंद्रशेखर राव की पार्टी जो पहले टीआरएस थी और असुद्दीन ओवैसी की आल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के रहते हुए भी कांग्रेस ने यहां सर्वाधिक 34 परसेंट वोट हासिल किए थे. हालांकि उसे वोटों तुलना में सीटें नहीं मिली थीं. वहीं टीआरएस को 33 परसेंट और ओवैसी की पार्टी को 22 परसेंट वोट मिले थे.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>इन राज्यों में बंटता सर्वाधिक मुस्लिम वोट</strong></p>
<p style="text-align: justify;">उत्तर प्रदेश, बिहार, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, आसाम, जम्मू-कश्मीर और तेलंगाना में मजबूत क्षेत्रीय पार्टियों के कारण मुस्लिम वोट एकतरफा कांग्रेस को नहीं मिल पाता. यहां पर मुस्लिम वोट, धार्मिक, भाषा, क्षेत्रीय आधार पर बंट जाते हैं. उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव मुस्लिमों के नेता हैं. बिहार में आरजेडी के नेता लालू प्रसाद यादवु मुस्लिमों के मसीहा हैं.</p>
<p style="text-align: justify;">पश्चिम बंगाल में टीएमसी की ममता बनर्जी, दिल्ली में अरविंद केजरीवाल, आंध्र प्रदेश में वाईएसआर सीपी के वाईएस जगन मोहन रेड्डी, तमिलनाडु में एमके स्टालिन की पार्टी डीएमके और जम्मू-कश्मीर में पीडीपी और नेशनल कांफ्रेंस दोनों ही मुस्लिम वोट कांग्रेस से बांटने का काम करती हैं. </p>
<p style="text-align: justify;">ये भी पढ़ेंः <a title="<strong>Lok Sabha Election Survey: </strong><strong>दिल्ली की सात लोकसभा सीटों पर केजरीवाल की </strong><strong>AAP </strong><strong>करेगी चमत्कार</strong><strong>? </strong><strong>सर्वे में वोट प्रतिशत लगभग दोगुना</strong><strong>, </strong><strong>देखिए रिजल्ट</strong>" href="https://www.abplive.com/elections/loksabha-election-2024-survey-delhi-aap-seats-prediction-vote-share-more-than-2019-how-many-seats-arvind-kejriwal-party-predicted-to-win-survey-result-2461308" target="_self"><strong>Lok Sabha Election Survey: </strong><strong>दिल्ली की सात लोकसभा सीटों पर केजरीवाल की </strong><strong>AAP </strong><strong>करेगी चमत्कार</strong><strong>? </strong><strong>सर्वे में वोट प्रतिशत लगभग दोगुना</strong><strong>, </strong><strong>देखिए रिजल्ट</strong></a></p>
Wednesday, July 26, 2023
Heart Transplant: एयर फोर्स का विमान नागपुर से पुणे लाया 'दिल', वायु सेना के जवान में किया गया ट्रांसप्लांट
<p style="text-align: justify;"><strong>India Air Force: </strong>वायु सेना के एक जवान में हार्ट ट्रांसप्लांट के लिए एयर फोर्स के विमान ने बुधवार (26 जुलाई) की सुबह नागपुर से जीवित मानव हृदय एयरलिफ्ट कर पुणे पहुंचाया. इसके लिए एक ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया था. रक्षा विभाग की एक विज्ञप्ति में इस बारे में जानकारी दी गई.</p>
<p style="text-align: justify;">वायु सेना के जवान में हार्ट ट्रांसप्लांट पुणे स्थित आर्मी इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियो-थोरेसिक साइंसेज (AICTS) में किया गया. न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, रक्षा विज्ञप्ति में बताया गया कि महत्वपूर्ण अंग को भारतीय वायु सेना के एएन-32 विमान से नागपुर से 700 किलोमीटर दूर पुणे ले जाया गया, जहां नागरिक प्रशासन ने ग्रीन कॉरिडोर बनाया था, जिसके माध्यम से मानव हृदय को भेजा गया. </p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="en"><a href="https://twitter.com/hashtag/SavingLives?src=hash&ref_src=twsrc%5Etfw">#SavingLives</a><a href="https://twitter.com/hashtag/HarKaamDeshKeNaam?src=hash&ref_src=twsrc%5Etfw">#HarKaamDeshKeNaam</a><br />A live human heart was airlifted in an <a href="https://twitter.com/hashtag/IAF?src=hash&ref_src=twsrc%5Etfw">#IAF</a> AN-32 aircraft from Nagpur to Pune this morning to be transplanted in a recipient admitted in the Army Institute of Cardio Thoracic Sciences. (1/2) <a href="https://t.co/sEej727zxy">pic.twitter.com/sEej727zxy</a></p>
— CAC, IAF (@CAC_CPRO) <a href="https://twitter.com/CAC_CPRO/status/1684145793706631168?ref_src=twsrc%5Etfw">July 26, 2023</a></blockquote>
<p style="text-align: justify;">
<script src="https://platform.twitter.com/widgets.js" async="" charset="utf-8"></script>
</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>एयर फोर्स के जवान में धड़केगा ब्रेन डेड महिला का दिल</strong></p>
<p style="text-align: justify;">एक अधिकारी ने कहा कि हृदय को ले जाने में उड़ान का समय लगभग 90 मिनट था. जोनल ट्रांसप्लांट कोऑर्डिनेशन सेंटर की ओर से जारी एक अलग प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि दिल की डोनर एक 31 वर्षीय महिला थी. उनका नाम शुभांगी गण्यारपवार था.</p>
<p style="text-align: justify;">इसमें बताया गया कि वह नागपुर में ही अपने पति और डेढ़ साल की बेटी के साथ रहती थीं. महिला को गंभीर सिरदर्द की शिकायत के बाद 20 जुलाई को नागपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था और बाद में उनके मस्तिष्क में गंभीर ब्लड क्लॉटिंग (रक्त के थक्के जमने) का पता चला.</p>
<p style="text-align: justify;">महिला को ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया था और जोनल ट्रांसप्लांट कोऑर्डिनेशन सेंटर नागपुर के संयोजक दिनेश मंडपे ने महिला के परिवार के सदस्यों से अंग दान के लिए बात की थी.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>चार लोगों को दान किए गए शुभांगी के अंग</strong></p>
<p style="text-align: justify;">शुभांगी गण्यारपवार के पति और भाई की सहमति से हृदय, लीवर और दो किडनी चार लोगों को दान कर दी गईं. एक अंग पुणे में और तीन नागपुर में दान किए गए. पुणे स्थित दक्षिणी कमान के एक ट्वीट में कहा गया कि एआईसीटीएस ने सफल हार्ट ट्रांसप्लांट किया.</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="en"><a href="https://twitter.com/hashtag/AICTS?src=hash&ref_src=twsrc%5Etfw">#AICTS</a>, <a href="https://twitter.com/hashtag/Pune?src=hash&ref_src=twsrc%5Etfw">#Pune</a> performs another successful <a href="https://twitter.com/hashtag/hearttransplant?src=hash&ref_src=twsrc%5Etfw">#hearttransplant</a>. Donor, a homemaker & it was retrived from <a href="https://twitter.com/hashtag/Wockhardt?src=hash&ref_src=twsrc%5Etfw">#Wockhardt</a> Heart Hospital, <a href="https://twitter.com/hashtag/Nagpur?src=hash&ref_src=twsrc%5Etfw">#Nagpur</a>. Receipent is a 39yrs <a href="https://twitter.com/hashtag/IAF?src=hash&ref_src=twsrc%5Etfw">#IAF</a> Air Warrior.<br />Green corridor provided by <a href="https://twitter.com/IAF_MCC?ref_src=twsrc%5Etfw">@IAF_MCC</a>, Traffic Police <a href="https://twitter.com/hashtag/Nagpur?src=hash&ref_src=twsrc%5Etfw">#Nagpur</a> & Pune & <a href="https://twitter.com/hashtag/SC?src=hash&ref_src=twsrc%5Etfw">#SC</a> Provost Unit<a href="https://twitter.com/hashtag/WeCare?src=hash&ref_src=twsrc%5Etfw">#WeCare</a> <a href="https://t.co/xlxfygq2j4">pic.twitter.com/xlxfygq2j4</a></p>
— Southern Command INDIAN ARMY (@IaSouthern) <a href="https://twitter.com/IaSouthern/status/1684160374680223744?ref_src=twsrc%5Etfw">July 26, 2023</a></blockquote>
<p style="text-align: justify;">
<script src="https://platform.twitter.com/widgets.js" async="" charset="utf-8"></script>
</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>क्यों बनाया जाता है ग्रीन कॉरिडोर?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">एक ट्वीट में कहा गया की डोनर (दाता) एक गृहिणी थी और प्राप्तकर्ता 39 वर्षीय वायुसेना का जवान है. दक्षिणी कमान के ट्वीट में कहा गया है कि ग्रीन कॉरिडोर आईएएफ ट्रैफिक पुलिस नागपुर और पुणे और एससी प्रोवोस्ट यूनिट की ओर से प्रदान किया गया था.</p>
<p style="text-align: justify;">ट्रांसप्लांट के लिए अंग को तेजी से पहुंचाने और जीवन बचाने के मकसद से ग्रीन कॉरिडोर (हरित गलियारा) बनाया जाता है. इसके लिए यातायात विभाग ट्रैफिक का इस तरह प्रबंधन करता है कि एक महत्वपूर्ण अंग को 60 से 70 प्रतिशत से भी कम समय में गंतव्य तक पहुंचाया जा सके.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें- <a title="Congress Vs BJP: विपक्षी 'INDIA' के अविश्वास प्रस्ताव के बीच पीएम मोदी ने तीसरे कार्यकाल का किया दावा, क्या बोली कांग्रेस" href="https://www.abplive.com/news/india/pm-narendra-modi-makes-strong-pitch-for-third-term-amidst-no-confidence-motion-of-opposition-india-congress-reacts-2461203" target="_blank" rel="noopener">Congress Vs BJP: विपक्षी 'INDIA' के अविश्वास प्रस्ताव के बीच पीएम मोदी ने तीसरे कार्यकाल का किया दावा, क्या बोली कांग्रेस</a></strong></p>
Rajkot Greenfield Airport: आज राजकोट इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन करेंगे पीएम मोदी, जानें क्यों है ये हवाईअड्डा खास
<p style="text-align: justify;"><strong>Rajkot International Airport:</strong> प्रधानमंत्री <a title="नरेंद्र मोदी" href="https://www.abplive.com/topic/narendra-modi" data-type="interlinkingkeywords">नरेंद्र मोदी</a> गुरुवार (27 जुलाई) को गुजरात के राजकोट अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन करेंगे. न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के चेयरमैन संजीव कुमार ने जानकारी दी कि पीएम मोदी राजकोट के ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का उद्घाटन करेंगे. उन्होंने बुधवार (26 जुलाई) को बताया, ''यह एयरपोर्ट बहुत बड़ा और सुंदर है... हमें बेहद खुशी है कि पीएम मोदी इसका उद्घाटन करेंगे और इसे गुजरात के लोगों के समर्पित करेंगे.</p>
<p style="text-align: justify;">एयरपोर्ट के बारे में बताते हुए संजीव कुमार ने कहा, ''हवाई अड्डे के निर्माण की कुल लागत करीब 1,500 करोड़ रुपये आई. इसका रनवे 3,000 मीटर लंबा है, इसलिए बड़े विमान यहां उतर सकते हैं. भविष्य में जरूरत पड़ने पर इसके विस्तार की भी गुंजाइश है...''</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>प्रधानमंत्री कार्यालय ने एयरपोर्ट के बारे में ये कहा</strong></p>
<p style="text-align: justify;">प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि देशभर में हवाई कनेक्टिविटी में सुधार लिए पीएम के विजन को राजकोट में नए अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के विकास से बढ़ावा मिलेगा. इसमें कहा गया कि ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट को कुल 2500 एकड़ से ज्यादा भूमि क्षेत्र और 1400 करोड़ रुपये से ज्यादा की लागत से विकसित किया गया है. नए हवाईअड्डे में आधुनिक तकनीक और टिकाऊ सुविधाएं हैं.</p>
<p style="text-align: justify;">प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि टर्मिनल बिल्डिंग ग्रीन रेटिंग फॉर इंटीग्रेटेड हैबिटेट असेसमेंट (GRIHA-4) के अनुरूप है और नई टर्मिनल बिल्डिंग (NITB) डबल इंसुलेटेड रूफिंग सिस्टम, स्काईलाइट्स, एलईडी लाइटिंग, लो हीट गेन ग्लेजिंग आदि कई विभिन्न टिकाऊ सुविधाओं से लैस है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>पीएम मोदी ने ही रखी थी इस एयरपोर्ट की आधारशिला</strong></p>
<p style="text-align: justify;">प्रधानमंत्री कार्यालय की प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि नया हवाईअड्डा न केवल राजकोट के स्थानीय ऑटोमोबाइल उद्योग के विकास में योगदान देगा, बल्कि पूरे गुजरात में व्यापार, पर्यटन, शिक्षा और औद्योगिक क्षेत्रों को भी प्रोत्साहित करेगा. बता दें कि इस हवाईअड्डे की आधारशिला पीएम मोदी ने ही 7 अक्टूबर 2017 को गुजरात के चोटिला के पास हीरासर गांव में भूमिपूजन समारोह के दौरान रखी थी.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें- <a title="Congress Vs BJP: विपक्षी 'INDIA' के अविश्वास प्रस्ताव के बीच पीएम मोदी ने तीसरे कार्यकाल का किया दावा, क्या बोली कांग्रेस" href="https://www.abplive.com/news/india/pm-narendra-modi-makes-strong-pitch-for-third-term-amidst-no-confidence-motion-of-opposition-india-congress-reacts-2461203" target="_blank" rel="noopener">Congress Vs BJP: विपक्षी 'INDIA' के अविश्वास प्रस्ताव के बीच पीएम मोदी ने तीसरे कार्यकाल का किया दावा, क्या बोली कांग्रेस</a></strong></p>
Teacher's Recruitment Scam: शिक्षक भर्ती घोटाला मामले में एक्शन में CBI, टीएमसी विधायक माणिक भट्टाचार्य के खिलाफ FIR दर्ज
<p style="text-align: justify;"><strong>Kolkata Teachers Recruitment Scam: </strong>केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने पश्चिम बंगाल में कथित शिक्षक भर्ती घोटाला मामले में तृणमूल कांग्रेस (TMC) विधायक माणिक भट्टाचार्य के खिलाफ मामले में एफआईआर (FIR) दर्ज की है. </p>
<p style="text-align: justify;">कोलकाता हाई कोर्ट ने इस मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी और माणिक भट्टाचार्य इस मामले में पहले से ही कोलकाता की प्रेसीडेंसी सेंट्रल जेल में बंद हैं. एफआईआर दर्ज होने के बाद सीबीआई टीम ने उनसे पूछताछ की. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>इन धाराओं के तहत आरोप </strong></p>
<p style="text-align: justify;">बता दें कि, भट्टाचार्य को अक्टूबर 2022 में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की तरफ से गिरफ्तार किया गया था. भट्टाचार्य पर आईपीसी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की कई धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं. मामले में साजिश, धोखाधड़ी और जालसाजी जैसे आरोप भी शामिल हैं. एफआईआर की एक कॉपी बुधवार (26 जुलाई) दोपहर कलकत्ता हाई कोर्ट के जज अभिजीत गंगोपाध्याय के सामने पेश की गई. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>जस्टिस गंगोपाध्याय ने दिया था जांच का आदेश</strong></p>
<p style="text-align: justify;">मई 2022 में, जस्टिस गंगोपाध्याय ने सीबीआई को 2014 और 2021 के बीच पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग और पश्चिम बंगाल माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की तरफ से गैर-शिक्षण कर्मचारियों (समूह C और D) और शिक्षण कर्मचारियों की नियुक्ति की जांच करने का आदेश दिया था. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>अब तक कितने लोगों की गिरफ्तारी?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">ईडी ने पिछले साल जुलाई में इस मामले में तत्कालीन शिक्षा मंत्री और कोलकाता के विधायक पार्थ चटर्जी को गिरफ्तार किया. नदिया के पलाशीपारा से विधायक माणिक भट्टाचार्य को ईडी ने अक्टूबर में गिरफ्तार किया. मुर्शिदाबाद के बरवान से विधायक जीबन कृष्ण साहा को इसी साल 17 अप्रैल को सीबीआई ने गिरफ्तार किया था.</p>
<p style="text-align: justify;">मामले में टीएमसी नेताओं की संदिग्ध संलिप्तता तब सामने आई जब ईडी ने जुलाई 2022 में पार्थ चटर्जी और उनकी करीबी सहयोगी अर्पिता मुखर्जी को गिरफ्तार किया. पिछले साल 19 सितंबर को दायर अपनी पहली चार्जशीट में, ईडी ने कहा कि उसने दोनों से जुड़ी 103.10 करोड़ रुपये की नकदी, आभूषण और अचल संपत्ति का पता लगाया. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: </strong></p>
<p style="text-align: justify;"><strong><a title="Sidhu Moose Wala Murder: जल्द भारत लाया जाएगा लॉरेंस बिश्नोई का भांजा, अजरबैजान में पकड़ा गया था" href="https://www.abplive.com/news/india/lawrence-bishnoi-nephew-sidhu-moosewala-murder-mastermind-sachin-bishnoi-will-brought-to-india-ann-2461117" target="_self">Sidhu Moose Wala Murder: जल्द भारत लाया जाएगा लॉरेंस बिश्नोई का भांजा, अजरबैजान में पकड़ा गया था</a></strong></p>
Higher Education Student: पिछले 5 सालों में 32,000 छात्रों ने छोड़ी पढ़ाई, राज्यसभा में मंत्री सुभाष सरकार ने बताई ये वजह
<p style="text-align: justify;"><strong>Parliament Monsoon Session:</strong> देश में हायर एजूकेशन में एडमीशन लेने के बाद पढ़ाई बीच में छोड़ देने वाले छात्रों की संख्या बहुत तेजी से बढ़ रही है. पिछले पांच साल के आंकड़ों पर अगर नजर डालेंगे तो ये आपको चौंकाने वाले हैं. शिक्षा मंत्रालय ने 2019 से लेकर अभी 2023 तक जो आंकड़े पेश किए हैं वह हैरान करने वाले हैं.</p>
<p style="text-align: justify;">समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार इस दौरान अभी तक 32 हजार से अधिक उन छात्रों ने बीच में ही पढ़ाई छोड़ दी जो देश के नामी संस्थानों में पढ़ाई कर रहे थे. इनमें आईआईटी, एनआईटी, आईआईएम जैसे संस्थानों में पढ़ाई करने वाले स्टूडेंट्स भी शामिल हैं. राज्यसभा में शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, इन छात्रों में से आधे से अधिक शेड्यूल कास्ट, शेड्यूल ट्राइब्स और अन्य पिछड़ी जातियों के हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>क्या कहते हैं सरकार के आंकड़े?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">संसद के उच्च सदन राज्य सभा में शेयर किए गए एक डाटा में बताया गया है कि इनमें वह छात्र भी शामिल हैं, जो पोस्ट ग्रेजुएट और पीएचडी कर रहे थे. केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री सुभाष सरकार ने एक प्रश्न का उत्तर देते हुए बताया कि इसमें सर्वाधिक 17,454 छात्र केंद्रीय विश्वविद्यालय के हैं. जबकि आईआईटी के 8,139 और एनआईटी के 5,623 छात्र हैं.</p>
<p style="text-align: justify;">इसके अलावा आईआईएसईआर के 1,046 और आईआईएम के 858, इंडियन इंस्टीट्यूट आफ इनफारमेशन टेक्नोलाजी के 803, स्कूल आफ प्लानिंग एंड आर्कीटेक्चर के 112 छात्र शामिल हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये छात्र हुए ड्राप आउट</strong> </p>
<p style="text-align: justify;">पेश किए गए आंकड़ों के अनुसार शेड्यूल कास्ट 4,423, शेड्यूल ट्राइब्स 3774, ओबीसी कैटेगिरी के 8,602 छात्रों ने बीच में ही पढ़ाई छोड़ दी. यह संख्या कुल छात्रों का करीब 52 परसेंट हैं. सरकार ने आगे बताया कि इन छात्रों में कई ऐसे थे, जिन्होंने गलत लाइऩ चुन ली और वह अपेक्षित रिजल्ट नहीं दे पा रहे थे.</p>
<p style="text-align: justify;">इसके अलावा कुछ ने मेडिकल ग्राउंड के आधार पर तथा कुछ को निजी कारणों से पढाई छोड़नी पड़ी. उन्होंने कहा कि स्नातकोत्तर और पीएचडी कार्यक्रमों में सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों में प्लेमेंट की पेशकश और कहीं और बेहतर अवसरों के लिए व्यक्तिगत प्राथमिकता छात्रों द्वारा पढ़ाई छोड़ने के प्रमुख कारण हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>'किए जा रहे प्रयास'</strong></p>
<p style="text-align: justify;">केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री ने बताया कि ड्राप आउट को कम करने के लिए कई सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं. जिनमें छात्रों की शैक्षणिक प्रगति की निगरानी के लिए सलाहकारों की नियुक्ति, शैक्षणिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए कक्षाओँ का प्रावधान, सहकर्मी सहायता प्राप्त शिक्षा, तनावमुक्त परामर्श, मनोवैज्ञानिक शामिल हैं. इसके अलावा प्रेरणा और पाठ्येत्तर गतिविधियां भी शामिल हैं.</p>
<p style="text-align: justify;">ये भी पढ़ेंः <a title="<strong>हायर एजुकेशन के लिए इंस्टीट्यूट चुनते समय इन बातों का रखें खास ध्यान</strong><strong>, </strong><strong>मिलेगी क्लैरिटी नहीं होगा नुकसान</strong>" href="https://www.abplive.com/education/tips-to-keep-in-mind-while-selecting-institute-for-higher-education-see-tips-that-will-help-2453966" target="_self"><strong>हायर एजुकेशन के लिए इंस्टीट्यूट चुनते समय इन बातों का रखें खास ध्यान</strong><strong>, </strong><strong>मिलेगी क्लैरिटी नहीं होगा नुकसान</strong></a></p>
<p style="text-align: justify;"> </p>
Congress Vs BJP: विपक्षी 'INDIA' के अविश्वास प्रस्ताव के बीच पीएम मोदी ने तीसरे कार्यकाल का किया दावा, क्या बोली कांग्रेस
<p style="text-align: justify;"><strong>Jairam Ramesh On PM Modi:</strong> विपक्षी गठबंधन INDIA की ओर से केंद्र सरकार के खिलाफ बुधवार (26 जुलाई) को लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पेश किए जाने के दिन प्रधानमंत्री <a title="नरेंद्र मोदी" href="https://www.abplive.com/topic/narendra-modi" data-type="interlinkingkeywords">नरेंद्र मोदी</a> ने तीसरे कार्यकाल का दावा किया और देश को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने का वादा भी किया. </p>
<p style="text-align: justify;">पीएम मोदी के दावे पर कांग्रेस की ओर से कटाक्ष किया गया है. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ट्वीट कर कहा कि देश के तीसरी अर्थव्यवस्था के रूप में उभरने की भविष्यवाणी काफी पहले से की जा रही है. उन्होंने तंज कसा कि इसकी गारंटी है- चाहे कोई भी अगली सरकार बनाए.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>पीएम मोदी पर जयराम रमेश का पूरा बयान</strong></p>
<p style="text-align: justify;">जयराम रमेश ने ट्वीट में लिखा, ''अंकगणितीय अनिवार्यता पर व्यक्तिगत गारंटी देना मोदी जी की खासियत है. इस दशक में भारत के तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभरने की भविष्यवाणी पिछले काफी समय से की जा रही है और इसकी गारंटी है- चाहे कोई भी अगली सरकार बनाए.''</p>
<p style="text-align: justify;">विपक्षी गठबंधन की खूबी बताते हुए उन्होंने ट्वीट में आगे लिखा, ''मुख्य अंतर विकास के प्रकार का है जिसकी INDIA पार्टियां गारंटी देती हैं- ऐसा विकास जो सामाजिक रूप से कहीं ज्यादा समावेशी है, विकास जो जॉब पैदा करता है, खत्म नहीं, विकास जो हर जगह आय बढ़ाता है और विकास जो पारिस्थितिक रूप से टिकाऊ है.''</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="en">Typical of Mr. Modi to give his personal guarantee on an arithmetical inevitability. India's emergence as the world's 3rd largest economy in this decade has been predicted for quite some time now, and it is guaranteed — whichever dispensation forms the next government. <br /><br />The key…</p>
— Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) <a href="https://twitter.com/Jairam_Ramesh/status/1684244026634145798?ref_src=twsrc%5Etfw">July 26, 2023</a></blockquote>
<p style="text-align: justify;">
<script src="https://platform.twitter.com/widgets.js" async="" charset="utf-8"></script>
</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>क्या कहा पीएम मोदी ने?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">दिल्ली के प्रगति मैदान में बुधवार (26 जुलाई) को एक पुनर्विकसित अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी और सम्मेलन केंद्र (IECC) ‘भारत मंडपम’ का उद्घाटन करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि 2014 में सत्ता में आने के बाद से पूरा देश उनकी सरकार की ओर से किए गए कामों का परिणाम देख रहा है. </p>
<p style="text-align: justify;">पीएम मोदी ने अपनी सरकार के विकास के एजेंडे को प्रदर्शित करने के लिए आंकड़े पेश किए और गरीबी उन्मूलन के साथ-साथ अगले 25 वर्षों में भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने का विश्वास जताया.</p>
<p style="text-align: justify;">पीएम मोदी ने कहा, ''हमारे पहले कार्यकाल की शुरुआत में भारत वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं में 10वें स्थान पर था. दूसरे कार्यकाल में आज भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है. ट्रैक रिकॉर्ड के आधार पर मैं देश को ये भी विश्वास दिलाता हूं कि हमारे तीसरे कार्यकाल में भारत शीर्ष तीन अर्थव्यवस्था में पहुंच कर रहेगा और ये मोदी की गारंटी है.'' </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>'अगले 25 साल में भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य'</strong></p>
<p style="text-align: justify;">इसी के साथ पीएम ने कहा, ''हमें अगले 25 साल में भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य हासिल करना है.'' प्रधानमंत्री ने नीति आयोग की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि भारत निश्चित रूप से गरीबी मिटा सकता है क्योंकि इसमें 13.5 करोड़ गरीबों को गरीबी से बाहर निकालने की बात कही गई है.</p>
<p style="text-align: justify;">अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी एवं सम्मेलन केंद्र (आईईसीसी) परिसर का उद्घाटन करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘हम भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाएंगे जो राष्ट्र पहले, नागरिक पहले के सिद्धांत पर काम करेगा.’’</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें- <a title="'मेरे तीसरे कार्यकाल में...', लोकसभा चुनाव को लेकर पीएम मोदी का बड़ा दावा" href="https://www.abplive.com/news/india/pm-modi-on-third-term-in-government-at-during-inauguration-of-redeveloped-iecc-complex-in-pragati-maidan-2461089" target="_blank" rel="noopener">'मेरे तीसरे कार्यकाल में...', लोकसभा चुनाव को लेकर पीएम मोदी का बड़ा दावा</a></strong></p>
Tuesday, July 25, 2023
Jammu Kashmir: जम्मू-कश्मीर में गुज्जरों और बकरवालों का विरोध प्रदर्शन, केंद्र के इस फैसले से हैं नाराज
<p style="text-align: justify;"><strong>Gujjars and Bakarwals Protest In Jammu-Kashmir:</strong> पूरे जम्मू-कश्मीर में गुज्जरों और बकरवालों का विरोध प्रदर्शन जोर पकड़ रहा है क्योंकि बीजेपी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार संसद में अनुसूचित जनजाति श्रेणी के तहत पहाड़ी, गद्दा ब्राह्मण, कोल और वाल्मीकि को आरक्षण देने वाला विधेयक पेश करने के लिए पूरी तरह तैयार है.</p>
<p style="text-align: justify;">श्रीनगर में गुज्जरों और बकरवालों के सदस्यों के अन्य लोगों के साथ उच्च जाति पहाड़ियों को अनुसूचित जनजाति (एसटी) सूची में शामिल करने का मंगलवार (25 जुलाई) को विरोध प्रदर्शन किया गया. प्रदर्शनकारी धमकी दे रहे हैं कि अगर केंद्र संसद में पेश किए गए विधेयक को वापस लाने में विफल रहता है तो वे आंदोलन तेज करेंगे और अपने मवेशियों के साथ सड़कों पर उतरेंगे. उन्होंने कहा, ''हमारा संघर्ष न केवल जम्मू-कश्मीर में, बल्कि पूरे देश में रहने वाले लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए है.'' </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>'एक समुदाय को दूसरे के खिलाफ खड़ा करने का है इरादा' </strong><br />एक प्रदर्शनकारी ने कहा, ''ऊंची जाति के पहाड़ी लोगों को शामिल करने का बीजेपी का कदम गंभीर उकसावे वाला और आदिवासी विरोधी है और एक समुदाय को दूसरे के खिलाफ खड़ा करने का इरादा रखता है. गुज्जरों और बकरवालों ने तीन अलग-अलग विधेयक पेश करने के केंद्र के कदम के खिलाफ रविवार को जम्मू शहर में मशाल विरोध प्रदर्शन किया था. इन विधेयकों में संविधान (जम्मू-कश्मीर) अनुसूचित जाति आदेश (संशोधन) विधेयक, 2023, संविधान (जम्मू-कश्मीर) अनुसूचित जनजाति आदेश (संशोधन) विधेयक, 2023 और जम्मू-कश्मीर आरक्षण (संशोधन) विधेयक, 2023 शामिल हैं.</p>
<p style="text-align: justify;">विधेयक पारित होने के बाद, पहाड़ी, गद्दा ब्राह्मणों और कोली को केंद्र शासित प्रदेश (यूटी) में एसटी सूची में शामिल करने का मार्ग प्रशस्त हो जाएगा. केंद्र का इरादा वाल्मीकियों को अनुसूचित जाति की सूची में शामिल करने का भी है. आदिवासियों ने बीजेपी पर गैर-आदिवासियों को एसटी का दर्जा देने का आरोप अपनी विफलताओं से ध्यान हटाने और चिनाब घाटी में चुनावी लाभ हासिल करने के लिए एक रणनीति के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है, जहां सबसे अधिक पहाड़ी और गैर-आदिवासी गादी आबादी है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>विरोध मार्च का किया आयोजन</strong> <br />इस कदम के विरोध में गुज्जरों और बकरवालों को जम्मू में अन्य आरक्षित श्रेणियों से भी समर्थन मिला है. ऑल रिजर्व्ड कैटेगरी एसोसिएशन के कार्यकर्ताओं ने हाल ही में जम्मू विश्वविद्यालय (जेयू) में एक विरोध मार्च का आयोजन किया. भारत के राष्ट्रपति को एक संयुक्त पत्र में, गुज्जर और पहाड़ी नेताओं ने उनसे हस्तक्षेप की मांग की है. पहाड़ी भाषी लोग एक उल्लेखनीय विषम समूह बनाते हैं. वे पहले से ही अनुच्छेद 15 और 16 के तहत आरक्षण के रूप में संविधान के तहत विभेदित व्यवहार का आनंद ले रहे हैं.</p>
<p style="text-align: justify;">केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अक्टूबर 2022 में पहाड़ी समुदाय के लिए एसटी दर्जे की घोषणा की, जिसमें बकरवाल और गुज्जरों के विपरीत हिंदू और मुस्लिम शामिल हैं, जो सभी मुस्लिम हैं. इन समूहों के विरोध के बाद शाह ने नवंबर 2022 में शीर्ष गुज्जर नेताओं के साथ बैठक भी की. विधेयकों पर वर्तमान मानसून सत्र के दौरान चर्चा और मतदान होना है और लोकसभा में बिना किसी कठिनाई के पारित होने की संभावना है. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: </strong><strong><a title="Cement Factory Accident: तेलंगाना के सूर्यापेट में सीमेंट फैक्ट्री में हादसा, कई मजदूरों के फंसे होने की आशंका" href="https://www.abplive.com/news/india/telangana-cement-factory-accident-several-feared-dead-concrete-slab-collapse-suryapet-2460218" target="_self">Cement Factory Accident: तेलंगाना के सूर्यापेट में सीमेंट फैक्ट्री में हादसा, कई मजदूरों के फंसे होने की आशंका</a></strong></p>
इसे कहते हैं चोरी का कीड़ा! 25 साल, 14 राज्य, 1200 चोरियों... हैरान कर देगी लग्जरी कार में घूमने वाले चोर की कहानी
<p style="text-align: justify;"><strong>Thief Nadeem Qureshi:</strong> कोलकाता पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है. पुलिस को आखिरकार नदीम कुरैशी की कस्टडी हासिल हो गई. नदीम एक ऐसा चोर है जिसने 25 वर्षों के अंदर 14 राज्यों में लगभग 1,200 चोरियों को अंजाम दिया है. 14 साल की उम्र से चोरी करने वाला नदीम कुरैशी सेडान में घूमता था और कॉर्पोरेट जगत में काम करने वालों की तरह सूट-बूट पहनकर निकलता था. 2021 से अभी तक वह दिल्ली की तिहाड़ जेल में था. </p>
<p style="text-align: justify;">पुलिस ने कहा कि नदीम कुरैशी (45) के पास मुंबई और पुणे में करोड़ों की संपत्ति है और उसके बच्चे काफी अच्छे स्कूल में पढ़ाई करते हैं. कोलकाता पुलिस की अर्जी पर गाजियाबाद पुलिस अब उसे तिहाड़ जेल से बंगाल ले आई. यहां एक कोर्ट ने उसे सोमवार (24 जुलाई) को सात दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया. </p>
<p style="text-align: justify;">बिधाननगर सिटी पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "वह देशभर में चोरी के मामलों में वांछित है. वह एक जगह चोरी करके दूसरी जगह चला जाता था. उन्होंने पहली बार साल 2021 में उसकी तलाश शुरू की थी जब उसने सौरव अबासन के दो फ्लैटों में 12 लाख रुपये की डकैती की थी. हमने उसे कोना एक्सप्रेसवे तक ट्रैक किया था, लेकिन फिर वह गायब हो गया."</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>दिल्ली की तिहाड़ जेल में था नदीम </strong></p>
<p style="text-align: justify;">पुलिस अधिकारियों ने बताया, "गाजियाबाद में चोरी के एक मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद नदीम को तिहाड़ जेल में शिफ्ट कर दिया गया था. वह 2021 से वहां बंद था. हमने नदीम की कस्टडी के लिए जेल अधिकारियों के सामने प्रोडक्शन रिमांड की मांग रखी रखी थी, पिछले हफ्ते हमारी रिक्वेस्ट मान ली और गाजियाबाद पुलिस उसे बंगाल ले आई."</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ऐसे देता था लाखों की चोरी को अंजाम </strong></p>
<p style="text-align: justify;">नदीम दो दशक से भी ज्यादा समय से चोरी कर रहा था, इसलिए चालाकी ने उसके दिमाग में घर कर लिया था. वह ऐसे फ्लैट्स की तलाश में रहता था जहां कम सिक्योरिटी होती थी या जो स्टैंड-अलोन घर होते थे. वह अपनी कार से ही जाता था और लिफ्ट का इस्तेमाल कर टॉप फ्लोर तक जाकर फिर वहां से बंद फ्लैट की तलाश करता था. वह उन घरों को निशाना बनाता था जो ज्यादा लंबे समय से बंद न हों और केवल नकदी और सोना चुराता था.</p>
<p style="text-align: justify;">अब तक नदीम को कम से कम आठ बार गिरफ्तार किया जा चुका है और पिछले 23 मामलों में वह अपराधी घोषित हो चुका है. हैरान करने वाली बात यह भी है कि उसने 'नदीम गैंग' नाम से एक टीम को भी ट्रेनिंग दे रखी है, जोकि इसी तरह से चोरी करती थी. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: </strong><strong><a title="Kargil Vijay Diwas: परवेज मुशर्रफ 'कारगिल प्लान' लेकर आए और मैंने...जब बेनजीर भुट्टो ने भारत के खिलाफ साजिश का किया खुलासा" href="https://www.abplive.com/news/india/kargil-vijay-diwas-2023-former-pakistan-pm-benazir-bhutto-opposed-kargil-like-attack-proposed-by-pervez-musharraf-2460283" target="_self">Kargil Vijay Diwas: परवेज मुशर्रफ 'कारगिल प्लान' लेकर आए और मैंने...जब बेनजीर भुट्टो ने भारत के खिलाफ साजिश का किया खुलासा</a></strong></p>
'INDIA' पर पीएम मोदी की टिप्पणी के बाद बीजेपी नेताओं ने छोड़े जुबानी तीर... राहुल, स्टालिन, ममता और अखिलेश ने किया पलटवार
<p style="text-align: justify;"><strong>Politics Over Opposition Alliance Name:</strong> देश के 26 विपक्षी दलों ने एकजुट होकर <a title="लोकसभा चुनाव" href="https://www.abplive.com/topic/lok-sabha-election-2024" data-type="interlinkingkeywords">लोकसभा चुनाव</a> 2024 में बीजेपी के खिलाफ चुनाव लड़ने की ठान ली है. विपक्षी दलों के इस महागठबंधन को नाम भी दे दिया गया है. 17 और 18 जुलाई को बेंगलुरु में हुई विपक्षी दलों की दूसरी बैठक में इस गठबंधन का नाम INDIA रखा गया. इधर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने नाम की घोषणा की और उधर बीजेपी ने गठबंधन के नाम को लेकर कटाक्ष, तंज और निंदा करना शुरू कर दिया.</p>
<p style="text-align: justify;">विपक्षी गठबंधन को दिए गए नाम को लेकर 18 जुलाई से ही जंग जारी है. अब मंगलवार (25 जुलाई) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की टिप्पणी ने इसे महासंग्राम में बदल दिया. दरअसल, पीएम मोदी ने बीजेपी की संसदीय दल की बैठक में विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) को देश का अब तक का सबसे दिशाहीन गठबंधन करार दिया. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>विपक्षी गठबंधन के नाम पर पीएम मोदी की टिप्पणी</strong></p>
<p style="text-align: justify;">पीएम मोदी ने ईस्ट इंडिया कंपनी और इंडियन मुजाहिदीन जैसे नामों का हवाला देते हुए कहा, "केवल देश के नाम के इस्तेमाल से लोगों को गुमराह नहीं किया जा सकता.'' उनके इस बयान के बाद विपक्षी दलों और बीजेपी नेताओं में जुबानी जंग छिड़ गई.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>बीजेपी में किसने क्या कहा?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष <strong>जेपी नड्डा</strong> ने तंज किया, "एक बच्चा था जो अपनी सभी परीक्षाओं में फेल हो गया. उसके सहपाठी और पड़ोसी उससे नफरत करते थे. इसलिए माता-पिता ने उनकी धारणा बदलने के लिए उनका नाम बदलने के बारे में सोचा. क्या मामला I.N.D.I.A जैसा नहीं है?"</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="en">There was a child who failed in all his exams.<br /><br />He was hated by his classmates and neighbours.<br /><br />So the parents thought of changing his name to change his perception.<br /><br />Isn’t the case similar to that of I.N.D.I.A?</p>
— Jagat Prakash Nadda (@JPNadda) <a href="https://twitter.com/JPNadda/status/1683805398791487489?ref_src=twsrc%5Etfw">July 25, 2023</a></blockquote>
<p style="text-align: justify;">
<script src="https://platform.twitter.com/widgets.js" async="" charset="utf-8"></script>
</p>
<p style="text-align: justify;">केंद्रीय गृह मंत्री <strong>अमित शाह</strong> ने कहा, "अपने बुरे अतीत से छुटकारा पाने के लिए विपक्षी गठबंधन ने अपना नाम बदल लिया है लेकिन केवल नाम बदलकर I.N.D.I.A कर दिया गया. अपने पिछले कार्यों को सार्वजनिक स्मृति से नहीं मिटा पाएंगे. हमारे देश के लोग इतने समझदार हैं कि इस दुष्प्रचार को समझ सकेंगे और इस पुराने उत्पाद को नए लेबल के साथ उसी अस्वीकृति के साथ व्यवहार करेंगे."</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="en">In a bid to get rid of its hounding past, the opposition alliance has changed its nomenclature. But merely changing the name to I.N.D.I.A. will not erase their past deeds from public memory.<br /><br />The people of our country are wise enough to see through this propaganda and will treat…</p>
— Amit Shah (@AmitShah) <a href="https://twitter.com/AmitShah/status/1683866765204545536?ref_src=twsrc%5Etfw">July 25, 2023</a></blockquote>
<p style="text-align: justify;">
<script src="https://platform.twitter.com/widgets.js" async="" charset="utf-8"></script>
</p>
<p style="text-align: justify;">उत्तराखंड की मुख्यमंत्री <strong>पुष्कर सिंह धामी</strong> ने ट्वीट कर कहा, "बढ़ते देश की उम्मीदों पर वो अंधेरे जैसा छा जाते हैं, देश ने बोला 'कर्म' बदलो, वो 'नाम' बदल कर आ जाते हैं. 'फूट डालो राज करो' जिनके डीएनए में है, ऐसी टुकड़े-टुकड़े गैंग की सरगना कांग्रेस आज महाठगबंधन को 'I.N.D.I.A' नाम देकर समस्त राष्ट्रभक्तों के खिलाफ एक युद्ध छेड़ने का काम कर रही है."</p>
<p style="text-align: justify;">उन्होंने कहा, "एक तरफ आदरणीय प्रधानमंत्री के नेतृत्व में विश्वपटल पर एक शक्ति के रूप में 'NEW INDIA' का उदय हो रहा है वहीं दूसरी ओर परिवारवाद और भ्रष्टाचार में डूबे ये दल अपने इस ठगबंधन को 'I.N.D.I.A' नाम देकर देश की छवि को धूमिल करने की कोशिश कर रहे हैं."</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="hi">बढ़ते देश की उम्मीदों पर वो अंधेरे जैसा छा जाते हैं,<br />देश ने बोला "कर्म" बदलो, वो "नाम" बदल कर आ जाते हैं।<br /><br />"फूट डालो राज करो" जिनके डीएनए में है ऐसी टुकड़े-टुकड़े गैंग की सरगना कांग्रेस आज महाठगबंधन को "I.N.D.I.A" नाम देकर समस्त राष्ट्रभक्तों के विरुद्ध एक छद्म युद्ध छेड़ने का…</p>
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) <a href="https://twitter.com/pushkardhami/status/1683885546962296835?ref_src=twsrc%5Etfw">July 25, 2023</a></blockquote>
<p style="text-align: justify;">
<script src="https://platform.twitter.com/widgets.js" async="" charset="utf-8"></script>
</p>
<p style="text-align: justify;">बीजेपी की वरिष्‍ठ नेता और राजस्‍थान की पूर्व मुख्‍यमंत्री <strong>वसुंधरा राजे</strong> सिंधिया ने ट्वीट कर कहा, "कमाल है, जिन्होंने 60 साल भ्रष्टाचार और घोटालों से हमारे भारत को शर्मसार किया. देशवासियों की तरफ से नकारे जा चुके उन लोगों ने अपने गठबंधन को I-N-D-I-A नाम दिया है. नाम बदलने से कारनामे नहीं बदल जाते. आपकी नीयत और नीति से जनता वाकिफ है."</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="hi">कमाल है - जिन्होंने 60 साल भ्रष्टाचार व घोटालों से हमारे भारत को शर्मसार किया। देशवासियों द्वारा नकारे जा चुके उन लोगों ने अपने गठबंधन को I-N-D-I-A नाम दिया है।<br /><br />नाम बदलने से कारनामे नहीं बदल जाते।<br />आपकी नीयत और नीति से जनता वाकिफ है। <a href="https://twitter.com/hashtag/India?src=hash&ref_src=twsrc%5Etfw">#India</a></p>
— Vasundhara Raje (@VasundharaBJP) <a href="https://twitter.com/VasundharaBJP/status/1683881944898224129?ref_src=twsrc%5Etfw">July 25, 2023</a></blockquote>
<p style="text-align: justify;">
<script src="https://platform.twitter.com/widgets.js" async="" charset="utf-8"></script>
</p>
<p style="text-align: justify;">उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री <strong><a title="योगी आदित्यनाथ" href="https://www.abplive.com/topic/yogi-adityanath" data-type="interlinkingkeywords">योगी आदित्यनाथ</a></strong> ने कहा, "कौआ अपना नाम हंस रख ले तो भी मोती नहीं चुगेगा. अमावस्या की काली रात को पूर्णिमा का नाम देने से वह शीतल और प्रकाशवान नहीं हो जाएगी. नाम बदलने से इनका मूल स्वभाव नहीं बदल जाएगा. ऐसे ही I.N.D.I.A. नाम लगा लेने से आत्मा और संस्कार में रची-बसी विभाजनकारी सोच और भारत विरोधी दृष्टि समाप्त नहीं हो जाएगी."</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="hi">कौआ अपना नाम हंस रख ले तो भी मोती नहीं चुगेगा।<br /><br />अमावस्या की काली रात को पूर्णिमा का नाम देने से वह शीतल और प्रकाशवान नहीं हो जाएगी।<br /><br />नाम बदलने से इनका मूल स्वभाव नहीं बदल जाएगा।<br /><br />ऐसे ही I.N.D.I.A. नाम लगा लेने से आत्मा और संस्कार में रची-बसी विभाजनकारी सोच और भारत विरोधी दृष्टि…</p>
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) <a href="https://twitter.com/myogiadityanath/status/1683854303411474437?ref_src=twsrc%5Etfw">July 25, 2023</a></blockquote>
<p style="text-align: justify;">
<script src="https://platform.twitter.com/widgets.js" async="" charset="utf-8"></script>
</p>
<p style="text-align: justify;">विदेश मंत्री <strong>एस जयशंकर</strong> ने तंज कसते हुए कहा, "विडंबना यह है कि जो लोग विदेश से हस्तक्षेप चाहते हैं वे अब मानते हैं कि I.N.D.I.A एक आवरण के रूप में काम कर सकता है. कोइ चिंता नहीं, लोग इसके माध्यम से देखेंगे."</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="en">Irony that those who seek intervention from abroad now believe that I.N.D.I.A can serve as a cover. <br /><br />Not to worry; the people will see through it.</p>
— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) <a href="https://twitter.com/DrSJaishankar/status/1683869614814695424?ref_src=twsrc%5Etfw">July 25, 2023</a></blockquote>
<p style="text-align: justify;">
<script src="https://platform.twitter.com/widgets.js" async="" charset="utf-8"></script>
</p>
<p style="text-align: justify;">हरियाणा के मुख्यमंत्री <strong>मनोहरलाल खट्टर</strong> ने कहा, "गुण, स्वभाव और शक्तियां सिर्फ नाम बदल लेने से नहीं बदल जातीं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ बनाया गया ठग-बंधन 'फ्यूज बल्बों की झालर' से ज्यादा कुछ नहीं है. इससे रोशनी भी नहीं हो सकती और न ही ये सूरज का मुकाबला कर सकता."</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="hi">गुण, स्वभाव और शक्तियां सिर्फ नाम बदल लेने से नहीं बदल जाती...<br /><br />प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के खिलाफ बनाया गया ठग-बंधन 'फ्यूज बल्बों की झालर' से ज्यादा कुछ नहीं है।<br /><br />इससे रोशनी भी नहीं हो सकती और न ही ये सूरज का मुकाबला कर सकता।</p>
— Manohar Lal (@mlkhattar) <a href="https://twitter.com/mlkhattar/status/1683857086600589312?ref_src=twsrc%5Etfw">July 25, 2023</a></blockquote>
<p style="text-align: justify;">
<script src="https://platform.twitter.com/widgets.js" async="" charset="utf-8"></script>
</p>
<p style="text-align: justify;">वाणिज्य मंत्री <strong>पीयूष गोयल</strong> ने ट्वीट कर पूछा, "क्या खुद को I.N.D.I.A बुलाना, विपक्ष की “India is Indira, Indira is India” की अहंकारी मानसिकता को नहीं दर्शाता?"</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="hi">क्या खुद को I.N.D.I.A बुलाना, विपक्ष की “India is Indira, Indira is India” की अहंकारी मानसिकता को नहीं दर्शाता ?</p>
— Piyush Goyal (@PiyushGoyal) <a href="https://twitter.com/PiyushGoyal/status/1683870244098678785?ref_src=twsrc%5Etfw">July 25, 2023</a></blockquote>
<p style="text-align: justify;">
<script src="https://platform.twitter.com/widgets.js" async="" charset="utf-8"></script>
</p>
<p style="text-align: justify;">वहीं, दूसरी तरफ इस गठबंधन में शामिल विपक्षी दलों ने भी इसका तीखा पलटवार किया है. गठबंधन करने वाले इन दलों में कांग्रेस, टीएमसी, आम आदमी पार्टी, डीएमके, जेडीयू, आरजेडी, जेएमएम और लेफ्ट सहित 26 पार्टियां शामिल हैं. विपक्षी दलों का कहना है कि उनका यह गठबंधन बीजेपी के खिलाफ है, एनडीए के खिलाफ है और भ्रष्टाचार के खिलाफ है. <strong><br /></strong></p>
<p style="text-align: justify;"><strong>विपक्षी दलों में किसने क्या कहा?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">कांग्रेस नेता <strong>राहुल गांधी</strong> ने केंद्र की मोदी सरकार और पीएम मोदी पर तंज कसते हुए कहा, "आप हमें जो चाहें बुला लें मोदी जी. हम INDIA हैं. हम मणिपुर को ठीक करने और हर महिला और बच्चे के आंसू पोंछने में मदद करेंगे. हम उसके सभी लोगों के लिए प्यार और शांति वापस लाएंगे. हम मणिपुर में भारत के विचार का पुनर्निर्माण करेंगे."</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="en">Call us whatever you want, Mr. Modi. <br /><br />We are INDIA. <br /><br />We will help heal Manipur and wipe the tears of every woman and child. We will bring back love and peace for all her people. <br /><br />We will rebuild the idea of India in Manipur.</p>
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) <a href="https://twitter.com/RahulGandhi/status/1683751820823502850?ref_src=twsrc%5Etfw">July 25, 2023</a></blockquote>
<p style="text-align: justify;">
<script src="https://platform.twitter.com/widgets.js" async="" charset="utf-8"></script>
</p>
<p style="text-align: justify;">न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, तृणमूल कांग्रेस (TMC) की चीफ <strong>ममता बनर्जी</strong> ने कहा, “हमारे प्रधानमंत्री <a title="नरेंद्र मोदी" href="https://www.abplive.com/topic/narendra-modi" data-type="interlinkingkeywords">नरेंद्र मोदी</a> को धन्यवाद. मुझे लगता है कि उन्हें 'इंडिया' नाम पसंद है. आम लोगों की तरह उन्होंने भी इसे स्वीकार कर लिया है. जितना अधिक वे नाम के बारे में बुरा बोलेंगे, उतना ही अधिक वे इसके प्रति अपनी पसंद साबित करेंगे. ”</p>
<p style="text-align: justify;">समाजवादी पार्टी अध्यक्ष <strong>अखिलेश यादव</strong> ने ट्वीट कर कहा, "जो लोग आजादी के आंदोलन में स्वतंत्रता-सेनानियों की मुखबरी कर रहे थे, वो अब थोथे प्रवचन कर रहे हैं. अपने नाम में उपाधि लगा लेने से या चोगा धारण कर लेने से मूल-स्वरूप नहीं छुपता. राजनीति को बंटवारे के हथियार के रूप में इस्तेमाल करने वाले विभाजनकारी अब अपने दिन गिनें."</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="hi">जो लोग आज़ादी के आंदोलन में स्वतंत्रता-सेनानियों की मुखबरी कर रहे थे, वो अब थोथे प्रवचन कर रहे हैं। अपने नाम में उपाधि लगा लेने से या चोगा धारण कर लेने से मूल-स्वरूप नहीं छुपता। राजनीति को बँटवारे के हथियार के रूप में इस्तेमाल करनेवाले विभाजनकारी अब अपने दिन गिनें।<a href="https://twitter.com/hashtag/IndiaJeetega?src=hash&ref_src=twsrc%5Etfw">#IndiaJeetega</a></p>
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) <a href="https://twitter.com/yadavakhilesh/status/1683876063099904000?ref_src=twsrc%5Etfw">July 25, 2023</a></blockquote>
<p style="text-align: justify;">
<script src="https://platform.twitter.com/widgets.js" async="" charset="utf-8"></script>
</p>
<p style="text-align: justify;">पीएम मोदी के ट्वीट पर पलटवार करते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पूछा, "प्रधानमंत्री को INDIA से इतनी नफरत क्यों है?"</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="en">Why does the Prime Minister hate India so much? <a href="https://t.co/QENwLiUndj">https://t.co/QENwLiUndj</a></p>
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) <a href="https://twitter.com/ArvindKejriwal/status/1683794115413299201?ref_src=twsrc%5Etfw">July 25, 2023</a></blockquote>
<p style="text-align: justify;">
<script src="https://platform.twitter.com/widgets.js" async="" charset="utf-8"></script>
</p>
<p style="text-align: justify;">एमके स्टालिन ने कहा, ''आप ही नहीं, हम भी 'इंडिया' की सफलता की कोशिश कर रहे हैं. हम इसके लिए टीम भावना के तौर पर काम कर रहे हैं.'' स्टालिन ने पीएम मोदी का नाम तो नहीं लिया लेकिन उनका इशारा उन्हीं की तरफ था. </p>
<p style="text-align: justify;">टीएमसी सांसद <strong>महुआ मोइत्रा</strong> ने ट्वीट कर कहा, "बहुत हो गया पीएम साहब. भारत की तुलना प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों से करना न तो आपके पद के अनुरूप है और न ही आपकी गरिमा के अनुरूप. संसद का सत्र चल रहा है. आप सदन के बाहर जो बहादुरी दिखाते हैं, उसका कुछ हिस्सा संसद के अंदर क्यों नहीं इस्तेमाल करते और असल में INDIA का सामना क्यों नहीं करते हैं."</p>
<p style="text-align: justify;">
<script src="https://platform.twitter.com/widgets.js" async="" charset="utf-8"></script>
</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: </strong><strong><a title="सरकार के खिलाफ कल विपक्ष लाएगा अविश्वास प्रस्ताव, 'INDIA' पर पीएम मोदी के बयान से नया संग्राम | बड़ी बातें" href="https://www.abplive.com/news/india/parliament-monsoon-session-uproar-over-manipur-violence-and-pm-modi-remarks-on-india-opposition-will-bring-no-confidence-motion-10-highlights-2460411" target="_self">सरकार के खिलाफ कल विपक्ष लाएगा अविश्वास प्रस्ताव, 'INDIA' पर पीएम मोदी के बयान से नया संग्राम | बड़ी बातें</a></strong></p>
No-Confidence Motion Plan: हार तय होने के बाद भी विपक्ष क्यों ला रहा है सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव? जानें वजह
<p style="text-align: justify;"><strong>Parliament Monsoon Session:</strong> मणिपुर हिंसा को लेकर संसद में सत्ता पक्ष और विपक्ष में गतिरोध बरकरार है. इस बीच हमलावर विपक्ष बुधवार (26 जुलाई) को मोदी सरकार के खिलाफ लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव लाने की योजना में है. निचले सदन में नेता विपक्ष अधीर रंजन चौधरी ने न्यूज़ एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कहा कि विपक्षी दल बुधवार को सरकार के खिलाफ लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव लाएंगे.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>अधीर रंजन चौधरी का बयान</strong></p>
<p style="text-align: justify;">अधीर रंजन चौधरी ने कहा, ''<span class="jCAhz ChMk0b"><span class="ryNqvb">आज (25 जुलाई) यह निर्णय लिया गया है कि हमारे पास अविश्वास प्रस्ताव का सहारा लेने के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं होगा क्योंकि सरकार मणिपुर के मुद्दे पर विपक्षी दलों की मांग स्वीकार नहीं कर रही है.</span></span> <span class="jCAhz ChMk0b"><span class="ryNqvb">कम से कम पीएम को संसद में कड़ा बयान देना चाहिए क्योंकि वह भारत के प्रधानमंत्री के अलावा संसद में हमारे नेता भी हैं,</span></span> <span class="jCAhz ChMk0b"><span class="ryNqvb">लेकिन वह हमारी मांग को अस्वीकार कर रहे हैं.''</span></span></p>
<p style="text-align: justify;"><span class="jCAhz ChMk0b"><span class="ryNqvb">उन्होंने कहा, ''हालांकि, यह स्वाभाविक तौर पर एक सहज मांग है</span></span> <span class="jCAhz ChMk0b"><span class="ryNqvb">फिर भी प्रधानमंत्री हमारी मांग पर विचार नहीं कर रहे हैं.</span></span> <span class="jCAhz ChMk0b"><span class="ryNqvb">इसीलिए हमने अविश्वास प्रस्ताव लाने की सोची.</span></span> <span class="jCAhz ChMk0b"><span class="ryNqvb">जहां मुख्य विपक्ष की दलील है कि सरकार पर लगाए गए आरोपों का जवाब खुद प्रधानमंत्री की ओर से दिया जाना चाहिए. इस प्रयास से हमें निराशा मिली</span></span><span class="jCAhz ChMk0b"><span class="ryNqvb"> और कोई अन्य विकल्प न मिलने पर हम इस संसदीय साधन का सहारा लेने के लिए मजबूर हैं जिसे अविश्वास प्रस्ताव कहा जाता है.''</span></span></p>
<p style="text-align: justify;"><strong><span class="jCAhz ChMk0b"><span class="ryNqvb">हार तय होने पर भी विपक्ष क्यों ला रहा अविश्वास प्रस्ताव?</span></span></strong></p>
<p style="text-align: justify;">सवाल उठता है कि संख्याबल के हिसाब से हार तय होने के बाद भी विपक्ष यह कदम क्यों उठा रहा है? न्यूज़ एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, विपक्षी दलों की दलील है कि वे चर्चा के दौरान मणिपुर मुद्दे पर सरकर को घेरकर अवधारणा बनाने की लड़ाई जीत जाएंगे. विपक्षी दलों ने दलील दी कि यह मणिपुर मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संसद में बोलने के लिए विवश करने की रणनीति भी है. </p>
<p style="text-align: justify;">सरकार इस बात पर जोर दे रही है कि मणिपुर की स्थिति पर चर्चा का जवाब केवल केंद्रीय गृह मंत्री देंगे. वहीं विपक्षी पार्टियों का साफ-साफ कहना है कि प्रधानमंत्री <a title="नरेंद्र मोदी" href="https://www.abplive.com/topic/narendra-modi" data-type="interlinkingkeywords">नरेंद्र मोदी</a> संसद में मणिपुर पर जवाब दें.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>अविश्वास प्रस्ताव का भविष्य पहले से तय</strong></p>
<p style="text-align: justify;">अविश्वास प्रस्ताव का भविष्य पहले से तय है क्योंकि संख्याबल स्पष्ट रूप से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के पक्ष में है और विपक्षी समूह के निचले सदन में 150 से कम सदस्य हैं. सूत्रों ने बताया कि मणिपुर हिंसा के मुद्दे को लेकर विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) के घटक दल लोकसभा में सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दे सकते हैं. </p>
<p style="text-align: justify;">हालांकि, यह अध्यक्ष पर निर्भर करता है कि वह सदन में नोटिस पर कब चर्चा कराते हैं. सूत्रों ने बताया कि मणिपुर के मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर संसद के भीतर बयान देने का दबाव बनाने के कई विकल्पों पर विचार करने के बाद यह फैसला किया गया कि अविश्वास प्रस्ताव ही सबसे कारगर रास्ता होगा, जिसके जरिये सरकार को इस मुद्दे पर चर्चा के लिए विवश किया जा सकेगा.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें- <a title="सरकार के खिलाफ कल विपक्ष लाएगा अविश्वास प्रस्ताव, 'INDIA' पर पीएम मोदी के बयान से नया संग्राम | बड़ी बातें" href="https://www.abplive.com/news/india/parliament-monsoon-session-uproar-over-manipur-violence-and-pm-modi-remarks-on-india-opposition-will-bring-no-confidence-motion-10-highlights-2460411" target="_blank" rel="noopener">सरकार के खिलाफ कल विपक्ष लाएगा अविश्वास प्रस्ताव, 'INDIA' पर पीएम मोदी के बयान से नया संग्राम | बड़ी बातें</a></strong></p>
Monday, July 24, 2023
Uniform Civil Code: BJP से जुड़े पसमांदा मुस्लिम संगठन UCC पर दूर करेंगे कन्फ्यूजन, बनी ये रणनीति
<p style="text-align: justify;"><strong>UCC Pasmanda Muslims:</strong> देश में लोकसभा के लिए होने वाले आम चुनाव से पहले मोदी सरकार यूनीफार्म सिविल कोड (UCC) लाने की तैयारी कर रही है. समान नागरिक संहिता को लेकर मुस्लिम समाज में कुछ भ्रांतियां हैं. इसका विरोध भी हो रहा है. ऑल इंडिया पर्सनल लॉ बोर्ड के जवाब में बीजेपी ने पसमांदा महाज को आगे किया है. इसको लेकर रविवार (23 जुलाई) को लखनऊ में एक बैठक हुई. इसके बाद पसमांदा मुस्लिम अपने समाज में यूसीसी को लेकर जो गलतफहमियां हैं उन्हें दूर करने की कोशिश की जाएगी.</p>
<p style="text-align: justify;">राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष इकबाल सिंह लालपुरा की अध्यक्षता में संपन्न हुई बैठक के बाद पसमांदा महाज ने अपना नजरिया स्पष्ट किया. अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री दानिश अंसारी ने बड़े ही खुले शब्दों में कहा है कि यूसीसी लागू होने का ये मतलब कतई न निकाला जाए कि मुस्लिम को नमाज पढ़ने और रोजा रखने की इजाजत नहीं होगी.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>'वोट बैंक बने मुसलमान'</strong></p>
<p style="text-align: justify;">उन्होंने आगे कहा कि कुछ राजनीतिक लोगों ने मुस्लिम समाज को वोट बैंक समझकर उनका इस्तेमाल किया है. मगर अब ऐसा नहीं होगा. मुसलमान अपना भला-बुरा समझने लगा है. कभी भी कोई पार्टी मुस्लिमों की समानता के अधिकार के लिए शिक्षा और उनके रोजगार की बात नहीं करती थी. सिर्फ और सिर्फ वोट के लिए मुस्लिमों का इस्तेमाल होता रहा, लेकिन अब कतई ऐसा नहीं होगा.</p>
<p style="text-align: justify;">इकबाल सिंह ने आगे कहा कि राष्ट्रवादी मुस्लिम पसमांदा महाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष आसिफ रशीद ने बड़ी जोरदारी से अपना मंतव्य स्पष्ट किया. उनका मानना है कि यूसीसी लागू होने से समाज की बहू-बेटियों को भी समानता का अधिकार मिलेगा. इसमें गलत क्या है? अब 15 प्रतिशत मुसलमानों की 4 शादियों के लिए मुस्लिम समाज सड़क पर नहीं उतरेगा.</p>
<p style="text-align: justify;">पीएम मोदी ने अभी हाल में मध्य प्रदेश में पसमांदा मुसलमानों का बड़ी जोरदारी के साथ जिक्र किया था. उन्होंने खुले मंच से कहा था कि पसमांदा मुस्लिम आर्थिक, समाजिक, शिक्षा हर दृष्टि से पिछड़े हुए हैं. उन्हें भी आगे आने का मौका मिलना चाहिए. भारत में 15 परसेंट वह मुसलमान हैं जिन्हें उच्च वर्ग माना है. उन्हें अशरफ कहा जाता है.</p>
<p style="text-align: justify;">वहीं पसमांदा शब्द मूल रूप से फारसी भाषा से लिए गया है. भारत में मुस्लिम समाज में पसमांदा महाज की हिस्सेदारी 85 फीसद है. इनमें अरजाल, अजलाफ, दलित और पिछड़े वर्ग के मुस्लिम माने जाते हैं. मुसलमा यह कदम यूसीसी के लिए कितना कारगर साबित होगा यह तो आने वाला समय ही तय कर पाएगा. सुप्रीम कोर्ट भी इसे लाने के लिए मोदी सरकार पर दबाव बनाए हुए है. </p>
<p style="text-align: justify;">ये भी पढ़ेः <a title="<strong>पसमांदा मुस्लिम दिलाएंगे </strong><strong>BJP </strong><strong>को </strong><strong>2024 </strong><strong>का ताज </strong><strong>?</strong>" href="https://www.abplive.com/videos/news/will-pasmanda-muslim-can-make-bjp-win-2024-lok-sabha-election-2258660" target="_self"><strong>पसमांदा मुस्लिम दिलाएंगे </strong><strong>BJP </strong><strong>को </strong><strong>2024 </strong><strong>का ताज </strong><strong>?</strong></a></p>
'UCC के बारे में अफवाह है कि...', RSS से जुड़े मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने लॉ कमीशन से मुलाकात के बाद दिया बयान
<p style="text-align: justify;"><strong>Muslim Rashtriya Manch Meets Law Commission: </strong>देश में इस समय यूनिफॉर्म सिविल कोड को लेकर चारों ओर चर्चा का माहौल बना हुआ. कई लोग पक्ष में तो कई विपक्ष में हैं. इन सबके बीच रविवार (23 जुलाई) को मुस्लिम राष्ट्रीय मंच और लॉ कमीशन की मुलाकात हुई. </p>
<p style="text-align: justify;">दरअसल, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े मुस्लिम राष्ट्रीय मंच (MRM) के एक प्रतिनिधिमंडल ने लॉ कमीशन के अध्यक्ष जस्टिस ऋतु राज अवस्थी से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने प्रस्तावित यूनीफार्म सिविल कोड (UCC) पर अपने सुझाव सौंपे. </p>
<p style="text-align: justify;">न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, संगठन ने एक बयान में कहा कि एमआरएम के पदाधिकारी सिराज कुरैशी और इसके राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी शाहिद सईद के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने यहां जस्टिस अवस्थी से उनके आवास पर मुलाकात की. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>क्या बोले जस्टिस अवस्थी? </strong></p>
<p style="text-align: justify;">इस मुलाकात में मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने देश में यूसीसी लाने के कदम का समर्थन करते हुए एक ज्ञापन सौंपा. एमआरएम के बयान के मुताबिक, बैठक के दौरान अवस्थी ने कहा कि यूसीसी के मसौदे को लेकर समाज के विभिन्न वर्गों में बहुत भ्रम है, लेकिन लोगों को किसी भी चीज के लिए चिंता करने की जरूरत नहीं है. </p>
<p style="text-align: justify;">मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने कहा, "अवस्थी ने यह भी कहा कि यूसीसी के बारे में अफवाह है कि इसे संसद के अगले सत्र में लाया जाएगा लेकिन ऐसा कुछ नहीं होने जा रहा है." एमआरएम ने अवस्थी के हवाले से कहा कि उन्होंने स्पष्ट किया है कि प्रक्रिया पूरी होने में लंबा समय लगेगा." </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यूसीसी पर राजनीति तेज </strong></p>
<p style="text-align: justify;">प्रधानमंत्री <a title="नरेंद्र मोदी" href="https://www.abplive.com/topic/narendra-modi" data-type="interlinkingkeywords">नरेंद्र मोदी</a> की यूनिफॉर्म सिविल कोड पर आई टिप्पणी के बाद राजनीति भी हो रही है. पीएम मोदी ने कहा था, "जब एक घर में दो कानून हों तो घर नहीं चल सकता, ऐसे में दो कानून के साथ देश कैसे चलेगा?"</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें:</strong></p>
<p style="text-align: justify;"><strong><a title="मणिपुर हिंसा: चर्चा की मांग और संजय सिंह के निलंबन के खिलाफ संसद परिसर में धरना, राजनाथ सिंह ने विपक्षी नेताओं से की बात" href="https://www.abplive.com/news/india/monsoon-session-opposition-parties-leader-sit-on-protest-in-parliament-against-suspension-of-sanjay-singh-from-rajya-sabha-and-manipur-violence-issue-2459799" target="_self">मणिपुर हिंसा: चर्चा की मांग और संजय सिंह के निलंबन के खिलाफ संसद परिसर में धरना, राजनाथ सिंह ने विपक्षी नेताओं से की बात</a></strong></p>
Subscribe to:
Comments (Atom)
तेलंगाना को मिला नया राज्यपाल, बीजेपी के वरिष्ठ नेता शिव प्रताप शुक्ल को दी गई जिम्मेदारी
<p style="text-align: justify;">तेलंगाना में राज्यपाल पद को लेकर अहम प्रशासनिक बदलाव किया गया है. केंद्र सरकार ने बीजेपी के ...
-
<p style="text-align: justify;"><strong>Air Chief Marshal AP Singh:</strong> एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने वा...
-
<p style="text-align: justify;">अहमदाबाद में 12 जून को हुए एयर इंडिया की उड़ान AI-171 के विमान हादसे को लेकर विमान दुर्घटना ...
-
<p style="text-align: justify;">सहारा समूह के प्रमुख सुब्रत रॉय का मंगलवार (14 नवंबर) को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया. व...