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Thursday, March 5, 2026
तेलंगाना को मिला नया राज्यपाल, बीजेपी के वरिष्ठ नेता शिव प्रताप शुक्ल को दी गई जिम्मेदारी
<p style="text-align: justify;">तेलंगाना में राज्यपाल पद को लेकर अहम प्रशासनिक बदलाव किया गया है. केंद्र सरकार ने बीजेपी के वरिष्ठ नेता शिव प्रताप शुक्ल को तेलंगाना का नया राज्यपाल नियुक्त किया है. वहीं वर्तमान राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा को अब महाराष्ट्र का राज्यपाल बनाया गया है. इस फैसले के बाद तेलंगाना की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं.</p>
<p style="text-align: justify;">नए फैसले के अनुसार शिव प्रताप शुक्ल तेलंगाना के चौथे राज्यपाल होंगे. उनसे पहले इस पद पर ई. एस. एल. नरसिम्हन, तमिलिसाई सौंदरराजन और जिष्णु देव वर्मा अपनी सेवाएं दे चुके हैं. केंद्र सरकार के इस फैसले को प्रशासनिक अनुभव और राजनीतिक संतुलन के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>कौन हैं शिव प्रताप शुक्ल </strong><br />बता दें कि शिव प्रताप शुक्ल इससे पहले हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल के रूप में कार्य कर रहे थे. वे बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं और लंबे समय तक राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं. संसद और संगठन दोनों स्तरों पर उनका अनुभव काफी व्यापक माना जाता है. यही वजह है कि उन्हें तेलंगाना जैसे महत्वपूर्ण राज्य की संवैधानिक जिम्मेदारी सौंपी गई है.</p>
<p style="text-align: justify;">दूसरी ओर जिष्णु देव वर्मा को महाराष्ट्र का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है. वे हाल ही में तेलंगाना के राज्यपाल के रूप में कार्यरत थे और अपने कार्यकाल के दौरान कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक गतिविधियों का हिस्सा रहे.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>मोदी सरकार का रणनीतिक फैसला</strong><br />राजनीतिक जानकारों का मानना है कि राज्यपालों की यह अदला-बदली केंद्र सरकार की व्यापक प्रशासनिक रणनीति का हिस्सा हो सकती है. दक्षिण भारत के महत्वपूर्ण राज्यों में से एक तेलंगाना में आने वाले समय में राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना हैं. ऐसे में अनुभवी और वरिष्ठ नेतृत्व को राज्यपाल के रूप में नियुक्त करना एक रणनीतिक फैसला माना जा रहा है.</p>
<p style="text-align: justify;">इस नियुक्ति के बाद तेलंगाना के राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है. अब सबकी नजर इस बात पर है कि शिव प्रताप शुक्ल कब औपचारिक रूप से राज्यपाल पद की शपथ लेते हैं और आने वाले समय में राज्य की प्रशासनिक और राजनीतिक गतिविधियों पर उनका क्या प्रभाव पड़ता है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें</strong></p>
<p style="text-align: justify;"><strong><a href="https://www.abplive.com/news/world/indian-ocean-indian-navy-launched-rescue-operations-iranian-frigate-iris-dena-sri-lanka-3097717">Iranian Frigate IRIS Dena: जिस ईरानी फ्रिगेट को अमेरिका ने डुबोया, उसकी मदद के लिए आगे आया भारत, तुरंत भेजा जहाज, नेवी ने क्या बताया?</a></strong></p>
असम में फाइटर जेट सुखोई हुआ क्रैश, वायुसेना के 2 पायलट शहीद
<p>असम के कार्बी आंगलोंग जिले में बीती रात सुखोई Su-30MKI लड़ाकू विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें भारतीय वायु सेना के 2 पायलट शहीद हो गए. वायु सेना ने बताया कि पायलटों की पहचान स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर के रूप में हुई है. </p>
अनिल अंबानी की मुश्किलें बढ़ीं! ED ने मुंबई में 10-12 ठिकानों पर छापेमारी, RCOM से जुड़े लोगों से पूछताछ
<div style="text-align: justify;">आज सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ED) की 15 टीमों ने अनिल अंबानी की सहयोगी कंपनियों, खासकर रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (RCOM) से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की खबरें आई हैं. सूत्रों के मुताबिक, मुंबई में 10 से 12 जगहों पर कार्रवाई चल रही है.</div>
Wednesday, March 4, 2026
ईरान पर हमला करने की ट्रंप की पावर रोकने की कोशिश फेल, संसद में पास नहीं हो पाया प्रस्ताव, जानें क्या हुआ
<p style="text-align: justify;">अमेरिकी सीनेट में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के अधिकार को सीमित करने वाला वॉर पावर्स प्रस्ताव पास नहीं हो सका. इस प्रस्ताव के मुताबिक ईरान के खिलाफ आगे किसी भी सैन्य कार्रवाई से पहले कांग्रेस की मंजूरी जरूरी बताई गई थी, लेकिन अधिकतर रिपब्लिकन सांसदों ने इसका विरोध किया. अलजजीरा ने ये जानकारी दी है.</p>
<p style="text-align: justify;">व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने 1979 की ईरानी क्रांति के बाद ईरान के विपक्ष का जिक्र करते हुए कहा कि इस क्षेत्र में लगातार तनाव बढ़ा हुआ है, लेविट ने ये भी कहा कि पिछले अमेरिकी राष्ट्रपति के कार्यकाल के दौरान ईरान के मामले में नरमी बरती जा रही थी, जबकि डोनाल्ड ट्रंप ने इस मुद्दे पर सख्ती के साथ कदम बढ़ाए हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>अमेरिकी पनडुब्बी ने श्रीलंका के पास जंगी जहाज को डुबोया</strong><br />अमेरिका और ईरान के बीच बुधवार (4 मार्च) को जंग और तेज हो गई. जब एक अमेरिकी पनडुब्बी ने श्रीलंका के पास ईरान के एक जंगी जहाज को डुबो दिया. इस हमले में कम से कम 80 लोगों के मारे जाने की खबर है. इसी दौरान नाटो के एयर डिफेंस सिस्टम ने तुर्किये की ओर से दागी गई ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल को भी मार गिराया. यह सब उस समय हुआ है, जब अमेरिका और इजरायल के सैन्य अभियान को 5 दिन बीत चुके हैं और इसमें सैंकड़ों लोगों की जानें गईं हैं और हजारों लोग घायल हुए हैं. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>हिजबुल्लाह भी इजरायल पर कर रहा वॉर</strong><br />ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद से ईरानी प्रॉक्सी संगठन हिजबुल्लाह भी इस जंग में कूद गया है. हिज्बुल्लाह ने इजरायल पर हमला करते हुए अब हाइफा को निशाना बनाया है. हमले के बाद हाइफा और तेल अवीव में सायरन बजने लगे हैं. इजरायली मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नॉर्दर्न कमांड ने लेबनान सीमा और उत्तरी गोलान हाइट्स के फ्रंटलाइन इलाकों में रहने वाले लोगों को तुरंत सुरक्षित जगहों पर जाने और अगले आदेश तक वहीं रहने का निर्देश दिया है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें</strong></p>
<p style="text-align: justify;"><strong><a href="https://www.abplive.com/news/world/us-military-strike-iranian-warship-iris-dena-near-sri-lanka-indian-ocean-87-people-died-3097216">US Military Strike: भारत से लौट रहे ईरानी वॉरशिप को अमेरिका ने डुबोया, 87 लोगों की मौत, सबमरीन से लगाया निशाना</a></strong></p>
'अमेरिका भारत के पोर्ट्स से ईरान पर दाग रहा मिसाइलें...', दावे पर विदेश मंत्रालय ने बता दिया क्या है सच?
<p style="text-align: justify;">ईरान-अमेरिका-इजरायल जंग के बीच भारत ने एक बड़ी अफवाह को सिरे से खारिज कर दिया है. विदेश मंत्रालय (MEA) ने कहा कि अमेरिका भारतीय पोर्ट्स या नेवल बेस का इस्तेमाल करके ईरान पर हमले नहीं कर रहा. ये क्लेम पूरी तरह 'फेक और फॉल्स' है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह दावा क्या था और विदेश मंत्रालय ने क्या सफाई दी?</strong></p>
<p style="text-align: justify;"><strong>दावा-</strong> ये खबर एक अमेरिकी चैनल वन अमेरिका न्यूज नेटवर्क (OANN) से शुरू हुई, जहां पूर्व अमेरिकी आर्मी कर्नल डगलस मैकग्रेगर ने इंटरव्यू में कहा था कि अमेरिका के अपने बेस और हार्बर तबाह हो चुके हैं, इसलिए वो अब भारतीय पोर्ट्स पर निर्भर है. उन्होंने कहा, 'हमारे सभी ठिकाने नष्ट हो गए हैं. हमारे बंदरगाह सुविधाएं नष्ट हो गई हैं. हमें भारत और भारतीय बंदरगाहों पर निर्भर होना पड़ रहा है, जो आदर्श नहीं है.'</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>सफाई-</strong> MEA के फैक्ट चेक अकाउंट ने X पर पोस्ट करके इसे 'बेसलेस' बताया. पोस्ट में लिखा, 'Fake News Alert! OAN जैसे अमेरिकी चैनल पर दावे कि भारतीय बंदरगाहों का अमेरिकी नौसेना इस्तेमाल कर रही है, नकली और गलत हैं. हम ऐसी बेबुनियाद और जाली टिप्पणियों से सावधान करते हैं.'</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="en">Fake News Alert!<br /><br />Claims being made on OAN, a US based channel that Indian ports are being used by the US Navy are fake and false. We caution you against such baseless and fabricated comments. <a href="https://t.co/xiFWnkoXBk">pic.twitter.com/xiFWnkoXBk</a></p>
— MEA FactCheck (@MEAFactCheck) <a href="https://twitter.com/MEAFactCheck/status/2029233689570492805?ref_src=twsrc%5Etfw">March 4, 2026</a></blockquote>
<p>
<script src="https://platform.twitter.com/widgets.js" async="" charset="utf-8"></script>
</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>भारत के ट्रेड और एनर्जी सप्लाई चेन पर असर</strong></p>
<p>भारत बार-बार दोहरा रहा है कि वो इस जंग में किसी तरफ नहीं है. हम पूरी तरह न्यूट्रल हैं और किसी को अपनी जमीन, बंदरगाह या हवाई क्षेत्र इस्तेमाल नहीं करने देते. MEA ने पहले भी कहा था कि बातचीत और कूटनीति से ही तनाव कम होना चाहिए. इस जंग से हमारे करीब एक करोड़ भारतीय नागरिकों की सुरक्षा, ट्रेड और एनर्जी सप्लाई चेन पर असर पड़ रहा है.</p>
<p>ये दावा ऐसे समय में आया जब अमेरिकी पनडुब्बी ने भारतीय महासागर में ईरानी युद्धपोत IRIS Dena को डुबो दिया, जिसमें कम से कम 80-87 क्रू मेंबर्स की मौत हुई. ये जहाज भारत में हुए नेवल एक्सरसाइज (MILAN 2026) से लौट रहा था. लेकिन भारत ने साफ कर दिया कि इस हमले में हमारे बंदरगाहों का कोई रोल नहीं था.</p>
US-Israel Attack Iran: ईरान-अमेरिका की जंग में भारत का हो गया बड़ा नुकसान! खाड़ी जा रहे 1000 कंटेनर पोर्ट पर फंसे
<p style="text-align: justify;">अमेरिका और इजरायल के <a href="https://www.abplive.com/news/world/israel-iran-war-update-tehran-cluster-bomb-strike-on-israel-china-and-russia-suspect-providing-technology-world-news-3097190" target="_blank" rel="noopener">ईरान</a> पर संयुक्त हमले से पूरी दुनिया की आयात- निर्यात व्यवसाय प्रभावित हुई है . मध्य-पूर्व क्षेत्र में जारी युद्ध का असर अब <a href="https://www.abplive.com/states/maharashtra/us-israel-iran-strike-protes-erupted-in-mumbai-police-on-alert-strict-instructions-to-officers-ann-3096640" target="_blank" rel="noopener">मुंबई</a> के जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट (JNPT) पर भी साफ दिखाई देने लगा है. अरब देशों, इजरायल, ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के कारण समुद्री मार्गों पर जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है, जिससे बड़ी संख्या में निर्यात कंटेनर बंदरगाह पर फंसे हुए हैं. मौजूदा समय में JNPT पर 1,000 से अधिक निर्यात कंटेनर अटके हुए हैं. इनमें अंगूर, प्याज, पपीता , अनार, तरबूज सहित अन्य कृषि उत्पादों की खेप शामिल है. फंसे हुए कंटेनरों में से 150 कंटेनर नासिक से भेजे गए प्याज के हैं. प्रत्येक कंटेनर में औसतन 29 से 30 टन प्याज लदा है, जिससे कुल मिलाकर लगभग 5,400 टन प्याज बंदरगाह पर अटका हुआ है.</p>
<p style="text-align: justify;">ये खेप मुख्य रूप से खाड़ी देशों के लिए भेजी गई थी और अधिकतर दुबई के रास्ते जानी थीं. हालांकि मौजूदा युद्ध जैसे हालातों के चलते दुबई का बाजार अस्थायी रूप से बंद होने की खबर है. इतना ही नहीं, जो 370 भारतीय कंटेनर पहले ही दुबई पहुंच चुके थे, वे भी वहीं फंसे बताए जा रहे हैं. यही रूट कुछ यूरोपीय देशों के निर्यात के लिए भी इस्तेमाल में लाया जाता है, जिससे वहां की सप्लाई चेन भी प्रभावित हुई है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>पोर्ट पर खड़े कंटेनरों का क्या है खर्च?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">सबसे बड़ी चिंता जल्द खराब होने वाली चीजों के निर्यातकों को लेकर है. अगर समय पर इस्तेमाल में नहीं लाया गया तो खाने वाले सामान खराब होने लगेंगे. पोर्ट पर खड़े रेफ्रिजरेटर कंटेनरों पर हर दिन लगभग 8,000 रुपये का खर्च आ रहा है. अगर स्थिति लंबी खिंचती है तो माल उतारने पर प्रति कंटेनर 5,000 से 6,000 रुपये का अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ सकता है. बिजनेस से जुड़े लोगों का कहना है कि अगले दो-तीन दिनों में स्थिति साफ नहीं हुई तो माल वापस मांगने की नौबत आ सकती है. इस निर्यात ठहराव का असर घरेलू बाजार पर भी पड़ने लगा है. स्थानीय आपूर्ति बढ़ने से प्याज और अन्य उत्पादों के दाम और गिर सकते हैं. किसान इसे दोहरी मार बता रहे हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>APDA ने सरकार से की मांग</strong></p>
<p style="text-align: justify;">हॉर्टिकल्चर प्रोड्यूस एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन ने (APDA) से मांग की है कि बंदरगाह पर खड़े कंटेनरों के अतिरिक्त खर्च का वहन सरकार करें. साथ ही केंद्र सरकार से वैकल्पिक बिजनेस रूट तलाशने और प्रभावित किसानों व निर्यातकों के लिए विशेष राहत पैकेज की घोषणा की मांग भी की गई है.</p>
Tuesday, March 3, 2026
पाइल्स सर्जरी के बाद भी नहीं मिली छुट्टी... लोको पायलट ने पैंट उतारकर दिखा दिए घाव, जानें फिर क्या हुआ?
<p style="text-align: justify;">रेलवे में बीमारी पर भी छुट्टी न मिलने का एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. ये मामला लखनऊ रेल मंडल से जुड़ा है, जहां एक लोको पायलट को पाइल्स सर्जरी के बाद भी सिक लीव नहीं दी गई. आरोप है कि लीव से इनकार किए जाने के बाद परेशान होकर लोको पायलट राजेश मीना ने वरिष्ठ अधिकारी के सामने ही अपनी पैंट उतार दी और उन्हें ऑपरेशन के घाव दिखाए.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>क्या है पूरा मामला?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">इस घटना का वीडियो रेलवे कर्मचारियों के व्हाट्सएप ग्रुप में <em>वायरल</em> हो गया है, जिसके बाद कर्मचारी संगठनों ने इसे अमानवीय व्यवहार करार दिया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन (AILRSA) के नेताओं के अनुसार राजेश मीना अनुसूचित जनजाति समुदाय से आते हैं. राजेश ने 22 फरवरी 2026 को लखनऊ में पाइल्स की सर्जरी कराई थी. उन्हें 22 से 28 फरवरी तक छुट्टी दी गई थी लेकिन घाव पूरी तरह ठीक न होने के कारण उन्होंने निर्धारित प्रक्रिया के तहत रेलवे हेल्थ यूनिट से अवकाश बढ़ाने की मांग की.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>मजबूरी में अपने घाव दिखा दिए</strong></p>
<p style="text-align: justify;">यूनियन के मुताबिक डॉक्टर ने जांच के बाद छुट्टी बढ़ाने की जरूरत मानी और वरिष्ठ अधिकारियों से सिक मेमो लाने को कहा. राजेश मीना ने पहले क्रू कंट्रोलर और फिर चीफ क्रू कंट्रोलर (CCC) रतन कुमार से संपर्क किया. यूनियन का आरोप है कि मीना ने अपने मेडिकल दस्तावेज, लैब रिपोर्ट और ड्रेसिंग भी दिखाई, लेकिन उन्हें छुट्टी नहीं दी गई. आखिर में मजबूरी में अपने घाव दिखाने के लिए मीना ने कपड़े उतार दिए. बाद में यूनियन नेता के हस्तक्षेप के बाद उन्हें आराम के लिए अवकाश मिला.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यूनियन ने जताई नाराजगी?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">इस मामले को लेकर AILRSA के महासचिव के सी जेम्स ने कहा कि ये बेहद शर्मनाक है कि एक लोको पायलट को मेडिकल लीव के लिए इस हद तक जाना पड़ा. उन्होंने रेलवे प्रशासन से संबंधित अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है. मामला सामने आने के बाद रेलवे कर्मचारियों में आक्रोश है और प्रशासन से जवाबदेही तय करने की मांग उठ रही है.</p>
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तेलंगाना को मिला नया राज्यपाल, बीजेपी के वरिष्ठ नेता शिव प्रताप शुक्ल को दी गई जिम्मेदारी
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<p style="text-align: justify;"><strong>Air Chief Marshal AP Singh:</strong> एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने वा...
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<p style="text-align: justify;">अहमदाबाद में 12 जून को हुए एयर इंडिया की उड़ान AI-171 के विमान हादसे को लेकर विमान दुर्घटना ...
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<p style="text-align: justify;">सहारा समूह के प्रमुख सुब्रत रॉय का मंगलवार (14 नवंबर) को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया. व...