Tuesday, February 28, 2023
'कौन से बाध्यकारी कारण थे, जिसके कारण राज्यपाल को...', शक्ति परीक्षण को लेकर जब SC ने शिंदे गुट से पूछा
<p style="text-align: justify;"><strong>Supreme Court On Shiv Sena Row:</strong> सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (28 फरवरी) को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले धड़े से सवाल किया कि क्या महा विकास आघाड़ी (एमवीए) में गठबंधन को जारी रखने की शिवसेना पार्टी की इच्छा के खिलाफ जाने का कदम ऐसी अनुशासनहीनता है, जिसके कारण उन्हें अयोग्य ठहराया जा सकता है.</p>
<p style="text-align: justify;">शिंदे गुट ने अपने रुख का बचाव करते हुए कहा कि विधायक दल मूल राजनीतिक दल का एक अभिन्न अंग है. उसने कहा कि पार्टी ने पिछले साल जून में दो व्हिप नियुक्त किए गए थे और उसने उस व्हिप की बात का पालन किया, जिसने कहा था कि वह राज्य में गठबंधन जारी नहीं रखना चाहता है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>क्या कहा शिंदे गुट ने?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली पांच सदस्यीय पीठ ने शिंदे धड़े की पैरवी कर रहे वरिष्ठ वकील नीरज किशन कौल से कहा, ‘‘यदि आप गठबंधन के साथ नहीं जाना चाहते हैं, तो इसका फैसला सदन (विधानसभा) के बाहर कीजिए.’’mउसने कहा, ‘‘सदन के अंदर आप पार्टी के अनुशासन से बंधे हैं. राज्यपाल को ये चिट्ठी लिखना कि आप एमवीए गठबंधन के साथ बने नहीं रहना चाहते, स्वयं अयोग्य ठहराए जाने के कारण के समान है. राज्यपाल ने पत्र पर गौर करके पार्टी में विभाजन को वास्तव में मान्यता दी.’’</p>
<p style="text-align: justify;">कौल ने कहा कि राज्यपाल एसआर बोम्मई मामले में नौ-न्यायाधीशों की संविधान पीठ के 1994 के फैसले से बंधे हैं कि आखिर में बहुमत का परीक्षण सदन के पटल पर होना चाहिए. इसपर 2020 में शिवराज सिंह चौहान मामले में भरोसा किया गया था. उन्होंने कहा, ‘‘राज्यपाल इस अदालत के फैसले से बंधे हुए थे और उन्होंने शक्ति परीक्षण का आदेश दिया था. उन्हें और क्या करना चाहिए था.’’</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>मामले पर पीठ ने क्या कहा?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">इस पीठ में न्यायमूर्ति एम आर शाह, न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी, न्यायमूर्ति हिमा कोहली और न्यायमूर्ति पी एस नरसिम्हा भी शामिल थे. पीठ ने कौल को यह बताने के लिए कहा कि राज्यपाल के समक्ष कौन सी ऐसी प्रासंगिक सामग्री थी, जिसके आधार पर उन्होंने शक्ति परीक्षण के लिए कहा. उसने कहा, ‘‘सरकार चल रही थी. क्या राज्यपाल मुख्यमंत्री से शक्ति परीक्षण के लिए कह सकते हैं? अगर यह चुनाव के बाद होता, तो यह अलग मामला होता. जब सरकार बनती है, तो कोई भी समूह यूं ही नहीं कह सकता कि हम इस गठबंधन का हिस्सा नहीं रह सकते. आप बताएं कि वे कौन से बाध्यकारी कारण थे, जिसके कारण राज्यपाल को तत्कालीन मुख्यमंत्री को सदन में बहुमत साबित करने के लिए कहना पड़ा? राज्यपाल को किस चीज ने आपको सदन में अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए कहने से रोका.’’</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>चीफ जस्टिस ने क्या पूछा?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">प्रधान न्यायाधीश चंद्रचूड़ ने पूछा कि लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई किसी सरकार को बहुमत साबित करने के लिए क्यों कहा जाना चाहिए और क्या राज्यपाल प्रतिद्वंद्वी समूह को मान्यता देकर दल-बदल को वैध नहीं बनाते हैं, जो दसवीं अनुसूची के तहत अन्यथा अस्वीकार्य है. उन्होंने कहा, ‘‘हां, हम इस बात से सहमत हैं कि सांसद/ विधायक के खिलाफ अयोग्यता याचिका के केवल लंबित होने के आधार पर विधायक को शक्ति परीक्षण में भाग लेने से नहीं रोका जा सकता.’’ इस मामले पर सुनवाई बुधवार को भी जारी रहेगी.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a title="Maharashtra Politics: सीएम एकनाथ शिंदे ने चली बड़ी चाल, अगर ऐसा हुआ तो उद्धव ठाकरे को भी मानना होगा ये आदेश" href="https://www.abplive.com/states/maharashtra/maharashtra-cm-eknath-shinde-uddhav-thackeray-big-move-given-letter-to-dr-neelam-gore-biplav-gopikishan-bajoria-elected-vice-chancellor-2345976" target="_self">Maharashtra Politics: सीएम एकनाथ शिंदे ने चली बड़ी चाल, अगर ऐसा हुआ तो उद्धव ठाकरे को भी मानना होगा ये आदेश</a></strong></p>
Indian Railways: रेलवे के इन अधिकारियों को अब सीधे ऑफिस में नहीं मिलेगी तैनाती, शुरू के 10 साल करना होगा ये काम
<p style="text-align: justify;"><strong>Railway Board Policy for Group A Young Officers:</strong> भारतीय रेलवे (Indian Railways) ने अपनी नीति में बड़ा बदलाव करते हुए कहा है कि युवा अधिकारियों को मुख्यालय में तैनाती से पहले शुरुआती 10 साल क्षेत्र में बिताने होंगे. रेलवे बोर्ड ने यह जानकारी दी. अब तक, नवनियुक्त अधिकारियों को भी मुख्यालय में तैनात किया जा सकता था. सूत्रों ने बताया कि यह फैसला इसलिए लिया गया ताकि अधिकारियों को मुख्यालय में सुविधाजनक पदों पर आने से पहले क्षेत्र में काम करने का भी पर्याप्त अनुभव मिले.</p>
<p style="text-align: justify;">रेलवे बोर्ड की ओर से जारी आदेश में कहा गया है, ‘‘सीधी भर्ती ग्रुप ‘ए’ रेलवे अधिकारियों को क्षेत्र में काम करने का पर्याप्त अनुभव प्रदान करने के लिए यह तय किया गया है कि वे अपने सेवाकाल के शुरुआती 10 साल क्षेत्र में तैनात किए जाएंगे और उस अवधि के दौरान उन्हें मुख्यालय में पदस्थ नहीं किया जाएगा.’’</p>
<p style="text-align: justify;">गौरतलब है कि हाल में आंध्र प्रदेश में एक ट्रेन के पटरी से उतर जाने के बाद रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एके लाहोटी ने महाप्रबंधकों और मंडलीय रेलवे प्रबंधकों से देशभर में दुर्घटनास्थलों पर खुद जाने और स्थिति का समाधान करने के लिए कहा था.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>रेलवे ने इसलिए किया नीति में बदलाव?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">इस फैसले के पीछे की वजह बताते हुए अधिकारियों ने कहा, ‘‘क्षेत्र में तैनाती रेलवे के लिए श्रमसाध्य और अधिक रचनात्मक है. यह युवा अधिकारियों को ऐसी चुनौतियों के लिए भी तैयार करती है, जिसका वे सामना कर सकते हैं और इससे उनमें निर्णय लेने की क्षमता बढ़ाने में मदद मिलती है.’’</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>'जमीनी हकीकत से रूबरू हो सकेंगे अधिकारी'</strong></p>
<p style="text-align: justify;">एक अन्य अधिकारी ने कहा कि यह महसूस किया गया कि रेलवे में निर्णय लेने वाले लोग जमीनी स्तर की वास्तविकताओं से दूर होते जा रहे हैं. उन्होंने कहा, ‘‘क्षेत्र में शुरुआती तैनाती से वे जमीनी हकीकत से रूबरू हो सकेंगे. वे यह भी सीख सकेंगे कि ग्रामीण क्षेत्रों में कैसे रहना है, जहां अक्सर मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव होता है.’’</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ऐसे कारण से हो सकती है मुख्यालय में तैनाती</strong></p>
<p style="text-align: justify;">रेलवे बोर्ड की ओर से 21 फरवरी को जारी आदेश में यह भी कहा गया है कि किसी अधिकारी को अपवाद वाले बाध्यकारी कारणों को लेकर संबंधित महाप्रबंधक की मंजूरी से ही मुख्यालय में तैनात किया जा सकता है. रेलवे के ग्रुप ‘ए’ अधिकारियों का चयन संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) करता है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें- <a title="Manish Sisodia Resigns: मनीष सिसोदिया-सत्येंद्र जैन का इस्तीफा, 2 मंत्री कैबिनेट में होंगे शामिल, BJP-कांग्रेस ने घेरा तो AAP ने दी सफाई | 10 बड़ी बातें" href="https://www.abplive.com/news/india/manish-sisodia-satyendar-jain-resigns-from-delhi-cabinet-aap-and-bjp-reaction-delhi-liquor-policy-case-10-highlights-2346643" target="_blank" rel="noopener">मनीष सिसोदिया-सत्येंद्र जैन का इस्तीफा, 2 मंत्री कैबिनेट में होंगे शामिल, BJP-कांग्रेस ने घेरा तो AAP ने दी सफाई | 10 बड़ी बातें</a></strong></p>
Monday, February 27, 2023
Exit Poll 2023: BJP, कांग्रेस, टीएमसी और NPP...मेघालय, त्रिपुरा और नगालैंड में किसे कितना फायदा और नुकसान? पढ़ें वोट फीसद
<p style="text-align: justify;"><strong>Tripura-Nagaland-Meghalaya Exit Poll: </strong>पूर्वोत्तर के तीन राज्य त्रिपुरा, नगालैंड और मेघालय में विधानसभा चुनावों को लेकर किए गए एग्जिट पोल 2023 के वोट फीसदी का आंकड़ा नतीजों से पहले ही बहुत कुछ बयां कर रहा है. वैसे तो 2 मार्च को मतगणना के बाद ये साफ हो जाएगा कि किस राज्य में किसकी सरकार बनने जा रही है, लेकिन एग्जिट पोल के नतीजे भी इस तरफ बड़ा इशारा कर रहे हैं. Axis My India के एग्जिट पोल में बीजेपी के पूरे बहुमत के साथ त्रिपुरा में फिर वापसी करने के संकेत है. उधर नगालैंड में भी बीजेपी- एनडीपीपी गठबंधन को सत्ता में वापसी के आसार है. मेघालय में बीजेपी के लिए चुनौती है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>क्या कहता है त्रिपुरा का वोट फीसद?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">एग्जिट पोल 2023 के मुताबिक इस बार त्रिपुरा में बीजेपी का वोट फीसद बढ़ रहा है. इस राज्य में <a title="साल 2023" href="https://www.abplive.com/topic/new-year-2023" data-type="interlinkingkeywords">साल 2023</a> बीजेपी 45 फीसदी वोट मिलते दिख रहे हैं. वहीं लेफ्ट और कांग्रेस गठबंधन 32 फीसदी वोट का मिलने का आकंड़ा है. त्रिपरा मोथा 20 फीसदी और अन्य को 3 फीसदी वोट मिलने के आसार हैं. अगर इस राज्य के साल 2018 विधानसभा चुनावों के वोट फीसदी पर गौर करें तो सभी राजनीतिक दलों की स्थिति साफ हो जाती है.</p>
<p style="text-align: justify;">बीते चुनावों में एआईटीसी 0.30 फीसदी, बीजेपी 43.59 फीसदी, सीपीआई 0.82 फीसदी, सीपीएम 42.22 फीसदी, कांग्रेस 1.79 फीसदी, एआईएफबी 0.56 फीसदी, आरएसपी 0.75 फीसदी, एएमबी 0.24 फीसदी, सीपीआई (एमएल)(एल) 0.06 फीसदी, आईएनपीटी 0.72 फीसदी, आईपीएफटी 7.38 फीसदी, एनईआईएनडीपी 00.1 फीसदी, आरपीआई 0.01 फीसदी, एसयूसीआई 00.3 फीसदी, टीएलएसपी 0.15 फीसदी और टीआरआईपीपी को 0.11 फीसदी वोट मिले थे. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>नगालैंड में गठबंधन कर रहा है कमाल</strong></p>
<p style="text-align: justify;">एग्जिट पोल 2023 के आंकड़ों पर गौर किया जाए तो नगालैंड में एनडीपीपी बीजेपी गठबंधन को 49 फीसदी, एनपीएफ को 13 फीसदी, कांग्रेस को 10 फीसदी और अन्य को 28 फीसदी वोट मिलने के संकेत है. दरअसल बीते चुनावों में नेशनल डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (एनडीपीपी) नेफ्यू रियो के चुनाव में उत्तरी अंगामी सीट से बंपर जीत दर्ज की थी.</p>
<p style="text-align: justify;">इस सीट से ही वो 2023 में भी मैदान में रहे. नगालैंड में मुख्यमंत्री नेफ्यू रिओ खासे मशहूर है. नगालैंड चुनाव के एग्जिट पोल के नतीजे बयां कर रहे हैं कि इस राज्य में एक बार फिर से एनडीपीपी और बीजेपी की गठबंधन की सरकार भारी बहुमत से सत्ता में आएगी. इस राज्य की 60 सीटों में से एक में पहले ही जुन्हेबोटो जिले की आकुलुटो सीट पर बीजेपी के उम्मीदवार और मौजूदा विधायक काजहेटो किन्मी निर्विरोध चुन लिए गए हैं.</p>
<p style="text-align: justify;">नगालैंड का साल 2018 के विधानसभा चुनाव का वोट फीसद बीजेपी 15.31 फीसदी, कांग्रेस 2.07 फीसदी, एनसीपी 1.06 फीसदी, एनपीएफ 38.78, एएएपी 0.75 फीसदी, जेडीयू 4.49 फीसदी, एलजेपी 0.28 फीसदी, एनपीईपी 7.12 फीसदी, एनडीपीपी 25.30 फीसदी और आईएनडी 4.28 फीसदी रहा. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>मेघालय में एनपीपी को बढ़त</strong></p>
<p style="text-align: justify;">एग्जिट पोल 2023 के मुताबिक मेघालय 2023 चुनावों के वोट फीसद में एनपीपी को सबसे अधिक वोट फीसद मिल रहा है. एग्जिट पोल में एनपीपी 29 फीसदी, कांग्रेस 19 फीसदी, बीजेपी 14 फीसदी और अन्य 11 फीसदी वोट मिलते दिख रहे हैं. उधर साल 2018 में मेघालय का वोट फीसदी कांग्रेस का अधिक रहा था.</p>
<p style="text-align: justify;">साल 2018 का वोट फीसद कुछ ऐसा रहा. इलेक्शन कमीशन की वेबसाइट के मुताबिक एआईटीसी 0.35 फीसदी, बीजेपी 9.63 फीसदी, कांग्रेस 28. 50 फीसदी, एनसीपी 1.61 फीसदी, एचएसपीडीपी 5.35 फीसदी, एनपीईपी 20.60, यूडीपी 11.61 फीसदी, आप 0.09 फीसदी, एलजेपी 0.01, जीएनसी 1.38 फीसदी, केएचएनएएम 0.90 फीसदी, एनईआईएनडीपी 0.02 फीसदी, पीडीएफ 8.17 फीसदी और आरपीआई (ए) 0.01 फीसदी वोट मिले थे.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ेंः <a title="Exit polls 2023: नगालैंड में गठबंधन के साथ BJP बनाएगी सरकार, जानें- त्रिपुरा और मेघालय में पार्टी का हाल" href="https://www.abplive.com/news/india/exit-polls-2023-shows-bjp-victory-in-northeast-states-tripura-meghalaya-and-nagaland-assembly-elections-2345713" target="_self">Exit polls 2023: नगालैंड में गठबंधन के साथ BJP बनाएगी सरकार, जानें- त्रिपुरा और मेघालय में पार्टी का हाल</a></strong></p>
Justice KM Joseph: 'मैं ईसाई हूं, इसके बावजूद मुझे हिंदू धर्म पसंद है...', बोले SC के जस्टिस केएम जोसेफ
<p style="text-align: justify;"><strong>Justice KM Joseph Said I Like Hinduism: </strong>सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस केएम जोसेफ ने हिंदू धर्म को लेकर बड़ी बात कही है. उन्होंने सोमवार (27 फरवरी) को कहा, "वह ईसाई हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें हिंदू धर्म से लगाव है." उन्होंने यह टिप्पणी उस वक्त की जब वह देश में प्राचीन, सांस्कृतिक और धार्मिक स्थलों के मूल नामों को बहाल करने के लिए आयोग का गठन करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई कर रहे थे. इस पीठ में जस्टिस बीवी नागरत्न भी शामिल थे.</p>
<p style="text-align: justify;">हिंदू धर्म पर टिप्पणी करते हुए जस्टिस जोसेफ ने कहा, "यह एक महान धर्म है और इसे नीचा नहीं दिखाया जाना चाहिए." उन्होंने आगे कहा, "हिंदू धर्म जिस ऊंचाई पर पहुंचा है और उपनिषदों, वेदों एवं भगवद्गीता में जो उल्लेख किया गया है, कोई भी व्यवस्था उस तक नहीं पहुंची है." पीठ ने 'रिनेमिंग कमीशन' बनाए जाने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है. कोर्ट ने कहा है, "देश अतीत का कैदी बन कर नहीं रह सकता. धर्मनिरपेक्ष भारत सभी का है." </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>जस्टिस ने की हिंदू धर्म की तारीफ</strong></p>
<p style="text-align: justify;">हिंदू धर्म की तारीफ करते हुए जस्टिस जोसेफ ने कहा, "आध्यात्म ज्ञान में हिंदू धर्म बड़ी ऊंचाइयों पर पहुंचा है. हमें इस महान धर्म पर गर्व होना चाहिए और हमें इसे नीचा नहीं दिखाना चाहिए. हमें अपनी महानता पर गर्व होना चाहिए और हमारी महानता हमें उदार बनाती है. मैं इसे पढ़ने का प्रयत्न कर रहा हूं. आपको भी हिंदू धर्म के दर्शन पर डॉ. एस. राधाकृष्णन की किताब पढ़नी चाहिए." उन्होंने कहा, "केरल में कई राजा हैं, जिन्होंने गिरजाघरों एवं अन्य धार्मिक स्थानों के लिए जमीन दान दी थी."</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>अकबर पर क्या बोले जस्टिस जोसेफ</strong></p>
<p style="text-align: justify;">जस्टिस जोसेफ ने कहा, "आप सड़कों का नाम बदलने को अपना मौलिक अधिकार बता रहे हैं? आप चाहते हैं कि हम गृह मंत्रालय को निर्देश दें कि वह इस विषय के लिए आयोग का गठन करे?" उन्होंने आगे कहा, "आपने अकबर रोड का नाम बदलने की भी मांग की है. इतिहास कहता है कि अकबर ने सबको साथ लाने की कोशिश की. इसके लिए दीन-ए-इलाही जैसा अलग धर्म लाया." इस पर याचिकाकर्ता अश्विनी उपाध्याय ने कहा, "इसे किसी सड़क के नाम तक सीमित न किया जाए, जिन लोगों ने हमारे पूर्वजों को अकल्पनीय तकलीफें दीं. जिनके चलते हमारी माताओं को जौहर जैसे कदम उठाने पड़े. उन क्रूर यादों को खत्म करने की जरूरत है."</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>'हिंदुत्व में कट्टरता की जगह नहीं'</strong></p>
<p style="text-align: justify;">इस पर पीठ ने कहा, "हम पर हमले हुए, यह सच है. क्या आप समय को पीछे ले जाना चाहते हैं? इससे आप क्या हासिल करना चाहते हैं? क्या देश में समस्याओं की कमी है? उन्हें छोड़ कर गृह मंत्रालय अब नाम ढूंढना शुरू करे?" कोर्ट ने कहा, "हिंदुत्व एक धर्म नहीं, जीवन शैली है. इसमें कट्टरता की जगह नहीं है. हिंदुत्व ने मेहमानों और हमलावरों सब को स्वीकार कर लिया. वह इस देश का हिस्सा बनते चले गए. बांटो और राज करो की नीति अंग्रेजों की थी. अब समाज को बांटने की कोशिश नहीं होनी चाहिए."</p>
<p style="text-align: justify;"> </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें-<a title="Sadhguru: ‘भारत के हर बड़े शहर में कश्मीर के नाम पर एक सड़क होनी चाहिए’, कश्मीरी पंडितों के कार्यक्रम में बोले सदगुरु" href="https://www.abplive.com/news/india/sadhguru-said-in-kashmiri-pandit-conclave-that-there-must-be-street-in-every-city-name-of-kashmir-2345615" target="_blank" rel="noopener">Sadhguru: ‘भारत के हर बड़े शहर में कश्मीर के नाम पर एक सड़क होनी चाहिए’, कश्मीरी पंडितों के कार्यक्रम में बोले सदगुरु</a></strong></p>
Sunday, February 26, 2023
Manish Sisodia Arrested: एक पत्रकार से दिल्ली के डिप्टी सीएम तक, दिलचस्प है मनीष सिसोदिया का सफर
<p style="text-align: justify;"><strong>CBI Arrested Manish Sisodia:</strong> दिल्ली के उपमुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी में नंबर 2 की हैसियत रखने वाले मनीष सिसोदिया को सीबीआई ने रविवार (26 फरवरी) को गिरफ्तार कर लिया. उन्हें दिल्ली आबकारी नीति घोटाले के मामले में जांच में सहयोग न करने के मामले में गिरफ्तार किया है. इस बात की जानकारी खुद सीबीआई ने एक बयान जारी करके दी. इससे पहले मनीष के साथ 8 घंटे तक चली लंबी पूछताछ चली.</p>
<p style="text-align: justify;">मनीष सिसोदिया ने रविवार को ही अपनी गिरफ्तारी की आशंका जताई थी और कहा था कि वो 7-8 महीने तक जेल में रहने के लिए तैयार हैं. वहीं, इससे पहले एबीपी नेटवर्क के आइडियाज ऑफ इंडिया कार्यक्रम में दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी इस बात को लेकर टिप्पणी करते हुए कहा था कि उन्हें सूत्रों को हवाले से खबर मिली है कि मनीष सिसोदिया को सीबीआई गिरफ्तार कर सकती है. तो आइए जानते हैं कि मनीष सिसोदिया के यहां तक के सफर के बारे में...</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>कौन हैं मनीष सिसोदिया?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">मनीष सिसोदिया आम आदमी पार्टी में अरविंद केजरीवाल के बाद नंबर दो की हैसियत रखते हैं. आखिर वो यहां तक कैसे पहुंचे इसको लेकर भी चर्चा हो रही है. दरअसल, मनीष सिसोदिया का जन्म उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले के फगौटा गांव में 5 जनवरी 1972 को हुआ था. उनके पिता स्कूल टीचर थे. अपनी शुरूआती शिक्षा उन्होंने अपने गांव में हासिल की और इसके बाद भारतीय विद्या भवन से उन्होंने जर्नलिज्म का कोर्स किया और अपने करियर की शुरूआत की. उन्होंने साल 1996 में ऑल इंडिया रेडियो के लिए "जीरो आवर" जैसे कार्यक्रमों की मेजबानी की और फिर साल 1997 और 2005 के बीच एक बड़े न्यूज चैनल में काम किया.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>...जब अरविंद केजरीवाल से मिले मनीष</strong></p>
<p style="text-align: justify;">एक बड़े न्यूज चैनल में काम करते हुए उनकी मुलाकात अरविंद केजरीवाल से हुई थी. इस बात का जिक्र खुद केजरीवाल ने एबीपी नेटवर्क के कार्यक्रम आइडियाज ऑफ इंडिया में किया. बकौल केजरीवाल, उनकी मनीष सिसोदिया के साथ पहली मुलाकात तब हुई थी जब वो एक न्यूज चैनल के लिए काम करते थे और वो इनकम टैक्स विभाग में अधिकारी थे. इसके बाद उन्होंने परिवर्तन नाम से एक वेबसाइट बनाई थी जिसमें भ्रष्टाचार से परेशान लोग अपनी शिकायत दर्ज करा सकते थे. केजरीवाल कहते हैं कि मनीष सिसोदिया वो पहले इंसान थे जिसने परिवर्तन को आगे बढ़ाने का काम किया. इसके बाद अन्ना हजारे के आंदोलन से अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया दोनों जुड़ गए और शुरू हुआ राजनीतिक सफर.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>अन्ना हजारे के आंदोलन ने बदल दी जिंदगी</strong></p>
<p style="text-align: justify;">अन्ना हजारे जब आंदोलन कर रहे थे उससे पहले, देश की जनता ने भ्रष्टाचार से पटी हुई खबरें देखी थीं. इस आंदोलन के बाद अरविंद केजरीवाल का नाम तेजी से उछला. कुछ समय बाद देश में एक नई पार्टी का जन्म होता और नाम दिया गया आम आदमी पार्टी. इस पार्टी के मुख्य सदस्यों में अरविंद केजरीवाल के मनीष सिसोदिया हैं. मनीष सिसोदिया ने अपना पहला विधानसभा चुनाव पटपड़गंज विधानसभा से लड़ा और बीजेपी के नकुल भारद्वाज को 11 हजार 476 वोटों से हरा दिया. इसके बाद से मनीष सिसोदिया ने कभी पीछे पलटकर नहीं देखा और आज के समय में वो आम आदमी पार्टी के फेमस फेस हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>मनीष सिसोदिया की केजरीवाल सरकार में जिम्मेदारियां</strong></p>
<p style="text-align: justify;">आजतक में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, मनीष सिसोदिया के पास दिल्ली सरकार के करीब 18 मंत्रालयों का जिम्मेदारी है, जिसमें दिल्ली के सरकार के वित्त मंत्रालय से लेकर शिक्षा, योजना, रोजगार, लोक निर्माण (पीडब्ल्यूडी), पर्यटन, उद्योग, बिजली, शहरी विकास, पानी जैसे विभाग शामिल हैं. सत्येंद्र जैन के जेल जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग का जिम्मा भी मनीष सिसोदिया संभाल रहे थे. मनीष की गिरफ्तारी, केजरीवाल के लिए चिंता की लकीरें खींच सकती हैं क्योंकि वो सरकार में किसी भी विभाग की जिम्मेदारी नहीं संभाल रहे हैं और पार्टी की ओर से भी वो कई जिम्मेदारियों को अंजाम दे रहे थे. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a title="Manish Sisodia Arrested: पूछताछ से पहले रोड शो...8 घंटे तक हुए सवाल-जवाब, फिर CBI ने मनीष सिसोदिया को किया गिरफ्तार | बड़ी बातें" href="https://www.abplive.com/news/india/delhi-deputy-cm-manish-sisodia-arrested-by-cbi-in-excise-policy-scam-10-highlights-2344830" target="_self">Manish Sisodia Arrested: पूछताछ से पहले रोड शो...8 घंटे तक हुए सवाल-जवाब, फिर CBI ने मनीष सिसोदिया को किया गिरफ्तार | बड़ी बातें</a></strong></p>
Saturday, February 25, 2023
Shinde Vs Thackeray: 'अपने अहम को किनारे रखने की जरूरत', उद्धव पर CM एकनाथ शिंदे का तंज
<p style="text-align: justify;"><strong>Eknath Shinde Remark Over Uddhav Thackeray:</strong> महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री <a title="एकनाथ शिंदे" href="https://www.abplive.com/topic/eknath-shinde" data-type="interlinkingkeywords">एकनाथ शिंदे</a> (Eknath Shinde) ने शनिवार (25 फरवरी) को अपने पूर्व नेता उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) पर तंज कसते हुए कहा कि राज्य के लिए अपने अहम को किनारे रखने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि विकास के लिए धन प्राप्त करने के लिए केंद्र से अच्छे संबंधों की जरूरत होती है और काम जमीन पर होता है न कि ऑनलाइन या घर से. उल्लेखनीय है कि उद्धव वर्ष 2019 से 2022 तक महा विकास आघाड़ी सरकार में मुख्यमंत्री थे और अकसर उनकी प्रधानमंत्री <a title="नरेंद्र मोदी" href="https://www.abplive.com/topic/narendra-modi" data-type="interlinkingkeywords">नरेंद्र मोदी</a> नीत केंद्र सरकार से खींचतान होती थी.</p>
<p style="text-align: justify;">एबीपी न्यूज के कार्यक्रम में शिंदे ने राज्य के विकास के लिए केंद्र के साथ अच्छे संबंध पर जोर देते हुए कहा, ‘‘विकास हासिल करने के लिए जमीन पर काम करने की जरूरत होती है. आप ऑनलाइन या फेसबुक के माध्यम से काम नहीं करा सकते हैं. राज्य के विकास के लिए धन हेतु केंद्र से बात करने के दौरान मुख्यमंत्री को अपने अहम को किनारे रख देना चाहिए.’’</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>'शिवसेना के अधिकतर विधायक, सांसद और (पूर्व) पार्षद मेरे साथ'</strong></p>
<p style="text-align: justify;">गौरतलब है कि बीजेपी नियमित रूप से आरोप लगाती थी कि ठाकरे मुंबई के उपगनर बांद्रा स्थित अपने निजी आवास ‘मातोश्री’ से सरकार चला रहे थे और मार्च 2020 से कोविड-19 से प्रभावित जिलों का दौरा नहीं किया. निर्वाचन आयोग की ओर से उनके गुट को वास्तविक शिवसेना मानने और धनुष बाण का चुनाव निशान आवंटित करने के सवाल पर शिंदे ने कहा, ‘‘शिवसेना का गठन बाला साहेब ठाकरे ने किया था. शिवसेना के अधिकतर विधायक, सांसद और (पूर्व) पार्षद मेरे साथ हैं.’’</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>'शिवसेना की विचारधारा से विश्वासघात हुआ'</strong></p>
<p style="text-align: justify;">उद्धव ठाकरे का नाम लिए बिना मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके पूर्ववर्ती ने सत्ता के लिए बाला साहेब की विचारधारा के साथ धोखा किया. बता दें कि वर्ष 2019 के विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद उद्धव् ठाकरे ने ढाई-ढाई साल मुख्यमंत्री पद के बंटवारे को लेकर बीजेपी से गठबंधन तोड़ दिया था और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) और कांग्रेस (Congress) के साथ मिलकर महा विकास आघाड़ी की सरकार बनाई थी. हालांकि, जून 2022 में शिंदे के नेतृत्व में बगावत करने के बाद ठाकरे नीत सरकार गिर गई.</p>
<p style="text-align: justify;">शिंदे ने कहा, ‘‘शिवसेना की विचारधारा से विश्वासघात हुआ जब आपने (उद्धव ठाकरे) ने कांग्रेस और एनसीपी के साथ मिलकर सरकार बनाई जिसके बारे में बाला साहेब ने कहा था कि उनसे एक हाथ की दूरी बनाए रखो.’’ शिंदे ने कहा कि वह शिवसेना (उनके गुट को चुनाव आयोग की ओर से मान्यता देने के बाद) की संपत्ति पर दावा नहीं करेंगे. उन्होंने कहा कि बालासाहेब की विचारधारा और विरासत ही उनके और उनके समर्थकों के लिए वास्तविक धन है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें- <a title="Ideas of India: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी विपक्ष के आरोप पर बोले- मैं ना ही पोस्टर लगाता हूं और कोई पीआर भी नहीं है, जनता से कहता हूं..." href="https://www.abplive.com/news/india/ideas-of-india-2023-by-abp-network-nitin-gadkari-on-road-accident-death-advertisement-opposition-2344085" target="_blank" rel="noopener">Ideas of India: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी विपक्ष के आरोप पर बोले- मैं ना ही पोस्टर लगाता हूं और कोई पीआर भी नहीं है, जनता से कहता हूं...</a></strong></p>
Tejasvi Surya: राजनीति में युवाओं को कैसे मिलेगा उभरने का मौका? बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या ने बताया, आदित्य ठाकरे-राहुल गांधी का किया जिक्र
<p style="text-align: justify;"><strong>Tejasvi Surya Slams Congress and Shiv Sena:</strong> बीजेपी के सांसद तेजस्वी सूर्या (Tejasvi Surya) ने दिल्ली (Delhi) में आयोजित ‘कला-संस्कृति महोत्सव’ के तहत एक चर्चा सत्र में शनिवार (25 फरवरी) को हिस्सा लिया और युवाओं को राजनीति में आने के लिए प्रेरित किया. उन्होंने वंशवाद आधारित राजनीतिक दलों पर निशाना साधा और बताया कि युवाओं को राजनीति में उभरने का मौका कैसे मिलेगा. </p>
<p style="text-align: justify;">बेंगलुरु दक्षिण से बीजेपी (BJP) सांसद सूर्या ने युवाओं से जोर देकर कहा कि उन्हें वंशवाद आधारित पार्टियों को नष्ट करने के मकसद में साथ देना चाहिए, इससे योग्यता के आधार पर उन्हें राजनीति में उभरने का अवसर मिलेगा. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>तेजस्वी सूर्या ने बताया इस अभियान पर करें काम</strong></p>
<p style="text-align: justify;">समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, तेजस्वी सूर्या ने वंशवाद की राजनीति की बात करते हुए कांग्रेस और शिवसेना जैसी पार्टियों का उदाहरण दिया. उन्होंने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और मौजूदा वायनाड सांसद राहुल गांधी और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब) के नेता आदित्य ठाकरे का जिक्र करते हुए युवाओं से अपनी बात रखी. </p>
<p style="text-align: justify;">सूर्या ने कहा कि अगर वंशवाद की राजनीति खत्म होती है तो भारतीय लोकतंत्र को फायदा होगा. सूर्या ने चर्चा सत्र में मौजूद लोगों से कहा, ''युवाओं को सभी वंशवाद आधारित पार्टियों को खत्म करने के लक्ष्य में साथ देना चाहिए जिससे युवा लोगों को और अवसर मिलेंगे. उन सभी राजनीतिक पार्टियों के खिलाफ अभियान शुरू करें जो राजनीति और राजनीतिक पार्टी एक परिवार की जागीर के तौर पर गठित की जाती हैं.’’</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>शिवसेना और कांग्रेस को लेकर बीजेपी सांसद ने यह कहा</strong></p>
<p style="text-align: justify;">बीजेपी सांसद ने कहा कि अगर शिवसेना वास्तव में लोकतांत्रिक बनती है तो और लोग उसमें शामिल होंगे और उनके नेता बनने की उम्मीद बढ़ेगी क्योंकि वे देख पाएंगे कि अगर वे ज्यादा सक्षम हैं, उनमें योग्यता है और आदित्य ठाकरे से ज्यादा कड़ी मेहनत करने का सामर्थ्य है तो वे से नीचे उठ कर नेता बन सकते हैं.</p>
<p style="text-align: justify;">कांग्रेस पर निशाना साधते हुए तेजस्वी सूर्या ने कहा, ‘‘अगर कांग्रेस कल फैसला करे कि कोई युवा जो सक्षम हो और पार्टी के प्रति निष्ठा रखता है उसे नेतृत्व दिया जाए और पार्टी राहुल गांधी के विचारों को हर किसी के गले से नहीं बांधे तो मेरा मानना है कि लोकतंत्र को इससे फायदा होगा.’’</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें- <a title="Kavitha On Congress: ‘कांग्रेस का कोई फ्रंट नहीं, खाली तंबू है’, केसीआर की बेटी कविता ने कहा- देश में सिर्फ एक ही फ्रंट है बीजेपी" href="https://www.abplive.com/news/india/telangana-cm-kcr-daughter-kavitha-attack-on-congress-says-congress-is-not-front-only-a-empty-tent-2344204" target="_blank" rel="noopener">Kavitha On Congress: ‘कांग्रेस का कोई फ्रंट नहीं, खाली तंबू है’, केसीआर की बेटी कविता ने कहा- देश में सिर्फ एक ही फ्रंट है बीजेपी</a></strong></p>
Friday, February 24, 2023
OPS Mother Death: तमिलनाडु के पूर्व CM पन्नीरसेल्वम की मां का निधन, आज होगा अंतिम संस्कार
<p style="text-align: justify;"><strong>O Panneerselvam Mother Demise:</strong> तमिलनाडु (Tamil Nadu) के थेनी जिले में पूर्व मुख्यमंत्री और अन्नाद्रमुक (AIADMK) के अपदस्थ नेता ओ पन्नीरसेल्वम (OPS) की मां पलानीअम्मल नचियार (Palaniammal Nachiyar) का शुक्रवार (24 फरवरी) को निधन हो गया. समाचार एजेंसी पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से बताया कि अधिक उम्र के कारण ओपीसी की मां का निधन हुआ. वह 95 वर्ष की थीं. </p>
<p style="text-align: justify;">परिवार के करीबी सूत्रों ने बताया कि पलानीअम्मल ने देर शाम जिले के पेरियाकुलम में अंतिम सांस ली. मां के निधन की सूचना मिलने पर ओ पन्नीरसेल्वम चेन्नई से घर के लिए रवाना हुए क्योंकि दिन में वह प्रेस वार्ता के लिए वहां पहुंचे थे. पारिवारिक सूत्रों ने बताया कि ओपीएस की मां के पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार शनिवार (25 फरवरी) को किया जाएगा.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>प्रेस वार्ता में पन्नीरसेल्वम ने यह कहा </strong></p>
<p style="text-align: justify;">इससे पहले, ओ पन्नीरसेल्वम ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर प्रेस वार्ता की. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले से झटका नहीं लगा है जिसमें एदप्पादी के पलानीस्वामी को पार्टी के अंतरिम प्रमुख के रूप में बने रहने की अनुमति दी गई थी. उन्होंने कहा कि वह लोगों के पास जाएंगे और न्याय मांगेंगे. </p>
<p style="text-align: justify;">शीर्ष अदालत के फैसले पर अपनी पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया में पन्नीरसेल्वम ने कहा कि कोई भी फैसला उनके लिए झटका नहीं है. उन्होंने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा, ''इस फैसले के बाद हमारी पार्टी के कार्यकर्ता और अधिक उत्साहित हैं.''</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>'धर्म युद्ध जारी है'</strong></p>
<p style="text-align: justify;">पन्नीरसेल्वम ने निर्वाचन आयोग को भी पत्र लिखकर अनुरोध किया कि वह 11 जुलाई, 2022 के ‘अवैध प्रस्तावों’ के आधार पर पार्टी के नियमों और पदानुक्रम में कोई बदलाव नहीं करे. उन्होंने कहा कि वह इस संबंध में एक दीवानी मुकदमा दायर करेंगे. </p>
<p style="text-align: justify;">ओपीएस के नाम से मशहूर पन्नीरसेल्वम ने कहा कि 'धर्म युद्ध' जारी है. उन्होंने कहा कि वह और उनके समर्थक न्याय मांगने के लिए लोगों के पास जाएंगे. लोगों तक पहुंचने का अभियान जल्द ही शुरू होगा और इसे पूरे राज्य में जिलेवार आयोजित किया जाएगा. उन्होंने कहा, ''हम धर्म के पक्ष में खड़े होकर न्याय मांगेंगे.'' पन्नीरसेल्वम ने कहा कि अब तक उनका खेमा अदालती मामलों पर केंद्रित था और अब से वे लोगों के पास जाने का काम करेंगे.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें- <a title="MP Sidhi Accident: अमित शाह की रैली से लौट रहीं तीन बसों को ट्रक ने मारी टक्कर, 8 लोगों की मौत, 50 घायल" href="https://www.abplive.com/news/india/madhya-pradesh-sidhi-accident-many-killed-as-truck-hits-three-buses-parked-on-roadside-carrying-people-from-amit-shah-rally-2343410" target="_blank" rel="noopener">MP Sidhi Accident: अमित शाह की रैली से लौट रहीं तीन बसों को ट्रक ने मारी टक्कर, 8 लोगों की मौत, 50 घायल</a></strong></p>
Amritpal Singh Row: क्या पंजाब का नया भिंडरावाले बन रहा है अमृतपाल सिंह? जानिए कैसे बना पंजाब सरकार का सिरदर्द
<p style="text-align: justify;"><strong>Amritpal Singh Profile:</strong> 30 साल का एक आदमी जो करीब 10 साल तक दुबई में रहा और जब भारत लौटा तो पंजाब सरकार के लिए सिरदर्द बन चुका है. आज पंजाब ही नहीं बल्कि पूरे देश में उसके नाम की चर्चा हो रही है. उसका नाम है अमृतपाल सिंह संधू. उसके बयान, उसके कारनामे और उसकी वेशभूषा अब इस बात की गवाही देने लगे हैं कि अगर इसे जल्द ही रोका नहीं गया तो फिर ये पंजाब का दूसरा जरनैल सिंह भिंडरावाले बन सकता है, जिसकी वजह से ऑपरेशन ब्लू स्टार हुआ और जिसके बदले के लिए प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या तक हो गई थी. </p>
<p style="text-align: justify;">पंजाब का अमृतसर जिला स्वर्ण मंदिर के कारण पूरी दुनिया में अपनी विशेष पहचान रखता है. दुनियाभर के सिखों के लिए यहां की धरती स्वर्ग के समान है. इसी धरती से अमृतपाल सिंह का भी ताल्लुक है. वह अमृतसर की बाबा बकाला तहसील के जल्लूपुर खैरा का रहने वाला है. 2022 से पहले अमृतपाल सिंह की कोई खास पहचान नहीं थी. लेकिन 'वारिस पंजाब दे' संगठन का मुखिया बनकर भारत लौटा उसने सबसे पहले पंजाब में ड्रग्स के विरोध में अभियान चलाया. अमृत प्रचार अभियान शुरू किया, जिसका मकसद लोगों को निहंग सिख का हिस्सा बनाना था. थोड़े और सख्त लहजे में कहें तो अमृतपाल सिंह ने घर वापसी का अभियान शुरू कर दिया. </p>
<p style="text-align: justify;"><br /><img src="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2023/02/24/0e4761916e39a951e8010985751b456e1677261524455607_original.jpg" /></p>
<p style="text-align: justify;">अमृत प्रचार अभियान का पहला आयोजन उसने राजस्थान के गंगानगर में किया, यहां उसने 647 लोगों को अमृत चखाकर निहंग सिख में बदल दिया. फिर उसने आनंदपुर साहिब में कुल 927 हिंदुओं, सिखों और ईसाइयों को अमृत चखाया और निहंग सिख बनाया. उसके इस कारनामे को देखकर हरियाणा सरकार के तहत आने वाली हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी ने उसे अपना समर्थन दे दिया. फिर तो उसका कारवां बढ़ता ही गया.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>किसान आंदोलन का समर्थक रहा</strong></p>
<p style="text-align: justify;">2019 में शुरू हुए किसान आंदोलन का भी उसने खुलकर समर्थन किया था, जिसने उसे पंजाब में एक नई पहचान दी थी. दीप सिद्धू की सड़क हादसे में मौत के बाद वो दुबई में अपना कारोबार छोड़कर 'वारिस पंजाब दे' का मुखिया बनने के लिए भारत लौटा और खालिस्तानी आतंकी जरनैल सिंह भिंडरावाले के गांव पहुंचा. यहीं खालिस्तानी नारेबाजी के बीच उसकी ताजपोशी हुई. इस ताजपोशी के दौरान उसकी पूरी वेशभूषा जरनैल सिंह भिंडरावाले की तरह ही थी.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>भिंडरावाले को मानता है आदर्श</strong></p>
<p style="text-align: justify;">भिंडरावाले को अपना आदर्श मानने वाले अमृतपाल सिंह का कहना है, "मैं जरनैल सिंह भिंडरावाले की पैरों की धूल के बराबर भी नहीं हूं. मैं तो सिर्फ भिंडरवाले के दिखाए रास्ते पर चलने की कोशिश कर रहा हूं." 23 नवंबर 2022 वो तारीख थी, जिसने अमृतपाल सिंह को पंजाब में एक नई पहचान दे दी. इस दिन वो तमाम जिलों में रोडशो करते हुए हजारों की संख्या में अपने अनुयायियों के साथ श्रीअकाल तख्त पहुंचा. पंजाब को ड्रग्स मुक्त बनाने की मुहिम के बहाने उसने बड़ी संख्या में युवाओं को अपने साथ जोड़ा और उन्हें खालिस्तान के लिए प्रेरित किया. </p>
<p style="text-align: justify;"><br /><img src="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2023/02/24/43ef3a99c84bc51a679431e8ad60cc071677261733411607_original.jpg" /></p>
<p style="text-align: justify;">साल 2022 खत्म होते-होते उसने समर्थकों की एक बड़ी फौज खड़ी कर ली, जिसने धार्मिक उन्माद भड़काने के साथ ही पंजाब की पुलिस को भी चुनौती देनी शुरू कर दी. अक्टूबर 2022 में उसने जीसस क्राइस्ट के खिलाफ टिप्पणी की थी, जिसकी वजह से ईसाई समुदाय के लोग भड़क गए थे और अमृतपाल सिंह की गिरफ्तारी की मांग की. खालिस्तान का समर्थन करने की वजह से ही भारत सरकार ने अक्टूबर में ही उसका ट्विटर अकाउंड तक सस्पेंड कर दिया. 15 फरवरी 2023 को अमृतसर के अजनाला थाने में अमृतपाल सिंह और उसके 6 समर्थकों के खिलाफ किडनैपिंग और मारपीट समेत कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज हुआ. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>अमित शाह को दे चुका है धमकी</strong></p>
<p style="text-align: justify;">इस बीच केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने एक बयान दिया कि पंजाब में खालिस्तान समर्थित गतिविधियों पर सरकार की नजर है. गृहमंत्री के इस बयान पर 19 फरवरी को अमृतपाल ने शाह को ही धमकी दे दी. उसने कहा, "शाह को कह दो कि पंजाब का बच्चा-बच्चा खालिस्तान की बात करता है. जो करना है कर ले. हम अपना राज मांग रहे हैं, किसी दूसरे का नहीं. हमें न इंदिरा हटा सकी थी और न ही मोदी या अमित शाह हटा सकता है. दुनिया भर की फौजें आ जाएं, हम मरते मर जाएंगे, लेकिन अपना दावा नहीं छोड़ेंगे. इंदिरा ने भी हमें दबाने की कोशिश की थी, क्या हश्र हुआ. अब अमित शाह अपनी इच्छा पूरी कर के देख लें."</p>
<p style="text-align: justify;">जब इस बयान पर विवाद बढ़ा तो अमृतपाल सिंह 22 फरवरी को अपनी बात से पलट गया, लेकिन उसका लहजा खालिस्तान के लिए नरम नहीं हुआ. उसने कहा, "हिन्दू राष्ट्र की बात करने पर सरकारें कोई कार्रवाई नहीं करती, लेकिन जब सिख खालिस्तान और मुस्लिम जिहाद की बात करते हैं तो सरकार तुरंत एक्शन ले लेती हैं." इस बात पर विवाद चल ही रहा था कि पुलिस ने उसके साथी तूफान सिंह को गिरफ्तार कर लिया. इस गिरफ्तारी के विरोध में 23 फरवरी की सुबह अमृतपाल सिंह ने अपने हजारों समर्थकों के साथ अजनाला थाने पर चढ़ाई कर दी. </p>
<p style="text-align: justify;"><br /><img src="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2023/02/24/93f78f45c57292762752d2bac1984bb21677262294911549_original.jpeg" /></p>
<p style="text-align: justify;"><strong>तूफान सिंह को रिहा करना पड़ा</strong></p>
<p style="text-align: justify;">पुलिस के साथ उसके समर्थकों की झड़प भी हुई, जिसमें 6 पुलिसवाले भी घायल हो गए. उसने पंजाब सरकार को एक घंटे के भीतर तूफान सिंह को छोड़ने का अल्टीमेटम दिया. उसके अल्टीमेटम पर पंजाब सरकार ने झुकते हुए तूफान सिंह को रिहा कर दिया. इस पूरे हंगामे के बाद अमृतसर के पुलिस कमिश्नर जसकरण सिंह ने कहा, "तूफान को छोड़ा जा रहा है. उसके समर्थकों ने उसकी बेगुनाही के पर्याप्त सबूत दिए हैं. मामले की जांच के लिए एसपी तेजबीर सिंह हुंदल की अगुवाई में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम बनाई गई है." </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>भिंडरावाले की याद ताजा हुई</strong></p>
<p style="text-align: justify;">पुलिस के इस रवैये ने पंजाब की बिगड़ती स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. 80 के दशक में भी ऐसे ही हालात थे. तब पंजाह में कांग्रेस ने अकाली दल को कमजोर करने के लिए जरनैल सिंह भिंडरावाले पर भरोसा जताया था. वो उस वक्त दमदमी टकसाल का मुखिया था. वह सिखों को कट्टरपंथी बना रहा था. इसी कारण उसकी निरंकारियों से दुश्मनी हो गई थी. इस दुश्मनी में दोनों समुदायों के बीच काफी हिंसा हुई. 24 अप्रैल 1980 को हुई निरंकारी संप्रदाय के तीसरे गुरु गुरुबचन सिंह की हत्या में भी भिंडरावाले और उसके लोगों का ही नाम सामने आया था. पंजाब केसरी अखबार के संपादक रहे लाला जगत नारायण की हत्या में भी भिंडरावाले का ही हाथ था.</p>
<p style="text-align: justify;">इन दो हत्याओं की वजह से कांग्रेस ने जरनैल सिंह भिंडरावाले को गिरफ्तार करवा दिया. इंदिरा गांधी के आदेश पर भिंडरावाले को गिरफ्तार कर लिया गया. इसके विरोध में पंजाब जल उठा और पुलिस को दो दिन के अंदर ही भिंडरावाले को रिहा करना पड़ा. इसके बाद पूरा पंजाब उग्रवाद की आग में जलने लगा. 25 अप्रैल 1983 को उसने पंजाब पुलिस के डीआईजी अवतार सिंह अटवाल की हत्या करा दी. भिंडरावाले के डर से 2 घंटे तक डीआईजी का शव किसी ने छुआ तक नहीं था. जब भिंडरावाले ने बॉडी उठाने की इजाजत दी, तभी पुलिस अपने अधिकारी के शव को उठाया था.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>इंदिरा गांधी को लेना पड़ा था एक्शन</strong></p>
<p style="text-align: justify;">ये इंदिरा गांधी की सत्ता को खुली चुनौती थी. और इंदिरा को चुनौती कतई पसंद नहीं थी. इसके बावजूद इंदिरा कोई ऐक्शन नहीं ले पा रही थीं, क्योंकि मामला सिखों की धार्मिक पहचान से जुड़ा था. लेकिन 5 अक्टूबर, 1983 को जब भिंडवाले के लोगों ने ढिलवान बस नरसंहार को अंजाम दिया, जिसमें एक बस को घेरकर छह हिंदुओं की हत्या कर दी गई थी, तो इंदिरा का सब्र जवाब दे गया. उन्होंने कांग्रेस के मुख्यमंत्री रहे दरबारा सिंह की सरकार को भंग कर दिया और पंजाब में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया.</p>
<p style="text-align: justify;">इंदिरा गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने भिंडरावाले से बात करने की भी कोशिश की. लेकिन नाकामयाबी ही हाथ लगी और तब आखिर में इंदिरा ने वो फैसला किया जो बाद में उनकी हत्या की वजह बन गया. इंदिरा गांधी ने भारतीय सेना को ऑपरेशन ब्लू स्टार करने की मंजूरी दे दी. इस ऑपरेशन में भारतीय सेना के जवानों के साथ ही सीआरपीएफ, बीएसएफ और पंजाब पुलिस के भी जवान शामिल थे. ऑपरेशन की कमान संभाली लेफ्टिनेंट जनरल कुलदीप सिंह ब्रार ने, जो खुद एक सिख थे. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>3 जून 1984 को हुआ ऑपरेशन ब्लू स्टार</strong></p>
<p style="text-align: justify;">3 जून 1984 को भारतीय सेना ने पूरे गोल्डेन टेंपल को चारों तरफ से घेर लिया. सिखों की धार्मिक भावनाएं आहत न हों, इसके लिए लेफ्टिनेंट जनरल कुलदीप सिंह ब्रार ने ऑपरेशन शुरू होने से पहले जवानों को संबोधित करते हुए कहा, "ये ऐक्शन न तो सिखों के खिलाफ है और न ही सिख धर्म के खिलाफ. ये ऐक्शन आतंकवाद के खिलाफ है. अगर किसी को भी लगता है कि उसकी धार्मिक भावनाएं इससे आहत हो रही हैं या फिर और भी कोई दूसरी धार्मिक वजहें हैं तो वो खुद को इस ऑपरेशन से अलग कर सकता है और इस अलगाव का किसी भी अधिकारी या जवान के करियर के ऊपर कोई असर नहीं होगा."</p>
<p style="text-align: justify;">लेकिन ऑपरेशन में शामिल किसी भी अधिकारी या जवान ने खुद को इससे अलग नहीं किया. और इसमें बड़ी तादाद में सिख अधिकारी और जवान भी शामिल थे. 3 जून की शाम तक लेफ्टिनेंट जनरल कुलदीप सिंह ब्रार ने कोशिश की कि भिंडरावाले सरेंडर कर दे. बार-बार लाउडस्पीकर से ऐलान किया जाता रहा. बार-बार भिंडरवाले और उसके समर्थकों को समझाने की कोशिश की जाती रही. लेकिन कोई हल नहीं निकला. उल्टे भिंडरावाले की ओर से सेना के टैंक और तोपों पर हमला कर दिया गया.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>31 अक्टूबर 1984 को इंदिरा की हत्या हुई</strong></p>
<p style="text-align: justify;">फिर सेना ने जवाबी कार्रवाई की. करीब 24 घंटे तक चली मुठभेड़ के बाद भिंडरावाले मारा गया. इस ऑपरेशन के दौरान सेना के 83 जवान शहीद हो गए और कुल 249 जवान गंभीर रूप से घायल हो गए. वहीं इस ऑपरेशन में 493 आतंकी मारे गए और 1500 से ज्यादा गिरफ्तार हो गए. इस ऑपरेशन के लिए प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी खूब आचोलना हुई. और आखिरकार इसी ऑपरेशन से नाराज दो सिखों सतवंत सिंह और बेअंत सिंह ने 31 अक्टूबर 1984 को प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की गोली मारकर हत्या कर दी. इसके बाद पूरे देश में सिख विरोधी दंग भड़क गए, जिसमें कम से कम 3000 सिखों की हत्या कर दी गई और लाखों सिखों को घर-बार छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा. </p>
<p style="text-align: justify;">इतना सब सिर्फ इसलिए हो पाया क्योंकि भिंडरावाले ने अपनी गिरफ्तारी के दो दिनों के अंदर ही समर्थकों के जरिए इतना उत्पात मचा दिया कि इंदिरा गांधी जैसी सरकार को झुकना पड़ा. और अब अमृतपाल के साथ भी यही हो रहा है. उसके एक साथी को पुलिस ने गिरफ्तार किया तो उसने थाने पर ही हमला कर दिया. बिना गोली चलाए पंजाब पुलिस को झुकने पर मजबूर कर दिया और ऐलानिया तौर पर कहा कि मैं अपने साथियों को जेल में सड़ने नहीं दे सकता.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>पंजाब के लिए खतरे की घंटी</strong></p>
<p style="text-align: justify;">इस पूरे एपिसोड के बाद अमृतपाल के ये बयान पंजाब में 80 के दशक के उन भयानक पलों की याद दिला रहे हैं, जिनमें जरनैल सिंह भिंडरावाले का उभार हुआ और राजनीतिक सरपरस्ती में वो दमदमी टकसाल के मुखी से एक आतंकी में तब्दील हो गया. अब ये राजनीतिक सरपरस्ती अमृतपाल को भी मिल रही है, जिसने पंजाब में खतरे की घंटी तो बजा ही दी है. क्योंकि अगर बात आगे बढ़ी तो फिर किसी के रोके नहीं रुकेगी और पंजाब का इतिहास इसका गवाह है. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें-<a title="Maharashtra Cities Renaming: औरंगाबाद और उस्मानाबाद का बदला जाएगा नाम, केंद्र सरकार ने दी मंजूरी" href="https://www.abplive.com/news/india/narendra-modi-government-approves-renaming-of-aurangabad-as-chhatrapati-sambhajinagar-and-osmanabad-as-dharashiv-2343290" target="_blank" rel="noopener">Maharashtra Cities Renaming: औरंगाबाद और उस्मानाबाद का बदला जाएगा नाम, केंद्र सरकार ने दी मंजूरी</a></strong></p>
Thursday, February 23, 2023
India Role in Russia US: 'रूस-अमेरिका को बातचीत की मेज पर लाए भारत', जानें एक्सपर्ट्स ने ऐसा क्यों कहा?
<p style="text-align: justify;"><strong>India Role in Russia US Tension:</strong> रूस, यूक्रेन संकट के बीच अमेरिका के साथ परमाणु हथियार नियंत्रण को लेकर हुए समझौते को स्थगित कर रहा है. ऐसी परिस्थिति में रणनीतिक मामलों के विशेषज्ञों का मानना है कि भारत को रूस और अमेरिका से संयम बरतने और बातचीत की मेज पर आने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए क्योंकि उसके दोनों शक्तियों के संबंध है और उसके लिए भी तनाव की स्थिति नुकसानदेह हो सकती है.</p>
<p style="text-align: justify;">रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मंगलवार (21 फरवरी) को घोषणा की कि मॉस्को नई रणनीतिक सशस्त्र नियंत्रण संधि (स्टार्ट) में हिस्सेदारी को स्थगित कर रहा है और यह अमेरिका के साथ परमाणु हथियार नियंत्रण संबंधी आखिरी समझौता है. इसके साथ ही यूक्रेन युद्ध को लेकर रूस ने पश्चिमी देशों की तीखी आलोचना की है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>पूर्व राजदूत पंकज शरण ने यह कहा</strong></p>
<p style="text-align: justify;">भारत के पूर्व राजदूत पंकज शरण ने कहा कि अमेरिका और रूस के बीच अगर किसी भी तरह से तनाव बढ़ता है तो यह कई कारणों से ‘रणनीतिक रूप से झटका’’ होगा. भारत के उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रह चुके शरण ने कहा कि भारत को दोनों पक्षों के करीबी संपर्क में रहना चाहिए और उनके विचार को जानने के साथ परामणु हथियार नियंत्रण और निशस्त्रीकरण पर अपनी स्थापित नीति के महत्व को रेखांकित करना चाहिए.</p>
<p style="text-align: justify;">उन्होंने कहा, ‘‘मैं निश्चित हूं कि हमारी सरकार सभी पहुलओं पर गौर से अध्ययन करेगी.’’ शरण ने कहा, ‘‘हमने हमेशा संयम का पक्ष लिया है और वैश्विक परमाणु निशस्त्रीकरण के आह्वान में हम अग्रणी रहे हैं. हमारे पड़ोसी जो परमाणु हथियार से युक्त हैं, उन्हें रूस और अमेरिका के बीच हो रहे घटनाक्रमों से गलत सबक नहीं लेना चाहिए.’’ शरण वर्ष 2016 से 2018 तक रूस में भारत के राजदूत थे.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>पूर्व राजदूत अनिल वाधवा की राय</strong></p>
<p style="text-align: justify;">पूर्व राजदूत अनिल वाधवा ने कहा कि भारत का परमाणु हथियार और मारक प्रणाली का विकास रुका हुआ है जबकि देश न्यूनतम प्रतिरोधक क्षमता रखता है. इटली, ओमान, पोलैंड और थाईलैंड के पूर्व राजदूत ने कहा, ‘‘चीन और पाकिस्तान की ओर से संयम नहीं बरतने से इसका विस्तार ईरान, सऊदी अरब और उत्तर कोरिया जैसे देशों तक हो सकता है और भारत को प्रतिरोधक और मारक क्षमता में बदलाव करना पड़ सकता है.’’</p>
<p style="text-align: justify;">उन्होंने कहा कि भारत को इस समय रूस और अमेरिका को वार्ता की मेज पर लाने के लिए ‘संयम की अपील और उन्हें प्रोत्साहित’ करना चाहिए और साथ ही जी-20 के समन्वयक के तौर पर उसे यू्क्रेन युद्ध को लेकर बने गतिरोध को दूर करने के तरीके खोजने के लिए कदम उठाने चाहिए.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें- <a title="S Jaishankar: 'हमें परखा जा रहा है, राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भारत किसी भी हद तक जाने को तैयार', बोले विदेश मंत्री एस जयशंकर" href="https://www.abplive.com/news/india/mea-minister-s-jaishankar-says-india-ready-to-go-to-any-extent-over-national-security-today-2342492" target="_blank" rel="noopener">S Jaishankar: 'हमें परखा जा रहा है, राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भारत किसी भी हद तक जाने को तैयार', बोले विदेश मंत्री एस जयशंकर</a></strong></p>
Wednesday, February 22, 2023
CM योगी के खिलाफ दोबारा याचिका दायर करने पर लगा एक लाख का जुर्माना, हाई कोर्ट ने 4 हफ्ते के भीतर जमा करने का दिया निर्देश
<p style="text-align: justify;"><strong>Allahabad High Court:</strong> इलाहाबाद हाई कोर्ट ने 2007 के गोरखपुर दंगा मामले का सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) की ओर से पटाक्षेप किए जाने के बावजूद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) के खिलाफ दोबारा याचिकाएं दायर करने के लिए परवेज परवाज (Parvez Parvaz) और अन्य पर बुधवार (22 फरवरी) को एक लाख रुपये का उदाहरणात्मक अर्थ दंड लगाया.</p>
<p style="text-align: justify;">गोरखपुर (Gorakhpur) में 27 जनवरी, 2007 के दौरान मुहर्रम के एक जुलूस के दौरान दो समूहों के बीच झड़प में एक हिंदू युवक की मृत्यु हो गई थी. स्थानीय पत्रकार परवाज ने 26 सितंबर, 2008 को एक मामला दर्ज कराया था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि तत्कालीन बीजेपी सांसद योगी आदित्यनाथ ने उस युवक की मौत का बदला लेने का भाषण दिया था और इस भाषण के उसके पास कई वीडियो हैं.</p>
<p style="text-align: justify;">इसके बाद, राज्य सरकार ने मुकदमा चलाने की मंजूरी देने से मना कर दिया था. आवेदक ने सरकार के इस निर्णय को हाई कोर्ट में चुनौती दी जिसे अदालत ने खारिज कर दिया था. बाद में उसने हाई कोर्ट के निर्णय को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, जिसे शीर्ष अदालत ने भी खारिज कर दिया था. आवेदक ने 11 अक्टूबर, 2022 के निचली अदालत के निर्णय को चुनौती दी थी जिसमें अदालत ने गोरखपुर दंगा मामले में पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट के खिलाफ दायर आपत्ति याचिका खारिज कर दी थी.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>अर्थदंड जमा नहीं करने पर ऐसे होगी वसूली </strong></p>
<p style="text-align: justify;">न्यायमूर्ति दिनेश कुमार ने परवाज और अन्य की याचिका सीआरपीसी की धारा 482 (उच्च न्यायालय में निहित अधिकार) के तहत खारिज करते हुए एक लाख रुपये अर्थदंड लगाया और इसे सेना कल्याण कोष में चार सप्ताह के भीतर जमा करने का निर्देश दिया. यह अर्थदंड जमा नहीं करने पर इसकी वसूली याचिकाकर्ता की संपत्ति से भू राजस्व के बकाया के तौर पर की जाएगी.</p>
<p style="text-align: justify;">अदालत ने कहा, “याचिकाकर्ता खुद कई आपराधिक मामलों का सामना कर रहा है और वह 2007 से इस मामले को लड़ता रहा है. उसने निचली अदालत, हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की पैरवी के लिए वकीलों पर भारी रकम खर्च की होगी.”</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>अदालत ने कहा- इस बात में दम है</strong></p>
<p style="text-align: justify;">अदालत ने कहा, “इस मुकदमे को लड़ने के लिए उसके संसाधन जांच का विषय होने चाहिए. अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल की इस बात में दम है कि प्रदेश के मौजूदा मुख्यमंत्री <a title="योगी आदित्यनाथ" href="https://www.abplive.com/topic/yogi-adityanath" data-type="interlinkingkeywords">योगी आदित्यनाथ</a> के खिलाफ काम कर रही ताकतों की ओर से इसे खड़ा किया गया है जो प्रदेश और देश की प्रगति नहीं चाहती हैं.”</p>
<p style="text-align: justify;">अदालत ने कहा, “इस पहलू की जांच करना राज्य पर निर्भर है. हालांकि यह अदालत आगे कुछ नहीं कहना चाहती और न ही इस संबंध में कोई निर्देश देना चाहती है.”</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें- <a title="Delhi Mayor Election: मेयर चुनाव के बाद स्टैंडिंग कमेटी को लेकर AAP-BJP के पार्षदों का हंगामा, एक दूसरे पर फेंके कागज | 10 बड़ी बातें" href="https://www.abplive.com/news/india/delhi-mayor-shelly-oberoi-aap-mcd-election-win-standing-committee-and-many-more-know-10-big-things-2341579" target="_blank" rel="noopener">Delhi Mayor Election: मेयर चुनाव के बाद स्टैंडिंग कमेटी को लेकर AAP-BJP के पार्षदों का हंगामा, एक दूसरे पर फेंके कागज | 10 बड़ी बातें</a></strong></p>
Delhi Mayor Election: पार्षदों का हंगामा... सदन की कार्यवाही रुकी, स्टैंडिंग कमेटी का मामला अटका । 10 बड़ी बातें
<p style="text-align: justify;"><strong>Shelly Oberoi Delhi Mayor:</strong> दिल्ली नगर निगम का चुनाव पिछले साल दिसंबर के महीने में हुआ और तब से यहां का मेयर चुना जाना बाकी था. बुधवार (22 फरवरी) ऐसा दिन आया जब दिल्ली के मेयर के रूप में शैली ओबेरॉय को चुन लिया गया. आम आदमी पार्टी की शैली ने बीजेपी की रेखा गुप्ता को 34 वोटों से हरा दिया और आप में एक बार फिर जश्न का माहौल बन गया. सीएम अरविंद केजरीवाल ने इस पर प्रतिक्रिया दी और कहा कि गुंडे हार गए.</p>
<p style="text-align: justify;">हालांकि, शैली ओबेरॉय मेयर चुन तो ली गईं लेकिन इसको लेकर बवाल भी जमकर हुआ. सदन में पार्षदों के बीच जमकर हाथापाई और हंगामा हुआ. आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाए. तो वहीं, स्टैंडिंग कमेंटी का पेंच फंसा हुआ है. शाम 5 बजे तक डिप्टी मेयर के रूप में आले मोहम्मद इकबाल को चुन लिया गया. खबर लिखे जाने तक सदन में लगातार हंगामा हो रहा है और आप पार्षदों ने रातभर रुकने की बात कही है. तो आइए जानते हैं क्या कुछ घटित हुआ.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>10 बड़ी बातें-</strong></p>
<ul>
<li style="text-align: justify;">चुनाव में संख्या बल आप के पक्ष में था, जिसे कुल 274 वोटों में से बीजेपी के 113 वोटों के मुकाबले 150 वोट मिले. दो वोट निर्दलीय पार्षदों के थे. ओबेरॉय को उनकी पार्टी के हिसाब से सभी वोट मिले, जबकि बीजेपी को अपनी कुल संख्या के मुकाबले तीन वोट ज्यादा मिले.</li>
<li style="text-align: justify;">दिल्ली को चौथे प्रयास में महापौर मिला क्योंकि उपराज्यपाल के मनोनीत सदस्यों को मतदान का अधिकार दिए जाने को लेकर हंगामे के बीच पूर्व में चुनाव ठप हो गया था. पिछले हफ्ते, दिल्ली के उपराज्यपाल वी के सक्सेना ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मेयर का चुनाव कराने के लिए एमसीडी सदन की बैठक बुलाने को अपनी मंजूरी दे दी थी.</li>
<li style="text-align: justify;">मेयर बनने के बाद ओबेरॉय ने कहा, “मैं मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और दिल्ली के लोगों को धन्यवाद देती हूं. अगले 3 दिन में हम यहां लैंडफिल साइट का निरीक्षण करेंगे.’</li>
<li style="text-align: justify;">दिल्लीवासियों को बधाई देते हुए केजरीवाल ने ट्वीट किया, ‘‘गुंडे हार गए, जनता जीत गई. दिल्ली नगर निगम में आज दिल्ली की जनता की जीत हुई और गुंडागर्दी की हार. शैली ओबेरॉय के महापौर चुने जाने पर दिल्ली की जनता को बधाई.’’</li>
<li style="text-align: justify;">वहीं, स्टैंडिंग कमेटी का चुनाव फंसा हुआ है. सदन में पार्षदों को बुलाकर वोटिंग कराई जा रही थी. जैसे ही वोटिंग के लिए 5 पार्षदों को बुलाया गया, सदन में हंगामा हो गया और जिन 5 पार्षदों को वोटिंग के लिए बैलेट दिए गए थे, वो पार्षद बैलेट पेपर वापस ही नहीं किए. बीजेपी पार्षदों की मांग मान लेने के बावजूद स्टैंडिंग कमेटी के सदस्यों का चुनाव फंस गया है. वहीं आम आदमी पार्टी ने कहा है कि वो रातभर बैठेंगे.</li>
<li style="text-align: justify;">बीजेपी की तरफ से आम आदमी पार्टी को निशाने पर लिया जा रहा है, जोर देकर कहा जा रहा है कि जान बूछकर चुनाव करवाने में देरी की जा रही है. तो वहीं सदन में BJP पार्षदों ने AAP के पार्षदों को धकेला.</li>
<li style="text-align: justify;">सब कुछ अगर ऐसा ही रहा तो आम आदमी पार्टी को स्टैंडिंग कमेटी में एक सीट पर हार का सामना करना पड़ सकता है. अगर ऐसा हुआ तो आप दिल्ली में चुनाव जीतकर भी स्टैंडिंग कमेटी के चुनाव में बीजेपी के साथ 3-3 सीटें जीतकर बराबरी पर दिखाई देगी. ऐसा होने पर सारा जोर जोन चुनाव पर जाएगा, जहां 12 सीटों पर बाद में चुनाव होंगे.</li>
<li style="text-align: justify;">दिल्ली के सांसदों में मीनाक्षी लेखी ने सबसे पहले वोट डाला था. सबसे बाद में सांसद मनोज तिवारी ने वोट डाला. मनोज तिवारी के साथ बीजेपी सांसद प्रवेश साहिब सिंह वर्मा, हर्षवर्धन, गौतम गंभीर, रमेश बिधूड़ी और हंसराज हंस ने भी अपने मताधिकार का प्रयोग किया.</li>
<li style="text-align: justify;">6 जनवरी की बैठक में बीजेपी और आप के सदस्यों की तीखी बहस हो गई थी, जिसके चलते कार्रवाई को स्थगित करना पड़ा था. इसके बाद 24 जनवरी और 6 फरवरी को भी हंगामे के कारण वोटिंग नहीं हो सकी थी. हंगामे की वजह LG वीके सक्सेना की ओर से मनोनीत 10 MCD सदस्यों को वोट देने की अनुमति का फैसला था. इसे लेकर AAP की मेयर प्रत्याशी शैली ओबेरॉय सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई थीं.</li>
<li style="text-align: justify;">17 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने AAP के पक्ष में फैसला सुनाया था. सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया था कि एलजी की ओर से नामित किए पार्षद मेयर के चुनाव में वोट नहीं डालेंगे. कोर्ट ने 24 घंटों के अंदर नोटिस जारी करने के लिए कहा था. इसके बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल ने उपराज्यपाल को 22 फरवरी को चुनाव कराने का प्रस्ताव दिया था, जिसे उन्होंने मान लिया था.</li>
</ul>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a title="Watch: स्टैंडिंग कमेटी के चुनाव के दौरान MCD सदन में भारी हंगामा, पार्षदों ने एक दूसरे पर फेंकी पानी की बोतलें, सामने आया वीडियो" href="https://www.abplive.com/states/delhi-ncr/aap-and-bjp-councillors-clash-for-standing-committee-member-election-in-delhi-mcd-house-2341569" target="_self">Watch: स्टैंडिंग कमेटी के चुनाव के दौरान MCD सदन में भारी हंगामा, पार्षदों ने एक दूसरे पर फेंकी पानी की बोतलें, सामने आया वीडियो</a></strong></p>
Tuesday, February 21, 2023
Operation Dost: मदद के लिए 'दोस्त' भारतीयों को तुर्किए ने कहा धन्यवाद, राजदूत बोले- भीतर तक छुआ
<p style="text-align: justify;"><strong>Turkish Embassy Thanks India:</strong> राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली स्थित तुर्किए दूतावास (Turkish Embassy) ने संकट के समय उसके साथ एकजुटता दिखाने और दुआओं और दान के जरिये मदद करने के लिए 'दोस्त' भारतीयों को धन्यवाद कहा है. तुर्किए दूतावास ने मंगलवार (21 फरवरी) को दिल्ली में अंतर-धार्मिक प्रर्थना (Inter-Faith Prayer) आयोजित की और भूकंप पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी.</p>
<p style="text-align: justify;">भारत में तुर्किए के राजदूत फिरत सुनेल (Firat Sunel) ने कहा कि भारतीयों की ओर की गई मदद ने उन्हें भीतर तक छुआ. उन्होंने कहा, ''मैं इस बात से बहुत प्रभावित हूं. हमने आज एक धार्मिक प्रार्थना का आयोजन किया, जिसमें भारत के सभी प्रमुख धर्मों के प्रतिनिधि शामिल हुए. यह एक बहुत बड़ा नैतिक समर्थन है." तुर्किए दूतावास ने दान, पत्रों और दुआओं के माध्यम से उसके साथ एकजुटता से खड़े रहे भारतीयों का आभार व्यक्त करने के लिए ट्वीट भी किया.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>टर्किश एंबेसी का ट्वीट</strong></p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="en">An inter-faith prayer ceremony has been held in the Embassy today to commemorate the earthquake victims in Türkiye. <br /><br />Sincere thanks to dost Indians who stand in solidarity with Turkish people through their donations, letters and prayers.<br /><br />🇹🇷🙏🏻🇮🇳 <a href="https://t.co/iUhVFhCEpB">pic.twitter.com/iUhVFhCEpB</a></p>
— Turkish Embassy-New Delhi/Yeni Delhi Büyükelçiliği (@TurkEmbDelhi) <a href="https://twitter.com/TurkEmbDelhi/status/1627960060067581952?ref_src=twsrc%5Etfw">February 21, 2023 </a></blockquote>
<p style="text-align: justify;">
<script src="https://platform.twitter.com/widgets.js" async="" charset="utf-8"></script>
</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>राजदूत ने बताया अभी तुर्किए को किन चीजों की जरूरत</strong></p>
<p style="text-align: justify;">समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, भूकंप के बाद के हालात से जूझ रहे तुर्किए को फिलहाल कैसी राहत सामग्री की जरूरत है, यह पूछे जाने पर सुनेल ने कहा, ''हमें टेंट, कंटेनर और कंबल जैसी राहत सामग्री की सबसे ज्यादा जरूरत है. कठोर मौसम की स्थिति के कारण तुर्किए में कंटेनर सबसे अहम है क्योंकि वहां तापमान माइनस पांच डिग्री लेकर कभी-कभार शून्य से 10 डिग्री नीचे चला जता है. मैं जानता हूं कि वे बड़े मैटेरियल है लेकिन पोर्टेबल वॉशरूम्स की भी जरूरत है. हालांकि, हमें भारतीयों से चंदा भी मिला है.'' तुर्किए दूतावास को एक आधिकारिक डोनेशन रुपया खाता खोलने में मदद करने के लिए भी सुनेल भारत सरकार को धन्यवाद कहा. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>भारत का 'ऑपरेशन दोस्त'</strong></p>
<p style="text-align: justify;">बता दें कि 6 फरवरी को दक्षिण पूर्वी तुर्किए और पड़ोसी सीरिया में 7.8 और 7.6 की तीव्रता वाला भूकंप आया था. 20 फरवरी को भी तुर्किए के Hatay प्रांत में 6.4 तीव्रता का भूकंप आया. तुर्किए राजदूत ने बताया कि इस भूकंप के कारण चार लोगों की मौत हो गई. वहीं, 6 फरवरी को आए भूकंप के कारण अबतक 46 हजार से ज्यादा लोग जान गंवा चुके हैं, ऐसा दावा किया जा रहा है. भारत ने संकट की इस घड़ी में तुर्किए में 'ऑपरेशन दोस्त' चलाया. इस अभियान के जरिये तुर्किए को राहत सामग्री पहुंचाई गई. NDRF के जवानों ने मलबे के लोगों को निकाला और अस्थाई अस्पताल लगाकर इलाज भी किया. आखिर में पूरा काम निपटाकर जवान वापस लौटे. भारत सरकार से मिली मदद के लिए तुर्किए इससे पहले भी आभार व्यक्त कर चुका है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें- <a title="Turkiye-Syria Earthquake: तुर्किए-सीरिया में 14 दिन बाद फिर आया बड़ा भूकंप, 3 लोगों की मौत, 200 से ज्यादा घायल" href="https://www.abplive.com/news/world/turkiye-syria-earthquake-updates-new-temblor-3-people-died-and-over-200-injured-2339788" target="_blank" rel="noopener">Turkiye-Syria Earthquake: तुर्किए-सीरिया में 14 दिन बाद फिर आया बड़ा भूकंप, 3 लोगों की मौत, 200 से ज्यादा घायल</a></strong></p>
<p style="text-align: justify;"> </p>
Monday, February 20, 2023
पत्नी ने पति के 5 और सास के 3 टुकड़े किए, पॉलिथीन में भरकर मेघालय ले गई और फिर... पुलिस ने बताई पूरी क्राइम स्टोरी
<p style="text-align: justify;"><strong>Wife Kills Husband and Mother-In-Law:</strong> असम पुलिस ने एक मां और उसके बेटे की हत्या के मामले में सनसनीखेज खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि असम की एक महिला ने अपने दो दोस्तों के साथ मिलकर पहले सास की हत्या की और एक महीने से भी कम वक्त में पति को भी मार दिया. कथित तौर पर हत्याओं के बाद शवों के टुकड़े किए गए और उन्हें पॉलीथिन में पैक कर मेघालय की घाटियों में फेंककर ठिकाने लगा दिया गया. गुवाहाटी पुलिस ने सोमवार (20 फरवरी) को यह जानकारी दी. </p>
<p style="text-align: justify;">पुलिस के मुताबिक, हत्याएं पिछले साल जुलाई और अगस्त के महीने में की गईं. रविवार (19 फरवरी) को आरोपी की सास के शव के कुछ हिस्से खासी हिल्स में चेरापूंजी के पास बरामद किए गए. उनकी हत्या 26 जुलाई और पति की हत्या 17 अगस्त को की गई थी. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>महिला ने दर्ज कराई थी पति और सास की गुमशुदगी की रिपोर्ट</strong></p>
<p style="text-align: justify;">समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, गुवाहाटी पुलिस कमिश्नर दिगंत बाराह ने बताया कि पत्नी और उसके एक साथी को गुवाहाटी में गिरफ्तार किया गया, जबकि तीसरे आरोपी को तिनसुकिया जिले में गिरफ्तार किया गया. वहीं, पुलिस उपायुक्त (मध्य) दिगंत कुमार चौधरी ने बताया, ''पत्नी ने 29 अगस्त को अपने पति अमरज्योति डे (32) और सास शंकरी डे (62) की गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखाई थी और पुलिस ने जांच शुरू कर दी थी. नवंबर में, अमरज्योति के चचेरे भाई ने लापता होने की एक रिपोर्ट दर्ज कराई. इससे पत्नी पर संदेह हुआ क्यों कि उसने सास के खाते से रुपये निकाले थे. तब हमने अपनी जांच फिर से शुरू की और हत्याओं का पता लगाया.'' उन्होंने कहा कि दोनों मामले नूनमती पुलिस थाने में दर्ज हैं और हत्याएं गुवाहाटी के चांदमारी और नरेंगी इलाकों में अलग-अलग घरों में की गईं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>अक्सर पति-पत्नी के बीच होता था झगड़ा</strong></p>
<p style="text-align: justify;">पुलिस कमिश्नर ने कहा कि पत्नी की पहचान 32 वर्षीय बंदना कलिता और उसके दो पुरुष दोस्तों की पहचान धंती डेका और और आरूप डेका के रूप में हुई है. पूछताछ के दौरान पता चला कि 12 साल पहले बंदना और अमरज्योति ने उनके परिवारों की मर्जी के खिलाफ शादी की थी. शादी के बाद के उनके संबंध अच्छे नहीं रहे थे. उन्होंने बताया कि अमरज्योति की मां ने बाद में इस शादी को समर्थन दे दिया था और आर्थिक मदद देने लगी थीं. शख्स की आर्थिक हालत ठीक नहीं थी, इसे लेकर अक्सर पति-पत्नी में झगड़ा होने लगा था. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>आरोपियों ने ऐसे दिया वारदात को अंजाम</strong></p>
<p style="text-align: justify;">पुलिस अधिकारी ने कहा, ''बंदना ने एक जिम में फिटनेट ट्रेनर की जॉब कर ली थी और सास ने शुरू में उसका समर्थन किया लेकिन बाद में वह पीछे हट गईं. इससे दोनों के संबंधों में खटास आ गई. बंदना ने दावा किया कि उसका पति नशीले पदार्थ लेता था और उसकी कई महिला मित्र थीं.'' उन्होंने कहा कि सास और पति से छुटकारा पाने के लिए महिला ने कथित तौर पर अपने दोस्तों की मदद से उनकी हत्या कर दी.</p>
<p style="text-align: justify;">पुलिस कमिश्नर ने बताया कि 26 जुलाई की दोपहर तकिए से शंकरी डे का गला घोंटकर हत्या कर दी गई. इसके बाद तीनों आरोपियों ने शव के तीन टुकड़े किए. धंती की कार से वे मेघालय गए और अगली सुबह 10 बजे तक अलग-अलग जगहों पर शव के टुकड़े और हत्या में इस्तेमाल किया गया हथियार फेंका गया. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>'कटे हुए अंगों को फिर से काटा'</strong></p>
<p style="text-align: justify;">पुलिस अधिकारी ने बताया कि इसके बाद 17 अगस्त को बंदना ने अपने दोनों साथियों के साथ मिलकर अमरज्योति पर नरेंगी वाले फ्लैट में रॉड से हमला किया, इसी फ्लैट में वह पति के साथ रहती थी. हत्या के बाद, शव को पांच टुकड़ों में काटा गया. पुलिस कमिश्नर ने कहा कि कटे हुए अंगों को ठिकाने के लगाने के लिए भी यह प्रक्रिया दोहराई गई.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>'असंगत बयान दे रही आरोपी बंदना'</strong></p>
<p style="text-align: justify;">मामले की जांच के लिए एक विशेष टीम गठित की गई थी, जो आरोपियों को उन जगहों पर ले गई, जहां शव के टुकड़े फेंके गए थे. पुलिस टीम ने मेघालय पुलिस की मदद से शव के टुकड़े खोजे. शंकरी डे के अवशेष पुलिस को मिले हैं, जिन्हें गुवाहाटी लाया गया. पुलिस ने कहा कि फॉरेंसिक और डीएनए जांच से मृतक की पहचान की पुष्टि होगी. पुलिस ने कहा कि हत्या के मकसद के बारे में अभी स्पष्ट पता नहीं है क्योंकि आरोपी बंदना असंगत बयान दे रही है. वहीं, पुरुष साथियों के साथ बंदना के किस स्तर के संबंध हैं, इसके बारे भी में भी ज्यादा जानकारी नहीं है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें- <a title="Maharashtra Politics: शिवसेना को लेकर दोनों गुटों में वार-पलटवार... ठाकरे खेमा पहुंचा SC, सीएम बोले- सभी हलफनामे फर्जी हैं | 10 बड़ी बातें" href="https://www.abplive.com/news/india/shiv-sena-symbol-row-uddhav-thackeray-faction-file-plea-in-supreme-court-against-eci-decision-eknath-shinde-reaction-10-highlights-2339724" target="_blank" rel="noopener">Maharashtra Politics: शिवसेना को लेकर दोनों गुटों में वार-पलटवार... ठाकरे खेमा पहुंचा SC, सीएम बोले- सभी हलफनामे फर्जी हैं | 10 बड़ी बातें</a></strong></p>
Sonu Nigam Hospitalised: मुंबई में शो कर रहे गायक सोनू निगम पर हमला, पास के अस्पताल ले जाया गया
<p style="text-align: justify;"><strong>Sonu Nigam Attacked in Mumbai:</strong> बॉलीवुड गायक सोनू निगम पर कथित तौर पर हमला किया गया है. मुंबई में एक शो के दौरान उन पर हमला किया गया. बताया गया कि सोनू को अस्पताल ले जाया गया है. सूत्रों के मुताबिक, उद्धव ठाकरे खेमे के विधायक प्रकाश फतेरपेरकर और उनके साथियों ने कथित तौर पर सोनू निगम पर हमला किया. घटना चेंबूर की बताई जा रही है. उस वक्त एक कार्यक्रम में थे. </p>
Sunday, February 19, 2023
Shivaji Jayanti: JNU में एक बार फिर बबाल! छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती के मौके पर एबीवीपी और लेफ्ट में भिड़ंत
<p style="text-align: justify;"><strong>JNU Row:</strong> दिल्ली की जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी एक बार फिर जंग का मैदान बनती नजर आई. यहां फिर से बवाल हो गया. मौका छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती का था. इस मौके पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और लेफ्ट विंग यानि वापमंथी कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए. नौबत यहां तक आ गई कि दिल्ली पुलिस को भारी बल के साथ कैंपस में पहुंचना पड़ा. इस भिड़ंत के बाद दोनों तरफ से एक दूसरे पर आरोप लगाए जा रहे हैं.</p>
<p style="text-align: justify;">दरअसल, रविवार (19 फरवरी) को छत्रपति शिवाजी महाराज के जयंती के मौके पर एबीवीपी ने एक सभा का आयोजन किया. कहा जा रहा है कि जेएनयू कैंपस टेफलाज में वामपंथियों ने छत्रपति शिवाजी जी की प्रतिमा का अपमान किया. एबीवीपी और लेफ्ट में इसी बात को लेकर झड़प हो गई. इसके बाद एबीवीपी और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ यानि JNUSU एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं. फिलहाल इस मामले पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने कोई प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं की है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>क्या कहना है एबीवीपी का?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">एवीबीपी ने बयान जारी करके कहा, “आज जेएनयू में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती पर उनकी प्रतिमा को जेएनयू के टेफलाज में लगाया था. वामपंथी दलों को ये बात रास नहीं आई कि कैसे कोई भी फोटो, जो उनकी विचारधारा का नहीं है, वो टेफलाज में लग सकता है. इसलिए, उन्होंने शिवाजी की तस्वीर का जेएनयू में अपमान किया.''</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>क्या कहना है JNUSU का?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">तो वहीं, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ (JNUSU) ने एबीवीपी के ऊपर छात्रों पर हमला करने का आरोप लगाया गया है. जेएनयूएसयू के मुताबिक "टेफ्लास (हॉस्टल) में एबीवीपी ने एक बार फिर छात्रों पर हमला किया है.'' इस पक्ष का कहना है कि ये दर्शन सोलंकी के पिता के आह्वान पर कैंडल लाइट मार्च के तुरंत बाद किया गया था. फिलहाल, दिल्ली पुलिस ने मौके पर जाकर दोनों पक्षों को शांत करा दिया है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a title="Mahashivaratri 2023: JNU में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया महाशिवरात्रि, छात्र और शिक्षक भी हुए शामिल" href="https://www.abplive.com/states/delhi-ncr/mahashivaratri-2023-jnu-delhi-rudrabhishek-organized-for-the-first-time-in-jawaharlal-nehru-university-students-participated-ann-2337882" target="_self">Mahashivaratri 2023: JNU में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया महाशिवरात्रि, छात्र और शिक्षक भी हुए शामिल</a></strong></p>
Saturday, February 18, 2023
Cable TV Price Hike Row: 4.5 करोड़ घर केबल टीवी से वंचित, ब्रॉडकास्टर्स और TRAI की तानाशाही! जानें क्या है मामला
<p style="text-align: justify;"><strong>Disney-Star, Sony, Zee Channels Disconnected Over Price Hike Row:</strong> केबल टीवी पर मनोरंजन चैनलों का लुत्फ लेने वाले दर्शकों का मजा किरकिरा हो सकता है. दरअसल, केबल टीवी की सुविधा देने वाले प्लेटफॉर्म्स से डिज्नी-स्टार, सोनी और जी जैसे बड़े बॉडकास्टर्स ने चैनलों के लिए दाम बढ़ाने की शर्त रखी थी. ऑल इंडिया डिजिटल केबल फेडरेशन (AIDCF) की अगुवाई में केबल टीवी ऑपरेटर मूल्य वृद्धि के खिलाफ हल्ला बोल रहे थे लेकिन ब्रॉडकास्टर्स ने उनकी नहीं सुनी. बताया जा रहा है कि देशभर में करीब साढ़े चार करोड़ परिवारों को केबल टीवी पर इन मनोरंजन चैनलों को देखने से वंचित कर दिया गया है. </p>
<p style="text-align: justify;">ब्रॉडकास्टर्स और भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI) के खिलाफ एआईडीसीएफ ने नाराजगी जताई है. AIDCF ने कहा है कि प्रसारकों (Broadcasters) की तानाशाही और TRAI के उदासीन रवैये के कारण साढ़े चार करोड़ घरों को केबल टीवी मनोरंजन से वंचित किया जा रहा है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>केबल टीवी प्लेटफॉर्म्स ने नहीं माना बॉडकास्टर्स का मूल्य वृद्धि वाला ऑफर</strong></p>
<p style="text-align: justify;">एआईडीसीएफ की ओर से बयान जारी कर कहा गया, ''डिज्नी-स्टार, सोनी और जी ने फेडरेशन के सदस्यों के साथ-साथ अन्य केबल टीवी प्लेटफॉर्म्स के लिए अपनी सेवाएं बंद कर दी हैं.'' इसमें कहा गया कि केबल टीवी प्लेटफॉर्म ने प्रसारकों के अनुचित मूल्य निर्धारण का विरोध किया, जिसके चलते उन्होंने प्रसारकों का संशोधित रेफरेंस इंटरकनेक्ट ऑफर (RIOs) नहीं माना. </p>
<p style="text-align: justify;">बता दें कि ब्रॉडकास्टर्स ने केबल ऑपरेटरों को न्यू टैरिफ ऑर्डर (NTO 3.0) के लिए रेफरेंस इंटरकनेक्ट ऑफर (RIO) पर हस्ताक्षर करने के लिए नोटिस भेजा था. न्यू टैरिफ ऑर्डर के कार्यान्वयन से संबंधित एक मामला केरल हाई कोर्ट में विचाराधीन है, जिस पर फैसला होना है. ऐसे में एआईडीसीएफ से जुड़े केबल ऑपरेटरों ने चैनलों के दाम बढ़ाने का विरोध किया था.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>एआईडीसीएफ के महासचिव मनोज छंगानी ने यह कहा</strong></p>
<p style="text-align: justify;">एआईडीसीएफ के महासचिव मनोज छंगानी ने कहा कि केबल टीवी प्लेटफॉर्म्स को केवल 48 घंटे का नोटिस दिया गया. उन्होंने कहा कि मामला कई अदालतों में विचाराधीन है, कुछ प्लेटफॉर्म्स ने प्रसारकों से आग्रह किया कि ऐसी कार्यवाही को देखते हुए वे अपने चैनल डिस्कनेक्ट न करें. डिज्नी स्टार, सोनी और जी ने आगे बढ़कर एआईडीसीएफ के सदस्यों के केबल टीवी प्लेटफॉर्म्स पर अपने चैनल काट दिए हैं. इसके चलते देशभर में करीब 4,50,00,000 परिवार इन प्रसारकों की ओर से प्रसारित किए जाने वाले चैनलों को केबल टीवी पर देखने से वंचित हो गए हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>क्या है ऑल इंडिया डिजिटल केबल फेडरेशन?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">ऑल इंडिया डिजिटल केबल फेडरेशन (AIDCF) डिजिटल मल्टी सिस्टम ऑपरेटर्स (MSOs) के लिए भारत का शीर्ष निकाय है. फेडरेशन भारतीय डिजिटल केबल टीवी उद्योग के लिए एक आधिकारिक आवाज के रूप में काम करता है. इसके लिए यह मंत्रालयों, नीति निर्माताओं, नियामकों, वित्तीय संस्थानों और तकनीकी निकायों के साथ बातचीत करता है और केबल ऑपरेटरों को मंच प्रदान करता है. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें- <a title="Hindu Rashtra: हिंदुस्तान मतलब हिंदू राष्ट्र? आजकल चर्चा में क्यों ये मुद्दा, कहां से आया विचार, क्या कहता है संविधान?" href="https://www.abplive.com/news/india/hindu-rashtra-idea-discussion-constitution-politics-baba-bageshwar-yagya-for-this-explained-2337991" target="_blank" rel="noopener">Hindu Rashtra: हिंदुस्तान मतलब हिंदू राष्ट्र? आजकल चर्चा में क्यों ये मुद्दा, कहां से आया विचार, क्या कहता है संविधान?</a></strong></p>
Moti Elephant: दवा के बाद दुआ भी काम न आई, दर्द से तड़प रहे मोती हाथी की मौत, हाथियों की सुरक्षा के लिए अभियान शुरू
<p style="text-align: justify;"><strong>Pune Moti Elephant:</strong> जिंदगी के लिए हर रोज संघर्ष करने वाले मोती हाथी ने आखिरकार दम तोड़ दिया. उसकी जिंदगी बचाने के लिए न तो दवा काम आई और न दुआ. दर्द से तड़पते हुए मोती ने बीते कल यानि शनिवार (18 फरवरी) को अपनी आखिरी सांस ली. उसकी मौत से देखरेख कर रहे लोग काफी दुखी हैं. तो वहीं, जानवरों के डॉक्टर्स के एक पैनल ने उसका पोस्टमार्टम किया.</p>
<p style="text-align: justify;">मोती को हाल ही में उत्तराखंड के रामपुर में रेस्क्यू करके लाया गया था. जिंदा रहते मोती कुछ पैसों के लिए लोगों को अपनी पीठ पर ढोता रहा, लेकिन उसे इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ी. मोती का पैर फ्रैक्चर हो गया था. मोती को जनवरी 2023 में वाइल्डलाइफ SOS ने बेहद कमजोर हालत में पाया था और उसके पैर से खुर अलग हो गया था. जिसके बाद से मोती दर्द से तड़प रहा था. भारतीय सेना और वाइल्डलाइफ एसओएस के लोगों ने उसकी जान बचाने के भरसक प्रयास किए लेकिन सफलता नहीं मिली.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>वाइल्डलाइफ SOS ने शुरू किया सुरक्षा अभियान</strong></p>
<p style="text-align: justify;">मोती हाथी की मौत के बाद वाइल्डलाइफ एसओएस ऑनलाइन याचिका अभियान शुरू किया है. जिसके तहत पर्यावरण मंत्री, प्रोजेक्ट मैनेजर और वाइल्डलाइफ के एडीजी को कैद में बंद हाथियों की सुरक्षा के लिए एक्शन लेने की बात कही गई है. तो वहीं, दि प्रिंट की खबर के मुताबिक, वन्यजीव कल्याण संस्थान वाइल्डलाइफ एसओएस वन्यजीव के डॉक्टर ई गोचलान ने बताया कि मोती कुपोषित हो चुका था. उसके शरीर में पानी की कमी भी हो गई थी. उसका आगे के हिस्से का दाहिना पैर बहुत फूल गया था. इसके अलावा, आगे के बाएं पैर से खुर भी अलग हो गया था.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>... और दफना दिया गया मोती</strong></p>
<p style="text-align: justify;">7 फरवरी को सेना ने लोहे का ढांचा तैयार कर किसी तरह हाथी को खड़ा तो कर दिया था लेकिन उसकी हालत बिगड़ती चली गई. तीसरे दिन ही वह फिर से निढाल होकर गिर गया था. उसके बाद से फिर वह उठ नहीं पाया. शनिवार सुबह 9 बजे उसने दम तोड़ दिया. सीटीआर के वरिष्ठ वन्य जीव चिकित्सक दुष्यंत शर्मा, पशु चिकित्सक हिमांशु पांगती और आयुष उनियाल ने उसके शव का पोस्टमार्टम किया. इसके बाद उसे उसी जमीन पर जेसीबी से गड्ढा खोदकर दफना दिया गया.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a title="Uttarakhand News: 15 दिन से खड़े नहीं हो पा रहे हाथी की मदद करेगी सेना, रुड़की से 35 जवान रवाना" href="https://www.abplive.com/states/up-uk/ramnagar-uttarakhand-35-indian-army-personnel-leave-from-roorkee-to-help-sick-elephant-serious-leg-injury-2327234" target="_self">Uttarakhand News: 15 दिन से खड़े नहीं हो पा रहे हाथी की मदद करेगी सेना, रुड़की से 35 जवान रवाना</a></strong></p>
Priyanka Marriage Anniversary: प्रियंका गांधी ने पति रॉबर्ट को कुछ ऐसे दी शादी की सालगिरह की बधाई, जानें वाड्रा ने क्या कहा
<p style="text-align: justify;"><strong>Priyanka Gandhi Robert Vadra Marriage Anniversary:</strong> कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी और उनके पति रॉबर्ट वाड्रा ने शनिवार (18 फरवरी) को एक-दूसरे को शादी की सालगिरह की बधाई दी. दोनों ने सोशल मीडिया पर अपने खुशनुमा पलों की तस्वीरें साझा कीं और मिठास भरे पलों को याद करते हुए बधाई संदेश लिखे. </p>
<p style="text-align: justify;">इंस्टाग्राम पर पति वाड्रा के साथ वाली तस्वीर साझा करते हुए प्रियंका गांधी ने लिखा, ''38 साल हो गए जब हम पहली बार मिले थे और हम अब भी एक-दूसरे के साथ और एक-दूसरे पर हंस रहे हैं! और हमारे कितने प्यारे बच्चे हुए, इसकी एक-दूसरे को बधाई दे रहे हैं.''</p>
<blockquote class="instagram-media" style="background: #FFF; border: 0; border-radius: 3px; box-shadow: 0 0 1px 0 rgba(0,0,0,0.5),0 1px 10px 0 rgba(0,0,0,0.15); margin: 1px; max-width: 540px; min-width: 326px; padding: 0; width: calc(100% - 2px);" data-instgrm-captioned="" data-instgrm-permalink="https://www.instagram.com/p/Coy9lO6v5uK/?utm_source=ig_embed&utm_campaign=loading" data-instgrm-version="14">
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<p style="text-align: justify;"><strong>'आपके साथ जीवन सच में दिलचस्प रहा है'</strong></p>
<p style="text-align: justify;">रॉबर्ट वाड्रा ने पत्नी प्रियंका के साथ वाली दो तस्वीरें साझा करते हुए फेसबुक पर एक भावुक पोस्ट लिखी. तस्वीरों में एक शादी वाले दिन की है. वाड्रा ने लिखा, ''सालगिरह की बधाई पी. वाह, काफी साल हो गए हैं और इतने सारे अनुभव... आपके साथ जीवन सच में दिलचस्प रहा है. शुरुआत से ही कुछ गुमनाम खोजने की कोशिश करना और साथ में मौज-मस्ती करना, केंद्र में रहते हुए दुनिया के साथ डील करना. हमने कठिन और अच्छा समय साझा किया, जिसने हमें एकजुट होना और युद्ध के लिए तैयार रहना सिखाया, लेकिन कुल मिलाकर, हम मजबूत और खुश थे और हमने सीखा कि हम हमेशा एक-दूसरे के साथ हैं... मैं कामना करता हूं कि आने वाले वर्षों में भी हमारा प्यार, स्नेह और खुशियां ऐसी ही बरकरार रहें और हमेशा साथ-साथ रहें. आपके और हमारे दो खूबसूरत बच्चों का एक अटूट स्तंभ हमेशा यहां मजबूत खड़ा है, जो भी प्यार भरे वर्ष रहे हैं, वो भी यादगार हैं और आगे भी आने वाले वर्ष इसी तरह से प्यार भरे रहें. हमारी इस प्यारे से परिवार ऐसे ही स्नेह दें.''</p>
<p style="text-align: justify;"> <iframe style="border: none; overflow: hidden;" src="https://www.facebook.com/plugins/post.php?href=https%3A%2F%2Fwww.facebook.com%2Frobert.vadra1%2Fposts%2Fpfbid035AEiGgBxUnvwpzMb2nxnHMg5FYyPmZsH5yfkd8zARBnn2YneRLQZwe1whHXJaX3xl&show_text=true&width=500" width="500" height="799" frameborder="0" scrolling="no" allowfullscreen="allowfullscreen"></iframe></p>
Mukesh Ambani Mahashivratri: बेटे आकाश अंबानी के साथ सोमनाथ मंदिर पहुंचे मुकेश अंबानी, इस तरह मनाई महाशिवरात्रि
<p style="text-align: justify;"><strong>Mukesh Ambani Somnath Temple Visit:</strong> रिलांयस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के प्रमुख और मशहूर बिजनेसमैन मुकेश अंबानी की भगवान के प्रति आस्था आए दिन देखने को मिल जाती है. महाशिवरात्रि के मौके पर वो बेटे आकाश अंबानी के साथ सोमनाथ मंदिर पहुंचे और पूजा अर्चना की. इस दौरान दोनों ने भगवान शिव का जलाभिषेक किया और प्रार्थना भी की. तो वहीं, मंदिर के पुजारी ने उन्हें चंदन का लेप लगाया और दुशाला उढ़ाई.</p>
<p style="text-align: justify;">मंदिर ट्रस्ट की तरफ से कहा गया है कि मुकेश अंबानी ने मंदिर के लिए डेढ़ करोड़ रुपये का दान भी दिया. आकाश अंबानी रिलायंस जियो के अध्यक्ष हैं. मुकेश और आकाश अंबानी का स्वागत मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष पीके लाहिड़ी और सचिव योगेंद्रभाई देसाई ने किया. अंबानी परिवार अपनी परंपराओं को लेकर जाना जाता है और सभी हिंदू त्योहारों को उत्साह के साथ मनाता है. <a title="महाशिवरात्रि" href="https://www.abplive.com/topic/mahashivratri-2023" data-type="interlinkingkeywords">महाशिवरात्रि</a> के मौके पर अंबानी ने पूजा की और दान भी दिया.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>सिंतबर के महीने में तिरुमाला मंदिर गए</strong></p>
<p style="text-align: justify;">इससे पहले मुकेश अंबानी ने आंध्र प्रदेश के तिरुमाला में भगवान वेंकटेश्वर मंदिर का दौरा किया था. वहां भी उन्होंने 1.5 करोड़ रुपये का चढ़ावा चढ़ाया था. इस दौरान उनके साथ बेटे अनंत की मंगेतर राधिकार मर्चेंट और रिलायंस लिमिटेड के डायरेक्टर मनोज मोदी भी मौजूद थे.</p>
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<p style="text-align: justify;"><strong>सोमनाथ मंदिर के बारे में</strong></p>
<p style="text-align: justify;">सोमनाथ मंदिर गुजरात में स्थित है. ये देश के प्राचीन मंदिरों में से एक है और एक ऐतिहासिक शिव मंदिर है. इसे भारत के 12 ज्योतिर्लिंगों में पहले ज्योतिर्लिंग के रूप में जाना जाता है. ऐसा भी कहा जाता है कि इस मंदिर का निर्माण चंद्रदेव ने कराया था. इतिहास में कई बार देखा गया है कि इस मंदिर को कई बार तोड़ा गया फिर इसका पुनर्निमाण कराया गया.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a title="Mukesh Ambani: मुकेश अंबानी की बड़ी छलांग, टॉप-10 में हुई एंट्री, जानिए कितनी बढ़ी नेटवर्थ" href="https://www.abplive.com/business/mukesh-ambani-entry-in-forbes-realtime-billionaires-top-10-list-know-mukesh-ambani-networth-2331382" target="_self">Mukesh Ambani: मुकेश अंबानी की बड़ी छलांग, टॉप-10 में हुई एंट्री, जानिए कितनी बढ़ी नेटवर्थ</a></strong></p>
Friday, February 17, 2023
Lok Sabha Election Survey: छह महीने में ममता बनर्जी को 9 लोकसभा सीटों का झटका, पढ़ें दो सर्वे के रिजल्ट
<p style="text-align: justify;"><strong>Lok Sabha Election Survey:</strong> पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में बीजेपी को करारी शिकस्त देने के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी लोकसभा में भी टीम मोदी को रोकने की पूरी तैयारी में जुटी हैं, लेकिन उनकी रणनीति काम आती नहीं दिख रही है. ऐसा हम नहीं कह रहे हैं, दो सर्वे के नतीजों के आंकड़े ये बता रहे हैं. दोनों सर्वे छह महीने के भीतर किए गए हैं जिसमें ममता बनर्जी को 9 लोकसभा सीटों का झटका लगता दिख रहा है.</p>
<p style="text-align: justify;">लोकसभा चुनाव को लेकर अब करीब एक साल ही रह गए हैं. अगले आम चुनाव में पुराने प्रतिद्वंद्वी बीजेपी और कांग्रेस आमने-सामने हैं तो कई क्षेत्रीय धुरंधर भी बड़ा दांव खेलने को तैयार हैं. ममता बनर्जी भी इनमें से ही हैं. लगातार तीन विधानसभा चुनाव जीत चुकीं ममता बनर्जी का नाम बीच-बीच में पीएम पद के लिए भी उछलता रहा है. ऐसे में अगर लोकसभा चुनाव में अच्छी सीटें झटकने में टीएमसी कामयाब हुई और परिस्थितियां बनीं तो दांव लग भी सकता है, लेकिन सर्वे के आंकड़े इस पर संकट के बादल दिखा रहे हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>2019 में क्या रहा था रिजल्ट</strong><br />2019 को लोकसभा चुनाव में राज्य की 42 में से 22 सीटें ममता बनर्जी की टीएमसी को मिली थीं. बीजेपी ने बढ़िया प्रदर्शन करते हु 18 सीटों पर कब्जा जमाया था. बीजेपी के प्रदर्शन ने राज्य में ममता बनर्जी की टेंशन बढ़ा दी थी. हालांकि, दो साल बाद हुए विधानसभा चुनाव में टीएमसी ने प्रचंड बहुमत से तीसरी बार सरकार बनाई. टीएमसी ने विधानसभा की 284 में से 211 सीट पर कब्जा जमाया था.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>सर्वे में बढ़ी एनडीए की सीटें</strong><br />सी वोटर और इंडिया टुडे ने देश का मिजाज जानने के लिए हाल ही में एक सर्वे किया था जिसके नतीजे इसी जनवरी में जारी किए गए थे. इस सर्वे के मुताबिक, लोकसभा चुनाव में एनडीए को 20 सीटें मिलती दिखाई दे रही हैं. सर्वे में एनडीए की सीटें पिछली बार के मुकाबले बढ़ती दिखाई दे रही हैं.</p>
<p style="text-align: justify;">ऐसा ही एक सर्वे टाइम्स नाउ ने छह महीने पहले किया था जिसके मुताबिक तब टीएमसी को 27 से 31 सीट मिलने का अनुमान लगाया गया था. 2019 से तुलना करें तो टीएमसी को छह महीने पहले के सर्वे में 9 सीटों का फायदा होता दिख रहा था जो अब नजर नहीं आ रहा है.</p>
<p style="text-align: justify;">जाहिर है ममता बनर्जी के लिए ये सर्वे टेंशन बढ़ाने वाले ही होंगे. खास तौर पर जब सी वोटर के ताजा सर्वे में पीएम कैंडिडेट के रूप में उन्हें पसंद करने वालों की संख्या बढ़ी है. जनवरी 2023 के सर्वे में 20 फीसदी लोगों ने मोदी के मुकाबले ममता बनर्जी को विपक्ष के नेता के रूप में पसंद किया है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें</strong></p>
<p style="text-align: justify;"><strong><a href="https://www.abplive.com/news/india/lok-sabha-election-2024-survey-shows-bjp-lose-76-seats-in-three-states-maharashtra-karnataka-and-bihar-2337228">तीन राज्‍यों की 116 लोकसभा सीटों में से 76 पर बढ़ी मोदी-शाह की टेंशन, पढ़ें सर्वे के नतीजे </a></strong></p>
IndiGo Expansion Plan: यूरोप के आसमान में इंडिगो की छलांग! टर्किश एयरलाइन से साझेदारी कर एयरबस-बोइंग को दिया 500 विमानों का ऑर्डर
<p style="text-align: justify;"><strong>IndiGo Orders 500 Aircraft to Reach Europe:</strong> भारत की इंडिगो एयरलाइन ने यूरोप (Europe) में अपनी सेवाएं पहुंचाने के लिए टर्किश एयरलाइन के साथ साझेदारी की है और योजना विस्तार के लिए दो बड़ी कंपनियों से 500 विमान ऑर्डर किए हैं. इंडिगो के इंटरनेशनल सेल्स प्रमुख विनय मल्होत्रा ने शुक्रवार (17 फरवरी) को यह जानकारी दी. समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, मल्होत्रा ने कहा कि भारत से इस्तांबुल और यूरोप के लिए यात्री सेवाओं को बेहतर बनाने में इस योजना से मदद मिलेगी. एयरलाइन के अधिकारियों के मुताबिक, इंडिगो ने यूरोपीय दिग्गज एयरबस और अमेरिका के बोइंग को विमानों का ऑर्डर दिया है. </p>
<p style="text-align: justify;">मल्होत्रा ने कहा, ''इंडिगो ने विस्तारित योजना के लिए 500 और विमानों को खरीदने का ऑर्डर दिया है. वर्तमान में एक दिन में कंपनी के 1,800 विमान उड़ रहे हैं, जिनमें से 10 फीसदी इंटरनेशनल रूट के हैं. हमारी मौजूदा अंतरराष्ट्रीय उड़ानें भारतीय उपमहाद्वीप और आसपास के कुछ अन्य देशों के आसपास केंद्रित हैं. सबसे दूर में हम तुर्किए और इस्तांबुल की यात्रा करते हैं. हम आगे की उड़ान के लिए बहुत उत्सुक हैं, इसलिए टर्किश एयरलाइन के साथ साझेदारी की है. यह एक कोड शिप साझेदारी है, जो हमें यूरोप में प्रवेश करने की अनुमति देती है, ऐसा पहले कभी नहीं था.''</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>'भारत से इंस्ताबुल और इंस्ताबुल से आगे जाने में सक्षम'</strong></p>
<p style="text-align: justify;">विनय मल्होत्रा ने कहा कि टर्किश एयरलाइन के साथ एक कोडशेयर समझौते के रूप में इंडिगो यात्रियों को भारत से इंस्ताबुल और इंस्ताबुल से आगे ले जा पाएगी. उन्होंने कहा, ''हमारे पास यूरोप में 27 सटीक ऑनलाइन प्वाइंट हैं जो यूके, फ्रांस, इटली, आयरलैंड, ऑस्ट्रिया, स्विटजरलैंड समेत और भी बहुत से ऐसे प्वाइंट्स को कवर करते हैं. इन प्वाइंट्स में टर्किश एयरलाइन की कई फ्रीक्वेंसी हैं और कोडशेयर के चलते हम यात्रियों को भारत से इस्तांबुल और इस्तांबुल से आगे ले जाने में सक्षम हैं.''</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>केन्या-इंडोनेशिया में ऑनलाइन प्वाइंट लॉन्च करेगी इंडिगो</strong></p>
<p style="text-align: justify;">मल्होत्रा ने आगे कहा, ''भारत के भीतर भी हमारे 76 ऑनलाइन प्वाइंट हैं, जिनसे हम पूरे भारत के लोगों को दिल्ली और मुंबई से आगे इस्तांबुल और फिर यूरोप से आगे ले जाने में सक्षम हैं'' उन्होंने कहा कि निकट भविष्य में इंडिगो दो नए प्वाइंट लॉन्च करेगी, जिनमें से एक केन्या के नैरोबी में और दूसरा इंडोनेशिया के जकार्ता में होगा.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें- <a title="RBI Bulletin: RBI ने 2023 को बताया चुनौतीपूर्ण साल, वैश्विक विकास धीमा रहने का जताया अनुमान" href="https://www.abplive.com/business/rbi-bulletin-monetary-policy-challenging-global-economic-environment-2336993" target="_blank" rel="noopener">RBI Bulletin: RBI ने 2023 को बताया चुनौतीपूर्ण साल, वैश्विक विकास धीमा रहने का जताया अनुमान</a></strong></p>
Amir abdollahian India Visit: एक वीडियो... और ईरान के विदेश मंत्री आमिर अब्दुल्लाहियान ने रद्द कर दिया भारत का दौरा
<p style="text-align: justify;"><strong>Iran Foreign Minister Cancel India Visit:</strong> ईरान के विदेश मंत्री हुसैन आमिर अब्दुल्लाहियान ने अगले महीने प्रस्तावित अपनी भारत यात्रा रद्द कर दी है. इस तरह के कायास लगाए जा रहे हैं. वह भू-राजनीति पर आयोजित एक सम्मेलन में भाग लेने के लिए यहां आने वाले थे. जाहिर तौर पर वह कार्यक्रम के प्रचार से जुड़े एक वीडियो से अप्रसन्न हैं, जिसमें राष्ट्रपति इब्राहिम रायसी की तस्वीर के साथ विरोध कर रही ईरानी महिलाओं की एक छोटी सी क्लिप है.</p>
<p style="text-align: justify;">इस मामले पर विदेश मंत्रालय या यहां स्थित ईरानी दूतावास की ओर से कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है. अब्दुल्लाहियान को 3 और 4 मार्च को आयोजित ‘‘रायसीना डायलॉग’’ में शामिल होना था. सूत्रों के अनुसार वह यात्रा पर नहीं आ रहे हैं क्योंकि ईरानी पक्ष को लगता है कि इस वीडियो क्लिप में उनके देश को गलत तरीके से दिखाया गया है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>क्या है मामला?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">‘‘रायसीना डायलॉग’ को भू-राजनीति और भू-आर्थिकी पर भारत का अहम सम्मेलन माना जाता है. इसका आयोजन विदेश मंत्रालय के सहयोग से ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन (ओआरएफ) कर रहा है. जिस वीडियो के बारे में चर्चा हो रही है वो वीडियो एक मिनट और 50 सेकंड का है जिसमें यूक्रेन-रूस युद्ध, दक्षिण चीन सागर में चीन के आक्रामक तेवर और ईरान में महिलाओं के विरोध सहित प्रमुख वैश्विक चुनौतियों को शामिल किया गया है. ईरानी विदेश मंत्री की भारत यात्रा के संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है. </p>
<p>रायसीना डायलॉग को लेकर एक प्रमोशन वीडियो करीब एक महीने पहले जारी किया गया था. जिसमें <a title="साल 2023" href="https://www.abplive.com/topic/new-year-2023" data-type="interlinkingkeywords">साल 2023</a> के कार्यक्रम की घोषणा की गई थी. इस वीडियो के कुछ हिस्से को लेकर ईरानी सरकार ने आपत्ति जताई और वीडियो को लेकर ईरानी दूतावास भी नाराज हो गया. हालांकि, सरकार की ओर से ईरान के विरोध-प्रदर्शन पर कभी भी कोई टिप्पणी नहीं की और पिछले नवंबर में भारत ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) के ईरान में राज्य के अधिकारियों द्वारा देश में प्रदर्शनकारियों पर किए गए कथित मानवाधिकारों के उल्लंघन से जुड़े एक प्रस्ताव से खुद को अलग कर लिया था.</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें: <a title=""<p" href="https://www.abplive.com/news/world/iran-president-ebrahim-raisi-visit-china-to-meet-xi-jinping-after-20-year-2335111">Iran President Ebrahim Raisi: ईरान के राष्ट्रपति का चीन का दौरा, जानें क्या मकसद लेकर शी जिनपिंग ने दिया निमंत्रण</a></strong></p>
Thursday, February 16, 2023
Assam: जोरहाट के चौक बाजार में लगी भीषण आग, 100 से ज्यादा दुकानें जलीं, ये है वजह
<p style="text-align: justify;"><strong>Fire in Assam Jorhat Known Chowk Market: </strong>असम के जोरहाट में गुरुवार रात एक बड़ा हादसा हुआ. यहां गुरुवार देर रात चौक बाजार में भीषण आग लग गई. आग की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंची और आग बुझाने में जुट गईं. देर रात करीब 1 बजे तक आग बुझाने का काम जारी था.</p>
<p style="text-align: justify;">फायर ब्रिगेड के सूत्रों की मानें तो आग की शुरुआत बाजार के मेन गेट के पास स्थित एक कपड़े की दुकान से हुई. धीरे-धीरे यह फैलती चली गई और रात 1 बजे तक आग से करीब 100 दुकानों के जलने की सूचना थी.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>कपड़े की दुकान से शुरू हुई आग</strong></p>
<p style="text-align: justify;">स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, जोरहाट में एटी रोड पर चौक बाजार है. यहां रात करीब 9 बजे एक कपड़े की दुकान में अचानक आग लग गई. देखते ही देखते आग तेजी से फैलने लगी. दुकानदारों ने पुलिस और फायर ब्रिगेड को इसकी सूचना दी. जब तक फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर पहुंची, तब तक आग की चपेट में 100 से ज्यादा दुकानें आ चुकी थीं. हालांकि राहत की बात ये है कि इस हादसे में किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है. </p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="en"><a href="https://twitter.com/hashtag/WATCH?src=hash&ref_src=twsrc%5Etfw">#WATCH</a> | Assam: Fire breaks out at Jorhat's Chowk Bazaar. Several fire tenders have reached the spot. The fire started at a cloth shop near the main gate of the market. Further details awaited. <a href="https://t.co/5nG48kDiVq">pic.twitter.com/5nG48kDiVq</a></p>
— ANI (@ANI) <a href="https://twitter.com/ANI/status/1626280431963484160?ref_src=twsrc%5Etfw">February 16, 2023</a></blockquote>
<p>
<script src="https://platform.twitter.com/widgets.js" async="" charset="utf-8"></script>
</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>25 से ज्यादा गाड़ियां आग बुझाने में लगी रहीं</strong></p>
<p style="text-align: justify;">पुलिस अफसरों का कहना है कि आग को बुझाने में दमकल की 25 से ज्यादा गाड़ियां रात में लगी थीं. फायह ब्रिगेड ने बताया कि अभी तक की जांच में सामने आया है कि आग कपड़े की एक दुकान में बिजली के शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी। वहां से यह दूसरे दुकानों तक पहुंचीं. पुलिस का कहना है कि जब हादसा हुआ तब बाजार की सभी दुकानें बंद थीं, इसलिए कोई इस आगजनी में हताहत नहीं हुआ. हालांकि 100 में से अधिकतर दुकानें कपड़े और किराना की थीं. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>संकरी सड़कों की वजह से दमकल की गाड़ियों को दिक्कत</strong></p>
<p style="text-align: justify;">आग की सूचना मिलते ही आसपास के लोग भी मौके पर जुट गए. इस दौरान लोगों ने बताया कि यहां की सड़कें काफी संकरी हैं. ऐसे में फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को निकलने में दिक्कत हो रही है. गाड़ी आने में होने वाली देरी की वजह से भी आग इतनी फैल गई. वहीं आग से नुकसान के सवाल पर पुलिस का कहना है कि आग बुझने के बाद ही इससे हुए नुकसान का पता चल सकेगा. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें</strong></p>
<p style="text-align: justify;"><strong><a title="BBC IT Survey: दफ्तरों में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट का सर्वे खत्म होने के बाद BBC ने क्या कुछ कहा?" href="https://www.abplive.com/news/india/bbc-statement-on-income-tax-survey-in-office-says-lengthy-questioning-and-stay-overnight-2336319" target="_self">BBC IT Survey: दफ्तरों में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट का सर्वे खत्म होने के बाद BBC ने क्या कुछ कहा?</a></strong></p>
Nepali Leader Chandra Bhandari: मुंबई में वेंटीलेटर पर रखे गए नेपाली कांग्रेस नेता चंद्र भंडारी, गैस सिलेंडर धमाके में झुलसा 35 फीसदी शरीर, आज होगी सर्जरी
<p style="text-align: justify;"><strong>Nepali Congress Leader Chandra Bhandari Health Bulletin: </strong>वरिष्ठ नेपाली कांग्रेस नेता चंद्र भंडारी (Chandra Bhandari) को गुरुवार (16 फरवरी) को एयरलिफ्ट कर मुंबई लाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है. काठमांडू के बुद्धनगर स्थित घर में बुधवार (15 फरवरी) रात को रसोई गैस सिलेंडर धमाके में नेपाली सांसद भंडारी और उनकी 86 साल की मां हरिकला अधिकारी झुलस गए थे. दोनों को फौरन कीर्तिपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान भंडारी की मां का गुरुवार को निधन हो गया.</p>
<p style="text-align: justify;">नेपाल में भंडारी का इलाज कर रहे चिकित्सकों ने उन्हें देश से बाहर ले जाकर इलाज कराने की जरूरत बताई थी. इसके बाद नेपाली नेता को नवी मुंबई के ऐरोली में नेशनल बर्न्स सेंटर (NBC) में भर्ती कराया गया. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>35 फीसदी झुलसा शरीर, आज होगी सर्जरी</strong></p>
<p style="text-align: justify;">समाचार एजेंसी पीटीआई ने पार्टी सूत्रों के हवाले से जानकारी दी है कि चंद्र भंडारी का शरीर 35 फीसदी तक झुलस गया है और उन्हें वेंटिलेंटर पर रखा गया है. उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है. इलाज कर रहे डॉक्टरों ने बताया है कि शुक्रवार (17 फरवरी) को भंडारी की सर्जरी की जाएगी.</p>
<p style="text-align: justify;">काठमांडू पोस्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भंडारी के निजी सचिव भुवन भुसाल ने नेपाली डॉक्टरों के हवाले से बताया था कि सांसद को बेहतर चिकित्सा सुविधाओं के साथ बाहर के किसी अस्पताल में ले जाया जाए क्योंकि वहां उनकी हालत बिगड़ रही थी. इसके बाद नेपाली कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भंडारी को एयरलिफ्ट किया गया और गुरुवार को रात के लगभग 8.45 बजे नेशनल बर्न सेंटर में भर्ती कराया गया.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>भंडारी के फेफड़ों को पहुंचा है नुकसान- डॉक्टर</strong></p>
<p style="text-align: justify;">एनबीसी में प्लास्टिक और कॉस्मेटिक सर्जन डॉक्टर सुनील केसवानी ने बताया कि भंडारी करीब 35 फीसदी झुलस गए हैं और उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है. केसवानी ने कहा, ''हम शुक्रवार सुबह उनका ऑपरेशन करेंगे. उनकी हालत स्थिर है.'' डॉक्टर ने बताया कि नेपाली नेता के फेफड़ों को नुकसान पहुंचा है. रिपोर्ट के मुताबिक, भंडारी को मुंबई लाने वाले विमान में छह सदस्यीय डॉक्टरों की टीम भी सवार थी. सभी उनके अच्छे स्वास्थ्य की कामना कर रहे हैं. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें- <a title="BBC IT Survey: दफ्तरों में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट का सर्वे खत्म होने के बाद BBC ने क्या कुछ कहा?" href="https://www.abplive.com/news/india/bbc-statement-on-income-tax-survey-in-office-says-lengthy-questioning-and-stay-overnight-2336319" target="_blank" rel="noopener">BBC IT Survey: दफ्तरों में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट का सर्वे खत्म होने के बाद BBC ने क्या कुछ कहा?</a></strong></p>
BBC IT Survey: दफ्तरों में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट का सर्वे खत्म होने के बाद BBC ने क्या कुछ कहा?
<p style="text-align: justify;"><strong>BBC Income Tax Survey:</strong> बीबीसी के ऑफिसों में इनकम टैक्स का ऑपरेशन सर्वे गुरुवार (16 फरवरी) को खत्म हो गया. आयकर विभाग की टीमें दफ्तरों से निकलीं तो बीबीसी की तरफ से एक बयान जारी किया. जिसमें कंपनी ने कहा कि दिल्ली और मुंबई के हमारे दफ्तरों से आयकर विभाग की टीमें निकल गई हैं और अधिकारियों को सहयोग करेंगे. इसके अलावा कहा गया कि अधिकारियों ने कई घंटों की पूछताछ की है.</p>
<p style="text-align: justify;">बीबीसी ने जारी किए बयान में कहा, “इनकम टैक्स अधिकारी दिल्ली और मुंबई के ऑफिस से निकल गए हैं. हम अधिकारियों के साथ सहयोग करना जारी रखेंगे और आशा है कि ये मामला जल्द से जल्द सुलझ जाएगा.”</p>
<p style="text-align: justify;">बीबीसी ने आगे कहा, “हम एक सहयोग करने वाले स्टाफ हैं- इनमें से कुछ लोगों के साथ लंबी पूछताछ की गई या फिर रातभर रुकने की जरूरत भी हुई और इनकी देखभाल करना हमारी प्राथमिकता है. हमारा आउटपुट फिर से सामान्य है और हम भारत के साथ साथ दूसरी जगहों पर सेवा देना जारी रखेंगे.” बयान में आगे कहा गया कि बीबीसी एक भरोसे वाला और स्वतंत्र मीडिया संस्थान है और हम अपने पत्रकारों के साथ खड़े हैं, जो बिना किसी डर और फेवर के रिपोर्टिंग करना जारी रखेंगे.</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="en">Update on India: <a href="https://t.co/rghvE6OpfQ">pic.twitter.com/rghvE6OpfQ</a></p>
— BBC News Press Team (@BBCNewsPR) <a href="https://twitter.com/BBCNewsPR/status/1626267846757023747?ref_src=twsrc%5Etfw">February 16, 2023</a></blockquote>
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<script src="https://platform.twitter.com/widgets.js" async="" charset="utf-8"></script>
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<p style="text-align: justify;"><strong>आयकर विभाग का ऑपरेशन सर्वे</strong></p>
<p style="text-align: justify;">दरअसल, आयकर विभाग ने कथित टैक्स चोरी की जांच के तहत बीबीसी के दिल्ली और मुंबई के कार्यालयों में मंगलवार को सुबह करीब साढ़े 11 बजे सर्वे ऑपरेशन शुरू किया था और ये करीब 59 घंटे तक चला. बीबीसी ने कहा कि उसके दिल्ली और मुंबई के दफ्तरों में आयकर विभाग ने अपनी कार्रवाई गुरुवार देर रात करीब दस बजे पूरी की है. इस जांच में हम आयकर अधिकारियों का पूरा सहयोग कर रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>सर्वे करने का मकसद</strong></p>
<p style="text-align: justify;">अधिकारियों ने समाचार एजेंसी पीटीआई-भाषा को बताया कि इनकम टैक्स अधिकारियों ने उपलब्ध स्टॉक की एक सूची बनाई, कुछ कर्मचारियों के बयान दर्ज किए हैं और सर्वेक्षण कार्रवाई के तहत कुछ दस्तावेज जब्त किए हैं. अधिकारियों ने कहा कि ये सर्वे अंतरराष्ट्रीय कराधान और बीबीसी की सहायक कंपनियों के ट्रांसफर प्राइसिंग से संबंधित मुद्दों की जांच के लिए किया गया.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a title="BBC Survey India: '...लेकिन वे भारतीय एजेंसियों पर भरोसा नहीं करेंगे', BBC ऑफिस में IT सर्वे की आलोचना होने पर बोले कानून मंत्री" href="https://www.abplive.com/news/india/bbc-survey-india-central-law-minister-kiren-rijiju-slams-bbc-survey-income-tax-survey-indian-investigative-agencies-2336279" target="_self">BBC Survey India: '...लेकिन वे भारतीय एजेंसियों पर भरोसा नहीं करेंगे', BBC ऑफिस में IT सर्वे की आलोचना होने पर बोले कानून मंत्री</a></strong></p>
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